WEBVTT

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आज बापदादा चारों ओर के अपने सेवा के साथी बच्चों से मिलने आये हैं ।

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00:13:50.570 --> 00:14:32.340
आदि सेवा के साथी और साथ में और भी सेवा के साथी बन बहुत अच्छी सेवा की वृद्धि कर रहे हैं

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00:14:34.340 --> 00:14:54.740
तो बापदादा अपने साथियों को देख खुश हो रहे हैं ।

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और दिल में गीत गा रहे हैं वाह ! मेरे विश्व परिवर्तन सेवा के साथी वाह !

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00:15:41.710 --> 00:16:27.370
आज अमृतवेले से चारों ओर स्नेह की मालायें बापदादा को डाल रहे थे ।

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00:16:35.820 --> 00:16:47.370
तीन प्रकार की मालायें थी

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00:16:48.509 --> 00:17:11.710
एक थी बाप समान बनने के उमंग-उत्साह की

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00:17:15.309 --> 00:18:02.109
दूसरी थी अति बिछुडी हुई बंधन वाली बांधेली गोपिकाओं की उन्हों की मालायें तो थी

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00:18:02.109 --> 00:18:29.539
लेकिन चमकते हुए अति अमूल्य आंसुओं की माला भी थी ।

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00:18:34.970 --> 00:18:51.599
एक-एक आंसू मोती समान चमक रहे थे

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00:18:55.079 --> 00:19:16.849
और तीसरी माला कुछ-कुछ बच्चों की उल्हनों की थी ।

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00:19:29.250 --> 00:20:22.049
आज अमृतवेले से लेके सभी में विशेष स्नेह समाया हुआ दिखाई दे रहा था ।

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00:20:24.619 --> 00:21:04.400
बापदादा ने विराट रूप जैसे बांहें पसार सब बच्चों को बांहों में समा लिया ।

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00:21:24.509 --> 00:22:21.769
वैसे आज का दिन स्नेह के साथ सर्व पावर्स की विल देने का भी था ।

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00:22:28.049 --> 00:23:09.200
एक बच्ची को हाथ में हाथ मिलाके विल पावर्स की विल सभी बच्चों को शक्ति सेना और पाण्डव ,

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00:23:17.769 --> 00:23:34.910
कई बच्चे पाण्डव भी और शक्तियां भी ,

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00:23:40.279 --> 00:24:32.279
बापदादा ने देखा , गुप्त रूप से अन्तर्मुखी बन पुरूषार्थ में तीव्र गति से चल रहे हैं ।

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00:24:36.849 --> 00:25:11.819
बाहर से दिखाई नहीं देते हैं लेकिन पुरूषार्थी अच्छे हैं ।

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00:25:22.170 --> 00:26:12.049
बापदादा ने देखा आज का विशेष रूप स्नेह का सबजेक्ट सभी के चेहरे चमका रहे थे ।

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00:26:17.309 --> 00:26:42.339
ज्ञानी तू आत्मा बच्चे तो हैं लेकिन स्नेह की सबजेक्ट आवश्यक है

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00:26:44.339 --> 00:27:17.369
क्योंकि स्नेही मेहनत कम और मुहब्बत के अनुभव में सहज रहते हैं ।

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00:27:22.509 --> 00:28:03.250
स्नेह की शक्ति कैसी भी पहाड़ जैसी समस्या हो , पहाड़ को भी रूई बना देते हैं ।

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00:28:04.279 --> 00:28:15.019
पहाड़ को भी पानी जैसा हल्का बना देते हैं ।

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00:28:23.420 --> 00:28:35.200
स्नेह एक छत्रछाया है ।

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00:28:36.970 --> 00:28:52.910
छत्रछाया के कारण वह सदा सेफ रहता है ।

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00:28:53.599 --> 00:28:57.079
सहज होता है ।

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स्नेह से परमात्मा वा भगवान को भी अपना दोस्त बना देते हैं ।

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00:29:18.170 --> 00:29:27.599
जो यादगार है खुदा दोस्त का ।

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00:29:27.599 --> 00:30:03.079
खुदा को दोस्त बनाके कोई भी समस्या दोस्ती के नाते से सहज कर देते हैं ।

30
00:30:07.369 --> 00:30:18.339
बाप को अपना साथी बना देते हैं ।

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00:30:25.940 --> 00:31:04.450
ज्ञान बीज है , लेकिन प्रेम का पानी बीज में फल लगा देता है , प्राप्ति के फल ।

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00:31:21.880 --> 00:32:02.849
तो ऐसे बाप के स्नेही बच्चे बाप को याद करना मेहनत नहीं समझते हैं लेकिन भूलना मुश्किल समझते हैं ।

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00:32:04.279 --> 00:32:14.569
स्नेही कभी स्नेह को भूल नहीं सकता ।

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00:32:21.880 --> 00:32:40.849
मेरा बाबा कहा , दिल के स्नेह से और सर्व खज़ानों की चाबी मिल जाती है ।

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00:32:49.539 --> 00:33:27.019
तो दोनों बापदादा ऐसे स्नेही , जिनके आगे बापदादा भी हजूर हाजिर हो जाता है ।

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00:33:35.019 --> 00:33:41.079
याद तो सब करते हैं

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00:33:47.819 --> 00:34:02.569
लेकिन कोई थोड़ी थोड़ी मेहनत से करते हैं

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00:34:04.279 --> 00:34:27.250
और कोई सदा स्नेह के सागर में लवलीन रहते हैं ।

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00:34:33.420 --> 00:34:54.510
दुनिया वाले कहते हैं आत्मा परमात्मा में लीन हो जाती

40
00:34:55.420 --> 00:35:18.679
लेकिन आत्मा परमात्मा के प्यार में लव लीन हो जाती है ।

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00:35:18.679 --> 00:35:24.969
लीन नहीं होती लवलीन होती ।

42
00:35:48.340 --> 00:36:22.449
तो आज का दिन मुहब्बत में लवलीन का है ।

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00:36:32.400 --> 00:36:50.050
मेहनत समाप्त हो मुहब्बत के रूप में बदल जाती है ।

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00:37:02.219 --> 00:37:31.820
तो बापदादा ने सभी बच्चों की रिजल्ट भी देखी , होमवर्क मैजारिटी ने किया है ।

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00:37:39.769 --> 00:38:09.539
बाप समान बनने का लक्ष्य बार-बार रिवाइज भी किया , रियलाइज़ भी किया ।

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00:38:16.849 --> 00:38:44.800
75 परसेन्ट बच्चों की रिजल्ट अच्छी रही ।

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00:38:54.570 --> 00:39:08.280
और यह बाप समान बनना ही है ,

48
00:39:11.420 --> 00:39:30.280
कुछ भी तूफान आये , है ही कलियुग का समाप्ति का समय ,

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00:39:31.480 --> 00:39:39.420
तो तूफान तो आयेंगे , परिवर्तन का समय है ना ,

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00:39:39.420 --> 00:39:51.019
लेकिन आप बच्चों के लिए तूफान क्या है !

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00:39:51.539 --> 00:40:00.400
तूफान , तूफान नहीं लेकिन तोहफा है

52
00:40:03.369 --> 00:40:25.079
क्योंकि बापदादा के वरदान का हाथ सभी पुरूषार्थी बच्चों के माथे पर है ।

53
00:40:50.219 --> 00:41:13.250
जिन्होंने दृढ़ संकल्प अर्थात् दृढ़ता की चाबी कार्य में लगाई

54
00:41:19.369 --> 00:41:46.739
उन्हों की अभी की रिजल्ट प्रमाण सफलता भी प्राप्त की है

55
00:41:46.739 --> 00:42:23.250
लेकिन सदाकाल के लिए तूफान को तोहफा बनाए , समस्या को समाधान रूप दे आगे बढ़ते चलो ।

56
00:42:30.679 --> 00:42:44.969
तो बापदादा अभी की रिजल्ट में खुश है ।

57
00:42:56.679 --> 00:43:25.250
जो योग तपस्या की है उसमें लक्ष्य दृढ़ रखा है , बनना ही है ।

58
00:43:52.219 --> 00:44:09.139
40 वर्ष अव्यक्त पालना के पूरे हुए हैं ।

59
00:44:14.170 --> 00:44:30.050
तो 40 वर्ष में पहले क्या आता - बिन्दू , जीरो ।

60
00:44:33.309 --> 00:44:55.940
तो जीरो याद दिलाता कि मैं हीरो , सच्चा हीरो , महान हीरो हूँ

61
00:45:03.769 --> 00:45:22.110
और हीरो पार्टधारी बन हर कार्य हीरो समान करना है ।

62
00:45:31.199 --> 00:45:47.019
तो जीरो , हीरो यह सदा याद रहे और बाकी जो चार हैं ,

63
00:45:50.170 --> 00:46:14.400
उसमें चार बातें नेचुरल जीवन में करनी है , दृढ़ता पूर्वक करनी हैं , करेंगे ?

64
00:46:14.400 --> 00:46:19.940
तैयार हैं ?

65
00:46:20.909 --> 00:46:33.199
कुछ भी पेपर आवे लेकिन चार बातें अपने जीवन में करनी ही है ।

66
00:46:33.199 --> 00:46:35.599
पक्का ?

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00:46:35.599 --> 00:46:37.599
पक्का ?

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00:46:39.599 --> 00:46:42.170
पक्का ?

69
00:46:42.679 --> 00:46:47.880
पीछे वाले , पक्के हैं ना !

70
00:46:48.170 --> 00:46:56.570
कच्चे को माया खा जाती है इसीलिए पक्का रहना ।

71
00:47:02.170 --> 00:47:45.940
एक बात - सदा शुभचिंतक , कोई की कमज़ोरी देख वा सुन रहमदिल बन शुभ चिंतक बन उनको सहयोग देना ही है ।

72
00:47:45.940 --> 00:47:53.880
कमज़ोरी को नहीं देखना है लेकिन सहयोग देना ही है ।

73
00:47:53.880 --> 00:48:00.849
इसको कहते हैं शुभ चिंतक ।

74
00:48:00.849 --> 00:48:06.050
पक्का रहेगा ना !

75
00:48:07.539 --> 00:48:27.019
सहारे दाता , रहमदिल बन सहयोग दो ।

76
00:48:36.969 --> 00:48:54.400
उससे किनारा या घृणा नहीं करना , क्षमा करना ।

77
00:49:02.400 --> 00:49:13.820
परवश के ऊपर कभी घृणा नहीं की जाती है ।

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00:49:14.570 --> 00:49:19.820
सहारा दिया जाता है ।

79
00:49:24.619 --> 00:49:39.369
तो शुभ चिंतक और दूसरा है शुभ चिंतन ।

80
00:49:49.199 --> 00:50:22.170
आजकल बापदादा देखते हैं - मैजारिटी बच्चों में कभी-कभी व्यर्थ संकल्प बहुत चलता है ,

81
00:50:24.739 --> 00:50:48.800
इसमें अपनी जमा हुई शक्तियां व्यर्थ चली जाती हैं ,

82
00:50:51.250 --> 00:51:45.880
इसलिए शुभ चिंतन की , स्वमान का कोई न कोई अपना टाइटिल मन को होमवर्क दे दो ,

83
00:51:47.880 --> 00:52:06.909
मन का टाइमटेबल बनाओ , कर्म का तो टाइमटेबल बनाते हो लेकिन मन का टाइमटेबल बनाओ ।

84
00:52:13.880 --> 00:52:33.250
स्वमान , अमृतवेले मिलन मनाने के बाद मन को दे दो

85
00:52:34.280 --> 00:52:59.250
लेकिन जैसे सुनाया है कि 12-13 बारी सभी को टाइम मिलता है ,

86
00:53:00.170 --> 00:53:11.940
उसमें रियलाइज भी करो , रिवाइज भी करो

87
00:53:15.769 --> 00:53:34.280
तो मन बिजी रहने से व्यर्थ संकल्प में समय नहीं जायेगा ,

88
00:53:34.280 --> 00:53:56.739
मेहनत नहीं करनी पड़ेगी , हर समय संगमयुग जो मौज का युग है , उसी मौज में रहेंगे ।

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00:54:08.170 --> 00:54:16.510
तो दूसरा सुनाया - शुभचिंतन ।

90
00:54:17.369 --> 00:54:24.400
चेक करो और चेंज करो ।

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00:54:30.739 --> 00:54:41.769
तीसरा है - शुभ वृत्ति ।

92
00:54:52.449 --> 00:55:25.199
अशुभ वृत्ति वायुमण्डल भी अशुद्ध फैलाती है इसीलिए शुभ वृत्ति ।

93
00:55:31.139 --> 00:55:57.309
और चौथा है हर एक को यह जिम्मेवारी लेनी है

94
00:56:08.000 --> 00:56:41.369
कि मुझे , मेरा काम है खास , दूसरे को नहीं देखना है , मेरा काम है शुभ वायुमण्डल बनाना ।

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00:57:05.769 --> 00:57:24.739
जैसे कभी भी वायुमण्डल में बदबू होती है तो क्या करते हो ?

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00:57:26.739 --> 00:57:35.369
खुशबू फैलाते हो ना !

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00:57:36.619 --> 00:57:50.909
बदबू सहन नहीं होती , कोई न कोई खुशबू का साधन अपनाते हो ,

98
00:57:52.909 --> 00:58:32.449
ऐसे साधारण वायुमण्डल वा अशुभ वायुमण्डल बदलना ही है ।

99
00:58:36.170 --> 00:58:52.340
चाहे छोटा है , चाहे नया है , लेकिन सबकी जिम्मेवारी है ।

100
00:58:59.880 --> 00:59:14.800
दृढ़ संकल्प करना है मुझे शुभ वायुमण्डल बनाना ही है ।

101
00:59:19.250 --> 00:59:34.909
यह प्रतिज्ञा प्रत्यक्षता करेगी ।

102
00:59:43.710 --> 00:59:51.480
प्रतिज्ञा करते हो , बापदादा खुश होता है

103
00:59:51.480 --> 01:00:18.170
लेकिन प्रतिज्ञा में कभी-कभी दृढ़ता नहीं होती है

104
01:00:22.110 --> 01:00:47.019
इसीलिए सफलता जो चाहते हो , जितनी चाहते हो उतनी नहीं होती ।

105
01:01:01.309 --> 01:01:29.309
सारे विश्व का , प्रकृति का , आत्माओं का , आत्माओं में ब्राह्मण आत्मायें भी आ जाती हैं ,

106
01:01:33.539 --> 01:02:03.369
हर एक अपने सेवास्थान का ऐसा वायुमण्डल दृढ़ता से बनाओ ,

107
01:02:03.820 --> 01:02:13.599
कुछ त्याग करना पड़े तो कर लो , त्याग करे तो मैं करूं , नहीं ।

108
01:02:13.599 --> 01:02:24.400
सिस्टम ठीक हो तो … तो तो नहीं करो ।

109
01:02:26.400 --> 01:02:36.449
मुझे तो करना ही है ।

110
01:02:51.250 --> 01:03:01.369
विश्व परिवर्तक स्वमान है ना !

111
01:03:01.369 --> 01:03:05.880
सभी विश्व परिवर्तक हो ना !

112
01:03:05.880 --> 01:03:08.340
हाथ उठाओ ।

113
01:03:08.340 --> 01:03:12.619
अच्छा विश्व परिवर्तक ।

114
01:03:12.619 --> 01:03:16.050
बहुत अच्छा ।

115
01:03:18.050 --> 01:03:32.800
तो पहले बापदादा देखने चाहते हैं , है भी होगा भी

116
01:03:32.800 --> 01:04:06.909
लेकिन इस वर्ष में बापदादा छोटे या बड़े सेवाकेन्द्र का चक्कर लगावे तो वायुमण्डल कैसा हो ?

117
01:04:11.480 --> 01:04:29.309
जैसे आज का दिन स्नेह और शक्ति का है ,

118
01:04:34.340 --> 01:05:03.940
ऐसे गांव-गांव का सेन्टर , बड़ा सेन्टर का वायुमण्डल चैतन्य मन्दिर हो ।

119
01:05:17.650 --> 01:05:38.969
निगेटिव को पॉजिटिव बनाना इसमें पहले मैं ।

120
01:05:47.940 --> 01:05:56.400
पहले आप नहीं करना , पहले मैं ,

121
01:06:09.539 --> 01:06:49.880
क्योंकि बापदादा और एडवांस पार्टी और आजकल तो प्रकृति भी इन्तजार कर रही है ।

122
01:07:00.050 --> 01:07:19.940
इन्तजाम करने वाले आप हो , आपको इन्तजार नहीं करना है , इन्तजाम करना है ।

123
01:07:28.679 --> 01:07:42.340
आज चारों ओर भय फैला हुआ है ,

124
01:07:48.449 --> 01:08:08.739
सबके दिल में एक ही संकल्प है मैजारिटी दुनिया वालों के , कल क्या होगा !

125
01:08:14.219 --> 01:08:20.000
आपको पता है कल क्या होगा !

126
01:08:33.140 --> 01:08:49.539
तो परिवर्तन करने में पहले मैं निमित्त बनूंगा , यह संकल्प कौन करता है ?

127
01:08:49.539 --> 01:08:53.140
इसमें हाथ उठाओ ।

128
01:08:53.140 --> 01:08:56.170
करना पड़ेगा ।

129
01:08:56.170 --> 01:09:01.310
करना पड़ेगा ।

130
01:09:02.449 --> 01:09:06.619
बदलना पड़ेगा ।

131
01:09:06.619 --> 01:09:12.800
रक्षक बनना पड़ेगा ।

132
01:09:14.800 --> 01:09:28.970
कुछ छोड़ना पड़ेगा और प्यार लेना पड़ेगा ।

133
01:09:34.109 --> 01:09:43.600
मन का हाथ उठाया या यह हाथ उठाया !

134
01:09:45.600 --> 01:09:52.000
किसने मन का हाथ उठाया ।

135
01:09:58.000 --> 01:10:07.079
क्योंकि मन बदला तो विश्व बदला ।

136
01:10:10.340 --> 01:10:22.220
तो इस वर्ष में क्या स्लोगन होगा ?

137
01:10:28.170 --> 01:10:34.510
क्या स्लोगन होगा ?

138
01:10:44.510 --> 01:10:54.220
नो प्राबलम ।

139
01:10:58.000 --> 01:11:09.140
विजय का झण्डा दिल में लहरेगा ।

140
01:11:30.109 --> 01:11:47.939
और सभी खुशी की डांस सदा मन में करेंगे , मन की डांस है खुशी ।

141
01:11:47.939 --> 01:11:56.850
तो हर समय खुशी की डांस करेंगे ।

142
01:12:08.220 --> 01:12:47.140
और दाता के बच्चे हो तो जो भी आवे हर एक को कोई न कोई गुण की गिफ्ट दो ।

143
01:13:00.739 --> 01:13:22.109
तो एक सेकण्ड में वह दृढ़ संकल्प , दाता का संकल्प लिफ्ट बन जायेगा

144
01:13:23.310 --> 01:13:47.369
और सेकण्ड में परमधाम , सूक्ष्मवतन , स्थूल मधुबन साकार वतन ,

145
01:13:49.369 --> 01:14:13.600
जहाँ चाहेंगे वहाँ बिना मेहनत के सेकण्ड में पहुंच जायेंगे ।

146
01:14:34.050 --> 01:14:56.739
कोई भी सामने आये उसको खाली हाथ नहीं भेजना , कोई न कोई गुण की , चेहरे से , चलन से , मुख से

147
01:15:00.050 --> 01:15:13.880
गुण की सौगात के बिना नहीं मिलना ।

148
01:15:27.819 --> 01:15:52.850
तो इस वर्ष का हर मास रिजल्ट अपने पास भी रखना और यज्ञ में टीचर द्वारा

149
01:15:54.220 --> 01:16:06.510
ओ के का कार्ड भेजना , लम्बा पत्र नहीं भेजना , ओ के का कार्ड भेजना ।

150
01:16:06.510 --> 01:16:17.539
कार्ड भी लम्बा नहीं भेजना , जो दुनिया में कार्ड चलता है वह नहीं ,

151
01:16:18.569 --> 01:16:33.250
टीचर द्वारा जो वरदान का कार्ड मिलता है वह भेजना ।

152
01:16:58.220 --> 01:17:08.970
गुणों की सौगात , शक्तियों की सौगात कितनी है ?

153
01:17:08.970 --> 01:17:16.170
लिस्ट गिनती करो तो कितनी बड़ी लिस्ट है ।

154
01:17:16.680 --> 01:17:26.800
और जितना देंगे उतनी कम नहीं होगी बढ़ती जायेगी ।

155
01:17:31.199 --> 01:17:36.510
जैसे कहते हैं ना छू मन्त्र ,

156
01:17:36.510 --> 01:17:53.770
तो यह शिव मन्त्र कभी कोई गुण आपसे कम नहीं होगा , और ही बढ़ेगा

157
01:17:55.770 --> 01:18:06.569
क्योंकि कहावत है दे दान छूटे ग्रहण ।

158
01:18:15.649 --> 01:18:19.819
अच्छा ।

159
01:18:26.050 --> 01:18:38.449
इस बारी जो पहले बारी आये हैं वह उठके खड़े हों ।

160
01:19:48.399 --> 01:20:09.710
अच्छा है - ( एम पी के राज्यपाल सामने बैठे हैं ) इस संगठन में पधारे हो , अच्छा है ।

161
01:20:11.140 --> 01:20:50.510
बापदादा आप सभी को, आने वालों को यह वरदान दे रहे हैं कि सदा बाप से गुडमॉर्निंग और गुडनाइट जरूर करना।

162
01:20:54.340 --> 01:21:09.310
क्योंकि पहले-पहले आंख खुलते ही बाप को देखेंगे तो सारा दिन अच्छा होगा ।

163
01:21:18.449 --> 01:21:41.199
तो पहले बारी आने वाले बच्चों को बापदादा का पदमगुणा यादप्यार और बधाई हो ।

164
01:21:46.340 --> 01:21:53.420
अच्छा । आज टर्न किसका है ?

165
01:22:01.600 --> 01:22:59.420
सेवा का टर्न इन्दौर ज़ोन का है :- अच्छा निशानी अच्छी रखी है ( सबके हाथ में कमल का फूल है ) अच्छा ।

166
01:22:59.420 --> 01:23:17.420
इन्दौर कहेंगे ना इसको इन्दौर का अर्थ क्या है ?

167
01:23:22.680 --> 01:23:36.619
इन डोर अर्थात् अन्तर्मुखी ।

168
01:23:39.819 --> 01:24:09.710
यह जो निशानी रखी है इस निशानी अनुसार सदा कमल पुष्प समान न्यारे और बाप के प्यारे ।

169
01:24:12.399 --> 01:24:19.819
अन्तर्मुखी सदा सुखी ।

170
01:24:20.739 --> 01:24:35.819
अन्तर्मुखी सदा बाप के दिलतख्तनशीन हैं ।

171
01:24:38.220 --> 01:24:52.050
अन्तर्मुखी सदा सर्व के प्यारे होते हैं ।

172
01:25:06.000 --> 01:25:20.619
अच्छा अन्दाज भी काफी आया है मुबारक हो ।

173
01:25:27.250 --> 01:25:45.020
यज्ञ सेवा का गोल्डन चांस मिलना यह बहुत बड़ा पुण्य जमा करने का है

174
01:25:45.020 --> 01:26:00.510
हर कदम यज्ञ सेवा करना अर्थात् अपना पुण्य जमा करना ।

175
01:26:01.939 --> 01:26:17.420
तो इन 10-15 दिन में हर कदम सेवा किया तो कितने पदम बने ?

176
01:26:20.170 --> 01:26:28.279
यज्ञ सेवा महान सेवा है ।

177
01:26:31.199 --> 01:26:46.909
और बापदादा ने देखा है कि जो भी ज़ोन यह गोल्डन चांस लेता है

178
01:26:46.909 --> 01:26:55.369
वह बहुत सिक व प्यार से सेवा करते हैं ।

179
01:26:56.000 --> 01:27:02.220
रिजल्ट वेरी गुड होती है ।

180
01:27:06.739 --> 01:27:20.279
तो आप सबकी भी रिजल्ट अच्छी है और अच्छे ते अच्छी रहेगी ।

181
01:27:28.279 --> 01:27:39.939
अभी यह बात याद रखना कि मैं कौन !

182
01:27:39.939 --> 01:27:44.619
कमल ।

183
01:27:46.619 --> 01:28:17.310
कमल जल में रहते न्यारा रहता वैसे कोई भी समस्या या कोई भी वायुमण्डल में रहते न्यारा और प्यारा

184
01:28:20.279 --> 01:28:51.140
क्योकि समय तो दुःख का है भय का है लेकिन आपके लिए सदा मन में खुशी के नगाड़े बजते रहते हैं ।

185
01:28:54.000 --> 01:28:58.050
सदा खुश रहते हो ना !

186
01:28:58.050 --> 01:29:01.819
हाथ उठाओ ।

187
01:29:02.279 --> 01:29:06.449
खुशी को नहीं छोड़ना ।

188
01:29:06.449 --> 01:29:13.710
खुशी गई तो जीवन बेकार ।

189
01:29:15.710 --> 01:29:20.279
नीरस जीवन अच्छी नहीं ।

190
01:29:22.279 --> 01:29:38.909
इसलिए सदा खुश रहना है रहना है ना और खुशी बांटनी है ।

191
01:29:38.909 --> 01:29:48.109
इतनी खुशी हो जो बांटों भी और खुश रहो भी

192
01:29:50.109 --> 01:30:09.649
क्योंकि बाप का ब्राह्मण बच्चा बनना अर्थात् खुशनसीब बनना खुशकिस्मत बनना ।

193
01:30:23.880 --> 01:30:37.770
अपना खुशनसीब का टाइटिल सदा याद रखना

194
01:30:42.279 --> 01:30:55.539
क्योंकि बाप मिला अर्थात् सर्व प्राप्तियों का भण्डार मिला ।

195
01:30:57.880 --> 01:31:13.649
तो कहावत है भण्डारा भरपूर सब दुःख दूर तो क्या करेंगे ! खुश ही रहेंगे ना !

196
01:31:18.050 --> 01:31:24.510
अच्छी सेवा भी कर रहे हो ।

197
01:31:33.770 --> 01:31:46.220
सेवा करना अर्थात् वरदान प्राप्त करना ।

198
01:31:57.539 --> 01:32:06.619
तो सेवा में सफलतामूर्त हैं ना !

199
01:32:06.619 --> 01:32:08.619
कांध हिलाओ ।

200
01:32:08.619 --> 01:32:15.819
टीचर्स सफलतामूर्त हैं ना !

201
01:32:21.539 --> 01:32:31.079
कहो सफलता तो हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है ।

202
01:32:31.079 --> 01:32:34.569
बोलो ।

203
01:32:35.649 --> 01:32:42.800
सफलता हमारे गले का हार है ।

204
01:32:49.310 --> 01:32:55.420
अच्छा ।

205
01:33:02.850 --> 01:34:06.970
मेडिकल विंग :- अच्छा मेडिकल और मेडीटेशन दोनों का ग्रुप है

206
01:34:07.600 --> 01:34:28.850
क्योंकि डबल डाक्टर हैं ना मेडीटेशन द्वारा बाप से मिलाना और मेडिकल द्वारा दुःख दूर करना ।

207
01:34:28.850 --> 01:34:38.220
टैम्प्रेरी है लेकिन करते तो है ना ।

208
01:34:40.220 --> 01:35:00.449
जैसे बाप दुःख हर्ता है ना तो डाक्टर्स या मेडिकल डिपार्टमेंट भी थोड़े समय के लिए पेशेन्ट का दुःख तो दूर कर देते हैं ।

209
01:35:06.000 --> 01:35:25.649
लेकिन अभी तो आप सभी उसको मेडीटेशन सिखाके यह भी पुण्य कमाने वाले मेडिकल डिपार्टमेंट हो ।

210
01:35:25.649 --> 01:35:31.600
सभी डबल सेवा करते हो ।

211
01:35:31.600 --> 01:35:38.220
हाथ उठाओ जो डबल सेवा करते हैं डबल डाक्टर हैं ।

212
01:35:38.220 --> 01:35:51.880
सिंगल डाक्टर तो बहुत हैं लेकिन आप डबल सेवाधारी डबल काम करने वाले हो ।

213
01:36:00.850 --> 01:36:05.710
बापदादा को अच्छा लगा ।

214
01:36:06.050 --> 01:36:23.079
इस सेवा द्वारा भी कई खुश होंगे खुशनसीब बनेंगे ।

215
01:36:27.140 --> 01:36:41.199
बापदादा ने देखा कि यह बाम्बे की हॉस्पिटल भी बहुत सेवा के निमित्त है ।

216
01:36:41.199 --> 01:37:00.399
आबू की तो पहले ही है लेकिन वह बीच में शहर में होने कारण ज्यादा सेवा करने का चांस है ।

217
01:37:04.340 --> 01:37:22.510
अच्छा कर रहे हो और आगे बढ़ते रहेंगे आगे बढ़ने का चांस और वरदान दोनों है ।

218
01:37:29.600 --> 01:37:32.170
अच्छा है ।

219
01:37:32.170 --> 01:37:35.819
अभी नया प्लैन बनाया है ना कोई ।

220
01:37:35.819 --> 01:37:39.649
बनाया है ?

221
01:37:43.140 --> 01:37:59.479
अच्छा बनाते चलो परिवर्तन विश्व का करते चलो उड़ते चलो और उड़ाते चलो ।

222
01:37:59.479 --> 01:38:04.619
अच्छा ।

223
01:38:10.909 --> 01:39:32.970
यूथ ग्रुप :- आजकल की गवर्मेन्ट का भी युवा के लिए बहुत उमंग है संकल्प है

224
01:39:32.970 --> 01:39:52.399
क्योंकि युवा की विशेषता है जो चाहेगा जो सोचेगा वह करके ही दिखाता है ।

225
01:39:57.140 --> 01:40:10.000
युवा की डबल शक्ति है शारीरिक भी और मन की भी ।

226
01:40:13.020 --> 01:40:24.399
युवा संगठित होके जो चाहे वह कर सकते हैं

227
01:40:24.399 --> 01:40:50.170
पाण्डव गवर्मेन्ट भी देख रही है कि युवा चारों ओर खास अपने स्कूल साथियों की सेवा अच्छी कर रहे हैं ।

228
01:40:56.399 --> 01:41:10.449
बापदादा के पास युवा वर्ग की रिपोर्ट आती रहती है ।

229
01:41:12.449 --> 01:41:32.510
अभी एडीशन यह करो कि इस वर्ष में जो भी ब्राह्मणों की मर्यादायें हैं

230
01:41:32.510 --> 01:42:13.539
एक एक मर्यादा को पूर्ण रीति से मन्सा से वाचा से कर्मणा से और सम्बन्ध-सम्पर्क से चारों ही रूप में पालन करने वाला हो - ऐसा ग्रुप तैयार करो इस वर्ष में कोई भी मर्यादा भंग न हो ।

231
01:42:13.539 --> 01:42:20.800
ऐसा ग्रुप बनाओ आपस में बनाओ ।

232
01:42:20.800 --> 01:42:27.199
जो ओटे सो अर्जुन ।

233
01:42:31.939 --> 01:42:35.479
पसन्द है ?

234
01:42:35.479 --> 01:42:38.279
कौन करेगा ?

235
01:42:38.279 --> 01:42:41.199
आप करेंगे ?

236
01:42:41.199 --> 01:42:43.600
हाथ उठाओ ।

237
01:42:43.600 --> 01:42:45.600
करेंगे ?

238
01:42:45.600 --> 01:42:48.739
सभी युवा करेंगे ?

239
01:42:48.739 --> 01:42:51.939
कितने हैं ?

240
01:42:58.340 --> 01:43:19.250
( 400 ) आपस में ग्रुप ग्रुप में पक्का करो फिर गवर्मेन्ट को दिखायेंगे कि यह मर्यादा पुरूषोत्तम हैं ।

241
01:43:22.340 --> 01:43:33.649
गवर्मेन्ट भी चाहती है लेकिन कर नहीं पाती है आप करके दिखाओ ।

242
01:43:33.649 --> 01:43:39.600
एक्जैम्पुल बनके दिखाओ ।

243
01:43:43.369 --> 01:43:48.050
होमवर्क मिल गया ना ।

244
01:43:48.399 --> 01:44:12.220
बापदादा यही चाहते हैं कि चारों ओर के ब्राह्मण आत्मायें इस वर्ष में कमाल करके दिखायें ।

245
01:44:12.220 --> 01:44:19.479
व्यर्थ संकल्प की धमाल भी नहीं हो ।

246
01:44:20.680 --> 01:44:38.340
शुद्ध संकल्प इतना जमा करो जो व्यर्थ को आने का समय नहीं मिले ।

247
01:44:47.649 --> 01:44:50.000
है ना खज़ाना ।

248
01:44:50.000 --> 01:44:57.819
शुद्ध संकल्प का इतना खज़ाना इकठ्ठा है ?

249
01:44:57.819 --> 01:45:01.880
है हाथ उठाओ ।

250
01:45:09.310 --> 01:45:22.220
शक्तियां भी हैं अच्छा है शक्तियां भी एक्जैम्पुल बनें और पाण्डव भी एक्जैम्पुल बनें ।

251
01:45:27.140 --> 01:45:29.649
अच्छा ।

252
01:45:29.649 --> 01:45:34.850
बापदादा खुश है ।

253
01:45:39.250 --> 01:47:38.970
सिक्युरिटी विंग :- सिक्युरिटी वाले हैं आप भी डबल सिक्युरिटी वाले हो ना !

254
01:47:40.970 --> 01:48:58.399
एक तो जो हंगामा करने वाले हैं उनसे सिक्युरिटी करते हो दूसरे जो बिचारे चाहना रखते हैं कि हम सदा सुख में रहे शान्ति में रहे उनकी भी सिक्युरिटी करो उन्हों को मनमनाभव का मन्त्र देकर शिव मन्त्र देकरके कम से कम खुश रहें खुशी की सिक्युरिटी खुशी गंवायें नहीं यह सिक्युरिटी का रास्ता बताओ।

255
01:49:00.399 --> 01:49:12.170
तो डबल सिक्युरिटी करो तो कितनी आपको आशीर्वाद मिलेगी ।

256
01:49:12.170 --> 01:49:21.020
दुःखी को सुखी करना गमगीन को खुश करना

257
01:49:21.020 --> 01:49:37.770
तो आशीर्वाद मिलेगी और ऐसा हर एक के घर को छोटा सा मन्त्र दो

258
01:49:37.770 --> 01:49:56.850
जो खुशी नहीं गंवाये हर घर में खुशी हो जितनी यह सेवा करेंगे तो डबल सिक्युरिटी वाले बन जायेंगे ।

259
01:49:56.850 --> 01:49:59.939
फैलाओ ।

260
01:49:59.939 --> 01:50:24.619
हर स्थान पर यह रेसपान्सिबिल्टी दो हैं तो सब स्थान वाले अपने देश में पहले यह सिक्युरिटी का काम करो

261
01:50:26.000 --> 01:50:37.369
गांव गांव बड़े बड़े स्थान खुशनुमा हो जायें ।

262
01:50:40.340 --> 01:50:42.340
तो करेंगे ?

263
01:50:42.340 --> 01:50:45.770
करेंगे ?

264
01:50:52.050 --> 01:50:54.680
अच्छा ।

265
01:51:25.079 --> 01:52:01.710
अभी सभी सदा जो चार बातें सुनाई और पांचवा जीरो और हीरो सुनाया

266
01:52:06.340 --> 01:52:44.970
तो इन बातों का मनन करते हुए मग्न अवस्था में रहने वाले ब्राह्मण सो फरिश्ता आत्मायें

267
01:52:46.970 --> 01:53:06.970
देवता बनना तो आपका जन्म सिद्ध अधिकार है फरिश्ता सो देवता है ही

268
01:53:08.970 --> 01:53:46.800
तो सदा स्नेह के लव में लीन लवलीन रहने वाले सदा दृढ़ता के संकल्प की चाबी को

269
01:53:46.800 --> 01:54:04.619
मन में बुद्धि में स्मृति में रखने वाले क्योंकि इस चाबी के पीछे माया बहुत चक्कर लगाती है ।

270
01:54:07.539 --> 01:54:39.539
तो मन और बुद्धि से सदा समर्थ रहने वाले चारों ओर के बच्चों को बापदादा का यादप्यार और नमस्ते ।

271
01:55:34.399 --> 01:56:07.770
दादियों से :- ( दादी जानकी से ) चक्कर लगाकर आई बहुत अच्छा ।

272
01:56:12.399 --> 01:56:17.079
जो कर रहे हैं बहुत अच्छा ।

273
01:56:19.770 --> 01:56:37.199
बाबा को चित्र याद आया कि जगदम्बा बीच में खड़ी है झण्डा लहरा रहे हैं और पीछे सब शक्तियां साथ में खड़ी है ।

274
01:56:37.199 --> 01:56:48.850
तो अभी वह चित्र बापदादा विश्व के आगे दिखाना चाहता है ।

275
01:56:48.850 --> 01:56:59.710
सारे ब्राह्मणों से शक्ति सेना ऐसी तैयार करो

276
01:56:59.710 --> 01:57:12.970
जो निमित्त बनें चक्कर लगाते हुए वायुमण्डल को पावरफुल बनाये

277
01:57:12.970 --> 01:57:29.819
और दृढ़ संकल्प करे तो हम यह दृढ़ संकल्प रखते हैं कि हम वायुमण्डल को बदलके दिखायेंगे ।

278
01:57:29.819 --> 01:57:33.199
यह झण्डा उठायें ।

279
01:57:33.199 --> 01:57:52.739
ऐसा ग्रुप निकालो जो चक्कर लगाके वायुमण्डल को ठीक करे अपनी स्थिति वाणी और संग से ।

280
01:57:52.739 --> 01:57:58.050
ऐसा ग्रुप तैयार करके दिखाओ ।

281
01:57:58.050 --> 01:58:05.939
तो बापदादा को चित्र याद आया तो यह प्रैक्टिकल होना चाहिए ।

282
01:58:09.310 --> 01:58:14.109
ऐसे नहीं कहना समय नहीं मिलता ।

283
01:58:14.680 --> 01:58:20.000
कोई नहीं कहेगा समय नहीं मिलता ।

284
01:58:20.000 --> 01:58:36.510
समय मिलेगा अगर शुभ भावना है तो ऐसा ग्रुप बापदादा को बनाके देना ।

285
02:00:17.369 --> 02:00:30.170
परदादी से :- सेवा कर रही हो मन्सा सेवा से सकाश बहुत दे रही हो ।

286
02:00:30.170 --> 02:00:35.420
सेवा में बिजी रहती हो ।

287
02:00:51.250 --> 02:01:05.020
कलकत्ता वालों ने फूलों का श्रृंगार किया है :- अच्छा हमेशा करते हैं ।

288
02:05:44.399 --> 02:06:12.050
( डाक्टर अशोक मेहता जी और योगिनी बहन से ) दोनों ने हिम्मत अच्छी रखी और समय पर पहुंचाया ( दादी गुल्जार को कल बाम्बे से मधुबन लेकर आये ) इसकी मुबारक हो ।

289
02:06:12.050 --> 02:06:20.279
जो ड्युटी दी वह की ।

290
02:08:24.050 --> 02:08:53.199
मध्यप्रदेश के राज्यपाल महामहिम बलराम जाखड़ जी मिल रहे हैंः बहुत अच्छा देखो यह भी आपका भाग्य है जो ऐसे संगठन में पहुंचे हो ।

291
02:08:53.199 --> 02:09:21.140
अभी बापदादा यही कहते हैं कि जो इस संगठन में मेडीटेशन सिखाते हैं ना मेडीटेशन तीन घण्टे का है ।

292
02:09:24.050 --> 02:09:28.569
तो यह जरूर करना ।

293
02:09:35.250 --> 02:09:49.140
देखो तीन घण्टा अलग अलग देना है ।

294
02:09:49.140 --> 02:09:55.939
अगर बिजी हो तो छुट्टी के दिन दो ।

295
02:10:08.399 --> 02:10:11.020
अच्छा है ।

296
02:10:11.020 --> 02:10:23.199
क्योंकि बाप के पास आये हो तो बाप सौगात तो देंगे ना ।

297
02:10:26.680 --> 02:10:37.079
आशीर्वाद यह है कि मेडीटेशन द्वारा सदा खुश रहेंगे ।

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खुशी कभी नहीं गंवाना ।

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कभी भी कोई बात आवे कहो बाबा शिवबाबा ।

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वह बात बाप को दे दो आप खुश रहो ।

