WEBVTT

1
00:09:02.929 --> 00:10:09.259
आज बापदादा अपने लकीएस्ट और होलीएस्ट बच्चों से होली मनाने आये हैं ।

2
00:10:19.000 --> 00:10:44.460
दुनिया वाले तो कोई भी उत्सव सिर्फ मनाते हैं

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00:10:48.929 --> 00:11:21.929
लेकिन आप बच्चे सिर्फ मनाते नहीं , मनाना अर्थात् बनना ।

4
00:11:29.259 --> 00:11:54.200
तो आप होली अर्थात् पवित्र आत्मायें बन गये ।

5
00:11:59.529 --> 00:12:14.730
आप सभी कौन सी आत्मायें हो ?

6
00:12:19.799 --> 00:12:36.730
होली अर्थात् महान पवित्र आत्मायें ।

7
00:12:55.929 --> 00:13:17.799
दुनिया वाले तो शरीर को स्थूल रंग से रंगते हैं

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00:13:18.129 --> 00:13:37.000
लेकिन आप आत्माओं ने आत्मा को कौन से रंग में रंगा है ?

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00:13:37.000 --> 00:13:43.460
सबसे अच्छे ते अच्छा रंग कौनसा है ?

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00:13:43.460 --> 00:13:50.799
अविनाशी रंग कौनसा है ?

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00:13:52.799 --> 00:14:34.330
आप जानते हो , आप सबने परमात्म संग का रंग आत्मा को लगाया जिससे आत्मा पवित्रता के रंग में रंग गई ।

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00:14:38.259 --> 00:15:01.000
यह परमात्म संग का रंग कितना महान और सहज है

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00:15:04.059 --> 00:15:36.460
इसलिए परमात्म संग का महत्व अभी अन्त में भी सतसंग का महत्व होता है ।

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00:15:38.460 --> 00:16:03.000
सतसंग का अर्थ ही है परमात्म संग , जो सबसे सहज है ।

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00:16:03.860 --> 00:16:22.000
संग में रहना और ऊंचे ते ऊंचे संग में रहना क्या मुश्किल है क्या ?

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और इस संग के रंग में रहने से जैसे परमात्मा ऊंचे ते ऊंचा है

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00:16:51.460 --> 00:17:26.799
वैसे आप बच्चे भी ऊंचे ते ऊंचे पवित्र महान आत्मायें पूज्य आत्मायें बन गई ।

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00:17:37.059 --> 00:17:56.130
यह अविनाशी संग का रंग प्यारा लगता है ना !

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दुनिया वाले कितना प्रयत्न करते हैं परम आत्मा का संग तो छोड़ो सिर्फ याद करने में भी कितनी मेहनत करते हैं ।

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00:18:43.259 --> 00:19:07.000
लेकिन आप आत्माओं ने बाप को जाना , दिल से कहा मेरा बाबा ।

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00:19:07.000 --> 00:19:29.730
बाप ने कहा मेरे बच्चे और रंग लग गया ।

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00:19:33.730 --> 00:19:42.200
बाप ने कौन सा रंग लगाया ?

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00:19:45.130 --> 00:20:19.660
ज्ञान का गुलाल लगाया , गुणों का रंग लगाया , शक्तियों का रंग लगाया ,

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00:20:23.460 --> 00:20:44.059
जिस रंग से आप तो देवता बन गये

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00:20:44.059 --> 00:21:17.000
लेकिन अब कलियुग अन्त तक भी आपके पवित्र चित्र देव आत्माओं के रूप में पूजे जाते हैं ।

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00:21:31.799 --> 00:22:07.400
पवित्र आत्मायें बहुत बनते हैं , महान आत्मायें बहुत बनते हैं , धर्म आत्मायें बहुत बनते हैं

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00:22:11.259 --> 00:22:49.400
लेकिन आपकी पवित्रता देव आत्माओं के रूप में आत्मा भी पवित्र बनती और आत्मा के साथ शरीर भी पवित्र बनता है ।

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00:22:55.799 --> 00:23:09.460
इतनी श्रेष्ठ पवित्रता बनी कैसे ?

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00:23:09.460 --> 00:23:17.259
सिर्फ संग के रंग से ।

30
00:23:27.130 --> 00:24:10.200
आप सभी फलक से कहते हो , अगर कोई आप बच्चों से पूछे , परमात्मा कहाँ रहता है ?

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00:24:12.200 --> 00:24:30.130
परमधाम में तो है ही लेकिन अभी संगम में परमात्मा आपके साथ कहाँ रहता है ?

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00:24:34.329 --> 00:24:39.259
आप क्या जवाब देंगे ?

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00:24:40.660 --> 00:24:54.730
परमात्मा को अभी हम पवित्र आत्माओं का दिलतख्त ही अच्छा लगता है ।

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00:24:57.400 --> 00:25:00.329
ऐसे है ना ?

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00:25:00.329 --> 00:25:10.329
आपके दिल में बाप रहता , आप बाप के दिल में रहते ।

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00:25:11.400 --> 00:25:16.329
रहते हैं ?

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00:25:16.329 --> 00:25:19.859
हाथ उठाओ जो रहता है ?

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00:25:19.859 --> 00:25:21.660
रहते हैं ?

39
00:25:21.660 --> 00:25:24.059
अच्छा ।

40
00:25:24.059 --> 00:25:28.259
बहुत अच्छा ।

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00:25:28.259 --> 00:25:52.259
फलक से कहते हो परमात्मा को मेरे दिल के सिवाए और कहाँ अच्छा नहीं लगता है क्योंकि कम्बाइण्ड रहते हो ना !

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00:25:54.259 --> 00:26:01.529
कम्बाइण्ड रहते हो ना !

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00:26:03.529 --> 00:26:29.599
कई बच्चे कम्बाइण्ड कहते हुए भी सदा बाप की कम्पनी का लाभ नहीं लेते हैं ।

44
00:26:31.599 --> 00:26:36.799
कम्पैनियन तो बना लिया है , पक्का है ।

45
00:26:36.799 --> 00:26:43.730
मेरा बाबा कहा तो कम्पैनियन तो बना लिया

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00:26:44.730 --> 00:27:13.859
लेकिन हर समय कम्पनी का अनुभव करना , इसमें अन्तर पड़ जाता है ।

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00:27:25.400 --> 00:27:39.529
इसमें बापदादा देखते हैं नम्बरवार फायदा उठाते हैं ।

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00:27:54.529 --> 00:28:08.529
कारण क्या होता , आप सभी अच्छी तरह से जानते हो ।

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00:28:20.329 --> 00:28:31.930
बापदादा ने पहले भी सुनाया है

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00:28:36.859 --> 00:29:09.599
अगर दिल में रावण की कोई पुरानी जायदाद ,

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00:29:12.599 --> 00:29:30.200
पुराने संस्कार के रूप में रह गये है

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00:29:34.859 --> 00:29:46.730
तो रावण की चीज़ पराई चीज़ हो गई ना !

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00:29:52.930 --> 00:30:06.599
पराई चीज़ को कभी भी अपने पास रखा नहीं जाता है ।

54
00:30:12.859 --> 00:30:19.400
निकाल दिया जाता है ।

55
00:30:25.799 --> 00:30:44.859
लेकिन बापदादा ने देखा है , रूहरिहान में सुनते भी हैं

56
00:30:45.599 --> 00:31:02.200
कि क्या कहते बच्चे , बाबा मैं क्या करूं , मेरे संस्कार ही ऐसे हैं ।

57
00:31:07.000 --> 00:31:20.259
क्या यह आपके हैं , जो कहते हो मेरे संस्कार ?

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00:31:23.000 --> 00:31:40.400
यह कहना राइट है कि मेरे पुराने संस्कार हैं , मेरी नेचर है , राइट है ?

59
00:31:40.400 --> 00:31:42.859
राइट है ?

60
00:31:42.859 --> 00:31:47.000
जो समझते हैं राइट है वह हाथ उठाओ ।

61
00:31:47.000 --> 00:31:52.460
कोई नहीं उठाता ।

62
00:31:54.460 --> 00:31:56.329
तो कहते क्यों हो ?

63
00:31:56.329 --> 00:32:01.859
गलती से कह देते हो ?

64
00:32:03.859 --> 00:32:22.059
जब मरजीवा बन गये , आपका अभी सरनेम क्या है ?

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00:32:23.660 --> 00:32:32.400
पुराने जन्म का सरनेम है वा बी के का सरनेम है ।

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00:32:33.130 --> 00:32:41.930
क्या अपना लिखते हो ? बी के या फलाना , फलाना … ?

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00:32:46.130 --> 00:33:04.599
जब मरजीवा बन गये तो पुराने संस्कार मेरे संस्कार कैसे हुए ?

68
00:33:05.460 --> 00:33:11.000
यह पुराने तो पराये संस्कार हुए ।

69
00:33:11.799 --> 00:33:17.599
मेरे तो नहीं हुए ना !

70
00:33:19.930 --> 00:33:32.730
तो इस होली में कुछ तो जलायेंगे ना !

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00:33:33.259 --> 00:33:54.930
होली जलाते भी हैं और रंग लगाते भी हैं तो आप सभी इस होली पर क्या जलायेंगे ?

72
00:33:58.859 --> 00:34:25.199
मेरे संस्कार , यह अपने ब्राह्मण जीवन की डिक्शनरी से समाप्त करना ।

73
00:34:32.730 --> 00:34:39.730
जीवन भी एक डिक्शनरी है ना !

74
00:34:48.199 --> 00:34:59.929
तो अभी कभी स्वप्न में भी यह नहीं सोचना ,

75
00:35:00.929 --> 00:35:47.260
संकल्प की तो बात ही छोड़ो लेकिन पुराने संस्कार को मेरे संस्कार मानना , यह स्वप्न में भी नहीं सोचना ।

76
00:35:51.130 --> 00:36:22.059
अब तो जो बाप के संस्कार वह आपके संस्कार , सभी कहते हो ना हमारा लक्ष्य है बाप समान बनना ।

77
00:36:45.059 --> 00:37:33.000
तो सभी ने अपने दिल में यह दृढ़ संकल्प का अपने से प्रतिज्ञा की ?

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00:37:33.800 --> 00:37:40.329
गलती से भी मेरा नहीं कहना ।

79
00:37:42.329 --> 00:37:53.400
मेरा मेरा कहते हो ना , तो जो पुराने संस्कार हैं ना वह फायदा उठाते हैं ।

80
00:37:53.400 --> 00:38:04.800
जब मेरा कहते हैं तो वह बैठ जाते हैं , निकलते नहीं हैं ।

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00:38:24.199 --> 00:38:52.059
बापदादा सभी बच्चों को किस रूप में देखना चाहते हैं ?

82
00:38:55.000 --> 00:39:04.199
जानते तो हो , मानते भी हो ।

83
00:39:07.400 --> 00:39:31.000
बापदादा हर एक बच्चे को भ्रकुटी के तख्तनशीन ,

84
00:39:31.000 --> 00:39:52.400
स्वराज्य अधिकारी राजा बच्चा , अधीन बच्चा नहीं , राजा बच्चा ,

85
00:39:53.260 --> 00:40:21.599
कन्ट्रोलिंग पावर , रूलिंग पावर , मास्टर सर्वशक्तिवान स्वरूप में देख रहे हैं ।

86
00:40:35.260 --> 00:40:39.260
आप अपना कौन सा रूप देखते ?

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00:40:39.260 --> 00:40:46.329
यही ना , राज्य अधिकारी हो ना !

88
00:40:46.329 --> 00:40:53.530
अधीन तो नहीं हैं ना ?

89
00:40:58.730 --> 00:41:24.730
अधीन आत्माओं को आप सभी अधिकारी बनाने वाले हो ।

90
00:41:45.329 --> 00:42:17.400
आत्माओं के ऊपर रहमदिल बन अधीन से उन्हों को भी अधिकारी बनाने वाले हो ।

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00:42:42.730 --> 00:42:55.800
तो आप सभी भी होली मनाने आये हो ना ?

92
00:43:10.329 --> 00:43:45.130
बापदादा को भी खुशी है कि सभी स्नेह के विमान द्वारा , सभी के पास विमान है ना !

93
00:43:45.130 --> 00:43:49.800
है विमान ?

94
00:43:50.329 --> 00:44:14.599
बापदादा ने हर ब्राह्मण को जन्मते ही गिफ्ट दी मन के विमान की ।

95
00:44:18.860 --> 00:44:25.130
तो मन का विमान है सभी के पास ?

96
00:44:25.130 --> 00:44:28.599
अच्छा हाथ उठा रहे हैं ।

97
00:44:28.599 --> 00:44:34.460
ठीक है ?

98
00:44:43.730 --> 00:44:49.530
पेट्रोल ठीक है ?

99
00:44:50.730 --> 00:44:55.400
पंख ठीक हैं ?

100
00:44:55.400 --> 00:45:05.000
स्टार्ट करने का आधार ठीक है ?

101
00:45:05.000 --> 00:45:11.130
चेक करते हो ?

102
00:45:12.400 --> 00:45:31.260
ऐसा विमान जो तीनों लोकों में सेकण्ड में जा सकता है ।

103
00:45:35.000 --> 00:45:57.530
अगर हिम्मत और उमंग उत्साह के दोनों पंख यथार्थ हैं

104
00:46:01.530 --> 00:46:14.460
तो एक सेकण्ड में स्टार्ट हो सकता है ।

105
00:46:15.260 --> 00:46:24.260
स्टार्ट करने की चाबी क्या है ?

106
00:46:27.260 --> 00:46:34.000
मेरा बाबा ।

107
00:46:35.329 --> 00:46:53.929
मेरा बाबा कहो तो मन जहाँ पहुंचना चाहे वहाँ पहुंच सकता है ।

108
00:46:56.730 --> 00:47:01.659
दोनों पंख ठीक होने चाहिए ।

109
00:47:01.659 --> 00:47:14.730
हिम्मत कभी नहीं छोड़नी है ।

110
00:47:16.730 --> 00:47:19.860
क्यों ?

111
00:47:21.860 --> 00:47:33.800
बापदादा का वायदा है , वरदान है ,

112
00:47:36.400 --> 00:48:02.460
एक कदम हिम्मत का आपका और हजार कदम मदद बाप की ।

113
00:48:09.260 --> 00:48:34.800
चाहे कैसा भी कड़ा संस्कार हो , हिम्मत कभी नहीं हारो ।

114
00:48:36.800 --> 00:48:40.130
कारण ?

115
00:48:41.199 --> 00:48:59.260
सर्वशक्तिवान बाप मददगार है और कम्बाइण्ड है , सदा हाजर है ।

116
00:49:04.929 --> 00:49:27.130
आप हिम्मत से सर्वशक्तिवान कम्बाइण्ड बाप के ऊपर अधिकार रखो

117
00:49:33.059 --> 00:49:56.800
और दृढ़ रहो , होना ही है , बाप मेरा , मैं बाप की हूँ , यह हिम्मत नहीं भूलो ।

118
00:50:05.929 --> 00:50:10.800
तो क्या होगा ?

119
00:50:12.400 --> 00:50:33.800
जो कैसे करूं , यह संकल्प उठता है वह कैसे शब्द बदल ऐसे हो जायेगा ।

120
00:50:38.059 --> 00:50:44.130
कैसे करूं , क्या करूं , नहीं ।

121
00:50:53.000 --> 00:51:00.059
ऐसे हुआ ही पड़ा है ।

122
00:51:03.800 --> 00:51:24.599
सोचते हो,करते तो हैं,होगा, होना तो चाहिए, बाप मदद तो देगा…।

123
00:51:31.929 --> 00:51:58.659
हुआ ही पड़ा है , बाप बंधा हुआ है , दृढ़ निश्चयबुद्धि वाले को मदद देने के लिए ।

124
00:52:01.659 --> 00:52:15.460
सिर्फ रूप थोड़ा चेंज कर देते हो , हक रखते हो बाप के ऊपर , लेकिन रूप चेंज कर देते हो ।

125
00:52:15.460 --> 00:52:20.530
बाबा आप तो मदद करेंगे ना !

126
00:52:20.530 --> 00:52:24.329
आप तो बंधे हुए हो ना !

127
00:52:24.329 --> 00:52:31.260
तो ना लगा देते हो ।

128
00:52:42.460 --> 00:53:02.260
निश्चयबुद्धि , निश्चित विजय हुई पड़ी है

129
00:53:19.659 --> 00:53:44.460
क्योंकि बापदादा ने हर बच्चे को जन्मते ही विजय का तिलक मस्तक में लगाया है ।

130
00:54:13.130 --> 00:54:32.730
दृढ़ता को अपने तीव्र पुरूषार्थ की चाबी बनाओ ।

131
00:54:48.599 --> 00:54:54.659
प्लैन बहुत अच्छे बनाते हो ।

132
00:54:56.659 --> 00:55:14.800
बापदादा जब रूहरिहान सुनते हैं , रूहरिहान बहुत हिम्मत की करते हो ,

133
00:55:19.400 --> 00:55:26.000
प्लैन भी बड़े पावरफुल बनाते हो

134
00:55:26.000 --> 00:55:47.599
लेकिन प्लैन को जब प्रैक्टिकल में करते हो तो प्लेन बुद्धि होके नहीं करते हो ।

135
00:55:47.599 --> 00:56:32.199
उसमें थोड़ा सा करते तो हैं , होना तो चाहिए … यह स्वयं में निश्चय के साथ संकल्प नहीं , लेकिन वेस्ट संकल्प मिक्स कर देते हो ।

136
00:57:03.000 --> 00:57:47.530
अभी समय के प्रमाण प्लेन बुद्धि बन संकल्प को साकार रूप में लाओ ।

137
00:58:05.400 --> 00:58:29.659
जरा भी कमज़ोर संकल्प इमर्ज नहीं करो ।

138
00:58:39.130 --> 00:58:57.929
स्मृति रखो कि अभी एक बार नहीं कर रहे हैं ,

139
00:59:00.860 --> 00:59:16.400
अनेक बार किया हुआ सिर्फ रिपीट कर रहे हैं ।

140
00:59:20.530 --> 00:59:41.929
याद करो कितनी बार कल्प-कल्प विजयी बने हैं !

141
00:59:46.059 --> 01:00:12.059
अनेक बार के विजयी हैं , विजय अनेक कल्प का जन्म सिद्ध अधिकार है ।

142
01:00:20.059 --> 01:00:44.199
इस अधिकार से निश्चयबुद्धि बन दृढ़ता की चाबी लगाओ ,

143
01:00:48.059 --> 01:01:02.199
विजय आप ब्राह्मण आत्माओं के बिना कहाँ जायेगी !

144
01:01:04.199 --> 01:01:29.530
आप ब्राह्मणों का विजय जन्म सिद्ध अधिकार है , गले की माला है ।

145
01:01:35.329 --> 01:01:38.000
है ना नशा ?

146
01:01:38.000 --> 01:01:41.400
नशा है ?

147
01:01:42.199 --> 01:01:45.659
होगा , नहीं होगा , नहीं ।

148
01:01:45.659 --> 01:01:50.599
हुआ ही पड़ा है ।

149
01:01:51.800 --> 01:02:19.400
इतने निश्चयबुद्धि बन हर कार्य करो , विजय निश्चित है ही ।

150
01:03:39.000 --> 01:04:02.329
ऐसे निश्चयबुद्धि आत्मायें , है ही ,

151
01:04:04.329 --> 01:04:11.929
यह नहीं बापदादा कहते है या नहीं , है ही ।

152
01:04:12.800 --> 01:04:17.329
यही नशा रखो ।

153
01:04:18.000 --> 01:04:25.800
थे , हैं और होंगे ।

154
01:04:34.000 --> 01:04:37.929
तो ऐसे होली हो ना !

155
01:04:37.929 --> 01:04:44.199
होलीएस्ट तो हो ।

156
01:04:52.530 --> 01:05:08.059
तो बापदादा के ज्ञान के गुलाल की होली तो खेल ली , अभी और क्या खेलेंगे ?

157
01:05:13.000 --> 01:05:40.860
बापदादा ने देखा कि सभी को मैजॉरिटी उमंग-उत्साह बहुत अच्छा आता है ,

158
01:05:40.860 --> 01:05:46.530
यह कर लेंगे , यह कर लेंगे , यह हो जायेगा ।

159
01:05:46.530 --> 01:06:20.199
बापदादा भी बड़े खुश होते हैं लेकिन यह उमंग-उत्साह सदा इमर्ज रहे , कभी-कभी मर्ज हो जाता है , कभी इमर्ज हो जाता है ।

160
01:06:21.059 --> 01:06:49.199
मर्ज नहीं हो जाए , इमर्ज ही रहे क्योंकि आपका उत्सव पूरा संगमयुग ही उत्सव है ।

161
01:06:54.860 --> 01:07:05.130
वह तो कभी-कभी उत्सव इसीलिए मनाते हैं ,

162
01:07:05.130 --> 01:07:17.059
क्योंकि बहुत समय टेन्शन में रहते हैं ना , तो समझते हैं

163
01:07:17.599 --> 01:07:30.599
उत्साह में नाचें , गायें , खायें , तो चेंज हो जाए ।

164
01:07:30.599 --> 01:07:47.530
लेकिन आप लोगों के पास तो नाचना और गाना है ही , हर सेकण्ड ।

165
01:07:53.929 --> 01:08:06.599
आप सदा मन में खुशी से नाचते रहते हो ना !

166
01:08:06.599 --> 01:08:08.599
कि नहीं !

167
01:08:08.599 --> 01:08:13.929
नाचते हैं , नाचना आता है खुशी में ?

168
01:08:13.929 --> 01:08:16.859
नाचना आता है !

169
01:08:16.859 --> 01:08:20.460
जिसको आता है वह हाथ उठाओ ।

170
01:08:20.460 --> 01:08:38.060
नाचना आता है , अच्छा , मुबारक हो , आता है तो ।

171
01:08:38.060 --> 01:08:44.060
तो सदा नाचते रहते हो या कभी कभी ?

172
01:08:49.260 --> 01:09:07.659
बापदादा ने इस वर्ष का होमवर्क दिया था , दो शब्द कभी नहीं सोचना , समटाइम , समथिंग ।

173
01:09:08.329 --> 01:09:11.199
वह किया है ?

174
01:09:11.199 --> 01:09:16.859
कि अभी भी समटाइम है ?

175
01:09:18.060 --> 01:09:24.600
समटाइम , समथिंग खत्म ।

176
01:09:26.000 --> 01:09:34.199
इस नाचने में थकने की तो कोई बात ही नहीं है ।

177
01:09:37.729 --> 01:09:50.859
चाहे लेटे रहे , चाहे काम करो , चाहे पैदल करो , चाहे बैठो ,

178
01:09:52.859 --> 01:10:08.329
खुशी का डांस तो कर ही सकते हो और बाप के प्राप्तियों का गीत भी गा सकते हो ।

179
01:10:08.329 --> 01:10:20.859
गीत भी आता है ना , यह गीत तो सभी को आता है , मुख का गीत तो किसको आता है किसको नहीं आता है

180
01:10:21.729 --> 01:10:37.659
लेकिन बाप के प्राप्तियों का , बाप के गुणों का गीत वह तो सबको आता है ना ।

181
01:10:42.659 --> 01:11:04.199
तो बस हर दिन उत्सव है , हर घड़ी उत्सव है , और सदा नाचो और गाओ और काम तो दिया ही नहीं है ।

182
01:11:05.260 --> 01:11:13.130
यही तो दो काम हैं ना , नाचो और गाओ ।

183
01:11:16.460 --> 01:11:20.460
तो इन्ज्वाय करो ।

184
01:11:28.199 --> 01:11:31.199
बोझ क्यों उठाते ?

185
01:11:31.199 --> 01:11:39.800
इन्ज्वाय करो , नाचो गाओ बस ।

186
01:11:45.529 --> 01:11:50.729
अच्छा ।

187
01:11:52.729 --> 01:11:56.729
होली तो मना ली ना !

188
01:11:56.729 --> 01:12:01.800
अभी रंग की होली भी मनायेंगे ?

189
01:12:01.800 --> 01:12:08.859
अच्छा आपको ही तो भक्त कापी करेंगे ना !

190
01:12:08.859 --> 01:12:29.199
आप भगवान के साथ होली खेलते हो तो भक्त भी होली कोई न कोई आप देवताओं के साथ खेलते रहते हैं ।

191
01:12:39.399 --> 01:13:08.329
अच्छा , तो आज कई बच्चों के ईमेल भी आये हैं , पत्र भी आये हैं , फोन भी आये हैं ,

192
01:13:08.329 --> 01:13:19.000
जो भी साधन हैं उससे होली की मुबारक भेजी है ।

193
01:13:21.000 --> 01:13:34.600
बापदादा के पास तो जब संकल्प करते हैं ना तभी पहुंच जाता है ।

194
01:13:41.000 --> 01:13:58.729
लेकिन चारों ओर के बच्चे विशेष याद करते हैं और किया है ,

195
01:13:58.729 --> 01:14:41.460
बापदादा भी हर बच्चे को पदम पदम दुआयें और पदमगुणा दिल की यादप्यार रिटर्न में हर एक को नाम सहित विशेषता सहित दे रहे हैं ।

196
01:14:44.930 --> 01:14:59.130
जब सन्देशी जाती है ना तो हर एक अपने अपने तरफ की यादें देते हैं ।

197
01:14:59.800 --> 01:15:09.060
जिन्होंने नहीं भी दी हो ना , बापदादा के पास पहुंच गई है ।

198
01:15:17.329 --> 01:15:26.600
यही तो परमात्म प्यार की विशेषता है ।

199
01:15:33.930 --> 01:15:53.859
यह एक एक दिन कितना प्यारा है ।

200
01:16:10.859 --> 01:16:21.800
चाहे गांव में हैं , चाहे बहुत बड़े-बड़े शहरों में हैं ,

201
01:16:23.800 --> 01:16:44.859
गांव वालों की भी याद साधन न होते हुए भी बाप के पास पहुंच जाती है

202
01:16:49.529 --> 01:17:02.930
क्योंकि बाप के पास स्प्रीचुअल साधन तो बहुत हैं ना !

203
01:17:14.000 --> 01:17:25.460
अच्छा - सभी ने दादी की याद भी बहुत-बहुत दी है ।

204
01:17:26.060 --> 01:17:51.930
सभी का एक ही संकल्प है कि दादी जल्दी से जल्दी अपने मधुबन में पहुंच जाए ।

205
01:18:01.130 --> 01:18:08.460
बापदादा भी यही चाहते हैं ।

206
01:18:31.460 --> 01:19:02.399
दादी बोलती नहीं है लेकिन दिल में संकल्प द्वारा मधुबन की याद , ब्राह्मणों की याद ,

207
01:19:04.399 --> 01:19:20.329
अपनी बेहद सेवा के जिम्मेवारी की याद रहती ही है ।

208
01:19:29.260 --> 01:19:41.399
अभी प्यार से याद तो आप सभी बहुत करते हो ।

209
01:19:41.399 --> 01:20:01.729
बापदादा देखते हैं कि बापदादा से तो सभी का प्यार है लेकिन दादी से भी कम नहीं है ।

210
01:20:03.729 --> 01:20:29.859
प्यार की याद तो दादी तक पहुंचती है लेकिन अभी ऐसे शक्तिशाली ,

211
01:20:39.529 --> 01:20:53.859
जैसे पावरफुल दवाई देते हैं ना , दवाई में भी पावर का फर्क होता है ना !

212
01:20:53.859 --> 01:21:02.600
तो आप सबने स्नेह की दवाई तो भेजी है

213
01:21:05.399 --> 01:22:11.859
लेकिन अभी सब मिलकर शक्तिशाली तन्दरूस्त भव के दृढ़ संकल्प की किरणें ऐसी भेजो

214
01:22:20.930 --> 01:22:32.600
जो वह किरणें अपना काम शुरू कर दें ।

215
01:22:32.600 --> 01:23:19.729
टाइम तो थोड़ा लगेगा लेकिन यह आप सब ब्राह्मणों के दिल के सहयोग की किरणें अपना काम दिखायेंगी ।

216
01:23:32.930 --> 01:24:10.859
वहाँ कमरे का वायुमण्डल भी दिल के शक्तिशाली वायब्रेशन क्या हुआ , क्या हो रहा है , नहीं ।

217
01:24:10.859 --> 01:24:13.930
हो रहा है ।

218
01:24:13.930 --> 01:24:19.659
होना ही है ।

219
01:24:21.659 --> 01:25:09.529
इस उमंग-उत्साह का , सर्व ब्राह्मण चाहे कोई भी सेवाधारी का वायुमण्डल ऐसा शक्तिशाली हो ,

220
01:25:20.859 --> 01:25:42.000
आप सबके दिल के प्यार का वायब्रेशन बापदादा के पास भी पहुंचता है ।

221
01:25:58.529 --> 01:26:32.060
जो भी सेवाधारी सेवा के निमित्त बनते हैं , उन्हों का सदा यही वायब्रेशन हो ,

222
01:26:42.600 --> 01:27:14.859
निश्चयबुद्धि बन शक्तिशाली किरणों की स्प्रीचुअल शक्ति सदा देते रहो ।

223
01:27:22.060 --> 01:28:12.659
सेवा दिल से कर रहे हैं , भावना बहुत अच्छी है , अभी शक्तिशाली संकल्प की दुआ दो ।

224
01:28:31.529 --> 01:28:56.659
कोई भी व्यर्थ संकल्प दिल में लाना नहीं , क्या होगा नहीं , अच्छा होना ही है ।

225
01:29:14.199 --> 01:29:17.399
अच्छा ।

226
01:29:22.529 --> 01:29:44.600
सेवा का टर्न गुजरात का है , गुजरात के 6500 आये हैं :- गुजरात दर पर है ना ।

227
01:29:47.529 --> 01:30:06.659
गुजरात के साढ़े छः हजार आ गये हैं , अच्छा है भले आये ।

228
01:30:24.600 --> 01:31:02.729
गुजरात में बापदादा ने देखा है कि मैजॉरिटी एक तो गीता पाठशालायें बहुत हैं और गीता पाठशालायें चलाने वाले हैण्डस भी बहुत हैं ।

229
01:31:30.199 --> 01:32:22.529
और साथ में गुजरात में सेवा भी बहुत है , सेवाधारी हैण्डस भी बहुत हैं ।

230
01:32:37.060 --> 01:32:41.659
अभी गुजरात क्या करेगी ?

231
01:32:41.659 --> 01:32:54.399
सेवाधारी भी बहुत हैं , सेवा भी बहुत है , अभी नई सेवा क्या करेंगे ?

232
01:32:56.000 --> 01:33:08.859
जो किसने नहीं की हो , ऐसा कोई प्लैन बनाया है ?

233
01:33:08.859 --> 01:33:17.600
जो किसने नहीं की हो , वह गुजरात करके दिखावे ।

234
01:33:18.199 --> 01:33:24.529
प्लैन बनाया है ?

235
01:33:24.529 --> 01:33:59.659
( थोड़ा सोचा है , आपस में मिलकर करेंगे ) वैसे बापदादा सभी जोन को कहते हैं

236
01:34:01.659 --> 01:34:17.659
कि ऐसा कोई स्पीकर तैयार करो , आप स्पीच करो वह नहीं ,

237
01:34:17.659 --> 01:34:43.199
लेकिन आपकी तरफ से कोई ऐसा स्पीकर तैयार हो जिसका आवाज बड़ा हो , बुलन्द हो ।

238
01:34:43.199 --> 01:34:55.000
जिसको देख करके अनेकों का कल्याण हो जाए ।

239
01:35:01.460 --> 01:35:14.460
ऐसे हैं , हर एक जोन में ऐसे हैं लेकिन स्टेज पर नहीं आये हैं ।

240
01:35:19.659 --> 01:35:48.930
बापदादा अभी यह चाहते हैं कि ब्राह्मण बैकबोन हों और सामने ऐसी आत्मायें निमित्त हों

241
01:35:50.399 --> 01:36:15.800
जिसका सुन करके अनेकों के दिल में वह आवाज लग जाए ।

242
01:36:19.199 --> 01:36:36.600
क्योंकि समय के अनुसार हर जोन ने , जिस भी विधि से सेवा की है ,

243
01:36:37.930 --> 01:37:04.859
वह अच्छी की है , बापदादा सेवा के निमित्त बने हुए बच्चों का उमंग-उत्साह देख करके भी खुश होते हैं लेकिन अभी कोई नवीनता हो ।

244
01:37:14.199 --> 01:37:34.859
कोई स्वयं ही निमित्त बने और प्लैन देवे कि यह यह कर सकते हैं ।

245
01:37:36.859 --> 01:37:52.399
क्योंकि वर्गीकरण की सेवा को भी काफी समय हो चुका है ।

246
01:37:56.460 --> 01:38:21.399
हर एक वर्ग से ऐसे कोई स्पीकर तैयार हो , आप टापिक देते हो उस पर भाषण करते हैं , नहीं ।

247
01:38:21.399 --> 01:38:32.460
खुद उमंग आवे मुझे यह करना है ।

248
01:38:52.199 --> 01:38:58.460
ऐसा कुछ प्लैन बनाओ ।

249
01:39:04.000 --> 01:40:09.659
उसका आधार है , स्वयं निमित्त बनने वाले सेकण्ड में वेस्ट को खत्म कर बेस्ट का प्रभाव वायुमण्डल में फैलायें ।

250
01:40:16.260 --> 01:41:06.800
वेस्ट अभी भी है इसलिए मन्सा द्वारा सेवा का रेसपान्ड प्रैक्टिकल रूप में कम है ।

251
01:41:22.859 --> 01:42:02.060
जैसे शुरू-शुरू में स्थापना के समय में देखा ब्रह्मा बाप का मन्सा वायब्रेशन कईयों को घर बैठे साक्षात्कार होने लगा , आवाज गया कोई आया है जाओ ।

252
01:42:06.729 --> 01:42:27.260
ऐसे बेस्ट थॉट्स का वायुमण्डल नजदीक ला सकता है ।

253
01:42:39.600 --> 01:42:46.529
कोई भी विस्तार में नहीं जाओ , शार्ट ।

254
01:42:46.529 --> 01:43:00.260
जो भी कारोबार की बातें करनी तो पड़ती हैं लेकिन जहाँ तक हो सके

255
01:43:03.260 --> 01:43:17.930
विस्तार से शार्ट करते मन्सा शक्तिशाली सेवा को बढ़ाओ ।

256
01:43:22.329 --> 01:43:40.199
जैसे शिकारी जो होशियार होते हैं वह ऐसा तीर लगाते जो पंछी तीर सहित आके पांव में पड़ता ।

257
01:43:42.199 --> 01:43:59.930
यहाँ मन्सा सेवा ऐसी पावरफुल हो , जो आत्माओं को प्राप्ति की अनुभूति हो , रह नहीं सके ।

258
01:44:06.329 --> 01:44:19.729
मन्सा शक्तिशाली से मन्सा सेवा की सिद्धि प्राप्त होनी है ।

259
01:44:23.399 --> 01:44:26.329
तो गुजरात क्या करेगा ?

260
01:44:26.329 --> 01:44:34.600
मन्सा सेवा में नम्बरवन होके दिखाओ।

261
01:44:45.130 --> 01:44:49.260
सभी के लिए है ।

262
01:44:49.260 --> 01:45:14.060
लेकिन गुजरात का टर्न है तो गुजरात को कह रहे हैं लेकिन अभी मन्सा स्वयं की पावरफुल होने से मन्सा सेवा की रिजल्ट सामने आयेगी ।

263
01:45:18.199 --> 01:45:32.060
जैसे वाचा की पहले नहीं थी , अभी वाचा सेवा की रिजल्ट सामने आ रही है ।

264
01:45:36.260 --> 01:45:40.060
मेहनत तो अच्छी की है ।

265
01:45:41.329 --> 01:46:07.659
बापदादा मेहनत , निमित्त मेहनत की मुबारक भी देते हैं लेकिन समय फास्ट है , अभी भी समय बहुत फास्ट जा रहा है ।

266
01:46:19.130 --> 01:46:21.329
अच्छा ।

267
01:46:21.329 --> 01:46:47.800
मुबारक हो , गुजरात को टाइटल है कि बिल्कुल नजदीक जैसे देश के हिसाब से हैं वैसे बाप के दिल में भी नजदीक हैं ।

268
01:46:56.060 --> 01:47:11.130
अच्छे अच्छे हैं , शुरू से देखो तो निकले भी अच्छे अच्छे , पाण्डव या शक्तियां अच्छे निकले हैं ।

269
01:47:17.000 --> 01:47:22.600
अभी ऐसे स्पीकर तैयार करो ।

270
01:47:23.800 --> 01:47:32.399
आप सकाश दो और वह भाषण करें ।

271
01:47:43.329 --> 01:47:47.930
अच्छा । बहुत अच्छा ।

272
01:47:47.930 --> 01:47:53.000
पदमगुणा मुबारक है ।

273
01:48:01.930 --> 01:48:38.260
98 देशों से 1200 विदेशी भाई बहिनें आये हैं :- अच्छा ।

274
01:48:38.260 --> 01:48:44.859
विदेशी उठो ।

275
01:48:58.460 --> 01:49:07.199
अच्छा आप भी हाथ हिलाओ ।

276
01:49:16.600 --> 01:49:53.600
बापदादा को जब विदेश के बच्चे आपस में इकट्ठे होके स्व-उन्नति और सेवा की वृद्धि दोनों साथ-साथ प्लैन बनाते हैं

277
01:49:53.600 --> 01:50:15.930
तो बापदादा को अच्छा लगता है क्योंकि विदेश में तो बहुत अलग अलग रहते हैं

278
01:50:15.930 --> 01:50:30.460
लेकिन यहाँ एक तो फ्री होके आते हैं दूसरा संगठन भी अच्छा होता है ,

279
01:50:30.460 --> 01:50:45.859
तो स्व-उन्नति और भविष्य प्लैन अच्छा बनाते हैं ।

280
01:50:46.659 --> 01:50:54.260
बापदादा के पास रिपोर्ट तो आती है ।

281
01:50:54.260 --> 01:51:00.529
समाचार पहुंचता रहता है ।

282
01:51:00.529 --> 01:51:17.529
तो जो भी अलग अलग ग्रुप बनके , क्योंकि छोटे ग्रुप में अटेन्शन जाता है ,

283
01:51:17.529 --> 01:51:39.800
नजदीक आने का चांस मिलता है , तो यह ग्रुप बनाके जो सेवा की है , यह अच्छी की है ।

284
01:51:53.000 --> 01:52:15.130
अभी डबल विदेशियों में पुरूषार्थ की रफ्तार भी अच्छी चल रही है लेकिन अभी भी थोड़ी थोड़ी कम्पलेन है ,

285
01:52:21.130 --> 01:52:39.060
पुरूषार्थ की तरफ अटेन्शन अच्छा है , अटेन्शन दिलाते भी अच्छा है और अटेन्शन देते भी अच्छा है

286
01:52:39.060 --> 01:53:15.130
सिर्फ उसको अविनाशी बनाने के लिए कोई ऐसा प्लैन बनाओ जो रिफेशमेंट वहाँ जाने के बाद भी बढ़ती रहे ।

287
01:53:20.460 --> 01:53:54.460
सेवा के साधन भी अच्छे निकालते हैं , वी आई पी वा भिन्न-भिन्न प्रकार की सेवाओं के जो प्लैन बनाते हो वह भी अच्छा बनाया है ।

288
01:53:59.060 --> 01:54:09.800
अभी दूसरे साल जब आओ , अभी तो नजदीक आ गई है ना सीजन का ।

289
01:54:09.800 --> 01:54:21.729
लेकिन जब दूसरी बार आओ तो यह रिजल्ट दिखाई दे

290
01:54:22.600 --> 01:54:45.659
कि सभी इतने मन्सा सेवा , वाचा सेवा , सम्बन्ध-सम्पर्क द्वारा सेवा कर्मणा हो गई ना यह ,

291
01:54:46.729 --> 01:55:14.859
चेहरे और चलन द्वारा सेवा करने में इतने सब बिजी रहते जो वेस्ट बातों को आने के लिए मार्जिन ही नहीं है ।

292
01:55:17.529 --> 01:55:19.930
फुल बिजी ।

293
01:55:19.930 --> 01:55:26.199
बिजी रहते हैं लेकिन फुल बिजी ।

294
01:55:28.729 --> 01:55:39.130
माया का आने का कोई मार्जिन ही नहीं रहे ।

295
01:55:41.130 --> 01:56:08.329
चाहे संकल्प में , चाहे एक दो के साथ सहयोग में ऐसी रिजल्ट निकल सकती है ।

296
01:56:10.329 --> 01:56:12.060
हो सकता है ऐसे !

297
01:56:12.060 --> 01:56:15.930
इतने बिजी हो सकते हो ?

298
01:56:15.930 --> 01:56:19.460
हो सकते हो ?

299
01:56:19.460 --> 01:56:23.060
कि टाइम चाहिए ?

300
01:56:26.060 --> 01:56:30.199
एक साल है ।

301
01:56:33.659 --> 01:56:51.060
बापदादा तो इण्डिया में भी यही चाहते , विदेश में भी यह चाहते यह आवाज हो कि माया आ नहीं सकती ।

302
01:56:53.060 --> 01:56:59.460
मेहनत नहीं करनी पड़े ।

303
01:57:09.529 --> 01:57:13.659
देखो कौन सा जोन करता है ?

304
01:57:13.659 --> 01:57:36.329
बापदादा ने तो पहले ही कहा है , कि बापदादा डायमण्ड कप देने चाहते हैं लेकिन प्राब्लम प्रूफ हो ।

305
01:57:37.529 --> 01:57:47.399
प्राब्लम क्या होती है यह नामनिशान नहीं हो ।

306
01:57:58.329 --> 01:58:33.729
( बाबा ने कहा है तो हुआ ही पड़ा है ) देखो होना तो है ही ।

307
01:58:33.729 --> 01:58:38.600
आप नहीं होंगे तो कौन होंगे ।

308
01:58:38.600 --> 01:58:47.529
होना तो है , सिर्फ नजदीक लाओ उसको ।

309
01:58:48.529 --> 01:58:51.399
ठीक है ना ।

310
01:58:51.399 --> 01:58:55.260
डबल फारेनर्स ?

311
01:58:55.260 --> 01:59:00.329
डायमण्ड कप लेने वाले हो ।

312
01:59:00.329 --> 01:59:09.600
बापदादा तो सदा आफर करते हैं ।

313
01:59:10.529 --> 01:59:19.460
लेकिन एक दो के साथी भी हों , सिर्फ मैं ठीक हूँ , नहीं ।

314
01:59:19.460 --> 01:59:24.460
साथी भी ठीक हों ।

315
01:59:28.199 --> 02:00:24.859
( भारत और विदेश मिलकर ही डायमण्ड कप लेंगे ) आपके मुख में गुलाबजामुन ।

316
02:00:42.399 --> 02:00:46.130
होना ही है ।

317
02:00:46.130 --> 02:00:52.800
सिर्फ समय को थोड़ा नजदीक लाओ ।

318
02:00:57.260 --> 02:01:00.329
रिजल्ट अच्छी है ।

319
02:01:00.329 --> 02:01:18.130
रिजल्ट पहले से काफी फर्क है , इसकी मुबारक है लेकिन अभी फुल नहीं है थोड़ी-थोड़ी फीलिंग है ।

320
02:01:23.659 --> 02:01:28.529
अभी फुल हो जायेंगे ।

321
02:01:31.529 --> 02:01:42.529
बापदादा वतन से बहुत बढ़िया फरिश्तेपन की सौगात देंगे ।

322
02:01:44.529 --> 02:01:54.600
हर एक ऐसे अनुभव करेंगे मैं हूँ फरिश्ता , चमकता हुआ ।

323
02:01:59.060 --> 02:02:03.529
होना ही है ।

324
02:02:05.529 --> 02:02:13.659
अच्छा है , बैठ जाओ , थक जायेंगे ।

325
02:02:34.460 --> 02:02:39.329
अच्छा ।

326
02:02:42.329 --> 02:03:08.130
बापदादा कहते हैं आजकल के जमाने में डाक्टर्स कहते हैं दवाई छोड़ो , एक्सरसाइज करो ।

327
02:03:10.130 --> 02:03:36.260
तो बापदादा भी कहते हैं कि युद्ध करना छोड़ो , मेहनत करना छोड़ो , सारे दिन में 5-5 मिनट मन की एक्सरसाइज करो ।

328
02:03:36.260 --> 02:03:56.399
वन मिनट में निराकारी , वन मिनट में आकारी , वन मिनट में सब तरह के सेवाधारी ,

329
02:03:56.399 --> 02:04:12.329
यह मन की एक्सरसाइज 5 मिनट की सारे दिन में भिन्न-भिन्न टाइम करो ।

330
02:04:15.130 --> 02:04:24.859
तो सदा तन्दरूस्त रहेंगे , मेहनत से बच जायेंगे ।

331
02:04:26.859 --> 02:04:29.399
हो सकता है ना !

332
02:04:29.399 --> 02:04:36.600
हो सकता है ?

333
02:04:39.329 --> 02:05:00.460
मधुबन वाले , मधुबन है फाउण्डेशन , मधुबन का वायब्रेशन चारों ओर न चाहते भी पहुंच जाता है ।

334
02:05:01.600 --> 02:05:21.859
जो मधुबन में एक दिन कोई बात होती है ना , सारे भारत में , जगह जगह में दूसरे दिन पहुंच जाती है ।

335
02:05:22.729 --> 02:05:42.800
इतना मधुबन में कोई साधन लगे हुए हैं , कोई बात नहीं छिपती , अच्छी भी तो पुरूषार्थ की भी ।

336
02:05:44.800 --> 02:05:59.260
तो मधुबन जो करेगा वह वायब्रेशन स्वतः और सहज फैलेगा ।

337
02:06:02.460 --> 02:06:16.600
पहले मधुबन निवासी वेस्ट थॉटस का स्टॉप करें , हो सकता है ?

338
02:06:16.600 --> 02:06:19.130
हो सकता है ?

339
02:06:19.130 --> 02:06:21.930
यह आगे-आगे बैठे हैं ना !

340
02:06:21.930 --> 02:06:24.460
मधुबन निवासी हाथ उठाओ ।

341
02:06:28.130 --> 02:06:52.199
तो मधुबन निवासी आपस में कोई ऐसा प्लैन बनाओ वेस्ट खत्म ।

342
02:06:53.000 --> 02:07:07.600
बापदादा यह नहीं कहते हैं कि संकल्प ही बन्द करो । वेस्ट संकल्प फिनिश ।

343
02:07:07.600 --> 02:07:11.260
फायदा तो है नहीं ।

344
02:07:11.260 --> 02:07:15.729
परेशानी ही है ।

345
02:07:16.600 --> 02:07:19.529
हो सकता है ?

346
02:07:19.529 --> 02:07:30.600
जो समझते हैं मधुबन निवासी , आपस में मीटिंग करके यह करेंगे , वह हाथ उठाओ ।

347
02:07:30.600 --> 02:07:42.060
करेंगे करना है तो लम्बा हाथ उठाओ ।

348
02:07:42.060 --> 02:07:52.130
दो-दो हाथ उठाओ ।

349
02:07:52.130 --> 02:07:55.329
मुबारक हो ।

350
02:07:55.329 --> 02:07:59.260
बापदादा दिल से दुआयें दे रहे हैं ।

351
02:07:59.260 --> 02:08:03.460
मुबारक देते हैं ।

352
02:08:06.859 --> 02:08:15.930
हिम्मत है मधुबन में , जो चाहे वह कर सकते हैं ।

353
02:08:15.930 --> 02:08:20.199
करा भी सकते हैं ।

354
02:08:26.000 --> 02:08:34.060
मधुबन की बहनें भी हैं , बहनें हाथ उठाओ ।

355
02:08:37.130 --> 02:08:42.130
बड़ा हाथ उठाओ ।

356
02:08:47.000 --> 02:08:50.199
मीटिंग करना ।

357
02:08:50.199 --> 02:08:53.529
आप मीटिंग कराना दादियां ।

358
02:08:53.529 --> 02:08:57.399
देखो हाथ सभी उठा रहे हैं ।

359
02:09:00.130 --> 02:09:06.199
अभी हाथ की लाज रखना ।

360
02:09:12.729 --> 02:09:16.399
अच्छा ।

361
02:09:16.399 --> 02:10:05.000
अभी अभी सेकण्ड में जो बाप ब्रह्मा ने लास्ट में वरदान दिया , निराकारी , निर्विकारी , निरंहकारी ,

362
02:10:05.000 --> 02:10:27.130
यह ब्रह्मा बाप के लास्ट वरदान , एक बहुत बड़ी सौगात बच्चों के प्रति रही ।

363
02:10:34.199 --> 02:11:04.859
तो क्या सेकण्ड में ब्रह्मा बाप की सौगात मन से स्वीकार कर सकते हैं ?

364
02:11:06.329 --> 02:11:32.729
दृढ़ संकल्प कर सकते हो कि बाप की सौगात को सदा प्रैक्टिकल लाइफ में लाना है ?

365
02:11:37.600 --> 02:11:49.600
क्योंकि आदि देव की सौगात कम नहीं है ।

366
02:11:52.060 --> 02:12:00.199
ब्रह्मा ग्रेट-ग्रेट ग्रैण्ड फादर है ।

367
02:12:04.000 --> 02:12:09.930
उसकी सौगात कम नहीं है ।

368
02:12:15.930 --> 02:12:58.859
तो अपने-अपने पुरूषार्थ प्रमाण संकल्प करो कि आज के दिन होली अर्थात् जो बीत चुकी , हो ली , हो गई ।

369
02:13:00.859 --> 02:13:41.930
लेकिन अब से सौगात को बार-बार इमर्ज कर ब्रह्मा बाप को सेवा का रिटर्न देंगे ।

370
02:13:44.729 --> 02:14:11.930
देखो ब्रह्मा बाप ने अन्तिम दिन , अन्तिम समय तक सेवा की ।

371
02:14:16.600 --> 02:14:34.600
यह ब्रह्मा बाप का बच्चों से प्यार , सेवा से प्यार की निशानी है

372
02:14:36.199 --> 02:15:21.800
तो ब्रह्मा बाप को रिटर्न देना अर्थात् बार-बार जीवन में दी हुई सौगात को रिवाइज कर प्रैक्टिकल में लाना ।

373
02:15:31.060 --> 02:16:05.399
तो सभी अपने दिल में ब्रह्मा बाप से स्नेह के रिटर्न में संकल्प दृढ़ करो , यह है ब्रह्मा बाप के स्नेह की सौगात का रिटर्न ।

374
02:16:32.059 --> 02:16:37.129
अच्छा ।

375
02:16:41.200 --> 02:17:06.059
चारों ओर के लकीएस्ट , होलीएस्ट बच्चों को

376
02:17:06.729 --> 02:17:35.129
सदा दृढ़ संकल्प की चाबी प्रैक्टकल में लाने वाले हिम्मत वाले बच्चों को ,

377
02:17:35.799 --> 02:18:19.860
सदा अपने मन को भिन्न-भिन्न प्रकार की सेवा में बिजी रखने वाले , कदम में पदमों की कमाई जमा करने वाले बच्चों को ,

378
02:18:21.860 --> 02:18:49.399
सदा हर दिन उत्साह में रहने वाले , हर दिन को उत्सव समझ मनाने वाले ,

379
02:18:49.930 --> 02:19:15.000
सदा खुशनसीब बच्चों को बापदादा का यादप्यार और नमस्ते ।

