WEBVTT

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आज सर्व खज़ानों के दाता , ज्ञान का खज़ाना , शक्तियों का खज़ाना , सर्व गुणों का खज़ाना , श्रेष्ठ संकल्पों का खज़ाना

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देने वाला बापदादा अपने चारों ओर के खज़ाने के बालक सो मालिक अधिकारी बच्चों को देख रहे हैं ।

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00:17:09.420 --> 00:18:00.450
अखण्ड खज़ानों के मालिक बाप सभी बच्चों को सर्व खज़ानों से सम्पन्न कर रहा है ।

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00:18:10.109 --> 00:18:24.279
हर एक को सर्व खज़ाने देते हैं ।

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00:18:28.619 --> 00:18:56.740
किसको कम , किसको ज्यादा नहीं देते क्योंकि अखण्ड खज़ाना है ।

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चारों ओर के बच्चे बापदादा के नयनों में समाये हुए हैं ।

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00:20:07.650 --> 00:20:43.940
सभी खज़ानों से भरपूर हर्षित हो रहे हैं ।

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आजकल के समय प्रमाण सबसे अमूल्य श्रेष्ठ खज़ाना है -

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00:21:46.450 --> 00:22:41.940
पुरूषोत्तम संगम का समय क्योंकि इस संगम पर ही सारे कल्प की प्रालब्ध बना सकते हो ।

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00:22:50.000 --> 00:23:24.569
इस छोटे से युग का एक सेकण्ड प्राप्तियों और प्रालब्ध के प्रमाण

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00:23:28.400 --> 00:23:45.140
एक सेकण्ड की वैल्यु एक वर्ष के समान है ।

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इतना यह अमूल्य समय है ।

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00:24:14.970 --> 00:24:39.480
इस समय के लिए ही गायन है - अब नहीं तो कब नहीं

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00:24:43.819 --> 00:25:19.539
क्योंकि इस समय ही परमात्म पार्ट नूंधा हुआ है ।

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00:25:25.250 --> 00:25:47.019
इसलिए इस समय को हीरे तुल्य कहा जाता है ।

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00:25:57.369 --> 00:26:09.200
सतयुग को गोल्डन एज कहा जाता है ।

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00:26:12.740 --> 00:26:50.910
लेकिन इस समय , समय भी हीरे तुल्य है और आप सब बच्चे भी हीरे तुल्य जीवन के अनुभवी आत्मायें हो

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00:27:05.420 --> 00:27:42.220
इस समय ही बहुतकाल की बिछुड़ी हुई आत्मायें परमात्म मिलन ,

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00:27:45.710 --> 00:28:21.539
परमात्म प्यार , परमात्म नॉलेज , परमात्म खज़ानों के प्राप्ति के अधिकारी बनते हैं ।

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00:28:28.109 --> 00:29:24.400
सारे कल्प में देव आत्मायें , महान आत्मायें हैं लेकिन इस समय परमात्म ईश्वरीय परिवार है ।

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00:29:33.650 --> 00:30:06.400
इसलिए जितना इस वर्तमान समय का महत्व है ,

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00:30:14.450 --> 00:31:02.339
इस महत्व को जान , जितना अपने को श्रेष्ठ बनाने चाहे उतना बना सकते हैं ।

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00:31:10.220 --> 00:32:02.910
आप सब भी इस महान युग के परमात्म भाग्य को प्राप्त करने वाले पदमापदम भाग्यवान हो ना !

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00:32:15.769 --> 00:33:04.619
ऐसे अपने श्रेष्ठ भाग्य के रूहानी नशे और भाग्य को जानते , अनुभव कर रहे हो ना !

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00:33:27.880 --> 00:33:32.970
खुशी होती है ना !

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00:33:33.880 --> 00:33:39.140
दिल में क्या गीत गाते हो ?

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00:33:47.480 --> 00:33:56.740
वाह मेरा भाग्य वाह !

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00:34:12.969 --> 00:34:52.050
क्योंकि इस समय के श्रेष्ठ भाग्य के आगे और कोई भी युग में ऐसा श्रेष्ठ भाग्य प्राप्त हो नहीं सकता ।

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00:35:00.050 --> 00:35:37.250
तो बोलो , सदा अपने भाग्य को स्मृति में रखते हर्षित होते हो ना !

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00:35:39.250 --> 00:35:44.739
होते हो ?

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00:35:44.739 --> 00:36:16.170
जो समझते हैं कि सदा हर्षित होते हैं , कभी-कभी वाले नहीं , जो सदा हर्षित रहते हैं वह हाथ उठाओ ।

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00:36:16.170 --> 00:36:19.940
सदा,सदा…।

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00:36:19.940 --> 00:36:24.280
अण्डरलाइन करना सदा ।

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00:36:24.280 --> 00:36:29.769
अभी टी वी में आपका फोटो आ रहा है ।

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00:36:29.769 --> 00:36:34.219
सदा वालों का फोटो आ रहा है ।

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00:36:45.079 --> 00:36:50.050
मुबारक हो ।

37
00:37:02.679 --> 00:37:22.219
मातायें उठायें, शक्तियां उठायें, डबल फारेनर्स…।

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00:37:26.800 --> 00:37:30.619
क्या शब्द याद रखेंगे ?

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00:37:30.619 --> 00:37:34.400
सदा ।

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00:37:39.880 --> 00:37:47.019
कभी-कभी वाले तो पीछे आने वाले हैं ।

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00:38:08.570 --> 00:38:59.820
बापदादा ने पहले भी सुनाया है कि समय की रफ्तार बहुत तीव्र गति से आगे बढ़ रही है ।

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00:39:11.880 --> 00:39:33.880
समय की गति को जानने वाले अपने को चेक करो

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00:39:52.510 --> 00:40:19.139
कि मास्टर सर्वशक्तिवान हमारी गति तीव्र है ?

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00:40:23.820 --> 00:40:52.219
पुरूषार्थ तो सब कर रहे हैं लेकिन बापदादा क्या देखने चाहते ?

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00:40:53.309 --> 00:42:01.769
हर बच्चा तीव्र पुरूषार्थी , हर सबजेक्ट में पास विद आनर है वा सिर्फ पास है ?

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00:42:17.599 --> 00:43:39.309
तीव्र पुरूषार्थी के लक्षण विशेष दो हैं - एक - नष्टोमोहा,दूसरा - एवररेडी।

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00:43:57.599 --> 00:44:46.800
सबसे पहले नष्टोमोहा , इस देहभान , देह-अभिमान से है

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00:44:47.820 --> 00:45:02.400
तो और बातों में नष्टोमोहा होना कोई मुश्किल नहीं है ।

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00:45:21.420 --> 00:45:30.000
देह-भान की निशानी है

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00:45:43.599 --> 00:46:44.800
वेस्ट , व्यर्थ संकल्प , व्यर्थ समय , यह चेकिंग स्वयं ही अच्छी तरह से कर सकते हो ।

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00:46:50.170 --> 00:47:19.599
साधारण समय वह भी नष्टोमोहा होने नहीं देता ।

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00:47:43.369 --> 00:48:22.000
तो चेक करो हर सेकण्ड , हर संकल्प , हर कर्म , सफल हुआ ?

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00:48:38.280 --> 00:49:09.309
क्योंकि संगमयुग पर विशेष बाप का वरदान है , सफलता आपका जन्म सिद्ध अधिकार है ।

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00:49:18.570 --> 00:49:32.510
तो अधिकार सहज अनुभूति कराता है ।

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00:50:00.280 --> 00:51:43.940
और एवररेडी, एवररेडी का अर्थ है- मन-वचन-कर्म,सम्बन्ध-सम्पर्क में समय का आर्डर हो अचानक तो एवररेडी और अचानक ही होना है।

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00:51:45.309 --> 00:52:02.219
जैसे अपनी दादी को देखा अचानक एवररेडी।

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हर स्वभाव में , हर कार्य में इजी रहे हैं ।

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00:53:01.710 --> 00:53:27.420
सम्पर्क में इजी , स्वभाव में इजी , सेवा में इजी , सन्तुष्ट करने में इजी , सन्तुष्ट रहने में इजी ।

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इसीलिए बापदादा समय की समीपता का बार-बार इशारा दे रहा है ।

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00:54:30.449 --> 00:54:46.909
स्व-पुरूषार्थ का समय बहुत थोड़ा है ,

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00:55:02.219 --> 00:55:26.800
इसलिए अपने जमा के खाते को चेक करो ।

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00:55:42.739 --> 00:56:02.679
तीन विधियां खज़ानों को जमा करने की पहले भी बताई हैं , फिर से सुना रहे हैं ।

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00:56:04.679 --> 00:56:16.280
उन तीनों विधियों को स्वयं चेक करो ।

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00:56:20.000 --> 00:56:59.940
एक है स्वयं के पुरूषार्थ से प्रालब्ध का खज़ाना जमा करना ।

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00:57:07.480 --> 00:57:14.449
प्राप्तियों का खज़ाना जमा करना ।

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00:57:16.969 --> 00:58:04.570
दूसरा है - सन्तुष्ट रहना , इसमें भी सदा शब्द एड करो और सर्व को सन्तुष्ट करना , इससे पुण्य का खाता जमा होता है ।

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00:58:07.820 --> 00:58:31.369
और यह पुण्य का खाता अनेक जन्मों के प्रालब्ध का आधार रहता है ।

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00:58:35.880 --> 00:59:17.480
तीसरा है - सदा सेवा में अथक ,

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00:59:19.480 --> 00:59:50.170
निःस्वार्थ और बड़ी दिल से सेवा करना ,

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00:59:59.309 --> 01:00:19.369
इससे जिसकी सेवा करते हैं उनसे स्वतः ही दुआयें मिलती हैं ।

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01:00:21.369 --> 01:00:37.139
यह तीन विधियां हैं , स्वयं का पुरूषार्थ , पुण्य और दुआ ।

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01:00:39.139 --> 01:00:54.449
यह तीनों खाते जमा हैं ?

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01:01:10.570 --> 01:01:56.849
तो चेक करो क्योंकि अगर अचानक कोई भी पेपर आ जाए ,

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01:01:58.849 --> 01:02:44.219
क्योंकि आजकल के समय अनुसार प्रकृति के हलचल की छोटी-छोटी बातें कभी भी आ सकती हैं ।

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01:03:02.800 --> 01:03:44.280
इसलिए कर्मो के गति का नॉलेज विशेष अटेन्शन में रहे ।

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01:03:52.619 --> 01:04:14.969
कर्मो की गति बड़ी गुह्य है ।

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01:04:32.050 --> 01:04:48.969
जैसे ड्रामा का अटेन्शन रहता , आत्मिक स्वरूप का अटेन्शन रहता ,

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01:04:51.820 --> 01:05:32.280
धारणाओं का अटेन्शन रहता , ऐसे ही कर्मो की गुह्य गति का भी अटेन्शन आवश्यक है ।

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01:05:57.769 --> 01:06:49.769
साधारण कर्म , साधारण समय , साधारण संकल्प इससे प्रालब्ध में फर्क पड़ जाता है ।

80
01:06:53.309 --> 01:07:34.050
इस समय आप सभी जो पुरूषार्थी हैं वह श्रेष्ठ विशेष आत्मायें हैं , साधारण आत्मायें नहीं हो ।

81
01:07:41.650 --> 01:08:10.800
विश्व कल्याण के निमित्त , विश्व परिवर्तन के निमित्त बनी हुई आत्मायें हो ।

82
01:08:26.739 --> 01:08:42.340
सिर्फ अपने को परिवर्तन करने वाले नहीं हो , विश्व के परिवर्तन के जिम्मेवार हो ।

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01:08:58.909 --> 01:09:47.020
इसलिए अपने श्रेष्ठ स्वमान के स्मृति स्वरूप बनना ही है ।

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01:10:01.880 --> 01:11:04.569
बापदादा ने देखा सभी का बापदादा और सेवा से अच्छा प्यार है ।

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01:11:13.649 --> 01:11:45.079
सेवा का वातावरण चारों ओर कोई न कोई प्लैन प्रमाण चल रहा है ।

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01:11:53.479 --> 01:12:20.109
साथ-साथ अभी समय के प्रमाण विश्व की आत्मायें

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01:12:26.970 --> 01:13:44.800
जो दुःखी , अशान्त हो रही हैं उन आत्माओं को दुःख अशान्ति से छुड़ाने के लिए अपनी शक्तियों द्वारा सकाश दो ।

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01:13:52.109 --> 01:14:29.140
जैसे प्रकृति का सूर्य सकाश से अंधकार को दूर कर रोशनी में लाता ।

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01:14:37.420 --> 01:14:59.710
अपनी किरणों के बल से कई चीजों को परिवर्तन करता ।

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01:15:03.250 --> 01:15:52.340
ऐसे ही मास्टरज्ञानसूर्य अपने प्राप्त हुए सुख-शान्ति की किरणों से ,

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01:15:54.340 --> 01:16:31.649
सकाश से दुख-अशान्ति से मुक्त करो मन्सा सेवा से ,

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01:16:33.479 --> 01:16:51.770
शक्तिशाली वृत्ति से वायुमण्डल को परिवर्तन करो ।

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01:17:00.970 --> 01:17:11.649
तो अभी मन्सा सेवा करो ।

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01:17:11.649 --> 01:17:44.220
जैसे वाचा सेवा का विस्तार किया है , वैसे मन्सा सकाश द्वारा आत्माओं में ,

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01:17:50.340 --> 01:18:29.310
जो आपकी टॉपिक रखी है , हैप्पी और होप , यह फैलाओ , हिम्मत दिलाओ , उमंग-उत्साह दिलाओ ।

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01:18:35.649 --> 01:18:50.050
बाप का वर्सा , इन बातों से मुक्ति तो दिलाओ ।

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01:19:04.680 --> 01:19:22.170
अभी आवश्यकता सकाश देने की ज्यादा है ।

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01:19:28.109 --> 01:19:39.199
इस सेवा में मन को बिजी रखो

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01:19:47.649 --> 01:20:07.420
तो मायाजीत विजयी आत्मा स्वतः ही बन जायेंगे

100
01:20:07.420 --> 01:20:34.220
बाकी छाटी - छाटी बातें तो साइडसीन हैं साइडसीन में कुछ अच्छा भी आता है , कुछ बुरी चीज़ें भी आती हैं ।

101
01:20:37.479 --> 01:20:47.710
तो साइडसीन को क्रास कर मंज़िल पर पहुंचना होता है ।

102
01:21:02.340 --> 01:21:22.000
साइडसीन देखने के लिए साक्षीदृष्टा की सीट पर सेट रहो , बस ।

103
01:21:26.050 --> 01:21:37.020
तो साइडसीन मनोरंजन हो जायेगी ।

104
01:21:47.939 --> 01:21:51.819
तो एवररेडी हो ना?

105
01:21:51.819 --> 01:22:00.000
कल भी कुछ हो जाए, एवररेडी हैं?

106
01:22:00.449 --> 01:22:07.079
पहली लाइन एवररेडी है?

107
01:22:07.079 --> 01:22:10.000
कल भी हो जाए तो ?

108
01:22:19.420 --> 01:22:28.510
टीचर्स तैयार हैं तो अच्छा ।

109
01:22:28.510 --> 01:22:32.220
यह वर्ग वाले तैयार हैं ।

110
01:22:32.220 --> 01:22:37.819
जितने भी वर्ग आये हो, एवररेडी।

111
01:22:40.800 --> 01:22:44.220
सोचना ।

112
01:22:50.220 --> 01:22:59.369
देखना दादियां , देख रही हो सब हाथ हिला रहे हैं ।

113
01:23:12.680 --> 01:23:17.140
अच्छा है , मुबारक हो ।

114
01:23:17.140 --> 01:23:27.140
अगर नहीं भी हैं ना तो आज की रात तक हो जाना ।

115
01:23:35.770 --> 01:23:46.970
क्योंकि समय आपका इन्तजार कर रहा है ।

116
01:23:50.399 --> 01:24:06.050
बापदादा मुक्ति का गेट खोलने का इन्जार कर रहा है ।

117
01:24:06.739 --> 01:24:19.199
एडवांस पार्टी आपका आह्वान कर रही है ।

118
01:24:29.880 --> 01:24:34.050
क्या नहीं कर सकते हो ?

119
01:24:34.050 --> 01:24:38.510
मास्टर सर्वशक्तिवान तो हो ही ।

120
01:24:38.510 --> 01:24:49.600
दृढ़ संकल्प करो यह करना है , यह नहीं करना है , बस ।

121
01:24:52.569 --> 01:25:07.199
नहीं करना है , तो दृढ़ संकल्प से नहीं को नहीं करके दिखाओ ।

122
01:25:17.770 --> 01:25:22.220
मास्टर तो हो ही ना !

123
01:25:27.140 --> 01:25:30.340
अच्छा ।

124
01:25:30.340 --> 01:25:34.340
अभी पहली बार कौन आये हैं ?

125
01:25:34.340 --> 01:25:39.310
जो पहली बार आये हैं वह हाथ उठाओ ।

126
01:25:46.340 --> 01:25:53.020
ऊंचा हाथ उठाओ , हिलाओ ।

127
01:25:55.020 --> 01:25:58.909
इतने आये हैं ।

128
01:26:12.619 --> 01:26:17.770
अच्छा है ।

129
01:26:20.800 --> 01:26:43.649
जो भी पहले बारी आये हैं उनको पदमगुणा मुबारक है , मुबारक है ।

130
01:26:49.250 --> 01:27:17.369
बापदादा खुश होते हैं , कि कल्प पहले वाले बच्चे फिर से अपने परिवार में पहुंच गये ।

131
01:27:19.079 --> 01:27:36.109
इसलिए अभी पीछे आने वाले कमाल करके दिखाना ।

132
01:27:37.369 --> 01:27:46.909
पीछे रहना नहीं , पीछे आये हो लेकिन पीछे नहीं रहना ।

133
01:27:46.909 --> 01:27:52.449
आगे से आगे रहना ।

134
01:27:54.449 --> 01:28:04.569
इसके लिए तीव्र पुरूषार्थ करना पड़ेगा ।

135
01:28:12.909 --> 01:28:15.770
हिम्मत है ना !

136
01:28:15.770 --> 01:28:17.770
हिम्मत है ?

137
01:28:20.909 --> 01:28:23.079
अच्छा है ।

138
01:28:23.079 --> 01:28:34.399
हिम्मते बच्चे मददे बापदादा और परिवार है ।

139
01:28:40.569 --> 01:28:56.909
अच्छा है क्योंकि बच्चे घर का श्रृंगार हो ।

140
01:29:01.770 --> 01:29:14.279
तो जो भी आये हैं वह मधुबन के श्रृंगार हैं ।

141
01:29:21.369 --> 01:29:25.199
अच्छा ।

142
01:29:44.800 --> 01:30:24.449
सेवा का टर्न भोपाल जोन का है :- अच्छा , बहुत आये हैं ।

143
01:30:29.939 --> 01:30:59.880
( झण्डियां हिला रहे हैं ) अच्छा है गोल्डन चांस तो मिला है ना ।

144
01:31:00.449 --> 01:31:33.479
अच्छा जो भी सेवा के निमित्त आये हुए हैं इनमें से सभी ने सेवा का जो बल है , फल है ,

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01:31:34.170 --> 01:31:46.619
अतीन्द्रिय सुख की अनुभूति का , वह अनुभव किया ?

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01:31:46.619 --> 01:31:49.079
किया ?

147
01:31:49.079 --> 01:32:00.170
अभी भले हाँ के लिए झण्डी हिलाओ , जिसने किया हो ।

148
01:32:09.250 --> 01:32:22.909
अच्छा अभी तो अतीन्द्रिय सुख का अनुभव किया , यह सदा रहेगा ?

149
01:32:22.909 --> 01:32:26.739
या थोड़ा समय रहेगा ?

150
01:32:26.739 --> 01:32:42.220
जो दिल से प्रॉमिस करता है , देखा देखी हाथ नहीं उठाना , जो दिल से समझता है

151
01:32:43.199 --> 01:33:09.710
कि मैं इस प्राप्ति को सदा कायम रखूंगा , विघ्न विनाशक बनूंगा , वह झण्डी हिलाओ भले ।

152
01:33:09.710 --> 01:33:11.710
अच्छा ।

153
01:33:22.279 --> 01:33:32.619
देखो , आप टी वी में आ रहे हो फिर यह टी वी का फोटो भेजेंगे ।

154
01:33:36.000 --> 01:33:39.880
अच्छा ।

155
01:33:48.619 --> 01:33:59.479
यह चांस जो रखा है वह बहुत अच्छा है ।

156
01:33:59.479 --> 01:34:19.649
चांस लेते भी खुशी से हैं और टर्न बाई टर्न सभी को खुली दिल से छुट्टी भी मिल जाती है आने की ।

157
01:34:23.539 --> 01:34:29.479
अच्छा , अभी कमाल क्या करेंगे ?

158
01:34:42.220 --> 01:35:02.619
( 2008 में आपको प्रत्यक्ष करके दिखायेंगे ) अच्छा है , एक दो को सहयोग देकर इस वायदे को पूरा करना ।

159
01:35:06.680 --> 01:35:13.310
जरूर करेंगे ।

160
01:35:16.909 --> 01:35:35.250
मास्टर सर्वशक्तिवान के लिए कोई भी वायदा निभाना , कोई बड़ी बात नहीं है ।

161
01:35:37.250 --> 01:35:46.109
सिर्फ दृढ़ता को साथी बनाके रखना ।

162
01:35:46.800 --> 01:36:02.449
दृढ़ता को नहीं छोड़ना क्योंकि दृढ़ता सफलता की चाबी है ।

163
01:36:04.449 --> 01:36:13.770
तो जहाँ दृढ़ता होगी वहाँ सफलता है ही है ।

164
01:36:13.770 --> 01:36:17.310
ऐसे है ना !

165
01:36:17.310 --> 01:36:22.739
करके दिखायेंगे ।

166
01:36:23.880 --> 01:36:39.649
बापदादा को भी खुशी है , अच्छा है ।

167
01:36:40.399 --> 01:36:44.449
देखो कितनों को चांस मिलता है ।

168
01:36:44.449 --> 01:36:54.220
आधा क्लास तो सेवा करने वालों की तरफ का होता है ।

169
01:36:55.310 --> 01:36:58.970
अच्छा है ।

170
01:37:06.680 --> 01:37:32.800
देखो साकार बाबा के होते हुए बहुत अच्छा पार्ट बजाया है ,

171
01:37:32.800 --> 01:37:41.819
पहला-पहला म्युजियम इसने ( महेन्द्र भाई ने ) तैयार किया था ।

172
01:37:49.939 --> 01:38:04.909
तो देखो , साकार बाप की दुआयें सारे जोन को हैं ।

173
01:38:13.539 --> 01:38:19.079
अभी कोई नवीनता करके दिखायेंगे ।

174
01:38:19.079 --> 01:38:29.770
अभी बहुत समय हो गया है , कोई नई इन्वेन्शन नहीं निकाली है ।

175
01:38:42.850 --> 01:38:48.680
वरगीकरण भी अभी पुराना हो गया है ।

176
01:38:50.680 --> 01:39:01.939
प्रदर्शनियां , मेला , कांफ्रेंस , स्नहे मिलन यह सब हो गये हैं

177
01:39:01.939 --> 01:39:26.970
अभी कोई नई बात निकालो शोर्ट और स्वीट , खर्चा कम आरै सेवा ज्यादा ।

178
01:39:31.199 --> 01:39:36.569
रायबहादुर हो ना !

179
01:39:37.479 --> 01:39:45.199
तो रायबहादुर नई राय निकालो ।

180
01:39:46.619 --> 01:40:11.710
जैसे प्रदर्शनी निकली , फिर मेला निकला , फिर वर्गीकरण निकला , ऐसे कोई नई इन्वेन्शन निकालो ।

181
01:40:15.250 --> 01:40:20.449
देखेंगे कौन निमित्त बनता है ।

182
01:40:24.850 --> 01:40:51.310
अच्छा है , हिम्मत वाले हैं इसीलिए बापदादा हिम्मत रखने वालों को सदा एडवांस में मदद की मुबारक दे रहे हैं ।

183
01:40:52.340 --> 01:40:56.909
अच्छा ।

184
01:41:06.340 --> 01:41:10.170
इस ग्रुप में 5 विंग वाले आये हैं ।

185
01:41:10.170 --> 01:42:16.399
एज्युकेशन विंग , एडमिनिस्ट्रेटर्स विंग , बिजनेस विंग , यूथ विंग , स्पोर्टस विंग :-

186
01:42:19.369 --> 01:42:44.680
अच्छा है हर एक विंग अपने अपने वर्ग की सेवा कर रहे हैं और उमंग से करते हैं ।

187
01:42:46.680 --> 01:42:59.600
हर एक रेस भी करते हैं , एक दो की विंग से रेस भीअच्छी कर रहे हैं ।

188
01:43:02.109 --> 01:43:34.850
बापदादा सभी बच्चों के उमंग-उत्साह को देख बार-बार बच्चों पर मुहब्बत के फूल बरसाते हैं ।

189
01:43:41.079 --> 01:44:03.880
थोड़ी सी मेहनत करते हैं लेकिन मुहब्बत में करते हैं इसलिए हर एक वर्ग एक दो से आगे जा रहा है ।

190
01:44:21.020 --> 01:44:32.279
एज्युकेशन कितना अच्छा कार्य है ।

191
01:44:34.850 --> 01:44:51.710
अभी जैसे गांव वालों ने कहाँ कहाँ ,

192
01:44:51.710 --> 01:45:04.399
कोई गांव जो है उसको लेकरके गांव में आलराउण्ड सेवा की है ,

193
01:45:05.369 --> 01:45:14.279
डाक्टर्स ने भी प्रैक्टिकल की है , हार्ट वालों ने अच्छा किया है ।

194
01:45:15.420 --> 01:45:24.680
ऐसे एज्युकेशन वाले कोई स्कूल को अपना बनाओ ।

195
01:45:25.819 --> 01:45:49.819
सारा स्कूल , कॉलेज इस आध्यात्मिक नॉलेज को माने पढ़ाई तो नहीं छोड़ेंगे ना लेकिन आध्यात्मिक नॉलेज को एड करें सब क्लासेज में ।

196
01:45:49.819 --> 01:45:58.220
एडाप्ट करो ऐसी कोई स्कूल या कॉलेज ।

197
01:45:59.079 --> 01:46:04.109
हो सकता है ।

198
01:46:24.170 --> 01:47:26.850
( युनिवार्सिटी , कॉलेज तथा स्कूलों में इस वर्ष विशेष सेवा के प्लैन बनायें हैं ) रिजल्ट सुनाना , अच्छा है ।

199
01:47:26.850 --> 01:47:33.140
रिजल्ट प्रैक्टिकल आयेगी तो और भी करेंगे ना ।

200
01:47:33.140 --> 01:47:44.619
ऐसे सभी वर्ग बिजनेस वाले , एक बिजनेस का ग्रुप निकालें ,

201
01:47:46.619 --> 01:47:59.939
यूथ वाले सभी तरफ से विशेष रिजल्ट का ग्रुप निकालें ।

202
01:47:59.939 --> 01:48:09.199
जो भी वर्ग हैं , वह प्रैक्टिकल एक ग्रुप रिजल्ट का दिखाये ।

203
01:48:09.199 --> 01:48:13.819
पहले लिखत में ले आना ।

204
01:48:13.819 --> 01:48:22.619
यह वी आई पीज की लिस्ट लेकर आये हैं ।

205
01:48:22.619 --> 01:48:32.510
( भोपाल से ) ऐसे ग्रुप बनाओ ।

206
01:48:32.510 --> 01:48:48.850
ग्रुप बनाके अभी अलग अलग शहरों में हैं , और जो भी भिन्न भिन्न शहरों में हैं उसका एक बारी संगठन करो ।

207
01:48:48.850 --> 01:49:01.199
भिन्न भिन्न स्थान के एक स्थान पर इकटठा करो उनको और उमंग दिलाओ , आगे बढ़ाओ ।

208
01:49:01.199 --> 01:49:06.970
हर एक को ग्रुप बनाना ही चाहिए ।

209
01:49:06.970 --> 01:49:13.420
अभी थोड़े निकाले हैं और भी निकलेंगे ।

210
01:49:33.079 --> 01:49:52.109
कोई आपस में बैठकर यह राय करो कैसे हर एक वर्ग का ग्रुप बनें और वह समझे , ग्रुप समझे हमारी जिम्मेवारी है ।

211
01:49:52.510 --> 01:50:04.680
कहाँ भी प्रोग्राम हो तो विशेष ग्रुप को सहयोग देना ही चाहिए ।

212
01:50:06.680 --> 01:50:16.000
ग्रुप बनाओ , 5-5 , 6-6 का , हर स्थान पर उनको पहुंचना चाहिए ।

213
01:50:18.000 --> 01:50:28.000
उनसे सेवा लो तो उनको खुशी होगी और आगे बढ़ेंगे ।

214
01:50:31.140 --> 01:50:47.420
अच्छा यूथ वर्ग का कुछ आया है , स्कूलों में अच्छी सेवा की है , बापदादा ने देखा समाचार सुना है ।

215
01:50:47.420 --> 01:50:54.970
अच्छा है एक ग्रुप बनाओ विशेष ।

216
01:50:54.970 --> 01:51:06.000
उन्हों का नाम ही हो सेवाधारी ग्रुप , सहयोगी ग्रुप , सर्विसएबुल ग्रुप ।

217
01:51:06.970 --> 01:51:12.909
जितने भी अच्छे निकल सकें वह बनाओ ।

218
01:51:22.510 --> 01:51:32.800
अच्छा , तो सभी वर्ग वालों को बापदादा मुबारक दे रहा है ,

219
01:51:32.800 --> 01:51:46.170
सभी अच्छी सेवा कर रहे हैं और अभी अगले वर्ष अपने ग्रुप का नाम ले आना ।

220
01:51:46.619 --> 01:51:57.710
हर एक ले आवें और अपने तरफ उस ग्रुप का संगठन करके फिर नाम देना ।

221
01:51:57.710 --> 01:52:01.649
पक्के हों ।

222
01:52:02.970 --> 01:52:13.649
कोई वारिस होगा कोई माइक होगा , दोनों प्रकार के ग्रुप में हो सकते हैं ।

223
01:52:15.939 --> 01:53:17.369
( स्प्रोर्टस विंग के भी हैं , बहुत अच्छे प्लैन स्पोर्टस् परसन की सेवा के बनाये हैं ) प्रैक्टिकल में करना ।

224
01:53:19.369 --> 01:53:43.880
( बिजनेस विंग की भी प्रदर्शनी बनाई है ) अच्छा है , मुबारक हो ।

225
01:53:43.880 --> 01:54:01.710
अगर सेवा की वृद्धि का प्लैन्स चलता रहेगा तो यह भी वायब्रेशन फैलता है , यह भी आत्माओं को पहुंचता है ।

226
01:54:01.710 --> 01:54:06.619
एक द्वारा 10 को पहुंचता है ।

227
01:54:07.539 --> 01:54:22.619
बापदादा ने तो सुनाया कि सेवा में अच्छी रूचि भी रख रहे हैं और आगे भी बढ़ रहे हैं ।

228
01:54:24.000 --> 01:54:47.939
लेकिन … लेकिन है स्व उन्नति , स्व परिवर्तन , स्व के अटेन्शन की सेवा ।

229
01:54:47.939 --> 01:54:51.649
दोनों का बैलेन्स चाहिए ।

230
01:54:51.649 --> 01:54:59.539
वह बैलेन्स अभी बनता जा रहा है ।

231
01:54:59.539 --> 01:55:04.680
वह बैलेन्स जरूर अटेन्शन में रखो ।

232
01:55:06.050 --> 01:55:15.710
आपका बैलेन्स होगा और विश्व में नारा लगेगा ।

233
01:55:18.850 --> 01:55:24.569
अभी कुछ न कुछ क्रान्ति होनी ही है ।

234
01:55:28.619 --> 01:55:31.420
अच्छा ।

235
01:55:31.420 --> 01:56:16.800
( यूथ विंग की तरफ से स्व-उन्नति का प्लैन बनाया है ) अच्छा है ।

236
01:56:17.020 --> 01:56:22.279
कोई न कोई नवीनता करते रहो ।

237
01:56:24.279 --> 01:57:13.939
डबल विदेशी 30 देशों से आये हैं :- अच्छा - आपका यह तो नाम प्रसिद्ध हो गया है , डबल फारेनर्स ।

238
01:57:15.020 --> 01:57:22.800
अभी डबल पुरूषार्थी यह नाम रखें ?

239
01:57:24.800 --> 01:57:29.880
डबल पुरूषार्थी , रखें ?

240
01:57:35.649 --> 01:57:38.170
पक्का ।

241
01:57:38.170 --> 01:57:42.050
डबल पुरूषार्थ करेंगे ?

242
01:57:49.880 --> 01:57:54.510
करने वाले हैं । अच्छा ।

243
01:57:55.649 --> 01:58:08.109
एक एक्साम्पल दिखाओ कि फारेन में कोई भी विघ्न नहीं आवे ।

244
01:58:08.109 --> 01:58:24.399
न मन्सा संकल्प का , न वाणी का , न बोल का , न सम्बन्धसम्पर्क का ।

245
01:58:26.399 --> 01:58:39.199
बापदादा सभी भारत के जोन को भी कहता है , डबल विदेशियों को तो कह रहा है

246
01:58:39.199 --> 01:58:50.510
लेकिन भारत के सभी जोन को भी कहते हैं कोई ऐसा एक्जैम्पुल बनाओ

247
01:58:52.510 --> 01:59:15.770
जो सभी जोन और सब डबल विदेशी निर्विघ्न , निरविकल्प , निरव्यर्थ संकल्प हों ।

248
01:59:16.680 --> 01:59:19.310
करो रेस ।

249
01:59:19.310 --> 01:59:26.970
हर एक जोन रेस करे , फारेन भी तो एक जोन हो गया ना ।

250
01:59:28.970 --> 01:59:33.250
उसको बापदादा बहुत प्राइज देगा ।

251
01:59:33.250 --> 01:59:44.220
पूरे जोन में विघ्न का नाम निशान न हो ।

252
01:59:46.220 --> 01:59:54.279
एक-दो को सहयोग देंगे तो हो जायेगा ।

253
01:59:55.710 --> 02:00:09.539
जहाँ भी कुछ हो वहाँ एक दो के सहयोगी बनके भी उन्हें निर्विघ्न बनाओ ।

254
02:00:11.539 --> 02:00:14.279
हिम्मत दो ।

255
02:00:14.279 --> 02:00:19.600
उमंग-उल्हास दो ।

256
02:00:24.800 --> 02:00:29.770
ऐसा नक्शा बापदादा देखने चाहते हैं ।

257
02:00:31.020 --> 02:00:36.000
जैसे सेवा में करके दिखाया ना ।

258
02:00:36.000 --> 02:00:45.939
जो भी एरिया रही हुई है उसको पूरा करके दिखा रहे हैं , दिखाया भी है

259
02:00:46.970 --> 02:00:58.449
तो जैसे सेवा में प्रैक्टिकल करके दिखाया , बापदादा खुश है ।

260
02:00:58.449 --> 02:01:10.739
हर एक जोन ने सेवा का कोई न कोई प्रोग्राम बनाया है , फारेन वालों ने भी बनाया है , प्रैक्टिकल किया है ,

261
02:01:11.770 --> 02:01:22.399
ऐसे स्व पुरूषार्थ का भी प्लैन बनाओ ।

262
02:01:24.109 --> 02:01:29.250
एक दो के सहयोगी बनो ।

263
02:01:31.250 --> 02:01:52.340
जैसे अपने को सहयोगी निर्विघ्न बनाने का अटेन्शन रखते हो , वैसे सारे जोन में सभी सेन्टर्स में अटेन्शन हो ।

264
02:01:54.340 --> 02:01:59.770
उसमें देखें कौन नम्बरवन आता है।

265
02:02:01.770 --> 02:02:07.310
हो सकता है या मुश्किल है ?

266
02:02:08.050 --> 02:02:14.800
जोन वाले उठो ।

267
02:02:15.649 --> 02:02:19.140
उठो ।

268
02:02:23.770 --> 02:02:44.619
जोन के बड़े आये हैं , रमेश , बृजमोहन भी उठो , यह मधुबन भी उसमें हैं ।

269
02:02:47.539 --> 02:02:52.909
मधुबन तो पहला नम्बर है ना ।

270
02:02:54.909 --> 02:02:58.399
तो यह हो सकता है ?

271
02:02:58.399 --> 02:03:01.600
हो सकता है ?

272
02:03:01.600 --> 02:03:06.909
आप ( निर्वैर भाई ) बोलो , हो सकता है ?

273
02:03:06.909 --> 02:03:10.170
थोड़ा मुश्किल लगता है ?

274
02:03:24.800 --> 02:03:36.510
( आपका संकल्प है तो कुछ भी मुश्किल नहीं है ) चलो पुरूषार्थ शुरू करो ,

275
02:03:36.510 --> 02:03:59.310
सभी जोन अपना ग्रुप बनाओ , जो भी आपके सहयोगी हैं , उनका ग्रुप बनाओ , प्लैन बनाओ , फिर शुरू करो , फिर देखेगे रिजल्ट क्या है ।

276
02:04:02.850 --> 02:04:07.140
ग्रुप जरूर बनाना पड़ेगा ।

277
02:04:09.140 --> 02:04:27.310
इसमें क्या है , पहले आपकी दीदी थी , बुजुर्ग थी , जगहजगह पर चक्कर लगाती थी ।

278
02:04:28.449 --> 02:04:51.199
बस में , यह थ्रीव्हीलर भी नहीं थी , बसों में आधा-आधा घण्टे ठहरके हर छोटे-छोटे स्थान में चक्कर लगाती थी ।

279
02:04:51.770 --> 02:04:56.909
वह आजकल कम है ।

280
02:04:58.050 --> 02:05:09.369
ऐसा ग्रुप बनाओ जो चक्कर लगाता ही रहे , उमंग-उत्साह लाता रहे ।

281
02:05:10.739 --> 02:05:23.880
कोई न कोई प्लैन बनाओ क्योंकि समय की पुकार है , जल्दी करो , जल्दी करो ।

282
02:05:25.880 --> 02:05:31.880
और अचानक होना है ।

283
02:05:33.880 --> 02:05:44.279
इसलिए मीटिंग में कोई न कोई प्लैन बनाओ ।

284
02:05:44.279 --> 02:05:47.770
कैसे करें , कया करें ?

285
02:05:47.770 --> 02:05:51.600
वह डिटेल बनाओ ।

286
02:05:51.600 --> 02:05:57.479
डबल फारेनर्स भी बनाना ।

287
02:05:59.479 --> 02:06:04.850
देखें कौन नम्बरवन जाता है।

288
02:06:28.340 --> 02:06:45.939
डबल फारेनर्स जब भी मधुबन के संगठन में आते हो

289
02:06:46.449 --> 02:06:55.020
तो मधुबन के संगठन में रौनक हो जाती है

290
02:06:55.020 --> 02:07:05.140
क्योंकि इन्टरनैशनल संगठन हो जाता है , नहीं तो सिर्फ भारत का संगठन होता है ।

291
02:07:05.819 --> 02:07:29.369
तो बापदादा को अभी देख करके खुशी होती है कि हर सीजन के टर्न में डबल विदेशी होते ही हैं ।

292
02:07:31.880 --> 02:07:36.909
यह प्रोग्रेस अच्छी की है ।

293
02:07:46.569 --> 02:07:57.600
और बापदादा का विशेष प्यार तो है ही क्यों ?

294
02:07:57.600 --> 02:08:07.199
भारतवासी त्याग करते हैं लेकिन आपका डबल त्याग है ।

295
02:08:07.199 --> 02:08:13.199
आपका कल्चर भी अलग है ।

296
02:08:13.199 --> 02:08:17.710
भारत का कल्चर तो वही होता है ।

297
02:08:23.770 --> 02:08:50.000
इसीलिए बापदादा को खुशी होती है तो अभी अनुभव करते हैं कि हम भारत के थे , भारत के रहने वाले हैं ।

298
02:08:50.680 --> 02:08:54.510
आगे तो भारत ही होना है ना ।

299
02:08:54.510 --> 02:08:58.739
यह अमेरिका , लण्डन नहीं होगा ।

300
02:08:59.310 --> 02:09:06.050
यह सब पिकनिक के स्थान बन जायेंगे ।

301
02:09:06.050 --> 02:09:12.619
बाकी जो भी होगा एक ही भारत ।

302
02:09:19.310 --> 02:09:34.970
तो अभी यह अनुभव करते हैं कि हम सेवा के लिए विदेश में गये हैं ।

303
02:09:36.970 --> 02:09:54.340
आप सोचो अभी भी 30 स्थानों से आये हैं , सीजन जब थी फारेन की तो कितने तरफ के थे ?

304
02:10:06.340 --> 02:10:32.220
( 90 देशों के आये थे ) तो सोचो , 90 देशों की भाषा अगर इन्डिया की बहिनें सीखें और सेवा करें तो योग लगायेंगे या भाषा सीखेंगे ?

305
02:10:32.220 --> 02:10:43.600
इसीलिए आपको भिन्न भिन्न देश में सेवा के लिए भेजा गया है ।

306
02:10:43.600 --> 02:10:50.619
परमानेंट एड्रेस आपकी कौन सी है ?

307
02:10:50.619 --> 02:10:53.140
पता है ।

308
02:10:53.140 --> 02:10:57.539
परमानेंट एड्रेस कौन सी ?

309
02:10:57.539 --> 02:11:03.199
मधुबन कि लण्डन अमेरिका ?

310
02:11:03.199 --> 02:11:06.850
मधुबन है ?

311
02:11:08.850 --> 02:11:19.539
बोलो , परमानेंट एड्रेस मधुबन है , पक्का है ?

312
02:11:34.510 --> 02:11:38.170
सेवा के लिए गये हो ।

313
02:11:38.170 --> 02:11:45.250
घर मधुबन है , सेवा स्थान अलग-अलग है ।

314
02:11:45.710 --> 02:12:01.250
इन्डिया में भी अलग अलग है ना , कोई महाराष्ट्र में है , कोई राजस्थान में है , यह सेवार्थ है ।

315
02:12:01.250 --> 02:12:14.739
तो डबल विदेशी अभी टाइटल ही रखो डबल पुरूषार्थी डबल विदेशी नहीं डबल पुरूषार्थी ।

316
02:12:17.479 --> 02:12:21.479
अच्छा ।

317
02:12:24.680 --> 02:12:53.140
ट्रेनिंग की कुमारियां :- यह भी झण्डियां लेकर आई हैं , अच्छी पहचान हो जाती है ।

318
02:12:55.140 --> 02:13:03.310
अच्छा , ट्रेनिंग हो गई ?

319
02:13:15.479 --> 02:13:18.279
पक्की हो गई ?

320
02:13:18.279 --> 02:13:21.420
या थोड़ी-थोड़ी कच्ची ?

321
02:13:21.420 --> 02:13:23.420
पक्की ?

322
02:13:25.020 --> 02:13:39.939
अभी वहाँ जाके ट्रेनिंग जो की है , उसका सबूत रूप दिखायेंगे ना ।

323
02:13:39.939 --> 02:13:43.199
दिखायेंगी ?

324
02:13:43.199 --> 02:13:54.109
कि कहेंगी क्या करें, हो गया… माया आ गई…।

325
02:13:55.140 --> 02:13:58.619
ऐसे तो नहीं कहेंगे ।

326
02:14:00.619 --> 02:14:02.279
विजयी ।

327
02:14:02.279 --> 02:14:11.079
सदा विजयी का तिलक लगाके जा रही हो ।

328
02:14:13.079 --> 02:14:21.140
कभी भी कोई आपसे पूछे आपका हालचाल क्या है ?

329
02:14:21.140 --> 02:14:23.140
क्या कहेंगी ?

330
02:14:23.770 --> 02:14:30.220
अच्छे ते अच्छा कहेंगी ।

331
02:14:30.569 --> 02:14:33.140
अभी झण्डियां हिलाओ ।

332
02:14:33.140 --> 02:14:36.680
अच्छा ।

333
02:14:39.939 --> 02:14:53.600
तो हर मास जो इन्चार्ज है ना दादी , उनको ओ के ओ के का लिखना ।

334
02:14:54.619 --> 02:15:02.399
बड़ा पत्र नहीं लिखना , यह हो गया , यह कह गया नहीं ।

335
02:15:02.399 --> 02:15:10.680
ओ के या बीच में कुछ हुआ तो लकीर डाल दो बस ।

336
02:15:11.939 --> 02:15:16.000
क्योंकि टाइम नहीं होता है पढ़ने का ।

337
02:15:16.000 --> 02:15:29.369
शार्टकट या ओ के , अगर कोई गड़बड़ हुई तो ओ के के बीच में लकीर लगाना बस ।

338
02:15:30.510 --> 02:15:36.800
ठीक है अभी रिजल्ट देखेंगे ।

339
02:15:47.020 --> 02:15:54.800
जो ग्रुप होके गये हैं , उनकी रिजल्ट आई है ?

340
02:16:01.420 --> 02:16:08.109
रतनमोहिनी कहाँ है , ( रिजल्ट आती रहती है ) रिजल्ट जरूर आनी चाहिए ।

341
02:16:08.109 --> 02:16:13.479
नहीं तो क्या है , ढीली हो जायेंगी ।

342
02:16:13.479 --> 02:16:16.510
हर मास रिजल्ट आनी चाहिए ।

343
02:16:16.510 --> 02:16:20.279
छोटा सा कार्ड भेजना ।

344
02:16:20.279 --> 02:16:26.340
बड़ा कागज नहीं लेना , खर्चा नहीं करना ।

345
02:16:31.140 --> 02:16:41.600
लेकिन रिजल्ट आवे जरूर , तभी पता पड़े कि ट्रेनिंग से फायदा क्या है ।

346
02:16:41.600 --> 02:16:45.709
इतना महल बनाया है आपके लिए ।

347
02:16:45.709 --> 02:16:54.510
सारे शान्तिवन में सबसे बढ़िया स्थान ट्रेनिंग का है ।

348
02:17:00.399 --> 02:17:20.000
तो बापदादा और मधुबन निवासियों ने , आपसे प्यार है उसका सबूत दिया है , अभी आपको सबूत देना है ।

349
02:17:20.799 --> 02:17:22.969
ठीक है ।

350
02:17:22.969 --> 02:17:26.739
रिपोर्ट लिखते रहना , मास में एक बार ।

351
02:17:26.739 --> 02:17:31.940
ज्यादा नहीं लिखना ।

352
02:17:33.940 --> 02:17:36.170
अच्छा ।

353
02:17:36.170 --> 02:17:50.399
बापदादा खुश है क्योंकि विश्व के सामने तो टीचर्स ही रहती हैं ना ।

354
02:17:52.399 --> 02:17:59.600
टीचर्स विजयी तो सेन्टर विजयी ।

355
02:17:59.600 --> 02:18:09.600
सेन्टर विजयी तो जोन विजयी और जोन विजयी तो विश्व विजयी ।

356
02:18:16.340 --> 02:18:26.450
इसलिए यह पुरूषार्थ पक्का करना ।

357
02:18:27.250 --> 02:18:30.799
ठीक है ।

358
02:18:45.200 --> 02:18:49.139
अच्छा ।

359
02:19:01.370 --> 02:19:47.079
अभी एक सेकण्ड में सभी बहुत मीठी मीठी स्वीट साइलेन्स की स्टेज के अनुभव में खो जाओ ।

360
02:23:30.510 --> 02:23:34.909
( बापदादा ने ड्रिल कराई ) अच्छा ।

361
02:23:36.219 --> 02:23:57.020
चारों ओर के सर्व तीव्र पुरूषार्थी ,

362
02:23:58.399 --> 02:24:20.280
सदा दृढ़ संकल्प द्वारा सफलता को प्राप्त करने वाले ,

363
02:24:23.250 --> 02:25:19.540
सदा विजय के तिलकधारी , बापदादा के दिल तख्तधारी , डबल ताजधारी , विश्व कल्याणकारी ,

364
02:25:27.309 --> 02:26:09.250
सदा लक्ष्य और लक्षण को समान करने वाले परमात्म प्यार में पलने वाले

365
02:26:10.399 --> 02:26:47.250
ऐसे सर्व श्रेष्ठ बच्चों को बापदादा का यादप्यार , दिल की दुआयें और नमस्ते ।

