WEBVTT

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00:19:29.200 --> 00:20:07.309
आज सभी बच्चे सम्मुख बैठे हुए और देश विदेश में बैठे हुए

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चारों ओर के बच्चे बहुत खुशी से बाप का और अपना जन्म दिन मनाने की अनेकानेक बधाईयां , मुबारकें दे रहे हैं ।

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00:21:15.140 --> 00:22:14.799
आप सम्मुख बैठे हो और दूर-दूर से साइंस के साधनों द्वारा सभी बच्चे खुशी-खुशी से दिल की मुबारकें दे रहे हैं ।

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00:22:23.880 --> 00:23:00.049
आप सभी जो भी यहाँ आये हैं वह बाप का जन्म दिन मनाने आये हैं वा अपना भी मनाने आये हैं ?

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00:23:05.880 --> 00:23:19.710
क्योंकि यह जयन्ती विचित्र जयन्ती है ।

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00:23:23.079 --> 00:23:28.680
क्यों विचित्र है ?

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00:23:30.680 --> 00:23:39.539
बाप और बच्चों की साथ-साथ है ।

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00:23:41.539 --> 00:24:02.569
सारे कल्प में ऐसी जयन्ती होती ही नहीं है ।

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00:24:07.940 --> 00:24:17.480
सारे कल्प में चक्र लगाके आओ ।

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00:24:25.650 --> 00:24:31.480
विचित्र जयन्ती है ।

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00:24:37.140 --> 00:24:50.339
तो बापदादा सभी बच्चों से पूछ रहे हैं

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00:24:51.650 --> 00:25:20.000
कि आप सभी बाप को बधाईयां देने आये हो वा बाप से बधाईयां लेने आये हो ?

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बापदादा अकेला कुछ नहीं करता क्योंकि जन्म लेते यज्ञ रचा ।

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00:26:20.849 --> 00:26:43.250
तो यज्ञ में ब्राह्मण चाहिए तो आपका भी जन्म बाप के साथ हुआ ।

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00:26:48.799 --> 00:27:22.339
इसका यादगार भक्ति में भी शिवरात्रि मनाते हैं तो साथ में सालिग्रामों की भी पूजा होती है ।

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अनेकानेक सालिग्रामों को पूजते हैं ।

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तो यह जयन्ती वन्डरफुल जयन्ती है इसलिए इस जयन्ती को हीरे तुल्य जयन्ती कहा जाता है ।

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00:28:25.940 --> 00:29:27.420
तो बापदादा सभी साथी बच्चों को पदम पदमगुणा बांहों के हार के बीच पदम पदमगुणा मुबारक दे रहे हैं ।

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00:29:40.849 --> 00:30:07.140
यह भी बाप और बच्चों की अति दिल के प्यार की निशानी है ।

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00:30:10.109 --> 00:30:37.880
बापदादा का बच्चों से वायदा है कि साथ रहेंगे , साथ चलेंगे ।

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00:30:41.880 --> 00:31:00.279
तो बोलो बच्चों का भी बाप से वायदा है ना !

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कि संगम पर साथ है , साथ-साथ रहना भी है , विश्व सेवा भी साथ में है ।

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00:31:40.220 --> 00:31:52.509
रहना भी है साथ में , उड़ना भी है तो साथ में ।

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00:31:55.480 --> 00:32:39.480
तो बोलो , आपका भी वायदा है ना कि साथ रहेंगे , साथ चलेंगे और ब्रह्मा बाप के साथ विश्व पर राज्य करेंगे ।

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वायदा है ?

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00:32:47.710 --> 00:32:51.710
पक्का वायदा है ?

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00:32:55.539 --> 00:33:07.710
यही विशेषता इस शिव जयन्ती की है ।

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00:33:12.740 --> 00:34:09.199
बापदादा ने अमृतवेले से देखा कि भिन्न-भिन्न स्थान के बच्चे बहुत ही खुशी से मुबारक , बधाईयां भेज रहे थे ।

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00:34:16.050 --> 00:34:36.619
आप तो अभी सम्मुख बधाईयां दे भी रहे हो और ले भी रहे हो ।

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00:34:37.650 --> 00:34:47.880
देना और लेना साथ में है ।

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कितने भाग्यवान भगवान के बच्चे हैं जो सम्मुख बर्थ डे मना रहे हैं ।

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00:35:34.050 --> 00:36:00.400
सभी के चेहरे खुशनुमः खुशी में उड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं ।

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00:36:04.739 --> 00:36:25.019
एक तरफ बापदादा बच्चों के भाग्य को देख रहे हैं

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00:36:25.019 --> 00:36:39.019
और दूसरे तरफ भक्तों को भी देख रहे हैं ।

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00:36:44.570 --> 00:37:12.050
वह अभी तक पुकार रहे हैं आओ और आप साथ में मना रहे हो ।

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बापदादा ने देखा भक्तों की अनुभूति भी कोई कम नहीं है ।

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00:37:54.000 --> 00:38:37.309
जो प्रैक्टिकल में आप कर रहे हो उसको यादगार रूप में कितनी अच्छी विधि से यादगार मनाया है ।

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00:38:45.369 --> 00:39:14.340
आपने व्रत लिया तो उन्होंने भी व्रत का यादगार बनाया है ।

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00:39:19.539 --> 00:39:47.880
वह एक दिन या थोड़े समय के लिए व्रत रखते हैं लेकिन आपने कौन सा व्रत रखा है ?

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00:39:48.170 --> 00:40:15.019
सभी ने बाप के आगे व्रत रखने का वचन लिया है ना !

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आपने बाप से खुशी-खुशी व्रत लिया है

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00:40:37.079 --> 00:41:14.340
कि बाबा हम इस पूरे जन्म के लिए , ब्राह्मण जन्म के लिए व्रत धारण करेंगे , व्रत धारण किया है ना !

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00:41:14.340 --> 00:41:18.050
कौन सा ?

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पवित्रता का ।

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एक जन्म का व्रत लिया है लेकिन एक जन्म पवित्रता का व्रत 21 जन्म चलेगा ।

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00:42:09.019 --> 00:42:31.480
वह थोड़े समय के लिए खाने पीने और जागरण का कार्य करते हैं ।

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00:42:31.940 --> 00:43:14.570
लेकिन आप अभी के एक जन्म के जागरण से अर्थात् अंधकार से रोशनी में आ गये और यह जागरण भी आपका 21 जन्म चलेगा ।

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00:43:17.079 --> 00:43:46.909
सारे विश्व में ऐसा जागरण किया है जो विश्व में आपके जागरण से विश्व जागती ज्योति रहेगी ।

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00:43:46.909 --> 00:43:57.420
कोई भी दुःख अशान्ति का अंधकार नहीं रहेगा ।

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तो बोलो , आपने सारे विश्व को अंधकार से रोशनी में लाया है ,

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00:44:35.199 --> 00:44:52.679
यह बेहद का व्रत अच्छा लगता है ?

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00:44:52.679 --> 00:44:56.679
मेहनत तो नहीं लगती ?

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00:44:56.679 --> 00:45:03.309
सहज है वा मुश्किल है ?

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00:45:04.000 --> 00:45:07.650
सहज लगता है !

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00:45:07.650 --> 00:45:14.170
जिसको सहज लगता है वह हाथ उठाओ ।

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00:45:17.199 --> 00:45:22.340
कभी-कभी मुश्किल नहीं लगता ?

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00:45:23.940 --> 00:45:27.019
कभी लगता है ?

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00:45:27.019 --> 00:45:30.849
नहीं ।

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00:45:39.650 --> 00:46:03.309
क्योंकि आप जानते हो कि पवित्रता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है

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00:46:11.710 --> 00:46:52.000
इसलिए पवित्रता सिर्फ ब्रह्मचर्य नहीं लेकिन मन-वाणी-कर्म , सम्बन्ध-सम्पर्क में भी पवित्रता ।

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00:47:00.170 --> 00:47:21.880
पवित्रता के संस्कार सहज धारण करने वाले हो ।

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00:47:32.800 --> 00:47:44.679
तो पवित्रता का तो संकल्प किया है

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00:47:45.769 --> 00:48:18.000
लेकिन अभी समय अनुसार बापदादा समय की वार्निंग तो दे रहे हैं ,

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तो जैसे पवित्रता का व्रत हिम्मत रख अपना स्वधर्म समझ धारण किया है

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वैसे जो दूसरा भूत है क्रोध , तो आज बापदादा यह पूछते हैं

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00:49:15.019 --> 00:49:31.820
कि एक महाभूत को तो व्रत लेकर वृत्ति बदली

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00:49:32.340 --> 00:50:06.280
लेकिन दूसरा जो भूत है क्रोध का , क्या क्रोध के भूत पर विजय प्राप्त करना

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00:50:07.710 --> 00:50:22.280
यह भी संकल्प किया है या दूसरा विकार है इसीलिए छूट है ?

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00:50:27.599 --> 00:50:47.369
क्योंकि क्रोध सबके कनेक्शन में आता है

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00:50:54.679 --> 00:51:09.650
तो आज के दिन , जब भी जन्मदिन मनाते हैं

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00:51:15.369 --> 00:51:27.250
तो एक-दो को गिफ्ट भी देते हैं

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00:51:30.849 --> 00:52:25.199
तो आज बापदादा यह चाहते हैं कि जैसे हिम्मत और बाप की मदद से पहले नम्बर पर मैजारिटी जीत प्राप्त कर चल रहे हैं

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00:52:26.739 --> 00:52:45.769
क्या ऐसे ही क्रोध पर भी जीत हो सकती है ?

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00:52:52.050 --> 00:53:26.739
क्योंकि कोई भी भूत परेशान तो करते हैं और क्रोध का भूत दूसरों के कनेक्शन में आता है ।

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00:53:26.739 --> 00:53:31.820
सम्पर्क में आता है ।

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00:53:32.849 --> 00:54:00.050
अपने मन में भी जब क्रोध आता है तो खुद भी क्रोध से लाचार होते हैं ।

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00:54:07.650 --> 00:54:56.849
तो बाप का बर्थ डे मनाने आये हो तो आज बापदादा चाहे भारत वा फॉरेन वाले सभी बच्चों से क्रोध की गिफ्ट लेने चाहते हैं ।

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00:55:06.570 --> 00:55:10.000
हो सकता है ?

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00:55:10.000 --> 00:55:14.969
हो सकता है ?

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00:55:15.650 --> 00:55:39.710
जो समझते हैं कि आज के दिन बाप को गिफ्ट में दे सकते हैं ,

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00:55:40.280 --> 00:56:36.050
मन में भी नहीं , स्वप्न में भी नहीं , ऐसा अपने को संकल्प रख हिम्मत से आगे बढ़ने की शक्ति है !

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00:56:36.679 --> 00:56:40.280
है ?

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00:56:42.800 --> 00:57:03.250
जो बाप को हिम्मत से संकल्प कर सकते हैं , करेंगे और बाप से गिफ्ट लेंगे ।

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00:57:03.650 --> 00:57:09.710
गिफ्ट में दो और गिफ्ट लो ।

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00:57:14.679 --> 00:57:32.000
अगर क्रोध पर जीत हो गई तो औरों पर भी करने की हिम्मत आयेगी ।

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00:57:41.650 --> 00:58:05.019
तो कौन समझता है कि हम यह गिफ्ट देकर और बाप से गिफ्ट लेंगे ?

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00:58:05.019 --> 00:58:08.280
वह हाथ उठाओ ।

88
00:58:21.769 --> 00:58:29.650
अच्छा , झण्डा हिला रहे हैं ।

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00:58:33.019 --> 00:58:39.769
कुमारियां भी , देखना ।

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00:58:43.880 --> 00:58:59.599
बापदादा को बच्चों की हिम्मत देख बहुत अच्छा लग रहा है ।

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00:58:59.599 --> 00:59:05.769
आप सीन देख रहे हो ना !

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00:59:08.219 --> 00:59:12.969
फोटो निकालो फिर हाथ उठाओ ।

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00:59:12.969 --> 00:59:19.710
हाँ फोटो निकालो सभी का ।

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00:59:34.400 --> 01:00:18.219
बापदादा इस हिम्मत पर आपको रोज़ अमृतवेले जब मिलन मनाते हो

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01:00:19.139 --> 01:00:47.599
उस समय विशेष अनुभवी आत्मा सहज बनने की बधाई देंगे ।

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01:00:55.710 --> 01:01:14.570
क्योंकि इतने सब रहते अपने-अपने स्थान पर रहते भी जब लोग देखेंगे

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01:01:14.570 --> 01:01:34.800
कि यह इतने रहते हैं , इकट्ठे रहते हैं , प्रवृत्ति सम्भालते हैं , घरबार छोड़के नहीं गये हैं ,

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01:01:35.710 --> 01:01:48.849
लेकिन पवित्र प्रवृत्ति बनाई है तो क्या हो जायेगा ?

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01:01:48.849 --> 01:01:59.309
जो आप सबके अन्दर शुभ भावना है

100
01:02:02.909 --> 01:02:25.599
कि आत्माओं की क्यु लग जाए वह क्यु आपको दिखाई देगी ।

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01:02:25.599 --> 01:02:34.449
क्योंकि क्रोध प्रत्यक्ष दिखाई देता है ।

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01:02:34.849 --> 01:02:48.739
जब प्रैक्टिकल देखेंगे कि यह तो सिर्फ पवित्रता कहते नहीं

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01:02:48.739 --> 01:03:04.449
लेकिन पवित्र रह करके दिखाते हैं , प्रत्यक्षता चाहते हो

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01:03:05.309 --> 01:03:29.079
तो यह प्रत्यक्ष प्रमाण है इससे सभी आकर्षित होके स्वतः ही आयेंगे ।

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01:03:43.880 --> 01:03:50.679
लेकिन सुनायें ?

106
01:03:50.679 --> 01:03:56.280
आगे सुनायें ?

107
01:03:59.539 --> 01:04:19.599
क्रोध आने का कारण मैजारिटी देखा गया है

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01:04:25.420 --> 01:04:54.000
कि कहाँ न कहाँ ईर्ष्या और साथ में कुछ भी देख करके चलते हुए

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01:04:54.000 --> 01:05:10.739
वेस्ट थॉट्स का बीज भी क्रोध को लाता है

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01:05:17.369 --> 01:05:40.050
क्योंकि वेस्ट थॉट्स है बीज , इस बीज से क्रोध भी उत्पन्न होता है

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01:05:40.800 --> 01:06:14.739
और इसका एक शब्द निमित्त बनता है , उस एक शब्द के बीज को अगर खत्म किया तो सहज हो जायेगा ।

112
01:06:15.940 --> 01:06:28.170
वह एक शब्द है क्यों , यह क्यों ?

113
01:06:28.170 --> 01:06:38.340
यह क्यों हुआ ? यह क्यों किया ? यह क्यों करते हैं ?

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01:06:38.909 --> 01:06:47.309
इस क्यों शब्द का बड़ी क्यू है ।

115
01:06:51.369 --> 01:07:05.019
और देखो क्यू अक्षर इंगलिश में लिखो तो कितना मुश्किल लिखा जाता है ।

116
01:07:08.909 --> 01:07:22.000
और ए लिखो , कितना सहज है ।

117
01:07:24.000 --> 01:07:49.420
तो बापदादा आज यही चाहते हैं कि इस क्यों शब्द का क्यु खत्म करो ।

118
01:07:54.849 --> 01:08:07.940
तो जो आप सबकी आश है कि अभी जल्दी-जल्दी बाप की प्रत्यक्षता हो ,

119
01:08:07.940 --> 01:08:29.880
हर एक की दिल में बाप के स्नेह का फ्लैग , झण्डा लहरावे

120
01:08:29.880 --> 01:08:45.649
और दिल गीत गाये , दिल में गीत गाये हमारा बाबा आ गया ।

121
01:08:45.649 --> 01:08:51.939
मीठा बाबा आ गया ।

122
01:08:51.939 --> 01:08:56.970
यही चाहते हो ना !

123
01:08:57.369 --> 01:09:09.649
कि जल्दी जल्दी प्रत्यक्षता का झण्डा सबके दिल में लहराये ।

124
01:09:15.310 --> 01:09:31.600
तो इसका कारण क्यों , क्या , कैसे होगा ,

125
01:09:31.600 --> 01:09:47.479
यह कै-कै की भाषा खत्म करके कै बोलना है तो कमाल बोलो ।

126
01:09:48.279 --> 01:09:53.710
कै-कै नहीं करो ।

127
01:09:56.619 --> 01:10:16.680
जब बापदादा ने बच्चों का बोर्डिंग खोला , पाकिस्तान की बात है , आदि में

128
01:10:16.970 --> 01:10:36.850
तो जगत अम्बा बच्चों को यही कहती थी तो कै-कै की भाषा नहीं करो ।

129
01:10:36.850 --> 01:10:43.539
कै-कै ज्यादा कौन करता है ?

130
01:10:48.399 --> 01:10:52.279
वह अच्छा लगता है ?

131
01:10:54.279 --> 01:11:02.619
तो अभी क्यों क्यों की क्यु नहीं लगाओ ।

132
01:11:09.199 --> 01:11:29.020
हाँ जी , अच्छा जी , बहुत अच्छा , हम मिलके करेंगे , उड़ेंगे ऐसे बोल बोलो ।

133
01:11:35.710 --> 01:11:42.340
हो सकता है भाषा परिवर्तन ?

134
01:11:44.970 --> 01:11:54.909
कै-कै नहीं , यह क्यु छोड़ दो तो वह क्यु लगेगी ।

135
01:11:57.880 --> 01:12:17.250
तो सभी ने बापदादा को , क्योंकि शिव के ऊपर अक के फूल ही चढ़ते हैं

136
01:12:20.170 --> 01:12:55.819
तो आज शिवरात्रि मना रहे हो , शिव का जन्म दिन मना रहे हो तो यह क्रोध का अक का फूल बापदादा को अर्पण कर दो तो आप दर्पण बन जायेंगे ।

137
01:12:58.680 --> 01:13:01.479
पसन्द है ना !

138
01:13:01.479 --> 01:13:03.819
पसन्द है ?

139
01:13:03.819 --> 01:13:05.819
अच्छा ।

140
01:13:06.449 --> 01:13:31.710
तो अभी होली पर बापदादा आयेंगे , उसमें रिजल्ट लेंगे ।

141
01:13:35.600 --> 01:13:39.079
थक नहीं जाना ।

142
01:13:39.079 --> 01:13:52.340
हुआ नहीं , निश्चयबुद्धि होके करो , करना ही है ।

143
01:13:53.649 --> 01:14:06.449
और हाथ उठाया , हाथ उठाना अर्थात् बाप को दे दिया ।

144
01:14:07.310 --> 01:14:09.649
दिया ना !

145
01:14:09.649 --> 01:14:11.939
फिर हाथ उठाओ ।

146
01:14:15.649 --> 01:14:22.800
देख रही हैं दादियां , देख रही हो ?

147
01:14:24.800 --> 01:14:30.340
ताली बजाओ ।

148
01:14:41.479 --> 01:14:48.739
हिम्मत कभी भी नहीं हारना ।

149
01:14:50.000 --> 01:15:01.479
अगर थोड़ा भी कम हुआ तो आगे के लिए हिम्मत रखके छोड़ नहीं देना ।

150
01:15:01.479 --> 01:15:05.310
बढ़ते रहना ।

151
01:15:06.000 --> 01:15:17.600
बापदादा कम्बाइन्ड है , कहते हो ना , साथ है नहीं कहते हो , कम्बाइन्ड है ।

152
01:15:18.569 --> 01:15:41.770
तो ऐसे समय पर अगर कुछ भी हो तो बापदादा कम्बाइन्ड है उसको सामने लाके फिर अर्पण कर दो ।

153
01:15:42.800 --> 01:16:13.310
लेकिन बापदादा चाहता है कि सभी बच्चे नम्बरवन हो, दी हुई चीज़ अमानत हो गई।

154
01:16:13.880 --> 01:16:23.250
हाथ उठाया अर्थात् दिया तो अभी आपका नहीं हुआ ।

155
01:16:23.250 --> 01:16:27.020
अमानत है ।

156
01:16:30.050 --> 01:16:49.369
तो अगर संकल्प में भी आये तो समझना अमानत में ख्यानत , यह बुरा माना जाता है ।

157
01:16:51.369 --> 01:17:02.449
दी हुई चीज़ कभी वापिस नहीं ली जाती क्योंकि मेरी नहीं ।

158
01:17:09.539 --> 01:17:24.970
तो आज बापदादा चारों ओर के जो स्क्रीन में भी देख रहे हैं ,

159
01:17:25.649 --> 01:17:42.220
वहाँ बैठे सब खुशी-खुशी से देख रहे हैं और संकल्प भी कर रहे हैं ,

160
01:17:46.449 --> 01:17:59.710
तो मधुबन या सभी सेन्टर क्या बन जायेंगे ?

161
01:18:02.220 --> 01:18:06.909
क्या बन जायेंगे ?

162
01:18:16.510 --> 01:18:29.600
सभी सेन्टर्स निर्विघ्न भव के वरदानी बन जायेंगे ।

163
01:18:39.310 --> 01:18:42.510
पसन्द है ना !

164
01:18:44.510 --> 01:18:47.939
पसन्द है ?

165
01:18:51.939 --> 01:19:11.479
क्योंकि बापदादा चाहते हैं कि अभी अचानक सरकमस्टांश ऐसे बनेंगे

166
01:19:12.279 --> 01:19:31.880
जो दुःख और अशान्ति के कारण ऐसे बनेंगे जो आप सबको आत्माओं पर रहम आयेगा ,

167
01:19:32.279 --> 01:19:42.800
क्योंकि आप पूर्वज हो , पूज्य भी हो और पूर्वज भी हो ।

168
01:19:45.770 --> 01:20:04.800
तो पूर्वज कोई भी आत्मा का दुःख या डिस्ट्रबेन्श देख नहीं सकते ,

169
01:20:04.800 --> 01:20:17.310
जिससे प्यार होता है , रहम होता है उसका दुःख देख नहीं सकता ।

170
01:20:19.310 --> 01:20:30.109
तो बाप समझते हैं कि समय आपको परिवर्तन करे ,

171
01:20:30.109 --> 01:20:56.510
इससे पहले आप पुरूषार्थ के प्राप्ति की प्रालब्ध अभी से अनुभव करो ।

172
01:21:00.170 --> 01:21:19.600
क्योंकि आपका सिखाने वाला समय नहीं है , समय आपका टीचर नहीं है ।

173
01:21:37.079 --> 01:22:01.310
तो होली पर हर एक अपनी रिजल्ट ज्यादा लम्बा नहीं लिखना , पढ़ने की भी फुर्सत नहीं होती ।

174
01:22:02.569 --> 01:22:30.340
लेकिन बापदादा ने पहले भी सुनाया कि जैसे आपको वरदान की चिटकी मिलती है ना , कितनी छोटी होती है , उसमें ओ के लिखो ।

175
01:22:30.909 --> 01:22:34.449
ओ के शब्द लिखना ।

176
01:22:34.449 --> 01:22:57.140
अगर आपमें पुरूषार्थ करते कुछ भी हुआ हो तो ओ के के बीच में लाइन लगाना ।

177
01:22:59.939 --> 01:23:02.909
इजी है ना !

178
01:23:02.909 --> 01:23:08.619
इतना कागज वेस्ट नहीं करना ।

179
01:23:12.220 --> 01:23:29.649
अगर ज्यादा बार हो , एक बार दो बार तीन बार लाइन लगाते जाना ।

180
01:23:30.970 --> 01:23:40.050
और होली के पहले मधुबन में भेज देना ।

181
01:23:40.050 --> 01:23:51.140
भले इकट्ठे करके भेजो , टीचर भेजे ।

182
01:23:52.050 --> 01:24:04.340
फिर बापदादा के पास रिजल्ट पहुंच जायेगी ।

183
01:24:05.710 --> 01:24:11.020
इसमें नम्बरवन कौन?

184
01:24:17.199 --> 01:24:43.420
फिर बापदादा आपको पदम पदमगुणा दिल के स्नेह की सौगात देंगे ।

185
01:25:05.369 --> 01:25:09.079
अच्छा ।

186
01:25:10.220 --> 01:25:13.479
डबल फारेनर्स है ना !

187
01:25:13.479 --> 01:25:15.819
हाथ उठाओ ।

188
01:25:21.770 --> 01:25:26.850
नम्बर लेंगे ना !

189
01:25:34.569 --> 01:25:50.109
देखेंगे फॉरेन वाले नम्बर लेते हैं या भारत वाले ।

190
01:25:55.880 --> 01:25:59.310
अच्छा है ।

191
01:25:59.310 --> 01:26:13.539
बापदादा तो सभी को उम्मींदवार नहीं देखते

192
01:26:13.539 --> 01:26:34.449
लेकिन बाप के आशाओं को पूर्ण करने वाले बाप के आशाओं के दीपक के रूप में देखने चाहते हैं ।

193
01:26:49.140 --> 01:26:53.310
मधुबन क्या करेगा ?

194
01:26:53.819 --> 01:26:57.310
मधुबन वाले हाथ उठाओ ।

195
01:26:59.600 --> 01:27:03.819
नीचे ऊपर सब मधुबन ।

196
01:27:03.819 --> 01:27:11.600
ऊपर वाले भी हाथ लम्बा उठाओ , हिलाओ ।

197
01:27:13.199 --> 01:27:16.680
अच्छा ।

198
01:27:40.399 --> 01:27:48.510
मधुबन को नम्बर तो लेना चाहिए ।

199
01:27:48.510 --> 01:27:51.479
लेना चाहिए ना !

200
01:27:51.479 --> 01:27:55.250
लेना चाहिए ?

201
01:28:00.569 --> 01:28:09.369
क्योंकि मधुबन को कापी सभी बहुत जल्दी करते हैं ।

202
01:28:21.310 --> 01:28:25.079
तो अच्छा है ।

203
01:28:35.479 --> 01:28:54.340
अच्छा - इस बारी जो पहले बारी आये हैं वह उठो ।

204
01:29:13.770 --> 01:29:17.079
बहुत हैं ।

205
01:29:17.880 --> 01:29:39.250
बापदादा पहले बारी आने वालों को चांस देते हैं कि फास्ट जाओ और फर्स्ट आओ ।

206
01:29:47.369 --> 01:29:50.279
अच्छे हैं ।

207
01:29:50.279 --> 01:29:54.800
हिम्मत वाले हैं ।

208
01:29:58.340 --> 01:30:12.800
और बाप कम्बाइन्ड है , कम्बाइन्ड शक्ति से जो चाहो वह कर सकते हो ।

209
01:30:14.800 --> 01:30:25.079
कुछ भी आवे ना तो बाप को दे देना । आप यूज नहीं करना ।

210
01:30:26.449 --> 01:30:33.250
जैसे छोटे बच्चे होते हैं ना , छोटे बच्चों को देखा है ना ।

211
01:30:33.250 --> 01:30:51.539
कोई भी चीज़ अगर अच्छी नहीं लगती है तो क्या करते हैं , मम्मी-पापा यह लो , हमको नहीं चाहिए ।

212
01:30:57.479 --> 01:31:06.850
तो बाप मददगार है और सदा रहेंगे ।

213
01:31:12.850 --> 01:31:31.819
तो पहले बारी आने वालों को पहले बारी आने की पदम पदमगुणा मुबारक है , मुबारक है , मुबारक है ।

214
01:31:41.310 --> 01:31:49.880
आपकी तालियां विदेश-देश चारों ओर देख रही हैं ।

215
01:31:54.510 --> 01:32:01.710
साइंस वालों की भी कमाल है ना !

216
01:32:01.710 --> 01:32:18.399
बापदादा निमित्त बनने वालों को भी मुबारक देते हैं

217
01:32:18.399 --> 01:32:41.710
जो इस समय जब आपको आवश्यकता है इन साधनों की , तो इस समय नये से नये साधन निकाल रहे हैं ।

218
01:32:49.880 --> 01:32:56.739
भक्तों पर भी बापदादा को तरस बहुत पड़ता है ।

219
01:32:56.739 --> 01:33:01.420
बहुत मेहनत करते हैं ।

220
01:33:01.880 --> 01:33:13.310
आप मोहब्बत में रहते और वह मेहनत में रहते , आप मेहनत नहीं करना ।

221
01:33:13.310 --> 01:33:17.939
मोहब्बत में ही रहना ।

222
01:33:25.710 --> 01:33:29.770
अच्छा । बैठ जाओ ।

223
01:33:38.510 --> 01:33:54.569
ओम् शान्ति का मन्त्र शस्त्र बनाके यूज करो ।

224
01:33:57.250 --> 01:34:09.649
जिसके पास शस्त्र होते हैं ना वह अपने को हिम्मत वाले समझते हैं ।

225
01:34:10.739 --> 01:34:23.819
जैसे मिलेट्री वाले हिम्मत रखते हैं ।

226
01:34:34.569 --> 01:34:37.539
अच्छा ।

227
01:34:37.539 --> 01:35:07.369
चारों ओर के कम्बाइन्ड रहने वाले देख भी रहे हैं , सुन भी रहे हैं

228
01:35:07.369 --> 01:35:31.649
लेकिन सभी जो नहीं भी सुन रहे हैं , वह मुरली द्वारा तो सुनेंगे ही ।

229
01:35:33.649 --> 01:36:16.739
तो चारों ओर के बाप के स्नेही सहयोगी मीठे-मीठे , प्यारे-प्यारे बच्चों को बापदादा पदम पदमगुणा बधाईयां भी दे रहे हैं ,

230
01:36:17.250 --> 01:36:47.479
मुबारक भी दे रहे हैं और साथ-साथ प्रत्यक्षता का झण्डा जल्दी से जल्दी लहराने का संकल्प भी दे रहे हैं ।

231
01:36:48.850 --> 01:36:56.970
समय पर नहीं रहो , समय को टीचर नहीं बनाना ,

232
01:37:03.939 --> 01:37:18.800
जब बाप ; बाप , शिक्षक और सतगुरू है

233
01:37:23.939 --> 01:37:48.909
तो जैसे आपकी जगत अम्बा ने किया , दो शब्द में नम्बर ले लिया ।

234
01:37:50.109 --> 01:38:17.310
बाप का कहना और जगत अम्बा का करना - ऐसे तीव्र पुरूषार्थ किया और नम्बर लिया ।

235
01:38:22.220 --> 01:38:37.819
आप सब भी मानते हो ना , तो आप भी फॉलो मदर जगत अम्बा ।

236
01:38:42.800 --> 01:38:45.199
अच्छा ।

237
01:38:45.199 --> 01:39:03.710
सबको यादप्यार और बहुत-बहुत दिल की दुआयें स्वीकार हो ।

238
01:39:08.050 --> 01:39:27.020
साथ-साथ बाप बच्चों को मालिकपन में देख नमस्ते कर रहे हैं ।

239
01:39:33.649 --> 01:40:30.170
सेवा का टर्न भोपाल ज़ोन का है :- अच्छा , बहुत अच्छा ।

240
01:40:32.170 --> 01:40:48.220
भोपाल ज़ोन नाम ही है भूपाल , तो भू किसको कहते हैं ? धरनी को ।

241
01:40:48.220 --> 01:40:52.680
उसको पालने वाले ।

242
01:40:53.079 --> 01:41:13.020
आप धरनी के सितारे बन आत्माओं को उड़ाने वाले , चलाने वाले नहीं , उड़ाने वाले ।

243
01:41:17.939 --> 01:41:31.479
सबसे सहज साधन है उड़ना और उड़ाना ।

244
01:41:34.680 --> 01:41:52.399
तो भोपाल निवासी खुद भी उड़ने वाले और औरों को भी उड़ाने वाले ।

245
01:41:52.399 --> 01:41:56.680
ठीक है , ऐसे है ?

246
01:41:56.680 --> 01:41:59.420
कि कोशिश कर रहे हो ?

247
01:41:59.420 --> 01:42:08.399
नहीं , हैं और रहेंगे ।

248
01:42:15.710 --> 01:42:30.399
बापदादा को हर ज़ोन पर जिगरी स्नेह है ।

249
01:42:36.739 --> 01:43:09.539
अभी बापदादा ने पहले भी कहा है कि नम्बरवन ज़ोन वह बनेगा जिसमें वारिस बच्चे अधिक हों।

250
01:43:13.539 --> 01:43:45.079
साधारण तो आते रहेंगे लेकिन वारिस क्वालिटी जिस ज़ोन में वेरीफाय किये हुए ,

251
01:43:46.000 --> 01:43:55.939
ऐसे नहीं आप लिस्ट लिख दो लेकिन वेरीफाय करेंगे ,

252
01:43:57.079 --> 01:44:17.310
तो जिस ज़ोन में वारिस क्वालिटी ज्यादा में ज्यादा होगी , उसको नम्बर देंगे ।

253
01:44:19.939 --> 01:44:37.880
प्रोग्रामस भी सभी कर रहे हैं और अभी भी कर रहे हैं ,

254
01:44:37.880 --> 01:44:54.399
बापदादा के पास सब समाचार आता है ।

255
01:44:56.399 --> 01:45:13.020
क्योंकि वारिस क्वालिटी अपने राज्य में राज्य अधिकारी बनेंगे ।

256
01:45:15.479 --> 01:45:47.710
अगर राज्य अधिकारी तैयार हो गये , सब मिलाके तो राज्य में आने में कोई देरी नहीं लगेगी ।

257
01:45:53.710 --> 01:45:59.939
तो भोपाल नम्बर लेंगे ना !

258
01:46:03.369 --> 01:46:11.199
जो खुद वारिस है ,

259
01:46:16.170 --> 01:46:37.770
वह फोर्स का कोर्स कराके दूसरों को भी वारिस जल्दी से जल्दी बना सकता ।

260
01:46:38.680 --> 01:46:46.680
साधारण कोर्स नहीं , फोर्स का कोर्स ।

261
01:46:53.880 --> 01:47:09.479
जब आरम्भ किया था , बापदादा ने सिन्ध में आरम्भ किया

262
01:47:11.479 --> 01:47:24.170
तो सिन्धी में कहते थे , उस समय झटपट कुल्फी एक पैसा ।

263
01:47:26.170 --> 01:47:41.649
तो आदि का बोल अभी प्रैक्टिकल होना है ।

264
01:47:43.020 --> 01:48:07.079
समय को भी वरदान है सिर्फ आप थोड़ा दृढ़ संकल्प करो उड़ाना ही है , चलाना है नहीं , उड़ाना है ।

265
01:48:13.199 --> 01:48:23.600
तो भोपाल ने चांस लिया यह तो बहुत अच्छा किया ।

266
01:48:31.479 --> 01:48:35.479
अभी नम्बर लेना ।

267
01:48:35.479 --> 01:48:39.710
अच्छा ।

268
01:48:53.140 --> 01:49:43.649
अच्छा बापदादा ने सभी ज़ोन को वारिस और माइक , प्रभावशाली माइक जिनका अनुभव सुन प्रेरणा आ जाए कि हम भी बनें , किसी को भी सैटिस्फाय कर सकें ।

269
01:49:50.619 --> 01:49:58.279
सभी ज़ोन लिस्ट भेजना ।

270
01:49:58.800 --> 01:50:11.649
तो आज बापदादा ने देखा कि देहली वालों ने लिस्ट भेजी है ।

271
01:50:11.649 --> 01:50:20.909
बापदादा मुबारक दे रहे हैं ।

272
01:50:25.020 --> 01:50:43.539
तो सभी ज़ोन भेजेंगे तो आपको भी रिजल्ट सुनायेंगे कितने वारिस तैयार हुए हैं ।

273
01:50:54.220 --> 01:51:03.250
चेकिंग करायेंगे , ऐसे नहीं लिस्ट आई तो मान जायेंगे ।

274
01:51:03.250 --> 01:51:07.710
गुप्त चेकिंग करायेंगे ।

275
01:51:21.600 --> 01:52:04.399
तो अच्छा आदि में भी मुबारक और बधाईयां मिली , अभी भी बापदादा एक-एक बच्चे का दिल में नाम ले पदम पदमगुणा मुबारक दे रहे हैं ।

276
01:52:10.909 --> 01:52:30.279
बाप के पास तो सभी बच्चों का चित्र वतन में इमर्ज है ।

277
01:52:45.819 --> 01:53:03.020
तो बापदादा ने बच्चों का बर्थ डे मनाया और बच्चों ने बाप का बर्थ डे मनाया , दोनों को मुबारक ।

278
01:53:07.539 --> 01:53:12.170
अच्छा ।

279
01:53:12.170 --> 01:53:41.880
लच्छू दादी से :- अच्छा करती है , सजाती अच्छा है ।

280
01:55:19.140 --> 01:55:41.020
दादियों से :- स्नेह में तो है ही ।

281
01:55:41.020 --> 01:55:47.140
आप स्नेह में नहीं रहेंगे तो वायब्रेशन कैसे मिलेंगे ।

282
01:55:47.140 --> 01:56:01.880
मोहिनी बहन से :- ठीक है , ठीक ही रहेंगी ।

283
01:56:01.880 --> 01:56:05.199
ठीक हो जायेंगी ।

284
01:56:06.800 --> 01:56:13.079
संकल्प में ताकत है ।

285
01:56:14.109 --> 01:56:18.399
संकल्प को पूरा कर रही हो ।

286
01:56:18.399 --> 01:56:21.710
बाप की मदद भी है ।

287
01:56:25.539 --> 01:56:35.140
बाप की मदद है लेकिन प्यार है ना तो औरों की भी मदद है ।

288
01:56:37.539 --> 01:56:41.539
अच्छा है ।

289
01:57:25.649 --> 01:57:38.800
परदादी से :- आप सालिग्राम को बाप के साथ जन्म की मुबारक हो ।

290
01:57:42.220 --> 01:57:47.020
मुबारक है , मुबारक है ।

291
01:58:11.600 --> 01:58:19.369
शान्तामणि दादी से :- प्यार है ना !

292
01:58:19.369 --> 01:58:22.909
बाप से प्यार है ।

293
01:58:37.479 --> 01:58:43.479
सभी मुबारक देंगे ।

294
01:59:33.140 --> 01:59:35.020
बहुत अच्छा ।

295
01:59:35.020 --> 01:59:43.420
रमेश भाई से :- अच्छा है आगे-आगे बढ़ते जा रहे हैं ।

296
01:59:44.510 --> 02:00:00.510
बस लक्ष्य रखा है तो सभी एक-दो को सहयोगी बन आगे उड़ते जायेंगे ।

297
02:00:00.510 --> 02:00:05.880
अभी उड़ना और उड़ाना है ।

298
02:00:05.880 --> 02:00:10.510
चलने का टाइम पूरा हुआ ।

299
02:00:11.710 --> 02:00:17.880
जितने हल्के उतने उड़ेंगे ।

300
02:00:18.569 --> 02:00:23.939
और औरों को भी उड़ायेंगे ।

301
02:00:23.939 --> 02:00:29.600
अभी सीजन है उड़ाने की ।

302
02:00:30.680 --> 02:00:33.819
बहुत अच्छा ।

303
02:00:38.970 --> 02:00:41.939
( निर्वैर भाई ने सभी की याद दी ) सभी को याद देना ।

304
02:00:41.939 --> 02:00:52.340
जिन्होंने भी यह कार्ड आदि भेजे हैं उन सभी को यादप्यार ।

305
02:00:52.340 --> 02:01:03.600
वैसे तो देखा होगा लेकिन फिर भी खास यादप्यार भेजना

306
02:01:04.399 --> 02:01:18.909
और यही लिखना कि अभी सीजन है उड़ने और उड़ाने की , इसीलिए डबल लाइट ।

307
02:01:30.510 --> 02:01:39.539
( अंकल आंटी और मुरली दादा की याद दी ) बापदादा के पास उन्हों का आया है ।

308
02:01:39.539 --> 02:01:59.649
दोनों ही निमित्त बने हुए हैं , अपने-अपने कार्य के हिसाब से दोनों ही विशेष हैं ।

309
02:02:41.710 --> 02:03:05.539
मोहिनी बहन के डाक्टर से :- सिर्फ सेवा नहीं करना लेकिन अपने बाप के प्यार की हिम्मत , उमंग यह भी देना ।

310
02:03:05.539 --> 02:03:12.510
डबल डाक्टर हो ना तो डबल काम करना ।

311
02:06:40.340 --> 02:07:13.199
बापदादा ने अपने हस्तों से झण्डा फहराया :- आज शिव जयन्ती पर आप और बाप के जन्म दिवस का यादगार यह झण्डा लहराया ।

312
02:07:13.939 --> 02:07:22.050
आप सबका भी झण्डा लहराया , सालिग्राम हो ना ।

313
02:07:22.050 --> 02:07:29.310
एक-एक सालिग्राम बाप के साथ के हैं ।

314
02:07:29.310 --> 02:07:39.369
जैसे बाप की पूजा होती वैसे सालिग्राम की भी होती है ।

315
02:07:41.369 --> 02:07:51.770
उन सभी की निशानी बिन्दू लगाते हैं ।

316
02:07:53.770 --> 02:08:09.539
तो शिवरात्रि पर विशेष बिन्दू की महिमा होती है ।

317
02:08:16.399 --> 02:08:38.170
तो आज तो यह झण्डा लहराया लेकिन वह दिन जल्दी से जल्दी आना है

318
02:08:38.170 --> 02:08:53.199
जो सबके बाप के स्नेह का झण्डा लहरायेगा ।

319
02:08:55.479 --> 02:09:13.479
अभी बाप ने इशारा आज दिया वह आप करेंगे ना , तो प्रत्यक्षता जल्दी से जल्दी होगी ।

320
02:09:16.510 --> 02:09:42.340
आया कि आया , आपके सामने भी यह दृश्य , सभी के मुख से यह आवाज निकले हमारा बाबा आ गया ।

321
02:09:50.000 --> 02:10:20.050
अभी तीव्र पुरूषार्थ करके यह समय जल्दी से जल्दी समीप लाना ही है , आना ही है , होना ही है और सबको बोलना ही है ।

322
02:10:22.739 --> 02:10:26.279
अच्छा

323
02:10:27.539 --> 02:10:54.220
आप सभी को बापदादा विशेष स्नेह का हार पहना रहे हैं ।

324
02:11:03.710 --> 02:11:11.479
बढ़ते चलो , उड़ते चलो , उड़ाते चलो ।

325
02:11:11.479 --> 02:11:15.819
अच्छा ।

326
02:58:19.079 --> 02:59:23.250
इन्टरनेशनल कुमारीज रिट्रीट :- कुमारी को पूजते हैं क्योंकि कुमारी शुद्ध है , पवित्र है ।

327
02:59:23.250 --> 02:59:28.850
तो पवित्रता की पूजा होती है ।

328
02:59:28.850 --> 02:59:44.510
तो आप अपने को ऐसी पूज्य आत्मा समझती हो , समझती हो ?

329
02:59:47.540 --> 02:59:52.049
भाषा नहीं समझती हैं ।

330
03:00:01.309 --> 03:00:25.770
तो कुमारी वह है जो औरों को भी पवित्र रहने की शिक्षा दे करके उनको भी पवित्र बनाये

331
03:00:26.399 --> 03:00:37.770
इसलिए आगे बढ़ते रहना , थकना नहीं , किसको देखना नहीं ।

332
03:00:37.770 --> 03:01:00.000
बाप को फॉलो करो और फॉलो करके बाप के द्वारा अनेक शक्तियों का वरदान लेके आत्माओं को उड़ाओ

333
03:01:00.850 --> 03:01:14.219
क्योंकि कुमारियां हल्की हैं , बोझ नहीं है तो औरों को भी ऐसे उड़ाते चलो ।

334
03:01:14.219 --> 03:01:29.770
बापदादा को आप सबको देख के खुशी है कि एक-एक कुमारी 100 ब्राह्मणों से उत्तम है ।

335
03:01:30.569 --> 03:01:41.200
इतना अपना स्वमान समझो ।

336
03:01:42.219 --> 03:01:56.510
बाकी अच्छा किया , ट्रेनिंग की , अभी तैयार होके औरों को ट्रेनिंग कराओ , यह रिजल्ट निकालो ।

337
03:01:56.510 --> 03:02:08.569
समाचार आयेगा , समाचार देती रहना और यहाँ बाप के पास पहुंच जायेगा ।

338
03:02:09.540 --> 03:02:11.370
अच्छा है ।

339
03:02:11.370 --> 03:02:17.770
हिम्मत है , अभी उमंग-उत्साह से उड़ो ।

340
03:02:18.969 --> 03:02:20.969
अच्छा ।

