शुक्रवार 11 अप्रैल 1986 की अव्यक्त मुरली

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0> 111-04-86ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन 2श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर बनाने की युक्ति 3अव्यक्त बापदादा बोले

0> > 11-04-86 Om Shanti Avyakt Bapdada Madhuban

4आज तकदीर बनाने वाले बापदादा सभी बच्चों की श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर देख रहें हैं। 5तकदीरवान सभी बने हैं, लेकिन हर एक के तकदीर के तस्वीर की झलक अपनी-अपनी है। 6जैसे कोई भी तस्वीर बनाने वाले तस्वीर बनाते हैं तो कोई तस्वीर हजारों रूपयों के दाम की अमूल्य होती है, कोई साधारण भी होती है।

7यहाँ बापदादा द्वारा मिले हुए भाग्य को,तकदीर को तस्वीर में लाना अर्थात् प्रैक्टिकल जीवन में लाना है। 8इसमें अन्तर हो जाता है। 9तकदीर बनाने वाले ने एक ही समय और एक ने ही सभी को तकदीर बाँटी।

10लेकिन तकदीर को तस्वीर में लाने वाली हर आत्मा भिन्न-भिन्न होने के कारण जो तस्वीर बनाई है उसमें नम्बरवार दिखाई दे रहे हैं। 11कोई भी तस्वीर की विशेषता नयन और मुस्कराहट होती है। 12इन दो विशेषताओं से ही तस्वीर का मूल्य होता है।

13तो यहाँ भी तकदीर के तस्वीर की यही दो विशेषतायें हैं। 14नयन अर्थात् रूहानी विश्व-कल्याणी,रहम दिल,पर-उपकारी दृष्टि। 15अगर दृष्टि में यह विशेषतायें है तो भाग्य की तस्वीर श्रेष्ठ है।

16मूल बात है दृष्टि और मुस्कराहट,चेहरे की चमक। 17यह है सदा सन्तुष्ट रहने की - सन्तुष्टता और प्रसन्नता की झलक। 18इसी विशेषताओं से सदा चेहरे पर रूहानी चमक आती है। 19रूहानी मुस्कान अनुभव होती है।

1Today BapDada, the maker of fortune, is looking at the portraits of elevated fortune of all of the children.

20यह दो विशेषतायें ही तस्वीर का मूल्य बढ़ा देती हैं। 21तो आज यही देख रहे थे। 22तकदीर की तस्वीर तो सभी ने बनाई है। 23तस्वीर बनाने की कलम बाप ने सबको दी है।

2All are fortunate, but the splendour of each individual portrait of fortune is unique.

24वह कलम है - श्रेष्ठ स्मृति, श्रेष्ठ कर्मों का ज्ञान। 25श्रेष्ठ कर्म और श्रेष्ठ संकल्प अर्थात् स्मृति। 26इस ज्ञान की कलम द्वारा हर आत्मा अपने तकदीर की तस्वीर बना रही है, और बना भी ली है।

27तस्वीर तो बन गई है। 28नैन चैन भी बन गये हैं।

3Some portraits are worth millions while others are ordinary.

29अब लास्ट टचिंग है ‘सम्पूर्णता’की। 30बाप समान बनने की। 31डबल विदेशी चित्र बनाने ज्यादा पसन्द करते हैं ना। 32तो बापदादा भी आज सभी की तस्वीर देख रहें हैं।

4To portray the fortune that BapDada has given you means to apply it in your life practically - it is in this the the difference arises.

33हरेक अपनी तस्वीर देख सकते हैं ना कि कहाँ तक तस्वीर मूल्यवान बनी है। 34सदा अपनी इस रूहानी तस्वीर को देख इसमें सम्पूर्णता लाते रहो। 35विश्व की आत्माओं से तो श्रेष्ठ भाग्यवान कोटों में कोई,कोई में भी कोई अमूल्य वा श्रेष्ठ भाग्यवान तो हो ही।

36लेकिन एक है श्रेष्ठ दूसरे हैं श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ। 37तो श्रेष्ठ बने हैं वा श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ बने हैं!

5The speciality of any portrait is revealed by the eyes and the smiling expression.

38यह चेक करना है। 39समझा! 40अब डबल विदेशी रेस करेंगे ना!

6The portrait is valued on the basis of these two specialities.

41आगे नम्बर लेना है वा आगे वालों को देख खुश होना है! 42देख-देख खुश होना भी आवश्यक है, लेकिन स्वयं पीछे होकर नहीं देखो, साथ-साथ होते दूसरों को भी देख हर्षित हो चलो। 43स्वयं भी आगे बढ़ो और पीछे वालों को भी आगे बढ़ाओ।

44इसी को ही कहते हैं - ‘पर-उपकारी’। 45यह पर-उपकारी बनना इसकी विशेषता है - स्वार्थ भाव से सदा मुक्त रहना। 46हर परिस्थिति में, हर कार्य में हर सहयोगी संगठन में जितना निःस्वार्थ-पन होगा, उतना ही ‘पर-उपकारी’होगा।

47स्वयं सदा भरपूर अनुभव करेगा। 48सदा प्राप्ति स्वरूप की स्थिति में होगा। 49तब पर-उपकारी की लास्ट स्टेज अनुभव कर और करा सकेंगे। 50जैसे ब्रह्मा बाप को देखा लास्ट समय की स्थिति में ‘उपराम और पर-उपकार’यह विशेषता सदा देखी।

7If the eyes express spiritual drishti filled with world benefit, mercy and benevolence - if there is the spiritual smile that comes from constant contentment and cheerfulness - if the face sparkles with these two specialities - then the portrait of fortune is elevated.

51स्व के प्रति कुछ भी स्वीकार नहीं किया। 52न महिमा स्वीकार की,न वस्तु स्वीकार की। 53न रहने का स्थान स्वीकार किया। 54स्थूल और सूक्ष्म - सदा ‘पहले बच्चे’।

8Everyone has painted their portrait of fortune, using the tools, given by Baba, of elevated consciousness and the knowledge of elevated action.

55इसको कहते हैं - ‘पर-उपकारी’। 56यही सम्पन्नता की सम्पूर्णता की निशानी है। 57समझा! 58मुरलियाँ तो बहुत सुनी।

9The portrait has been produced, and the expression has been detailed.

59अब मुरलीधर बन सदा नाचते और नचाते रहना है। 60मुरली से - साँप के विष को भी समाप्त कर लेते हैं।

10Now the last touches are for perfection, to become equal to the Father.

61तो ऐसा मुरलीधर हो जो किसी का कितना भी कड़वा स्वभाव संस्कार हो - उसको भी वश कर दे अर्थात् उससे मुक्त कर नचा दे। 62हर्षित बना दे। 63अभी यह रिजल्ट देखेंगे कि कौन-कौन ऐसे योग्य मुरलीधर बनते हैं। 64मुरली से भी प्यार है, मुरलीधर से भी प्यार है लेकिन प्यार का सबूत है - जो मुरलीधर की शुभ आशा है,हर बच्चे प्रति वह प्रैक्टिकल में दिखाना।

11Continually see your portrait, and continue to perfect it.

65प्यार की निशानी है - जो कहा वह करके दिखाना। 66ऐसे मास्टर मुरलीधर हो ना! 67बनना ही है,अब नहीं बनेंगे तो कब बनेंगे! 68करेंगे, यह ख्याल नहीं करो।

12It is more elevated than those of the souls of the world - you are more valuable - you have elevated fortune, because you are a handful out of multi-millions.

69करना ही है। 70हर एक यही सोंचे कि हम नहीं करेंगे तो कौन करेगा! 71हमको करना ही है। 72बनना ही है।

13But it is one thing to be elevated, and another to be the most elevated of all.

73कल्प की बाजी जीतनी ही है। 74पूरे कल्प की बात है।

14Now the double foreigners will race, will they not?

75तो फर्स्ट डिवीजन मे आना है, यह दृढ़ता धारण करनी है। 76कोई नई बात कर रहे हो क्या! 77कितना बार की हुई बात को सिर्फ लकीर के ऊपर लकीर खींच रहे हो!

15Are you going to take a number up front, or are you simply going to be happy with seeing others up front.

78ड्रामा की लकीर खींची हुई है। 79नई लकीर भी नहीं लगा रहे हो,जो सोचो कि पता नहीं, सीधी होगी वा नहीं।

16It is definitely good to be happy seeing that, but do not see others from behind - be alongside them.

80कल्प-कल्प की बनी हुई प्रालब्ध को सिर्फ बनाते हो। 81क्योंकि कर्मों के फल का हिसाब है। 82बाकी नई बात क्या है!

17Move forward, and encourage those who are behind you to move forward too.

83यह तो बहुत पुरानी है। 84हुई पड़ी है। 85यह है अटल निश्चय। 86इसको दृढ़ता कहते हैं।

18This is what is meant by benevolence - being constantly liberated from selfish attitudes.

87इसको तपस्वी मूर्त कहते हैं। 88हर संकल्प में दृढ़ता माना - ‘तपस्या’। 89अच्छा! 90बापदादा हाइएस्ट होस्ट भी है और गोल्डन गेस्ट भी है।

19To the extent you are unselfish, you will experience yourself to be full, the embodiment of attainment.

91होस्ट बनकर भी मिलते हैं, गेस्ट बन कर आते हैं। 92लेकिन गोल्डन गेस्ट है। 93चमकीला है ना। 94गेस्ट तो बहुत देखे - लेकिन ‘गोल्डन गेस्ट’ नहीं देखा।

20Then you will experience the final stage of being benevolent, and will enable others to have that experience too.

95जैसे चीफ गेस्ट को बुलाते हो तो वह थैंक्स देते हैं। 96तो ब्रह्मा बाप ने भी होस्ट बन इशारे दिये और गेस्ट बन सबको मुबारक दे रहें हैं। 97जिन्होंने पूरी सीजन में सेवा की उन सबको ‘गोल्डन गेस्ट’ के रूप में बधाई दे रहे हैं।

98सबसे पहली मुबारक किसको? 99निमित्त दादियों को। 100बापदादा, निर्विघ्न सेवा के समाप्ति की मुबारक दे रहे हैं। 101मधुबन निवासियों को भी निर्विघ्न हर्षित बन मेहमान निवाजी करने की विशेष मुबारक दे रहे हैं।

21At the end you saw Brahma Baba completely detached and benevolent - he never accepted anything for himself - he never accepted praise, nor any items, nor did he accept a place to live.

102भगवान भी मेहमान बन आया तो बच्चे भी। 103जिसके घर में भगवान मेहमान बनकर आवे वह कितने भाग्यशाली हैं! 104रथ को भी मुबारक हैं क्योंकि यह पार्ट बजाना भी कोई कम बात नहीं। 105इतनी शक्तियों को,इतना समय प्रवेश होने पर धारणा करना यह भी विशेष पार्ट है।

22Whether physical or subtle, the children always come first.

106लेकिन यह समाने की शक्ति का फल है। 107आप सबको मि्ाल रहा है।

23This is benevolence, the sign of being complete and perfect.

108तो समाने की शक्ति की विशेषता से बापदादा की शक्तियों को ‘समाना’ यह भी विशेष पार्ट कहो वा गुण कहो। 109तो सभी सेवाधारियों मे यह भी सेवा का पार्ट बजाने वाली निर्विघ्न रही। 110इसके लिए मुबारक हो, और पद्मापद्म थैंक्स। 111डबल विदेशियों को भी डबल थैंक्स।

24Understand?

112क्योंकि डबल विदेशियों ने मधुबन की शोभा कितनी अच्छी कर दी। 113ब्राह्मण परिवार के श्रृंगार डबल विदेशी हो। 114ब्राह्मण परिवार में देश वालों के साथ विदेशी भी हैं। 115तो पुरूषार्थ की भी मुबारक और परिवार का श्रृंगार बनने की भी मुबारक।

25You have heard many murlis.

116मधुबन और परिवार का श्रृंगार बनने की भी मुबारक। 117मधुबन परिवार की विशेष सौगात हो। 118इसलिए डबल विदेशियों को डबल मुबारक दे रहे हैं। 119चाहे कहाँ भी हैं।

26Now play the murlis and dance and inspire others to dance.

120सामने तो थोड़े है लेकिन चारों ओर के भारतवासी बच्चों को और डबल विदेशी बच्चों को बड़ी दिल से मुबारक दे रहे हैं। 121हर एक ने बहुत अच्छा पार्ट बजाया। 122अब सिर्फ एक बात रही है - ‘समान और सम्पूर्णता की’।

123दादियाँ भी अच्छी मेहनत करती। 124बापदादा, दोनों का पार्ट साकार में बजा रहीं हैं। 125इसलिए बापदादा दिल से स्नेह के साथ मुबारक देते हैं। 126सबने बहुत अच्छा पार्ट बजाया।

27You must become such a murli player that you can liberate anyone, no matter how bitter their personality or sanskars, and make them dance and be happy.

127आलराउण्ड सब सेवाधारी चाहे छोटी-सी साधारण सेवा है लेकिन वह भी महान है। 128हर एक ने अपना भी जमा किया और पुण्य भी किया। 129सभी देश-विदेश के बच्चों के पहुँचने की भी विशेषता, मुबारक योग्य है।

130सब महारथियों ने मिलकर सेवा का श्रेष्ठ संकल्प प्रैक्टिकल में लाया और लाते ही रहेंगे। 131सेवा में जो निमित्त है उन्हों को भी तकलीफ नही देनी चाहिए। 132अपने अलबेलेपन से किसको मेहनत नहीं करानी चाहिए।

133अपनी वस्तुओं को सम्भालना यह भी नॉलेज है। 134याद है ना ब्रह्मा बाप क्या कहते थे? 135रूमाल खोया तो कभी खुद को भी खो देगा।

28Now we shall look for this result and see who have become worthy murli players.

136हर कर्म में श्रेष्ठ और सफल रहना इसको कहते - ‘नॉलेजफुल’। 137शरीर की भी नॉलेज, आत्मा की भी नॉलेज।

29You have love for the murli and the one who plays the murli.

138दोनों नॉलेज हर कर्म में चाहिए,शरीर के बिमारी की भी नॉलेज चाहिए। 139मेरा शरीर किस विधि से ठीक चल सकता है? 140ऐसे नहीं - आत्मा तो शक्तिशाली है, शरीर कैसा भी है।

30But the proof of love is when the child fulfils the hopes.The sign of love is to reveal it by doing it.

141शरीर ठीक नहीं होगा तो योग भी नहीं लगेगा। 142फिर शरीर अपनी तरफ खींचता है।

31You are such master murli players are you not?

143इसलिए नॉलेजफुल में यह सब नॉलेज आ जाती है। 144अच्छा -’’

32You must become this.

145कुछ कुमारियों का समर्पण समारोह बापदादा के सामने हुआ - बापदादा सभी विशेष आत्माओं को बहुत सुन्दर सजाये देख रहे हैं। 146दिव्य गुणों का श्रृंगार कितना बढ़िया, सभी को शोभनिक बना रहा है। 147लाइट का ताज कितना सुन्दर चमक रहा है। 148बापदादा अविनाशी श्रृंगारी हुई सूरतों को देख रहें हैं।

33If not now then when?

149बापदादा को बच्चों का यह उमंग-उत्साह का संकल्प देख खुशी होती है। 150बापदादा ने सभी को सदा के लिए पसन्द कर लिया। 151आपने भी पक्का पसन्द कर लिया है ना! 152दृढ़ संकल्प का हथियाला बँध गया।

34If not you then who?

153बापदादा के पास हरेक के दिल के स्नेह का संकल्प सबसे जल्दी पहुँचता है। 154अभी संकल्प में भी यह श्रेष्ठ बन्धन ढीला नहीं होगा। 155इतना पक्का बाँधा है ना!

35The lines of drama have already been drawn - you are simply drawing over that which has been drawn numerous times.

156कितने जन्मों का वायदा किया?

36You are not even drawing new lines.

157यह ब्रह्मा बाप के साथ सदा सम्बन्ध में आने का पक्का वायदा है और गैरन्टी है कि सदा भिन्न नाम,रूप, सम्बन्ध में 21 जन्म तक तो साथ रहेंगे ही। 158तो कितनी खुशी है,हिसाब कर सकती हो? 159इसका हिसाब निकालने वाला कोई नहीं निकला है। 160अभी ऐसे ही सदा सजे सजाये रहना,सदा ताजधारी रहना और सदा खुशी में हंसते-गाते रूहानी मौज में रहना।

37This is unbreakable faith.

161आज सभी ने दृढ़ संकल्प किया ना - कि कदम-कदम पर रखने वाले बनेंगे। 162वह तो स्थूल पाँव के ऊपर पाँव रखती है लेकिन आप सभी संकल्प रूपी कदम पर कदम रखने वाले! 163जो बाप का संकल्प वह बच्चों का संकल्प - ऐसा संकल्प किया? 164एक कदम भी बाप के कदम के सिवाए यहाँ वहाँ का न हो।

38This is determination.

165हर संकल्प समर्थ करना अर्थात् बाप के समान कदम के पीछे कदम रखना। 166अच्छा! 167विदेशी भाई-बहनों से -जैसे विमान में उड़ते-उड़ते आये ऐसे बुद्धि रूपी विमान भी इतना ही फास्ट उड़ता रहता है ना? 168क्योंकि वह विमान सरकमस्टान्स के कारण नहीं भी मिले लेकिन बुद्धि रूपी विमान सदा साथ है और सदा शक्तिशाली है तो सेकण्ड में जहाँ चाहें वहाँ पहुच जाएँ।

39Such a person is the image of tapasya.

169तो इस विमान के मालिक हो ना।

40To have determination in every thought is tapasya.

170सदा यह बुद्धि का विमान एवररेडी हो अर्थात् सदा बुद्धि की लाइन क्लीयर हो। 171बुद्धि सदा ही बाप के साथ शक्तिशाली हो तो जब चाहेंगे तब सेकण्ड में पहुँच जायेंगे। 172जिसका बुद्धि का विमान पहुँचता है उसका वह भी विमान चलता है। 173बुद्धि का विमान ठीक नहीं तो वह विमान भी नहीं चलता।

41Achcha.

174अच्छा! 175पार्टियों से 1761. सदा अपने को राजयोगी श्रेष्ठ आत्मायें अनुभव करते हो?

42BapDada is the highest host and the golden guest.

177राजयोगी अर्थात् सर्व-कर्म-इन्द्रियों के राजा। 178राजा बन कर्म-इन्द्रियों को चलाने वाले,न कि कर्म-इन्द्रियों के वश चलने वाले। 179जो कर्म-इन्द्रियों के वश चलने वाले हैं उनको प्रजायोगी कहेंगे, राजयोगी नहीं। 180जब ज्ञान मिल गया कि यह कर्म-इन्द्रियाँ मेरे कर्मचारी हैं, मैं मालिक हूँ, तो मालिक कभी सेवाधारियों के वश नहीं हो सकता।

43They meet you as host and come as guest.

181कितना भी कोई प्रयत्न करे लेकिन राजयोगी आत्मायें सदा श्रेष्ठ रहेंगी। 182सदा राज्य करने के संस्कार अभी राजयोगी जीवन में भरने हैं। 183कुछ भी हो जाए - यह टाइटिल अपना सदा याद रखना कि - ‘मैं राजयोगी हूँ’। 184सर्वशक्तिवान का बल है, भरोसा है तो सफलता अधिकार रूप में मिल जाता है।

44How fortunate are the ones in whose home God comes as guest!

185अधिकार सहज प्राप्त होता है, मुश्किल नहीं होता। 186सर्व शक्तियों के आधार से हर कार्य सफल हुआ ही पड़ा है।

45Congratulations to all those who have served through the entire season.

187सदा फखुर रहे कि मैं दिलतख्तनशीन आत्मा हूँ। 188यह फखुर अनेक फिकरों से पार कर देता है।

46Congratulations to the chariot, as well - it is no small thing to be playing this role.

189फखुर नहीं तो फिकर ही फिकर है। 190तो सदा फखुर में रह वरदानी बन वरदान बाँटते चलो। 191स्वयं सम्पन्न बन औरों को सम्पन्न बनाना है।

47This is a special role in which all the power that has been entering for so long has to be imbibed.

192औरों को बनाना अर्थात् स्वर्ग के सीट का सर्टीफिकेट देते हो।

48The fruit of this power to merge is being received by all of you.

193कागज का सर्टीफिकेट नहीं, अधिकार का! 1942. हर कदम में पद्मों की कमाई जमा करने वाले, अखुट खज़ाने के मालिक बन गये।

49Double thanks to the double foreigners, the decoration of the Brahmin family.

195ऐसे खुशी का अनुभव करते हो! 196क्योंकि आजकल की दुनिया है ही -‘धोखेबाज’। 197धोखेबाज दुनिया से किनारा कर लिया। 198धोखे वाली दुनिया से लगाव तो नहीं!

50Congratulations to all the Bharatwassi children and the double foreign children everywhere, the deepest heart-felt congratulations.

199सेवा अर्थ कनेक्शन दुसरी बात है लेकिन मन का लगाव नहीं होना चाहिए। 200तो सदा अपने को तुच्छ नहीं, साधारण नहीं लेकिन श्रेष्ठ आत्मा हैं, सदा बाप के प्यारे हैं,इस नशे में रहो। 201जैसा बाप वैसे बच्चा - कदम पर कदम रखते अर्थात् फालो करते चलो तो बाप समान बन जायेंगे। 202समान बनना अर्थात् सम्पन्न बनना।

51Each one has played a very good part.

203ब्राह्मण जीवन का यही तो कार्य है। 2043. सदा अपने को बाप के रूहानी बगीचे के रूहानी गुलाब समझते हो! 205सबसे खुशबू वाला पुष्प ‘गुलाब’ होता है।

52All the maharathis have come together with an elevated thought for service, and have brought it into practice, and will continue to do so.

206गुलाब का जल कितने कार्यों में लगाते हैं, ‘रंग-रूप’में भी गुलाब सर्व प्रिय है। 207तो आप सभी रूहानी गुलाब हो।

53Those who are instrumental for service should not be presented with problems.

208आपकी रूहानी खुशबू औरों को भी स्वतः ही आकर्षण करती है। 209कहाँ भी कोई खुशबू की चीज़ होती है तो सबका अटेन्शन स्वतः ही जाता है तो आप रूहानी गुलाबों की खुशबू विश्व को आकर्षित करने वाली है, क्योंकि विश्व को इस रूहानी खुशबू की आवश्यकता है। 210इसलिए सदा स्मृति में रहे कि -’मैं अविनाशी बगीचे का अविनाशी गुलाब हूँ।

211’कभी मुरझाने वाला नहीं। 212सदा खिला हुआ। 213ऐसे खिले हुए रूहानी गुलाब सदा सेवा में स्वतः ही निमित्त बन जाते हैं।

54Another should not be made to work harder because of your own carelessness.

214याद की, शक्तियों की, गुणों की यह सब खुशबू सबको देते रहो। 215स्वयं बाप ने आकर आप फूलों को तैयार किया है तो कितने सिकीलधे हो! 2164. सदा अपने को डबल लाइट अनुभव करते हो? 217जो डबल लाइट रहता है वह सदा उड़ती कला का अनुभव करता है।

55The knowledgeable ones will look after their own things - you remember what Brahma Baba used to say: “if you lose your handkerchief, you will also lose yourself one day”.

218क्योंकि जो हल्का होता है वह सदा ऊँचा उड़ता है,बोझ वाला नीचे जाता है।

56The one full of knowledge will be elevated and successful in each action.

219तो डबल लाइट आत्मायें अर्थात् सर्व बोझ से न्यारे बन गये। 220बाप का बनने से 63जन्मों का बोझ समाप्त हो गया।

57Both knowledge of the body and knowledge of the soul are required for every action.

221सिर्फ अपने पुराने संकल्प वा व्यर्थ संकल्प का बोझ न हो। 222क्योंकि कोई भी बोझ होगा तो ऊँची स्थिति में उड़ने नहीं देगा।

58You need knowledge for bodily health - to keep the body functioning properly.

223तो डबल लाइट अर्थात् आत्मिक स्वरूप में स्थित होने से हल्का-पन स्वतः हो जाता है।

59It should not be that the the soul is powerful and the body is neglected.

224ऐसे डबल लाइट को ही ‘फरिश्ता’ कहा जाता है। 225फरिश्ता कभी किसी भी बन्धन में नहीं बँधता। 226तो कोई भी बँधन तो नहीं है! 227मन का भी बन्धन नहीं।

60If the body is not well then there cannot be yoga because the body will draw attention to itself.

228जब बाप से सर्वशक्तियाँ मिल गई तो सर्व शक्तियों से निर्बन्धन बनना सहज है।

61So all knowledge must be included.

229फरिश्ता कभी भी इस पुरानी दुनिया के, पुरानी देह के आकर्षण में नहीं आता। 230क्योंकि है ही डबल लाइट। 231तो सदा ऊँची स्थिति में रहने वाले। 232उड़ती कला में जाने वाले ‘फरिश्ते’ हैं, यही स्मृति अपने लिए वरदान समझ,समर्थ बनते रहना।

62Achcha.

233अच्छा – ओमशान्ति

63* * * O M S H A N T I* * *