WEBVTT

1
00:15:33.480 --> 00:16:22.620
आज बापदादा अपने सामने डबल सभा को देख रहे हैं ।

2
00:16:30.220 --> 00:17:44.910
एक तो साकार में सम्मुख बैठे हैं और दूसरे दूर बैठे भी दिल के समीप दिखाई दे रहे हैं ।

3
00:18:07.819 --> 00:19:29.019
दोनों सभाओं की श्रेष्ठ आत्माओं के मस्तक में आत्म दीप चमक रहा है ।

4
00:19:46.619 --> 00:20:19.710
कितना सुन्दर चमकता हुआ नजारा है ।

5
00:20:31.599 --> 00:21:31.710
इतने सब एक संकल्प , एकरस स्थिति में स्थित परमात्म प्यार में

6
00:21:33.710 --> 00:22:55.710
लवलीन एकाग्र बुद्धि से स्नेह में समाये हुए कितने प्यारे लग रहे हैं ।

7
00:23:18.680 --> 00:24:14.799
आप सभी भी आज विशेष नया वर्ष मनाने के लिए पहुंच गये हो ।

8
00:24:27.019 --> 00:24:54.109
बापदादा भी सभी बच्चों का उमंग-उत्साह देख

9
00:25:10.400 --> 00:25:39.250
चमकते हुए आत्म दीप को देख हर्षित हो रहे हैं ।

10
00:26:15.140 --> 00:26:36.619
आज का दिन संगम का दिन है ।

11
00:26:44.970 --> 00:27:22.509
एक वर्ष की पुराने की विदाई है और नये वर्ष की बधाई होने वाली है ।

12
00:27:42.740 --> 00:28:17.650
नया वर्ष अर्थात् नया उमंग और उत्साह ,

13
00:28:31.079 --> 00:28:52.279
स्व परिवर्तन का उमंग है ,

14
00:29:04.049 --> 00:30:02.339
सर्व प्राप्तियों को स्वयं में प्राप्त देख दिल में उत्साह है ।

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00:30:05.650 --> 00:30:22.000
दुनिया वाले भी यह उत्सव मनाते हैं ,

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00:30:31.599 --> 00:31:09.369
उन्हों के लिए एक दिन का उत्सव है और आप लकी लवली बच्चों के लिए

17
00:31:15.369 --> 00:32:05.200
संगमयुग का हर दिन उत्सव है क्योंकि खुशी का उत्साह है ।

18
00:32:13.309 --> 00:32:54.400
दुनिया वाले तो बुझे हुए दीपक को जलाके वर्ष मनाते हैं और बापदादा और आप

19
00:32:57.369 --> 00:33:41.539
इतने सारे चारों ओर के जगे हुए दीपकों के साथ नया वर्ष का उत्सव मनाने आये हैं ।

20
00:33:49.079 --> 00:34:34.510
यह तो रीति रसम मनाने की निमित्त मात्र करते हो लेकिन आप सभी जगे हुए दीपक हो ।

21
00:34:43.769 --> 00:35:14.570
अपना चमकता हुआ दीप दिखाई देता है ना !

22
00:35:32.449 --> 00:35:39.139
जो अविनाशी दीप है ।

23
00:35:55.250 --> 00:36:42.110
तो नये वर्ष में हर एक ने दिल में स्व प्रति , विश्व की आत्माओं प्रति कोई नया प्लैन बनाया है ?

24
00:36:46.449 --> 00:37:20.400
12 बजे के बाद नया वर्ष शुरू हो जायेगा तो इस वर्ष को विशेष किस रूप में मनायेंगे ?

25
00:37:42.619 --> 00:38:59.539
जैसे पुराना वर्ष विदाई लेगा तो आप सबने भी पुराने संकल्प , पुराने संस्कार उन्हों को विदाई देने का संकल्प किया ?

26
00:39:06.110 --> 00:39:29.650
वर्ष के साथ-साथ आप भी पुराने को विदाई दे

27
00:39:35.820 --> 00:40:18.800
नये उमंग-उत्साह के संकल्पों को प्रैक्टिकल में लायेंगे ना !

28
00:40:23.710 --> 00:40:41.250
तो सोचो अपने में क्या नवीनता लायेंगे ?

29
00:40:43.250 --> 00:40:58.849
कौन से नये उमंग-उत्साह की लहर फैलायेंगे ?

30
00:41:03.139 --> 00:41:27.250
कौन से विशेष संकल्प का वायब्रेशन फैलायेंगे ?

31
00:41:40.110 --> 00:41:47.199
सोचा है ?

32
00:41:51.599 --> 00:42:37.309
क्योंकि आप सभी ब्राह्मण सारे विश्व की आत्माओं के लिए परिवर्तन निमित्त आत्मायें हो ।

33
00:42:42.219 --> 00:43:02.400
विश्व के फाउण्डेशन हो , पूर्वज हो , पूज्य हो ।

34
00:43:05.420 --> 00:43:42.280
तो इस वर्ष अपनी श्रेष्ठ वृत्ति द्वारा क्या वायब्रेशन फैलायेंगे ?

35
00:44:00.050 --> 00:44:39.369
जैसे प्रकृति चारों ओर कभी गर्मी का , कभी सर्दी का , कभी बहार का वायब्रेशन फैलाती है ।

36
00:44:42.619 --> 00:45:19.539
तो आप प्रकृति के मालिक प्रकृतिजीत कौन सा वायब्रेशन फैलायेंगे ?

37
00:45:26.849 --> 00:46:17.079
जिससे आत्माओं को थोड़े समय के लिए भी सुख-चैन का अनुभव हो ।

38
00:46:40.909 --> 00:47:04.510
इसके लिए बापदादा यही इशारा दे रहे हैं

39
00:47:23.139 --> 00:48:17.369
कि जो भी खज़ाने प्राप्त हुए हैं उन खज़ानों को सफल करो और सफलता स्वरूप बनो ।

40
00:48:41.650 --> 00:49:08.110
विशेष समय का खज़ाना कभी भी व्यर्थ न जाये ।

41
00:49:08.110 --> 00:49:21.880
एक सेकण्ड भी व्यर्थ को कार्य में लगाओ ।

42
00:49:32.969 --> 00:50:05.199
समय को सफल करो , हर श्वांस को सफल करो ,

43
00:50:07.199 --> 00:50:32.050
हर संकल्प को सफल करो , हर शक्ति को सफल करो , हर गुण को सफल करो ।

44
00:50:59.250 --> 00:51:20.849
सफलतामूर्त बनने का यह विशेष वर्ष मनाओ

45
00:51:41.480 --> 00:52:00.340
क्योंकि सफलता आपका जन्म सिद्ध अधिकार है ।

46
00:52:04.050 --> 00:52:44.969
उस अधिकार को अपने कार्य में लगाए सफलतामूर्त बनो

47
00:52:45.769 --> 00:53:11.599
क्योंकि अब की सफलता आपके अनेक जन्म साथ रहने वाली है ।

48
00:53:27.650 --> 00:54:15.079
आपके समय सफलता का प्रालब्ध पूरा आधाकल्प सफलता का फल प्राप्त होगा ।

49
00:54:19.769 --> 00:54:38.110
अब के समय की सफलता का प्रालब्ध पूरा समय ही प्राप्त होगा ।

50
00:54:41.250 --> 00:55:11.769
श्वांस को सफल करने से भविष्य में भी देखो आपके श्वांस सफलता का परिणाम भविष्य में

51
00:55:13.769 --> 00:55:27.019
सभी आत्मायें पूरा समय स्वस्थ रहती हैं ।

52
00:55:27.019 --> 00:55:32.170
बीमारी का नाम नहीं ।

53
00:55:33.139 --> 00:55:45.650
डाक्टर्स की डिपार्टमेंट ही नहीं क्योंकि डाक्टर्स क्या बन जायेंगे ?

54
00:55:45.650 --> 00:55:49.309
राजा बन जायेंगे ना !

55
00:55:49.309 --> 00:55:54.000
विश्व के मालिक बन जायेंगे ।

56
00:55:54.000 --> 00:56:19.309
लेकिन इस समय आप श्वांस सफल करते हो और सर्व आत्माओं को स्वस्थ रहने का प्रालब्ध प्राप्त होता है ।

57
00:56:30.110 --> 00:57:02.340
ऐसे ही ज्ञान का खज़ाना , उसका फल स्वरूप स्वर्ग में आपके अपने राज्य में

58
00:57:03.710 --> 00:57:29.650
इतने समझदार , शक्तिवान बन जाते जो वहाँ कोई वजीर से राय लेने की आवश्यकता नहीं , स्वयं ही समझदार शक्तिवान होते हैं ।

59
00:57:41.880 --> 00:58:29.139
शक्तियों को सफल करते हो , उसकी प्रालब्ध वहाँ सब शक्तियां विशेष धर्म सत्ता , राज्य सत्ता

60
00:58:32.739 --> 00:58:51.940
दोनों ही विशेष शक्तियां , सत्तायें वहाँ प्राप्त होंगी ।

61
00:58:57.079 --> 00:59:13.539
गुणों का खज़ाना सफल करते हो

62
00:59:18.570 --> 00:59:38.570
तो उसकी प्रालब्ध देवता पद का अर्थ ही है दिव्यगुणधारी

63
00:59:39.139 --> 01:00:06.449
और साथ-साथ अभी लास्ट जन्म में आपकी जड़ मूर्ति का पूजन करते हैं तो क्या महिमा करते हैं ?

64
01:00:07.139 --> 01:00:13.820
सर्वगुण सम्पन्न ।

65
01:00:17.079 --> 01:00:36.449
तो इस समय की सफलता का प्रालब्ध स्वतः ही प्राप्त हो जाती ।

66
01:00:36.449 --> 01:01:00.219
इसलिए चेक करो खज़ाने मिले , खज़ानों से सम्पन्न हुए हैं

67
01:01:00.219 --> 01:01:22.400
लेकिन स्व प्रति वा विश्व प्रति कितना सफल किया ?

68
01:01:26.219 --> 01:02:02.570
पुराने वर्ष को विदाई देंगे तो पुराने वर्ष में क्या जमा खज़ाना सफल किया , कितना किया ?

69
01:02:04.050 --> 01:02:53.199
यह चेक करना और आने वाले वर्ष में भी इन खज़ानों को व्यर्थ के बजाए सफल करना ही है ।

70
01:02:54.679 --> 01:03:12.739
एक सेकण्ड भी और कोई खज़ाना भी व्यर्थ न जाये ।

71
01:03:14.739 --> 01:03:34.570
पहले बताया है कि संगम समय का सेकण्ड , सेकण्ड नहीं है वर्ष के बराबर है ।

72
01:03:39.820 --> 01:03:54.000
ऐसे नहीं समझना एक सेकण्ड , एक मिनट ही तो गया ,

73
01:03:59.199 --> 01:04:19.019
व्यर्थ जाना इसको ही अलबेलापन कहा जाता है ।

74
01:04:26.679 --> 01:04:56.050
आप सबका लक्ष्य है कि बाप ब्रह्मा समान सम्पन्न और सम्पूर्ण बनना है ।

75
01:04:59.820 --> 01:05:39.309
तो ब्रह्मा बाप ने सर्व खज़ाने आदि से अन्तिम दिन तक सफल किया , इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखा ।

76
01:05:41.309 --> 01:05:54.219
सम्पूर्ण फरिश्ता बन गया ।

77
01:06:01.139 --> 01:06:34.739
अपनी प्यारी दादी को भी देखा सफल किया और औरों को भी सफल करने का सदा उमंग उत्साह बढ़ाया ।

78
01:06:45.769 --> 01:07:11.309
तो ड्रामानुसार विशेष विश्व सेवा के अलौकिक पार्ट के निमित्त बनी ।

79
01:07:20.400 --> 01:08:01.880
तो इस वर्ष , कल से हर दिन अपना चार्ट रखना - सफल और व्यर्थ … क्या हुआ कितना हुआ ?

80
01:08:15.250 --> 01:08:57.079
अमृतवेले ही दृढ़ संकल्प करना , स्मृति स्वरूप बनना कि सफलता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है ।

81
01:08:57.079 --> 01:09:09.310
सफलता मेरे गले का हार है ।

82
01:09:12.109 --> 01:09:24.510
सफलता स्वरूप ही समान बनना है ।

83
01:09:32.279 --> 01:09:39.649
ब्रह्मा बाप से प्यार है ना ।

84
01:09:50.399 --> 01:10:08.000
तो ब्रह्मा बाप का सबसे ज्यादा प्यार किससे था ?

85
01:10:09.369 --> 01:10:13.250
जानते हो ?

86
01:10:13.250 --> 01:10:18.739
किससे प्यार था ?

87
01:10:23.479 --> 01:10:28.850
मुरली से ।

88
01:10:36.680 --> 01:10:59.140
लास्ट दिन भी मुरली का पाठ मिस नहीं किया ।

89
01:11:09.770 --> 01:11:36.970
समान बनने में यह चेक करना - ब्रह्मा बाप का जिससे प्यार रहा ,

90
01:11:44.279 --> 01:12:18.800
ब्रह्मा बाप के प्यार का सबूत है - जिससे बाप का प्यार था उससे मेरा प्यार स्वतः ही सहज होना चाहिए ।

91
01:12:28.850 --> 01:12:48.279
ब्रह्मा बाप की और विशेषता क्या रही ?

92
01:13:10.000 --> 01:13:34.800
सदा अलर्ट , अलबेलापन नहीं ।

93
01:13:36.800 --> 01:14:04.449
लास्ट दिन भी कितना अलर्ट रूप में अपने सेवा का पार्ट बजाया ।

94
01:14:08.050 --> 01:14:56.970
शरीर कमज़ोर होते भी कैसे अलर्ट होके , आधार लेके नहीं बैठे और अलर्ट करके गये ।

95
01:15:05.649 --> 01:15:17.420
तीन बातों का मन्त्र देके गये ।

96
01:15:27.140 --> 01:15:32.739
याद है ना सबको ।

97
01:15:44.000 --> 01:16:14.449
तो जितना अलर्ट रहेंगे , फॉलो करेंगे , अलबेलापन खत्म होगा ।

98
01:16:21.310 --> 01:16:37.770
अलबेलेपन के विशेष बोल बापदादा बहुत सुनते रहते हैं ।

99
01:16:53.479 --> 01:16:58.170
जानते हो ना !

100
01:17:24.050 --> 01:17:33.369
अगर इन तीन शब्दों को ( निराकारी , निर्विकारी और निरंहकारी )

101
01:17:40.970 --> 01:18:10.340
सदा अपने मन में रिवाइज और रियलाइज करते चलो

102
01:18:17.600 --> 01:18:39.939
तो आटोमेटिकली सहज और स्वतः समान बन ही जायेंगे ।

103
01:19:22.800 --> 01:19:44.850
तो एक बात सफल करो सफलतामूर्त बनो ।

104
01:19:47.600 --> 01:20:12.279
दूसरी बात - बापदादा ने बच्चों की वर्ष की रिजल्ट देखी ।

105
01:20:26.170 --> 01:20:32.510
क्या देखा ?

106
01:20:44.800 --> 01:22:11.880
महादानी बने हो , लेकिन अखण्ड महादानी , अखण्ड अण्डरलाइन , अखण्ड महादानी , अखण्ड योगी , अखण्ड निर्विघ्न अभी इसकी आवश्यकता है ।

107
01:22:30.680 --> 01:22:35.020
क्या अखण्ड हो सकता है ?

108
01:22:35.020 --> 01:22:39.479
हो सकता है ?

109
01:22:40.449 --> 01:22:47.369
पहली लाइन वाले अखण्ड हो सकता है ?

110
01:22:48.109 --> 01:22:52.569
हाथ उठाओ अगर हो सकता है तो ।

111
01:22:55.199 --> 01:23:02.909
जो कर सकता है , कर सकते हो ?

112
01:23:02.909 --> 01:23:07.649
मधुबन वाले भी उठा रहे हैं ।

113
01:23:09.020 --> 01:23:14.569
बापदादा मधुबन वालों को पहले देखता है ।

114
01:23:14.569 --> 01:23:17.710
मधुबन से प्यार है ।

115
01:23:17.710 --> 01:23:37.880
शान्तिवन या पाण्डव भवन या जो भी दादी की भुजायें हैं , सबको ध्यान से देखते हैं ।

116
01:23:48.569 --> 01:24:17.250
अगर अखण्ड हो गया , मन्सा से शक्ति फैलाने की सेवा में बिजी रहो ,

117
01:24:17.770 --> 01:24:41.880
वाचा से ज्ञान की सेवा और कर्म से गुणदान वा गुण का सहयोग देने की सेवा ।

118
01:24:51.539 --> 01:25:39.369
आजकल चाहे अज्ञानी आत्मायें हैं,चाहे ब्राह्मण आत्मायें हैं सभी को गुण का दान, गुणों का सहयोग देना आवश्यक है।

119
01:25:42.569 --> 01:26:09.199
अगर स्वयं सहज सिम्पुल रूप में सैम्पुल बनके रहे

120
01:26:11.199 --> 01:26:42.000
तो आटोमेटिक दूसरे को आपके गुणमूर्त का सहयोग स्वतः ही मिलेगा ।

121
01:26:46.800 --> 01:27:06.909
आजकल ब्राह्मण आत्मायें भी सैम्पुल देखने चाहती हैं , सुनने नहीं चाहती हैं ।

122
01:27:14.109 --> 01:27:18.619
आपस में भी क्या कहते हो ?

123
01:27:18.619 --> 01:27:24.170
कौन बना है ?

124
01:27:29.770 --> 01:27:44.510
तो प्रत्यक्ष रूप में गुणमूर्त देखने चाहते हैं ।

125
01:27:50.170 --> 01:28:24.279
तो कर्म से विशेष गुणों का सहयोग , गुणों का दान देने की आवश्यकता है ।

126
01:28:24.279 --> 01:28:32.449
सुनने कोई नहीं चाहता , देखने चाहता है ।

127
01:28:44.619 --> 01:29:29.420
तो अभी यह विशेष ध्यान में रखना कि मुझे ज्ञान से , वाचा से

128
01:29:30.109 --> 01:29:42.000
तो सेवा करते ही रहते हो और करते ही रहना है , छोड़ना नहीं है

129
01:29:43.539 --> 01:30:10.680
लेकिन अभी मन्सा और कर्म , मन्सा द्वारा वायब्रेशन फैलाओ ।

130
01:30:11.710 --> 01:30:16.619
सकाश फैलाओ ।

131
01:30:16.619 --> 01:30:40.850
वायब्रेशन वा सकाश दूर बैठे भी पहुंचा सकते हो ।

132
01:30:42.850 --> 01:31:17.140
शुभ भावना , शुभ कामना द्वारा किसी भी आत्मा को मन्सा सेवा द्वारा वायब्रेशन वा सकाश दे सकते हो ।

133
01:31:18.510 --> 01:31:49.649
तो अभी इस वर्ष एक मन्सा शक्तियों का वायब्रेशन , शक्तियों द्वारा सकाश

134
01:31:49.649 --> 01:32:20.970
और कर्म द्वारा गुण का सहयोग वा अज्ञानी आत्माओं को गुणदान , नये वर्ष में गिफ्ट भी देते हो ना ।

135
01:32:21.600 --> 01:32:42.569
तो इस वर्ष स्वयं गुणमूर्त बन गुणों की गिफ्ट देना ।

136
01:32:52.739 --> 01:32:56.569
गुणों की टोली खिलाते हो ना ।

137
01:32:56.569 --> 01:32:59.880
मिलते हो तो टोली खिलाते हो ना ।

138
01:32:59.880 --> 01:33:04.800
टोली खिलाने में खुश हो जाते हैं ना ।

139
01:33:04.800 --> 01:33:12.680
कोई आत्मायें , भागन्ती भी टोली को याद करते हैं ।

140
01:33:12.680 --> 01:33:20.050
और भूल जाते हैं लेकिन टोली याद आती है ।

141
01:33:23.710 --> 01:33:30.000
तो इस वर्ष कौन सी टोली खिलायेंगे ?

142
01:33:30.510 --> 01:33:35.079
गुणों की टोली खिलाना ।

143
01:33:36.000 --> 01:33:41.880
गुणों की पिकनिक करना

144
01:33:47.310 --> 01:34:34.850
क्योंकि बाप समान समय की समीपता प्रमाण और दादी के इशारे प्रमाण समय की सम्पन्नता अचानक कभी भी होना सम्भव है ।

145
01:34:44.340 --> 01:35:07.369
इसलिए बाप समान बनना है वा दादी को प्यार का रिटर्न देना है

146
01:35:11.819 --> 01:35:32.170
तो जो आवश्यकता है - मन्सा और कर्म द्वारा सहयोगी बनने का ,

147
01:35:40.399 --> 01:35:54.569
कोई कैसा भी है यह नहीं सोचो , यह बनें तो मैं बनूं ।

148
01:35:55.250 --> 01:36:09.479
नम्बरवन बनना है तो बने तो बनूं, तो पहला नम्बर तो बनने वाला बन जायेगा।

149
01:36:09.479 --> 01:36:14.569
आपका नम्बर तो दूसरा हो जायेगा ।

150
01:36:15.140 --> 01:36:26.109
क्या आप दूसरा नम्बर बनने चाहते हैं कि पहला नम्बर बनने चाहते हैं ?

151
01:36:28.109 --> 01:36:35.939
वैसे अगर किसको कहो आप दूसरा नम्बर ले लो तो लेंगे ?

152
01:36:35.939 --> 01:36:40.510
सभी यही कहेंगे पहला नम्बर लेना है ।

153
01:36:40.510 --> 01:36:45.600
तो पहला निमित्त बनना है ।

154
01:36:46.220 --> 01:36:49.819
दूसरे को निमित्त क्यों बनाते हो ।

155
01:36:49.819 --> 01:36:54.680
अपने को निमित्त बनाओ ना ।

156
01:36:57.420 --> 01:37:00.850
ब्रह्मा बाप ने क्या कहा ?

157
01:37:00.850 --> 01:37:12.000
हर बात में खुद निमित्त बनके निमित्त बनाया ।

158
01:37:13.420 --> 01:37:20.449
हे अर्जुन बन पार्ट बजाया ।

159
01:37:20.739 --> 01:37:29.199
मुझे निमित्त बनना है ।

160
01:37:32.619 --> 01:37:36.220
मुझे करना है ।

161
01:37:36.220 --> 01:37:41.880
दूसरा करेगा , मुझे देखके और करेंगे ।

162
01:37:41.880 --> 01:37:46.800
और को देख मैं करूंगा नहीं ।

163
01:37:46.800 --> 01:37:54.680
मुझे देख और करेंगे ।

164
01:37:55.250 --> 01:38:04.050
यह ब्रह्मा बाप का पहला पाठ है ।

165
01:38:06.680 --> 01:38:11.939
तो सुना क्या करना है ?

166
01:38:13.420 --> 01:38:42.569
सफलता मूर्त , सफल सफलता मूर्त , अखण्ड दानी , माया को आने की हिम्मत ही नहीं बनेंगी ।

167
01:38:42.569 --> 01:38:52.000
जब अखण्ड महादानी बन जायेंगे ,

168
01:38:53.079 --> 01:39:17.539
निरन्तर सेवाधारी रहेंगे , बिजी रहेंगे , मन बुद्धि सेवाधारी रहेगा तो माया कहाँ आयेगी ।

169
01:39:23.020 --> 01:39:30.680
तो अभी इस वर्ष क्या बनना है ?

170
01:39:30.680 --> 01:39:47.600
सबका एक आवाज निकले दिल से , यह बापदादा चाहता है , वह क्या ?

171
01:39:49.020 --> 01:39:56.109
नो प्राब्लम , कम्पलीट ।

172
01:39:56.109 --> 01:40:19.600
प्राब्लम नहीं लेकिन कम्पलीट बनना ही है ।

173
01:40:20.970 --> 01:40:51.369
दृढ़ निश्चयबुद्धि , विजयमाला के नजदीक मणका बनना ही है ।

174
01:40:55.020 --> 01:40:57.819
ठीक है ना !

175
01:40:57.819 --> 01:41:00.619
बनना है ना !

176
01:41:00.619 --> 01:41:05.310
मधुबन वाले बनना है ।

177
01:41:07.310 --> 01:41:10.000
नो कम्पलेन ?

178
01:41:10.000 --> 01:41:12.619
नो कम्पलेन ।

179
01:41:12.619 --> 01:41:18.220
हाथ उठाओ हिम्मत रखने वाले ।

180
01:41:18.220 --> 01:41:23.939
नो प्राब्लम ।

181
01:41:23.939 --> 01:41:26.449
वाह !

182
01:41:26.449 --> 01:41:36.850
मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

183
01:41:42.340 --> 01:42:02.109
देखो , निश्चय का प्रत्यक्ष प्रमाण है रूहानी नशा ।

184
01:42:05.600 --> 01:42:14.680
अगर रूहानी नशा नहीं तो निश्चय भी नहीं है ।

185
01:42:14.680 --> 01:42:22.109
फुल निश्चय नहीं है , थोड़ा बहुत है ।

186
01:42:24.109 --> 01:42:32.449
तो नशा रखो क्या बड़ी बात है !

187
01:42:33.199 --> 01:42:50.170
कितने कल्प आप ही बाप समान बने हैं , याद है ?

188
01:42:50.170 --> 01:42:55.250
अनगिनत बार बने हो ।

189
01:42:58.109 --> 01:43:15.310
तो यह नशा रखो हम ही बने हैं , हम ही हैं और हम ही बार-बार बनते रहेंगे ।

190
01:43:15.310 --> 01:43:29.880
यह नशा सदा ही कर्म में दिखाई दे ।

191
01:43:31.369 --> 01:43:59.250
संकल्प में नहीं , बोल में नहीं , लेकिन कर्म में , कर्म का अर्थ है चलन में , चेहरे में दिखाई दे ।

192
01:44:10.510 --> 01:44:14.170
तो होमवर्क मिल गया ।

193
01:44:14.170 --> 01:44:17.939
मिला ना ?

194
01:44:18.399 --> 01:44:32.340
अब देखेंगे नम्बरवार में आते हो या नम्बरवन में आते हो।

195
01:44:44.850 --> 01:44:47.310
अच्छा ।

196
01:44:57.649 --> 01:45:22.170
बापदादा के पास कार्ड , पत्र , ईमेल , याद-प्यार कम्प्यटुर द्वारा भी बहुत आये हैं

197
01:45:22.800 --> 01:45:44.800
और बापदादा दूर बैठे दिलतख्तनशीन बच्चों को ,

198
01:45:45.770 --> 01:46:26.800
हर एक को नाम सहित विशेषता सहित यादप्यार और दिल की दुआयें सम्मुख इमर्ज कर दे रहे हैं ।

199
01:46:33.140 --> 01:46:55.710
बापदादा जानते हैं कि यादप्यार , प्यार तो सबको रहता ही है

200
01:46:56.510 --> 01:47:28.279
और बापदादा सदा अमृतवेले विशेष ब्राह्मण आत्माओं को यादप्यार का रेसपान्ड विशेष करता है ।

201
01:47:31.250 --> 01:47:41.199
इसीलिए कार्ड भी अच्छे अच्छे बनाये हैं ,

202
01:47:41.199 --> 01:47:54.340
बापदादा के पास तो वतन में , यहाँ रखते हैं लेकिन वतन में पहले पहुंचते हैं ।

203
01:48:07.020 --> 01:48:10.909
अच्छा ।

204
01:48:11.420 --> 01:48:34.800
सेवा का टर्न यू पी जोन और पश्चिम नेपाल का है :-

205
01:49:04.000 --> 01:49:22.850
बापदादा ने देखा है , जिस भी जोन का टर्न होता है ना तो आधा ग्रुप तो वहाँ का होता है ।

206
01:49:24.850 --> 01:49:40.680
अभी आप बैठ जाओ और जो दूसरे हैं इस जोन के बिना जो आये हैं वह उठो ।

207
01:49:40.680 --> 01:50:11.710
इस जोन के बिना , अच्छा , आधा-आधा है , बैठ जाओ ।

208
01:50:17.539 --> 01:50:38.109
अच्छा चांस मिलता है ना अपने सेवा के टर्न में कितने भी लाते हो ना तो खुला निमन्त्रण मिलता है ।

209
01:50:39.539 --> 01:50:48.279
एक मिलन का चांस , दूसरा सेवा का चांस ।

210
01:50:48.279 --> 01:50:54.000
तो डबल चांस लेने वाले ।

211
01:50:55.079 --> 01:51:04.220
यू पी की विशेषता क्या है ?

212
01:51:04.220 --> 01:51:06.510
पता है ।

213
01:51:06.510 --> 01:51:15.939
यू पी सिकीलधी है ।

214
01:51:17.939 --> 01:51:21.310
क्यों सिकीलधी है ?

215
01:51:21.310 --> 01:51:24.800
क्यों है सिकीलधी ?

216
01:51:24.800 --> 01:51:34.340
मम्मा बाबा के ज्यादा चक्कर लगे हैं ।

217
01:51:34.340 --> 01:51:44.220
जैसे बाम्बे , दिल्ली वैसे यू पी में भी चक्कर लगे हैं ।

218
01:51:46.220 --> 01:51:51.420
यू पी में ब्रह्मा का यादगार है ना ।

219
01:51:51.420 --> 01:51:56.170
ब्रह्मा का है ।

220
01:52:04.619 --> 01:52:15.600
जैसे राजस्थान में पुष्कर में ब्रह्मा का यादगार है ना ,

221
01:52:15.600 --> 01:52:40.050
ऐसे यू पी में भी ब्रह्मा कुण्ड है और प्रैक्टिकल में ब्रह्मा बाप ने यू पी में सेवा की है ।

222
01:52:40.050 --> 01:52:47.140
बच्चों को बहुत लाडप्यार दिया है ।

223
01:52:48.399 --> 01:52:58.449
जो उस समय थे , बहुत लाडप्यार प्यारा है ।

224
01:53:03.199 --> 01:53:08.680
अच्छा । अभी यू पी नया क्या कर रही है ?

225
01:53:10.050 --> 01:53:22.000
बापदादा ने लास्ट मुरली में कहा था कि नया कोई प्लैन निकालो ।

226
01:53:22.000 --> 01:53:37.369
यह प्रदर्शनी , कान्फ्रेन्स , यह मेला , यह अभी कामन हो गये हैं ।

227
01:53:37.710 --> 01:53:54.449
कई बार कई देख चुके हैं तो जब सुनते हैं ना मेला लगा है , प्रदर्शनी लगी है तो कहते हमने देखा है ।

228
01:53:55.710 --> 01:54:02.000
समझा नहीं समझा लेकिन देख तो लिया ना ।

229
01:54:02.000 --> 01:54:07.250
अभी नई कोई इन्वेन्शन निकालो ।

230
01:54:07.250 --> 01:54:24.619
अब कम खर्चा बालानशीन ऐसी इन्वेन्शन निकालो जो छोटा सेन्टर भी कर सके , बड़ा सेन्टर भी कर सके ।

231
01:54:28.399 --> 01:54:44.220
देखेंगे , कौन सा बच्चा नई इन्वेन्शन करने के निमित्त बनता है ।

232
01:54:44.220 --> 01:54:47.600
यू पी वाले बनेंगे ।

233
01:54:47.600 --> 01:54:56.970
यू पी में बुद्धिवान तो बहुत हैं ।

234
01:55:01.539 --> 01:55:07.020
निकाल सकते हैं ।

235
01:55:15.420 --> 01:55:33.880
यू पी की विशेषता दूसरी है कि यू पी के सेवा के आरम्भ में वारिस निकले ।

236
01:55:35.369 --> 01:55:41.250
अच्छे अच्छे वारिस निकले ।

237
01:55:43.649 --> 01:55:55.369
ऐसे दिल्ली में भी निकले हैं , बाम्बे में भी निकले हैं लेकिन यू पी में भी निकले हैं ।

238
01:56:02.109 --> 01:56:18.109
अभी कर्नाटक में भी स्वार्णिम कर्नाटक कर रहे हैं बापदादा रिजल्ट देखेंगे वारिस कितने निकले , माइक कितने निकले ?

239
01:56:18.109 --> 01:56:32.399
सन्देश तो मिला उसकी मुबारक है ।

240
01:56:36.050 --> 01:56:47.539
और यू पी में भक्ति का यादगार भी बहुत है ।

241
01:56:51.819 --> 01:56:55.710
भक्त क्वालिटी भी बहुत हैं ।

242
01:56:55.710 --> 01:57:08.850
अन्धश्रधा वाले भी हैं और भावना वाले भी हैं , दोनों हैं ।

243
01:57:11.479 --> 01:57:19.020
अभी यू पी वाले कमाल दिखाना ।

244
01:57:19.020 --> 01:57:51.710
सबसे पहला नम्बर वारिस क्वालिटी आप निकालके लास्ट टर्न पर लिस्ट भेजना फिर यहाँ से तारीख जायेगी तब ले आना ।

245
01:58:01.420 --> 01:58:09.539
वारिस बनाने की विधि क्या है ?

246
01:58:09.539 --> 01:58:14.619
जानते हो ना !

247
01:58:29.880 --> 01:59:09.539
जो स्वयं हर बात में अनुभव मूर्त बन उन्हों के प्रति अपना दिल का अनुभव सुनाता नहीं है ,

248
01:59:10.220 --> 01:59:26.619
लेकिन अपना अनुभव का स्वरूप उन्हों को अनुभव कराता है ।

249
01:59:28.220 --> 01:59:34.220
वह वारिस बना सकता है ।

250
01:59:38.109 --> 01:59:56.109
जो सिर्फ ज्ञान देता है वह अच्छा बनाता है लेकिन अच्छे ते अच्छा नहीं बनाता है ।

251
01:59:57.539 --> 02:00:04.170
अच्छे ते अच्छा है वारिस क्वालिटी ।

252
02:00:10.449 --> 02:00:21.250
तो देखेंगे लास्ट टर्न में क्या कोई लिस्ट आती है ।

253
02:00:21.250 --> 02:00:41.649
कोई भी करे , निमित्त यू पी है लेकिन कोई भी जोन वारिस की लिस्ट भेजे ।

254
02:00:45.880 --> 02:00:51.819
नम्बरवन देखें कौन बनता है!

255
02:00:58.109 --> 02:01:00.340
अच्छा ।

256
02:01:00.340 --> 02:01:08.739
मुबारक है यू पी वालों को ।

257
02:01:09.479 --> 02:01:25.079
बापदादा ने सुना है कि यज्ञ सेवा का पार्ट बहुत अच्छी तरह से निभाया है ।

258
02:01:25.079 --> 02:01:53.420
इसलिए सेवा की भी मुबारक है और साथ-साथ जी हाजिर का पाठ अच्छा बजाया , इसकी भी मुबारक ।

259
02:01:56.050 --> 02:01:58.510
अच्छा ।

260
02:01:58.510 --> 02:02:17.369
डबल विदेशी :- ( 60 देशों से 800 भाई बहिनें आये हैं ) :-

261
02:02:29.369 --> 02:02:39.020
अच्छा - बच्चों ने तो निशानी लगाई है , अच्छे हैं ।

262
02:02:39.770 --> 02:02:46.000
बच्चों को चाकलेट की टोली दी है ।

263
02:02:46.000 --> 02:02:51.199
दी है ?

264
02:02:51.199 --> 02:02:53.199
खिलाई है ।

265
02:02:53.199 --> 02:02:56.220
कौन है निमित्त ।

266
02:02:58.220 --> 02:03:03.819
बच्चों को चाकलेट अच्छा लगता है ना !

267
02:03:05.199 --> 02:03:21.079
और अपने आगे उड़ने की विधि भी बताई है ?

268
02:03:23.939 --> 02:03:26.220
कौन है निमित्त ?

269
02:03:26.220 --> 02:03:30.909
बच्चों के लिए कौन निमित्त है हाथ उठाओ ।

270
02:03:35.479 --> 02:03:47.020
तो अगले वर्ष यह बच्चे आयेंगे तो और चेंज होके आयेंगे ना ।

271
02:03:47.020 --> 02:03:49.539
हाँ बच्चे आगे आओ ।

272
02:04:22.569 --> 02:05:24.000
(बच्चों ने गीत गाया - बाबा आप कितने अच्छे हो, कितने प्यारे हो…) अच्छी मेहनत की है।

273
02:05:25.199 --> 02:05:40.569
अभी दूसरे साल आयेंगे तो इससे भी आगे उड़ते हुए उड़ने वाले फरिश्ते बनके आयेंगे ।

274
02:05:41.539 --> 02:05:44.739
ठीक है ना !

275
02:05:45.250 --> 02:05:54.800
दूसरे वर्ष और प्रोग्रेस करके आयेंगे ।

276
02:06:07.479 --> 02:06:25.199
अच्छा - सुनो , कल बापदादा के तरफ से बच्चों को विशेष चाकलेट बनाके खिलाना ।

277
02:06:30.449 --> 02:06:36.340
अच्छा ।

278
02:06:47.479 --> 02:06:58.739
डबल विदेशी - बापदादा ने कहा था कि डबल विदेशी नहीं , अभी डबल पुरूषार्थी ।

279
02:06:58.739 --> 02:07:01.310
तो डबल हैं ?

280
02:07:06.220 --> 02:07:23.819
बापदादा को याद है पहले की बात कि बापदादा ने कहा था कभी भी विदेशी जो हैं ना ,

281
02:07:23.819 --> 02:07:32.510
वह वाह ! वाह ! के बजाए , व्हाई व्हाई बहुत करते हैं ।

282
02:07:33.199 --> 02:07:43.539
व्हाई और आई … आप तो नहीं करने वाले हो ना ।

283
02:07:43.939 --> 02:07:51.079
आप व्हाई कहने वाले हो या वाह ! वाह ! कहने वाले हो ।

284
02:07:51.079 --> 02:07:58.569
वाह ! वाह ! सदा ? सदा वाह ! वाह !

285
02:07:58.569 --> 02:08:02.909
कभी किसी बात में व्हाई नहीं ।

286
02:08:02.909 --> 02:08:07.600
व्हाई माना हाय ।

287
02:08:09.880 --> 02:08:17.539
तो हाय हाय नहीं , व्हाई नहीं वाह ! वाह !

288
02:08:20.510 --> 02:08:47.479
जो हो रहा है वह बहुत अच्छा , जो हो गया वह उससे भी अच्छा , जो होने वाला है वह परम अच्छा ।

289
02:08:52.449 --> 02:08:58.970
यह है डबल पुरूषार्थ की निशानी ।

290
02:09:00.109 --> 02:09:04.220
नो प्राब्लम वाले हो ना ।

291
02:09:04.220 --> 02:09:10.220
नो प्राब्लम कि थोड़ी-थोड़ी प्राब्लम है ।

292
02:09:10.220 --> 02:09:19.479
अच्छा यहाँ प्राब्लम छोड़के जाना , प्लेन में नहीं ले जाना

293
02:09:26.220 --> 02:09:43.250
क्योंकि बाप के पास आये हो तो बाप को कुछ तो कमाल दिखायेंगे ना ।

294
02:09:44.050 --> 02:10:11.819
तो यह कमाल दिखाओ , कभी-कभी नहीं , थोड़ा-थोड़ा है यह नहीं , सदा रूहानी गुलाब ।

295
02:10:17.420 --> 02:10:22.000
खिला हुआ गुलाब ।

296
02:10:24.000 --> 02:10:47.770
क्योंकि सभी भारतवासियों के फारेन वाले बाप के भी , दादियों को भी फारेन वाले बहुत लाडले हैं , प्यारे हैं ।

297
02:10:48.220 --> 02:10:55.310
फारेन वालों को देखके खुश होते हैं ।

298
02:10:58.279 --> 02:11:06.970
तो आप भी सदा खुश रहेंगे ना ।

299
02:11:10.279 --> 02:11:13.600
सदा शब्द याद कर लो ।

300
02:11:13.600 --> 02:11:19.369
इस वर्ष की यह सौगात ले जाओ ।

301
02:11:19.369 --> 02:11:24.399
सदा शब्द कभी नहीं भूलना ।

302
02:11:29.649 --> 02:11:40.680
विघ्न आने में सदा नहीं करना , निर्विघ्न बनने में सदा ।

303
02:11:47.479 --> 02:11:56.109
अच्छा है , मधुबन का श्रृंगार हो ।

304
02:11:56.109 --> 02:12:07.310
डबल विदेशी विशेष मधुबन का श्रृंगार हो ।

305
02:12:10.909 --> 02:12:17.770
तो श्रृंगार की बहुत वैल्यु होती है ।

306
02:12:18.970 --> 02:12:24.340
तो वैल्युबुल हो ।

307
02:12:31.250 --> 02:12:34.569
अच्छा है ।

308
02:12:34.569 --> 02:12:38.680
यह बहुत अच्छा करते हो ।

309
02:12:38.680 --> 02:12:49.770
बापदादा ने देखा है हर ग्रुप में इन्टरनेशनल ग्रुप होता है ।

310
02:12:51.770 --> 02:12:55.600
अभी कितने देशों के हैं ?

311
02:12:55.600 --> 02:13:09.770
( 60 देशों के ) तो देखो रौनक है ना !

312
02:13:10.739 --> 02:13:21.199
60 देशों से भाग भागकर पहुंच गये हो ।

313
02:13:24.850 --> 02:13:45.819
तो बापदादा के तरफ से मधुबन के तरफ से आपको पदम पदम मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

314
02:13:46.569 --> 02:13:49.819
अच्छा ।

315
02:13:49.819 --> 02:14:08.970
इन्टरनेशनल यूथ ग्रुप :- अच्छा इतना बड़ा है ।

316
02:14:08.970 --> 02:14:14.619
यूथ ग्रुप भी बड़ा है ।

317
02:14:17.880 --> 02:14:30.680
बापदादा ने यूथ ग्रुप का समाचार सुना ।

318
02:14:31.539 --> 02:14:39.369
जो आपस में प्लैन बनाया है

319
02:14:40.279 --> 02:15:00.170
वह अच्छा प्लैन बनाया है लेकिन स्व उन्नति का प्लैन पहले नम्बर प्रैक्टिकल में लाना

320
02:15:01.539 --> 02:15:22.109
क्योंकि यूथ ग्रुप को दुनिया वाले भी कमाल करने की आशा से देखते हैं ।

321
02:15:22.109 --> 02:15:39.420
गवर्मेन्ट भी इसी आशा से देखती कि यूथ कुछ करके दिखाये , बनके दिखाये और बनाके दिखाये ।

322
02:15:47.880 --> 02:15:54.109
प्रोग्राम तो अच्छा बनाया है ।

323
02:15:56.800 --> 02:16:01.420
सिस्टम भी अच्छी बनाई है ।

324
02:16:01.880 --> 02:16:15.079
बनाने वालों को मुबारक दे रहे हैं ।

325
02:16:16.569 --> 02:16:37.079
अभी हर समय अपनी रिजल्ट निमित्त बनने वालों को भेजते रहना

326
02:16:37.079 --> 02:16:46.799
क्योंकि चेकिंग करते रहेंगे ना तो चेंज हो जायेंगे ।

327
02:16:46.799 --> 02:16:55.709
चेकिंग में अलबेलापन आयेगा तो चेंज भी नहीं हो सकेंगे ।

328
02:16:55.709 --> 02:17:19.819
इसीलिए जैसे डायरेक्शन मिले हैं वैसे अपनी रिपोर्ट , रिपार्ट बुरी नहीं अच्छी , अपना चार्ट देते रहना ।

329
02:17:19.819 --> 02:17:26.799
इसमें थकना नहीं , अलबेले नहीं होना ।

330
02:17:26.799 --> 02:17:40.510
फिर फारेन के यूथ को इन्डिया में दिखायेंगे , गवर्मेन्ट से मिलायेंगे

331
02:17:40.510 --> 02:17:53.370
और इन्डिया के ग्रुप को फारेन गवर्मेन्ट से मिलायेंगे ।

332
02:17:55.370 --> 02:17:59.479
तो तैयार हो जाओ ।

333
02:18:01.200 --> 02:18:15.250
उनको चार्ट दिखायेंगे ना कि यह कैसे अपना पुरूषार्थ करते हैं , परिवर्तन करते हैं और सफलता पाई है ।

334
02:18:17.250 --> 02:18:22.450
तो ठीक है , बहुत अच्छा किया है , करते रहना ।

335
02:18:22.450 --> 02:18:25.200
अच्छा ।

336
02:18:40.850 --> 02:18:54.799
ज्युरिस्ट और कलचरल विंग :-

337
02:19:19.370 --> 02:19:33.649
अच्छा है बापदादा के पास समाचार तो सब पहुंचता रहता है ।

338
02:19:34.799 --> 02:19:57.079
दोनों ही विंग कोई न कोई प्लैन बनाते रहते हैं और अच्छा प्रोग्रेस भी कर रहे हैं ।

339
02:19:58.569 --> 02:20:18.399
जो स्पार्क विंग है , उसमें क्या रिसर्च किया है ?

340
02:20:20.399 --> 02:20:39.600
क्या एक्जैम्पुल कोई रिसर्च करने के बाद प्रैक्टिकल प्रूफ बनाया है ,

341
02:20:40.799 --> 02:20:56.739
जैसे हार्ट पेशेन्ट निरोगी बन गये हैं , वह सबूत है ,

342
02:21:01.709 --> 02:21:21.079
यूथ का भी समाचार सुना , तो अच्छा गवर्मेन्ट तक सबूत जा रहा है ।

343
02:21:22.000 --> 02:21:38.450
ऐसे गांव वालों की सेवा में भी प्रत्यक्ष सेन्टर गीता पाठशालायें खुल गये हैं ,

344
02:21:39.139 --> 02:21:58.969
यह रिकार्ड तो अच्छा है , ऐसे स्पार्क वालों ने , स्पार्क वाले हैं कल्चर वाले खड़े हैं

345
02:21:58.969 --> 02:22:19.709
तो ऐसा कोई विशेष एक्जैम्पुल बनाया है कि रिसर्च से यह परिवर्तन का सैम्पुल बना है ,

346
02:22:19.709 --> 02:22:39.600
बापदादा वह सैम्पुल देखने भी चाहते , सुनने भी चाहते ।

347
02:22:39.600 --> 02:22:56.049
क्या रिसर्च किया और कितनों ने उस रिसर्च करने का प्रैक्टिकल लाभ उठाया ।

348
02:22:56.620 --> 02:23:01.020
यह देखने चाहते हैं ।

349
02:23:01.420 --> 02:23:23.139
कल्चर वालों ने क्या कल्चरल डिपार्टमेंन्टस में , कोई ऐसी डिपार्टमेंट तैयार की है

350
02:23:23.540 --> 02:23:47.250
जो प्रत्यक्ष रूप में वर्णन करें कि हमनें आध्यात्मिक कल्चर द्वारा यह-यह अनुभव किया है ।

351
02:23:47.250 --> 02:23:55.020
हमारी सारी डिपार्टमेंट परिवर्तन हुई है ।

352
02:23:55.940 --> 02:24:21.370
ऐसे सभी वर्ग को , सभी वर्ग को बापदादा यही कहते हैं ऐसे सात-आठ , दस-बारह एक्जैम्पुल तैयार करो

353
02:24:21.819 --> 02:24:36.569
जो फिर गवर्मेन्ट को , वर्गीकरण क्या करता है उसका एक्जैम्पुल सुनायें ।

354
02:24:36.569 --> 02:24:43.420
तो गवर्मेन्ट का भी सहयोग मिल सकता है ।

355
02:24:46.110 --> 02:25:02.450
बापदादा ने सुना था एक डिपार्टमेंट ने कहा है कि पैसा हमारे पास है , काम आपके पास है ।

356
02:25:03.940 --> 02:25:24.399
तो काम का प्रत्यक्ष सबूत देखने से उन्हों का भी सफल कराओ ना , नहीं तो ऐसे ही बिचारा खज़ाना चला जायेगा ।

357
02:25:28.280 --> 02:25:41.540
उन्हों को यूज करने नहीं आता , आप सफल करा सकते हो , प्रभाव से ।

358
02:25:42.219 --> 02:25:59.940
तो सभी वर्ग वाले मिलके ऐसा कोई प्लैन बनाओ जो प्रैक्टिकल में हर वर्ग का सबूत दिखाई दे ।

359
02:26:27.479 --> 02:28:29.770
( ऊषा बहन ने चन्द्रपुर , भोपाल के कलचरल प्रोग्राम का समाचार सुनाया )

360
02:28:31.200 --> 02:28:46.799
प्रोग्राम अच्छा किया उसकी मुबारक है , अभी अच्छा बनाके दिखाओ ।

361
02:29:48.850 --> 02:29:57.250
सभी को माइन्ड डांस आती है ?

362
02:29:58.110 --> 02:30:01.200
मन की डांस आती है ?

363
02:30:07.819 --> 02:30:22.110
तो सारे दिन में कितना समय मन में खुशी की डांस करते हो ?

364
02:30:23.540 --> 02:30:27.600
इसमें तो थकने की बात नहीं ।

365
02:30:27.600 --> 02:30:47.540
गोड़ों के दर्द की भी बात नहीं , बिजी की भी बात नहीं , टाइम देना पड़ेगा यह भी नहीं , खर्चा भी नहीं ।

366
02:30:47.540 --> 02:30:52.280
तो क्या करना चाहिए ?

367
02:30:53.370 --> 02:31:03.649
जब भी बापदादा टी वी खोले तो क्या दिखाई दे ?

368
02:31:04.739 --> 02:31:14.000
हर बच्चा मन की डांस में बिजी है ।

369
02:31:19.879 --> 02:31:37.139
तो सदा बिजी रहेंगे तो बापदादा अचानक टी वी खोलेगा और देखेगा कौन-कौन डांस कर रहा है ।

370
02:31:38.739 --> 02:31:43.420
खुशी की डांस तो अच्छी है ना ।

371
02:31:43.940 --> 02:31:50.219
तो सदा यह डांस करते रहना ।

372
02:31:50.219 --> 02:31:54.909
अच्छा - अभी क्या करना है ?

373
02:32:07.370 --> 02:32:17.649
बापदादा तो मिलन मनाने में ही बिजी हो गये हैं ।

374
02:32:30.340 --> 02:32:34.620
अच्छा ।

375
02:32:34.620 --> 02:32:56.909
चारों ओर के चमकते हुए आत्म दीप बच्चों को ,

376
02:32:58.000 --> 02:33:15.250
सदा सफल करने वाले सफलता स्वरूप बच्चों को ,

377
02:33:15.709 --> 02:33:51.370
सदा अखण्ड महादानी , अखण्ड निर्विघ्न , अखण्ड ज्ञान और योगयुक्त ,

378
02:33:51.370 --> 02:34:26.219
सदा एक ही समय में तीन सेवा करने वाले मन्सा वायब्रेशन द्वारा वायुमण्डल द्वारा ,

379
02:34:26.219 --> 02:34:48.399
वाचा वाणी द्वारा और चलन और चेहरे कर्म द्वारा ,

380
02:34:49.370 --> 02:35:18.219
तीनों सेवा एक ही समय इकट्ठा हो तब आपका प्रभाव अच्छा कहने वाले नहीं , लेकिन अच्छा बनने वालों के ऊपर पड़ेगा ।

381
02:35:19.020 --> 02:36:07.020
तो ऐसे अनुभवी मूर्त द्वारा अनुभव कराने वाले बच्चों को बापदादा का नये वर्ष के लिए पदम पदमगुणा यादप्यार , दुआयें और दिल का तख्त

382
02:36:07.020 --> 02:36:31.139
सदा तख्तनशीन बनाने वाला है , इसलिए चारों ओर के बच्चों को जो सम्मुख है ,

383
02:36:31.139 --> 02:36:54.110
वा दूर बैठे दिलतख्त पर हैं , सभी को नाम और विशेषता सहित यादप्यार और नमस्ते ।

384
02:36:57.940 --> 02:37:08.739
अच्छा - जो पहली बार आये हैं वह उठकर खड़े हो जाओ ।

385
02:37:20.000 --> 02:37:23.370
हाथ हिलाओ ।

386
02:37:30.620 --> 02:37:37.819
देखो आधा क्लास पहले बारी का आया है ।

387
02:37:39.250 --> 02:37:44.909
पीछे वाले हाथ हिलाओ ।

388
02:37:47.940 --> 02:37:52.510
दिखाई दे रहा है टी वी में ।

389
02:37:55.940 --> 02:37:58.909
बहुत हैं ।

390
02:38:00.110 --> 02:38:30.340
अच्छा पहले वारी आने वालों को बापदादा की बहुत-बहुत दिल से मुबारक भी है , और दिल का यादप्यार भी है ।

391
02:38:30.909 --> 02:38:57.200
जैसे अभी आये हो , तो अभी के आने वालों को बापदादा का वरदान है अमर भव ।

