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आज बापदादा अपने विश्व परिवर्तक बाप के आशाओं के दीपक बच्चों को चारों ओर देख हर्षित हो रहे हैं

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बापदादा जानते हैं कि बच्चों का बापदादा से अति अति अति प्यार है

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और बापदादा का भी हर बच्चे के साथ पदमगुणा से भी ज्यादा प्यार है

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और यह प्यार तो सदा ही इस संगमयुग में मिलना ही है ।

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बापदादा जानते हैं जैसे-जैसे समय समीप आ रहा है

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उसी प्रमाण हर एक बच्चे के दिल में यह संकल्प , यह उमंग-उत्साह है कि अभी कुछ करना ही है

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क्योंकि देख रहे हो कि आज की तीनों सत्तायें अति हलचल में हैं ।

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चाहे धर्म सत्ता , चाहे राज्य सत्ता , चाहे साइंस की सत्ता , साइन्स भी अभी प्रकृति को यथार्थ रूप में चला नहीं सकती ।

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यही कहते होना ही है क्योंकि साइंस की सत्ता है प्रकृति द्वारा सत्ता को कार्य करना ।

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तो प्रकृति भी साइंस के साधन हाते प्रयत्न करते अभी कन्ट्रोल में नहीं है

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आरै आगे चलकर यह प्रकृति के खेल और भी बढ़ते जायेंगे

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क्योंकि प्रकृति में भी अभी आदि समय की शक्ति नहीं रही है ।

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ऐसे समय पर अभी सोचो , अभी कौन सी सत्ता परिवर्तन कर सकती !

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यह साइलेन्स की शक्ति विश्व परिवर्तन करेगी ।

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यह चारों ओर की हलचल मिटाने वाले कौन हैं ?

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जानते हो ना !

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सिवाए परमात्म पालना के अधिकारी आत्मा के और कोई नहीं कर सकता ।

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तो आप सभी को यह उमंग-उत्साह है

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कि हम ही ब्राह्मण आत्मायें बापदादा के साथ भी हैं और परिवर्तन के कार्य के साथी भी हैं ।

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बापदादा ने विशेष अमृतवेले साथ में चलते हुए भी देखा है

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कि जितना ही दुनिया में तीनों सत्ता की हलचल है

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उतना आप शान्ति की देवियां , शान्ति के देव जितना शक्तिशाली शान्ति की शक्ति को प्रयोग करना चाहिए उतना कम है ।

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तो बापदादा अभी सभी बच्चों को यह उमंग दिला रहे हैं -

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सेवा के क्षेत्र में आवाज अच्छा फैला रहे हैं ,

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उसमें हलचल है लेकिन साइलेन्स की शक्ति , ( बार-बार खांसी आ रही है ) बाजा खराब है

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फिर भी बापदादा बच्चों से मिलने के बिना तो रह नहीं सकते और बच्चे भी रह नहीं सकते )

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तो बापदादा यह विशेष इशारा दे रहे हैं कि अभी शान्ति की शक्ति के वायब्रेशन चारों ओर फैलाओ ।

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अभी विशेष ब्रह्मा बाबा और जगदम्बा को देखा

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कि स्वयं आदि देव होते शान्ति की शक्ति का कितना गुप्त पुरूषार्थ किया ।

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आपकी दादी ने कर्मातीत बनने के लिए इसी बात को कितना पक्का किया ।

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जिम्मेवारी होते , सेवा का प्लैन बनाते , ( खांसी बार-बार आ रही है ) बाजा कितना भी खराब हो लेकिन बापदादा का प्यार है !

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तो सेवा की जिम्मेवारी कितनी भी बड़ी हो

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लेकिन सेवा के सफलता का प्रत्यक्ष फल शान्ति की शक्ति के बिना ,

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जितना चाहते हैं उतना नहीं निकल सकता

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क्योंकि अपने लिए भी सारे कल्प की प्रालब्ध को तभी बना सकते हैं ।

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इसके लिए अभी हर एक को स्व के प्रति , सारे कल्प की प्रालब्ध राज्य की और पूज्य की इकठ्ठा करने के लिए

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अभी समय है क्योंकि समय नाजुक आना ही है ।

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00:40:56.400 --> 00:41:40.000
ऐसे समय पर शान्ति की शक्तियों द्वारा टचिंग पावर कैचिंग पावर बहुत आवश्यक होगी ।

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00:41:40.000 --> 00:41:51.820
ऐसा समय आयेगा जो यह साधन कुछ नहीं कर सकेंगे ,

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00:41:54.400 --> 00:42:32.510
सिर्फ आध्यात्मिक बल , बापदादा के डायरेक्शन्स की टचिंग कार्य करा सकेगी ।

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तो अपने में चेक करो - बापदादा की ऐसे समय में मन और बुद्धि में टचिंग आ सकेगी ?

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इसमें बहुतकाल का अभ्यास चाहिए , इसका साधन है

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मन बुद्धि सदा ही कभी कभी नहीं , सदा क्लीन और क्लीयर चाहिए ।

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अभी रिहर्सल बढ़ती जायेगी और सेकण्ड में रीयल हो जायेगी ।

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00:45:10.449 --> 00:45:42.280
जरा भी अगर मन में बुद्धि में किसी भी आत्मा के प्रति या किसी भी कार्य के प्रति ,

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00:45:42.280 --> 00:46:20.170
किसी भी साथी सहयोगी के प्रति जरा भी निगेटिव होगा तो उसको क्लीन और क्लीयर नहीं कहा जायेगा ।

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00:46:36.849 --> 00:46:56.170
इसलिए बापदादा यह अटेन्शन खिंचवा रहा है ।

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00:47:02.570 --> 00:47:26.280
सारे दिन में चेक करो - साइलेन्स पावर कितनी जमा की ?

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00:47:27.369 --> 00:47:44.400
सेवा करते भी साइलेन्स की शक्ति अगर वाणी में नहीं है

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00:47:44.400 --> 00:48:02.110
तो प्रत्यक्ष फल सफलता जितना चाहते हैं उतनी नहीं होगी ।

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00:48:02.110 --> 00:48:12.969
मेहनत ज्यादा है फल कम ।

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00:48:15.480 --> 00:48:27.820
सेवा करो लेकिन शान्ति के शक्तियों से सम्पन्न सेवा करो

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00:48:36.400 --> 00:48:53.539
उसमें जितनी रिजल्ट चाहते हो उससे अधिक मिलेगी ।

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00:49:05.769 --> 00:49:11.940
बार-बार चेक करो ।

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00:49:38.219 --> 00:49:50.219
बाकी बापदादा को खुशी है

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00:49:59.710 --> 00:50:15.650
कि दिनप्रतिदिन जो भी जहाँ भी सेवा कर रहे हैं

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00:50:20.849 --> 00:51:07.019
वह अच्छी कर रहे हैं लेकिन स्व प्रति शान्ति की शक्ति जमा करने का , परिवर्तन करने का और अटेन्शन ।

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00:51:22.909 --> 00:51:54.000
अभी सारी दुनिया ढूंढ रही है कि आखिर विश्व परिवर्तक निमित्त कौन बनता है !

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00:51:59.940 --> 00:52:23.599
क्योंकि दिन प्रतिदिन दुःख और अशान्ति बढ़ रही है और बढ़नी ही है ।

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00:52:27.369 --> 00:53:01.940
तो भक्त अपने इष्ट को याद कर रहे हैं , कोई अति में जाके परेशानी से जी रहे हैं ।

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00:53:03.940 --> 00:53:11.940
धर्म गुरूओं के तरफ नज़र घुमा रहे हैं ।

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00:53:11.940 --> 00:53:35.480
और साइंस वाले भी अभी यही सोच रहे हैं कैसे करें , कब तक होगा ।

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00:53:36.400 --> 00:53:45.820
तो इन सबको जवाब देने वाले कौन ?

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00:53:55.539 --> 00:54:38.449
सबकी दिल में यही पुकार है कि आखिर भी गोल्डन मॉर्निंग कब आनी है ।

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00:54:44.800 --> 00:54:51.599
तो आप सभी लाने वाले हो ना !

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00:54:51.599 --> 00:54:53.940
हो ?

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00:54:53.940 --> 00:55:01.199
हाथ उठाओ जो समझते हैं , निमित्त हो ।

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00:55:01.199 --> 00:55:05.769
निमित्त हो ।

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00:55:06.909 --> 00:55:17.139
इतने सारे निमित्त हैं तो कितने समय में होना चाहिए !

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आप सभी भी खुश हो जाते हैं और बापदादा भी खुश हो जाते हैं ।

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00:55:57.480 --> 00:56:18.849
देखो यह गोल्डन चांस हर एक को गोल्डन प्रमाण प्राप्त होता है ।

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00:56:30.800 --> 00:56:50.340
अभी आपस में जैसे सर्विस की मीटिंग करते हो , प्राब्लम हल करने के लिए करते हो ना ।

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00:56:51.420 --> 00:57:05.369
ऐसे यह मीटिंग करो , यह प्लैन बनाओ ।

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00:57:20.800 --> 00:57:25.420
याद और सेवा ।

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00:57:25.420 --> 00:57:51.599
याद का अर्थ है शान्ति की पावर और वह प्राप्त होगी , जब आप टॉप की स्टेज पर होंगे ।

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00:57:55.599 --> 00:58:19.650
जैसे कोई टॉप स्थान होता है ना तो वहाँ खड़े हो जाओ तो कितना सारा स्पष्ट दिखाई देता है ।

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00:58:20.739 --> 00:58:33.599
ऐसे आपकी टॉप की स्टेज , सबसे टॉप क्या है !

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00:58:33.599 --> 00:58:38.280
परमधाम ।

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00:58:38.849 --> 00:58:57.309
बापदादा कहते हैं सेवा की और फिर टॉप की स्टेज पर बाप के साथ आकर बैठ जाओ ।

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00:58:57.309 --> 00:59:12.219
जैसे थक जाते हैं ना तो 5 मिनट भी कहाँ शान्ति से बैठ जाते हैं ना तो फर्क पड़ जाता है ना ।

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00:59:12.219 --> 00:59:25.650
ऐसे ही बीच-बीच में बाप के साथ आकर बैठ जाओ ।

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00:59:27.650 --> 00:59:37.650
और दूसरा टॉप का स्थान है सृष्टि चक्र को देखो ,

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00:59:37.650 --> 00:59:47.599
सृष्टि चक्र में टॉप स्थान कौन सा है ?

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00:59:49.599 --> 00:59:59.940
संगम पर आके सुई टॉप पर दिखाते हो ना ।

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01:00:07.250 --> 01:00:23.250
तो नीचे आये , सेवा की फिर टॉप स्थान पर चले जाओ ।

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01:00:58.219 --> 01:01:03.250
तो समझा क्या करना है ?

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01:01:04.280 --> 01:01:18.679
समय आपको पुकार रहा है या आप समय को समीप ला रहे हो ?

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01:01:20.679 --> 01:01:26.280
रचता कौन ?

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01:01:32.050 --> 01:01:41.710
तो आपस में ऐसे ऐसे प्लैन बनाओ ।

90
01:01:55.539 --> 01:01:59.599
अच्छा ।

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01:02:00.570 --> 01:02:12.619
बच्चों ने कहा आना ही है तो बाप ने कहा हाँ जी ।

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01:02:14.619 --> 01:03:00.280
ऐसे ही एक दो के बातों को , स्वभाव को , वृत्ति को समझते , हाँ जी , हाँ जी करने से संगठन की शक्ति साइलेन्स की ज्वाला प्रगट करेगी ।

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01:03:02.280 --> 01:03:07.769
ज्वालामुखी देखा है ना ।

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01:03:09.769 --> 01:03:30.909
तो यह संगठन की शक्ति शान्ति की ज्वाला प्रगट करेगी ।

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01:03:35.599 --> 01:03:39.480
अच्छा ।

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01:04:01.820 --> 01:04:55.019
महाराष्ट्र-आंध्रप्रदेश , बाम्बे का सेवा का टर्न है :- नाम ही महाराष्ट्र है ।

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01:04:59.480 --> 01:05:20.170
महाराष्ट्र को विशेष ड्रामानुसार गोल्डन गिफ्ट प्राप्त हुई है ।

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01:05:20.170 --> 01:05:26.280
कौन सी ?

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01:05:28.849 --> 01:05:45.480
ब्रह्मा बाप और माँ की पालना महाराष्ट्र को डायरेक्ट मिली है ।

100
01:05:52.449 --> 01:06:07.250
दिल्ली और यू पी में भी मिली है लेकिन महाराष्ट्र को ज्यादा ।

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01:06:12.849 --> 01:06:20.050
अभी महाराष्ट्र , महा तो हो ही ।

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01:06:20.050 --> 01:06:23.539
अभी क्या करना है !

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01:06:24.170 --> 01:06:36.969
महाराष्ट्र मिलके ऐसा प्लैन बनाओ , ऐसी मीटिंग करो

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01:06:36.969 --> 01:07:22.219
जिसमें सबके एक ही स्वभाव , एक ही संस्कार , एक ही सेवा का लक्ष्य , शान्ति की शक्ति कैसे फैलायें , उसके प्लैन बनाओ ।

105
01:07:23.480 --> 01:07:26.570
बनायेंगे ना !

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01:07:26.570 --> 01:07:29.309
बनायेंगे ?

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01:07:29.309 --> 01:07:42.340
अच्छा बापदादा को एक मास के बाद रिपोर्ट देंगे कि क्या प्लैन बनाया है !

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01:07:44.340 --> 01:07:58.909
आपके इस रूहरिहान से और भी एडीशन हो जायेगी ।

109
01:07:58.909 --> 01:08:17.649
भिन्न-भिन्न जोन हैं ना , तो वह भी एडीशन करेंगे उसमें घाट आप बनाओ और हीरे वह जोड़ेंगे ।

110
01:08:20.170 --> 01:08:22.449
है ना हिम्मत ।

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01:08:22.449 --> 01:08:26.909
टीचर्स हिम्मत है !

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01:08:28.909 --> 01:08:34.970
पहली लाइन हिम्मत है ?

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01:08:44.340 --> 01:08:57.079
संस्कार मिलन यह रास कौन सा जोन करेगा ?

114
01:09:09.199 --> 01:09:46.449
कोई जोन शुभ वृत्ति , शुभ दृष्टि और शुभ कृति यह कैसे हो , एक जोन यह उठाये ।

115
01:09:49.310 --> 01:10:39.939
दूसरा जोन - अगर कोई आत्मा स्वयं संस्कार परिवर्तन नहीं कर सकती है , चाहती भी है लेकिन कर नहीं पाती

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01:10:41.939 --> 01:11:34.220
तो उन्हों के प्रति क्या रहमदिल , क्षमा , सहयोग , स्नेह देकर कैसे अपने ब्राह्मण परिवार को शक्तिशाली बनायें इसका प्लैन बनायें ।

117
01:11:40.680 --> 01:11:45.369
यह हो सकता है ?

118
01:11:46.050 --> 01:11:49.079
हो सकता है ?

119
01:11:49.310 --> 01:11:57.140
पहली लाइन बताओ हो सकता है ?

120
01:11:57.140 --> 01:12:02.619
हाथ उठाओ हो सकता है ।

121
01:12:02.619 --> 01:12:11.250
क्योंकि पहली लाइन में सब महारथी बैठे हैं ।

122
01:12:13.250 --> 01:12:25.539
अभी बापदादा नाम नहीं सुनाते हैं , हर एक जोन को जो अच्छा लगे

123
01:12:28.279 --> 01:12:51.710
वह रूहरिहान कर फिर शिवरात्रि के बाद भी एक मास में रिजल्ट सुनायें ।

124
01:12:56.850 --> 01:13:11.600
महाराष्ट्र है ना और अच्छा है ।

125
01:13:11.600 --> 01:13:27.770
वृद्धि तो सब जगह हो रही है उसकी बापदादा मुबारक , मुबारक दे ही रहे हैं ।

126
01:13:31.819 --> 01:13:53.600
अभी जो किया उसकी तो मुबारक है लेकिन अभी क्वालिटी की वृद्धि करो ।

127
01:13:54.279 --> 01:14:05.140
क्वालिटी का अर्थ यह नहीं कि साहूकार हो ,

128
01:14:08.619 --> 01:14:29.649
क्वालिटी का मतलब है याद को नियम प्रमाण जीवन में सबूत बन करके दिखावे ।

129
01:14:30.800 --> 01:14:39.310
बाकी माइक और वारिस वह तो जानते ही हो ।

130
01:14:46.680 --> 01:15:05.310
निश्चयबुद्धि और निश्चिंत हो ।

131
01:15:07.310 --> 01:15:09.770
अच्छा ।

132
01:15:09.770 --> 01:15:52.850
डबल फारेनर्स उठो :- ( युगलों और कुमारियों की रिट्रीट विशेष चली है ) यह निशानी लगाके आये हैं ।

133
01:15:54.000 --> 01:15:58.800
अच्छा लगता है ।

134
01:15:59.649 --> 01:16:14.909
कुमारियां ऐसे घूम जाओ जो दूसरे देखें ।

135
01:16:17.539 --> 01:16:26.680
चक्र लगाओ ।

136
01:16:31.310 --> 01:16:35.199
अच्छा है ।

137
01:16:38.399 --> 01:16:55.479
सभी लक्की हैं लेकिन कुमारियां डबल लक्की हैं ।

138
01:16:56.109 --> 01:16:59.369
क्यों !

139
01:16:59.369 --> 01:17:25.649
ऐसे तो कुमार भी लक्की हैं लेकिन कुमारियों को अगर कुमारी जीवन में अमर रहती हैं

140
01:17:27.649 --> 01:17:39.939
तो बापदादा का गुरूभाई का तख्त मिलता है ।

141
01:17:44.000 --> 01:17:48.619
दिलतख्त तो है ही ।

142
01:17:48.619 --> 01:18:03.140
वह तो सभी को है लेकिन गुरू का तख्त है जहाँ बैठ करके मुरली सुनाते हैं ।

143
01:18:03.140 --> 01:18:08.680
टीचर बनके टीच करते हो ।

144
01:18:10.970 --> 01:18:35.710
इसीलिए बापदादा कहते हैं कि कुमारियां , कुमारियों के लिए गायन है कि 21 परिवार का उद्धार करने वाली हैं ।

145
01:18:36.970 --> 01:18:59.710
तो आपने अपना 21 जन्म का तो उद्धार किया लेकिन और जिन्हों के निमित्त बनती हो उन्हों का भी 21 जन्म का उद्धार किया ।

146
01:19:01.710 --> 01:19:04.800
तो ऐसी कुमारियां हो ना ।

147
01:19:04.800 --> 01:19:07.140
ऐसी हो ?

148
01:19:13.539 --> 01:19:15.710
पक्का ।

149
01:19:15.710 --> 01:19:20.399
जो थोड़ा थोड़ा कच्चा है वह हाथ उठाओ ।

150
01:19:20.399 --> 01:19:23.140
पक्के हैं ।

151
01:19:23.140 --> 01:19:28.739
आपने देखा पक्की कुमारियां हैं ।

152
01:19:28.739 --> 01:19:32.970
पक्की हैं !

153
01:19:34.109 --> 01:19:41.880
मोहि नी बहन ( न्युयार्क ) बतायें पक्की हैं ।

154
01:19:41.880 --> 01:19:47.369
कुमारियों का ग्रुप पक्का है ।

155
01:19:47.880 --> 01:19:54.170
इनकी टीचर कौन !

156
01:19:56.170 --> 01:20:38.340
( मीरा बहन ) पक्का तो ताली बजाओ ।

157
01:20:46.800 --> 01:20:56.850
बापदादा को भी खुशी है ।

158
01:20:58.850 --> 01:21:04.220
अच्छा ।

159
01:21:07.600 --> 01:21:32.569
( यह कुमारियों की आठवीं रिट्रीट है - इनका विषय था अपनेपन का अनुभव , 30 देशों की 80 कुमारियां आई हैं , सबने अपनेपन का बहुत अच्छा अनुभव किया ) मुबारक हो ।

160
01:22:01.079 --> 01:22:09.939
यह तो कुमारियां हुई , आप सब कौन हो ?

161
01:22:09.939 --> 01:22:23.539
आप कहो यह तो कुमारियां हैं हम ब्रह्माकुमार और ब्रह्मा कुमारियां हैं ।

162
01:22:27.079 --> 01:22:31.939
आप भी कम नहीं हैं ।

163
01:22:33.140 --> 01:22:39.880
यह कुमारों का ग्रुप है , मिला हुआ ग्रुप है ।

164
01:22:41.880 --> 01:22:44.739
अच्छा है ।

165
01:22:44.739 --> 01:23:27.420
युगलों को कौन सा नशा है ?

166
01:23:27.420 --> 01:23:32.739
एकस्ट्रा नशा ।

167
01:23:32.739 --> 01:23:36.170
मालूम है ।

168
01:23:38.170 --> 01:23:53.770
जबसे प्रवृत्ति वाले इस नॉलेज को धारण करने लगे हैं

169
01:23:53.770 --> 01:24:09.420
तो मैजारिटी अभी लोगों में हिम्मत आई है कि हम भी कर सकते हैं ।

170
01:24:09.420 --> 01:24:22.449
पहले समझते थे कि ब्रह्माकुमारियां बनना अर्थात् सब कुछ छोड़ना

171
01:24:22.449 --> 01:24:39.199
लेकिन अभी समझते हैं कि ब्रह्माकुमार कुमारी बनके परिवार व्यवहार सब चल सकता है ।

172
01:24:40.619 --> 01:25:04.399
और युगलों की एक विशेषता और है , उन्होंने महात्माओं को भी चैलेन्ज की है

173
01:25:08.970 --> 01:25:29.310
कि हम साथ रहते , व्यवहार करते , हमारा परमार्थ श्रेष्ठ है ।

174
01:25:29.310 --> 01:25:33.250
विजयी हैं ।

175
01:25:33.250 --> 01:25:47.140
तो विजय की हिम्मत दिलाना यह युगलों का काम है ।

176
01:25:47.479 --> 01:25:59.420
इसीलिए बापदादा युगलों को भी मुबारक देते हैं ।

177
01:26:00.279 --> 01:26:03.250
ठीक है ना ।

178
01:26:03.710 --> 01:26:09.819
चैलेन्ज करने वाले हो ना , पक्का ।

179
01:26:09.819 --> 01:26:18.399
कोई आके सी आई डी करे , तो करने दो ।

180
01:26:18.399 --> 01:26:22.340
कहो करने दो ।

181
01:26:24.340 --> 01:26:26.399
है ताकत ?

182
01:26:26.399 --> 01:26:28.399
है ?

183
01:26:28.399 --> 01:26:30.399
हाथ उठाओ ।

184
01:26:32.850 --> 01:26:36.340
अच्छा ।

185
01:27:23.140 --> 01:27:48.279
बापदादा सदा ही डबल फारेनर्स को हिम्मत वाले समझते हैं ।

186
01:27:48.279 --> 01:27:51.369
क्यों ?

187
01:27:51.369 --> 01:28:08.510
बापदादा ने देखा है कि काम पर भी जाते , क्लास भी करते , कई क्लास भी कराते

188
01:28:08.510 --> 01:28:19.600
लेकिन आलराउन्ड सेन्टर की सेवा में भी मददगार बनते हैं ।

189
01:28:20.109 --> 01:28:42.279
इसीलिए बापदादा टाइटल देते हैं यह है आलराउण्ड ग्रुप ।

190
01:28:47.939 --> 01:28:49.770
अच्छा ।

191
01:28:49.770 --> 01:29:02.850
ऐसे ही आगे बढ़ते रहना और औरों को भी आगे बढ़ाते रहना ।

192
01:29:02.850 --> 01:29:06.569
अच्छा ।

193
01:29:08.569 --> 01:29:34.510
ग्राम विकास प्रभाग की मीटिंग चल रही है :- अच्छा सुनाया था ।

194
01:29:34.510 --> 01:29:38.220
कोई नवीनता कर रहे हैं ना ।

195
01:29:38.220 --> 01:29:42.000
कर रहे हैं कोई नवीनता ।

196
01:29:42.850 --> 01:29:45.649
क्या कर रहे हैं !

197
01:29:45.649 --> 01:29:50.970
कोई भी बताये ।

198
01:29:52.340 --> 01:30:56.680
( मोहिनी बहन ने सुनाया , योग के प्रयोग के साथ जैविक खेती करने का प्लैन बनाया है ) अच्छा है , क्योंकि आजकल जो खेती से निकलता है उसमें भी प्राब्लम्स हैं ।

199
01:30:57.479 --> 01:31:00.399
तो अच्छा कार्य किया है ।

200
01:31:00.399 --> 01:31:10.909
एक अपना फायदा योग करेंगे और दूसरा जनता की दुआयें मिलेंगी ।

201
01:31:10.909 --> 01:31:13.479
तो अच्छा कर रहे हैं ।

202
01:31:13.479 --> 01:31:22.170
उमंग उत्साह से कर रहे हैं और करते रहना ।

203
01:31:22.170 --> 01:31:28.399
अच्छा - मुबारक हो ।

204
01:31:31.250 --> 01:31:45.880
अच्छा जो आज नये पहली बार आये हैं वह उठो ।

205
01:32:02.170 --> 01:32:07.770
आधा क्लास नया है ।

206
01:32:08.000 --> 01:32:23.880
तो आप सबको मधुबन आने की विशेष खुशी होगी , खुशियों की मुबारक हो ।

207
01:32:23.880 --> 01:32:49.880
और बापदादा सदा सभी को यही कहते कि अमर भव का वरदान सदा अमृतवेले रिवाइज करते रहना ।

208
01:32:50.800 --> 01:33:13.880
यहाँ बाप का वरदान तो मिलता है लेकिन समय पर वरदान काम में तब आयेगा जब रोज रिवाइज करते रहो ।

209
01:33:14.220 --> 01:33:25.310
तो रिवाइज करते रहना और आगे से आगे बढ़ते रहना ।

210
01:33:25.310 --> 01:33:31.250
अच्छा ।

211
01:33:39.369 --> 01:34:21.369
बाकी सभी जो भी आये हैं तो बापदादा आप सभी के बहुत-बहुत प्यार भरे आह्वान से शरीर को चला रहे हैं ।

212
01:34:25.420 --> 01:34:28.569
अच्छा । टीचर्स ।

213
01:34:28.569 --> 01:34:34.800
टीचर्स ठीक हैं ।

214
01:34:36.800 --> 01:34:41.539
बहुत हैं टीचर्स ।

215
01:35:15.710 --> 01:35:20.510
अच्छा पुरानी भी उठ रही हैं ।

216
01:35:20.510 --> 01:35:34.970
अच्छा है देखो , बाप समान टाइटल आपको भी है ।

217
01:35:34.970 --> 01:36:02.510
बाप भी टीचर बन करके आता है तो टीचर माना स्व अनुभव के आधार से औरों को भी अनुभवी बनाना ।

218
01:36:03.140 --> 01:36:09.880
अनुभव की अथॉरिटी सबसे ज्यादा है ।

219
01:36:09.880 --> 01:36:25.079
अगर एक बार भी कोई बात का अनुभव कर लेते हैं , जीवन भर नहीं भूलता है ।

220
01:36:25.369 --> 01:36:40.850
सुनी हुई बात , देखी हुई बात भूल जाती है लेकिन अनुभव की हुई बात कभी भी भूलती नहीं हैं ।

221
01:36:41.250 --> 01:36:49.310
तो टीचर्स अर्थात् अनुभवी बन अनुभवी बनाना ।

222
01:36:49.310 --> 01:36:54.000
यही काम करते हो ना ।

223
01:36:54.000 --> 01:36:57.310
अच्छा है ।

224
01:36:57.819 --> 01:37:11.649
जो भी अनुभव में कमी हो ना , वह एक मास में भर देना ।

225
01:37:13.649 --> 01:37:19.140
फिर बापदादा रिजल्ट मंगायेंगे ।

226
01:37:21.140 --> 01:37:24.909
अच्छा ।

227
01:37:32.739 --> 01:38:02.050
अभी चारों ओर के बापदादा के दिलतख्तनशीन और विश्व राज्य के तख्तनशीन ,

228
01:38:03.199 --> 01:38:39.199
सदा अपने साइलेन्स की शक्ति को आगे बढ़ाते और औरों को भी आगे बढ़ाने का उमंग-उत्साह देने वाले ,

229
01:38:49.020 --> 01:39:03.600
सदा खुश रहने वाले और सबको खुशी की गिफ्ट देने वाले

230
01:39:03.600 --> 01:39:29.819
चारों ओर के बापदादा के लक्की और लवली बच्चों को बापदादा का यादप्यार और दुआयें , नमस्ते ।

