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1
00:13:14.929 --> 00:14:34.200
आज बापदादा विशेष अपने चारों ओर के अति लाडले , अति सिकीलधे ,

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00:14:43.059 --> 00:15:29.929
परमात्म प्यार के पात्र बच्चों से मिलने और विचित्र बाप बच्चों का बर्थ डे मनाने आये हैं ।

3
00:15:37.399 --> 00:16:02.200
आप सभी भी आज विशेष विचित्र बर्थ डे मनाने आये हो ना !

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00:16:15.460 --> 00:16:48.000
यह बर्थ डे सारे कल्प में किसी का नहीं होता ।

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00:16:58.929 --> 00:17:24.200
कभी भी नहीं सुना होगा कि बाप और बच्चे का एक ही दिन में बर्थ डे हो ।

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00:17:32.329 --> 00:17:52.200
तो आप सभी बाप का बर्थ डे मनाने आये हो वा बच्चों का भी मनाने आये हो ?

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00:17:58.259 --> 00:18:49.799
क्योंकि सारे कल्प में परमात्म बाप और परमात्म बच्चों का इतना अथाह प्यार है जो जन्म भी साथ-साथ है ।

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00:19:04.059 --> 00:19:39.460
बाप को अकेला विश्व परिवर्तन का कार्य नहीं करना है , बच्चों के साथ-साथ करना है ।

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00:19:46.460 --> 00:20:36.259
यह अलौकिक साथ रहने का प्यार , साथी बनने का प्यार इस संगम पर ही अनुभव करते हो ।

10
00:20:41.059 --> 00:21:18.259
बाप और बच्चों का इतना गहरा प्यार है , जन्म भी साथ है और रहते भी कहाँ हो ?

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00:21:18.259 --> 00:21:24.529
अकेले या साथ में ?

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00:21:27.400 --> 00:21:59.400
हर एक बच्चा उमंग-उत्साह से कहते हैं कि हम बाप के कम्बाइन्ड हैं ।

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00:22:00.529 --> 00:22:05.529
कम्बाइन्ड रहते हो ना !

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00:22:05.799 --> 00:22:12.730
अकेले तो नहीं रहते हो ना !

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00:22:16.059 --> 00:22:34.599
साथ जन्म है , साथ रहते हैं और आगे भी क्या वायदा है ?

16
00:22:35.400 --> 00:22:51.460
साथ है , साथ रहेंगे , साथ चलेंगे अपने स्वीट होम में ।

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00:22:58.059 --> 00:23:14.660
इतना प्यार कोई और बाप बच्चों का देखा है ?

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00:23:30.130 --> 00:24:02.200
कोई भी बच्चा हो , कहाँ भी है , कैसा भी है , लेकिन साथ है और साथ ही चलने वाले हैं ।

19
00:24:14.730 --> 00:24:43.329
तो ऐसा यह विचित्र और प्यारे ते प्यारा जन्म दिन मनाने आये हैं ।

20
00:24:44.400 --> 00:25:24.200
चाहे सम्मुख मना रहे हो , चाहे देश विदेश में चारों ओर एक ही समय साथ-साथ मना रहे हैं ।

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00:25:28.460 --> 00:25:44.799
बापदादा चारों ओर देख रहे हैं

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00:25:50.059 --> 00:26:36.599
कि कैसे सभी बच्चे उमंग-उत्साह से दिल ही दिल में वाह बाबा ! वाह बाबा !

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00:26:36.599 --> 00:26:43.130
वाह बर्थ डे !

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00:26:45.130 --> 00:26:51.930
का गीत गा रहे हैं ।

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00:27:00.529 --> 00:27:47.529
अगर स्विच खोलते हैं तो चारों ओर के आवाज , दिल के आवाज , उमंग-उत्साह के आवाज बापदादा के कानों में सुनाई दे रहे हैं ।

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00:27:58.329 --> 00:28:51.730
बापदादा सभी बच्चों का उत्साह देख बच्चों को भी अपने दिव्य जन्म की पदम-पदम-पदमगुणा बधाईयां दे रहे हैं ।

27
00:29:02.599 --> 00:29:26.930
वास्तव में उत्सव का अर्थ ही है उमंग-उत्साह में रहना ।

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00:29:36.059 --> 00:29:53.730
तो आप सभी उत्साह से यह उत्सव मना रहे हैं ।

29
00:30:00.599 --> 00:30:14.529
नाम भी भक्तों ने शिवरात्रि रखा है ।

30
00:30:16.529 --> 00:30:39.660
आज बापदादा उस भगत आत्मा ,

31
00:30:44.799 --> 00:31:14.200
जिसने आपके इस विचित्र जन्म दिन मनाने को ,

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00:31:15.460 --> 00:31:56.599
आप ज्ञान और प्रेम रूप में मनाते और उस भगत आत्मा ने भावना , श्रद्धा के रूप में आपके मनाने की कापी अच्छी की है ,

33
00:32:04.599 --> 00:32:31.529
तो आज उस बच्चे को मुबारक दे रहे थे कि कापी करने में अच्छा पार्ट बजाया है ।

34
00:32:40.400 --> 00:32:44.730
देखो हर बात को कापी की है ।

35
00:32:44.730 --> 00:32:51.930
कापी करने का भी तो अक्ल चाहिए ना !

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00:33:20.799 --> 00:33:46.859
मुख्य बात तो इस दिन भक्त लोग भी व्रत रखते हैं ,

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00:33:57.400 --> 00:34:29.329
वह व्रत खाने पीने का रखते हैं , भावना में वृत्ति को श्रेष्ठ बनाने के लिए व्रत रखते हैं ,

38
00:34:31.460 --> 00:34:47.929
उन्हों को हर वर्ष रखना पड़ता और आपने क्या व्रत लिया ?

39
00:34:49.929 --> 00:34:59.599
एक ही बार व्रत लेते हो , वर्ष-वर्ष व्रत नहीं लेते ।

40
00:35:00.599 --> 00:35:20.130
एक ही बार व्रत लिया पवित्रता का ।

41
00:35:23.659 --> 00:35:31.599
सभी ने पवित्रता का व्रत लिया है , पक्का लिया है ?

42
00:35:31.599 --> 00:35:48.199
जिन्होंने पक्का लिया है वह हाथ उठाओ , पक्का , थोड़ा भी कच्चा नहीं ।

43
00:35:48.800 --> 00:35:51.929
पक्का ?

44
00:35:53.530 --> 00:35:56.730
अच्छा ।

45
00:35:57.130 --> 00:36:11.530
दूसरा भी प्रश्न है , अच्छा व्रत तो लिया मुबारक हो ।

46
00:36:12.730 --> 00:36:39.860
लेकिन अपवित्रता के मुख्य पांच साथी हैं , ठीक है ना !

47
00:36:39.860 --> 00:36:44.730
कांध हिलाओ ।

48
00:36:46.460 --> 00:36:51.130
अच्छा पांचों का व्रत लिया है ?

49
00:36:51.130 --> 00:36:58.059
या दो तीन का लिया है ?

50
00:37:01.000 --> 00:37:37.059
क्योंकि जहाँ पवित्रता है वहाँ अगर अंश मात्र भी अपवित्रता है

51
00:37:41.929 --> 00:37:57.000
तो क्या सम्पूर्ण पवित्र आत्मा कहा जायेगा ?

52
00:37:59.000 --> 00:38:39.800
और आप ब्राह्मण आत्माओं की तो पवित्रता ब्राह्मण जन्म की प्रापर्टी है , पर्सनैलिटी है , रॉयल्टी है ।

53
00:38:43.730 --> 00:39:19.800
तो चेक करो - कि सम्पूर्ण पवित्रता में ऐसे तो नहीं , मुख्य पवित्रता के ऊपर अटेन्शन है

54
00:39:20.599 --> 00:39:42.059
लेकिन और जो साथी हैं , उसको हल्का तो नहीं छोड़ा है ?

55
00:39:45.800 --> 00:39:54.260
छोटों से प्यार रखा है और बड़े को ठीक किया है ।

56
00:40:05.659 --> 00:40:21.929
तो क्या बाप की छुट्टी है कि जो और चार हैं ।

57
00:40:23.530 --> 00:40:39.659
पवित्रता सिर्फ ब्रह्मचर्य को नहीं कहा जाता , ब्रह्माचारी ।

58
00:40:45.400 --> 00:41:00.059
ब्रह्माचारी बनना अर्थात् पवित्रता का व्रत पालन किया ।

59
00:41:05.130 --> 00:41:15.400
कई बच्चे रूहरिहान में कहते हैं , रूहरिहान तो सभी करते हैं ना ।

60
00:41:15.929 --> 00:41:22.130
तो बहुत मीठी-मीठी बातें करते हैं ।

61
00:41:23.130 --> 00:41:52.400
कहते हैं बाबा मुख्य तो अच्छा है ना , बाकी छोटे-छोटे ऐसे कभी मन्सा संकल्प में आ जाते हैं ।

62
00:41:52.400 --> 00:42:04.860
मन्सा में आते हैं , वाचा में नहीं आते और मन्सा को तो कोई देखता नहीं है ।

63
00:42:09.059 --> 00:42:21.929
और कोई फिर कहते हैं कि छोटे छोटे बाल बच्चों से प्यार होता है ना ।

64
00:42:25.400 --> 00:42:32.860
तो इन चारों से भी प्यार हो जाता है ।

65
00:42:32.860 --> 00:42:41.929
क्रोध आ जाता है , मोह आ जाता है , चाहते नहीं हैं आ जाता है ।

66
00:42:41.929 --> 00:43:01.800
बापदादा कहते हैं कोई भी आता है तो आपने दरवाजा खोला है तब आता है ना !

67
00:43:03.000 --> 00:43:08.329
तो दरवाजा खोला क्यों है ?

68
00:43:09.659 --> 00:43:36.730
दरवाजा खोला है कमज़ोरी का , कमज़ोरी का दरवाजा खोलना अर्थात् आह्वान करना ।

69
00:43:50.130 --> 00:44:04.329
तो आज के दिन बर्थ डे तो बाप का और अपना मना रहे हो

70
00:44:06.860 --> 00:44:19.730
लेकिन जो जन्मते व्रत का वायदा किया है ।

71
00:44:20.929 --> 00:44:29.929
पहला-पहला वरदान बाप ने क्या दिया , याद है ?

72
00:44:29.929 --> 00:44:36.530
बर्थ डे का वरदान याद है ?

73
00:44:38.530 --> 00:44:42.130
क्या दिया ?

74
00:44:42.130 --> 00:44:50.860
पवित्र भव , योगी भव ।

75
00:44:53.400 --> 00:44:57.530
सभी को याद है ना वरदान ?

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00:44:57.530 --> 00:45:06.929
याद है भूल तो नहीं गये ?

77
00:45:20.800 --> 00:45:36.329
पवित्र भव का वरदान एक का नहीं दिया , पांचों का दिया ।

78
00:45:40.860 --> 00:45:45.530
तो आज बापदादा क्या चाहते हैं ?

79
00:45:45.530 --> 00:45:57.530
बर्थ डे मनाने आये हो , बाप का भी मनाने आये हो ना । शिवरात्रि मनाने आये हो ,

80
00:45:57.530 --> 00:46:09.530
तो बर्थ डे की सौगात लाये हो या खाली हाथ आये हैं ?

81
00:46:19.800 --> 00:46:36.130
70 वर्ष स्थापना के समाप्त हो रहे हैं ।

82
00:46:36.130 --> 00:46:40.730
याद है ना !

83
00:46:42.059 --> 00:47:02.260
70 वर्ष सोचो , चाहे आप पीछे आये हो लेकिन स्थापना के तो 70 वर्ष हो गये ना !

84
00:47:02.730 --> 00:47:23.659
चाहे अभी आये हो , लेकिन स्थापना के कर्तव्य में आप सभी साथी हो ना !

85
00:47:23.659 --> 00:47:26.599
साथी तो हो ना !

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00:47:26.599 --> 00:47:30.860
चाहे आज पहले बारी आये हैं ।

87
00:47:30.860 --> 00:47:35.199
पहले बारी जो आये हैं वह हाथ उठाओ ।

88
00:47:35.199 --> 00:47:49.000
जो मधुबन में पहली बार मिलने आये हैं वह हाथ उठाओ । लम्बा हाथ उठाओ ।

89
00:47:53.530 --> 00:47:59.659
अच्छा

90
00:48:00.530 --> 00:48:22.059
आप सभी भी चाहे अभी एक साल हुआ है , दो साल हुआ है लेकिन अपने को क्या कहलाते हो ?

91
00:48:23.059 --> 00:48:32.460
ब्रह्माकुमारी , ब्रह्माकुमार या पुरूषार्थी कुमार ?

92
00:48:32.460 --> 00:48:36.599
क्या कहलाते हो ?

93
00:48:37.659 --> 00:48:47.260
कोई अपने को पुरूषार्थी कुमार कहते है क्या !

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00:48:48.199 --> 00:48:52.599
ब्रह्माकुमार का साइन लगाते हो ना !

95
00:48:52.599 --> 00:49:02.599
सभी बी के लिखते हो या पी के लिखते हो ? पुरूषार्थी कुमार ।

96
00:49:12.460 --> 00:49:17.730
तो वायदा क्या है ?

97
00:49:19.730 --> 00:49:46.860
साथी रहेंगे , साथ चलेंगे , कम्बाइण्ड रहेंगे , तो कम्बाइण्ड में समानता तो चाहिए ना !

98
00:49:54.730 --> 00:50:09.860
आज के 70 वर्ष का उत्सव तो मनाते आते हो ,

99
00:50:09.860 --> 00:50:24.260
बापदादा ने देखा है , जो भी जोन टर्न देता है वह 70 वर्ष का मनाते हैं ।

100
00:50:24.260 --> 00:50:31.130
सम्मान समारोह मनाते हैं ।

101
00:50:33.130 --> 00:50:36.860
मनाते हैं ना सभी ।

102
00:50:36.860 --> 00:50:44.659
बस सिर्फ छोटी छोटी गिफ्ट दे देते हैं बस ।

103
00:50:46.659 --> 00:50:58.860
लेकिन आज एक तो बर्थ डे है , मनाने आये हो ना , पक्का है ना ?

104
00:51:00.460 --> 00:51:26.599
और दूसरा 70 वर्ष समाप्त हुए , तो सम्मान भी मना रहे हो , बर्थ डे भी मना रहे हो , उसमें सौगात क्या देंगे ?

105
00:51:29.260 --> 00:51:36.260
ट्रे दे देंगे , चादर दे देंगे ?

106
00:51:44.659 --> 00:51:49.730
क्या सौगात लाये हो ?

107
00:51:49.730 --> 00:51:57.260
चलो चांदी का गिलास दे देंगे !

108
00:52:13.400 --> 00:52:44.400
लेकिन आज के दिन बापदादा की शुभ आशा है अपने आशाओं के दीपक बच्चों प्रति ।

109
00:52:55.400 --> 00:53:10.329
तो बतायें , पहली लाइन बताओ बतायें ?

110
00:53:12.329 --> 00:53:18.460
बताना वा सुनना माना क्या ?

111
00:53:19.000 --> 00:53:26.929
एक कान से सुनना और दिल में समा देना , ऐसे ?

112
00:53:28.929 --> 00:53:44.130
निकालेंगे तो नहीं , इतना तो नहीं है लेकिन दिल में ही समा देते हैं ।

113
00:53:50.659 --> 00:54:08.460
तो आज के दिन , बतायें पहली लाइन बताओ , कांध हिलाओ , टीचर्स कांध हिलाओ ।

114
00:54:08.460 --> 00:54:11.929
अच्छा झण्डा हिला रहे हैं ।

115
00:54:13.929 --> 00:54:20.260
डबल फारेनर्स बतायें ?

116
00:54:20.260 --> 00:54:32.329
अपने को बांधना पड़ेगा , तभी कहो हाँ , ऐसे ही नहीं ।

117
00:54:34.329 --> 00:55:09.000
क्योंकि 70 वर्ष देखो , 70 वर्ष तो बापदादा ने भी अलबेलेपन , आलस्य और बहाने बाजी , 70 वर्ष खेल देख लिया ।

118
00:55:09.000 --> 00:55:35.130
चलो 70 नहीं तो 50 , 40 , 30 , 20 लेकिन इतना समय तो यह तीन खेल तो खूब देखे बच्चों के ।

119
00:55:37.130 --> 00:56:01.130
तो आज के दिन भक्त जागरण करते हैं , सोते नहीं हैं , तो आप बच्चों का जागरण कौन सा है ?

120
00:56:04.059 --> 00:56:34.329
कौन सी नींद में घड़ी-घड़ी सो जाते हो , अलबेलापन , आलस्य और बहाने बाजी की नींद में आराम से सो जाते हैं ।

121
00:56:44.329 --> 00:57:08.860
तो आज बापदादा इन तीन बातों का हर समय जागरण देखने चाहता है ।

122
00:57:20.659 --> 00:57:49.530
कभी भी देखो क्रोध आता है , अभिमान आता है , लोभ आता है , कारण क्या बताते हैं ?

123
00:57:50.860 --> 00:58:02.599
एक बापदादा को ट्रेडमार्क दिखाई देती है , कोई भी बात होती है ना !

124
00:58:02.599 --> 00:58:12.199
तो क्या कहते हैं , यह तो चलता है , पता नहीं किसने चलाया है ?

125
00:58:12.199 --> 00:58:23.460
लेकिन शब्द यही कहते हैं यह तो होता ही है , यह तो चलता ही है ।

126
00:58:23.460 --> 00:58:30.199
यह कोई नई बात थोड़े ही है , यह होता ही है ।

127
00:58:30.460 --> 00:58:37.000
यह क्या है ? अलबेलापन नहीं है ?

128
00:58:38.460 --> 00:59:03.929
यह भी तो करता है , मैजॉरिटी क्रोध से बचने के लिए यह किया तब हुआ ।

129
00:59:03.929 --> 00:59:08.059
मैंने किया रांग वह नहीं कहेंगे ।

130
00:59:08.059 --> 00:59:17.059
यह किया ना , यह हुआ ना , इसलिए हुआ ।

131
00:59:17.059 --> 00:59:22.599
दूसरे पर दोष रखना बहुत सहज है ।

132
00:59:23.530 --> 00:59:31.199
यह ना करे तो नहीं होगा ।

133
00:59:31.929 --> 00:59:40.059
और बाप ने कहा वह नहीं होगा ।

134
00:59:41.000 --> 00:59:55.000
वह करे तो होगा , बाप की श्रीमत पर क्या क्रोध को नहीं खत्म कर सकते ?

135
00:59:57.329 --> 01:00:17.000
आजकल क्रोध का बच्चा रोब , रोब भी भिन्न-भिन्न प्रकार के हैं ।

136
01:00:28.860 --> 01:00:36.800
तो क्या आज चार का भी व्रत लेंगे ?

137
01:00:36.800 --> 01:00:54.800
जैसे पहली बात का विशेष दृढ़ संकल्प मैजारिटी ने किया है ।

138
01:01:00.860 --> 01:01:35.929
क्या ऐसे ही चार का संकल्प , यह बहाना नहीं देना , इसने यह किया तब मेरा हुआ , और बाप जो बार-बार कहता है , वह याद नहीं , उसने जो किया वह याद आ गया , तो यह बहानेबाजी हुई ना !

139
01:01:37.929 --> 01:02:07.929
तो आज बापदादा बर्थ डे की गिफ्ट चाहते हैं यह तीन बातें , जो चार को हल्का कर देती हैं ।

140
01:02:12.199 --> 01:02:30.000
संस्कार का सामना तो करना ही है , संस्कार का सामना नहीं , यह पेपर है ।

141
01:02:30.460 --> 01:02:48.400
एक जन्म की पढ़ाई और सारे कल्प की प्राप्ति , आधाकल्प राज्य भाग्य , आधाकल्प पूज्य ,

142
01:02:49.199 --> 01:03:09.800
सारे कल्प की एक जन्म में प्राप्ति , वह भी छोटा जन्म , फुल जन्म नहीं है , छोटा जन्म है ।

143
01:03:20.059 --> 01:03:23.929
तो क्या हिम्मत है ?

144
01:03:27.000 --> 01:03:44.260
जो समझते हैं , हिम्मत रखेंगे जरूर , यह नहीं पुरूषार्थ करेंगे , अटेन्शन रखेंगे … गे गे नहीं चाहिए ।

145
01:03:44.260 --> 01:03:51.599
छोटे बच्चे नहीं हो , 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं ।

146
01:03:53.599 --> 01:04:01.929
वह तो तीन चार मास के बच्चे गे गे करते हैं ।

147
01:04:06.059 --> 01:04:10.599
तो आप बाप के साथी हो ना !

148
01:04:10.599 --> 01:04:19.800
विश्व कल्याणकारी हो , उसको तो 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं ।

149
01:04:25.599 --> 01:04:41.530
बापदादा हाथ नहीं उठवाते क्योंकि बापदादा ने देखा है हाथ उठाके भी कभी कभी अलबेले हो जाते हैं ।

150
01:04:45.400 --> 01:05:01.400
लेकिन जो समझते हैं कुछ भी हो जाए , पहाड़ जैसा पेपर भी आ जाए

151
01:05:01.400 --> 01:05:16.260
लेकिन पहाड़ को रूई बना देंगे ,

152
01:05:22.059 --> 01:05:49.000
ऐसा दृढ़ संकल्प करने की , क्योंकि संकल्प बहुत अच्छे करते हो , बापदादा भी खुश हो जाते हैं , जिस समय संकल्प करते हो ।

153
01:05:50.599 --> 01:06:04.730
लेकिन है क्या , 70 वर्ष तो हल्का छोड़ा लेकिन बापदादा देख रहे हैं

154
01:06:06.730 --> 01:06:37.860
कि समय का कोई भरोसा नहीं और इस ज्ञान के आधार पर हर पुरूषार्थ की बात में बहुतकाल का हिसाब है ।

155
01:06:39.400 --> 01:06:48.460
अच्छा अभी अभी कर लेंगे , बहुतकाल का हिसाब है ।

156
01:06:49.199 --> 01:06:56.130
क्योंकि प्राप्ति हर एक क्या चाहता है ?

157
01:06:56.130 --> 01:07:03.599
अभी हाथ उठवाते हैं , राम सीता बनेगा कोई ?

158
01:07:03.599 --> 01:07:14.599
जो राम-सीता बनने चाहते हैं वह हाथ उठाओ , राजाई मिलेगी ।

159
01:07:15.460 --> 01:07:18.929
कोई हाथ उठा रहे हैं ।

160
01:07:18.929 --> 01:07:26.800
राम सीता बनेंगे , लक्ष्मी नारायण नहीं बनेंगे ?

161
01:07:28.000 --> 01:07:30.929
उठा रहे हैं ?

162
01:07:30.929 --> 01:07:39.199
देखो , आप देखो उठा रहे हैं ।

163
01:07:45.530 --> 01:07:48.460
फारेनर्स उठा रहे हैं ?

164
01:07:48.460 --> 01:07:54.329
डबल फारेनर्स में कोई उठाता है ?

165
01:08:01.460 --> 01:08:22.000
जब बहुतकाल का भाग्य प्राप्त करने चाहते हो , लक्ष्मी नारायण बनना अर्थात् बहुतकाल का राज्य भाग्य प्राप्त करना ।

166
01:08:23.329 --> 01:08:29.529
तो बहुतकाल की प्राप्ति है ।

167
01:08:29.529 --> 01:08:36.460
तो हर बात में बहुतकाल तो चाहिए ना !

168
01:08:37.529 --> 01:08:56.729
अभी 63 जन्म के बहुतकाल का संस्कार है तो कहते हो ना , हमारा भाव नहीं है , भावना नहीं है , संस्कार है 63 जन्म का ।

169
01:08:59.800 --> 01:09:04.729
तो बहुतकाल का हिसाब है ना ।

170
01:09:06.729 --> 01:09:26.729
इसीलिए बापदादा यही चाहते हैं कि संकल्प में दृढ़ता की कमी हो जाती है ,

171
01:09:27.329 --> 01:09:45.399
हो जायेगा … चलता है , चलने दो , कौन बना है , और एक तो बहुत अच्छी बात सबको आती है ,

172
01:09:45.930 --> 01:09:57.659
बापदादा ने नोट किया है बातें , अपनी हिम्मत नहीं चलती ना ,

173
01:09:57.659 --> 01:10:08.659
तो कहते हैं महारथी भी ऐसे करते हैं , हमने किया तो क्या हुआ ?

174
01:10:08.659 --> 01:10:27.729
लेकिन बापदादा पूछते हैं कि क्या जिस समय महारथी गलती करता है , उस समय महारथी है ?

175
01:10:27.729 --> 01:10:34.199
तो महारथी का नाम क्यों खराब करते हो ?

176
01:10:34.199 --> 01:10:40.729
उस समय वह महारथी है ही नहीं ,

177
01:10:42.329 --> 01:10:59.600
तो महारथी कहके अपने को कमज़ोर करना यह अपने को धोखा देना है ।

178
01:11:03.800 --> 01:11:14.859
दूसरे को देखना सहज होता है , अपने को देखने में थोड़ी हिम्मत चाहिए ।

179
01:11:19.930 --> 01:11:24.329
तो आज बापदादा हिसाब लेने आये हैं ।

180
01:11:24.329 --> 01:11:33.659
लेकिन हिसाब का किताब खत्म कराने की गिफ्ट लेने आये हैं ।

181
01:11:34.659 --> 01:11:47.199
कमज़ोरी और बहानेबाजी का हिसाब किताब , बहुत बड़ा किताब है उसको खत्म करना है ।

182
01:11:56.130 --> 01:12:34.729
तो हर एक जो समझते हैं हम करके दिखायेंगे , करना ही है , झुकना ही है , बदलना ही है , परिवर्तन सेरीमनी मनानी ही है ।

183
01:12:41.800 --> 01:12:52.060
जो समझते हैं संकल्प करेंगे वह हाथ उठाओ ।

184
01:12:52.800 --> 01:12:57.000
दृढ़ या चालू ?

185
01:12:57.000 --> 01:13:06.399
चालू संकल्प भी होता है और दृढ़ संकल्प भी होता है ।

186
01:13:07.460 --> 01:13:17.260
तो आप सबने दृढ़ उठाया है ? दृढ़ उठाया है ?

187
01:13:07.460 --> 01:13:17.260
मधुबन वाले बड़ा हाथ उठाओ , इतना नहीं ।

188
01:13:27.130 --> 01:13:34.399
यहाँ मधुबन वाले बैठते हैं ।

189
01:13:34.399 --> 01:13:39.060
बहुत नजदीक बैठने का चांस हैं ।

190
01:13:39.060 --> 01:13:47.130
मधुबन वाले तो एकदम सामने बैठे हैं ।

191
01:13:49.659 --> 01:13:57.329
पहली सीट मधुबन वालों को मिलती है , बापदादा खुश है ।

192
01:13:57.329 --> 01:14:04.859
पहले बैठे हो , पहले ही रहना ।

193
01:14:11.260 --> 01:14:15.930
तो आज की गिफ्ट तो बढ़िया हुई ना ।

194
01:14:15.930 --> 01:14:29.260
बापदादा को भी खुशी है क्योंकि आप एक नहीं हो ।

195
01:14:34.329 --> 01:14:56.399
आपके पीछे अपनी राजधानी में आपकी रॉयल फैमिली , आपकी रॉयल प्रजा ,

196
01:14:58.399 --> 01:15:18.600
फिर द्वापर से आपके भक्त , सतो रजो तमोगुणी , तीन प्रकार के भक्त , लम्बी लाइन है आपके पीछे ।

197
01:15:19.399 --> 01:15:30.600
जो आप करेंगे वह आपके पीछे वाले करते हैं ।

198
01:15:31.399 --> 01:15:42.000
आप बहानेबाजी देते हो तो आपके भक्त भी बहुत बहानेबाजी करते हैं ।

199
01:15:55.800 --> 01:16:14.199
अभी ब्राह्मण परिवार भी आपको देख उल्टी कापी करने में तो होशियार होते हैं ना ।

200
01:16:20.060 --> 01:16:39.600
तो अभी दृढ़ संकल्प करो , संस्कार का टक्कर हो , स्वभाव का मतभेद हो ,

201
01:16:42.260 --> 01:16:52.000
तीसरी बात कमज़ोरों की होती है ,

202
01:16:52.930 --> 01:17:04.729
कोई ने किसी के ऊपर झूठी बात कह दी ,

203
01:17:05.659 --> 01:17:19.930
तो कई बच्चे कहते हैं हमको ज्यादा क्रोध आता है , झूठ पर ।

204
01:17:21.260 --> 01:17:36.529
लेकिन सच्चे बाप से वेरीफाय कराया , सच्चा बाप आपके साथ है ,

205
01:17:36.529 --> 01:17:54.600
तो सारी झूठी दुनिया एक तरफ हो और एक बाप आपके साथ है , विजय आपकी निश्चित हुई पड़ी है ।

206
01:17:54.600 --> 01:18:04.329
कोई आपको हिला नहीं सकता , क्योंकि बाप आपके साथ है ।

207
01:18:13.800 --> 01:18:17.529
कह रहे हैं , झूठ है ।

208
01:18:17.529 --> 01:18:26.800
तो झूठ को झूठा ही कर दो ना , बढ़ाते क्यों हो !

209
01:18:35.659 --> 01:18:56.930
तो आज बाप को बहानेबाजी अच्छी नहीं लगती , यह हुआ , यह हुआ , यह हुआ … यह यह का गीत समाप्त होना चाहिए ।

210
01:18:58.130 --> 01:19:08.659
अच्छा हुआ , अच्छा होगा , अच्छा रहेंगे , अच्छा सबको बनायेंगे ।

211
01:19:08.659 --> 01:19:15.260
अच्छा अच्छा अच्छा का गीत गाओ ।

212
01:19:20.859 --> 01:19:23.930
तो पसन्द है ?

213
01:19:23.930 --> 01:19:26.729
पसन्द है ?

214
01:19:26.729 --> 01:19:31.000
बहानेबाजी को खत्म करेंगे ?

215
01:19:31.000 --> 01:19:33.130
करेंगे ?

216
01:19:33.130 --> 01:19:36.460
दो-दो हाथ उठाओ ।

217
01:19:36.460 --> 01:19:42.060
दो-दो हाथ उठाओ ।

218
01:19:47.329 --> 01:19:49.060
अच्छा ।

219
01:19:49.060 --> 01:19:54.729
हाँ अच्छी तरह से हिलाओ ।

220
01:19:57.659 --> 01:20:04.199
अच्छा , देखने वाले भी हाथ हिला रहे हैं ।

221
01:20:04.199 --> 01:20:07.930
कहाँ भी देख रहे हैं , हाथ हिलाओ ।

222
01:20:08.460 --> 01:20:11.529
आप तो हिला रहे हो ।

223
01:20:11.529 --> 01:20:27.529
अच्छा अभी नीचे करो , अभी अपने परिवर्तन की ताली बजाओ ।

224
01:20:44.930 --> 01:20:47.260
अच्छा

225
01:20:47.260 --> 01:21:06.600
यह दिन , यह समय , संगठन का चित्र सदा अपने सामने रखना ।

226
01:21:08.199 --> 01:21:17.460
कभी भी कमज़ोरी आ जाए , आने नहीं देना , गेट बन्द ।

227
01:21:20.460 --> 01:21:24.729
गेट तो पता है ना !

228
01:21:24.729 --> 01:21:26.729
बन्द करो ।

229
01:21:26.729 --> 01:21:36.729
डबल बन्द करो , डबल ताला लगाना , आजकल सिंगल ताला नहीं चलता ।

230
01:21:38.729 --> 01:21:49.529
एक याद का , एक मन को सेवा में बिजी रखने का ।

231
01:21:51.529 --> 01:22:02.329
यह दो आलमाइटी ताले लगा देना ।

232
01:22:02.329 --> 01:22:09.659
गाडरेज का नहीं गॉड का ।

233
01:22:24.859 --> 01:22:34.199
पक्का जागरण करना , पक्का व्रत रखना ।

234
01:23:06.729 --> 01:23:24.399
बापदादा को हर बच्चे से अति प्यार है ।

235
01:23:26.859 --> 01:23:54.329
चाहे लास्ट नम्बर भी हो फिर भी बापदादा का उस बच्चे पर भी अति प्यार है ।

236
01:23:56.329 --> 01:24:10.000
क्यों ? ऐसे बच्चे कोई बाप को मिलने हैं ?

237
01:24:11.659 --> 01:24:22.260
एक ही बापदादा है , जिसको ब्राह्मण बच्चे मिलते हैं ।

238
01:24:32.859 --> 01:24:57.659
कोई भी महात्मा हो , महामण्डेश्वर हो , धर्मपिता हो , कोई को भी ऐसे बच्चे मिले हैं ?

239
01:24:57.659 --> 01:25:03.329
जो हर बच्चा कहे मेरा बाबा ।

240
01:25:03.329 --> 01:25:09.859
है कोई , हिस्ट्री में है ?

241
01:25:17.000 --> 01:25:29.930
इसीलिए बापदादा हर बच्चे के महत्व को जानते हैं ।

242
01:25:41.260 --> 01:25:48.859
बच्चे कहते हैं हम गीत गाते हैं वाह बाबा वाह !

243
01:25:48.859 --> 01:26:09.399
बाप कहते हैं आपसे भी 100 गुणा ज्यादा बाप गीत गाता है , वाह बच्चे वाह !

244
01:26:27.600 --> 01:26:30.729
ठीक है ना !

245
01:26:30.729 --> 01:26:32.729
वाह वाह हो ना !

246
01:26:32.729 --> 01:26:37.659
मधुबन वाले वाह वाह बच्चे हो ना !

247
01:26:39.659 --> 01:26:45.930
पीछे वाले वाह वाह बच्चे हो ना !

248
01:26:50.529 --> 01:26:53.659
अच्छा ।

249
01:27:14.930 --> 01:28:01.260
भोपाल जोन की सेवा का टर्न है :- हाँ झण्डा हिलाओ तो पता पड़े ।

250
01:28:26.329 --> 01:28:42.199
अच्छा है , भोपाल भी मध्यप्रदेश में है और मध्यप्रदेश बहुत बड़ा है ।

251
01:28:45.659 --> 01:29:11.729
सेवा तो की है , शुरू-शुरू में अच्छे-अच्छे गवर्नर और वी आई पी लाये हैं लेकिन अभी इतना कोई नहीं लाया है ।

252
01:29:11.729 --> 01:29:22.260
लाये हैं , लेकिन ऐसे गवर्नर या कोई विशेष नहीं लाये हैं ।

253
01:29:24.260 --> 01:29:43.930
तो भोपाल को विशेष बापदादा , टीचर्स सुनना ध्यान से , दो सेवायें देना चाहते हैं ।

254
01:29:43.930 --> 01:29:51.930
बतायें कौन सी ?

255
01:29:53.930 --> 01:30:32.000
एक तो कोई ऐसा वी आई पी लायें जैसे अभी अभी एक्जैम्पुल देखा राजस्थान की गवर्नर आई

256
01:30:33.729 --> 01:30:49.930
और दैवी फैमिली है , यह अनुभव अच्छा करके गई ।

257
01:30:50.659 --> 01:30:58.460
और साथ-साथ जिम्मेवारी भी सेवा की उठाके गई ।

258
01:30:58.460 --> 01:31:05.729
सिर्फ अच्छा है , अच्छा है , बहुत अच्छा काम कर रहे हैं , नहीं ।

259
01:31:06.329 --> 01:31:12.199
अपने ऊपर जिम्मेवारी उठाके गई ।

260
01:31:12.199 --> 01:31:42.000
ऐसे कोई विशेष वी आई पी मध्य प्रदेश में हैं , बापदादा जानते हैं , छिपे हुए हैं , सिर्फ उसको मैदान पर लाना है ।

261
01:31:46.399 --> 01:32:06.659
और दूसरा जो भी बड़े-बड़े सेवाकेन्द्र हैं , जिसको आप बड़े कहते हो वह लिस्ट देना ।

262
01:32:08.000 --> 01:32:22.260
तो हर एक बड़े सेन्टर जिसके अन्डर छोटे उपसेवाकेन्द्र गीता पाठशालायें बहुत बहुत हैं ।

263
01:32:22.260 --> 01:32:39.399
क्योंकि गीता पाठशालाओं की लिस्ट बापदादा पूछते हैं तो बहुत-बहुत गीता पाठशालायें भी हैं ।

264
01:32:40.460 --> 01:33:00.199
उन बड़े सेन्टरों को कम से कम एक साल के अन्दर , बहुत टाइम दे रहे हैं , इतना देना नहीं चाहिए ।

265
01:33:00.199 --> 01:33:20.329
लेकिन एक साल के अन्दर कम से कम बड़े सेन्टर को अपना एक वारिस क्वालिटी सामने लाना है ।

266
01:33:20.329 --> 01:33:33.930
चाहे अभी हो भी , लेकिन यज्ञ के अन्दर वह वारिस क्वालिटी प्रसिद्ध हो ।

267
01:33:33.930 --> 01:33:37.399
ऐसे नहीं हैं तो बहुत ।

268
01:33:37.399 --> 01:33:45.000
कई सेन्टर कहते हैं हमारे पास वारिस हैं , लेकिन वारिस छिप नहीं सकते ।

269
01:33:45.000 --> 01:33:50.460
वारिस की क्वालिटी होगी तो वह छिप नहीं सकता ।

270
01:33:50.460 --> 01:33:55.460
बापदादा गुप्त वारिस को नहीं मानता है ।

271
01:33:55.460 --> 01:34:06.329
उसका कनेक्शन उसका रिलेशन कायदे प्रमाण होना ही चाहिए ।

272
01:34:06.329 --> 01:34:17.659
ऐसा वारिस हरेक बड़ा सेन्टर सामने लाये ।

273
01:34:17.659 --> 01:34:22.000
ला सकते हैं ना बड़े सेन्टर्स ?

274
01:34:22.000 --> 01:34:26.399
इसमें नहीं कहना हम तो छोटे हैं ।

275
01:34:26.399 --> 01:34:28.399
छोटे नहीं बनना ।

276
01:34:28.399 --> 01:34:32.199
छोटे भी बड़े बनना ।

277
01:34:32.600 --> 01:34:34.800
ठीक है टीचर्स ?

278
01:34:34.800 --> 01:34:37.260
ठीक बोला ।

279
01:34:37.260 --> 01:34:55.260
हाथ उठाओ जो समझते हैं छोटे भी बड़े बनकर दिखायेंगे , वह झण्डा हिलाओ ।

280
01:34:58.199 --> 01:35:01.800
दिल से हिला रहे हो ना !

281
01:35:01.800 --> 01:35:11.600
तो यह दो कार्य भोपाल को करना है , ठीक है ।

282
01:35:11.600 --> 01:35:21.000
भोपाल वाले , आपमें से ही तो कोई वारिस बनेंगे ना ।

283
01:35:24.859 --> 01:35:40.460
तो देखेंगे , वैसे तो 6 मास में तैयार होना चाहिए लेकिन फिर भी बापदादा एक वर्ष की छुट्टी देते हैं ।

284
01:35:41.329 --> 01:35:44.399
ठीक है ।

285
01:35:44.399 --> 01:35:56.199
बाकी सेवा का यह गोल्डन चांस लेते हो , यह अच्छा है । बापदादा सदा ही सुनाते हैं ,

286
01:35:56.199 --> 01:36:06.859
कि बहुत स्व उन्नति के लिए अच्छा चांस है

287
01:36:07.659 --> 01:36:19.800
क्योंकि सेवा की जिम्मेवारी भी अलग नहीं है , यज्ञ सेवा की जिम्मेवारी है ।

288
01:36:21.260 --> 01:36:42.329
वहाँ तो फिर भी समय और अटेन्शन देना पड़ता है यहाँ तो एक ही अटेन्शन है स्व उन्नति या यज्ञ सेवा ।

289
01:36:43.329 --> 01:37:03.460
यज्ञ सेवा का पुण्य अगर हर समय जमा करो तो आपके पुण्य का खाता बहुत बहुत जल्दी बढ़ सकता है ।

290
01:37:06.460 --> 01:37:14.659
तो अच्छा किया है , संख्या भी अच्छी लाये हैं ।

291
01:37:16.659 --> 01:37:21.800
चांस अच्छा लिया है ।

292
01:37:21.800 --> 01:37:29.529
अभी आगे की रिजल्ट देखेंगे ।

293
01:37:30.800 --> 01:37:35.000
अच्छा ।

294
01:37:40.329 --> 01:38:59.000
60 देशों के 700 डबल विदेशी आये हैं :- बापदादा को डबल विदेशियों को देख एक बात की विशेष खुशी होती है , एकस्ट्रा खुशी होती है ।

295
01:38:59.859 --> 01:39:17.399
वह इस बात की कि शुरू शुरू में जब डबल फारेनर्स आये थे , टीचर्स को याद होगा

296
01:39:18.329 --> 01:39:33.800
तो भिन्न-भिन्न कल्चर से ट्रांसफर होने में बड़ी मेहनत लगती थी

297
01:39:34.729 --> 01:39:50.329
लेकिन अभी बापदादा ने देखा है कि इसकी चर्चा इतनी नहीं होती है , क्यों कारण क्या है ?

298
01:39:50.329 --> 01:40:00.729
क्योंकि एक दो के संगठन को देख वृद्धि अच्छी हुई है ना !

299
01:40:00.729 --> 01:40:28.460
और बापदादा ने सुना भी है कि मैजॉरिटी अपने अपने आसपास सन्देश देने का कोई न कोई साधन अपनाते हैं , सन्देश देने का उमंग अच्छा है ।

300
01:40:29.659 --> 01:40:45.329
तो उसकी रिजल्ट में देखा गया है कि हर टर्न में विदेशियों का ग्रुप कम नहीं होता है ।

301
01:40:45.659 --> 01:41:09.729
क्वालिटी भी अच्छी है और क्वान्टिटी भी बढ़ती जाती है इसलिए एक चंदन का वृक्ष बन गये हैं ।

302
01:41:15.529 --> 01:41:26.930
तो चंदन का वृक्ष देख बापदादा खुश होते हैं ।

303
01:41:30.460 --> 01:41:36.800
समाचार तो बापदादा के पास पहुंच ही जाता है ।

304
01:41:36.800 --> 01:41:49.130
चाहे आप ईमेल में भेजते हो , तो बापदादा के पास तो कापी पहले आती है ।

305
01:41:52.329 --> 01:41:56.600
सेवा का उमंग अच्छा है ।

306
01:42:01.000 --> 01:42:07.199
अभी सिर्फ आज का व्रत पक्का करना है ।

307
01:42:07.199 --> 01:42:10.329
नम्बर लेंगे ना विदेशी ?

308
01:42:10.329 --> 01:42:13.800
नम्बर लेना है ?

309
01:42:13.800 --> 01:42:16.600
कौन सा नम्बर ?

310
01:42:18.460 --> 01:42:26.600
पहला कि दूसरा भी चलेगा ?

311
01:42:36.329 --> 01:42:56.060
( पहला ) जिसका एक बाप से प्यार है वह एक समान एक ही नम्बर बनेंगे ।

312
01:42:59.600 --> 01:43:25.260
जो स्लोगन है एक बाप ही संसार है , जब है ही एक संसार तो नम्बर एक हुआ ना ।

313
01:43:28.460 --> 01:43:37.329
जैसे आपका टाइटल डबल फारेनर्स ।

314
01:43:37.329 --> 01:43:52.329
तो पुरूषार्थ में संकल्प के दृढ़ता में भी डबल फोर्स का पुरूषार्थ करके दिखाओ ।

315
01:43:55.000 --> 01:44:06.460
अटेन्शन रखते हैं , सिर्फ अन्तर क्या हो जाता है ?

316
01:44:08.460 --> 01:44:17.260
तीव्रता की दृढ़ता कम हो जाती है , प्रोग्राम बहुत अच्छा बनाते हो ,

317
01:44:18.260 --> 01:44:30.859
बापदादा भी टापिक सुनते हैं , ग्रुप ग्रुप के पुरूषार्थ के विषय देखकर बहुत खुश होते हैं

318
01:44:30.859 --> 01:44:44.529
लेकिन क्या है , जब टापिक शुरू करते या लक्ष्य रखते हो वह बहुत फोर्स का रखते हो

319
01:44:45.260 --> 01:44:58.130
फिर कुछ न कुछ पेपर तो आता ही है , और आना ही है बिना पेपर कोई पास नहीं होता ।

320
01:44:59.130 --> 01:45:09.659
उसमें दृढ़ता की कमी हो जाती है और साधारण पुरूषार्थ हो जाता है ।

321
01:45:09.659 --> 01:45:19.399
सदा दृढ़ता रहे इसकी कमी हो जाती है ।

322
01:45:24.329 --> 01:45:33.130
तो सबमें डबल पुरूषार्थी ।

323
01:45:35.600 --> 01:45:43.329
करके ही दिखायेंगे , बनके ही दिखायेंगे ।

324
01:45:51.199 --> 01:45:54.000
ठीक है ना ।

325
01:45:54.000 --> 01:45:57.260
इतना उमंग-उत्साह है ना !

326
01:45:57.260 --> 01:45:59.260
है ?

327
01:46:00.199 --> 01:46:10.729
है , सिर्फ दृढ़ता को चेक करो , बातों में नहीं जाओ ।

328
01:46:10.729 --> 01:46:16.130
दृढ़ता को देखो ।

329
01:46:21.930 --> 01:46:45.130
अच्छा । डबल विदेशी कुमारियों का ग्रुप :- अच्छा यह बैनर बनाया है ।

330
01:46:45.130 --> 01:46:51.399
हाथ हिलाओ ।

331
01:46:59.000 --> 01:47:10.199
यह अच्छा करते हो क्योंकि मधुबन के वायुमण्डल का भी प्रभाव पड़ता है ।

332
01:47:10.199 --> 01:47:23.130
दादियों का भी प्यार और वृत्तियों के वायुमण्डल का साथ होता है

333
01:47:23.859 --> 01:47:44.800
तो यह जो स्पेशल टापिक रखते हो और आपस में रूहरिहान करते हो तो इसमें समझते हो कि स्पेशल मदद मिलती है ।

334
01:47:46.800 --> 01:47:49.930
मिलती है मदद ?

335
01:47:50.859 --> 01:48:07.529
अच्छा , यह नशा कितना समय रहता है ?

336
01:48:07.529 --> 01:48:17.529
6-8 मास रहता है कि सदा रहता है ?

337
01:48:19.130 --> 01:48:32.060
इसको रिवाइज करो , अन्दर में रिवाइज करो और रियलाइज करो ,

338
01:48:33.130 --> 01:48:43.199
जो भी ज्ञान की बातें हैं ना , उसको रिवाइज भी करो और रियलाइज भी करो ,

339
01:48:43.199 --> 01:49:01.130
एक एक प्वाइंट जो शिक्षा की मिलती है , या नशे की खुशी की मिलती है उसको रियलाइज करो ।

340
01:49:01.130 --> 01:49:12.930
अपने आपसे रियलाइज करो , कि हर बात अनुभव में है ?

341
01:49:14.930 --> 01:49:28.260
अनुभव किया है या सिर्फ नॉलेज के आधार से सोचते हैं , सुनते हैं , वर्णन करते हैं ?

342
01:49:34.399 --> 01:50:08.859
बापदादा ने टोटल देखा है चाहे देश में , चाहे विदेश में हर प्वाइंट के अनुभव में डीप में जाना यह थोड़ा अटेन्शन कम है ।

343
01:50:08.859 --> 01:50:45.729
सुनने और सुनाने में अटेन्शन अच्छा है, उसमें नम्बरवन हैं,लेकिन अनुभवी मूर्त बनना, चलते फिरते आत्मा का अनुभव होना,बाप के कम्बाइण्ड रूप का अनुभव होना, अनुभव में कमी है?

344
01:50:46.260 --> 01:51:04.729
इसलिए रियलाइज करो , तो रीयल गोल्ड बन जायेंगे ।

345
01:51:12.000 --> 01:51:25.729
बाकी बापदादा खुश है , अटेन्शन भी टीचर्स देती हैं , आपकी दादी ( जानकी दादी ) बहुत अटेन्शन देती है ।

346
01:51:34.130 --> 01:52:14.060
इतना ही अटेन्शन, जितना यह आपके ऊपर देती है और उम्मीदें रखती है, उतना हर एक अपने ऊपर जो बाप की उम्मीदें हैं,वह अटेन्शन रखें तो नम्बरवन तो हुए ही पड़े हो।

347
01:52:20.460 --> 01:52:36.600
अपनी कमी को रियलाइज करते भी हो लेकिन परिवर्तन करने में कमी पड़ जाती है ।

348
01:52:38.600 --> 01:52:51.260
उसमें बापदादा ने देखा है एक दृढ़ता की कमी है

349
01:52:53.260 --> 01:53:22.600
और दूसरी मन को एकाग्र करने की विशेषता जिस घड़ी चाहे उस घड़ी मन एकाग्र हो जाए , जहाँ चाहो वहाँ हो जाए , इसकी कमी है ।

350
01:53:25.529 --> 01:53:34.060
इसके ऊपर अटेन्शन देंगे , चाहे भारत वाले चाहे फारेनर्स ।

351
01:53:34.060 --> 01:53:47.659
दृढ़ता और एकाग्रता , अभी तक वेस्ट है , एकॉनामी नहीं है ।

352
01:53:48.399 --> 01:54:14.260
संकल्प , वाणी , सम्बन्ध-सम्पर्क में भी , हर संस्कार स्वभाव में भी एकॉनामी से खर्च करो ।

353
01:54:20.199 --> 01:54:23.529
एकॉनामी भी जरूरी है ।

354
01:54:23.529 --> 01:54:34.329
यज्ञ की एकॉनामी , जितनी संकल्पों की एकॉनामी होगी

355
01:54:36.329 --> 01:54:47.260
उतनी यज्ञ की एकॉनामी के बिना रह नहीं सकेंगे ।

356
01:54:48.199 --> 01:55:17.329
यज्ञ की एकॉनामी का नहीं आता , संस्कार इमर्ज नहीं होता , इससे समझो , समय , संकल्प खज़ाने के एकानामी की आदत नहीं है इसलिए यज्ञ एकानामी का संस्कार इमर्ज नहीं होता ।

357
01:55:20.859 --> 01:55:32.399
तो दृढ़ता , एकाग्रता और एकॉनामी ।

358
01:55:40.199 --> 01:55:43.800
ठीक है ।

359
01:55:43.800 --> 01:55:51.529
बाकी बापदादा खुश है , सेवा के प्लैन में भी खुश है ।

360
01:55:51.529 --> 01:55:54.930
अच्छी सेवा कर रही है ना ।

361
01:55:54.930 --> 01:56:00.060
यह सामने गायत्री बैठी है ना ।

362
01:56:02.060 --> 01:56:06.199
सेवा का उमंग बहुत है ना ।

363
01:56:11.399 --> 01:56:56.460
इन्टरनेशनल मदर ग्रुप :- चित्र बहुत अच्छा बना लेते हैं , यह इन्हों की विशेषता है ।

364
01:56:57.260 --> 01:57:01.399
अच्छा बनाते हैं ।

365
01:57:16.729 --> 01:57:33.859
देखो इतनी मदर्स अगर एक एक मदर जगतमाता बन जाए ,

366
01:57:33.859 --> 01:57:57.460
वृत्ति से हर समय , हर संकल्प में हर माता जगत माता के स्वरूप में स्थित हो जाए

367
01:57:57.460 --> 01:58:03.260
तो कितने वायब्रेशन वर्ल्ड में मिलेंगे ।

368
01:58:03.659 --> 01:58:12.329
क्योंकि माँ की भावना जल्दी पहुंचती है ।

369
01:58:13.399 --> 01:58:35.329
तो जितनी भी मदर्स खड़ी हुई हैं , हर समय अपने जगत के बच्चों को , भाईयों को वायब्रेशन देती रहो ।

370
01:58:35.329 --> 01:58:56.600
जैसे माँ प्यार से बच्चे की पालना करती , ऐसे आप सभी को बच्चे समझके पालना करो ।

371
01:58:58.600 --> 01:59:02.859
वायब्रेशन फैलाओ ।

372
01:59:04.859 --> 01:59:06.800
ठीक है ।

373
01:59:06.800 --> 01:59:25.729
अभी देखेंगे , सारे दिन में हर माता ने जगतमाता बन वायब्रेशन फैलाये !

374
01:59:28.199 --> 01:59:39.659
इसमें स्व-उन्नति ऑटोमेटिक है , यह करके दिखाना ।

375
01:59:41.000 --> 01:59:56.930
अच्छी हैं मातायें , बापदादा की नज़र में हैं , और हिम्मत वाली हैं , कर सकती हैं ।

376
01:59:58.930 --> 02:00:01.260
तो आगे बढ़ते रहना ।

377
02:00:01.260 --> 02:00:05.329
अच्छा ।

378
02:00:06.460 --> 02:00:46.199
रसिया वालों ने प्रोजेक्ट बनाया है , जिसमें 50 हजार किलोमीटर का सफर तय करके 150 शहरों की सेवा करेंगे :-

379
02:00:51.329 --> 02:01:14.260
अच्छा है , बापदादा ने बच्ची द्वारा भी समाचार सुना था और बापदादा को एक बात यह भी अच्छी लगी ,

380
02:01:14.260 --> 02:01:33.000
जो बापदादा ने कहा था तो ओ के में रिजल्ट भेजना , वह भी अच्छी तरह से भेजी थी , तो मुबारक हो ।

381
02:01:33.000 --> 02:01:53.529
और यह भी प्लैन सुना था , अच्छा उमंग-उत्साह से बनाया है और विधि भी जो बनाई है वह सहज हो जायेगी ।

382
02:01:57.199 --> 02:02:07.800
तो उमंग-उत्साह में सफलता समाई हुई है ।

383
02:02:11.659 --> 02:02:15.529
हैण्डस भी अच्छे हैं ।

384
02:02:15.529 --> 02:02:20.329
संख्या भी अच्छी है ।

385
02:02:21.600 --> 02:02:25.659
तो बापदादा को पसन्द है ।

386
02:02:26.329 --> 02:02:58.199
और सबकी शुभ भावना , अभी सभी सुन रहे हैं तो सभी की शुभ भावना भी आपके इस प्रोग्राम के साथ है , मुबारक हो ।

387
02:03:53.930 --> 02:04:24.399
मोहनी बहन ने सुनाया - बाम्बे से दादी जी ने और साथ में सभी सेवा साथियों ने बहुत-बहुत याद भेजी है :-

388
02:04:28.329 --> 02:04:39.800
दादी तो सबके दिल की प्यारी दादी है ।

389
02:04:41.800 --> 02:05:12.260
सभी दिल से अपने प्यार की बहुत शुभ लहरें भेज रहे हैं ।

390
02:05:14.260 --> 02:05:34.859
और बापदादा ने सुनाया था , कि चाहे दादी के लिए कहेंगे ऐसे कि पेशेन्ट है ,

391
02:05:36.199 --> 02:05:53.800
लेकिन वह प्रैक्टिकल में डाक्टर्स भी आश्चर्य खाते हैं , कि यह पेशेन्ट नहीं है

392
02:05:53.800 --> 02:06:22.600
लेकिन पेशन्स में रहने वाली , पेशेन्ट होते भी पेशन्स का स्वरूप क्या होता है , वह दिखा रही है ।

393
02:06:27.199 --> 02:06:44.199
आपको लगेगा दादी को कुछ हो रहा है , लेकिन दादी से पूछेंगे , तो कहेगी कुछ नहीं है ।

394
02:06:47.859 --> 02:07:00.260
तो यह पेशेन्ट नहीं है , पेशन्स स्वरूप दिखा रही है ।

395
02:07:03.000 --> 02:07:12.659
बीमारी भी है लेकिन न्यारी और प्यारी है ।

396
02:07:12.659 --> 02:07:20.000
बीमारी चल रही है लेकिन वह अपनी मस्ती में है ।

397
02:07:31.260 --> 02:07:41.729
यह शरीर प्युअरीफाय हो रहा है ।

398
02:07:42.600 --> 02:07:59.130
अपनी लास्ट स्टेज , भविष्य और भक्ति की स्टेज बन रही है ।

399
02:08:00.000 --> 02:08:19.000
अभी है जीवन में होते मुक्त और लास्ट समय में है

400
02:08:23.529 --> 02:08:38.659
अष्ट देवता प्रसिद्ध होना और भक्ति में है इष्ट देव बनना ।

401
02:08:43.130 --> 02:08:57.130
तीनों ही संस्कार का पार्ट बजा रही है ।

402
02:09:09.659 --> 02:09:26.260
बाकी जो भी सेवाधारी सेवा करते हैं , वह भी दिल से कर रहे हैं ,

403
02:09:26.930 --> 02:09:57.329
लेकिन सिर्फ उन्हों के लिए नहीं है , वह तो दिन रात अपने दिल से कर रहे है लेकिन सारे ब्राह्मण परिवार में भी कोई वेस्ट थाट्स नहीं चलाओ ।

404
02:09:59.329 --> 02:10:06.729
दादी आपकी है , आपकी ही रहेगी ।

405
02:10:31.260 --> 02:11:37.529
बापदादा ने देखा है जब ब्रह्मा बाप अव्यक्त हुए और दादी को दृष्टि दी उस दृष्टि की विल पावर से बहुत सर्व स्नेही , सर्व समर्थ , सर्व कार्यकर्ता निमित्त और निर्माण

406
02:11:39.529 --> 02:12:25.800
इसमें ब्रह्मा बाप को पूरा-पूरा फॉलो करते हुए सारे ब्राह्मण परिवार में शक्ति भरी और बापदादा के अपनी दादियों के साथ-साथ रहके बहुत अच्छा पार्ट बजाया ,

407
02:12:26.600 --> 02:12:37.199
अभी भी सूक्ष्म में आपके साथ पार्ट बजा रही है ।

408
02:12:42.199 --> 02:12:51.199
बापदादा भी दादी की कमाल गाते हैं ।

409
02:12:54.329 --> 02:13:19.659
सबको संगठन के बंधन में , स्नेह और सहयोग के आधार से बांधा और यह अमर वरदान है ।

410
02:13:28.060 --> 02:13:42.060
सबका प्यार अच्छा है , यह देख करके भी बापदादा को खुशी है ।

411
02:13:50.859 --> 02:14:06.800
बाकी बापदादा देख रहे हैं - जो भी सभी ने कार्ड भेजे हैं ,

412
02:14:06.800 --> 02:14:51.529
पत्र भेजे हैं , ग्रीटिंग्स भेजे हैं , वह बापदादा ने स्वीकार की और रिटर्न में एक एक को नाम और विशेषता सहित यादप्यार और दुआयें दे रहे हैं ।

413
02:14:51.529 --> 02:15:20.600
जिन्होंने कार्ड और पत्र द्वारा नहीं लेकिन दिल से , संकल्प से भी अपना उमंग-उत्साह भेजा है ,

414
02:15:20.600 --> 02:15:45.060
उन सभी बच्चों को बहुत-बहुत पदमगुणा यादप्यार और बाप के दिल की दुआयें ।

415
02:15:49.399 --> 02:16:06.859
बाकी आप सभी सम्मुख बैठे हो , सम्मुख का मजा अपना ही है ।

416
02:16:06.859 --> 02:16:27.260
साइंस के साधनों द्वारा चाहे कितना भी स्पष्ट हो , कितना भी अच्छा लगता हो ,

417
02:16:27.260 --> 02:16:52.059
लेकिन सम्मुख मधुबन में उन्नति का द्वार अपना ही अनुभव कराता है ।

418
02:17:04.399 --> 02:17:44.729
अच्छा अभी जो बापदादा ने कहा वह हरेक एक मिनट के लिए दृढ़ संकल्प स्वरूप में बैठो

419
02:17:48.860 --> 02:18:34.600
कि बहानेबाजी , आलस्य , अलबेलापन को हर समय दृढ़ संकल्प द्वारा समाप्त कर बहुतकाल का हिसाब जमा करना ही है ।

420
02:18:38.260 --> 02:19:07.059
कुछ भी हो , कुछ नहीं देखना है लेकिन बाप के दिलतख्तनशीन बनना ही है ,

421
02:19:07.059 --> 02:19:18.600
विश्व के तख्तनशीन बनना ही है ।

422
02:19:18.600 --> 02:19:28.659
इस दृढ़ संकल्प स्वरूप में सभी बैठो ।

423
02:21:16.200 --> 02:21:20.329
अच्छा ।

424
02:21:21.260 --> 02:21:52.059
चारों ओर के सदा उमंग-उत्साह के अनुभव में रहने वाले ,

425
02:21:55.260 --> 02:22:26.459
सदा दृढ़ता सफलता की चाबी को कार्य में लगाने वाले ,

426
02:22:29.799 --> 02:23:02.530
सदा बाप के साथ और हर कार्य में साथी बन रहने वाले ,

427
02:23:06.729 --> 02:23:57.729
सदा एकनामी और एकॉनामी , एकाग्रता स्वरूप में आगे से आगे उड़ते रहने वाले ,

428
02:23:58.600 --> 02:24:44.129
बापदादा के अति लाडले , सिकीलधे , विशेष बच्चों को बापदादा का यादप्यार और नमस्ते ।

