WEBVTT

1
00:13:27.429 --> 00:13:47.100
आज स्नेह का दिन है ।

2
00:13:53.799 --> 00:14:39.549
चारों ओर के सभी बच्चे स्नेह के सागर में समाये हुए हैं ।

3
00:14:50.259 --> 00:15:09.639
यह स्नेह सहजयोगी बनाने वाला है ।

4
00:15:18.659 --> 00:15:56.799
स्नेह सर्व अन्य आकर्षण से परे करने वाला है ।

5
00:16:12.399 --> 00:16:46.659
स्नेह का वरदान आप सभी बच्चों को जन्म का वरदान है ।

6
00:17:04.839 --> 00:17:28.079
स्नेह में परिवर्तन कराने की शक्ति है ।

7
00:17:39.019 --> 00:18:17.769
तो आज के दिन दो प्रकार के बच्चे चारों ओर देखे ।

8
00:18:26.309 --> 00:19:07.420
लवली बच्चे तो सभी हैं लेकिन एक हैं लवली बच्चे दूसरे हैं लवलीन बच्चे ।

9
00:19:29.549 --> 00:20:29.329
लवलीन बच्चे हर संकल्प , हर श्वांस में , हर बोल , हर कर्म में

10
00:20:39.109 --> 00:21:34.710
स्वतः ही बाप समान सहज रहते हैं , क्यों ?

11
00:21:47.019 --> 00:22:21.950
बच्चों को बाप ने समर्थ भव का वरदान दिया है ।

12
00:22:29.950 --> 00:23:01.859
आज के दिन को स्मृति सो समर्थ दिवस कहते हो , क्यों ?

13
00:23:03.369 --> 00:23:32.220
बाप ने आज के दिन स्वयं को बैकबोन बनाया

14
00:23:38.309 --> 00:24:17.109
और लवलीन बच्चों को विश्व की स्टेज पर प्रत्यक्ष किया ।

15
00:24:40.970 --> 00:25:23.640
व्यक्त में प्रत्यक्ष बच्चों को किया और स्वयं अव्यक्त रूप में साथी बने ।

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00:25:29.910 --> 00:25:54.079
आज का यह स्मृति सो समर्थ दिवस बच्चों को

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00:26:01.680 --> 00:26:33.859
बालक सो मालिक बनाए सर्व शक्तिवान बाप को

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00:26:41.819 --> 00:27:06.079
मास्टर सर्वशक्तिवान बन प्रत्यक्ष करने का कार्य दिया

19
00:27:13.680 --> 00:27:29.769
और बाप देखके खुश है

20
00:27:30.619 --> 00:27:59.200
कि यथायोग तथा शक्ति सभी बच्चे बाप को प्रत्यक्ष करना

21
00:28:01.680 --> 00:28:32.880
अर्थात् विश्व कल्याण कर विश्व परिवर्तन करने के कार्य में लगे हुए हैं ।

22
00:28:42.750 --> 00:29:24.079
बाप द्वारा सर्वशक्तियों का वर्सा जो मिला हुआ है

23
00:29:28.000 --> 00:29:49.460
वह स्व प्रति और विश्व की आत्माओं के प्रति कार्य में लगा रहे हैं ।

24
00:30:11.150 --> 00:30:35.549
बापदादा भी ऐसे मास्टर सर्वशक्तिवान

25
00:30:49.509 --> 00:31:28.349
बाप समान उमंग-उत्साह में रहने वाले आलराउण्ड सेवाधारी ,

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00:31:33.109 --> 00:32:27.329
निःस्वार्थ सेवाधारी , बेहद के सेवाधारी बच्चों को पदम-पदमगुणा दिल से मुबारक दे रहे हैं ।

27
00:32:28.259 --> 00:32:36.349
मुबारक हो , मुबारक हो ।

28
00:32:50.220 --> 00:33:10.799
देश-विदेश , देश के बच्चे भी कम नहीं और विदेश के बच्चे भी कम नहीं हैं ।

29
00:33:40.970 --> 00:34:41.820
बापदादा ऐसे बच्चों की दिल ही दिल में महिमा भी करते और गीत भी गाते वाह ! बच्चे वाह !

30
00:35:02.219 --> 00:35:09.280
आप सभी वाह ! वाह ! बच्चे हो ना ।

31
00:35:13.460 --> 00:35:21.280
हाथ हिला रहे हैं , बहुत अच्छा ।

32
00:35:34.219 --> 00:35:56.079
बापदादा को फखुर है , बच्चों के ऊपर फखुर है -

33
00:36:04.659 --> 00:36:34.480
सारे कल्प में ऐसा कोई बाप नहीं है जिसका हर बच्चा स्वराज्य अधिकारी राजा हो ।

34
00:36:52.969 --> 00:37:00.440
आप सभी तो स्वराज्य अधिकारी राजा हो ना ?

35
00:37:01.059 --> 00:37:08.480
प्रजा तो नहीं ना ।

36
00:37:34.969 --> 00:37:47.820
कई बच्चे जब रूहरिहान करते हैं

37
00:37:53.730 --> 00:38:19.369
तो कहते हैं हम भविष्य में क्या बनेंगे , उसका चित्र हमको दिखाओ ।

38
00:38:37.150 --> 00:38:43.019
बापदादा क्या कहते हैं ?

39
00:38:46.000 --> 00:38:59.369
पुराने बच्चे तो कहते हैं जगतअम्बा माँ चित्र देती थी हर एक को ।

40
00:39:00.309 --> 00:39:06.659
तो हमें भी चित्र दो ।

41
00:39:12.480 --> 00:39:39.199
बापदादा कहते हैं हर एक बच्चे को बाप ने विचित्र दर्पण दिया है ,

42
00:39:51.820 --> 00:40:11.510
उस दर्पण में अपने भविष्य का चित्र देख सकते हो कि मैं कौन ।

43
00:40:20.170 --> 00:40:26.840
जानते हो , वह दर्पण आपके पास है ?

44
00:40:26.840 --> 00:40:31.199
जानते हो कौन सा दर्पण ?

45
00:40:31.679 --> 00:40:36.440
पहली लाइन वाले तो जानते होंगे ना ।

46
00:40:36.440 --> 00:40:41.019
जानते हैं ?

47
00:40:46.750 --> 00:41:07.820
वह दर्पण है वर्तमान समय की स्वराज्य स्थिति का दर्पण ।

48
00:41:18.219 --> 00:41:47.019
वर्तमान समय जितना स्वराज्य अधिकारी हैं उस अनुसार विश्व के राज्य अधिकारी बनेंगे ।

49
00:41:50.929 --> 00:42:05.860
अब अपने आपको दर्पण में देखो स्वराज्य अधिकारी सदा हैं ?

50
00:42:06.349 --> 00:42:14.039
वा कभी अधीन , कभी अधिकारी ?

51
00:42:18.570 --> 00:42:28.710
अगर कभी अधीन , कभी अधिकारी बनते हैं ,

52
00:42:29.599 --> 00:42:42.480
कभी आँख धोखा देती , कभी मन धोखा देता ,

53
00:42:53.059 --> 00:43:27.110
कभी मुख धोखा देता , कभी कान भी धोखा दे देता है ।

54
00:43:36.260 --> 00:43:59.280
व्यर्थ बातें सुनने का शौक हो जाता है ।

55
00:44:19.909 --> 00:44:41.730
अगर कोई भी कर्मेन्द्रिय धोखा देती है ,

56
00:44:44.000 --> 00:44:55.059
परवश बना देती है , इससे सिद्ध है

57
00:44:55.730 --> 00:45:14.480
कि बाप द्वारा जो सर्व शक्तियाँ वरदान में मिली हैं ,

58
00:45:15.949 --> 00:45:38.480
वा वर्से में मिली हैं वह कन्ट्रोलिंग पावर , रूलिंग पावर नहीं है ।

59
00:45:40.079 --> 00:46:04.570
तो सोचो जो स्व के ऊपर रूल नहीं कर पाते वह विश्व पर रूल कैसे करेगा ?

60
00:46:14.929 --> 00:46:34.260
अपने वर्तमान स्थिति के स्वराज्य अधिकारी के दर्पण में चेक करो ।

61
00:47:00.880 --> 00:47:08.619
दर्पण तो सभी को मिला है ना ?

62
00:47:09.369 --> 00:47:15.679
दर्पण मिला है तो हाथ उठाओ ।

63
00:47:15.679 --> 00:47:22.079
दर्पण में कोई दाग तो नहीं हो गया है ?

64
00:47:34.309 --> 00:47:39.820
स्पष्ट है दर्पण ?

65
00:47:46.480 --> 00:48:09.769
बापदादा ने हर एक बच्चे को स्वराज्य अधिकारी का स्वमान दिया है ।

66
00:48:22.039 --> 00:48:49.059
मास्टर सर्वशक्तिवान का टाइटिल सभी बच्चों को बाप द्वारा मिला हुआ है ।

67
00:48:53.059 --> 00:49:02.130
मास्टर शक्तिवान नहीं , सर्वशक्तिवान ।

68
00:49:14.530 --> 00:49:25.679
कई बच्चे रूहरिहान में यह भी कहते -

69
00:49:26.400 --> 00:49:35.769
बाबा आपने तो सर्वशक्तियाँ दी

70
00:49:36.840 --> 00:49:54.039
लेकिन यह शक्तियाँ कभी-कभी समय पर काम नहीं करती ।

71
00:49:56.440 --> 00:50:14.219
रिपोर्ट करते हैं - समय पर इमर्ज नहीं होती , समय बीत जाता है पीछे इमर्ज होती हैं ।

72
00:50:38.619 --> 00:50:42.880
कारण क्या होता ?

73
00:50:52.880 --> 00:51:14.929
जिस समय जिस शक्ति को आह्वान करते हो उस समय चेक करो

74
00:51:17.679 --> 00:51:34.309
कि मैं मालिक बनके सीट पर सेट हूँ ?

75
00:51:43.639 --> 00:52:02.170
अगर कोई सीट पर सेट नहीं होता तो बिगर सीट वाले का कोई आर्डर नहीं मानता है ।

76
00:52:26.750 --> 00:52:49.239
स्वराज्य अधिकारी हूँ , मास्टर सर्वशक्तिवान हूँ ,

77
00:52:51.949 --> 00:53:06.659
बाप द्वारा वर्सा और वरदान का अधिकारी हूँ ,

78
00:53:11.639 --> 00:53:23.860
इस सीट पर सेट होकर फिर आर्डर करो ।

79
00:53:27.329 --> 00:53:36.659
क्या करूं , कैसे करूं , होता नहीं ,

80
00:53:38.659 --> 00:53:52.800
सीट से नीचे बैठ , सीट से उतरकर आर्डर करते हो तो मानेगा कैसे !

81
00:54:09.730 --> 00:54:31.110
आजकल के जमाने में भी अगर कोई प्राइममिनिस्टर है, सीट पर है, और सीट से उतर गया,तो कोई मानेगा?

82
00:54:34.969 --> 00:54:47.199
तो चेक करो सीट पर सेट हूँ ?

83
00:54:57.280 --> 00:55:04.530
अधिकारी होकर आर्डर करता हूँ ?

84
00:55:15.369 --> 00:55:28.219
बाप ने हर एक बच्चे को अथॉरिटी दी है , परमात्म अथॉरिटी है ,

85
00:55:30.219 --> 00:55:46.570
कोई आत्मा की अथॉरिटी नहीं मिली है , महात्मा की अथॉरिटी नहीं मिली है , परमात्म अथॉरिटी है

86
00:55:54.969 --> 00:56:41.949
तो अथॉरिटी और अधिकार इस स्थिति में स्थित होकर कोई भी शक्ति को आर्डर करो , वह जी हजूर , जी हजूर करेगी ।

87
00:57:07.059 --> 00:57:34.079
सर्वशक्तियों के आगे यह माया , प्रकृति , संस्कार , स्वभाव सब दासी बन जायेंगे ।

88
00:57:37.239 --> 00:57:47.150
आप मालिक का इन्तजार करेंगे , मालिक कोई आर्डर करो ।

89
00:58:01.329 --> 00:58:17.860
समर्थ दिवस है ना , तो बापदादा क्या-क्या समर्थियाँ हैं बच्चों में , वह रिवाइज करा रहा है ।

90
00:58:22.840 --> 00:58:28.619
अण्डरलाइन करा रहा है ।

91
00:58:51.420 --> 00:59:00.480
शक्तिहीन समय पर क्यों हो जाते ?

92
00:59:01.059 --> 00:59:18.710
बापदादा ने देखा है , मैजारिटी बच्चों की लीकेज है ,

93
00:59:18.710 --> 00:59:34.130
शक्तियाँ लीकेज होने के कारण कम हो जाती हैं और लीकेज विशेष दो बातों की है -

94
00:59:45.599 --> 01:00:06.710
वह दो बातें हैं - संकल्प और समय वेस्ट जाता है ।

95
01:00:25.199 --> 01:00:32.530
खराब नहीं होता लेकिन व्यर्थ ,

96
01:00:37.059 --> 01:00:50.039
समय पर बुरा कार्य नहीं करते हैं लेकिन जमा भी नहीं करते हैं ।

97
01:00:51.239 --> 01:01:05.679
सिर्फ देखते हैं आज बुरा कुछ नहीं हुआ लेकिन अच्छा क्या जमा किया ?

98
01:01:12.349 --> 01:01:17.639
गँवाया नहीं लेकिन कमाया ?

99
01:01:25.329 --> 01:01:33.460
दुःख नहीं दिया लेकिन सुख कितनों को दिया ?

100
01:01:37.420 --> 01:01:44.969
अशान्त किसको नहीं किया , शान्ति का वायब्रेशन कितना फैलाया ?

101
01:01:44.969 --> 01:02:06.840
शान्तिदूत बनके शान्ति कितनों को दी - वायुमण्डल द्वारा या मुख द्वारा , वायब्रेशन द्वारा ?

102
01:02:10.349 --> 01:02:39.239
क्योंकि जानते हो कि यही थोड़ा सा समय है पुरूषोत्तम कल्याणकारी जमा करने का समय है ।

103
01:02:45.599 --> 01:02:58.309
अब नहीं तो कब नहीं , यह हर घड़ी याद रहे ।

104
01:03:00.710 --> 01:03:14.880
हो जायेगा , कर लेंगे … अब नहीं तो कब नहीं ।

105
01:03:21.280 --> 01:03:49.420
ब्रह्मा बाप का यही तीव्रगति का पुरूषार्थ रहा तब नम्बरवन मंज़िल पर पहुंचा।

106
01:04:22.880 --> 01:04:31.860
तो जो बाप ने समार्थियां दी हैं ,

107
01:04:38.309 --> 01:04:52.349
आज समर्थ दिवस पर याद आई ना !

108
01:05:12.170 --> 01:05:18.929
बचत की स्कीम बनाओ ।

109
01:05:20.219 --> 01:05:38.929
संकल्प की बचत , समय की बचत , वाणी की बचत ,

110
01:05:48.530 --> 01:06:09.329
जो यथार्थ बोल नहीं हैं , अयथार्थ व्यर्थ बोल की बचत ।

111
01:06:29.679 --> 01:07:17.019
बापदादा सभी बच्चों का सदा अथॉरिटी की सीट पर सेट हुआ स्वराज्य अधिकारी राजा रूप देखने चाहता है ।

112
01:07:26.929 --> 01:07:29.460
पसन्द है ?

113
01:07:29.460 --> 01:07:34.079
यह रूप पसन्द है ना !

114
01:07:35.639 --> 01:07:49.820
कभी भी बापदादा किसी भी बच्चे को टी वी में देखो , तो इसी रूप में देखे ।

115
01:07:53.420 --> 01:08:02.130
बापदादा की नेचरल टी वी है , स्विच नहीं दबाना पड़ता ।

116
01:08:08.619 --> 01:08:13.420
एक ही समय पर चारों ओर का देख सकते हैं ।

117
01:08:13.420 --> 01:08:21.060
हर एक बच्चे को , कोने-कोने वाले को देख सकते हैं ।

118
01:08:24.970 --> 01:08:27.909
तो हो सकता है ?

119
01:08:27.909 --> 01:08:36.350
कल से टी वी खोलें तो क्या दिखाई देंगे ?

120
01:08:53.859 --> 01:09:11.680
फरिश्ते की ड्रेस में , फरिश्ते की ड्रेस है चमकीली ड्रेस , चमकीली लाइट की ड्रेस ,

121
01:09:16.529 --> 01:09:26.039
यह शरीरभान के मिट्टी की ड्रेस नहीं पहनना ।

122
01:09:29.770 --> 01:09:39.600
चमकीली ड्रेस हो , सफलता का सितारा हो ,

123
01:09:46.350 --> 01:09:59.550
ऐसी मूर्ति हर एक की बापदादा देखने चाहते हैं ।

124
01:10:02.840 --> 01:10:05.729
पसन्द है ना !

125
01:10:05.729 --> 01:10:12.310
मिट्टी की ड्रेस पहनेंगे तो मिट्टी के हो जायेंगे ना ।

126
01:10:24.260 --> 01:10:40.840
जैसे बाप अशरीरी है , ब्रह्मा बाप चमकीली ड्रेस में है , फरिश्ता है ।

127
01:10:53.600 --> 01:10:58.529
फालो फादर ।

128
01:11:10.220 --> 01:11:28.079
स्थूल में देखो कोई आपके कपड़े में मिट्टी लग जाए , दाग हो जाए तो क्या करते हो ?

129
01:11:30.399 --> 01:11:35.109
बदल लेते हो ना !

130
01:11:40.619 --> 01:12:01.770
ऐसे ही चेक करो कि सदा चमकीली फरिश्ते की ड्रेस है ?

131
01:12:13.949 --> 01:12:31.550
जो बाप को फखुर है कि हर एक बच्चा राजा बच्चा है , उसी स्वरूप में रहो ।

132
01:12:31.550 --> 01:12:36.569
राजा बनके रहो ।

133
01:12:45.909 --> 01:13:21.420
यह माया ऐसे आपकी दासी बन जायेगी और विदाई लेने आयेगी , आधाकल्प के लिए विदाई लेने आयेगी , वार नहीं करेगी ।

134
01:13:40.619 --> 01:14:02.930
बापदादा सदा कहते हैं - बाप के ऊपर बलिहार जाने वाले कभी हार नहीं खा सकते ।

135
01:14:04.439 --> 01:14:13.020
अगर हार है तो बलिहार नहीं हैं ।

136
01:15:03.819 --> 01:15:26.880
अभी आप सभी की मीटिंग होने वाली है ना , डेट फिक्स होती है ना मीटिंग की ।

137
01:15:28.170 --> 01:15:43.279
तो इस बारी सिर्फ सर्विस के प्लैन की मीटिंग बापदादा नहीं देखने चाहते ,

138
01:15:45.279 --> 01:16:12.350
सर्विस के प्लैन बनाओ लेकिन मीटिंग में सफलता की सेरीमनी का प्लैन बनाओ ।

139
01:16:14.350 --> 01:16:43.909
बहुत सेरीमनी कर ली अब सफलता की सेरीमनी की डेट फिक्स करो ।

140
01:16:47.239 --> 01:16:59.279
चलो सोचते हैं कि सभी कैसे होंगे !

141
01:17:01.600 --> 01:17:38.130
बापदादा कहते हैं कम से कम 108 रत्न तो सफलतामूर्त की सेरीमनी मनायें ।

142
01:17:38.970 --> 01:17:43.369
एक्जैम्पुल बनें ।

143
01:17:45.369 --> 01:17:48.750
यह हो सकता है ?

144
01:17:48.750 --> 01:17:50.750
बोलो ।

145
01:17:50.750 --> 01:17:58.130
पहली लाइन वाले बोलो , हो सकता है ?

146
01:18:05.600 --> 01:18:13.060
जवाब देने की हिम्मत नहीं रखते ।

147
01:18:14.220 --> 01:18:20.350
सोचते हैं पता नहीं करेंगे , नहीं करेंगे ?

148
01:18:21.149 --> 01:18:25.550
हिम्मत से सब कुछ हो सकता है ।

149
01:18:25.550 --> 01:18:29.859
दादी बतावें ।

150
01:18:36.000 --> 01:18:46.350
108 सफलतामूर्त बन सकते हैं ?

151
01:18:48.529 --> 01:19:23.729
( हाँ जरूर बन सकते हैं , सफलता की सेरीमनी हो सकती है ) देखो , दादी में हिम्मत है ।

152
01:19:29.020 --> 01:19:36.000
आप सबकी तरफ से हिम्मत रख रही है ।

153
01:19:36.000 --> 01:19:41.060
तो सहयोगी बनना ।

154
01:19:50.220 --> 01:20:00.079
तो यह जो मीटिंग होगी ना , उसमें बापदादा रिपोर्ट लेंगे ।

155
01:20:09.020 --> 01:20:15.510
पाण्डव बताओ ना , क्यों चुप हैं ?

156
01:20:15.510 --> 01:20:19.770
चुप क्यों हैं ?

157
01:20:55.550 --> 01:21:01.460
यह हिम्मत क्यों नहीं रखते ?

158
01:21:01.460 --> 01:21:03.859
करके दिखायेंगे ?

159
01:21:03.859 --> 01:21:05.859
ऐसे ?

160
01:21:14.479 --> 01:21:20.079
अच्छा है , हिम्मत तो रख सकते हैं ?

161
01:21:28.310 --> 01:21:36.659
जो समझते हैं हम तो हिम्मत रख करके दिखायेंगे , वह हाथ उठाओ ।

162
01:21:37.199 --> 01:21:40.170
करेंगे ?

163
01:21:40.170 --> 01:21:44.970
कोई संस्कार नहीं रहेगा ?

164
01:21:44.970 --> 01:21:49.510
कोई कमज़ोरी नहीं रहेगी ?

165
01:21:49.510 --> 01:21:55.199
अच्छा , मधुबन वाले भी हाथ उठा रहे हैं ।

166
01:21:55.199 --> 01:21:56.880
वाह !

167
01:21:56.880 --> 01:22:02.710
मुबारक हो , मुबारक हो ।

168
01:22:04.310 --> 01:22:09.060
अच्छा 108 तो फिर सहज हो जायेगा ।

169
01:22:09.060 --> 01:22:17.600
इतनों ने हाथ उठाया तो 108 क्या बड़ी बात है ।

170
01:22:20.619 --> 01:22:24.170
डबल फॉरेनर्स क्या करेंगे ?

171
01:22:24.170 --> 01:22:37.020
हाँ , दादी जानकी सुन रही है , उसको उमंग आ रहा है मैं बोलूं ।

172
01:22:38.130 --> 01:22:46.930
फॉरेन की माला भी देखेंगे , ठीक है ?

173
01:22:46.930 --> 01:22:51.729
हाथ उठाओ , ठीक है ?

174
01:22:53.909 --> 01:23:00.970
अच्छा आज यह कितने बैठे हैं ?

175
01:23:02.039 --> 01:23:16.800
( 200 ) इसमें से 108 तो तैयार हो जायेंगे !

176
01:23:20.220 --> 01:23:24.479
ठीक है ना ।

177
01:23:24.479 --> 01:23:28.659
इसमें करना पहले मैं ।

178
01:23:28.659 --> 01:23:37.109
इसमें दूसरे को नहीं देखना , पहले मैं ।

179
01:23:38.130 --> 01:23:44.840
और मैं-मैं नहीं करना , यह मैं जरूर करना ।

180
01:24:00.880 --> 01:24:05.020
और भी काम बापदादा देता है ।

181
01:24:05.020 --> 01:24:11.729
आज समर्थ दिवस है ना तो समर्थता है ।

182
01:24:14.479 --> 01:24:26.930
बापदादा एक विचित्र दीवाली मनाने चाहते हैं ।

183
01:24:28.310 --> 01:24:48.710
आपने तो दीवाली कई बार मनाई है लेकिन बापदादा विचित्र दीवाली मनाने चाहता है , सुनायें ?

184
01:24:48.710 --> 01:24:50.710
सुनायें ?

185
01:24:53.859 --> 01:24:56.800
सुनायें ?

186
01:25:06.220 --> 01:25:10.569
अच्छा ।

187
01:25:12.130 --> 01:25:17.949
वर्तमान समय को तो देख ही रहे हो ,

188
01:25:19.020 --> 01:25:36.930
दिन प्रतिदिन चारों ओर मनुष्य आत्माओं में निराशा बहुत बढ़ रही है ।

189
01:25:41.239 --> 01:25:59.909
तो चाहे मन्सा सेवा करो , चाहे वाचा करो , चाहे सम्बन्ध-सम्पर्क की करो ,

190
01:25:59.909 --> 01:26:19.369
लेकिन बापदादा निराश मनुष्यों के अन्दर आशा का दीप जगाने चाहते हैं ।

191
01:26:21.149 --> 01:26:37.239
चारों ओर मनुष्य आत्माओं के मन में आशा के दीपक जग जायें ।

192
01:26:39.510 --> 01:26:55.640
यह दीवाली आशा के दीपकों की बापदादा चाहते हैं ।

193
01:26:56.439 --> 01:27:00.079
हो सकता है ?

194
01:27:01.420 --> 01:27:16.800
वायुमण्डल में कम से कम यह आशा का दीपक जग जाए

195
01:27:16.800 --> 01:27:27.819
तो अब विश्व परिवर्तन हुआ कि हुआ ।

196
01:27:28.710 --> 01:27:34.710
गोल्डन सवेरा आया कि आया ।

197
01:27:34.970 --> 01:27:45.729
यह निराशा खत्म हो जाए - कुछ होना नहीं है , कुछ होना नहीं है ।

198
01:27:46.039 --> 01:27:51.909
आशा के दीप जग जाएं ।

199
01:27:57.680 --> 01:28:05.729
कर सकते हैं ना , यह तो सहज है ना या मुश्किल है ?

200
01:28:05.729 --> 01:28:08.710
सहज है ?

201
01:28:13.329 --> 01:28:17.510
जो करेगा वह हाथ उठाओ ।

202
01:28:18.220 --> 01:28:24.039
करेगा ?

203
01:28:29.060 --> 01:28:41.909
इतने सभी दीपक जगायेंगे तो दीपमाला तो हो जायेगी ना !

204
01:29:06.039 --> 01:29:34.569
वायब्रेशन इतना पावरफुल करो , चलो सामने पहुँच नहीं सकते हैं

205
01:29:34.569 --> 01:29:48.659
लेकिन लाइट हाउस , माइट हाउस बन दूर तक वायब्रेशन फैलाओ ।

206
01:29:48.659 --> 01:30:11.460
जब साइन्स लाइट हाउस द्वारा दूर तक लाइट दे सकती है तो क्या आप वायब्रेशन नहीं फैला सकते !

207
01:30:15.909 --> 01:30:26.659
सिर्फ दृढ़संकल्प करो - करना ही है ।

208
01:30:27.949 --> 01:30:32.350
बिजी हो जाओ ।

209
01:30:41.510 --> 01:31:02.039
मन को बिजी रखेंगे तो स्वयं को भी फायदा और आत्माओं को भी फायदा ।

210
01:31:51.369 --> 01:32:18.310
चलते-फिरते यही वृत्ति में रखो कि विश्व का कल्याण करना ही है ।

211
01:32:19.060 --> 01:32:41.949
यह वृत्ति वायुमण्डल फैलायेगी क्योंकि समय अचानक होने वाला है ।

212
01:32:48.079 --> 01:33:22.750
ऐसा न हो कि आपके भाई बहिनें उलाहना देवें कि आपने हमें बताया क्यों नहीं !

213
01:33:24.750 --> 01:33:44.260
कई बच्चे सोचते हैं अन्त तक कर लेंगे लेकिन अन्त तक करेंगे तो भी आपको उलाहना देंगे ।

214
01:33:45.369 --> 01:33:56.260
यही उलाहना देंगे हमको कुछ समय पहले बताते , कुछ तो बना लेते ।

215
01:34:04.170 --> 01:34:37.949
इसलिए हर संकल्प में बापदादा की याद से लाइट लेते जाओ , लाइट हाउस होके लाइट देते जाओ ।

216
01:34:55.859 --> 01:35:09.199
टाइम वेस्ट नहीं करो , बापदादा जब देखते हैं बहुत युद्ध करते हैं , तो बापदादा को अच्छा नहीं लगता ।

217
01:35:09.199 --> 01:35:18.930
मास्टर सर्वशक्तिवान और युद्ध कर रहा है !

218
01:35:27.420 --> 01:35:48.039
तो राजा बनो , सफलतामूर्त बनो , निराशा को खत्म कर आशा के दीप जगाओ ।

219
01:35:55.640 --> 01:35:59.020
अच्छा ।

220
01:35:59.020 --> 01:36:19.420
सभी तरफ के बच्चों के स्नेह के याद की मालायें तो बहुत पहुँच गई हैं ।

221
01:36:24.529 --> 01:37:07.199
बापदादा याद भेजने वालों को सन्मुख देखते हुए याद का रेसपान्ड दिल की दुआयें , दिल का प्यार दे रहे हैं ।

222
01:37:22.170 --> 01:37:27.640
अच्छा - अभी क्या करना है ?

223
01:37:29.770 --> 01:38:35.060
सेवा का टर्न कर्नाटक का है , कर्नाटक वालों ने 5 मेगा प्रोग्राम किये हैं :- अच्छा , बहुत आये हैं ।

224
01:38:50.840 --> 01:38:56.880
अच्छा मेगा प्रोग्राम किया , मुबारक हो ।

225
01:38:56.880 --> 01:39:14.220
लेकिन हर एक मेगा प्रोग्राम से स्टूडेन्ट कितने बनें ?

226
01:39:17.770 --> 01:39:22.260
वह रिजल्ट निकाली है ?

227
01:40:00.350 --> 01:40:13.020
क्योंकि मेगा प्रोग्राम सन्देश देने के लिए तो अच्छा है , उलाहना नहीं मिलेगा ।

228
01:40:14.220 --> 01:40:18.750
एक काम तो ठीक हो गया ।

229
01:40:19.369 --> 01:40:31.020
लेकिन मेगा प्रोग्राम के बाद एड्रेस तो होती है ना !

230
01:40:31.420 --> 01:40:44.659
जिन भी आत्माओं की एड्रेस है उनको समय प्रति समय बुलाते रहो ।

231
01:40:45.369 --> 01:40:58.220
सेवा करते रहो , अपने ही सेन्टर पर क्योंकि जोन में तो नहीं हो सकता है ,

232
01:40:58.220 --> 01:41:03.279
वहाँ की वहाँ तो आ सकते हैं ।

233
01:41:03.279 --> 01:41:07.460
उनमें से निकलेंगे ।

234
01:41:13.640 --> 01:41:18.659
कर्नाटक की संख्या तो बहुत है ।

235
01:41:24.350 --> 01:41:26.619
अच्छा है ।

236
01:41:26.619 --> 01:41:31.550
सेवा की है तभी संख्या बढ़ी है

237
01:41:31.550 --> 01:42:04.659
लेकिन अब ऐसा गुलदस्ता बनाओ जो माइक और माइट बन सन्देश देने में साथी बन जाएँ ।

238
01:42:08.800 --> 01:42:14.569
ऐसे कोई ग्रुप तैयार करो ।

239
01:42:18.569 --> 01:42:29.550
सभी मैजारिटी बड़े बड़े जोन वालों ने मेगा प्रोग्राम किया है

240
01:42:31.550 --> 01:42:50.569
लेकिन यह समाचार नहीं आया है कि कौन से ऐसे माइक निकले जो सन्देश देने में मददगार बने हैं ।

241
01:42:57.859 --> 01:43:08.079
क्योंकि विश्व की आत्मायें अभी भी बहुत रही हुई हैं ।

242
01:43:15.819 --> 01:43:33.909
तो जितनी संख्या है , कर्नाटक की , हर एक स्थान पर कुछ तो ऐसी लिस्ट होनी चाहिए ना !

243
01:43:35.909 --> 01:43:39.729
होनी चाहिए ना !

244
01:43:41.149 --> 01:43:46.039
तो वह बापदादा के पास नाम आने चाहिए ।

245
01:43:46.039 --> 01:43:51.600
रिजल्ट आनी चाहिए ।

246
01:43:55.239 --> 01:44:10.260
मधुबन में लेकर नहीं आओ , पहले रिपोर्ट लिखकर दो कितने कितने निकले है , किस-किस प्रकार के हैं ।

247
01:44:14.399 --> 01:44:19.909
चाहे फॉरेन में हों , चाहे देश में हो ।

248
01:44:32.170 --> 01:44:35.369
अच्छा है ।

249
01:44:35.369 --> 01:44:41.600
प्रोग्राम किये उसकी मुबारक है ।

250
01:44:42.800 --> 01:44:53.510
अभी ऐसी लिस्ट भेजना , हर एक सेन्टर ऐसी लिस्ट भेजे ।

251
01:45:04.000 --> 01:45:06.880
ठीक है ना !

252
01:45:08.399 --> 01:45:21.109
अच्छा है , अभी कर्नाटक में कुछ कमाल करके दिखाओ ।

253
01:45:21.109 --> 01:45:36.659
हर सेन्टर निर्विघ्न स्वराज्य अधिकारी बन सकता है ?

254
01:45:44.479 --> 01:45:47.279
हो सकता है ?

255
01:45:48.000 --> 01:46:14.260
तीन मास दिये हैं , तो निर्विघ्न , सिर्फ तीन मास के लिए नहीं , सदाकाल के लिए विघ्न समाप्त ।

256
01:46:16.619 --> 01:46:29.859
अगर संस्कार संकल्प में इमर्ज भी कब हो , वहाँ ही खत्म कर दो ।

257
01:46:30.750 --> 01:46:37.420
कर्म में , बोल में नहीं आवे ।

258
01:46:43.020 --> 01:46:55.770
तो ऐसी रिजल्ट दिखायेंगे कर्नाटक नम्बरवन निर्विघ्न।

259
01:46:57.600 --> 01:47:01.949
करेंगे ?

260
01:47:01.949 --> 01:47:05.239
करना पड़ेगा ।

261
01:47:05.239 --> 01:47:16.399
एक दो के सहयोगी बनकर मदद देकर भी बनाना पड़ेगा

262
01:47:17.020 --> 01:47:29.640
क्योंकि दो चार भी अगर निर्विघ्न नहीं बनें तो सर्टीफिकेट कैसे मिलेगा ।

263
01:47:30.399 --> 01:47:37.420
कर्नाटक निर्विघ्न का सर्टीफिकेट तो नहीं मिलेगा ना ।

264
01:47:37.420 --> 01:47:52.170
इसीलिए सहयोगी बन , एक दो को हिम्मत दिलाके करना पड़ेगा ।

265
01:47:52.970 --> 01:47:57.680
तैयार हैं ?

266
01:47:57.680 --> 01:48:01.109
टीचर्स तैयार हैं ?

267
01:48:01.109 --> 01:48:06.039
करना पड़ेगा ?

268
01:48:06.039 --> 01:48:09.680
देखो टी वी में आ रहा है ।

269
01:48:10.439 --> 01:48:17.770
सब कर्नाटक की टीचर्स हाथ उठा रही हैं ।

270
01:48:22.220 --> 01:48:24.880
अच्छा देखेंगे ।

271
01:48:24.880 --> 01:48:31.369
पहली मुबारक तो दे रहे हैं और आगे देखेंगे ।

272
01:48:31.369 --> 01:48:33.239
ठीक है ना ।

273
01:48:33.239 --> 01:48:39.279
पीछे आगे वाले करना पड़ेगा ।

274
01:48:39.279 --> 01:48:47.109
अपने संस्कार को इमर्ज नहीं करने देना ।

275
01:48:48.170 --> 01:48:53.770
संकल्प में ही परिवर्तन कर देना ।

276
01:48:57.859 --> 01:49:00.710
अच्छा है ।

277
01:49:01.600 --> 01:49:11.109
संख्या जितनी है उतना बहुत कुछ कर सकते हैं ।

278
01:49:18.220 --> 01:49:33.729
अच्छा है गोल्डन चांस लिया है सेवा का , तो थोड़े दिनों में बहुत अपना पुण्य जमा किया है ।

279
01:49:33.729 --> 01:49:45.369
यज्ञ सेवा अर्थात् पुण्य का खाता जमा करना ।

280
01:49:49.680 --> 01:50:04.750
तो अच्छे हिम्मत रख करके आये हैं और आगे भी हिम्मत रखते आगे बढ़ते रहेंगे ।

281
01:50:12.800 --> 01:50:47.020
मेडिकल विंग :- कोई नया प्लैन बनाया ?

282
01:50:48.079 --> 01:50:52.439
नया प्लैन कोई बनाया ?

283
01:51:09.149 --> 01:51:35.199
( स्वास्थ्य में मूल्यों को कैसे बढ़ायें ) ( उसके बारे में सारा वर्ष प्रोग्राम करेंगे ) अभी प्लैन बनाया है , अभी प्रैक्टिकल करना है ।

284
01:51:42.039 --> 01:51:46.039
इससे भी सन्देश पहुँचता है ना ।

285
01:52:11.279 --> 01:52:15.460
अच्छा हिम्मत वाले हो ना ।

286
01:52:15.460 --> 01:52:26.569
जो भी आये हैं सिर्फ मीटिंग नहीं की , प्रैक्टिकल करना ही है ।

287
01:52:28.260 --> 01:52:34.399
और आप लोगों का तो डबल फायदा है ।

288
01:52:36.710 --> 01:52:40.170
डबल दुआयें मिलती हैं ।

289
01:52:40.880 --> 01:52:49.420
तन ठीक होता है उसकी भी दुआयें , और मन खुश होता है तो उसकी भी दुआयें ।

290
01:52:56.880 --> 01:52:59.729
सभी में उमंग है ना !

291
01:52:59.729 --> 01:53:01.729
बहुत अच्छा ।

292
01:53:04.260 --> 01:53:07.149
अच्छा है ।

293
01:53:07.149 --> 01:53:14.170
मेडिकल में वह हार्ट का भी अच्छा चल रहा है ।

294
01:53:20.310 --> 01:53:25.770
अब बाम्बे के हॉस्पिटल की भी रिपोर्ट अच्छी है ।

295
01:53:27.369 --> 01:53:49.460
ऑटोमेटिक वी आई पी आते रहते हैं क्योंकि पहले समझते थे ब्रह्माकुमारियाँ सोशल वर्क नहीं करती हैं ,

296
01:53:50.220 --> 01:54:10.310
अभी समझते हैं कि ब्रह्माकुमारियाँ जो काम करती हैं उसकी रिजल्ट बहुत अच्छी निकलती है ।

297
01:54:11.859 --> 01:54:26.220
जब से ग्लोबल हॉस्पिटल खुली है आबू में , तब से यह वायुमण्डल में फर्क आया है ।

298
01:54:26.880 --> 01:54:33.770
आबू वाले भी बदल रहे हैं ।

299
01:54:35.279 --> 01:54:49.329
तो अच्छा है , आपकी डिपार्टमेंट चाहे कोई स्थूल काम भी करते हो , दवाई देने का ,

300
01:54:49.329 --> 01:55:01.949
लेकिन यह सेवा फैल रही है कि ब्रह्माकुमारियाँ डबल काम कर सकती हैं ।

301
01:55:03.060 --> 01:55:07.600
तो अच्छा कर रहे हैं , करते रहना ।

302
01:55:08.039 --> 01:55:26.710
कोने कोने में अपने मेडिकल द्वारा भी सबके मन में खुशी , आशा का दीपक जगाते चलो ।

303
01:55:28.970 --> 01:55:34.659
अच्छा है , मुबारक है ।

304
01:55:51.060 --> 01:56:08.930
एज्युकेशन विंग :- यह विधि अच्छी बनाई है , मिलना भी हो जाता है ।

305
01:56:08.930 --> 01:56:13.770
कनेक्शन भी हो जाती है ।

306
01:56:17.020 --> 01:56:41.819
अच्छा है , बापदादा ने समाचार सुना था , धीरे-धीरे एज्युकेशन में भी चांस मिलता रहता है और करते रहते हैं ।

307
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अभी ऐसा अच्छा कोई प्रूफ लो , जहाँ भी सेवा करते हो वहाँ का ऐसा एक्जैम्पुल स्पष्ट हो

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जो और देशों में भी उसकी रिजल्ट देख करके बढ़ाते रहें ।

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एज्युकेशन और मेडीसिन दोनों ही बहुत जरूरी होती हैं ।

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बापदादा ने तो देखा है हर वर्ग अपने वर्ग में अच्छी सेवा कर रहे हैं ।

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हिम्मत रख रहे हैं ।

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सहयोगी भी बन रहे हैं लेकिन अभी और थोड़ा तीव्र करो क्योंकि समय समीप आ रहा है ।

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हर वर्ग की अपनी-अपनी विशेषता है ।

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कम से कम अभी यह तो उल्हना उतरा कि हमारे वर्ग को आपने सन्देश ही नहीं दिया ।

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अभी विस्तार बढ़ता जायेगा ।

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तो अच्छा एज्युकेशन से गवर्मेन्ट का बोझ तो उतरेगा ना ।

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यूथ ग्रुप अच्छा हो जाए तो गवर्मेन्ट भी कहेगी कि हमारे साथी तो बने हैं ।

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अच्छा कर रहे हैं , मुबारक हो और आगे करना ।

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अच्छा ।

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जो पहले बारी आये हैं वह उठो ःअच्छा है , हर टर्न में देखा है मैजारिटी नये होते हैं ।

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तो सर्विस बढ़ाई है ना , इतनों को सन्देश दिया है ।

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जैसे आप लोगों को सन्देश मिला ऐसे आप भी और दुगना , दुगना सन्देश दो ।

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योग्य बनाओ ।

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अच्छा है ।

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हर सबजेक्ट में और उमंग-उत्साह से आगे बढ़ो ।

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अच्छा है ।

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अच्छा - अभी लक्ष्य रखो ,

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चलते-फिरते चाहे मन्सा , चाहे वाचा , चाहे कर्मणा सेवा के बिना भी नहीं रहना है

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और याद के बिना भी नहीं रहना है ।

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याद और सेवा सदा ही साथ है ही ।

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इतना अपने को बिजी रखो , याद में भी सेवा में भी ।

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खाली रहते हैं तो माया को आने का चांस मिलता है ।

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इतना बिजी रहो जो दूर से ही माया हिम्मत नहीं रखे आने की ।

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फिर जो लक्ष्य रखा है बाप समान बनने का वह सहज हो जायेगा ।

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मेहनत नहीं करनी पड़ेगी , स्नेही स्वरूप रहेंगे ।

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02:03:59.020 --> 02:04:02.569
अच्छा ।

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02:04:06.000 --> 02:04:17.329
आज के दिन तो स्नेह उड़ाके लाया है ।

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स्नेह का प्लेन कितना फास्ट है ?

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02:04:33.060 --> 02:04:54.399
तो स्नेह में उड़के आये हैं और स्नेह में उड़ते रहना और उड़ाते रहना ।

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बापदादा चारों ओर के बच्चों को देख रहे हैं ,

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सभी के मन में इस समय 100 परसेन्ट उमंग-उत्साह है , करके दिखायेंगे ।

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कोई बड़ी बात नहीं है , होना ही है ।

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लेकिन इस समय का उमंग-उत्साह और दृढ़ संकल्प सदा साथ रखना ।

344
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बापदादा के नयनों में समाये हुए नूरे रत्न बच्चे ,

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02:06:56.479 --> 02:07:21.149
बाप की सर्व प्रापर्टी के अधिकारी श्रेष्ठ आत्मायें बच्चे ,

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सदा उमंग-उत्साह के पंखों से उड़ने वाले और उड़ाने वाले महावीर महावीरनियां बच्चे ,

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02:08:03.819 --> 02:08:39.460
एक बाप ही संसार है इस लगन से मगन रहने वाले लवलीन बच्चों को ,

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लवलीन बनना अर्थात् बाप समान सहज बनना ।

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तो लवली और लवलीन दोनों बच्चों को बहुत-बहुत पदम-पदमगुणा यादप्यार और नमस्ते ।

