WEBVTT

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00:20:08.509 --> 00:20:54.400
आज बापदादा सभी बच्चों को एक देशी जो ओरीज्नल सबका देश है

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00:20:57.309 --> 00:21:22.049
जानते हो ना एक देश कितना प्यारा है !

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00:21:24.970 --> 00:21:57.019
बापदादा भी उसी देश से सर्व बच्चों से मिलने आये हैं ।

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00:22:08.680 --> 00:22:47.650
बच्चों को बाप से मिलने की खुशी है और बाप को बच्चों से मिलने की खुशी है ।

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00:23:02.569 --> 00:23:52.569
आज बापदादा सभी बच्चों के स्वरूपों को विशेष 5 रूपों को देख रहे हैं

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00:23:57.420 --> 00:24:15.140
इसलिए 5 मुखी ब्रह्मा का भी गायन है ।

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00:24:23.250 --> 00:24:37.539
तो अपने 5 रूपों को जानते हो ना !

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00:24:43.480 --> 00:25:14.000
पहला सभी का ज्योति बिन्दु रूप आ गया आपके सामने !

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00:25:19.710 --> 00:25:36.680
कितना चमकता हुआ प्यारा रूप है ।

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00:25:40.740 --> 00:26:29.539
दूसरा देवता रूप वह रूप भी कितना प्यारा और न्यारा है ।

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00:26:32.170 --> 00:27:06.849
तीसरा रूप मध्य में पूज्यनीय रूप चौथा रूप ब्राह्मण रूप संगमवासी

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00:27:08.849 --> 00:27:28.170
वह भी कितना महान है और पांचवा रूप फरिश्ता रूप ।

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00:27:30.740 --> 00:27:47.480
यह 5 ही रूप कितने प्यारे हैं ।

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00:28:07.019 --> 00:28:44.799
बापदादा आज बच्चों को मन की एक्सरसाइज सिखाते हैं

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00:28:51.940 --> 00:29:49.880
क्योंकि मन बच्चों को कभी-कभी अपने तरफ खींच लेता है ।

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00:29:54.450 --> 00:30:34.680
तो आज बापदादा मन को एकरस बनाने की एक्सरसाइज सिखा रहा है ।

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00:30:38.109 --> 00:30:59.940
सारे दिन में इन 5 रूपों की एक्सरसाइज करो

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00:31:05.650 --> 00:31:32.849
और अनुभव करो जो रूप सोचो उसका मन में अनुभव करो ।

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00:31:34.849 --> 00:32:04.619
जैसे ज्योतिबिन्दू कहने से ही वह चमकता रूप सामने आ गया !

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00:32:13.769 --> 00:32:39.599
ऐसे 5 ही रूप सामने लाओ और उस रूप का अनुभव करो ।

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00:32:40.740 --> 00:33:06.849
हर घण्टे में 5 सेकण्ड इस ड्रिल में लगाओ ।

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00:33:08.109 --> 00:33:21.140
अगर सेकण्ड नहीं तो 5 मिनट लगाओ ।

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00:33:21.940 --> 00:33:31.309
हर एक रूप सामने लाओ अनुभव करो ।

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00:33:40.680 --> 00:33:59.019
मन को इस रूहानी एक्सरसाइज में बिजी करो

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00:34:07.200 --> 00:34:28.739
तो मन एक्सरसाइज से सदा ठीक रहेगा ।

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00:34:28.739 --> 00:34:46.679
जैसे शरीर की एक्सरसाइज शरीर को तन्दरूस्त रखती है

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00:34:47.250 --> 00:35:11.539
ऐसे यह एक्सरसाइज मन को शक्तिशाली रखेगा ।

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00:35:17.369 --> 00:35:47.139
एक सेकण्ड भी मन में उस रूप को लाओ

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00:35:52.739 --> 00:36:04.449
समझते हो सहज है ना यह कि मुश्किल लगता है ?

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00:36:10.170 --> 00:36:36.449
मुश्किल नहीं लगेगा क्योंकि यह एक्सरसाइज आपने अनेक बार की हुई है ।

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00:36:36.449 --> 00:36:41.880
हर कल्प की है ।

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00:36:46.000 --> 00:37:05.019
अपना ही रूप सामने लाना यह मुश्किल नहीं होता ।

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00:37:07.599 --> 00:37:44.340
एक-एक रूप के सामने आते ही हर रूप की विशेषता का अनुभव होगा ।

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00:37:49.769 --> 00:38:09.769
कभी-कभी कई बच्चे कहते हैं

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00:38:12.570 --> 00:38:59.420
कि हम इन्हीं रूप में अनुभव करने चाहते लेकिन मन दूसरे तरफ चला जाता ।

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00:39:06.849 --> 00:39:59.710
जितना समय जहाँ मन लगाते चाहते हैं उतना समय के बजाए व्यर्थ अयथार्थ संकल्प भी आ जाते हैं ।

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00:40:00.510 --> 00:40:26.000
कभी मन में अलबेलापन भी आ जाता

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00:40:32.510 --> 00:41:11.250
तो बापदादा हर घण्टे 5 सेकण्ड या 5 मिनट इस एक्सरसाइज में अनुभव कराने चाहते हैं ।

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00:41:17.539 --> 00:41:41.079
5 मिनट करके मन को इस तरफ चलाओ ।

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00:41:41.079 --> 00:41:47.139
चलना तो अच्छा होता है ना !

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00:41:50.619 --> 00:42:02.909
फिर अपने काम में लग जाओ क्योंकि कार्य तो करना ही है ।

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00:42:05.199 --> 00:42:20.849
कार्य के बिना तो चलना नहीं है ।

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00:42:21.880 --> 00:42:51.480
यज्ञ सेवा विश्व सेवा तो सभी कर रहे हो और करनी ही है ।

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00:42:56.280 --> 00:43:14.800
यह 5 मिनट की ड्रिल करने के बाद जो अपना कार्य है उसमें लग जाओ ।

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00:43:28.619 --> 00:43:44.219
ऐसा कोई है जिसको चाहे 5 सेकण्ड लगाओ चाहे 5 मिनट लगाओ

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00:43:44.219 --> 00:43:59.250
लेकिन कोई ऐसा है जिसको इतना टाइम भी नहीं मिलता है !

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00:43:59.250 --> 00:44:04.280
है कोई हाथ उठाओ ।

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00:44:04.280 --> 00:44:09.539
जिसको 5 मिनट भी नहीं हैं ।

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00:44:18.570 --> 00:44:23.079
कोई नहीं है ।

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00:44:24.170 --> 00:44:27.650
है कोई ?

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00:44:29.650 --> 00:44:34.679
सब निकाल सकते हैं ।

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00:44:43.820 --> 00:44:54.570
तो बार-बार यह एक्सरसाइज करो

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00:45:00.510 --> 00:45:41.650
तो कार्य करते भी यह नशा रहेगा क्योंकि बाप का मन्त्र भी है मनमनाभव ।

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00:45:45.880 --> 00:46:28.679
इसी मन्त्र को मन के अनुभव से मन यन्त्र बन जायेगा मायाजीत बनने में

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00:46:38.679 --> 00:47:11.940
क्योंकि बापदादा ने बता दिया है कि जितना समय आगे बढ़ेगा

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00:47:18.800 --> 00:47:54.449
उस अनुसार एक सेकण्ड में स्टॉप लगाना होगा ।

57
00:47:59.199 --> 00:48:37.079
तो यह एक्सरसाइज करने से मनमनाभव होने में मदद मिलेगी

58
00:48:54.909 --> 00:49:52.050
क्योंकि बापदादा ने देखा कि जो भी भाषण करते हो या किसको भी सन्देश देते हो तो क्या कहते हो ?

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00:49:56.110 --> 00:50:22.219
हम विश्व को परिवर्तन करने वाले हैं ।

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00:50:41.880 --> 00:50:56.619
तो जब विश्व को परिवर्तन करना है

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00:51:06.679 --> 00:51:37.539
तो पहले अपने मन को ऐसा शक्तिशाली बनाओ

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00:51:41.079 --> 00:52:19.710
जो जिस समय जो संकल्प करने चाहे वही मन संकल्प कर सकता है ।

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00:52:24.510 --> 00:52:36.219
सेकण्ड में आर्डर करो

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00:52:49.650 --> 00:53:26.000
जैसे इस शरीर की और कर्मेन्द्रियों को आर्डर करते हो ऊपर हो नीचे हो तो करती हैं ना !

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00:53:26.000 --> 00:54:17.650
ऐसे मन व्यर्थ अयथार्थ से बच जाये मन के मालिक हो मेरा मन कहते हो ना !

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00:54:19.650 --> 00:54:48.170
तो मेरा मन इतना आर्डर में रहे उसके लिए यह मन की एक्सरसाइज बताई ।

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00:54:49.309 --> 00:55:24.969
बापदादा ने देखा हर एक बच्चा यही चाहता है

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00:55:26.000 --> 00:55:39.599
कि हमें मन जीत जगतजीत बनना है

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00:55:48.400 --> 00:56:29.420
इसलिए आने वाले समय के पहले यह अभ्यास जहाँ चाहे वहां मन सहज टिक जाए ।

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00:56:33.880 --> 00:56:50.510
तो आज बापदादा यही चाहते हैं

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00:56:52.510 --> 00:57:47.480
कि हर बच्चा ऐसा शक्तिशाली बने जो जो संकल्प करे वही मन बुद्धि संस्कार आर्डर में हो ।

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00:58:00.510 --> 00:58:43.309
जिसका यह अभ्यास होगा वह जगतजीत अवश्य बनेगा ।

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00:58:53.139 --> 00:59:13.769
बापदादा से परिवार से प्यार तो सबका है ।

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00:59:20.969 --> 00:59:46.679
जितना बच्चों का बाप से प्यार है उससे ज्यादा बाप का बच्चों से प्यार है ।

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00:59:49.480 --> 01:00:11.139
तो बच्चों ने चतुराई अच्छी की है मेरा बाबा मेरा बाबा कहकर मेरा बना लिया है ।

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01:00:16.050 --> 01:00:47.480
हर एक बच्चा यही निश्चय से कहता“मेरा बाबा”।

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01:00:53.710 --> 01:01:02.619
और बाप भी कहता मेरा बच्चा ।

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01:01:02.619 --> 01:01:19.710
इस मेरे शब्द ने कमाल कर दिया ।

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01:01:23.710 --> 01:01:41.769
हर एक के दिल में कितना उमंग आता है

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01:01:47.079 --> 01:02:15.309
मेरा बाबा प्यारा बाबा और बाप भी बार-बार कहते मेरे बच्चे ।

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01:02:20.570 --> 01:02:52.170
कोई भी माया का वार हो क्योंकि आधाकल्प माया को अपना बनाया है ना !

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01:02:56.219 --> 01:03:07.199
तो माया का भी आप लोगों से प्यार तो होगा ना !

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01:03:18.909 --> 01:03:27.199
तो वह बार-बार आने की कोशिश करती है

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01:03:32.969 --> 01:04:07.309
लेकिन जो दिल से मेरा बाबा कहता है तो बाप का सहयोग मिलता है ।

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01:04:09.079 --> 01:04:54.110
एक बार दिल से कहा मेरा बाबा तो हजार बार बाप बंधा हुआ है शक्तिशाली सहयोग देने के लिए ।

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01:05:10.280 --> 01:05:15.369
अनुभव है ना !

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01:05:19.309 --> 01:05:41.599
सिर्फ समय पर इस अनुभव को प्रैक्टिकल में लाओ ।

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01:05:55.710 --> 01:07:07.480
बापदादा बच्चों की एक बात देखकर दिल में बच्चों के ऊपर मुस्कराता है ।

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01:07:13.250 --> 01:07:21.079
जानते हो कौन सी बात ?

90
01:07:30.110 --> 01:08:01.139
सभी कहते हैं कि बाबा ही मेरा संसार है कहते हैं ना बाप ही हमारा संसार है !

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01:08:03.139 --> 01:08:13.480
कहते हो जो कहता है बाप ही मेरा संसार है वह हाथ उठाओ ।

92
01:08:13.480 --> 01:08:24.739
अच्छा बाप ही संसार है ।

93
01:08:40.680 --> 01:08:48.170
दूसरा तो कोई संसार नहीं है ना !

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01:08:57.600 --> 01:09:06.340
संसार दूसरा नहीं है लेकिन दूसरा क्या है !

95
01:09:06.340 --> 01:09:11.819
संस्कार ।

96
01:09:18.000 --> 01:09:30.800
जब बाप ही मेरा संसार है दूसरा कोई संसार है ही नहीं ।

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01:09:30.800 --> 01:09:49.539
संसार नहीं है लेकिन संस्कार कैसे पैदा हो जाता ?

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01:10:12.970 --> 01:10:52.109
आजकल बापदादा समय प्रमाण संस्कार शब्द को मिटाने चाहते हैं ।

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01:11:10.800 --> 01:11:16.279
मिट सकता है ?

100
01:11:19.020 --> 01:11:22.850
मिट सकता है ?

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01:11:22.850 --> 01:12:09.600
जो समझते हैं कि संस्कार विघ्न रूप नहीं बन सकता यह दृढ़ संकल्प कर सकते हैं

102
01:12:14.220 --> 01:12:45.479
दृढ़ पुरूषार्थ द्वारा आज भी दृढ़ पुरूषार्थ कर सकते हैं कि खत्म करना ही है ।

103
01:12:45.880 --> 01:13:00.619
करेंगे सोचेंगे देखेंगे … यह नहीं ।

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01:13:01.250 --> 01:13:06.220
करना ही है ।

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01:13:08.220 --> 01:13:30.340
संस्कार का काम है आना और बच्चों का काम है समाप्त करना ही है ।

106
01:13:33.880 --> 01:13:37.600
है हिम्मत ?

107
01:13:41.420 --> 01:13:44.970
है हिम्मत ?

108
01:13:48.739 --> 01:14:28.050
पहले भी हाथ उठाया था लेकिन चेक करो जो संकल्प किया वह हो रहा है ?

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01:14:35.770 --> 01:15:09.420
जो समझते हैं कि बाप ने कहा बाप का कार्य है लक्ष्य देना और बच्चों का कार्य है जो बाप ने कहा वह करना ही है ।

110
01:15:17.079 --> 01:15:44.510
इसकी भी एक डेट फिक्स करो जैसे भक्त लोगों ने डेट फिक्स की है शिवरात्रि तो मनानी है ।

111
01:15:47.420 --> 01:15:56.850
तो इसकी डेट भी फिक्स करो ।

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01:15:58.850 --> 01:16:23.539
अच्छा सबकी इकठ्ठा नहीं हो तो पहले एक-एक अपने लिए तो डेट फिक्स कर सकते हैं ना !

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01:16:24.510 --> 01:16:27.479
कर सकते हैं !

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01:16:27.479 --> 01:16:31.310
कर सकते हैं तो हाथ उठाओ ।

115
01:16:34.340 --> 01:16:37.199
तो किया !

116
01:16:37.199 --> 01:16:42.909
कर सकते हैं तो किया ?

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01:16:49.880 --> 01:16:57.079
डबल विदेशी डेट फिक्स किया !

118
01:17:02.909 --> 01:17:12.000
अच्छा सामने वाले किया फिक्स !

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01:17:14.000 --> 01:17:24.739
जो डेट फिक्स की ना वह बापदादा को लिखके देना ।

120
01:17:29.420 --> 01:17:46.619
बापदादा भी बच्चों को पेपर पास करने की बहादुरी तो देंगे ना ।

121
01:17:49.079 --> 01:18:01.770
फिर गीत गायेंगे वाह बच्चे वाह !

122
01:18:10.050 --> 01:18:34.680
सेरीमनी मनायेंगे जिसने संकल्प किया और उसी अनुसार प्रैक्टिकल किया उसकी सेरीमनी मनायेंगे

123
01:18:36.680 --> 01:18:47.310
क्योंकि फर्क तो आता रहेगा ना !

124
01:18:48.739 --> 01:19:02.340
जो डेट फिक्स करेंगे उसमें आगे बढ़ने के लिए समीप तो आयेंगे ना ।

125
01:19:02.340 --> 01:19:07.310
फर्क तो होना शुरू होगा ।

126
01:19:09.310 --> 01:19:39.020
तो जिसका डेट अनुसार सम्पन्न होगा उसकी बापदादा सेरीमनी मनायेंगे ।

127
01:19:46.340 --> 01:20:04.050
अन्दर जो करेंगे तो देखने वाले भी वेरीफाय करेंगे

128
01:20:07.369 --> 01:20:14.449
क्योंकि सम्पर्क में तो आयेंगे ना !

129
01:20:14.449 --> 01:20:31.479
संस्कार किसी न किसी के साथ निकलता है ना !

130
01:20:45.649 --> 01:21:06.000
क्योंकि बापदादा ने देखा कि हर एक बच्चे को यह शुद्ध नशा

131
01:21:06.680 --> 01:21:21.819
तो है कि मैं मास्टर सर्वशक्तिवान हूँ ।

132
01:21:24.510 --> 01:21:29.770
मास्टर तो हो ना ?

133
01:21:41.199 --> 01:22:07.479
जब सर्वशक्तिवान हैं तो संकल्प को पूरा करना यह भी शक्ति है ना !

134
01:22:25.199 --> 01:22:28.569
अच्छा ।

135
01:22:28.569 --> 01:22:44.619
जो आज पहली बारी आये हैं वह उठो ।

136
01:22:53.369 --> 01:23:02.909
देखो कितने आये हैं ।

137
01:23:15.479 --> 01:23:27.600
बापदादा मुबारक देते हैं ।

138
01:23:30.909 --> 01:23:42.109
मधुबन में आने की मुबारक है मुबारक है मुबारक है ।

139
01:23:47.479 --> 01:24:03.600
बापदादा फिर भी ऐसे समझते हैं

140
01:24:05.600 --> 01:24:17.250
कि टूलेट का बोर्ड लगने के पहले आ गये हो

141
01:24:19.250 --> 01:24:48.680
इसलिए सारे परिवार की बापदादा की तो है सारे परिवार की भी आप सभी में यही शुभ आशा है

142
01:24:49.770 --> 01:25:18.800
कि सदा डबल पुरूषार्थ कर लास्ट आते हुए भी फास्ट जा सकते हो ।

143
01:25:27.140 --> 01:25:30.050
है हिम्मत !

144
01:25:30.050 --> 01:25:39.710
जो आज आये हैं उन्हों में यह हिम्मत है !

145
01:25:39.710 --> 01:25:49.020
कि लास्ट आते भी फास्ट जाकर फर्स्ट आ जाओ ।

146
01:25:49.020 --> 01:25:54.399
फर्स्ट नम्बर में ।

147
01:25:56.050 --> 01:26:08.800
एक फर्स्ट नहीं फर्स्टक्लास में फर्स्ट आओ हो सकता है!

148
01:26:08.800 --> 01:26:25.600
जो समझते हैं हम फास्ट जाके फर्स्ट हो सकते हैं वह हाथ उठाओ ।

149
01:26:25.600 --> 01:26:29.369
अपने में निश्चय है ?

150
01:26:33.310 --> 01:26:35.600
अच्छा ।

151
01:26:43.369 --> 01:26:53.939
पीछे वाले हाथ ऊंचा करो हो सकता है तो !

152
01:26:57.079 --> 01:26:59.369
अच्छा ।

153
01:27:02.170 --> 01:27:05.079
थोड़े हैं ।

154
01:27:05.770 --> 01:27:30.170
फिर भी सारा परिवार और बापदादा आपको सहयोग देके आगे बढ़ाने चाहते हैं

155
01:27:32.970 --> 01:28:00.170
इसलिए जिस भी सेन्टर के तरफ से आये हो उस सेन्टर पर यह अपना वायदा बार-बार याद करना ।

156
01:28:00.170 --> 01:28:17.199
हो सकता है असम्भव नहीं है है सम्भव लेकिन डबल अटेन्शन ।

157
01:28:19.199 --> 01:28:31.369
अगर लास्ट और फास्ट जाके दिखायेंगे

158
01:28:31.369 --> 01:28:42.970
तो सेन्टर पर आपका तीव्र पुरूषार्थ का दिन मनायेंगे ।

159
01:28:42.970 --> 01:28:47.710
फंक्शन करेंगे ।

160
01:29:00.569 --> 01:29:26.510
सभी के दिल में उमंग तो है कि जल्दी से जल्दी बाप समान बनके ही दिखायें ।

161
01:29:27.770 --> 01:29:47.600
बापदादा भी अमृतवेले जब बच्चे बाप से बातें करते हैं तो खुश होते हैं ।

162
01:29:47.600 --> 01:29:52.279
वाह बच्चे वाह !

163
01:29:54.170 --> 01:30:09.420
और बाप हर बच्चे को चाहे पुराना है चाहे नया है

164
01:30:09.420 --> 01:30:29.199
हर बच्चे को बहुत-बहुत दिल की दुआयें देते हैं ।

165
01:30:35.250 --> 01:30:46.970
एक कदम आपका हजार कदम बाप की मदद का

166
01:30:53.420 --> 01:31:10.619
क्योंकि अब समय का परिवर्तन फास्ट गति में जा रहा है ।

167
01:31:21.250 --> 01:31:23.770
अच्छा ।

168
01:32:54.050 --> 01:33:29.649
सेवा का टर्न दिल्ली और आगरा जोन का है :- बापदादा ने सुना कि देहली शुरू से लेके सेवा की नई-नई बातें करती आई है ।

169
01:33:29.649 --> 01:33:32.399
की है ना !

170
01:33:32.399 --> 01:33:36.739
देहली ने की है ।

171
01:33:36.739 --> 01:33:51.710
तो अभी कोई नई इन्वेन्शन निकालो सेवा की ।

172
01:33:53.710 --> 01:34:10.449
जो भाषण चलते हैं प्रोग्राम चलते हैं वह भी अच्छे हैं

173
01:34:10.449 --> 01:34:20.000
क्योंकि उससे वृद्धि होती है और सम्बन्ध में आते हैं ।

174
01:34:20.449 --> 01:34:40.170
जो अभी चल रहे हैं वह भी अच्छे हैं लेकिन अभी यह प्रोग्राम्स बहुत समय चले हैं ।

175
01:34:42.170 --> 01:35:04.619
अभी कोई नई बात निकालो जो सेवा में करने वालों को नया उमंग नया उत्साह आये ।

176
01:35:06.619 --> 01:35:12.510
करेंगे ना !

177
01:35:15.710 --> 01:35:19.140
अच्छा है ।

178
01:35:19.140 --> 01:35:35.140
सभी उत्साह में लाकर सभी को उसमें बिजी करो ।

179
01:35:37.140 --> 01:35:56.850
यह जो बड़े प्रोग्राम होते हैं उसमें भाषण करने वाले तो बिजी होते हैं लेकिन दूसरे सिर्फ साथ देते हैं ।

180
01:35:58.850 --> 01:36:26.340
वह भी है जरूरी लेकिन ऐसा कोई कार्य निकालो जिसमें हर एक क्वालिटी वाले खुद करके बिजी रहें

181
01:36:30.000 --> 01:36:40.850
क्योंकि देहली को ही राजधानी बनना है ।

182
01:36:44.109 --> 01:36:56.680
तो देहली वालों को ऐसी कोई इन्वेन्शन निकालनी चाहिए ।

183
01:37:03.479 --> 01:37:06.619
ठीक है !

184
01:37:06.619 --> 01:37:11.649
ठीक है सभी करेंगे ?

185
01:37:11.649 --> 01:37:13.079
हाथ उठाओ ।

186
01:37:30.050 --> 01:37:33.770
अच्छा है ।

187
01:37:34.739 --> 01:37:38.449
कोई भी निकाल सकते हैं ।

188
01:37:38.449 --> 01:37:42.970
नये भी निकाल सकते हैं ।

189
01:37:57.649 --> 01:38:19.420
अगर दूसरे कोई को भी कोई संकल्प आवे तो वह भी यहाँ हेड आफिस में मधुबन आफिस में लिख सकते हैं ।

190
01:38:20.050 --> 01:38:25.079
सबको चांस है ।

191
01:38:30.510 --> 01:38:57.310
अच्छा।देहली वाले पुरूषार्थ में भी नम्बरवन लें।

192
01:38:59.880 --> 01:39:14.340
बापदादा ने बहुत समय से यह कहा है

193
01:39:14.340 --> 01:40:02.340
कि कोई भी सेन्टर चाहे देश चाहे विदेश सेन्टर उसके कनेक्शन में सेन्टर निर्विघ्न 6 मास रह कोई भी विघ्न नहीं आये ।

194
01:40:04.340 --> 01:40:09.199
निर्विघ्न ।

195
01:40:11.199 --> 01:40:32.510
अगर नम्बरवन बनेगा तो उसकी भी निर्विघ्न भव की डे मनायेंगे।

196
01:40:35.710 --> 01:40:48.510
अभी 6 मास कह रहे हैं 6 मास का अभ्यास होगा तो आगे भी आदत हो जायेगी ।

197
01:40:50.510 --> 01:41:00.109
लेकिन इनाम लेने के लिए 6 मास का टाइम देते हैं ।

198
01:41:04.220 --> 01:41:07.770
तो देहली क्या नम्बर लेगा ?

199
01:41:07.770 --> 01:41:11.770
पहला नम्बर ।

200
01:41:13.079 --> 01:41:19.310
बापदादा को खुशी है ।

201
01:41:23.020 --> 01:41:29.199
सारे परिवार को भी खुशी है ।

202
01:41:29.199 --> 01:41:41.310
सन्तुष्टता का बोलबाला हो ।

203
01:41:44.970 --> 01:42:02.220
चाहे सेवा में चाहे जो नियम बने हुए हैं उस नियम में

204
01:42:04.220 --> 01:42:17.079
तो देखेंगे बापदादा ने कहा है लेकिन अभी तक नाम नहीं आया है ।

205
01:42:23.020 --> 01:42:49.310
जोन नहीं तो जो भी बड़े सेन्टर हैं उसके कनेक्शन वाले सेन्टर इतना भी करेंगे तो बापदादा देखेंगे ।

206
01:42:52.340 --> 01:43:09.710
अभी जल्दी जल्दी कदम को आगे करना क्यों ?

207
01:43:09.710 --> 01:43:17.770
अचानक क्या भी हो सकता है ।

208
01:43:19.020 --> 01:43:24.220
तारीख नहीं बतायेंगे ।

209
01:43:33.710 --> 01:43:39.140
अच्छा देहली वाले बैठ जाओ ।

210
01:45:03.020 --> 01:45:26.449


211
01:45:30.449 --> 01:46:02.680


212
01:46:09.140 --> 01:46:32.510


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01:46:34.000 --> 01:46:59.819


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01:47:20.399 --> 01:47:43.939


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01:47:46.800 --> 01:48:09.539


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01:48:10.800 --> 01:48:41.420


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220
01:49:52.220 --> 01:49:55.710


221
01:49:55.710 --> 01:50:04.279


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01:50:09.140 --> 01:50:21.199


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01:50:35.819 --> 01:51:04.680


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01:51:08.739 --> 01:51:15.140


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01:51:15.939 --> 01:51:19.770


226
01:51:24.279 --> 01:51:59.770


227
01:52:01.770 --> 01:52:07.600


228
01:53:10.449 --> 01:53:31.649
आगरा सबजोन :- आगरा को ऐसा कोई कार्य या सेवा करनी है

229
01:53:31.649 --> 01:53:50.909
जो जैसे गवर्मेन्ट की लिस्ट में आगरा मशहूर है

230
01:53:50.909 --> 01:54:27.310
ऐसे आगरा वालों कोई न कोई ऐसी सेवा ढूंढो जो आलमाइटी गवर्मेन्ट में भी मशहूर हो ।

231
01:54:27.310 --> 01:54:34.800
तो जैसे आगरा में ताज हैं वैसे कुछ करो ।

232
01:54:36.800 --> 01:54:42.739
है उम्मींद है !

233
01:54:49.710 --> 01:54:58.510
उम्मींद है उसकी मुबारक हो ।

234
01:54:58.510 --> 01:55:04.279
लेकिन कितने समय में करेंगे ।

235
01:55:15.539 --> 01:55:47.479
( मेला करेंगे मेगा प्रोग्राम करेंगे ) मेगा प्रोग्राम तो सभी कर रहे हैं लेकिन कोई नई इन्वेन्शन निकालो जो किसी जोन ने नहीं किया हो ।

236
01:55:51.020 --> 01:56:04.279
क्योंकि आगरा सभी का देखने लायक है ।

237
01:56:06.279 --> 01:56:17.199
तो जैसे आजकल की गवर्मेन्ट का ताज है ना ।

238
01:56:19.199 --> 01:56:28.279
अगर प्रोपोगण्डा होती है तो आगरा उसमें मशहूर है ना ।

239
01:56:28.279 --> 01:56:32.909
ऐसा कोई कार्य करो ।

240
01:56:34.909 --> 01:56:52.050
सोचना अमृतवेले बैठना और सोचना तो कोई न कोई टाचिंग आ जायेगी ।

241
01:56:57.199 --> 01:57:05.310
ठीक है टीचर्स हाथ उठाओ ।

242
01:57:09.250 --> 01:57:12.850
बहुत हैं ।

243
01:57:13.649 --> 01:57:17.649
तो कमाल करना ।

244
01:57:21.600 --> 01:57:42.170
बाकी बापदादा सभी बच्चों को यही कहते हैं कोई नवीनता करो अभी ।

245
01:57:42.170 --> 01:58:09.649
जो चल रहा है समय अनुसार वह नवीनता है लेकिन अभी और नवीनता इन्वेन्शन करो कोई भी जोन करे लेकिन नया निकालो ।

246
01:58:12.800 --> 01:58:44.680
बाकी बापदादा को हर एक बच्चा प्यारा भी है और बापदादा हर एक बच्चे की विशेषता भी जानते हैं ।

247
01:58:44.680 --> 01:59:04.739
हर एक की विशेषता है जरूर लेकिन कोई कार्य में लगाते हैं कोई की छिप जाती है

248
01:59:05.880 --> 01:59:42.000
इसलिए बाप कहते हैं हर बच्चा बाप को प्यारा है सिकीलधा है और बाप यही चाहते कि उड़ते रहो उड़ाते रहो ।

249
02:00:33.199 --> 02:01:09.649
डबल विदेशी भाई बहिनों से :- डबल विदेशी हमेशा अनुभव करते हैं कि हम ब्राह्मण परिवार और बापदादा के विशेष सिकिलधे हैं क्यों !

250
02:01:11.649 --> 02:01:37.199
जितना ही देश के हिसाब से दूर हैं उतना ही बापदादा के दिल के नजदिक हैं ।

251
02:01:42.569 --> 02:02:16.850
यह विशेषता है बाबा जब कहते हैं तो बाबा कहने में ही सबकी शक्ल ऐसी प्यार में लवलीन हो जाती है

252
02:02:17.770 --> 02:02:39.539
जो बाप भी देख-देख हर्षित होते हैं और एक बात की विशेषता है

253
02:02:41.539 --> 02:03:09.199
कि जो भी भारत के नियम हैं उसको पालन करने में हिम्मत रखते हैं ।

254
02:03:11.819 --> 02:03:47.250
शुरू में भारत का कलचर है यह फील करते थे लेकिन अभी बापदादा ने देखा कि अभी यह कहते हैं कि हम भी पहले भारत के थे ।

255
02:03:48.220 --> 02:04:04.000
भारत का नशा राजधानी है ना भारत वह अच्छा दिल में बैठ गया है ।

256
02:04:05.199 --> 02:04:30.109
पूछते रहते हैं हम यह तो नहीं थे जो गये हैं उनके लिए पूछते हैं हम भी ऐसे थे क्या !

257
02:04:31.479 --> 02:04:46.340
भारत के बाप भारत के परिवार से प्यार है ।

258
02:04:51.710 --> 02:05:11.939
सेवा भी अब तक अच्छी की है और आजकल देखा है

259
02:05:11.939 --> 02:05:32.739
कि अपने आसपास जहाँ सेवा नहीं है वहाँ भी करने का लक्ष्य रखा है

260
02:05:33.420 --> 02:05:45.310
और रिजल्ट में कई जगह सक्सेस भी हुए हैं ।

261
02:05:53.939 --> 02:05:56.850
ऐसे है ना !

262
02:05:56.850 --> 02:05:59.649
कर रहे हैं ना सेवा ?

263
02:05:59.649 --> 02:06:14.449
हाथ उठाओ जो सेवा आसपास की कर रहे हैं अच्छा है ।

264
02:06:14.449 --> 02:06:19.369
बापदादा खुश है ।

265
02:06:37.710 --> 02:06:42.220
अच्छा  

266
02:06:51.649 --> 02:07:43.479
चारों ओर के बच्चे बाप के दिल के दुलारे हैं हर एक बच्चा यही लक्ष्य बार-बार स्मृति में लाते हैं

267
02:07:46.739 --> 02:08:17.710
और लाना है कि हमें तीव्र पुरूषार्थ कर बाप को प्रत्यक्ष करना है ।

268
02:08:17.710 --> 02:08:29.880
जो सबकी दिल कहे मेरा बाबा आ गया ।

269
02:08:33.600 --> 02:09:01.880
ऐसा उमंग और उत्साह का संकल्प आजकल बापदादा के पास पहुंच रहा है ।

270
02:09:05.199 --> 02:09:29.250
यह उमंग उत्साह मैजारिटी के दिल में आ गया है ।

271
02:09:33.369 --> 02:10:10.050
बापदादा की यही आश है कि अभी जल्दी से जल्दी सबको यह सन्देश पहुंचाना है कोई वंचित नहीं रहे ।

272
02:10:10.050 --> 02:10:16.399
कुछ न कुछ वर्सा ले लें ।

273
02:10:16.399 --> 02:10:47.020
चाहे जीवनमुक्ति का नहीं तो प्यार से मुक्ति का वर्सा तो ले लें क्योंकि बाप को सबको वर्सा देना है ।

274
02:10:47.020 --> 02:11:22.109
जितनों को वर्सा दिलायेंगे उतना आपको भी अपने राज्य में राज्य अधिकारी बनने का वर्सा मिलेगा ।

275
02:11:22.739 --> 02:11:52.340
सभी तरफ के हर बच्चे को बापदादा का बहुत-बहुत प्यार और दुआयें स्वीकार हो ।

276
02:11:55.819 --> 02:11:59.539
अच्छा ।

