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आज बापदादा चारों ओर के बच्चों को नया वर्ष और नई दुनिया की मुबारक देने

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सूक्ष्म वतन से स्थूल वतन में मुबारक देने आये हैं ।

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सभी बच्चे भी स्नेह और प्यार से अपने मधुबन घर में पहुंच गये हैं ।

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00:20:46.220 --> 00:21:04.450
दुनिया वाले तो सिर्फ न्यु वर्ष मनाते हैं

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जो एक दिन का होता है आप लोग नई दुनिया का संगम पर सदा मनाते रहते हो ।

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आपके सामने नई दुनिया नयनों में सदा समाई हुई है ।

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याद करो और पहुंच जाओ ।

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आंखों में समाई हुई है ना !

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अनुभव होता है कि अभी-अभी संगम पर हैं आज संगम पर हैं और कल अपने राज्य में गये कि गये !

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ऐसे नयनों में स्पष्ट दिखाई देती है ।

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00:24:34.049 --> 00:24:51.539
दुनिया वाले तो एक दो को एक दिन की मुबारक देते हैं

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लेकिन आपको बापदादा ने गिफ्ट में गोल्डन वर्ल्ड दी है जो काफी समय चलने वाली है ।

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ऐसी नयनों में समाई हुई है जो एक सेकण्ड में पहुंच सकते हो ।

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सबके सामने अपनी गोल्डन दुनिया नयनों में समाई हुई है ।

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एक सेकण्ड में पहुंच सकते हो ना !

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आज संगम में हैं कल राज्य अधिकारी बन राज्य करेंगे ।

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अभी समय अनुसार जानते हो कि आप पूर्वज के भक्त लोग दुःखी और अशान्त होने के कारण

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आप पूर्वज आत्माओं को कितना पुकार रहे हैं ।

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आवाज सुनने आता है कैसे दुःख अशान्ति से पुकार रहे हैं ?

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हमें शान्ति दे दो सुख दे दो खुशी दे दो ।

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आवाज सुनने आता है ?

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दो दो … तो अभी आप आत्माओं को रहमदिल कल्याणकारी दाता के बच्चे रूप में आत्माओं को

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मन्सा सेवा द्वारा देने का कार्य करना है ।

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बापदादा को तो बड़ा तरस पड़ता है इन दुःखी अशान्त आत्माओं पर ।

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आपको भी तरस पड़ता है ना !

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( खांसी आई ) आज ब्रह्मा बाप की खांसी आ गई है ।

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तो आपको भी आत्माओं के ऊपर तरस पड़ रहा है ना !

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अभी इस वर्ष में क्योंकि आज के दिन वर्ष नया आ भी रहा है और पुराना वर्ष जाने वाला भी है ।

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तो जाने वाले वर्ष में आपने क्या प्लैन बनाया है ?

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वर्ष तो जायेगा लेकिन आप सबने अपने लिए वर्ष के साथ क्या विदाई देंगे ?

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जैसे वर्ष विदाई लेगा वैसे आप अपनी जीवन में क्या विदाई देंगे ?

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और नया क्या भरेंगे ?

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सदा के लिए विदाई देंगे वा थोड़े समय के लिए ?

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क्योंकि बापदादा ने इशारा दिया है

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00:39:44.449 --> 00:41:04.739
कि अब तक जो पुराने संस्कार रहे हुए हैं उन संस्कारों को मन में देखकर जानकर समाप्त करना ही है ।

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बापदादा को यह पुराने संस्कार पुरूषार्थ में विघ्न रूप दिखाई देते हैं ।

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बच्चे एक तरफ कहते हैं बाबा ही मेरा संसार है फिर पुराने संस्कार कहाँ से आये ?

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00:43:06.280 --> 00:43:35.420
संसार ही बाप है तो यह पुराने संस्कार जो पुरूषार्थ में विघ्न डालते हैं यह खत्म होना चाहिए ना !

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अमृतवेले जब सब रूहरिहान करते हैं तो बाप ने देखा सब अपना पोतामेल देते हैं

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तो अब तक पुराने संस्कार ही पुरूषार्थ को ढीला करते हैं ।

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00:44:46.280 --> 00:45:27.019
तो आज के दिन वर्ष को विदाई देते हुए इन संस्कारों को भी विदाई दे सकते हो ?

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00:45:35.710 --> 00:45:38.800
दे सकते हो ?

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00:45:38.800 --> 00:45:43.369
हाथ उठाओ ।

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देना पड़ेगा ।

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00:45:46.570 --> 00:46:02.340
हाथ उठाना तो बहुत सहज है लेकिन मन का हाथ उठाना है ।

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उठा रहे हैं ।

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पुराने संस्कार को सदा के लिए … हाथ उठा रहे हो ।

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फिर से उठाओ ।

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00:46:28.679 --> 00:46:32.619
अच्छा ।

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बापदादा को मैजारिटी बच्चों ने हाथ उठाकर खुश कर दिया ।

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00:47:22.800 --> 00:47:34.510
बापदादा को यही खुशी है कि हिम्मत वाले बच्चे हैं ।

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00:47:35.309 --> 00:47:52.619
जहाँ हिम्मत है वहाँ बापदादा का सदा सहयोग है ।

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00:47:57.420 --> 00:48:44.510
तो अभी जब हाथ उठाया है तो हर छोटा बड़ा बाप के स्थान सदा के लिए निर्विघ्न हो गये ना !

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00:48:46.849 --> 00:49:11.940
क्योंकि बापदादा के पास जो रिजल्ट आती है उसका कारण पुराने संस्कार होते हैं ।

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00:49:17.480 --> 00:49:52.340
तो आज संस्कार संकल्प से समाप्त किया अर्थात् निर्विघ्न भव का वरदान लिया ।

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00:49:59.250 --> 00:50:01.480
लिया ?

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00:50:01.480 --> 00:50:07.420
वरदान लिया ?

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हिम्मत का फल तो मिलता है ना !

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00:50:20.510 --> 00:50:32.280
और बापदादा का वरदान मिला हुआ है

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00:50:33.079 --> 00:50:57.650
कि एक कदम बच्चों के हिम्मत का और अनेक कदम बाप की मदद के हैं ही है ।

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00:51:02.110 --> 00:51:39.079
तो यह संकल्प आज से याद रखना हमने पुराने संस्कार दे दिये ।

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00:51:43.480 --> 00:52:02.280
अगर मानो आपके पास वापस आये तो क्या करेंगे ?

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00:52:02.909 --> 00:52:07.250
क्या करेंगे ?

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वापस दी हुई चीज अपने पास नहीं रखी जाती है क्योंकि दे दी अर्थात् मेरी नहीं ।

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00:52:30.449 --> 00:52:39.710
तो जब मेरी नहीं तो अपने पास कैसे रख सकते ?

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00:52:44.219 --> 00:52:54.449
बाप को दिया तो बाप को ही देंगे ना ।

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00:53:01.769 --> 00:53:05.650
पक्का है ना दे दिया ना !

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पक्का ?

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अभी दो-दो हाथ उठाओ ।

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00:53:11.940 --> 00:53:13.940
पक्का ।

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00:53:32.739 --> 00:53:37.019
पीछे वाले भी उठा रहे हैं ।

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00:53:42.570 --> 00:53:54.800
बापदादा को यही खुशी है

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00:53:56.000 --> 00:54:29.650
कि कलियुग में रहते भी जो बाप द्वारा प्राप्ति हुई है उसका अनुभव अब संगम पर करेंगे ।

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00:54:30.800 --> 00:54:51.820
दुनिया के लिए कलियुग है लेकिन आपके लिए संगमयुग अर्थात् सर्व प्राप्तियों का युग है ।

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00:54:57.079 --> 00:55:17.199
परमात्म प्राप्तियां सर्व शक्तियां सर्व गुण सर्व ज्ञान का खज़ाना

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00:55:18.570 --> 00:55:32.340
जो प्राप्त है उसका प्रैक्टिकल अनुभव करेंगे ।

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00:55:35.250 --> 00:55:47.019
तो आज के दिन बापदादा जिन्होंने भी हाथ उठाया है

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उन सभी बच्चों को चाहे यहाँ सम्मुख बैठे हैं चाहे दूर बैठे देश विदेश में सुन रहे हैं

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उन सभी बच्चों को बहुत दिल से क्या दे रहे हैं ?

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मुबारक तो दे रहे हैं लेकिन मुबारक के साथ सभी के मस्तक के ऊपर हाथ रख रहे हैं ।

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00:57:15.369 --> 00:57:31.369
आप भी बापदादा भी मन ही मन में डांस कर रहे हैं वाह बच्चे वाह !

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00:57:39.710 --> 00:57:48.340
अभी आप भी मन में डांस कर रहे हो ।

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00:57:48.969 --> 00:57:54.909
बोलो हाँ जी ।

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00:58:08.739 --> 00:58:12.340
अभी देखना टीचर्स ।

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जो भी टीचर्स हैं वह हाथ उठाओ ।

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फारेन की टीचर्स भी हैं ना !

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बापदादा को तो हर एक बच्चे का यह दृढ़ संकल्प सुन खुशी है

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कि अभी जो बापदादा चाहते हैं कि बाप समान बच्चों ने लक्ष्य रखा है

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00:59:41.940 --> 01:00:17.710
सम्पन्न सम्पूर्ण बनने का उसमें यह निर्विघ्न रहने का दृढ़ संकल्प सम्पन्न समय को भी समीप लायेगा ।

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01:00:45.250 --> 01:01:00.219
बापदादा को यह भी खुशी है

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01:01:05.480 --> 01:01:30.739
कि सभी बच्चों ने जो संकल्प किया है वह सम्पन्न करेंगे

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01:01:32.739 --> 01:02:08.219
और जो दुनिया वाले दुःखी हैं अशान्त हैं उसकी मन्सा सेवा कर उन्हों को भी कुछ न कुछ सहारा देते रहेंगे

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01:02:08.219 --> 01:02:32.050
क्योंकि बापदादा को बच्चों का पुकारना चिल्लाना सहन नहीं होता ।

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01:02:32.050 --> 01:02:37.139
है तो आपका भी परिवार ना !

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01:02:41.309 --> 01:02:56.969
तो बहुत बढ़ रहा है दुःख अशान्ति तो अब रहमदिल बनो ।

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01:02:58.969 --> 01:03:33.539
यह संकल्प भी साथ में करो कि चलते फिरते अमृतवेले आत्माओं की मन्सा सेवा भी अवश्य करेंगे यह संकल्प ले सकते हो ?

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01:03:33.539 --> 01:03:56.849
जैसे यह संकल्प लिया तो संस्कार को समाप्त करेंगे सदा के लिए सदा के लिए लिया है ना !

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01:03:56.849 --> 01:04:01.369
थोड़े समय के लिए तो नहीं ।

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01:04:01.369 --> 01:04:13.019
तो जैसे संस्कार को समाप्त कर बाप समान बनेंगे

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01:04:13.019 --> 01:04:28.849
ऐसे दाता के बच्चे बन मास्टर दाता स्वरूप से मन्सा सेवा भी करनी है ।

101
01:04:28.849 --> 01:04:32.000
इसके लिए तैयार हो ?

102
01:04:32.000 --> 01:04:35.139
मन्सा सेवा करने के लिए तैयार हो ?

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01:04:35.139 --> 01:04:42.219
हाथ उठाओ मन्सा सेवा भी करेंगे ?

104
01:04:47.420 --> 01:05:14.050
सारे दिन में जो भी टाइम मिले उसमें मन्सा सेवा जरूर करना

105
01:05:15.019 --> 01:05:39.480
क्योंकि आप बच्चों को ही सुखमय संसार लाना है ।

106
01:05:39.480 --> 01:06:02.110
बाप ने आप बच्चों को इसी सेवा के लिए राइटहैण्ड बनाया है ।

107
01:06:04.679 --> 01:06:08.679
हाथ से दिया जाता है ना ।

108
01:06:08.679 --> 01:06:13.019
तो आप बाप के राइट हैण्ड हैं ।

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01:06:13.019 --> 01:06:55.139
तो बापदादा आप राइट हैण्ड अर्थात् हाथों द्वारा सभी को यह सेवा दिलाने चाहता कि कुछ न कुछ देते रहो ।

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01:06:56.340 --> 01:07:39.599
वह चिल्ला रहे हैं दो-दो और आप दुःखियों को सुख दे परेशान को कुछ शक्ति दे करके पुण्य का काम करो ।

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01:07:47.820 --> 01:08:10.510
अभी आप बच्चे जो अपने आपको जाना बाप को जाना वर्से के अधिकारी बने

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01:08:10.510 --> 01:08:27.079
तो दूसरों को भी बनाओ क्योंकि अभी सभी मुक्ति चाहते हैं ।

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01:08:31.020 --> 01:08:47.250
सभी को मुक्ति में भेज आप बाप के वरदान से राज्य अधिकारी बनेंगे

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01:08:52.510 --> 01:09:24.619
इसलिए बाप यही हर बच्चे को संकल्प दे रहे हैं निर्विघ्न भव सेवाधारी भव ।

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01:09:30.170 --> 01:09:39.939
जो बच्चे बाप के बन गये हैं

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01:09:44.619 --> 01:10:19.479
उन बच्चों को संगमयुगी ब्राह्मण जीवन का मजा अनुभव हो रहा है और होता ही रहेगा ।

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01:10:24.109 --> 01:10:40.619
जो अपने को चाहे नये आये हैं चाहे पुराने भी हैं

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01:10:40.619 --> 01:11:03.479
लेकिन अपने को समझते हैं बाप के वर्से के अधिकारी हैं

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01:11:03.479 --> 01:11:29.539
अतीन्द्रिय सुख में झूलते रहते हैं और आगे भी जो संकल्प किया है संस्कार पर विजयी बनने का संकल्प लिया है

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01:11:32.739 --> 01:11:54.850
वह सभी आत्मायें कोटों में कोई बने हैं या कोई में भी कोई बने हैं ?

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01:12:00.970 --> 01:12:22.449
बच्ची ने कहा है ना जनक ने 108 की माला 16 हजार की माला का खास मिलन करो ।

122
01:12:27.649 --> 01:13:01.770
तो आप जो समझते हैं कि हम 16 हजार या 108 इस माला में आने ही वाले हैं वह हाथ उठाओ ।

123
01:13:13.479 --> 01:13:17.880
नये नये भी उठा रहे हैं ।

124
01:13:17.880 --> 01:13:21.199
मुबारक हो ।

125
01:13:23.199 --> 01:13:28.800
निश्चयबुद्धि विजयी होते हैं ।

126
01:13:28.800 --> 01:13:47.819
बापदादा भी जानते हैं कि जो निश्चयबुद्धि हैं वह आगे जा सकते हैं जायेंगे ।

127
01:13:53.079 --> 01:14:00.109
अच्छा यहाँ बैठे हैं ना सामने ।

128
01:14:00.109 --> 01:14:06.449
हाथ उठाओ जो पहली बारी आये हैं ।

129
01:14:57.199 --> 01:15:08.050
सभी की तरफ से बापदादा आप लोगों को मुबारक दे रहे हैं ।

130
01:15:15.369 --> 01:15:29.819
निश्चय जो किया है ना वह अमृतवेले सदा इसको रिवाइज करते रहना ।

131
01:15:34.739 --> 01:16:10.850
अच्छा । बापदादा को बच्चों को देख खुशी होती है कि समय टूलेट के पहले अपने वर्से के अधिकारी बन गये ।

132
01:16:10.850 --> 01:16:33.310
इसीलिए सर्व परिवार यहाँ आये हुए या अपने-अपने सेन्टरों पर रहने वाले

133
01:16:33.310 --> 01:16:49.079
सभी बच्चों की तरफ से भी बापदादा आप सबको मुबारक दे रहे हैं ।

134
01:16:58.340 --> 01:17:11.819
अभी आप कमाल करना एक हिम्मत है बोलें ?

135
01:17:11.819 --> 01:17:16.510
हिम्मत है ?

136
01:17:18.510 --> 01:17:33.310
आप लोग पहले से ही निर्विघ्न रहना ।

137
01:17:35.310 --> 01:17:49.649
निश्चय और नशा में नम्बरवन जाना।

138
01:17:51.649 --> 01:18:19.020
बापदादा को खुशी होती है कि पुराने तो पुराने हैं लेकिन नये थोड़े समय में कमाल दिखायेंगे ।

139
01:19:18.000 --> 01:19:21.310
अच्छा ।

140
01:19:21.310 --> 01:20:02.340
अभी बापदादा चाहे नये हैं चाहे पुराने हैं सभी को एक सेकण्ड का कार्य देते हैं ।

141
01:20:11.819 --> 01:20:39.600
सभी अभी-अभी एक सेकण्ड में अपने आपको

142
01:20:41.600 --> 01:21:13.770
और सभी संकल्पों से दूर कर एक सेकण्ड में अपने को बिन्दू रूप में स्थित कर सकते हैं ।

143
01:21:13.770 --> 01:21:16.619
करेंगे ?

144
01:21:16.619 --> 01:21:32.850
एक सेकण्ड में मैं बिन्दू हूँ कोई संकल्प नहीं बिन्दू हूँ ।

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01:22:22.449 --> 01:22:47.369
जिसने सेकण्ड में अपने को बिन्दू स्थिति में स्थित किया वह हाथ उठाओ ।

146
01:22:55.420 --> 01:23:00.170
सेकण्ड में लगाया ।

147
01:23:00.170 --> 01:23:02.680
अच्छा ।

148
01:23:02.680 --> 01:23:52.170
अभी यह प्रैक्टिस 15 दिन सारे दिन में हर घण्टे में एक सेकण्ड में बिन्दू लगाओ

149
01:23:53.479 --> 01:24:17.079
यह प्रैक्टिस हर एक करना और वहाँ वातावरण में रहकर अपने कार्य में रहते चेक करना

150
01:24:18.050 --> 01:24:34.279
कि एक सेकण्ड में बिन्दू रूप में सफलता मिली ?

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01:24:36.739 --> 01:24:54.970
क्योंकि यहाँ तो वायुमण्डल भी है लेकिन अपने-अपने स्थान में रहते

152
01:24:58.109 --> 01:25:19.939
सेकण्ड में बिन्दू स्वरूप में स्थित हो सकते हैं यह अभ्यास करना

153
01:25:20.800 --> 01:25:31.939
क्योंकि बापदादा ने बता दिया है जितना आगे चलते जायेंगे

154
01:25:31.939 --> 01:25:54.449
उतना यह एक सेकण्ड में बिन्दू स्थिति में स्थित होने की आवश्यकता पड़ेगी ।

155
01:25:55.140 --> 01:26:19.819
इसलिए अपने आपको ही चेक करना और अपने-अपने स्थान में रिपोर्ट टीचर को लिखकर देना ।

156
01:26:24.279 --> 01:26:38.109
फिर टीचर्स द्वारा चाहे यहाँ हैं या नहीं भी हैं

157
01:26:38.109 --> 01:26:59.479
सभी के क्लासेज में यह होमवर्क है इसकी रिजल्ट बापदादा के पास आयेगी

158
01:26:59.479 --> 01:27:36.619
तो देख लेंगे इससे पता पड़ेगा कि आप 108 या 16 हजार की माला उसके अधिकारी हैं

159
01:27:36.619 --> 01:28:02.109
सेकण्ड में रोज की दिनचर्या में कितना सफल हुए उससे पता पड़ेगा कि आप किस योग्य हैं ।

160
01:28:03.710 --> 01:28:17.649
क्योंकि अभी हाथ उठवायेंगे कौन अपने को समझते हैं प्रैक्टिकल धारणा में

161
01:28:18.569 --> 01:28:41.369
कि मैं 108 या 16 हजार की माला में आयेंगे ।

162
01:28:42.279 --> 01:28:51.199
आप सिर्फ रिजल्ट लिखना उससे समझ जायेंगे

163
01:28:57.880 --> 01:29:12.279
क्योंकि दादियां मानो नाम देती हैं

164
01:29:14.279 --> 01:29:39.420
तो कोई समझेंगे हम भी आ सकते हैं ना इसलिए इस रिपोर्ट से पता पड़ जायेगा ।

165
01:29:55.939 --> 01:30:38.449
बापदादा पूछते हैं कि सदा सेकण्ड में जो रूप अनुभव करने चाहो वह कर सकते हो ?

166
01:30:38.449 --> 01:30:43.079
सेकण्ड में ?

167
01:30:44.569 --> 01:31:11.020
5 स्वरूप जो सुनाये थे वह भी जब चाहो तो सेकण्ड में वह स्वरूप बन सकते हो ?

168
01:31:11.020 --> 01:31:52.170
यह प्रैक्टिस करके अपने आपका मालूम पड़े कि मैं जो चाहूं उस स्थिति में सेकण्ड में रह सकता हूँ या टाइम लगता है ।

169
01:32:04.800 --> 01:32:37.710
बाकी बापदादा खुश है कि हाथ उठाने में मैजारिटी हाथ उठाते हैं ।

170
01:32:45.250 --> 01:33:06.800
अभी यह हाथ उठाया है लेकिन अभ्यास करते-करते यह ऐसा हो जायेगा

171
01:33:08.399 --> 01:33:32.279
जैसे अभी द्वापर कलियुग के अभ्यास में देह अभिमान में आना नेचरल हो गया है

172
01:33:34.279 --> 01:33:53.140
ऐसे जिस स्वरूप में भी स्थित होने चाहो वह ऐसा ही इजी हो जाए

173
01:33:55.140 --> 01:34:25.479
क्योंकि समय ऐसा आने वाला है जिसमें आपको इस अभ्यास की आवश्यकता पड़ेगी ।

174
01:34:27.880 --> 01:35:03.880
तो यह अभ्यास हर एक अपने-अपने कार्य में होते करते रहो और रिजल्ट अपनी निमित्त टीचर्स को देते रहो ।

175
01:35:11.939 --> 01:35:39.420
तो इस वर्ष की समाप्ति में यह प्रैक्टिस करते रहना ।

176
01:35:41.420 --> 01:35:49.819
अपने आपेही करो अपना टीचर भी आप बनो

177
01:35:49.819 --> 01:36:09.420
लेकिन रिजल्ट दिखाने के लिए अपना चार्ट देते रहेंगे तो अटेन्शन जायेगा ।

178
01:36:16.170 --> 01:36:32.569
ऐसा अनुभव करो जैसे हाथ को जहाँ चाहो ठहरे ठहरा सकते हो ना !

179
01:36:33.310 --> 01:36:47.600
ऐसे मन को जिस स्थिति में रहाने चाहो उस स्थिति में रहे ।

180
01:36:51.819 --> 01:37:02.619
महामन्त्र भी यादगार में मनमनाभव है ।

181
01:37:04.619 --> 01:37:27.020
मन की ड्रिल इसमें सफलता कितनी है वह अपना आप ही अनुभव करो ।

182
01:37:51.140 --> 01:38:30.340
बापदादा यही चाहते हैं कि एक-एक बच्चा अभी संगमयुग का सुख संगमयुग की प्राप्तियां हर प्राप्ति के अनुभवी बनें ।

183
01:38:39.140 --> 01:38:55.369
अपने आपको चेक करना हर प्राप्ति हर शक्ति हर ज्ञान के राज़ को

184
01:38:55.369 --> 01:39:13.310
योग की हर विधि को धारणा में भी हर धारणा में अनुभवी बना हूँ ?

185
01:39:20.739 --> 01:39:42.109
अपनी सारी चेकिंग करते रहो और आगे से आगे बढ़ाते रहो ।

186
01:39:48.220 --> 01:40:12.449
तो आज बापदादा चेकिंग और प्राप्ति इसको चेक करने के लिए कह रहे हैं ।

187
01:40:13.649 --> 01:40:46.449
कोई भी प्राप्ति में कम हो गये तो ड्रामानुसार परीक्षायें भी समय अनुसार वही आयेंगी

188
01:40:46.449 --> 01:41:17.539
इसलिए सब सबजेक्ट में सम्पन्न और सम्पूर्ण की चेकिंग करो और चेंज करो ।

189
01:41:26.619 --> 01:42:19.880
तो आज के दिन बापदादा आप सबके साधारण स्वरूप में भी आपके भविष्य का रूप प्राप्तियों का रूप देख रहे हैं ।

190
01:43:43.079 --> 01:43:47.199
अच्छा ।

191
01:43:48.510 --> 01:44:47.199
सभी तरफ के सिकीलधे बापदादा के दिलतख्तनशीन बापदादा के फरमानवरदार आज्ञाकारी तीव्र पुरूषार्थी बच्चों को

192
01:44:47.199 --> 01:45:32.170
बापदादा का बहुत-बहुत दिल का प्यार और बापदादा की मुबारक हो मुबारक हो मुबारक हो ।

193
01:45:36.619 --> 01:45:59.079
बापदादा को भी बच्चों को देख खुशी होती है वाह वाह वाह ! मेरे बच्चे वाह !

194
01:46:42.109 --> 01:46:55.250
सेवा का टर्न इन्दौर जोन का है :-

195
01:47:49.819 --> 01:48:22.000
सभी इन्दौर निवासी सेवा और याद में लगे हुए हैं ।

196
01:48:24.909 --> 01:49:21.649
बापदादा को खुशी है कि हर एक अपने-अपने पुरूषार्थ और प्राप्ति के अनुभव से आगे बढ़ रहे हैं और बढ़ते रहेंगे ।

197
01:49:31.199 --> 01:50:14.279
हिम्मत अच्छी है इसलिए जहाँ हिम्मत है वहाँ हिम्मत का फल और हिम्मत का बल दोनों ही प्राप्त होता है ।

198
01:50:19.020 --> 01:50:36.970
अभी आगे बापदादा यही चाहते हैं

199
01:50:36.970 --> 01:51:19.479
कि हर जोन कोई न कोई सेवा या अपनी स्थिति निर्विघ्न

200
01:51:23.369 --> 01:51:48.800
और पुरूषार्थ तीव्र करने वाले बाप के प्यारे हैं और आगे भी बाप के प्यारे बन बढ़ते रहेंगे ।

201
01:51:50.800 --> 01:51:55.649
अच्छा है ।

202
01:51:58.739 --> 01:52:24.739
इन्दौर की यही विशेषता है जो गवर्मेन्ट वहाँ की गवर्मेन्ट के पास कनेक्शन अच्छा है ।

203
01:52:27.770 --> 01:52:49.600
अभी उन्हों को गवर्मेन्ट के निमित्त बने हुए कनेक्शन वाले उन्हों को सेवा में सहयोगी बनाओ ।

204
01:52:52.850 --> 01:53:02.279
है भी कनेक्शन अच्छा उन्हों से सेवा कराओ ।

205
01:53:06.569 --> 01:53:44.170
ऐसे कार्य के अर्थ साथी बनाओ जो उन्हों के सहयोग से लोगों के ऊपर प्रभाव पड़े सर्विस में साथी बनाओ ।

206
01:53:48.619 --> 01:54:00.050
इच्छुक हैं लेकिन थोड़ा आगे बढ़ाओ ।

207
01:54:04.220 --> 01:54:09.310
घरू बनाओ उन्हों को ।

208
01:54:16.170 --> 01:54:22.109
आ सकते हैं ।

209
01:54:34.340 --> 01:54:40.279
बाकी संख्या तो बहुत है ।

210
01:54:42.739 --> 01:54:55.710
इन्दौर से जो आज पहली बार आये हो वह हाथ ऊंचा करो ।

211
01:54:55.710 --> 01:55:11.819
इन्दौर वाले ऊंचा हाथ उठाओ ।

212
01:55:26.680 --> 01:55:52.000
बाकी अच्छा है हर एक जोन अपने-अपने सेवा में सफलता पा रहे हैं और पाते रहेंगे ।

213
01:55:54.739 --> 01:56:11.020
बापदादा हर बच्चे को देख खुश है ।

214
01:56:31.479 --> 01:56:37.140
आगे बढ़ रहे हैं बढ़ते रहेंगे ।

215
01:56:59.819 --> 01:58:14.220
ज्युरिस्ट विंग :- अच्छा है ज्युरिस्ट विंग अपना कार्य कर भी रहे हैं और आगे भी करेंगे ।

216
01:58:16.510 --> 01:58:20.340
अच्छा है ।

217
01:58:20.340 --> 01:58:39.710
पहले भी ज्युरिस्ट विंग को बापदादा ने इशारा दिया था

218
01:58:40.970 --> 01:59:11.140
तो ऐसे कोई ज्युरिस्ट निकालो जो आपस में ग्रुप बनाके यह सिद्ध करे

219
01:59:13.649 --> 01:59:32.050
कि गीता का भगवान परमात्मा हो सकता है ।

220
01:59:35.020 --> 01:59:48.000
ऐसे कोई ग्रुप बनाओ ।

221
01:59:48.000 --> 02:00:13.199
जैसे धर्म वालों को कहा था तो थोड़ा-थोड़ा कोशिश तो की ऐसे ज्युरिस्ट विंग भी ऐसा ग्रुप बनाये

222
02:00:14.279 --> 02:00:26.800
जो सिद्ध करे कि गीता का भगवान कौन है ?

223
02:00:28.109 --> 02:00:31.539
हो सकता है ना !

224
02:00:31.539 --> 02:00:36.510
हो सकता है ?

225
02:00:41.649 --> 02:01:07.079
क्योंकि अब यह दो बातें दुनिया में प्रसिद्ध होनी चाहिए एक गीता का भगवान और दूसरा सर्वव्यापी नहीं है ।

226
02:01:09.079 --> 02:01:23.770
यह दो बातें धीरे-धीरे प्रसिद्ध हो जाएं ।

227
02:01:36.739 --> 02:01:53.539
जैसे अभी दुनिया में यह प्रसिद्ध हो गई है

228
02:01:54.220 --> 02:02:23.369
कि वास्तव में ब्रह्माकुमारियाँ मन की शान्ति मन की उलझन मेडीटेशन से दूर कर रही हैं ।

229
02:02:23.369 --> 02:02:44.170
अभी धीरे-धीरे कोई भी मन में अशान्ति वाला समझता है

230
02:02:44.170 --> 02:02:52.510
कि ब्रह्माकुमारियों के पास इसका साधन अच्छा है ।

231
02:02:52.510 --> 02:03:20.220
धीरे-धीरे प्रसिद्ध होता जा रहा है ऐसे यह दो बातें अथॉरिटी वालों के पास प्रसिद्ध हो जाएं ।

232
02:03:24.050 --> 02:04:00.109
एक दो अगर सैटिस्फाय हो जाए और ऐसा बेफिकर होके कहे कि यह बात समझने की है तो धीरे-धीरे यह बात फैलती जाए ।

233
02:04:02.739 --> 02:04:24.449
भाषण तो अभी कहते ही हैं कि ब्रह्माकुमारियों का भाषण प्वाइंट टू प्वाइंट होते हैं ।

234
02:04:26.449 --> 02:04:35.369
सुनने आते हैं समझने लगे हैं ।

235
02:04:35.369 --> 02:04:49.479
लेकिन मुख्य बात अभी इसका आवाज होना चाहिए ।

236
02:04:56.970 --> 02:05:05.420
यह दो विशेष बातें हैं ।

237
02:05:07.420 --> 02:05:23.020
इससे यह सिद्ध हो सकता है कि इनको यह सिखाने वाला कौन !

238
02:05:30.340 --> 02:05:53.539
तो ऐसा पुरूषार्थ करो जो सिद्ध हो जाए कि कोई अथॉरिटी है जो इन्हों को सिखाने वाला है ।

239
02:06:04.220 --> 02:06:32.170
बाकी अच्छा है जब से यह वर्ग बनाये हैं तब से हर एक ने अपनी सेवा की जिम्मेवारी अच्छी उठाई है ।

240
02:06:37.539 --> 02:06:56.449
हर एक वर्ग अपने-अपने सेवा में लगे हुए हैं

241
02:06:56.449 --> 02:07:34.850
इसलिए इस सेवा के निमित्त बने हुए बच्चों को बापदादा दिल से प्यार दे रहा है सदा आगे बढ़ते चलो ।

242
02:07:34.850 --> 02:07:52.170
बाप को प्रत्यक्ष करने का नया-नया प्लैन बनाते रहो ।

243
02:08:01.479 --> 02:08:04.279
अच्छा ।

244
02:08:04.279 --> 02:09:17.310
डबल विदेशी भाई बहिनें :- डबल विदेशियों को बापदादा की विशेष यादप्यार ।

245
02:09:19.310 --> 02:09:45.479
बापदादा ने देखा कि गुप्त ही गुप्त में सेवा की वृद्धि अच्छी कर रहे हैं

246
02:09:45.479 --> 02:10:28.739
इसलिए बापदादा समझते हैं कि बाप से दिल का प्यार और नॉलेज का महत्व अच्छा हर एक बच्चे के अन्दर बढ़ रहा है

247
02:10:28.739 --> 02:11:17.369
इसलिए विदेशी बच्चे वृद्धि भी अच्छी कर रहे हैं और पुरूषार्थ में भी पहले से दिनप्रतिदिन आगे बढ़ रहे हैं ।

248
02:11:23.420 --> 02:12:02.569
इसीलिए बापदादा दिल का प्यार और दिल में हिम्मत आगे बढ़ा रहे हैं ।

249
02:12:07.600 --> 02:12:12.050
सन्तुष्ट है बापदादा ।

250
02:12:12.050 --> 02:12:26.970
सेवा वृद्धि में कर रहे हैं आगे भी करते रहेंगे ।

251
02:12:39.649 --> 02:13:04.850
बापदादा को चारों ओर के बच्चों की सेवा में वृद्धि प्राप्त हो रही है ।

252
02:13:10.000 --> 02:13:15.020
अभी आगे क्या करना है ?

253
02:13:21.770 --> 02:13:41.710
हर एक जैसे पुरूषार्थ में सेवा में आगे बढ़ रहे हैं

254
02:13:41.710 --> 02:14:14.739
वैसे अभी याद की सबजेक्ट में और आगे गुह्य अनुभवों को बढ़ाते चलो ।

255
02:14:17.819 --> 02:14:52.399
कर्मयोगी का पाठ भी अच्छा बजा रहे हैं उसमें भी याद की यात्रा को और बढ़ाना है ।

256
02:14:52.399 --> 02:15:42.000
याद की सबजेक्ट में और थोड़ा पावरफुल अनुभव को बढ़ाना यह एक दो को उमंग बढ़ाके इसमें नम्बरवन लेना है।

257
02:15:47.199 --> 02:15:56.399
बाकी रिजल्ट में वृद्धि में अच्छा है ।

258
02:15:58.109 --> 02:16:14.449
अटेन्शन दिया है कि आसपास वालों को अटेन्शन खिंचवायें

259
02:16:17.020 --> 02:16:44.569
इसके लिए बापदादा सभी विदेश के बच्चों को मुबारक दे रहे हैं ।

260
02:18:37.479 --> 02:18:52.170
डबल विदेशी - चिल्ड्रेन रिट्रीट :- अच्छा सभी बच्चों को बहुत-बहुत याद और प्यार ।

261
02:20:31.370 --> 02:21:04.049
( छोटे बच्चों ने गीत गाया ) अच्छा उमंग उत्साह में हैं ।

262
02:21:04.799 --> 02:21:27.649
अभी वहाँ जाके और सेवा भी करना और खुशी और योग दोनों को बढ़ाना ।

263
02:21:30.510 --> 02:21:37.370
अच्छा है ।

264
02:21:45.709 --> 02:22:19.649
यूथ रिट्रीट - अच्छा है यूथ का परिवर्तन गवर्मेन्ट भी देखने चाहती है ।

265
02:22:20.569 --> 02:22:29.819
तो यूथ वाले यह ग्रुप बनाओ ।

266
02:22:29.819 --> 02:22:54.399
चाहे इन्डिया वाले भी मिलाओ लेकिन यह विशेषता दिखाओ कि संसार में तो दुःख बढ़ रहा है

267
02:22:54.399 --> 02:23:09.079
लेकिन हमारे में शिवबाबा द्वारा खुशी बढ़ रही है ।

268
02:23:09.079 --> 02:23:13.420
पवित्रता बढ़ रही है ।

269
02:23:13.420 --> 02:23:28.110
कुछ भी हो जाए जो संकल्प लिया है

270
02:23:28.739 --> 02:23:45.079
कि खुद भी सदाचारी बन दुनिया में सदाचार फैलायेंगे

271
02:23:47.649 --> 02:24:20.340
उसी में खुद भी आगे बढ़ रहे हैं और दूसरों को भी यह अपनी जीवन बताके आप समान श्रेष्ठाचारी बना रहे हैं ।

272
02:24:22.620 --> 02:24:38.280
तो यह देख गवर्मेन्ट भी खुश होती है

273
02:24:40.280 --> 02:24:59.819
कि इन कुमारों ने यूथ ने अपनी जीवन अच्छी बनाई है और आगे बढ़ाते भी जायेंगे ।

274
02:25:00.680 --> 02:25:15.770
तो अभी धीरे-धीरे यूथ का भी प्रभाव गवर्मेन्ट तक भी पहुंच रहा है ।

275
02:25:16.799 --> 02:25:28.219
तो जो दुनिया नहीं कर सकी वह आप करके दिखा रहे हो ।

276
02:25:28.219 --> 02:25:35.370
दिखाते रहना आवाज फैलाना ।

277
02:25:37.370 --> 02:25:39.709
अच्छा है ।

278
02:25:39.709 --> 02:26:00.620
बापदादा को भी यूथ ग्रुप भविष्य कितना ऊंचा बना सकती वह देख खुशी होती है ।

279
02:26:01.649 --> 02:26:11.540
बढ़ रहे हो बढ़ते चलो और बढ़ाते चलो ।

280
02:26:24.620 --> 02:27:15.139
इन्दौर होस्टेल की कुमारियां :- इन्दौर की कुमारियों ने भी प्रोग्रेस अच्छी की है ।

281
02:27:17.649 --> 02:27:30.620
सेवाकेन्द्र में भी मददगार बनती हैं ।

282
02:27:33.649 --> 02:27:46.170
बापदादा कुमारियों को देख खुश होते हैं

283
02:27:46.170 --> 02:28:19.649
कि यह कुमारियां खुद अपने को तो बचाया लेकिन औरों को भी दिनप्रतिदिन साथ दे उमंग हुल्लास में लाती रहती हैं

284
02:28:21.649 --> 02:28:43.540
इसलिए कुमारियां विश्व के आगे एक्जैम्पुल हैं ।

285
02:28:45.540 --> 02:28:51.309
आप समान बनाती चलो ।

286
02:28:52.569 --> 02:29:02.049
अपने को सेवा के निमित्त बनाती चलो ।

287
02:29:08.450 --> 02:29:29.020
आपकी अच्छी प्रगति देख औरों में भी उमंग आता है ।

288
02:29:29.020 --> 02:29:42.969
तो बाबा को अच्छा लगता है अच्छी हैं अच्छी बनाते आगे बढ़ती चलो ।

