WEBVTT

1
00:05:59.129 --> 00:06:44.860
आज स्नेह के सागर बापदादा चारों ओर के स्नेही बच्चों को देख रहे हैं ।

2
00:06:53.000 --> 00:07:17.660
दो प्रकार के बच्चे देख-देख हर्षित हो रहे हैं ।

3
00:07:22.860 --> 00:07:54.600
एक हैं लवलीन बच्चे और दूसरे हैं लवली बच्चे ,

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00:07:57.529 --> 00:08:54.200
दोनों के स्नेह की लहरें बाप के पास अमृतवेले से भी पहले से पहुँच रही हैं ।

5
00:09:00.600 --> 00:09:49.399
हर एक बच्चे के दिल से ऑटोमेटिक गीत बज रहा है - मेरे बाबा ।

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00:10:01.399 --> 00:10:54.200
बापदादा के दिल से भी यही गीत बजता - मेरे बच्चे , लाडले बच्चे , बापदादा के भी सिरताज बच्चे ।

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00:11:03.330 --> 00:11:49.259
आज स्मृति दिवस के कारण सबके मन में स्नेह की लहर ज्यादा है ।

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00:12:00.730 --> 00:12:49.929
अनेक बच्चों की स्नेह के मोतियों की मालायें बापदादा के गले में पिरो रही हैं ।

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00:12:55.460 --> 00:13:33.399
बाप भी अपने स्नेही बांहों की माला बच्चों को पहना रहे हैं ।

10
00:13:37.600 --> 00:14:08.860
बेहद के बापदादा की बेहद की बांहों में समा गये हैं ।

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00:14:37.529 --> 00:14:59.330
आज सब विशेष स्नेह के विमान में पहुंच गये हैं

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00:15:05.200 --> 00:15:57.659
और दूर-दूर से भी मन के विमान में अव्यक्त रूप से , फरिश्तों के रूप से पहुंच गये हैं ।

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00:16:04.000 --> 00:17:04.730
सभी बच्चों को बापदादा आज स्मृति दिवस सो समर्थ दिवस की पदमापदम याद दे रहे हैं ।

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00:17:13.259 --> 00:18:34.660
यह दिवस कितनी स्मृतियां दिलाता है और हर स्मृति सेकण्ड में समर्थ बना देती है ।

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00:18:45.259 --> 00:19:19.529
स्मृतियों की लिस्ट सेकण्ड में स्मृति में आ जाती है ना ।

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00:19:30.200 --> 00:19:52.259
स्मृति सामने आते समर्थी का नशा चढ़ जाता है ।

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00:20:03.259 --> 00:20:22.059
पहली-पहली स्मृति याद है ना !

18
00:20:37.529 --> 00:21:09.130
जब बाप के बने तो बाप ने क्या स्मृति दिलाई ?

19
00:21:23.400 --> 00:21:41.599
आप कल्प पहले वाली भाग्यवान आत्मा हो ।

20
00:21:49.259 --> 00:22:30.059
याद करो इस पहली स्मृति से क्या परिवर्तन आ गया ?

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00:22:48.599 --> 00:23:44.859
आत्म अभिमानी बनने से परमात्म बाप के स्नेह का नशा चढ़ गया ।

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00:23:49.200 --> 00:23:55.799
क्यों नशा चढ़ा ?

23
00:23:55.799 --> 00:24:14.329
दिल से पहला स्नेह का शब्द कौन सा निकला ?

24
00:24:17.130 --> 00:25:09.930
मेरा मीठा बाबा और इस एक गोल्डन शब्द निकलने से नशा क्या चढ़ा ?

25
00:25:23.529 --> 00:26:05.000
सारी परमात्म प्राप्तियां मेरा बाबा कहने से , जानने से , मानने से आपकी अपनी प्राप्तियां हो गई ।

26
00:26:10.059 --> 00:26:12.930
अनुभव है ना !

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00:26:12.930 --> 00:26:24.660
मेरा बाबा कहने से कितनी प्राप्तियां आपकी हो गई !

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00:26:33.000 --> 00:27:13.130
जहाँ प्राप्तियां होती हैं वहाँ याद करनी नहीं पड़ती लेकिन स्वतः ही आती है , सहज ही आती है क्योंकि मेरी हो गई ना !

29
00:27:13.930 --> 00:27:41.660
बाप का खज़ाना मेरा खज़ाना हो गया , तो मेरापन याद किया नहीं जाता है , याद रहता ही है ।

30
00:27:45.930 --> 00:27:57.130
मेरा भुलाना मुश्किल होता है , याद करना मुश्किल नहीं होता ।

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00:27:59.130 --> 00:28:24.660
जैसे अनुभव है मेरा शरीर , तो भूलता है ?

32
00:28:28.730 --> 00:28:36.329
भुलाना पड़ता है , क्यों ?

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00:28:36.329 --> 00:28:38.799
मेरा है ना !

34
00:28:38.799 --> 00:28:51.799
तो जहाँ मेरापन आता है वहाँ सहज याद हो जाती है ।

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00:29:09.799 --> 00:29:24.329
तो स्मृति ने समर्थ आत्मा बना दिया ।

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00:29:26.329 --> 00:29:33.400
एक शब्द मेरा बाबा ने ।

37
00:29:42.460 --> 00:30:12.059
भाग्य विधाता अखुट खज़ाने के दाता को मेरा बना लिया ।

38
00:30:26.460 --> 00:30:36.460
ऐसी कमाल करने वाले बच्चे हो ना !

39
00:30:44.930 --> 00:31:00.200
परमात्म पालना के अधिकारी बन गये ,

40
00:31:07.529 --> 00:31:26.329
जो परमात्म पालना सारे कल्प में एक बार मिलती है ,

41
00:31:30.529 --> 00:32:06.930
आत्मायें और देव आत्माओं की पालना तो मिलती है लेकिन परमात्म पालना सिर्फ एक जन्म के लिए मिलती है ।

42
00:32:25.599 --> 00:33:09.000
तो आज के स्मृति सो समर्थी दिवस पर परमात्म पालना का नशा और खुशी सहज याद रही ना !

43
00:33:18.599 --> 00:33:44.859
क्योंकि आज का वायुमण्डल सहज याद का था ।

44
00:33:53.130 --> 00:34:17.400
तो आज के दिन सहजयोगी रहे कि आज के दिन भी युद्ध करनी पड़ी याद के लिए ?

45
00:34:21.000 --> 00:34:47.400
क्योंकि आज का दिन स्नेह का दिन कहेंगे ना , तो स्नेह मेहनत को मिटा देता है ।

46
00:34:52.329 --> 00:35:04.460
स्नेह सब बातें सहज कर देता है ।

47
00:35:15.860 --> 00:35:36.260
तो सभी आज के दिन विशेष सहजयोगी रहे या मुश्किल आई ?

48
00:35:36.260 --> 00:35:46.460
जिसको आज के दिन मुश्किल आई हो वह हाथ उठाओ ।

49
00:35:47.800 --> 00:35:52.800
किसको भी नहीं आई ?

50
00:35:56.929 --> 00:36:01.730
सब सहजयोगी रहे ।

51
00:36:01.730 --> 00:36:08.059
अच्छा जो सहजयोगी रहे वह हाथ उठाओ ।

52
00:36:08.059 --> 00:36:17.800
अच्छा - सहजयोगी रहे ?

53
00:36:17.800 --> 00:36:24.199
आज माया को छुट्टी दे दी थी ।

54
00:36:26.199 --> 00:36:32.329
आज माया नहीं आई ?

55
00:36:36.059 --> 00:36:46.860
आज माया को विदाई दे दी ?

56
00:36:55.400 --> 00:37:04.730
अच्छा आज तो विदाई दे दी , उसकी मुबारक हो ,

57
00:37:06.130 --> 00:37:28.059
अगर ऐसे ही स्नेह में समाये रहो तो माया को तो विदाई सदा के लिए हो जायेगी

58
00:37:34.460 --> 00:38:34.659
क्योंकि अभी 70 साल पूरे हो रहे हैं , तो बापदादा इस वर्ष को न्यारा वर्ष , सर्व का प्यारा वर्ष , मेहनत से मुक्त वर्ष , समस्या से मुक्त वर्ष मनाने चाहते हैं ।

59
00:38:36.659 --> 00:38:41.130
आप सभी को पसन्द है ?

60
00:38:41.130 --> 00:38:43.400
पसन्द है ?

61
00:38:43.400 --> 00:38:49.400
मुक्त वर्ष मनायेंगे ?

62
00:38:50.530 --> 00:39:17.260
क्योंकि मुक्तिधाम में जाना है , अनेक दुःखी अशान्त आत्माओं को मुक्तिदाता बाप से साथी बन मुक्ति दिलाना है ।

63
00:39:19.929 --> 00:39:39.659
तो मास्टर मुक्तिदाता जब स्वयं मुक्त बनेंगे तब तो मुक्ति वर्ष मनायेंगे ना !

64
00:39:46.460 --> 00:40:14.199
क्योंकि आप ब्राह्मण आत्मायें स्वयं मुक्त बन अनेकों को मुक्ति दिलाने के निमित्त हो ।

65
00:40:31.199 --> 00:41:17.659
एक भाषा जो मुक्ति दिलाने के बजाए बंधन में बांधती है , समस्या के अधीन बनाती है , वह है ऐसा नहीं , वैसा ।

66
00:41:17.659 --> 00:41:24.800
वैसा नहीं ऐसा ।

67
00:41:26.800 --> 00:41:41.860
जब समस्या आती है तो यही कहते हैं बाबा ऐसा नहीं था , वैसा था ना ।

68
00:41:43.059 --> 00:41:49.530
ऐसा नहीं होता , ऐसा होता ना ।

69
00:41:54.199 --> 00:42:07.599
यह है बहाने बाजी करने का खेल ।

70
00:42:10.199 --> 00:42:26.730
बापदादा ने सबका फाइल देखा , तो फाइल में क्या देखा ?

71
00:42:30.329 --> 00:42:57.199
मैजॉरिटी का फाइल प्रतिज्ञा करने के पेपर से फाइल भरा हुआ है ।

72
00:43:02.599 --> 00:43:12.800
प्रतिज्ञा करने के टाइम बहुत दिल से करते हैं ,

73
00:43:14.059 --> 00:43:42.929
सोचते भी हैं लेकिन अभी तक देखा कि फाइल बड़ा होता जाता है लेकिन फाइनल नहीं हुआ है ।

74
00:43:55.199 --> 00:44:20.400
दृढ़ प्रतिज्ञा के लिए कहा हुआ है - जान चली जाए लेकिन प्रतिज्ञा न जाए ।

75
00:44:25.260 --> 00:44:32.059
तो बापदादा ने आज सबके फाइल देखे ।

76
00:44:34.059 --> 00:44:39.530
बहुत प्रतिज्ञायें अच्छी-अच्छी की है ।

77
00:44:41.530 --> 00:44:54.329
मन से भी की है और लिख करके भी की है ।

78
00:44:58.130 --> 00:45:03.400
तो इस वर्ष क्या करेंगे ?

79
00:45:05.400 --> 00:45:14.659
फाइल को बढ़ायेंगे या प्रतिज्ञा को फाइनल करेंगे ?

80
00:45:27.329 --> 00:45:31.400
क्या करेंगे ?

81
00:45:31.400 --> 00:45:40.860
पहली लाइन वाले बताओ , पाण्डव सुनाओ , टीचर्स सुनाओ ।

82
00:45:40.860 --> 00:45:54.460
इस वर्ष जो बापदादा के पास फाइल बड़ा होता जाता है ,

83
00:45:55.730 --> 00:46:06.800
उसको फाइनल करेंगे या इस वर्ष भी फाइल में कागज एड करेंगे ?

84
00:46:06.800 --> 00:46:11.800
क्या करेंगे ?

85
00:46:15.199 --> 00:46:17.400
बोलो पाण्डव ?

86
00:46:19.400 --> 00:46:22.860
फाइनल करेंगे ?

87
00:46:25.329 --> 00:46:48.599
जो समझते हैं - झुकना पड़े , बदलना पड़े , सहन करना भी पड़े , सुनना भी पड़े , लेकिन बदलना ही है , वह हाथ उठाओ ।

88
00:46:48.599 --> 00:46:53.000
देखो टी वी में सबका फोटो निकालो ।

89
00:46:53.000 --> 00:47:07.659
सभी का फोटो निकालना , दो तीन चार टी वी हैं , सब तरफ के फोटो निकालो ।

90
00:47:08.260 --> 00:47:21.130
यह रिकार्ड रखना , बाप को यह फोटो निकाल के देना । कहाँ है टी वी वाले ?

91
00:47:21.800 --> 00:47:28.599
बापदादा भी फाइल का फायदा तो उठावे ।

92
00:47:30.599 --> 00:47:43.260
मुबारक हो , मुबारक हो , अपने आपके लिए ही ताली बजाओ ।

93
00:47:55.000 --> 00:48:33.400
देखो जैसे एक तरफ साइन्स दूसरे तरफ भ्रष्टाचारी , तीसरे तरफ पापाचारी , सब अपने-अपने कार्य में और वृद्धि करते जा रहे हैं ।

94
00:48:34.059 --> 00:48:39.730
बहुत नये-नये प्लैन बनाते जाते हैं ।

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00:48:44.059 --> 00:49:00.400
तो आप तो क्रियेटर के बच्चे हो , वर्ल्ड क्रियेटर के बच्चे हो

96
00:49:02.059 --> 00:49:37.860
तो आप इस वर्ष ऐसी नवीनता के साधन अपनाओ जो प्रतिज्ञा दृढ़ हो जाए क्योंकि सभी प्रत्यक्षता चाहते हैं ।

97
00:49:37.860 --> 00:49:53.400
कितना खर्चा कर रहे हैं , जगह-जगह पर बड़े-बड़े प्रोग्राम कर रहे हैं ।

98
00:49:53.400 --> 00:51:00.460
हर एक वर्ग मेहनत अच्छी कर रहे हैं लेकिन अभी इस वर्ष यह एडीशन करो कि जो भी सेवा करो, मानो मुख की सेवा करते हो, तो सिर्फ मुख की सेवा नहीं, मन्सा वाचा और स्नेह सहयोग रूपी कर्म एक ही समय में तीन सेवायें इकट्ठी हों।

99
00:51:00.460 --> 00:51:03.260
अलग-अलग नहीं हों ।

100
00:51:03.260 --> 00:51:20.860
एक सेवा में देखा जाता है कि जो बापदादा रिजल्ट देखने चाहते हैं वह नहीं होती ।

101
00:51:20.860 --> 00:51:32.000
जो आप भी चाहते हो , प्रत्यक्षता हो जाए , अभी तक यह रिजल्ट अच्छी है ।

102
00:51:32.000 --> 00:51:45.599
पहले से बहुत अच्छी रिजल्ट है , सब अच्छा अच्छा , बहुत अच्छा कहके जाते हैं ।

103
00:51:47.599 --> 00:51:59.800
लेकिन अच्छा बनना अर्थात् प्रत्यक्षता होना ।

104
00:52:01.800 --> 00:52:25.599
तो अब एडीशन करो कि एक ही समय पर मन्सा-वाचा-कर्मणा में स्नेही सहयोगी बनना ,

105
00:52:25.599 --> 00:52:42.329
हर एक साथी चाहे ब्राह्मण साथी हैं , चाहे बाहर वाले सेवा के निमित्त जो बनते हैं , वह साथी हों

106
00:52:42.329 --> 00:52:59.400
लेकिन सहयोग और स्नेह देना यह है कर्मणा सेवा में नम्बर लेना ।

107
00:53:01.400 --> 00:53:11.800
यह भाषा नहीं कहना , यह ऐसा किया ना , तभी ऐसा करना पड़ा ।

108
00:53:11.800 --> 00:53:21.860
स्नेह के बजाए थोड़ा-थोड़ा कहना पड़ा , बाबा शब्द नहीं बोलता ।

109
00:53:21.860 --> 00:53:35.659
यह करना ही पड़ता है , कहना ही पड़ता है , देखना ही पड़ता है … यह नहीं ।

110
00:53:37.659 --> 00:53:46.199
इतने वर्षो में देख लिया , बापदादा ने छुट्टी दे दी ।

111
00:53:46.199 --> 00:54:00.130
ऐसा नहीं वैसा करते रहे , लेकिन अभी कब तक ?

112
00:54:00.130 --> 00:54:19.400
बापदादा से सभी रूहरिहान में मैजॉरिटी कहते हैं बाबा आखिर भी पर्दा कब खोलेंगे ? कब तक चलेगा ?

113
00:54:19.400 --> 00:54:41.329
तो बापदादा आपको कहते हैं कि यह पुरानी भाषा , पुरानी चाल , अलबेलेपन की , कडुवेपन की कब तक ?

114
00:54:42.329 --> 00:54:47.599
बापदादा का भी क्वेश्चन है कब तक ?

115
00:54:47.599 --> 00:54:58.329
आप उत्तर दो तो बापदादा भी उत्तर देगा कब तक विनाश होगा ।

116
00:55:01.260 --> 00:55:25.599
क्योंकि बापदादा विनाश का पर्दा तो अभी भी खोल सकता है , इस सेकण्ड लेकिन पहले राज्य करने वाले तो तैयार हों ।

117
00:55:31.730 --> 00:55:42.860
तो अब से तैयारी करेंगे तब समाप्ति समीप लायेंगे ।

118
00:55:46.860 --> 00:56:04.260
किसी भी कमज़ोरी की बात में कारण नहीं बताओ , निवारण करो , यह कारण था ना ।

119
00:56:04.260 --> 00:56:22.000
बापदादा सारे दिन में बच्चों का खेल तो देखते हैं ना , बच्चों से प्यार है ना , तो बार-बार खेल देखते रहते हैं ।

120
00:56:22.530 --> 00:56:27.400
बापदादा की टी वी बहुत बड़ी है ।

121
00:56:27.659 --> 00:56:36.059
एक समय पर वर्ल्ड दिखाई दे सकती है , चारों ओर के बच्चे दिखाई दे सकते हैं ।

122
00:56:36.059 --> 00:56:47.059
जैसे अमेरिका हो , चाहे गुडगांव हो , सब दिखाई देते हैं ।

123
00:56:50.400 --> 00:56:57.860
तो बापदादा खेल बहुत देखते हैं ।

124
00:56:58.260 --> 00:57:13.000
टालने की भाषा बहुत अच्छी है , यह कारण था ना , बाबा मेरी गलती नहीं है , ऐसा किया ना ।

125
00:57:13.000 --> 00:57:23.130
उसने तो किया लेकिन आपने समाधान किया ?

126
00:57:23.800 --> 00:57:35.860
कारण को कारण ही बनने दिया या कारण को निवारण में बदली किया ?

127
00:57:44.530 --> 00:57:51.800
तो सभी पूछते हैं ना कि बाबा आपकी क्या आशा है ।

128
00:57:51.800 --> 00:57:55.130
तो बापदादा आशा सुना रहे हैं ।

129
00:57:55.130 --> 00:58:09.329
बापदादा की एक ही आशा है निवारण दिखाई देवे , कारण खत्म हो जाए ।

130
00:58:09.329 --> 00:58:19.260
समस्या समाप्त हो जाए , समाधान होता रहे ।

131
00:58:21.260 --> 00:58:24.199
हो सकता है ?

132
00:58:24.199 --> 00:58:27.260
हो सकता है ?

133
00:58:27.260 --> 00:58:32.199
पहली लाइन - हो सकता है ?

134
00:58:32.199 --> 00:58:35.530
कांध तो हिलाओ ।

135
00:58:35.530 --> 00:58:39.400
पीछे वाले हो सकता है ?

136
00:58:39.400 --> 00:58:47.260
हो सकता है ?

137
00:58:48.530 --> 00:58:51.530
अच्छा ।

138
00:58:53.000 --> 00:59:01.130
तो कल अगर टी वी खोलेंगे , टी वी में देखेंगे जरूर ना ।

139
00:59:01.130 --> 00:59:21.130
तो कल टी वी देखेंगे तो चाहे फारेन चाहे इन्डिया , चाहे छोटे गांव चाहे बहुत बड़ी स्टेट , कहाँ भी कारण दिखाई नहीं देगा ?

140
00:59:21.130 --> 00:59:26.659
पक्का ?

141
00:59:27.260 --> 00:59:31.130
इसमें हाँ नहीं कर रहे हैं ?

142
00:59:33.130 --> 00:59:37.400
होगा ?

143
00:59:38.329 --> 00:59:41.000
हाथ उठाओ ।

144
00:59:41.000 --> 00:59:49.599
हाथ बहुत अच्छा उठाते हो , बापदादा खुश हो जाता ।

145
00:59:50.730 --> 00:59:56.460
कमाल है हाथ उठाने की ।

146
01:00:00.460 --> 01:00:06.730
खुश करना तो आता है बच्चों को ।

147
01:00:12.059 --> 01:00:19.929
क्योंकि बापदादा देखते हैं सोचो -

148
01:00:19.929 --> 01:00:37.659
जो आप कोटों में कोई , कोई में कोई निमित्त बने हो , अभी इन बच्चों के सिवाए और कौन करेगा ?

149
01:00:37.659 --> 01:00:43.659
आपको ही तो करना है ना !

150
01:00:43.659 --> 01:00:54.730
तो बापदादा की आप बच्चों में उम्मीदें हैं ।

151
01:00:56.199 --> 01:01:10.329
और आयेंगे ना , वह तो आपकी अवस्था देख करके ही ठीक हो जायेंगे , उन्हों को मेहनत नहीं करनी पड़ेगी ।

152
01:01:12.329 --> 01:01:31.130
आप बन जाओ बस क्योंकि आप सभी ने जन्म लेते ही बाप से वायदा किया है -

153
01:01:31.130 --> 01:01:47.800
साथ रहेंगे , साथी बनेंगे और साथ चलेंगे और ब्रह्मा बाप के साथ राज्य में आयेंगे ।

154
01:01:47.800 --> 01:01:51.260
यह वायदा किया है ना ?

155
01:01:52.460 --> 01:02:07.530
जब साथ रहेंगे , साथ चलेंगे तो साथ में सेवा के साथी भी तो हो ना !

156
01:02:19.400 --> 01:02:23.000
तो अभी क्या करेंगे ?

157
01:02:23.000 --> 01:02:31.659
हाथ तो बहुत अच्छा उठाया , बापदादा खुश हो गये

158
01:02:32.860 --> 01:02:57.400
लेकिन जब भी कोई बात आवे ना तो यह दिन , यह तारीख , यह टाइम याद करना तो हमने क्या हाथ उठाया था ।

159
01:02:59.400 --> 01:03:05.130
मदद मिल जायेगी ।

160
01:03:06.530 --> 01:03:09.800
बनना तो पड़ेगा आपको ।

161
01:03:09.800 --> 01:03:13.400
अभी सिर्फ जल्दी बन जाओ ।

162
01:03:13.400 --> 01:03:30.860
आप सोचते हो ना , हम ही कल्प पहले भी थे , अभी भी हैं और हर कल्प हमें ही बनना है , यह तो पक्का है ना

163
01:03:30.860 --> 01:03:39.400
कि दो साल बनेंगे तीसरे साल जायेंगे , ऐसे तो नहीं होगा ।

164
01:03:46.860 --> 01:04:04.260
तो सदा याद रखो हम ही निमित्त हैं , हम ही कोटों में कोई , कोई में कोई हैं ।

165
01:04:04.260 --> 01:04:13.599
कोटो में कोई तो आयेंगे लेकिन आप कोई में कोई हो ।

166
01:04:19.400 --> 01:04:34.059
तो आज स्नेह का दिन है , तो स्नेह में कुछ भी करना मुश्किल नहीं होता ।

167
01:04:34.059 --> 01:04:44.599
इसलिए बापदादा आज ही सभी को याद दिला रहे हैं ।

168
01:04:58.929 --> 01:05:17.260
शिवबाबा को , ब्रह्मा बाबा से कितना बच्चों का प्यार है , यह देख करके बहुत खुशी होती है ।

169
01:05:20.400 --> 01:05:34.400
चारों ओर देखा चाहे सप्ताह का स्टूडेन्ट है , चाहे 70 साल वाला है ।

170
01:05:34.400 --> 01:05:49.599
70 साल वाला और 7 दिन वाला भी आज के दिन प्यार में समाया हुआ है ।

171
01:05:56.329 --> 01:06:11.659
तो शिव बाप भी ब्रह्मा बाप से बच्चों का प्यार देख करके हर्षित होते हैं ।

172
01:06:18.860 --> 01:06:24.329
आज के दिन का और समाचार सुनायें ।

173
01:06:24.329 --> 01:06:41.800
आज के दिन एडवान्स पार्टी भी बापदादा के पास इमर्ज होती है ।

174
01:06:48.059 --> 01:07:26.400
तो एडवांस पार्टी भी आपको याद कर रही है कि कब बाप के साथ मुक्तिधाम का दरवाजा खोलेंगे !

175
01:07:30.460 --> 01:07:49.860
आज सारी एडवांस पार्टी बापदादा को यही कह रही थी कि हमको तारीख बताओ ।

176
01:08:01.530 --> 01:08:06.659
तो क्या जवाब दें ?

177
01:08:12.000 --> 01:08:16.930
बताओ क्या जवाब दें ?

178
01:08:18.930 --> 01:08:26.659
जवाब देने में कौन होशियार है ?

179
01:08:37.729 --> 01:08:52.659
बापदादा तो यही उत्तर देते हैं कि जल्द से जल्द हो ही जायेगा ।

180
01:08:54.659 --> 01:09:10.130
लेकिन इसमें आप बच्चों का बाप को सहयोग चाहिए ।

181
01:09:17.600 --> 01:09:22.399
सभी साथ चलेंगे ना !

182
01:09:22.399 --> 01:09:30.060
साथ चलने वाले हैं या रूक-रूक कर चलने वाले हैं ?

183
01:09:32.930 --> 01:09:37.060
साथ में चलने वाले हैं ना !

184
01:09:37.060 --> 01:09:44.000
पसन्द है ना साथ में चलना ?

185
01:09:44.000 --> 01:09:48.729
तो समान तो बनना पड़ेगा ना ।

186
01:09:48.729 --> 01:09:59.659
अगर साथ में चलना है तो समान तो बनना ही पड़ेगा ना !

187
01:10:01.659 --> 01:10:05.060
कहावत क्या है ?

188
01:10:05.060 --> 01:10:10.460
हाथ में हाथ हो , साथ में साथ हो ।

189
01:10:10.460 --> 01:10:17.529
तो हाथ में हाथ अर्थात् समान ।

190
01:10:25.130 --> 01:10:31.930
तो बोलो दादियां बोलो , तैयारी हो जायेगी ?

191
01:10:31.930 --> 01:10:39.529
दादियां बोलो ।

192
01:10:39.529 --> 01:10:45.199
दादियां हाथ उठाओ ।

193
01:10:46.260 --> 01:10:55.000
दादायें हाथ उठाओ ।

194
01:10:56.399 --> 01:11:03.000
आपको कहा जाता है ना बड़े दादा ।

195
01:11:04.060 --> 01:11:19.930
तो बताओ दादियां , दादायें क्या तारीख है कोई ?

196
01:11:23.399 --> 01:11:49.460
( अभी नहीं तो कभी नहीं ) अभी नहीं तो कभी नहीं का अर्थ क्या हुआ ? अभी तैयार है ना !

197
01:11:51.460 --> 01:11:57.930
जवाब तो अच्छा दिया ।

198
01:11:59.930 --> 01:12:03.060
दादियां ?

199
01:12:13.399 --> 01:12:18.600
पूरा होना ही है ।

200
01:12:20.600 --> 01:12:25.199
हर एक अपने को जिम्मेवार समझे ।

201
01:12:25.199 --> 01:12:31.930
छोटे बड़े , इसमें छोटे नहीं होना है ।

202
01:12:32.859 --> 01:12:42.600
7 दिन का बच्चा भी जिम्मेवार है ।

203
01:12:49.659 --> 01:12:52.800
क्यों साथ चलना है ना ।

204
01:12:52.800 --> 01:13:00.399
अकेला बाप जाने चाहे तो चला जाए लेकिन बाप जा नहीं सकता ।

205
01:13:00.399 --> 01:13:04.329
साथ चलना है ।

206
01:13:04.329 --> 01:13:11.729
वायदा है बाप का भी और आप बच्चों का भी ।

207
01:13:11.729 --> 01:13:14.659
वायदा तो निभाना है ना !

208
01:13:14.659 --> 01:13:17.659
निभाना है ना ?

209
01:13:17.659 --> 01:13:21.659
यह मधुबन वाले बैठते हैं ना !

210
01:13:28.729 --> 01:13:51.000
मधुबन में जो भी चार्ज के हेडस हैं , चार्जेज तो बहुत हैं ना , शान्तिवन , ज्ञान सरोवर , पाण्डव भवन सब जगह हैं ।

211
01:13:51.000 --> 01:14:06.600
तो जो चार्ज वाले हैं उनके नामों की लिस्ट बापदादा को देना , उनसे हिसाब लेंगे ।

212
01:14:08.600 --> 01:14:24.460
और जो सभी टीचर्स इन्चार्ज हैं , सेन्टर इन्चार्ज हैं या जोन इन्चार्ज है ,

213
01:14:28.659 --> 01:14:39.460
उन्हों का एक दिन संगठन करेंगे , हिसाब-किताब तो पूछेंगे ना !

214
01:14:45.060 --> 01:14:56.859
क्योंकि बापदादा के पास बहुत दुःख और अशान्ति के आवाज आते हैं ।

215
01:15:02.600 --> 01:15:08.659
परेशानी के आवाज आते हैं ।

216
01:15:12.060 --> 01:15:24.600
आप लोगों के पास नहीं सुनने आते , आपके भी तो भक्त होंगे ना !

217
01:15:29.260 --> 01:15:41.659
तो भक्तों की पुकार आप इष्ट देवों को नहीं आती ?

218
01:15:59.460 --> 01:16:11.800
टीचर्स को भक्तों की आवाज सुनाई देती है ?

219
01:16:44.199 --> 01:16:49.859
अच्छा ।

220
01:17:22.600 --> 01:18:19.260
महाराष्ट्र जोन , बम्बई और आंध्रप्रदेश के सेवाधारी :- अच्छा सभी चांस अच्छा ले लेते हैं ।

221
01:18:24.329 --> 01:18:32.199
नाम ही महाराष्ट्र है ।

222
01:18:43.130 --> 01:18:49.399
अच्छी संख्या आई है ।

223
01:18:58.600 --> 01:19:17.260
तो महाराष्ट्र अर्थात् महान आत्माओं का राष्ट्र है ।

224
01:19:20.659 --> 01:19:43.659
तो बापदादा देखते हैं कि महाराष्ट्र में बापदादा के महान बच्चे बहुत अच्छे-अच्छे हैं

225
01:19:52.930 --> 01:20:17.930
क्योंकि बापदादा की नजर , महाराष्ट्र के बाम्बे और दिल्ली में ज्यादा है ।

226
01:20:22.800 --> 01:20:47.130
बाम्बे नरदेसावर है और दिल्ली आवाज बुलन्द करने के निमित्त है

227
01:20:52.130 --> 01:21:25.399
और ड्रामानुसार महाराष्ट्र बाम्बे या आसपास और दिल्ली दोनों को साकार ब्रह्मा बाप और जगदम्बा की पालना मिली है ।

228
01:21:27.399 --> 01:21:32.659
विशेष पालना मिली है ।

229
01:21:38.060 --> 01:22:03.930
तो कोई भी कार्य होता है तो बापदादा महाराष्ट्र और दिल्ली को याद करते हैं ।

230
01:22:07.199 --> 01:22:15.659
बाकी जो भी हैं वह तो साथी बन ही जाते हैं ।

231
01:22:25.529 --> 01:22:34.199
दूसरे छोटे जोन नहीं हैं , दूसरे भी बड़े बड़े जोन हैं

232
01:22:36.199 --> 01:22:51.399
लेकिन साकार पालना के लिए विशेष बापदादा दिल्ली और बाम्बे को याद करते हैं ।

233
01:22:56.199 --> 01:23:16.329
छोटे जोन भी कमाल कर सकते हैं , छोटे को हमेशा बापदादा कहता है बड़े तो बड़े हैं लेकिन छोटे समान बाप हैं ।

234
01:23:21.060 --> 01:23:30.859
अभी महाराष्ट्र को कुछ महान कार्य करना पड़ेगा ।

235
01:23:35.130 --> 01:23:45.659
अभी बहुत टाइम हो गया है कोई नये कार्य की इन्वेन्शन नहीं निकाली है ।

236
01:23:46.399 --> 01:24:01.859
वर्गीकरण का कार्य भी अभी काफी टाइम चल चुका , कानफरेन्सेज भी चल चुकी , यूथ यात्रायें भी चल गई ।

237
01:24:03.000 --> 01:24:10.600
अभी कोई नई सेवा की विधि निकालो ।

238
01:24:14.199 --> 01:24:17.000
सोचो ।

239
01:24:22.329 --> 01:24:28.859
जिससे आवाज सहज फैल जाये ।

240
01:24:33.399 --> 01:24:49.529
अभी तक जो भी किया है , सेवा के प्लैन बापदादा को पसन्द हैं और वृद्धि भी हुई है ।

241
01:24:51.529 --> 01:24:59.260
लेकिन बहुत समय यह प्रोग्रामस चल चुके ।

242
01:25:07.000 --> 01:25:21.729
अभी कोई नई इन्वेन्शन तैयार करो ।

243
01:25:21.729 --> 01:25:34.329
कोई भी करे, छोटे करे तो इनएडवांस मुबारक हैं।

244
01:25:43.199 --> 01:25:54.000
अच्छा है महाराष्ट्र में भी वृद्धि अच्छी हो रही है ।

245
01:26:03.529 --> 01:26:29.930
अभी महाराष्ट्र का टर्न है तो महाराष्ट्र क्यों नहीं नम्बरवन में बाप के स्नेह का रिटर्न देवे।

246
01:26:34.600 --> 01:26:51.930
बापदादा ने सुना दिया है - बापदादा को स्नेह का रिटर्न है - स्वयं को और विश्व को टर्न करना ।

247
01:26:53.930 --> 01:27:01.859
बस रिटर्न में रि निकाल दो तो टर्न हो जायेगा

248
01:27:12.460 --> 01:27:28.729
क्योंकि बापदादा को बच्चों में बहुत-बहुत , अच्छी-अच्छी उम्मीदें हैं , उम्मींदवार हो ।

249
01:27:43.800 --> 01:27:49.260
तो क्या करेगा महाराष्ट्र ?

250
01:27:49.260 --> 01:27:54.600
रिटर्न देगा ?

251
01:28:05.930 --> 01:28:15.800
अच्छा है , अच्छे अच्छे महारथी हैं महाराष्ट्र में ।

252
01:28:15.800 --> 01:28:37.859
संगठित रूप में मीटिंग करो , चारों ओर महाराष्ट्र में बापदादा ने देखा है उम्मींदवार सितारे हैं ।

253
01:28:39.859 --> 01:28:45.930
जो चाहे वह कर सकते हैं ।

254
01:28:47.930 --> 01:29:09.800
तो ऐसे संगठित रूप में प्रोग्राम करना और नया कोई प्लैन बनाना , कर सकते हैं । महाराष्ट्र कर सकता है ।

255
01:29:15.000 --> 01:29:19.060
करेंगे ना !

256
01:29:19.060 --> 01:29:28.199
अरे नाम ही महाराष्ट्र है तो महान कार्य करना ही है ना !

257
01:29:29.329 --> 01:29:32.729
क्या समझते हैं पाण्डव ?

258
01:29:32.729 --> 01:29:34.729
करेंगे ?

259
01:29:34.729 --> 01:29:40.460
पाण्डव सेना करेंगे , शक्ति सेना करेंगे ?

260
01:29:40.460 --> 01:29:43.600
टीचर्स भी बहुत हैं ।

261
01:29:55.460 --> 01:30:01.659
बहुत अच्छा है ।

262
01:30:09.800 --> 01:31:05.329
डबल विदेशी :- बहुत अच्छा - बापदादा ने पहले भी कहा तो जब डबल विदेशी आते हैं तो मधुबन का श्रृंगार हो जाता है ।

263
01:31:09.930 --> 01:31:21.130
डबल विदेशियों से सभी का प्यार बहुत है ।

264
01:31:23.930 --> 01:31:32.529
जब भी आपके ग्रुप को देखते हैं ना तो सभी खुश हो जाते हैं

265
01:31:37.130 --> 01:31:56.859
क्योंकि आप भी कोटों में कोई , कोई में कोई निकले हो और आजकल विदेश सेवा की अच्छी न्यूज है ।

266
01:32:05.659 --> 01:32:18.329
अच्छे-अच्छे मुस्लिम धर्म में भी सन्देश दे रहे हैं ।

267
01:32:37.930 --> 01:32:55.329
डबल विदेशियों की विशेषता एक बहुत अच्छी गाई हुई है

268
01:32:57.329 --> 01:33:17.260
कि डबल विदेशी अगर किसी भी कार्य में लगेंगे तो हाँ तो हाँ , ना तो ना ।

269
01:33:19.260 --> 01:33:29.329
जिस कार्य में लगेंगे उस कार्य में फिर विजयी बनेंगे ।

270
01:33:30.930 --> 01:33:40.659
तो आप जो भी ग्रुप में है वह विजयी ग्रुप है ना ।

271
01:33:40.659 --> 01:33:47.329
विजय का तिलक लगा हुआ है ना ।

272
01:33:51.399 --> 01:34:11.800
बापदादा देख रहे हैं कि सेवा में वृद्धि भी हो रही है , सन्देश दे रहे हैं ,

273
01:34:11.800 --> 01:34:32.060
रहमदिल आत्मा बनके आत्माओं को सन्देश देना यह बाप समान सेवाधारी बनना है ।

274
01:34:34.060 --> 01:34:46.600
अभी सुनाया ना आज अभी एक समय पर एक सेवा नहीं करो ,

275
01:34:46.600 --> 01:35:00.199
तीनों ही सेवायें इकट्ठी-इकट्ठी हों तो उसका प्रभाव जल्दी होगा ।

276
01:35:02.199 --> 01:35:17.260
अपने चेहरे से , अपनी चलन से भी सेवा कर सकते हैं ।

277
01:35:23.399 --> 01:35:29.199
चलते-फिरते म्युजियम हो ।

278
01:35:33.399 --> 01:36:09.800
जैसे म्युजियम में वा प्रदर्शनी में भिन्न-भिन्न चित्र होते हैं ना वैसे आपके नयन , आपका मस्तक , आपके मुस्कराते हुए होंठ , यह भिन्न-भिन्न जो साधन हैं , उससे सेवा कर सकते हैं ।

279
01:36:16.060 --> 01:36:51.729
अच्छे हैं , बापदादा को हिम्मत वाले भी लगते हैं सिर्फ अभी थोड़ा सा रियलाइजेशन सूक्ष्म चाहिए ।

280
01:36:51.729 --> 01:37:10.529
रियलाइज करते हो लेकिन थोड़ा सा सूक्ष्म रूप से रियलाइजेशन करके नम्बरवन बन जाओ।

281
01:37:10.529 --> 01:37:20.130
विन करो और वन , सेकण्ड नम्बर नहीं , वन ।

282
01:37:25.859 --> 01:37:28.199
ठीक है ना !

283
01:37:28.199 --> 01:37:34.729
वन है ना , टू तो नहीं ना !

284
01:37:36.199 --> 01:37:39.659
वन नम्बर हैं ?

285
01:37:39.659 --> 01:37:41.930
कांध हिलाओ ।

286
01:37:42.130 --> 01:37:45.930
अच्छा ।

287
01:37:52.130 --> 01:38:11.800
अच्छा है , बापदादा को विदेशियों का ग्रुप मधुबन में आता रहे , यह अच्छा लगता है ।

288
01:38:11.800 --> 01:38:17.399
सज जाता है मधुबन ।

289
01:38:23.399 --> 01:38:27.930
अच्छा ।

290
01:39:02.729 --> 01:39:15.930
इण्डियन यूथ ग्रुप :- यूथ ग्रुप आया है ना - इन्डियन यूथ ग्रुप उठो ।

291
01:39:23.800 --> 01:39:32.600
अच्छा इन्डिया का यूथ ग्रुप क्या कमाल करेगा ?

292
01:39:34.060 --> 01:39:47.859
सन्देश देने में चारों ओर आवाज फैलाने में यूथ में डबल ताकत है ।

293
01:39:50.859 --> 01:40:01.399
बापदादा ने सुना , टॉपिक बहुत अच्छी रखी है , विक्ट्री ।

294
01:40:01.399 --> 01:40:07.060
ऐसा है ना ।

295
01:40:09.800 --> 01:40:17.529
तो सदा विजयी बन , विजयी बनाने वाले ।

296
01:40:19.529 --> 01:40:33.659
तो विजयी तब बनेंगे जो बापदादा ने इस वर्ष का काम दिया है , वह एक्जैम्पुल बनकर दिखाना ।

297
01:40:34.260 --> 01:40:47.260
सब कहें यूथ ग्रुप विजयी अर्थात् निर्विघ्न ।

298
01:40:49.260 --> 01:40:52.329
ऐसा संकल्प किया है ?

299
01:40:52.329 --> 01:40:54.329
किया है ?

300
01:40:54.329 --> 01:40:57.529
कोई कारण तो नहीं बतायेंगे ना !

301
01:40:57.529 --> 01:41:02.930
ऐसा वैसा तो नहीं कहेंगे ना !

302
01:41:02.930 --> 01:41:09.199
मुझे बदलना है ।

303
01:41:10.460 --> 01:41:16.460
मुझे एडजेस्ट होना है ।

304
01:41:26.000 --> 01:41:31.199
मुझे सहयोग देना है ।

305
01:41:32.329 --> 01:41:36.859
मुझे स्नेह देना है ।

306
01:41:36.859 --> 01:41:47.729
पहले मैं , इसमें पहले मैं भले करो ।

307
01:41:54.399 --> 01:42:10.060
अच्छा है आपस में संगठन फॉरेन वालों ने भी किया , इन्डिया वाले भी कर रहे हैं , अच्छा है ।

308
01:42:13.859 --> 01:42:16.600
मुबारक हो ।

309
01:42:16.600 --> 01:42:19.130
आगे उड़ते रहना ।

310
01:42:19.130 --> 01:42:23.659
अच्छा ।

311
01:42:26.329 --> 01:43:01.260
बापदादा के पास फूलों के श्रृंगार वाले ग्रुप की यादप्यार भी आई है , ( कलकत्ता के भाई बहिनें ) वह संगठन उठो कहाँ है ।

312
01:43:01.600 --> 01:43:15.399
देखो सभी को फूलों का श्रृंगार अच्छा लगा ना ।

313
01:43:19.329 --> 01:43:49.800
फूलों का श्रृंगार तो कामन बात है , लोग भी करते हैं लेकिन आपके श्रृंगार और लोगों के श्रृंगार में फर्क है कि आपने स्नेही स्वरूप बन श्रृंगार किया है ,

314
01:43:49.800 --> 01:44:14.260
वह ड्युटी समझके करते हैं और आपने स्नेह से किया है तो जहाँ स्नेह होता है वह फूलों की सुगन्ध और श्रृंगार और सुन्दर हो जाती है ।

315
01:44:14.260 --> 01:44:27.130
तो बापदादा को अच्छा लगा कि स्नेह देखो कलकत्ता से यहाँ ले आते हैं

316
01:44:27.130 --> 01:44:43.399
तो स्नेह के विमान में लाये ना , ट्रेन में नहीं लाये , स्नेह के विमान में लाये हैं , अच्छा है ।

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01:44:44.600 --> 01:44:56.130
जो आने वाले आपके भाई-बहिन हैं वह भी देख करके खुश हो जाते हैं , वाह !

318
01:44:56.130 --> 01:45:00.859
कमाल है , कमाल है ।

319
01:45:01.800 --> 01:45:29.659
तो आप सभी ने जिस स्नेह से सजाया है , तो बापदादा उससे ज्यादा पदमगुणा आपको स्नेह दे रहा है , मुबारक हो ।

320
01:45:38.329 --> 01:45:41.930
अच्छा ।

321
01:45:42.659 --> 01:46:02.329
चारों ओर के पत्र , याद-पत्र ईमेल , फोन , चारों ओर के बहुत-बहुत आये हैं ,

322
01:46:05.529 --> 01:46:15.930
यहाँ मधुबन में भी आये हैं तो वतन में भी पहुंचे हैं ।

323
01:46:18.399 --> 01:46:46.600
आज के दिन जो बंधन वाली मातायें हैं , उन्हों की भी बहुत स्नेह भरी मन की यादें बापदादा के पास पहुंच गई हैं ।

324
01:46:48.600 --> 01:47:08.199
बापदादा ऐसे स्नेही बच्चों को बहुत याद भी करते और दुआयें भी देते हैं ।

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01:47:09.199 --> 01:47:32.600
आजकल बापदादा देख रहे हैं सब बहुत खुशी खुशी से दूर बैठे भी नजदीक में अनुभव कर रहे हैं ।

326
01:47:34.600 --> 01:48:02.659
लेकिन मधुबन में सम्मुख आना , अपनी झोली भरना , इतने बड़े परिवार से मिलना , यह परिवार कम नहीं है ,

327
01:48:03.260 --> 01:48:20.399
किसी भी र ति से देख लिया लेकिन सम्मुख परिवार को देख कितनी खुशी होती है क्योंकि 5 हजार वर्ष के बाद मिले हैं ।

328
01:48:23.659 --> 01:48:41.859
तो वह अनुभव अपना है लेकिन मधुबन निवासी बनना यह गोल्डन चांस बहुत सहयोग देता है ।

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01:48:41.859 --> 01:48:49.000
अनुभव भी करते हैं सभी ।

330
01:48:51.600 --> 01:49:19.729
लेकिन बापदादा खुश है कि सभी को मुरली से प्यार है और मुरली से प्यार अर्थात् मुरलीधर से प्यार ।

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01:49:19.729 --> 01:49:30.130
कोई कहे मुरलीधर से तो प्यार है लेकिन मुरली कभी कभी सुन लेते हैं ,

332
01:49:30.130 --> 01:49:45.060
बापदादा कहते हैं बापदादा उसका प्यार , प्यार नहीं समझते हैं ।

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01:49:46.460 --> 01:49:53.800
प्यार निभाना अलग है , प्यार करना अलग है ।

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01:49:53.800 --> 01:50:09.729
जिसको मुरली से प्यार है वह है प्यार निभाने वाले और मुरली से प्यार नहीं

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01:50:09.729 --> 01:50:17.130
तो प्यार करने वालों की लिस्ट में है निभाने वाले नहीं ।

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01:50:23.800 --> 01:50:37.130
मधुबन में मुरली बाजे , मधुबन का गायन है ।

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01:50:38.399 --> 01:50:47.000
मधुबन की धरनी का ही महत्व है ।

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01:50:55.600 --> 01:51:28.930
अच्छा । तो चारों ओर के स्नेही बच्चों को लवली और लवलीन दोनों बच्चों को ,

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01:51:28.930 --> 01:51:57.199
सदा बाप के श्रीमत प्रमाण हर कदम में पदम जमा करने वाले नॉलेजफुल पावरफुल बच्चों को ,

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01:51:57.199 --> 01:52:33.399
सदा स्नेही भी और स्वमानधारी भी , सम्मानधारी भी , ऐसे सदा बाप की श्रीमत को पालन करने वाले विजयी बच्चों को ,

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01:52:33.399 --> 01:52:52.859
सदा बाप के हर कदम पर कदम उठाने वाले सहजयोगी बच्चों को

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01:52:52.859 --> 01:53:10.729
बापदादा का लेकिन आज वतन में जो आपकी एडवांस पार्टी वाले बच्चे हैं ,

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01:53:10.729 --> 01:53:32.000
उन्होंने भी , एकएक ने यही कहा है कि हमारी तरफ से भी सभी को , चारों ओर के बच्चों को

344
01:53:32.000 --> 01:53:47.260
यादप्यार हमारी देना और हमारा सन्देश देना कि हम आपका इन्तजार कर रहे हैं ।

345
01:53:48.859 --> 01:53:56.800
आप जल्दी से जल्दी इन्तजाम करो ।

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01:53:56.800 --> 01:54:28.060
विशेष आप सबकी प्यारी माँ , दीदी , भाऊ विश्वकिशोर और जो भी साथी गये हैं उन्होंने , सभी ने आप सबको याद प्यार दिया है

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01:54:28.060 --> 01:55:08.000
और साथ-साथ मीठी माँ आपकी , उसने यही कहा है कि अभी विजयी बन दुःख दर्द दूर कर जल्दी-जल्दी मुक्तिधाम का गेट खोलने के लिए बाप के साथी बन जाओ ।

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01:55:08.729 --> 01:55:24.460
ब्रह्मा बाप ने , जिन्होंने साकार में बाप को नहीं देखा है

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01:55:24.460 --> 01:55:47.399
तो ब्रह्मा बाप भी विशेष आप सभी को बहुत दिल से यादप्यार दे रहे हैं ।

350
01:55:48.800 --> 01:55:57.600
तो यादप्यार और नमस्ते ।

