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00:09:35.799 --> 00:11:15.259
आज चारों ओर के अति स्नेही बच्चों की उमंग-उत्साह भरी मीठी-मीठी यादप्यार और बधाईयां पहुंच रही हैं ।

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00:11:20.860 --> 00:12:29.529
हर एक के मन में बापदादा के जन्म दिन की उमंग भरी बधाईयां समाई हुई हैं ।

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00:12:35.730 --> 00:13:11.259
आप सभी भी विशेष आज बधाईयां देने आये हो वा लेने आये हो ?

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00:13:20.529 --> 00:13:44.730
बापदादा भी हर एक सिकीलधे लाडले बच्चों को ,

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बच्चों के जन्म दिन की पदम-पदम-पदमगुणा बधाईयां दे रहे हैं ।

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आज के दिन की विशेषता जो सारे कल्प में नहीं है

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00:14:52.600 --> 00:15:16.129
वह आज है जो बाप और बच्चों का जन्म दिन साथ-साथ है ।

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इसको कहा जाता है विचित्र जयन्ती ।

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00:15:57.000 --> 00:16:39.200
सारे कल्प में चक्र लगाके देखो ऐसी जयन्ती कभी मनाई है !

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00:16:46.730 --> 00:17:22.329
लेकिन आज बापदादा बच्चों की जयन्ती मना रहे हैं और बच्चे बापदादा की जयन्ती मना रहे हैं ।

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00:17:38.460 --> 00:17:47.059
नाम तो शिव जयन्ती कहते हैं

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00:17:47.059 --> 00:18:04.460
लेकिन यह ऐसी जयन्ती है

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जो इस एक जयन्ती में बहुत जयन्ती समाई हुई हैं ।

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00:18:31.400 --> 00:18:54.930
आप सभी को भी बहुत खुशी हो रही है ना

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00:18:56.200 --> 00:19:10.930
कि हम बाप को मुबारक देने आये हैं और बाप हमको मुबारक देने आये हैं

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क्योंकि बाप और बच्चों का इकट्ठा जन्म दिन होना यह अति प्यार की निशानी है ।

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00:20:00.329 --> 00:20:24.059
बाप बच्चों के सिवाए कुछ कर नहीं सकते और बच्चे बाप के सिवाए नहीं कर सकते ।

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00:20:25.329 --> 00:21:02.059
जन्म भी इकट्ठा है और संगमयुग में रहना भी इकट्ठा है

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00:21:04.059 --> 00:21:13.799
क्योंकि बाप और बच्चे कम्बाइन्ड हैं ।

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00:21:18.329 --> 00:21:39.259
विश्व कल्याण का कार्य भी इकट्ठा है , अकेला बाप भी नहीं कर सकता , बच्चे भी नहीं कर सकते , साथ-साथ है

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00:21:50.859 --> 00:22:09.329
और बाप का वायदा है - साथ रहेंगे , साथ चलेंगे ।

22
00:22:15.130 --> 00:22:19.130
साथ चलेंगे ना !

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00:22:19.130 --> 00:22:24.329
वायदा है ना !

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00:22:34.200 --> 00:22:51.400
इतना प्यार बाप और बच्चों का देखा है ?

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00:22:52.660 --> 00:23:02.130
देखा है वा अनुभव कर रहे हो ?

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00:23:12.000 --> 00:23:27.529
इसलिए इस संगमयुग का महत्व है

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00:23:34.660 --> 00:24:02.730
और इसी मिलन का यादगार भिन्न-भिन्न मेलों में बनाया हुआ है ।

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00:24:13.130 --> 00:24:37.059
इस शिव जयन्ती के दिन भक्त पुकार रहे हैं - आओ ।

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00:24:45.529 --> 00:25:14.130
कब आयेंगे , कैसे आयेंगे … यही सोच रहे हैं और आप मना रहे हैं ।

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00:25:22.799 --> 00:25:53.200
बापदादा को भक्तों के ऊपर स्नेह भी है , रहम भी आता है ,

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00:26:08.059 --> 00:26:28.130
कितना कुछ प्रयत्न करते हैं , ढूंढते रहते ।

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00:26:30.130 --> 00:26:36.660
आपने ढूंढा ?

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00:26:41.799 --> 00:26:49.400
या बाप ने आपको ढूंढा ?

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00:26:51.400 --> 00:26:55.000
किसने ढूंढ़ा ?

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00:26:55.000 --> 00:26:58.460
आपने ढूंढा ?

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00:26:58.460 --> 00:27:04.329
आप तो फेरे ही पहनते रहे ।

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00:27:10.329 --> 00:27:35.259
लेकिन बाप ने देखो बच्चों को ढूंढ लिया , भल बच्चे किसी भी कोनों में खो गये ।

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00:27:42.200 --> 00:27:57.259
आज भी देखो भारत के अनेक राज्यों से तो आये हो

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00:27:57.259 --> 00:28:08.329
लेकिन विदेश भी कम नहीं है , 100 देशों से आ गये हैं ।

40
00:28:25.130 --> 00:28:27.859
और मेहनत क्या की ?

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00:28:28.059 --> 00:28:37.259
बाप का बनने में मेहनत क्या की ?

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00:28:38.200 --> 00:28:41.059
मेहनत की ?

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00:28:41.059 --> 00:28:44.259
की है मेहनत ?

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00:28:44.259 --> 00:28:51.000
हाथ उठाओ जिसने बाप को ढूंढने में मेहनत की है ।

45
00:28:51.000 --> 00:29:02.400
भक्ति में किया लेकिन जब बाप ने ढूंढ लिया , फिर मेहनत की ?

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00:29:03.460 --> 00:29:06.859
की मेहनत ?

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00:29:06.859 --> 00:29:12.259
सेकण्ड में सौदा कर दिया ।

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00:29:12.259 --> 00:29:29.660
एक शब्द में सौदा हो गया ।

49
00:29:33.660 --> 00:29:39.130
वह एक शब्द क्या ?

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00:29:39.130 --> 00:29:44.599
“ मेरा ।

51
00:29:47.799 --> 00:29:57.930
बच्चों ने कहा “ मेरा बाबा , बाप ने कहा “ मेरे बच्चे ।

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00:29:57.930 --> 00:30:02.799
हो गये ।

53
00:30:22.799 --> 00:30:27.859
सस्ता सौदा है या मुश्किल ?

54
00:30:27.859 --> 00:30:31.660
सस्ता है ना !

55
00:30:31.660 --> 00:30:44.400
जो समझते हैं थोड़ा-थोड़ा मुश्किल है वह हाथ उठाओ ।

56
00:30:45.930 --> 00:30:52.000
कभी-कभी तो मुश्किल लगता है ना !

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00:30:52.000 --> 00:30:56.059
या नहीं ?

58
00:30:59.529 --> 00:31:20.400
है सहज लेकिन अपनी कमजोरियां मुश्किल अनुभव कराती हैं ।

59
00:31:32.599 --> 00:31:59.660
बापदादा देखते हैं भक्त भी जो सच्चे भक्त हैं ,

60
00:32:03.259 --> 00:32:12.059
स्वार्थी भक्त नहीं , सच्चे भक्त ,

61
00:32:25.859 --> 00:32:54.200
आज के दिन बड़े प्यार से व्रत रखते हैं ।

62
00:33:03.200 --> 00:33:14.130
आप सबने भी व्रत तो लिया है ,

63
00:33:20.529 --> 00:33:29.000
वह थोड़े दिनों का व्रत रखते हैं

64
00:33:31.529 --> 00:33:52.930
और आप सबने ऐसा व्रत रखा है

65
00:33:57.130 --> 00:34:22.530
जो अभी का यह एक व्रत 21 जन्म कायम रहता है ।

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00:34:24.929 --> 00:34:37.260
वह हर वर्ष मनाते हैं , व्रत रखते हैं ,

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00:34:39.260 --> 00:34:51.800
आप कल्प में एक बार व्रत लेते हो

68
00:34:58.860 --> 00:35:21.659
जो 21 जन्म न मन से व्रत रखना पड़ता , न तन से व्रत रखना पड़ता है ।

69
00:35:32.929 --> 00:35:41.530
व्रत तो आप भी लेते हो ,

70
00:35:46.329 --> 00:35:54.000
कौन सा व्रत लिया है ?

71
00:36:04.530 --> 00:36:37.260
पवित्र वृत्ति , दृष्टि , कृति , पवित्र जीवन का व्रत लिया है ।

72
00:36:52.530 --> 00:37:11.199
जीवन ही पवित्र बन गई ।

73
00:37:14.460 --> 00:37:29.659
पवित्रता सिर्फ ब्रह्मचर्य व्रत की नहीं ,

74
00:37:42.199 --> 00:38:26.800
लेकिन जीवन में आहार , व्यवहार , संसार , संस्कार सब पवित्र ।

75
00:38:34.860 --> 00:38:38.599
ऐसा व्रत लिया है ना ?

76
00:38:38.599 --> 00:38:42.800
लिया है ?

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00:38:42.800 --> 00:38:45.460
कांध हिलाओ ।

78
00:38:45.460 --> 00:38:48.059
लिया है ?

79
00:38:48.059 --> 00:38:50.860
पक्का लिया है ?

80
00:38:50.860 --> 00:38:58.000
पक्का या थोड़ा-थोड़ा कच्चा ?

81
00:39:00.000 --> 00:39:22.130
अच्छा , एक महाभूत काम , उसका व्रत लिया है या और चार का भी लिया है ?

82
00:39:27.130 --> 00:39:48.659
ब्रह्मचारी तो बने लेकिन चार जो पीछे हैं , उसका भी व्रत लिया है ?

83
00:39:50.659 --> 00:39:55.659
क्रोध का व्रत लिया है कि वह छूट है ?

84
00:39:57.659 --> 00:40:03.530
क्रोध करने की छुट्टी मिली है ?

85
00:40:04.260 --> 00:40:10.730
दूसरा नम्बर है ना तो कोई हर्जा नहीं , ऐसे तो नहीं ?

86
00:40:11.929 --> 00:40:38.800
जैसे महा भूत को , महाभूत समझकर मन-वाणी-कर्म में व्रत पक्का लिया है ,

87
00:40:39.329 --> 00:40:48.860
ऐसे ही क्रोध का भी व्रत लिया है ?

88
00:40:50.860 --> 00:41:05.059
जो समझते हैं हमने क्रोध का भी व्रत लिया है , बाल बच्चे पीछे भी हैं , लोभ मोह अहंकार

89
00:41:05.730 --> 00:41:16.260
लेकिन बापदादा आज क्रोध का पूछ रहे हैं ,

90
00:41:18.260 --> 00:41:38.329
जिसने क्रोध विकार का पूर्ण व्रत लिया है , मन्सा में भी क्रोध नहीं ,

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00:41:42.400 --> 00:42:01.400
दिल में भी क्रोध की फीलिंग नहीं , ऐसा है ?

92
00:42:03.400 --> 00:42:06.329
आज शिव जयन्ती है ना !

93
00:42:06.329 --> 00:42:17.329
तो भक्त व्रत रखेंगे तो बापदादा भी व्रत तो पूछेंगे ना !

94
00:42:19.329 --> 00:42:38.400
जो समझते हैं कि स्वप्न में भी क्रोध का अंश आ नहीं सकता , वह हाथ उठाओ ।

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00:42:39.260 --> 00:42:42.730
आ नहीं सकता ।

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00:42:42.730 --> 00:42:44.730
है ?

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00:42:44.730 --> 00:42:49.860
आता नहीं है ?

98
00:42:51.860 --> 00:42:54.730
नहीं आता है ?

99
00:42:51.860 --> 00:43:07.460
( कुछेक ने हाथ उठाया ) अच्छा , जिन्होंने हाथ उठाया उनका फोटो निकालो ,

100
00:43:13.400 --> 00:43:21.530
क्योंकि बापदादा आपके हाथ उठाने से नहीं मानेगा ,

101
00:43:23.659 --> 00:43:39.929
आपके साथियों से भी सर्टीफिकेट लेंगे फिर प्राइज़ देंगे ।

102
00:43:40.860 --> 00:44:11.659
अच्छी बात है क्योंकि बापदादा ने देखा कि क्रोध का अंश भी होता है , ईर्ष्या , जैलसी यह भी क्रोध के बाल बच्चे हैं ।

103
00:44:19.460 --> 00:44:27.599
लेकिन अच्छा है हिम्मत जिन्होंने रखी है ,

104
00:44:28.460 --> 00:44:35.730
उनको बापदादा अभी तो मुबारक दे रहे हैं

105
00:44:35.730 --> 00:44:47.400
लेकिन सर्टीफिकेट के बाद में फिर प्राइज़ देंगे

106
00:44:52.059 --> 00:45:19.929
क्योंकि बाप-दादा ने जो होमवर्क दिया , उसकी रिजल्ट भी बापदादा देख रहे हैं ।

107
00:45:25.929 --> 00:45:41.199
आज बर्थ डे मना रहे हो , तो बर्थ डे पर क्या किया जाता है ?

108
00:45:43.199 --> 00:45:49.659
एक तो केक काटते हैं ,

109
00:45:51.659 --> 00:46:08.130
तो अभी दो मास तो हो गये , अभी एक मास रहा है ,

110
00:46:09.260 --> 00:46:32.130
इस दो मास में आपने व्यर्थ संकल्प का केक काटा ?

111
00:46:36.260 --> 00:46:44.199
वह केक तो बहुत सहज काट लेते हो ना , आज भी काटेंगे ।

112
00:46:45.329 --> 00:46:55.530
लेकिन वेस्ट थॉट्स का केक काटा ?

113
00:46:58.730 --> 00:47:04.400
काटना तो पड़ेगा ना !

114
00:47:04.400 --> 00:47:12.460
क्योंकि साथ चलना है , यह तो पक्का वायदा है ना !

115
00:47:12.460 --> 00:47:18.199
कि साथ हैं , साथ चलेंगे ।

116
00:47:19.199 --> 00:47:31.130
साथ चलना है तो समान तो बनना पड़ेगा ना !

117
00:47:39.800 --> 00:47:57.530
अगर थोड़ा बहुत रह भी गया हो , दो मास तो पूरे हो गये ,

118
00:47:59.530 --> 00:48:09.460
तो आज के दिन बर्थ डे मनाने कहाँ-कहाँ से आये हो ।

119
00:48:10.329 --> 00:48:19.599
प्लेन में भी आये हो , ट्रेन में भी आये हो , कारों में भी आये हो ,

120
00:48:21.599 --> 00:48:31.130
बापदादा को खुशी है कि भाग-भाग करके आये हो ।

121
00:48:32.059 --> 00:48:42.860
लेकिन बर्थ डे पर पहले गिफ्ट भी देते हैं ,

122
00:48:49.059 --> 00:49:09.530
तो जो एक मास रहा हुआ है , होली भी आने वाली है ।

123
00:49:13.460 --> 00:49:19.860
होली में भी कुछ जलाया ही जाता है ।

124
00:49:20.730 --> 00:49:36.860
तो थोड़ा बहुत जो वेस्ट थॉट्स बीज हैं ,

125
00:49:37.460 --> 00:49:49.130
अगर बीज रहा हुआ होगा तो कभी तना भी निकल आयेगा , कभी शाखा भी निकल आयेगी ,

126
00:49:52.199 --> 00:50:33.599
तो क्या आज के उत्सव के दिन मन के उमंग-उत्साह से , ( मन का उमंग-उत्साह , मुख का नहीं मन का , मन के उमंग-उत्साह से ) जो थोड़ा बहुत रह गया है ,

127
00:50:35.599 --> 00:51:03.599
चाहे मन्सा में , चाहे वाणी में , चाहे सम्बन्ध-सम्पर्क में , क्या आज बाप के बर्थ डे पर बाप को यह गिफ्ट दे सकते हो ?

128
00:51:05.599 --> 00:51:15.400
दे सकते हो मन के उमंग-उत्साह से ?

129
00:51:15.400 --> 00:51:21.929
फायदा तो आपका है , बाप को तो देखना है ।

130
00:51:22.730 --> 00:51:47.199
जो उमंग उत्साह से , हिम्मत रखते हैं , करके ही दिखायेंगे , बेस्ट बनके दिखायेंगे , वह हाथ उठाओ ।

131
00:51:50.860 --> 00:51:57.730
छोड़ना पड़ेगा , सोच लो ।

132
00:52:02.400 --> 00:52:06.800
बोल में भी नहीं ।

133
00:52:06.800 --> 00:52:13.000
सम्बन्ध-सम्पर्क में भी नहीं ।

134
00:52:13.000 --> 00:52:16.329
है हिम्मत ?

135
00:52:16.329 --> 00:52:19.260
हिम्मत है ?

136
00:52:19.260 --> 00:52:32.860
मधुबन वालों में भी है , फॉरेन वालों में भी है , भारतवासियों में भी है

137
00:52:50.000 --> 00:53:03.800
क्योंकि बापदादा का प्यार है ना , तो बापदादा समझते हैं सब इकट्ठे चलें , कोई रह नहीं जाये ।

138
00:53:04.800 --> 00:53:19.400
जब वायदा किया है , साथ चलेंगे , तो समान तो बनना ही पड़ेगा ।

139
00:53:25.730 --> 00:53:28.659
प्यार है ना !

140
00:53:28.659 --> 00:53:35.929
मुश्किल से तो नहीं हाथ उठाया ?

141
00:53:44.460 --> 00:54:06.460
बापदादा इस संगठन का , ब्राह्मण परिवार का बाप समान मुखड़ा देखने चाहते हैं ।

142
00:54:17.059 --> 00:54:29.530
सिर्फ दृढ़ संकल्प की हिम्मत करो ,

143
00:54:34.199 --> 00:54:47.530
बड़ी बात नहीं है लेकिन सहनशक्ति चाहिए , समाने की शक्ति चाहिए ।

144
00:54:47.530 --> 00:55:09.329
यह दो शक्तियां , जिसमें सहनशक्ति है , समाने की शक्ति है , वह क्रोधमुक्त सहज हो सकता है ।

145
00:55:16.260 --> 00:55:34.530
तो आप ब्राह्मण बच्चों को तो बापदादा ने सर्व शक्तियां वरदान में दी हैं ,

146
00:55:38.530 --> 00:55:49.599
टाइटल ही है मास्टर सर्वशक्तिवान ।

147
00:56:05.599 --> 00:56:44.659
बस एक स्लोगन याद रखना, अगर एक मास में समान बनना ही है तो एक स्लोगन याद रखना, वायदे का है - न दुःख देना है, न दुःख लेना है।

148
00:56:47.460 --> 00:57:30.059
कई यह चेक करते हैं कि आज के दिन किसको दुःख दिया नहीं है, लेकिन लेते बहुत सहज हैं क्योंकि लेने में दूसरा देता है ना, तो अपने को छुड़ा देते हैं, मैंने थोड़ेही कुछ किया, दूसरे ने दिया, लेकिन लिया क्यों?

149
00:57:31.599 --> 00:57:38.530
लेने वाले आप हो या देने वाले ?

150
00:57:38.530 --> 00:57:56.530
देने वाले ने गलती की , वह बाप और ड्रामा जाने उसका हिसाब-किताब , लेकिन आपने लिया क्यों ?

151
00:57:56.530 --> 00:58:03.199
बापदादा ने रिजल्ट में देखा है

152
00:58:03.199 --> 00:58:44.260
कि देने में फिर भी सोचते हैं लेकिन ले बहुत जल्दी लेते हैं इसलिए समान बन नहीं सकेंगे ।

153
00:58:48.199 --> 00:59:09.400
लेना नहीं है कितना भी कोई दे , नहीं तो फीलिंग की बीमारी बढ़ जाती है

154
00:59:17.800 --> 00:59:28.929
इसलिए अगर छोटी-छोटी बातों में फीलिंग बढ़ती है

155
00:59:28.929 --> 00:59:49.199
तो वेस्ट थॉट्स खत्म नहीं हो सकते फिर बाप के साथ कैसे चलेंगे !

156
00:59:49.199 --> 00:59:59.199
बाप का प्यार है , बाप आपको छोड़ नहीं सकता , साथ लेके ही जाना है ।

157
00:59:59.199 --> 01:00:02.260
मंजूर है ?

158
01:00:02.260 --> 01:00:04.260
पसन्द है ना ?

159
01:00:04.260 --> 01:00:07.460
पसन्द है तो हाथ उठाओ ।

160
01:00:07.460 --> 01:00:11.460
पीछे-पीछे तो नहीं आना है ना !

161
01:00:11.460 --> 01:00:24.199
अगर साथ चलना है तो गिफ्ट देनी ही पड़ेगी ।

162
01:00:26.659 --> 01:00:39.530
एक मास सब अभ्यास करो, न दुःख लेना है न दुःख देना है।

163
01:00:49.000 --> 01:01:01.599
यह नहीं कहना मैंने दिया नहीं , उसने ले लिया , कुछ तो होता है ।

164
01:01:03.599 --> 01:01:11.860
परदर्शन नहीं करना , स्व-दर्शन ।

165
01:01:20.599 --> 01:01:29.059
हे अर्जुन मुझे बनना है ।

166
01:01:50.659 --> 01:02:09.860
देखो , बापदादा ने रिपोर्ट में देखा , सन्तुष्टता की रिपोर्ट अभी मैजॉरिटी की नहीं थी ,

167
01:02:13.260 --> 01:02:25.260
इसीलिए बापदादा फिर एक मास के लिए अण्डरलाइन कराते हैं ।

168
01:02:34.730 --> 01:02:45.530
अगर एक मास अभ्यास कर लिया तो आदत पड़ जायेगी ।

169
01:02:45.530 --> 01:02:49.530
आदत डालनी है ।

170
01:02:49.530 --> 01:03:05.199
हल्का नहीं छोड़ना , यह तो होता ही है , इतना तो चलेगा , नहीं ।

171
01:03:15.329 --> 01:03:24.260
अगर बापदादा से प्यार है

172
01:03:24.260 --> 01:03:44.929
तो प्यार के पीछे क्या सिर्फ एक क्रोध विकार को कुर्बान नहीं कर सकते ?

173
01:03:54.800 --> 01:04:09.059
कुर्बान की निशानी है - फरमान मानने वाला ।

174
01:04:16.530 --> 01:05:13.059
व्यर्थ संकल्प अन्तिम घड़ी में बहुत धोखा दे सकता है क्योंकि चारों ओर अपने तरफ दुःख का वायुमण्डल, प्रकृति का वायुमण्डल और आत्माओं का वायुमण्डल आकर्षण करने वाला होगा।

175
01:05:15.059 --> 01:05:28.400
अगर वेस्ट थॉट्स की आदत होगी तो वेस्ट में ही उलझ जायेंगे ।

176
01:05:35.860 --> 01:06:09.460
तो बापदादा का आज विशेष यह हिम्मत का संकल्प है ,

177
01:06:11.460 --> 01:06:27.059
चाहे विदेश में रहते , चाहे भारत में रहते , हैं तो बापदादा एक के बच्चे ।

178
01:06:28.000 --> 01:06:57.599
तो चारों ओर के बच्चे हिम्मत और दृढ़ता रख , सफल मूर्त बन विश्व में यह एनाउन्स करें

179
01:06:57.599 --> 01:07:15.329
कि काम नहीं , क्रोध नहीं , हम परमात्म बच्चे हैं ।

180
01:07:22.260 --> 01:07:34.130
दूसरों से शराब छुड़ाते , बीड़ी छुड़ाते ,

181
01:07:37.260 --> 01:08:11.730
लेकिन बापदादा आज हर एक बच्चे से क्रोधमुक्त , काम विकार मुक्त इन दो की हिम्मत दिलाके स्टेज पर विश्व को दिखाने चाहते हैं ।

182
01:08:14.659 --> 01:08:17.859
पसन्द है ?

183
01:08:17.859 --> 01:08:23.130
दादियों को पसन्द है ?

184
01:08:28.460 --> 01:08:35.329
पहली लाइन वालों को पसन्द है ?

185
01:08:37.329 --> 01:08:40.800
मधुबन वालों को पसन्द है ?

186
01:08:41.260 --> 01:08:44.460
मधुबन वालों को भी पसन्द है ।

187
01:08:46.460 --> 01:08:54.260
फॉरेन वालों को भी पसन्द है ?

188
01:09:00.529 --> 01:09:11.800
तो जो पसन्द चीज़ होती है उसे करने में क्या बड़ी बात है ।

189
01:09:12.800 --> 01:09:25.600
बापदादा भी एकस्ट्रा किरणें देगा ।

190
01:09:37.060 --> 01:09:59.060
ऐसा नक्शा दिखाई दे कि यह दुआयें देने वाला और दुआयें लेने वाला ब्राह्मण परिवार है

191
01:10:11.800 --> 01:10:34.930
क्योंकि समय भी पुकार रहा है , बापदादा के पास तो एडवांस पार्टी वालों की भी दिल की पुकार है ।

192
01:10:36.930 --> 01:10:42.329
माया भी अभी थक गई है ।

193
01:10:44.329 --> 01:10:53.859
वह भी चाहती है कि अभी हमें भी मुक्ति दे दो ।

194
01:11:08.130 --> 01:11:24.260
मुक्ति देते हैं लेकिन बीच-बीच में थोड़ी दोस्ती कर देते हैं क्योंकि 63 जन्म दोस्त रही है ना !

195
01:11:35.260 --> 01:11:51.729
तो बापदादा कहते हैं हे मास्टर मुक्तिदाता अभी सबको मुक्ति दे दो

196
01:11:58.659 --> 01:12:20.529
क्योंकि सारे विश्व को कुछ न कुछ प्राप्ति की अंचली देनी है , कितना काम करना है

197
01:12:26.859 --> 01:12:50.000
क्योंकि इस समय , समय आपका साथी है , सर्व आत्माओं को मुक्ति में जाना ही है , समय है ।

198
01:12:51.130 --> 01:13:01.859
दूसरे समय में अगर आप पुरुषार्थ भी करो , तो समय नहीं है , इसलिए आप दे नहीं सकते ।

199
01:13:03.859 --> 01:13:22.600
अब समय है इसलिए बापदादा कहते हैं पहले स्व को मुक्ति दो ,

200
01:13:23.329 --> 01:13:37.060
फिर विश्व की सर्व आत्माओं को मुक्ति देने की अंचली दो ।

201
01:13:55.199 --> 01:14:12.199
वह पुकार रहे हैं, आपको क्या दुःखियों की पुकार का आवाज नहीं आता?

202
01:14:16.659 --> 01:14:26.000
अगर अपने में ही बिजी होंगे तो आवाज सुनने नहीं आता ।

203
01:14:40.800 --> 01:14:51.600
बार-बार गीत गा रहे हैं - दुःखियों पर कुछ रहम करो … ।

204
01:15:07.199 --> 01:15:30.060
अभी से दयालु , कृपालु , मर्सीफुल संस्कार बहुतकाल से नहीं भरेंगे

205
01:15:30.800 --> 01:15:54.260
तो आपके जड़ चित्र में मर्सीफुल का , कृपा का , रहम का , दया का वायब्रेशन कैसे भरेगा ।

206
01:16:02.460 --> 01:16:18.529
डबल फॉरेनर्स समझते हैं , आप भी द्वापर में मर्सीफुल बनके अपने जड़ चित्रों द्वारा सबको मर्सी देंगे ना !

207
01:16:18.859 --> 01:16:28.130
आपके चित्र हैं ना या इन्डिया वालों के ही हैं ?

208
01:16:28.460 --> 01:16:40.329
फॉरेनर्स समझते हैं कि हमारे चित्र हैं ?

209
01:16:41.060 --> 01:16:45.260
तो चित्र क्या देते हैं ?

210
01:16:47.260 --> 01:16:54.600
चित्रों के पास जाके क्या मांगते हैं ?

211
01:16:57.800 --> 01:17:06.000
मर्सी , मर्सी की धुन लगा देते हैं ।

212
01:17:07.859 --> 01:17:22.800
तो अभी संगम पर आप अपने द्वापर कलियुग के समय के लिए

213
01:17:23.329 --> 01:17:36.659
जड़ चित्रों में वायुमण्डल भरेंगे तब आपके जड़ चित्रों के द्वारा अनुभव करेंगे ।

214
01:17:38.659 --> 01:17:43.399
भक्तों का कल्याण तो होगा ना !

215
01:17:49.399 --> 01:17:55.060
भक्त भी हैं तो आपकी वंशावली ना ।

216
01:17:56.199 --> 01:18:03.000
आप सभी ग्रेट ग्रेट ग्रैण्ड फादर की सन्तान हो ।

217
01:18:04.130 --> 01:18:19.600
तो भक्त हैं, चाहे दुःखी हैं, लेकिन हैं तो आपकी ही वंशावली।

218
01:18:26.000 --> 01:18:29.930
तो आपको रहम नहीं आता ?

219
01:18:30.260 --> 01:18:38.399
आता तो है लेकिन थोड़ा-थोड़ा और कहाँ बिजी हो जाते हो ।

220
01:18:40.399 --> 01:18:54.859
अभी अपने पुरुषार्थ में समय ज्यादा नहीं लगाओ ।

221
01:18:55.460 --> 01:19:03.529
देने में लगाओ , तो देना लेना हो जायेगा ।

222
01:19:07.060 --> 01:19:14.060
छोटी-छोटी बातें नहीं , मुक्ति दिन मनाओ ।

223
01:19:14.060 --> 01:19:24.199
आज का दिन मुक्ति दिवस मनाओ ।

224
01:19:32.859 --> 01:19:35.729
ठीक है ?

225
01:19:35.729 --> 01:19:42.329
हाँ पहली लाइन ठीक है ?

226
01:19:52.659 --> 01:19:55.329
मधुबन वाले ठीक है ?

227
01:19:55.329 --> 01:20:09.329
आज मधुबन वाले बहुत प्यारे लग रहे हैं क्योंकि मधुबन को फॉलो बहुत जल्दी करते हैं ।

228
01:20:10.329 --> 01:20:17.260
हर बात में मधुबन को फॉलो जल्दी करते हैं ,

229
01:20:19.260 --> 01:20:31.460
तो मधुबन वाले मुक्ति दिवस मनायेंगे ना तो सभी फॉलो करेंगे ।

230
01:20:33.460 --> 01:20:46.130
आप मधुबन निवासी सभी मास्टर मुक्ति दाता बन जायें ।

231
01:20:48.130 --> 01:20:52.529
बनना है ?

232
01:20:57.199 --> 01:21:00.000
अच्छा बहुत हैं ।

233
01:21:02.000 --> 01:21:09.199
अच्छा , बहुत अच्छे अच्छे हैं ।

234
01:21:11.199 --> 01:21:15.000
उम्मींदवार हैं ।

235
01:21:18.399 --> 01:21:31.600
क्योंकि मधुबन वाले नियरेस्ट हैं , तो नियरेस्ट वाले डियरेस्ट भी होते हैं ।

236
01:21:38.260 --> 01:21:42.399
मधुबन वाले डियरेस्ट हो ना ।

237
01:21:42.800 --> 01:21:49.260
नियरेस्ट और डियरेस्ट भी हो ।

238
01:21:56.060 --> 01:22:00.659
ऐसे नहीं , आप नहीं हो ।

239
01:22:00.659 --> 01:22:08.529
आप भी डियरेस्ट हो लेकिन यह नियरेस्ट रहते हैं ।

240
01:22:12.600 --> 01:22:22.260
तो रहने का लाभ है तो करने का भी तो लाभ लेंगे ना ।

241
01:22:28.260 --> 01:22:33.060
अच्छा । टीचर्स हाथ उठाओ ।

242
01:22:33.460 --> 01:22:37.130
बहुत टीचर्स हैं ।

243
01:22:39.130 --> 01:22:49.199
टीचर्स को तो बापदादा गुरूभाई कहते हैं ।

244
01:22:55.800 --> 01:22:59.329
तो गुरूभाई क्या करेंगे ?

245
01:22:59.329 --> 01:23:04.659
फॉलो ।

246
01:23:18.130 --> 01:23:21.729
अच्छा ।

247
01:23:23.729 --> 01:23:38.659
आज बर्थ डे की चारों ओर से आये हुए ,

248
01:23:39.199 --> 01:23:52.800
चाहे कार्ड भेजे हैं , चाहे कम्प्युटर द्वारा , ईमेल द्वारा भेजा है ,

249
01:23:53.659 --> 01:24:06.659
जिन्होंने भी बर्थ डे की मुबारक भेजी है ,

250
01:24:08.659 --> 01:24:36.659
उन सभी एक-एक बच्चे को नाम सहित , कोई अपना नाम नहीं भूलना , सबका नाम बापदादा के दिल पर है ।

251
01:24:37.800 --> 01:25:09.199
तो हर एक अपना रेसपान्ड बहुत बहुत बड़ी दिल से स्वीकार करना ।

252
01:25:12.130 --> 01:25:38.800
सौगातें भी छोटीमोटी भेजी हैं , कईयों ने तो 70-70 चीज़ें भेजी हैं , खुली दिल से मनाया है ।

253
01:25:42.329 --> 01:26:09.000
उन सभी को 70 बार तो क्या , 70 पदमगुणा बार मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

254
01:26:23.060 --> 01:26:52.329
बापदादा के दिल की दुआयें अनेक बार की , अनगिनत बार की स्वीकार हो ।

255
01:26:56.130 --> 01:27:02.659
अच्छा । अभी क्या करना है ?

256
01:28:10.659 --> 01:28:36.399
सेवा का टर्न यू पी जोन का है , साथ में बनारस क्षेत्र का नेपाल भी है :- सभी फायदा अच्छा उठाते हैं ।

257
01:28:36.399 --> 01:28:49.600
जोन को टर्न मिलता है ना तो खुली दिल से सेवा के लिए आ जाते हैं और बापदादा भी खुश होते हैं

258
01:28:49.600 --> 01:28:59.199
कि सभी को टाइम टू टाइम गोल्डन चांस मिलता है ।

259
01:28:59.199 --> 01:29:07.729
तो सेवा में बहुत मजा आया ?

260
01:29:09.729 --> 01:29:12.800
कमाई जमा की ?

261
01:29:13.659 --> 01:29:18.600
कितने जन्मों के लिए कमाई जमा की ?

262
01:29:18.600 --> 01:29:26.930
21 जन्मों की कमाई जमा की ।

263
01:29:27.800 --> 01:29:34.260
अच्छा चांस लेते हो ।

264
01:29:36.260 --> 01:29:52.199
यू पी आदि सेन्टरों में एक है ।

265
01:29:57.859 --> 01:30:18.199
जब सेवाकेन्द्र खुले हैं , तो चुने हुए नामग्रामी सेन्टरों में यू पी का सेन्टर था ।

266
01:30:18.800 --> 01:30:24.260
एक जोन बन गया ।

267
01:30:24.260 --> 01:30:30.800
एक सेन्टर से जोन बन गया ।

268
01:30:36.930 --> 01:30:44.600
अभी यू पी क्या कमाल करेगी ?

269
01:30:44.600 --> 01:31:07.000
यू पी में साधू सन्त महात्मायें बहुत हैं , एक तरफ यात्रू हैं , एक तरफ महात्मायें हैं ,

270
01:31:07.000 --> 01:31:24.529
एक महात्माओं का झुण्ड , ग्रुप जैसे कुछ समय पहले हरिद्वार का ग्रुप आया था ,

271
01:31:24.529 --> 01:31:48.130
चाहे थोड़े थे , लेकिन महामण्डलेश्वर थे ऐसे पूरी यू पी बनारस ऐसा ग्रुप बनाओ

272
01:31:49.199 --> 01:31:59.460
जो वह ग्रुप मधुबन तक पहुंच जाये ।

273
01:31:59.460 --> 01:32:25.859
( सबसे पहले बनारस से ही ग्रुप पहुँचा था ) थोड़े आये ना , अभी ग्रुप बनाके लाओ ।

274
01:32:26.529 --> 01:32:43.199
सारे यू पी के इकट्ठे करके अच्छा ग्रुप बनाकरके लाओ जो उन्हों का स्नेह मिलन चले ।

275
01:32:46.529 --> 01:32:52.460
यह तो हो सकता है ना !

276
01:32:54.460 --> 01:32:58.930
तो कब तक लायेंगे ?

277
01:33:00.930 --> 01:33:07.199
क्योंकि समय पर तो कोई भरोसा नहीं ।

278
01:33:09.199 --> 01:33:25.930
अभी तो एक ही समय पर तीन प्रकार की सेवा करनी है ।

279
01:33:25.930 --> 01:33:46.659
मन्सा भी , वाणी भी और सम्बन्ध-सम्पर्क द्वारा अर्थात् चेहरे द्वारा भी ।

280
01:33:50.399 --> 01:34:09.060
ऐसी फास्ट सेवा करेंगे तब विश्व आपके गुण गायेगा ।

281
01:34:11.800 --> 01:34:16.460
तो सुना यू पी वालों को क्या करना है ?

282
01:34:16.460 --> 01:34:19.000
पाण्डव सुन रहे हैं ?

283
01:34:19.000 --> 01:34:22.529
हाथ उठाओ पाण्डव बहुत हैं ।

284
01:34:26.130 --> 01:34:30.800
तो करो कोई कमाल ।

285
01:34:31.930 --> 01:34:36.659
कमाल करके दिखाना ।

286
01:34:38.659 --> 01:34:52.399
बाकी अच्छा , वृद्धि हो रही है और आगे भी वृद्धि होती रहेगी ।

287
01:35:07.859 --> 01:35:22.000
अच्छा - सभी को सन्तुष्ट करने का पुण्य जमा कर लिया ।

288
01:35:25.399 --> 01:35:35.460
सन्तुष्टता द्वारा बहुत पुण्य जमा होता है ।

289
01:35:38.529 --> 01:35:53.729
तो सन्तुष्ट रहे , सन्तुष्ट किया , सेवा दी और पुण्य जमा किया ।

290
01:35:57.329 --> 01:36:01.199
तो सब खुश ।

291
01:36:02.260 --> 01:36:11.329
फास्ट पुरूषार्थ है ना , स्लो नहीं , फास्ट ।

292
01:36:16.060 --> 01:36:18.800
अच्छा ।

293
01:36:18.800 --> 01:36:22.329
बापदादा को पसन्द आया ।

294
01:36:22.329 --> 01:36:43.800
इतने संगठन में आये और सन्तुष्ट किया उसकी मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

295
01:36:50.859 --> 01:37:50.529
डबल विदेशी 1500 आये हैं , 100 देशों से :- कमाल है डबल विदेशियों की ।

296
01:37:50.529 --> 01:38:15.729
देखो जब विदेश में स्थापना हुई तो कहते थे जिज्ञासु 5 ही आते हैं , ज्यादा नहीं आते ।

297
01:38:15.729 --> 01:38:20.729
अभी कितने फैल गये हो ।

298
01:38:20.729 --> 01:38:31.800
टोटल विदेश में कितने सेवाकेन्द्र हैं ?

299
01:38:36.199 --> 01:39:08.260
( 500 ) अभी तो यह सोचते नहीं ना , जिज्ञासु कैसे बनें , वी आई पी कैसे आवें , अब तो नजर घुमाते हो तो वी आई पी आ जाते हैं ।

300
01:39:10.260 --> 01:39:34.460
अभी वी आई पी क्या हैं , सम्बन्ध में लाओ और वी आई पी आ जाते हैं क्योंकि आप वी वी वी आई पी हो गये ना तो वह वी आई पी कुछ भी नहीं हैं ।

301
01:39:38.260 --> 01:40:01.729
बापदादा को खुशी है कि भिन्न-भिन्न देश रूपी वृक्ष की डालियां एक चन्दन का वृक्ष बन गये ।

302
01:40:05.729 --> 01:40:10.399
अभी 500 कलचर है क्या !

303
01:40:10.399 --> 01:40:14.399
एक है ना !

304
01:40:16.399 --> 01:40:22.600
एक ही ब्राह्मण कलचर हो गया ।

305
01:40:25.000 --> 01:40:31.329
परिवार को देखकर कितनी खुशी होती है ।

306
01:40:31.329 --> 01:40:45.199
इतने विदेश से एक समय आयेंगे , यह संकल्प पूरा हो गया है ।

307
01:40:46.130 --> 01:40:51.000
बापदादा सेवा से खुश हैं ।

308
01:40:51.000 --> 01:40:59.199
मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

309
01:41:03.060 --> 01:41:16.859
और बापदादा ने सुना कि बहुत बड़ा प्रोग्राम बना रहे हैं ।

310
01:41:18.859 --> 01:41:47.199
टॉपिक भी बापदादा को पसन्द है और जो आपस में मीटिंग्स की है , उसका भी सार बापदादा ने सुना है ।

311
01:41:49.199 --> 01:42:04.399
अच्छी हिम्मत रख रहे हैं , और जहाँ हिम्मत है वहाँ सफलता तो है ही है ।

312
01:42:08.600 --> 01:42:32.930
प्लैन बहुत अच्छे-अच्छे बनाये हैं और यह भी अच्छा करते हैं देखो सभा के बीच में सज रही हैं ना कुमारियाँ ।

313
01:42:32.930 --> 01:42:42.800
( कुमारियों ने ताज पहना हुआ है ) ऐसे हो जाओ तो सभी देखें ।

314
01:42:44.800 --> 01:42:54.329
हाँ सभी देखो , देखो कितने अच्छे लगते हैं ।

315
01:43:01.399 --> 01:43:06.260
इस ग्रुप की सेवा भी अच्छी होती है ।

316
01:43:06.260 --> 01:43:15.130
लेकिन कुमारियाँ ताजधारी तो अच्छी लग रही हो ,

317
01:43:17.130 --> 01:43:33.199
अभी ऐसी कमाल करके दिखाओ जो इन्डिया में कुमारियों का झुण्ड फॉरेन वाला ,

318
01:43:35.199 --> 01:43:49.859
कुछ प्रत्यक्षता करके दिखाये क्योंकि फॉरेन की कुमारियाँ या कुमार यूथ हो गये ना ,

319
01:43:51.000 --> 01:44:15.260
तो फॉरेन के भी इतनी कुमारियाँऔर कुमार परिवर्तन हुए हैं , इनका भी ऐसा फाइल बनाओ जो यहाँ के वी आई पी को दिखायें ।

320
01:44:15.399 --> 01:44:19.460
जैसे यहाँ बनाया है ना यूथ का ।

321
01:44:19.460 --> 01:44:25.859
यहाँ अच्छा बनाया है , वह देखना ।

322
01:44:25.859 --> 01:44:30.930
उससे भी बढ़िया बनाना ।

323
01:44:31.859 --> 01:44:34.399
लेकिन बनाया अच्छा है ।

324
01:44:34.399 --> 01:44:38.060
स्पष्ट हो जाता है ।

325
01:44:38.060 --> 01:45:00.399
प्रैक्टिकल परिवर्तन जो बदले नहीं , आज परिवर्तन का अनुभव फाइल में वी आई पी को दिखावें और कल वह बदल जाये , ऐसे नहीं करना ।

326
01:45:01.659 --> 01:45:04.930
पक्के ।

327
01:45:06.000 --> 01:45:13.600
निश्चयबुद्धि विजयी , ऐसा ग्रुप बनाना ।

328
01:45:15.600 --> 01:45:18.800
और फाइल बनाना ।

329
01:45:20.800 --> 01:45:25.460
बहुत सेवा करेगा ।

330
01:45:30.060 --> 01:45:51.800
क्योंकि बापदादा का , ब्रह्मा बाप का आदि से यह संकल्प रहा है कि विदेश वाले देश को जगायेंगे ।

331
01:45:57.600 --> 01:46:02.260
तो कमाल करेंगे ।

332
01:46:13.260 --> 01:46:20.529
बाकी बापदादा सेवा से खुश हैं और भी बढ़ाओ ।

333
01:46:20.529 --> 01:46:31.130
जैसे यहाँ लंका वाले बना रहे हैं ।

334
01:46:33.859 --> 01:46:44.800
ऐसे अपने आस पास की एरिया में भी कल्याण करते जाओ ।

335
01:46:49.600 --> 01:47:07.060
बापदादा जो निमित्त बने हैं , लंकावाले , उन्हों को भी मुबारक दे रहे हैं ।

336
01:47:09.060 --> 01:47:17.600
अच्छी सेवा का प्लैन बना रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं ।

337
01:47:19.600 --> 01:47:32.529
उसके लिए ताली बजाओ ।

338
01:47:48.260 --> 01:48:01.800
अच्छा - बढ़ रहे हैं और सदा बढ़ते रहेंगे ।

339
01:48:33.060 --> 01:48:37.800
अच्छा ।

340
01:48:39.800 --> 01:48:54.529
जो पहले बारी आये हैं , चाहे भारत वाले चाहे विदेश वाले वह उठो ।

341
01:49:17.600 --> 01:49:41.600
बहुत अच्छा , अपने घर में आये हो , उमंग-उत्साह से आज का उत्साह मनाने आये हो , मना रहे हो ।

342
01:49:41.600 --> 01:49:57.329
तो सभी बच्चों को , एक-एक को बहुत-बहुत मुबारक हो , मुबारक हो ।

343
01:50:00.930 --> 01:50:21.729
सभी यही लक्ष्य रखो कि भले आये लास्ट हैं , लेकिन जाना फास्ट और फर्स्ट है , ऐसी कमाल करके दिखाओ ।

344
01:50:23.729 --> 01:50:28.000
अच्छा है । यह ग्रुप भी अच्छा आया है ।

345
01:50:28.000 --> 01:50:44.659
( जापान से कुछ नये वी आई पी आये हैं ) फॉरेन सेवा में पहला-पहला यहाँ ही शुरू हुआ है - जापान वाले लकी हो ।

346
01:50:44.659 --> 01:50:53.600
पहले-पहले ब्राह्मण परिवार जापान में ही आये हैं ।

347
01:50:54.399 --> 01:50:59.260
दादी को याद है ना ।

348
01:51:04.529 --> 01:51:12.399
तो जापान सेवा का आदि स्थान रहा ।

349
01:51:12.399 --> 01:51:16.199
कितना लक है ।

350
01:51:21.729 --> 01:51:28.260
आपको सभी मिलके मुबारव दे रहे हैं ।

351
01:51:30.859 --> 01:51:35.199
बहुत अच्छा बैठ जाओ ।

352
01:52:06.930 --> 01:52:16.600
अच्छा अभी क्या करेंगे ?

353
01:52:16.600 --> 01:52:29.859
अभी बापदादा सभी को चाहे यहाँ सम्मुख बैठे हैं ,

354
01:52:29.859 --> 01:52:56.399
चाहे देश विदेश में दूर बैठे सुन रहे हैं या देख रहे हैं , सभी बच्चों को ड्रिल कराते हैं ।

355
01:53:13.130 --> 01:53:18.399
सभी रेडी हो गये ।

356
01:53:18.399 --> 01:54:02.529
सब संकल्प मर्ज कर दो , अभी एक सेकण्ड में मन बुद्धि द्वारा अपने स्वीट होम में पहुँच जाओ ।

357
01:54:32.329 --> 01:54:59.199
अभी परमधाम से अपने सूक्ष्मवतन में पहुंच जाओ ।

358
01:56:18.800 --> 01:56:49.729
अभी सूक्ष्मवतन से स्थूल साकार वतन अपने राज्य स्वर्ग में पहुंच जाओ ।

359
01:58:15.130 --> 01:58:37.060
अभी अपने पुरूषोत्तम संगमयुग में पहुंच जाओ ।

360
01:59:43.600 --> 01:59:49.729
अभी मधुबन में आ जाओ ।

361
02:00:09.930 --> 02:00:28.930
ऐसे ही बार-बार स्वदर्शन चक्रधारी बन चक्र लगाते रहो ।

362
02:00:46.000 --> 02:00:50.329
अच्छा ।

363
02:00:52.329 --> 02:01:13.460
चारों ओर के लवली और लकी बच्चों को ,

364
02:01:19.460 --> 02:01:59.930
सदा स्वराज्य द्वारा स्व-परिवर्तन करने वाले राजा बच्चों को ,

365
02:02:07.729 --> 02:02:47.060
सदा दृढ़ता द्वारा सफलता प्राप्त करने वाले सफलता के सितारों को ,

366
02:02:53.199 --> 02:03:09.859
सदा खुश रहने वाले खुशनसीब बच्चों को ,

367
02:03:11.859 --> 02:04:16.329
बापदादा का आज के जन्म दिन की बाप और बच्चों के बर्थ डे की बहुत-बहुत बारकी , दुआयें और यादप्यार , ऐसे श्रेष्ठ बच्चों को नमस्ते ।

