WEBVTT

1
00:19:39.930 --> 00:20:08.430
आज बापदादा चारों ओर के चाहे सम्मुख हैं ,

2
00:20:09.700 --> 00:20:22.900
चाहे दूर बैठे दिल के समीप हैं ,

3
00:20:25.529 --> 00:20:37.960
सर्व को तीन मुबारक दे रहे हैं ।

4
00:20:46.160 --> 00:21:00.930
एक नवजीवन की मुबारक है ,

5
00:21:05.529 --> 00:21:17.230
दूसरी नवयुग की मुबारक है

6
00:21:21.900 --> 00:21:50.759
और तीसरी आज के दिन वर्ष की मुबारक है ।

7
00:22:02.359 --> 00:22:30.130
आप सभी भी नये वर्ष की मुबारक देने और मुबारक लेने आये हो ।

8
00:22:38.400 --> 00:23:07.099
वास्तव में सच्ची दिल के खुशी की मुबारकें आप ब्राह्मण आत्मायें लेते भी हो , देते भी हो ।

9
00:23:13.299 --> 00:23:26.759
आज के दिन का महत्व है ।

10
00:23:33.460 --> 00:23:43.730
विदाई भी है और बधाई भी है ।

11
00:23:46.730 --> 00:24:00.930
विदाई और बधाई का संगमयुग है ।

12
00:24:11.299 --> 00:24:24.230
आज के दिन को कहेंगे संगम का दिन है ।

13
00:24:30.700 --> 00:24:46.029
संगम की महिमा बहुत बड़ी है ।

14
00:24:51.930 --> 00:24:57.759
आप सभी जानते हो

15
00:25:00.160 --> 00:25:39.660
कि संगमयुग की महिमा के कारण आजकल पुराने और नये वर्ष के संगम को कितना धूमधाम से मनाते हैं ।

16
00:25:44.529 --> 00:26:07.359
संगमयुग की महिमा के कारण ही इस पुराने नये वर्ष के संगम की महिमा है ।

17
00:26:10.900 --> 00:26:25.630
जहाँ दो नदियां मिलती हैं , संगम होता है , उनकी भी महिमा है ।

18
00:26:26.730 --> 00:26:41.200
जहाँ नदी सागर का संगम होता है उसकी भी महिमा है ।

19
00:26:45.859 --> 00:26:51.829
लेकिन सबसे बड़ी महिमा

20
00:26:54.759 --> 00:27:19.559
इस संगमयुग की है , पुरूषोत्तमयुग की है , जहाँ आप ब्राह्मण भाग्यवान आत्मायें बैठे हो ।

21
00:27:24.599 --> 00:27:29.329
यह नशा है ना !

22
00:27:29.960 --> 00:27:41.660
अगर आपसे कोई पूछे आप किस समय पर हो ?

23
00:27:42.299 --> 00:27:51.799
क्या कलियुग में रहते हो , सतयुग में रहते हो ?

24
00:27:52.599 --> 00:27:56.630
तो क्या फलक से कहेंगे ?

25
00:27:57.599 --> 00:28:13.230
हम इस समय पुरूषोत्तम संगमयुग में रहते हैं ।

26
00:28:13.700 --> 00:28:20.299
आप कलियुगी नहीं हो , संगमयुगी हो ।

27
00:28:34.000 --> 00:28:45.500
और इस संगमयुग की विशेष महिमा क्यों है ?

28
00:28:47.029 --> 00:29:17.299
क्योंकि भगवान और बच्चों का मिलन होता है , मेला होता है , मिलन होता है , जो किसी भी युग में नहीं होता ।

29
00:29:20.299 --> 00:29:25.759
तो मेला मनाने आये हो ना !

30
00:29:39.299 --> 00:29:57.599
आप कहाँ-कहाँ से आये हो मिलन मेला मनाने के लिए ।

31
00:30:04.029 --> 00:30:10.099
कभी स्वप्न में भी सोचा था

32
00:30:18.259 --> 00:30:38.359
कि ड्रामा में मुझ आत्मा का ऐसा भी भाग्य नूंधा हुआ है ।

33
00:30:39.160 --> 00:30:55.960
था और है - आत्मा का परमात्मा से मिलने का ।

34
00:31:07.299 --> 00:31:27.299
बाप भी हर एक बच्चे के भाग्य को देख हर्षित होते हैं ।

35
00:31:29.500 --> 00:31:30.900
वाह !

36
00:31:30.900 --> 00:31:37.299
भाग्यवान बच्चे वाह !

37
00:31:44.529 --> 00:31:57.029
अपने भाग्य को देख दिल में अपने प्रति वाह !

38
00:31:57.029 --> 00:32:00.430
मैं वाह !

39
00:32:01.660 --> 00:32:02.599
वाह !

40
00:32:02.599 --> 00:32:06.230
मेरा भाग्य वाह !

41
00:32:08.160 --> 00:32:09.059
वाह !

42
00:32:09.059 --> 00:32:13.000
मेरा बाबा वाह !

43
00:32:14.130 --> 00:32:15.160
वाह !

44
00:32:15.160 --> 00:32:23.099
मेरा ब्राह्मण परिवार वाह !

45
00:32:24.960 --> 00:32:47.200
यह वाह , वाह के गीत ऑटोमेटिक दिल में गाते रहते हो ना ।

46
00:33:07.029 --> 00:33:36.759
तो आज इस संगम के समय अपने अन्दर सोच लिया है

47
00:33:36.759 --> 00:33:48.059
कि किस-किस बातों को विदाई देनी है ?

48
00:33:52.299 --> 00:33:57.400
सोचा है सभी ने ?

49
00:34:12.360 --> 00:34:19.630
सदाकाल के लिए विदाई देनी है

50
00:34:23.760 --> 00:34:55.460
क्योंकि सदाकाल के लिए विदाई देने से सदाकाल की बधाईयाँ मना सकेंगे ।

51
00:35:00.929 --> 00:35:25.429
ऐसी बधाई दो जो आपके चेहरे को देख जो भी आत्मा सामने आये

52
00:35:26.159 --> 00:35:39.900
वह भी बधाईयां प्राप्त कर खुश हो जाए ।

53
00:35:49.300 --> 00:36:14.030
जो दिल से बधाई देते हैं वा लेते हैं वह सदा ही कैसे दिखाई देते हैं ?

54
00:36:21.099 --> 00:36:32.030
संगमयुगी फरिश्ता ।

55
00:36:45.030 --> 00:36:55.300
सभी का यही पुरूषार्थ है ना -

56
00:36:59.059 --> 00:37:15.460
ब्राह्मण सो फरिश्ता और फरिश्ता सो देवता ।

57
00:38:12.659 --> 00:38:39.699
क्योंकि बाप को सब प्रकार के संकल्प वा

58
00:38:40.630 --> 00:38:58.230
जो भी कुछ प्रवृत्ति का , कर्म का बोझ है वह दे दिया है ना ।

59
00:38:59.329 --> 00:39:08.300
बोझ दिया है या थोड़ा सा रह गया है ?

60
00:39:13.929 --> 00:39:23.500
क्योंकि थोड़ा भी बोझ फरिश्ता बनने नहीं देगा

61
00:39:31.559 --> 00:39:49.960
और जब बाप आये हैं बच्चों का बोझ लेने के लिए

62
00:39:59.159 --> 00:40:04.599
तो बोझ देना मुश्किल है क्या !

63
00:40:05.429 --> 00:40:09.230
मुश्किल है या सहज है ?

64
00:40:09.900 --> 00:40:23.460
जो समझते हैं बोझ दे दिया है वह हाथ उठाओ ।

65
00:40:23.460 --> 00:40:25.460
दे दिया है ?

66
00:40:25.460 --> 00:40:29.530
देखना सोच के हाथ उठाना ।

67
00:40:32.099 --> 00:40:35.699
बोझ दे दिया है ?

68
00:40:41.429 --> 00:40:44.260
अच्छा ।

69
00:40:44.260 --> 00:40:47.659
दे दिया है ?

70
00:40:50.159 --> 00:40:51.429
मुबारक हो ।

71
00:40:51.429 --> 00:40:54.929
दे दिया है तो बहुत मुबारक हो ।

72
00:40:56.300 --> 00:41:05.929
और जिन्होंने नहीं दिया है वह किसलिए रखा है ?

73
00:41:07.230 --> 00:41:11.059
बोझ से प्रीत है क्या ?

74
00:41:12.230 --> 00:41:16.360
बोझ अच्छा लगता है ?

75
00:41:20.329 --> 00:41:34.829
देखो बापदादा हर बच्चे को क्या कहते हैं ?

76
00:41:35.500 --> 00:41:45.360
ओ मेरे बेफिकर बादशाह बच्चे ।

77
00:41:52.199 --> 00:41:58.030
तो बोझ का फिकर होता है ना !

78
00:42:16.300 --> 00:42:26.360
तो बोझ लेने के लिए बाप आये हैं

79
00:42:27.099 --> 00:42:54.659
क्योंकि 63 जन्म से बाप देख रहे हैं बोझ उठाते-उठाते सभी बच्चे बहुत भारी हो गये हैं ।

80
00:43:04.099 --> 00:43:33.730
इसलिए जब बाप बच्चों को प्यार से कह रहे हैं बोझ दे दो ।

81
00:43:37.199 --> 00:43:42.030
फिर भी क्यों रख लिया है ?

82
00:43:47.829 --> 00:43:51.960
अच्छा लगता है बोझ ?

83
00:43:58.699 --> 00:44:23.500
सबसे सूक्ष्म बोझ है पुराने संस्कार का ।

84
00:44:28.559 --> 00:44:44.599
बापदादा ने हर बच्चे के इस वर्ष का ,

85
00:44:45.730 --> 00:45:05.030
क्योंकि वर्ष पूरा हो रहा है ना , तो इस वर्ष का चार्ट देखा ।

86
00:45:10.130 --> 00:45:20.929
आप सबने भी अपना-अपना वर्ष का चार्ट चेक किया होगा ?

87
00:45:22.460 --> 00:45:28.360
तो बापदादा ने क्या देखा

88
00:45:33.360 --> 00:46:00.429
कि कई बच्चों को इस पुराने संसार की आकर्षण कम हुई है ?

89
00:46:02.730 --> 00:46:42.360
पुराने सम्बन्ध की भी आकर्षण कम हुई है लेकिन पुराने संस्कार, उसका बोझ मैजारिटी में रहा हुआ है।

90
00:46:47.960 --> 00:47:12.460
किसी न किसी रूप में चाहे मन्सा अशुद्ध संकल्प नहीं

91
00:47:14.300 --> 00:47:45.829
लेकिन व्यर्थ संकल्प का संस्कार अभी भी परसेन्ट में दिखाई देता है ।

92
00:47:49.699 --> 00:47:55.530
वाचा में भी दिखाई देता है ।

93
00:47:57.460 --> 00:48:17.960
सम्बन्ध-सम्पर्क में भी कोई न कोई संस्कार अभी भी दिखाई देता है ।

94
00:48:24.059 --> 00:49:05.059
तो आज बापदादा सभी बच्चों को मुबारक के साथ-साथ यही इशारा देते हैं

95
00:49:10.699 --> 00:49:31.159
कि यह रहा हुआ संस्कार समय पर धोखा देता भी है

96
00:49:31.159 --> 00:49:43.059
और अन्त में भी धोखा देने के निमित्त बन जायेगा ।

97
00:49:48.000 --> 00:50:01.099
इसीलिए आज संस्कार का संस्कार करो ।

98
00:50:09.900 --> 00:50:26.300
हर एक अपने संस्कार को जानता भी है , छोड़ने चाहता भी है , तंग भी है ,

99
00:50:29.500 --> 00:51:03.360
लेकिन सदा के लिए परिवर्तन करने में तीव्र पुरूषार्थी नहीं हैं ।

100
00:51:03.360 --> 00:51:15.130
पुरूषार्थ करते हैं लेकिन तीव्र पुरूषार्थी नहीं हैं ।

101
00:51:27.960 --> 00:51:31.230
कारण ?

102
00:51:31.230 --> 00:51:39.329
तीव्र पुरूषार्थ क्यों नहीं होता ?

103
00:52:00.460 --> 00:52:22.159
कारण यही है , जैसे रावण को मारा भी लेकिन सिर्फ मारा नहीं , जलाया भी ।

104
00:52:27.530 --> 00:52:46.030
ऐसे मारने के लिए पुरूषार्थ करते हैं , थोड़ा बेहोश भी होता है संस्कार ,

105
00:52:50.500 --> 00:53:08.059
लेकिन जलाया नहीं तो बेहोशी से बीच-बीच में उठ जाता है ।

106
00:53:14.159 --> 00:53:39.429
इसके लिए पुराने संस्कार का संस्कार करने के लिए

107
00:53:42.900 --> 00:54:26.230
इस नये वर्ष में योग अग्नि से जलाने का दृढ़ संकल्प का अटेन्शन रखो ।

108
00:54:27.059 --> 00:54:32.000
कहते हैं ना क्या करना है इस नये वर्ष में ?

109
00:54:32.000 --> 00:54:53.900
सेवा की तो बात अलग है लेकिन पहले स्वयं की बात है योग लगाते हो ,

110
00:54:54.500 --> 00:55:08.460
बापदादा बच्चों को योग में अभ्यास करते हुए देखते हैं ।

111
00:55:08.460 --> 00:55:16.230
अमृतवेले भी बहुत पुरूषार्थ करते हैं

112
00:55:18.230 --> 00:55:40.230
लेकिन योग तपस्या , तप के रूप में नहीं करते हैं ।

113
00:55:52.260 --> 00:56:01.829
प्यार से याद जरूर करते हैं , रूहरिहान भी बहुत करते हैं ,

114
00:56:06.059 --> 00:56:13.900
शक्ति भी लेने का अभ्यास करते हैं

115
00:56:18.329 --> 00:56:46.300
लेकिन याद को इतना पावरफुल नहीं बनाया , जो जो संकल्प करो विदाई , तो विदाई हो जाए ।

116
00:56:48.460 --> 00:57:09.230
योग को योग अग्नि के रूप में कार्य में नहीं लगाते ।

117
00:57:20.960 --> 00:57:29.829
इसलिए योग को पावरफुल बनाओ ।

118
00:57:40.260 --> 00:58:08.630
एकाग्रता की शक्ति विशेष संस्कार भस्म करने में आवश्यक है ।

119
00:58:16.300 --> 00:58:57.530
जिस स्वरूप में एकाग्र होने चाहो , जितना समय एकाग्र होने चाहो , ऐसी एकाग्रता संकल्प किया और भस्म ।

120
00:59:02.599 --> 00:59:12.699
इसको कहा जाता है योग अग्नि ।

121
00:59:16.599 --> 00:59:23.360
नामनिशान समाप्त ।

122
00:59:28.900 --> 00:59:36.230
मारने में फिर भी लाश तो रहता है ना ।

123
00:59:36.829 --> 00:59:43.260
भस्म होने के बाद नामनिशान खत्म ।

124
00:59:50.900 --> 01:00:02.460
तो इस वर्ष योग को पावरफुल स्टेज में लाओ ।

125
01:00:11.059 --> 01:00:29.530
जिस स्वरूप में रहने चाहो मास्टर सर्वशक्तिवान , आर्डर करो ,

126
01:00:35.960 --> 01:01:02.130
समाप्त करने की शक्ति आपके आर्डर से नहीं माने , यह हो नहीं सकता ।

127
01:01:02.130 --> 01:01:06.199
मालिक हो ।

128
01:01:10.059 --> 01:01:15.030
मास्टर कहलाते हो ना ?

129
01:01:15.500 --> 01:01:34.500
तो मास्टर आर्डर करे और शक्ति हाजिर नहीं हो तो क्या वह मास्टर है ?

130
01:01:42.900 --> 01:02:11.730
तो बापदादा ने देखा कि पुराने संस्कार का कुछ न कुछ अंश अभी भी रहा हुआ है

131
01:02:12.500 --> 01:02:39.829
और वह अंश बीच-बीच में वंश भी पैदा कर देता है , जो कर्म तक भी काम हो जाता है ।

132
01:02:52.059 --> 01:02:56.530
युद्ध करनी पड़ती है ।

133
01:03:01.829 --> 01:03:25.230
तो बापदादा को बच्चों का समय प्रमाण युद्ध का स्वरूप भाता नहीं है ।

134
01:03:29.099 --> 01:03:48.059
बापदादा हर बच्चे को मालिक के रूप में देखने चाहता ।

135
01:03:50.400 --> 01:03:56.960
आर्डर करो जी हजूर ।

136
01:04:14.059 --> 01:04:22.329
तो सुना इस वर्ष स्व के प्रति क्या करना है ?

137
01:04:25.760 --> 01:05:00.099
शक्तिशाली , बेफिकर बादशाह क्योंकि सभी का लक्ष्य है ,

138
01:05:01.059 --> 01:05:07.900
किसी से भी पूछो तो क्या कहते हैं ?

139
01:05:08.860 --> 01:05:22.159
हम विश्व का राज्य प्राप्त करेंगे , राज्य अधिकारी बनेंगे ।

140
01:05:24.030 --> 01:05:28.530
अपने को राजयोगी कहलाते हैं ।

141
01:05:28.530 --> 01:05:31.929
प्रजायोगी है क्या ?

142
01:05:32.630 --> 01:05:40.030
कोई है सारी सभा में जो प्रजायोगी हो ?

143
01:05:40.030 --> 01:05:42.030
है ?

144
01:05:45.329 --> 01:05:51.030
जो प्रजा योगी हो राजयोगी नहीं हो ।

145
01:05:56.099 --> 01:06:00.659
टीचर्स कोई है ?

146
01:06:00.659 --> 01:06:05.230
आपके सेन्टर पर कोई प्रजायोगी है ?

147
01:06:13.360 --> 01:06:18.900
कहलाते तो सब राजयोगी हैं ।

148
01:06:21.300 --> 01:06:25.829
हाथ कोई नहीं उठाता प्रजा योगी में ।

149
01:06:26.730 --> 01:06:30.900
अच्छा नहीं लगता ना ।

150
01:06:35.000 --> 01:06:39.329
और बाप को भी फखुर है ।

151
01:06:39.329 --> 01:06:53.329
बापदादा फखुर से कहते हैं कि संगम पर भी हर बच्चा राजा बच्चा है ।

152
01:06:53.699 --> 01:07:06.099
कोई बाप ऐसे फलक से नहीं कह सकता कि मेरा एक-एक बच्चा राजा है ।

153
01:07:06.630 --> 01:07:21.230
लेकिन बापदादा कहते हैं कि हर एक बच्चा स्वराज्य अधिकारी राजा है ।

154
01:07:24.159 --> 01:07:31.630
प्रजायोगी में तो हाथ नहीं उठाया ना , तो राजा हो ना !

155
01:07:32.860 --> 01:07:44.699
लेकिन ऐसा ढीलाढाला राजा नहीं बनना जो आर्डर करो और आवे नहीं ।

156
01:07:47.159 --> 01:07:50.500
कमज़ोर राजा नहीं बनना ।

157
01:07:57.699 --> 01:08:00.559
पीछे वाले कौन हो ?

158
01:08:01.760 --> 01:08:11.099
जो समझते हैं राजयोगी हैं वह हाथ उठाओ ।

159
01:08:11.099 --> 01:08:27.029
ऊपर भी बैठे हैं , ( गैलरी में , आज हॉल में 18 हजार भाई-बहनें बैठे हैं ) बापदादा देख रहे हैं , हाथ उठाओ ऊपर वाले ।

160
01:08:41.560 --> 01:08:56.729
तो अभी यह लास्ट टर्न में शुरू हो जायेगा ।

161
01:09:09.500 --> 01:09:29.829
तो तीन मास बापदादा देते हैं , ठीक है देवें ।

162
01:09:36.060 --> 01:09:39.229
होमवर्क देंगे ।

163
01:09:39.229 --> 01:09:53.159
क्योंकि यह बीच-बीच का होमवर्क भी लास्ट पेपर में जमा होगा ।

164
01:09:56.359 --> 01:10:09.359
तो तीन मास में हर एक अपना चार्ट चेक करना

165
01:10:10.159 --> 01:10:27.500
तो मैं मास्टर सर्वशक्तिवान होकर किसी भी कर्मेन्द्रिय को ,

166
01:10:28.560 --> 01:10:57.630
किसी भी शक्ति को जब आर्डर करें , जो आर्डर करें वह प्रैक्टिकल में आर्डर माना या नहीं माना ?

167
01:11:01.960 --> 01:11:05.699
कर सकते हो ?

168
01:11:06.300 --> 01:11:11.130
पहली लाइन वाले कर सकते हो ?

169
01:11:21.560 --> 01:11:25.760
हाथ उठाओ ।

170
01:11:25.760 --> 01:11:27.760
अच्छा ।

171
01:11:27.760 --> 01:11:42.800
तीन मास कोई भी पुराना संस्कार वार नहीं करे ।

172
01:11:45.630 --> 01:11:54.300
अलबेले नहीं बनना , रॉयल अलबेलापन नहीं लाना , हो जायेगा ।

173
01:11:54.300 --> 01:12:08.500
बापदादा से बहुत मीठी मीठी बातें करते हैं , कहते हैं बाबा आप फिकर नहीं करो , हो जाऊँगा ।

174
01:12:16.760 --> 01:12:21.029
बापदादा क्या करेगा ?

175
01:12:21.029 --> 01:12:26.359
सुनकर मुस्कुरा देता है ।

176
01:12:32.630 --> 01:12:51.630
लेकिन बापदादा इन तीन मास में अगर ऐसी बात की तो मानेगा नहीं ।

177
01:12:57.760 --> 01:13:00.529
मंजूर है ।

178
01:13:00.529 --> 01:13:03.659
हाथ उठाओ ।

179
01:13:04.159 --> 01:13:12.060
दिल से हाथ उठाना , सभा के कारण हाथ नहीं उठाना ।

180
01:13:15.359 --> 01:13:26.100
करना ही है , चाहे कुछ भी सहन करना पड़े , कुछ छोड़ना पड़े , कोई हर्जा नहीं ।

181
01:13:26.100 --> 01:13:28.100
करना ही है ।

182
01:13:32.159 --> 01:13:34.100
पक्का ?

183
01:13:34.100 --> 01:13:36.100
पक्का ?

184
01:13:37.100 --> 01:13:39.800
पक्का ?

185
01:13:41.800 --> 01:13:48.960
टीचर्स करना है ?

186
01:13:48.960 --> 01:13:53.460
अच्छा , यह ताज वाले बच्चे क्या करेंगे ?

187
01:13:53.460 --> 01:13:58.159
ताज तो अच्छा पहन लिया है ?

188
01:13:58.630 --> 01:14:01.359
करना पड़ेगा ।

189
01:14:01.359 --> 01:14:03.359
अच्छा ।

190
01:14:03.359 --> 01:14:10.300
देखना बच्चे हाथ उठा रहे हैं ।

191
01:14:11.930 --> 01:14:16.800
अगर नहीं करेंगे तो क्या करें ?

192
01:14:16.800 --> 01:14:20.329
वह भी बता दो ।

193
01:14:28.100 --> 01:14:35.899
फिर बापदादा की सीजन में एक बार आने नहीं देंगे

194
01:14:52.300 --> 01:15:08.100
क्योंकि बापदादा देख रहे हैं कि समय आपका इन्तजार कर रहा है ।

195
01:15:11.560 --> 01:15:36.159
आप समय का इन्तजार करने वाले नहीं हो , आप इन्तजाम करने वाले हो , समय आपका इन्तजार कर रहा है ।

196
01:15:43.760 --> 01:15:52.699
प्रकृति भी , सतोप्रधान प्रकृति आपका आह्वान कर रही है ।

197
01:16:09.659 --> 01:16:34.159
तो तीन मास में अपनी शक्तिशाली स्टेज में रहे हुए संस्कार को परिवर्तन करना ।

198
01:16:35.100 --> 01:16:46.130
अगर तीन मास अटेन्शन रखा ना तो उसका आगे भी अभ्यास हो जायेगा ।

199
01:16:47.560 --> 01:16:58.430
एक बारी विधि आ गई ना परिवर्तन की तो काम में आयेगा बहुत ।

200
01:17:01.859 --> 01:17:12.899
समय का आप इन्तजार नहीं करो , कब विनाश होगा , कब विनाश होगा , सब रूहरिहान में पूछते हैं ,

201
01:17:12.899 --> 01:17:29.430
बाहर से नहीं बोलते लेकिन अन्दर बात करते हैं पता नहीं कब विनाश होगा , दो साल में होगा 10 साल में होगा , कितना साल में होगा ?

202
01:17:34.399 --> 01:17:44.560
आप क्यों समय का इन्तजार करो , समय आपका इन्तजार कर रहा है ।

203
01:17:54.229 --> 01:18:11.329
बाप से पूछते हैं तारीख बता दो , थोड़ा सा वर्ष बता दो , 10 वर्ष लगेंगे , 20 वर्ष लगेंगे , कितना वर्ष लगेंगे ?

204
01:18:17.760 --> 01:18:32.560
बापदादा बच्चों से प्रश्न पूछते हैं कि आप सब बाप समान बन गये हो ?

205
01:18:33.329 --> 01:19:11.930
पर्दा खोलें कि पर्दा खोलेंगे तो कोई कंघी कर रहा है, कोई फेस को क्रीम लगा रहा है,अगर एवररेडी हो, संस्कार समाप्त हो गये तो बापदादा को पर्दा खोलने में क्या देरी लगेगी।

206
01:19:14.260 --> 01:19:21.300
एवररेडी तो हो जाओ ना!

207
01:19:26.500 --> 01:19:33.899
हो जायेंगे , हो जायेंगे कहके बाप को बहुत समय खुश किया है ।

208
01:19:33.899 --> 01:19:38.760
अभी ऐसा नहीं करना ।

209
01:19:40.229 --> 01:19:49.729
होना ही है , करना ही है ।

210
01:20:10.029 --> 01:20:22.760
बाप समान बनना है इसमें तो सभी हाथ उठा देते हैं , उठाने की जरूरत नहीं ।

211
01:20:25.029 --> 01:20:36.899
ब्रह्मा बाप ने देखो साकार में तो ब्रह्मा बाप को फालो करना है ना !

212
01:20:40.460 --> 01:21:10.560
ब्रह्मा बाप ने त्याग , तपस्या और सेवा लास्ट घड़ी तक साकार रूप में प्रैक्टिकल दिखाया ।

213
01:21:16.060 --> 01:21:41.500
अपनी ड्युटी शिव बाप द्वारा महावाक्य उच्चारण की ड्युटी लास्ट दिन तक निभाई ।

214
01:21:48.430 --> 01:21:50.100
याद है ना ?

215
01:21:50.100 --> 01:21:53.560
लास्ट मुरली ।

216
01:21:55.560 --> 01:22:03.560
तीन शब्द का वरदान , याद है ?

217
01:22:03.899 --> 01:22:06.800
जिसको याद है वह हाथ उठाओ ।

218
01:22:06.800 --> 01:22:14.430
अच्छा सभी को याद है , मुबारक हो ।

219
01:22:21.300 --> 01:22:30.130
त्याग भी लास्ट दिन तक किया , अपना पुराना कमरा नहीं छोड़ा ।

220
01:22:42.699 --> 01:23:03.430
बच्चों ने कितना प्यार से ब्रह्मा बाप को कहा लेकिन बच्चों के लिए बनाया , स्वयं नहीं यूज किया ।

221
01:23:11.500 --> 01:23:40.260
और सदा अढ़ाई तीन बजे उठकर स्वयं प्रति तपस्या की , संस्कार भस्म किये तब कमार्कतीत अव्यक्त बने , फरिश्ता बने ।

222
01:23:54.899 --> 01:24:03.100
जो सोचा वह करके दिखाया ।

223
01:24:04.159 --> 01:24:15.930
कहना , सोचना और करना तीनों समान ।

224
01:24:27.260 --> 01:24:32.159
फालो फादर ।

225
01:24:35.329 --> 01:25:06.300
लास्ट तक अपने कर्तव्य में पूर्ण रहे , पत्र भी लिखे , कितने पत्र लिखे ?

226
01:25:10.029 --> 01:25:14.529
सेवा भी नहीं छोड़ी ।

227
01:25:22.960 --> 01:25:27.029
फॉलो फादर ।

228
01:25:35.659 --> 01:26:00.359
अखण्ड महादानी , महादानी नहीं , अखण्ड महादानी का प्रैक्टिकल रूप दिखाया , अन्त तक ।

229
01:26:18.760 --> 01:26:32.829
लास्ट तक बिना आधार के तपस्वी रूप में बैठे ।

230
01:26:34.300 --> 01:26:40.159
अभी बच्चे तो आधार लेते हैं ना , बैठने का ।

231
01:26:42.029 --> 01:26:54.529
लेकिन ब्रह्मा बाप ने आदि से अन्त तक तपस्वी रूप रखा ।

232
01:26:57.529 --> 01:27:03.430
आंखों में चश्मा नहीं डाला ।

233
01:27:20.359 --> 01:27:25.430
यह सूक्ष्म शक्ति है ।

234
01:27:25.430 --> 01:27:29.399
निराधार ।

235
01:27:32.300 --> 01:27:44.300
शरीर पुराना है , दिनप्रतिदिन प्रकृति हवा पानी दूषित हो रहा है

236
01:27:44.300 --> 01:27:55.000
इसलिए बापदादा आपको कहते नहीं हैं , क्यों आधार लेते हो , क्यों चश्मा पहनते हो ,

237
01:27:57.630 --> 01:28:16.100
पहनो भले पहनो , लेकिन शक्तिशाली स्थिति जरूर बनाओ ।

238
01:28:21.960 --> 01:28:30.729
सारी विश्व का कार्य समाप्त किया है ?

239
01:28:30.729 --> 01:28:44.359
बापदादा आपसे प्रश्न पूछता है , आप सभी सन्तुष्ट हो कि विश्व कल्याण का कार्य पूरा हो गया है ?

240
01:28:44.359 --> 01:28:58.100
है , जो समझते हैं कि विश्व कल्याण का कार्य समाप्त हो गया है , वह हाथ उठाओ ।

241
01:29:03.529 --> 01:29:06.100
एक भी नहीं ?

242
01:29:07.430 --> 01:29:11.800
तो कैसे कहते हो विनाश होगा ?

243
01:29:12.600 --> 01:29:17.560
काम तो पूरा किया नहीं ।

244
01:29:21.930 --> 01:29:30.130
सभी पूछते हैं नये वर्ष में क्या करें ?

245
01:29:30.130 --> 01:29:34.130
क्वेश्चन है ।

246
01:29:35.899 --> 01:29:48.060
बापदादा कहते हैं सन्देश देने के मेगा प्रोग्राम तो बहुत किये हैं ,

247
01:29:48.859 --> 01:29:57.829
बापदादा मुबारक देते हैं , किया है अच्छा किया है

248
01:29:58.460 --> 01:30:12.460
लेकिन सन्देश दिया है , अनुभव नहीं कराया है ।

249
01:30:16.159 --> 01:30:38.560
इसके लिए जैसे अभी जहाँ तहाँ एक दो को उमंग उत्साह दिलाते या उमंग-उत्साह देखकरके भी उमंग-उत्साह से किया है ,

250
01:30:39.659 --> 01:31:05.029
रिजल्ट भी अच्छी है लेकिन अब ऐसा प्लैन बनाओ जिसमें रॉयल प्रजा तो बन जाये ।

251
01:31:08.800 --> 01:31:22.060
रॉयल प्रजा अर्थात् नजदीक कनेक्शन में आने वाले ।

252
01:31:23.229 --> 01:31:38.359
सम्बन्ध-सम्पर्क में हैं , पहले तो 9 लाख तैयार करो , अभी 9 लाख हो गये हैं ?

253
01:31:38.359 --> 01:31:40.359
हुए हैं ?

254
01:31:44.600 --> 01:31:50.659
9 लाख हुए हैं ?

255
01:31:51.529 --> 01:31:58.029
कौन लिस्ट निकालता है ?

256
01:32:13.060 --> 01:32:28.300
( लिस्ट अभी आयेगी , पिछले साल की 8 लाख 12 हजार है ) लेकिन 9 लाख अगर तैयार हुए हैं तो किस प्रकार के तैयार हुए हैं , क्या नजदीक रॉयल प्रजा के योग्य हैं ?

257
01:32:29.100 --> 01:32:33.699
यह भी तो चेक करना पड़ेगा ना ।

258
01:32:33.699 --> 01:32:38.699
अच्छा , अभी पोतामेल निकालना ।

259
01:32:38.699 --> 01:32:48.560
एक तो 9 लाख पहले जन्म की प्रजा , रॉयल फैमिली तो चाहिए ना ।

260
01:32:48.560 --> 01:32:57.300
अगर विनाश कल कर दें तो रॉयल प्रजा तैयार है ?

261
01:32:58.430 --> 01:33:01.560
है तैयार ?

262
01:33:03.560 --> 01:33:07.829
कि तैयार करना पड़ेगा ?

263
01:33:10.359 --> 01:33:23.000
ऐसे मिलायेंगे तो मिल भी जायेंगे 9 लाख , लेकिन क्वालिटी भी चाहिए ,

264
01:33:25.000 --> 01:33:31.460
संबंध सम्पर्क वाले मिलायेंगे तो 9 लाख हो जायेगा ।

265
01:33:32.699 --> 01:33:46.630
लेकिन बापदादा कहते हैं पहले जन्म वाली प्रजा तो अच्छे नम्बर वाली होगी ना ।

266
01:33:49.229 --> 01:34:09.060
क्योंकि उन्हों को भी सब वन वन नम्बर मिलना है , वन नम्बर तारीख वन होगी , संवत वन होगा , राजाई वन होगी ,

267
01:34:10.029 --> 01:34:22.829
तो ऐसी क्वालिटी पहले यह चेक करो 9 लाख तैयार हैं ?

268
01:34:28.500 --> 01:34:31.829
रॉयल प्रजा तैयार है ?

269
01:34:31.829 --> 01:34:36.630
रॉयल फैमिली तो तैयार होनी चाहिए ।

270
01:34:37.729 --> 01:34:48.600
है भी , थोड़ा सिर्फ इस वर्ष में संस्कार को खत्म करना ।

271
01:34:51.100 --> 01:35:00.430
बापदादा का यह संकल्प है

272
01:35:00.930 --> 01:35:33.029
कि हर सेन्टर इस योग अभ्यास का आफीशल प्रोग्राम अपने अपने सेन्टर में रखे और लक्ष्य रखे एक ही तारीख पर देश विदेश का समय मिलाकर अखबार में निकले

273
01:35:33.029 --> 01:35:45.260
कि ब्रह्माकुमारियों के इतने सेन्टर्स में एक ही समय यह प्रोग्राम होना है ।

274
01:35:50.300 --> 01:36:01.399
और एम रखो सिर्फ कामेन्ट्री से योग नहीं कराओ , अनुभव कराओ ।

275
01:36:03.960 --> 01:36:11.899
अनुभव पक्का बनाती है ।

276
01:36:13.899 --> 01:36:23.430
एक ही समय पर हर सेन्टर पर एक ही प्रोग्राम हो ।

277
01:36:25.430 --> 01:36:38.000
और हर एक सेन्टर अनुभव क्या किया , वह रिजल्ट लिखे ।

278
01:36:40.000 --> 01:36:51.300
चाहे 3 दिन का प्रोग्राम कराओ चाहे एक दिन का कराओ लेकिन इकट्ठे चारों ओर

279
01:36:54.229 --> 01:37:21.399
जैसे थर्ड सण्डे सभी जगह रखते हो ना , अभी अनुभव कराने का प्रोग्राम चारों ओर एक समय लक्ष्य एक हो , लक्ष्य एक समय एक और चारों ओर हो ।

280
01:37:28.960 --> 01:37:45.229
तो देश वाले भी समझेंगे कि यह विश्व में पीस के लिए इतना इक् एक समय प्रोग्राम रखा है ।

281
01:37:49.960 --> 01:37:56.600
लक्ष्य रखो अनुभवी बनाने का ।

282
01:37:58.600 --> 01:38:06.329
सिर्फ सुनकर चले नहीं जायें , कुछ अनुभव करके जायें ।

283
01:38:07.960 --> 01:38:15.560
आप लोग भी बाप के बने कैसे ?

284
01:38:15.560 --> 01:38:25.899
कुछ न कुछ अनुभव किया , चाहे प्यार किया , चाहे टोली खाके भी प्यार का अनुभव किया ।

285
01:38:33.529 --> 01:38:51.829
बहनों के व्यवहार का अनुभव किया , बहिनों के मुस्कराने का , आजयान ( खातिरी ) करने का अनुभव किया , कुछ न कुछ अनुभव किया तभी बने हो ।

286
01:38:57.500 --> 01:39:06.699
तो ऐसे अनुभवी बनाओ , अभी अखण्ड सेवा करो ।

287
01:39:06.699 --> 01:39:12.529
बहुत सेवा रही हुई है ।

288
01:39:23.729 --> 01:39:24.800
अच्छा ।

289
01:39:24.800 --> 01:39:34.560
आज के दिन मुबारक तो एक दो को दे दी ना ।

290
01:39:35.300 --> 01:39:37.300
दूसरा क्या करते हैं ?

291
01:39:37.300 --> 01:39:39.300
गिफ्ट देते हैं ।

292
01:39:41.829 --> 01:39:58.430
बापदादा के पास भी कितनी गिफ्ट आई है , कार्ड आये हैं बहुत , सुन्दर-सुन्दर गिफ्ट भेजी है , आप लोग उठकर देखना ।

293
01:40:01.229 --> 01:40:14.300
तो वास्तव में जो भी आपके पास आये खाली नहीं जाये ।

294
01:40:19.500 --> 01:40:30.029
चाहे मन्सा से शक्ति देने की गिफ्ट दो ।

295
01:40:30.760 --> 01:40:45.899
चाहे वाणी द्वारा ज्ञान की गिफ्ट दो , कर्म द्वारा गुणों की गिफ्ट दो ।

296
01:40:47.199 --> 01:41:00.930
लेकिन हर एक जो भी सम्बन्ध सम्पर्क में आते हैं उनको गिफ्ट जरूर दो ।

297
01:41:02.500 --> 01:41:20.229
खाली हाथ नहीं भेजो , आप मास्टर दाता हो , मास्टरदाता के पास आवे और खाली हाथ जावे , यह नहीं हो ।

298
01:41:25.630 --> 01:41:31.529
अखण्ड महादानी बनो ।

299
01:41:31.529 --> 01:41:36.000
अखण्ड कह रहे हैं ,

300
01:41:38.000 --> 01:41:52.430
कोई न कोई सेवा करते रहो चाहे मन्सा करो , चाहे वाणी करो , चाहे कर्म करो , चाहे सम्बन्ध सम्पर्क से करो ।

301
01:41:54.430 --> 01:41:58.960
अखण्ड सेवाधारी ।

302
01:42:15.359 --> 01:42:32.600
कई बच्चों को बाप से रूहरिहान करते कई बच्चे सुनाते हैं

303
01:42:32.600 --> 01:42:44.159
कि अमृतवेले सुस्ती का वायब्रेशन थोड़ा होता है ।

304
01:42:48.630 --> 01:42:52.359
उठते जरूर हैं

305
01:42:54.359 --> 01:43:24.729
लेकिन पावरफुल शक्तिशाली रूप से स्व के प्रति वा विश्व के प्रति शक्ति देना ,

306
01:43:26.729 --> 01:43:36.159
वह थोड़ा सा थकावट की रेखा होती है ।

307
01:43:52.829 --> 01:44:11.760
उस समय ऐसे नहीं समझो हम अपने सेन्टर के योग के कमरे में बैठे हैं , बाबा के कमरे में बैठे हैं ,

308
01:44:12.960 --> 01:44:27.960
क्लास रूम में बैठे हैं , लेकिन ऐसे समझो विश्व की स्टेज पर बैठे हैं ।

309
01:44:30.359 --> 01:44:39.399
हीरो पार्टधारी हैं और स्टेज पर बैठे हैं ।

310
01:44:39.399 --> 01:44:50.800
अगर हीरो पार्टधारी थका हुआ पार्ट बजायेगा तो कैसा बजायेगा ?

311
01:44:55.100 --> 01:45:00.699
वायुमण्डल कैसे फैलेगा ?

312
01:45:03.399 --> 01:45:11.560
तो अमृतवेला भी पावरफुल बनाओ ।

313
01:45:12.899 --> 01:45:50.359
नियम अच्छा निभाते हो लेकिन सुनाया ना अभी , योग सर्वशक्तियों से पावरफुल हो , योग अग्नि हो ।

314
01:45:55.760 --> 01:45:59.699
ज्वालामुखी हो ।

315
01:46:26.600 --> 01:46:40.159
तो यह तीन मास विशेष अमृतवेला भी नोट करना ।

316
01:46:56.960 --> 01:47:19.500
बातें बहुत अच्छी-अच्छी करते हैं , प्यार के स्वरूप में भी होते हैं लेकिन ज्वालारूप कम होता है ।

317
01:47:28.359 --> 01:47:50.930
अभी संस्कार का अंश मात्र भी नहीं रहे तब कहेंगे ज्वाला रूप योगी तू आत्मा ।

318
01:48:02.100 --> 01:48:17.529
और साथ-साथ इस नये वर्ष में जो भी खज़ाने हैं ,

319
01:48:18.460 --> 01:48:40.130
ज्ञान का खज़ाना , शक्तियों का , गुणों का , श्रेष्ठसंकल्प का खज़ाना ,

320
01:48:41.800 --> 01:48:54.359
एक तो सफल करो और दूसरा जमा करो ।

321
01:48:55.659 --> 01:49:02.159
जमा भी करो , सफल भी करो ।

322
01:49:11.430 --> 01:49:24.760
क्योंकि आपका टाइटल है , वरदान है सफलता के सितारे ।

323
01:49:28.460 --> 01:49:35.800
है ना आपका टाइटल सफलता के सितारे ?

324
01:49:40.699 --> 01:49:51.460
सभी फलक से कहते हो सफलता हमारे गले का हार है ।

325
01:49:51.960 --> 01:50:01.430
सफलता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है ।

326
01:50:05.899 --> 01:50:20.859
तो सफलतामूर्त हो , सफल करो और जमा भी करो ।

327
01:50:21.560 --> 01:50:38.359
सेवा कितनी भी करते हो लेकिन जमा का खाता हुआ या नहीं हुआ ।

328
01:50:39.229 --> 01:50:53.159
उसकी निशानी या उसकी गोल्डन चाबी है -

329
01:50:53.829 --> 01:51:03.760
निमित्तभाव और निमार्कणभाव , निर्मल वाणी ।

330
01:51:04.430 --> 01:51:08.199
तीनों हैं ?

331
01:51:08.199 --> 01:51:20.430
तीनों में से एक भी कम है , तो सेवा कितनी भी करो जमा का खाता नहीं होता ।

332
01:51:20.529 --> 01:51:24.560
बहुत थोड़ा , नाम मात्र ।

333
01:51:27.960 --> 01:51:37.000
तो बापदादा ने यह भी चेक किया तो सेवा तो बहुत करते

334
01:51:37.000 --> 01:51:54.829
लेकिन जमा का खाता जितना होना चाहिए उतना नहीं उसका कारण , कारण तो समझते हो ना !

335
01:51:54.829 --> 01:52:13.159
एक तो तीन विशेषतायें , निमित्तभाव , मैंपन का भाव मिक्स हो जाता है ।

336
01:52:15.159 --> 01:52:20.399
मैंपन आया , जमा नहीं हुआ ।

337
01:52:20.399 --> 01:52:31.460
कितनी भी मेहनत करो , रात दिन भागदौड़ , दिमाग चलाओ

338
01:52:34.260 --> 01:52:51.359
लेकिन निमित्तभाव , निमार्कणस्वभाव , निर्मलवाणी , यह तीन नहीं है तो जमा नहीं ।

339
01:52:52.560 --> 01:52:58.199
बहुत में बहुत 5 परसेन्ट जमा होता है ।

340
01:53:05.430 --> 01:53:13.159
तो यह भी चेक करना तो जमा हुआ ?

341
01:53:17.229 --> 01:53:31.829
बापदादा बहुत सहज रास्ता बताते हैं , किसीसे भी सम्बन्ध-सम्पर्क में आते हो ,

342
01:53:32.100 --> 01:53:50.430
चाहे लौकिक , चाहे अलौकिक पहले अपने शुभ भावना , शुभ कामना की वृत्ति को चेक करो

343
01:53:52.229 --> 01:54:06.829
और किससे भी मिलते हो , तो सदा आत्मा को देख करके बात करो , आत्मा से बात करते हैं ,

344
01:54:07.100 --> 01:54:31.800
कोई अलौकिक परिवार से बात करते हो , खुशी होनी चाहिए यह कल्प पहले वाली , हर कल्प भाग्य बनाने वाली कोटों में कोई आत्मा है ।

345
01:54:32.029 --> 01:54:35.229
उस भाव से देखो ।

346
01:54:36.359 --> 01:54:44.430
चाहे प्यादा हो , लेकिन है तो कोटों में कोई ।

347
01:54:44.430 --> 01:54:50.029
मेरा बाबा तो कहता है ।

348
01:54:53.500 --> 01:55:10.430
चाहे क्रोधी भी हो , स्वभाव अच्छा नहीं हो , लेकिन आप अपना स्वभाव श्रेष्ठ रखो ।

349
01:55:11.359 --> 01:55:23.560
आप श्रेष्ठ आत्मा के रूप में देखो , श्रेष्ठ आत्मा के स्वरूप में देखो ।

350
01:55:23.560 --> 01:55:29.829
तभी कार्य अच्छा होगा , जमा होगा ।

351
01:55:32.159 --> 01:55:36.760
तो होमवर्क बहुत मिला है इस वर्ष का ।

352
01:55:37.399 --> 01:55:42.329
सभी पूछते हैं ना क्या करें , क्या करें , क्या करें ।

353
01:55:42.329 --> 01:55:47.729
बहुत होम वर्क मिला है ।

354
01:55:50.199 --> 01:56:00.729
फिर बापदादा नम्बरवन सब होम वर्क में पास उसको सौगात देंगे।

355
01:56:00.729 --> 01:56:13.060
चाहे हजार भी हों तो भी देंगे , तैयार करायेंगे सौगात ।

356
01:56:13.060 --> 01:56:18.529
करेंगी ना ?

357
01:56:26.659 --> 01:56:35.630
लेकिन सर्टीफिकेट लेंगे , ऐसे नहीं आप कहेंगे बाबा मान जायेगा , नहीं ।

358
01:56:36.630 --> 01:56:43.430
साथियों से सर्टीफिकेट भी लेंगे ।

359
01:56:51.630 --> 01:57:10.260
पहले मन का सर्टीफिकेट फिर ब्राह्मण परिवार के साथियों का सर्टीफिकेट और तीसरा है बाप का सर्टीफिकेट ।

360
01:57:18.260 --> 01:57:21.399
तो लेंगे ना सर्टीफिकेट ।

361
01:57:21.399 --> 01:57:25.100
हिम्मत है ना ।

362
01:57:25.699 --> 01:57:39.100
जो समझते हैं हम सर्टीफिकेट लेकर ही छोड़ेंगे , दृढ़निश्चय है , यह तो यूथ भी उठा रहा है ।

363
01:57:39.100 --> 01:57:43.600
यूथ ग्रुप भी उठा रहा है ।

364
01:57:43.600 --> 01:57:45.600
अच्छा है ।

365
01:57:45.600 --> 01:57:50.899
डबल फारेनर्स भी उठा रहे हैं ।

366
01:57:57.560 --> 01:58:01.699
यह सामने वाले नहीं उठा रहे हैं ।

367
01:58:01.699 --> 01:58:12.659
हाथ लम्बा उठाओ , करके दिखायेंगे ।

368
01:58:24.229 --> 01:58:30.600
फिर तो बहुत सौगातें तैयार करनी पड़ेंगी ।

369
01:58:33.229 --> 01:58:41.029
आपकी तैयारी के पीछे सौगात तो कुछ भी नहीं है ।

370
01:58:41.029 --> 01:58:46.460
पहले तो परमात्म दिलतख्त मिलेगा ।

371
01:58:46.930 --> 01:58:50.229
लेकिन सौगात देंगे ।

372
01:58:59.659 --> 01:59:02.159
अच्छा ।

373
01:59:02.159 --> 01:59:06.060
अभी क्या करना है ?

374
01:59:25.199 --> 01:59:56.560
सेवा का टर्न , ईस्टर्न , नेपाल और तामिलनाडु जोन का है :- बापदादा ने देखा है कि जिस भी जोन को टर्न मिलता है ,

375
01:59:56.560 --> 02:00:13.930
बड़े उमंग-उत्साह से और बहुत बड़ी संख्या में इकट्ठे होते हैं , खुशी होती है , गोल्डन चांस मिलता है ना ।

376
02:00:14.560 --> 02:00:17.500
तो देखो कितने हैं ?

377
02:00:17.500 --> 02:00:23.500
आधा लश्कर हाल में वही है ।

378
02:00:25.300 --> 02:00:29.500
तीनों जोन मिलाकर 5 हजार है ।

379
02:00:35.500 --> 02:00:39.829
देखो एरिया भी बहुत बड़ी है ।

380
02:00:40.630 --> 02:00:49.829
3-4 स्टेट अलग-अलग एक ही जोन में हैं ।

381
02:00:52.630 --> 02:01:09.500
7 स्टेट का एक जोन ।

382
02:01:10.359 --> 02:01:29.430
अच्छा कितने भी हो लेकिन ईस्टर्न जोन की विशेषता है कि सूर्य ईस्ट से ही निकलता है ।

383
02:01:29.430 --> 02:01:33.430
निकलता है ना ?

384
02:01:33.430 --> 02:01:42.630
और ज्ञान सूर्य की प्रवेशता भी ईस्ट से हुआ है ।

385
02:01:42.630 --> 02:01:47.500
अच्छा अभी बाकी क्या रहा है ?

386
02:01:47.500 --> 02:01:51.760
एक काम रह गया है ।

387
02:01:52.760 --> 02:02:04.630
जब दो बातें कर ली हैं , सूर्य भी उदय हुआ , ज्ञान सूर्य भी उदय हुआ

388
02:02:04.630 --> 02:02:16.029
लेकिन प्रत्यक्षता का झण्डा ईस्टर्न से होना चाहिए ।

389
02:02:19.829 --> 02:02:24.529
हाँ उसके लिए कुछ करो ।

390
02:02:26.029 --> 02:02:41.300
ऐसा प्लैन बनाओ जो प्रत्यक्षता का झण्डा आरम्भ ही ईस्टर्न से हो , फैलेगा तो विश्व में ही ।

391
02:02:42.600 --> 02:02:50.500
यहाँ बैठकर मीटिंग करना , क्या करें ,

392
02:02:51.430 --> 02:03:05.060
हर एक जोन समझता है हम निमित्त बनेंगे , प्रत्यक्षता का झण्डा फहराने के लिए ।

393
02:03:05.060 --> 02:03:16.460
करो सब प्रयत्न करो लेकिन बापदादा कहते ईस्टर्न को नम्बरवन जाना चाहिए।

394
02:03:17.100 --> 02:03:19.329
जायेंगे ?

395
02:03:19.329 --> 02:03:22.899
प्रत्यक्ष करना पड़ेगा ।

396
02:03:22.899 --> 02:03:28.199
आवाज फैलाना पड़ेगा ।

397
02:03:31.329 --> 02:03:41.029
अच्छा है कर सकते हैं ।

398
02:03:44.760 --> 02:04:09.600
एक-एक स्टेट में ग्रुप बनाओ , जो मन वाणी कर्म सम्बन्ध संपर्क में तीव्र पुरूषार्थी हो ।

399
02:04:10.859 --> 02:04:22.300
फिर उन्हों का संगठन करो , एक दो में राय लो-दो तो हो जायेगा ।

400
02:04:25.060 --> 02:04:28.659
करना तो पड़ेगा ।

401
02:04:29.229 --> 02:04:32.699
तीव्र पुरूषार्थ करना पड़ेगा ।

402
02:04:32.699 --> 02:04:38.899
ऐसे नहीं ठीक चल रहा है , जिज्ञासु आ रहे हैं , नहीं ।

403
02:04:39.859 --> 02:04:53.800
लेकिन प्रत्यक्षता का झण्डा लहराने का विशेष प्रोग्राम करना पड़ेगा ।

404
02:04:54.100 --> 02:05:02.399
यह मेगा प्रोग्राम नहीं कह रहे हैं , वह तो किया बहुत अच्छा हुआ ।

405
02:05:03.430 --> 02:05:11.659
लेकिन प्रत्यक्षता का झण्डा हो ।

406
02:05:15.460 --> 02:05:24.760
बहुत स्टेट हैं , मिलके कर सकते हो ।

407
02:05:28.359 --> 02:05:31.630
करेंगे पीछे वाले ?

408
02:05:31.630 --> 02:05:35.060
जो भी आये हैं करेंगे ?

409
02:05:35.060 --> 02:05:38.899
कितने टाइम में करेंगे ?

410
02:05:38.899 --> 02:05:42.760
प्लैन तो बनाओ ।

411
02:05:43.829 --> 02:05:48.899
बापदादा प्लैन देखेगा ना ।

412
02:05:51.430 --> 02:05:59.630
दिल्ली वाले भी सोचते हैं कि दिल्ली से प्रत्यक्षता का झण्डा हो ।

413
02:06:01.960 --> 02:06:05.029
धरनी तो है ।

414
02:06:05.029 --> 02:06:08.100
लेकिन प्लैन बनाओ ।

415
02:06:08.100 --> 02:06:13.029
कैसे प्रत्यक्षता का झण्डा लहरायेंगे ।

416
02:06:14.399 --> 02:06:18.659
उसके लिए क्या सोचा है ?

417
02:06:21.260 --> 02:06:39.800
प्रोग्राम तो करते हो , वह तो करना ही है लेकिन यह आवाज कोई भी रेडियो खोले , कोई भी टी वी का स्विच खोले

418
02:06:39.800 --> 02:06:50.229
तो यह आवाज आवे हमारा शिवबाबा आ गया ।

419
02:06:59.359 --> 02:07:04.260
तब कहेंगे प्रत्यक्षता का झण्डा लहराया ।

420
02:07:05.229 --> 02:07:13.199
अच्छा मीडिया वाले सोच रहे हैं कि हम करेंगे , कोई भी करो

421
02:07:15.199 --> 02:07:28.100
लेकिन सभी रेडियो में , चाहे विदेश में , चाहे देश में जहाँ भी खोलें स्विच यही आवाज आवे ।

422
02:07:28.960 --> 02:07:34.600
इसको कहते हैं प्रत्यक्षता का झण्डा ।

423
02:07:41.560 --> 02:07:43.100
कौन करेगा ?

424
02:07:43.100 --> 02:07:48.630
विदेश करेगा , विदेश में होगा ?

425
02:07:49.630 --> 02:07:56.100
करो , कोई भी करो , फर्स्ट प्राइज लो ।

426
02:08:01.760 --> 02:08:09.960
यह धूम मचनी चाहिए , आ गया , आ गया , आ गया ।

427
02:08:21.460 --> 02:08:30.859
अच्छा है संख्या तो बहुत है , अभी करना कमाल ।

428
02:08:30.859 --> 02:08:35.229
नम्बर तो फर्स्ट लेना अच्छा है ना ।

429
02:08:35.229 --> 02:08:38.699
सेकण्ड थर्ड में क्या मजा ।

430
02:08:38.699 --> 02:08:40.699
फर्स्ट ।

431
02:08:46.130 --> 02:08:47.699
अच्छा ।

432
02:08:47.699 --> 02:08:51.899
बहुत अच्छा पार्ट बजा रहे हैं ।

433
02:08:52.359 --> 02:09:02.000
बापदादा ने देखा है सहयोगी एक दो के बहुत अच्छे हैं ।

434
02:09:03.100 --> 02:09:10.659
समाचार मिलता है , जहाँ भी प्रोग्राम होता है

435
02:09:10.659 --> 02:09:25.029
वहाँ एक दो के सहयोगी बनके कार्य सफल कर देते हैं इसकी बापदादा विशेष मुबारक दे रहे हैं ।

436
02:09:32.029 --> 02:09:36.329
अभी जलवा दिखाओ ।

437
02:09:43.300 --> 02:09:52.529
एक गीत है ना आप लोगों का जलवा देखा वह तेरा हो गया ।

438
02:09:57.760 --> 02:10:06.060
अभी यह गीत मुख से गावें , दुनिया गावे ।

439
02:10:08.229 --> 02:10:11.529
अच्छा ।

440
02:10:27.159 --> 02:11:24.199
ज्युरिस्ट विंगः अच्छा प्लैन बना रहे हैं ?

441
02:11:33.260 --> 02:11:43.800
( गीता का भगवान सिद्ध करेंगे ) प्लैन बहुत अच्छा है

442
02:11:44.760 --> 02:12:03.630
लेकिन गीता का भगवान सिद्ध करने के लिए पहले आपस में राय करो , प्वाइंटस निकालो , यह अच्छा है

443
02:12:03.630 --> 02:12:14.930
लेकिन कोई ऐसे अथॉरिटी वालों को भी साथ में मिलाओ ।

444
02:12:17.100 --> 02:12:25.899
उनको पहले सैटिस्फाय करके उन्हों को साथी बनाओ ।

445
02:13:12.460 --> 02:13:22.260
दो चार ऐसे साथी हों जो इस बात को सिद्ध करने में साथी बनें ।

446
02:13:46.399 --> 02:13:51.399
गीता की अथॉरिटी रखने वालों को साथी बनाओ ।

447
02:14:40.760 --> 02:14:47.159
( इसके लिए दो जज तैयार हैं ) अच्छा है , प्लैन बनाओ , फिर दिखाना ।

448
02:15:18.729 --> 02:16:05.430
डबल विदेशी 45 देशों से आये हैं :- अच्छा बच्चे भी हैं , यूथ भी हैं ।

449
02:16:18.760 --> 02:16:38.200
डबल विदेशी को बापदादा टाइटल देते हैं डबल तीव्र पुरूषार्थी

450
02:16:44.829 --> 02:17:03.899
क्योंकि विदेशियों के संस्कार हैं जो सोचते हैं वह करते हैं , चाहे उल्टा हो , चाहे सुल्टा हो ।

451
02:17:10.959 --> 02:17:21.500
करने में हिम्मत रखते हैं ।

452
02:17:21.500 --> 02:17:40.000
तो इसी हिम्मत को आध्यात्मिक पुरूषार्थ में और सेवा में कार्य में लगाओ ।

453
02:17:43.530 --> 02:17:59.159
बापदादा ने देखा है कि प्लैन को प्रैक्टिकल लाने में लक्ष्य अच्छा रखते हैं ।

454
02:18:02.459 --> 02:18:18.700
तो हो सकता है कि इन्डिया को जगाने के लिए पहले आवाज विदेश से निकले ।

455
02:18:20.500 --> 02:18:29.030
विदेश का आवाज इन्डिया में आवे यह भी हो सकता है ना !

456
02:18:36.559 --> 02:18:53.360
बापदादा को याद है पहले शुरू शुरू में जब इन्डिया में बड़े प्रोग्राम होते थे

457
02:18:54.059 --> 02:19:12.600
तो विदेश का कोई न कोई अथॉरिटी वाला आता था और वह भाषण करता था अखबारों में आता था ।

458
02:19:14.600 --> 02:19:22.399
अभी बहुत समय से ऐसे विशेष सभा के बीच में नहीं आये हैं ।

459
02:19:22.659 --> 02:19:25.059
अलग आये हैं ।

460
02:19:26.329 --> 02:19:34.229
रिट्रीट होता है प्रोग्राम भी चलता है

461
02:19:34.229 --> 02:19:52.729
लेकिन जैसे पहले विशेष आत्मायें संगठन में बोलती थी , ऐसा अच्छा होता है ।

462
02:19:54.729 --> 02:20:03.299
अभी 70 साल का प्रोग्राम बनायेंगे ना , उसमें कोशिश करो ।

463
02:20:05.299 --> 02:20:10.959
क्योंकि अखबार वाले इन्ट्रेस्ट से लेते हैं ।

464
02:20:17.559 --> 02:20:31.930
बाकी वृद्धि अच्छी हो रही है , प्रोग्राम्स भी अच्छे कर रहे हो उसकी मुबारक है ।

465
02:20:38.200 --> 02:20:50.729
पहले संख्या वहाँ भी प्रोग्राम में कम आती थी , अभी संख्या अच्छी आती है ।

466
02:20:56.700 --> 02:21:12.100
और अच्छे-अच्छे वारिस क्वालिटी भी निकल रही है ।

467
02:21:24.159 --> 02:21:32.260
लेकिन तीन मास में विदेश वाले नम्बरवन लेंगे?

468
02:21:32.260 --> 02:21:40.360
फर्स्ट नम्बर लेंगे ?

469
02:21:41.799 --> 02:21:46.100
जो लेंगे वह हाथ उठाओ ।

470
02:21:46.100 --> 02:21:51.700
तीन सर्टीफिकेट लेने पड़ेंगे ।

471
02:21:53.360 --> 02:21:57.729
हिम्मत रखो ।

472
02:22:04.260 --> 02:22:13.559
विदेशियों के लिए सोचते हैं इन्हों का कल्चर अलग है

473
02:22:13.559 --> 02:22:22.299
लेकिन विदेश वाले इन्डिया से भी आगे नम्बर ले सकते हैं ।

474
02:22:24.299 --> 02:22:32.860
महान तपस्वी बनने में नम्बरवन।

475
02:22:34.860 --> 02:22:38.360
हो सकता है ना !

476
02:22:38.899 --> 02:22:41.500
होना ही है ।

477
02:22:45.829 --> 02:22:48.530
हो सकता है ।

478
02:22:49.360 --> 02:22:57.600
क्योंकि विदेशियों में दृढ़ता का संस्कार है ,

479
02:22:58.430 --> 02:23:07.229
अभी इसमें सिर्फ दृढ़ता का संस्कार यूज करो , हो जायेगा ।

480
02:23:13.659 --> 02:23:15.899
ठीक है ना ।

481
02:23:17.329 --> 02:23:22.530
नम्बरवन लेना है ना।

482
02:23:25.360 --> 02:23:27.799
अच्छा ।

483
02:23:28.729 --> 02:23:42.700
विदेशी हर टर्न में आते हैं तो सभा सज जाती है , इन्टरनेशनल हो जाती है ना ।

484
02:23:47.799 --> 02:23:50.360
बहुत अच्छा ।

485
02:23:50.659 --> 02:23:58.629
अच्छा यह सामने वाला ग्रुप ( सिन्धी ग्रुप ) क्या करेगा ?

486
02:23:58.629 --> 02:24:11.459
लाइन में तो अच्छे खड़े हो , वृद्धि भी अच्छी कर रहे हो इसकी तो मुबारक है ,

487
02:24:12.530 --> 02:24:25.860
अच्छा , बापदादा पूछते हैं कुछ समय पहले इसी ग्रुप ने कहा था ,

488
02:24:25.860 --> 02:24:37.059
कि हम एक-एक एक ऐसा तैयार करके लायेंगे , याद है ?

489
02:24:45.500 --> 02:24:54.329
एक-एक ने एक को तैयार किया है , अपने से भी आगे ?

490
02:24:54.329 --> 02:25:09.629
जिसने किया है वह हाथ उठाओ और यहाँ तक लाया है वह हाथ उठाओ ।

491
02:25:13.299 --> 02:25:16.500
अच्छा ।

492
02:25:32.399 --> 02:25:42.930
निभाया है , मुबारक हो , उसकी बहुत बहुत मुबारक हो लेकिन अभी और भी लाना पड़ेगा ।

493
02:25:42.930 --> 02:26:08.030
वृद्धि तो चाहिए ना और जहाँ सिन्ध में बाप आया , वहाँ के देश वाले हमजिन्स को तो जगाना है ना ।

494
02:26:10.030 --> 02:26:12.930
तरस तो पड़ता है ना ।

495
02:26:12.930 --> 02:26:22.000
फलक से आप कहते हो ना , शिवबाबा आया तो सिन्ध में ना ।

496
02:26:25.930 --> 02:26:30.930
तो करना , कमाल करके दिखाना ।

497
02:26:31.430 --> 02:26:37.299
अच्छे अच्छे हैं , कर सकते हैं ।

498
02:26:42.229 --> 02:26:45.760
क्या कहते हैं ?

499
02:26:57.899 --> 02:27:39.399
( अभी नहीं करेंगे तो कभी करेंगे , बाबा की बहुत बहुत दुआयें हैं तो जरूर करेंगे ) ब्राह्मण परिवार में टोटल कितने सिन्धी होंगे ?

500
02:27:39.899 --> 02:27:46.229
हिसाब में तो थोड़े हैं ।

501
02:27:46.229 --> 02:28:04.659
( इस ग्रुप में 32 आये हैं ) अभी कम से कम 100 के करीब तो लाओ ।

502
02:28:06.260 --> 02:28:11.000
100 नहीं ला सकते हो ?

503
02:28:11.000 --> 02:28:37.959
( 108 लायेंगे ) छोटे बच्चे , छोटे बच्चों को अपने दोस्तों को लाओ ।

504
02:28:43.100 --> 02:28:47.559
बापदादा खुश है ।

505
02:28:47.559 --> 02:28:54.700
हिम्मत रख रहे हैं और मदद भी मिल रही है ।

506
02:28:54.700 --> 02:28:59.559
इसलिए आप भी खुश , बाप भी खुश ।

507
02:29:17.500 --> 02:29:48.899
कलचरल विंग :- क्या प्लैन बनाया है ?

508
02:29:52.430 --> 02:30:20.829
कोई ऐसे निकालो जिसका आवाज फैले ।

509
02:30:22.430 --> 02:30:30.899
हर एक ग्रुप को माइक , माइट वाला तैयार करना है ।

510
02:30:32.299 --> 02:30:34.760
हो जायेगा ।

511
02:30:34.760 --> 02:30:47.559
क्योंकि आजकल तो बहुत चारों ओर कलचरल बहुत अच्छा चलता है , सभी का इन्ट्रेस्ट भी है ।

512
02:30:48.459 --> 02:31:01.059
सिर्फ ऐसा आवाज फैलाने वाला कोई निमित्त बनेगा तो अनेकों का कल्याण हो जायेगा ।

513
02:31:02.799 --> 02:31:20.700
बाकी अच्छा है प्रोग्राम बनाते रहते हो , करते रहते हो , जितना प्यार से करते हैं उतना अच्छा ही होता है , रिजल्ट भी अच्छी ।

514
02:31:22.260 --> 02:31:34.229
अभी ऐसा कोई माइक निकालके लाना , जिसकी आवाज सुन करके अनेकों का कल्याण हो ।

515
02:31:56.959 --> 02:32:03.829
बहुत अच्छा और आगे बढ़ते चलो ।

516
02:32:52.100 --> 02:33:48.329
इन्टरनेशनल यूथ ग्रुप :- अच्छा यूथ वाले भी आवाज फैलाने के लिए प्रोग्राम अच्छे बना रहे हैं ।

517
02:33:51.829 --> 02:34:01.760
और स्व पुरूषार्थ के लिए भी अच्छे प्रोग्राम बना रहे हैं ।

518
02:34:03.299 --> 02:34:28.829
बापदादा ने समाचार सुना है , खुशखबरी भी सुनी कि परिवर्तन किया है और आगे भी परिवर्तन कायम रखेंगे ।

519
02:34:29.200 --> 02:34:40.459
फरिश्ता स्वरूप के धारणा के समीप आ रहे हैं ।

520
02:34:41.100 --> 02:34:56.799
तो जो अपने में परिवर्तन किया , वह वहाँ जाके भी रहेगा या थोड़ा-थोड़ा कम हो जायेगा ?

521
02:34:57.659 --> 02:35:00.159
रहेगा ।

522
02:35:00.700 --> 02:35:06.629
जो समझते हैं सदा रहेगा , वह हाथ उठाओ ।

523
02:35:10.559 --> 02:35:25.629
क्योंकि बापदादा ने रिजल्ट सुनी है , कि परिवर्तन रीयलाइजेशन अच्छी की है

524
02:35:26.899 --> 02:35:40.299
और यूथ ग्रुप ऐसा हो जाए सदा के लिए तो बहुत विश्व में नाम करेंगे ।

525
02:35:46.229 --> 02:35:50.899
अच्छा उमंग-उत्साह दिखाया है ।

526
02:35:50.899 --> 02:36:07.530
बापदादा बच्चों की हिम्मत और उमंग-उत्साह पर खुश है लेकिन सदा शब्द याद रखना ।

527
02:36:12.430 --> 02:36:22.000
ब्राह्मण आत्मायें जो चाहे वह कर सकती हैं ।

528
02:36:25.959 --> 02:36:44.629
और अभी तो बापदादा ने होम वर्क दे दिया है , देखेंगे , कितने यूथ ग्रुप इसमें नम्बर लेते हैं , प्राइज लेते हैं ।

529
02:36:44.629 --> 02:36:49.559
लेंगे ना प्राइज ?

530
02:36:54.229 --> 02:36:58.100
अच्छा ।

531
02:37:05.500 --> 02:37:22.829
( 33 देशों के 150 यूथ ने भाग लिया है ) अच्छा है ।

532
02:37:22.829 --> 02:37:28.159
हर वर्ष करते रहते हैं यह बहुत अच्छा है ।

533
02:37:28.899 --> 02:37:33.760
आगे बढ़ रहे हैं यह भी अच्छा ।

534
02:37:35.399 --> 02:37:41.299
अच्छी मेहनत की है ।

535
02:37:41.829 --> 02:39:29.629
इन्टरनेशनल चिल्ड्रेन ग्रुपः ( बच्चों ने गीत गाया बाबा आपने कमाल कर दिया ) आप भी कमाल करके दिखाना ।

536
02:39:29.629 --> 02:39:36.799
बाप ने कमाल की , अभी आपको करनी है ।

537
02:39:47.329 --> 02:39:52.059
बैठ जाओ ।

538
02:39:59.930 --> 02:41:13.959
तामिलनाडु जोन भी सेवा में आया है :- अच्छा है , है छोटा लेकिन शक्ति अच्छी है ।

539
02:41:16.930 --> 02:41:45.799
तामिलनाडु ने एक ऐसा वी आई पी निकाला , निकाला तो तामिलनाडु ने , जो आज प्रेजीडेंन्ट है वह कनेक्शन में तो तामिलनाडु से आया ,

540
02:41:46.829 --> 02:41:57.459
तो अच्छा जैसे एक निकाला ना ऐसे अभी और निमित्त बनाओ ।

541
02:41:59.459 --> 02:42:18.430
उसका आवाज भी कुछ तो काम कर रहा है ना तो ऐसे अगर निमित्त बनाते रहेंगे तो छोटा सुभान अल्ला हो जायेगा ।

542
02:42:19.760 --> 02:42:25.629
वैसे संख्या तो काफी है , अच्छी संख्या है ।

543
02:42:25.629 --> 02:43:04.260
टोटल कितने हैं ( 12 हजार भाई बहिनें हैं ) अच्छा है , छोटा भले हो लेकिन कमाल तो अच्छी की है ना , तो बापदादा को अच्छा लगता है ।

544
02:43:04.260 --> 02:43:09.930
प्लैन बनाते जाओ , करते जाओ ।

545
02:43:09.930 --> 02:43:15.559
सेवा में भी सहयोग अच्छा दिया है ।

546
02:43:15.559 --> 02:43:27.299
गोल्डन चांस लिया है और गोल्डन दुनिया लाने के निमित्त बनना ही है ।

547
02:43:27.299 --> 02:43:30.700
बहुत अच्छा ।

548
02:43:46.629 --> 02:43:50.200
अच्छा ।

549
02:43:54.930 --> 02:44:32.229
चारों ओर के बच्चों के कार्ड , पत्र और ईमेल द्वारा भिन्न-भिन्न साधनों द्वारा मुबारक के समाचार पहुंचे हैं ,

550
02:44:32.229 --> 02:44:58.659
बापदादा , जिन्होंने भी मुबारक भेजी है , उन सभी को पदम-पदम गुणा मुबारक दे रहे हैं ।

551
02:44:59.729 --> 02:45:14.530
बापदादा तो दूर बैठे बच्चों को सम्मुख ही देख रहे हैं ।

552
02:45:15.959 --> 02:45:33.700
कितने उमंग उत्साह से अपने अपने स्थानों पर बैठे हैं , सुन रहे हैं ,

553
02:45:34.559 --> 02:45:48.799
यह देख करके बापदादा भी खुश है , बच्चे भी खुश हैं , और मुबारक ले रहे हैं , दे रहे हैं ।

554
02:45:56.059 --> 02:46:07.059
बापदादा ने समाचार सुना कि रात को भी दिन बना देते हैं ।

555
02:46:11.229 --> 02:46:26.629
तो ऐसे बच्चों को कितने बार दिल की दुआयें और प्यार दें ।

556
02:46:29.700 --> 02:46:39.229
उमंग उत्साह अच्छा है और अच्छे ते अच्छा रहेगा ।

557
02:46:39.700 --> 02:46:53.629
अभी दूर बैठे वाले सभी अपने को प्राइज में नम्बरवन बनाना।

558
02:47:01.100 --> 02:47:04.899
अच्छा ।

559
02:47:06.200 --> 02:47:52.860
जो पहली बार आये हैं वह उठो , अच्छा है बापदादा सभी बच्चों को देख देख हर्षित हो रहे हैं ।

560
02:47:57.760 --> 02:48:11.829
जो नये आये हैं वह और ही लास्ट सो फास्ट , फर्स्ट जाके दिखाना ।

561
02:48:22.229 --> 02:48:27.329
अच्छा है , वृद्धि तो हो रही है ।

562
02:48:30.829 --> 02:48:35.829
हर टर्न में नये-नये आते हैं ।

563
02:48:36.829 --> 02:48:57.899
अभी सिर्फ अमर रहना औरों को भी अमर बनाना , अमरभव का वरदान सदा अपने आपको देते रहना ।

564
02:49:01.229 --> 02:49:02.659
अच्छा ।

565
02:49:02.659 --> 02:49:10.899
मातायें ज्यादा हैं , संगम पर माताओं का टर्न है ।

566
02:49:11.629 --> 02:49:15.829
पाण्डव भी कम नहीं हैं , अच्छे हैं ।

567
02:49:16.860 --> 02:49:24.030
अच्छा , पाण्डव बैठ जाओ , मातायें खड़ी रहो ।

568
02:49:34.159 --> 02:49:38.159
मातायें ज्यादा हैं ।

569
02:50:31.799 --> 02:50:35.500
अच्छा ।

570
02:50:42.329 --> 02:50:48.500
आज तो सभी को बैठना ही है ।

571
02:51:07.299 --> 02:51:24.360
चारों ओर के सदा उमंग-उत्साह में आगे बढ़ने वाले ,

572
02:51:25.260 --> 02:51:49.399
सदा हिम्मत से बापदादा की पदमगुणा मदद के पात्र बच्चों को ,

573
02:51:51.000 --> 02:52:15.760
सदा विजयी रत्न हैं , हर कल्प में विजयी बने थे , अब भी हैं और हर कल्प में विजयी हैं ही हैं ।

574
02:52:16.700 --> 02:52:32.959
ऐसे विजयी बच्चों को सदा एक बाप दूसरा न कोई ,

575
02:52:34.129 --> 02:52:50.760
न संसार की आकर्षण , न संस्कार की आकर्षण , दोनों आकर्षण से मुक्त रहने वाले ,

576
02:52:52.760 --> 02:53:14.399
सदा बाप समान बच्चों को बापदादा का यादप्यार और नमस्ते ।

