WEBVTT

1
00:17:37.420 --> 00:18:29.940
आज सर्व खज़ानों के दाता अपने खज़ानों के मालिक बच्चों को देख रहे हैं ।

2
00:18:42.799 --> 00:19:12.049
हर एक बच्चा सर्व खज़ानों से सम्पन्न है

3
00:19:18.799 --> 00:19:57.819
क्योंकि बाप ने सर्व बच्चों को एक जैसा एक ही समय में सर्व खज़ाने दिये हैं ।

4
00:20:04.970 --> 00:20:37.309
तो बापदादा अपने बालक सो मालिक बच्चों से मिलने आये हैं ।

5
00:20:39.309 --> 00:21:14.509
बच्चों ने बुलाया तो बाप बच्चों के स्नेह में पहुंच गये हैं ।

6
00:21:25.650 --> 00:21:56.170
खज़ाने तो बहुत हैं , सबसे पहला खज़ाना है ज्ञान धन ,

7
00:22:02.569 --> 00:22:32.450
जिस ज्ञान धन से मालामाल हो गये , महादानी बन औरों को भी बांटते रहते हो ।

8
00:22:35.420 --> 00:23:15.710
जिस ज्ञान के खज़ाने से जो भी भिन्न-भिन्न बंधन में आत्मा फँस गई उन सब बंधनों से मुक्त हो गये ।

9
00:23:17.420 --> 00:23:30.000
बन्धनयुक्त से बन्धनमुक्त हो गये ।

10
00:23:36.740 --> 00:23:57.769
साथ में योग अर्थात् याद का खज़ाना ,

11
00:24:06.509 --> 00:24:32.220
जिससे शक्तियों की अनेक शक्तियां प्राप्त की है ,

12
00:24:34.509 --> 00:25:08.400
ऐसे ही धारणा द्वारा सर्व गुणों की अनुभूति अर्थात् खज़ाना मिला ।

13
00:25:10.799 --> 00:25:38.049
साथ में धारणा की शक्ति से सर्व के स्नेह की शक्ति ,

14
00:25:38.910 --> 00:25:59.369
सर्व के प्यारे और न्यारेपन की शक्ति का खज़ाना प्राप्त किया ।

15
00:26:02.680 --> 00:26:17.140
सर्व के स्नेह का खज़ाना अनुभव किया ।

16
00:26:18.509 --> 00:26:50.910
साथ में सर्व ब्राह्मण सम्बन्ध से अपार खुशी का खज़ाना अनुभव किया ।

17
00:26:58.049 --> 00:27:33.309
लेकिन सर्व खज़ानों के साथ जो विशेष खज़ाना है वह है संगम के समय का खज़ाना ।

18
00:27:40.170 --> 00:27:54.279
जिस आत्मा को समय के खज़ाने का महत्व है

19
00:27:55.480 --> 00:28:11.769
वह सदा अनेक प्राप्तियों के मालिक बन जाते हैं

20
00:28:14.569 --> 00:28:50.109
क्योंकि संगमयुग का समय है बहुत छोटा लेकिन समय से प्राप्तियां ज्यादा है ।

21
00:28:51.480 --> 00:29:09.769
सबसे ज्यादा संगमयुग की श्रेष्ठ से श्रेष्ठ प्राप्ति है

22
00:29:09.769 --> 00:29:41.250
स्वयं भगवान बाप रूप में , शिक्षक रूप में , सतगुरू के रूप में प्राप्त होता है ।

23
00:29:44.910 --> 00:30:31.309
संगमयुग में छोटे से जन्म में 21 जन्म की प्राप्ति , जिसमें तन , मन , धन , जन सर्व प्राप्ति हैं और गैरन्टी है

24
00:30:31.309 --> 00:30:56.970
21 जन्म फुल , आधा नहीं , पौना नहीं लेकिन फुल 21 जन्म की गैरन्टी है ।

25
00:31:02.170 --> 00:31:36.000
तो सबसे ज्यादा जो महत्व है वह है संगमयुग का एक-एक सेकण्ड अनेक वर्षों के समान है ।

26
00:31:40.279 --> 00:31:55.250
तो बोलो , सर्व खज़ानों से सम्पन्न तो हैं ?

27
00:31:55.250 --> 00:32:01.650
सम्पन्न है ना ?

28
00:32:04.740 --> 00:32:26.619
इसलिए बापदादा सदा समय की स्मृति दिला रहे हैं ।

29
00:32:28.799 --> 00:32:53.880
कई बच्चे समझते हैं कि एक दो मिनट अगर और कुछ सोच लिया , तो 2 मिनट ही तो हैं ।

30
00:32:55.880 --> 00:33:28.619
लेकिन जितना समय का महत्व है उस अनुसार तो 2 मिनट नहीं , 2 मास भी नहीं , दो वर्ष के समान हैं ।

31
00:33:30.619 --> 00:33:46.849
इतना महत्व है संगम के समय का ।

32
00:33:48.849 --> 00:34:01.880
सर्व शक्तियों की , सर्व गुणों की , परमात्म प्यार की ,

33
00:34:01.880 --> 00:34:28.619
ब्राह्मण परिवार के प्यार की और कल्प पहले वाले ईश्वरीय हक की ।

34
00:34:29.769 --> 00:34:51.599
सर्व प्राप्ति इस छोटे से युग में हैं और कोई भी युग में यह सर्व प्राप्ति नहीं ।

35
00:34:58.800 --> 00:35:15.199
राज्य भाग्य होगा , आप सबका राज्य होगा , सुख शान्ति सब होगा

36
00:35:15.199 --> 00:35:43.019
लेकिन परमात्म मिलन का , अतीन्द्रिय सुख का , सर्व ब्राह्मण परिवार का ,

37
00:35:45.880 --> 00:36:14.909
आदि मध्य अन्त की नॉलेज का वह अब संगम पर ही मिला है , हर कल्प मिलता रहेगा ।

38
00:36:17.369 --> 00:36:51.019
तो बापदादा हर बच्चे के चेहरे से देखते हैं कि खज़ाने जमा कितने हैं ।

39
00:36:51.019 --> 00:37:12.280
खज़ाने तो मिले लेकिन हर एक ने कितना जमा का खाता बढ़ाया है ,

40
00:37:14.280 --> 00:37:35.650
वह हर एक के चेहरे से , चलन से दिखाई देता है

41
00:37:40.280 --> 00:38:08.619
और आप सब भी अपने आपको जानते हो कि मैंने कितना जमा किया है ?

42
00:38:12.510 --> 00:38:56.050
अभी बापदादा की यही दिल की आश है कि खज़ाने मिले तो हैं

43
00:38:56.849 --> 00:39:15.480
लेकिन अब समय सिर्फ वर्णन करने का नहीं है

44
00:39:15.480 --> 00:39:45.880
लेकिन आपका चेहरा और चलन प्रत्यक्ष अनुभव कराये

45
00:39:48.619 --> 00:40:11.769
कि यह आत्मायें कोई विशेष हैं , न्यारे हैं और परमात्म प्यारे हैं

46
00:40:13.199 --> 00:40:53.139
क्योंकि आगे चलकर समय परिवर्तन होने से आपकी सेवा सिर्फ वर्णन करने से नहीं ,

47
00:40:55.599 --> 00:41:18.219
समय नाजुक होने से इतना समय कोई निकाल नहीं सकेगा

48
00:41:21.369 --> 00:42:11.199
लेकिन आपके खज़ाने सम्पन्न चेहरे से , चलन से आपकी अलौकिकता का दूर से ही साक्षात्कार होगा ।

49
00:42:21.250 --> 00:42:47.480
तो ऐसा पुरूषार्थ अभी अपना प्रत्यक्ष करो ।

50
00:42:48.280 --> 00:43:06.449
जैसे ब्रह्मा बाप को देखा , चाहे संगठन के बीच में भी रहा

51
00:43:06.449 --> 00:43:33.420
तो भी दूर से वह पर्सनैलिटी चमक अनुभव हुई ।

52
00:43:39.420 --> 00:44:12.570
ऐसे अभी विशेष डबल विदेशी , बापदादा डबल पुरूषार्थी कहते हैं

53
00:44:16.510 --> 00:44:42.340
तो बापदादा निमित्त आज डबल विदेशी बच्चों को देख खुश है ।

54
00:44:45.079 --> 00:45:00.849
पुरूषार्थ वृद्धि का अच्छा कर रहे हैं ,

55
00:45:08.449 --> 00:45:34.219
पालना भी सभी को बहुत अच्छी मिल रही है , निमित्त बनी हुई आत्माओं से ,

56
00:45:37.650 --> 00:45:58.340
और बापदादा को एक बात सभी की बहुत अच्छी लगती है

57
00:45:58.969 --> 00:46:35.019
कि सर्व आत्मायें हर वर्ष अपना संगठन का मिलन मधुबन में विशेष करते हैं

58
00:46:37.539 --> 00:47:06.000
क्योंकि मधुबन का वायुमण्डल रिफ्रेशमेंट में बहुत सहयोग देता है

59
00:47:09.309 --> 00:47:47.480
और एक ही जिम्मेवारी , स्व-परिवर्तन , मन्सा सेवा एक दो के अनुभवों का अच्छा चांस मिलता है ।

60
00:47:48.800 --> 00:48:07.599
तो बापदादा इस बात पर मुबारक देते हैं ।

61
00:48:10.909 --> 00:48:50.340
अभी कुछ कमाल अपने-अपने स्थान पर जाकर करना , कुछ न्यारापन जो बाप को प्यारा है

62
00:48:52.340 --> 00:49:43.250
वह प्रैक्टिकल में अनुभव कराना जिससे मधुबन की रिफ्रेशमेंट का सहयोग वहाँ भी अनुभव करते रहेंगे ।

63
00:49:43.940 --> 00:50:03.539
तो आज विशेष डबल पुरूषार्थी ग्रुप का मिलन है

64
00:50:03.539 --> 00:50:34.219
और देखो आप सभी से इन्डिया वाले बच्चों का इतना प्यार है जो पहला चांस आपको ही देते हैं ।

65
00:50:39.250 --> 00:50:56.000
तो पहले चांस का रिजल्ट पहला नम्बर लेना है ।

66
00:51:05.650 --> 00:51:23.309
अच्छा लगता है , बापदादा ने पहले भी सुनाया है

67
00:51:26.110 --> 00:51:56.280
कि डबल विदेशी या डबल पुरूषार्थी बच्चों ने बाप का एक विशेष टाइटिल प्रत्यक्ष किया है ।

68
00:51:58.969 --> 00:52:31.250
जो विदेश में मैजारिटी तरफ के बाप के बच्चों को निकाल उनकी भी तकदीर की तस्वीर बना दी है ,

69
00:52:31.880 --> 00:53:09.420
इसीलिए लगन से जो चारों ओर मेहनत कर रहे हैं , उससे बाप का विश्व कल्याणकारी कर्तव्य प्रसिद्ध किया है ।

70
00:53:15.599 --> 00:53:55.820
इसीलिए बापदादा हर बच्चे को वाह ! बच्चा वाह ! की मुबारक देते हैं ।

71
00:54:05.079 --> 00:54:33.539
अभी भी जैसे भारत में कोने-कोने में सन्देश देने की सेवा चलती रहती है

72
00:54:33.539 --> 00:55:08.739
ऐसे वहाँ भी उमंग-उत्साह है कि रहे हुए देश में सन्देश दे दें क्योंकि समय पर कोई भरोसा नहीं ।

73
00:55:08.739 --> 00:55:27.599
बापदादा ने पहले से ही कहा है कि अचानक क्या भी हो सकता है

74
00:55:27.599 --> 00:55:57.539
इसलिए सन्देश देने का वा अपने प्रोग्रेस का अभी-अभी , कभी-कभी नहीं ,

75
00:55:59.539 --> 00:56:25.650
बापदादा ने कहा ही है कि वास्तव में ब्राह्मणों की डिक्शनरी में कभी-कभी शब्द शोभता नहीं है ,

76
00:56:25.650 --> 00:56:41.309
अभी-अभी , संकल्प किया करना ही है ।

77
00:56:44.619 --> 00:57:02.849
देखेंगे , करेंगे , यह गे-गे का शब्द ही नहीं है ।

78
00:57:07.539 --> 00:57:40.909
इसलिए आपकी मम्मा ने भी यही लक्ष्य रखा , याद दिलाने का कि अब नहीं तो कब नहीं ।

79
00:57:48.969 --> 00:58:05.539
तो डबल पुरूषार्थी बच्चे अभी-अभी करने वाले हैं या कभी-कभी ?

80
00:58:05.539 --> 00:58:22.110
जो समझते हैं कि अभी-अभी करके दिखाने वाले हैं , वह हाथ उठाओ ।

81
00:58:22.110 --> 00:58:24.510
करना ही है ।

82
00:58:24.510 --> 00:58:27.369
करना ही है ।

83
00:58:27.369 --> 00:58:32.969
करेंगे नहीं , करना ही है ।

84
00:58:37.880 --> 00:58:50.510
याद रखना , अपने आपही अपना चार्ट रखना

85
00:58:52.510 --> 00:59:22.739
और बापदादा ने पहले ही सुनाया है कि हर रात्रि को बापदादा को अपने सारे दिन का चार्ट सुनाने के बाद

86
00:59:22.739 --> 00:59:41.139
अपना दिमाग खाली करके सोने से आपको नींद भी अच्छी आयेगी

87
00:59:42.739 --> 01:00:11.710
और साथ में रोज़ का हालचाल देने से दूसरे दिन याद रहता है कि बाबा को हमने अपना कहा है , तो वह स्मृति सहयोग देती है ।

88
01:00:12.510 --> 01:00:18.800
धर्मराजपुरी के लिए जाना नहीं पड़ेगा ।

89
01:00:18.800 --> 01:00:30.400
दे दिया ना और परिवर्तन कर लिया तो धर्मराजपुरी से बच जायेंगे ।

90
01:00:35.820 --> 01:00:45.650
अभी दूसरे वर्ष , देखा तो किसने नहीं है

91
01:00:45.650 --> 01:01:15.309
लेकिन अभी लक्ष्य रखो , वर्ष को छोड़ो , कम से कम जितने थोड़े समय में अपने को जो बाप की आश है

92
01:01:15.309 --> 01:01:31.880
कि चेहरा दिखाई दे , चलन दिखाई दे , वह जल्दी से जल्दी प्रैक्टिकल में करके दिखाओ ।

93
01:01:32.510 --> 01:01:40.000
हिम्मत है , तो हाथ उठाओ ।

94
01:01:40.000 --> 01:01:42.000
हिम्मत है ?

95
01:01:42.000 --> 01:01:44.449
हिम्मत है ?

96
01:01:46.449 --> 01:01:51.820
अच्छा मुबारक हो ।

97
01:01:52.400 --> 01:02:19.710
बापदादा तो हर बच्चे में निश्चय और हिम्मत का उमंग-उत्साह अभी-अभी देख रहा है ।

98
01:02:20.400 --> 01:02:35.019
लेकिन जाते-जाते प्लेन में थोड़ा कम नहीं करना ।

99
01:02:37.019 --> 01:02:40.800
बढ़ाते रहना ।

100
01:02:41.480 --> 01:03:00.679
दृढ़ संकल्प की चाबी जो बापदादा ने दी है उसको सदा ही कायम रखना ।

101
01:03:01.420 --> 01:03:09.880
करना ही है , अभी-अभी , गे गे नहीं ।

102
01:03:10.570 --> 01:03:15.599
वह समय अभी गया ।

103
01:03:15.599 --> 01:03:21.480
हो जायेगा , होना ही है ।

104
01:03:21.480 --> 01:03:29.650
हो जायेगा नहीं , होना ही है ।

105
01:03:32.909 --> 01:03:52.000
डबल पुरूषार्थी का टाइटिल बापदादा ने जो दिया है , उसको सदा याद रखना ।

106
01:03:59.139 --> 01:04:20.849
बाकी बापदादा ने रिजल्ट सुनी , बापदादा ने जो सेवा का प्लैन दिया ,

107
01:04:21.309 --> 01:04:38.739
उसमें भारत ने भी कम नहीं किया और विदेश ने भी कम नहीं किया है ।

108
01:04:39.880 --> 01:05:15.250
इस वरदान को मैजारिटी स्थानों में उमंग-उत्साह से किया है और रिजल्ट भी अलग-अलग स्थान की आ रही है ।

109
01:05:16.739 --> 01:05:54.050
तो बापदादा चाहे भारत के बच्चों को , चाहे विदेश के बच्चों को पदम-पदम गुणा प्रैक्टिकल लाने में मुबारक दे रहे हैं ।

110
01:06:26.679 --> 01:06:50.909
अभी इस वर्ष में विशेष कौन सी बात प्रैक्टिकल में करनी है ,

111
01:06:50.909 --> 01:07:27.250
वह सुना दिया कि अभी चेहरे में चमक दिखाई दे , जो भी देखे , प्रत्यक्षता के निमित्त बनना है ,

112
01:07:28.400 --> 01:07:40.170
बाप को प्रत्यक्ष करना है तो क्या करना है ?

113
01:07:40.739 --> 01:07:59.309
सदा मुस्कराता हुआ चेहरा , कोई चिंतन में , कोई उलझन में नहीं ,

114
01:08:00.739 --> 01:08:32.449
बापदादा ने सुनाया था कि अभी दो शब्द याद करो माया को इशारा करो गेट आउट

115
01:08:34.449 --> 01:08:44.970
और अपने को गेस्ट हाउस में अनुभव करो ।

116
01:08:44.970 --> 01:08:58.340
यह दुनिया आपकी नहीं है , गेस्ट हाउस है , अब तो घर जाना ही है ।

117
01:08:58.340 --> 01:09:11.479
घर के नजारे मन में बुद्धि में दिखाई दें ।

118
01:09:11.479 --> 01:09:31.079
तो आटोमेटिकली घर आया कि आया , आपका एक गीत है , अब घर चलना है ।

119
01:09:33.079 --> 01:10:00.220
तो यह लहर हर एक चाहे भारत , चाहे विदेश , अब यह अनुभव प्रत्यक्ष करके दिखाओ ।

120
01:10:00.970 --> 01:10:14.449
बेहद का वैराग्य , गेस्ट हाउस में दिल नहीं लगती ।

121
01:10:14.449 --> 01:10:21.939
जाना है , जाना है , याद रहता है ।

122
01:10:28.050 --> 01:11:12.279
तो बेहद का वैराग्य यह कोई भी प्रकार का , मन के संकल्पों का आपस में संगठन के माया के विघ्नों का एकदम समाप्त कर देगा ।

123
01:11:14.279 --> 01:11:28.850
यह माया के तूफान आपके लिए तोहफा बन जायेंगे ।

124
01:11:32.000 --> 01:11:52.970
यह जो छोटे-मोटे पेपर आते हैं यह पेपर नहीं लगेंगे लेकिन एक अनुभव बढ़ाने की लिफ्ट लगेंगे ।

125
01:11:52.970 --> 01:11:58.680
गिफ्ट और लिफ्ट ।

126
01:12:04.170 --> 01:12:08.510
समझा ।

127
01:12:14.739 --> 01:12:43.600
अभी लक्ष्य रखो बेहद के वैरागी और हिम्मत उमंग-उत्साह के पंखों से उड़ते रहो और उड़ाते रहो ।

128
01:12:46.510 --> 01:13:08.000
अभी उड़ने का समय है , पंख अपने सदा चेक करो कमज़ोर तो नहीं हो रहे हैं !

129
01:13:13.310 --> 01:13:44.109
तो बापदादा डबल विदेशियों का विस्तार देख खुश है , अभी क्या देखने चाहते हैं ?

130
01:13:44.109 --> 01:14:01.369
हर बच्चा बाप समान सम्पन्न और सम्पूर्ण ,

131
01:14:05.600 --> 01:14:27.369
सर्व खज़ानों से सम्पन्न और हर श्रीमत जो मिलती रही है , उसमें सम्पूर्ण ।

132
01:14:28.619 --> 01:14:31.020
पसन्द है ?

133
01:14:31.020 --> 01:14:38.970
पसन्द है तो ताली बजाओ ।

134
01:14:43.140 --> 01:14:45.310
अच्छा ।

135
01:14:45.310 --> 01:15:00.109
यह ताली हर दिन याद करना , अपने आप ही मन में बजाना , बाहर से नहीं मन में बजाना ।

136
01:15:00.850 --> 01:15:05.770
यह होम वर्क है ।

137
01:15:11.140 --> 01:15:16.619
अच्छा ।

138
01:15:54.510 --> 01:16:09.079
90 देशों से 2300 भाई बहिनें आये हुए हैं :- ( पांचों खण्डों के भाई बहिनों को अलग-अलग ग्रुप में खड़ा किया )

139
01:16:33.079 --> 01:17:01.939
1 - अमेरिका , कैनाडा और कैरेबियन के भाई बहिनें ,

140
01:17:11.369 --> 01:17:30.970
2 - आस्टे्रलिया , एशिया , न्युजीलैण्ड फिजी ,

141
01:17:35.939 --> 01:17:52.170
3 - यूरोप , यू के , मिडिलईस्ट

142
01:17:59.819 --> 01:18:14.800
4 - अफ्रीका , साउथ अफ्रीका , मौरीशियस ,

143
01:18:21.199 --> 01:18:34.449
5 - रशिया , सी आई एस , बाल्टिक रीजन

144
01:19:09.649 --> 01:19:50.399
सभी तरफ आगे बढ़ने का संकल्प और आपस में रूहरिहान भी की है , बापदादा के पास समाचार आता रहता है ।

145
01:19:51.880 --> 01:19:59.710
अभी एवररेडी ग्रुप बनाओ।

146
01:19:59.710 --> 01:20:30.909
जो देश जितने भी आये हैं , उन देशों में बापदादा प्राइज देंगे , क्या प्राइज देंगे वह तो देखेंगे उस समय ।

147
01:20:30.909 --> 01:22:00.569
लेकिन बापदादा डबल पुरूषार्थी बच्चों के हर एरिया के ग्रुप को यही कहते हैं कि कोई भी ग्रुप जो नम्बरवन, एक देश के एक-एक शहर में जितने भी सेन्टर हैं, मानों अमेरिका है, अमेरिका के कनेक्शन में जो भी देश हैं, वह सभी देश आपस में राय कर प्रोग्राम बनायें कि यहाँ सभी निर्विघ्न रहेंगे, एवररेडी रहेंगे, मायाजीत रहेंगे, स्नेही और सेवा में सहयोगी रहेंगे।

148
01:22:00.569 --> 01:22:08.340
जो नम्बरवन हो उसको बापदादा प्राइज देगा।

149
01:22:08.340 --> 01:22:12.510
चलो एक नहीं तो तीन वो देंगे ।

150
01:22:12.510 --> 01:22:15.020
एक दो तीन ।

151
01:22:15.020 --> 01:22:18.680
तीन नम्बर ।

152
01:22:18.680 --> 01:22:30.340
वैसे तो एक को दिया जाता है लेकिन डबल पुरूषार्थी हैं ना तो तीन को चांस देंगे ।

153
01:22:30.340 --> 01:22:32.909
पसन्द है ?

154
01:22:32.909 --> 01:22:36.619
हाँ हाथ हिलाओ ।

155
01:22:36.619 --> 01:22:38.800
पसन्द है ?

156
01:22:41.880 --> 01:22:46.800
कितना टाइम चाहिए ?

157
01:22:47.479 --> 01:22:56.510
यह टीचर सुनावें , कितना टाइम चाहिए प्राइज लेने में ?

158
01:23:00.170 --> 01:23:03.479
बताओ ।

159
01:23:17.710 --> 01:24:30.449
( फरवरी तक ) सभी देशों की टीचर्स हाथ उठाओ ।

160
01:24:38.569 --> 01:24:42.050
ठीक है ?

161
01:24:42.050 --> 01:24:46.220
तैयार होंगे ना !

162
01:24:46.220 --> 01:24:51.479
फिर बापदादा प्राइज देंगे ।

163
01:24:51.479 --> 01:24:54.510
बहुत अच्छा ।

164
01:24:54.510 --> 01:25:02.109
इसकी ताली तो बजाओ ।

165
01:25:07.140 --> 01:25:09.199
अच्छा ।

166
01:25:09.199 --> 01:25:15.020
भारत का भी टर्न आयेगा ।

167
01:25:15.020 --> 01:25:20.970
अभी तो आप लोगों का टर्न है ।

168
01:25:22.399 --> 01:25:40.619
बापदादा भी खुश होते हैं वाह तीव्र ! पुरूषार्थी बच्चे वाह !

169
01:25:43.310 --> 01:25:47.819
अच्छा , अभी क्या करना है ?

170
01:26:01.250 --> 01:26:06.050
अच्छा ।

171
01:26:18.340 --> 01:26:45.880
चारों ओर के तीव्र पुरूषार्थी हिम्मत और उमंग उत्साह से उड़ने वाले , चलने वाले नहीं , उड़ने वाले ,

172
01:26:46.739 --> 01:27:15.880
चारों ओर के बाप समान सम्पन्न और सम्पूर्ण बनने वाले बापदादा के दिलतख्तनशीन ,

173
01:27:16.340 --> 01:28:08.510
सदा बाप के कम्बाइन्ड रूप का अनुभव और सहयोग लेने वाले हर एक बाप के सिकीलधे , स्नेही बच्चों को बापदादा का यादप्यार और नमस्ते ।

