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1
00:10:59.820 --> 00:12:06.909
आज बापदादा हर एक बच्चे को स्नेह और बापदादा के लव में लवलीन स्वरूप में देख रहे हैं ।

2
00:12:09.539 --> 00:12:34.570
एक एक बच्चा परमात्म प्यार में चमक रहा है ।

3
00:12:39.480 --> 00:13:09.879
सभी बच्चे प्यार के विमान में पहुंच गये हैं ।

4
00:13:20.679 --> 00:14:02.110
वैसे तो न्यु ईयर मनाने के लिए आये है लेकिन सभी के नयनों में क्या दिखाई दे रहा है ?

5
00:14:05.200 --> 00:14:34.679
न्यु ईयर , नया साल तो निमित्त मात्र है लेकिन आप सभी के नयनों में क्या उमंग है ?

6
00:14:36.679 --> 00:14:49.309
तीन बधाईयां दे रहे हो ।

7
00:14:50.450 --> 00:15:18.169
एक अपने नये जीवन की बधाई और दूसरी नये युग की बधाई

8
00:15:20.169 --> 00:15:39.539
और तीसरी परिवार और बाप से मिलन की बधाई ।

9
00:15:40.970 --> 00:15:53.879
आपके नयनों में क्या घूम रहा है ?

10
00:15:55.080 --> 00:16:09.649
अपना नव युग सामने आ रहा है ना !

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00:16:10.000 --> 00:16:26.850
दिल में उमंग आ रहा है कि नया युग आया कि आया ।

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00:16:27.940 --> 00:16:53.940
नये युग की चमकीली ड्रेस इतना सामने स्पष्ट है

13
00:16:55.250 --> 00:17:20.910
कि आज संगमयुग पर हैं और जल्दी से यह चमकीली ड्रेस पहननी है ।

14
00:17:22.000 --> 00:17:36.740
सामने देख देख खुश हो रहे हैं ।

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00:17:38.220 --> 00:17:47.599
विदाई भी दे रहे हैं और बधाई भी ले रहे हैं ।

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00:17:51.079 --> 00:18:16.849
जैसे पुराने साल को विदाई देते हैं फिर वह साल भूल जाता है , नया साल ही सामने आता है ।

17
00:18:16.849 --> 00:18:46.450
ऐसे ही आपके सामने पुरानी दुनिया को बधाई नहीं , लेकिन नई दुनिया को बधाई दे रहे हैं ।

18
00:18:46.450 --> 00:18:53.480
पुरानी दुनिया को विदाई दे रहे हैं ।

19
00:18:53.480 --> 00:19:09.200
तो आज सभी को उमंग-उत्साह है नये युग का ,

20
00:19:10.569 --> 00:19:34.339
लोग भी नये वर्ष की बधाई देते हैं और साथ-साथ गिफ्ट भी देते हैं ।

21
00:19:36.740 --> 00:20:02.450
तो बापदादा भी आप बच्चों को पुराने स्वभाव संस्कार को विदाई देकरके

22
00:20:03.480 --> 00:20:31.019
नई दुनिया में जाने की गिफ्ट दे रहे हैं , जिस नई दुनिया में प्राप्ति ही प्राप्ति है ।

23
00:20:31.420 --> 00:20:48.970
शॉर्ट में यही कहे तो अप्राप्त नहीं कोई वस्तु नई दुनिया में ।

24
00:20:49.650 --> 00:21:10.680
ऐसे गोल्डन वर्ल्ड की गिफ्ट बापदादा ने आप हर एक बच्चे को सौगात दे दी है ।

25
00:21:10.680 --> 00:21:32.509
आपको भी नशा है ना कि हम गोल्डन वर्ल्ड के अधिकारी बन रहे हैं ।

26
00:21:33.539 --> 00:21:42.450
ऐसी गिफ्ट और कोई दे नहीं सकते हैं ।

27
00:21:43.019 --> 00:21:58.619
बाप ने हर एक बच्चे को यह डायरेक्शन दिया है

28
00:21:58.619 --> 00:22:26.339
कि सभी आत्माओं को यह बाप का वर्सा गोल्डन वर्ल्ड का सन्देश देकरके उनको भी आप गिफ्ट दो ।

29
00:22:26.569 --> 00:22:34.220
आपके पास कौन सी गिफ्ट है ?

30
00:22:34.220 --> 00:22:52.849
एक तो नई दुनिया की गिफ्ट दो और दूसरा आपके पास बहुत खज़ाने हैं ।

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00:22:52.849 --> 00:23:10.170
गुणों का खज़ाना , शक्तियों का खज़ाना , स्वमान के खज़ाने , कितने खज़ाने हैं ।

32
00:23:10.170 --> 00:23:36.049
तो सभी को कोई न कोई गुण , कोई न कोई शक्ति की गिफ्ट दो जिस गिफ्ट से उन्हों की जीवन बदल जाए

33
00:23:36.049 --> 00:24:04.619
और गोल्डन दुनिया के अधिकारी बन जाये क्योंकि आजकल देख रहे हो चारों ओर दुःख अशान्ति बढ़ रहा है ।

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00:24:04.619 --> 00:24:22.400
चारों ओर भय और चिंता हर एक में है ।

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00:24:22.680 --> 00:24:44.509
ऐसे दुःखी अशान्त आत्माओं को कम से कम यह सन्देश जरूर दो

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00:24:44.509 --> 00:25:05.599
कि अब बाप आये हैं अब से अविनाशी वर्से के अधिकारी बन जाओ ।

37
00:25:05.599 --> 00:25:16.170
यह सन्देश हर आत्मा को दे भी रहे हो

38
00:25:16.170 --> 00:25:37.480
लेकिन अभी भी कई बाप के बच्चे सन्देश से भी वंचित रहे हुए हैं ।

39
00:25:38.450 --> 00:25:56.910
फिर भी एक बाप के बच्चे हैं ना तो अपने भाई बहिनों को यह सन्देश की गिफ्ट जरूर दो ।

40
00:25:56.910 --> 00:26:01.480
कोई भी रह नहीं जाए ।

41
00:26:01.480 --> 00:26:16.279
कर रहे हैं सेवा , बापदादा बच्चों की सेवा देख खुश है

42
00:26:16.279 --> 00:26:44.680
लेकिन बाप की यही आशा है कि मेरा कोई भी बच्चा सन्देश से रह नहीं जाये ।

43
00:26:47.369 --> 00:27:04.970
उल्हना नहीं दे कि आपको गोल्डन वर्ल्ड की सौगात मिली और हमको पता नहीं पड़ा ।

44
00:27:04.970 --> 00:27:17.710
हमारा बाप आया लेकिन हमें सन्देश नहीं मिला

45
00:27:19.250 --> 00:27:52.049
इसलिए इस नये साल में यही प्रयत्न करो , आपस में प्लैन बनाओ कि कोई भी कोना रह नहीं जाये ।

46
00:27:53.019 --> 00:28:17.480
उल्हना नहीं मिले लेकिन खुश हो जाये , मालूम तो पड़े कि हमारा बाप आ गया ।

47
00:28:18.450 --> 00:28:23.480
वंचित नहीं रह जाएं ।

48
00:28:24.740 --> 00:28:33.769
तो इस नये साल में क्या करेंगे ?

49
00:28:34.279 --> 00:28:59.369
आपस में मिलके प्लैन बनाओ , बापदादा को हर एक बच्चे के ऊपर रहम आता है ।

50
00:29:01.650 --> 00:29:41.880
तो आपको भी भाई-बहिनों के ऊपर अभी विशेष रहमदिल , कल्याणकारी स्वरूप धारण कर सबको सन्देश देना है ।

51
00:29:42.450 --> 00:29:54.680
कम से कम ऐसा तो उल्हना नहीं देवे ।

52
00:29:57.140 --> 00:30:22.680
तो आज सभी बच्चे नये वर्ष मनाने के उमंग उत्साह से पहुंच गये हैं ।

53
00:30:24.049 --> 00:30:39.309
बापदादा एक-एक बच्चे को देख क्या गीत गाते ?

54
00:30:39.309 --> 00:30:43.710
जानते हो ना !

55
00:30:43.710 --> 00:30:49.079
वाह बच्चे वाह !

56
00:30:49.079 --> 00:31:22.450
जो पहले बारी भी आये हैं उन्हों को भी बापदादा कह रहे हैं कि लक्की हो जो समय समाप्त के पहले बाप के बन गये ।

57
00:31:22.910 --> 00:31:48.450
नये बच्चों को बापदादा पदम पदमगुणा लक्की बनने की मुबारक दे रहे हैं ।

58
00:32:00.339 --> 00:32:23.769
आजकल बापदादा एक बात सभी बच्चों में देखने चाहते हैं जानते हो कौन सी ?

59
00:32:24.170 --> 00:32:42.799
जैसे हर एक के दिल में उमंग है , लक्ष्य है

60
00:32:42.799 --> 00:33:02.509
कि हम बाप समान बनने वाले ही हैं , बनेंगे नहीं , बनने वाले ही हैं

61
00:33:03.309 --> 00:33:40.619
तो जैसे लक्ष्य है , ऐसे अभी बापदादा लक्ष्य के साथ लक्षण भी देखने चाहते हैं । जैसे समान बनने का लक्ष्य है ऐसे ही समान बनने के लक्षण भी हों ।

62
00:33:42.170 --> 00:34:06.450
अभी लक्ष्य बहुत ऊंचा है लेकिन लक्षण पर विशेष अटेन्शन देना है ।

63
00:34:06.450 --> 00:34:19.710
समान , जितना बड़ा लक्ष्य उतना ही बड़ा लक्षण हो ।

64
00:34:23.650 --> 00:34:42.570
अभी कोई-कोई बच्चे लक्षण धारण करना चाहते हैं

65
00:34:43.199 --> 00:35:08.510
लेकिन बीच-बीच में फिर भी कह देते हैं , चाहते बहुत हैं लेकिन … तो यह लेकिन निकल जाए ।

66
00:35:09.650 --> 00:35:42.449
आपकी चलन और चेहरा दूर से ही जितना बड़ा लक्ष्य है , इतना लक्षण चेहरे से दिखाई दे , चलन से दिखाई दे ।

67
00:35:49.420 --> 00:36:10.340
जैसे आप पहले देह-अभिमान में थे लेकिन जब देह-अभिमान में थे

68
00:36:10.340 --> 00:36:27.480
तो देह-अभिमान की नेचर नेचुरल थी , कभी पुरूषार्थ किया क्या

69
00:36:27.480 --> 00:36:43.309
कि देह अभिमान आवे , नेचर नेचुरल देह-अभिमान रहा ।

70
00:36:43.769 --> 00:37:11.369
आधाकल्प पुरूषार्थ नहीं किया , ऐसे ही अब भी देही-अभिमानी बनने की नेचर नेचुरल है !

71
00:37:11.710 --> 00:37:21.420
जब देह-अभिमान की नेचर नेचुरल रही ,

72
00:37:21.420 --> 00:37:32.619
कभी याद आता है कि देह-अभिमान में आ जाऊं , यह पुरूषार्थ किया ?

73
00:37:32.619 --> 00:37:55.420
अभी भी देह-अभिमान और देही-अभिमान , तो देही-अभिमानी बनने में भी मेहनत क्यों !

74
00:37:55.420 --> 00:38:09.710
क्योंकि बापदादा के पास समाचार आते हैं

75
00:38:09.710 --> 00:38:26.909
कि कभी-कभी देह-अभिमान को मिटाने की मेहनत करनी पड़ती है ।

76
00:38:29.369 --> 00:38:44.739
जब देह-अभिमान नेचुरल रहा तो देही-अभिमान में मेहनत क्यों ?

77
00:38:48.000 --> 00:38:59.820
तो बापदादा को मेहनत बच्चों की अच्छी नहीं लगती ।

78
00:39:02.219 --> 00:39:22.000
मेहनत मुक्त बन जाएं और नेचुरल नेचर बन जाए , इसको कहा जाता है लक्ष्य और लक्षण समान ।

79
00:39:24.000 --> 00:39:41.309
फिर आप देखो बाप समान बनना बहुत सहज और नेचुरल लगेगा ।

80
00:39:41.309 --> 00:40:14.909
जैसे ब्रह्मा बाप को देखा इतने बड़े परिवार की जिम्मेवारी होते भी नेचुरल नेचर देही अभिमानी की रही ।

81
00:40:17.769 --> 00:40:39.880
चाहे बच्चों के ऊपर भी जिम्मेवारी है लेकिन ब्रह्मा बाप के आगे वह जिम्मेवारी क्या लगती है !

82
00:40:41.480 --> 00:40:54.340
कोई भी जिम्मेवारी है , मानो ज़ोन की जिम्मेवारी है ,

83
00:40:55.820 --> 00:41:09.650
या कोई आफीशियल यज्ञ कारोबार की जिम्मेवारी है

84
00:41:09.650 --> 00:41:28.510
लेकिन वह जिम्मेवारी ब्रह्मा बाबा के आगे क्या है !

85
00:41:34.050 --> 00:42:09.650
ब्रह्मा बाप ने शिवबाबा की मदद से प्रैक्टिकल में दिखाया कि करावनहार करा रहे हैं , हम करनहार बन बाप समान न्यारे और प्यारे हैं ।

86
00:42:13.199 --> 00:42:36.110
तो बाप समान बनने चाहते तो यह चेक करो कुछ भी चाहे मन्सा , चाहे वाचा चाहे कर्मणा ड्युटीज हैं

87
00:42:36.110 --> 00:42:56.800
लेकिन मैं करनहार हूँ , ट्रस्टी हूँ , करावनहार मालिक शिवबाबा है ,

88
00:42:59.710 --> 00:43:19.880
यह करावनहार का पाठ चलते-चलते भूल जाता है ।

89
00:43:24.000 --> 00:43:41.309
तो लक्ष्य और लक्षण दोनों को समान बनाना है ।

90
00:43:42.050 --> 00:44:01.599
अब पुराने साल को विदाई देने के साथ इस लक्ष्य को लक्षण में लाना है ।

91
00:44:01.599 --> 00:44:12.969
नया साल तो नई बातें ।

92
00:44:13.769 --> 00:44:44.909
क्या करूं , माया आ जाती है , चाहते नहीं हैं लेकिन आ जाती है यह शब्द वा संकल्प पुराने वर्ष के साथ इसको भी विदाई दो ।

93
00:44:45.369 --> 00:44:51.250
सिर्फ साल को विदाई नहीं देना ।

94
00:44:52.510 --> 00:45:05.650
बापदादा ने सुनाया था कि माया भी बापदादा के पास आती है और क्या कहती है ?

95
00:45:05.650 --> 00:45:27.139
मैं तो समझती हूँ , मेरे जाने का समय है लेकिन कोई-कोई बच्चे आह्वान करते हैं मेरा तो मैं क्या करूं ।

96
00:45:30.969 --> 00:45:48.280
तो आज विदाई के साथ माया के भिन्न-भिन्न रूप को भी विदाई देनी है ।

97
00:45:48.280 --> 00:45:50.969
है हिम्मत ?

98
00:45:50.969 --> 00:45:53.820
हिम्मत है ?

99
00:45:53.820 --> 00:45:56.340
हाथ उठाओ ।

100
00:45:56.340 --> 00:46:02.340
विदाई देने की हिम्मत है ?

101
00:46:02.340 --> 00:46:08.619
पीछे वालों को हिम्मत है ?

102
00:46:19.599 --> 00:46:28.170
जिसमें हिम्मत हो , वह हाथ उठाओ ।

103
00:46:30.679 --> 00:46:58.050
तो बाप इस हिम्मत की बहुत पदम-पदम गुणा बधाई देते हैं ।

104
00:47:02.570 --> 00:47:05.480
क्यों ?

105
00:47:05.480 --> 00:47:11.250
क्यों बापदादा इस पर जोर दे रहे हैं ?

106
00:47:11.250 --> 00:47:36.280
क्योंकि आप सभी देख रहे हो दुनिया की हालतें बिगड़ने में शुरू जोर से हो रही हैं

107
00:47:36.739 --> 00:48:06.219
और बापदादा का यह महावाक्य कुछ समय से चल रहा है कि अचानक होना है ।

108
00:48:07.309 --> 00:48:22.800
तो अचानक होना है और अगर बहुत समय का अभ्यास नहीं होगा

109
00:48:22.800 --> 00:48:37.199
तो बताओ अचानक के समय अभ्यास की आवश्यकता है ना !

110
00:48:39.710 --> 00:49:17.309
अभी-अभी देखो बापदादा ने होम वर्क दिया , 10 मिनट , टोटल 24 बारी 10-10 मिनट का होमवर्क दिया , तो कई बच्चों को मुश्किल हो रहा है ।

111
00:49:19.650 --> 00:49:51.079
तो सोचो , अगर 10 मिनट का अभ्यास का नहीं हो सकता तो अचानक में उस समय क्या करेंगे ?

112
00:49:51.079 --> 00:50:15.599
बापदादा जानते हैं कि 24 बारी में कईयों को समय थोड़ा कम मिलता है , लेकिन बापदादा ने ट्रायल की

113
00:50:16.679 --> 00:50:36.000
कि 10 मिनट एक ही स्मृति में जब चाहे , जैसे चाहे वैसे कर सकते हैं ,

114
00:50:36.000 --> 00:50:58.050
बापदादा यह नहीं कहते अभी भी 10 मिनट करो , अच्छा नहीं हो सकता , जिसको हो सकता है वह करे , अगर नहीं हो सकता है

115
00:50:58.050 --> 00:51:14.340
तो 5 मिनट करो , 5 मिनट से 7 मिनट , 6 मिनट , जितना भी बढ़ा सको उतनी ट्रायल करो ।

116
00:51:14.340 --> 00:51:22.000
बापदादा खुद ही कह रहा है इसमें ऐसी बात नहीं है ।

117
00:51:22.000 --> 00:51:42.449
अगर 10 मिनट ज्यादा टाइम लगता है तो चलो 8 मिनट करो , 9 मिनट करो , जितना ज्यादा कर सको उतनी आदत डालो

118
00:51:42.449 --> 00:52:02.340
क्योंकि बहुतकाल का वरदान प्रैक्टिकल में अभी कर सकते हैं ।

119
00:52:04.739 --> 00:52:13.650
अगर अभी बहुतकाल का अभ्यास नहीं होगा

120
00:52:13.650 --> 00:52:34.679
तो अभी के बहुतकाल का पुरूषार्थ की जो प्राप्ति है , आधाकल्प की उस बहुतकाल में फर्क पड़ जायेगा ।

121
00:52:36.280 --> 00:52:52.510
अगर अभी कम समय देंगे , जितना हो सकता है उतना बापदादा ने छुट्टी दे दी है ,

122
00:52:52.510 --> 00:53:12.280
अगर 5 मिनट से ज्यादा करो , 10 मिनट नहीं हो सकता है तो 7 मिनट करो , 8 मिनट करो , 5 मिनट की भी छुट्टी है ।

123
00:53:12.280 --> 00:53:25.769
लेकिन अगर कोई भी समय 10 मिनट हो तो अच्छा है ।

124
00:53:25.769 --> 00:53:48.909
ऐसा समय आयेगा जो आप लोगों को खुद अपने लिए और विश्व के लिए भी किरणें देनी पड़ेगी ।

125
00:53:50.219 --> 00:54:07.369
इसीलिए बापदादा छुट्टी देते हैं , जितना ज्यादा समय कर सको , उतना प्रैक्टिस करो

126
00:54:07.369 --> 00:54:18.050
क्योंकि अभी का बहुत समय भविष्य का आधार है ।

127
00:54:18.800 --> 00:54:21.769
ठीक है ?

128
00:54:21.769 --> 00:54:36.909
मुश्किल लगता है , कोई बात नहीं है , अभी तो कोई हर्जा नहीं है और बाप को सुनाया यह बहुत अच्छा किया

129
00:54:37.820 --> 00:54:49.309
क्योंकि मानो 10 मिनट बैठ नहीं सको , सोच में ही चला जाए , तो 5 मिनट भी गये ,

130
00:54:49.309 --> 00:55:00.400
इसीलिए बापदादा कहे कम से कम 5 मिनट से कम नहीं करना ।

131
00:55:00.400 --> 00:55:05.420
जितना बढ़ा सको उतना बढ़ाओ ।

132
00:55:05.420 --> 00:55:14.280
ठीक है स्पष्ट हुआ ?

133
00:55:15.079 --> 00:55:38.340
क्योंकि बापदादा हर एक को बहुत श्रेष्ठ स्वरूप में देखते हैं ।

134
00:55:41.199 --> 00:55:59.139
बापदादा ने इसकी निशानी हर एक बच्चे को कितने स्वमान दिये हैं ।

135
00:55:59.139 --> 00:56:11.250
स्वमान की लिस्ट अगर निकालो तो कितनी बड़ी है ?

136
00:56:14.280 --> 00:56:28.909
आज बापदादा अमृतवेले चक्कर लगाने गये ।

137
00:56:28.909 --> 00:56:34.000
क्या देखने गये ?

138
00:56:34.000 --> 00:56:47.480
कि बापदादा ने स्वमानों की बहुत बड़ी माला दी है ।

139
00:56:48.619 --> 00:57:04.849
अगर एक-एक स्वमान में स्थित होके उस स्थिति में बैठो , चलो

140
00:57:06.849 --> 00:57:22.909
तो स्वमान कहते जाओ और माला घुमाते जाओ तो बहुत मजा आयेगा ।

141
00:57:23.710 --> 00:57:39.599
स्वमान की लिस्ट रखी है लेकिन एक-एक स्वमान कितना बड़ा है और किसने दिया है !

142
00:57:40.739 --> 00:57:56.969
वर्ल्ड आलमाइटी अथॉरिटी ने एक-एक बच्चे को अनेक स्वमानों की लिस्ट दी है ।

143
00:58:00.510 --> 00:58:19.599
उसको यूज करो क्योंकि और कोई अथॉरिटी नहीं जो इस स्वमान को आपके कम कर सके ।

144
00:58:23.420 --> 00:58:36.909
और किस को भी इतने स्वमानों की माला नहीं मिली है ।

145
00:58:38.050 --> 00:58:51.480
तो बापदादा ने देखा सतयुग में तो राज्य भाग्य मिलेगा

146
00:58:51.480 --> 00:59:03.480
लेकिन यह स्वमानों की माला संगमयुग की देन है ।

147
00:59:04.170 --> 00:59:27.480
बापदादा जब भी बच्चों को देखते हैं तो हर एक बच्चे के स्वमान की स्थिति से देखता है - वाह बच्चा वाह !

148
00:59:28.170 --> 00:59:37.769
तो स्वमान की अथॉरिटी में रहो , मैं कौन !

149
00:59:37.769 --> 00:59:53.309
कभी कौन सा स्वमान सामने रखो , कभी कौन सा स्वमान सामने रखो और चेक करो

150
00:59:53.309 --> 01:00:13.599
तो आज अमृतवेले जो विशेष स्वमान बुद्धि में रखा वह स्वमान खज़ाना है ना , इसको यूज किया !

151
01:00:13.599 --> 01:00:32.619
क्योंकि खज़ाना बढ़ने का साधन है जितना खज़ाने को कार्य में लगायेंगे उतना खज़ाना बढ़ता है ।

152
01:00:36.170 --> 01:00:59.650
तो आज बापदादा देख रहे थे कौन-कौन बच्चा है , किसके पास स्वमान के स्मृति की माला बड़ी थी किसके पास छोटी ।

153
01:01:01.079 --> 01:01:11.940
जहाँ स्वमान होगा वहाँ देहभान खत्म हो जाता है ।

154
01:01:13.940 --> 01:01:30.909
तो आज बापदादा ने चक्र लगाया और देखा जैसे स्वमान का खज़ाना है ,

155
01:01:30.909 --> 01:01:50.000
ऐसे एक-एक शक्ति , एक-एक गुण इस्तेमाल करो उसको , कार्य में लगाओ ।

156
01:01:51.650 --> 01:02:02.340
तो यह जो प्राबलम होती है माया आ गई , माया आ नहीं जाती

157
01:02:02.340 --> 01:02:17.599
लेकिन माया के लिए तो बाबा ने सुना दिया है कि माया कहती है मेरे को आवाह्न करते हैं तब जाती हूँ , ऐसे नहीं जाती हूँ ,

158
01:02:18.219 --> 01:02:37.199
कोई भी हल्का संकल्प करना माना माया को आवाह्न किया , शक्तियों को छोड़ता है तो माया को आवाह्न किया ।

159
01:02:37.199 --> 01:02:45.650
चाहते नहीं है लेकिन आ जाती है ।

160
01:02:45.650 --> 01:02:49.250
बलवान कौन ?

161
01:02:49.250 --> 01:03:02.170
चाहते नहीं हैं लेकिन आ जाती , तो माया बलवान हुई या आप ?

162
01:03:04.170 --> 01:03:25.019
तो आज पुराना वर्ष समाप्त हो रहा है , नये वर्ष में नया उमंग , नया उत्साह ,

163
01:03:25.019 --> 01:03:47.650
क्योंकि संगमयुग का गायन है , एक-एक दिन उत्साह भरा हुआ है अर्थात् उत्सव है ।

164
01:03:51.139 --> 01:04:04.909
तो उमंग-उत्साह है तो हर दिन उत्सव है

165
01:04:05.880 --> 01:04:22.110
इसलिए पक्का रखना , राज अपना चलते फिरते भी चार्ट देखना ।

166
01:04:23.369 --> 01:04:31.139
चेक करना , चेक करेंगे तो चेंज करेंगे ना ।

167
01:04:31.139 --> 01:04:37.650
चेक ही नहीं करेंगे तो चेंज कैसे करेंगे !

168
01:04:37.940 --> 01:04:55.369
तो आज नये साल के लिए बापदादा का विशेष यही संकल्प है

169
01:04:55.369 --> 01:05:14.800
कि हर बच्चा जैसे पुराने वर्ष को विदाई देते हो वैसे माया को विदाई दो ।

170
01:05:14.800 --> 01:05:41.769
व्यर्थ संकल्प को विदाई दो क्योंकि मैजारिटी यही देखा गया है कि व्यर्थ संकल्प ज्यादा आते हैं ।

171
01:05:43.309 --> 01:06:02.619
ज्यादा विकारी संकल्प कम हैं , हैं कम लेकिन व्यर्थ जो हैं ,

172
01:06:03.369 --> 01:06:19.650
उसका नाम निशान समाप्त हो जाए , हर संकल्प समर्थ हो , व्यर्थ नहीं हो

173
01:06:20.219 --> 01:06:36.739
क्योंकि व्यर्थ संकल्प में , सिर्फ संकल्प नहीं चलता लेकिन व्यर्थ टाइम भी जाता

174
01:06:38.219 --> 01:06:48.619
और बाप समान बनने में दूरी हो जाती है ।

175
01:06:48.619 --> 01:07:06.679
आपकी चाहना तो है समान बनें , तो हाथ तो उठाया है ।

176
01:07:07.309 --> 01:07:23.250
लेकिन बापदादा सदा कहता है कि मन का हाथ उठाना , यह हाथ उठाना तो इजी है ।

177
01:07:27.019 --> 01:07:31.369
तो विदाई देने की हिम्मत है ?

178
01:07:31.369 --> 01:07:33.369
है हिम्मत ?

179
01:07:33.369 --> 01:07:35.940
हाथ उठाओ ।

180
01:07:39.599 --> 01:07:45.880
अच्छा , हिम्मत वाले हैं ।

181
01:07:46.800 --> 01:07:52.510
बस हिम्मत को कायम रखना ।

182
01:07:53.199 --> 01:08:10.000
अगर हिम्मत होगी तो जो लक्ष्य रखा है वह हो ही जायेगा क्योंकि बापदादा भी साथ है ।

183
01:08:10.000 --> 01:08:22.970
बापदादा चाहते हैं कि मेरा कोई भी बच्चा पीछे नहीं रह जाए ।

184
01:08:22.970 --> 01:08:30.050
हाथ में हाथ देके चले ।

185
01:08:33.199 --> 01:08:47.199
शिव बाप निराकार है , हाथ नहीं है लेकिन श्रीमत ही उनके हाथ हैं ।

186
01:08:47.199 --> 01:09:02.340
श्रीमत पर कदम-कदम चलना अर्थात् हाथ में हाथ देके चलना ।

187
01:09:09.420 --> 01:09:41.710
तो सभी को नये वर्ष की नव जीवन की और नव युग की तीनों की पदम पदमगुणा मुबारक हो ।

188
01:09:46.800 --> 01:09:57.020
अच्छा जो इस बारी नये आये हैं वह उठ खड़े हो जाओ ।

189
01:10:21.479 --> 01:10:23.420
अच्छा ।

190
01:10:23.420 --> 01:10:28.340
बहुत आये हैं ।

191
01:10:30.800 --> 01:10:39.140
आधा संगठन तो नया है ।

192
01:10:39.649 --> 01:10:55.140
तो आपको सभी नये आने वालों को , सारे ब्राह्मण परिवार ,

193
01:10:55.140 --> 01:11:15.020
बापदादा सबके तरफ से मधुबन आने का मुबारक है , मुबारक है , मुबारक है ।

194
01:11:17.020 --> 01:11:26.739
मुबारक के साथ एक बात याद रखना

195
01:11:26.739 --> 01:11:44.399
तो अभी कामन पुरूषार्थ का समय गया , अभी समय है तीव्र पुरूषार्थ का ,

196
01:11:44.399 --> 01:11:58.340
तो आप सभी लेट आये हो लेकिन बापदादा के प्यारे हो ।

197
01:11:58.340 --> 01:12:08.220
टू लेट के बजाए लेट आये हो , बापदादा खुश है

198
01:12:08.220 --> 01:12:39.369
कि फिर भी लक के समय पहुंच गये हो इसलिए जो भी आये हो , बापदादा के प्यारे हो इसलिए चलना नहीं उड़ना ।

199
01:12:39.369 --> 01:12:53.649
अभी चलेंगे ना तो नम्बर आगे नहीं ले सकेंगे इसीलिए उड़ती कला में चलना ।

200
01:12:53.649 --> 01:12:57.539
चलना नहीं उड़ना ।

201
01:12:57.539 --> 01:13:02.800
तो उड़ना तो फास्ट होता है ना ।

202
01:13:03.600 --> 01:13:09.600
तो उड़ती कला से आगे जा सकते हो ।

203
01:13:09.600 --> 01:13:12.170
यह मार्जिन है ।

204
01:13:12.170 --> 01:13:19.600
इसी को ही तीव्र पुरूषार्थ कहते हैं ।

205
01:13:19.939 --> 01:13:22.510
तो क्या करेंगे ?

206
01:13:22.510 --> 01:13:24.510
उड़ेंगे ।

207
01:13:24.510 --> 01:13:28.050
उड़ेंगे ?

208
01:13:28.050 --> 01:13:30.680
अच्छा ।

209
01:13:30.680 --> 01:13:44.449
जो भी बातें ऐसी आवे जो बेकार हैं , आनी नहीं चाहिए

210
01:13:44.449 --> 01:13:52.850
लेकिन आ जाती हैं क्योंकि पेपर तो होना है ना !

211
01:13:53.369 --> 01:13:56.619
तो क्या करेंगे ?

212
01:13:56.619 --> 01:14:06.569
अगर ऐसी कोई बात आवे तो बापदादा को दे देना ।

213
01:14:06.569 --> 01:14:09.369
देना आता है ना !

214
01:14:09.369 --> 01:14:15.140
लेना तो आता है लेकिन देना भी आता है ना ।

215
01:14:15.140 --> 01:14:17.600
छोटे बन जाना ।

216
01:14:17.600 --> 01:14:32.800
जैसे छोटे बच्चे होते हैं ना वह क्या करते हैं कोई भी चीज़ पसन्द नहीं आती है तो क्या करते हैं ?

217
01:14:32.800 --> 01:14:37.880
मम्मी यह आप सम्भालो ।

218
01:14:38.909 --> 01:14:48.000
ऐसे ही छोटे बनके बाप को दे दो ।

219
01:14:48.000 --> 01:14:57.600
फिर अगर आवे , आयेगी , बापदादा ने देखा है

220
01:14:57.600 --> 01:15:07.600
कि बहुत समय रखी है ना , तो छोडने से फिर आती भी है

221
01:15:07.600 --> 01:15:26.850
लेकिन अगर आवे भी तो यही सोचना कि दी हुई चीज़ यूज की जाती है क्या !

222
01:15:26.850 --> 01:15:38.050
देना अर्थात् आपके पास आई , तो अमानत आई ।

223
01:15:40.050 --> 01:15:42.680
आपने तो दे दी ना !

224
01:15:42.680 --> 01:15:46.569
तो आपकी रही नहीं ।

225
01:15:46.569 --> 01:15:53.880
अमानत में ख्यानत नहीं करना चाहिए ।

226
01:15:53.880 --> 01:16:04.109
आपको मदद मिलेगी तो यह मेरी नहीं है , यह अमानत है ।

227
01:16:04.109 --> 01:16:11.250
मैंने दे दी इसमें फायदा हो जायेगा ।

228
01:16:11.250 --> 01:16:23.140
क्योंकि समय कम है और पुरूषार्थ आपको तीव्र करना है ।

229
01:16:24.220 --> 01:16:46.970
तो जो भी नये आये हैं बापदादा उन्हों को लक्की और लवली कहते हैं , जो आ तो गये अभी मेरा बाबा कहा है ना ।

230
01:16:46.970 --> 01:16:54.340
हाथ उठाओ जो कहते हैं मेरा बाबा ।

231
01:16:54.739 --> 01:16:58.569
जो भी आये हैं , मेरा बाबा कहते हैं ।

232
01:16:58.569 --> 01:17:06.800
तो जब मेरा बाबा कहा तो और कोई मेरा है क्या !

233
01:17:06.800 --> 01:17:11.710
बाबा ही मेरा है ना ।

234
01:17:12.510 --> 01:17:25.880
तो बाप पर अधिकार रख वरके अमानत समझके बाप को दे दो ।

235
01:17:27.880 --> 01:17:34.170
अपने पास आने नहीं देना ।

236
01:17:39.539 --> 01:17:43.250
अच्छा है ।

237
01:17:43.250 --> 01:17:54.800
फिर भी बाप को खुशी है , बाप को पहचान तो लिया ।

238
01:17:56.170 --> 01:18:12.050
अभी सिर्फ यह ध्यान पक्का-पक्का रखना , उड़ना है , चलना नहीं है उड़ना है ।

239
01:18:13.140 --> 01:18:19.250
अच्छा , बहुत हैं ।

240
01:18:23.939 --> 01:18:44.399
अच्छा ब्राह्मणियाँ जो हैं क्लास टीचर्स , उन्हों को भी अपने नये भाई-बहिनों के ऊपर क्षमा करनी है ।

241
01:18:46.399 --> 01:19:00.340
हर सप्ताह इन्हों का हालचाल पूछते रहना , कोई प्रॉबलम तो नहीं है !

242
01:19:00.619 --> 01:19:11.710
और कोई भी प्रॉबलम हो तो सुना देना , उसका निवारण ले लेना ।

243
01:19:11.710 --> 01:19:16.739
छोड़ नहीं देना ।

244
01:19:16.739 --> 01:19:27.079
आया और गया , दिल में रखना नहीं ।

245
01:19:28.449 --> 01:19:31.250
अच्छा ।

246
01:19:31.250 --> 01:19:38.739
सारे परिवार की भी मुबारक है ।

247
01:20:36.569 --> 01:21:47.479
सेवा का टर्न गुजरात ज़ोन का है :- ( 8 हजार गुजरात के हैं ) बापदादा ने पहले भी कहा था गुजरात अर्थात् गुजर गई रात ।

248
01:21:49.479 --> 01:22:24.619
तो गुजरात में सदा ही आगे से आगे बढ़ने और बढ़ाने का उमंग-उत्साह रहता भी है और रहना भी चाहिए

249
01:22:26.619 --> 01:22:46.569
क्योंकि गुजरात में भी , महाराष्ट्र में भी हैं लेकिन गुजरात में भी संख्या या सेन्टर कम नहीं हैं ।

250
01:22:50.220 --> 01:23:14.340
तो गुजरात में सेवा तो चारों ओर है , गीता पाठशालायें भी बहुत हैं लेकिन अभी रहा हुआ काम क्या है ?

251
01:23:18.569 --> 01:23:33.250
अभी गुजरात को हर एक सेन्टर , गीता पाठशाला की बात छोडो ,

252
01:23:33.250 --> 01:23:44.050
अपने-अपने सेन्टर के वारिसों की लिस्ट निकालनी चाहिए ।

253
01:23:44.050 --> 01:24:07.710
वारिस , स्टूडेन्ट नहीं वारिस उनकी लिस्ट गुजरात में सबसे बड़ी होनी चाहिए

254
01:24:09.199 --> 01:24:23.710
क्योंकि बापदादा समय की सूचना तो दे रहे हैं

255
01:24:23.710 --> 01:24:49.079
तो समय अनुसार अभी नये वर्ष में यह भी सेवा में अटेन्शन देना है ।

256
01:24:49.079 --> 01:25:16.109
सभी ज़ोन वालों को भी कहते हैं कि यह ज़ोन में लिस्ट निकालो, कि सभी ज़ोन में से वारिसों की लिस्ट में नम्बरवन कौन है?

257
01:25:18.109 --> 01:25:32.619
क्योंकि अभी गोल्डन एज के लिए राजाई तैयार करनी है ना !

258
01:25:36.109 --> 01:25:46.619
तख्त पर तो लक्ष्मी नारायण ही बैठेंगे , एक ही बैठेंगे

259
01:25:46.619 --> 01:26:11.710
लेकिन जो वहाँ की राज्य अधिकारी सभा है , वह भी तो बनानी है ना ।

260
01:26:12.970 --> 01:26:24.739
रॉयल प्रजा भी बनानी है , साधारण प्रजा भी बनानी है ।

261
01:26:24.739 --> 01:26:43.600
तो ऐसे वारिस बनाओ जो सम्बन्ध-सम्पर्क में अभी भी नजदीक हों और वहाँ भी नजदीक हों ।

262
01:26:45.600 --> 01:26:54.909
जो वारिस होगा उसकी निशानी क्या होगी ?

263
01:26:55.819 --> 01:27:13.199
एक तो वारिस अर्थात् हर श्रीमत पर चलने वाले ।

264
01:27:15.199 --> 01:27:25.079
बाप ने कहा और बच्चे ने किया ।

265
01:27:27.079 --> 01:28:04.619
हर कार्य में चाहे मन्सा , चाहे वाचा , चाहे कर्मणा , चाहे सम्बन्ध सम्पर्क में फैमिली लाइफ वाला हो , आने वाला स्टूडेन्ट नहीं फैमिली नेचर वाला हो ।

266
01:28:06.619 --> 01:28:32.170
फैमिली का अर्थ होता है एक दो को जानना और एक दो को समझकर चलना ,

267
01:28:32.170 --> 01:28:56.399
परिवार में भी ठीक हो और 4 निश्चय जो सुनाये थे , 4 ही निश्चय में जो वारिस होगा वह प्रैक्टिकल लाइफ में हो ।

268
01:28:57.880 --> 01:29:09.710
सारे परिवार का प्यारा होगा , कोई का प्यारा कोई का नहीं , नहीं ।

269
01:29:09.710 --> 01:29:15.649
सारे परिवार का प्यारा होगा ।

270
01:29:15.649 --> 01:29:27.310
तो ऐसे वारिस क्वालिटी अभी वह चाहिए ।

271
01:29:27.310 --> 01:29:35.140
प्रजा तो बनती जायेगी , साधारण प्रजा ।

272
01:29:35.140 --> 01:29:48.279
लेकिन अभी नजदीक वाले वारिस क्वालिटी बनाओ ।

273
01:29:48.279 --> 01:29:56.909
राजधानी तो यहाँ ही तैयार करनी है ना ।

274
01:29:58.909 --> 01:30:47.369
इसलिए इसमें कौन सा ज़ोन वारिस क्वालिटी में नम्बरवन है, यह इस वर्ष में देखना है और दूसरा काम दिया था वर्ग वालों को, एक वारिस बनाना और दूसरा जो सम्बन्ध सम्पर्क में हैं उन्हों को माइक बनाना।

275
01:30:49.880 --> 01:31:04.680
तो माइक और वारिस यह दोनों बनाना , अभी समय है ।

276
01:31:04.680 --> 01:31:23.020
जैसा समय बीतता जायेगा तो उसमें बहुत समय का पुरूषार्थ कम हो जायेगा ।

277
01:31:25.020 --> 01:31:34.970
इसलिए गुजरात कमाल करेगा ना !

278
01:31:37.420 --> 01:31:40.399
अच्छा है ।

279
01:31:41.079 --> 01:31:48.449
गुजरात में टीचर्स भी बहुत हैं ।

280
01:31:49.369 --> 01:31:52.399
टीचर्स हाथ उठाओ ।

281
01:31:52.399 --> 01:32:17.710
देखो कितनी टीचर्स हैं तो एक-एक सेन्टर एक-एक वारिस तो निकालो और पुराने सेन्टर हैं ।

282
01:32:18.109 --> 01:32:35.140
बापदादा के डायरेक्ट इशारे से गुजरात की सेवा आरम्भ हुई है

283
01:32:39.710 --> 01:32:54.680
तो बापदादा की दृष्टि से गुजरात हुआ है । वह भी तो काम करेगी ना ।

284
01:32:56.680 --> 01:33:02.109
हैण्डस अच्छे हैं ।

285
01:33:07.710 --> 01:33:10.170
कर सकते हैं ।

286
01:33:10.170 --> 01:33:17.369
करने वाले हैं और कर भी सकते हैं ।

287
01:33:19.369 --> 01:33:29.649
तो सेन्टर ने प्रोग्राम तो बहुत किये हैं और अच्छे करते हैं ।

288
01:33:29.649 --> 01:33:39.369
प्रोग्राम अच्छे किये हैं अभी वारिस में नम्बरवन जाओ।

289
01:33:44.050 --> 01:33:47.140
ठीक है !

290
01:33:47.140 --> 01:33:49.140
करेंगे ?

291
01:33:49.140 --> 01:33:52.399
टीचर्स हाथ उठाओ ।

292
01:33:53.310 --> 01:34:08.279
तो इस वर्ष में , वर्ष के अन्दर जितनी टीचर हैं उतने वारिस मधुबन में लायेंगे ।

293
01:34:08.850 --> 01:34:11.710
लायेंगे ?

294
01:34:13.250 --> 01:34:31.079
हाँ आज तो गुजरात का टर्न है इसलिए उसको कह रहे हैं लेकिन बापदादा सभी ज़ोन को कह रहा है ।

295
01:34:31.079 --> 01:34:42.050
नम्बरवन कौन जाता है उसको प्राइज देंगे।

296
01:34:42.619 --> 01:34:52.050
जो वन नम्बर जायेगा उसको अच्छी प्राइज देंगे ।

297
01:34:57.140 --> 01:35:05.420
सभी ज़ोन वाली जो बैठी हैं ना वह हाथ उठाओ ।

298
01:35:12.909 --> 01:35:16.619
और कौन है ?

299
01:35:18.619 --> 01:35:23.710
भाई भी उठाओ ।

300
01:35:27.369 --> 01:35:30.279
ठीक है ।

301
01:35:30.279 --> 01:35:34.220
उठाया ।

302
01:35:36.619 --> 01:35:39.819
अच्छा है ।

303
01:35:39.819 --> 01:35:46.220
अभी देखेंगे पहला नम्बर कौन जाता है ।

304
01:35:46.220 --> 01:35:51.140
क्वालिटी भी देखेंगे ।

305
01:35:55.140 --> 01:36:02.739
वारिस तो बनाया लेकिन उसकी क्वालिटी क्या है !

306
01:36:06.680 --> 01:36:24.909
क्योंकि बापदादा अभी समय की सूचना बार-बार दे रहे हैं ।

307
01:36:26.909 --> 01:36:37.369
फिर नहीं कहना हमने तो समझा अभी टाइम पड़ा है

308
01:36:39.369 --> 01:36:52.909
क्योंकि अपने को भी सम्पन्न बनाना है , सेवा में भी आगे जाना है दो काम हैं ।

309
01:36:52.909 --> 01:37:13.819
एक पुरूषार्थ, पुरूषार्थ में एक याद और दूसरी सेवा दोनों में नम्बरवन हो।

310
01:37:13.819 --> 01:37:25.710
तीसरा स्वभाव संस्कार उसमें परिवर्तन ।

311
01:37:26.000 --> 01:37:34.970
यह नहीं कोई कहे यह है तो अच्छा , है तो अच्छा … नहीं कहे ।

312
01:37:34.970 --> 01:37:38.909
है अच्छा ।

313
01:37:39.939 --> 01:38:00.970
इसको कहा जाता है अच्छे ते अच्छा क्योंकि हालतें बदलती जायेंगी ।

314
01:38:02.970 --> 01:38:11.649
आप चाहते हुए भी सेवा नहीं कर सकेंगे ।

315
01:38:12.399 --> 01:38:25.079
बातें ऐसी होंगी जो व्यर्थ संकल्प चला देंगी ।

316
01:38:27.939 --> 01:38:47.079
इसलिए तीव्र पुरूषार्थ , धरनी पर पांव नहीं हो , उड़ते रहो ।

317
01:38:47.079 --> 01:38:55.020
फरिश्ते के पांव धरती पर नहीं दिखाते हैं ।

318
01:39:01.310 --> 01:39:13.199
तो स्थूल पांव नहीं लेकिन यह स्थिति के पांव ।

319
01:39:19.819 --> 01:39:35.020
तो गुजरात बापदादा के मधुबन के सहयोगी बहुत हैं ।

320
01:39:35.020 --> 01:39:38.569
नजदीक हैं ना ।

321
01:39:38.569 --> 01:39:47.369
तो कभी भी कोई भी बात हो तो पहले किसको बुलावा होता है ?

322
01:39:47.369 --> 01:39:54.340
आते हैं ना फोन , गुजरात से इतने भेज दो ।

323
01:39:59.020 --> 01:40:01.770
अच्छा है ।

324
01:40:01.770 --> 01:40:09.539
नजदीक का फायदा है , प्राप्ति भी है ।

325
01:40:12.680 --> 01:40:44.970
इसलिए गुजरात के जो रेग्युलर स्टूडेन्ट हैं उन सबको बापदादा की एक-एक श्रीमत पर चलने वाला सैम्पुल बनना है ।

326
01:40:45.939 --> 01:41:06.800
कोई भी सेन्टर पर जाये तो ऐसे दिखाई दे कि यह सब बापदादा के नजदीक वाले रत्न हैं ।

327
01:41:11.310 --> 01:41:14.220
ठीक है !

328
01:41:14.220 --> 01:41:29.770
स्टूडेन्ट समझते हैं हाथ उठाओ , ऐसा , कोई भी श्रीमत कम नहीं हो ।

329
01:41:30.399 --> 01:41:36.170
ठीक है हिम्मत वाले हैं ।

330
01:41:36.680 --> 01:41:41.199
अच्छी हिम्मत है ।

331
01:41:52.399 --> 01:43:26.619
ज्युरिस्ट , कलचरल और सिक्युरिटी विंग :- अच्छा है तीनों ही विंग अपना-अपना कार्य अच्छा बढ़ा रही हैं ।

332
01:43:27.369 --> 01:43:47.140
बापदादा ने देखा है कि हर एक को उमंग रहता है कि हमको करना है

333
01:43:47.140 --> 01:44:12.050
लेकिन अभी जो बापदादा ने काम दिया है कि ऐसे माइक तैयार करो

334
01:44:14.050 --> 01:44:38.000
जो सभा में एक एक्जैम्पुल दिखाये , जो वायुमण्डल है तो ब्रह्माकुमार बनने से कारोबार नहीं कर सकेंगे ,

335
01:44:38.000 --> 01:44:59.479
वह अनुभव सुनने से प्रैक्टिकल देखे कि यहाँ एक नहीं है , एक वर्ग के भी अनेक हैं ।

336
01:45:00.850 --> 01:45:22.449
तो प्रैक्टिकल अनुभवी देखने से उमंग आता है और सहज भी लगता है कि हम भी ऐसे कर सकते हैं ।

337
01:45:24.449 --> 01:45:40.569
तो विंग में रेग्युलर स्टूडेन्ट बनाने की सेवा बहुत अच्छी हो सकती है ।

338
01:45:41.140 --> 01:46:01.079
जितनी भी आपने सेवा की है उससे रेग्युलर स्टूडेन्ट कितने बने हैं ?

339
01:46:01.079 --> 01:46:18.220
जब से वर्गों की सेवा शुरू हुई है तब से लेके अब तक रिजल्ट निकालो

340
01:46:18.220 --> 01:46:30.850
कि हर एक वर्ग वालों के स्टूडेन्ट रेग्युलर कितने बने हैं !

341
01:46:31.819 --> 01:46:38.220
और कौन सी क्वालिटी वाले बने हैं ?

342
01:46:39.020 --> 01:46:51.600
क्योंकि काफी समय वर्ग की सेवा चली है और करते सभी प्यार से हैं ।

343
01:46:51.600 --> 01:47:00.449
क्योंकि चांस मिला है , अलग-अलग सेवा करने का ।

344
01:47:00.449 --> 01:47:09.079
इसीलिए अभी यह रिजल्ट निकालो ।

345
01:47:09.079 --> 01:47:13.649
कनेक्शन वाले कितने हैं ?

346
01:47:13.649 --> 01:47:18.970
रेग्युलर कितने हैं ?

347
01:47:18.970 --> 01:47:27.140
जो रेग्युलर होंगे उनका तो चार्ट अच्छा ही होगा ।

348
01:47:28.850 --> 01:47:40.850
तो हर एक वर्ग वाले यह रिजल्ट निकाले , कभी कभी आने वाले तो होते हैं ।

349
01:47:40.850 --> 01:47:54.680
कोई फंक्शन में आ गये , कोई प्रोग्राम में आ गये लेकिन बाप के बने कितने ?

350
01:47:55.710 --> 01:48:09.199
क्योंकि यह कार्य चलता ही रहता है तो रिजल्ट भी तो निकलनी चाहिए ।

351
01:48:11.199 --> 01:48:14.000
अच्छा है ।

352
01:48:14.000 --> 01:48:25.600
यह तीनों ही विंग बापदादा ने देखा है

353
01:48:25.600 --> 01:48:49.310
कि उमंग उत्साह से आपस में मीटिंग भी करते हैं बीच-बीच में उत्साह दिलाने के पत्र व्यवहार भी करते हैं

354
01:48:50.220 --> 01:49:11.479
और रिजल्ट तो होगी ही क्योंकि हर वारी हर वर्ष बापदादा भी डायरेक्शन देते रहते हैं

355
01:49:12.739 --> 01:49:22.340
तो अच्छा है सेवा का चांस लेते हैं ।

356
01:49:25.880 --> 01:49:29.649
सब सन्तुष्ट हैं ?

357
01:49:29.649 --> 01:49:35.479
तीनों के हेड हाथ उठाओ ।

358
01:49:40.909 --> 01:49:44.000
अच्छा ।

359
01:49:52.569 --> 01:50:08.000
तो आपके विंग में जो भी आते हैं , मीटिंग करते हैं , प्रोग्राम बनाते हैं ,

360
01:50:08.000 --> 01:50:23.369
आपस में मिलते रहते हैं तो सभी उमंग उत्साह में हैं ?

361
01:50:24.510 --> 01:50:46.680
जो प्लैन बनता है , मानो मीटिंग में प्रोग्राम बना लेकिन जो सभी ज़ोन हैं उसमें जो आपका प्लैन बना ,

362
01:50:46.680 --> 01:51:08.170
वह आपके विंग का मेम्बर उसी अपनी एरिया में प्रैक्टिकल में लाते हैं , यह समाचार आप लेते रहते हो ?

363
01:51:10.449 --> 01:51:29.310
क्योंकि विंग का बड़ा आफिस तो एक सेन्टर पर होता है लेकिन सेवा सारे जोन में होनी है ,

364
01:51:29.310 --> 01:51:48.279
सिर्फ एक दो में नहीं , जो मेम्बर हैं वह अपने स्थान में तो कराते होंगे लेकिन जिस सेन्टर के मेम्बर नहीं हैं

365
01:51:48.279 --> 01:52:03.020
वहाँ भी आपने जो प्लैन बनाया वह चला क्योंकि वर्ल्ड की बात है ना यह ।

366
01:52:03.020 --> 01:52:24.850
तो यह भी अटेन्शन रखो रिजल्ट मांगो , एक-एक सेन्टर ने प्रैक्टिकल में लाया और मुश्किल क्या है , नहीं लाया तो क्या मुश्किल है ?

367
01:52:24.850 --> 01:52:31.369
उसको विंग वाले सैलवेशन दें ।

368
01:52:31.369 --> 01:52:41.710
जैसे अभी प्रोग्राम किया , एक साथ किया तो उसका प्रभाव अलग होता है

369
01:52:41.710 --> 01:52:57.140
ऐसे एक ही प्रोग्राम विंग का सभी जगह चले तो वह नाम बाला हो जायेगा ।

370
01:52:59.140 --> 01:53:14.449
ऐसे रिपोर्ट लो और सभी शहरों में हर एक विंग का काम चलना चाहिए ।

371
01:53:16.449 --> 01:53:24.399
तभी तो नाम बाला होगा ना ।

372
01:53:28.619 --> 01:53:32.399
बाकी बापदादा खुश है ।

373
01:53:32.399 --> 01:53:41.020
मेहनत करते हैं , तीनों ही अपना-अपना नाम समझना ।

374
01:53:41.020 --> 01:53:49.369
काम कर रहे हैं लेकिन फैलाओ ।

375
01:53:51.079 --> 01:54:01.880
हर स्थान से ऐसा कोई नामीग्रामी निकले ।

376
01:54:01.880 --> 01:54:08.739
उसको उमंग दिलाना पड़ेगा ।

377
01:54:09.420 --> 01:54:12.449
ठीक है ना !

378
01:54:12.449 --> 01:54:16.850
अच्छा ।

379
01:54:22.220 --> 01:54:57.600
60 देशों से 650 डबल विदेशी भाई बहिनें आये हैं :- पहले फॉरेन का यूथ ग्रुप उठे ।

380
01:54:57.600 --> 01:55:02.739
अच्छा है ।

381
01:55:17.539 --> 01:55:31.079
फॉरेन में यूथ ग्रुप सेवा कर रहा है ।

382
01:55:31.079 --> 01:55:47.710
यह बापदादा ने समाचार भी सुना है और बापदादा को अच्छा लगा है

383
01:55:47.710 --> 01:56:08.850
कि ऐसे विशेष यूथ फॉरेनर्स तैयार हो जो एक दिन दिल्ली में सारे यूथ नहीं

384
01:56:08.850 --> 01:56:27.020
लेकिन थोड़े-थोड़े फॉरेन के थोड़े यहाँ के ऐसे ग्रुप बनाके दिल्ली में

385
01:56:27.020 --> 01:56:51.649
प्राइम मिनिस्टर या जो बड़े मिनिस्टर हैं उनसे मिलने जावें , वह प्रैक्टिकल देखें तो फॉरेन वाले भी यूथ बदल रहे हैं ।

386
01:56:51.649 --> 01:57:06.340
इन्डिया वाले भी बदल रहे हैं क्योंकि गवर्मेन्ट को अभी यूथ की प्रॉबलम ज्यादा है

387
01:57:06.340 --> 01:57:22.109
तो ऐसे समय पर अगर गवर्मेन्ट के पास प्रैक्टिकल देखे , एक्जैम्पुल देंखे

388
01:57:22.109 --> 01:57:43.770
तो वह समझेंगे और गवर्मेन्ट का जो विशेष वर्ग का मिनिस्टर है उस वर्ग वाले उनके पास खास जाके मिले

389
01:57:44.399 --> 01:58:04.800
तो वह समझे कि ऐसे दुःख और अशान्ति के वायुमण्डल में , एक तरफ दुःख अशान्ति दूसरे तरफ तमोगुणी वायब्रेशन ,

390
01:58:05.420 --> 01:58:24.569
दोनों के बीच यह यूथ परिवर्तन कर चल रहा है तो उनका संस्था के तरफ अटेन्शन जायेगा ।

391
01:58:26.569 --> 01:58:51.939
हर वर्ग अपने मुख्य जो मिनिस्टर हों, प्राइममिनिस्टर नहीं उसके वर्ग का मिनिस्टर, कम से कम उसके पास छोटा ग्रुप ही जाये जो समाचार सुनावे।

392
01:58:51.939 --> 01:59:07.250
सारे मिनिस्ट्री में यह पता पड़ जायेगा तो यह सब वर्गो की सेवा करते हैं ।

393
01:59:08.340 --> 01:59:10.850
अच्छा है ।

394
01:59:10.850 --> 01:59:22.680
बापदादा भी यूथ ग्रुप में परिवर्तन देख खुश होते हैं ।

395
01:59:24.680 --> 01:59:39.710
लेकिन ऐसे यूथ जायें जो स्वयं अपने से सन्तुष्ट हों ।

396
01:59:43.539 --> 01:59:49.079
प्रैक्टिकल लाइफ में हो ।

397
01:59:50.569 --> 02:00:14.680
भले कोई सुनाये नहीं सुनाये लेकिन बाप का नियम है कि एक्जैम्पुल वह बनें जो पहले खुद में सन्तुष्ट हो ।

398
02:00:17.939 --> 02:00:38.449
और यूथ प्रॉबलम अपनी हल करने के लिए जो भी निमित्त हैं उनकी मदद लें ।

399
02:00:38.449 --> 02:00:48.619
कुछ भी हो अपनी कमज़ोरी मिटाना ही है ।

400
02:00:49.250 --> 02:00:58.109
ऐसे यूथ वायबे्रशन फैला सकते हैं ।

401
02:00:59.250 --> 02:01:04.170
आवाज फैला सकते हैं ।

402
02:01:04.970 --> 02:01:25.020
जैसे जैसे आवाज फैलेगा वैसे वैसे इस कार्य का दुनिया में प्रभाव पड़ेगा ।

403
02:01:27.420 --> 02:01:45.199
तो ग्रुप वाले जो ग्रुप निमित्त बने हैं उनको बहुत अपनी सम्भाल करनी है , पूरा एक्जैम्पुल बनना है ।

404
02:01:47.600 --> 02:01:49.539
ठीक है ना ।

405
02:01:49.539 --> 02:01:52.449
सब यूथ ठीक हैं ।

406
02:01:52.449 --> 02:01:54.909
हाथ उठाओ ।

407
02:02:03.819 --> 02:02:15.250
तो बापदादा आप सभी को देखके बहुत-बहुत खुश है ।

408
02:02:16.739 --> 02:02:22.220
ऐसे एक्जैम्पुल बहुत कार्य करेंगे ।

409
02:02:24.220 --> 02:02:34.619
अभी तो आप जायेंगे फिर आपको खुद निमन्त्रण देंगे ।

410
02:02:40.739 --> 02:02:44.680
अच्छा है ।

411
02:02:44.680 --> 02:03:14.800
बढ़ रहे हो और बढ़ते चलो , बापदादा की यही सारे यूथ , इन्डिया के यूथ या फॉरेन के यूथ दोनों में बहुत बहुत शुभ आशायें हैं ।

412
02:03:16.800 --> 02:03:25.710
बधाई भी है और आशायें भी हैं ।

413
02:03:26.220 --> 02:03:31.880
अच्छा ।

414
02:03:48.279 --> 02:04:22.399
डबल विदेशी छोटे बच्चे :- यह एक ही ग्रुप है बच्चों का ।

415
02:04:22.399 --> 02:05:48.050
( बच्चों ने गीत गाया - छोटे-छोटे फूल हैं हम और किसी से नहीं हैं कम ) सभी बच्चे फूल बनकर ही रहते हो ना ।

416
02:05:51.880 --> 02:05:58.739
जो बाप की श्रीमत है उस पर चलते हो ?

417
02:05:58.739 --> 02:06:07.250
जो चलता है वह हाथ उठाओ ।

418
02:06:09.250 --> 02:06:13.819
अच्छा ।

419
02:06:16.850 --> 02:06:29.770
अच्छा है लक्की बच्चे हो जो छोटेपन में ही बाप का मिलन हो गया ।

420
02:06:34.000 --> 02:06:42.909
और सभी आपको देख खुश हो रहे हैं ।

421
02:06:43.600 --> 02:07:01.880
ऐसा भी दिन आयेगा जो बड़े बड़े लोग , बड़ी बड़ी कम्पन्नी वाले आप बच्चों को बुलायेंगे ,

422
02:07:03.880 --> 02:07:25.310
ऐसे तकदीरवान बच्चे कौन हैं जो ऐसे बने हैं इसीलिए हर बच्चा अपनी धारणायें पक्की रखना ।

423
02:07:25.880 --> 02:07:44.510
कभी भी कोई धारणा भूलना नहीं क्योंकि आप बापदादा और लौकिक बाप तीन के बच्चे हो ।

424
02:07:45.539 --> 02:07:49.939
तो कमाल दिखायेंगे ना ।

425
02:07:50.510 --> 02:07:59.600
तो सभी बहुत अच्छी कमाल करके दिखाना ।

426
02:07:59.600 --> 02:08:04.850
अच्छा ।

427
02:08:11.600 --> 02:09:08.850
सभी डबल विदेशी भाई बहिनों से :- अच्छा , सिन्धी ग्रुप भी आया है , बहुत अच्छा ।

428
02:09:12.000 --> 02:09:16.340
प्यार है ना बाबा से ।

429
02:09:16.340 --> 02:09:21.250
बाप से प्यार है ना बहुत ।

430
02:09:22.340 --> 02:09:27.939
बाप भी याद करते हैं क्यों ?

431
02:09:27.939 --> 02:09:31.250
क्यों याद करते हैं ?

432
02:09:31.250 --> 02:09:35.819
सिन्ध में ही बाप आया ना !

433
02:09:36.510 --> 02:09:46.279
तो जिस देश में आया वहाँ की सौगात तो होनी चाहिए ना ।

434
02:09:48.279 --> 02:10:16.970
इसीलिए बाप कहते हैं कि सिन्धी ग्रुप ऐसा कोई कार्य करके दिखावे जो अनेक सिन्धी आत्माओं की सेवा के निमित्त बनें ।

435
02:10:22.739 --> 02:10:48.619
बापदादा को अच्छा लगता है कि हर सीजन में फॉरेनर्स मधुबन के श्रृंगार बनते हैं ।

436
02:10:49.199 --> 02:11:07.250
अच्छा उमंग उत्साह है , 60 देशों से आये हैं तो इतनी सेवा है ना ।

437
02:11:15.250 --> 02:11:30.340
और जो भी जिस देश में हैं वहाँ सेवा के बिना तो रह नहीं सकते ।

438
02:11:31.600 --> 02:11:38.909
जो भी मिलता होगा उसको क्या सुनायेंगे ?

439
02:11:38.909 --> 02:11:54.340
और बातों में तो जायेंगे नहीं तो इतने देशों में सेवा हो रही है ना ।

440
02:11:57.199 --> 02:12:15.140
अभी तो औरों को सन्देश देने के लिए फॉरेनर्स के अच्छे-अच्छे ग्रुप बन गये हैं ।

441
02:12:15.140 --> 02:12:20.000
भिन्न भिन्न कोर्स भी कराते हैं ।

442
02:12:22.000 --> 02:12:54.399
तो बापदादा ने देखा जैसे भारत वाले सेवा फैला रहे हैं ऐसे फॉरेनर्स भी सेवा फैलाते रहेंगे तो सारे विश्व में बाप का सन्देश तो पहुंच जायेगा ।

443
02:12:56.399 --> 02:13:24.619
फॉरेन वाले भी अपनी अपनी एरिया में कोशिश कर रहे हैं , किया भी है तो आस पास में कोई न कोई प्रोग्राम बनाके भी सन्देश दे दो ।

444
02:13:25.710 --> 02:13:51.479
तो बापदादा को अच्छा लगता है जो सेवा में भिन्न - भिन्न प्रोग्राम करते रहते हैं , सन्देश देते रहते हैं वह हाथ उठाओ ।

445
02:13:52.000 --> 02:14:01.600
सेवा करते रहते हैं , करते हैं ना !

446
02:14:01.600 --> 02:14:04.680
क्यों ?

447
02:14:04.680 --> 02:14:17.199
बाप कहते हैं मेरा एक-एक बच्चा पैगाम देने वाला पैगम्बर है ।

448
02:14:17.199 --> 02:14:20.850
पैगाम तो देते हो ना !

449
02:14:21.250 --> 02:14:29.770
तो हर बच्चा पैगम्बर है , पैगाम देने वाला है ।

450
02:14:30.170 --> 02:14:36.909
किसी से भी मिलेंगे तो क्या बात करेंगे ?

451
02:14:36.909 --> 02:14:42.569
कम से कम अनुभव तो जरूर सुनायेंगे ना ।

452
02:14:43.369 --> 02:14:49.310
तो सन्देश तो दिया ना !

453
02:14:53.770 --> 02:14:59.939
तो बापदादा को भी अच्छा लगता है ।

454
02:15:06.340 --> 02:15:21.369
और फॉरेनर्स को बापदादा खास क्यों याद करता है ?

455
02:15:24.050 --> 02:15:45.020
करते तो सभी बच्चों को हैं लेकिन फॉरेनर्स को खास भी याद करता है क्यों याद करता ?

456
02:15:45.020 --> 02:16:19.079
कि यही एक ब्रह्माकुमारियों की स्टेज है जहाँ एक ही स्टेज पर सब भिन्न-भिन्न धर्म वाले , भिन्न-भिन्न डे्रस वाले , एक ही डे्रस वाले बन स्टेज पर बैठते हैं ।

457
02:16:19.079 --> 02:16:23.819
अभी आप किस ड्रेस में बैठते हैं ?

458
02:16:23.819 --> 02:16:47.020
सफेद ड्रेस में बैठते हैं , तो धर्म मुस्लिम भी क्रिश्चियन भी , बौद्धी भी सब एक स्टेज पर बैठते हैं और एक परिवार के बन गये ।

459
02:16:49.020 --> 02:16:57.139
यह विशेषता बहुत अच्छी है ।

460
02:17:09.770 --> 02:17:14.340
सभी सेवा करते हो ना !

461
02:17:21.370 --> 02:17:48.000
अभी नया वर्ष आ रहा है ना तो नया वर्ष का फायदा उठाना , अपने अपने कनेक्शन वालों को यह बात सुनाना , गिफ्ट देना , कहना कि हमारी गिफ्ट न्यारी है ।

462
02:17:48.000 --> 02:18:14.219
हर एक सम्बन्धी को , कनेक्शन वाले को मुबारक देने जाना और गिफ्ट देना कोई न कोई गुण या शक्ति की , कहना हम आपको सबसे न्यारी गिफ्ट देने आये हैं ।

463
02:18:14.219 --> 02:18:32.450
इस गिफ्ट से आपका वर्तमान और भविष्य बहुत अच्छा बन जायेगा उनको ऐसी अच्छी अच्छी बातें सुनाना ।

464
02:18:32.450 --> 02:18:40.510
क्योंकि नया वर्ष एक चांस है सेवा करने का ।

465
02:18:45.479 --> 02:18:56.399
अच्छा बापदादा खुश है , फॉरेन सेवा पर खुश है ।

466
02:18:56.399 --> 02:19:00.680
संगठन भी अच्छा करते हैं ।

467
02:19:00.680 --> 02:19:04.799
अभी और आगे बढ़ते जाना ।

468
02:19:04.799 --> 02:19:11.649
हर कार्य में आगे से आगे बढ़ते रहना ।

469
02:19:12.280 --> 02:19:16.909
अच्छा ।

470
02:19:48.569 --> 02:20:03.139
पीछे बैठने वाले उठो ।

471
02:20:13.420 --> 02:20:41.540
पीछे बैठने वालों को बापदादा वरदान देते हैं मधुबन में मेले में आये हो ना ।

472
02:20:42.399 --> 02:20:55.139
तो मधुबन के मेले में जो भी आये हैं , पीछे बैठने को मिला है

473
02:20:55.139 --> 02:21:14.219
तो ऐसे नहीं समझना कि हम पीछे वाले हैं , जो पीछे बैठे हैं ना वह बाप के दिल में हैं ।

474
02:21:29.420 --> 02:21:56.969
( आने वाले 22 हजार से ऊपर हैं , टोटल 25 हजार का ग्रुप है , बाहर सब जगह बैठे हैं ) भले आये , मौसम को नहीं देखा , जगह को नहीं देखा , सर्दी को नहीं देखा , टेन्ट में भी सोये हैं ।

475
02:21:56.969 --> 02:22:21.309
जो टेन्ट में सोये हैं ना , बापदादा सभी टेन्ट में खास चक्र लगाने आया था ।

476
02:22:23.309 --> 02:22:35.200
पीछे बैठे हुए को बापदादा अपने दिल में समाते हैं ।

477
02:22:39.600 --> 02:23:13.309
इसलिए बापदादा का जो भी जहाँ बैठे हैं वहाँ उन्हों को बापदादा सामने नयनों में समाकर यादप्यार भी दे रहे हैं , मुबारक भी दे रहे हैं ।

478
02:23:15.940 --> 02:23:31.770
अभी तो दिनप्रतिदिन अपना ब्राह्मण परिवार बढ़ना ही है ।

479
02:23:33.770 --> 02:23:54.340
तो बापदादा भी परिवार को देख खुश होते हैं , वाह ईश्वरीय परमात्म परिवार वाह !

480
02:23:55.770 --> 02:24:00.280
अच्छा ।

481
02:24:13.649 --> 02:24:18.049
आज 12 बजे तक बैठना है ।

482
02:24:26.799 --> 02:24:32.569
साथ बैठने का चांस है ।

483
02:24:41.309 --> 02:25:24.569
अभी चारों ओर के देश विदेश के हर एक बाप के प्यारे , बाप के लाडले , बाप के सिकीलधे बच्चों को विदाई और बधाई ।

484
02:25:26.569 --> 02:25:59.479
और बापदादा ने सुनाया कि पुराने वर्ष के साथ पुराने संस्कार को भी विदाई देने वाले , स्वभाव को भी विदाई देने वाले महावीर बच्चे ,

485
02:26:00.510 --> 02:26:24.219
हर कदम में पदमों की कमाई करने वाले बापदादा जो सदा स्वमान देते हैं ,

486
02:26:24.219 --> 02:26:49.819
उस स्वमान की स्थिति में रह अनुभव करने वाले , हर एक बच्चे को बापदादा ऐसे रूप में देखते

487
02:26:49.819 --> 02:27:22.110
कि यह एक एक बच्चा 21 जन्म के वर्से के अधिकारी , सारे कल्प में 21 जन्म के अधिकारी बनने का वर्सा आप बच्चों को ही मिलता है ।

488
02:27:22.680 --> 02:27:56.620
तो ऐसे श्रेष्ठ अधिकारी चारों ओर के बच्चों को बापदादा , बाप शिक्षक और गुरू के रूप से तीनों ही रूपों से यादप्यार और नमस्ते दे रहा है ।

489
02:28:19.600 --> 02:29:37.250
दादी रूकमणी से :- अच्छा है शरीर को चलाना आता है ।

490
02:29:46.450 --> 02:29:55.020
मन की जवानी है , मन जवान है ।

491
02:30:02.450 --> 02:30:06.850
अच्छा है ।

492
02:30:11.309 --> 02:30:19.709
लेकिन सेवा की साथी तो बनकर रही है ना ।

493
02:30:21.079 --> 02:30:24.969
अच्छा ।

494
02:31:34.620 --> 02:31:41.200
परदादी से :- अच्छा है इसको भी चलना अच्छा आता है ।

495
02:31:41.200 --> 02:31:49.819
चलाने वाले भी अच्छे हैं चलना भी अच्छा आता है ।

496
02:35:07.600 --> 02:35:13.770
तीनों भाईयों से :- नये वर्ष में कुछ नया करके दिखायेंगे ना ।

497
02:35:17.309 --> 02:36:49.370
(नये वर्ष में क्या नवीनता करना है?) एक तो परिवार को अपनी स्थिति में पावरफुल बनाने के प्लैन और दूसरा सेवा में नये नये प्रकार के, जैसे फंक्शन किया, यह भी एक तरीका हुआ लेकिन अभी दूसरे प्रकार से कोई ग्रुप-ग्रुप को उन्हों का बड़ा संगठन करके जैसे वकील है, जज है, उनके ग्रुप को अलग सारे ज़ोन को इकठ्ठा करे एक बड़े स्थान पर और हों अलग-अलग वर्ग के लेकिन ज़ोन वाइज हर वर्ग के इकठ्ठे हो।

498
02:36:49.370 --> 02:37:12.510
ऐसा बड़ा संगठन , भले टेंट लगाओ बड़े स्थान पर लेकिन ऐसा-ऐसा एक एक ग्रुप की रिजल्ट निकालो और उनका कनेक्शन जोड़ो कि इसके बाद आपको क्या करना है ।

499
02:37:12.510 --> 02:37:27.200
भाषण सुनकर चले जावें नहीं , लेकिन भाषण के बाद आप जितने भी चाहें यह यह कर सकते हो

500
02:37:27.200 --> 02:37:42.969
और उनका प्रोग्राम बनाओ कि कनेक्शन में रहें , फोन द्वारा कनेक्शन रखें , लिखापढ़ी द्वारा रखें , कनेक्शन उसका बढ़ता जाए ।

501
02:37:42.969 --> 02:37:50.569
एक एक प्रोग्राम बड़े-बड़े स्थान पर हो ।

502
02:37:50.569 --> 02:37:56.170
कहाँ वकीलों का रखो , कहाँ नेताओं का रखो ।

503
02:37:56.170 --> 02:38:14.799
ऐसे बड़े-बड़े स्थान पर ग्रुप को नजदीक लाओ , मिक्स ग्रुप भी हो ।

504
02:38:14.799 --> 02:38:25.709
दोनों प्रकार का कर सकते हो , एक वर्ग का ग्रुप होता है तो सबका अटेन्शन जाता है ।

505
02:38:25.709 --> 02:38:34.620
मिक्स करने से अटेन्शन कम जाता है ।

506
02:38:37.649 --> 02:38:40.569
दोनों करके देखो ।

507
02:38:40.569 --> 02:38:56.510
एक जगह वह करो , एक जगह वह करो दोनों की रिजल्ट देखो फिर आगे का प्रोग्राम बनाओ ।

508
02:41:58.450 --> 02:42:13.770
ओमेक्स कम्पन्नी के चेयरमैन भ्राता रोहतास गोयल तथा उनके परिवार से :- जैसे बिल्डिंग का काम सफल हो रहा है ना , ऐसे यह सेवा का काम भी सफल करना ।

509
02:42:13.770 --> 02:42:19.370
जहाँ भी जाओ वहाँ सन्देश दे दो ।

510
02:42:19.370 --> 02:42:25.879
जाना तो है ही तो सन्देश तो दे सकते हो ।

511
02:42:25.879 --> 02:42:33.309
सेन्टर्स की बहनें कोर्स करावे लेकिन आप सन्देश दो ।

512
02:42:33.309 --> 02:42:39.309
तो आपको जो अनुभव हुआ है , वो अनुभव सुनाओ ।

513
02:42:39.309 --> 02:42:47.479
आप कनेक्शन रखो और दूसरों का कनेक्शन जुडवाओ ।

514
02:42:56.340 --> 02:42:58.280
अच्छा है ।

515
02:42:58.280 --> 02:43:07.139
सभी मिलके सन्देश वाहक बनो , जायेंगे सेन्टर पर ।

516
02:43:07.139 --> 02:43:15.770
एड्रेस दो , फोन पर कनेक्शन रखो बस ।

517
02:43:16.909 --> 02:43:22.909
पैगम्बर बनो , पैगाम दो ।

518
02:43:28.219 --> 02:43:30.340
सभी अच्छे हैं ।

519
02:43:30.340 --> 02:43:34.569
सभी सेवा कर सकते हैं ।

520
02:43:44.969 --> 02:43:56.969
सभी अच्छे हैं , उमंग उत्साह में हैं उन्हों को सन्देश देकर उमंग दिलाओ ।

521
02:43:56.969 --> 02:44:04.620
दुःखी हैं उन्हों को सुख का सन्देश दो ।

522
02:44:06.620 --> 02:44:17.079
देखो , यह आयु में भी अनुभवी है तो बहुत सेवा कर सकते हैं ।

523
03:44:02.850 --> 03:44:17.940
2009 की विदाई 2010 की बधाई - रात्रि 12 बजे के बाद:-

524
03:44:17.940 --> 03:45:00.000
सभी ने हैपी न्यु ईयर कहा, लेकिन हम आप सभी के लिए सदा हैपी है, आज की दुनिया के हिसाब से हैपी न्यु ईयर किया लेकिन संगमयुग का हर दिन हमारा उत्सव है।

525
03:45:00.000 --> 03:45:09.020
सदा उत्सव रहता है क्योंकि उत्साह रहता है ।

526
03:45:09.770 --> 03:45:19.479
संगमयुग का हैपी संगमयुग है ।

527
03:45:19.479 --> 03:45:39.250
तो आप सभी को बहुत-बहुत-बहुत परिवर्तन की मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

528
03:45:44.739 --> 03:45:54.510
जैसे नया वर्ष है वैसे नये संस्कार ,

529
03:45:54.510 --> 03:46:16.510
पुराने संस्कार को विदाई और नये संस्कार का आगमन इसीलिए सदा ही हर्षित है और सदा ही हर्षित रहेंगे ,

530
03:46:16.510 --> 03:46:47.370
हमारे लिए आपके लिए हर वर्ष कल्याणकारी है , आगे बढ़ने बढ़ाने वाला है इसलिए सदा हैपी , हैपी , हैपी ।

