WEBVTT

1
00:20:46.200 --> 00:22:01.529
आज नवयुग रचता बापदादा अपने चारों ओर के बच्चों से नया वर्ष और नवयुग दोनों की मुबारक देने आये हैं ।

2
00:22:04.660 --> 00:22:34.200
चारों ओर के बच्चे भी मुबारक देने पहुंच गये हैं ।

3
00:22:46.329 --> 00:23:15.599
क्या सिर्फ नये वर्ष की मुबारक देने आये हो वा नवयुग की भी मुबारक देने आये हो ?

4
00:23:25.329 --> 00:23:51.599
जैसे नये वर्ष की खुशी होती है और खुशियां देते हैं ।

5
00:23:56.599 --> 00:24:24.259
तो आप ब्राह्मण आत्माओं को नवयुग भी इतना याद है ?

6
00:24:31.930 --> 00:24:56.259
नवयुग नयनों के सामने आ गया है ?

7
00:25:04.730 --> 00:25:29.460
जैसे नये वर्ष के लिए दिल में आ रहा है कि आया कि आया ,

8
00:25:33.460 --> 00:26:11.660
ऐसे ही अपने नवयुग के लिए इतना अनुभव करते हो कि आया कि आया ?

9
00:26:16.329 --> 00:26:43.859
उस नवयुग की स्मृति इतनी समीप आती है ?

10
00:26:51.200 --> 00:27:21.730
वह अपने शरीर रूपी ड्रेस चमकती हुई सामने नज़र आ रही है ?

11
00:27:43.130 --> 00:27:57.930
बापदादा डबल मुबारक देते हैं ।

12
00:28:10.730 --> 00:28:56.200
बच्चों के मन में , नयनों में नवयुग की सीन सीनरियां इमर्ज हैं ,

13
00:29:05.259 --> 00:29:56.000
कितना अपने नवयुग में तन-मन-धन-जन श्रेष्ठ है , सर्व प्राप्तियों के भण्डार हैं ।

14
00:30:03.259 --> 00:30:31.930
खुशी है कि आज पुरानी दुनिया में हैं और अभी-अभी अपने राज्य में होंगे !

15
00:30:40.859 --> 00:30:47.660
याद है अपना राज्य ?

16
00:31:15.799 --> 00:32:01.799
जैसे आज डबल कार्य के लिए आये हो , पुराने को विदाई देने और नये वर्ष को बधाई देने आये हैं ।

17
00:32:09.660 --> 00:32:51.730
तो सिर्फ पुराने वर्ष को विदाई देने आये हो वा पुरानी दुनिया के पुराने संस्कार ,

18
00:32:55.529 --> 00:33:23.529
पुराने स्वभाव , पुरानी चाल उसको भी विदाई देने आये हो ?

19
00:33:39.000 --> 00:34:29.530
पुराने वर्ष को विदाई देना तो सहज है , लेकिन पुराने संस्कार को विदाई देना भी इतना सहज लगता है ?

20
00:34:33.599 --> 00:34:36.800
क्या समझते हो ?

21
00:34:36.800 --> 00:34:51.599
माया को भी विदाई देने आये हो वा वर्ष को विदाई देने आये हैं ?

22
00:35:14.329 --> 00:35:17.530
विदाई देना है ना !

23
00:35:17.530 --> 00:35:24.460
कि थोड़ा प्यार है माया से ?

24
00:35:25.530 --> 00:35:32.599
थोड़ा-थोड़ा रखने चाहते हो ?

25
00:35:38.000 --> 00:36:29.130
बापदादा आज चारों ओर के बच्चों से पुराने संस्कार स्वभाव से विदाई दिलाने चाहते हैं ।

26
00:36:34.329 --> 00:36:37.199
दे सकते हो ?

27
00:36:37.199 --> 00:37:07.199
हिम्मत है कि सोचते हो कि विदाई देने चाहते हैं लेकिन फिर माया आ जाती है !

28
00:37:12.059 --> 00:37:59.329
क्या आज के दिन दृढ़ संकल्प की शक्ति से पुराने संस्कार को विदाई दे नये युग के संस्कार को , जीवन को बधाई देने की हिम्मत है ?

29
00:38:00.199 --> 00:38:03.000
है हिम्मत ?

30
00:38:03.000 --> 00:38:27.929
जो समझते हैं हो सकता है , हो सकता है , वा होना ही है , है हिम्मत वाले ?

31
00:38:28.460 --> 00:38:35.199
जो समझते हैं हिम्मत है वह हाथ उठाओ ।

32
00:38:35.199 --> 00:38:37.199
हिम्मत है ?

33
00:38:41.800 --> 00:38:52.130
अच्छा जिन्होंने नहीं उठाया है वह सोच रहे हैं ?

34
00:39:15.059 --> 00:39:25.929
डबल फॉरेनर्स ने उठाया हाथ , जिसमें हिम्मत है वह हाथ उठाओ , सभी नहीं ।

35
00:39:33.659 --> 00:39:40.730
अच्छा , डबल फॉरेनर्स तो होशियार हैं ।

36
00:39:40.730 --> 00:39:47.460
डबल नशा है इसीलिए ।

37
00:39:51.800 --> 00:40:05.000
देखना , बापदादा हर मास रिजल्ट देखेगा ।

38
00:40:09.260 --> 00:40:39.530
बापदादा को खुशी है कि हिम्मत वाले बच्चे हैं ।

39
00:40:41.530 --> 00:40:54.599
चतुराई से जवाब देने वाले बच्चे हैं ।

40
00:40:57.929 --> 00:41:00.730
क्यों ?

41
00:41:00.730 --> 00:41:19.260
क्योंकि जानते हैं कि एक कदम हमारी हिम्मत का और हजारों कदम बाप की मदद का तो मिलना ही है ।

42
00:41:33.130 --> 00:41:37.000
अधिकारी हो ।

43
00:41:38.199 --> 00:41:49.730
हजार कदम मदद के अधिकारी हो ।

44
00:41:53.260 --> 00:42:04.130
सिर्फ हिम्मत को माया हिलाने की कोशिश करती है ।

45
00:42:06.130 --> 00:42:23.800
बापदादा देखते हैं कि हिम्मत अच्छी रखते हैं , बापदादा दिल से मुबारक भी देते हैं

46
00:42:24.460 --> 00:43:00.929
लेकिन हिम्मत रखते फिर साथ में अपने अन्दर ही व्यर्थ संकल्प उत्पन्न कर लेते , कर तो रहे हैं ,

47
00:43:00.929 --> 00:43:28.860
होना तो चाहिए , करेंगे तो जरूर , पता नहीं … पता नहीं का संकल्प आना यह हिम्मत को कमज़ोर कर देता है ।

48
00:43:30.130 --> 00:43:46.659
तो तो आ जाता है ना, करते तो हैं, करना तो है… आगे उड़ना तो है…।

49
00:43:48.659 --> 00:43:54.730
यह हिम्मत को हिला देते हैं ।

50
00:43:58.000 --> 00:44:08.599
तो नहीं सोचो , करना ही है ।

51
00:44:10.730 --> 00:44:13.860
क्यों नहीं होगा !

52
00:44:13.860 --> 00:44:36.860
जब बाप साथ है , तो बाप के साथ में तो-तो नहीं आ सकता ।

53
00:44:57.860 --> 00:45:12.860
तो इस नये वर्ष में नवीनता क्या करेंगे ?

54
00:45:20.199 --> 00:45:33.329
हिम्मत के पांव को मजबूत बनाओ ।

55
00:45:47.800 --> 00:46:13.929
ऐसी हिम्मत का पांव मजबूत बनाओ जो माया खुद हिल जाये लेकिन पांव नहीं हिले ।

56
00:46:33.460 --> 00:47:12.260
तो नये वर्ष में नवीनता करेंगे , या जैसे कभी हिलते कभी मजबूत रहते , ऐसे तो नहीं करेंगे ना !

57
00:47:25.599 --> 00:47:47.659
आप सभी का कर्तव्य वा आक्यूपेशन क्या है ?

58
00:47:49.659 --> 00:47:55.000
अपने को क्या कहलाते हो ?

59
00:47:56.329 --> 00:47:59.659
याद करो ।

60
00:48:10.059 --> 00:48:32.199
विश्व कल्याणी , विश्व परिवर्तक , यह आपका आक्यूपेशन है ना !

61
00:48:35.400 --> 00:48:58.860
तो बापदादा को कभी-कभी मीठी-मीठी हंसी आती है ।

62
00:49:09.730 --> 00:49:18.400
विश्व परिवर्तक टाइटिल तो है ना !

63
00:49:18.400 --> 00:49:22.730
विश्व परिवर्तक हो ?

64
00:49:24.000 --> 00:49:30.199
या लण्डन परिवर्तक , इण्डिया परिवर्तक ?

65
00:49:31.460 --> 00:49:37.400
विश्व परिवर्तक हो ना , सभी ?

66
00:49:37.400 --> 00:49:49.929
चाहे गांव में रहते हैं चाहे लण्डन या अमेरिका में रहते हैं लेकिन विश्व कल्याणकारी हो ना ?

67
00:49:49.929 --> 00:49:58.460
हो तो कांध हिलाओ ।

68
00:49:59.130 --> 00:50:03.929
पक्का ना !

69
00:50:04.860 --> 00:50:09.530
कि 75 परसेन्ट हो ।

70
00:50:11.530 --> 00:50:24.260
75 परसेन्ट विश्व कल्याणी और 25 परसेन्ट माफ है , ऐसे ?

71
00:50:29.929 --> 00:50:37.460
चैलेन्ज क्या है आपकी ?

72
00:50:39.000 --> 00:50:54.260
प्रकृति को भी चैलेन्ज की है कि प्रकृति को भी परिवर्तन करना ही है ।

73
00:51:00.400 --> 00:51:07.130
तो अपना आक्यूपेशन याद करो ।

74
00:51:18.260 --> 00:51:34.329
कभी-कभी अपने लिए भी सोचते हो - करना तो नहीं चाहिए लेकिन हो जाता है ।

75
00:51:49.400 --> 00:52:11.400
तो विश्व परिवर्तक , प्रकृति परिवर्तक , स्व परिवर्तक नहीं बन सकते ?

76
00:52:34.599 --> 00:52:43.929
तो शक्ति सेना क्या सोचते हो ?

77
00:52:43.929 --> 00:53:23.860
इस वर्ष में अपना आक्यूपेशन विश्व परिवर्तक का स्व प्रति वा अपने ब्राह्मण परिवार प्रति ,

78
00:53:23.860 --> 00:53:32.400
क्योंकि पहले तो चैरिटी बिगन्स एट होम है ना !

79
00:53:47.530 --> 00:54:09.730
तो अपने आक्यूपेशन का प्रैक्टिकल स्वरूप प्रत्यक्ष करेंगे ना ।

80
00:54:25.400 --> 00:54:47.260
स्व परिवर्तन जो स्वयं भी चाहते हो और बापदादा भी चाहते हैं , जानते तो हो ना !

81
00:55:00.730 --> 00:55:13.860
बापदादा पूछते हैं कि आप सभी बच्चों का लक्ष्य क्या है ?

82
00:55:13.860 --> 00:55:24.460
तो एक ही जवाब देते हैं मैजारिटी कि बाप समान बनना है ।

83
00:55:24.460 --> 00:55:26.860
ठीक है ना !

84
00:55:26.860 --> 00:55:39.260
बाप समान बनना ही है ना , कि देखेंगे , सोचेंगे … !

85
00:55:43.000 --> 00:56:12.130
तो बाप भी यही चाहते हैं कि इस नये वर्ष में 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं अब 71 वर्ष में कोई कमाल करके दिखाओ ।

86
00:56:15.530 --> 00:56:29.730
सब इतनी सेवा के उमंग में भिन्न-भिन्न प्रोग्राम बनाते रहते हैं , सफल भी होते रहते हैं ,

87
00:56:31.000 --> 00:56:47.730
बापदादा को खुशी भी होती है कि मेहनत जो करते हैं उसकी सफलता मिलती है ।

88
00:56:47.730 --> 00:56:59.659
व्यर्थ नहीं जाती है लेकिन किसलिए सेवा करते ?

89
00:57:01.659 --> 00:57:09.599
तो क्या जवाब देते हैं ? बाप को प्रत्यक्ष करने के लिए ।

90
00:57:11.130 --> 00:57:30.059
तो बाप आज बच्चों से प्रश पूछते हैं , कि बाप को प्रत्यक्ष तो करना ही है , करेंगे ही ।

91
00:57:30.059 --> 00:57:51.800
लेकिन बाप को प्रत्यक्ष करने के पहले स्व को प्रत्यक्ष करो ।

92
00:58:01.929 --> 00:58:26.260
बोलो , शिव शक्तियां यह वर्ष स्व को प्रत्यक्ष शिव शक्ति के रूप में करेंगे ?

93
00:58:27.130 --> 00:58:30.860
करेंगे ?

94
00:58:30.860 --> 00:58:35.400
जनक बोलो ?

95
00:58:35.400 --> 00:58:39.199
करेंगे ?

96
00:58:41.199 --> 00:58:53.929
( करना ही है ) साथी , पहली लाइन दूसरी लाइन टीचर्स ।

97
00:58:53.929 --> 00:59:00.329
टीचर्स हाथ उठाओ जो इस वर्ष में करके दिखायेंगे ।

98
00:59:00.329 --> 00:59:07.059
करेंगे नहीं , करके दिखाना ही है ।

99
00:59:07.059 --> 00:59:20.460
अच्छा - सभी टीचर्स ने उठाया या कोई ने नहीं उठाया ।

100
00:59:21.000 --> 00:59:28.130
अच्छा - मधुबन वाले ।

101
00:59:28.130 --> 00:59:33.000
करना ही है , करना पड़ेगा ।

102
00:59:33.000 --> 00:59:40.260
मधुबन वाले क्योंकि मधुबन तो नजदीक है ना ।

103
00:59:47.400 --> 00:59:56.400
तारीख नोट कर देना , 31 तारीख है ।

104
00:59:57.260 --> 01:00:06.400
टाइम भी नोट करना (9बजकर 20मिनट)।

105
01:00:07.800 --> 01:00:19.059
और पाण्डव सेना , पाण्डवों को क्या दिखाना है ! विजयी पाण्डव ।

106
01:00:19.059 --> 01:00:28.730
कभी कभी के विजयी नहीं , है ही विजयी पाण्डव ।

107
01:00:28.730 --> 01:00:31.329
हैं ?

108
01:00:31.329 --> 01:00:38.260
दिखाना है इस वर्ष में , कि कहेंगे क्या करें ?

109
01:00:38.260 --> 01:00:44.730
माया आ गई ना , चाहते नहीं थे आ गई !

110
01:00:45.800 --> 01:01:09.599
बापदादा ने पहले भी कहा है माया अपना लास्ट टाइम तक आना बन्द नहीं करेगी ।

111
01:01:13.659 --> 01:01:28.130
लेकिन माया का काम है आना और आपका काम क्या है ?

112
01:01:28.130 --> 01:01:32.659
विजयी बनना ।

113
01:01:33.929 --> 01:01:42.730
तो यह नहीं सोचो , चाहते थोड़ेही हैं लेकिन माया आ जाती है ।

114
01:01:43.400 --> 01:01:47.130
हो जाता है ।

115
01:01:52.199 --> 01:02:09.530
अब यह शब्द बापदादा इस वर्ष के साथ , इन शब्दों को विदाई दिलाने चाहते हैं ।

116
01:02:12.460 --> 01:02:20.400
12 बजे इस वर्ष को विदाई देंगे ना ।

117
01:02:22.400 --> 01:02:36.860
तो जो घण्टे बजाओ ना , आज जब घण्टे बजाओ तो किसका घण्टा बजायेंगे ?

118
01:02:36.860 --> 01:02:49.130
दिन का , वर्ष का या माया की विदाई का घण्टा बजाना ।

119
01:02:56.199 --> 01:03:20.199
दो बातें हैं - एक तो परिवर्तन शक्ति , उसकी कमज़ोरी है ।

120
01:03:23.130 --> 01:03:34.659
प्लैन बहुत अच्छे बनाते हो, ऐसे करेंगे, ऐसे करेंगे, ऐसे करेंगे…।

121
01:03:36.659 --> 01:03:44.730
बापदादा भी खुश हो जाते हैं , बहुत अच्छे प्लैन बनाये हैं

122
01:03:46.730 --> 01:04:09.130
लेकिन परिवर्तन शक्ति की कमी होने के कारण कुछ परिवर्तन होता है , कुछ रह जाता है ।

123
01:04:23.659 --> 01:04:34.199
और दूसरी कमी है - दृढ़ता की ।

124
01:04:34.199 --> 01:04:41.659
संकल्प अच्छे अच्छे करते हो ,

125
01:04:45.460 --> 01:05:00.460
आज भी देखो कितने कार्ड , कितने अंजाम , कितने वायदे देखे , बापदादा ने देखा है ।

126
01:05:00.460 --> 01:05:04.599
बहुत पत्र अच्छे-अच्छे आये हैं ।

127
01:05:04.599 --> 01:05:11.929
( कार्ड पत्र आदि सब स्टेज पर सजे हुए रखे हैं ) तो करेंगे , दिखायेंगे , होना ही है , बनना ही है ,

128
01:05:13.929 --> 01:05:41.659
पदम-पदमगुणा यादप्यार , सब बापदादा के पास पहुंचा है , आप जो सम्मुख बैठे हो , उन्हों के दिल का आवाज भी बाप के पास पहुंचा ।

129
01:05:43.659 --> 01:06:04.400
लेकिन अभी बापदादा इन दो शक्तियों के ऊपर अण्डरलाइन करा रहा है ।

130
01:06:07.530 --> 01:06:14.730
एक दृढ़ता की कमी आ जाती है ।

131
01:06:15.530 --> 01:06:40.599
कमी का कारण , अलबेलापन , दूसरे को देखने का ।

132
01:06:42.599 --> 01:06:59.659
हो जायेगा, कर तो रहे हैं,करेंगे, जरूर करेंगे…।

133
01:07:05.260 --> 01:07:28.860
बापदादा यही चाहते हैं कि इस वर्ष एक शब्द को विदाई दो - सदा के लिए ।

134
01:07:29.599 --> 01:07:36.400
बतायें , बोलें ?

135
01:07:36.400 --> 01:07:41.599
देनी पड़ेगी ।

136
01:07:41.599 --> 01:08:02.199
इस वर्ष बापदादा कारण शब्द को विदाई दिलाने चाहते हैं , निवारण हो , कारण खत्म ।

137
01:08:03.260 --> 01:08:09.460
समस्या खत्म , समाधान स्वरूप ।

138
01:08:11.460 --> 01:08:34.600
चाहे स्वयं का कारण हो , चाहे साथी का कारण हो , चाहे संगठन का कारण हो , चाहे कोई सरकमस्टांश का कारण हो ,

139
01:08:39.930 --> 01:09:04.399
ब्राह्मणों की डिक्शनरी में कारण शब्द , समस्या शब्द परिवर्तन हो , समाधान और निवारण हो जाए

140
01:09:06.399 --> 01:09:35.729
क्योंकि बहुतों ने आज अमृतवेले भी बापदादा से रूहरिहान में यही बातें की , कि नये वर्ष में कुछ नवीनता करें ।

141
01:09:42.729 --> 01:10:16.800
तो बापदादा चाहते हैं कि यह नया वर्ष ऐसा मनाओ जो यह दो शब्द समाप्त हो जाएं ।

142
01:10:29.329 --> 01:10:35.399
पर-उपकारी ।

143
01:10:37.399 --> 01:10:47.930
स्वयं कारण बनते हैं या दूसरा कोई कारण बनता है ,

144
01:10:49.930 --> 01:11:41.859
लेकिन पर-उपकारी आत्मा बन , रहमदिल आत्मा बन , शुभ भावना , शुभ कामना के दिल वाले बन सहयोग दो , स्नेह लो ।

145
01:12:00.859 --> 01:12:18.600
तो इस नये वर्ष को क्या नाम देंगे ?

146
01:12:18.600 --> 01:12:29.000
पहले हर वर्ष को नाम देते थे , याद है ना ?

147
01:12:33.930 --> 01:13:16.729
तो बापदादा इस वर्ष को श्रेष्ठ शुभ संकल्प , दृढ़ संकल्प , स्नेह सहयोग संकल्प वर्ष -

148
01:13:22.060 --> 01:13:30.260
यह नाम नहीं , लेकिन ऐसा देखने चाहते हैं ।

149
01:13:34.199 --> 01:13:57.199
दृढ़ता की शक्ति , परिवर्तन की शिक्त को सदा साथी बनाओ ।

150
01:14:08.199 --> 01:14:27.729
कोई कुछ भी निगेटिव दे लेकिन जैसे आप दूसरों को कोर्स कराते हो निगेटिव को पॉजिटिव में बदली करो ,

151
01:14:33.859 --> 01:14:52.060
तो क्या आप स्वयं निगेटिव को पॉजिटिव में चेन्ज नहीं कर सकते ?

152
01:15:04.199 --> 01:15:28.859
दूसरा परवश होता है , परवश पर रहम किया जाता है ।

153
01:15:36.260 --> 01:15:45.529
आपके जड़ चित्र , आपके ही चित्र है ना ।

154
01:15:45.529 --> 01:16:00.930
भारत में डबल फॉरेनर्स के भी चित्र हैं ना , जो पूजे जाते हैं ?

155
01:16:08.329 --> 01:16:15.800
दिलवाला मन्दिर में तो अपना चित्र देखा है ना !

156
01:16:20.329 --> 01:16:22.859
बहुत अच्छा ।

157
01:16:22.859 --> 01:16:49.199
जब आपके जड़चित्र रहमदिल हैं , कोई भी चित्र के आगे जाते हैं तो क्या मांगते हैं ?

158
01:16:51.199 --> 01:17:02.600
दया करो , कृपा करो , रहम करो , मर्सी , मर्सी …

159
01:17:08.199 --> 01:17:21.800
तो सदा पहले अपने ऊपर रहम करो , फिर ब्राह्मण परिवार के ऊपर रहम करो ,

160
01:17:23.260 --> 01:17:58.060
अगर कोई परवश है , संस्कार के वश है , कमज़ोर है , उस समय बेसमझ हो जाता है , तो क्रोध नहीं करो ।

161
01:18:02.460 --> 01:18:09.600
क्रोध की रिपोर्ट ज्यादा आती है ।

162
01:18:11.000 --> 01:18:19.659
क्रोध नहीं तो उसके बाल बच्चों से बहुत प्यार है ।

163
01:18:31.130 --> 01:18:42.460
रोब , रोब क्रोध का बच्चा है ।

164
01:18:42.460 --> 01:18:56.729
तो जैसे परिवार में होता है ना , बड़े बच्चों से प्यार कम हो जाता है और पोत्रे धोत्रों से प्यार ज्यादा होता है ।

165
01:18:58.729 --> 01:19:14.399
तो क्रोध बाप है और रोब और उल्टा नशा , नशे भी भिन्नभिन्न होते हैं ,

166
01:19:14.399 --> 01:19:49.529
बुद्धि का नशा , ड्युटी का नशा , सेवा के कोई विशेष कर्तव्य का नशा , यह रोब होता है ।

167
01:19:58.600 --> 01:20:05.000
तो दयालु बनो , कृपालु बनो ।

168
01:20:08.800 --> 01:20:30.000
देखो , नये वर्ष में एक दो का मुख मीठा भी करते हैं , बधाई देंगे , तो मुख मीठा भी कराते हैं ना !

169
01:20:32.000 --> 01:20:45.729
तो सारा वर्ष कडुवापन नहीं दिखाना ।

170
01:20:47.729 --> 01:21:06.329
वह मुख मीठा करते आप सिर्फ मुख मीठा नहीं कराते लेकिन आपका मुखड़ा भी मीठा हो ।

171
01:21:08.329 --> 01:21:22.460
सदा अपना मुखड़ा रूहानियत के स्नेह का हो , मुस्कराने का हो ।

172
01:21:22.800 --> 01:21:26.930
कडुवापन नहीं ।

173
01:21:28.460 --> 01:21:47.329
मैजारिटी जब बापदादा से रूहरिहान करते हैं ना तो अपनी सच्ची बात सुना देते हैं और तो कोई सुनता ही नहीं है ।

174
01:21:56.060 --> 01:22:17.130
तो मैजारिटी की रिजल्ट में और विकारों से क्रोध या क्रोध के बाल बच्चे की रिपोर्ट ज्यादा है ।

175
01:22:28.600 --> 01:22:45.130
तो बापदादा इस नये वर्ष में इस कडुवाइस को निकालने चाहते हैं ।

176
01:23:03.659 --> 01:23:24.659
कईयों ने अपना वायदा भी लिखा है कि चाहते नहीं हैं लेकिन आ जाता है ।

177
01:23:32.659 --> 01:23:45.260
तो बापदादा ने कारण सुनाया कि दृढ़ता की कमी है ।

178
01:23:49.329 --> 01:24:02.859
बाप के आगे संकल्प द्वारा वचन भी लेते हैं ,

179
01:24:04.199 --> 01:24:26.859
लेकिन दृढ़ता ऐसी शक्ति है जो दुनिया वाले भी कहते हैं शरीर चला जाए लेकिन वचन नहीं जाए ।

180
01:24:32.729 --> 01:24:42.859
मरना पड़े , झुकना पड़े , बदलना पड़े , सहन करना पड़े ,

181
01:24:43.130 --> 01:25:01.529
लेकिन वचन में दृढ़ रहने वाला हर कदम में सफलतामूर्त है

182
01:25:01.529 --> 01:25:08.930
क्योंकि दृढ़ता सफलता की चाबी है ।

183
01:25:10.130 --> 01:25:20.130
चाबी है सभी के पास , लेकिन समय पर गुम हो जाती है ।

184
01:25:33.000 --> 01:25:37.130
तो क्या विचार है ?

185
01:25:37.130 --> 01:26:02.260
नया वर्ष नवीनता करनी ही है - स्व के , सहयोगियों के और विश्व के परिवर्तन की ।

186
01:26:18.600 --> 01:26:23.130
पीछे वाले सुन रहे हैं ?

187
01:26:27.529 --> 01:26:37.399
तो करना है ना , यह नहीं सोचना पहले तो बड़े करेंगे ना , हम तो छोटे हैं ना ।

188
01:26:37.399 --> 01:26:44.800
छोटे समान बाप ।

189
01:26:59.399 --> 01:27:41.529
हर एक बच्चा बाप के अधिकारी है , चाहे पहले बारी भी आये हो लेकिन मेरा बाबा कहा तो अधिकारी है ।

190
01:27:43.529 --> 01:27:57.329
श्रीमत पर चलने के भी अधिकारी और सर्व प्राप्तियों के भी अधिकारी ।

191
01:28:13.399 --> 01:28:27.399
टीचर्स आपस में प्रोग्राम बनाना , फारेन वाले भी बनाना , भारत वाले भी मिलकर बनाना ।

192
01:28:29.930 --> 01:29:01.329
बापदादा प्राइज देंगे,कौन सा जोन,चाहे फॉरेन हो चाहे इण्डिया हो,कौन सा जोन नम्बरवन लेता है, उसको गोल्डन कप देंगे।

193
01:29:04.130 --> 01:29:12.859
सिर्फ अपने को नहीं बनाना , साथियों को भी बनाना

194
01:29:22.329 --> 01:29:51.859
क्योंकि बापदादा ने देखा कि बच्चों के परिवर्तन बिना विश्व का परिवर्तन भी ढीला हो रहा है ।

195
01:29:58.329 --> 01:30:14.729
और आत्मायें नये-नये प्रकार के दुःख के पात्र बन रही हैं ।

196
01:30:16.729 --> 01:30:23.260
दुःख अशान्ति के नये नये कारण बन रहे हैं ।

197
01:30:24.329 --> 01:30:47.529
तो बाप अभी बच्चों के दुःख की पुकार सुनते हुए परिवर्तन चाहते हैं ।

198
01:30:59.659 --> 01:31:16.729
तो हे मास्टर सुखदाता बच्चे , दुःखियों पर रहम करो ।

199
01:31:27.060 --> 01:31:33.930
भक्त भी भक्ति कर करके थक गये हैं ।

200
01:31:35.260 --> 01:31:52.199
भक्तों को भी मुक्ति का वर्सा दिलाओ ।

201
01:31:58.329 --> 01:32:11.659
रहम आता है कि नहीं ? अपनी ही सेवा में , अपनी ही दिनचर्या में बिजी हैं ?

202
01:32:20.199 --> 01:32:47.199
निमित्त हो , ऐसे नहीं बड़े निमित्त हैं , एक एक बच्चा जिसने मेरा बाबा कहा है , माना है वह सब निमित्त हैं ।

203
01:33:00.399 --> 01:33:12.060
तो नये वर्ष में एक दो को गिफ्ट भी देते हैं ना ।

204
01:33:14.060 --> 01:33:24.729
तो आप भक्तों की आश पूरी करो उसको गिफ्ट दिलाओ ।

205
01:33:24.729 --> 01:33:39.659
दुःखियों को दुःख से छुड़ाओ , मुक्तिधाम में शान्ति दिलाओ - यह गिफ्ट दो ।

206
01:33:40.659 --> 01:34:02.460
ब्राह्मण परिवार में हर आत्मा को दिल के स्नेह और सहयोग की गिफ्ट दो ।

207
01:34:03.130 --> 01:34:08.130
आपके पास गिफ्ट का स्टॉक है ?

208
01:34:09.399 --> 01:34:11.930
स्नेह है ?

209
01:34:11.930 --> 01:34:14.800
सहयोग है ?

210
01:34:14.800 --> 01:34:20.729
मुक्ति दिलाने की शक्ति है ?

211
01:34:20.729 --> 01:34:25.930
जिसके पास स्टॉक बहुत है , वह हाथ उठाओ ।

212
01:34:25.930 --> 01:34:27.930
है स्टॉक ।

213
01:34:29.930 --> 01:34:32.130
स्टॉक कम है ?

214
01:34:32.130 --> 01:34:36.260
पहली लाइन वालों के पास स्टॉक कम है क्या ?

215
01:34:38.260 --> 01:34:43.260
यह बृजमोहन हाथ नहीं उठा रहा है ।

216
01:34:45.260 --> 01:34:49.800
स्टॉक तो है ना , स्टॉक है ?

217
01:34:51.800 --> 01:34:56.859
सभी ने उठाया ? स्टॉक है ?

218
01:35:01.859 --> 01:35:06.130
तो स्टॉक रखके क्या कर रहे हो ?

219
01:35:09.659 --> 01:35:15.260
जमा करके रखा है !

220
01:35:19.000 --> 01:35:24.000
टीचर्स स्टॉक है ना ?

221
01:35:24.000 --> 01:35:29.659
तो दो ना , फ्राकदिल बनो ।

222
01:35:31.659 --> 01:35:35.329
मधुबन वाले क्या करेंगे ?

223
01:35:35.329 --> 01:35:39.260
है स्टॉक , मधुबन में है ?

224
01:35:39.260 --> 01:35:47.460
मधुबन में तो चारों ओर स्टॉक भरा हुआ है ।

225
01:35:49.460 --> 01:35:56.930
तो अभी दाता बनो , जमा नहीं करो सिर्फ ।

226
01:35:58.060 --> 01:36:04.729
दाता बनो , देते जाओ ।

227
01:36:14.529 --> 01:36:17.529
ठीक है ।

228
01:36:17.529 --> 01:36:29.000
अच्छा - बापदादा देखेंगे , हर सप्ताह , हर जोन ,

229
01:36:31.000 --> 01:36:51.060
अपनी रिजल्ट ओ के या ओ के में लाइन लगाकर भेजे । अगर नहीं हैं ओ के तो , और कुछ नहीं लिखना , पत्र कोई नहीं पढ़ेगा ।

230
01:36:51.060 --> 01:37:11.930
बहुत लम्बे पत्र भेजते हैं तो पढ़ने की फुर्सत नहीं होती है इसलिए सिर्फ ओ के लिखें और ओ के नहीं हैं , तो बीच में लाइन लगा दें , बस ।

231
01:37:15.529 --> 01:37:24.729
उसी से पता पड़ जायेगा कि अभी मार्जिन है ।

232
01:37:33.529 --> 01:38:02.199
जोन नहीं तो हर एक सेन्टर लिखे , सभी सेवा में , भक्तों की , दुःखियों की , ब्राह्मणों की आपसी , तीनों सेवा में ओ के या लाइन ।

233
01:38:04.199 --> 01:38:17.000
परिवर्तन शक्ति , दृढ़ता की शक्ति अच्छी तरह से यूज करना ।

234
01:38:30.460 --> 01:38:36.199
अच्छा ।

235
01:38:53.930 --> 01:40:19.600
सेवा का टर्न , दिल्ली , आगरा का है :- अच्छा है , देखो स्थापना के कार्य में निमित्त पहले दिल्ली बनी ,

236
01:40:21.600 --> 01:40:37.260
बाम्बे भी साथ में थोड़ा-थोड़ा बनी , लेकिन दिल्ली स्थापना के कार्य में निमित्त बनी

237
01:40:38.460 --> 01:40:53.000
तो स्थापना वाले गोल्डन कप लेने में भी निमित्त बनेंगे ?

238
01:40:53.000 --> 01:41:00.060
बनेंगे ?

239
01:41:01.060 --> 01:41:10.659
इस बारी बापदादा गोल्डन कप बनवा रहे हैं , कितने लेते हैं वह देखेंगे ।

240
01:41:11.529 --> 01:41:23.260
लेकिन दिल्ली को नम्बरवन जाना ही है,ऐसे है ना!

241
01:41:25.260 --> 01:41:35.529
जायेंगे नहीं , जाना ही है राइट बोल रहे हैं तो हाथ उठाओ ।

242
01:41:35.529 --> 01:41:44.460
जाना ही है कि देखेंगे , सोचेंगे , गे गे वाले तो नहीं हैं ?

243
01:41:44.460 --> 01:41:49.600
बहादुर हैं ।

244
01:41:51.600 --> 01:42:11.130
देखो , बापदादा और आपकी मम्मा ने डायरेक्ट दिल्ली और बाम्बे की पालना की है ।

245
01:42:13.130 --> 01:42:31.930
और जगह गये हैं तो थोड़ा-थोड़ा लेकिन दिल्ली और बाम्बे में डायरेक्ट बापदादा , माँ ने पालना दी है ।

246
01:42:32.659 --> 01:42:38.460
तो दिल्ली वालों को नशा है ना ?

247
01:42:40.460 --> 01:42:54.199
तो इसमें भी नम्बरवन, क्या नहीं हो सकता है!

248
01:42:59.329 --> 01:43:11.000
दृढ़ निश्चय , निश्चित विजयी बना देता है ।

249
01:43:13.000 --> 01:43:28.329
दृढ़ता को यूज कम करते हो , देखेंगे , करेंगे , हो जायेगा , यह गे गे आ जाती है ।

250
01:43:33.800 --> 01:44:03.800
अच्छा है , दिल्ली वालों को एक्जैम्पुल बनना चाहिए , जो एक्जैम्पुल बनता है उसको फाइनल एक्जाम में एक्स्ट्रा मार्क्स मिल जाती हैं ।

251
01:44:04.729 --> 01:44:09.000
तो मार्क्स लेने वाले हो ना ।

252
01:44:09.000 --> 01:44:11.000
हो ?

253
01:44:11.659 --> 01:44:14.399
टीचर्स लेंगी ?

254
01:44:14.399 --> 01:44:17.529
अच्छा ।

255
01:44:18.199 --> 01:44:26.729
अभी क्या पत्र आयेगा ? ओ के का या लाइन वाला ?

256
01:44:26.729 --> 01:44:33.529
लाइन वाला नहीं भेजना ।

257
01:44:35.529 --> 01:44:54.600
ओ के भेजेंगे क्योंकि दिल्ली के ऊपर सबकी नज़र तो है ही ।

258
01:44:54.600 --> 01:45:04.600
सभी ब्राह्मणों को यही है कि दिल्ली में ही राज्य करना है ।

259
01:45:06.600 --> 01:45:12.260
तो आपको दिल्ली को तो पहले पूरा करना पड़ेगा ना ।

260
01:45:12.260 --> 01:45:14.260
अच्छा है ।

261
01:45:27.529 --> 01:45:34.199
अच्छा और क्या दिल्ली वाले करेंगे ?

262
01:45:34.199 --> 01:45:38.659
कोई नया प्लैन बनाया है ?

263
01:45:38.659 --> 01:45:57.060
क्योंकि दिल्ली और बाम्बे दोनों आदि से अभी तक कोई न कोई नवीनता के निमित्त बनते आये हैं ।

264
01:46:00.600 --> 01:46:36.600
तो अभी भी दिल्ली वाले शार्टकट और सफलता ज्यादा , ऐसा कोई प्लैन निकालो , जो सभी करके दिखावें , कर सकें ।

265
01:46:38.000 --> 01:46:48.460
शार्ट भी हो और सफलता मूर्त भी हो ।

266
01:46:52.859 --> 01:46:59.260
अच्छा आधी सभा तो दिल्ली लग रही है ।

267
01:47:00.199 --> 01:47:06.600
संख्या भी बहुत है ।

268
01:47:12.659 --> 01:47:17.199
तो गोल्डन कप लेने वाले हो ना ।

269
01:47:17.199 --> 01:47:21.600
बापदादा नाम रख दे पहला नम्बर ।

270
01:47:21.600 --> 01:47:23.600
रखें ?

271
01:47:23.600 --> 01:47:30.460
पीछे वाले , सहयोग सबको देना पड़ेगा ।

272
01:47:30.460 --> 01:47:41.130
पहले है स्व परिवर्तन , फिर है साथियों का परिवर्तन ,

273
01:47:41.130 --> 01:47:57.329
साथी माना आपस में 4-5 नहीं , दिल्ली निवासी साथी , फिर है विश्व परिवर्तन , सहयोग देना ।

274
01:47:58.329 --> 01:48:01.729
तो अच्छा है ।

275
01:48:01.729 --> 01:48:26.529
एक दो को सहयोग देते हुए , दिल का स्नेह देते हुए बढ़ाते चलो , उड़ाते चलो ।

276
01:48:29.859 --> 01:48:34.800
अच्छा है , हिम्मत है दिल्ली में ।

277
01:48:34.800 --> 01:48:47.260
हिम्मत है लेकिन संगठित रूप में हिम्मत प्रत्यक्ष करके दिखाओ ।

278
01:48:51.260 --> 01:48:59.000
सबकी नज़र दिल्ली के ऊपर जाती है ।

279
01:49:08.729 --> 01:49:11.659
अच्छा है ।

280
01:49:12.460 --> 01:49:22.329
सेवा का शौक रखा है , इसकी मुबारक है ।

281
01:49:23.659 --> 01:49:33.800
अपने पुण्य का खाता जमा कर लिया है ।

282
01:49:45.260 --> 01:49:50.199
अच्छा ।

283
01:50:20.329 --> 01:50:34.859
सिन्धी ग्रुप :- सिन्धी ग्रुप उठो ।

284
01:50:53.800 --> 01:51:03.800
आप लोगों को एक स्पेशल नशा है , है नशा ?

285
01:51:03.800 --> 01:51:22.859
अच्छा नशा , बुरा नहीं अच्छा नशा है कि बापदादा को भी सिन्ध में आना पड़ा , तो सिन्धियों का कुछ भाग्य है ना ।

286
01:51:22.859 --> 01:51:41.529
आदि रत्न , आदि स्थापना सिंध में हुई और यह ग्रुप बड़ा अच्छा बनाया है ।

287
01:51:41.529 --> 01:52:02.399
जैसे सोचा है , तो बापदादा ने देखा कि हर वर्ष संगठन रूप में अच्छा ग्रुप बनकर आता है ।

288
01:52:04.399 --> 01:52:17.060
विशेष एक दो को उमंग दिलाने वाले अच्छे हैं ।

289
01:52:21.729 --> 01:52:25.800
अब आपका ग्रुप क्या करेगा ?

290
01:52:25.800 --> 01:52:32.800
विशेष सिन्धी ग्रुप क्या करेगा ?

291
01:52:34.800 --> 01:52:38.329
क्या करेंगे ?

292
01:52:38.800 --> 01:52:43.659
कोई कमाल करके दिखाओ ना ।

293
01:52:53.000 --> 01:53:01.329
सिन्धी सम्मेलन तो करते रहते हो ।

294
01:53:13.130 --> 01:53:18.600
आपका ग्रुप अच्छा है ।

295
01:53:18.600 --> 01:53:32.460
और इस ग्रुप का एक-एक विशेष कार्य अर्थ निमित्त बन सकता है

296
01:53:32.460 --> 01:53:43.460
क्योंकि मैजारिटी युगल , युगल हैं , अकेले कम हैं ।

297
01:53:43.460 --> 01:54:01.800
तो जहाँ युगल युगल आते हैं , एकमत हैं , वह सेवा बहुत अच्छी कर सकते हैं ।

298
01:54:01.800 --> 01:54:04.859
एक्जैम्पुल हैं ना ।

299
01:54:04.859 --> 01:54:16.930
आप लोगों ने छोड़ा नहीं है , परिवार में रहते हैं , एकमत होके चलते हैं

300
01:54:16.930 --> 01:54:26.930
तो आपके थोड़े से बोल भी सेवा कर सकते हैं ।

301
01:54:31.000 --> 01:54:34.859
अभी अपना ग्रुप थोड़ा बढ़ाओ ।

302
01:54:34.859 --> 01:54:43.329
अभी छोटा भी नहीं है , बीच का है , अभी थोड़ा और बढ़ाओ ।

303
01:54:43.329 --> 01:54:46.600
उमंग उल्हास में लाओ ।

304
01:54:46.600 --> 01:55:11.130
जैसे एक वर्ष में एक बारी आते हो ऐसे और नामीग्रामी जो सेवा के निमित्त बन सकें , ऐसे और भी अपने ग्रुप में एड करो ।

305
01:55:13.130 --> 01:55:59.399
( दादी जानकी ने सुनाया कि यह दादाराम , दादा रत्नचन्द का मोस्टली परिवार है जो सारे विश्व में फैला हुआ है ) हाँ यह प्रसिद्ध परिवार है और देखो दोनों परिवार के जो निमित्त बनें ,

306
01:56:01.399 --> 01:56:13.399
एक रत्नचन्द की विशेषता - कुछ नहीं सोचा , स्वाहा ।

307
01:56:13.399 --> 01:56:17.399
उमंग-उत्साह दिखाया ।

308
01:56:17.399 --> 01:56:22.199
ब्रह्मा बाप को फॉलो किया ।

309
01:56:23.529 --> 01:56:34.600
तो आज उसका परिवार उसकी दुआओं से बहुत अच्छा चल रहा है

310
01:56:36.600 --> 01:56:52.060
और राम सावित्री दिल से सेवा के निमित्त बनें ।

311
01:56:54.800 --> 01:57:05.600
समय पर गुप्त सहयोगी बनें , उसकी दुआयें परिवार को हैं ।

312
01:57:08.329 --> 01:57:16.399
काम उसने किया और नाम परिवार को दिया है ।

313
01:57:18.399 --> 01:57:23.329
यह उन्हों का त्याग है ।

314
01:57:25.329 --> 01:57:34.399
उसके त्याग का भाग्य आपको प्राप्त हो रहा है ।

315
01:57:38.460 --> 01:57:47.130
संगठन अच्छा है , आपका ग्रुप बापदादा को पसन्द है ।

316
01:57:57.199 --> 01:58:01.130
अच्छा । मुबारक हो ।

317
01:58:01.130 --> 01:58:10.329
सभी परिवार की तरफ से भी बापदादा की तरफ से भी मुबारक हो , मुबारक हो ।

318
01:58:10.600 --> 01:58:14.460
अच्छा ।

319
01:58:14.460 --> 02:00:04.130
डबल विदेशी बच्चों की रिट्रीट चल रही है :- ( बच्चे गीत गा रहे हैं - बाबा का बच्चों से , बच्चों का बाबा से प्यार है ना ) अच्छा है ।

320
02:00:04.130 --> 02:00:13.659
जैसे बच्चे उमंग-उत्साह में अपना प्रोग्राम यहाँ कर रहे हो ,

321
02:00:13.659 --> 02:00:22.800
वैसे अपने-अपने शहरों में भी बच्चों का ग्रुप बढ़ाओ ।

322
02:00:23.329 --> 02:00:38.060
जो बच्चा ज्यादा में ज्यादा बच्चों का ग्रुप तैयार करेंगे , उसको प्राइज देंगे ।

323
02:00:42.729 --> 02:00:57.659
बापदादा को भी बच्चे अच्छे लगते हैं क्योंकि बच्चे दिल के सच्चे हैं ।

324
02:01:02.199 --> 02:01:15.000
अच्छा - कभी क्रोध तो नहीं करते बच्चे , कभी-कभी करते हो ?

325
02:01:15.000 --> 02:01:18.600
थोड़ा थोड़ा करते हो ?

326
02:01:20.060 --> 02:01:47.260
तो इस वर्ष अपने अपने सेन्टर में अपनी रिजल्ट लिखाना फिर वह टीचर लिख करके भेजेगी कि इन बच्चों ने सारा साल क्रोध नहीं किया ।

327
02:01:47.260 --> 02:01:54.859
और बहुत अच्छा पुरूषार्थ किया फिर प्राइज देंगे ।

328
02:01:54.859 --> 02:02:04.729
अच्छा ।

329
02:02:09.060 --> 02:03:03.399
डबल विदेशी :- फारेनर्स वृद्धि भी कर रहे हैं और भिन्न-भिन्न देश जो रहे हुए हैं ,

330
02:03:03.399 --> 02:03:34.460
उसमें उमंग-उत्साह से बढ़ रहे हैं , यह बापदादा को खुशी है कि प्रैक्टिकल रहमदिल बन आत्माओं के ऊपर रहम कर रहे हैं ।

331
02:03:38.460 --> 02:03:54.600
सेवा का उमंग भी है और सेवा का प्रत्यक्ष रूप भी दिखा रहे हैं ।

332
02:03:55.729 --> 02:04:13.260
अभी डबल तीव्र पुरूषार्थ कर गोल्डन कप फॉरेन वाले लेवें ।

333
02:04:15.260 --> 02:04:19.659
ले सकते हैं ।

334
02:04:21.659 --> 02:04:36.529
सभी की तरफ से ईमेल आयेगा आपके पास , ओ के ओ के , ज्यादा नहीं आयेगा ।

335
02:04:36.529 --> 02:04:41.800
पढ़ना पड़ता है ना आपको ।

336
02:04:44.729 --> 02:05:12.060
(दादी जानकी को), बस सिर्फ ओ.के. बाप भी ओ.के. वालों को गुप्त में बहुत स्नेह की दुआओं की वर्षा करते हैं।

337
02:05:17.000 --> 02:05:25.000
वाह ! बच्चे वाह ! का गीत गाते हैं ।

338
02:05:27.000 --> 02:05:48.000
चाहे भारत वाले , चाहे विदेश वाले लेकिन कोई-कोई बच्चे गुप्त रीति से तीव्र पुरूषार्थ कर रहे हैं

339
02:05:48.000 --> 02:05:57.529
और बापदादा के पास लिस्ट भी है , भारत में भी है विदेश में भी है

340
02:05:57.529 --> 02:06:13.529
लेकिन बापदादा अभी बहुतकाल देखने चाहता है , कर रहे हैं लेकिन बहुतकाल चाहिए ।

341
02:06:14.460 --> 02:06:25.260
तो बहुतकाल बापदादा नोट कर रहे हैं , कि बहुतकाल के तीव्र पुरूषार्थी कौन कौन हैं ।

342
02:06:25.260 --> 02:06:46.729
बीच-बीच में अगर ढीले हो जाते हैं तो बहुतकाल तो कट हो जाता है ना इसीलिए बापदादा लिस्ट निकाल रहा है , अभी थोड़े हैं ।

343
02:06:50.729 --> 02:06:54.000
बनना तो सबको है ।

344
02:06:54.000 --> 02:07:08.659
भारत वालों को भी बनना है , विदेश वालों को भी बनना है लेकिन कोई कोई गुप्त अच्छे है ।

345
02:07:09.930 --> 02:07:18.060
बापदादा गिनती करते रहते हैं , कितने बच्चे हैं ऐसे ।

346
02:07:20.060 --> 02:07:31.000
अभी बहुतकाल पर अटेन्शन रखो ।

347
02:07:33.000 --> 02:07:48.930
क्योंकि बहुतकाल के विजयी बहुतकाल का फुल आधा कल्प के राज्यभाग्य के अधिकारी बनेंगे ।

348
02:07:50.130 --> 02:08:07.130
अगर बीच बीच में किया , आधा समय किया , पौना समय किया तो प्राप्ति राज्य भाग्य की भी इतनी होगी ।

349
02:08:09.130 --> 02:08:36.659
इसीलिए बापदादा डबल विदेशियों को विशेष थैंक्स भी देते हैं अटेन्शन है , लेकिन बीच बीच में टेन्शन भी आ जाता है ।

350
02:08:40.729 --> 02:08:48.460
अभी टेन्शन खत्म , अटेन्शन ।

351
02:08:50.460 --> 02:08:58.199
ऐसी लिस्ट में आ जाओ , बहुतकाल के तीव्र पुरूषार्थी ।

352
02:09:00.859 --> 02:09:09.930
कभी-कभी वाले नहीं , लगातार ।

353
02:09:14.600 --> 02:09:18.260
ठीक है ना ।

354
02:09:18.659 --> 02:09:32.060
हैं , बापदादा देखते हैं कि उम्मींदवार सितारे हैं ।

355
02:09:37.460 --> 02:09:42.659
प्रैक्टिकल स्टेज पर आ जायेंगे ।

356
02:09:45.859 --> 02:09:48.329
ठीक है ना ।

357
02:09:48.329 --> 02:09:50.329
है ना ऐसे !

358
02:09:50.329 --> 02:09:54.800
उम्मींदवार सितारे हैं ना ।

359
02:09:56.800 --> 02:10:04.729
बाप की आशाओं के सितारे बच्चे हैं ।

360
02:10:10.130 --> 02:10:13.600
अच्छा ।

361
02:10:13.600 --> 02:10:17.199
मुबारक हो , मुबारक हो ।

362
02:10:17.199 --> 02:11:09.199
इन्टरनेशनल यूथ ग्रुप :- यूथ ग्रुप की विशेषता यह प्रसिद्ध है कि यूथ जो चाहे वह कर सकते हैं ।

363
02:11:11.199 --> 02:11:28.859
तो इस वर्ष आप यूथ ग्रुप क्या संकल्प पूरा करेंगे ?

364
02:11:28.859 --> 02:11:41.930
जो बापदादा ने कहा है - वह यूथ ग्रुप करके दिखायेंगे !

365
02:11:41.930 --> 02:11:44.600
करेंगे ?

366
02:11:48.600 --> 02:11:53.260
निवारण स्वरूप ।

367
02:11:53.260 --> 02:11:57.659
कारण नहीं , निवारण स्वरूप ।

368
02:11:57.659 --> 02:12:03.000
समाधान स्वरूप ।

369
02:12:05.729 --> 02:12:12.329
आपस में लेन-देन करते रहते हैं ना ।

370
02:12:13.529 --> 02:12:37.529
तो यह लक्ष्य रखके जाओ कि बहुतकाल समाधान स्वरूप बनके ही उड़ना है ।

371
02:12:39.529 --> 02:12:54.600
कारण आयेंगे लेकिन आप यूथ में ताकत है कारण को निवारण में चेंज करना ।

372
02:12:55.659 --> 02:13:03.000
क्या करें , कारण है ना , यह यूथ नहीं बोल सकता ।

373
02:13:03.000 --> 02:13:08.930
शक्तिवान हो ।

374
02:13:12.199 --> 02:13:17.460
तो ठीक है यह होम वर्क करेंगे !

375
02:13:17.460 --> 02:13:20.260
करेंगे होमवर्क ?

376
02:13:20.260 --> 02:13:24.529
अच्छा रिजल्ट लिखते रहना ।

377
02:13:24.529 --> 02:13:29.260
ओ के ओ के की रिजल्ट लिखना ।

378
02:13:35.130 --> 02:13:38.060
अच्छा है ।

379
02:13:38.060 --> 02:13:51.800
बापदादा को यूथ ग्रुप में बहुत अच्छी आशायें हैं ।

380
02:13:56.199 --> 02:14:11.460
कर रहे हैं , प्लैन बना रहे हैं अब प्रैक्टिकल में करके दिखाओ , जो भी आपको देखे कहे यह तो फरिश्ता है ।

381
02:14:11.460 --> 02:14:16.529
फरिश्ता फरिश्ता दिखाई दो ।

382
02:14:17.600 --> 02:14:23.000
फरिश्ते की चाल उड़ती कला ।

383
02:14:23.800 --> 02:14:27.930
नीचे ऊपर नहीं ।

384
02:14:28.729 --> 02:14:34.399
उड़ने वाले और उड़ाने वाले ।

385
02:14:35.529 --> 02:14:40.199
कमज़ोर को भी उड़ाने वाले ।

386
02:14:40.729 --> 02:14:44.460
नीचे आने वाले नहीं ।

387
02:14:47.199 --> 02:14:51.130
तो ऐसा प्लैन बनाया है !

388
02:14:51.130 --> 02:14:55.659
ऐसा सोचा है ?

389
02:14:57.659 --> 02:15:00.729
कोई कमाल करके दिखाना ।

390
02:15:00.729 --> 02:15:10.600
बाकी अच्छा है हर वर्ष मिलते हो , यह बहुत अच्छा ।

391
02:15:11.130 --> 02:15:16.399
उमंग उल्हास बढ़ता है ।

392
02:15:19.130 --> 02:15:33.659
अभी की रिजल्ट भी सुनी है , कुछ बनाया है ना , चिटकियां लिखी हैं , वह भी सुना है ।

393
02:15:35.659 --> 02:15:39.659
यह अच्छा बनाया है ।

394
02:15:40.800 --> 02:15:46.729
अच्छा पुरूषार्थ किया है ।

395
02:15:50.060 --> 02:15:59.399
अभी सभी की यह चिटकी नीचे गिरे कि अच्छे ते अच्छे हैं ।

396
02:15:59.859 --> 02:16:06.199
परसेन्टेज नहीं , अच्छे ते अच्छे ।

397
02:16:08.199 --> 02:16:14.060
हो सकता है बड़ी बात नहीं है ।

398
02:16:14.930 --> 02:16:17.800
अच्छा ।

399
02:16:42.799 --> 02:17:42.059
( सबने वायदा किया है कि बाबा की आश पूरा करेंगे , विदेश और भारत में साथ-साथ सेवा करेंगे , ऐसा संकल्प है , इसका प्लान बनायेंगे ) अच्छा है ।

400
02:18:15.930 --> 02:18:39.530
अच्छा - मधुबन के आप सभी श्रृंगार हो ।

401
02:18:41.530 --> 02:18:54.129
देखो आप जब आते हो मधुबन में तो कितना मधुबन सज जाता है ।

402
02:19:08.459 --> 02:19:15.930
मधुबन में आना अच्छा लगता है ना कि मुश्किल लगता है ?

403
02:19:15.930 --> 02:19:19.930
मेहनत लगती है ?

404
02:19:19.930 --> 02:19:27.200
लगती है मेहनत या खुशी होती है ?

405
02:19:50.600 --> 02:19:55.530
अच्छा ।

406
02:20:00.260 --> 02:21:11.530
अभी हर एक अपने को मन के मालिक अनुभव कर एक सेकण्ड में मन को एकाग्र कर सकते हो ?

407
02:21:12.659 --> 02:21:17.399
आर्डर कर सकते हो ?

408
02:21:19.399 --> 02:21:34.600
एक सेकण्ड में अपने स्वीट होम में पहुंच जाओ ।

409
02:21:37.129 --> 02:22:02.200
एक सेकण्ड में अपने राज्य स्वर्ग में पहुंच जाओ ।

410
02:22:03.399 --> 02:22:15.129
मन आपका आर्डर मानता है वा हलचल करता है ?

411
02:22:17.129 --> 02:22:52.059
मालिक अगर योग्य है , शक्तिवान है , तो मन नहीं माने , हो नहीं सकता ।

412
02:22:54.059 --> 02:23:32.200
तो अभी अभ्यास करो एक सेकण्ड में सभी अपने स्वीट होम में पहुंच जाओ ।

413
02:25:23.860 --> 02:25:49.399
यह अभ्यास सारे दिन में बीच-बीच में करने का अटेन्शन रखो ।

414
02:25:50.260 --> 02:26:19.200
मन की एकाग्रता स्वयं को भी और वायुमण्डल को भी पावरफुल बनाती है ।

415
02:26:25.530 --> 02:26:29.399
अच्छा ।

416
02:26:31.399 --> 02:27:14.530
चारों ओर के अति सर्व के स्नेही , सर्व के सहयोगी श्रेष्ठ आत्माओं को ,

417
02:27:16.530 --> 02:27:45.000
चारों ओर के विजयी बच्चों को ,

418
02:27:47.000 --> 02:28:06.930
चारों ओर के परिवर्तन शक्तिवान बच्चों को ,

419
02:28:11.930 --> 02:28:44.260
चारों ओर के सदा स्वयं को प्रत्यक्ष कर बाप को प्रत्यक्ष करने वाले बच्चों को ,

420
02:28:46.260 --> 02:29:40.600
सदा समाधान स्वरूप विश्व परिवर्तक बच्चों को बापदादा का यादप्यार और दिल की दुआयें स्वीकार हों ।

421
02:29:41.860 --> 02:30:11.399
साथ में सभी बच्चों को जो बाप के भी सिरताज हैं , ऐसे सिरताज बच्चों को बापदादा की नमस्ते ।

