WEBVTT

1
00:18:31.140 --> 00:19:06.049
आज बापदादा चारों ओर के बच्चे जो डबल मालिक हैं

2
00:19:11.420 --> 00:19:24.970
उन हर एक बच्चे को देख रहे हैं ।

3
00:19:28.049 --> 00:20:07.250
एक तो बाप के सर्व खज़ानों के मालिक हैं और दूसरा स्वराज्य के मालिक हैं ।

4
00:20:11.599 --> 00:20:34.680
दोनों मालिकपन हर बच्चे को बाप द्वारा मिला हुआ है ।

5
00:20:44.339 --> 00:20:54.279
बालक भी हैं और मालिक भी हैं ।

6
00:20:54.279 --> 00:21:33.019
मेरा बाबा कहा और बाप ने भी मेरा बच्चा कहा तो बालक और मालिक दोनों अनुभव है ।

7
00:21:41.200 --> 00:22:11.369
आज बहुत-बहुत बच्चे आये हैं इस वर्ष का लास्ट टर्न है ।

8
00:22:13.369 --> 00:22:33.769
तो आज बापदादा ने हर एक का पुरूषार्थ चेक किया ।

9
00:22:37.769 --> 00:22:47.140
तो बताओ क्या देखा होगा ?

10
00:22:49.650 --> 00:23:04.569
हर एक अपने से पूछे मेरा पुरूषार्थ क्या ?

11
00:23:10.170 --> 00:23:29.140
बापदादा सभी बच्चों को देख खुश भी हुए

12
00:23:31.140 --> 00:23:50.619
लेकिन एक आश बाप की है बतायें वह क्या है !

13
00:23:51.019 --> 00:24:02.509
बाप की आश को पूर्ण करेंगे ना !

14
00:24:03.819 --> 00:24:16.049
एक ही आश थी बतायें !

15
00:24:17.369 --> 00:24:27.480
हाथ उठाओ जो आश पूर्ण करेंगे ।

16
00:24:29.480 --> 00:24:39.819
बहुत अच्छा ।

17
00:24:44.910 --> 00:25:14.910
छोटी सी आश है वह है आज से एक शब्द बदली करो कौन सा शब्द ?

18
00:25:17.250 --> 00:25:36.740
जो बार-बार नीचे ले आता है वह शब्द है - कारण ।

19
00:25:40.220 --> 00:26:07.599
इस कारण शब्द को परिवर्तन कर निवारण शब्द सदा धारण करो

20
00:26:10.970 --> 00:26:24.680
क्योंकि आपकी सेवा भी अभी कौन सी है ?

21
00:26:26.400 --> 00:27:02.049
विश्व के आत्माओं की सबकी समस्या का कारण निवारण कर निवारण करते ही निर्वाणधाम में ले जाना है

22
00:27:05.079 --> 00:27:14.910
क्योंकि आप सभी मुक्तिदाता हो ।

23
00:27:17.650 --> 00:27:54.450
तो जब औरों को भी मुक्ति दिलाने वाले हो तो स्वयं भी कारण को निवारण करेंगे तब औरों को मुक्ति दिला सकेंगे ।

24
00:27:56.450 --> 00:28:02.339
निर्वाण में भेज सकेंगे ।

25
00:28:06.109 --> 00:28:27.140
तो यह एक शब्द का अन्तर करना मुश्किल है कि सहज है ?

26
00:28:28.279 --> 00:28:31.480
सोचो ।

27
00:28:31.480 --> 00:28:55.880
आज बापदादा जो भी आये हैं वा अपने अपने स्थान पर देख रहे हैं सुन रहे हैं

28
00:28:56.740 --> 00:29:27.140
उन सभी से एक शब्द का परिवर्तन चाहते हैं क्योंकि कारण नीचे ले आता है ।

29
00:29:28.740 --> 00:29:54.170
कारण में तो आधाकल्प रहे अभी निवारण करने का समय है ।

30
00:29:55.710 --> 00:30:08.509
निवारण और निर्वाण मुक्ति ।

31
00:30:09.710 --> 00:30:17.940
तो हिम्मत है आज बाप को देने की ।

32
00:30:17.940 --> 00:30:37.309
लास्ट टर्न है ना सभी उमंग-उत्साह से आये हैं और बापदादा एक एक को मुबारक दे रहे हैं ।

33
00:30:41.650 --> 00:30:56.170
सोने की खाना खाने की मुश्किल भी है

34
00:30:56.170 --> 00:31:17.940
लेकिन सब स्नेह से स्नेह के प्लेन ने आप सबको मधुबन में पहुंचा दिया है ।

35
00:31:19.369 --> 00:31:46.799
बापदादा हर एक का स्नेह देख हर एक को पदमगुणा दिल का स्नेह दे रहे हैं ।

36
00:31:46.799 --> 00:31:56.569
लेकिन स्नेह में आप क्या करते हो ?

37
00:31:56.569 --> 00:32:10.049
जिससे स्नेह होता है ना उसको स्नेह में सौगात भी दी जाती है ।

38
00:32:12.049 --> 00:32:37.200
तो आज बापदादा सौगात में यह कारण शब्द लेना चाहते हैं ।

39
00:32:42.799 --> 00:32:56.339
यह आश बापदादा की पूर्ण करनी है ना !

40
00:32:56.339 --> 00:33:05.880
फिर हाथ उठाओ यहाँ ही छोड़कर जाना है ।

41
00:33:08.619 --> 00:33:16.799
यहाँ गेट से निकलो तो कारण शब्द समाप्त हो ।

42
00:33:16.799 --> 00:33:31.250
गलती से आ भी जाए तो बाप को दी हुई चीज़ अमानत है ।

43
00:33:32.279 --> 00:33:39.420
तो अमानत में क्या किया जाता है ?

44
00:33:39.420 --> 00:33:44.910
वापस लिया जाता है ?

45
00:33:47.200 --> 00:33:55.480
तो सभी ने दृढ़ संकल्प किया ?

46
00:33:55.480 --> 00:33:57.819
किया ?

47
00:33:57.819 --> 00:33:59.819
किया ?

48
00:33:59.819 --> 00:34:03.819
हाथ उठाओ फिर से ।

49
00:34:16.170 --> 00:34:19.880
फिर वाले हाथ हिलाओ ।

50
00:34:19.880 --> 00:34:24.219
अच्छा ।

51
00:34:33.539 --> 00:34:38.619
बहुत अच्छा ।

52
00:34:39.820 --> 00:35:01.369
क्योंकि अभी समय अनुसार आपके पास क्यू लगेगी ।

53
00:35:02.510 --> 00:35:07.019
किसलिए क्यू लगेगी ?

54
00:35:07.019 --> 00:35:18.679
हे मुक्तिदाता मुक्ति दो ।

55
00:35:22.340 --> 00:35:57.199
तो देने वाले मुक्तिदाता पहले आप इस एक शब्द से मुक्त बनेंगे तब तो मुक्ति दे सकेंगे ।

56
00:36:05.139 --> 00:36:19.420
बापदादा यही चाहते हैं

57
00:36:24.280 --> 00:37:00.280
कि अभी इस वर्ष का होमवर्क यही रहे कि मुझे मुक्त बन मुक्ति दिलाना है

58
00:37:00.679 --> 00:37:14.449
क्योंकि समस्यायें दिनप्रतिदिन बहुत बढ़नी है ।

59
00:37:16.449 --> 00:37:31.019
तो समस्या समाधान रूप में बदल जाए ।

60
00:37:32.110 --> 00:37:52.219
मेहनत और समय समस्या मिटाने में नहीं लगे ।

61
00:37:55.420 --> 00:38:17.309
क्या आपको अपने भक्तों की और समय की पुकार सुनाई नहीं देती !

62
00:38:45.079 --> 00:39:27.019
तो अभी समय अनुसार क्या परिवर्तन करना आवश्यक है ?

63
00:39:32.849 --> 00:39:56.170
क्योंकि अभी हर एक को अनुभवी मूर्त बन कोई न कोई अनुभव कराने की आवश्यकता है ।

64
00:40:00.050 --> 00:40:18.679
तो बाबा अभी चाहता है कि आप सबका चेहरा चलन ऐसा स्पष्ट दिखाई दे

65
00:40:22.619 --> 00:40:38.909
कि यह मुक्तिदाता के बच्चे मुक्ति देने वाले हैं ।

66
00:40:40.909 --> 00:41:03.019
आपके मस्तक से चमकते हुए सितारे का अनुभव हो ।

67
00:41:06.400 --> 00:41:43.019
सिर्फ सुनाने से नहीं लेकिन चेहरे से ही अनुभव हो क्योंकि अनुभव नजदीक ले आता है ।

68
00:41:48.849 --> 00:41:56.219
तो यह अनुभव चेहरे और चलन से दिखाओ ।

69
00:41:56.219 --> 00:42:07.880
जैसे देखो साइन्स के साधन अनुभव कराते हैं ना

70
00:42:08.449 --> 00:42:23.599
अभी गर्मी की सीजन है तो गर्मी का और सर्दी का अनुभव करा रहे हैं ना ।

71
00:42:25.599 --> 00:42:36.050
जब साइन्स के साधन अनुभवी बनाते हैं

72
00:42:36.050 --> 00:42:55.769
तो क्या साइलेन्स की पावर शक्ति का अनुभव नहीं करा सकती !

73
00:42:57.769 --> 00:43:09.880
तो बापदादा अभी बच्चों से यही चाहते हैं

74
00:43:09.880 --> 00:43:34.340
कि अनुभव की स्थिति में स्थित रह नयनों से मस्तक से कोई न कोई शक्ति का अनुभव कराओ ।

75
00:43:35.880 --> 00:43:45.769
सुनी हुई बात सुनने के समय अच्छी लगती है

76
00:43:45.769 --> 00:43:57.539
लेकिन फिर कोई समस्या आती तो भूल भी जाते हैं ।

77
00:43:58.570 --> 00:44:12.619
लेकिन अनुभव जीवन भर तक भूलता नहीं है ।

78
00:44:21.769 --> 00:44:37.079
बापदादा ने एक कारण देखा ।

79
00:44:38.510 --> 00:44:52.170
रिजल्ट भी देखी एक रिजल्ट देख बहुत-बहुत मुबारक दी ।

80
00:44:53.539 --> 00:44:56.969
कौन सी रिजल्ट ?

81
00:44:56.969 --> 00:45:14.449
आज तक सेवा का उमंग-उत्साह अच्छा है ।

82
00:45:18.000 --> 00:45:32.800
तो बापदादा मुबारक भी देते हैं सेवा बढ़ाते भी हैं

83
00:45:32.800 --> 00:45:47.880
और प्लैन भी अच्छे बनाते हैं रिजल्ट भी यथा शक्ति मिलती है

84
00:45:48.679 --> 00:46:14.909
लेकिन एक बात अनुभव कराने के लिए अपने में अटेन्शन देना पड़ेगा ।

85
00:46:14.909 --> 00:46:32.280
जैसे सेवा आपकी अभी प्रसिद्ध होती जाती है ।

86
00:46:34.570 --> 00:46:54.849
खुश भी होते रहते हैं और आजकल इन्ट्रेस्ट भी बढ़ता जाता है ।

87
00:46:57.420 --> 00:47:11.940
अभी बाकी अनुभव कराने की विधि क्या है ?

88
00:47:15.079 --> 00:47:29.650
वह है उमंग-उत्साह सहित जितना उमंग

89
00:47:31.650 --> 00:47:52.000
उतना ही समय अनुसार अभी बेहद की वैराग्य वृत्ति भी चाहिए ।

90
00:47:56.050 --> 00:48:23.199
पुरूषार्थ में कोई समस्या रूप बनता है तो उसका कारण है बेहद के वैराग्य वृत्ति में कमी ।

91
00:48:29.079 --> 00:48:34.739
अब बेहद का वैराग्य चाहिए ।

92
00:48:36.219 --> 00:48:44.280
बेहद का वैराग्य सदाकाल चलता है ।

93
00:48:45.309 --> 00:49:08.110
अगर समय पर होता है तो समय नम्बरवन हो जाता है और आप नम्बर टू में हो जाते हो।

94
00:49:08.110 --> 00:49:14.570
समय ने आपको वैराग्य दिलाया ।

95
00:49:15.480 --> 00:49:24.619
बेहद का वैराग्य सदाकाल होता है ।

96
00:49:27.650 --> 00:49:52.110
एक तरफ उमंग-उत्साह खुशी और दूसरे तरफ बेहद का वैराग्य ।

97
00:49:57.079 --> 00:50:09.599
बेहद का वैराग्य सदा न रहने का कारण ?

98
00:50:10.219 --> 00:50:24.969
बापदादा ने देखा कि कारण है देह अभिमान ।

99
00:50:30.570 --> 00:50:39.599
देह शब्द सब तरफ आता है -

100
00:50:40.170 --> 00:51:00.739
जैसे देह के सम्बन्ध देह के पदार्थ देह के संस्कार देह शब्द सबमें आता है

101
00:51:07.480 --> 00:51:24.170
और विशेष देह अभिमान किस बात में आता है ?

102
00:51:26.800 --> 00:51:35.369
देही अभिमान से देह अभिमान में ले ही आता है

103
00:51:35.369 --> 00:52:00.170
वह अब तक बापदादा ने चेक किया कि मूल कारण पुराने संस्कार नीचे ले आते हैं ।

104
00:52:02.449 --> 00:52:30.170
संस्कार मिटाये हैं लेकिन कोई न कोई संस्कार नेचर के रूप में अभी भी काम कर लेता है ।

105
00:52:33.769 --> 00:53:00.000
जैसे देह अभिमान की नेचर नेचरल हो गई है ऐसे देही अभिमानी की नेचर नेचरल नहीं हुई है ।

106
00:53:08.510 --> 00:53:28.400
कहते हैं हमने खत्म किया है लेकिन एकदम बीज को भस्म नहीं किया है ।

107
00:53:28.400 --> 00:53:46.000
इसलिए समय आने पर फिर वह देहभान के संस्कार इमर्ज हो जाते हैं ।

108
00:53:48.000 --> 00:54:27.309
तो अभी आवश्यकता है इस देह भान की नेचर को पावरफुल देही अभिमानी की शक्ति से वंश सहित नाश करने की

109
00:54:28.619 --> 00:54:44.679
क्योंकि बच्चे कहते हैं चाहते नहीं हैं लेकिन कभी कभी निकल आता है ।

110
00:54:48.969 --> 00:54:53.019
क्यों निकलता ?

111
00:54:53.019 --> 00:55:01.599
अंश है तो वंश होके निकल जाता ।

112
00:55:03.599 --> 00:55:25.539
तो अभी आवश्यकता है शक्ति स्वरूप बनने का आधार है अपने आपको चेक करो

113
00:55:25.539 --> 00:55:49.019
कि किसी भी स्वरूप में अंशमात्र भी पुराना देह भान का संस्कार रहा हुआ तो नहीं है ?

114
00:55:51.019 --> 00:56:02.570
और वह खत्म होगा बेहद की वैराग्य वृत्ति से ।

115
00:56:05.019 --> 00:56:26.739
सर्विस देख सुन बापदादा खुश है लेकिन अब बाप की यही चाहना है

116
00:56:26.739 --> 00:56:41.420
कि जैसे सर्विस की फलक झलक अब लोगों को दिखाई देती है ।

117
00:56:41.420 --> 00:57:01.019
अनुभव होता है सेवा का ऐसे बेहद की वैराग्य वृत्ति का प्रभाव हो

118
00:57:02.110 --> 00:57:32.400
क्योंकि आजकल सेवा द्वारा आपकी प्रशन्सा बढ़ेगी आपकी प्रकृति दासी होगी ।

119
00:57:37.650 --> 00:57:50.110
आपको अनुभव करेंगे साधन बढ़ेंगे

120
00:57:54.219 --> 00:58:13.880
लेकिन बेहद की वैराग्य वृत्ति से साधन और साधना का बैलेन्स रहेगा ।

121
00:58:29.940 --> 00:58:48.909
जैसे आप लोगों को प्रवृत्ति में रहने वालों को दृष्टान्त देते हो

122
00:58:48.909 --> 00:59:04.909
कि सब कुछ करते कर्मयोगी कमल पुष्प के समान रहो ।

123
00:59:04.909 --> 00:59:34.739
ऐसे आप सभी को भी सेवा करते साधन मिलते साधना और साधन का बैलेन्स रहेगा ।

124
00:59:41.019 --> 01:00:04.219
तो आजकल एडीशन सेवा के साथ बेहद की वैराग्य वृत्ति भी आवश्यक है ।

125
01:00:06.219 --> 01:00:29.309
चलते फिरते भी अनुभव करे कि यह विशेष आत्मायें हैं ।

126
01:00:31.309 --> 01:00:44.849
सिर्फ योग में बैठने के टाइम नहीं भाषण करने के टाइम नहीं

127
01:00:46.849 --> 01:01:11.820
लेकिन चलते फिरते भी आपके मस्तक से शान्ति शक्ति खुशी की अनुभूति हो

128
01:01:13.820 --> 01:01:29.539
क्योंकि समय प्रति समय अभी समय बदलता जायेगा ।

129
01:01:37.650 --> 01:01:54.449
तो बापदादा ने समय प्रति समय इशारा तो दे दिया है

130
01:01:54.449 --> 01:02:16.510
लेकिन आज विशेष बापदादा एक तो बेहद के वैराग्य तरफ इशारा दे रहा है

131
01:02:16.510 --> 01:02:41.650
इसके लिए अभी अपने को चेक करके देही अभिमानी का जो विघ्न है

132
01:02:42.679 --> 01:03:03.199
देह अभिमान अनेक प्रकार के देह अभिमान का अनुभव है इसका परिवर्तन करो ।

133
01:03:03.199 --> 01:03:17.539
और दूसरी बात बहुत समय का भी अपना सोचो ।

134
01:03:17.539 --> 01:03:25.880
बहुत समय का अभ्यास चाहिए ।

135
01:03:25.880 --> 01:03:36.449
बहुत समय पुरूषार्थ बहुत समय का प्रालब्ध ।

136
01:03:38.449 --> 01:03:54.619
अगर अभी बहुतकाल का अटेन्शन कम देंगे

137
01:03:56.619 --> 01:04:08.849
तो अन्तिम काल में बहुतकाल जमा नहीं कर सकेंगे ।

138
01:04:08.849 --> 01:04:34.340
टूलेट का बोर्ड लग जायेगा इसलिए बापदादा आज दूसरे वर्ष के लिए होमवर्क दे रहे हैं ।

139
01:04:48.400 --> 01:05:03.309
यह देह अभिमान सब समस्याओं का कारण बनता है

140
01:05:05.309 --> 01:05:24.510
और फिर बच्चे रमणीक हैं ना तो बाप को भी दिलासा दिलाते हैं कि समय पर हम ठीक हो जायेंगे ।

141
01:05:28.000 --> 01:05:40.909
बापदादा कहते हैं कि क्या समय आपका टीचर है ?

142
01:05:40.909 --> 01:05:50.050
समय पर ठीक हो जायेंगे तो आपका टीचर कौन हुआ ?

143
01:05:52.050 --> 01:06:07.250
आपकी क्रियेशन समय आपका टीचर हो यह अच्छा लगेगा ?

144
01:06:12.570 --> 01:06:24.170
इसलिए समय को आपको नजदीक लाना है ।

145
01:06:24.170 --> 01:06:32.619
आप समय को नजदीक लाने वाले हैं ।

146
01:06:33.139 --> 01:06:38.510
समय पर रहने वाले नहीं ।

147
01:06:38.510 --> 01:06:44.280
समय को टीचर नहीं बनाओ ।

148
01:06:53.820 --> 01:07:14.570
तो बापदादा आज यही बार-बार इशारा दे रहे हैं

149
01:07:23.539 --> 01:07:41.940
कि स्वयं को चेक करो बार-बार चेक करो और परिवर्तन करो ।

150
01:07:43.019 --> 01:07:58.219
बहुतकाल का परिवर्तन बहुतकाल के प्रालब्ध का अधिकारी बनाता है ।

151
01:08:00.219 --> 01:08:16.279
तो बापदादा चाहे अब तक ढीला-ढाला पुरूषार्थी हो

152
01:08:17.079 --> 01:08:35.199
लेकिन लास्ट नम्बर वाले बच्चे से भी बाप का स्नेह है ।

153
01:08:36.569 --> 01:08:58.970
स्नेह है तब तो बाप का बना है बाप को पहचाना है मेरा बाबा तो कहता है इसलिए समय पर नहीं छोड़ो ।

154
01:08:58.970 --> 01:09:11.140
समय आयेगा नहीं समय सम्पूर्णता का हमको लाना है ।

155
01:09:14.449 --> 01:09:30.800
बापदादा के विश्व परिवर्तन के कार्य के आप सभी साथी हो ।

156
01:09:31.420 --> 01:09:42.909
अकेला बाप कार्य नहीं कर सकता बच्चों का साथ है ।

157
01:09:44.909 --> 01:09:54.449
बाप तो कहते हैं पहले बच्चे आगे बच्चे ।

158
01:09:57.770 --> 01:10:20.510
तो अभी अगर दूसरे वर्ष में आना ही है तो यह होम वर्क करके रखेंगे !

159
01:10:20.909 --> 01:10:23.250
करेंगे ?

160
01:10:23.250 --> 01:10:25.939
हाँ हाथ उठाओ ।

161
01:10:32.109 --> 01:10:34.909
अच्छा ।

162
01:10:40.970 --> 01:10:45.079
पीछे वाले भी हाथ उठा रहे हैं ।

163
01:10:45.079 --> 01:10:55.600
देखो आज संख्या बढ़ गई है

164
01:10:55.600 --> 01:11:08.510
तो बापदादा ने बच्ची को इशारा दिया तो चक्कर लगाके देखकर आओ

165
01:11:08.510 --> 01:11:15.710
कहाँ-कहाँ सोये हैं कैसे लाइन में खाते हैं ।

166
01:11:15.710 --> 01:11:19.140
लम्बी लाइन ।

167
01:11:19.140 --> 01:11:30.399
लेकिन सबके चेहरे पर खुशी है ।

168
01:11:30.399 --> 01:11:36.510
मधुबन में तो हैं ।

169
01:11:39.310 --> 01:11:55.479
लेकिन यह खुशी मधुबन में ही छोड़के नहीं जाना साथ ले जाना ।

170
01:11:58.909 --> 01:12:27.600
बापदादा ने वतन में बैठे आप सबके सोने का खाना खाने की क्यू का नजारा देखा ।

171
01:12:27.600 --> 01:12:49.880
बापदादा को ऐसा संकल्प होता कि अभी अभी रजाईयों की गदेलों की बरसात पड़ जाए ।

172
01:12:56.449 --> 01:13:12.279
परन्तु यह भी मौजों का मेला है ।

173
01:13:18.109 --> 01:13:33.199
और अच्छी तरह से बापदादा ने देखा जहाँ भी मिला जैसे भी मिला है

174
01:13:33.199 --> 01:13:46.970
सब मैजारिटी अच्छी तरह से पास हैं ।

175
01:13:46.970 --> 01:13:55.369
ताली बजाओ ।

176
01:14:10.850 --> 01:14:20.399
लेकिन यह होमवर्क भूलना नहीं ।

177
01:14:23.140 --> 01:14:29.539
इसमें ताली नहीं बजाते ।

178
01:14:42.909 --> 01:15:05.880
बापदादा और विशेष ब्रह्मा बाप हमेशा बच्चों को मधुबन का श्रृंगार कहते हैं ।

179
01:15:07.880 --> 01:15:37.539
तो आप सब मधुबन में आये बापदादा भी साकार रूप से इतने परिवार को देख खुश है ।

180
01:15:42.449 --> 01:16:02.000
सहन करना पड़ा है लेकिन यह सहन सदा के लिए सहनशक्ति बढ़ायेगा ।

181
01:16:04.909 --> 01:16:08.449
सभी खुश हो ना !

182
01:16:08.449 --> 01:16:11.140
तकलीफ तो नहीं हुई ।

183
01:16:13.649 --> 01:16:27.140
और देखो इतने परिवार में पानी फिर भी मिलता रहा है ।

184
01:16:31.649 --> 01:16:38.970
सभी ने पानी यूज़ किया ना !

185
01:16:38.970 --> 01:17:00.739
थोड़ा कम है तो ध्यान रखना पड़ेगा परन्तु आजकल गांव में पानी पीने का भी नहीं मिलता यहाँ तो आपको कपड़े धोने का भी पानी मिला ।

186
01:17:13.199 --> 01:17:24.619
और इतना परिवार देख खुशी भी होती है ।

187
01:17:24.619 --> 01:17:49.140
सारे कल्प में बापदादा को यह फखुर है कि इतना बड़ा परिवार किसी का नहीं है ।

188
01:18:04.800 --> 01:18:07.600
अच्छा ।

189
01:18:07.600 --> 01:18:20.279
जो पहली बारी आये हैं पहले बारी बापदादा से मिलने आये हैं वह उठो ।

190
01:18:29.310 --> 01:18:37.770
देखा आधा क्लास पहले बारी वाला है ।

191
01:18:38.050 --> 01:18:42.279
पीछे वाले हाथ उठाओ ।

192
01:18:42.279 --> 01:18:49.079
खड़े होकर देखो ।

193
01:19:29.420 --> 01:20:00.399
जो भी पहले बारी आये हैं उन्हों को बापदादा नये बर्थ का बर्थ डे की मुबारक दे रहे हैं ।

194
01:20:06.739 --> 01:20:21.939
लोग कहते हैं लाख-लाख बधाई हो बाप कहते हैं पदम पदमगुणा बधाई हो ।

195
01:20:34.399 --> 01:20:55.479
और बापदादा अभी आने वालों को सदा एक चांस देते हैं

196
01:20:56.050 --> 01:21:15.479
वह चांस है कि अभी आने वाले भी अगर तीव्र पुरूषार्थ करें

197
01:21:15.479 --> 01:21:41.600
तो बापदादा वा ड्रामा उन्हों को लास्ट सो फास्ट फास्ट सो फर्स्ट यह भी आगे नम्बर दे सकता है ।

198
01:21:42.569 --> 01:21:45.020
चांस है ।

199
01:21:45.020 --> 01:21:49.649
चांसलर बनो ।

200
01:21:53.310 --> 01:22:00.220
सिर्फ अटेन्शन देना पड़े ।

201
01:22:14.340 --> 01:22:26.909
अच्छा है आप सभी को भी परिवार की वृद्धि अच्छी लगती है ना ।

202
01:22:28.170 --> 01:22:49.079
देखो मधुबन के सेवाधारी वैसे तो हर ज़ोन टर्न बाई टर्न आता है मददगार है

203
01:22:49.079 --> 01:23:08.510
लेकिन मधुबन निवासी मधुबन की सब भुजायें दादी कहती थी यह सब मधुबन की भुजायें हैं ।

204
01:23:08.510 --> 01:23:38.680
चाहे नीचे चाहे ऊपर चाहे बगीचा चाहे हॉस्पिटल चाहे नीचे के आबू निवासी चाहे ऊपर के आबू निवासी सब मधुबन की भुजायें हैं ।

205
01:23:41.079 --> 01:23:55.539
तो बापदादा ने देखा कि आज मधुबन वालों ने त्याग किया है ।

206
01:23:55.539 --> 01:24:02.619
यहाँ के बजाए अपने अपने स्थान पर बैठे हैं

207
01:24:02.619 --> 01:24:22.510
लेकिन बापदादा दूर से नहीं देख रहे हैं बापदादा दिल में समाया हुआ देख रहे हैं ।

208
01:24:27.880 --> 01:24:44.050
फिर भी अथक सेवाधारी बन सेवा में सहयोगी तो बनते हैं ना ।

209
01:24:46.050 --> 01:25:21.600
तो आज विशेष मधुबन उसकी सर्व भुजायें सभी को बापदादा विशेष मधुबन निवासियों को मुबारक दे रहे हैं मुबारक हो मुबारक हो ।

210
01:25:30.800 --> 01:25:56.510
अभी सभी कहते हैं एक दो को लास्ट टुब्बी है लास्ट टुब्बी देखो 40 वर्ष भी पूरे होने वाले हैं ।

211
01:25:57.770 --> 01:26:17.199
40 वर्ष में सेवा का चांस लेने वाले कितने भाग्यशाली हैं ।

212
01:26:18.170 --> 01:26:24.340
सेवा अर्थात् मेवा ।

213
01:26:24.340 --> 01:26:32.449
सेवा करना नहीं है मेवा खाना है ।

214
01:26:34.449 --> 01:26:51.939
बाबा की नज़र में दिल में हर एक बच्चा दिलतख्तनशीन है ।

215
01:26:55.479 --> 01:27:06.680
कोई भी ऐसे नहीं समझे पता नहीं बाबा ने हमको देखा या नहीं देखा ।

216
01:27:06.680 --> 01:27:30.399
बापदादा एक-एक बच्चे को चाहे दूरदेश में भी है , तो भी दिलतख्त निवासी देख रहे हैं ।

217
01:27:34.909 --> 01:27:46.800
पीछे वाले भी पीछे नहीं हो बापदादा के दिल पर हो ।

218
01:28:06.739 --> 01:28:22.170
और अनेक होते भी देखो साइलेन्स कितनी अच्छी है ।

219
01:28:22.170 --> 01:28:26.109
क्यों ?

220
01:28:26.109 --> 01:28:35.770
सभी स्नेह में खोये हुए हैं ।

221
01:28:36.510 --> 01:28:54.850
स्नेह की शक्ति सबको आकर्षण कर रही है बापदादा की और परिवार की ।

222
01:28:58.279 --> 01:29:27.250
इतना परिवार और शान्ति की शक्ति में खुशी मनाये यही इस साइलेन्स की परिवार की विशेषता है ।

223
01:29:30.909 --> 01:29:42.220
चाहे सीट कैसी भी मिले लेकिन आप कौन सी सीट पर बैठे हो ?

224
01:29:42.220 --> 01:30:02.399
पीछे है बाजू में है सामने नहीं हैं लेकिन एक-एक स्नेह के सीट पर बैठे हो ।

225
01:30:13.770 --> 01:30:41.079
मधुबन निवासियों ( भुजाओं सहित ) एक-एक को बापदादा पदमगुणा स्नेह दे रहा है ।

226
01:30:47.140 --> 01:31:16.510
आज दादियों को भी और निमित्त साथियों को भी बापदादा सदा अथक बन सेवा करने की मुबारक दे रहे हैं ।

227
01:31:16.510 --> 01:31:34.850
साथ में बच्ची को रथ को भी बापदादा मुबारक दे रहे हैं ।

228
01:31:38.680 --> 01:31:44.170
आपकी भाकी पहुंच गई ।

229
01:31:45.199 --> 01:31:55.600
देखो यह बचपन से वरदान है ।

230
01:31:55.600 --> 01:32:06.399
बच्ची को ट्रांस का वरदान बचपन से ही है

231
01:32:06.399 --> 01:32:32.449
इसलिए बच्ची में सरलता और सहनशीलता इसकी विशेषता के कारण यह निमित्त पार्ट मिला है ।

232
01:32:36.510 --> 01:32:43.770
हर एक का अपना-अपना अच्छा पार्ट है ।

233
01:32:43.770 --> 01:33:04.279
तो बापदादा दादियों को सम्भालने वाले मुन्नी-मोहिनी को भी खास दादी बड़ी को साथ देने की मुबारक दे रहे हैं

234
01:33:04.279 --> 01:33:14.909
और अभी जो निमित्त हैं उन्हों को भी मुबारक ।

235
01:33:16.909 --> 01:33:38.680
और सेवा स्थानों पर टीचर्स हैं उन टीचर्स को भी बापदादा जहाँ से भी आये हैं अभी जिसका टर्न है वह तो आयेगा ।

236
01:33:38.680 --> 01:33:59.079
लेकिन जहाँ से भी टीचर्स आये हैं उन्हों को बापदादा एक विशेष सेवा याद दिलाता है जो होमवर्क करना ।

237
01:33:59.710 --> 01:34:29.880
टीचर्स के लिए होमवर्क है कि सदा टीचर अपने को बापदादा की सच्चे साथी समीप के साथी

238
01:34:29.880 --> 01:34:48.170
अपने द्वारा बाप को प्रत्यक्ष करने वाली कोई भी आपको देखे तो इन्हों को बनाने वाला कौन !

239
01:34:48.170 --> 01:34:56.279
इन्हों का भी बाप शिक्षक सतगुरू कौन !

240
01:34:56.279 --> 01:35:02.220
आपको नहीं देखे बाप को देखे ।

241
01:35:04.220 --> 01:35:24.050
इसी स्वमान में यह 6-7 मास जो मिलना है यह होमवर्क बापदादा पूछेगा ।

242
01:35:24.050 --> 01:35:32.680
हर एक ने कितने परसेन्ट में किया ?

243
01:35:32.680 --> 01:35:43.600
ज्यादा समाचार नहीं पूछेगा कितनी परसेन्ट यह होमवर्क किया ?

244
01:35:43.600 --> 01:35:48.739
आप नहीं दिखाई दे बाप दिखाई दे ।

245
01:35:48.739 --> 01:35:55.020
इसमें सब धारणा आ जाती है ।

246
01:35:59.479 --> 01:36:07.250
मधुबन वालों को भी बापदादा यादप्यार तो दे ही रहे हैं ।

247
01:36:07.250 --> 01:36:18.569
लेकिन मधुबन वाले भी चारों तरफ के यह समझें

248
01:36:18.569 --> 01:36:39.710
कि मधुबन का एक-एक रत्न विशेष बाप को प्रत्यक्ष करने के निमित्त है ।

249
01:36:43.819 --> 01:37:04.050
तो सारा समय मधुबन वाले ऐसे मन्सा सेवा कर्मणा सेवा

250
01:37:04.050 --> 01:37:20.449
और सबको बाप समान बनाने का एक्जैम्पुल बनके दिखायें ।

251
01:37:20.449 --> 01:37:41.880
मधुबन वालों को यह रिजल्ट देनी है कि बाप समान बनने का नक्शा अपने में दिखाया ?

252
01:37:44.970 --> 01:37:56.970
हर एक के मुख से निकले वाह बाबा के बच्चे वाह !

253
01:38:02.000 --> 01:38:07.250
और आप सभी क्या करेंगे ?

254
01:38:07.250 --> 01:38:28.619
आप सभी अपने को नम्बरवार नहीं लेकिन नम्बरवन बनने का एक्जैम्पुल बनके दिखाना।

255
01:38:28.619 --> 01:38:36.449
नम्बरवार बनने में मजा नहीं बनना है तो नम्बरवन।

256
01:38:36.449 --> 01:38:42.220
नम्बरवार बनना क्या बड़ी बात !

257
01:38:44.220 --> 01:38:56.050
तो सभी विन और वन यह रिजल्ट सुनाना ।

258
01:39:00.050 --> 01:39:02.340
अच्छा ।

259
01:39:02.340 --> 01:39:26.909
सभी तरफ के बापदादा के दिलतख्तनशीन और भ्रकुटी के तख्तनशीन

260
01:39:28.909 --> 01:40:03.199
और भविष्य के भी राज्य तख्तनशीन ऐसे बापदादा के सिकीलधे पदम पदमगुणा भाग्यशाली बच्चों को

261
01:40:03.199 --> 01:40:20.279
सदा अपने नयनों द्वारा रूहानियत का अनुभव कराने वाले

262
01:40:22.800 --> 01:40:46.050
और चेहरे द्वारा सदा खुशकिस्मत मन सदा खुशी में नाचता रहे

263
01:40:46.050 --> 01:41:07.310
कोई भी सामने आवे अनुभव करे कि इन जैसी खुशी कहाँ भी नहीं है और सबक सीखके जाये ।

264
01:41:09.939 --> 01:41:36.220
ऐसे हर बाप के बच्चे अपने द्वारा बाप का मुख द्वारा बाप का परिचय देते हो

265
01:41:36.220 --> 01:41:55.199
लेकिन नयनों और चेहरे द्वारा बाप का साक्षात्कार कराने वाले

266
01:41:57.199 --> 01:42:24.000
ऐसे चारों ओर के बच्चों को जिन्होंने पत्र भेजे हैं ईमेल किया है सभी के बापदादा के पास पहुंचे हैं

267
01:42:24.000 --> 01:42:45.770
आपने किया उसी समय बाप के पास पहुंच गया सामने बैठे हुए वालों से आप सबने जिस समय किया उसी समय पहुंच गया ।

268
01:42:45.770 --> 01:42:51.939
इसीलिए बहुत-बहुत मुबारक हो ।

269
01:42:51.939 --> 01:43:11.880
देश विदेश सब बच्चों को बाप दिल के स्नेह का रेसपान्ड दे रहे हैं ।

270
01:43:14.739 --> 01:43:58.399
तो चारों ओर के बच्चों को बापदादा पदमगुणा दिल का दुलार दिल का प्यार दे रहे हैं और सभी को नमस्ते कह रहे हैं ।

271
01:44:02.340 --> 01:44:09.199
अच्छा - आज टर्न किसका है ?

272
01:44:22.109 --> 01:45:56.619
ईस्टर्न ज़ोन नेपाल तामिलनाडु (बंगाल बिहार उड़ीसा आसाम):- (टीचर्स ने ताज पहने हैं) अच्छा -इस ज़ोन में और ज़ोन के भी एड हैं।

273
01:45:57.880 --> 01:46:03.939
तो अलग नेपाल वाले हाथ उठाओ ।

274
01:46:17.310 --> 01:46:38.000
चेन्नई वाले तामिलनाडु वाले अच्छा है ।

275
01:46:38.000 --> 01:46:49.880
सभी को मिलाकर ईस्टर्न ज़ोन कहते हैं ।

276
01:46:54.909 --> 01:47:06.569
जहाँ ज्ञान सूर्य प्रगट हुआ ।

277
01:47:07.819 --> 01:47:20.449
तो ज्ञान सूर्य के प्रभाव की शक्तिशाली धरनी है ।

278
01:47:22.800 --> 01:47:35.369
जैसे फॉरेन वाले कहते हैं ना भारत में ही बाप क्यों आया ?

279
01:47:35.369 --> 01:47:40.000
तो भारत में प्रभाव है ना ।

280
01:47:40.000 --> 01:47:53.479
ऐसे भारत में भी ईस्टर्न में ज्ञान सूर्य प्रगटा ।

281
01:47:54.739 --> 01:48:16.510
तो धरनी में प्रभाव है इसलिए इस ज़ोन में और भी ज़ोन हैं ।

282
01:48:20.170 --> 01:48:32.850
अच्छी भिन्न-भिन्न प्रकार से सेवा कर रहे हो ।

283
01:48:32.850 --> 01:48:44.220
अब बापदादा कोई कमाल देखने चाहते हैं ।

284
01:48:46.510 --> 01:49:08.850
बापदादा ने पहले भी कहा है कि हर ज़ोन विशेष अपने वी आई पी भी तैयार करो ।

285
01:49:08.850 --> 01:49:31.600
लेकिन सिर्फ स्नेही सहयोगी नहीं सेवा में हर कार्य में साथी सिर्फ सहयोगी नहीं ।

286
01:49:31.600 --> 01:50:01.420
साथी भी सहयोगी भी माइक भी ऐसी लिस्ट अभी तक कोई-कोई ज़ोन ने दिया है लेकिन मिक्स वी आई पी है ।

287
01:50:02.220 --> 01:50:32.800
खास ऐसे वी आई पी जो वारिस क्वालिटी के नजदीक हो भले वारिस प्रैक्टिकल नहीं हो सरेन्डर नहीं हो लेकिन क्वालिटी वारिस की ।

288
01:50:41.880 --> 01:50:51.770
तो ऐसे बापदादा के पास ग्रुप नहीं आया है ।

289
01:50:51.770 --> 01:51:24.850
दो चार अलग नाम भेजे हैं लेकिन नाम आवे और विशेष कमेटी पास करे फिर उस ग्रुप को बापदादा विशेष कार्य में लगायेगा ।

290
01:51:35.420 --> 01:51:44.680
फिर भी वृद्धि-विस्तार अच्छा है ।

291
01:51:52.739 --> 01:52:04.170
इसका नाम रखते हैं बंगाल और बिहार यह भी टाइटल देते हैं ।

292
01:52:04.170 --> 01:52:18.340
तो बापदादा के पास बिहार में बहार आई यह फोटो आया है

293
01:52:22.619 --> 01:52:45.310
और समाचार अच्छा सुनाया कि जब से बिहार में हलचल हुई तो जो भी एरिया है उसमें सेन्टर खुल गये हैं ।

294
01:52:46.109 --> 01:52:50.220
उसकी मुबारक हो ।

295
01:52:56.970 --> 01:53:07.310
बंगाल वाले भी आस पास में बढ़ रहे हैं ।

296
01:53:08.050 --> 01:53:24.399
लेकिन अभी जो होम वर्क दिया है उसमें नम्बरवन बनेंगे ना।

297
01:53:29.079 --> 01:53:55.140
बाकी बापदादा सेवा के क्षेत्र में चारों ओर के मेहनत और प्लैन देखते रहते और खुश हैं ।

298
01:53:55.140 --> 01:54:02.909
जैसे दिल्ली में भी अभी किया ।

299
01:54:02.909 --> 01:54:13.479
ऐसे कुछ न कुछ नवीनता लाते रहो ।

300
01:54:16.850 --> 01:54:29.539
चाहे विघ्न आया लेकिन योग की शक्ति ने कवर कर लिया ।

301
01:54:33.819 --> 01:54:45.140
तो ऐसे छोटे-बड़े छोटे-छोटे प्रोग्राम्स करते रहो

302
01:54:45.420 --> 01:54:56.000
और बापदादा ने इस वर्ष के लिए जो प्लैन दिया

303
01:54:56.399 --> 01:55:10.680
कि एक ही समय एक ही टापिक हर ज़ोन में भारत में और विदेश में भी हो

304
01:55:11.020 --> 01:55:31.310
तो यह रिजल्ट भी बापदादा के पास आई है कि कईयों को यह उमंग उत्साह है और मीटिंग में इसका प्लैन बनायेंगे ।

305
01:55:31.310 --> 01:55:34.619
यह भी अच्छा है ।

306
01:55:34.619 --> 01:55:50.680
जैसे दिल्ली में मीडिया में प्रोग्राम चालू किया तो रिजल्ट है ना ।

307
01:55:50.680 --> 01:56:00.279
स्टूडेन्ट जगह-जगह पर बने हैं यह है रिजल्ट ।

308
01:56:00.279 --> 01:56:16.050
ऐसे हर एक अपने अपने शहर में या ज़ोन में ज़ोन में तो कर ही सकते हैं ।

309
01:56:16.050 --> 01:56:38.800
कोई न कोई प्रोग्राम के टाइम मीडिया द्वारा चारों ओर दिखायें कोई ऐसा प्रबन्ध करें ।

310
01:56:40.800 --> 01:57:04.399
तो क्या है अगर घर बैठे सभी को घर में देखने को मिलता है तो वह भी आपका उल्हना पूरा हो जाता है ।

311
01:57:05.880 --> 01:57:19.539
इसलिए जब भी कोई प्रोग्राम करते हो थोड़ा सा जैसे और खर्चा करते हो

312
01:57:19.539 --> 01:57:35.140
वैसे वह प्रोग्राम मीडिया द्वारा भी चारों ओर देखें यह भी प्रबन्ध करना अच्छा है

313
01:57:38.680 --> 01:58:02.220
और हो सकता है कि मीडिया वाले चारों तरफ आपका फंक्शन देख शुभ भावना देख साथी भी बन जायें ।

314
01:58:02.220 --> 01:58:10.279
साथी नहीं बनें तो सहयोगी तो बन जायें ।

315
01:58:12.800 --> 01:58:39.369
तो सेवा करो लेकिन सेवा के साथ साथ अपनी बेहद के वैराग्य की चेकिंग भी जरूर रखना बैलेन्स हो ।

316
01:58:41.369 --> 01:58:48.399
अच्छा मुबारक हो ज़ोन को ।

317
01:58:48.399 --> 01:58:58.850
जो सभी को देखो कितनों को यज्ञ सेवा का चांस दिया ।

318
01:58:58.850 --> 01:59:01.819
अच्छा लगा ना ।

319
01:59:01.819 --> 01:59:04.279
अच्छा लगा ?

320
01:59:04.279 --> 01:59:15.939
यज्ञ सेवा का हजार गुणा पुण्य ज्यादा बनता है ।

321
01:59:17.079 --> 01:59:44.800
तो आप जो सच्ची दिल बड़ी दिल से सेवा करने वाले बनें उन्हों का हजार गुणा ज्यादा पुण्य का खाता जमा हुआ ।

322
01:59:51.020 --> 01:59:58.619
अच्छा है संख्या भी अच्छी है ।

323
02:00:01.020 --> 02:00:09.199
बाकी कोई नया काम करके दिखाना ।

324
02:00:22.970 --> 02:00:26.109
अच्छा ।

325
02:00:26.109 --> 02:00:52.000
सभी को ज़ोन में आये हुए एक-एक भाग्यवान आत्मा को बापदादा पदमगुणा मुबारक दे रहे हैं ।

326
02:00:54.000 --> 02:00:57.880
अच्छा ।

327
02:01:04.970 --> 02:01:40.399
डबल विदेशी :- ( 40 देशों के 300 भाई बहिनें आये हैं ) आप विदेशी हो ?

328
02:01:40.399 --> 02:01:49.649
लेकिन सबसे बड़ा विदेशी कौन ?

329
02:01:51.649 --> 02:02:02.170
बापदादा तो आपसे भी बड़ा विदेशी है ।

330
02:02:04.170 --> 02:02:08.050
कितना दूर से आते हैं ।

331
02:02:08.050 --> 02:02:32.220
आपके एरिया तो माप सकते हैं लेकिन बाप की एरिया हिसाब निकाल सकते हैं ?

332
02:02:34.000 --> 02:02:47.539
आपको विदेश से देश में आने में टाइम कितना लगता है ?

333
02:02:47.539 --> 02:02:57.140
और बापदादा को आने में कितना टाइम लगता है ?

334
02:03:02.449 --> 02:03:27.199
तो विदेश में भी सेवा और स्व परिवर्तन की लहर चल रही है ।

335
02:03:28.109 --> 02:03:44.220
बापदादा ने समाचार सुना कि जो मधुबन में नहीं आये कारण से

336
02:03:44.220 --> 02:04:09.479
उन्हों को भी अपने अपने स्थान पर ट्रेनिंग वा भट्ठी का प्रोग्राम चलाते हैं यह भी अच्छी बात है ।

337
02:04:09.479 --> 02:04:25.199
और वह भी अनुभव करते हैं कि मन से मधुबन पहुंच गये हैं ।

338
02:04:25.880 --> 02:04:36.909
आप तन और मन से पहुंचे हो वह मन से मधुबन में पहुंचते हैं ।

339
02:04:40.619 --> 02:04:47.600
अच्छा गायत्री पहुंच गई ।

340
02:04:47.600 --> 02:04:52.619
अच्छा है ।

341
02:04:56.850 --> 02:05:01.819
अनुभव अच्छा हो रहा है ।

342
02:05:02.909 --> 02:05:12.050
अंकल और आंटी का भी यादप्यार पहुंचा ।

343
02:05:14.569 --> 02:05:37.079
बापदादा तो हमेशा कहते पहला वी आई पी विदेश में निमित्त अंकल आंटी बनें

344
02:05:40.739 --> 02:05:46.569
और प्यार भी याद भी अच्छी है ।

345
02:05:46.569 --> 02:06:02.279
बापदादा भी ऐसे सर्विसएबुल बच्चों को विशेष किरणें देते हैं ।

346
02:06:05.140 --> 02:06:26.109
ब्रह्मा बाबा साकार में भी ऐसे सिकीलधे बच्चों को रात को जाग जागकर करेन्ट देते थे ।

347
02:06:26.109 --> 02:06:59.819
तो अब भी बापदादा वतन से बच्चों को स्नेही बच्चों को सर्विसएबुल बच्चों को करेन्ट देते हैं सकाश देते हैं और सकाश पहुंचती है ।

348
02:07:03.479 --> 02:07:10.909
तो डबल विदेशी डबल तीव्र पुरूषार्थी हैं ।

349
02:07:10.909 --> 02:07:13.880
ऐसे हैं ना ।

350
02:07:13.880 --> 02:07:20.510
डबल तीव्र पुरूषार्थी हैं ऐसे ?

351
02:07:20.510 --> 02:07:23.140
हाथ उठाओ ।

352
02:07:23.140 --> 02:07:26.340
अच्छा ।

353
02:07:29.770 --> 02:07:42.909
बापदादा हर एक बच्चे को तीव्र पुरूषार्थी देखने चाहते हैं ।

354
02:07:42.909 --> 02:07:51.079
पुरूषार्थी नहीं तीव्र पुरूषार्थी ।

355
02:07:53.880 --> 02:08:14.739
( मुरली भाई भी बहुत याद करता है ) बापदादा को याद पहुंचती है ।

356
02:08:15.600 --> 02:08:22.680
वह भी निमित्त तो बना ना ।

357
02:08:23.539 --> 02:08:37.770
रजनी बच्ची भी गुप्त रूप में लण्डन का सेन्टर खुलवाने के निमित्त तो बनी ।

358
02:08:37.770 --> 02:08:46.399
इनडायरेक्ट मुरली बच्चे का भाग्य तो बना ।

359
02:08:46.399 --> 02:08:51.140
अभी तो बच्चा बन गया ।

360
02:08:51.140 --> 02:08:54.449
वह भी याद करता है ।

361
02:08:54.449 --> 02:09:20.279
वैसे चारों ओर के देश वाले या विदेश वाले जो भी याद करते हैं और करते हैं बापदादा के पास लिस्ट लम्बी है ।

362
02:09:22.279 --> 02:09:34.340
दिल से निकलता है मेरा बाबा और बापदादा हाजिर हो जाते हैं ।

363
02:09:37.539 --> 02:09:40.850
तो अच्छा है ।

364
02:09:40.850 --> 02:09:59.939
अच्छा यह ( कुवेत से वजीहा बहन ) आई है आपका ग्रुप कहाँ है ?

365
02:10:01.479 --> 02:10:08.619
देखो साथी भी बना दिया ।

366
02:10:13.079 --> 02:10:18.569
सिकीलधे बच्चे लाई हो ।

367
02:10:21.310 --> 02:10:25.199
अच्छा ।

368
02:10:27.600 --> 02:10:38.340
एक-एक बच्चा बाप को एक दो से प्यारा है ।

369
02:10:41.539 --> 02:10:48.279
अगर नाम लेवें तो कितनों का लेवें ।

370
02:10:48.279 --> 02:10:58.680
सभी समझो हमारा नाम बाप के दिल पर है ।

371
02:11:04.680 --> 02:11:09.420
अच्छी सेवा करते हैं ।

372
02:11:14.569 --> 02:11:27.420
आजकल विदेश में दिखाई देता है मिडिलइस्ट की बारी ज्यादा है ।

373
02:11:42.000 --> 02:11:52.399
सब धर्मो को सन्देश तो पहुंचना है ना ।

374
02:12:02.510 --> 02:12:15.479
अभी हर ज़ोन एक पुरूषार्थ करे क्या करे ?

375
02:12:15.479 --> 02:12:43.369
कोई ऐसा नास्तिक कड़ा नास्तिक को आस्तिक बनाके लावे । फिर वह सबके आगे अपना अनुभव सुनाये ।

376
02:12:45.369 --> 02:12:53.310
नास्तिक से आस्तिक कैसे बना ।

377
02:12:53.649 --> 02:13:02.109
बड़ी सभा में अपना सुनावे ।

378
02:13:07.819 --> 02:13:21.939
छोटे-मोटे नहीं लेकिन ऐसा हो जिसका प्रभाव जनता पर पड़े ।

379
02:13:23.310 --> 02:13:38.279
जैसे हर वर्ग की सेवा करते हो ना तो ऐसे भी कोई तैयार करो ।

380
02:13:38.279 --> 02:13:53.770
ऐसे ही कोई धर्म वाले को अथॉरिटी को तैयार करो

381
02:13:53.770 --> 02:14:23.880
जो अपना अनुभव सुनावे कि वास्तव में जो परमात्मा का परिचय सही ब्रह्माकुमारियां देती हैं ब्रह्माकुमार देते हैं वह राइट कैसे है ?

382
02:14:23.880 --> 02:14:35.140
उनके मुख से यह अथॉरिटी के बोल निकलें ।

383
02:14:41.649 --> 02:14:51.140
आखिर एक प्वाइंट रही हुई है गीता का भगवान कौन ?

384
02:14:51.140 --> 02:14:57.310
वह भी सिद्ध तो होगी ना ।

385
02:15:02.970 --> 02:15:14.569
जब यह सिद्ध हो तब कहें भगवान आ गया ।

386
02:15:26.109 --> 02:15:30.220
बहुत अच्छा ।

387
02:15:31.020 --> 02:15:47.310
मधुबन का श्रृंगार बनके आते हो और बापदादा देखकर खुश होते हैं ।

388
02:15:47.310 --> 02:15:52.279
अच्छा ।

