WEBVTT

1
00:11:34.700 --> 00:12:27.860
आज बापदादा अपने चारों ओर के होलीहंस बच्चों से होली मनाने के लिए आये हैं।

2
00:12:42.159 --> 00:13:14.200
बच्चे भी प्यार की डोर में बंधे हुए होली मनाने के लिए पहुंच गये हैं ।

3
00:13:22.100 --> 00:13:46.799
मिलन मनाने के लिए कितने प्यार से पहुंच गये हैं ।

4
00:13:56.799 --> 00:14:14.200
बापदादा सर्व बच्चों के भाग्य को देख रहे थे

5
00:14:19.200 --> 00:14:23.730
कितना बड़ा भाग्य ,

6
00:14:33.429 --> 00:14:52.200
जितने ही होलीएस्ट हैं उतने ही हाइएस्ट भी हैं ।

7
00:15:02.700 --> 00:15:07.059
सारे कल्प में देखो

8
00:15:16.399 --> 00:15:36.200
आप सबके भाग्य से ऊंचा भाग्य और किसी का नहीं है ।

9
00:15:51.659 --> 00:15:56.059
जानते हो ना अपने भाग्य को ?

10
00:15:58.929 --> 00:16:55.059
वर्तमान समय भी परमात्म पालना , परमात्म पढ़ाई और परमात्म वरदानों से पल रहे हो ।

11
00:17:02.330 --> 00:17:28.200
भविष्य में भी विश्वके राज्यअधिकारी बनते हो ।

12
00:17:28.200 --> 00:17:44.259
बनना ही है , निश्चित है , निश्चय ही है ।

13
00:17:50.329 --> 00:18:04.799
बाद में भी जब पूज्य बनते हो

14
00:18:10.130 --> 00:18:28.200
तो आप श्रेष्ठ आत्माओं जैसी पूजा विधिपूर्वक और किसी की भी नहीं होती है ।

15
00:18:46.759 --> 00:19:13.000
तो वर्तमान , भविष्य और पूज्य स्वरूप में हाइएस्ट अर्थात् ऊंचे ते ऊंचे हैं ।

16
00:19:29.960 --> 00:19:49.960
आपके जड़ चित्र उन्हों की भी हर कर्म की पूजा होती है ।

17
00:20:03.130 --> 00:20:29.400
अनेक धर्म पिता , महान आत्मायें हुए हैं लेकिन ऐसे विधि पूर्वक पूजा

18
00:20:38.529 --> 00:20:51.900
आप ऊंचे ते ऊंचे परमात्म बच्चों की होती है

19
00:21:03.859 --> 00:21:52.900
क्योंकि इस समय हर कर्म में कर्मयोगी बन कर्म करने की विधि का फल पूजा भी विधिपूर्वक होती है ।

20
00:22:08.630 --> 00:22:30.900
इस संगम समय के पुरूषार्थ की प्रालब्ध मिलती है ।

21
00:22:54.259 --> 00:23:22.230
तो ऊंचे ते ऊंचे भगवन आप बच्चों को भी ऊंचे ते ऊंची प्राप्ति कराते हैं ।

22
00:23:34.730 --> 00:24:08.559
होली अर्थात् पवित्रता , होलीएस्ट भी हो तो हाइएस्ट भी हो ।

23
00:24:15.799 --> 00:24:31.700
इस ब्राह्मण जीवन का फाउण्डेशन ही पवित्रता है ।

24
00:24:43.900 --> 00:25:07.059
संकल्प मात्र भी अपवित्रता श्रेष्ठ बनने नहीं देती ।

25
00:25:18.430 --> 00:25:36.960
पवित्रता ही सुख , शान्ति की जननी है ।

26
00:25:47.299 --> 00:26:04.160
पवित्रता सर्व प्राप्तियों की चाबी है ।

27
00:26:10.359 --> 00:26:26.799
इसलिए आप सबका स्लोगन यही है -

28
00:26:29.559 --> 00:26:36.599
पवित्र बनो , योगी बनो ।

29
00:26:43.599 --> 00:27:14.960
जो होली भी यादगार है , उसमें भी देखो पहले जलाते हैं फिर मनाते हैं ।

30
00:27:20.329 --> 00:27:24.660
जलाने के बिना नहीं मनाते हैं ।

31
00:27:31.630 --> 00:28:00.299
अपवित्रता को जलाना , योग के अग्नि द्वारा अपवित्रता को जलाते हो ,

32
00:28:01.230 --> 00:28:27.529
उसका यादगार वह आग में जलाते हैं और जलाने के बाद जब पवित्र बनते हैं

33
00:28:29.559 --> 00:28:33.529
तो खुशियों में मनाते हैं ।

34
00:28:49.359 --> 00:29:05.829
पवित्र बनने का यादगार मिलन मनाते हैं

35
00:29:15.599 --> 00:29:27.599
क्योंकि आप सभी भी जब अपवित्रता को जलाते हो ,

36
00:29:29.759 --> 00:29:43.029
परमात्म संग के रंग में लाल हो जाते हो

37
00:29:47.829 --> 00:30:05.829
तो सर्व आत्माओं के प्रति शुभ भावना शुभ कामना का मिलन मनाते हो ।

38
00:30:13.430 --> 00:30:22.259
इसका यादगार मंगल मिलन मनाते हैं ।

39
00:30:30.230 --> 00:30:47.529
इसलिए बापदादा सभी बच्चों को यही स्मृति दिलाते हैं

40
00:30:52.900 --> 00:31:12.029
कि सदा हर एक से दुआयें लो और दुआयें दो ।

41
00:31:23.599 --> 00:32:47.059
अपने दुआओं की शुभ भावना से मंगल मिलन मनाओ क्योंकि अगर कोई बद-दुआ देता भी है, वह तो परवश है अपवित्रता से लेकिन अगर आप बद-दुआ को मन में समाते हो तो क्या खुश रहते हो?

42
00:32:52.559 --> 00:32:59.329
सुखी रहते हो?

43
00:33:03.299 --> 00:33:34.660
कि व्यर्थ संकल्पों का क्यों, क्या, कैसे, कौन… इस दुःख का अनुभव करते हो।

44
00:33:39.730 --> 00:34:08.760
बद-दुआ लेना अर्थात् अपने को भी दुःख और अशान्ति अनुभव कराना ।

45
00:34:18.159 --> 00:34:34.699
जो बापदादा की श्रीमत है सुख दो और सुख लो ,

46
00:34:50.300 --> 00:34:59.230
उस श्रीमत का उल्घंन हो जाता है ।

47
00:35:15.429 --> 00:35:37.829
तो अभी सभी बच्चे दुआ लेना और दुआ देना सीख गये हो ना !

48
00:35:49.659 --> 00:35:52.199
सीखा है ?

49
00:36:02.230 --> 00:36:24.699
प्रतिज्ञा और दृढ़ता , दृढ़ता से प्रतिज्ञा करो -

50
00:36:41.130 --> 00:36:49.559
सुख देना है और सुख लेना है ।

51
00:36:53.829 --> 00:37:01.400
दुआ देनी है , लेनी है ।

52
00:37:03.800 --> 00:37:08.730
है प्रतिज्ञा , हिम्मत है ?

53
00:37:09.059 --> 00:37:24.429
जिसमें हिम्मत है आज से दृढ़ता का संकल्प लेते हैं

54
00:37:27.030 --> 00:37:36.960
दुआ लेंगे , दुआ देंगे , वह हाथ उठाओ ।

55
00:37:37.559 --> 00:37:39.559
पक्का ?

56
00:37:39.929 --> 00:37:42.260
पक्का ?

57
00:37:44.000 --> 00:37:47.329
कच्चा नहीं होना ।

58
00:37:49.530 --> 00:37:58.630
कच्चे बनेंगे ना - तो कच्चे फल को चिड़िया बहुत खाती है ।

59
00:38:07.829 --> 00:38:15.260
दृढ़ता सफलता की चाबी है ।

60
00:38:19.329 --> 00:38:22.730
सभी के पास चाबी है ?

61
00:38:22.960 --> 00:38:25.300
है चाबी ?

62
00:38:25.300 --> 00:38:35.630
चाबी कायम है , माया चोरी तो नहीं कर लेती ?

63
00:38:36.699 --> 00:38:40.429
उसको भी चाबी से प्यार है ।

64
00:38:48.199 --> 00:39:12.030
सदैव संकल्प करते हुए यह संकल्प इमर्ज करो , मर्ज नहीं , इमर्ज ।

65
00:39:12.760 --> 00:39:25.099
इमर्ज करो मुझे करना ही है ।

66
00:39:28.099 --> 00:39:31.429
बनना ही है ।

67
00:39:32.599 --> 00:39:35.760
होना ही है ।

68
00:39:40.360 --> 00:39:43.329
हुआ ही पड़ा है ।

69
00:39:48.900 --> 00:40:01.900
इसको कहा जाता है निश्चयबुद्धि , विजयन्ती ।

70
00:40:09.699 --> 00:40:20.199
ड्रामा विजय का बना ही पड़ा है ।

71
00:40:26.260 --> 00:40:29.630
सिर्फ रिपीट करना है ।

72
00:40:34.760 --> 00:40:39.130
बना बनाया ड्रामा है ।

73
00:40:40.030 --> 00:40:46.929
बना हुआ है , रिपीट कर बनाना है ।

74
00:40:54.099 --> 00:40:56.300
मुश्किल है ?

75
00:40:58.030 --> 00:41:01.360
कभी-कभी मुश्किल हो जाता है !

76
00:41:10.030 --> 00:41:13.159
मुश्किल क्यों होता है ?

77
00:41:16.099 --> 00:41:24.429
अपने आप ही सहज को मुश्किल कर देते हो ।

78
00:41:27.130 --> 00:41:30.630
छोटी सी गलती कर लेते हो -

79
00:41:33.960 --> 00:41:39.300
पता है कौन सी गलती करते हो ?

80
00:41:54.159 --> 00:42:07.230
बापदादा को उस समय बच्चों पर बहुत रहम क्या कहें , प्यार आता है ।

81
00:42:12.960 --> 00:42:16.099
क्या प्यार आता है ?

82
00:42:24.800 --> 00:42:39.159
एक तरफ तो कहते कि बाप हमारे कम्बाइन्ड है , है कम्बाइन्ड ?

83
00:42:39.630 --> 00:42:45.559
कम्बाइन्ड है ?

84
00:42:45.559 --> 00:42:49.230
साथ नहीं कम्बाइन्ड ।

85
00:42:49.760 --> 00:42:52.030
कम्बाइन्ड है ?

86
00:42:52.030 --> 00:42:57.000
डबल फारेनर्स कम्बाइन्ड है ?

87
00:42:57.329 --> 00:43:01.659
पीछे वाले कम्बाइन्ड है ?

88
00:43:01.659 --> 00:43:07.230
गैलरी वाले कम्बाइन्ड है ?

89
00:43:12.300 --> 00:43:46.500
अच्छा आज तो बापदादा को समाचार मिला कि मधुबन निवासी पाण्डव भवन , ज्ञान सरोवर और यहाँ वाले भी अलग हाल में सुन रहे हैं ।

90
00:43:48.699 --> 00:43:57.500
तो उन्हों से भी बापदादा पूछ रहे हैं कि बापदादा कम्बाइन्ड हैं ?

91
00:43:58.400 --> 00:44:01.030
हाथ उठा रहे हैं ।

92
00:44:10.159 --> 00:44:28.800
जब कम्बाइन्ड है , सर्व शक्तिवान बापदादा कम्बाइन्ड है

93
00:44:33.559 --> 00:44:38.599
फिर अकेले क्यों बन जाते ?

94
00:44:45.500 --> 00:44:55.800
अगर आपकमज़ोर भी हो तो बापदादा तो सर्वशक्तिवान है ना !

95
00:44:57.960 --> 00:45:11.829
अकेले बन जाते हो तब हीकमज़ोर बन जाते हो ।

96
00:45:16.159 --> 00:45:19.159
कम्बाइन्ड रूप में रहो ।

97
00:45:27.230 --> 00:45:49.460
बापदादा हर एक बच्चे के हर समय सहयोगी हैं ।

98
00:46:00.300 --> 00:46:07.030
शिव बाप परमधाम से आये क्यों हैं ?

99
00:46:08.199 --> 00:46:10.559
किसलिए आये हैं ?

100
00:46:13.059 --> 00:46:21.900
बच्चों के सहयोगी बनने के लिए आये हैं ।

101
00:46:37.400 --> 00:46:50.800
देखो ब्रह्मा बाप भी व्यक्त से अव्यक्त हुए किसलिए ?

102
00:46:52.960 --> 00:47:10.059
साकार शरीर से अव्यक्त रूप में ज्यादा से ज्यादा सहयोग दे सकते हैं ।

103
00:47:18.429 --> 00:47:31.559
तो जब बापदादा सहयोग देने के लिए आफर कर रहे हैं

104
00:47:43.329 --> 00:47:47.929
तो अकेले क्यों बन जाते ?

105
00:48:03.860 --> 00:48:07.300
मेहनत में क्यों लग जाते ?

106
00:48:30.699 --> 00:48:39.099
63 जन्म तो मेहनत की है ना !

107
00:48:40.099 --> 00:48:52.230
क्या वह मेहनत के संस्कार अभी भी खींचते हैं क्या ?

108
00:48:57.559 --> 00:49:08.030
मुहब्बत में रहो , लव में लीन रहो ।

109
00:49:12.699 --> 00:49:20.929
मुहब्बत मेहनत से मुक्त कराने वाली है ।

110
00:49:28.130 --> 00:49:32.300
मेहनत अच्छी लगती है क्या ?

111
00:49:35.099 --> 00:49:39.199
क्या आदत से मजबूर हो जाते हो ?

112
00:49:45.199 --> 00:50:23.099
सहज योगी हैं , बापदादा विशेष बच्चों के लिए परमधाम से सौगात लाये हैं , पता है क्या सौगात लाये हैं ?

113
00:50:24.429 --> 00:50:29.699
तिली पर भिस्त लाया है ।

114
00:50:45.099 --> 00:50:48.900
( हथेली पर स्वर्ग लाये हैं ) आपका चित्र भी है ना ।

115
00:50:58.460 --> 00:51:05.000
राज्य भाग्य लाये हैं बच्चों के लिए ।

116
00:51:05.530 --> 00:51:13.460
इसलिए बापदादा को मेहनत अच्छी नहीं लगती ।

117
00:51:37.760 --> 00:52:03.860
बापदादा हर बच्चे को मेहनत मुक्त , मुहब्बत में मगन देखने चाहते हैं ।

118
00:52:37.260 --> 00:53:13.630
तो मेहनत वा माया की युद्ध से मुक्त बनने का आज संकल्प द्वारा होली जलायेंगे ?

119
00:53:23.730 --> 00:53:25.559
जलायेंगे ?

120
00:53:27.800 --> 00:53:34.760
जलाना माना नाम-निशान गुम ।

121
00:53:40.630 --> 00:53:49.230
कोई भी चीज़ जलाते हैं तो नाम-निशान खत्म हो जाता है ना !

122
00:53:53.360 --> 00:53:59.699
तो ऐसी होली मनायेंगे ?

123
00:54:00.559 --> 00:54:03.099
मनायेंगे ?

124
00:54:03.360 --> 00:54:10.500
हाथ तो हिला रहे हैं ।

125
00:54:12.829 --> 00:54:17.960
बापदादा हाथ देख करके खुश हो रहा है ।

126
00:54:19.800 --> 00:54:22.929
लेकिन , लेकिन है ?

127
00:54:23.500 --> 00:54:28.630
लेकिन बोलें क्या कि नहीं ?

128
00:54:36.400 --> 00:54:40.300
मन का हाथ हिलाना ।

129
00:54:41.829 --> 00:54:46.429
यह हाथ हिलाना तो बहुत इजी है ।

130
00:54:54.030 --> 00:55:09.099
अगर मन ने माना करना ही है तो हुआ ही पड़ा है ।

131
00:55:43.460 --> 00:55:47.230
नये-नये भी बहुत आये हैं ।

132
00:55:55.130 --> 00:56:11.829
जो पहले बारी मिलन मनाने के लिए आये हैं , वह हाथ उठाओ ।

133
00:56:22.659 --> 00:56:26.329
डबल फारेनर्स में भी हैं ।

134
00:56:48.099 --> 00:57:17.030
अभी जो भी पहले बारी आये हैं , बापदादा विशेष उन्हों को अपना भाग्य बनाने की मुबारक दे रहे हैं ।

135
00:57:29.260 --> 00:57:48.559
लेकिन यह मुबारक स्मृति में रखना और सदा यह लक्ष्य रखो

136
00:57:49.059 --> 00:58:01.760
क्योंकि फाइनल रिजल्ट आउट नहीं हुई है ।

137
00:58:01.760 --> 00:58:16.030
सबको चांस है , लास्ट में आने वाले भी ,

138
00:58:16.900 --> 00:58:40.900
पहले वालों से लास्ट में आये हो ना , तो लास्ट वाले लास्ट सो फास्ट और फास्ट सो फर्स्ट आ सकते हैं ।

139
00:58:41.829 --> 00:58:49.659
छुट्टी है , जा सकते हो ।

140
00:58:55.900 --> 00:59:19.760
यह सदा याद रखना मुझे अर्थात् मुझ आत्मा को फास्ट और फर्स्ट क्लास में आना ही है ।

141
00:59:22.500 --> 00:59:30.630
हॉ , वी आई पी बहुत आये हैं ना , टाइटल वी आई पी का है ।

142
00:59:30.630 --> 00:59:46.829
जो वी आई पी आये हैं वह लम्बा हाथ उठाओ ।

143
00:59:54.059 --> 00:59:56.199
वेलकम ।

144
01:00:00.329 --> 01:00:10.630
अपने घर में आने की वेलकम , भले पधारे ।

145
01:00:16.699 --> 01:00:33.030
अभी तो परिचय के लिए वी आई पी कहते हैं लेकिन अभी वी आई पी से वी वी वी आई पी बनना है ।

146
01:00:42.829 --> 01:01:05.960
देखो देवतायें आपके जड़ चित्र वी वी वी आई पी हैं तो आपको भी पूर्वज जैसा बनना ही है ।

147
01:01:12.900 --> 01:01:17.900
बापदादा बच्चों को देखकर खुश होते हैं ।

148
01:01:23.929 --> 01:01:26.559
रिलेशन में आये ।

149
01:01:26.559 --> 01:01:31.099
जो वी आई पी आये हैं उठो ।

150
01:01:37.500 --> 01:01:42.929
बैठे-बैठे थक भी गये होंगे , थोड़ा उठो ।

151
01:01:44.929 --> 01:01:46.800
अच्छा ।

152
01:02:42.099 --> 01:02:52.360
मातायें जो पहली बार मिल रही है , वह उठो ।

153
01:02:52.360 --> 01:03:03.159
यह सब पहली बारी आये हैं ।

154
01:03:23.460 --> 01:03:36.659
अच्छा पाण्डव जो पहले बारी आये हैं वह उठो ।

155
01:04:32.429 --> 01:04:44.829
बापदादा को खुशी है , क्यों ?

156
01:04:48.630 --> 01:05:01.929
बच्चों ने सेवा अच्छी की है ।

157
01:05:03.929 --> 01:05:13.030
सेवा का सबूत बापदादा ने देखा ।

158
01:05:15.860 --> 01:05:41.159
इस सीजन में मैजारिटी हर ग्रुप में पहले बारी मिलने वाले आधा से भी ज्यादा हैं ।

159
01:05:41.929 --> 01:06:03.630
इसलिए जिन बच्चों ने मेगा प्रोग्राम किया वा अपने-अपने स्थान में सेवा की है

160
01:06:03.630 --> 01:06:33.260
और सबूत दिया है उन सभी बच्चों को बापदादा सेवा की मुबारक , दिल की दुआयें दे रहे हैं ।

161
01:06:49.000 --> 01:06:52.659
अभी आगे क्या करना है ?

162
01:06:57.659 --> 01:07:06.929
दादी ने सन्देश भेजा , आगे क्या करना है ?

163
01:07:12.099 --> 01:07:38.659
तो बापदादा बच्चों को देख खुश तो है ही लेकिन आगे के लिए जो भी सम्बन्ध-सम्पर्क में आये हैं

164
01:07:46.360 --> 01:08:21.930
उन आत्माओं की विशेष ग्रुप-ग्रुप में हर सेन्टर वाले बुलाकर उनका फाउण्डेशन पक्का करने की पालना करो ।

165
01:08:28.260 --> 01:08:54.659
रिलेशन तो जोड़ दिया , सम्बन्ध जोड़ा , चाहे कभी-कभी आने वाले , चाहे रेगुलर आने वाले , चाहे सम्पर्क में आये , चाहे सम्बन्ध में आये ,

166
01:08:55.699 --> 01:09:44.159
लेकिन रिलेशन के साथ-साथ आत्माओं का बाप के साथ कनेक्शन ऐसा मजबूत करो जो ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़े इन्हों को ।

167
01:09:49.859 --> 01:09:54.600
माया से बार-बार युद्ध नहीं करनी पड़े ।

168
01:10:00.800 --> 01:10:13.560
मन की लगन ऐसी पक्की करो जो विघ्न आ नहीं सके ।

169
01:10:15.560 --> 01:10:23.930
जहाँ बाप से लगन है वहाँ विघ्न नहीं आ सकता ।

170
01:10:25.460 --> 01:10:28.199
असम्भव है ।

171
01:10:31.800 --> 01:10:44.529
इसलिए सन्देश देने की सेवा करो

172
01:10:45.060 --> 01:11:03.859
लेकिन जो सेवा का फल निकला है उस फल को मजबूत बनाओ , पक्का बनाओ ।

173
01:11:04.659 --> 01:11:22.529
कच्चा फल नहीं रह जाये क्योंकि समय फास्ट जा रहा है ।

174
01:11:26.359 --> 01:11:46.329
समय का कोई भरोसा नहीं , कब भी क्या भी हो सकता है और अचानक होना है ।

175
01:11:47.260 --> 01:12:01.000
बापदादा को पता भी है कब होना है लेकिन बतायेंगे नहीं

176
01:12:11.430 --> 01:12:17.229
क्योंकि अचानक पेपर होना है ।

177
01:12:26.600 --> 01:12:35.329
इसलिए जमा का खाता बहुत बढ़ाओ ।

178
01:12:37.960 --> 01:13:01.359
वर्तमान समय बापदादा दो बातों पर बार-बार अटेन्शन दिला रहे हैं -

179
01:13:06.729 --> 01:13:21.930
एक स्टॉप , बिन्दी लगाओ , प्वाइंट लगाओ ।

180
01:13:23.930 --> 01:13:29.359
दूसरा - स्टॉक जमा करो ।

181
01:13:38.829 --> 01:13:41.699
दोनों जरूरी हैं ।

182
01:13:45.500 --> 01:13:55.529
तीनखज़ाने विशेष जमा करो -

183
01:14:00.800 --> 01:14:27.699
एक अपने पुरूषार्थ की प्रालब्ध अर्थात् प्रत्यक्ष फल , वह जमा करो ।

184
01:14:31.659 --> 01:14:47.899
दूसरा - सदा सन्तुष्ट रहना , सन्तुष्ट करना ।

185
01:14:47.899 --> 01:14:53.560
सिर्फ रहना नहीं , करना भी ।

186
01:14:56.760 --> 01:15:09.600
उसके फल स्वरूप दुआयें जमा करो ।

187
01:15:13.699 --> 01:15:26.159
दुआओं का खाता कभी-कभी कोई बच्चे जमा करते हैं

188
01:15:27.630 --> 01:16:01.899
लेकिन चलते-चलते कोई छोटी-मोटी बात में कनफ्यूज हो करके , हिम्मतहीन हो करके जमा हुएखज़ाने में भी लकीर लगा देते हैं ।

189
01:16:16.560 --> 01:16:21.029
तो दुआओं का खाता भी जमा हो ।

190
01:16:22.960 --> 01:16:32.960
उसकी विधि सन्तुष्ट रहना , सन्तुष्ट करना ।

191
01:16:37.930 --> 01:16:57.760
तीसरा - सेवा द्वारा सेवा का फल जमा करना या खज़ाना जमा करना

192
01:16:59.760 --> 01:17:26.430
और सेवा में भी विशेष निमित्त भाव , निर्मान भाव , निर्मल वाणी ।

193
01:17:40.560 --> 01:17:44.800
बेहद की सेवा ।

194
01:17:52.199 --> 01:17:57.460
मेरा नहीं , बाबा ।

195
01:17:58.560 --> 01:18:17.130
बाबा करावनहार मुझ करनहार से करा रहा है , यह है बेहद की सेवा ।

196
01:18:23.000 --> 01:18:40.430
यह तीनों खाते चेक करो - तीनों ही खाते जमा हैं ?

197
01:18:52.659 --> 01:18:56.960
मेरापन का अभाव हो ।

198
01:19:07.829 --> 01:19:16.859
इच्छा मात्रम् अविद्या ।

199
01:19:31.930 --> 01:19:36.529
सोचते हैं इस वर्ष में क्या करना है ?

200
01:19:36.529 --> 01:19:43.260
सीजन पूरी हो रही है अब 6 मास क्या करना है ?

201
01:19:43.800 --> 01:19:51.029
तो एक तो खाते जमा करना , चेक करना अच्छी तरह से ।

202
01:19:51.460 --> 01:19:59.159
कहाँ कोने में भी हद की इच्छा तो नहीं है ?

203
01:20:05.100 --> 01:20:08.560
मैं और मेरापन तो नहीं है ?

204
01:20:09.760 --> 01:20:12.399
लेवता तो नहीं है ?

205
01:20:21.930 --> 01:20:27.430
विधाता बनो , लेवता नहीं ।

206
01:20:27.829 --> 01:20:43.399
न नाम , न मान , न शान , किसी के भी लेवता नहीं , दाता , विधाता बनो ।

207
01:20:50.859 --> 01:21:00.699
अभी दुःख बहुत-बहुत बढ़ रहा है , बढ़ता रहेगा ।

208
01:21:06.460 --> 01:21:32.130
इसलिए मास्टर सूर्य बन अनुभूति की किरणें फैलाओ ।

209
01:21:32.130 --> 01:21:50.600
जैसे सूर्य एक ही समय में कितनी प्राप्तियां कराता है , एक प्राप्ति नहीं कराता ।

210
01:21:57.630 --> 01:22:05.029
सिर्फ रोशनी नहीं देता , पावर भी देता है ।

211
01:22:09.130 --> 01:22:12.800
अनेक प्राप्तियां कराता है ।

212
01:22:14.500 --> 01:23:19.829
ऐसे आप सभी इन 6 मास में ज्ञान सूर्य बन सुख की , खुशी की , शान्ति की , सहयोग की किरणें फैलाओ ।

213
01:23:25.100 --> 01:23:28.460
अनुभूति कराओ ।

214
01:23:34.760 --> 01:24:01.829
आपकी सूरत को देखते ही दुःख की लहर में कम से कम मुस्कान आ जाये ।

215
01:24:14.000 --> 01:24:30.359
आपकी दृष्टि से हिम्मत आ जाये ।

216
01:24:53.800 --> 01:24:57.630
तो यह अटेन्शन देना है ।

217
01:25:02.829 --> 01:25:12.359
विधाता बनना है , तपस्वी बनना है ।

218
01:25:23.659 --> 01:25:56.699
ऐसी तपस्या करो जो तपस्या की ज्वाला कोई न कोई अनुभूति कराये ।

219
01:25:58.699 --> 01:26:06.500
सिर्फ वाणी नहीं सुनें , अनुभूति कराओ ।

220
01:26:12.359 --> 01:26:20.829
अनुभूति अमर होती है ।

221
01:26:24.029 --> 01:26:43.560
सिर्फ वाणी थोड़ा समय अच्छी लगती है सदा याद नहीं रहती ।

222
01:26:45.899 --> 01:26:57.260
इसलिए अनुभव की अथॉरिटी बन अनुभव कराओ ।

223
01:27:24.300 --> 01:28:07.060
जो भी सम्बन्ध-सम्पर्क में आ रहे हैं उन्हों को हिम्मत , उमंग-उत्साह अपने सहयोग से बापदादा के कनेक्शन से दिलाओ ।

224
01:28:12.159 --> 01:28:15.430
ज्यादा मेहनत नहीं कराओ ।

225
01:28:18.229 --> 01:28:23.029
न खुद मेहनत करो न औरों को कराओ ।

226
01:28:24.100 --> 01:28:26.329
निमित्त हैं ना !

227
01:28:30.930 --> 01:28:44.960
तो वायब्रेशन ऐसे उमंग-उत्साह का बनाओ जो गम्भीर भी उमंग-उत्साह में आ जाये ।

228
01:28:48.960 --> 01:28:52.229
मन नाचने लगे खुशी में ।

229
01:29:03.260 --> 01:29:07.159
सुना क्या करना है ?

230
01:29:07.829 --> 01:29:10.560
देखेंगे रिजल्ट ।

231
01:29:16.960 --> 01:29:34.899
किस स्थान ने कितनी आत्माओं को दृढ़ बनाया , खुद दृढ़ बने , कितनी आत्माओं को दृढ़ बनाया ,

232
01:29:35.630 --> 01:29:52.159
साधारण पोतामेल नहीं देखेंगे , भूल नहीं की , झूठ नहीं बोला , कोई विकर्म नहीं किया ,

233
01:29:52.859 --> 01:30:12.529
लेकिन कितनी आत्माओं को उमंग-उत्साह में लाया , अनुभूति कराई , दृढ़ता की चाबी दी ।

234
01:30:36.300 --> 01:30:42.199
ठीक है ना , करना ही है ना ।

235
01:30:42.699 --> 01:30:47.100
बापदादा भी क्यों कहे कि करेंगे !

236
01:30:47.100 --> 01:30:51.560
नहीं , करना ही है ।

237
01:30:52.430 --> 01:30:56.100
आप नहीं करेंगे तो कौन करेगा ?

238
01:30:56.829 --> 01:30:59.430
पीछे आने वाले ?

239
01:31:00.460 --> 01:31:26.100
आप ही कल्प-कल्प बाप से अधिकारी बने थे , बने हैं और हर कल्प बनेंगे ।

240
01:31:44.899 --> 01:32:07.829
ऐसा दृढ़ता पूर्वक बच्चों का संगठन बापदादा को देखना ही है ।

241
01:32:11.899 --> 01:32:14.529
ठीक है ना !

242
01:32:15.329 --> 01:32:23.859
हाथ उठाओ , बनना ही है , मन का हाथ उठाओ ।

243
01:32:24.899 --> 01:32:28.729
दृढ़ निश्चय का हाथ उठाओ ।

244
01:32:32.600 --> 01:32:37.560
यह तो सब पास हो गये हैं ।

245
01:32:38.329 --> 01:32:42.000
पास हैं ना ?

246
01:33:41.829 --> 01:33:44.529
अच्छा ।

247
01:33:44.529 --> 01:33:47.699
सभी खुश हैं ?

248
01:33:52.829 --> 01:33:56.760
प्रबन्ध से ज्यादा आ गये हैं ।

249
01:33:58.529 --> 01:34:12.500
( 23 हजार से भी अधिक पहुंच गये हैं ) कोई बात नहीं , जब ज्यादा आयेंगे तो दादी का संकल्प चलेगा ना , बढ़ाने का ।

250
01:34:13.560 --> 01:34:15.630
भले आये ।

251
01:34:24.500 --> 01:34:32.600
अच्छा है - हाल को कभी तो छोटा होना ही चाहिए ।

252
01:34:38.159 --> 01:34:41.029
होना चाहिए ना !

253
01:34:41.029 --> 01:34:47.329
पहली लाइन वाले होना चाहिए ना ।

254
01:34:48.600 --> 01:34:51.560
तब तो बनायेंगे ना !

255
01:35:02.460 --> 01:35:11.300
ड्रामा में वृद्धि होनी ही है ।

256
01:35:17.130 --> 01:35:20.960
सेवाधारी थक तो नहीं जाते ?

257
01:35:22.729 --> 01:35:26.899
किसका टर्न है अभी ?

258
01:35:26.899 --> 01:35:28.899
गुजरात का है ।

259
01:35:28.899 --> 01:35:32.329
गुजरात तो बड़ा है ।

260
01:35:32.329 --> 01:35:37.300
गुजरात वाले उठो ।

261
01:35:53.500 --> 01:35:57.529
आधा हाल तो गुजरात है ।

262
01:36:12.300 --> 01:36:21.359
( 7 हजार हैं ) तो गुजरात के सेवाधारी बहुत आये हैं इसलिए सेवा लेने वाले भी बहुत आ गये हैं ।

263
01:36:30.300 --> 01:36:32.859
थक तो नहीं गये ?

264
01:36:32.859 --> 01:36:34.859
नहीं ।

265
01:36:34.859 --> 01:36:40.859
मातायें , मातायें रोटी बेल-बेल कर थक गई ?

266
01:36:40.859 --> 01:36:42.859
नहीं थकी ।

267
01:36:46.100 --> 01:36:50.699
सबसे मेहनत का काम है रोटी बनाना ।

268
01:37:52.199 --> 01:38:18.500
गुजरात वालों को वरदान है - जैसे देश के हिसाब से समीप है ,

269
01:38:20.699 --> 01:38:39.500
ऐसे ही बापदादा के दिल के भी समीप रहना है ।

270
01:38:39.899 --> 01:38:44.060
रहते भी हैं , रहना भी है ।

271
01:38:48.100 --> 01:39:09.159
बापदादा ने देखा कि कभी भी कोई भी आवश्यकता में गुजरात हाज़िरहो जाता है ।

272
01:39:14.500 --> 01:39:28.829
तोहाज़िर होने वाली आत्माओं के लिए बापदादा भी सदा हाज़िर है ।

273
01:39:44.029 --> 01:40:15.699
अच्छा - आज बापदादा को सन्देश ज्ञान सरोवर , पाण्डव भवन और शान्तिवन वालों ने दिया है कि हमें दूर बैठे नजदीक देखना ।

274
01:40:17.130 --> 01:40:53.159
तो बापदादा सभी स्थान निवासी शार्ट में सभी तरफ के मधुबन निवासी चाहे बहनें , चाहे भाई सभी को सम्मुख देख रहे हैं ।

275
01:40:54.859 --> 01:41:16.300
दूर नहीं है , दिल पर हैं और बापदादा दिल से याद प्यार दे रहे हैं ।

276
01:41:18.300 --> 01:41:24.359
वैसे तो दिखाई नहीं देते , आज विशेष दिखाई दे रहे हैं ।

277
01:41:35.260 --> 01:41:38.760
अच्छा ।

278
01:41:44.899 --> 01:42:14.300
डबल विदेशी :- हाथ हिलाओ ।

279
01:42:28.500 --> 01:42:48.300
बापदादा ने सभी डबल विदेशी बच्चों की जो रिफ्रेशमेंट हुई है , वह देखा ।

280
01:42:48.960 --> 01:42:52.300
चार्ट अच्छा बनाया है ।

281
01:42:56.359 --> 01:43:13.699
अच्छा किया है और अच्छे ते अच्छे ही रहना है ।

282
01:43:18.359 --> 01:43:27.699
कभी भी कोई पूछे - हालचाल क्या है ?

283
01:43:29.430 --> 01:43:41.229
तो सभी का एक ही जवाब हो - कुशल हाल है , फरिश्ते की चाल है ।

284
01:43:45.229 --> 01:43:47.300
ठीक है ना ।

285
01:43:47.300 --> 01:43:50.359
पसन्द है ?

286
01:43:51.229 --> 01:43:57.829
ऐसे नहीं , अमेरिकाअफ्रीकामें जाकर बदल जाओ ।

287
01:43:57.829 --> 01:44:10.029
बदलना नहीं और उड़ना है और उड़ाना है ।

288
01:44:12.800 --> 01:44:21.399
उमंग उत्साह के पंख सदा हैं ही ।

289
01:44:23.630 --> 01:44:34.159
दूसरों को भी उमंग-उत्साह के पंख लगाने हैं ।

290
01:44:36.960 --> 01:44:44.630
यह अच्छा है , बापदादा सब समाचार सुनते रहते हैं ।

291
01:44:58.529 --> 01:45:18.300
मधुबन का लाभ अच्छे ते अच्छा उठाने का प्रोग्राम बनाते हैं , यह देखके सुनके बापदादा खुश होते हैं ।

292
01:45:22.199 --> 01:45:33.159
सिर्फ अमर भव का वरदान भूलना नहीं , अमर भव ।

293
01:45:41.199 --> 01:45:44.899
60 देशों से आये हैं ।

294
01:45:46.529 --> 01:46:20.630
60 देशों के एक-एक भिन्न-भिन्न देश वाले हाथ उठाओ , देखें 60 हैं , जो आस्ट्रेलिया से आये , अफ्रीकासे आये , अमेरिका से आयें , वह हाथ उठाओ ।

295
01:46:22.159 --> 01:46:24.500
भले पधारे ।

296
01:46:27.430 --> 01:46:40.659
अच्छा है बापदादा और सर्व ब्राह्मण परिवार भी आप सबको देखके खुश होते हैं ।

297
01:46:47.029 --> 01:47:06.630
क्यों जितने देशों में आप कर रहे हो , उतने देशों की भाषा सीखने के लिए भारतवासियों को सहयोग दे दिया आपने ।

298
01:47:09.899 --> 01:47:14.500
इसीलिए आप सबको देखके खुश होते हैं ।

299
01:47:21.300 --> 01:47:29.859
अच्छे , उमंग-उत्साह में हैं और सदा रहने वाले हैं ।

300
01:47:32.899 --> 01:47:36.130
सब टीचर्स ठीक हैं ना !

301
01:47:36.930 --> 01:47:43.359
बहुत मेहनत की कि उमंग-उत्साह में रहे ?

302
01:47:46.899 --> 01:47:52.100
अच्छा प्रोग्राम बनाते हैं , बापदादा खुश होते हैं ।

303
01:47:57.659 --> 01:48:11.630
अभी बापदादा डबल विदेशियों से एक बात चाहते हैं - सुनायें ?

304
01:48:18.100 --> 01:48:36.600
बापदादा ने सुना है कि डबल विदेशी ईमेल बड़े लम्बे-लम्बे करते हैं ।

305
01:48:46.560 --> 01:48:51.899
जनक बच्ची को बहुत बिजी कर दिया है ।

306
01:48:55.430 --> 01:48:58.859
रात को जागना पड़ता है ।

307
01:49:07.159 --> 01:49:13.260
तो यह भी शार्टकट करते जाओ , लम्बा नहीं ।

308
01:49:22.130 --> 01:49:24.100
ठीक है ना !

309
01:49:24.100 --> 01:49:27.600
शार्ट तो हो सकता है ।

310
01:49:32.260 --> 01:49:33.960
तो ठीक है ?

311
01:49:33.960 --> 01:49:37.560
शार्ट करेंगे ?

312
01:49:37.560 --> 01:49:47.600
भले समाचार भेजो लेकिन शार्ट , 3-4 लाइन , ज्यादा में ज्यादा 5 लाइन में ।

313
01:49:55.600 --> 01:49:57.829
हो सकता है ना !

314
01:50:03.199 --> 01:50:12.430
जो शार्टकट करेंगे वह हाथ उठाओ ।

315
01:50:12.899 --> 01:50:22.300
जो करते ही नहीं हैं वह हाथ नहीं उठाते हैं , होशियार हैं ।

316
01:50:27.529 --> 01:50:29.300
अच्छा है ।

317
01:50:36.500 --> 01:50:39.329
अच्छा ।

318
01:51:16.159 --> 01:51:37.100
माताओं को भावना और प्यार की मुबारक हो विशेष ।

319
01:51:39.159 --> 01:53:14.100
पाण्डवों को सदा नम्बरवन और विन करने की मुबारक हो और आये हुए निशानी वी.आई.पी. उन सभी बच्चों को भी सदा हर कदम में उमंग-उत्साह द्वारा आगे कनेक्शन बढ़ाने की, कदम में पदम की कमाई जमा करने की मुबारक हो, मुबारक हो, मुबारक हो।

320
01:53:33.359 --> 01:53:56.659
अच्छा - चारों ओर के दिलतख्तनशीन बच्चों को ,

321
01:53:59.760 --> 01:54:21.060
दूर बैठे भी परमात्म प्यार का अनुभव करने वाले बच्चों को ,

322
01:54:23.659 --> 01:54:51.859
सदा होली अर्थात् पवित्रता का फाउण्डेशन दृढ़ करने वाले ,

323
01:54:56.899 --> 01:55:34.460
स्वप्न मात्र भी अपवित्रता के अंशमात्र से भी दूर रहने वाले महावीर , महावीरनी बच्चों को ,

324
01:55:35.859 --> 01:56:09.199
सदा हर समय सर्व जमा का खाता , जमा करने वाले सम्पन्न बच्चों को ,

325
01:56:11.600 --> 01:56:59.430
सदा सन्तुष्टमणि बन सन्तुष्ट रहने और सन्तुष्ट करने वाले बाप समान बच्चों को बापदादा का यादप्यार , दुआयें और नमस्ते ।

