WEBVTT

1
00:25:31.710 --> 00:26:17.539
आज चारों ओर के अपने बेफिक्र बादशाह बच्चों को देख रहे हैं ।

2
00:26:25.140 --> 00:26:57.079
ऐसी बेफिक्र बादशाहों की सभा अभी ही दिखाई देती है

3
00:27:01.200 --> 00:27:41.309
क्योंकि अभी ही बाप फिक्र लेके बेफिक्र बादशाह बनाते हैं

4
00:27:44.740 --> 00:28:14.450
इसलिए यह सभा इस समय ही आपकी दिखाई देती है ।

5
00:28:20.619 --> 00:29:11.019
अब सभी सवेरे से उठते तो बेफिक्र स्थिति में स्थित होते हैं खाते पीते कर्म करते कोई फिक्र नहीं ।

6
00:29:16.279 --> 00:30:17.079
सोते हैं तो भी बेफिक्र ऐसे बादशाह और बेफिक्र उठो सोओ ऐसे अनुभव करते हो ?

7
00:30:28.849 --> 00:31:12.170
क्योंकि आप सबने बाप को फिकर देके फखुर ले लिया इसलिए बेफिक्र बादशाह बन गये ।

8
00:31:18.450 --> 00:31:56.799
अगर चलते हुए कोई फिकर आ जाता है तो फिकर क्या बना देता है ?

9
00:32:00.509 --> 00:32:25.309
फखुर है तो आपके मस्तक में लाइट की चमक चमकती है ।

10
00:32:30.049 --> 00:32:52.849
अगर फिकर आ जाता है तो बोझ की टोकरी आ जाती है ।

11
00:33:00.049 --> 00:33:22.970
बताओ आपको लाइट की चमक अच्छी लगती है वा बोझ की टोकरी ?

12
00:33:26.450 --> 00:34:14.969
बेफिकर बादशाह स्वयं को भी प्रिय लगते और जो ऐसी स्थिति में उड़ते तो उनकी चमकती हुई लाइट देख दूसरों को कितना प्यार आता है ।

13
00:34:16.110 --> 00:34:56.909
इसलिए बापदादा सदा बच्चों को बेफिक्र बादशाह स्थिति में रहना यह स्मृति स्वरूप में टिकाते रहते हैं

14
00:35:03.880 --> 00:35:28.849
इसलिए आप लोगों का चित्र भी भक्त लोग डबल ताजधारी दिखाते हैं ।

15
00:35:38.510 --> 00:36:11.769
एक लाइट का ताज और दूसरा विकारों को जीतने का बादशाहपन का ताज डबल ताज दिखाते हैं

16
00:36:17.079 --> 00:36:47.369
इसलिए बापदादा यही सदा हर बच्चों को शिक्षा देते हैं

17
00:36:59.820 --> 00:37:15.139
सदा मौज में रहना बहुत सहज है ।

18
00:37:21.309 --> 00:37:26.849
क्या सहज है ?

19
00:37:33.079 --> 00:37:46.800
सिर्फ हद का मेरापन बाप को दे दो ।

20
00:37:49.539 --> 00:38:04.110
मेरे से तेरा किया तो बेफिकर बादशाह बन गये ।

21
00:38:05.309 --> 00:38:15.369
एक ही शब्द का अन्तर है तेरा मेरा ।

22
00:38:15.369 --> 00:38:39.480
ते और मे इस शब्द के अन्तर में बेफिकर बादशाह बन जाते ।

23
00:38:46.969 --> 00:38:50.619
सहज है ना !

24
00:38:50.619 --> 00:38:54.800
बने हो ना बेफिकर बादशाह ?

25
00:38:54.800 --> 00:39:00.280
कि अभी फिकर रहता है ?

26
00:39:01.710 --> 00:39:17.199
अगर कभी भी फखुर के बजाए फिकर आता है

27
00:39:21.820 --> 00:39:39.769
तो अन्तर सिर्फ तेरे के बजाए मेरा मानने से फिकर आता है ।

28
00:39:42.110 --> 00:40:05.139
तो सभी का लक्ष्य क्या प्रैक्टिकल है कि फिकर दे दिया या बीच-बीच में फखुर छोड़के फिकर में आ जाते !

29
00:40:06.449 --> 00:40:14.570
फिकर आता है कि बेफिकर ही रहते हो ?

30
00:40:14.570 --> 00:40:25.079
जो सदा बेफिकर बादशाह रहता है वह हाथ उठाओ ।

31
00:40:25.079 --> 00:40:38.000
बेफिकर बादशाह पक्का कि कभी-कभी !

32
00:40:40.000 --> 00:40:50.110
बेफिकर बादशाह हाथ ऊंचा उठाओ ।

33
00:41:03.480 --> 00:41:08.400
कभी-कभी वाले भी हैं ।

34
00:41:20.449 --> 00:41:29.880
सेवा का फिकर वह अलग बात है ।

35
00:41:34.800 --> 00:41:52.170
लेकिन वह फिकर औरों को भी बेफिकर बनाने का साधन है ।

36
00:41:55.139 --> 00:42:12.050
अपने संस्कार से अगर फिकर आता है

37
00:42:13.250 --> 00:42:28.340
तो उसको उस समय ही मेरे के बजाए तेरे में चेंज कर दो ।

38
00:42:31.369 --> 00:42:41.940
बाप को फिकर दे दो और फखुर ले लो

39
00:42:43.079 --> 00:43:06.050
क्योंकि बाप आया ही है बच्चों का फिकर लेके फखुर देने ।

40
00:43:12.280 --> 00:43:52.050
तो चेक करो मेरे में कभी-कभी बहुत समय का संस्कार इमर्ज तो नहीं होता ?

41
00:43:57.480 --> 00:44:22.570
क्योंकि बापदादा कुछ समय से बच्चों को यह बता रहे हैं

42
00:44:24.570 --> 00:44:46.570
कि वर्तमान समय के प्रमाण कभी भी कुछ भी हो सकता है

43
00:44:53.599 --> 00:45:26.679
और कभी भी हो सकता है इसलिए हर एक बच्चे को अपने को यह अटेन्शन देना है

44
00:45:34.969 --> 00:45:56.000
कि एक सेकण्ड में बिन्दी लगाने चाहो तो लगा सकते हो ?

45
00:45:59.599 --> 00:46:35.139
मानो कोई भी व्यर्थ संकल्प आ जाता तो बिन्दी द्वारा एक सेकण्ड में व्यर्थ को समाप्त कर सकते हो ?

46
00:46:35.139 --> 00:46:44.449
इतना अभ्यास है ?

47
00:46:46.170 --> 00:47:16.170
कि उस समय समय के सरकमस्टांश प्रमाण पुरूषार्थ करके व्यर्थ को मिटाने की आवश्यकता पड़ेगी !

48
00:47:18.170 --> 00:47:49.880
लगाओ बिन्दी और लग जाए क्वेश्चन मार्क क्यों क्या कैसे … उस समय यह सोचते रहे

49
00:47:52.449 --> 00:48:22.400
तो आने वाले समय में जो लक्ष्य है बाप के साथ चलेंगे बाप

50
00:48:23.880 --> 00:48:47.480
तो सेकण्ड में बिन्दू है और सेकण्ड भी बिन्दू है और फुलस्टाप भी बिन्दु ही है ।

51
00:48:50.449 --> 00:48:56.969
इतना अभ्यास है ?

52
00:49:00.619 --> 00:49:27.880
इसके लिए अब से इस अभ्यास के अभ्यासी होंगे

53
00:49:34.849 --> 00:49:56.849
तो बाप समान श्रीमत का हाथ में हाथ देते हुए अपने घर पहुंच जायेंगे ।

54
00:49:59.769 --> 00:50:27.019
इसलिए बापदादा ने पहले भी सुनाया तो बातों का अटेन्शन अण्डरलाइन करो ।

55
00:50:31.480 --> 00:50:35.940
दो बातें कौन सी ?

56
00:50:35.940 --> 00:51:06.619
एक संकल्प का खज़ाना और दूसरा समय का खज़ाना खज़ाने तो बहुत मिले हैं

57
00:51:07.769 --> 00:51:55.710
ज्ञान का खज़ाना शक्तियों का खज़ाना योग द्वारा जो भी मुख्य सम्पन्न बनने की युक्तियां हैं सब प्राप्त कराई है ।

58
00:52:00.619 --> 00:52:20.849
क्योंकि यह संगम का समय सारे कल्प में अमूल्य विशेष समय है

59
00:52:20.849 --> 00:52:53.880
इस समय ही जितनी प्राप्ति करने चाहो उतनी कर सकते हो क्योंकि यह एक जन्म महान जन्म है ।

60
00:52:53.880 --> 00:53:07.710
एक जन्म में अनेक जन्मों का प्रालब्ध बनाने का है ।

61
00:53:07.710 --> 00:53:23.480
संगमयुग का समय एक सेकण्ड भी गंवाना नहीं है ।

62
00:53:28.510 --> 00:53:41.650
एक सेकेण्ड का कनेक्शन अनेक जन्मों के साथ है ।

63
00:53:44.280 --> 00:54:03.599
जमा करने का एक वर्ष अनेक वर्षों की प्राप्ति का है

64
00:54:06.340 --> 00:54:27.369
इसलिए इस समय की वैल्यु सेकण्ड या मिनट नहीं एक घण्टा भी महान है ।

65
00:54:27.369 --> 00:54:32.400
एक सेकण्ड भी महान है ।

66
00:54:39.139 --> 00:55:02.449
और संकल्प इस संगम के जन्म का विशेष आधार है ।

67
00:55:11.139 --> 00:55:44.449
देखो जो योग लगाते हो तो मनमनाभव कहते हो और यह आधार है फाउण्डेशन का ।

68
00:55:46.449 --> 00:56:06.400
मन का काम ही है संकल्प करना संकल्प द्वारा ही याद के यात्रा की अनुभूति करते हो ।

69
00:56:11.480 --> 00:56:37.079
एक दो में भी खास भिन्न-भिन्न संकल्प देके अभ्यास कराते हो ना !

70
00:56:43.139 --> 00:57:58.340
तो सब चेक करो - समय की रफ्तार सारे दिन में चलते फिरते कर्म करते सम्बन्ध में आते अमूल्य रूप से रहा ?

71
00:58:01.769 --> 00:58:09.420
क्योंकि समय अमूल्य है ।

72
00:58:10.000 --> 00:58:28.170
संकल्प सर्वशक्तिवान बनाता है ।

73
00:58:37.880 --> 00:59:29.650
तो बापदादा बार-बार कहते हैं हे बापदादा के लाडले दिल में बसने वाले बच्चे अब व्यर्थ खाते को समाप्त करो ।

74
00:59:29.650 --> 00:59:34.219
सफल करो ।

75
00:59:34.219 --> 00:59:43.539
सफल करना ही सफलता है ।

76
00:59:45.539 --> 00:59:53.309
एक सेकण्ड गया यह नहीं सोचो ।

77
00:59:56.050 --> 01:00:43.139
हर सेकण्ड हर संकल्प सफल हुआ इतना अटेन्शन अपने ऊपर रखना ही है ।

78
01:00:54.110 --> 01:01:17.199
इतना फुलस्टॉप लगाने की चेकिंग करो ।

79
01:01:23.769 --> 01:01:29.420
अलबेले नहीं बनना ।

80
01:01:32.050 --> 01:02:24.619
बापदादा ने कहा था लेकिन हमने समझा नहीं समय को सोचा नहीं इतना समय फास्ट जा रहा है जायेगा ।

81
01:02:25.420 --> 01:03:06.969
अभी अलबेलापन बापदादा हर एक से लेने चाहते हैं ।

82
01:03:13.769 --> 01:03:25.019
यह नहीं सुनने चाहते कि मैंने समझा नहीं सोचा नहीं ।

83
01:03:48.449 --> 01:04:02.400
अभी वर्ष भी नया आने वाला है

84
01:04:04.400 --> 01:04:56.679
तो इस नये वर्ष में शुरू होने के पहले ब्राह्मण संसार से अलबेलापन साथ में आलस्य आलस्य भी भिन्न-भिन्न प्रकार का है

85
01:05:06.170 --> 01:05:36.619
इसका अभी जो समय पड़ा है वर्ष में इसमें अभ्यास शुरू करो और जब नया वर्ष शुरू होगा

86
01:05:36.619 --> 01:06:00.050
तो बापदादा को हिम्मत रख संकल्प करना और इसको विदाई देना ।

87
01:06:00.050 --> 01:06:08.110
वर्ष के साथ इसको भी विदाई दे देना ।

88
01:06:08.110 --> 01:06:12.000
दे सकते हो !

89
01:06:12.000 --> 01:06:15.820
दे सकते हो ?

90
01:06:16.110 --> 01:06:23.820
जो दे सकता है वह हाथ उठाओ ।

91
01:06:23.820 --> 01:06:32.619
( सभी ने हाथ उठाया ) वाह ! बच्चे वाह !

92
01:07:05.769 --> 01:07:19.940
हाथ उठाने में तो बापदादा को खुश बहुत करते हो ।

93
01:07:27.139 --> 01:08:03.199
बापदादा ने देखा है कि बहुत बच्चों को हाथ उठाने का रिटर्न करना याद रहता है ।

94
01:08:04.679 --> 01:08:14.000
और कोई याद रखने में भी अलबेले हो जाते हैं ।

95
01:08:28.000 --> 01:08:36.970
बापदादा से रूहरिहान बहुत अच्छी करते हैं ।

96
01:08:41.710 --> 01:08:52.109
हो जायेगा बाबा आप देखना अभी होगा अभी होगा…।

97
01:09:03.369 --> 01:09:37.020
बापदादा भी ऐसे अलबेले बच्चों का सुनके मुस्करा देता है और क्या करे !

98
01:09:52.000 --> 01:10:19.250
अच्छा है सोचते हैं करना है करना है करना है …

99
01:10:19.250 --> 01:10:41.880
यह बहुत सोचते हैं लेकिन कर रहे हैं या नहीं कर रहे हैं उसमें चेकिंग में फिर क्या कहेंगे ! अलबेले हो जाते हैं ।

100
01:10:44.569 --> 01:11:09.250
तो आज चारों ओर के बच्चों को बापदादा ने सुना तो जो अपने देश में अपने स्थानों में देखते रहते हैं

101
01:11:10.000 --> 01:11:20.399
वह भी अच्छा दिखाई देता है सुनाई भी देता है ।

102
01:11:20.399 --> 01:11:47.819
तो बापदादा सम्मुख आने वाले बच्चों को और अपने स्थानों पर सुनने वाले देखने वाले बच्चों को

103
01:11:49.819 --> 01:12:34.220
यही कहते अभी पुरूषार्थ को संकल्प को और संगम के समय को अण्डरलाइन लगाओ ।

104
01:12:58.340 --> 01:13:19.479
सभी बच्चे प्यार में तो मैजारिटी पास हैं ।

105
01:13:19.479 --> 01:13:45.020
प्यार के आधार पर अपने को अच्छा प्रोग्रेस कर रहे हैं ।

106
01:13:47.020 --> 01:14:09.939
प्यार के कारण बाप के प्यार का रेसपान्ड मिलने के कारण आगे बढ़ भी रहे हैं

107
01:14:15.600 --> 01:14:44.619
लेकिन बाप समझते हैं जैसे प्यार में अनुभवी बन आगे बढ़ रहे हो

108
01:14:44.619 --> 01:15:23.880
ऐसे ही याद की सबजेक्ट में अनेक जन्मों के विकर्म विनाश करने में और अटेन्शन दो ।

109
01:15:31.600 --> 01:15:35.369
क्यों ?

110
01:15:39.140 --> 01:16:02.109
विकर्म विनाश होंगे तो साथ-साथ चलेंगे नहीं तो पीछे-पीछे आयेंगे और बाप समझता है

111
01:16:02.109 --> 01:16:29.649
कि प्यार का रेसपान्ड यह है जो प्यार वाली आत्मा कहे वह करना ही है ।

112
01:16:32.800 --> 01:16:51.710
बाप चाहता है जब बच्चों का प्यार बाप से है तो साथ रहें ।

113
01:16:53.710 --> 01:17:07.079
राजधानी में भी ब्रह्मा बाबा के साथ राजधानी में आयें ।

114
01:17:09.600 --> 01:17:24.279
राजधानी में आना अर्थात् रॉयल फैमली में आये ।

115
01:17:26.279 --> 01:17:39.479
तख्त पर नहीं बैठे लेकिन रॉयल फैमिली के साथी तो बनें ।

116
01:17:41.479 --> 01:17:52.739
बापदादा ने पहले भी कहा है इसकी परख कैसे करो !

117
01:17:52.739 --> 01:18:26.220
जबसे आप आये हो जितनी आयु आपकी है ज्ञान की उतने समय में अगर आप बापदादा के दिलतख्तनशीन रहे हैं

118
01:18:27.710 --> 01:18:45.199
तो जो ज्यादा समय दिलतख्त पर रहे हैं मिट्टी में पांव नहीं रखा है

119
01:18:46.050 --> 01:19:01.710
वह उस अनुसार रॉयल फैमिली में नजदीक सम्बन्ध में रहेंगे ।

120
01:19:03.250 --> 01:19:09.310
रॉयल फैमिली वाले रहेंगे ।

121
01:19:12.170 --> 01:19:34.970
तो प्यार है तो प्यार वाले साथ में निभाने में पीछे नहीं रहते ।

122
01:19:41.770 --> 01:20:02.739
जो दिलतख्तनशीन हैं वह द्वापर कलियुग के भी संबंध में रहेंगे ।

123
01:20:04.050 --> 01:20:09.649
नजदीक रहेंगे ।

124
01:20:11.649 --> 01:20:52.279
इसलिए प्यार निभाने वाले सदा दिलतख्तनशीन रहो और जन्म-जन्म का हक लो

125
01:21:01.479 --> 01:21:23.649
इसलिए बापदादा हर बच्चे को प्यार करते हैं ।

126
01:21:24.619 --> 01:21:42.109
बाबा ने सर्टीफिकेट दिया कि प्यार की सबजेक्ट में मैजारिटी पास हैं ।

127
01:21:52.909 --> 01:22:04.970
अब सब सबजेक्ट में पास होना ही है ।

128
01:22:15.479 --> 01:22:23.600
पास होना है पास रहना है ।

129
01:22:33.310 --> 01:22:37.539
अच्छा ।

130
01:22:39.539 --> 01:22:51.479
पहले बारी जो बच्चे आये हैं वह उठो ।

131
01:22:57.479 --> 01:23:04.170
पहले बारी आये !

132
01:23:22.000 --> 01:23:27.649
आधा क्लास तो नया है ।

133
01:23:31.649 --> 01:23:47.770
आये हैं बापदादा आने वालों का स्वागत कर रहे हैं ।

134
01:24:06.340 --> 01:24:13.770
फिर भी मुबारक हो ।

135
01:24:15.770 --> 01:24:28.170
पहले बार आने की मुबारक हो ।

136
01:24:34.000 --> 01:24:56.970
भले लेट आये हो लेकिन फिर भी टूलेट के पहले आये हो ।

137
01:25:07.199 --> 01:25:32.170
अभी यह अटेन्शन रखना कि थोड़े समय में तीव्र पुरूषार्थी बन

138
01:25:36.220 --> 01:26:08.739
अपना भविष्य जितना बढ़ाने चाहो तीव्र पुरूषार्थ द्वारा आगे बढ़ सकते हो

139
01:26:12.569 --> 01:26:35.250
क्योंकि फिर भी अभी भी पुरूषार्थ करने की मार्जिन है ।

140
01:26:37.539 --> 01:26:51.479
जितना आगे बढ़ने चाहो उतना आगे बढ़ सकते हो ।

141
01:26:51.479 --> 01:27:33.479
बापदादा और यह दैवी परिवार आपको साथ-साथ आगे बढ़ने का वायब्रेशन देंगे इसलिए आगे बढ़ो हिम्मत रखो ।

142
01:27:34.279 --> 01:27:59.250
हिम्मत आपकी और मदद बापदादा और परिवार की आगे बढ़ो ।

143
01:28:01.250 --> 01:28:03.369
ठीक है ना !

144
01:28:03.369 --> 01:28:09.250
हाँ करो आगे बढ़ो ।

145
01:28:12.970 --> 01:28:18.909
अच्छा ।

146
01:28:49.369 --> 01:29:13.479
सेवा का टर्न गुजरात जोन का है :- गुजरात उठो ।

147
01:29:34.850 --> 01:29:39.770
हाथ हिलाओ ।

148
01:30:13.539 --> 01:30:28.220
गुजरात की संख्या ही इस हॉल में आधे हॉल से भी ज्यादा है ।

149
01:30:38.279 --> 01:30:40.850
अच्छा है ।

150
01:30:40.850 --> 01:30:51.420
जो गुजरात से पहले बारी आये हैं वह खड़े रहो ।

151
01:31:25.649 --> 01:31:39.369
अच्छा जो पहले बारी आये हैं उसमें भी गुजरात ज्यादा है ।

152
01:31:44.569 --> 01:31:47.710
अच्छा - मुबारक हो ।

153
01:32:00.619 --> 01:32:24.619
अभी गुजरात के रेग्युलर आने वाले और टीचर्स उठो ।

154
01:32:42.569 --> 01:32:46.909
अच्छा ।

155
01:32:48.449 --> 01:33:09.420
गुजरात सर्विस में तो आगे बढ़ रहे हैं ।

156
01:33:14.909 --> 01:33:23.819
अभी किसमें नम्बर लेना है ?

157
01:33:26.449 --> 01:34:00.850
संख्या में तो नम्बर ले लिया अभी निर्विघ्न जो बापदादा कहते हैं

158
01:34:01.710 --> 01:34:12.619
अभी किसी जोन का रिजल्ट में नाम नहीं आया है ।

159
01:34:13.310 --> 01:34:39.710
सबका लक्ष्य है लेकिन अभी तक इस बात में नम्बर नहीं लिया है ।

160
01:34:41.310 --> 01:34:57.880
बापदादा ने देखा कि यह नम्बर लेना लक्ष्य रखते हैं

161
01:34:57.880 --> 01:35:09.369
लेकिन प्रैक्टिकल में अभी प्लैन ही बना रहे हैं ।

162
01:35:12.970 --> 01:35:32.399
और अभी हर एक समझे कि हमें नम्बर लेना है ।

163
01:35:33.770 --> 01:35:37.880
लेना है ?

164
01:35:37.880 --> 01:35:50.619
लेना है तो मुख्य इतने लोग जो उठे हैं

165
01:35:50.619 --> 01:36:31.020
वह अपने-अपने सेन्टर को एक-एक अपने एरिया को अटेन्शन देकर नई दुनिया में जाने की तैयारी कर सकते हो ना !

166
01:36:37.310 --> 01:36:57.250
वहाँ तो राजा प्रजा सब एक होंगे निर्विघ्न होंगे ।

167
01:36:57.770 --> 01:37:11.369
लेकिन संस्कार वहाँ तो नहीं भरेंगे यहाँ ही भरना है ।

168
01:37:13.140 --> 01:37:42.000
तो बापदादा सभी को छोटा जोन है या बड़ा जोन है यह रिजल्ट देखने चाहते हैं ।

169
01:37:46.000 --> 01:38:17.369
बोलो निमित्त बनी हुई दादियां या दादे यह पहला इनाम कौन लेगा ?

170
01:38:20.399 --> 01:38:25.199
गुजरात लेगा ?

171
01:38:28.000 --> 01:38:31.420
कब तक ?

172
01:38:32.170 --> 01:38:35.600
6 मास चाहिए ?

173
01:38:37.600 --> 01:38:55.369
6 मास … जल्दी करेंगे मुबारक हो ।

174
01:39:12.170 --> 01:39:23.819
दादियां बोलो पहला नम्बर कब दिखाई देगा ?

175
01:39:24.800 --> 01:39:29.649
दिखाई देगा ना !

176
01:39:36.970 --> 01:39:48.109
मधुबन वाले उठो मधुबन वाले अच्छा ।

177
01:39:50.000 --> 01:39:56.850
हाथ हिलाओ ।

178
01:39:56.850 --> 01:40:00.619
मधुबन वाले हाथ उठाओ ।

179
01:40:12.800 --> 01:40:30.800
शान्तिवन या ऊपर पाण्डव भवन है जो तीन स्थान हैं ऊपर के और एक है नीचे शान्तिवन

180
01:40:30.800 --> 01:40:43.939
और पांचवा हॉस्पिटल भी है तो 5 पाण्डव हो गये ।

181
01:41:00.050 --> 01:41:05.420
तो पहले मधुबन वाले करेंगे ?

182
01:41:10.170 --> 01:41:16.680
हाथ उठाओ जो करेंगे ।

183
01:41:16.680 --> 01:41:20.279
मिलाना जानते हो ना !

184
01:41:20.279 --> 01:41:41.649
मधुबन वाले तो लकी हैं थोड़ा बहुत संगठन को पक्का करके साथी बनाओ ।

185
01:41:41.649 --> 01:41:58.569
और कोई में साथी नहीं बनाना इसमें एक दो को साथी बनाके पहला नम्बर मधुबन लेना चाहिए ।

186
01:42:00.220 --> 01:42:02.739
लेंगे !

187
01:42:02.739 --> 01:42:07.369
अभी ऐसे हाथ करो ।

188
01:42:10.680 --> 01:42:35.310
बीती सो बीती जो भी हुआ सबने देखा सुना और मधुबन वालों को तो बहुत गोल्डन चांस है ।

189
01:42:35.310 --> 01:42:39.479
मधुबन में सब आ गये ।

190
01:42:42.340 --> 01:42:56.220
तो मधुबन वाले अगर मिलके यह नहीं पाण्डव भवन अलग है

191
01:42:56.970 --> 01:43:09.880
या कोई और स्थान अलग है नहीं मधुबन माना सब एक है ।

192
01:43:12.970 --> 01:43:19.479
तो मधुबन वाले समझते हैं करेंगे !

193
01:43:19.479 --> 01:43:24.279
हाथ उठाओ जो करेंगे ।

194
01:43:26.449 --> 01:43:54.619
सभी ने उठाया जो समझते हैं करना क्या बड़ी बात है बापदादा है दादियां हैं तो बड़ी बात तो है नहीं ।

195
01:43:56.619 --> 01:44:00.279
दादियां क्या समझती हैं !

196
01:44:00.279 --> 01:44:05.649
मधुबन वाले तो नम्बरवन।

197
01:44:10.970 --> 01:44:24.000
अच्छा है बाबा ने सबको यह करके दिखाने का सबको कहा हुआ है

198
01:44:24.000 --> 01:44:32.850
लेकिन मधुबन मधुबन तो मधुबन है ।

199
01:44:34.850 --> 01:44:39.649
गुजरात ने कहा है करके दिखायेंगे ।

200
01:44:39.649 --> 01:44:42.050
अच्छा है ।

201
01:44:42.050 --> 01:44:51.369
सब वायब्रेशन देना हो जायेगा कोई बड़ी बात नहीं है ।

202
01:44:53.199 --> 01:44:59.020
विघ्न का नाम निशान नहीं ।

203
01:45:02.970 --> 01:45:11.140
चलो बात हुई कोई लेनदेन किया खत्म ।

204
01:45:21.649 --> 01:45:44.340
कुछ समय पहले जब दादी थी तो एक बारी सभी ने पाठ पक्का किया था हाँ जी का ।

205
01:45:47.369 --> 01:45:54.569
ना शब्द नहीं हाँ जी बहुत अच्छा ।

206
01:46:00.170 --> 01:46:04.970
मधुबन जायेगा पहला नम्बर ।

207
01:46:04.970 --> 01:46:13.880
बापदादा को मधुबन का फखुर है ना !

208
01:46:18.340 --> 01:46:27.479
हर एक जोन का फखुर है अभी मधुबन सामने आया है

209
01:46:27.479 --> 01:46:50.680
लेकिन बापदादा सभी जोन को कहते हैं हाँ जी मीठी आत्मा यह सबका पाठ पक्का है ।

210
01:46:50.680 --> 01:46:54.000
पक्का है ना ?

211
01:46:54.000 --> 01:47:00.000
इनाम तो मधुबन को लेना चाहिए ।

212
01:47:10.800 --> 01:47:21.079
एक सेकण्ड में बीती को बीती कर सकते हो !

213
01:47:23.079 --> 01:47:37.770
चलो पुरूषार्थी हैं हो भी गया लेकिन बीती को बीती कर उड़ो ।

214
01:47:38.970 --> 01:47:47.020
उड़ने वाले पीछे को छोड़ देते हैं तभी उड़ते हैं ।

215
01:47:51.770 --> 01:47:53.880
तो बहुत अच्छा ।

216
01:47:53.880 --> 01:47:57.649
अभी गुजरात कोई नवीनता करे ।

217
01:47:57.649 --> 01:48:07.420
बापदादा ने दिल्ली वालों को भी कहा नवीनता करो अभी ।

218
01:48:10.800 --> 01:48:28.399
बापदादा को समाचार मिला तो अभी यूथ ने विदेश और देश मिलके

219
01:48:29.539 --> 01:48:42.170
जो आरम्भ किया है उसमें अच्छी रिजल्ट हो सकती है ।

220
01:48:44.170 --> 01:49:24.970
अभी तो इन्वेन्शन शुरू की है लेकिन भारत या विदेश दोनों ही मिलकर और भी कमाल कर सकते हैं ।

221
01:49:24.970 --> 01:49:37.420
अभी तो आरम्भ किया है लेकिन दिल्ली वालों ने हिम्मत अच्छी रखी ।

222
01:49:40.850 --> 01:49:51.020
शुरू किया है अभी विश्व में यह फैल जाए

223
01:49:51.020 --> 01:50:16.850
तो विदेश और देश मिलकर एक ब्राह्मण परिवार बना है और विश्व के आगे विश्व को भी एक बनायेंगे ।

224
01:50:17.819 --> 01:50:34.340
शुरू तो हो गया है अभी मुस्लिम लोग भी आगे तो बढ़ रहे हैं ।

225
01:50:35.479 --> 01:51:00.220
लेकिन अब ऐसा बड़ा प्रोग्राम बनाओ जिसमें मुख्य देशों से आयें

226
01:51:02.220 --> 01:51:22.909
और विश्व में यह प्रसिद्ध हो तो सब एक पिता के बच्चे आपस में भाई बहन हैं

227
01:51:26.800 --> 01:51:42.109
ब्रदरहुड सिस्टरहुड यह आवाज फैलता रहे ।

228
01:51:46.000 --> 01:52:04.109
एक ही स्टेज पर सब तरफ के लोगों का विशेष अनुभव हो ।

229
01:52:10.680 --> 01:52:15.770
प्लैन तो बना रहे हैं सभी ।

230
01:52:17.310 --> 01:52:26.909
अभी बेहद में जा ही रहे हैं ।

231
01:52:37.079 --> 01:52:54.399
सबको मालूम हो तो यह एक गॉड फैमिली है यह प्रसिद्ध हो ।

232
01:52:58.569 --> 01:53:22.220
बाकी तो सभी जो भी आते हो सेवा भी कर रहे हो स्व पुरूषार्थ भी कर रहे हो

233
01:53:22.619 --> 01:53:43.710
और गॉडली कार्य है यह भी दुनिया के लिए प्रसिद्ध हो जायेगा ।

234
01:53:43.710 --> 01:53:48.619
एक फैमिली है ।

235
01:53:53.420 --> 01:54:07.310
अच्छा । गुजरात वालों ने संकल्प तो किया है बहुत अच्छा है अभी कुछ नवीनता भी करो ।

236
01:54:07.310 --> 01:54:13.539
हर जोन कुछ नया-नया प्लैन बनाये ।

237
01:54:14.340 --> 01:54:28.739
सिर्फ मधुबन या बड़े शहर बनावें सबके प्लैन में कोई न कोई विशेषता होती है

238
01:54:28.739 --> 01:54:46.000
वह सब विशेषतायें मिलाके एक ऐसा प्लैन बनाओ जो सब समझें हमारा प्रोग्राम है ।

239
01:54:46.000 --> 01:54:58.680
एडीशन जो भी करने चाहे वह अपना विचार दे सकते हैं ।

240
01:54:59.880 --> 01:55:06.399
सिर्फ आवाज अभी जल्दी फैलाओ ।

241
01:55:07.600 --> 01:55:19.020
उन्हों को भी टाइम तो मिले जो रहे हुए हैं कुछ तो वर्सा पाये ना ।

242
01:55:19.539 --> 01:55:24.739
अन्त में आयेंगे तो क्या पायेंगे !

243
01:55:25.199 --> 01:55:38.680
इसलिए सोचो जल्दी-जल्दी कुछ न कुछ वर्सा पा लें ।

244
01:55:38.680 --> 01:55:52.050
नहीं तो आपको उल्हना देंगे हमको लास्ट में क्यों बताया कुछ वर्सा तो लेने देते ।

245
01:55:53.250 --> 01:56:05.199
मुक्ति का वर्सा तो मिलेगा ही सभी को लेकिन जीवनमुक्ति का वर्सा ।

246
01:56:08.399 --> 01:56:12.340
अच्छा ।

247
01:57:18.340 --> 01:57:42.000
गुजरात की 50 कन्यायें समार्पित हुई हैं :- अच्छा शक्ति मिली !

248
01:57:56.970 --> 01:58:18.850
समार्पित होना अर्थात् जो बापदादा ने कहा वह किया ।

249
01:58:18.850 --> 01:58:32.109
तो संकल्प किया बापदादा का कहना और हमारा करना यह संकल्प किया ?

250
01:58:32.619 --> 01:58:35.710
हाँ हाथ उठाओ ।

251
01:58:42.850 --> 01:59:06.050
आगे चलकर समर्पण समारोह तो किया लेकिन अभी आगे कौन सी ट्रेनिंग करेंगी या समर्पण करेंगी ।

252
01:59:06.050 --> 01:59:22.449
कोई भी विघ्न को निर्विघ्न बनाने के निमित्त बनेंगी !

253
01:59:24.000 --> 01:59:27.020
यह ताकत आई ना ?

254
01:59:27.020 --> 01:59:31.939
समर्पण में यह भी तो हुआ ना ।

255
01:59:33.939 --> 01:59:45.079
तो समर्पण किया इसमें भी नम्बर लेना ।

256
01:59:47.079 --> 01:59:58.739
निर्विघ्न रहेंगे और निर्विघ्न स्थान को बनायेंगे ।

257
01:59:58.739 --> 02:00:02.279
नम्बर लेंगे ।

258
02:00:02.680 --> 02:00:05.369
अच्छा है ।

259
02:00:05.369 --> 02:00:17.079
एक कदम तो उठाया है अभी आगे कदम बढ़ाते ही रहना ।

260
02:00:19.079 --> 02:00:22.680
अच्छा है ।

261
02:00:27.710 --> 02:00:36.399
आगे-आगे बढ़ते रहेंगे और बढ़ाते रहेंगे ।

262
02:00:38.399 --> 02:00:41.710
अच्छा ।

263
02:00:42.619 --> 02:01:06.569
अभी आप मुख खोलो और गुलाबजामुन खाओ बापदादा भी समर्पण की टोली खिलाते हैं ।

264
02:01:49.199 --> 02:02:07.140
डबल विदेशी :- डबल विदेशी अर्थात् डबल पुरूषार्थी डबल तीव्र पुरूषार्थी ।

265
02:02:09.140 --> 02:02:20.970
बापदादा ने देखा उमंग उत्साह बहुत है ।

266
02:02:23.880 --> 02:02:40.800
कैसे भी हो लेकिन मैजारिटी मधुबन में हर साल में पहुंच जाते हैं ।

267
02:02:42.800 --> 02:02:57.539
परिवार और बापदादा से सम्मुख मिलन का उमंग बहुत है ।

268
02:02:58.220 --> 02:03:09.079
चाहे कैसे भी जमा करें लेकिन बापदादा ने देखा है

269
02:03:09.079 --> 02:03:21.819
कि इन्हों की टिकेट जमा करने के भिन्न-भिन्न तरीके बहुत अच्छे हैं ।

270
02:03:22.680 --> 02:03:36.739
कैसे भी करके हर साल मैजारिटी पहुंच जाते हैं ।

271
02:03:38.739 --> 02:03:45.539
विदेश को भी इन्डिया बना दिया है ।

272
02:03:50.220 --> 02:04:02.340
प्यार है मधुबन के वायुमण्डल से

273
02:04:04.340 --> 02:04:31.420
और बापदादा का भी यह उमंग उत्साह और इन्हों के भिन्न-भिन्न जमा करने का तरीका देखकर बहुत दिल में प्यार आता है वाह विदेशी वाह !

274
02:04:38.909 --> 02:05:04.510
पहले बड़ी बात लगती थी लेकिन अभी ऐसे ही आते हैं हर ग्रुप में जैसे और ग्रुप आता है इन्डिया का ऐसे कोई ग्रुप का नहीं जिसमें विदेशी नहीं आयें ।

275
02:05:07.199 --> 02:05:24.739
तो यह है मधुबन के या सारे विश्व के परिवार से प्यार ।

276
02:05:26.739 --> 02:05:32.279
बापदादा से तो प्यार है ही ।

277
02:05:38.800 --> 02:05:55.479
बापदादा को भी जैसे दिल से सब कहते मेरा बाबा

278
02:05:55.939 --> 02:06:06.399
क्योंकि बापदादा अमृतवेले भी विदेश में चक्र लगाता है ।

279
02:06:06.399 --> 02:06:17.420
बापदादा को आने जाने में कितना समय लगता ?

280
02:06:20.970 --> 02:06:31.199
वहाँ भी चक्र लगाते हैं बापदादा देखते हैं कैसे हैं ?

281
02:06:33.770 --> 02:06:46.340
लगन है मगन बनने में पुरूषार्थ अच्छा है ।

282
02:06:50.909 --> 02:07:01.819
अभी एक लगन मैजारिटी विदेश वालों की देखा है

283
02:07:01.819 --> 02:07:26.000
जैसे इन्डिया में रहे हुए स्थान रह नहीं जाए ऐसे विदेश में भी अभी बढ़ता जाता है

284
02:07:26.000 --> 02:07:38.739
जितना हो सकता है उतना चक्र लगाते भी सेवा करते रहते हैं ।

285
02:07:40.050 --> 02:07:44.340
अभी कितने देश हैं !

286
02:07:44.340 --> 02:07:49.939
अभी विदेश के कितने देशों में सेन्टर हैं ?

287
02:07:54.220 --> 02:08:19.710
( 137 देशों में सेवा चल रही है ) कितने सालों में इतने बनें !

288
02:08:38.510 --> 02:09:02.909
( लण्डन वाले 2011 में 40 साल मनायेंगे ) अच्छा है ताली बजाओ ।

289
02:09:22.619 --> 02:09:56.850
( स्पेन मैक्सिकों आदि कई जगह में 30 वर्ष का मना रहे हैं ) अच्छा है आप सबको भी सुनकर खुशी होती है ना ।

290
02:09:56.850 --> 02:09:58.850
क्यों ?

291
02:09:58.850 --> 02:10:17.819
कोई भी देश चाहे इन्डिया का चाहे विदेश का कम से कम बाप आया है

292
02:10:17.819 --> 02:10:40.109
यह सन्देश भी पहुंच जाए ऐसा नहीं कहे कि मेरा बाप आया मेरे को सन्देश भी नहीं दिया ।

293
02:10:41.310 --> 02:10:55.020
चाहे इन्डिया में चाहे विदेश में चलो काफी समय नहीं आवें

294
02:10:55.479 --> 02:11:06.850
लेकिन सन्देश तो सबको मिले भगवान आ गया ।

295
02:11:07.649 --> 02:11:20.800
भगवान आया और वर्सा देके चला गया इसमें रह नहीं जायें ।

296
02:11:20.800 --> 02:11:28.399
सन्देश देना आपका काम है चलना उनका काम है ।

297
02:11:28.399 --> 02:11:39.369
लेकिन सन्देश पहुंचाना यह आपका काम है जो जहाँ रहते हैं ।

298
02:11:41.369 --> 02:12:04.220
अभी जैसे साइंस के साधन बढ़ते जाते हैं बहुत जल्दी से जल्दी कोई भी बात फैल जाती है

299
02:12:04.220 --> 02:12:17.600
ऐसे प्लैन बनाओ जो सब तक सन्देश तो पहुंच जाए ।

300
02:12:21.020 --> 02:12:24.850
हो सकता है !

301
02:12:24.850 --> 02:12:28.510
हो सकता है ?

302
02:12:28.510 --> 02:12:31.600
मुश्किल है ?

303
02:12:33.939 --> 02:12:36.279
नहीं ।

304
02:12:37.880 --> 02:12:56.000
तो अभी लिस्ट निकालो भारत में कितने तक सन्देश पहुंचा है विदेश में कहाँ तक पहुंचा है !

305
02:12:57.600 --> 02:13:17.600
कोई साधन निकालो चाहे साइंस के साधन चाहे वैसे भी सम्बन्ध रखने का साधन लेकिन उल्हना न मिले ।

306
02:13:18.909 --> 02:13:32.220
अभी तो कई देश निकलेंगे जहाँ सन्देश नहीं पहुंचा है ।

307
02:13:38.909 --> 02:13:54.399
बहुत अच्छे साधन निकल रहे हैं लेकिन उनको यूज कैसे करें वह प्लैन बनाना पड़े ।

308
02:13:56.399 --> 02:14:02.510
अच्छा ।

309
02:14:18.000 --> 02:14:43.819
चारों ओर के बच्चों को बापदादा अभी मुबारक दे रहे हैं ।

310
02:14:44.970 --> 02:15:02.510
हर दिन हर घण्टे आगे बढ़ने की मुबारक हो ।

311
02:15:03.770 --> 02:15:18.800
समय आपका इन्तजार कर रहा है आप समय का इन्तजार नहीं करना ।

312
02:15:20.000 --> 02:15:52.170
आप समय को जितना समीप लाने चाहो समाप्ति को उतना समाप्ति को समीप ला सकते हो ।

313
02:15:53.539 --> 02:16:23.140
समय आने पर तैयार होना यह आप ब्राह्मणों का संकल्प नहीं हो आप समय को समीप लाओ ।

314
02:16:26.000 --> 02:16:55.250
समय बाप को कहता अभी ब्राह्मण आत्मायें मुझ समय को समीप लायें ।

315
02:16:57.250 --> 02:17:16.170
प्रकृति भी बाप को कहती अभी समाप्ति को समीप लावे ।

316
02:17:19.479 --> 02:17:24.799
तो बापदादा क्या जवाब दे ?

317
02:17:26.799 --> 02:17:30.569
क्या जवाब दे ?

318
02:17:30.569 --> 02:17:37.540
समय आया कि आया यह कहें !

319
02:17:40.739 --> 02:17:46.280
आपकी तरफ से यह जवाब दें ?

320
02:17:46.280 --> 02:17:50.340
क्या जवाब दें ?

321
02:17:52.340 --> 02:17:53.770
बोलो ।

322
02:17:53.770 --> 02:17:57.309
क्या जवाब दें ?

323
02:18:16.049 --> 02:18:46.000
अभी समाप्ति को समीप लाना अर्थात् स्वयं को सम्पन्न सम्पूर्ण बनाना

324
02:18:47.079 --> 02:19:04.739
क्योंकि बापदादा अकेले नहीं जायेगा बच्चों सहित जायेगा ।

325
02:19:06.739 --> 02:19:11.770
तो डेट फिक्स करना ।

326
02:19:11.770 --> 02:19:16.049
कब तक ?

327
02:19:26.110 --> 02:19:39.479
काम तो दिया है अब आपस में राय करना ।

328
02:19:39.479 --> 02:19:48.399
बापदादा जवाब क्या दे प्रकृति को !

329
02:19:48.399 --> 02:19:54.219
प्रकृति बहुत परेशान है ।

330
02:19:56.219 --> 02:20:09.540
दुःखी आत्मायें बहुत मन में चिल्ला रही हैं ।

331
02:20:11.540 --> 02:20:22.110
मन्सा सेवा अभी ज्यादा बढ़ाओ ।

332
02:20:40.110 --> 02:20:59.940
करते हैं मन्सा सेवा लेकिन लगातार बढ़ती रहे वह और बढ़ाओ

333
02:21:01.770 --> 02:21:17.540
क्योंकि प्रकृति और दुःखी आत्मायें बाप के पास आती हैं चिल्लाती हैं ।

334
02:21:20.739 --> 02:21:45.940
तो आप उन्हों को कुछ शान्ति या सुख की अनुभूति कराओ ।

335
02:21:45.940 --> 02:21:57.770
वह एक सेकण्ड की शान्ति भी चाहते हैं थोड़ी शान्ति दे दो ।

336
02:21:57.770 --> 02:22:10.739
जैसे भूखा होता है तो समझता है कि कुछ भी मिल जाए

337
02:22:10.739 --> 02:22:34.000
थोड़ा भी मिल जाए तो अभी मन्सा सेवा को भी बढ़ाओ ।

338
02:22:35.250 --> 02:22:43.600
वाचा की तो चल रही है बापदादा खुश है ।

339
02:23:02.850 --> 02:23:38.569
अच्छा बापदादा ने जो होमवर्क दिया वह याद रखना और रखवाना ।

340
02:23:40.569 --> 02:23:43.020
अच्छा ।

341
02:24:03.020 --> 02:24:29.540
बापदादा के दिलतख्तनशीन बच्चों को विश्व कल्याण के कर्तव्य में

342
02:24:31.540 --> 02:25:41.770
सदा आगे बढ़ने वालों को बापदादा दृष्टि देते हुए दिल का प्यार और मुबारक मुबारक हो … दे रहे हैं ।

343
02:25:46.340 --> 02:26:11.770
हर एक बच्चा दूर बैठे भी सम्मुख अनुभव कर रहे हैं

344
02:26:18.909 --> 02:27:01.250
और बापदादा सभी बच्चों को दिल में समाते हुए सभी बच्चों से नमस्ते नमस्ते कर रहे हैं ।

