WEBVTT

1
00:11:11.200 --> 00:11:57.139
आज दिलाराम बाप अपने राजदुलारे बच्चों से मिलने आये हैं ।

2
00:12:04.279 --> 00:12:12.399
दुलारे क्यों हैं ?

3
00:12:14.850 --> 00:12:42.740
जानते हो कि आप हर एक , बच्चा तीन तख्त के मालिक हो ?

4
00:12:47.370 --> 00:13:33.710
एक स्वराज्य का तख्त , दूसरा है बापदादा के दिल का तख्त और तीसरा है भविष्य का तख्त ।

5
00:13:35.710 --> 00:13:48.970
तीनों तख्त के अधिकारी हो ।

6
00:13:52.509 --> 00:14:20.799
अपने भविष्य तख्त का भी यहाँ ही अभ्यास कर रहे हो ।

7
00:14:25.139 --> 00:14:47.019
भविष्य की तैयारी वा पुरूषार्थ अभी ही कर रहे हो ।

8
00:14:48.679 --> 00:15:09.419
अब का पुरूषार्थ अनेक जन्म का राज्य भाग्य दिलाने वाला है ।

9
00:15:09.419 --> 00:15:33.600
इस समय ही अपने राज्य भाग्य के संस्कार धारण कर रहे हो

10
00:15:35.600 --> 00:15:53.769
क्योंकि अब का पुरूषार्थ भविष्य के राज्य का अधिकारी बनाता है ।

11
00:15:54.679 --> 00:16:24.850
तो चेक करो कि इस समय अपना पुरूषार्थ यथार्थ है ?

12
00:16:26.509 --> 00:17:18.109
जैसे भविष्य में एक राज्य होगा तो अभी चेक करो कि हमारा एक राज्य मन में चलता है ?

13
00:17:18.109 --> 00:17:27.480
पुरूषार्थ में एक राज्य है ?

14
00:17:28.000 --> 00:17:41.250
या माया राज्य में विघ्न डालती है ?

15
00:17:42.849 --> 00:17:57.769
एक राज्य के बजाए माया का प्रभाव तो नहीं पड़ता ?

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00:18:02.450 --> 00:18:11.250
दो राज्य तो नहीं होते हैं ?

17
00:18:13.650 --> 00:18:26.000
भविष्य की विशेषता ही है एक राज्य की ।

18
00:18:27.480 --> 00:18:39.880
तो अभी का अभ्यास भविष्य में चलता है ।

19
00:18:39.880 --> 00:19:06.339
तो चेक करो कि अभी स्वराज्य है , स्वराज्य में कहाँ माया दखल तो नहीं करती ?

20
00:19:07.250 --> 00:19:14.109
दो राज्य तो नहीं हैं ?

21
00:19:16.109 --> 00:19:43.819
अगर दो राज्य चलता है तो एक राज्य के संस्कार कब भरेंगे ?

22
00:19:50.509 --> 00:20:06.849
भविष्य की विशेषता है ही एक राज्य और एक धर्म ।

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00:20:10.450 --> 00:20:16.450
धर्म कौन सा है ?

24
00:20:16.450 --> 00:20:26.569
आपकी विशेष धारण कौन सी है ?

25
00:20:26.569 --> 00:20:33.420
सम्पूर्ण पवित्रता ।

26
00:20:34.799 --> 00:20:44.910
तो चेक करो कि एक धर्म है ?

27
00:20:44.910 --> 00:21:02.170
बीच में दूसरा धर्म अपवित्रता का दखल तो नहीं देता ?

28
00:21:05.200 --> 00:21:35.019
साथ में यह भी चेक करो कि लॉ एण्ड आर्डर एक का है या माया भी बीच में दखल तो नहीं करती ?

29
00:21:37.019 --> 00:21:51.309
एक का राज्य निर्विघ्न चलता है ?

30
00:21:55.940 --> 00:22:26.049
और बात तो राज्य में सदा सुख और शान्ति नेचुरल रहती है ,

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00:22:26.049 --> 00:22:42.849
तो अभी देखो अपने राज्य में सदा सुख शान्ति है ?

32
00:22:44.849 --> 00:22:51.019
कोई दखल तो नहीं होता ?

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00:22:55.019 --> 00:23:20.970
स्वराज्य में माया अपना दखल देकर अशान्ति तो नहीं फैलाती ?

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00:23:24.400 --> 00:23:48.569
स्वराज्य में कोई सैलवेशन , कोई प्रशन्सा का प्रभाव तो माया नहीं डालती ?

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00:23:50.569 --> 00:24:19.019
सदा सुख शान्ति आनंद प्रेम , अतीन्द्रिय सुख कायम रहता है ?

36
00:24:23.710 --> 00:24:51.819
क्योंकि जानते हो कि भविष्य राज्य में सर्व प्राप्ति हैं , सम्पन्नता है , इस कारण सन्तुष्टता भी है ।

37
00:24:52.849 --> 00:25:11.940
तो अभी भी स्वराज्य सम्पन्न रहता है कि कोई कमी रहती ?

38
00:25:13.940 --> 00:25:27.819
क्योंकि अभी के पुरूषार्थ में अगर कमी रह गई

39
00:25:28.400 --> 00:25:41.769
तो भविष्य अखण्ड राज्य के अधिकारी कैसे बनेंगे !

40
00:25:45.200 --> 00:25:55.539
सारा आधार अभी के पुरूषार्थ पर है ।

41
00:26:00.740 --> 00:26:21.819
अभी की कोई भी कमी भविष्य के सम्पूर्ण राज्य के अधिकारी नहीं बन सकते ।

42
00:26:23.200 --> 00:26:42.569
बहुतकाल का यह स्वराज्य का अभ्यास भविष्य राज्य के अधिकारी बनाती है ।

43
00:26:45.539 --> 00:27:22.170
तो यह अपनी चेकिंग सदा रहे क्योंकि अभी अगर बहुतकाल का पुरूषार्थ नहीं होगा

44
00:27:22.170 --> 00:27:47.140
तो प्रालब्ध भी कम मिलती है इसलिए बापदादा समय प्रति समय यह अटेन्शन खिंचवा रहा है

45
00:27:47.140 --> 00:28:08.279
कि इसके लिए अभी अपने को सम्पन्न और सम्पूर्ण बनाओ ।

46
00:28:12.339 --> 00:28:32.450
अगर अभी बीच-बीच में कह देते हैं

47
00:28:32.450 --> 00:28:53.940
कि पुरूषार्थ चल रहा है लेकिन पुरूषार्थ के बीच में तो-तो तो नहीं आता !

48
00:28:58.049 --> 00:29:30.450
यह तो हो जायेगा , यह तो कर लेंगे , यह संस्कार अविनाशी 21 जन्म का , अखण्ड राज्य का अधिकारी नहीं बनायेगा ।

49
00:29:30.910 --> 00:29:50.109
तो बापदादा सदा के लिए अटेन्शन दिला रहा है , चेक करो

50
00:29:50.910 --> 00:30:09.079
कि अगर कोई भी विघ्न आता है , तूफान आता है तो तूफान तोहफा बन जाता है ।

51
00:30:09.079 --> 00:30:17.880
तूफान तूफान नहीं लेकिन तोहफा बन जाये ।

52
00:30:19.880 --> 00:30:32.049
कोई भी माया का वार होता है , अनुभव कराती है माया ,

53
00:30:32.049 --> 00:30:50.109
तो वह अनुभव भी ऐसे अनुभव हो हमको अनुभव की सीढ़ी आगे बढ़ाती है ।

54
00:30:57.769 --> 00:31:20.740
इसके लिए बापदादा कहते सदा अपना चार्ट आपेही चेक करो ।

55
00:31:21.480 --> 00:31:37.539
जितना अपना चार्ट चेक करेंगे उतना ही चेक करके चेंज करेंगे ।

56
00:31:39.140 --> 00:31:47.140
तो हर एक अपने चार्ट को चेक करते हो ?

57
00:31:47.140 --> 00:31:49.420
करते हो ?

58
00:31:50.109 --> 00:31:56.339
जो रोज़ करता है वह हाथ उठाओ ।

59
00:31:56.339 --> 00:32:01.200
जो रोज करता है , कभी कभी नहीं ?

60
00:32:01.200 --> 00:32:09.019
रोज़ चार्ट चेक करो और चेंज करो

61
00:32:12.109 --> 00:32:30.569
क्योंकि समय का इशारा बापदादा ने काफी समय से दिया है ।

62
00:32:32.569 --> 00:32:52.509
समय को देख भी रहे हो , मनुष्यों के मन में चिंता बढ़ रही है

63
00:32:53.599 --> 00:33:06.799
और आपके मन में चिंता नहीं लेकिन प्रभु चिंतन है ।

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00:33:11.819 --> 00:33:29.200
प्रभु चिंतन होने के कारण आप सदा जानते हो

65
00:33:29.200 --> 00:33:44.220
कि हम निमित्त हैं , निर्मान हैं क्योंकि करावनहार बाप है ।

66
00:33:44.220 --> 00:34:12.280
इसके कारण आपके मन में चिंता नहीं है , करावनहार करा रहा है , यह स्मृति सदा आगे बढ़ा रही है ।

67
00:34:25.139 --> 00:34:40.570
अभी विशेष हर एक को यह चेक करना है

68
00:34:40.570 --> 00:35:10.340
कि इस संगमयुग का एक एक सेकण्ड समय और संकल्प शुभ चलता है ?

69
00:35:11.199 --> 00:35:36.849
इस समय के महत्व को जान एक सेकण्ड , सेकण्ड नहीं लेकिन एक सेकण्ड की वैल्यु है , महत्व है ।

70
00:35:36.849 --> 00:35:54.050
कभी कभी बच्चे कहते हैं कि संकल्प चला लेकिन दो चार सेकण्ड चला ।

71
00:35:54.739 --> 00:36:15.420
लेकिन संगम समय की वैल्यु है , अभी एक सेकण्ड एक घण्टे के बराबर है ।

72
00:36:17.420 --> 00:36:26.400
इतना इस समय की वैल्यु है

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00:36:28.400 --> 00:36:53.420
क्योंकि बापदादा ने कह दिया है कि अचानक किसी भी समय आपका फाइनल पेपर होगा ।

74
00:36:55.420 --> 00:37:28.570
बापदादा भी बतायेगा नहीं इसलिए इस समय का अटेन्शन सम्पूर्ण और सम्पन्न बनाना है ।

75
00:37:30.000 --> 00:37:57.420
बापदादा ने जो सर्व खज़ाने दिये हैं उस एक एक खज़ाने को समय पर कार्य में लगाना है ।

76
00:37:59.940 --> 00:38:10.110
खज़ानों के मालिक हो , मालिक की विशेषता यह है

77
00:38:10.110 --> 00:38:33.199
कि जिस समय जिस खज़ाने की आवश्यकता है उस समय वह खज़ाना कार्य में लगता है ?

78
00:38:33.199 --> 00:38:53.199
आप आर्डर करो समाने की शक्ति को तो समाने की शक्ति कार्य में लगती है ?

79
00:38:53.710 --> 00:39:13.199
क्योंकि मालिक उसको कहा जाता है जो समय पर अपने खज़ाने कार्य में लगा सके ।

80
00:39:15.710 --> 00:39:39.650
तो अभी सभी को इतना स्व पर अटेन्शन देना है ।

81
00:39:52.849 --> 00:40:20.400
सबके अन्दर खुशी का खज़ाना सदा ही चेहरे और चलन में दिखाई दे ।

82
00:40:23.079 --> 00:40:33.480
खुशी अविनाशी बाप की देन है ।

83
00:40:34.000 --> 00:40:44.619
तो अविनाशी बाप की देन को अविनाशी रखो ।

84
00:40:47.710 --> 00:41:08.050
खुशी के लिए कहा जाता है - खुशी जैसी कोई खुराक नहीं , खुशी जैसा कोई खज़ाना नहीं ।

85
00:41:12.849 --> 00:41:36.280
तो जिसके अन्दर सदा खुशी है उनके नयनों से , चेहरे से , चलन से आटोमेटिक दिखाई देती है ।

86
00:41:36.969 --> 00:41:59.019
बापदादा का वरदान है कि सदा खुश रहो और सदा खुशी बांटो

87
00:41:59.710 --> 00:42:16.800
क्योंकि खुशी बांटने से खुशी बढ़ेगी और कोई भी खज़ाना बांटने से कम होता है

88
00:42:16.800 --> 00:42:31.480
लेकिन खुशी का खज़ाना जितना बांटेंगे उतना बढ़ेगा ।

89
00:42:33.480 --> 00:42:46.909
तो चेक करो खुशी का खज़ाना सदा कायम है ?

90
00:42:48.619 --> 00:43:26.449
अभी सभी बच्चों को चाहे देश चाहे विदेश सभी बच्चों को बापदादा एक बात की विशेष मुबारक दे रहे हैं ।

91
00:43:27.599 --> 00:43:31.250
कौन सी बात ?

92
00:43:32.449 --> 00:44:05.420
जो सभी ने चाहे देश में , चाहे विदेश में अपने उमंग-उत्साह से आत्माओं को बाप का सन्देश दे दिया ।

93
00:44:05.420 --> 00:44:32.969
सभी ने अपनी खुशी से जो कार्य किया उस कार्य में प्रोग्राम एक किया ,

94
00:44:32.969 --> 00:44:55.199
हर जगह एक प्रोग्राम किया लेकिन उसका फल हजार गुणा प्राप्त किया ।

95
00:44:58.050 --> 00:45:17.880
बापदादा को यही संकल्प है कि अब के समय प्रमाण

96
00:45:18.909 --> 00:45:31.539
जो सरकमस्टांश है वह आगे आगे नाजुक होते जायेंगे

97
00:45:31.539 --> 00:45:52.170
इसलिए चाहे गांव है , चाहे कोई भी कोना है , ऐसे उल्हना नहीं रह जाए

98
00:45:52.170 --> 00:46:04.969
कि हमारा बाप आया और हमको आपने सन्देश नहीं दिया

99
00:46:05.539 --> 00:46:23.369
इसलिए सभी ने जो उमंग उत्साह से कार्य किया , बापदादा खुश है

100
00:46:24.400 --> 00:46:41.019
और ऐसे ही आपस में मिलकर ऐसे प्रोग्राम बनाते रहना ।

101
00:46:46.000 --> 00:47:19.139
बापदादा ने देखा कि उमंग-उत्साह और हिम्मत सभी ने अपने-अपने विधि से कार्य में लगाया है

102
00:47:19.710 --> 00:47:45.309
लेकिन अभी तो सबने बहुत अच्छा किया , आगे भी समय प्रमाण यह लक्ष्य रखो

103
00:47:46.000 --> 00:48:02.739
कि कोई भी कोना बिना सन्देश के रह नहीं जाए ।

104
00:48:06.400 --> 00:48:30.110
इसमें अपना भी पुरूषार्थ अच्छा चलता और आत्माओं का भी कल्याण होता है ।

105
00:48:36.110 --> 00:48:45.309
सभी को यह प्रोग्राम अच्छे लगे ना !

106
00:48:45.309 --> 00:48:54.000
अच्छा लगा !

107
00:49:00.570 --> 00:49:33.769
तो बापदादा सभी बच्चों को यही बार-बार कहते कि आत्माओं के प्रति रहमदिल बनो ।

108
00:49:34.340 --> 00:49:52.050
आजकल दुःख अशान्ति के कारण सभी दिल से कहते हैं रहम करो , दया करो ।

109
00:49:52.739 --> 00:50:20.909
तो बाप के साथी आप बच्चे हो , तो बाप बच्चों द्वारा अभी हर एक बच्चे का रहमदिल का पार्ट देखने चाहते हैं ।

110
00:50:23.199 --> 00:50:43.820
आपका उमंग है कि दुःखमय संसार बदलकर सुखमय संसार आना ही है ।

111
00:50:46.849 --> 00:51:19.019
तो सुखमय संसार आने के लिए यह दुःख अशान्ति का विनाश होने के लिए हालतें बदल रही हैं ।

112
00:51:22.909 --> 00:52:18.570
तो आज का यही बाप का सन्देश याद रखो कि अब चाहे मन्सा , चाहे वाचा , चाहे चेहरे और चलन से सेवा की गति बढ़ाते चलो ।

113
00:52:20.400 --> 00:52:30.909
अपना राज्य समीप लाते चलो ।

114
00:52:47.019 --> 00:52:53.079
अच्छा ।

115
00:52:55.710 --> 00:53:15.199
इस बारी जो पहली बार आये हैं बापदादा से मिलने , वह हाथ उठाओ ।

116
00:53:15.199 --> 00:53:18.400
अच्छा बहुत हैं ।

117
00:53:18.400 --> 00:53:24.000
थोड़ा उठो ।

118
00:53:49.309 --> 00:53:55.940
मुबारक हो ।

119
00:54:05.599 --> 00:54:20.280
फिर भी समाप्ति के पहले पहुंच गये हो ।

120
00:54:20.849 --> 00:54:27.420
नया जन्म ले लिया ।

121
00:54:27.420 --> 00:55:00.969
इसका सभी की तरफ से अभी आने वाले बच्चों को बापदादा और चारों ओर के बच्चों द्वारा मुबारक हो , मुबारक हो ।

122
00:55:08.969 --> 00:55:19.880
ब्राह्मण परिवार को देख खुशी होती है ना !

123
00:55:20.969 --> 00:55:38.849
लेकिन जो अभी आये हो उन्हों को बापदादा यही कहते

124
00:55:39.420 --> 00:56:02.679
तो अभी बहुत समय बीत गया , बहुत थोड़ा रहा इसलिए पुरूषार्थ तीव्र करना है ।

125
00:56:02.679 --> 00:56:16.909
तीव्र पुरूषार्थी आगे बढ़ेंगे , चलना नहीं उड़ना ।

126
00:56:18.219 --> 00:56:48.050
उड़ती कला का पुरूषार्थ करेंगे तो बाप का वर्सा देर से आते हुए भी पूरा अपना हक ले सकते हो ।

127
00:56:50.050 --> 00:57:23.369
हर सेकण्ड खुश रहना और सभी को पैगाम देना , सन्देश देना ।

128
00:57:29.539 --> 00:57:31.710
अच्छा ।

129
00:57:35.480 --> 00:58:10.340
सेवा का टर्न यू पी बनारस और पश्चिम नेपाल का है :- जो सेवा प्रति आये हैं वह उठो ।

130
00:58:35.199 --> 00:58:42.000
अच्छा चांस लिया है ।

131
00:58:44.849 --> 00:59:03.139
यू पी में आपकी सेवा का यादगार बहुत है ।

132
00:59:05.139 --> 00:59:18.909
भक्तिमार्ग के मन्दिर भी बहुत हैं , नदियां भी बहुत हैं ।

133
00:59:27.019 --> 00:59:52.219
तो यू पी वाले चारों ओर सेवा बढ़ा भी रहे हैं और बढ़ाते रहेंगे ।

134
00:59:54.219 --> 01:00:07.710
अभी बापदादा सभी ज़ोन को कहते हैं

135
01:00:07.710 --> 01:00:37.420
कि हर एक अपने ज़ोन में एक ऐसा ग्रुप बनाओ जिस ग्रुप में सभी वर्ग के हों ।

136
01:00:37.820 --> 01:01:04.909
जो आपके वर्ग बने हुए हैं , सेवा के लिए और हर एक ज़ोन अपने एरिया में हर वर्ग की सेवा कर रहे हो , करते भी रहेंगे

137
01:01:04.909 --> 01:01:25.199
लेकिन हर ज़ोन में ऐसा ग्रुप सर्विस का हो जिसमें हर वर्ग का एक एक हो ।

138
01:01:25.880 --> 01:01:48.739
और जहाँ भी प्रोग्राम करो वहाँ वह ग्रुप अपने अपने वर्ग को विशेष निमन्त्रण दे ।

139
01:01:53.309 --> 01:02:10.400
कोई भी वर्ग उल्हना नहीं दे कि हमें तो सन्देश नहीं मिला ।

140
01:02:11.710 --> 01:02:37.650
और हर एक जो वैरायटी ग्रुप बने वह सेवा भी बढ़ाये , अपने वर्ग की और साथ में हर एक अपना अपना अनुभव सुनावे

141
01:02:38.050 --> 01:02:57.019
कि हमारे को इस नॉलेज से क्या मिला और क्या अनुभव कर रहे हैं ।

142
01:03:00.219 --> 01:03:11.940
तो हर ज़ोन में ऐसा सेवा का ग्रुप तैयार करो ।

143
01:03:13.940 --> 01:03:26.050
चाहे भाषण करने का टाइम इतना न भी मिले

144
01:03:26.050 --> 01:03:47.650
लेकिन उन्हों को फंक्शन के समय पीछे लाइन में बिठाके उनका परिचय स्टेज सेक्रेट्री देवे ।

145
01:03:48.619 --> 01:03:57.420
एक दो का अनुभव भी रख सकते हो

146
01:04:02.000 --> 01:04:40.449
और परिवार में रहते अपना कार्य करते हुए हमारी जीवन कैसे बीती , कैसे बदली , वह अनुभव चांस लेके टाइम हो तो सुनावे ।

147
01:04:47.199 --> 01:05:12.969
बापदादा ने पहले भी कहा है तो ऐसे विशेष माइक भी हो , जो ग्रुप सेवा करता रहे ।

148
01:05:22.219 --> 01:05:51.539
अच्छा है यू पी ने विशेष ब्रह्मा बाप की पालना लेने का अधिकार प्राप्त किया है ।

149
01:05:58.000 --> 01:06:08.050
यू पी में ब्रह्मा के नाम से यादगार भी है ।

150
01:06:08.909 --> 01:06:27.369
तो यू पी का भाग्य है , जो जगत अम्बा , ब्रह्मा बाबा की पालना ली है ।

151
01:06:33.250 --> 01:06:39.079
तो पालना की धरनी है ।

152
01:06:42.800 --> 01:07:04.800
भाग्य का सितारा ब्रह्मा बाप और जगत अम्बा ने यू पी को वरदान में दिया ।

153
01:07:10.340 --> 01:07:13.250
अच्छा है ।

154
01:07:13.250 --> 01:08:17.310
अभी दिन प्रतिदिन बाप ने देखा कि सेवा स्थान और जो भी उपसेवाकेन्द्र वा गीता पाठशालायें हैं वह पहले से अभी वृद्धि अच्छी है इसीलिए बापदादा खास मुबारक दे रहे हैं कि बढ़ते चलो और नम्बर वृद्धि करने में, सन्देश देने में नम्बरवन बनो।

155
01:08:21.710 --> 01:08:34.340
अच्छा है , बापदादा खुश है और बढ़ाते चलना ।

156
01:08:37.020 --> 01:08:41.649
टीचर्स को मुबारक है ।

157
01:08:41.649 --> 01:08:58.619
वृद्धि कर रही हो और इससे भी ज्यादा में ज्यादा वृद्धि करते रहना ।

158
01:09:00.619 --> 01:09:05.710
अच्छा ।

159
01:09:07.710 --> 01:09:56.170
महिला विंग की मीटंग है :- अच्छा है , माताओं का कल्याण

160
01:09:56.739 --> 01:10:26.220
तो जबसे बापदादा कार्य के लिए निमित्त बनें तो पहले ही माताओं के ऊपर कलष रखा ।

161
01:10:26.909 --> 01:10:51.539
पाण्डव साथी हैं लेकिन फिर भी यह विशेषता आरम्भ हुई कि मातायें सेवा के निमित्त आगे बढ़ी

162
01:10:52.279 --> 01:11:30.510
और जब से बापदादा ने माताओं को मर्तबा दिया तो गवर्मेन्ट में भी आजकल मातायें सबमें , हर कार्य में सहयोगी बन कमाल कर रही हैं ।

163
01:11:32.850 --> 01:11:52.970
तो संगमयुग की , बापदादा के कार्य की विशेषता या नवीनता मातायें हैं

164
01:11:57.310 --> 01:12:20.050
और अभी माताओं की विशेषता आगे आगे जैसे बापदादा के आगे बढ़ रही है

165
01:12:20.050 --> 01:12:36.569
ऐसे ही गवर्मेन्ट में या आज की दुनिया में माताओं की तरफ सभी की नजर है

166
01:12:36.569 --> 01:12:55.880
इसलिए यह प्रोग्राम धूमधाम से करो , माताओं को ऐसा आगे बढ़ाओ

167
01:12:55.880 --> 01:13:13.819
जो सब देखें कि माताओं की शक्ति , माताओं की पालना कितनी ऊंची है ।

168
01:13:18.449 --> 01:13:43.600
अभी मातायें परिवार में रहते अपने बच्चों का ऐसा सैम्पुल बनाओ

169
01:13:43.600 --> 01:14:02.399
जो किसी को भी बापदादा सैम्पुल दिखाये कि घर आश्रम कैसे बना ।

170
01:14:03.939 --> 01:14:18.279
बच्चे कैसे अपनी मर्यादाओं में रहते हैं ।

171
01:14:20.279 --> 01:14:35.310
यह जो इम्प्रेशन है कि बच्चे बदल जायें , यह गवर्मेन्ट की प्राबलम है ,

172
01:14:35.310 --> 01:15:02.000
वह मातायें ऐसा प्रैक्टिकल करके दिखाओ जो गवर्मेन्ट सोचे कि यह मातायें बच्चों का कल्याण भी कर सकती हैं ।

173
01:15:05.369 --> 01:15:29.819
जो भी स्वयं बने हैं वह बच्चों को ऐसे तैयार करें जो गवर्मेन्ट को देखने में आवे कि यह क्या कमाल कर सकती हैं ।

174
01:15:36.170 --> 01:15:39.140
अच्छा है ।

175
01:15:39.140 --> 01:15:57.420
माताओं का प्रोग्राम रखने से माताओं में उमंग उत्साह आयेगा तो आगे औरों की सेवा कर सकेंगी ।

176
01:15:58.000 --> 01:16:04.569
अच्छा है सफलता तो है ही ।

177
01:16:06.569 --> 01:16:11.369
अच्छा ।

178
01:16:13.369 --> 01:17:36.050
इन्दौर हॉस्टल की कुमारियों से :- अच्छा है , कुमारियां अपने को शक्ति रूप समझें , हम कुमारियां हैं नहीं , शिवशक्ति हैं ,

179
01:17:37.079 --> 01:18:08.399
इस परिवर्तन से ऐसी कमाल करके दिखाओ जो सेवा में आपका परिवर्तन का

180
01:18:11.199 --> 01:18:27.819
जो प्रत्यक्ष रूप है वह चेहरा और चलन साक्षात्कार करावे ।

181
01:18:33.770 --> 01:19:03.600
जैसे आप बड़ी बहिनों को , दादियों को देखते हैं तो उनका प्रभाव जनता को देखते ही पड़ता है , वायब्रेशन होता है ,

182
01:19:03.770 --> 01:19:22.340
ऐसे आप एक एक कुमारी ऐसे अपने में शक्ति भरो

183
01:19:23.939 --> 01:19:41.199
जो आप कहाँ भी जाओ , किसकी भी सेवा करो तो उनको ऐसा अनुभव हो

184
01:19:41.539 --> 01:19:55.939
कि यह साधारण कुमारियां नहीं हैं लेकिन शक्तियां , देवियां हैं ।

185
01:19:57.199 --> 01:20:24.220
आपकी शक्ल से बाप की सूरत , ब्रह्मा बाप की पालना का प्रभाव आपकी सूरत में दिखाई दे ।

186
01:20:29.939 --> 01:20:42.220
आखिर यही सेवा का पार्ट चलना है ।

187
01:20:45.369 --> 01:21:12.399
तो हर एक कुमारी इतना अपने में शक्ति भरो बाकी अच्छा है , अच्छी चल रही हो ,

188
01:21:12.970 --> 01:21:38.050
आगे बढ़ भी रही हो लेकिन अभी आपका चेहरा , चलन दिखाई दे कि न्यारी और प्यारी है ।

189
01:21:40.739 --> 01:21:52.510
बाकी अच्छा है , बापदादा समाचार सुनते रहते हैं ।

190
01:21:58.220 --> 01:22:14.220
एक एक सेन्टर सम्भालने योग्य हैण्डस बन जाओ तो कितने सेन्टर खुल जायेंगे !

191
01:22:16.220 --> 01:22:31.369
तो बापदादा यह रिजल्ट देखेंगे कि हर एक कुमारी सेन्टर सम्भाल रही है ।

192
01:22:32.050 --> 01:22:51.939
ऐसे ही योग्य बन जाओ क्योंकि आजकल टीचर्स सेवा के लिए आवश्यक है ।

193
01:22:53.939 --> 01:23:01.199
लेकिन निर्विघ्न टीचर बनना ।

194
01:23:03.199 --> 01:23:22.850
वह लिख करके भेजना तो कितनी निर्विघ्न टीचर बनके उमंग उत्साह से उड़ती हैं ।

195
01:23:26.000 --> 01:24:03.020
बाकी अच्छा है, अपनी जीवन को बना रहे हैं बहुत अच्छा, सभी कुमारियों को दुआयें दो, सहयोग दो तो यह भविष्य में निर्विघ्न नम्बरवन टीचर बनें।

196
01:24:07.250 --> 01:24:12.109
हैण्डस की आवश्यकता है ना ।

197
01:24:12.109 --> 01:24:17.600
फारेन में भी चाहिए ना ।

198
01:24:19.600 --> 01:24:31.020
निर्विघ्न , मूल अण्डरलाइन करो निर्विघ्न टीचर ।

199
01:24:38.449 --> 01:24:49.770
अभी रिजल्ट आयेगी बापदादा के पास , ठीक है ना ।

200
01:24:49.770 --> 01:24:54.909
ऐसे ही लक्ष्य है ना !

201
01:25:06.279 --> 01:25:10.739
अच्छा ।

202
01:25:19.250 --> 01:28:22.449
इस ग्रुप में कैड ग्रुप ( दिल वालों का ) भी आया है :- अच्छा है हर एक आपस में राय करके आगे अपनी सेवा को बढ़ाते रहते हो ,

203
01:28:23.250 --> 01:28:43.420
उमंग-उत्साह बढ़ाते चलते हो और अपने को इसी कार्य में बिजी रखते हो

204
01:28:43.420 --> 01:28:59.369
तो उसकी रिजल्ट पुरूषार्थ का बल भी मिलता है और फल भी मिलता है ।

205
01:29:01.369 --> 01:29:36.850
जितना प्लैन बनाते हो प्रैक्टिकल में लाते हो तो बापदादा की तरफ से हर ग्रुप को विशेष सकाश द्वारा भी सहयोग बापदादा देते हैं ।

206
01:29:40.109 --> 01:29:42.569
अच्छा है ।

207
01:29:42.569 --> 01:29:49.770
बढ़ते चलो , बढ़ाते चलो ।

208
01:29:50.850 --> 01:29:56.109
अच्छा ।

209
01:30:02.000 --> 01:31:22.220
काल आफ टाइम के मेहमानों से :- लकी हैं , आपका भाग्य आप सबको यहाँ तक लाया है , अभी इस भाग्य को आगे बढ़ाते रहना ।

210
01:31:22.220 --> 01:31:31.020
आगे बढ़ाने का साधन क्या है ?

211
01:31:31.020 --> 01:32:00.220
एक तो कनेक्शन जरूर रखना और कनेक्शन के आगे इस ब्राह्मण फैमिली से , बापदादा से रिलेशन आगे बढ़ाते रहना ।

212
01:32:00.220 --> 01:32:25.310
जितना कनेक्शन रिलेशन रखेंगे उतना खज़ाने अखुट खज़ाने इकट्टे होते रहेंगे ।

213
01:32:26.000 --> 01:32:31.369
खज़ानों के मालिक बन जायेंगे ।

214
01:32:31.369 --> 01:32:50.000
जिस समय जो शक्ति चाहिए , जो गुण चाहिए वह अनुभव करते रहेंगे ।

215
01:32:50.850 --> 01:32:53.250
अच्छा है ।

216
01:32:53.250 --> 01:33:11.770
बापदादा को यह जो प्रोग्राम किया , करते रहते हैं , अच्छा लगता है ।

217
01:33:15.369 --> 01:33:24.739
मधुबन में इन्डिया में आना पसन्द आता है ना !

218
01:33:25.199 --> 01:33:28.970
पसन्द आता है ?

219
01:33:29.479 --> 01:33:44.970
देखो आपको देख करके इन्डिया के आपके भाई बहिन वह भी खुश होते हैं ।

220
01:33:46.970 --> 01:34:02.220
सभी के दिल में आता है हमारे भाई हमारी बहिनें आ गई , आ गई , खुशी होती है ।

221
01:34:10.449 --> 01:34:38.800
देखो आप भी खुश होते और यहाँ सारा परिवार इतना बड़ा परिवार कभी सुना , देखा , और अभी देखो कितना आपका परिवार है ।

222
01:34:48.399 --> 01:35:09.770
तो एक एक बच्चे को बापदादा का पदमगुणा यादप्यार स्वीकार हो ।

223
01:35:15.369 --> 01:35:21.310
अच्छा ।

224
01:35:33.649 --> 01:36:20.970
40 देशों के 300 डबल विदेशी भाई बहिनें आये हैं :- बापदादा खुश होते हैं

225
01:36:21.420 --> 01:36:41.140
यह हर साल का संगठन यहाँ भारत के भाई बहिनों को भी अच्छा लगता है ,

226
01:36:41.770 --> 01:37:03.770
बापदादा को तो अच्छा लगता ही है , आपस में मिलके लेन देन करके हर वर्ष का आगे के लिए

227
01:37:03.880 --> 01:37:31.310
सेवा और स्व का चार्ट दोनों बातें करते एक दो को उमंग उत्साह बढ़ाते हो , यह देख बापदादा खुश होते हैं ।

228
01:37:33.020 --> 01:37:53.880
आप सबको भी इतने भाई बहिन मिलते हैं , देखते हैं , खुश होते हैं तो आप भी खुश होते हैं ना ।

229
01:37:56.510 --> 01:38:33.020
अच्छा है बापदादा ने देखा तो बापदादा के डायरेक्शन को प्रैक्टिकल में लाने में उमंग उत्साह से एक दो को अटेन्शन दिलाते हैं ।

230
01:38:34.340 --> 01:39:01.770
प्राब्लम जो पुरूषार्थ को ढीला करती हैं वह एक दो को सुनाने से स्पष्ट करने से पुरूषार्थ में भी तीव्रगति आती है ।

231
01:39:03.770 --> 01:39:26.909
और भाई बहिनों से मिलके एक एक के पुरूषार्थ को देख आगे बढ़ते भी हो ।

232
01:39:30.340 --> 01:39:43.710
तो यह प्रोग्राम बापदादा को पसन्द है ।

233
01:39:43.710 --> 01:39:47.020
आपको भी पसन्द है ना !

234
01:39:47.020 --> 01:39:51.539
पसन्द है ?

235
01:39:59.539 --> 01:40:06.220
पाण्डवों को पसन्द है ?

236
01:40:12.739 --> 01:40:40.449
अच्छा है अब तो बापदादा ने सब डबल पुरूषार्थी बच्चों को सौगात नम्बरवन बनके लेने का इशारा भी किया है।

237
01:40:40.909 --> 01:41:09.079
हर एक सेन्टर और उसके कनेक्शन में आने वाले सेन्टर निर्विघ्न और तीव्र पुरूषार्थ की गति में नम्बरवन बनें।

238
01:41:10.449 --> 01:41:20.850
तो जो नम्बरवन बनेगा उसको सौगात देंगे बापदादा।

239
01:41:22.850 --> 01:41:31.880
खुद तो बनें लेकिन सभी को भी साथ लेके चलना है ना ।

240
01:41:34.109 --> 01:41:42.510
संगठन को भी मजबूत करना है ।

241
01:41:42.850 --> 01:41:51.079
तो देखेंगे नम्बरवन कौन लेता है!

242
01:41:51.819 --> 01:42:04.510
जो भी लेवे , जितने भी लेवें बापदादा को खुशी है ।

243
01:42:08.970 --> 01:42:13.199
ठीक है ना !

244
01:42:14.909 --> 01:42:43.140
अभी से लेके यह लक्ष्य रखो कि हमें उड़कर उड़ाना है ।

245
01:42:43.140 --> 01:42:59.079
चलने वाले नहीं , उड़ने वाले , उड़ती कला का सर्टीफिकेट लेना है ।

246
01:42:59.600 --> 01:43:11.710
कभी कभी नहीं , सदा उड़ती कला ।

247
01:43:16.970 --> 01:43:19.600
लेना है ना !

248
01:43:19.600 --> 01:43:25.539
सर्टीफिकेट लेना है ?

249
01:43:38.220 --> 01:43:52.569
अभी हर दिन कोई न कोई बात में प्रोग्रेस करते चलो ।

250
01:43:52.569 --> 01:44:09.310
चार सबजेक्ट हैं , चार सबजेक्ट में से कोई न कोई सबजेक्ट का लक्ष्य रख करके

251
01:44:09.310 --> 01:44:23.819
प्रैक्टिकल में लाके अपना चार्ट आगे बढ़ाते चलो ।

252
01:44:32.000 --> 01:44:34.909
अच्छा है ।

253
01:44:34.909 --> 01:44:49.880
बापदादा ने देखा तो विदेश में भी ऐसे बच्चे हैं

254
01:44:50.449 --> 01:45:24.220
जो बाबा जो चाहते हैं वह प्रैक्टिकल में लाते अपना पोतामेल रोज़ बापदादा को देते हैं ।

255
01:45:28.050 --> 01:45:36.220
पुरूषार्थ अच्छा है

256
01:45:44.170 --> 01:46:15.600
इसलिए बापदादा जो ऐसे गुप्त पुरूषार्थी हैं उनको अमृतवेले रोज़ मुबारक खास देते हैं ।

257
01:46:21.140 --> 01:46:31.710
तो बढ़ते चलो , तीव्र पुरूषार्थी बन उड़ते चलो ।

258
01:46:35.939 --> 01:46:40.569
अच्छा ।

259
01:46:42.220 --> 01:46:52.510
सर्व इन्डिया प्रोग्राम की लांचिग हैदराबाद में हुई है :-

260
01:47:09.819 --> 01:47:40.279
यह भी कार्य कर रहे हैं , बापदादा सेवा के प्लैन को देख , उमंग-उत्साह को देख खुश होते हैं

261
01:47:40.279 --> 01:47:58.109
और बापदादा का वरदान है कि सफलता हर बच्चे का जन्म सिद्ध अधिकार है ।

262
01:47:58.800 --> 01:48:21.199
इसलिए सफलता रहेगी , सबको साथी बना करके सहयोगी बनाके चल रहे हैं और चलते रहेंगे ।

263
01:48:21.199 --> 01:48:23.199
मुबारक हो ।

264
01:48:23.199 --> 01:48:33.770
मेहनत किया , मेहनत अच्छी की है , उमंग अच्छा है

265
01:48:35.020 --> 01:48:44.340
और उमंग-उत्साह जहाँ है वहाँ सफलता है ही है ।

266
01:48:55.649 --> 01:49:25.369
हैदराबाद वाले उठें , टीचर्स कहाँ है ?

267
01:49:33.770 --> 01:49:42.399
देखो पहला नम्बर हैदराबाद को चांस मिला

268
01:49:45.710 --> 01:50:15.710
और बापदादा को अच्छा लगा कि सबने यथाशक्ति सहयोग दिया और सेवा का पार्ट बड़ी दिल से बजाया ।

269
01:50:16.510 --> 01:50:23.819
जो किया वह बहुत अच्छा किया , हिम्मत अच्छी रखी ।

270
01:50:23.819 --> 01:50:32.399
हिम्मत वालों को बाबा की मदद है ही ।

271
01:50:35.600 --> 01:50:41.310
अच्छा ।

272
01:51:05.420 --> 01:51:33.710
तो आज जो बापदादा ने कहा कि स्वराज्य अधिकारी बन स्वराज्य की रिजल्ट चेक करो ,

273
01:51:34.970 --> 01:51:52.739
वह चेक करने से कोई भी कमी को बहुत समय से चेंज करना है

274
01:51:52.970 --> 01:52:22.569
क्योंकि बहुत समय अखण्ड राज्य चले , इसकी आवश्यकता है बहुत समय का पुरूषार्थ , बहुत समय की प्रालब्ध के स्वतः ही अधिकारी बनते हैं

275
01:52:23.939 --> 01:52:36.970
इसीलिए अन्डरलाइन बहुत समय का पुरूषार्थ है ।

276
01:52:37.539 --> 01:52:43.939
चेकिंग है , चेंज है ?

277
01:52:44.739 --> 01:52:57.770
चारों ओर के बापदादा के दिलतख्तनशीन

278
01:52:59.140 --> 01:53:22.170
हर एक बच्चे को बापदादा रोज़ अमृतवेले विशेष शक्ति बांटते हैं ।

279
01:53:22.680 --> 01:53:36.399
अमृतवेले विशेष वरदान शक्ति बांटते हैं ।

280
01:53:37.770 --> 01:54:07.369
जो अमृतवेले की शक्ति विशेष वरदान स्वीकार करते हैं वह विशेष तीव्र पुरूषार्थी बनता है ।

281
01:54:08.619 --> 01:54:34.109
अमृतवेले का महत्व रखना अर्थात् बापदादा के सदा तख्तनशीन बनना ।

282
01:54:38.850 --> 01:55:16.399
तो कई बच्चों का अटेन्शन है और बापदादा रोज़ उन्हों को खास सर्टीफिकेट देते हैं वाह बच्चा वाह !

283
01:55:24.279 --> 01:56:06.569
तो चारों ओर के तीव्र पुरूषार्थी , हर समय बापदादा को अपना साथी बनाकर कम्बाइन्ड रहने के अभ्यासी बच्चों को

284
01:56:06.569 --> 01:56:48.170
बापदादा विशेष वरदान दे रहे हैं कि सदा उड़ते चलो और दूसरों को भी उड़ाने का सहयोग देकर उड़ाते चलो ।

285
01:56:53.880 --> 01:57:16.399
सभी विजयी हैं और विजय का फल बापदादा की हर समय दुआयें प्राप्त होती हैं ।

286
01:57:20.050 --> 01:57:33.420
तो अमर बन सबको अमृत पिलाते रहो ।

287
01:57:41.079 --> 01:57:54.569
चारों ओर के बच्चे बापदादा के सामने हैं ।

288
01:57:56.569 --> 01:58:10.000
हर बच्चे से बापदादा को दिल का प्यार है

289
01:58:10.000 --> 01:58:22.449
क्योंकि हर बच्चे में कोई न कोई विशेषता है ।

290
01:58:25.310 --> 01:58:49.539
अभी सर्व विशेषताओं से अपने को विशेष आत्मा बनाए आगे बढ़ते चलो ।

291
01:58:51.539 --> 01:59:15.369
बापदादा का हर एक बच्चे को पर्सनल पदमगुणा यादप्यार स्वीकार हो ।

292
01:59:31.250 --> 01:59:43.420
अच्छा - अभी तो मिलते रहेंगे ।

293
01:59:43.880 --> 01:59:47.250
नमस्ते ।

294
01:59:47.250 --> 01:59:50.909
दादियों से :- सभी ने खुब चक्र लगाया ।

295
01:59:50.909 --> 02:00:11.710
आजकल अशान्ति बढ़ती रहती है तो सारा दिन परेशान रहते हैं और , शान्ति का वायब्रेशन शान्ति दिलाता है , तो खुश हो जाते हैं ।

296
02:00:11.710 --> 02:00:23.420
जैसे कोई थका हुआ हो उसको आधा घण्टा भी , आराम का मिलता है तो खुश हो जाता है ।

297
02:00:28.909 --> 02:00:31.369
अच्छा किया ।

298
02:00:31.369 --> 02:00:39.310
सभी जगह , चाहे छोटे चाहे बड़े सबने अच्छा किया ।

299
02:00:44.619 --> 02:00:52.000
, उमंग जहाँ हैं वहाँ खर्चे की कोई बात नहीं ।

300
02:01:07.199 --> 02:01:14.619
इतनी आत्माओं को सन्देश तो मिल गया ।

301
02:01:14.619 --> 02:01:20.510
आपका उल्हना तो पूरा , हुआ ।

302
02:01:22.510 --> 02:01:25.199
अच्छा है ।

303
02:01:25.199 --> 02:01:32.510
ऐसे बीच बीच में प्रोग्रामस बनाते रहो ।

304
02:01:32.510 --> 02:01:43.250
हर एक शहर अपने अनुसार जैसा भी करे वह ठीक है।,

305
02:01:45.250 --> 02:02:10.109
परदादी से:- यह हिम्मत वाली है, हिम्मते बच्चे मददे बाप।,

306
02:04:14.970 --> 02:04:53.479
रमेश भाई , उषा बहन से :- जो कुछ भी होता है , उसको अवाइड करके खुश रहती हो

307
02:04:53.479 --> 02:05:10.399
और यह खुशी , बेफिकर बनाए आगे बढ़ाती है , यही दवाई है ।

308
02:05:12.399 --> 02:05:39.819
त्रिमूर्ति हो ( अनिला बहन भी साथ में हैं ) और चौथा सम्भाल करने , वाली है ।

309
02:05:46.449 --> 02:05:49.479
तुम्हारी भी कमाल है ।

310
02:05:49.479 --> 02:05:59.420
सभी को बहुत दिल से सम्भाल रही हो , अच्छा किया ।

311
02:06:00.000 --> 02:06:05.600
सेवा का फल और बल , मिल रहा है ।

312
02:06:05.600 --> 02:06:15.369
समझती हो मेरे खाते में कितना भाग्य जमा होता है !

313
02:06:17.770 --> 02:06:20.050
अच्छा ।

314
02:06:29.649 --> 02:06:35.140
( रमेश भाई से ) तबियत अच्छी है ।

315
02:06:35.140 --> 02:06:45.649
अभी , सोचना नहीं , सोचने को छोड़ दो , बाप के ऊपर छोड़ दो ।

316
02:06:46.680 --> 02:06:55.250
हल्के रहो और हल्का बनाके चलो ।

317
02:06:57.939 --> 02:07:24.800
ऊषा बहन की लौकिक बहन से :- इन्हों को देखकर खुश होती हो ना ।

318
02:07:24.800 --> 02:07:35.479
इन्होंने अपनी जीवन कितनी अच्छी , बनाई है , आप भी बना रही हो , खुश रहती हो ना ।

319
02:07:35.479 --> 02:07:38.399
खुशी कभी नहीं गंवाना ।

320
02:07:38.399 --> 02:07:50.739
खुशी जैसी और कोई खुराक नहीं,,खुश रहना और औरों को भी खुशी बांटना।

321
02:08:02.850 --> 02:08:41.770
अंकल-आंटी की तरफ से बृजमोहन भाई , गायत्री बहन ने बापदादा को गुलदस्ता दिया :- अच्छा , गुलदस्ता बनाया है ।

322
02:08:41.770 --> 02:09:01.649
फाउण्डेशन पक्का है , तकलीफ होवे क्या भी होवे , वह मस्ती में मस्त है और उसका प्रभाव , परिवार पर पड़ता है ।

323
02:09:01.649 --> 02:09:17.819
डाक्टर भी सोचता है कि कमाल है पेशेन्ट की भी , इसलिए सेवा कर रहा है ।

324
02:09:17.819 --> 02:09:24.449
उसकी शक्ल , सेवा करती है ।

325
02:09:25.649 --> 02:09:32.279
उसको पदम पदम पदम गुणा यादप्यार ।

326
02:09:32.279 --> 02:09:43.140
आंटी भी गुप्त है ।

327
02:09:43.140 --> 02:09:50.800
सारा परिवार लकी है ।

328
02:09:50.800 --> 02:09:59.479
(गायत्री बहन से),यह तो सामने खड़ी है।

329
02:10:02.050 --> 02:10:12.399
इसकी एक विशेषता है , पता है कौन सी ?

330
02:10:12.399 --> 02:10:24.619
कुछ भी हो जाए ना , बाबा को याद करके बाबा , से शक्ति ले लेती है ।

331
02:10:24.619 --> 02:10:29.310
डोंटकेयर कर लेती है।

332
02:10:29.310 --> 02:10:51.539
( विशेष आत्मा भी बनाती है ) पीछे पड़ करके उनकी पालना तो करती , रहती है ना ।

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02:10:51.539 --> 02:11:04.970
परिवार लकी है ।

334
02:12:27.420 --> 02:12:33.880
( तीनों बड़े भाईयों से ) अभी तीनों कमाल करो ।

335
02:12:33.880 --> 02:12:47.539
एक ने कहा , दूसरे ने विचार दिया लेकिन विचार दिया न्यारे , और प्यारे ।

336
02:12:47.539 --> 02:12:52.510
अभी सबकी नजर है ।

337
02:12:53.020 --> 02:13:29.199
( क्या यह मेगा प्रोग्राम आगे भी चालू रखें ) अभी मेगा नहीं कहो जिसको करना , हो यथाशक्ति अपने अनुसार करे , मना नहीं है ।

338
02:14:10.739 --> 02:14:14.850
अच्छा है ।

339
02:14:14.850 --> 02:14:28.909
डबल विदेशी बड़ी बहिनों से :- बापदादा को ग्रुप ग्रुप को बुलाके रिफ्रेश करना , यह अच्छा लगता है

340
02:14:28.909 --> 02:14:35.600
क्योंकि , वहाँ बहुत दूर दूर रहते हैं ।

341
02:14:36.850 --> 02:14:44.449
नजदीक आने से एक दो के गुण दिखाई देते हैं ।

342
02:14:44.739 --> 02:14:49.079
दूर दूर में पता नहीं पड़ता है ।

343
02:14:49.770 --> 02:14:55.649
तो एक , दो को देखके उमंग भी आता है ।

344
02:14:55.649 --> 02:15:04.170
तो आबू में यह प्रोग्राम अच्छा लगता है

345
02:15:06.399 --> 02:15:19.819
और एक दो में उत्साह भरके संगठन , पक्का करते हो यह अच्छा है ।

346
02:15:21.140 --> 02:15:24.279
ठीक है ।

347
02:15:24.279 --> 02:15:29.649
ठीक चल रहा है ना !

348
02:16:17.079 --> 02:16:48.510
(लण्डन वालों ने खास यादप्यार दिया है और कहा है कि बाबा की मुरली में था बच्चे बुद्धू हैं, तो क्या हम बुद्धू हैं?)कहना बुद्धू नहीं हैं लेकिन दिलतख्तनशीन हैं।

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02:19:23.079 --> 02:19:44.909
( टाटानगर का समाचार बापदादा को सुनाया ) इस बारी सभी ने दिल से किया और रिजल्ट भी अच्छी है । सब , जगह की अच्छी है ।

