WEBVTT

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आज नव जीवन देने वाले बाप अपने चारों ओर के नव जीवन धारण करने वाले बच्चों को देख हर्षित हो रहे हैं ।

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यह नव जीवन है ही नव युग बनाने के लिए ।

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00:14:41.200 --> 00:15:27.250
लोग नव वर्ष मनाते हैं और आप सभी नव जीवन वाले बच्चे सभी आत्माओं को बधाईयां भी देते हो

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00:15:30.620 --> 00:16:00.279
और साथ में यही खुशखबरी देते हो नव युग आया कि आया ।

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00:16:05.370 --> 00:16:36.850
आप सभी बच्चों को तो बाप ने वर्से के रूप में गोल्डन दुनिया की गिफ्ट दे दी है ।

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जिस गोल्डन दुनिया में अनेक गोल्डन सौगातें है ही हैं ।

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00:17:13.250 --> 00:17:27.480
आप सभी को यही नशा है ना

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00:17:29.480 --> 00:17:54.000
कि यह गोल्डन दुनिया की सौगात तो हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है ।

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00:17:59.769 --> 00:18:30.049
आज की दुनिया में कोई किसको कितनी भी बड़े ते बड़ी सौगात दे , तो बड़े ते बड़ा क्या देंगे , ताज वा तख्त ।

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00:18:30.049 --> 00:18:50.450
लेकिन आपके गोल्डन दुनिया की गिफ्ट के आगे वह क्या चीज़ है ?

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00:18:50.450 --> 00:18:55.819
कोई बड़ी चीज़ है !

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आपके दिल में खुशी है कि हमारे बाप ने हमें सबसे ऊंचे ते ऊंची नव युग की गिफ्ट दे दी है ।

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निश्चय है और निश्चित है ।

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यह भावी कोई टाल नहीं सकता ।

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यह अटल निश्चय सदा स्मृति में रहता है !

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00:20:31.369 --> 00:20:44.849
सदा रहता है वा कभी-कभी कम हो जाता है ?

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00:20:47.250 --> 00:21:06.400
जन्म सिद्ध अधिकार है तो जन्म सिद्ध अधिकार कभी टल नहीं सकता ।

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00:21:07.769 --> 00:21:29.420
तो आज आप सभी अलग-अलग स्थानों से नया वर्ष मनाने आये हो ।

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00:21:40.849 --> 00:22:10.569
लेकिन यह नया वर्ष भी मना रहे हो तो इस नये वर्ष का लक्ष्य क्या रखा है ?

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00:22:11.140 --> 00:22:26.970
इस नये वर्ष में क्या विशेष करना है ?

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00:22:28.970 --> 00:23:03.369
इस नये वर्ष की विशेषता है कि बाप समान सम्पन्न और सम्पूर्ण बनना ही है ।

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00:23:05.650 --> 00:23:33.369
कुछ भी पुरूषार्थ करना पड़े लेकिन निश्चित है कि बाप समान बनना ही है ।

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00:23:34.400 --> 00:23:46.339
बोलो , सबके मन में यही पक्का संकल्प है ना !

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00:23:46.339 --> 00:23:48.339
है ?

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00:23:48.339 --> 00:23:54.279
कांध हिलाओ ।

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00:23:59.250 --> 00:24:17.539
बाप भी यही चाहते हैं कि हर एक बच्चा बाप समान बने ।

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00:24:22.450 --> 00:24:35.140
बाप तो बाप है लेकिन बच्चे बाप से भी ऊंचे हैं ।

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00:24:46.170 --> 00:25:16.619
तो बाप समान बनने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बाप को फॉलो करना पड़े ।

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00:25:23.250 --> 00:25:47.539
सोचो , बाप , ब्रह्मा बाप सम्पूर्ण कैसे बना ?

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00:25:49.539 --> 00:25:56.910
उनकी क्या विशेषता रही ?

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00:26:07.420 --> 00:26:19.599
सम्पूर्णता का विशेष आधार क्या रहा ?

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00:26:26.680 --> 00:26:48.109
ब्रह्मा बाप ने अपना हर समय सफल किया ।

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00:26:50.680 --> 00:27:12.740
श्वांस-श्वांस , सेकण्ड-सेकण्ड सफल किया ।

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00:27:14.000 --> 00:27:34.680
तो बाप समान बनने के लिए इस वर्ष का लक्ष्य क्या रखेंगे ?

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00:27:38.619 --> 00:27:53.880
सफल करना है और सफलतामूर्त बनना ही है ।

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00:27:58.849 --> 00:28:11.599
सफलता हमारे गले का हार है ।

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00:28:15.369 --> 00:28:32.170
सफलता हमारे बाप का वर्सा है ।

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00:28:38.799 --> 00:29:47.079
तो इस लक्ष्य से चेक करना - हर दिन अपने आपको चेक करना है कि सफलतामूर्त बन समय, श्वांस,खज़ाने, शक्तियां, गुण सब सफल किया?

39
00:29:50.339 --> 00:30:11.769
क्योंकि अभी की सफलता से भविष्य भी जमा होता है ।

40
00:30:13.769 --> 00:30:34.849
21 जन्म जो भी सफल अभी किया , उसका फल जमा होता है ।

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00:30:34.849 --> 00:30:58.680
जानते हो ना , पहले भी सुनाया है कि अगर आप समय सफल करते हो

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00:30:58.680 --> 00:31:26.910
तो भविष्य में भी आपको राज्य भाग्य का फुल समय , राज्य भाग्य की प्राप्ति होती है ।

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00:31:26.910 --> 00:31:44.170
श्वांस सफल करते हो तो 21 जन्म स्वस्थ रहेंगे ।

44
00:31:46.170 --> 00:32:07.369
कभी भी कोई भी स्वास्थ्य में कमी नहीं रहेगी

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00:32:10.799 --> 00:32:39.599
और साथ में जो खज़ाने जमा करते हो , सबसे बड़ा खज़ाना है ज्ञान का , ज्ञान का अर्थ है समझ ।

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00:32:41.309 --> 00:33:04.849
तो ज्ञान का खज़ाना सफल करने से भविष्य में आप ऐसे समझदार बन जाते हैं

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00:33:05.250 --> 00:33:14.619
जो आपको कोई वजीरों की राय नहीं लेनी पड़ती है ।

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00:33:15.940 --> 00:33:42.000
स्वयं ही राज्य अखण्ड , अटल चलाते हो और आपके राज्य में कोई विघ्न नहीं ।

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00:33:42.000 --> 00:33:50.279
निर्विघ्न अखण्ड , अटल है ।

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00:33:52.910 --> 00:34:04.970
यह है ज्ञान का खज़ाना जमा करने का फल ।

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00:34:06.049 --> 00:34:29.769
एक जन्म सफल किया और अनेक जन्म सफलता का फल खाते हो ।

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00:34:34.110 --> 00:34:59.309
ऐसे ही शक्तियां जो प्राप्त हैं उनको स्व प्रति वा दूसरों के प्रति सफल करते हो

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00:35:02.969 --> 00:35:24.909
तो भविष्य में आपके राज्य में सर्व शक्तियां हैं , कभी शक्ति कम नहीं होती ।

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00:35:24.909 --> 00:35:32.219
कोई भी शक्ति की कमी नहीं है ।

55
00:35:38.969 --> 00:36:17.139
ऐसे ही अगर गुण दान करते हो तो आपका अन्तिम जन्म , 84 जन्म जो जड़ चित्र बनाते हैं

56
00:36:17.139 --> 00:36:27.710
उसमें लास्ट तक आपकी महिमा क्या करते हैं ?

57
00:36:28.110 --> 00:36:35.940
सर्वगुण सम्पन्न ।

58
00:36:42.739 --> 00:37:07.420
तो एक-एक सफलता की प्राप्ति के अनेक जन्म के अधिकारी बन जाते हो ।

59
00:37:08.969 --> 00:37:12.570
तो इस वर्ष क्या करना है ?

60
00:37:12.570 --> 00:37:28.679
लक्ष्य रखना है एक श्वांस , एक सेकण्ड भी असफल नहीं हो ।

61
00:37:28.679 --> 00:37:33.420
जमा करना है ।

62
00:37:34.619 --> 00:37:54.400
जमा का समय एक छोटा सा जन्म और फल का समय 21 जन्म ,

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00:37:56.400 --> 00:38:07.420
तो इस वर्ष में बाप समान बनने का लक्ष्य है ?

64
00:38:07.420 --> 00:38:13.599
सभी को लक्ष्य है कि बाप समान बनना ही है ?

65
00:38:13.599 --> 00:38:18.110
बनना नहीं है , बनना ही है ।

66
00:38:22.619 --> 00:38:29.710
बनना ही है अण्डरलाइन ।

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00:38:34.110 --> 00:38:37.309
अच्छा । बच्चे भी बनेंगे ?

68
00:38:37.309 --> 00:38:41.940
छोटे छोटे बच्चे भी बनेंगे ।

69
00:38:46.969 --> 00:38:50.800
अच्छा लगता है बच्चों का ताज ।

70
00:38:50.800 --> 00:38:56.800
( सभी बच्चों ने ताज पहना हुआ है ) बहुत अच्छा लगता है ।

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00:39:00.849 --> 00:39:34.909
तो इस वर्ष का लक्ष्य भी रखा और साथ में बाप को फॉलो करने का मन्त्र , सफल कर सफलता मूर्त बनना है ।

72
00:39:38.969 --> 00:40:00.219
इसके लिए ज्यादा मेहनत करने की बापदादा बच्चों को तकलीफ भी नहीं देते हैं ,

73
00:40:02.400 --> 00:40:22.219
बहुत सहज विधि बताते हैं , सहज विधि क्या है ?

74
00:40:27.369 --> 00:40:51.820
जो भी संकल्प करो , पहले चेक करो बाप का यह संकल्प रहा !

75
00:40:53.820 --> 00:41:04.849
बोल बोलते हो चेक करो , बाप समान बनना है ना !

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00:41:07.880 --> 00:41:41.769
तो संकल्प , बोल और कर्म , सम्बन्ध-सम्पर्क पहले सोचो , चेक करो बाप का यह रहा ?

77
00:41:42.510 --> 00:41:51.820
और ऐसा ही स्वरूप बनो ।

78
00:41:53.820 --> 00:42:02.510
ब्रह्मा बाप को फॉलो करो ।

79
00:42:06.050 --> 00:42:11.940
फॉलो फादर तो गाया हुआ है ना !

80
00:42:13.940 --> 00:42:27.309
कई बच्चे बहुत अच्छे अच्छे खेल दिखाते हैं ।

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00:42:29.309 --> 00:42:34.280
पता है कौन से खेल दिखाते हैं ?

82
00:42:48.739 --> 00:42:56.219
फॉलो नहीं करते लेकिन क्या कहते हैं ?

83
00:42:56.340 --> 00:43:04.000
चाहता तो नहीं था , हो गया ।

84
00:43:10.909 --> 00:43:20.909
पहले सोच के , सिर्फ सोचो नहीं स्वरूप बनो ।

85
00:43:26.219 --> 00:43:45.139
अगर स्वरूप बन जायेंगे तो यह नहीं कहेंगे सोचा नहीं था लेकिन हो गया ।

86
00:43:52.340 --> 00:44:07.139
करने वाला , सोचने वाला आप श्रेष्ठ आत्मायें हो , मालिक हो ।

87
00:44:11.309 --> 00:44:29.079
हो गया का अर्थ है कर्मेन्द्रियों के ऊपर कन्ट्रोल नहीं ।

88
00:44:36.110 --> 00:45:22.849
तो इस वर्ष में यही स्लोगन याद रखना बाप समान करना ही है , बनना ही है ।

89
00:45:22.849 --> 00:45:27.079
मुश्किल तो नहीं है ना ?

90
00:45:27.079 --> 00:45:35.309
जैसे बाप ने किया वैसे करना है ।

91
00:45:37.880 --> 00:45:49.820
कापी करना तो सहज है ना , सोचने की जरूरत ही नहीं है ।

92
00:45:53.769 --> 00:46:13.880
और निश्चित है कि आप सभी को जैसे बाप , ब्रह्मा बाप फरिश्ता बना

93
00:46:14.619 --> 00:46:25.139
तो निश्चित है फरिश्ता सो देवता बनना ही है ।

94
00:46:26.170 --> 00:46:39.420
तो आपको भी फरिश्ता सो देवता बनना ही है ।

95
00:46:47.650 --> 00:47:05.079
कई बच्चे कहते हैं कि चलते-चलते आपोजीशन बहुत होती है ,

96
00:47:05.940 --> 00:47:19.940
तो आपोजीशन के कारण पोजीशन से नीचे आ जाते हैं ।

97
00:47:21.199 --> 00:48:00.050
लेकिन याद करो बाप समान बनना है तो स्थापना के आदि में ब्रह्मा बाप ने कितने आपोजीशन को पोजीशन में परिवर्तन किया ?

98
00:48:06.849 --> 00:48:15.019
हर बात नई , चैलेन्ज थी ।

99
00:48:17.019 --> 00:48:21.079
अभी तो बहुत जमाना बदल गया है

100
00:48:21.079 --> 00:49:02.849
लेकिन अकेला ब्रह्मा बाप कितना स्वमान की सीट पर बैठ पोजीशन द्वारा आपोजीशन का सामना किया ।

101
00:49:03.769 --> 00:49:17.369
जहाँ पोजीशन है वहाँ आपोजीशन कुछ नहीं कर सकती ।

102
00:49:21.710 --> 00:49:25.940
पहले क्या कहते थे ?

103
00:49:25.940 --> 00:49:34.849
धमाल कर रहे हैं और अभी क्या कहते हैं ?

104
00:49:34.849 --> 00:49:39.650
कमाल कर रहे हैं ।

105
00:49:42.449 --> 00:49:47.599
इतना फर्क हो गया ।

106
00:49:49.019 --> 00:49:52.800
कारण क्या ?

107
00:49:54.000 --> 00:50:34.849
ब्रह्मा बाप ने स्वयं स्वमान की सीट और दृढ़ निश्चय के शस्त्रों द्वारा आपोजीशन को समाप्त किया ।

108
00:50:49.940 --> 00:50:54.849
तो आप इस वर्ष में क्या करेंगे ?

109
00:50:55.539 --> 00:51:12.000
समान बनना है ना , तो सदा अगर आपोजीशन होती भी है

110
00:51:13.369 --> 00:51:34.969
तो स्वमान की सीट पर बैठ जाओ तो आपोजीशन , पोजीशन में बदल जाये ।

111
00:51:39.079 --> 00:51:42.280
है हिम्मत ?

112
00:51:42.280 --> 00:51:55.199
ब्रह्मा बाप समान बनना ही है , उसमें तो हाथ उठाया , लेकिन इतनी हिम्मत है ?

113
00:51:56.170 --> 00:52:33.880
पहले स्व के परिवर्तन का , फिर है अनेक सम्बन्ध-सम्पर्क वाली आत्मायें और फिर विश्व की आत्मायें ।

114
00:52:37.139 --> 00:53:19.820
इन सबको अपने मन्सा शुभ भावना , शुभ कामना द्वारा , दृढ़ संकल्प द्वारा परिवर्तन करना ।

115
00:53:26.449 --> 00:53:47.420
तो इस वर्ष में बापदादा विशेष एक शक्ति का वरदान भी दे रहे हैं ।

116
00:53:49.820 --> 00:54:14.739
मेरा बाबा दिल से कहेंगे तो शक्ति हाजिर , ऐसे ही मेरा बाबा नहीं , दिल से कहा , अधिकार रखा , मेरा बाबा

117
00:54:15.710 --> 00:54:26.679
और शक्ति आपके आगे हाजिर हो जायेगी ।

118
00:54:28.679 --> 00:54:32.679
वह कौन सी शक्ति ?

119
00:54:32.679 --> 00:54:39.650
परिवर्तन की शक्ति ।

120
00:54:47.650 --> 00:55:09.309
परिवर्तन की शक्ति में विशेष निगेटिव को पॉजिटिव में चेंज करो ।

121
00:55:13.079 --> 00:55:50.909
निगेटिव संकल्प , निगेटिव चलन को देखते हुए पॉजिटिव में चेंज करो ।

122
00:55:52.909 --> 00:56:27.769
पॉजिटिव देखना , बोलना , करना , सिर्फ शुभ भावना और शुभ कामना द्वारा सहज हो जायेगा

123
00:56:28.219 --> 00:57:09.710
क्योंकि यह आपोजीशन आयेगी , लेकिन आपके परिवर्तन की शक्ति आपको सहज सफलता दिलायेगी ।

124
00:57:13.710 --> 00:57:42.000
तो समझा इस वर्ष का विशेष वरदान परिवर्तन शक्ति को दृढ़ संकल्प से कार्य में लगाना ।

125
00:57:44.000 --> 00:57:49.710
कर सकते हो ना परिवर्तन ?

126
00:57:53.019 --> 00:58:01.820
चैलेन्ज है आपकी , याद है ना !

127
00:58:03.420 --> 00:58:10.849
विश्व परिवर्तक हो ना !

128
00:58:14.619 --> 00:58:56.679
जब टाइटिल ही विश्व परिवर्तक का है तो क्या स्व को परिवर्तन करना मुश्किल है क्या !

129
00:58:57.710 --> 00:59:27.199
दिल में कोई भी मुश्किल बात आये , वैसे मुश्किल बात नहीं होती लेकिन आप बना देते हो ।

130
00:59:27.199 --> 00:59:38.400
मास्टर सर्वशक्तिवान उसके आगे मुश्किल क्या है ?

131
00:59:38.400 --> 00:59:49.880
लेकिन आप एक गलती करते हो और मुश्किल बना देते हो ।

132
00:59:51.880 --> 01:00:07.199
जैसे देखो अचानक यहाँ अंधकार हो जाता है

133
01:00:08.739 --> 01:00:24.619
तो अगर कोई गलती से अंधकार को भगाने लगे तो अंधकार भागेगा ?

134
01:00:26.050 --> 01:00:44.909
सही विधि है आप रोशनी का स्विच ऑन करो तो अंधकार सेकण्ड में भाग जायेगा ।

135
01:00:49.710 --> 01:01:14.280
तो आप भी यह गलती करते हो जो बात हो गई ना , उसके क्यूं , क्या , कब कैसे … इस क्यू क्यूं में चले जाते हो ।

136
01:01:16.280 --> 01:01:28.570
छोटी सी बात बड़ी कर देते हो और बड़ी बात तो मुश्किल होती है ।

137
01:01:28.570 --> 01:01:35.880
छोटी बात कर लो तो सहज हो जाये ।

138
01:01:38.969 --> 01:02:04.909
बाप ने कोई भी शक्ति को कार्य में लगाने की विधि बहुत सहज बताई है -

139
01:02:07.480 --> 01:02:25.019
अपने मास्टर सर्वशक्तिवान हूँ , इस स्मृति की सीट पर बैठ जाओ ,

140
01:02:25.599 --> 01:02:34.050
अगर इस सीट पर बैठेंगे तो अपसेट नहीं होंगे ।

141
01:02:34.619 --> 01:02:46.909
बिना सीट के अपसेट होते हैं , सीट है तो अपसेट नहीं होंगे ।

142
01:02:49.710 --> 01:03:10.000
63 जन्म के संस्कार इमर्ज हो जाते हैं ।

143
01:03:12.000 --> 01:03:15.139
63 जन्म क्या रहा ?

144
01:03:15.139 --> 01:03:24.449
अभी अभी सेट , अभी अभी अपसेट ।

145
01:03:28.619 --> 01:03:44.050
तो सदा स्वमान की सीट पर सेट रहो ।

146
01:03:54.800 --> 01:03:59.940
और इस वर्ष में क्या करेंगे ?

147
01:04:00.849 --> 01:04:10.800
नये वर्ष में गिफ्ट तो सबको देंगे ना ।

148
01:04:10.800 --> 01:04:14.679
तो कौन सी गिफ्ट देंगे ?

149
01:04:15.769 --> 01:04:32.570
बधाई भी देंगे और साथ में गिफ्ट क्या देंगे ?

150
01:04:33.710 --> 01:04:38.739
गिफ्ट तो आपके पास बहुत है ।

151
01:04:38.739 --> 01:04:47.769
जितना देने चाहो उतना दे सकते हो ।

152
01:04:54.000 --> 01:05:21.199
स्थूल गिफ्ट तो अल्पकाल के लिए चलेगी लेकिन आप अविनाशी बाप समान बनने वाले अविनाशी गिफ्ट दो ।

153
01:05:22.619 --> 01:05:49.710
मन्सा द्वारा शक्तियों की गिफ्ट दो , वाचा द्वारा ज्ञान की गिफ्ट दो और कर्मणा द्वारा गुणों की गिफ्ट दो ।

154
01:05:50.400 --> 01:05:53.480
है ना सबके पास ?

155
01:05:53.480 --> 01:05:57.079
है तो कांध हिलाओ ।

156
01:05:59.079 --> 01:06:07.199
खज़ाने बहुत हैं ना , कम तो नहीं हैं ना ।

157
01:06:12.340 --> 01:06:26.849
कोई से भी कार्य में आओ , कार्य में तो आना पड़ेगा ना ।

158
01:06:32.449 --> 01:06:44.219
उसको खूब इस वर्ष में सौगातें दो ।

159
01:06:46.219 --> 01:06:49.880
लेकिन अविनाशी सौगात ।

160
01:06:49.880 --> 01:07:09.769
सुनाया ना कोई को भी खाली जाने नहीं दो , चाहे मन्सा की सौगात दो , चाहे वाणी की , चाहे कर्म की ।

161
01:07:12.909 --> 01:07:29.250
इसके लिए आपको सदा एक अटेन्शन रखना पड़ेगा ,

162
01:07:33.539 --> 01:07:57.820
हर समय मन्सा में शक्तियों का स्टाक इमर्ज रखना पड़ेगा , कितनी शक्तियां हैं ?

163
01:07:57.820 --> 01:08:02.510
लिस्ट तो है ना !

164
01:08:05.369 --> 01:08:33.939
वाचा के कारण सदा मन में मनन शक्ति , ज्ञान को मनन करने की शक्ति , स्मृति में रखनी पड़ेगी ।

165
01:08:33.939 --> 01:08:56.680
चलन में , चेहरे में , कर्म में , गुणों का स्वरूप बनना पड़ेगा ।

166
01:09:00.000 --> 01:09:18.619
सदा अपने को गुणमूर्त , ज्ञान मूर्त , शक्ति स्वरूप इमर्ज रखना पड़ेगा ।

167
01:09:24.449 --> 01:09:45.140
ऐसे नहीं शक्तियां तो हैं ही , ज्ञान तो है ही … लेकिन स्वरूप बनना पड़ेगा ।

168
01:09:50.170 --> 01:10:19.880
हर एक को ईश्वरीय परिवार की दृष्टि वृत्ति से देखना पड़ेगा ।

169
01:10:24.279 --> 01:10:49.880
इस वर्ष जब समान बनना ही है , उसमें हाथ उठा लिया है , बापदादा के वतन में सबका हाथ दिखाई दे देगा ।

170
01:10:49.880 --> 01:10:57.020
वहाँ यह छोटी टी वी नहीं है , बहुत बड़ी है ।

171
01:11:08.399 --> 01:11:21.369
एक सेकण्ड में सर्व सेन्टर्स की रिजल्ट को देख सकते हैं ।

172
01:11:27.479 --> 01:11:50.279
तो बापदादा आपका जो उमंग है , बाप समान बनना ही है , इसके लिए खुश है ।

173
01:11:55.479 --> 01:12:16.220
खुशनसीब हो , खुश चेहरे वाले हो , कभी रोब का चेहरा नहीं बनाना ।

174
01:12:16.220 --> 01:12:34.739
सदा खुश , कोई भी आपको चाहे जितना भी काम में बिजी हो , गलती को ठीक कर रहे हो , समझा रहे हो

175
01:12:35.199 --> 01:12:44.739
लेकिन रोब का चेहरा , बोल नहीं हो ।

176
01:12:44.739 --> 01:12:56.449
इस वर्ष में यह परिवर्तन करके दिखाओ ।

177
01:12:56.449 --> 01:13:00.909
प्राइज़ देंगे ।

178
01:13:01.710 --> 01:13:17.020
सारे वर्ष में जो सदा मुस्कराता रहेगा , कोई भी बात आये ,

179
01:13:17.649 --> 01:13:37.939
कई भाई बहिनें कहते हैं , रूहरिहान तो करते हैं ना सभी , तो कहते हैं अगर रोब से नहीं कहेंगे ना तो समझेगा नहीं ।

180
01:13:39.939 --> 01:13:43.649
बदलेगा ही नहीं ।

181
01:13:44.340 --> 01:14:04.569
पहले ही आपने भावना रख दी कि यह बदलेगा ही नहीं तो उसको आपका वायबे्रशन पहले ही पहुंच गया ।

182
01:14:13.479 --> 01:14:34.510
इसलिए इस वर्ष में क्रोध या बाल-बच्चा इसको विदाई देनी है ।

183
01:14:35.079 --> 01:14:39.880
हो सकता है ?

184
01:14:39.880 --> 01:14:42.569
रोब भी नहीं ।

185
01:14:42.569 --> 01:15:02.970
बाप पूछता है जो भी समय प्रति समय क्रोध करते हैं , काम बनाने के लिए , सुधारने के लिए , लेकिन वह सुधरता है ?

186
01:15:02.970 --> 01:15:07.939
क्रोध करने से कोई सुधरा है ?

187
01:15:07.939 --> 01:15:12.510
वह लिस्ट बताओ ।

188
01:15:15.250 --> 01:15:20.000
और ही चिढ़ जाता है , सुधरता नहीं है ।

189
01:15:20.000 --> 01:15:24.569
आपोजीशन करता है मन में ।

190
01:15:24.569 --> 01:15:39.819
अगर बड़ा है तो मन में आपोजीशन करता है , बोल तो सकता नहीं और छोटा है तो रोने लग जाता है ।

191
01:15:45.250 --> 01:16:04.449
तो इस वर्ष क्या-क्या करना है , वह सारा सुना रहे हैं ।

192
01:16:04.449 --> 01:16:08.000
पसन्द है ?

193
01:16:08.000 --> 01:16:10.000
करना है ?

194
01:16:10.000 --> 01:16:12.680
अभी हाथ उठाओ ।

195
01:16:12.680 --> 01:16:16.220
करना है ?

196
01:16:18.050 --> 01:16:22.279
यह टी वी वाले यह फोटो निकालो ।

197
01:16:22.279 --> 01:16:29.369
हाथ उठाओ , थोड़ा खड़ा रखो ।

198
01:16:30.399 --> 01:16:35.710
टी वी वाले निकाल रहे हैं ।

199
01:16:36.909 --> 01:17:00.800
बापदादा हर एक से जो भी बातें सुनाई हैं , इस वर्ष करनी है ,

200
01:17:00.800 --> 01:17:19.539
हर मास की लास्ट तारीख , हर एक अपना पोतामेल ,

201
01:17:22.279 --> 01:17:34.619
जो वरदान मिलता है छोटा सा , इसमें ओ के लिखो ।

202
01:17:35.420 --> 01:17:50.569
अगर जो भी बातें सुनाई , इन सभी बातों में दो बातें हुई , दो बातें नहीं हुई ,

203
01:17:50.569 --> 01:17:59.199
अगर नहीं हुई तो ओ के के बीच में लाइन लगाना ।

204
01:17:59.539 --> 01:18:06.109
बस इतना रिजल्ट लिखना , बड़ा कागज नहीं लिखना ।

205
01:18:06.109 --> 01:18:15.079
अगर बड़ा कागज लिखेंगे तो पढ़ने वाले का आधा टाइम तो इसमें जायेगा ।

206
01:18:15.079 --> 01:18:22.340
इसलिए ओ के लिखना छोटी सी चिटकी होगी ना तो सहज पढ़ सकेंगे ।

207
01:18:23.649 --> 01:18:35.420
तो ओ के लिखना और लाइन लगाना , सहज है ना !

208
01:18:35.420 --> 01:18:48.569
विशेष यह क्रोध का भूत जो है वह इस वर्ष भगाना है ।

209
01:18:49.479 --> 01:19:02.399
रोब भी नहीं , कई आंखों से भी क्रोध करते हैं , देखा है ?

210
01:19:04.970 --> 01:19:09.819
चेहरे से भी क्रोध करते हैं ।

211
01:19:19.880 --> 01:19:23.310
तो क्या करेंगे ?

212
01:19:24.340 --> 01:19:28.000
कुछ तो तलाक देंगे ना ।

213
01:19:28.000 --> 01:19:31.199
देंगे ?

214
01:19:31.199 --> 01:19:34.739
मधुबन वाले देंगे ?

215
01:19:35.420 --> 01:19:38.279
मधुबन वाले हाथ उठाओ ।

216
01:19:38.279 --> 01:19:43.140
अच्छा इतने बैठे हैं ।

217
01:19:43.649 --> 01:19:50.170
अच्छा यहाँ बैठे हैं ।

218
01:19:53.369 --> 01:20:17.310
तो पहले मधुबन वालों को बापदादा कहते हैं इसमें पहले मैं , पहले मधुबन से विदाई देंगे

219
01:20:17.600 --> 01:20:30.569
और मधुबन का प्रभाव सेन्टर पर भी आटोमेटिकली जायेगा ।

220
01:20:31.649 --> 01:20:39.539
मधुबन बीज है , तना है ।

221
01:20:42.170 --> 01:20:54.050
लेकिन आप सबकी परमानेंट एडे्रस कौन सी है ?

222
01:20:54.739 --> 01:20:57.649
मधुबन है ना ।

223
01:20:57.649 --> 01:21:04.739
तो आप समझ रहे हो सिर्फ मधुबन निवासी करेंगे ।

224
01:21:06.739 --> 01:21:12.000
आप सभी मधुबन निवासी हो ।

225
01:21:17.310 --> 01:21:32.510
क्योंकि परमानेंट एड्रेस आपकी मधुबन है , यह तो सेवा के लिए भिन्न-भिन्न स्थान पर गये हैं ।

226
01:21:33.819 --> 01:21:44.220
फारेन में जाने वाले अपने जन्म के गांव को भूलते हैं ?

227
01:21:45.369 --> 01:21:58.279
बापदादा ने देखा है फारेन से जो जिन्हों के इन्डिया में गांव हैं ,

228
01:21:58.279 --> 01:22:14.970
स्थान हैं , उन्होंने फारेन में रहते भी अपने जन्म भूमि , चाहे गांव है , चाहे शहर है

229
01:22:14.970 --> 01:22:32.449
लेकिन सेन्टर स्थापन किया है , बापदादा उन बच्चों को बहुत-बहुत पुण्य आत्मा का टाइटिल देते हैं ।

230
01:22:37.939 --> 01:22:51.649
कमाल की है और फिर पूछते भी रहते हैं कोई तकलीफ तो नहीं , ठीक है ।

231
01:22:51.649 --> 01:22:57.369
यह है पुण्य आत्मा का कर्तव्य ।

232
01:23:07.310 --> 01:23:11.939
परिवार है ।

233
01:23:15.020 --> 01:23:18.510
एक परिवार है ।

234
01:23:18.510 --> 01:23:24.850
दो परिवार नहीं हैं , एक परिवार है ।

235
01:23:25.420 --> 01:23:36.569
आज आप लण्डन में जाते हो , कोई भी कारण से , तो आप क्या कहेंगे ?

236
01:23:36.569 --> 01:23:42.800
हमारा सेन्टर है कि कहेंगे लण्डन वालों का है ?

237
01:23:42.800 --> 01:23:47.310
हमारा है ना !

238
01:23:52.000 --> 01:24:00.000
हमारा भाव का अर्थ यह नहीं कि वहाँ जाके रह जाओ ।

239
01:24:00.800 --> 01:24:14.000
वह तो बाबा ने हर एक को अपनी सेवा का स्थान दे दिया है ।

240
01:24:22.739 --> 01:24:26.619
तो सुना क्या करना है ?

241
01:24:26.619 --> 01:24:47.140
मधुबन वाले और सभी को अपना सर्टीफिकेट लेना है ।

242
01:24:57.649 --> 01:25:02.170
अच्छा ।

243
01:25:03.140 --> 01:25:12.800
बहुत काम दे दिया है ना लेकिन बापदादा आपका साथी है ,

244
01:25:12.800 --> 01:25:30.050
जहाँ भी मुश्किल आवे ना बस दिल से कहना , बाबा , मेरा बाबा , मेरा साथी आ जाओ , मदद करो ।

245
01:25:32.050 --> 01:25:37.140
तो बाबा भी बंधा हुआ है ।

246
01:25:37.140 --> 01:25:42.050
सिर्फ दिल से कहना ।

247
01:25:54.569 --> 01:26:09.310
क्योंकि समय और स्वयं दोनों को देखना है ।

248
01:26:11.310 --> 01:26:41.880
समय चैलेन्ज कर रहा है और आप माया को चैलेन्ज करो क्या करेगी ।

249
01:26:50.970 --> 01:27:22.170
तो समय के प्रमाण बापदादा देख रहे थे कि समय की रफ्तार इस समय तीव्र है ।

250
01:27:30.510 --> 01:27:41.600
तो समय को सामना कौन करेगा ? आप ही तो करेंगे ।

251
01:27:47.199 --> 01:28:15.079
बापदादा ने देखा कि दुःखियों की पुकार , भक्तों की पुकार , समय की पुकार इतना सुनते कम हैं ।

252
01:28:25.369 --> 01:28:44.000
बिचारे हिम्मतहीन हैं , उन्हों को पंख लगाओ तो उड़ तो सकें ।

253
01:28:44.000 --> 01:29:01.710
हिम्मत के पंख , उमंग-उत्साह के पंख लगाओ ।

254
01:29:05.310 --> 01:29:10.000
अच्छा ।

255
01:29:14.619 --> 01:29:44.909
बापदादा ने सब तरफ के आये हुए कार्ड , ईमेल , मुबारकें स्वीकार भी की और यहाँ भी देखी ।

256
01:29:49.020 --> 01:30:26.619
आपके दिल की मुबारकें बापदादा के लिए हीरों से भी पदमगुणा ज्यादा बापदादा ने स्वीकार की ।

257
01:30:30.279 --> 01:30:52.619
दूर बैठे हुए बच्चे बाप के तो दिल के सामने हैं ।

258
01:31:01.420 --> 01:31:17.020
बापदादा जब दृष्टि देते हैं तो सिर्फ इस हाल में नहीं देते ,

259
01:31:17.770 --> 01:31:44.340
बापदादा के सामने सभी स्थान के बच्चे , दिल के सामने हाजिर होते हैं ।

260
01:31:56.050 --> 01:32:27.140
तो पदमगुणा बधाईयां भी हैं और गोल्डन गिफ्ट तो बापदादा ने सभी बच्चों को अधिकारी बना ही दिया है ।

261
01:32:31.770 --> 01:32:44.220
जिस गोल्डन गिफ्ट में अनेक गिफ्ट समाई हुई हैं ।

262
01:32:45.369 --> 01:32:52.220
जो सोचो वह हाजिर ।

263
01:32:56.449 --> 01:33:27.939
यहाँ के हिसाब से तो 12 बजे न्यु ईयर शुरू होगा और हमारे लिए तो सदा नयनों में , दिल में क्या याद रहता है ?

264
01:33:29.939 --> 01:33:39.420
गोल्डन वर्ल्ड , अभी अभी आया कि आया ।

265
01:33:43.939 --> 01:33:47.649
ऐसे लगता है ना !

266
01:33:47.649 --> 01:34:02.449
आज यहाँ हैं बस थोड़े ही समय में अपनी दुनिया में जायेंगे ।

267
01:34:19.250 --> 01:34:23.770
अच्छा , अभी बोलो ।

268
01:34:28.050 --> 01:35:32.279
सेवा का टर्न दिल्ली और आगरा का है :- बहुत अच्छा , सुन्दर दृश्य दिखाई दे रहा है ।

269
01:35:38.109 --> 01:35:59.649
सेवा का पुण्य जमा करने से मन खुशी में नाचता रहता है ना !

270
01:36:02.170 --> 01:36:04.279
अच्छा ।

271
01:36:04.279 --> 01:36:07.020
टीचर्स भी बहुत हैं ।

272
01:36:07.020 --> 01:36:11.880
टीचर्स हाथ हिलाओ ।

273
01:36:14.970 --> 01:36:22.279
अच्छा है , संगठन अच्छा है ।

274
01:36:23.539 --> 01:36:28.340
अभी दिल्ली क्या करेगी ?

275
01:36:28.340 --> 01:36:52.000
पहले भी सुनाया कि यह मेला करना , प्रोग्राम करना , यह अभी कामन हो गया है ।

276
01:36:54.970 --> 01:37:09.369
रीति प्रमाण हो गया है , सीजन खत्म होती है और वर्गो का प्रोग्राम चालू होता है ।

277
01:37:12.399 --> 01:37:34.680
लेकिन अभी बापदादा ने दो बातों का इशारा दिया है

278
01:37:39.539 --> 01:37:57.020
वी आई पी की सेवा अच्छी की है , समय पर सहयोगी भी बन जाते हैं ,

279
01:38:01.649 --> 01:38:40.850
अच्छा सहयोग भी देते हैं लेकिन अभी ऐसे सहयोगी से वारिस बनाओ ।

280
01:38:42.220 --> 01:38:58.340
वैसे दिल्ली में भी जो बहुत समय की वारिस क्वालिटी निकली है

281
01:38:58.340 --> 01:39:34.279
लेकिन पहले , अभी माइक भी हो और वारिस क्वालिटी भी हो , सहयोगी नहीं , सहयोगी तो बनायेंगे ही , बन रहे हैं लेकिन वारिस क्वालिटी ।

282
01:39:34.279 --> 01:39:55.880
अभी चारों ओर से माइक भी हो , मददगार भी हो , लेकिन वारिस क्वालिटी हो ।

283
01:39:56.680 --> 01:40:15.649
भले गुप्त रहे लेकिन वारिस गुप्त रहते भी प्रत्यक्ष है ही ।

284
01:40:16.510 --> 01:40:42.739
ऐसा कोई ग्रुप कहाँ से भी निकले , किसी वर्ग का भी हो , देश का हो , विदेश का हो , कहाँ के भी हो

285
01:40:42.739 --> 01:40:56.909
लेकिन ऐसी क्वालिटी की चलो माला नहीं , कंगन तो बनाओ ।

286
01:41:04.220 --> 01:41:33.539
और वैसे भी जो पहले जमाने में फटाफट वारिस निकले हैं , वैसे अभी और सब क्वालिफिकेशन हैं

287
01:41:33.539 --> 01:42:04.569
लेकिन वारिस क्वालिटी हर श्रीमत , हर डायरेक्शन पर मन से गुप्त रूप से भी चलने वाले ।

288
01:42:06.569 --> 01:42:45.880
बापदादा की यह आशा है कि ऐसे कोई निमित्त बनें जो भिन्न-भिन्न स्थान से भी ग्रुप बनावें ।

289
01:42:50.909 --> 01:43:04.680
यह नवीनता कोई भी सेन्टर है या वर्ग है , करके दिखावे ।

290
01:43:07.539 --> 01:43:24.449
सहयोगी हैं बापदादा जानते हैं , समय पर सहयोग दे देते हैं लेकिन वारिस हो ।

291
01:43:24.449 --> 01:43:29.020
चाहे गुप्त हो ।

292
01:43:31.539 --> 01:43:35.600
दिल्ली क्या करेगी ?

293
01:43:36.170 --> 01:43:40.739
ऐसा कंगन तैयार करेगी ?

294
01:43:41.250 --> 01:43:50.109
बापदादा माला नहीं कह रहे हैं कंगन बनाके लाये ।

295
01:43:51.539 --> 01:43:58.220
इस वर्ष में कोई कमाल करके दिखाओ ना ।

296
01:43:58.220 --> 01:44:14.000
चाहे फारेन से निकले , चाहे भारत से निकले , हो सकता है ना !

297
01:44:14.000 --> 01:44:16.449
हो सकता है !

298
01:44:16.449 --> 01:44:22.279
टीचर्स बोलो हो सकता है ?

299
01:44:23.770 --> 01:44:26.619
हाथ उठाओ । दिल्ली वाले ।

300
01:44:26.619 --> 01:44:29.250
वाह !

301
01:44:29.250 --> 01:44:33.199
बापदादा मुबारक देते हैं ।

302
01:44:33.199 --> 01:44:52.449
हिम्मत अच्छी रखी , अभी हिम्मत की मुबारक देते हैं और जब प्रैक्टिकल करेंगे ना तो फिर कौन सी मुबारक देंगे ?

303
01:44:54.449 --> 01:44:59.880
वाह ! मुरबी बच्चे वाह !

304
01:45:01.880 --> 01:45:27.140
कोई भी करे , बाम्बे करे , महाराष्ट्र करे , आंध्र करे , कोई भी करे , मधुबन करे , ठीक है ना !

305
01:45:29.140 --> 01:45:46.399
अच्छा है , दिल्ली में ब्रह्मा बाप की , ब्रह्मा बाप के साथ शिव बाप तो है ही

306
01:45:46.399 --> 01:46:13.600
लेकिन विशेष ब्रह्मा बाप की दिल्ली , बाम्बे , कलकत्ता , कलकत्ता वाले भी कर सकते हैं ,

307
01:46:14.399 --> 01:46:26.800
शुरू से बापदादा उम्मीदें रखे हुए है ।

308
01:46:34.680 --> 01:46:36.909
अच्छा ।

309
01:46:36.909 --> 01:46:47.770
अभी कमाल करके दूसरे वर्ष आओ तो तैयारी करके आना ।

310
01:46:48.569 --> 01:46:51.199
ठीक है ?

311
01:46:51.199 --> 01:46:54.850
सभी पाण्डव हाथ उठाओ ।

312
01:46:56.850 --> 01:46:59.939
देखो कितने पाण्डव हैं ।

313
01:46:59.939 --> 01:47:06.739
तो दिल्ली के पाण्डव कमाल करके आयेंगे ना !

314
01:47:06.739 --> 01:47:11.420
करेंगे ?

315
01:47:13.420 --> 01:47:25.539
बापदादा हमेशा बार-बार दिल्ली का नाम कहता है

316
01:47:30.399 --> 01:47:43.770
और सभी के लिए इतने जो भी ब्राह्मण हैं , उनके लिए दिल्ली में दरबार बनायेंगे ना ।

317
01:47:43.770 --> 01:47:46.050
राज्य करेंगे ना ।

318
01:47:46.050 --> 01:47:52.279
राज्य सभा दिल्ली में होगी ना ।

319
01:47:58.050 --> 01:48:05.199
तो दिल्ली वालों को दिल्ली को बहुत तैयार करना पड़ेगा ।

320
01:48:06.399 --> 01:48:10.510
सभी को महल देंगे ना ।

321
01:48:10.510 --> 01:48:15.020
महल मिलेगा दिल्ली में ।

322
01:48:19.880 --> 01:48:26.970
अच्छा देखेंगे कमाल ।

323
01:48:26.970 --> 01:48:30.850
कोई नवीनता करो ना ।

324
01:48:31.250 --> 01:48:51.649
अभी सभी देख चुके हैं बार-बार फंक्शन होता है , मेला होता है , अच्छा ।

325
01:49:02.680 --> 01:49:24.850
ज्युरिस्ट विंग कलचरल विंग और मीडिया विंग वाले आये हैं :- पहले ज्युरिस्ट वाले उठो ।

326
01:49:53.020 --> 01:50:17.079
ज्युरिस्ट का काम है लॉ एण्ड आर्डर को मजबूत बनाना ।

327
01:50:19.649 --> 01:50:50.340
तो आप सभी इस पुरानी दुनिया में बैठ नई दुनिया का जो लॉ एण्ड आर्डर है उसको बना रहे हो ।

328
01:50:56.220 --> 01:51:02.220
प्लैन अच्छे बनाये हैं ।

329
01:51:02.739 --> 01:51:32.399
लेकिन अभी ऐसा चारों ओर क्योंकि इस डिपार्टमेंट में भी भिन्न-भिन्न स्थान के साथी हैं

330
01:51:32.800 --> 01:52:03.310
सब तरफ के मिलके करते हैं तो ऐसा वायुमण्डल वाणी द्वारा भाषणों द्वारा वायुमण्डल बनाओ

331
01:52:03.310 --> 01:52:51.539
जो कई लोग आपके साथी बनके पहले यह सहयोग दें कि अशान्ति के समय में हम शान्ति बनाके रखेंगे ।

332
01:52:52.170 --> 01:53:03.880
शान्ति स्थापक बन आपके साथी बनें ।

333
01:53:03.880 --> 01:53:09.020
ऐसी साइन कराओ ।

334
01:53:09.939 --> 01:53:21.819
जगह जगह पर अपनी सेवा द्वारा लिखाओ

335
01:53:21.819 --> 01:53:41.250
कि हम शान्त रहेंगे लॉ एण्ड आर्डर में चलेंगे और दूसरों को भी चलायेंगे ।

336
01:53:41.250 --> 01:53:57.020
ऐसी लिस्ट तैयार करो और वह गवर्मेन्ट को दिखाओ तो हम क्या कर रहे हैं ?

337
01:53:57.710 --> 01:54:22.850
और उन्हों के ग्रुप प्रैक्टिकल में लॉ एण्ड आर्डर में चल रहे हैं या नहीं उसका बीच बीच में चेक करो

338
01:54:23.539 --> 01:54:47.199
ऐसा सहयोगी ग्रुप चाहे यूथ हो चाहे बुजुर्ग हो चाहे बच्चे हो लेकिन समझदार बच्चे संख्या इकट्ठी करो

339
01:54:48.170 --> 01:55:00.220
और इन्हों का समय प्रति समय यात्रा निकालने की बात नहीं है

340
01:55:00.680 --> 01:55:14.970
लेकिन कहाँ न कहाँ जहाँ स्थान बड़ा हो वहाँ उन्हों का संगठन करते रहो

341
01:55:16.970 --> 01:55:27.140
और ऐसा संगठन तैयार करो जिसमें सब वर्ग वाले हों ।

342
01:55:30.279 --> 01:55:39.199
तो गवर्मेन्ट देखे कि यह क्या कार्य कर रहे हैं ।

343
01:55:41.819 --> 01:55:54.680
गवर्मेन्ट चाहती है लेकिन कर नहीं पाती है आप करके दिखाओ ।

344
01:55:58.170 --> 01:56:00.399
अच्छा है ।

345
01:56:00.399 --> 01:56:13.939
संगठन अच्छा है और करते भी रहते हो लेकिन अभी थोड़ा बुलन्द आवाज करो ।

346
01:56:22.619 --> 01:56:49.939
फिर भी जो निमित्त बनते हैं उनको बापदादा दिल से मुबारक देते हैं करते चलो बढ़ते चलो बढ़ाते चलो ।

347
01:57:00.569 --> 01:57:09.710
अभी गवर्मेन्ट के कानों में थोड़ा कानों को हिलाओ ।

348
01:57:12.109 --> 01:57:34.449
जितने वर्ग हैं अपने अपने सेवा द्वारा उन्हों को प्रत्यक्ष प्रुफ दिखाओ ।

349
01:57:34.970 --> 01:57:49.600
अपनी उलझन में बिजी रहते हैं तो उनको थोड़ा जगाओ ।

350
01:57:52.800 --> 01:58:09.770
बाकी जो भी कर रहे हैं वह अच्छा है लेकिन अभी और अच्छे ते अच्छा करो ।

351
01:58:10.680 --> 01:58:26.170
बाकी बापदादा का विशेष यादप्यार भी ग्रुप को है और मुबारक भी है ।

352
01:58:35.600 --> 01:59:24.619
मीडिया विंग :- मीडिया वालों ने थोड़ा-थोड़ा अभी लोगों के कान खोले हैं ।

353
01:59:27.539 --> 02:00:05.479
अभी सुनना अच्छा लगता है कोई-कोई बनना शुरू भी किया है लेकिन जितने सुनते हैं उतने ही अगर बन जायें तो क्या हो जायेगा ?

354
02:00:07.479 --> 02:00:22.619
बापदादा साकार में भी कहते थे कि मीडिया कमाल कर सकती है

355
02:00:22.619 --> 02:00:42.340
लेकिन अभी अव्यक्त रूप में देख रहे हैं थोड़ा देरी से किया है लेकिन देर में भी दुरस्त है ।

356
02:00:47.079 --> 02:01:02.170
आवाज फैलाने का साधन घर बैठे यह मीडिया ही कर सकती है

357
02:01:03.310 --> 02:01:24.680
क्योंकि आजकल मनुष्य आत्मायें समय होते भी यही बहाना देते हैं अच्छा है लेकिन टाइम नहीं मिलता ।

358
02:01:27.880 --> 02:01:42.279
तो यह बहाना भी मीडिया वाले समाप्त कर सकते हैं ।

359
02:01:42.279 --> 02:01:51.199
सिर्फ अच्छा लगा नहीं अच्छा बनाके दिखाओ ।

360
02:01:51.199 --> 02:02:12.340
शुरू हुआ है प्रभाव अच्छा है मेहनत भी अच्छी की है लेकिन आवाज थोड़ा अभी और बड़ा करो ।

361
02:02:14.970 --> 02:02:20.170
नये-नये प्लैन बनाओ ।

362
02:02:28.680 --> 02:02:48.109
ऐसे भी निकालो जो आपको सहयोग दे आवाज फैलाने में ।

363
02:02:48.619 --> 02:03:06.850
ऐसे भी तैयार करो और साथ में भिन्न-भिन्न स्टेशन से आवाज फैलाओ ।

364
02:03:11.140 --> 02:03:17.819
ऐसे भी साथी तैयार करो ।

365
02:03:17.819 --> 02:03:22.170
कर सकते हैं ।

366
02:03:27.939 --> 02:03:41.250
बाकी फैला रहे हैं मेहनत की है मेहनत की मुबारक है लेकिन और बढ़ाओ ।

367
02:03:41.250 --> 02:03:46.399
सब रीति से साथी बनाओ ।

368
02:03:46.399 --> 02:04:05.479
कोई कराने वाला कोई करने के निमित्त बनने वाला बाकी अच्छा है ।

369
02:04:09.140 --> 02:04:26.739
मीडिया के कई प्रकार सेवा के हैं तो भिन्न भिन्न प्रकार से आवाज फैलता रहे ।

370
02:04:27.600 --> 02:04:34.569
सम्बन्ध-सम्पर्क में लाते रहो ।

371
02:04:37.250 --> 02:04:57.140
तो मीडिया डिपार्टमेंट को भी बापदादा जितना किया है अच्छा किया है मुबारक दे रहे हैं ।

372
02:05:04.109 --> 02:05:28.109
बापदादा तो सुनके खुश के देख करके खुश होते हैं क्योंकि तरस पड़ता है दुःखी आत्माओं का दुःख देखकर तरस पड़ता है ।

373
02:05:28.109 --> 02:05:57.199
फिर भी बच्चे हैं ना सगे है या लगे हैं लेकिन हैं तो बच्चे इसलिए और प्लैन बढ़ाते चलो ।

374
02:05:59.199 --> 02:06:03.649
अच्छा ।

375
02:06:05.649 --> 02:06:46.510
कल्चरल विंग :- कल्चरल और कल्चर दोनों मिलते हैं ।

376
02:06:47.310 --> 02:07:04.000
तो कल्चरल द्वारा कल्चर बन जाए यही सेवा कर रहे हैं ।

377
02:07:06.569 --> 02:07:21.079
बापदादा हर एक वर्ग का उमंग उत्साह देखते भी हैं

378
02:07:21.600 --> 02:07:39.020
हर एक अपने अपने विधि से सेवा को बढ़ा तो रहे हैं

379
02:07:39.880 --> 02:07:55.199
लेकिन अभी निमित्त कल्चरल है लेकिन बनाना क्या है ?

380
02:07:55.199 --> 02:07:59.819
कल्चर ।

381
02:08:03.479 --> 02:08:13.649
जब मनुष्य आत्माओं का कल्चर बदल जायेगा

382
02:08:13.649 --> 02:08:41.600
तो अभी तो आप कल्चरल दिखाते हो लेकिन कल्चर बदलने से वह भी अपने कार्य में रहते खुशी की डांस शुरू कर देंगे ।

383
02:08:43.600 --> 02:09:04.109
जैसे आप डांस करके दिखाते हो ना तो कहाँ भी रहे कुछ भी करें लेकिन मन में खुशी का डांस करें ।

384
02:09:04.109 --> 02:09:09.710
घर-घर में डांस हो ।

385
02:09:14.739 --> 02:09:33.819
लक्ष्य तो अच्छा है और लक्ष्य को लेके सेवा को बढ़ाते भी चलते हो

386
02:09:34.279 --> 02:09:50.170
लेकिन बाबा चाहता है अभी देखना चाहता है कौन कंगन तैयार करके लाता है ।

387
02:09:50.170 --> 02:10:05.140
कौन सा वर्ग इसमें चाहे नम्बरवन होवे चाहे नम्बरवन में सहयोगी हो।

388
02:10:09.770 --> 02:10:24.220
अभी कुछ नवीनता चाहता है क्योंकि बीज डाला है ।

389
02:10:24.220 --> 02:10:36.850
सभी वर्गो ने बीज तो अच्छा डाला है लेकिन अब फल दिखाई दे ।

390
02:10:44.050 --> 02:10:54.340
कम से कम 9 लाख से और बढ़ना चाहिए ना ।

391
02:11:15.020 --> 02:11:30.739
तो अच्छा है सभी बच्चे भिन्न-भिन्न वर्ग के कारण जिम्मेवार तो बने हैं ।

392
02:11:30.739 --> 02:11:50.000
अटेन्शन भी गया है अभी वृद्धि थोड़ा जल्दी करो

393
02:11:50.000 --> 02:12:05.369
कयोंकि समय की पुकार बहुत है दुःख अशान्ति बहुत बढ़ रही है भय बढ़ रहा है ।

394
02:12:07.600 --> 02:12:19.420
और आप खुशी की डांस करो भयभीत से बचाओ ।

395
02:12:21.079 --> 02:12:23.710
अच्छा है ।

396
02:12:23.710 --> 02:12:34.800
हर एक सेवा के क्षेत्र में बिजी भी रहता है यह भी अच्छा है ।

397
02:12:38.000 --> 02:13:02.279
इसीलिए बढ़ते चलो अपने साथियों को जो कल्प कल्प वाले हैं उन्हों को ढूंढके निकालो ।

398
02:13:07.250 --> 02:13:09.939
अच्छा ।

399
02:13:09.939 --> 02:13:20.970
बहुत अच्छा है और अच्छा रहेगा और बढ़ता रहेगा ।

400
02:13:33.539 --> 02:14:26.800
इन्टरनेशनल यूथ और चिल्ड्रेन रिट्रीट चल रही है :- बच्चों को आगे करो ।

401
02:15:13.710 --> 02:15:25.649
बापदादा ने बच्चों का भी समाचार सुना , अच्छा है

402
02:15:26.050 --> 02:15:47.199
अगर बच्चे स्व परिवर्तन द्वारा विश्व परिवर्तन के लिए तैयार हो रहे हैं

403
02:15:47.199 --> 02:16:02.220
तो बापदादा को खुशी है कि बच्चे सुभान अल्ला बच्चे हैं ।

404
02:16:05.939 --> 02:16:32.280
लेकिन जो वायदा किया है ना , बापदादा ने देखा है जो लिखा है , जो कमल का फूल बनाया है वह आगे दिखाओ ।

405
02:17:04.680 --> 02:17:18.799
गवर्मेन्ट भी यूथ ग्रुप को परिवर्तन करते हुए देखना चाहती है

406
02:17:20.799 --> 02:17:40.569
क्योंकि यूथ में एक विशेषता होती है , यूथ ग्रुप जो चाहे , अगर मन से संकल्प करे , तो कर सकती है ।

407
02:17:41.309 --> 02:17:57.600
चाहे उल्टे में लग जाये , चाहे सुल्टे में लेकिन आप यूथ ग्रुप कमाल करने वाले हो ।

408
02:17:57.600 --> 02:18:02.680
धमाल नहीं , कमाल ।

409
02:18:03.420 --> 02:18:27.079
तो गवर्मेन्ट भी यूथ ग्रुप पसन्द करती है और बाप के आगे अपने वायदे भी इस कमल पुष्प के अन्दर अच्छे लिखे हैं

410
02:18:27.420 --> 02:18:47.020
अभी इन वायदों को , परिवर्तन को सदा अमृतवेले बापदादा से रूहरिहान करते ,

411
02:18:47.020 --> 02:18:58.620
बापदादा को रिजल्ट सुनाते रहना और जिस भी सेवास्थान पर हो

412
02:18:59.420 --> 02:19:26.620
वहाँ अपने टीचर को वायदा और फायदा , जो वायदा किया , उसका फायदा कितना है वह रिजल्ट देते रहना ।

413
02:19:27.200 --> 02:19:37.370
टीचर्स बापदादा के पास आपेही पहुंचाती रहेंगी ।

414
02:19:40.170 --> 02:19:54.049
बाकी बापदादा ने सुना तो ट्रेनिंग की रूपरेखा बहुत अच्छी बनाई है

415
02:19:55.600 --> 02:20:22.799
और सबने रूचि से किया , इसके लिए यूथ ग्रुप को बापदादा पदम पदमगुणा मुबारक दे रहे हैं ।

416
02:20:26.680 --> 02:20:31.479
पक्के रहना , कच्चा नहीं बनना ।

417
02:20:31.479 --> 02:20:39.940
कच्चा होता है तो उसको चिड़िया खा जाती है , पक्के को नहीं खाती है ।

418
02:20:42.969 --> 02:20:55.940
तो सदा उड़ते रहना , फरिश्ते बनके ।

419
02:20:57.020 --> 02:21:07.020
इस देह रूपी धरनी पर पांव नहीं रखना , उड़ते रहना ।

420
02:21:11.020 --> 02:21:19.770
अच्छा है , कुमारियां भी हिम्मत वाली हैं ।

421
02:21:22.170 --> 02:21:36.969
भट्ठी करने वाले नहीं , भट्ठी में जो सुना वह करके दिखाने वाले ।

422
02:21:40.280 --> 02:21:42.739
ऐसे हो ना ।

423
02:21:42.739 --> 02:21:47.649
हाथ उठाओ जो करके दिखायेगा ।

424
02:21:47.649 --> 02:21:54.850
करके दिखाने वाले , अच्छा ।

425
02:21:54.850 --> 02:21:59.309
बहुत अच्छा ।

426
02:22:00.569 --> 02:22:08.969
जैसे फारेन कहते हैं ना वैसे फौरन करने वाले ।

427
02:22:14.850 --> 02:22:17.819
बापदादा खुश है ।

428
02:22:17.819 --> 02:22:22.280
बच्चों के ऊपर भी खुश है ।

429
02:22:22.280 --> 02:22:36.110
बच्चों ने भी अपने उमंग उत्साह से समय भी दिया है और प्रॉमिस भी किया है ।

430
02:22:36.569 --> 02:22:39.250
अच्छा ।

431
02:22:39.250 --> 02:22:47.600
मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

432
02:23:21.139 --> 02:23:25.879
डबल विदेशी :- डबल तीव्र पुरूषार्थी ।

433
02:23:25.879 --> 02:23:34.850
अभी डबल फारेनर नहीं डबल तीव्र पुरूषार्थी ।

434
02:23:39.649 --> 02:23:52.049
डबल फारेनर्स की विशेषता है वह हाथ में हाथ देके ज्यादा चलते हैं ।

435
02:23:59.079 --> 02:24:34.620
तो आप सभी ने बापदादा को पक्का हाथ में हाथ देना अर्थात् साथी बनाना फ्रैंण्ड बनाना लवली फ्रैंण्ड तो फ्रैंण्ड बनाया है ?

436
02:24:37.709 --> 02:25:02.510
फ्रैंण्ड का नाता जल्दी याद आता है कोई भी मुश्किल आती है ना तो बाप को नहीं बतायेंगे फ्रैंण्ड को बतायेंगे तो आपने खुदा को दोस्त बनाया है ।

437
02:25:08.909 --> 02:25:14.969
है ना खुदा दोस्त है !

438
02:25:19.649 --> 02:25:39.649
अच्छा है बापदादा को फारेनर्स को देख खुशी होती है क्योंकि कारण क्या है ?

439
02:25:39.649 --> 02:26:02.219
बाप का एक नाम फारेन वालों ने सिद्ध किया विश्व पिता विश्व कल्याणकारी ।

440
02:26:02.219 --> 02:26:24.280
पहले भारत कल्याणकारी थे लेकिन विदेश ने बाप का विश्व कल्याणकारी नाम प्रत्यक्ष किया है ।

441
02:26:25.540 --> 02:26:49.819
पहले विश्व की सेवा सिर्फ मन्सा द्वारा करते थे अभी निमित्त बने हैं विश्व की सब तरह से सेवा करने के ।

442
02:26:53.709 --> 02:27:09.709
और देखो कोने-कोने में बिछुड़े हुए बच्चे कितने वाह वाह ! बच्चे निकल आये ।

443
02:27:16.969 --> 02:27:31.200
और आपको नशा होगा तो हम हर कल्प के साथी हैं ।

444
02:27:31.200 --> 02:27:37.250
थे भी हैं भी और होंगे भी ।

445
02:27:38.110 --> 02:27:40.049
है ना !

446
02:27:40.049 --> 02:27:44.049
नशा है ना !

447
02:27:44.049 --> 02:28:02.569
देखो बाप की नज़र आपको कोने कोने में होते भी पहचान लिया बाप ने भी पहचाना आपने भी पहचाना ।

448
02:28:15.479 --> 02:28:26.909
लोग बिचारे आयेगा आयेगा आयेगा करते और आप क्या कहते ?

449
02:28:26.909 --> 02:28:30.340
आ गये ।

450
02:28:32.000 --> 02:28:39.479
गीत गाते हो ना मेरा बाबा आ गया ।

451
02:28:47.600 --> 02:29:08.569
तो बहुत अच्छा सबको बाप दिल का दुलार यादप्यार और दिल की दुआयें विशेष दे रहे हैं ।

452
02:29:14.510 --> 02:29:22.170
अच्छा सिन्धी ग्रुप भी आ गया है ।

453
02:29:22.170 --> 02:29:34.170
बापदादा विशेष आप दोनों को मुबारक दे रहे हैं

454
02:29:34.170 --> 02:29:51.819
कि निमित्त बन अभी फास्ट चलने का संकल्प अच्छा किया है तो विशेष मुबारक मुबारक हो ।

455
02:29:51.819 --> 02:30:07.079
अभी फास्ट ही रहना ढीला नहीं बनना एक दो को मदद करके उड़ना ।

456
02:30:11.200 --> 02:30:19.540
हाँ ताली बजाओ ।

457
02:30:28.620 --> 02:30:43.709
इस एक वर्ष में कितने बार आये हो आये हो ना अच्छा लगा ।

458
02:30:43.709 --> 02:31:02.399
अभी औरों को भी निमित्त बनाओ क्योंकि बापदादा सिन्ध में आया है तो सिन्ध वालों को तो आगे होना चाहिए ।

459
02:31:26.739 --> 02:31:37.250
अच्छा - आज तो 12 बजाना है ना ।

460
02:31:43.709 --> 02:31:51.309
आप सभी भी 12 का इन्तजार कर रहे हो ।

461
02:31:51.309 --> 02:31:55.079
अच्छा है ।

462
02:31:55.079 --> 02:32:11.770
बाप के साथ बच्चों का मिलना वा मनाना कितना अच्छा है ।

463
02:32:23.139 --> 02:32:26.569
अच्छा ।

464
02:32:26.569 --> 02:32:36.340
जो पहली बारी आये हैं वह उठकर खड़े हो जाओ ।

465
02:33:06.219 --> 02:33:31.879
तो पहली बारी आने वालों को अपना जन्म दिन मनाने की मुबारक हो ।

466
02:33:41.020 --> 02:34:01.370
अभी जैसे पहले बारी आये हो ऐसे ही नम्बर भी पहला लेना है ।

467
02:34:01.600 --> 02:34:30.510
बापदादा का वायदा है कि भले अभी लास्ट में आये हैं लेकिन अभी लेट का बोर्ड लगा है टूलेट का नहीं लगा है ।

468
02:34:31.309 --> 02:34:46.450
तो कोई भी लास्ट इज फास्ट और फास्ट इज फर्स्ट ले सकते हो ।

469
02:34:46.450 --> 02:35:24.170
यह नहीं समझो तो हम तो बहुत देरी से आये हैं लेकिन अगर अभी भी डबल तीव्र पुरूषार्थ लक्ष्य और लक्षण दोनों समान बनायेंगे

470
02:35:24.170 --> 02:35:36.340
लक्ष्य ऊंचा और लक्षण कम तो फर्स्ट नहीं हो सकते ।

471
02:35:36.340 --> 02:36:01.940
लेकिन अगर लक्ष्य और लक्षण समान बनाते चलेंगे तो आप एक्जैम्पुल बन सकते हो लास्ट और फर्स्ट का ।

472
02:36:01.940 --> 02:36:14.969
इसीलिए पुरूषार्थ का लक्ष्य रखो ।

473
02:36:18.850 --> 02:36:32.569
फिर अगर टूलेट का बोर्ड लग गया तो फर्स्ट नम्बर नहीं आ सकेंगे ।

474
02:36:36.680 --> 02:36:58.850
बापदादा खुश है फिर भी हिम्मत रखकर उमंग उत्साह से सम्मुख पहुंच गये ।

475
02:37:00.049 --> 02:37:23.079
और अभी भी सदा कहाँ भी रहो लेकिन मर्यादापूर्वक चलते चलो

476
02:37:23.770 --> 02:37:44.969
और बाप के दिल के समीप रहो तो बहुत थोड़े समय में भी अनुभव कर सकते हो ।

477
02:37:45.709 --> 02:37:54.850
अभी गोल्डन चांस है कोई भी कर सकता है ।

478
02:37:55.200 --> 02:38:02.510
चाहे भारत में हैं चाहे विदेश में हैं ।

479
02:38:10.739 --> 02:38:19.250
तो समझा डबल ट्रिपल पुरूषार्थ करना पड़ेगा ।

480
02:38:19.250 --> 02:38:27.079
सदा बाप के साथ कम्बाइन्ड रहना पड़ेगा ।

481
02:38:27.649 --> 02:38:49.309
कोई भी मुश्किल आये बोझ आवे तो बाप को देने आता है तो बेफिकर बादशाह बन उड़ते रहेंगे ।

482
02:38:52.680 --> 02:38:57.770
दिल में बोझ नहीं रखो ।

483
02:38:58.170 --> 02:39:11.819
कई बच्चे कहते हैं एक मास हो गया है 15 दिन हो गये हैं चलता ही रहता है

484
02:39:13.309 --> 02:39:24.569
और उस 15 दिन में अगर आपका काल आ जाए तो ?

485
02:39:29.250 --> 02:39:38.799
उसी समय बोझ बाप को दे दो देना आता है ?

486
02:39:38.799 --> 02:39:43.540
देना जरूर सीखो ।

487
02:39:44.799 --> 02:39:51.479
लेना तो आता है देना भी सीखो ।

488
02:39:53.479 --> 02:39:56.340
तो क्या करेंगे ?

489
02:39:56.340 --> 02:40:00.969
देना सीखा है ?

490
02:40:02.969 --> 02:40:07.540
बापदादा आया ही किसलिए है ?

491
02:40:09.540 --> 02:40:16.170
बच्चों का बोझ लेने के लिए ।

492
02:40:33.600 --> 02:40:41.819
कौन है जो इतनी हिम्मत रखता है वह हाथ उठाओ ।

493
02:40:49.250 --> 02:40:56.799
शरीर का हाथ उठा रहे हो या मन का हाथ उठा रहे हो ?

494
02:40:58.799 --> 02:41:03.420
मन का हाथ उठाना ।

495
02:41:04.340 --> 02:41:08.510
अच्छा ।

496
02:41:19.819 --> 02:41:41.540
बापदादा ऐसे बच्चों को पदम पदमगुणा मुबारक दे रहे हैं ।

497
02:41:56.340 --> 02:41:59.649
अच्छा ।

498
02:42:01.649 --> 02:42:13.079
इस वर्ष का होमवर्क बापदादा ने दे दिया है ।

499
02:42:13.600 --> 02:42:23.540
वर्ष को इस विधि से मनाना ।

500
02:42:25.540 --> 02:42:46.170
और बापदादा ने जो इस तारीख के लिए होमवर्क दिया था वह भी बापदादा ने देखा और सुना ।

501
02:42:46.170 --> 02:43:02.969
सिर्फ जो संकल्प किया है उसमें दृढ़ रहना ।

502
02:43:03.540 --> 02:43:09.709
अलबेलापन नहीं लाना ।

503
02:43:11.540 --> 02:43:24.219
बापदादा ने सुनाया था अलबेलेपन के शब्द कौन से हैं ?

504
02:43:30.170 --> 02:43:52.340
एक गे गे और दूसरा तो तो … करना तो है यह दोनों शब्द अलबेलेपन के हैं ।

505
02:43:56.739 --> 02:44:08.799
तो जो भी संकल्प किया है उसमें अभी तो अपनी साइन की है

506
02:44:08.799 --> 02:44:26.969
लेकिन उसमें दृढ़ संकल्प की गवर्मेन्ट की स्टैम्प लगाना जो कोई नहीं मिटा सकता ।

507
02:44:34.909 --> 02:44:51.819
दृढ़ता अपने जन्म का सबसे बड़ा गिफ्ट समझना ।

508
02:46:03.540 --> 02:46:07.649
अच्छा ।

509
02:46:10.799 --> 02:46:46.739
सदा दृढ़ता सफलता की चाबी को सम्भालके रखना क्योंकि यह चाबी माया को भी बहुत प्यारी है ।

510
02:46:46.739 --> 02:47:04.569
इसीलिए दिल की डिब्बी में इस चाबी को सम्भालके रखना ।

511
02:47:07.200 --> 02:47:32.110
दृढ़ता ही सफलता की चाबी है और सफलता बाप के समान बनने का सहज साधन है ।

512
02:47:38.739 --> 02:48:11.649
सदा निश्चय और निश्चित भावी है स्वराज्य अधिकारी और विश्व राज्य अधिकारी यह दोनों निश्चित है ।

513
02:48:12.450 --> 02:48:29.139
ऐसे नशे में फखुर में सदा उड़ते रहो ।

514
02:48:34.510 --> 02:49:19.309
इस वर्ष की जैसे आज विदाई और बधाई मनायेंगे ना ऐसे रोज़ अपने अन्दर की कमजोरियों को विदाई दो और बापदादा से विशेष बधाईयां लो ।

515
02:49:19.309 --> 02:49:30.739
यह संगमयुग विदाई और बधाई का है ।

516
02:49:34.739 --> 02:49:52.110
तो संगमयुग का हर दिन बधाईयों के पात्र बनते जाओ ।

517
02:49:53.370 --> 02:50:09.020
बापदादा को हर बच्चा दिल का दुलारा है ।

518
02:50:09.020 --> 02:50:56.110
चाहे नम्बरवार है नम्बरवन नहीं है लेकिन नम्बरवार है तो भी बापदादा का हर कल्प का सिकीलधा बच्चा है इसीलिए अपने सिकीलधे बनने के भाग्य को सदा याद रखो।

519
02:50:59.540 --> 02:51:26.739
छोटी सी बात है सिर्फ कोई भी मुश्किल आवे दिल से आर्डर करो मेरा बाबा बाप अवश्य बंधा हुआ है

520
02:51:26.739 --> 02:51:44.909
लेकिन दिल में और बातें नहीं रखना मेरा बाबा भी कहो और दिल में कमज़ोरी भी हो तो बाप सहयोग नहीं देगा ।

521
02:51:44.909 --> 02:51:52.510
दिल साफ मुराद हांसिल ।

522
02:51:53.250 --> 02:52:02.399
किचड़े वाली दिल में बाप नहीं आता ।

523
02:52:04.399 --> 02:52:08.799
और स्नेह से याद करो ।

524
02:52:08.799 --> 02:52:26.049
सिर्फ ज्ञान के आधार से याद नहीं करो सुनाया था ज्ञान है बीज और स्नेह है पानी ।

525
02:52:27.309 --> 02:52:56.219
सिर्फ ज्ञान से जाना लेकिन दिल के प्यार का अनुभव नहीं किया प्यार से बाप को याद नहीं किया तो प्रैक्टिकल फल नहीं निकलता अर्थात् अनुभव नहीं होता ।

526
02:52:57.420 --> 02:53:10.969
अनुभवी स्वरूप है फल लेकिन पानी नहीं देते तो सूखा गन्ना हो जाता ।

527
02:53:10.969 --> 02:53:26.340
भले कोर्स कराओ भाषण करके आओ और इनाम भी लेके आओ दिन में चार चार भाषण करो

528
02:53:26.340 --> 02:53:49.819
लेकिन दिल का स्नेह नहीं क्योंकि बाप से दिल के स्नेह की निशानी है हर ब्राह्मण परिवार से भी स्नेह ।

529
02:53:56.000 --> 02:54:16.110
स्नेह नहीं तो माया के विघ्न ज्यादा आते हैं क्योंकि पानी डाला ही नहीं तो फल कैसे मिलेगा ।

530
02:54:16.110 --> 02:54:34.450
कई बच्चे कहते हैं ज्ञान तो समझ गये हैं बाबा से सर्व संबंध भी हैं लेकिन अनुभव नहीं होता ।

531
02:54:34.450 --> 02:54:47.200
अनुभव है फल सूखा ज्ञानी नहीं बनो

532
02:54:48.000 --> 02:55:12.049
स्नेही बाप का स्नेही परिवार का स्नेही स्वतः ही बन जाता है क्योंकि बाप समान है ना ।

533
02:55:12.049 --> 02:55:24.340
तो बाप का लास्ट बच्चे से भी दिल का प्यार है ।

534
02:55:28.739 --> 02:55:41.879
हर एक को स्नेह की वृत्ति से देखते ।

535
02:55:48.110 --> 02:56:04.909
तो सिर्फ ज्ञानी नहीं बनो भाषण वाले नहीं भासना स्वरूप बनो ।

536
02:56:09.709 --> 02:56:25.879
अपने आपसे पूछो बाप से दिल का स्नेह है ?

537
02:56:26.280 --> 02:56:42.049
कि जिस समय आवश्यकता है उस समय का स्नेह है !

538
02:56:47.200 --> 02:56:56.620
वह हो गये ज्ञानी भक्त ।

539
02:57:07.600 --> 02:57:11.770
तो इस वर्ष क्या करेंगे ?

540
02:57:11.770 --> 02:57:32.450
स्नेह का वायुमण्डल एक एक को देखके चाहे कमज़ोर है लेकिन पुरूषार्थी तो है ना !

541
02:57:38.620 --> 02:57:43.139
परिवार का तो है ना ।

542
02:57:44.399 --> 02:57:56.799
गिरे हुए को गिराओ नहीं उमंग-उत्साह बढ़ाओ ।

543
02:58:05.819 --> 02:58:13.709
स्नेह का वायुमण्डल बनाओ ।

544
02:58:15.709 --> 02:58:18.049
अच्छा ।

545
02:58:56.399 --> 02:59:12.799
यादप्यार तो बापदादा ने चारों ओर के बच्चों को दे ही दिया है ।

546
02:59:12.799 --> 02:59:55.479
चारों ओर के बच्चे अब बापदादा के होमवर्क को प्रैक्टिकल में करके सबूत देने वाले सपूत बच्चे का अपना प्रभाव दिखायेंगे ।

547
02:59:56.569 --> 03:00:29.770
तो चारों ओर के बच्चों को बहुत-बहुत दिल का दुलार और दिल की पदमगुणा यादप्यार स्वीकार हो ।

548
03:00:29.770 --> 03:00:57.420
और ऐसे लायक बच्चे श्रेष्ठ बच्चों को बापदादा का नमस्ते ।

