WEBVTT

1
00:10:54.799 --> 00:11:24.570
आज चारों ओर के सन्तुष्ट आत्माओं को देख रहे हैं ।

2
00:11:32.399 --> 00:12:21.769
सन्तुष्ट मणियां चारों ओर अपने मणि की चमक फैला रही हैं ।

3
00:12:25.769 --> 00:12:54.450
सबसे बड़े से बड़ी स्थिति है ही सन्तुष्टता की ।

4
00:12:57.769 --> 00:13:17.419
सदा सन्तुष्ट सभी को प्रिय लगते हैं ।

5
00:13:21.710 --> 00:13:57.600
बाप को तो प्रिय है ही , सदा सन्तुष्ट वही रह सकता है जिसको सर्व प्राप्तियां हैं ।

6
00:13:58.970 --> 00:14:34.399
प्राप्तियों का आधार सन्तुष्टता है इसलिए ऐसी आत्मायें सर्व ब्राह्मण आत्माओं को प्रिय हैं ।

7
00:14:40.049 --> 00:14:57.080
सर्व प्राप्तियां अर्थात् सदा सन्तुष्ट ।

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00:14:59.080 --> 00:15:17.710
सन्तुष्ट आत्मा का वायुमण्डल में भी प्रभाव पड़ता है

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00:15:23.600 --> 00:15:38.399
और सर्व प्राप्तियां हैं परमात्मा की देन ।

10
00:15:43.080 --> 00:16:17.710
परमात्मा बाप द्वारा सर्व शक्तियां , सर्व गुण , सर्व खज़ाने प्राप्त की हुई आत्मा सदा सन्तुष्ट रहती है ।

11
00:16:19.710 --> 00:16:37.080
सन्तुष्ट आत्मा की स्थिति सदा प्रगतिशील रहती है ।

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00:16:42.220 --> 00:16:56.970
परिस्थिति सन्तुष्ट आत्मा के ऊपर प्रभाव नहीं डाल सकती

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00:17:02.799 --> 00:17:18.109
क्योंकि जहाँ सन्तुष्टता है वहाँ सर्व शक्तियां सर्व गुण स्वतः ही आते हैं ।

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00:17:18.109 --> 00:17:31.599
एक सन्तुष्टता अनेक गुणों को अपना लेती है ।

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00:17:34.799 --> 00:17:59.769
तो हर एक अपने से पूछे कि मैं सदा सन्तुष्ट आत्मा रहती हूँ !

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00:18:08.279 --> 00:18:40.619
सन्तुष्ट आत्मा सदा सर्व के , बाप के समीप और समान स्थिति में रहती है ।

17
00:18:44.970 --> 00:19:21.140
लेकिन इस स्थिति में रहने के लिए बहुत साक्षी दृष्टा अवस्था चाहिए , त्रिकालदर्शी अवस्था चाहिए ।

18
00:19:23.140 --> 00:19:52.170
हर कर्म त्रिकालदर्शी अर्थात् हर बात को तीनों कालों को परख फिर कर्म करने वाले ।

19
00:19:55.650 --> 00:20:09.019
इसके लिए दो बातें आवश्यक हैं ।

20
00:20:10.680 --> 00:20:23.420
वह दो बातें हैं सम्बन्ध और सम्पत्ति ।

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00:20:25.710 --> 00:20:37.599
सम्बन्ध भी अविनाशी , सम्पत्ति भी अविनाशी ।

22
00:20:40.740 --> 00:20:52.279
वह प्राप्त होता है अविनाशी बाप द्वारा ।

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00:20:56.450 --> 00:21:11.369
जब अविनाशी सम्पत्ति और सम्बन्ध प्राप्त हो जाता

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00:21:12.569 --> 00:21:38.000
तो आत्मा सदा सन्तुष्ट और बाप की , सर्व आत्माओं की अति प्रिय हो जाती है ।

25
00:21:44.170 --> 00:22:04.279
कोई भी परिस्थिति माया के रूप में आती है तो घबराते नहीं हैं ।

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00:22:04.279 --> 00:22:25.769
ऐसे महसूस करते हैं जैसे बेहद के पर्दे पर मिक्की माउस का खेल चल रहा है ।

27
00:22:30.799 --> 00:22:47.019
परेशान नहीं होते , मिक्की हाउस का खेल देख मनोरंजन करते हैं ।

28
00:22:49.019 --> 00:23:09.309
माया के भिन्न-भिन्न रूप , भिन्न-भिन्न मिक्की माउस के रूप में अनुभव करते हैं ।

29
00:23:12.970 --> 00:23:51.599
ऐसी स्थिति का अनुभव बाप द्वारा सर्व को प्राप्त करना ही हैं और किया भी है ।

30
00:23:51.599 --> 00:24:24.339
बापदादा देखते हैं निर्भय , एकाग्र बुद्धि बन कोई भी परिस्थिति में डगमग नहीं होते ।

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00:24:27.250 --> 00:24:50.400
ऐसे विजयी आत्मायें सदा जो बाप की हर बच्चे में शुभ आशा है

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00:24:50.400 --> 00:25:22.049
कि हर बच्चा सदा विजयी बन बाप को अपना विजय का स्वरूप दिखावे ,

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00:25:29.200 --> 00:25:42.740
तो हर एक अपने से पूछे मैं कौन ?

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00:25:48.170 --> 00:25:57.309
बापदादा ने पहले भी सुनाया है

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00:26:00.509 --> 00:26:25.880
कि कभी-कभी का शब्द समय प्रमाण अभी ब्राह्मण डिक्शनरी से समाप्त कर दो ।

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00:26:27.880 --> 00:26:48.170
जब बाप से वर्सा सदा का लेना है तो हर प्राप्ति सदा प्राप्त हो

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00:26:54.170 --> 00:27:17.880
क्योंकि बाप के दिल की आशाओं को पूर्ण करने वाले आशाओं के दीपक हैं ।

38
00:27:22.569 --> 00:27:38.910
उनके संकल्प में भी कभी-कभी शब्द आ नहीं सकता क्यों ?

39
00:27:38.910 --> 00:27:52.799
सदा बाप के साथ और बाप के साथी हैं ।

40
00:27:54.049 --> 00:28:11.539
साथ रहने वाले भी और साथी बन विश्व परिवर्तन का कार्य करने वाले ।

41
00:28:13.539 --> 00:28:38.569
तो बोलो , यह सदा का वरदान बापदादा द्वारा प्राप्त कर लिया है ना !

42
00:28:44.049 --> 00:29:18.569
यह तो जन्म लेते ही बापदादा हर बच्चे को सदा यही वरदान देते हैं , सदा योगी भव , पवित्र भव ।

43
00:29:21.200 --> 00:29:38.680
उस वरदान द्वारा जो भी प्राप्तियां होती हैं वह सदा के लिए होती हैं ।

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00:29:40.680 --> 00:29:45.309
कभी-कभी के लिए नहीं ।

45
00:29:46.170 --> 00:29:57.650
तो सभी बच्चे सदा के अधिकारी हैं

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00:29:59.940 --> 00:30:17.420
क्योंकि बाप का हर बच्चे से चाहे लास्ट बच्चा है

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00:30:17.420 --> 00:30:35.819
लेकिन बाप को हर बच्चे से दिल का प्यार है

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00:30:35.819 --> 00:30:58.220
क्योंकि जो बड़े-बड़े लोग हैं , अपने को समझदार समझते हैं वह भी बाप को पहचान नहीं सके ,

49
00:30:58.220 --> 00:31:15.480
लेकिन बापदादा के लास्ट बच्चे ने बाप को पहचान लिया ।

50
00:31:16.400 --> 00:31:50.970
दिल से कहते हैं मेरा बाबा इसलिए बाप का हर बच्चे से अविनाशी प्यार है

51
00:31:53.650 --> 00:32:11.940
इसलिए हर बच्चे को बाप का वरदान है ।

52
00:32:13.200 --> 00:32:45.819
रोज़ बापदादा चाहे नम्बरवार हैं लेकिन एक ही समय, एक ही वरदान सभी बच्चों को इकठ्ठा देते हैं।

53
00:32:51.309 --> 00:33:04.109
हर रोज़ बापदादा का हर बच्चा नम्बरवार भले है

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00:33:04.109 --> 00:33:22.680
लेकिन मेरा बाबा कहा तो वरदान के अधिकारी बन गया ।

55
00:33:25.309 --> 00:33:41.250
हर एक बच्चे को चाहे कहाँ भी रहते हैं , इण्डिया में रहते हैं या फॉरेन में रहते हैं

56
00:33:41.599 --> 00:34:15.480
लेकिन वरदान सभी को एक ही बापदादा का मिलता है और वरदान को प्राप्त कर खुश भी होते हैं

57
00:34:18.050 --> 00:34:54.219
लेकिन दो प्रकार के बच्चे हैं एक बच्चे वरदान को देख खुश जरूर होते हैं

58
00:34:58.570 --> 00:35:22.570
लेकिन आगे नम्बर वही लेते हैं जो सिर्फ वरदान को देख खुश नहीं होते ,

59
00:35:23.369 --> 00:35:42.449
वर्णन नहीं करते कि यह मेरा वरदान है लेकिन वरदान को फलीभूत करते हैं ।

60
00:35:44.449 --> 00:35:57.199
वरदान से लाभ लेकर वरदान का फल निकालते हैं ।

61
00:35:59.199 --> 00:36:18.170
बीज है लेकिन बीज को फलीभूत नहीं करें , फल नहीं निकालें तो सिर्फ खुशी होती है ,

62
00:36:19.650 --> 00:36:35.769
वरदान से फल निकालने के लिए जैसे कोई भी बीज होता है ,

63
00:36:35.769 --> 00:36:52.739
उसका फल निकालने के लिए उनको पानी और धूप चाहिए तभी फल निकलता है ।

64
00:36:52.739 --> 00:37:07.880
तो यहाँ भी हर बच्चे को जब वरदान का फल निकालना है ,

65
00:37:07.880 --> 00:37:27.019
जिससे विस्तार होता जाए , अपने ही मन में वरदान के फल द्वारा वृद्धि होती जाए ,

66
00:37:28.170 --> 00:37:54.679
तो यहाँ भी बाप कहते हैं कि वरदान का फल निकालने के लिए बार-बार वरदान को स्मृति में लाओ ।

67
00:37:54.679 --> 00:38:06.000
स्मृति स्वरूप के स्थिति में स्थित रहो ।

68
00:38:06.000 --> 00:38:32.170
बार-बार सिमरण नहीं लेकिन स्मृति , यह है पानी देना और स्वरूप में स्थित होना यह है धूप लगाना ।

69
00:38:35.139 --> 00:38:48.280
तो यह फलीभूत होने से स्वयं में भी बहुत शक्ति भरती है

70
00:38:48.280 --> 00:39:05.820
और दूसरे को भी उस फल द्वारा शक्ति का अनुभव करा सकते हैं ।

71
00:39:09.420 --> 00:39:18.340
तो बापदादा अभी क्या चाहते हैं ?

72
00:39:21.880 --> 00:39:52.219
हर बच्चा , क्योंकि बापदादा कुछ समय से लेके वार्निंग दे ही रहे हैं समय की ।

73
00:39:57.199 --> 00:40:21.650
हर बच्चे की पढ़ाई की रिजल्ट का समय अचानक आना है ।

74
00:40:28.340 --> 00:40:40.969
इसके लिए सदा एवररेडी।

75
00:40:56.219 --> 00:41:12.969
साथ-साथ बापदादा यह भी इशारा दे रहे हैं

76
00:41:12.969 --> 00:41:32.969
कि अभी समय है उड़ती कला के तीव्र पुरूषार्थ का ।

77
00:41:35.599 --> 00:41:43.139
चल रहे हैं नहीं , उड़ रहे हैं ।

78
00:41:45.539 --> 00:42:15.369
साधारण रीति से अपनी दिनचर्या व्यतीत करना , अब वह समय कामन पुरूषार्थ का गया

79
00:42:20.000 --> 00:42:47.940
इसलिए बापदादा इशारा दे रहे हैं , हर सेकण्ड , हर संकल्प चेक करो ।

80
00:42:54.449 --> 00:43:16.739
मानो अपना तीव्र पुरूषार्थ न कर एक घण्टा साधारण पुरूषार्थ में रहे

81
00:43:19.420 --> 00:43:44.449
तो एक घण्टे में अचानक अगर फाइनल पेपर का टाइम आ गया तो अन्त मते सो गति ,

82
00:43:45.769 --> 00:44:00.969
वह एक घण्टे का साधारण पुरूषार्थ कितना नुकसान कर देगा !

83
00:44:03.710 --> 00:44:49.880
इसलिए बापदादा हर बच्चे को , हर संकल्प , हर सेकण्ड समय के महत्व को , समय प्रति समय इशारा दे रहे हैं ।

84
00:44:51.880 --> 00:45:09.309
हलचल के समय अचल रहने का पुरूषार्थ तीव्र पुरूषार्थी ही कर सकता ।

85
00:45:10.679 --> 00:46:05.420
साधारण पुरूषार्थी एवररेडी बनने में समय लगा देगा और बापदादा ने कहा है कि सेकण्ड में बिन्दी अर्थात् फुलस्टॉप, अगर तीव्र पुरूषार्थ नहीं होगा तो क्या होता है?

86
00:46:05.420 --> 00:46:08.280
अनुभवी तो हैं ।

87
00:46:08.280 --> 00:46:16.619
फुलस्टॉप के बजाए क्वेश्चन मार्क तो नहीं बन जायेगा !

88
00:46:20.969 --> 00:46:35.880
बिन्दी कितना सहज है और क्वेश्चन कितना टेढ़ा बांका है ।

89
00:46:39.369 --> 00:46:48.170
फुलस्टॉप तो फुलस्टॉप हो जाए ।

90
00:46:48.909 --> 00:46:57.769
क्वामा की मात्रा भी नहीं हो , आश्चर्य की मात्रा भी नहीं हो ।

91
00:46:57.769 --> 00:47:06.739
क्या करूं , यह सोचने का भी समय नहीं मिलेगा ।

92
00:47:16.050 --> 00:47:30.570
तो कोई भी बच्चा यह सोच नहीं सकता

93
00:47:33.880 --> 00:48:03.019
कि इतना फास्ट पुरूषार्थ करना ही पेपर में पास होना है ।

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00:48:06.909 --> 00:48:56.619
तो बापदादा देखते हैं अभी भी कारणे अकारणें क्यों , क्या , कैसे , ऐसे … यह कोई-कोई बच्चों के रोज़ के चार्ट में दिखाई देता है ।

95
00:49:02.909 --> 00:49:16.340
बहुतों के चार्ट में बापदादा ने देखा है

96
00:49:17.880 --> 00:49:36.110
कि वेस्ट थॉट्स की लहर समय ले लेती है

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00:49:41.710 --> 00:50:15.480
और वेस्ट की रफ्तार ऐसी तीव्र होती है जो साधारण संकल्प का एक घण्टा और फास्ट संकल्प का एक मिनट ।

98
00:50:22.000 --> 00:50:53.309
इसलिए आज यह देख रहे थे कि सबकी प्रिय , बापदादा की प्रिय सन्तुष्ट आत्मायें कौन-कौन हैं ?

99
00:50:55.309 --> 00:51:20.110
सन्तुष्ट आत्मा के संकल्प में भी यह क्यों , क्या की भाषा स्वप्न में भी नहीं आयेगी

100
00:51:25.079 --> 00:52:03.250
क्योंकि उस आत्मा को तीन विशेष बातें , तीन बिन्दियां , आत्मा , परमात्मा और ड्रामा ,

101
00:52:08.000 --> 00:52:27.599
तीन ही समय पर कार्य में लगा सकते हैं

102
00:52:31.250 --> 00:52:48.280
क्योंकि ऐसे समय पर शक्तियों का खज़ाना आवश्यक है

103
00:52:51.710 --> 00:53:13.880
और मास्टर सर्वशक्तिवान वह हैं जो जिस समय जिस शक्ति को आर्डर करे वह हाज़िर हो जाए ।

104
00:53:17.079 --> 00:53:29.820
चाहिए सहनशक्ति और आ जावे सामना करने की शक्ति ,

105
00:53:33.599 --> 00:53:42.280
तो है शक्ति लेकिन उस समय काम की नहीं है ।

106
00:53:47.710 --> 00:54:15.710
तो सर्व खज़ानों की चाबी है तीन बिन्दियां आप , बाप और ड्रामा ।

107
00:54:23.139 --> 00:54:38.219
तो बापदादा का एक संकल्प है , बतायें ?

108
00:54:38.739 --> 00:54:41.599
करना पड़ेगा ।

109
00:54:41.599 --> 00:54:48.110
जो करने के लिए तैयार हैं , वह हाथ उठाओ ।

110
00:54:48.679 --> 00:54:55.199
करना पड़ेगा ।

111
00:54:55.820 --> 00:54:58.280
करना पड़ेगा ।

112
00:54:58.280 --> 00:55:05.369
हाथ उठा रहे हैं ।

113
00:55:05.769 --> 00:55:12.969
मन का हाथ उठा रहे हैं या शरीर का हाथ उठा रहे हैं ?

114
00:55:12.969 --> 00:55:21.710
मन का हाथ पक्का होता है ।

115
00:55:37.480 --> 00:56:01.769
बापदादा समय प्रमाण हर एक बच्चे से यह शुभ आशा रखते हैं

116
00:56:04.400 --> 00:56:17.369
कि 15 दिन के बाद फिर बाप का मिलना होता है ,

117
00:56:17.369 --> 00:56:45.139
तो यह जो 15 दिन बीतें उसमें यह विशेष अभ्यास करो ट्रायल के लिए ,

118
00:56:45.710 --> 00:57:09.769
रहना तो सदा है लेकिन 15 दिन की ट्रायल करो और अपने-अपने कनेक्शन वाले सेन्टर्स को भी कराओ ,

119
00:57:10.219 --> 00:57:26.570
चक्कर लगाके फोन करके उनको याद दिलाओ कि होमवर्क कर रहे हो ?

120
00:57:27.710 --> 00:57:31.539
होमवर्क क्या है ?

121
00:57:31.539 --> 00:57:59.820
इजी है , हर एक भिन्न-भिन्न सरकमस्टांश बातों से क्रास तो करते ही हैं

122
00:58:00.619 --> 00:58:49.539
लेकिन यह 15 दिन हर एक को संकल्प , वाणी और कर्म में कम से कम 80 प्रतिशत की मार्क्स लेनी हैं ।

123
00:58:49.940 --> 00:58:57.539
फिर भी बापदादा 20 परसेन्ट छुट्टी देते हैं ।

124
00:58:58.909 --> 00:59:01.710
है मंजूर ।

125
00:59:01.710 --> 00:59:04.280
मंजूर हैं ?

126
00:59:04.280 --> 00:59:06.280
देवें ।

127
00:59:06.280 --> 00:59:09.309
यह काम देवे ।

128
00:59:09.309 --> 00:59:19.820
अच्छा 15 दिन , माया भी सुन रही है ।

129
00:59:20.969 --> 00:59:36.800
बातें तो आयेंगी , बातों को नहीं देखना , पास होना है , यह याद रखना ।

130
00:59:38.000 --> 01:00:03.369
15 दिन कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन बापदादा के पास हर एक सच्ची दिल , साफ दिल

131
01:00:04.510 --> 01:00:21.369
स्वप्न में भी संकल्प , वाणी और कर्म में पास होके दिखायें ।

132
01:00:22.909 --> 01:00:26.510
हो सकता है ?

133
01:00:26.510 --> 01:00:29.079
हो सकता है ?

134
01:00:29.079 --> 01:00:34.739
टीचर्स बताओ हो सकता है ?

135
01:00:34.739 --> 01:01:05.309
15 दिन तो कुछ भी नहीं हैं लेकिन बापदादा ट्रायल के लिए संकल्प भी वेस्ट नहीं , युद्ध नहीं विजयी ।

136
01:01:05.309 --> 01:01:11.309
15 दिन के फुल विजयी ।

137
01:01:14.739 --> 01:01:20.400
मुश्किल है या इजी है ?

138
01:01:21.139 --> 01:01:25.820
इजी है , हाथ उठाओ ।

139
01:01:25.820 --> 01:01:31.309
इजी है ?

140
01:01:32.849 --> 01:01:44.909
तो बापदादा यह 15 दिन की रिजल्ट देखेंगे ।

141
01:01:46.219 --> 01:01:51.480
फिर आगे बढ़ायेंगे ।

142
01:01:54.219 --> 01:01:58.510
15 दिन तो कोई भी कर सकता है ना !

143
01:01:58.510 --> 01:02:02.110
कर सकते हैं ना !

144
01:02:02.449 --> 01:02:10.110
मधुबन वाले , मधुबन वाले हाथ उठाओ ।

145
01:02:10.679 --> 01:02:14.679
यह आगे आगे मधुबन बैठा है ।

146
01:02:14.679 --> 01:02:18.510
बहुत अच्छे हैं ।

147
01:02:22.449 --> 01:02:31.480
फॉरेनर्स या इण्डिया वाले सभी को करना है ।

148
01:02:31.480 --> 01:02:46.050
गांव वाले या बड़े शहर वाले सबको 15 दिन का रिकार्ड रखना है ।

149
01:02:46.800 --> 01:02:56.969
क्या क्यों का , क्या करें बात ही ऐसी हुई , नहीं बताना ।

150
01:03:02.000 --> 01:03:06.340
80 परसेन्ट लेना ही है ।

151
01:03:06.340 --> 01:05:45.199
फिर भी बापदादा हल्का कर रहा है, 20 परसेन्ट छोड़ रहा है क्योंकि बापदादा देखते हैं कि कहाँ-कहाँ चलते चलते माया अलबेला और आलस्य, रॉयल आलस्य यह था, यह था, यह रॉयल आलस्य, अलबेलापन यह तीव्र पुरूषार्थ में कमी डालता है क्योंकि अभी बापदादा सभी जो भी स्टूडेन्ट हैं, हर एक स्टूडेन्ट को अभी पहले यह 15 दिन की रिहर्सल कराके कुछ समय ऐसे ही अभ्यास कराने चाहते हैं, जो सभी से हाथ उठवाये, एवररेडी।

152
01:05:45.199 --> 01:05:55.199
सब हाथ उठा सके , समय का भी अभ्यास चाहिए ।

153
01:05:55.199 --> 01:06:06.219
इसलिए यह थोड़ा सा अभ्यास कराते हैं ।

154
01:06:09.250 --> 01:06:11.820
अच्छा ।

155
01:06:11.820 --> 01:06:15.820
अभी क्या करना है ?

156
01:06:19.880 --> 01:07:24.170
सेवा का टर्न पंजाब ज़ोन का है :- अच्छा है पंजाब , जहाँ 5 नदियां बहती हैं ,

157
01:07:26.170 --> 01:07:40.170
नदियों का प्रभाव भी नामीग्रामी अच्छा है ।

158
01:07:41.420 --> 01:07:50.800
तो ज्ञान गंगायें भी प्रसिद्ध हैं ना !

159
01:07:52.110 --> 01:08:09.480
पंजाब बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं ,

160
01:08:11.019 --> 01:08:38.109
पंजाब की विशेषता है कि पंजाब की कुमारियां बहुत अच्छी इकट्ठी सर्विसएबुल निकली ।

161
01:08:42.680 --> 01:08:47.250
ताली बजाओ ।

162
01:09:09.880 --> 01:09:35.649
पंजाब में पहले पहले बेधड़क होके सन्यासियों के सम्मेलन में भाषण किया ।

163
01:09:39.770 --> 01:09:54.449
सन्यास भी बहुत अच्छा कार्य है ,

164
01:09:54.449 --> 01:10:39.369
यह स्टेज पर बैठ बोला , अभी शुरूआत थी और पंजाब के कनेक्शन से समय प्रति समय यहाँ बड़े-बड़े सन्यासी मठ वाले आबू में सम्मेलन करने आये हैं

165
01:10:41.600 --> 01:11:03.819
और काफी संख्या में आते हैं , आते तो और देश के भी हैं लेकिन खास संगठन वह हरिद्वार से आते हैं ।

166
01:11:04.909 --> 01:11:08.739
कनेक्शन भी है ।

167
01:11:10.739 --> 01:11:32.510
तो पंजाब को ड्रामानुसार यह सन्यासियों महात्माओं की सेवा का चांस अच्छा मिला हुआ है और कर भी रहे हैं ।

168
01:11:37.539 --> 01:11:57.079
पंजाब में स्थापना के समय पर जैसे सेवा आरम्भ हुई

169
01:11:57.079 --> 01:12:17.539
वैसे सहयोगी और वारिस क्वालिटी वाले निमित्त बनें ।

170
01:12:21.420 --> 01:12:35.819
जितना ही हंगामें वाले थे उतने ही शेर क्वालिटी भी निकली ।

171
01:12:37.819 --> 01:12:42.170
अभी पंजाब को क्या करना है ?

172
01:12:42.170 --> 01:13:01.199
यह विशेषता तो है अभी पंजाब वाले कोई ऐसा शेर तैयार करें नामीग्रामी ,

173
01:13:02.000 --> 01:13:14.510
जो सभा में माइक बन अपना अनुभव सुनाये ।

174
01:13:15.939 --> 01:13:20.850
माइक बड़ा हो , छोटा नहीं ।

175
01:13:22.850 --> 01:13:36.569
जैसे गवर्मेन्ट के वी आई पी तो अलग होते हैं

176
01:13:36.569 --> 01:13:54.739
लेकिन महात्माओं में भी वी आई पी होते हैं , ऐसा कोई बड़ा माइक तैयार करो ,

177
01:13:56.739 --> 01:14:11.600
जो अपने अनुभव से औरों को उमंग में लाये ।

178
01:14:13.600 --> 01:14:24.739
ऐसा कोई निकालो , तैयारी करो ।

179
01:14:25.770 --> 01:14:36.449
हो सकता है क्योंकि आजकल सभी समझते हैं

180
01:14:37.250 --> 01:14:45.819
कि साधू सन्त की सेवायें तो द्वापर से शुरू हुई

181
01:14:47.140 --> 01:15:08.399
लेकिन आप समान ऐसे बड़ा गुरू दूसरे को , शिष्य को बनावें , ऐसा एक्जैम्पुल नहीं होता

182
01:15:11.710 --> 01:15:28.109
और बापदादा ने अपने से भी होशियार बच्चों को तैयार किया है ,

183
01:15:30.680 --> 01:15:43.710
जो पब्लिक में आते हैं , इसलिए पंजाब कोई नवीनता करके दिखाओ ।

184
01:15:43.710 --> 01:16:02.399
वी आई पी तो सब तरफ से आते हैं लेकिन आप ऐसा लाओ जो सभी सुनकरके जग जावें , सन्देश मिल जाये ।

185
01:16:04.850 --> 01:16:11.600
हो सकता है ?

186
01:16:17.250 --> 01:16:20.000
देखेंगे ।

187
01:16:20.000 --> 01:16:29.310
थोड़ा समय तो लगता है लेकिन ऐसा कोई तैयार करके दिखाओ ।

188
01:16:30.340 --> 01:16:33.539
बाकी वृद्धि तो हो रही है ।

189
01:16:33.539 --> 01:16:44.399
अभी देखो आधी सभा पंजाब की खड़ी हुई है ।

190
01:16:50.510 --> 01:16:57.140
सेवा वृद्धि को हो रही है , उसकी मुबारक हो ।

191
01:17:00.619 --> 01:17:24.510
( कुम्भ मेले की तैयारी हो रही है ) यह चांस अच्छा है ।

192
01:17:25.420 --> 01:17:28.399
हो जायेगा ।

193
01:17:31.819 --> 01:17:34.109
अच्छा ।

194
01:17:34.109 --> 01:17:59.079
सेवा का चांस लेने वाले और आने का चांस लेने वाले क्योंकि जिसका टर्न होता है उसकी संख्या को चांस अच्छा मिलता है ।

195
01:17:59.079 --> 01:18:07.880
यह भी अच्छा साधन बना हुआ है ,

196
01:18:11.140 --> 01:18:27.250
तो सभी पंजाब वाले भाई-बहिनें मातायें कुमारियां-कुमार ,

197
01:18:27.250 --> 01:18:54.000
बुजुर्ग सभी को बापदादा और सभा में बैठे हुए सभी का बहुत-बहुत मुबारक हो , मुबारक हो ।

198
01:19:16.909 --> 01:19:58.970
मीडिया विंग :- अच्छा है , मीडिया ने सेवा तो अच्छी की है

199
01:20:00.970 --> 01:20:34.000
और बापदादा ने देखा कि बाप के इशारे प्रमाण सभी ने जो इस बारी आवाज फैलाने की , सन्देश देने की सेवा की ,

200
01:20:35.369 --> 01:20:48.399
सब ब्राह्मणों के मुख में भी यही रहा बापदादा ने कहा है , बापदादा ने कहा है ,

201
01:20:48.399 --> 01:21:29.770
उसको प्रैक्टिकल रूप देने में सभी ने पुरूषार्थ अच्छा किया और मीडिया वालों ने भी चारों ओर के तरफ का सभी जगह क्या-क्या हुआ , वह दिखाने में मेहनत अच्छी की ।

202
01:21:31.020 --> 01:21:48.050
पहले करने वालों ने उमंग से किया , चाहे बड़े चाहे छोटे लेकिन छोटों ने भी कम नहीं किया ।

203
01:21:48.510 --> 01:22:10.619
बापदादा चाहते हैं कि जिन्होंने भी बड़े सेन्टर या छोटे सेन्टर ने प्रोग्राम किया ,

204
01:22:10.619 --> 01:22:37.079
सन्देश देने का , जिन्होंने इस प्रोग्राम में सेवा की , निमित्त बनें , जिसको बड़ा प्रोग्राम कहते हैं वह उठो ।

205
01:22:37.079 --> 01:22:39.710
जिन्होंने भी काम किया ।

206
01:22:39.710 --> 01:22:55.939
सेन्टर वाले भी उठ सकते , जिन-जिन सेन्टर्स ने प्रोग्राम किया , वह सभी उठें ।

207
01:23:04.619 --> 01:23:11.199
बापदादा को अच्छा लगा ।

208
01:23:12.170 --> 01:23:18.109
टीचर्स कम उठी हैं ।

209
01:23:26.340 --> 01:24:03.250
बापदादा पदमगुणा मुबारक देते हैं कि ऐसे ही बीच-बीच में थोड़े समय के बाद सन्देश देने का उमंग उत्साह से जगह जगह पर प्रोग्राम बनाते रहो ।

210
01:24:03.250 --> 01:24:10.109
क्योंकि समय का कोई भरोसा नहीं ।

211
01:24:10.109 --> 01:24:21.420
कम से कम यह तो कहें हमारा बाबा आ गया ।

212
01:24:21.420 --> 01:24:38.109
हमने नहीं पहचाना , लेकिन बाप आया मैंने नहीं पहचाना ।

213
01:24:40.109 --> 01:24:54.569
आपका फर्ज है सभी को आवाज द्वारा सूचना देना ।

214
01:24:57.310 --> 01:25:28.850
तो आप सभी ने जो तन से , मन से , धन से सेवा की , उसके लिए आपका पदम पदमगुणा रिटर्न जमा हो गया ।

215
01:25:32.399 --> 01:25:38.449
और सेवा का फल भी मिला ।

216
01:25:38.449 --> 01:25:44.279
सेन्टर्स पर आ रहे हैं ।

217
01:25:46.279 --> 01:25:55.479
और आगे के लिए यह करने का बल भी मिला ।

218
01:25:55.479 --> 01:25:59.939
फल भी मिला , बल भी मिला ।

219
01:26:01.310 --> 01:26:04.619
तो अच्छा है ।

220
01:26:05.819 --> 01:26:13.539
सभी ने अपने रूचि से किया ।

221
01:26:14.569 --> 01:26:36.279
बापदादा सभी का उमंग उत्साह देख , बाप से प्यार देख मुबारक दे रहे हैं ।

222
01:26:41.020 --> 01:26:53.199
ऐसे ही कोई न कोई प्रोग्राम बनाते रहो ।

223
01:26:53.600 --> 01:27:02.449
छोटे-छोटे सेन्टर्स में सब प्रबन्ध आ गया ना ।

224
01:27:02.449 --> 01:27:12.399
नहीं तो सोचते हैं प्रोग्राम करना माना पहले प्रबन्ध करना पड़ेगा ।

225
01:27:12.399 --> 01:27:27.369
लेकिन यह अचानक सभी जगह तन मन धन का खुशी खुशी से प्रबन्ध हो गया ।

226
01:27:29.369 --> 01:27:37.369
किसने भी कैसे करें , यह नहीं कहा , करना है ।

227
01:27:37.369 --> 01:28:00.909
ऐसे ही आपस में एक दो के साथी बन एक दो को उमंग उत्साह का साथ दे आगे बढ़ते चलो ।

228
01:28:03.819 --> 01:28:06.340
ठीक है ना ।

229
01:28:06.340 --> 01:28:13.770
अच्छा है , मुबारक हो , मुबारक हो ।

230
01:28:20.850 --> 01:28:28.800
जो नहीं आये हैं उन्हों को भी मिल जायेगी मुबारक ।

231
01:28:32.279 --> 01:28:34.970
अच्छा ।

232
01:28:34.970 --> 01:29:04.050
मीडिया वाले उठो - अच्छा है , अभी अटेन्शन दिया है , मीडिया द्वारा सर्विस अच्छी हो रही है ।

233
01:29:04.050 --> 01:29:08.800
रेग्युलर स्टूडेन्ट भी बने हैं ।

234
01:29:08.800 --> 01:29:26.279
इन्हों को भी बधाई हो ( रवी भाई , सिवानी बहन और कनुप्रिया बहन से ) अच्छा है ,

235
01:29:26.279 --> 01:29:41.880
जितना जो सेवा करते हैं उसका फल है सदा खुशी रहती है ।

236
01:29:41.880 --> 01:29:51.770
सेवा का फल खुशी , निर्विघ्न ।

237
01:29:53.369 --> 01:29:58.850
कभी-कभी नहीं , सदा ।

238
01:30:00.850 --> 01:30:15.479
तो अच्छा कर रहे हैं और सब राय करके कैसे इसको भी बढ़ाना है ,

239
01:30:15.479 --> 01:30:37.250
देश में चाहे विदेश में , सब एक दो में राय करके सबकी राय से जो कार्य होता है , उसमें सफलता सहज होती है ।

240
01:30:38.340 --> 01:30:54.909
तो राय करते राय बहादुर बन एक दो की सुनना और करना ।

241
01:30:57.369 --> 01:31:27.819
हो जायेगा अभी टाइम ही क्या है इसलिए मीडिया वाले , इतने लोग है ना मीडिया वाले तो अपने-अपने एरिया में सन्देश देने का प्रोग्राम भी बनाओ ।

242
01:31:27.819 --> 01:31:44.449
यह तो मधुबन या निमित्त बने हुए ने किया लेकिन हर एक को अपने-अपने एरिया में , जो मीडिया वाले हैं

243
01:31:44.449 --> 01:31:55.600
उन्हों को किसी रूप से सन्देश अपनी एरिया में फैलाना चाहिए ।

244
01:32:00.109 --> 01:32:05.250
अच्छा कर रहे हैं , मुबारक हो ।

245
01:32:11.250 --> 01:34:12.970
ट्रांसपोर्ट विंग :- दोनों ही डिपार्टमेंट का कार्य आजकल जरूरी है

246
01:34:13.770 --> 01:34:23.880
क्योंकि दिन प्रतिदिन एक्सीडेंट बहुत हो रहे हैं ।

247
01:34:25.420 --> 01:34:47.250
तो दोनों डिपार्टमेंट एक्सीडेंट कम हों , अकाले मृत्यु न हो , चिल्लाते चिल्लाते दुःखी होके न जायें ,

248
01:34:47.819 --> 01:35:01.310
इसके पुरूषार्थ के लिए प्लैन बनाते रहते हैं , अभी भी बनाया है ,

249
01:35:01.310 --> 01:35:31.020
बापदादा ने जब स्थापना की , बच्चे जब पढ़ने के लिए आये शुरू में तो शुरू में ही बापदादा कहते थे

250
01:35:31.020 --> 01:35:47.479
कि यह मृत्युलोक है , तो बच्चे थे ना , वह कहते थे मृत्युलोक कैसे है । क्योंकि मृत्यु तो देखा नहीं बच्चे थे ।

251
01:35:48.109 --> 01:36:06.449
लेकिन अभी हर एक देख रहा है कि यह समय मृत्यु का ज्यादा है ,

252
01:36:08.449 --> 01:36:21.420
कोई ऐसा दिन नहीं होगा जिसमें एक दो अकाले मृत्यु न होता हो ।

253
01:36:23.420 --> 01:36:35.020
तो अच्छा है दोनों को जोर-शोर से अपना कार्य बढ़ाना चाहिए ।

254
01:36:35.020 --> 01:36:52.510
सब आपको मुबारक देंगे क्योंकि लोग भी चाहते हैं कि यह अकाले मृत्यु नहीं हो ।

255
01:36:52.510 --> 01:37:11.600
तो बहुत अच्छा , आपस में मीटिंग करते हैं , बापदादा ने देखा है जब से यह वर्गो की सेवा शुरू हुई है

256
01:37:11.600 --> 01:37:34.970
तो कई सेन्टर के बच्चों को चांस मिला है सेवा करने का लेकिन एक बात बापदादा की अभी तक पूरी नहीं की है , याद है ?

257
01:37:34.970 --> 01:37:52.970
बापदादा ने कहा था हर एक वर्ग का कोई ऐसा नामीग्रामी स्पीकर निकालो , माइक निकालो ,

258
01:37:53.880 --> 01:38:06.449
और एक स्टेज पर तीन चार वर्ग के विशेष व्यक्ति अपना अनुभव सुनायें ।

259
01:38:06.970 --> 01:38:22.170
आपस में एक ग्रुप बनावें जिसमें हर वर्ग का एक विशेष हो ,

260
01:38:22.510 --> 01:38:48.399
जैसे ब्राह्मण परिवार को निमन्त्रण देकर बुलाते हैं स्पीच के लिए , वैसे उन पार्टी को जहाँ तहाँ निमन्त्रण देके भाषण का चांस दो ।

261
01:38:50.170 --> 01:39:04.909
तो देखे कि हर वर्ग वाले कैसे कमल पुष्प के समान रह आगे बढ़ सकते हैं ।

262
01:39:10.109 --> 01:39:12.850
अच्छा है ।

263
01:39:18.399 --> 01:40:27.770
समाज सेवा विंग :- समाज सेवा , समाज में यह आवाज फैल जाये तो यह क्या सेवा कर रहे हैं ?

264
01:40:28.510 --> 01:40:41.020
समाज सेवा तो वास्तव में सब वर्ग वालों की कर सकते हैं ।

265
01:40:44.279 --> 01:41:03.710
और आपस में बापदादा ने देखा है कि हर वर्ग उमंग उत्साह से संगठन में आते हैं और सेवा भी कर रहे हैं ।

266
01:41:03.710 --> 01:41:08.449
एक दो को मदद भी दे रहे हैं ।

267
01:41:08.449 --> 01:41:14.109
अब समाज में आवाज फैले ।

268
01:41:14.449 --> 01:41:25.649
अगर समाज को ठीक करना है तो ब्रह्माकुमारियों के पास जाके देखो ।

269
01:41:26.569 --> 01:41:31.079
कैसे समाज की सेवा हो सकती है ।

270
01:41:31.819 --> 01:41:44.399
हर एक अच्छा करता है , चांस भी लेते हैं तो बढ़ो और बढ़ाओ ।

271
01:41:44.399 --> 01:41:54.220
समाज में थोड़ा आवाज फैलाओ कि यह क्या कर रहे हैं ।

272
01:41:56.619 --> 01:42:00.399
अच्छा ।

273
01:42:07.710 --> 01:42:57.710
डबल विदेशी :- डबल विदेशियों ने यह अच्छा चांस लिया है , हर एक ग्रुप में डबल विदेशी आते ही हैं ।

274
01:42:57.710 --> 01:43:01.079
चतुर हैं ।

275
01:43:01.079 --> 01:43:10.800
अपना चांस अलग भी लेते हैं और फिर हर ग्रुप में भी आते हैं ।

276
01:43:10.800 --> 01:43:19.479
नाम डबल पड़ा हुआ है ना तो डबल फायदा लेते हैं ।

277
01:43:20.449 --> 01:43:35.140
और भारतवासी भी आप सबको चांस लेते हुए देख खुश होते हैं ।

278
01:43:40.000 --> 01:44:03.020
और यह बड़ा प्रोग्राम भी फॉरेन में भी अच्छा किया है चाहे एक नाम का फर्क किया लेकिन सेवा अच्छी हुई ।

279
01:44:04.739 --> 01:44:20.399
बापदादा ने फॉरेन में भी सेवा की रिजल्ट सुनी भी है और देखी भी है ।

280
01:44:24.510 --> 01:44:51.420
अभी बापदादा यही चाहते हैं कि देश वा विदेश का हर बच्चा एवररेडी सदा रहे।

281
01:44:52.619 --> 01:45:31.770
जैसे अच्छे स्टूडेन्ट जो होते हैं पढ़ाई में वह सदा यही इन्तजार करते हैं कि जल्दी-जल्दी इम्तहान हो, ऐसे ही हर बच्चा ऐसा एवररेडी हो कि कल भी कुछ हो जाए तो एवररेडी।

282
01:45:31.770 --> 01:45:43.819
सब सबजेक्ट में, चार ही सबजेक्ट में एवररेडी।

283
01:45:45.819 --> 01:45:56.220
समय आया और पास विद ऑनर बना ।

284
01:45:59.479 --> 01:46:12.510
यही बापदादा की सभी बच्चों के प्रति शुभ आशा है

285
01:46:13.819 --> 01:46:26.680
और डबल विदेशी को तो बापदादा डबल पुरूषार्थी का टाइटिल देता ही है ।

286
01:46:28.220 --> 01:46:36.399
तो बहुत अच्छा डबल चांस लेने वाले हो ।

287
01:46:41.649 --> 01:46:43.819
अच्छा ।

288
01:46:50.000 --> 01:47:36.220
वर्ल्ड रिलीजस कॉन्फ्रेंस आस्ट्रेलिया में हो रही है जिसमें दादी जानकी जी जा रही हैं :- अच्छा है उन्हों को भी समय की पहचान और बाप की पहचान

289
01:47:37.310 --> 01:48:01.199
समय और बाप दोनों की पहचान , कम से कम यह उल्हना न दें कि हमारा बाबा आया , हमको पता नहीं पड़ा ।

290
01:48:04.739 --> 01:48:13.819
तो सन्देश देने में तो आप होशियार हो ही ।

291
01:48:17.199 --> 01:48:30.800
हाँ कराने वाला तो बाप है लेकिन करने वाला भी योग्य होगा तब बाप भी करायेगा ।

292
01:48:32.109 --> 01:48:34.449
तो अच्छा है ।

293
01:48:34.449 --> 01:48:40.510
आप पहुंच रही हो तो बहुत अच्छा ।

294
01:48:45.199 --> 01:48:50.000
बापदादा तो साथ है ही ।

295
01:48:52.739 --> 01:48:58.970
साथ भी है , साथी भी है ।

296
01:49:01.539 --> 01:49:05.649
अच्छा ।

297
01:49:14.680 --> 01:50:11.250
पहले बारी कितने आये हैं , वह उठो :- अच्छा है आपको बापदादा के सामने आने के दिन का बहुत-बहुत मुबारक हो , मुबारक हो ।

298
01:50:15.310 --> 01:50:26.739
बाप की नजर बच्चों पर पड़ी और बच्चों की नजर बाप के ऊपर पड़ी ।

299
01:50:28.340 --> 01:50:34.000
तो बहुत-बहुत बधाईयां हैं ।

300
01:50:39.420 --> 01:50:48.000
अच्छा । और केक तो नहीं है लेकिन खुशी का केक खा लो ।

301
01:50:56.619 --> 01:51:12.619
अच्छा है , अभी देरी से आये हो लेकिन फास्ट जाके नम्बर आगे ले सकते हो ।

302
01:51:20.739 --> 01:51:44.739
इसलिए बापदादा की तरफ से और सर्व आपके साथी भाई और बहिनों का , सबका मुबारक हो , मुबारक हो ।

303
01:51:49.649 --> 01:52:05.199
ऐसा मिसाल होगा जो लास्ट आने वाला भी फास्ट जाके फर्स्ट लाइन में आ सकता है ।

304
01:52:15.250 --> 01:52:20.220
अच्छा ।

305
01:52:33.770 --> 01:52:57.600
चारों ओर के बापदादा की आशाओं को पूर्ण करने वाले आशाओं के दीपक ,

306
01:53:01.539 --> 01:53:22.279
क्यों , क्या की भाषा से न्यारे रहने वाले सदा एकरस ,

307
01:53:24.279 --> 01:53:36.170
सदा एक बाबा दूसरा न कोई ,

308
01:53:36.170 --> 01:54:03.649
बाप में ही विशेष जीवन के तीन सम्बन्ध , बाप , शिक्षक , सतगुरू अनुभव करने वाले ,

309
01:54:04.399 --> 01:54:25.539
बाप से वर्सा , टीचर से पढ़ाई का वर्सा और सतगुरू से वरदानों का वर्सा प्राप्त करने वाले

310
01:54:26.050 --> 01:54:55.020
पदमगुणा भाग्यवान हर बच्चे को बापदादा का यादप्यार और नमस्ते ।

311
01:55:11.819 --> 01:55:20.109
दादियों से :- सभी को मदद भी सभी ने अच्छी की है ।

312
01:55:22.109 --> 01:55:32.970
किसी को सोच नहीं करना पड़े कैसे करें , करना ही है ।

313
01:55:43.369 --> 01:55:51.539
एक दो की मदद से सभी प्रोग्राम अच्छे हुए ।

314
01:55:53.880 --> 01:55:58.109
आवाज तो फैल गया ।

315
01:56:04.399 --> 01:56:12.680
सन्देश तो मिला अभी आगे बढ़ो ।

316
01:56:27.140 --> 01:56:33.420
क्योंकि टापिक ही थी ना वरदान लेना है ।

317
01:56:33.420 --> 01:56:41.880
तो योग के प्रोग्राम से अनुभव किया ।

318
01:56:45.479 --> 01:57:09.649
सन्तोष बहन ( सायन ) ने याद दिया है :- उसको याद देना ।

319
01:57:11.649 --> 01:57:26.680
बहुत-बहुत यादप्यार स्वीकार हो ।

320
01:58:23.479 --> 01:58:31.710
दादी निर्मलशांता से :- हिम्मत करने से बाप की मदद तो है ही ।

321
01:58:33.079 --> 01:58:43.770
अच्छा है , कर्मभोग को भी कर्मयोग से बदल दिया ।

322
01:58:51.140 --> 01:58:54.569
बहुत अच्छा ।

323
02:02:04.279 --> 02:02:10.449
यहाँ सबकी शक्ति मिलती है ।

324
02:02:13.770 --> 02:02:21.420
वायुमण्डल की मदद मिलती है ।

325
02:02:41.819 --> 02:02:44.970
अच्छा है , यहाँ अच्छे हैं तो अच्छा है ।

326
02:02:45.140 --> 02:02:49.770
जब तक रह सको , रहो ।

327
02:02:57.079 --> 02:03:03.079
( रमेश भाई ) आप अपना काम करो , यह अपना करे ।

328
02:03:04.449 --> 02:03:14.449
( ऊषा बहन से ) आप यहाँ बैठे सेन्टर्स पर फोन घुमा करके खुश खैराफत देती रहो ।

329
02:03:14.800 --> 02:03:22.000
इनका काम अपना है , आपका अपना है ।

330
02:03:34.800 --> 02:03:50.000
( इनके 50 साल मनाये ) 50 वर्ष निर्विघ्न निभाया , आगे आगे बढ़ते रहे , पीछे नहीं रहे , उसकी मुबारक अच्छी है ।

331
02:03:57.310 --> 02:04:06.449
एक दो के मददगार भी बनें और सेवा के भी मददगार हैं ।

332
02:04:07.939 --> 02:04:12.850
यह भी खुश हो रही है ।

333
02:04:22.050 --> 02:04:31.079
बापदादा को शांता माता भी बहुत याद रहती है ।

334
02:04:32.340 --> 02:04:40.109
फाउण्डेशन रही ।

335
02:04:49.819 --> 02:04:54.220
गुप्त रत्न थी ।

336
02:05:18.050 --> 02:05:27.770
बृजमोहन भाई से :- प्रोग्राम बनाते रहना , यह पूरा हुआ बस खत्म नहीं ।

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02:05:43.310 --> 02:05:50.399
टॉपिक अलग प्रकार की थोड़ा चेंज करके रखें ।

338
02:06:07.140 --> 02:06:26.739
( वी आई पी बापदादा से मिल रहे हैं ) :- जो हिम्मत रखते हैं उसको मदद 100 गुणा मिलती है ।

339
02:06:26.739 --> 02:06:29.649
तो मिलती रहेगी ।

340
02:06:45.079 --> 02:07:00.680
भले वह भी ड्युटी बजाओ , तब तक हैं जब तक ड्युटी बजाओ लेकिन डबल काम , सिंगल नहीं ।

341
02:07:46.449 --> 02:07:52.800
2 - शक्ति भरके कनेक्शन पूरा रखो ।

342
02:07:52.800 --> 02:07:59.710
जिनका कनेक्शन रखेंगी उतना रिलेशन पक्का होता जायेगा ।

343
02:08:00.050 --> 02:08:13.710
अगर टाइम नहीं भी मिले ना तो डेली फोन पर भी प्रेजेन्ट मार्क डालो तो पक्की स्टूडेन्ट नम्बरवन हो जायेंगी।

344
02:08:28.220 --> 02:08:35.649
जो आत्मा गई , वह भी कनेक्शन में गई ।

345
02:08:35.649 --> 02:08:42.449
बेटों को कोई न कोई कारण से सम्बन्ध में लाओ ।

346
02:08:42.449 --> 02:08:51.710
रेग्युलर नहीं तो फंक्शन में लाओ , उनकी सेवा करो , वह भी ठीक रहेगा ।

347
02:09:17.600 --> 02:09:27.079
इस सम्पर्क में साथ भी मिलेगा और भविष्य भी बनेगा ।

348
02:09:30.109 --> 02:09:33.310
कनेक्शन नहीं तोड़ना ।

349
02:09:33.310 --> 02:09:36.449
पक्का ।

350
02:09:36.739 --> 02:09:48.050
तो बापदादा अभी भी शक्ति दे रहा है , आगे भी बढ़ायेगा ।

351
02:09:52.510 --> 02:09:59.880
कोई फिकर नहीं करो , बेफिकर होकर सेवा करो ।

352
02:09:59.880 --> 02:10:03.939
बापदादा साथ है ।

