गुरुवार 16 दिसंबर 1993 की अव्यक्त मुरली
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0> 116-12-93 ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन
0> > 16-12-93 Om Shanti Avyakt Bapdada Madhuban
2सच्चे स्नेही बन एक बाप द्वारा सर्व सम्बन्धों का 3साकार में अनुभव करो 4साकार स्वरूप में सर्व सम्बन्धों का अनुभव कराने वाले बापदादा अपने स्नेही बच्चों प्रति बोले-
1Be the ones who have true love and experience all relationships with the one Father in a corporeal form.
5आज विश्व स्नेही बापदादा अपने अति स्नेही और सदा बाप के साथी वा सहयोगी आत्माओं को देख रहे हैं। 6चारों ओर की सर्व ब्राह्मण आत्मायें स्नेही अवश्य हैं। 7स्नेह ने ब्राह्मण जीवन में परिवर्तन किया है।
2Today, BapDada, the One loved by the whole world, is seeing His extremely loving companions and the children who are constantly cooperative.
8फिर भी स्नेही तीन प्रकार के हैं-एक हैं स्नेह करने वाले, दूसरे हैं स्नेह निभाने वाले और तीसरे हैं स्नेह में समाये हुए। 9समाना अर्थात् समान बनना। 10स्नेह करने वाले कभी स्नेह करते हैं लेकिन करते-करते कभी स्नेह टूट जाता है, कभी जुट जाता है। 11इसलिये समय प्रति समय स्नेह जोड़ने में पुरूषार्थ करना पड़ता है।
3All Brahmin souls everywhere definitely have love for the Father.
12क्योंकि बाप के साथ-साथ और कहाँ भी स्नेह, चाहे व्यक्ति से, चाहे प्रकृति के साधनों से, कहाँ भी संकल्प मात्र भी स्नेह जुटा हुआ है तो बाप से स्नेह करने वालों की लिस्ट में आ जाते हैं। 13स्नेह की निशानी है बिना कोई मेहनत के स्नेही के तरफ स्नेह स्वतः ही जाता है। 14स्नेह करने वाली आत्मा का हर समय, हर स्थिति, हर परिस्थिति में आधार अनुभव होता है। 15अगर साधनों से स्नेह है तो उस समय बाप से भी ज्यादा साधन का आधार अर्थात् सहारा अनुभव होता है।
4Love has brought about transformation in Brahmin life.
16उस समय उस आत्मा के संकल्प में बाप का स्नेह याद भी आता है, सोचते भी हैं कि बाप का स्नेह श्रेष्ठ है लेकिन यह साधन वा व्यक्ति का आधार भी आवश्यक है। 17इसलिये दोनों तरफ स्नेह अधूरा हो जाता है और बार-बार स्नेह जोड़ना पड़ता है। 18एक बल, एक भरोसा के बजाय दूसरा भी भरोसा साथ-साथ आवश्यक लगता है। 19इसलिये बाप के स्नेह द्वारा जो सर्व प्राप्ति का अनुभव हो उसके बजाय दूसरे सहारे द्वारा अल्पकाल की प्राप्ति अपने तरफ आकर्षित कर लेती है।
5Even so, there are three types of loving children.
20इतनाआकर्षित करती है जो उसी को ही आवश्यक समझने लगते हैं। 21लगाव नहीं समझते, लेकिन सहारा समझते हैं।
6One is those who have love, the second is those who fulfill the responsibility of love and the third are those who are merged in love.
22इसको कहा जाता है स्नेह करने वाले।
7To be merged in love means to become equal.
23दूसरे हैं स्नेह निभाने वाले। 24स्नेह करने के साथ-साथ निभाने की भी शक्ति है। 25निभाना अर्थात् स्नेह का रेसपॉन्स देना, रिटर्न देना।
8Those who have love have love sometimes, but, while having love, sometimes their love is broken and sometimes their love is connected.
26स्नेह का रिटर्न है जो स्नेही बाप बच्चों से श्रेष्ठ आशायें रखते हैं वो सर्व आशायें प्रैक्टिकल में पूर्ण करना।
9This is why, from time to time, they repeatedly have to make effort to connect their love again.
27तो निभाने वाले बहुत करके प्रैक्टिकल में करके दिखाते हैं, लेकिन सदा बाप समान अर्थात् समाये हुए वो अनुभूति कभी होती है, कभी नहीं होती। 28फिर भी निभाने वाले समीप हैं, लेकिन समान नहीं है। 29निभाने वालों को निभाने के रिटर्न में पदमगुणा हिम्मत और उमंग-उत्साह की मदद विशेष बाप द्वारा मिलती रहती है। 30तीसरे, जो स्नेह में समाये हुए हैं उन आत्माओं के नयनों में, मुख में, संकल्प में, हर कर्म में सहज और स्वतः स्नेही बाप का साथ सदा ही अनुभव होता है।
10Why?
31बाप उससे जुदा नहीं और वो बाप से जुदा नहीं। 32हर समय बाप के स्नेह के रिटर्न में प्राप्त हुई सर्व प्राप्तियों में सम्पन्न और सन्तुष्ट रहते हैं।
11Because, together with love for the Father, they also have love for some people or for some instruments of matter.
33इसलिये और किसी भी प्रकार का सहारा उन्हों को आकर्षित नहीं कर सकता। 34क्योंकि कोई न कोई अल्पकाल की प्राप्ति की आवश्यकता किसी और को सहारा बनाती है अर्थात् सम्पूर्ण स्नेह में अन्तर डालती है। 35स्नेह में समाई हुई आत्मायें सदा सर्व प्राप्ति सम्पन्न होने के कारण सहज ही एक बाप दूसरा न कोई इस अनुभूति में रहती हैं।
36तो स्नेही सभी हैं लेकिन तीन प्रकार के हैं। 37अब अपने से पूछो मैं कौन? 38अपने को तो जान सकते हैं ना। 39स्नेही हैं तभी स्नेह के कारण ब्राह्मण जीवन में चल रहे हो।
12If there is the slightest trace of love in any other direction, even in their thoughts, then they come in the list of those who just have love for the Father.
40लेकिन स्नेह के साथ निभाने की शक्ति, इसमें नम्बरवार बन जाते हैं। 41स्नेह के साथ शक्ति भी आवश्यक है।
13The sign of love is that, without any effort, their love automatically goes to the One they have love for.
42जिसमें स्नेह और शक्ति दोनों का बैलेन्स है, वही बाप समान बनता है। 43ऐसे समाई हुई आत्माओं का अनुभव यही होगा-बाप के स्नेह से दूर होना, यह मुश्किल है।
14Those who have love constantly experience the One they have love for to be their support in every situation and in every stage at every moment.
44समाना सहज है, दूर होना मुश्किल है। 45क्योंकि समाई हुई आत्माओं के लिये एक बाप ही संसार है।
15If you have love for the facilities, then, at that time, you experience the facilities to be a greater support than even the Father.
46संसार में आकर्षित करने वाली दो ही बातें हैं-एक व्यक्ति का सम्बन्ध और दूसरा भिन्न-भिन्न वैभवों वा साधनों द्वारा प्राप्ति होना। 47तो समाई हुई आत्मा के लिये सर्व सम्बन्ध के रस का अनुभव एक बाप द्वारा सदा ही होता है। 48सर्व प्राप्तियों का आधार एक बाप है, न कि वैभव वा साधन।
49वैभव वा साधन रचना है और बाप रचता है। 50जिसका आधार रचता है उसको रचना द्वारा अल्पकाल के प्राप्ति का स्वप्न मात्र भी संकल्प नहीं हो सकता। 51बापदादा को कभी-कभी बच्चों की स्थिति को देख हंसी आती है।
16At that time, the soul retains the love for the Father in his thoughts and even thinks that the love the Father has is elevated, but thinks that it is necessary to have the support of facilities or of other people.
52क्योंकि आश्चर्य तो कह नहीं सकते, फुलस्टॉप है। 53चलते-चलते बीज को छोड़ टाल-टालियों में आकर्षित हो जाते हैं।
17This is why their love is incomplete in both directions, and they have to connect their love again and again.
54कोई आत्मा को आधार बना लेते हैं, कोई साधनों को आधार बना लेते हैं। 55क्योंकि बीज का रूप-रंग शोभनीक नहीं होता और टाल-टालियों का रूप-रंग बड़ा शोभनीक होता है। 56देहधारी के सम्बन्ध का आधार देह भान में सहज अनुभव होता है और बाप का आधार देह भान से परे होने से अनुभव होता है।
57देहभान में आने की आदत तो है ही। 58न चाहते भी हो सकते हैं। 59इसलिये देहधारी के सम्बन्ध का आधार वा सहारा सहज अनुभव होता है।
18Instead of having one strength and one support, they also find it essential to have the support of something else.
60समझते भी हैं कि ये ठीक नहीं है फिर भी सहारा बना लेते हैं। 61बापदादा देख-देख मुस्कराते रहते हैं। 62उस समय की स्थिति हंसाने वाली होती है।
19Therefore, instead of experiencing all attainments through love for the Father, they are attracted by the temporary attainment of other supports.
63जैसे आप लोग क्लासेस में वा भाषणों में एक तोते की कहानी सुनाते हो-उसको मना किया कि नलके पर नहीं बैठो लेकिन वो नलके पर बैठ करके बोल रहा था। 64ऐसे बच्चे भी उस समय मन में अपने आपसे एक तरफ यही सोचते रहते कि एक बाप, दूसरा न कोई, बार-बार अपने आपसे रिपीट भी करते रहते लेकिन साथ-साथ फिर यह भी सोचते कि स्थूल में तो सहारा चाहिए। 65तो उस समय हंसी आयेगी ना और उस समय फिर माया चांस लेती है। 66बुद्धि को ऐसा परिवर्तन करेगी जो झूठा सहारा ही सच्चा सहारा अनुभव होगा।
20They attract them to such an extent that they are considered to be very essential.
67जैसे आजकल झूठा, सच्चे से भी अच्छा लगता है, ऐसे उस समय रांग, राइट अनुभव होता है। 68और वो रांग बात, झूठा सहारा उसको पक्का करने के लिये वा झूठ को सच्चा साबित करने के लिये, जैसे कोई भी कमज़ोर स्थान होता है तो उसको मजबूत करने के लिये पिल्लर्स लगाये जाते हैं तो माया भी कमज़ोर संकल्प को मजबूत बनाने के लिये बहुत रॉयल पिल्लर्स लगाती है। 69क्या पिल्लर लगाती है? 70माया यही संकल्प देती है कि ऐसा तो होता ही है, कई बड़े-बड़े भी ऐसे ही करते हैं, ऐसे ही चलते हैं, या कहते अभी तो पुरुषार्थी ही हैं, सम्पूर्ण तो हुए नहीं हैं, तो जरूर अभी कोई न कोई कमी रहेगी ही, आगे चल सम्पूर्ण बन जायेंगे-ऐसे-ऐसे व्यर्थ संकल्प रूपी पिल्लर्सकमज़ोरी को मजबूत कर देते हैं।
21They do not consider them to be an attachment, but a support.
71तो ऐसे पिल्लर का आधार नहीं लेना। 72समय आने पर यह आर्टीफिशयल पिल्लर धोखा दे देते हैं।
22Such ones are known as those who just have love.
73सर्व सम्बन्धों का सहारा एक बाप सदा रहे, यह अनुभव कम करते हो। 74इस सर्व सम्बन्धों के अनुभव को बढ़ाओ। 75सर्व सम्बन्धों की अनुभूति कम होने के कारण कहीं न कहीं अल्पकाल का सम्बन्ध जुट जाता है। 76स्थूल जीवन में भी स्थूल रूप का सहारा वा हर परिस्थिति में स्थूल रूप का सहयोग देने वाला सहारा बाप है।
23The second are those who fulfill the responsibility of love.
77यह अनुभव और बढ़ाओ। 78ऐसे नहीं कि बाप तो है ही सूक्ष्म में सहयोग देने वाला। 79निराकार है, आकार है, साकार तो है नहीं, लेकिन हर सम्बन्ध को साकार रूप में अनुभव कर सकते हो। 80साकार स्वरूप में साथ का अनुभव कर सकते हो।
24Those who fulfill the responsibility of love, as well as having love, also have the power to fulfill the responsibility of love.
81इस अनुभूति को गहराई से समझो और स्वयं को इसमें मजबूत करो। 82तो व्यक्ति, वैभव व साधन अपने तरफ आकर्षित नहीं करेंगे।
25To fulfill the responsibility of love means to give a response of that love, to give a return.
83साधनों को निमित्त मात्र कार्य में लाना वा साक्षी हो सेवा प्रति कार्य में लगाना-ऐसी अनुभूति को बढ़ाओ। 84सहारा नहीं बनाओ, निमित्त मात्र हो।
26The return of love is to fulfill the elevated hopes that the Father has in the children in a practical way.
85इसको कहा जाता है स्नेह में समाई हुई समान आत्मा। 86तो अपने से सोचना कि मैं कौन? 87समझा? 88अच्छा!
27Those who fulfill the responsibility of love generally demonstrate their love by doing everything in a practical way.
89सदा स्नेह में समाये हुए समान आत्माओं को, सदा एक बाप से सर्व सम्बन्ध का अनुभव करने वाली आत्माओं को, सदा एक बाप को आधारमूर्त, सच्चा सहारा अनुभव करने वाली आत्माओं को, सदा सर्व प्राप्ति रचता बाप द्वारा अनुभव करने वाली आत्माओं को, सदा सहज-स्वतः एक बल, एक भरोसा अनुभव करने वाली सच्चे स्नेही आत्माओं को बापदादा का याद-प्यार और नमस्ते। 90दादियों से मुलाकातः - 91सदा समाये हुए हैं या याद करने की मेहनत करनी पड़ती है?
92सिवाए एक बाप के और कोई दिखाई नहीं देता। 93जब कहानियां सुनते हो तो हंसी आती है ना। 94कहानी जब तक चलती है तब तक समझ में नहीं आती और जब कहानी समाप्त होती है तो सोचते हैं यह क्या हुआ?
28However, they sometimes have the experience of being equal to the Father, that is, of being merged in love, and sometimes they don't.
95मैं थी या और कोई था-ऐसे भी सोचते हैं। 96क्योंकि उस समय परवश होते हैं ना। 97तो परवश को अपना होश नहीं होता है।
29Those who fulfill the responsibility of love are still close, but they are not equal.
98जब अपना होश आता है तो फिर आगे बढ़ने का जोश भी आता है। 99अच्छा-संगठन बढ़ता जा रहा है और बढ़ता ही रहेगा। 100और आप निमित्त आत्माएं यह सब खेल देख हर्षित होते रहते हो।
30Those who fulfill this responsibility of love receive in return multimillionfold courage, zeal and enthusiasm and special help from the Father.
101सभी चल रहे हैं, कोई चल रहा है, कोई उड़ रहा है और आप लोग क्या करते हो? 102उड़ते-उड़ते साथ में औरों को भी उड़ा रहे हो। 103क्योंकि रहमदिल बाप के रहमदिल आत्मायें बन गये, तो रहम आता है ना। 104घृणा नहीं आती लेकिन रहम आता है।
31Thirdly, those who are merged in love constantly experience the company of the Father whom they love, in their eyes, on their lips, in their thoughts and in their actions easily and naturally.
105और यह रहम ही दिल के प्यार का काम करता है। 106अच्छा, जो भी चल रहा है अच्छे ते अच्छा चल रहा है।
32The Father is not separated from them and they are not separated from the Father.
107अथक बन सेवा कर रहे हैं ना। 108निमित्त आत्माओं के अथकपन को देख सबमें उमंग आता है ना। 109अव्यक्त बापदादा की पर्सनल मुलाकात 110ग्रुप नं. 1
33At every moment, as a return for their love for the Father, they remain full and content with all the attainments received from the Father.
111साधारणता को समाप्त कर विशेषता के संस्कार नेचुरल और नेचर बनाओ
34This is why no other type of support attracts them.
112अपने को सदा संगमयुग के रूहानी मौजों में रहने वाले अनुभव करते हो? 113मौजों में रहते हो वा कभी मौज में, कभी मूझंते भी हो या सदा मौज में रहते हो? 114क्या हालचाल है? 115कभी कोई ऐसी परिस्थिति आ जाए वा ऐसी कोई परीक्षा आ जाए तो मूंझते हो?
35The need for any temporary attainment would definitely make them make someone else their support, that is, it creates a difference in their having complete love.
116(थोड़े टाइम के लिए) और उस थोड़े टाइम में अगर आपको काल आ जाए तो फिर क्या होगा? 117अकाले मृत्यु का तो समय है ना। 118तो थोड़ा समय भी अगर मौज के बजाए मूंझते हैं और उस समय अन्तिम घड़ी हो जाए तो अन्त मति सो गति क्या होगी?
119इसलिए सुनते रहते हो ना सदा एवररेडी! 120एवररेडी का मतलब क्या है? 121क्या हर घड़ी ऐसे एवररेडी हो? 122कोई भी समस्या सम्पूर्ण बनने में विघ्न रूप नहीं बने।
36Because of being constantly full of all attainments, a soul who is merged in love easily has the experience of belonging to the one Father and none other.
123अन्त अच्छी तो भविष्य आदि भी अच्छा होता है। 124जैसा मत में होगा वैसी गति होगी।
37All have love for the Father, but there are these three types of children.
125तो एवररेडी का पाठ इसलिए पढ़ाया जा रहा है। 126ऐसे नहीं सोचो कि थोड़ा समय होता है लेकिन थोड़ा समय भी, एक सेकण्ड भी धोखा दे सकता है। 127वैसे सोचते हैं ज्यादा टाइम नहीं चलता, ऐसा दो-चार मिनट चलता है लेकिन एक सेकण्ड भी धोखा देने वाला हो सकता है तो मिनिट की तो बात ही नहीं सोचो। 128क्योंकि सबसे वैल्युएबुलआत्मायें हो, अमूल्य हो।
38Now, ask yourself: Which one am I?
129अमूल्य आत्माओं का कोई दुनिया वालों से मूल्य नहीं कर सकते। 130दुनिया वाले तो आप सबको साधारण समझेंगे। 131लेकिन आप साधारण नहीं हो, विशेष आत्मायें हो। 132विशेष आत्मा का अर्थही है जो भी कर्म करे, जो भी संकल्प करे, जो भी बोल बोले वो हर बोल और हर संकल्प विशेष हैं, साधारण नहीं हो।
39You do know yourself, do you not?
133समय भी साधारण रीति से नहीं जाये। 134हर सेकेण्ड और हर संकल्प विशेष हो।
40You do have love and it is out of love that you are following the Brahmin life.
135इसको कहा जाता है विशेष आत्मा। 136तो विशेष करते-करते साधारण नहीं हो जाये-ये चेक करो।
41However, as well as having love, you become numberwise in having the power to fulfill the responsibility of that love.
137कई ऐसे सोचते हैं कि कोई गलती नहीं की, कोई पाप कर्म नहीं किया, कोई वाणी से भी ऐसा उल्टा-सुल्टा शब्द नहीं बोला, लेकिन भविष्य और वर्तमान श्रेष्ठ बनाया? 138बुरा नहीं किया लेकिन अच्छा किया? 139सिर्फ ये नहीं चेक करो कि बुरा नहीं किया, लेकिन बुरे की जगह पर अच्छे ते अच्छा किया या साधारण हो गया ? 140तो ऐसे साधारणता नहीं हो, श्रेष्ठता हो।
42As well as having love, power is also essential.
141नुकसान नहीं हुआ, लेकिन जमा हुआ? 142क्योंकि जमा का समय तो अभी है ना। 143अभी का जमा किया हुआ भविष्य अनेक जन्म खाते रहेंगे।
43Those who have the balance of both love and power become similar to the Father.
144तो जितना जमा होगा उतना ही खायेंगे ना। 145अगर कम जमा किया तो कम खाना पड़ेगा अर्थात् प्रालब्ध कम होगी।
44Such souls who are merged in love experience it to be difficult to move away from the love of the Father.
146लेकिन लक्ष्य है श्रेष्ठ प्रालब्ध पाने का या साधारण भी हो जाये, तो कोई हर्जा नहीं? 147स्वर्ग में तो आ ही जायेंगे, दुःख तो होगा नहीं, साधारण भी बने तो क्या हर्जा…?
45It is easy to be merged in love, but difficult to move away from that love, because for souls who are merged in love, the Father is their whole world.
148हर्जा है या चलेगा? 149तो चेक करो कि हर सेकण्ड, हर संकल्प विशेष हो।
46In the whole world, there are only two things that attract.
150जैसे आधा कल्प के देहभान का अभ्यास नेचरली न चाहते हुए भी चलता रहता है ना। 151देह अभिमान में आना नेचरल हो गया है ना। 152ऐसे देही अभिमानी अवस्था नेचरल और नेचर हो जाये।
47One is the relationships with people and the other is the attainment through the various facilities and possessions.
153तो जो नेचर होती है वह स्वतः ही अपना काम करती है, सोचना नहीं पड़ता है, बनाना नहीं पड़ता है, करना नहीं पड़ता है लेकिन स्वतः हो ही जाती है। 154तो ऐसे विशेषता के संस्कार नेचर बन जायें और हर एक के दिल से निकले। 155ऐसे नहीं कि मेरी नेचर यह है, मेरी नेचर यह है नहीं, हर एक के मुख से, मन से यही निकले कि मेरी नेचर है ही विशेष आत्मा के विशेषता की।
156तो ऐसे है या मेहनत करनी पड़ती है? 157जो नेचर होती है उसमें मेहनत नहीं होती। 158किसी की नेचर रमणीक है तो स्वतः ही रमणीकता चलती रहती है ना।
48Souls who are merged in love constantly experience the sweetness of all relationships with the one Father.
159उसको पता भी नहीं पड़ेगा कि मैंने क्या किया? 160कोई कहेगा तो भी कहेंगे कि मैं क्या करूँ, मेरी नेचर है। 161तो विशेषता की भी ऐसी नेचर हो जाये।
49For them, the basis of all attainments is not the things or the facilities, but it is the one Father.
162कोई पूछे आपकी नेचर क्या है? 163तो सबके दिल से निकले कि हमारी नेचर है ही विशेषता की।
50The things and the facilities are the creation, whereas the Father is the Creator.
164साधारण कर्म की समाप्ति हो गई। 165क्योंकि मरजीवा हो गये ना। 166तो साधारणता से मर गये, विशेषता में जी रहे हैं माना नया जन्म हो गया। 167तो साधारणता पास्ट जन्म की नेचर है, अभी की नहीं।
51Those who have the Creator as their support cannot have the slightest thought, even in their dreams, of having even a temporary attainment from the creation.
168क्योंकि नया जन्म ले लिया। 169तो नये जन्म की नेचर विशेषता है-ऐसे अनुभव हो।
52BapDada is sometimes amused when He sees the stage of the children.
170तो अभी क्या करेंगे?
53One cannot be surprised.
171साधारणता की समाप्ति।
54There has to be a fullstop.
172संकल्प में भी साधारणता नहीं। 173मातायें मौज में रहती हो? 174कितना भी कोई मुंझाने की कोशिश करे लेकिन आप मौज में रहो।
55While moving along, they let go of the Seed and become attracted to the twigs and branches.
175मुंझाने वाला मूंझ जाये लेकिन आप नहीं मूंझो। 176क्योंकि अज्ञानियों का काम है मुंझाना और ज्ञानियों का काम है मौज में रहना। 177तो वो अपना काम करे और आप अपना काम करो। 178सदा मौज का अनुभव करो तब तो फलक से कह सकेंगे।
56Some make other souls their support, whereas others make the facilities their support, because the form and colour of the Seed are not as beautiful as the form and colour of the twigs and branches which are very beautiful.
179होंगे तब ही तो कह सकेंगे ना? 180जो होगा नहीं तो कह भी नहीं सकता। 181चैलेन्ज कर सकते हो-हम मूँझने वाले नहीं हैं। 182क्योंकि विशेष आत्मायें हैं।
57In body consciousness you easily experience the support of relationships with bodily beings but, when you go beyond body consciousness you experience the support of the Father.
183क्या याद रखेंगे? 184मौज में रहने वाली विशेष आत्मा हैं।
58You have the habit of becoming body conscious anyway.
185ऐसी हिम्मत वाले हो ना। 186हिम्मत वालों को मदद स्वतः ही मिलती है।
59You become body conscious even against your conscious wish.
187जहाँ भी रहो लेकिन ये आवाज बुलन्द हो कि ये ब्राह्मण आत्मायें विशेष हैं।
60This is why you easily experience the support of a relationship with bodily beings.
188गुप्त से प्रत्यक्ष तो होना ही है ना। 189सबकी नजर ब्राह्मण आत्माओं की तरफ जानी ही है।
61Therefore, even when you understand that it is not right, you still make them your support.
190जा रही है कि अभी शुरू नहीं हुआ है?
62BapDada smiles when He sees this.
191तो कमाल करके दिखाने वाले हो ना।
63The stage at that time makes one laugh.
192ऐसी कमाल करो जो अभी तक किसी ने नहीं किया हो। 193सेमीनार किया,कोन्फेरेंस की - यह तो सभी करते हैं।
64It is just as when you relate the story of a parrot in your classes or the lectures you give.
194कोई नई बात करके दिखाओ। 195तो सभी ठीक हो? 196बहुत आराम से रहे हुए हो ना। 197निर्भय आत्मायें हो औरों को भी निर्भय बनाने वाली।
65It told someone not to sit on the tap, but the parrot itself was sitting on the tap as it said this.
198ऐसे हो या कभी-कभी डरते हो? 199क्या होगा, कैसे होगा? 200नहीं। 201जो होगा, अच्छा होगा।
66In the same way, the children also think in their own minds that they belong to the one Father and none other.
202दुनिया के लिये तो बुरा है लेकिन आप सोच-समझ सकते हो कि परिवर्तन होना ही है इसलिये जो हो रहा है, अच्छा हो रहा है। 203क्योंकि जानते हो कि होना ही है। 204अच्छा! 205ग्रुप नं. 2
67They even repeat this to themselves again and again, but, together with this, they also think that they need a support in a physical way.
206सदा उमंग-उत्साह में रह अपने चेहरे और चलन द्वारा दूसरों का उमंग- उत्साह बढ़ाओ 207सभी अपने को सदा उमंग-उत्साह से उड़ने वाली आत्मायें अनुभव करते हो? 208सदा उमंग-उत्साह बढ़ता रहता है या कभी कम होता है कभी बढ़ता है? 209क्योंकि जितना उमंग-उत्साह होगा उतना औरों को भी उमंग-उत्साह में उड़ायेंगे।
68So you have to laugh at that time.
210सिर्फ स्वयं नहीं उड़ने वाले हो लेकिन औरों को भी उड़ाने वाले हो। 211तो उमंग-उत्साह ये उड़ने के पंख हैं। 212अगर पंख मजबूत होते हैं तो तीव्र गति से उड़ सकते हैं। 213अगर पंख कमज़ोर होंगे और तीव्र गति से उड़ने की कोशिश भी करेंगे तो नहीं उड़ सकेंगे, बार-बार नीचे आयेंगे।
69And, at that time, Maya seizes this chance.
214तो उमंग-उत्साह के पंख सदा मजबूत हों। 215कभी कमज़ोर, कभी मजबूत नहीं, सदा मजबूत।
70She transforms your intellect to such an extent that you experience a false support to be the real support.
216क्योंकि अनेक आत्माओं को उड़ाने वी जिम्मेवार आत्मायें हो।
71Nowadays, false things are even better than real things.
217विश्व कल्याण करने की जिम्मेवारी ली है ना? 218तो सदा इतनी बड़ी जिम्मेवारी स्मृति में रहे।
72In the same way, at that time, you experience the wrong to be right.
219जब कोई भी जिम्मेवारी होती है तब जो भी काम करेंगे तो तीव्र गति से करेंगे और जिम्मेवारी नहीं होती है तो अलबेले होते हैं। 220तो हरेक के ऊपर कितनी बड़ी जिम्मेवारी है! 221सभी ने यह जिम्मेवारी का संकल्प लिया है?
73In order to prove wrong things or a false support to be right, to prove the false to be true, it is just as a pillar is put up to strengthen a weak spot.
222या सोचते हो कि यह बड़ों का काम है, हम तो छोटे हैं - ऐसे तो नहीं। 223यह तो पुराने जाने हम तो नये हैं - ऐसे तो नहीं।
74So, too, in order to make your weak thoughts powerful, Maya also puts up a very royal pillar.
224चाहे बड़े हों, चाहे छोटे हों, चाहे पुराने हों, चाहे नये हों, लेकिन ब्राह्मण बनना अर्थात्जिम्मेवारी लेना। 225चाहे नये हैं, चाहे पुराने हैं लेकिन हैं तो बी.के. या और कुछ हैं? 226तो बी.के. अर्थात् ब्राह्मण बनना और ब्राह्मणों की जिम्मेवारी है ही। 227तो ये जिम्मेवारी की स्मृति कभी भी आपको अलबेला नहीं बनायेगी।
75Do you know which pillar she puts up?
228लौकिक कार्य में भी जब कोई जिम्मेवारी बढ़ती है तो आलस्य और अलबेलापन आता है या चला जाता है? 229अगर कोई कहेगा भी ना कि चलो थोड़ा आराम कर लो, बैठ जाओ, क्या करना है, तो बैठ सकेंगे? 230तो जिम्मेवारी, आलस्य और अलबेलापन खत्म कर देती है। 231तो चेक करो कि कभी भी आलस्य या अलबेलापन तो नहीं आ जाता?
76All of you know this.
232चल तो रहे हैं, हो जायेगा - ये है अलबेलापन। 233आज नहीं तो कल हो जायेगा - ये आलस्य है। 234कल नहीं, आज भी नहीं, अब। 235क्योंकि कोई भरोसा नहीं।
77Maya brings this thought: "This happens all the time; even many seniors do this and they move along in this way."
236अगर अधूरा पुरूषार्थ रह गया तो कहाँ पहुँचेंगे? 237सूर्यवंश में या चन्द्रवंश में? 238आधा पुरूषार्थ रहा तो प्रालब्ध भी आधी मिलेगी ना। 239तो चन्द्रवंश में जाना है?
78Or, they think: "We are still effortmakers; we have not yet become complete, and so there will be one weakness or another.
240नहीं जाना है? 241कोई एक भी नहीं जायेगा? 242मातायें भी सभी सूर्यवंशी बनेंगी? 243अच्छा।
79As we progress further, we will become complete".
244क्योंकि जब पाना है तो पूरा ही पायें ना। 245आधा पाना तो समझदारी नहीं है।
80In this way, the pillar of weak thoughts strengthens the weaknesses.
246समझदार सदा ही स्वयं को पूरा अधिकारी बनायेगा क्योंकि बच्चा अर्थात् अधिकारी।
81So, do not take the support of a pillar in this way.
247तो ऐसी अधिकारी आत्मायें हो या कभी-कभी थक भी जाते हो?
82At some time, the artificial pillar will deceive you.
248अधिकार लेते-लेते थक तो नहीं जाते? 249कभी मन में थक जाते हैं - कहाँ तक करेंगे? 250अथक हैं, थकने वाले नहीं हैं।
83The Father always has to be the support of all relationships: you have this experience to a lesser extent.
251थकना काम चन्द्रवंशियों का है और अथक रहना ये सूर्यवंशी की निशानी है।
84Now, increase the experience of all relationships.
252क्या भी हो जाये लेकिन सदा अथक। 253जिसको उमंग-उत्साह होता है वह कभी थकता नहीं। 254उमंग कम होगा तो थकावट जरूर आयेगी। 255उमंग-उत्साह वाले सदैव अपने चेहरे से औरों को भी उमंग दिलाते रहेंगे।
85Because of having the experience of all relationships to a lesser extent, a temporary relationship is forged with someone or other.
256एक है चेहरा, दूसरा है चलन। 257तो अपने चेहरे और चलन से सदा औरों को भी उमंग-उत्साह में बढ़ाते रहो। 258ऐसी चलन हो जो कोई भी देखे तो सोचे कि ये उमंग-उत्साह में सदा कैसे रहता है? 259जैसे कोई बहुत खुश रहता है तो उसको देख करके दूसरे भी खुश हो जाते हैं ना।
86Now, increase the experience of the Father being the physical support, and being the support of things that give you cooperation in a practical way in every situation, even in your physical life.
260कोई रोने वाले होते हैं तो रोने वाले को देखकर दूसरे क्या करेंगे?
87Do not think that the Father will give you support in a subtle way anyway.
261अगर रोयेंगे नहीं तो मुस्करायेंगे भी नहीं। 262तो आपकी चलन और चेहरा ऐसे हैं? 263फलक से जवाब दो कि हम नहीं होंगे तो कौन होगा। 264कल्प-कल्प के आप ही हैं और सदा ही रहेंगे।
88He is incorporeal and subtle; He is not physical, but you can experience every relationship in a corporeal form.
265यह पक्का निश्चय है ना। 266तो हम ही थे और हम ही रहेंगे।
89You can experience His company in the physical form.
267पक्का है ना? 268जब सीजन ही उड़ने की है तो उड़ने के समय पर गिरना तो अच्छा नहीं होता है ना।
90So understand this experience in depth and make yourself strong in this.
269तो उड़ने वाले हैं और उड़ाने वाले भी। 270कभी भी, कोई भी बात आये तो याद करो कि हम कौन हैं?
91Then people, things and facilities will not attract you to themselves.
271हमारी क्या जिम्मेवारी है? 272अभी देखेंगे कि स्व स्थिति वा सेवा में नम्बर आगे कौन जाता है। 273स्व स्थिति में भी नम्बर वन लेना है तो सेवा में भी नम्बर वन लेना है। 274अच्छा!
92Now, increase the experience of using the facilities just for name's sake and of using them for service as detached observers.
275ग्रुप नं. 3 276सर्व की ब्लैसिंग लेने के लिए कर्म और योग का बैलेन्स रखो
93Do not make them your support, but use them for name’s sake.
277सदा अपने को कर्मयोगी आत्मायें अनुभव करते हो? 278कर्मयोगी अर्थात् हर कर्म योगयुक्त हो।
94This is known as a soul who is merged in love and is equal.
279कर्म अलग, योग अलग नहीं।
95So think about it: Who am I?
280कर्म में योग, योग में कर्म।
96Do you understand?
281सदा दोनों साथ हैं तब कहते हैं कर्मयोगी। 282ऐसे नहीं, जब योग में बैठे तो योगी हैं और कर्म में जायें तो योग साधारण हो जाये और कर्म महानहो जाये। 283सदा दोनों का साथ रहे, बैलेन्स रहे। 284तो ऐसे कर्मयोगी हो या जब कर्म में लग जाते हो तो योग कम हो जाता है?
97Achcha.
285और जब योग में बैठते हो तो लगता है कि बैठे ही रहें तो अच्छा है। 286कर्मयोगी आत्मा सदा ही कर्म और योग का साथ रखने वाली अर्थात् बैलेन्स रखने वाली। 287कर्म और योग का बैलेन्स है तो हर कर्म में बाप द्वारा तो ब्लैसिंग मिलती ही है लेकिन जिसके सम्बन्ध-सम्पर्क में आते हैं उनसे भी दुआयें मिलती हैं। 288कोई अच्छा काम करता है तो दिल से उसके लिये दुआयें निकलती हैं ना कि बहुत अच्छा है।
98To the souls who are similar to the Father and constantly merged in love, to the souls who constantly experience all relationships with the one Father, to the souls who constantly experience the one Father to be the Image of Support, and the true support, to the souls who constantly experience all attainments from the one Father, to the truly loving souls who easily and naturally experience "One Strength and One Support", love, remembrance and namaste from BapDada.
289तो बहुत अच्छा मानना-यह दुआयें है। 290और जो अच्छा कार्य करता है उसके संग में रहना सदा सभी को अच्छा लगता है।
99To the Dadis:You are constantly merged in love, are you not?
291उसके सहयोगी बहुत बन जाते हैं। 292तो दुआयें भी मिलती हैं, सहयोग भी मिलता है।
100Or, do you have to make effort to stay in remembrance?
293तो जहाँ दुआयें हैं, सहयोग है वहाँ सफलता तो है ही। 294तो कितनी प्राप्ति हैं? 295बहुत प्राप्ति हुई ना। 296इसलिये सदा कर्मयोगी।
101You are not able to see anyone except the one Father.
297जब योग होगा तो कर्म स्वतः ही श्रेष्ठ होगा क्योंकि योग का अर्थ ही है श्रेष्ठ बाप की स्मृति में रहना और स्वयं भी श्रेष्ठ आत्मा हूँ - इस स्मृति में रहना। 298तो जब स्मृति श्रेष्ठ होगी तो स्थिति भी श्रेष्ठ होगी ना और स्थिति श्रेष्ठ होने के कारण न चाहते भी वायुमण्डल श्रेष्ठ बन जाता है। 299तो कर्मयोगी अर्थात् श्रेष्ठ स्मृति, श्रेष्ठ स्थिति और श्रेष्ठ वायुमण्डल। 300कोई ज्ञान सुने, नहीं सुने, योग सीखे, नहीं सीखे लेकिन वायुमण्डल का प्रभाव स्वतः ही उनको आकर्षितकरता है।
102When you hear their stories, you have to laugh.
301मधुबन में क्या विशेष अनुभव करते हो? 302तपस्या का वायुमण्डल है ना। 303तो जो भी आते हैं उनका योग बिना मेहनत के ही लग जाता है। 304योग लगाना नहीं पड़ता, योग लग ही जाता है।
103While the story is going on, they are not able to understand what is happening to them, but when the story is over, they think, "What happened?"
305ऐसे होता है ना। 306मधुबन में योग लगाने की मेहनत नहीं करनी पड़ती क्योंकि वायुमण्डल तपस्या का है, संग तपस्वी आत्माओं का है। 307ऐसे जहाँ भी आप कर्मयोगी बन कर्म करते हो वहाँ का वातावरण, वायुमण्डल ऐसे औरों को सहयोग देगा।
308अनुभवी हो ना, सहयोग मिलता है ना? 309तो आपका सहयोग भी औरों को मिलेगा। 310जहाँ रहते हो वहाँ सेवा होती है?
104They even think, "Was it me or someone else?" because at that time, they are under another influence.
311सदा कर्मयोगी आत्मा बाप को भी प्रिय है तो विश्व को भी प्रिय है। 312विश्व के भी प्रिय बने हो या बन रहे हो? 313देखो, कल्प पहले भी विश्व के प्रिय बने हो तब तो आपके जड़ चित्रों को भी सभी कितना प्यार करते हैं।
314तो वो आपके चित्र हैं ना। 315अपने से इतना प्यार नहीं होगा जितना चित्रों से होगा।
105Those who are under another influence are not aware of their own selves.
316तो चैतन्य में बने हो तब ही जड़ चित्रों की निशानी देख रहे हो। 317चैतन्य रूप में अपने जड़ चित्र यादगार देख रहे हो।
106When they become aware of their own selves, they then have the force to move forward.
318तो देख करके खुशी होती है ना हम ऐसे विश्व के प्रिय बने हैं। 319क्योंकि बाप के प्रिय बने हो ना। 320तो कितनी खुशी है! 321खुशी में नाचते रहते हो?
107The gathering is growing and it will continue to grow, and you instrument souls are happy seeing all of these games.
322सभी को खुशी में नाचना आता है? 323ऐसा कोई है जिसको खुशी में नाचना नहीं आता? 324सभी को आता है। 325पांव से नाचना तो किसी को आयेगा, किसी को नहीं आयेगा।
108All of you are moving along: some are moving along, some are flying and what are you doing?
326लेकिन खुशी में नाचना तो सभी को आयेगा और इस नाचने में थकते भी नहीं।
109While flying, you make others fly with you.
327तो सदा नाचते रहते हो? 328ब्राह्मण जीवन में सिवाए खुशी के और है ही क्या?
110You have become the merciful children of the merciful Father.
329दुःखधाम तो छोड़ दिया ना, तो दुःख क्यों आये? 330और जहाँ दुःख नहीं होगा तो खुशी होगी ना। 331संगमवासी सदा खुश रहते हैं, कलियुग वासी दुःखी रहते हैं। 332तो संगमयुगी हो या कभी-कभी दुःखधाम वासी भी बन जाते हो?
111So you feel mercy.
333या कभी-कभी गलती से चले जाते हो? 334स्वप्न में भी दुःख की लहर नहीं आ सकती। 335साकार की तो बात ही नहीं है।
112You do not feel hatred; you have mercy, and this mercy acts as love from the heart.
336तो सभी याद रखना कि हम कर्मयोगी हैं, कर्म और योग को सदा साथ रखने वाले हैं। 337सदा खुश रहने वाले कर्मयोगी, बाप के प्रिय आत्मायें हैं-यही खुशी सदा अविनाशी रहे। 338कभी-कभी वाले नहीं, सदा वाले। 339कभी खुशी, कभी दुःख की लहर वाले, यह अच्छा नहीं लगता।
113Achcha.
340तो खुश हैं और सदा खुश रहेंगे। 341अच्छा!
114Whatever is happening is the best of all.
342ग्रुप नं. 4 343सदा खुशनसीब, भाग्यवान आत्मा की स्मृति में रहकर सबको भाग्यवान बनाओ 344सदा अपने श्रेष्ठ भाग्य को स्मृति में रखते हुए अपने को समर्थ आत्मायें अनुभव करते हो? 345क्योंकि जितनी स्मृति होगी उतनीसमर्थी होगी।
115You are serving tirelessly.
346स्मृति कम तो समर्थीभी कम। 347तो स्मृति स्वरूप बने हो या स्मृति लानी पड़ती है?
116Seeing the tirelessness of the instrument souls, everyone also has enthusiasm.
348जैसे अपना साकार स्वरूप कभी नहीं भूलता है। 349सदा स्मृति रहती ही है - कि मैं फलाना हूँ, मैं ऐसा हूँ, ऐसे ही अपने भाग्य के स्मृति स्वरूप बनो। 350याद करने से स्मृति आये और चलते-चलते स्मृति, विस्मृति में आ जाये तो उसको स्वरूप नहीं कहेंगे, स्वरूप कभी भूलता नहीं। 351एक हैं स्मृति करने वाले और दूसरे हैं स्मृति स्वरूप रहने वाले।
117Achcha.
352तो आप सभी कौन हो? 353स्वरूप बन गये हो या विस्मृति-स्मृति का खेल चलता है? 354(हॉस्पिटल और आबू निवासी बापदादा के सामने बैठे हैं) 355आप सभी तो बहुत-बहुत भाग्यवान हो।
118Personal meeting with Avyakt BapDada:Finish being ordinary and create natural sanskars of speciality being your nature.
356क्योंकि मैजारिटी मधुबनवासी हो या समझते हो कि मधुबन और हॉस्पिटल अलग है? 357मधुबन निवासी हो ना? 358किस वातावरण में रहते हो?
119Do you always experience yourselves to be in the spiritual pleasure of the confluence age?
359मधुबन के वातावरण में रहते हो या अलग हॉस्पिटल के वातावरण में रहते हो? 360क्योंकि सबसे बड़ी पालना है ज्ञान की पालना, मुरली की पालना। 361तो वो हॉस्पिटल या अपने-अपने घरों में सुनते हो वा मधुबन में ही सुनते हो? 362तो सबसे श्रेष्ठ पालना मुरली है।
120Do you always stay in pleasure?
363और दूसरी पालना ब्रह्मा भोजन है। 364वो आत्मा की पालना, वो शरीर की पालना। 365तो दोनों मधुबन में होती हैं ना।
121Or, are you sometimes in pleasure (mauj) and sometimes in confusion (munj)?
366अगर कोई घर में भी खाते हो तो क्या याद करके खाते हो?
122Or do you stay in constant pleasure?
367मधुबन में बैठे हैं ना और हॉस्पिटल वाले तो खाते ही मधुबन में हैं ना। 368तो कितने लक्की हो! 369सदा ब्रह्मा भोजन मिलता रहे-यह कम भाग्य नहीं है! 370सदा आत्मा की पालना विशेष आत्माओं द्वारा होती रहे-यह भी कम पालना नहीं है!
123What is your state?
371सदा वायुमण्डल श्रेष्ठ मिलता रहे, संग श्रेष्ठ मिलता रहे-कितने भाग्य हैं!
124When any such situation or examination comes, are you confused?
372अमृतवेले से लेकर रात तक अपने भिन्न-भिन्न भाग्य को स्मृति में लाओ। 373दिनचर्या के आदि में ही पहला भाग्य बाप से मिलन मनाना। 374दुनिया तड़पती रहती है और आप अमृतवेले से रात तक मिलन मनाते रहते हो। 375अगर रात को सोते भी हो तो कहाँ सोते हो?
125(For a short time.)
376बिस्तर पर? 377तो देखो, आदि में भी भाग्य, मध्य में भी भाग्य और अन्त में क्या होगा?
126So what would happen if death were to come in that short time?
378भाग्य ही भाग्य होगा ना। 379तो सदा अपने भाग्य की लिस्ट सामने रखो।
127This is the time of untimely death, is it not?
380और यही गीत सदा गाते रहो-वाह मेरा भाग्य। 381वाह बाबा तो है ही लेकिन उसके साथ-साथ वाह मेरा श्रेष्ठ भाग्य। 382हद का भाग्य नहीं, बेहद का श्रेष्ठ भाग्य। 383तो जो स्वयं सदा अपने भाग्य के स्मृति में रहेंगे वो औरों को भी भाग्यवान बनायेंगे ना।
128If, instead of being in pleasure, you are in a state of confusion for even a short time, and if that moment becomes your final moment, then what would be the final thoughts that lead you to your destination?
384जो जैसा होगा वैसा ही बनायेगा ना। 385तो हॉस्पिटल वाले सारा दिन क्या करते हो?
129This is why you keep on hearing: Constantly everready.
386पेशेन्ट को देखते रहते हो या अपने भाग्य को भी देखते रहते हो?
130What is the meaning of everready?
387क्या देखते हो? 388भाग्य को देखते हो ना।
131Are you everready at every moment?
389पेशेन्ट के साथ-साथ पहले अपने भाग्य को देखो। 390तो भगवान् और भाग्य - दोनों याद रहे।
132No problem should be an obstacle to your becoming perfect.
391देखो, टाइटिल तो बहुत अच्छा मिला है-आबू निवासी। 392तो आबू नि्ावासी सुनने से परमधाम निवासी तो सहज ही याद आता है ना। 393क्योंकि आबू है ब्रह्मा बाबा का, तो ब्रह्मा बाबा याद आया तो शिव बाप सहज ही याद आयेगा, कम्बाइन्ड है ना। 394तो आबू निवासी सुनने से स्वीट होम भी याद आ जाता है अर्थात् बापदादा दोनों सहज याद आ जाते हैं।
133If the end is good, then the beginning of the future will also be good.
395हॉस्पिटल भी कहाँ है? 396आबू में है ना।
134As is your state of mind, so will be the condition.
397ज्यादा सहज याद में हॉस्पिटल वाले रहते हो या जो अपने-अपने स्थानों में आबू निवासी कहलाते हो वो रहते हो या जो सेन्टर पर रहते हो वो रहते हैं? 398कौन रहते हैं? 399याद में तो सभी रहते हो लेकिन सहज याद में रहने वाले कौन हैं?
400डबल विदेशी तो खुश रहते ही हैं। 401डबल विदेशी माना डबल खुश। 402हॉस्पिटल में खुशी कम होती है या बढ़ती है?
135This is why you are taught the lesson of everready.
403कि कभी-कभी कम हो जाती है? 404कम नहीं होनी चाहिये। 405क्या भी हो, कैसा भी हो, मरने तक बात आ जाये लेकिन खुशी नहीं जाये। 406मृत्यु भले हो जाये लेकिन खुशी नहीं जाये।
136Do not think that it is just for a short time, because you can be deceived by even a short time, by even one second.
407शरीर चला जाये कोई हर्जा नहीं। 408क्योंकि गैरन्टी है ना अगर खुशी में जायेंगे तो अनेकों को खुश करने के लिये जायेंगे। 409तो इतना पक्का है - शरीर जाये लेकिन खुशी नहीं जाये। 410ब्राह्मण जीवन माना खुशी की जीवन, अगर ब्राह्मण है और खुशी नहीं है तो ब्राह्मण जीवन ही नहीं है।
137You generally think that it doesn’t last for a long time, it just lasts for two to four minutes, but even one second can be deceptive, so don’t even think about a minute because you are the most valuable souls; you are invaluable.
411तो सभी पक्के ब्राह्मण तो हैं ही। 412इसमें तो पूछने की बात ही नहीं।
138Invaluable souls cannot be compared to souls of the world.
413सब जब अपने साइन करते हो तो पहले आक्यूपेशन में बी.के. लिखते हो ना। 414तो ब्राह्मण अर्थात् खुशनसीब, सदा खुश रहने वाले।
139People of the world consider all of you to be ordinary, but you are not ordinary, you are special souls.
415किसी की हिम्मत नहीं जो ब्राह्मण आत्मा की खुशी कम कर सके। 416माया हो या माया का बाप हो लेकिन खुशी नहीं गायब कर सके। 417(माया का बाप कौन? 418) रावण को माया का बाप कह दो।
140A special soul means that whatever actions you perform, whatever thoughts you have and whatever words you use, every word and every thought would be special, not ordinary.
419तो खुशी कम हो नहीं सकती। 420चाहे जहाँ भी रहो लेकिन खुशी गायब नहीं हो सकती। 421असम्भव है।
141So, check that you don’t become ordinary while doing something special.
422इतने फलक से कहते हो पता नहीं कभी-कभी संभव हो भी जाये। 423यह अच्छी तरह से पता है ना कि ब्राह्मण जीवन में खुशी का जाना असम्भव है। 424तो हर एक का चेहरा खुशनुमा, खुशनसीब दिखाई दे। 425हर एक के मस्तक पर खुशी का भाग्य चमक रहा है।
142Some think that they haven’t made any mistakes, that they haven’t committed any sin, that they haven’t used any such wrong words, but did you make your future and present elevated?
426चमक रहा है ना? 427बादल तो नहीं आते हैं? 428बादल किसी भी चीज़ को छिपा देते हैं। 429तो बादल नहीं आ सकते।
143You didn’t do anything bad, but, did you do anything good?
430सदा चमकते रहो। 431शक्तियां क्या सोचती हैं? 432शक्तियां खुशी के गीत गाती रहती हैं और पाण्डव नाचते रहते हैं। 433ब्राह्मण जीवन में है ही नाचना और गाना।
144Do not just check that you didn’t do anything bad, but in place of not doing anything bad, did you do the best of all or was it just something ordinary?
434कर्म भी करते हो तो कर्म भी तो एक डांस है ना। 435डांस में हाथ-पांव चलाना होता है ना।
145Let there not be such ordinariness; let there be something elevated.
436तो कर्मयोगी बनकर जो कर्म करते हो वह भी नाचना ही है ना।
146There wasn’t any loss, but was there any accumulation?
437खेल कर रहे हो ना। 438अच्छा! 439ग्रुप नं. 5
147Because the time to accumulate is now.
440सन्तुष्टता सबसे बड़ा खज़ाना है, जहाँ सन्तुष्टता है वहाँ सर्व प्राप्तियां हैं
148If you accumulate less, you will have less to eat from, that is, your reward will be less.
441सदा अपने इस ब्राह्मण जीवन की आदि से अब तक की सर्व प्राप्तियाँ स्मृति में रहती हैं? 442कितनी प्राप्तियां हैं? 443अगर प्राप्तियों की लिस्ट निकालो तो कितनी लम्बी है? 444सार रूप में यही कहेंगे कि अप्राप्त नहीं कोई वस्तु ब्राह्मण जीवन में।
149Your aim is to attain the elevated reward.
445तो ऐसे अनुभव करते हो? 446सर्व प्राप्तियाँ सम्पन्न हो गये?
150Or does it not matter if it becomes ordinary?
447और प्राप्तियाँ भी अविनाशी हैं। 448एक जन्म, आधा जन्म की नहीं, सदा काल के लिये प्राप्तियाँ प्राप्त हो गई। 449कोई भी युग नहीं जहाँ आप आत्माओं को कोई प्राप्ति नहीं हो। 450अगर द्वापर से गिरती कला शुरू भी होती है, फिर भी द्वापर से लेकर अब तक पूजे तो जाते हो ना।
151“I will go to heaven anyway.
451तो आधा कल्प राज्य अधिकारी बनते हो और आधा कल्प पूज्य बनते हो। 452चाहे स्वयं पुजारी बन जाते हो चैतन्य में लेकिन जड़ चित्र के रूप में तो पूजे जाते हो। 453तो पूज्य की प्राप्ति तो है ही ना। 454चाहे जानते नहीं हो अपने को लेकिन प्राप्ति सारे कल्प के लिये है।
152I will not have any sorrow.
455राज्य पद और पूज्य पद। 456कितने नशे की बात है।
153So what does it matter if I become ordinary?
457तो सदा सर्व प्राप्तियों की स्मृति में रहो, स्मृति स्वरूप रहो। 458तो प्राप्तियाँ याद रहती हैं कि कभी भूल जाती हैं, कभी याद रहती हैं? 459हद के प्राप्ति वालों को भी कितना नशा रहता है। 460तो आपको अविनाशी प्राप्तियां हैं तो अविनाशी रूहानी नशा है?
154Does it matter or will it do?”
461(कुमारियों से) कुमारियों को नशा रहता है? 462सदा रहता है या कभी-कभी? 463कभी भूल भी जाता है?
155So check that every second and every thought is special.
464कभी मूड ऑफ होता है? 465कुमारियों का मूड ऑफ होता है? 466रोती नहीं हो लेकिन चुप हो जाती हो? 467कितने समय से नहीं रोया है?
156The practice of body consciousness continues for half the cycle, naturally, against your conscious wish, does it not?
468जब से ब्रह्माकुमारी बनी हो तब से नहीं रोया है या अभी नहीं रोती हो?
157It has become natural to become body conscious, has it not?
469मन में भी नहीं रोया है? 470कुमारियों को कोमल होने के कारण रोना जल्दी आता है। 471नहीं रोती हो तो पक्की हो ना।
158In the same way, the soulconscious stage should become natural and part of your nature.
472सभी खुश रहती हो? 473और पुरूषार्थ में भी उड़ती कला वाली हो या चढ़ती कला वाली हो? 474सभी उड़ती कला वाली हो? 475अच्छा है, कभी नीचे कभी ऊपर नहीं होना, सदा उड़ते रहना।
159Nature automatically does its work; you don’t have to think about it, you don’t have to create that, you don’t have to do anything, because it happens automatically.
476माताओं की भी उड़ती कला है या बीच-बीच में गिरना भी अच्छा लगता है। 477गिरकर उड़ना है या उड़ना ही उड़ना है? 478पाण्डव उड़ती कला वाले हैं?
160So, such sanskars of speciality should become your nature and that should emerge from each one’s heart.
479उड़ना ही है। 480क्योंकि समय कम है और मंज़िल श्रेष्ठ है।
161Do not say, “My nature is such, my nature is such.”
481तो बिना उड़ती कला के मंज़िल पर पहुँचना मुश्किल है। 482इसलिये सदा उड़ते रहो और उड़ने का साधन है सदा सर्व प्राप्तियों को स्मृति में रखना। 483इमर्ज रूप में, मर्ज नहीं। 484जानते ही हैं, नहीं, मर्ज से इमर्ज करो।
162No.
485क्या-क्या मिला! 486क्या थे और क्या बने गये! 487कल क्या और आज क्या! 488तो प्राप्तियों की खुशी कभी नीचे, हलचल में नहीं लायेगी।
163It should emerge from each one’s mouth and mind, “My nature is the speciality of a special soul.”
489नीचे आना तो छोड़ो लेकिन हलचल भी नहीं, अचल। 490जो सम्पन्न होता है वो हलचल में नहीं आता है। 491जो खाली होता है वह हिलता है। 492कोई भी चीज़ हिलने वाली होती है तो उसको चारों ओर से सम्पन्न कर देते हैं, भरपूर कर देते हैं तो हिलती नहीं है और कोना भी खाली होगा तो हिलेगी और हिलते-हिलते टूटेगी।
164So, is it like that or do you have to make effort?
493तो सम्पन्नता अचल बनाती है। 494हलचल से छुड़ा देती है। 495तो सर्व प्राप्तियों में सम्पन्न हो ना?
165You don’t have to make effort for something that is your nature.
496जब दाता मिल गया तो दाता क्या करेगा? 497सम्पन्न बनायेगा ना। 498तो ये भी नशा है कि हम दाता के बच्चे हैं।
166If the nature of some is of being entertaining, they automatically continue to entertain.
499साधारण बाप के बच्चे नहीं, दाता के बच्चे हैं।
167They don’t even realise what they have done.
500तो जो स्वयं दाता है तो वो मास्टर दाता बनायेगा ना। 501तो क्या याद रखेंगे, कौन हो? 502मास्टर दाता हो।
168Even if someone tells them something, they would say, “What can I do?
503सर्व प्राप्तियों से सम्पन्न आत्मा हो। 504जरा भी अप्राप्ति नहीं। 505कोई अप्राप्ति है? 506कोई-कोई रह गई है या कोई चीज़चाहिये, नाम चाहिये, सेवा चाहिये, थोड़ा चांस मिल जाये, मेरा नाम हो जाये, मेरे को आगे रखा जाये, यह अप्राप्ति तो नहीं है।
169That is my nature.”
507किसी को है तो बता दो। 508मकान अच्छा मिल जाये, कार मिल जाये।
170So, your nature should also become one of speciality.
509कार हो तो सेवा अच्छी तरह से कर सकें। 510जितने साधन उतनी बुद्धि भी जाती है। 511जैसे हैं, जहाँ हैं, सदा राजी।
171If someone asks you what your nature is, it should emerge from your heart that your nature is of speciality.
512जो थोड़े में सन्तुष्ट रहता है उसको सदा सर्व प्राप्तियों की अनुभूति होती है।
172That of ordinary action has now finished because you have now died alive.
513सन्तुष्टता सबसे बड़े से बड़ा खज़ाना है। 514जिसके पास सन्तुष्टता है, उसके पास सब-कुछ है।
173So, you have died from being ordinary and you are living with speciality, that is, you now have a new birth.
515जिसके पास सन्तुष्टता नहीं है तो सब-कुछ होते हुए भी कुछ नहीं है। 516क्योंकि असन्तुष्ट आत्मा सदा इच्छाओं के वश होगी।
174So, being ordinary was the nature of your past birth, not of the present, because you have now taken a new birth.
517एक इच्छा पूरी होगी और 10 इच्छायें उत्पन्न होगी। 518तो आप क्या हो?
175So experience speciality to be the nature of your new birth.
519हद के इच्छा मात्रम् अविद्या।
176So, what will you do now?
520ऐसे हो कि कभी-कभी छोटी-मोटी इच्छा हो जाती है?
177Finish being ordinary.
521सन्तुष्ट हो? 522सदा यह गीत गाते रहो पाना था वो पा लिया।
178Let there not be anything ordinary even in your thoughts.
523अच्छा।
179Achcha.
524सभी सन्तुष्ट मणियाँ हो ना?
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