WEBVTT

1
00:16:22.620 --> 00:17:02.570
आज जीरो बाप अपने हीरो बच्चों से मिलने आये हैं ।

2
00:17:10.450 --> 00:17:54.339
आज का दिन आप सभी भी बाप का और बाप के साथ अपना भी बर्थ डे मनाने आये हैं ।

3
00:17:58.000 --> 00:18:20.049
तो बापदादा सर्व बच्चों को चाहे सम्मुख बैठे हैं ,

4
00:18:20.049 --> 00:18:32.279
चाहे दूर बैठे दिल के नजदीक बैठे हैं ,

5
00:18:33.200 --> 00:18:51.940
चारों ओर के बच्चों को सर्व सम्बन्ध से मुबारक दे रहे हैं ।

6
00:18:53.940 --> 00:19:47.599
उसमें भी विशेष तीन मुबारक बाप , शिक्षक और सतगुरू के रूप की तीन बधाईयां पालना , पढ़ाई और वरदानों की चारों ओर के बच्चों को विशेष दे रहे हैं ।

7
00:19:47.599 --> 00:20:02.339
सभी बच्चों को मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

8
00:20:10.849 --> 00:20:43.250
आज इस विशेष जन्म को भक्त भी मनाते हैं लेकिन आप बच्चे जानते हो

9
00:20:44.049 --> 00:21:04.170
कि यह बर्थ डे बाप और बच्चों के अविनाशी स्नेह का जन्म दिन है ।

10
00:21:07.140 --> 00:21:24.170
आदि से लेके बाप और बच्चे साथ हैं ,

11
00:21:26.799 --> 00:21:48.049
साथ में विश्व परिवर्तन के कार्य में भी बाप बच्चों के साथ है ,

12
00:21:48.049 --> 00:21:57.369
क्योंकि बहुत-बहुत बाप और बच्चों का स्नेह है ।

13
00:21:58.049 --> 00:22:16.000
अभी भी साथ हैं और अपने घर जाना है तो भी साथ जाना है ।

14
00:22:17.079 --> 00:22:41.769
बाप बच्चों के सिवाए नहीं जा सकता और बच्चे बाप के सिवाए नहीं जा सकते क्योंकि दिल के स्नेह का साथ है ।

15
00:22:42.569 --> 00:23:07.079
घर के बाद जब राज्य में आयेंगे तो भी ब्रह्मा बाप के साथ-साथ राज्य करेंगे ।

16
00:23:12.970 --> 00:23:34.220
तो सर्व जन्मों से यह जन्म सबसे प्यारा और न्यारा है ।

17
00:23:36.220 --> 00:24:19.819
इस जन्म की जो वैल्यु है वह सारे कल्प में 84 जन्म में नहीं है , ऐसा स्नेही और साथ वाला विशेष यह हीरे तुल्य जन्म है ।

18
00:24:21.079 --> 00:24:36.400
तो आप सभी अपना जन्म दिन मनाने आये हो या बाप का मनाने आये हो !

19
00:24:37.599 --> 00:24:48.220
कि बाप बच्चों का मनाने आये हैं और बच्चे बाप का मनाने आये हैं ?

20
00:25:01.019 --> 00:25:20.569
चारों ओर भक्त भी शिव जयन्ती वा शिवरात्रि कहके मनाते हैं ,

21
00:25:22.569 --> 00:25:56.279
बड़े प्यार से मनाते हैं बापदादा भक्तों को देख करके भक्तों को भी भक्ति का फल देते हैं ।

22
00:25:56.279 --> 00:26:14.450
लेकिन आपका मनाना और भक्तों का मनाना फर्क है ।

23
00:26:14.450 --> 00:26:44.910
वह रात्रि मनाते हैं और आप अमृतवेला मनाते हैं , अमृतवेला श्रेष्ठ वेला है ।

24
00:26:45.819 --> 00:27:07.079
अमृतवेले ही बापदादा हर एक बच्चे को वरदानों से झोली भर देते हैं ।

25
00:27:10.450 --> 00:27:26.740
सभी की वरदानों से झोली भरी हुई है ना !

26
00:27:28.740 --> 00:27:42.109
रोज वरदान वरदाता बाप से मिलता ही है ।

27
00:27:44.910 --> 00:28:07.480
कितने वरदान आप एक एक बच्चे को बापदादा द्वारा मिले हैं ,

28
00:28:08.509 --> 00:28:20.000
वह वरदानों से झोली भरी हुई है ना ।

29
00:28:25.769 --> 00:28:40.279
तो सभी बड़े उमंग-उत्साह से पहुंच गये हैं ।

30
00:28:40.279 --> 00:29:09.309
बापदादा भी बच्चों को देख बहुत-बहुत खुश हो रहे हैं और गीत गाते रहते वाह बच्चे वाह !

31
00:29:10.450 --> 00:29:16.569
बच्चे कहते वाह बाबा वाह !

32
00:29:16.569 --> 00:29:25.079
और बाप कहते वाह बच्चे वाह !

33
00:29:26.049 --> 00:29:49.880
क्योंकि जो भी बाप के बच्चे बने हैं वह सभी कोटों में कोई आत्मायें हैं ।

34
00:29:54.740 --> 00:30:22.220
विश्व में कितनी कोट आत्मायें हैं लेकिन उनमें से आप बच्चों ने जिसको बाप कहते हैं

35
00:30:24.220 --> 00:30:42.740
लक्की और लवली बच्चे हैं उन कोटों में से कोई आप बच्चे हो ।

36
00:30:43.769 --> 00:31:00.170
नशा है कि हमें कल्प कल्प के कोटों में कोई बच्चे हैं ।

37
00:31:06.910 --> 00:31:26.109
कितने भी बड़े-बड़े मर्तबे वाले आत्मायें वर्तमान समय भी हैं

38
00:31:26.109 --> 00:31:56.910
लेकिन बाप को पहचान बाप का बर्थ डे मनाने वाले चारों ओर के पहचानने वाले बच्चे कोटों में कोई हैं ।

39
00:32:01.769 --> 00:32:12.400
तो यह खुशी है कि हम कोटों में भी कोई हैं ।

40
00:32:18.619 --> 00:32:21.019
नशा है !

41
00:32:21.019 --> 00:32:24.680
हाथ उठाओ ।

42
00:32:26.680 --> 00:32:31.200
अविनाशी नशा है ना !

43
00:32:31.200 --> 00:32:36.849
कभी कभी वाला तो नहीं ?

44
00:32:38.849 --> 00:32:52.619
सदा है और सदा ही रहेगा ।

45
00:32:55.369 --> 00:33:05.019
माया पेपर तो लेती है , अनुभव है ना !

46
00:33:06.109 --> 00:33:21.650
माया का भी परमात्म बच्चों से ज्यादा प्यार है ।

47
00:33:21.650 --> 00:33:55.250
लेकिन बच्चे जानते हैं कि माया का परमात्म बच्चों से आदि से अब तक सम्बन्ध है ।

48
00:33:57.480 --> 00:34:12.280
माया और परमात्म बच्चे दोनों का आपस में कनेक्शन है ,

49
00:34:12.280 --> 00:34:27.309
माया का काम है आना और आप बच्चों का काम क्या है ?

50
00:34:28.050 --> 00:34:34.340
माया को दूर से भगाना ।

51
00:34:34.340 --> 00:34:42.050
आने नहीं देना कि आने भी देते हो ?

52
00:34:42.050 --> 00:34:44.619
नहीं ।

53
00:34:44.619 --> 00:34:48.400
दूर से ही भगाओ ।

54
00:34:48.849 --> 00:35:06.510
आने देते तो फिर उसकी आदत पड़ जाती है आने की ।

55
00:35:07.079 --> 00:35:16.909
वह भी समझती है आने तो देते हैं ना , चलो ।

56
00:35:17.880 --> 00:35:35.880
लेकिन बाप देखते हैं कि कई कई बच्चे माया को आने तो देते ही

57
00:35:35.880 --> 00:35:54.679
लेकिन खातिरी भी कर लेते , चाय पानी भी पिला लेते , पता है , कौन सी खातिरी करते हैं ?

58
00:35:56.679 --> 00:36:22.800
माया के प्रभाव में आके यही सोचते कि अभी तो टूलेट का बोर्ड नहीं लगा है , अभी तो समय पड़ा है ।

59
00:36:23.769 --> 00:36:34.619
पुरूषार्थ कर रहे हैं , पहुंच जायेंगे ।

60
00:36:36.619 --> 00:36:56.849
तो माया भी समझती है एक तो आने दिया , दूसरा यह तो हमारे को साथ दे रहे हैं , खातिरी कर रहे हैं ,

61
00:37:01.199 --> 00:37:21.139
तो जो माया को पहचान लेते हैं क्योंकि कोई कोई बच्चे पहचानने में भी गलती कर लेते हैं ,

62
00:37:21.139 --> 00:37:33.820
माया की मत है वा बाप की मत है ,

63
00:37:36.400 --> 00:37:48.909
न पहचानने के कारण माया के प्रभाव में आ जाते हैं ।

64
00:37:50.909 --> 00:38:26.400
लेकिन बापदादा अपने लक्की महावीर विजयी बच्चों को कहते हैं आने नहीं दो , अब आवे और फिर भगाओ ,

65
00:38:27.769 --> 00:38:48.679
इसमें समय नहीं लगाओ क्योंकि समय कम है और आपका जो वायदा है ,

66
00:38:50.340 --> 00:39:17.539
विश्व परिवर्तक बन विश्व सेवक बन विश्व की आत्माओं को बाप का परिचय दे मुक्ति का वर्सा दिलायेंगे ,

67
00:39:18.969 --> 00:39:31.139
वह कार्य अभी समाप्त नहीं हुआ है ।

68
00:39:31.139 --> 00:39:51.820
उस कार्य को समाप्त करने में समय लगाना , अगर माया को भगाने में समय लगायेंगे

69
00:39:51.820 --> 00:40:04.679
तो विश्व परिवर्तक का जो वायदा है वह पूरा कैसे करेंगे !

70
00:40:05.420 --> 00:40:27.019
बाप के साथी हैं ना , जन्म से ही वायदा किया है , साथ रहेंगे अब भी , साथ चलेंगे

71
00:40:29.019 --> 00:40:58.110
इसलिए अभी जो बाप से शक्तियां मिली हैं उस शक्तियों के आधार से माया को दूर से भगाओ ।

72
00:40:59.369 --> 00:41:04.679
इसमें टाइम नहीं लगाओ ।

73
00:41:19.650 --> 00:41:44.000
देखो , 70 वर्ष पुरूषार्थ करते रहे हो , अभी माया का आना और भगाना ,

74
00:41:44.000 --> 00:42:15.079
अभी इसका समय नहीं है क्योंकि जानते भी हो , नॉलेजफुल तो हो ना ।

75
00:42:16.280 --> 00:42:41.940
सारे ड्रामा की नॉलेज है , इसीलिए नॉलेजफुल बच्चे अभी समय किसमें लगाना है ,

76
00:42:43.940 --> 00:42:52.110
दो खज़ाने बहुत जमा करने हैं ।

77
00:42:53.539 --> 00:42:58.400
कौन से दो खज़ाने ?

78
00:42:58.400 --> 00:43:09.079
एक संकल्प और दूसरा समय ।

79
00:43:11.079 --> 00:43:39.480
दोनों खज़ाने महान हैं और आप सब जानते हो क्योंकि नॉलेजफुल बाप के नॉलेजफुल बच्चे हो ।

80
00:43:40.570 --> 00:43:45.769
मास्टर नॉलेजफुल हैं ना ।

81
00:43:46.000 --> 00:43:47.650
फुल ?

82
00:43:47.650 --> 00:43:56.050
पुल नहीं , कोई कोई नॉलेजपुल हैं , नॉलेजफुल नहीं हैं ।

83
00:43:56.050 --> 00:43:58.909
आप कौन हो ?

84
00:43:58.909 --> 00:44:04.050
नॉलेजफुल हो , हाथ उठाओ ।

85
00:44:04.050 --> 00:44:09.079
नॉलेजफुल कि नॉलेजपुल ।

86
00:44:09.079 --> 00:44:12.849
सभी नॉलेजफुल हैं ?

87
00:44:12.849 --> 00:44:18.340
हाथ उठाया , अच्छा ।

88
00:44:20.340 --> 00:44:23.019
वाह !

89
00:44:23.019 --> 00:44:26.800
फुल नॉलेज आ गई है ।

90
00:44:26.800 --> 00:44:34.619
माया को भगाने की नॉलेज है ?

91
00:44:34.619 --> 00:44:37.650
पीछे वालों को है ?

92
00:44:40.280 --> 00:44:42.280
अच्छा ।

93
00:44:42.280 --> 00:44:46.739
झण्डियां तो हिला रहे हैं ।

94
00:44:47.940 --> 00:44:50.449
माताओं को है ?

95
00:44:50.449 --> 00:44:53.880
मातायें नॉलेजफुल हैं ?

96
00:44:53.880 --> 00:45:02.800
डबल फारेनर्स , डबल फारेनर्स भी झण्डियां हिला रहे हैं ।

97
00:45:02.800 --> 00:45:11.139
अच्छा , देखो कितना अच्छा दृश्य लगता है ।

98
00:45:17.019 --> 00:45:24.400
झण्डियां तो अच्छी लग रही हैं ।

99
00:45:25.369 --> 00:45:39.369
तो नॉलेजफुल अर्थात् माया को दूर से भगाने वाले ।

100
00:45:47.250 --> 00:45:51.820
तो ऐसे हो ?

101
00:45:58.570 --> 00:46:41.199
क्योंकि बापदादा ने पहले ही कह दिया है किखज़ाने जमा करने की बैंक सिर्फ इस समय संगमयुग में है फिर सारा कल्प जमा करने की बैंक नहीं मिलेगी।

102
00:46:41.199 --> 00:46:54.050
जो अब जमा किया , वह काम में लगता रहेगा ।

103
00:46:54.050 --> 00:47:07.710
लेकिन जमा करने की बैंक अब संगमयुग पर खुलती है ।

104
00:47:09.710 --> 00:47:24.510
इसीलिए क्या कहते हो आप , सभी को सन्देश में सुनाते हो ना , अब नहीं तो कब नहीं ।

105
00:47:24.510 --> 00:47:29.650
तो आप सबको याद है ना !

106
00:47:29.650 --> 00:47:36.400
अब नहीं तो कब नहीं ।

107
00:47:36.400 --> 00:47:42.219
सदा याद रहता है यह ?

108
00:47:45.650 --> 00:48:12.219
क्योंकि संगमयुग का जन्म सबसे है छोटा सा लेकिन अमूल्य जन्म है ।

109
00:48:19.250 --> 00:48:31.650
इस जन्म का मूल्य सारा कल्प चलता है ।

110
00:48:32.739 --> 00:48:47.309
तो चेक करते हो , हमारा जमा का खाता कितना है ?

111
00:48:52.510 --> 00:49:06.280
जितना चाहते हो उतना जमा होता है ?

112
00:49:08.280 --> 00:49:26.400
क्योंकि बापदादा ने पहले ही कह दिया है कि अभी चलने का समय समाप्त हुआ ।

113
00:49:26.400 --> 00:49:30.340
उड़ने का समय है ।

114
00:49:30.909 --> 00:49:46.340
पुरूषार्थ का समय पूरा हुआ लेकिन अभी तीव्र पुरूषार्थ का समय है ।

115
00:49:46.340 --> 00:49:50.219
वह भी थोड़ा है ।

116
00:49:51.369 --> 00:50:06.170
इसलिए बापदादा डबल विदेशियों को टाइटिल दिया है डबल तीव्र पुरूषार्थी ।

117
00:50:06.170 --> 00:50:16.510
बोलो , डबल तीव्र पुरूषार्थी हो , हाथ उठाओ ।

118
00:50:16.510 --> 00:50:27.139
डबल तीव्र पुरूषार्थी , पास ।

119
00:50:27.139 --> 00:50:40.280
बापदादा तो जन्म की मुबारक के साथ आपको बधाई भी देते हैं ।

120
00:50:40.969 --> 00:50:53.650
पदम पदम गुणा बधाईयां हो , बधाईयां हो , बधाईयां हो ।

121
00:50:59.940 --> 00:51:21.650
बापदादा ने देखा जो बापदादा ने होमवर्क दिया था , ओ के का ।

122
00:51:22.969 --> 00:51:32.909
वह कई बच्चों ने अटेन्शन दिया है ।

123
00:51:32.909 --> 00:51:44.849
लेकिन 100 मार्क्स बहुत थोड़ों के हैं ।

124
00:51:44.849 --> 00:51:54.000
50 परसेन्ट वाले ज्यादा हैं ।

125
00:51:57.309 --> 00:52:09.079
लेकिन बापदादा यही चाहते हैं , सुनाये क्या चाहते हैं ?

126
00:52:09.079 --> 00:54:06.340
बापदादा की यही हर एक आशाओं के दीपक, आशायें सम्पन्न करने वाले महावीर बच्चों की यही बाप की आशा है कि समय अनुसार अगर अब से बहुतकाल का चार्ट तीव्र पुरूषार्थ का जमा नहीं किया तो तीन शब्द बापदादा समय प्रति समय याद दिलाता है एक अचानक, दूसरा एवररेडी और तीसरा बहुत समय का खाता जमा क्योंकि बापदादा चाहते हैं कि अपने राज्य में, अभी तो खुशी है ना अपना राज्य आया कि आया।

127
00:54:06.800 --> 00:54:20.510
जैसे अभी सन्देश देते हो बाप आया है ,

128
00:54:20.510 --> 00:54:41.309
ऐसे यह भी खुशखबरी सुनाते हो कि अपना दैवी राज्य सुख शान्तिमय राज्य आया कि आया ।

129
00:54:41.309 --> 00:55:23.019
जब सबको यह सन्देश देते हो तो अपना पुरूषार्थ भी तीव्र बहुत समय का जमा करने वाला अपने राज्य में अन्त तक फर्स्ट जन्म से 21 जन्म फुल राज्य भाग्य के अधिकारी बनें ।

130
00:55:23.309 --> 00:55:39.940
यह हिसाब बहुतकाल से स्मृति में रखो क्योंकि मजा नये घर में है ।

131
00:55:39.940 --> 00:55:56.280
अगर दो तीन जन्म के बाद आये , दो तीन मास मकान को हो जाएं तो क्या कहेंगे , नया है या 3 मास हो गया है ।

132
00:55:57.769 --> 00:56:19.710
तो बापदादा चाहते हैं कि एक एक बापदादा का लाडला बच्चा वाह वाह बच्चा ,

133
00:56:20.570 --> 00:56:38.050
बाप के दिलतख्तनशीन बच्चा , पहले जन्म में ब्रह्मा बाप के साथी होके आये ।

134
00:56:39.199 --> 00:56:41.650
पसन्द है !

135
00:56:41.650 --> 00:56:44.219
पसन्द है ?

136
00:56:44.219 --> 00:56:46.219
पसन्द है ?

137
00:56:46.219 --> 00:56:48.219
अच्छा ।

138
00:56:48.849 --> 00:56:53.250
तो क्या करना पड़ेगा ?

139
00:56:53.880 --> 00:56:57.250
करना भी तो पड़ेगा ना ।

140
00:56:57.250 --> 00:57:07.019
पसन्द तो है , बाप को भी पसन्द है लेकिन करना क्या पड़ेगा ?

141
00:57:08.170 --> 00:57:20.280
अब से , चलो बीती सो बीती , बापदादा माफ कर देंगे , बीती ।

142
00:57:24.510 --> 00:57:37.539
अब से बर्थ डे की सौगात बाप को क्या देंगे ?

143
00:57:38.679 --> 00:57:42.449
कुछ तो सौगात देंगे ना बाप को ।

144
00:57:42.449 --> 00:57:55.019
बाप का जन्म दिन मनाने आये हो , तो बाप को सौगात क्या देंगे ?

145
00:58:00.280 --> 00:58:14.510
जो बाप की आशा है हर एक बच्चे में , लास्ट में फास्ट हो सकते हैं ।

146
00:58:17.250 --> 00:58:23.079
जो पहले बारी आये हैं वह हाथ उठाओ ।

147
00:58:31.019 --> 00:58:33.880
अच्छा ।

148
00:58:40.219 --> 00:59:06.909
तो बापदादा सभी लास्ट आने वाले बच्चों को , पहले बारी आने की पदमगुणा मुबारक दे रहे हैं ।

149
00:59:10.969 --> 00:59:31.940
लेकिन एक भाग्य भी बता रहे हैं , भाग्य बनाने की मार्जिन है क्योंकि टूलेट का बोर्ड नहीं लगा है ।

150
00:59:33.940 --> 00:59:59.139
अगर कोई लास्ट भी फास्ट पुरूषार्थ करे लास्ट सो फास्ट और फास्ट सो फर्स्ट डिवीजन में आ सकते हैं ,

151
00:59:59.139 --> 01:00:13.820
फर्स्ट नम्बर नहीं , वह तो प्रसिद्ध हो गये हैं , लेकिन फर्स्ट डिवीजन में आ सकते हैं ।

152
01:00:14.170 --> 01:00:17.199
पसन्द है ?

153
01:00:17.199 --> 01:00:22.340
आने वाले नये बच्चों को पसन्द है ?

154
01:00:22.340 --> 01:00:41.079
चांस है , बापदादा सीट दे देंगे लेकिन कुछ करना भी तो पड़ेगा ।

155
01:00:43.079 --> 01:01:04.679
एक-एक श्वांस , एक-एक संकल्प अटेन्शन , हर श्वांस , हर संकल्प समर्थ हो ।

156
01:01:06.110 --> 01:01:27.820
व्यर्थ न हो क्योंकि आप सबका चाहे पहले वालों का , चाहे पीछे वालों का लेकिन टाइटिल क्या है ?

157
01:01:27.820 --> 01:01:40.050
समर्थ बच्चे हैं , कमज़ोर बच्चे नहीं ।

158
01:01:40.050 --> 01:01:44.849
बापदादा यादप्यार क्या देते हैं ?

159
01:01:44.849 --> 01:01:58.510
रोज़ का यादप्यार लाडले , सिकीलधे , दिलतख्तनशीन बच्चे ,

160
01:01:58.909 --> 01:02:12.219
इसलिए बाप यह गोल्डन चांस दे रहा है लेकिन वाले लो ।

161
01:02:12.219 --> 01:02:17.480
बाप देगा , बंधा हुआ है ।

162
01:02:23.710 --> 01:02:28.510
है कोई तीव्र पुरूषार्थी ।

163
01:02:28.510 --> 01:02:33.019
चांस है ।

164
01:02:34.000 --> 01:02:43.940
टूलेट का बोर्ड लग गया फिर फिनिश ।

165
01:02:45.940 --> 01:03:00.679
लेकिन बापदादा को जन्म की सौगात क्या देगी ?

166
01:03:00.679 --> 01:03:06.219
जन्म उत्सव मनाने आये हो ना !

167
01:03:07.480 --> 01:03:24.449
बापदादा ने तो आप बच्चों के जन्म दिन पर आप सब बच्चों को विशष सौगात दी है

168
01:03:24.449 --> 01:03:47.420
कि 90 परसेन्ट आपका तीव्र पुरूषार्थ आज से अन्त तक अगर है तो 10 परसेन्ट बापदादा बढ़ा के देगा ।

169
01:03:52.909 --> 01:03:56.170
मंजूर है ।

170
01:03:56.170 --> 01:04:00.110
अभी व्यर्थ खत्म ।

171
01:04:00.110 --> 01:04:07.880
जैसे देखो सतयुग के देवतायें आते हैं ना ,

172
01:04:07.880 --> 01:04:13.880
तो उन्हों को पता नहीं यहाँ की भाषा क्या बोलते हैं ।

173
01:04:14.449 --> 01:04:26.449
पुरूषार्थ शब्द कहेंगे ना , तो वो कहेंगे पुरूषार्थ क्या , क्योंकि प्रालब्ध वाले हैं ना ।

174
01:04:27.309 --> 01:04:58.909
ऐसे आप तीव्र पुरूषार्थियों को स्वप्न में वा संकल्प में वा प्रैक्टिकल कर्म में व्यर्थ क्या होता है , उसकी समाप्ति हो ।

175
01:05:00.050 --> 01:05:02.679
है हिम्मत ?

176
01:05:02.679 --> 01:05:08.849
10 परसेन्ट बाप ग्रेस में देंगे ।

177
01:05:10.000 --> 01:05:12.400
है मंजूर ।

178
01:05:12.400 --> 01:05:14.679
हाथ उठाओ ।

179
01:05:22.000 --> 01:05:24.679
कितना परसेन्ट पक्का ?

180
01:05:24.679 --> 01:05:44.170
100 परसेन्ट , नहीं 101 परसेन्ट , क्योंकि बापदादा को बच्चों के बिना , बच्चों के साथ के बिना अच्छा नहीं लगता ।

181
01:05:45.769 --> 01:06:06.679
बाप समझते हैं जब मेरा बाबा कह दिया , बाबा ने कह दिया मेरा बच्चा , तो बाप समान तो बनना पड़े ।

182
01:06:10.000 --> 01:06:20.969
अभी दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है ।

183
01:06:20.969 --> 01:06:25.880
आप लोगों ने किताब छपाया है ना ।

184
01:06:25.880 --> 01:06:34.340
सफलता की चाबी है दृढ़ संकल्प ।

185
01:06:35.710 --> 01:06:42.969
तो संकल्प को कामन नहीं करो ।

186
01:06:42.969 --> 01:06:47.250
आप हो कौन ?

187
01:06:49.250 --> 01:07:06.969
अगर यहाँ का प्रेजीडेंट रिवाजी चलन चले तो अच्छा लगेगा , और आप कौन हो ?

188
01:07:09.599 --> 01:07:20.170
आप तो तीन तख्त के निवासी हो ।

189
01:07:21.420 --> 01:07:29.199
सबसे बड़ा तख्त बापदादा का दिलतख्त ।

190
01:07:40.170 --> 01:07:54.849
तो दिलतख्त वाले पहले जन्म के साथी तो बनेंगे ।

191
01:07:54.849 --> 01:08:09.769
भले तख्त पर एक बैठेगा लेकिन रॉयल फैमिली राज्य अधिकारी तो बन सकते हो ।

192
01:08:14.679 --> 01:08:21.479
तो साथ निभाने वाले , घर तक तो साथ चलेंगे ।

193
01:08:21.479 --> 01:08:25.250
बापदादा कैसे भी ले जायेंगे ।

194
01:08:25.250 --> 01:08:35.310
वाया ले जाये या डायरेक्ट ले जाये लेकिन ले तो जायेंगे ।

195
01:08:40.510 --> 01:08:54.569
तो क्या फिर घर में बैठ जायेंगे , ब्रह्मा बाप चला जायेगा और आप बैठ जायेंगे , अच्छा लगेगा ?

196
01:09:00.909 --> 01:09:04.800
राजयोगी हो ना !

197
01:09:04.800 --> 01:09:15.479
क्या टाइटिल देते हो अपने को और दूसरे को भी क्या सिखाते हो ?

198
01:09:15.479 --> 01:09:20.909
राजयोग या प्रजा योग ?

199
01:09:23.539 --> 01:09:30.680
चाहे रॉयल प्रजा भी हो लेकिन प्रजायोगी तो नहीं हो ।

200
01:09:30.680 --> 01:09:34.850
राजयोगी हो ।

201
01:09:40.909 --> 01:10:03.770
तो सभी को बाप की आप सब बच्चों के प्रति दी हुई सौगात याद रहेगी ?

202
01:10:03.770 --> 01:10:06.909
कब तक ?

203
01:10:06.909 --> 01:10:11.020
अन्त तक ।

204
01:10:12.569 --> 01:10:26.569
बापदादा ने देखा पुरूषार्थ बहुत करते हैं , बापदादा जब देखते हैं बच्चे मेहनत बहुत कर रहे हैं

205
01:10:26.569 --> 01:10:35.420
तो बच्चों की मेहनत देखकर बाप को अच्छा नहीं लगता है ।

206
01:10:35.710 --> 01:10:45.880
इसीलिए मुहब्बत में रहो तो मेहनत खत्म हो जायेगी ।

207
01:10:47.880 --> 01:10:57.420
मेरा बाबा , तो और मेरा खत्म ।

208
01:10:57.420 --> 01:11:07.600
जब मेरा बाबा कहा तो अनेक मेरा उसमें खत्म हो गया ना ।

209
01:11:07.600 --> 01:11:15.369
एक खिलौना लाते हो ना एक में एक , एक में एक होता है ।

210
01:11:15.369 --> 01:11:33.539
एक में 10 - 12 समा जाते हैं , खिलौना बताते हो तो एक मेरा बाबा , मेरा बाबा कहने वाले हो ना ।

211
01:11:33.539 --> 01:11:38.800
मेरा बाबा है ना !

212
01:11:40.050 --> 01:11:43.710
महारथियों का बाबा तो नहीं ।

213
01:11:43.710 --> 01:11:47.420
मेरा बाबा ।

214
01:11:48.279 --> 01:11:57.600
जब मेरा बाबा है तो हद का मेरा तेरे में समा लो ।

215
01:11:57.600 --> 01:12:04.399
मेरे के बजाए तेरा कहो , कितना फर्क है ।

216
01:12:04.399 --> 01:12:11.250
मेरा और तेरा कितना फर्क है ?

217
01:12:11.250 --> 01:12:15.140
मे और ते ।

218
01:12:15.140 --> 01:12:19.819
एक शब्द का फर्क है ।

219
01:12:25.710 --> 01:12:31.479
तो पक्का है ना मेरा बाबा ।

220
01:12:31.479 --> 01:12:36.850
पक्का है , कितना परसेन्ट ?

221
01:12:38.449 --> 01:12:44.449
100 परसेन्ट , 100 एक ?

222
01:12:44.739 --> 01:12:48.800
ऐसे एक अंगुली उठाओ ।

223
01:12:49.199 --> 01:12:51.600
जो 101 कहते हैं , वह उठाओ ।

224
01:13:05.310 --> 01:13:08.850
बापदादा देख रहे हैं ।

225
01:13:08.909 --> 01:13:14.510
टी वी में भी देख रहे हैं ।

226
01:13:17.600 --> 01:13:40.279
तो अभी शिवरात्रि शिवजयन्ती मनाते हैं तो इसमें विशेष तीन बातें मनाते हैं ।

227
01:13:40.279 --> 01:14:04.569
कमाल तो बापदादा यह विधियां यह उत्सव मनाने वाले जो कापी की है उसको भी बधाईयां दे रहे हैं ।

228
01:14:05.880 --> 01:14:20.850
विशेष 3 बातें मनाते हैं एक तो व्रत पालन करते हैं ।

229
01:14:21.819 --> 01:14:30.569
आप लोगों को कापी किया है लेकिन अल्पकाल का ।

230
01:14:30.909 --> 01:14:42.050
आप लोग भी जब से बाप के बने तो दो व्रत धारण किये ।

231
01:14:43.600 --> 01:14:56.619
एक पवित्रता का सिर्फ ब्रह्मचर्य नहीं ब्रह्माचारी ।

232
01:14:57.600 --> 01:15:02.449
कई बच्चे क्या करते ?

233
01:15:02.449 --> 01:15:09.710
मुख्य बड़े बड़े विकारों का व्रत तो रख देते

234
01:15:09.710 --> 01:15:24.000
लेकिन छोटे छोटे जो हैं ना उसको छोड़ देते हैं लेकिन छोटे महा-बलि हो जायेंगे ।

235
01:15:24.850 --> 01:15:28.850
छोटे कम नहीं होते ।

236
01:15:28.850 --> 01:15:36.050
समय पर धोखा देने वाले छोटे होते हैं ।

237
01:15:36.050 --> 01:15:48.510
जैसे चूहा होता है ना है तो छोटा लेकिन काटने में नम्बरवन है।

238
01:15:50.510 --> 01:15:57.770
फूंक भी देता है तो काटता भी है जो पता ही नहीं पड़े ।

239
01:15:58.680 --> 01:16:13.310
तो छोटे छोटे विकार कई बच्चे क्रोध को समझते हैं यह तो होता ही है करना ही पड़ता है ।

240
01:16:14.510 --> 01:16:23.479
तो क्या उसको सम्पूर्ण आत्मा कहेंगे ?

241
01:16:25.479 --> 01:16:45.939
बाल बच्चों सहित छोटे मोटे सहित व्रत धारण किया कि हम सदा के लिए पवित्र रहेंगे ।

242
01:16:47.939 --> 01:16:50.220
किया है ना वायदा ?

243
01:16:50.220 --> 01:16:55.539
कि एक ब्रह्मचर्य का व्रत लिया है ?

244
01:16:57.819 --> 01:17:00.340
आपका टाइटिल क्या है ?

245
01:17:00.340 --> 01:17:11.880
सम्पूर्ण निर्विकारी मर्यादा पुरूषोत्तम यही टाइटिल है ना ?

246
01:17:11.880 --> 01:17:16.399
कि थोड़ी थोड़ी मर्यादा कम ।

247
01:17:18.399 --> 01:17:34.680
तो जो समझते हैं कि हमने मेरा बाबा कहा मेरा बाबा में सबने हाथ उठाया

248
01:17:36.109 --> 01:17:46.909
जब मेरा बाबा कहा तो बाप समान तो बनना पड़ेगा ना ।

249
01:17:48.279 --> 01:17:59.369
बस एक मात्रा का फर्क करो जहाँ मेरा आवे ना वहाँ तेरा याद रखो ।

250
01:18:04.000 --> 01:18:17.199
एक शब्द का फर्क याद रखने से तीन तख्त के निवासी बनेंगे ।

251
01:18:23.539 --> 01:18:58.279
तो एक व्रत सदा के लिए पवित्रता मर्यादा पुरूषोत्तम का आपने सदा के लिए धारण किया वह एक दिन के लिए करते हैं कापी तो की है लेकिन आटे में नमक समान की है।

252
01:18:58.279 --> 01:19:01.250
फिर भी की तो है ।

253
01:19:01.250 --> 01:19:05.649
बुद्धिवान तो हैं ना !

254
01:19:09.199 --> 01:19:16.449
और दूसरा व्रत रखते हैं खानपान का ।

255
01:19:16.449 --> 01:19:27.939
तो आप सबने भी शुद्ध भोजन का व्रत रखा है ना ।

256
01:19:27.939 --> 01:19:31.250
कापी तो की है ना ।

257
01:19:31.250 --> 01:19:40.619
आपने भी पूरा किया है या कभी थक जाते तो कहते अच्छा कुछ खा लो ।

258
01:19:40.619 --> 01:19:44.170
ऐसे तो नहीं ?

259
01:19:45.649 --> 01:19:55.250
थक जाओ या तंग हो यूथ वाले क्या करते हैं ?

260
01:19:55.250 --> 01:19:59.600
जो कुमार हैं वह हाथ उठाओ ।

261
01:19:59.600 --> 01:20:04.279
कुमार ।

262
01:20:07.020 --> 01:20:09.140
अच्छा ।

263
01:20:09.140 --> 01:20:11.710
बहुत अच्छा ।

264
01:20:11.710 --> 01:20:17.250
कुमारियां हाथ उठाओ ।

265
01:20:22.279 --> 01:20:37.140
फारेनर्स में कुमारियां लाइट वाली कुमारियां हैं ( सिर पर छोटा बल्ब लगाया है )

266
01:20:42.449 --> 01:20:51.250
कुमारों ने पूरा व्रत निभाया है कि कभी थक जाते हैं ?

267
01:20:52.850 --> 01:21:14.399
कुमार जो आते ही अभी भी विधि पूर्वक खानपान का व्रत निभाते हैं वह हाथ उठाओ ।

268
01:21:35.479 --> 01:21:41.020
पास हैं अच्छा मुबारक हैं ।

269
01:21:41.020 --> 01:21:48.510
आपको पदमगुणा मुबारक हैं ।

270
01:21:53.310 --> 01:22:06.909
मेहनत तो थोड़ी लगती है लेकिन बाप के प्यार में यह मेहनत नहीं मुहब्बत है ।

271
01:22:08.909 --> 01:22:13.020
तो देखो कापी तो की है ना ।

272
01:22:13.020 --> 01:22:17.420
व्रत रखते हैं एक दिन के लिए ।

273
01:22:17.420 --> 01:22:22.800
और आप व्रत रखते हो जीवन के लिए ।

274
01:22:22.800 --> 01:22:29.140
एक जीवन का व्रत सदा आपेही चलता है ।

275
01:22:29.140 --> 01:22:31.939
फिर मेहनत नहीं करनी पड़ती ।

276
01:22:31.939 --> 01:22:40.739
एक जन्म छोटा सा इसमें मेहनत जरूर है त्याग है ।

277
01:22:40.739 --> 01:22:53.079
त्याग का भाग्य बनता है और साथ में क्या करते हैं ? जागरण ।

278
01:22:53.539 --> 01:22:57.770
आपने कौन सा जागरण किया है ?

279
01:22:58.109 --> 01:23:14.109
वह नींद का त्याग करते हैं आपने भी अज्ञान की नींद का त्याग किया है

280
01:23:14.109 --> 01:23:29.020
कि अज्ञान की नींद को बिना समय के नींद को आने नहीं देंगे ।

281
01:23:29.020 --> 01:23:32.510
झुटके नहीं खायेंगे ।

282
01:23:32.510 --> 01:23:35.140
ऐसे ऐसे नहीं ।

283
01:23:35.140 --> 01:23:38.800
ऐसे ।

284
01:23:39.199 --> 01:23:43.600
लिया है ना व्रत यह भी ।

285
01:23:46.109 --> 01:23:52.170
कईयों की आदत होती है ऐसे ऐसे करने की ।

286
01:23:58.619 --> 01:24:19.710
बापदादा कहते हैं त्याग किया दृढ़ संकल्प किया तो फिर फिर दृढ़ संकल्प ढीला क्यों करते हो ?

287
01:24:20.850 --> 01:24:26.569
स्क्रू टाइट करना नहीं आता है ?

288
01:24:28.569 --> 01:24:37.420
इसको टाइट करने का स्क्रू ड्राइवर है प्रतिज्ञा ।

289
01:24:40.970 --> 01:24:51.140
अभी जो कार्य रहा हुआ है कौन सा रहा हुआ है ?

290
01:24:55.770 --> 01:24:59.479
बोलो ।

291
01:24:59.479 --> 01:25:03.710
प्रत्यक्षता का ।

292
01:25:04.850 --> 01:25:08.619
इसका ही पुरूषार्थ कर रहे हो ना ।

293
01:25:08.619 --> 01:25:16.449
मेरा बाबा आ गया यह झण्डा क्यों लहराते हो ?

294
01:25:17.310 --> 01:25:24.279
कोई भी कार्य करते हो झण्डा लहराते हो ।

295
01:25:28.170 --> 01:25:33.079
आज भी झण्डा लहरायेंगे ना ।

296
01:25:33.079 --> 01:25:37.600
किसका झण्डा लहरायेंगे ?

297
01:25:38.909 --> 01:25:53.770
बापदादा का सेवा का बर्थ डे का झण्डा लहरायेंगे ।

298
01:25:53.770 --> 01:26:05.770
जैसे झण्डा लहराते हो तो जब तक पूरा खुले नहीं तब तक खोलते रहते हो ।

299
01:26:05.770 --> 01:26:17.199
समाप्ति झण्डे की तब तक होती है जब तक फूल नहीं बरसा है ।

300
01:26:21.420 --> 01:26:28.279
तो आप भी प्रत्यक्षता क्या चाहते हो ?

301
01:26:28.279 --> 01:26:33.020
बाप की प्रत्यक्षता हो ।

302
01:26:35.020 --> 01:26:58.449
तो जितनी जागरण की व्रत लेने की प्रतिज्ञा पक्की करेंगे तो प्रत्यक्षता जल्दी से जल्दी होगी ।

303
01:27:07.310 --> 01:27:15.710
तो प्रत्यक्षता चाहते हो ना !

304
01:27:18.399 --> 01:27:26.170
तो समय को समीप लाने वाले कौन ?

305
01:27:27.369 --> 01:27:32.050
आप सब हो ना !

306
01:27:34.050 --> 01:27:52.000
समय को समीप लाने वाले आप सच्चे सेवाधारी बच्चे हो ।

307
01:27:53.539 --> 01:27:59.369
विश्व परिवर्तक बच्चे हो ।

308
01:28:05.140 --> 01:28:11.079
तो बर्थ डे की सौगात मंजूर है !

309
01:28:11.079 --> 01:28:16.050
देना भी लेना भी दोनों बताई ।

310
01:28:16.050 --> 01:28:22.220
सिर्फ देनी नहीं है लेनी भी है ।

311
01:28:23.819 --> 01:28:27.649
हाथ उठाओ जो दोनों करेंगे ।

312
01:28:27.649 --> 01:28:30.850
जो दोनों करेंगे ?

313
01:28:34.279 --> 01:28:36.340
अच्छा ।

314
01:28:36.340 --> 01:28:39.250
बहुत अच्छा ।

315
01:28:43.600 --> 01:28:46.279
अच्छा ।

316
01:28:46.739 --> 01:28:54.680
यह आपका चित्र इसमें आ रहा है ।

317
01:28:56.340 --> 01:29:04.170
( टी वी में ) तो जो कुछ थोड़ा फेल होगा ना उसको यह चित्र भेज देंगे ।

318
01:29:06.170 --> 01:29:08.279
फिर से हाथ उठाओ ।

319
01:29:08.279 --> 01:29:17.310
यहाँ निकल रहा है ।

320
01:29:21.649 --> 01:29:24.449
अच्छा ।

321
01:29:31.369 --> 01:29:44.170
अच्छा है तो मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

322
01:29:50.569 --> 01:30:11.250
बापदादा के पास चारों ओर से पदम पदमगुणा मुबारकें पहुंच गई हैं ।

323
01:30:12.850 --> 01:30:36.279
हर एक दिल में कहता वा पत्र में लिखता वा ईमेल करता तो हमारी मुबारक सबसे पहले हो ।

324
01:30:37.479 --> 01:30:51.770
तो बापदादा कहते हैं कि बापदादा ने सबकी मुबारक पहले पहले स्वीकार की है ।

325
01:30:51.770 --> 01:31:06.340
नम्बर नहीं लगाया है सबकी इकट्ठी दिल की मुबारक स्वीकार कर ली ।

326
01:31:11.710 --> 01:31:19.020
देखो दूर वाले जो देख रहे हैं वह भी ताली बजा रहे हैं ।

327
01:31:26.449 --> 01:31:38.109
और चारों ओर मुबारक मुबारक के गीत बज रहे हैं दिल में ।

328
01:31:38.109 --> 01:31:56.050
यह गीत नहीं दिल के गीत बिना मेहनत के खुशी हुई और स्टार्ट हो जाते हैं ।

329
01:32:00.050 --> 01:32:07.140
खुशी दिल के गीतों की चाबी है ।

330
01:32:09.140 --> 01:32:16.970
वाह बाबा मीठा बाबा कहा यह चाबी है ।

331
01:32:16.970 --> 01:32:22.109
है ना चाबी ?

332
01:32:23.020 --> 01:32:25.649
कभी कभी चाबी नहीं ।

333
01:32:25.649 --> 01:32:28.279
सदा खुश ।

334
01:32:28.279 --> 01:32:42.000
बापदादा को कोई भी बच्चे का चेहरा बोल या कर्म

335
01:32:42.680 --> 01:33:05.199
थोड़ा भी चिंतन वाला चिंता वाला व्यर्थ संकल्प वाला दुविधा वाला चेहरा देखते हैं ना तो अच्छा नहीं लगता ।

336
01:33:10.000 --> 01:33:22.340
भगवान के बच्चे अगर सदा खुश नहीं रहेंगे तो कौन रहेंगे !

337
01:33:22.800 --> 01:33:26.619
आप ही हो ना ।

338
01:33:26.619 --> 01:33:35.939
चेहरा कभी भी चिंता वाला नहीं शुभचिंतन ।

339
01:33:35.939 --> 01:33:57.710
जब चिंता आवे ना किसी भी प्रकार की तो बाप मेरे कम्बाइण्ड है चिंता बाप को दे दो शुभचिंतक आप बन जाओ ।

340
01:34:04.449 --> 01:34:17.369
क्योंकि बापदादा सदाहर्षित रहते हैं ना तो बच्चे मुरझाये हुए हों किसके बच्चे हैं ?

341
01:34:18.000 --> 01:34:21.770
भगवान के ।

342
01:34:23.770 --> 01:34:41.819
चेहरा कभी भी चाहे पहाड़ आ जाए लेकिन पहाड़ को भी आप रूई बना सकते हो ।

343
01:34:54.000 --> 01:35:02.220
बाप के साथ अपने को जोड़ लो तो क्या हो जायेगा ?

344
01:35:04.220 --> 01:35:16.170
जो पहाड़ है वह रूई हो जायेगा क्योंकि सर्वशक्तिवान को साथ कर दिया ना ।

345
01:35:16.170 --> 01:35:28.850
आप भले कमज़ोर हो लेकिन सर्वशक्तिवान आपके साथ कम्बाइण्ड है तो समय पर काम में लगाओ ।

346
01:35:28.850 --> 01:35:35.539
कहने तक नहीं काम में लगाओ ।

347
01:35:40.220 --> 01:35:56.220
तो सदा खुशनुमा चेहरा और दिल सदा खुशनसीब ।

348
01:36:00.109 --> 01:36:26.170
बापदादा चैलेन्ज करे कि अगर खुशनसीब खुशनुमा चेहरा देखना हो तो भगवान के सेन्टरों पर देखो करें चैलेन्ज ।

349
01:36:26.170 --> 01:36:31.479
करें चैलेन्ज ?

350
01:36:31.479 --> 01:36:37.079
कभी मुरझाना नहीं पड़ेगा ।

351
01:36:37.539 --> 01:36:40.050
क्यों मुरझायें ?

352
01:36:40.050 --> 01:36:45.939
कोई कमी हो तो मुरझाओ ।

353
01:36:45.939 --> 01:36:48.569
क्या कमी है ?

354
01:36:48.569 --> 01:37:08.000
खुशी की खुराक मानों आपको कमी है कोई भी हेल्थ की वेल्थ की तो खुशी के लिए क्या कहते हैं ?

355
01:37:08.000 --> 01:37:14.340
खुशी जैसा कोई खज़ाना नहीं ।

356
01:37:14.340 --> 01:37:18.109
तो वेल्थ हुआ ना ।

357
01:37:18.109 --> 01:37:21.079
है वेल्थ आपके पास ।

358
01:37:21.079 --> 01:37:23.310
खुशी है ?

359
01:37:23.310 --> 01:37:25.710
हाथ उठाओ ।

360
01:37:25.710 --> 01:37:28.399
खुशी है ना !

361
01:37:28.399 --> 01:37:31.310
तो वेल्थ है ।

362
01:37:31.310 --> 01:37:52.850
और खुशी जैसा कोई भोजन नहीं खुशी जैसी कोई खुराक ही नहीं है चाहे 36 प्रकार की भोजन हो लेकिन खुशी नहीं तो सूखा ।

363
01:37:53.310 --> 01:38:02.739
और खुशी है तो सूखी रोटी 36 प्रकार का सुख देगी

364
01:38:08.279 --> 01:38:19.819
और बाप का वायदा भी है जो सच्ची दिल साफ दिल बड़ी दिल ।

365
01:38:19.819 --> 01:38:31.479
तीन बातें याद रखो सच्ची दिल साफ दिल बड़ी दिल यह तीनों बातें

366
01:38:31.479 --> 01:38:43.710
अगर याद रहें तो कोई भी समय दुनिया की हालतें कैसी भी हों

367
01:38:43.710 --> 01:38:56.909
लेकिन तीन ही बातें याद हैं तो आप सबको दाल रोटी बाप खिलायेगा ।

368
01:39:04.000 --> 01:39:09.250
दो चार सब्जी नहीं खिलायेगा । दाल रोटी खिलायेगा ।

369
01:39:09.250 --> 01:39:15.310
दाल रोटी खाओ प्रभु के गुण गाओ ।

370
01:39:22.569 --> 01:39:25.649
अनुभव किया है ना !

371
01:39:27.649 --> 01:39:36.170
पुराने जो पहले पहले आये हैं उन्होंने अनुभव कर लिया है ।

372
01:39:36.170 --> 01:39:40.850
कभी भूखे रहे ?

373
01:39:42.850 --> 01:39:59.880
और ही जो गुड़ है ना उसको बोर्नवीटा बनाके बापदादा हाथ से खिलाता था ।

374
01:40:03.479 --> 01:40:14.220
और बापदादा के हाथ से रोटी खाते सबका पेट भर गया ।

375
01:40:14.220 --> 01:40:19.079
बोर्नवीटा बनाने आता है नहीं आता ?

376
01:40:20.279 --> 01:40:38.000
कैसी भी हालत हो यह गुड़ सब्जी नहीं हो दाल नहीं हो यह बोर्नवीटा बहुत सुख देता है बनाने सीख जाओ ।

377
01:40:38.000 --> 01:40:42.050
सभी यहाँ सीख के जाना ।

378
01:40:45.199 --> 01:40:53.939
आईवेल में यह बोर्नवीटा बहुत काम में आयेगा ।

379
01:40:58.399 --> 01:41:03.479
लेकिन चार बातें याद करना ।

380
01:41:03.479 --> 01:41:14.850
ऐसे नहीं एक भी बात कम होगी तो ढूंढना पड़ेगा सहज नहीं मिलेगा ।

381
01:41:19.819 --> 01:41:52.050
इसलिए चेक करो चार ही बातें हैं - सच्चाई तन की मन की धन की सम्बन्ध सम्पर्क की दिल की सच्चाई दिल बड़ी ।

382
01:41:53.600 --> 01:42:04.680
दिल बड़ी होती है तो जो भी इच्छा होती है जरूरत होती है वह पूर्ण हो ही जाती है ।

383
01:42:04.680 --> 01:42:06.680
करके देखो ।

384
01:42:07.199 --> 01:42:13.020
जहाँ दिल बड़ी है ना वहाँ सब इच्छायें हो जाती हैं ।

385
01:42:13.020 --> 01:42:22.050
दिल छोटी करेंगे तो सब क्रियेशन छोटी हो जाती ।

386
01:42:27.020 --> 01:42:35.020
बाप राजी तो क्या कमी है ।

387
01:42:40.680 --> 01:42:44.619
तो पुरूषार्थ करो ।

388
01:42:47.250 --> 01:42:54.510
तो फिर मुबारक की तालियां बजाओ ।

389
01:43:42.109 --> 01:44:20.220
सेवा का टर्न कर्नाटक ज़ोन का है 8 हजार कर्नाटक से आये हैं :- अच्छा ।

390
01:44:22.000 --> 01:44:24.170
टीचर्स भी काफी है ।

391
01:44:31.649 --> 01:44:44.680
सभी टीचर्स को बापदादा खास बर्थ डे की मुबारक दे रहे हैं ।

392
01:44:47.140 --> 01:44:53.140
क्यों खास दे रहे हैं ?

393
01:44:53.140 --> 01:44:55.770
क्यों ?

394
01:44:55.770 --> 01:45:19.939
क्योंकि ऐसे योग्य बनाया है जो यज्ञ सेवा के योग्य हो सके क्योंकि यज्ञ सेवा का चाहे 10 दिन है चाहे 11 दिन हैं

395
01:45:19.939 --> 01:45:49.539
लेकिन अगर यज्ञ सेवा अपने विधि पूर्वक विधान पूर्वक किया तो यज्ञ की सेवा के 11 दिन 11 जन्म प्राप्त होता है ।

396
01:45:54.109 --> 01:46:18.000
इसलिए यज्ञ सेवा का पुण्य वर्तमान समय जैसे अभी आपको खुशी हो रही है ना है ना खुशी एकस्ट्रा खुशी ।

397
01:46:18.000 --> 01:46:27.939
मधुबन में पहुंचना अर्थात् एकस्ट्रा खुशी का खज़ाना मिलना ।

398
01:46:29.819 --> 01:46:47.020
तो ऐसे योग्य बनाकर लाये हैं पुरूषार्थ कराया है इसीलिए टीचर्स को मुबारक हो ।

399
01:46:51.710 --> 01:47:07.770
और मातायें मातायें हाथ उठाओ ज़ोन वाली मातायें भी बहुत हैं ।

400
01:47:08.050 --> 01:47:17.250
माताओं को भी मुबारक है क्यों ?

401
01:47:18.000 --> 01:47:33.880
क्योंकि मातायें मधुबन तो सम्भालते हैं लेकिन सेन्टर्स भी सम्भालती हैं ।

402
01:47:33.880 --> 01:47:59.369
बापदादा आदि से कहते हैं कि जहाँ सेन्टर पर मातायें हैं वहाँ भण्डारा और भण्डारी सदा भरती रहती है ।

403
01:48:05.479 --> 01:48:10.909
अच्छा उन्हों को विशेष मुबारक ।

404
01:48:10.909 --> 01:48:17.649
और पाण्डव जो अधरकुमार हैं वह हाथ उठाओ ।

405
01:48:17.649 --> 01:48:49.649
अधरकुमार देखो आपकी भी एक विशेषता है जैसे माताओं की विशेषता है वैसे अधरकुमारों की भी विशेषता है ।

406
01:48:49.649 --> 01:48:53.770
क्यों ? क्या विशेषता है ?

407
01:48:53.770 --> 01:49:05.020
क्योंकि जो दोनों आते हैं एक दो के साथी हैं कोई विघ्न नहीं है एक मत हैं ।

408
01:49:05.020 --> 01:49:27.600
नहीं तो दो मत में फिर भी खिटखिट होती है लेकिन जब दोनों एक मत हो जाते हैं तो अधरकुमार सेवा में बहुत आगे जाते हैं ।

409
01:49:27.600 --> 01:49:32.220
समय निकाल सकते हैं ।

410
01:49:34.220 --> 01:49:45.140
यूथ भी समय निकालते हैं लेकिन अधरकुमार डबल काम करते हैं ।

411
01:49:48.909 --> 01:49:53.310
कौन सा डबल काम करते हैं ?

412
01:49:53.649 --> 01:50:06.619
एक जो विश्व की सेवा है उसमें समय ज्यादा दे सकते हैं

413
01:50:06.619 --> 01:50:22.800
और दूसरा अपने धन को भी जितना चाहें उतना सफल कर सकते हैं क्योंकि दोनों राजी हैं ।

414
01:50:24.800 --> 01:50:43.939
तो अधरकुमार जितना अपना जमा करना चाहें सफल करना चाहें उतना कर सकते हैं क्यों कारण ?

415
01:50:43.939 --> 01:50:46.220
कोई विघ्न नहीं ।

416
01:50:46.220 --> 01:50:55.079
मन का विघ्न और बात है लेकिन सम्बन्ध का विघ्न नहीं ।

417
01:50:55.710 --> 01:51:08.680
इसीलिए आप लोगों का भी यज्ञ में विशेष पार्ट है ।

418
01:51:08.909 --> 01:51:19.710
और अधरकुमार कुमारियों को देख वृद्धि बहुत जल्दी होती है ।

419
01:51:20.909 --> 01:51:43.600
प्रैक्टिकल देखते हैं ना कि सब वर्ग वाले आते हैं परिवार में भी रहते हैं सब कुछ करते हुए भी अपना भाग्य बना सकते हैं पहले जो वायुमण्डल था

420
01:51:43.600 --> 01:52:09.539
कि घरबार छुड़ाते हैं डर था और अभी समझते हैं कि डबल काम कर सकते हैं और मदद मिलती है ।

421
01:52:11.020 --> 01:52:12.850
समझा ।

422
01:52:12.850 --> 01:52:16.399
अच्छा ।

423
01:52:30.050 --> 01:53:18.109
80 देशों के 1200 डबल विदेशी आये हैं :- डबल फारेनर नहीं कहो डबल तीव्र पुरूषार्थी ।

424
01:53:20.109 --> 01:53:23.369
पसन्द है ना टाइटिल ।

425
01:53:23.369 --> 01:53:30.569
डबल फारेनर्स तो कामन है ।

426
01:53:30.569 --> 01:53:36.050
वह तो बहुत डबल फारेनर हैं ।

427
01:53:41.079 --> 01:54:10.449
बापदादा को फारेनर्स के लिए खुशी होती है कि फारेनर्स मधुबन का श्रृंगार बन गये हैं ।

428
01:54:15.250 --> 01:54:35.600
देखो इण्डिया के भिन्न भिन्न देशों से आते हैं तो फारेनर्स कम क्यों हो इसमें भी अच्छी रेस की है ।

429
01:54:35.600 --> 01:54:39.369
80 देश तो आ गये हैं ।

430
01:54:40.399 --> 01:54:56.170
तो बापदादा एक बात में मैजारिटी को देख करके खुश है

431
01:54:56.170 --> 01:55:08.739
कि जो भी आते हैं वह अभी एक कल्चर वाले हो गये हैं ।

432
01:55:09.369 --> 01:55:15.819
सभी एक ब्राह्मण कल्चर वाले हैं ।

433
01:55:15.819 --> 01:55:19.710
हैं ना ! हाथ उठाओ ।

434
01:55:19.710 --> 01:55:27.600
अभी विदेश की कल्चर वाले नहीं सब ब्राह्मण कल्चर वाले ।

435
01:55:27.600 --> 01:55:44.850
आये थे तो भिन्न भिन्न कल्चर वाले आये थे लेकिन कल्चर को भी पार कर लिया यह बड़ी दीवार थी

436
01:55:44.850 --> 01:55:56.619
लेकिन इस बड़ी दीवार को क्रास कर लिया है अभी लगता ही नहीं है कि यह कोई अलग हैं ।

437
01:55:56.619 --> 01:56:04.399
अभी उठके देखे टी वी में सब ब्राह्मण कल्चर वाले ।

438
01:56:04.399 --> 01:56:10.619
अच्छा लगता है ना एक ही कल्चर ।

439
01:56:10.619 --> 01:56:27.939
जैसे शुरू में बच्चे आये थे तो भिन्न भिन्न वृक्ष की टालिंयां आई थी अपने अपने घरों से अपने वालों के साथ आये थे ।

440
01:56:28.970 --> 01:56:52.970
लेकिन बापदादा ने शुरू में ही कहा कि आप भिन्न भिन्न वृक्ष की डालियां आई हो लेकिन यहाँ एक चंदन के बृक्ष मे समा जायेंगी ।

441
01:56:52.970 --> 01:56:57.310
एक चंनद का वृक्ष बनेगा ।

442
01:56:59.710 --> 01:57:13.369
आदि में आने वाले बच्चे आदि रत्न एक चंदन का वृक्ष बनें तब तो चंदन की खुशबू फैलाई ।

443
01:57:14.050 --> 01:57:17.710
विदेश तक भी पहुंची ना ।

444
01:57:17.710 --> 01:57:20.109
तब तो आये ।

445
01:57:20.109 --> 01:57:31.479
तो विदेशी भी भिन्न भिन्न कल्चर में आये लेकिन अभी एक कल्चर ।

446
01:57:31.710 --> 01:57:34.680
पसन्द है ना !

447
01:57:34.680 --> 01:57:37.600
पसन्द है हाथ उठाओ ।

448
01:57:39.600 --> 01:57:43.310
कभी मुश्किल तो नहीं लगता ।

449
01:57:43.310 --> 01:58:07.819
हाँ काम काज में रंगीन डे्रस पहनते हो वह तो एलाउ है बापदादा को फारेनर्स की एक बात और भी अच्छी लगती है कौन सी ?

450
01:58:07.819 --> 01:58:19.140
जो सेवा के निमित्त हैं सेन्टर सम्भालते हैं उन्हों की विशेषता है ।

451
01:58:19.140 --> 01:58:34.279
खाना भी अपना तैयार करते क्लास भी कराते जिज्ञासु भी सम्भालते और बाहर का जॉब भी करते

452
01:58:35.710 --> 01:58:45.539
भारत के बच्चे जब शुरू में गये तो क्या देखा ?

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विशेषता देखी वहाँ ही क्लास पूरा हुआ सात दिन का आटा गूंद के रखेंगे ब्रेड बनाके रखेंगे क्लास पूरा हुआ

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जो कुछ दूध में डालने की भिन्न भिन्न चीज़ें अच्छी मिलती है वह खाके और भागे ।

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तो सब काम फुर्त बनके किया और वृद्धि की पहले सिर्फ एक लण्डन था लण्डन वाले हाथ उठाओ ।

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लण्डन वाले एक से अनेक हो गये ना ।

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इसीलिए बापदादा ने टाइटिल दिया है डबल पुरूषार्थी ।

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और फारेन की सेवा ने और धर्म वाले भी तैयार किये हैं ।

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क्रिश्चियन तो हैं ही लेकिन मुस्लिम देश में भी कितने छिपे हुए बच्चे निकले हैं और आगे बढ़ रहे हैं ।

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और तरीके से कर रहे हैं ।

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बापदादा ने बच्ची को याद किया था ।

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क्या नाम था ?

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जो सेन्टर खोल रही है - (वजीहा बहन)।

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और नैरोबी वाले भी अच्छी कर रहे हैं ।

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वह भी निकाल रहे हैं ।

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तो टाइटिल पसन्द है ना ।

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डबल पुरूषार्थी ।

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हैं ?

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डबल पुरूषार्थ है ।

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अच्छा ।

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निमित्त बनी हुई टीचर्स ने मेहनत अच्छी की है ।

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इसलिए बापदादा सभी निमित्त टीचर्स को भी विशेष बधाई दे रहे हैं ।

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अभी तो मेहनत का फल खा रहे हैं ।

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पहले भी सुनाया है कि बापदादा का विश्व कल्याणकारी का टाइटिल विदेश सेवा से हुआ है ।

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तो विशेष अलग अलग देश से पधारे हुए बच्चों को अपने देश वासियों सहित

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जो ब्राह्मण परिवार के हैं उस सहित पदम पदमगुणा मुबारक बर्थ डे की हो ।

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और विशेष बापदादा को यह पसन्द है कि सबइकट्ठे होके विशेष मीटिंग करते हैं

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आर सी ओ एन सी ओ जो भी हैं आपस में इकट्ठेहोके सारे वर्ष का प्लैन बनाते हैं

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और मधुबन के वायुमण्डल में बापदादा और विशेष निमित्त ब्राह्मणों की शुभ भावना शुभ कामना लेके जाते हैं तो इसकी रिजल्ट बहुत अच्छी है ।

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बापदादा जो चाहता था कभी चाहता था लेकिन अभी वह रिजल्ट सामने आ रही है ।

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इसकी भी मुबारक हो ।

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तो बापदादा वाह बच्चे वाह !

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लवली बच्चे वाह !

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लक्की बच्चे वाह !

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वाह वाह का गीत गाके मुबारक दे रहे हैं ।

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वर्ग वाले जो भी आये हों वर्ग वाले जो वर्ग वाले अपनी मीटिंग कर रहे हैं ना ।

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मीटिंग भले करो

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मीटिंग करना चाहिए ।

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क्योंकि बापदादा ने जो कहा है वह अभी किया नहीं है ।

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इसलिए मीटिंग करनी चाहिए और जैसे बापदादा ने कहा कोई भी स्थान पर इकट्ठे करो

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मालूम तो पड़े किवर्गीकरणके कनेक्शन वाले सहयोगी स्नेही कितने निकले हैं और कौन से निकले हैं ?

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बाकी अच्छा है चला रहे हो चलाते रहो ।

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अच्छा ।

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चारों ओर के बापदादा के दिलतख्तनशीन बच्चों को

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चारों ओर के तीव्र पुरूषार्थी बच्चों को

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चारों ओर के बापदादा ने जो गिफ्ट दी उस गिफ्ट को स्वीकार करने वाले

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और जो बच्चों ने बापदादा को गिफ्ट दी संकल्प से उस संकल्प को सदा दृढ़ करने वाले

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ऐसे दृढ़ पुरूषार्थी प्रतिज्ञा कर प्रत्यक्षता करने वाले सर्व बच्चों को

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बापदादा का बहुत-बहुत दिल का दुलार और दिल का यादप्यार स्वीकार हो और सभी बच्चों को बार बार बधाई , बधाई , बधाई ।

