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आज आप सभी और साथ में चारों ओर के सर्व बच्चे अमृतवेले से लेके

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बड़े स्नेह भरी मुबारकें अपने प्रेम और खुशी की दे रहे हैं ।

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00:01:52.109 --> 00:02:39.710
तो बाप भी आप सभी सिकीलधे बच्चों को इस जयन्ती की मुबारकें देने आये हैं ।

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00:02:43.370 --> 00:03:14.969
एक-एक बच्चा बाप के लिए अति प्यारा दिल का दुलारा है ।

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00:03:18.169 --> 00:03:43.939
तो बापदादा अपने बाहों की माला से आप सबको मुबारकें दे रहे हैं ।

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00:03:52.849 --> 00:04:12.969
बापदादा देख रहे हैं आप तो सामने मुबारक दे भी रहे हो ले भी रहे हो ।

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00:04:13.879 --> 00:04:38.850
लेकिन चारों ओर के बच्चे कई स्थानों में मुबारकें दे रहे हैं

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00:04:45.199 --> 00:05:22.970
और बाप भी देश विदेश सब तरफ के बच्चों को अति स्नेह पूर्वक मुबारकें दे रहे हैं ।

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00:05:24.399 --> 00:06:04.740
बापदादा देख रहे हैं हर बच्चा खुशनुमा सूरत से प्यार के सागर में लहरा रहे हैं ।

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00:06:09.769 --> 00:06:45.310
बाप को खुशी है कि बाप अकेला नहीं आता है बच्चों के साथ ही आते हैं क्योंकि बाप आते ही हैं यज्ञ रचने ।

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00:06:48.220 --> 00:06:56.000
तो यज्ञ में कौन होते हैं ?

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00:06:56.000 --> 00:07:00.110
ब्राह्मण ।

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00:07:01.649 --> 00:07:26.910
इसलिए बाप अकेले नहीं आते लेकिन साथ बच्चों के आये हैं

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00:07:32.170 --> 00:07:46.850
क्योंकि यही जयन्ती सब जयन्तियों से वन्डरफुल है ।

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सारे कल्प में यह एक ही जयन्ती है

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जो बाप और बच्चों का साथ में जन्म होता है

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00:08:19.600 --> 00:08:47.649
इसलिए इस जयन्ती को कहा ही जाता है हीरे तुल्य जयन्ती ।

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00:08:57.710 --> 00:09:32.279
बाप भी विशेष आदि रत्न बच्चों को विशेष मुबारक दे रहे हैं ।

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00:09:59.649 --> 00:10:12.620
तो आप सभी आज मुबारक देने आये हो वा लेने भी आये हो !

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00:10:17.200 --> 00:10:57.309
बाप का कहना ही है साथ रहेंगे साथ उड़ेंगे साथ आयेंगे और ब्रह्मा बाप के साथ राज्य करेंगे ।

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00:11:02.110 --> 00:11:14.909
साथ रहने का वायदा है ।

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00:11:17.649 --> 00:11:24.740
आप भी क्या कहते हो ?

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00:11:26.110 --> 00:11:46.799
हम भी जहाँ बाप वहाँ साथ-साथ होंगे ।

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00:11:47.370 --> 00:12:09.769
यह है बच्चों का बाप से बाप का बच्चों से वायदा ।

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00:12:14.679 --> 00:12:52.000
कहाँ भी शरीर द्वारा रहते हैं लेकिन दिल में सदा बाप साथ है इसीलिए बाप को दिलाराम कहते हैं ।

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00:12:54.909 --> 00:13:06.850
यहाँ यादगार भी दिलवाला मन्दिर है ।

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00:13:14.279 --> 00:13:29.769
तो सभी के दिल में साथ में दिलाराम है ना !

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00:13:32.970 --> 00:13:51.820
और बाप सदा बच्चों को कहते हैं कभी भी अकेले नहीं बनना ।

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00:13:56.110 --> 00:14:06.570
सदा साथ हैं साथ रहना ही है ।

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00:14:09.139 --> 00:14:27.309
अकेले होंगे तो माया अपना चांस लेती है

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00:14:30.570 --> 00:14:47.710
और साथ है तो स्वयं लाइट हाउस साथ है

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00:14:49.710 --> 00:15:15.139
उसके आगे माया दूर से ही भाग जाती नजदीक भी नहीं आ सकती है

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00:15:22.169 --> 00:15:47.820
इसलिए बच्चों का बाप से बाप का बच्चों से सदा साथ का वायदा है ।

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आप सभी का भी वायदा है ना !

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00:16:14.220 --> 00:16:22.049
साथ हैं साथ रहेंगे ।

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00:16:24.049 --> 00:16:30.570
अच्छा लगता है ना साथ में ।

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हाँ भले हाथ उठाओ ।

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बापदादा ने देखा हर बच्चा अमृतवेले बाप से बहुत दिल की बातें करते हैं ।

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00:17:37.940 --> 00:18:04.849
वैसे तो समय नहीं मिलता लेकिन अमृतवेले हर एक बहुत मीठी-मीठी दिल की बातें करते हैं

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00:18:07.420 --> 00:18:42.220
और बाप भी हर एक बच्चे को दिल की बातें सुनकर सब बातों का उत्तर भी देते हैं ।

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00:18:52.970 --> 00:19:20.000
सभी को एक बात की बहुत खुशी है

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00:19:27.599 --> 00:19:55.200
कि हम दिल से कहते मेरा बाबा तो बाप हाजर हो जाते ।

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00:19:55.200 --> 00:20:03.019
हजूर हाजर हो जाते ।

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00:20:11.019 --> 00:20:24.400
इसमें सिर्फ दिल की बात है ।

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00:20:30.680 --> 00:20:44.400
और कुछ करने की जरूरत नहीं दिल से कहा मेरा बाबा हजूर हाजर ।

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00:20:55.250 --> 00:21:19.599
तो आज चारों ओर से बापदादा के कानों में मीठा गीत बज रहा था ।

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00:21:24.740 --> 00:21:28.849
कौन सा गीत ?

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00:21:29.420 --> 00:21:40.170
मेरा बाबा प्यारा बाबा मीठा बाबा ।

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00:21:44.970 --> 00:22:17.369
और बापदादा भी बच्चों के स्नेह में समाये हुए थे समाये हुए हैं ।

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00:22:25.019 --> 00:23:24.279
अभी बापदादा आपके स्नेह के दिव्य कर्तव्य को देख आपके भक्त वह भी कम बुद्धि वाले नहीं हैं ।

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00:23:26.279 --> 00:23:46.279
उन्होंने भी आपके यादगार की कॉपी बहुत अच्छी बनाई है ।

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00:23:55.599 --> 00:24:25.420
द्वापर में आये पहला पहला जन्म वैसे भी सतोप्रधान होता है क्योंकि परमधाम से आत्मा आती है ।

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00:24:27.019 --> 00:24:37.420
तो भक्तों के तरफ भी आज दृष्टि गई ।

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00:24:40.109 --> 00:25:07.309
तो कॉपी बड़ी युक्तियुक्त की है क्योंकि आपके शुरू-शुरू वाले विशेष भक्त

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00:25:10.000 --> 00:25:36.619
जैसा आपका प्रैक्टिकल कर्म है वैसे ही उन्होंने भी यादगार की कॉपी अच्छी बनाई है ।

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00:25:36.619 --> 00:25:52.569
लेकिन आपका प्रैक्टिकल है उन्हों का यादगार है ।

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00:25:55.819 --> 00:26:15.140
जैसे आपने व्रत लिया कौन सा व्रत लिया ?

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00:26:18.400 --> 00:26:25.650
पवित्रता का ।

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00:26:27.200 --> 00:26:38.450
तो वह भी व्रत लेते हैं व्रत की कॉपी की है

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00:26:38.450 --> 00:27:10.569
लेकिन आपका व्रत एक जन्म में लेने से अनेक जन्म वह व्रत चलता है ।

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00:27:16.339 --> 00:27:45.200
वह एक दिन के लिए पवित्र भी रहते और खान-पान भी शुद्ध रखते हैं ।

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00:27:45.769 --> 00:28:07.420
आपका 21 जन्मों का व्रत उन्हों का अल्पकाल के लिए है ।

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00:28:10.220 --> 00:28:43.880
ऐसे ही जागरण आप रोशनी में आये तो सारे विश्व के अन्दर अंधकार मिटाया ।

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00:28:45.420 --> 00:28:56.799
आधाकल्प अंधकार आ नहीं सकता ।

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00:29:03.480 --> 00:29:24.000
मन का अंधकार मिटाया और बाहर प्रकृति का दुःख अंधकार मिटाया ।

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वह भी कॉपी की है जागरण करते हैं ।

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00:29:44.109 --> 00:30:09.539
और बात आप बाप के ऊपर बलिहार गये बलि चढ़ गये ।

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00:30:12.970 --> 00:30:32.279
पूर्ण सरेन्डर हो गये तो उन्होंने भी कॉपी की है लेकिन अपने को नहीं करते

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00:30:39.650 --> 00:30:46.799
अपने को बलि नहीं चढ़ाते हैं किसको चढ़ाते हैं ?

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00:30:46.799 --> 00:30:51.880
जानते हो ना !

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00:30:53.880 --> 00:30:57.940
बकरे को चढ़ाते हैं ।

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00:30:57.940 --> 00:31:10.000
बकरे को क्यों ढूंढ़ा और किसको नहीं ढूंढा ।

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00:31:11.250 --> 00:31:18.849
सब हंस रहे हैं जानते हो ।

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जो बाप आप बच्चों को बार-बार इशारा देता है

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00:31:36.339 --> 00:32:07.079
मैं पन छोड़ निमित्त भाव धारण करो तो उन्होंने भी बकरे को ढूंढा है क्योंकि वह भी में में करता है ।

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तो भक्तों की बुद्धि कमाल की तो है ना !

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00:32:23.940 --> 00:32:27.599
आपके भक्त हैं ना ।

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00:32:27.599 --> 00:32:32.970
बाप के आपके भक्त हैं ।

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00:32:35.200 --> 00:32:57.480
इसीलिए बाप आपके भक्तों को भी जो सच्ची दिल से करते हैं उनको कुछ न कुछ फल दे देते ।

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00:33:05.200 --> 00:33:28.339
भक्ति का फल वह भी सदा सच्चे और सात्विक रहते हैं खुश रहते हैं ।

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00:33:28.339 --> 00:33:42.109
दुःख में दुःखी नहीं होते हैं क्योंकि भक्ति सच्ची दिल से करते हैं ।

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00:33:46.619 --> 00:34:15.139
तो बाप भी आजकल आप बच्चों को यही इशारा देते हैं कि मैंपन नहीं लाओ ।

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00:34:18.909 --> 00:34:25.309
मैं जो कहता हूँ वही हो ।

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00:34:25.940 --> 00:34:33.650
मैं ही ठीक कहता हूँ वही होना चाहिए ।

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00:34:36.110 --> 00:34:51.420
यह मैं मैं एक साधारण है मैं शरीरधारी हूँ देहधारी हूँ

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00:34:51.420 --> 00:35:05.079
लेकिन एक है साधारण मैं और दूसरी है महीन मैं

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00:35:07.710 --> 00:35:39.940
उसमें बाप की देन को भी मैंने किया मैंने बोला मैं करता हूँ बाप की विशेषताओं में भी मैंपन आ जाता है ।

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00:35:40.679 --> 00:35:56.849
ज्ञान की समझ विशेषताओं की समझ उसमें भी महीन मैंपन आ जाता है ।

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00:35:59.880 --> 00:36:39.480
तो बाप इशारा देते रहते हैं कि मैं और मेरा सदा मेरा बाबा उसी तरफ दिल का लगाव हो ।

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00:36:40.400 --> 00:37:15.710
हद का मेरा मेरा नाम मेरा शान इसको समाप्त कर मैं बाबा का बाबा मेरा कितनी खुशी होती है ।

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00:37:15.710 --> 00:37:26.849
भगवान मेरा हो गया और क्या चाहिए !

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00:37:31.369 --> 00:37:44.110
तो एक है साधारण मेरा एक है महीन मेरा ।

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00:37:45.420 --> 00:38:09.650
यह महीन मेरा मैला कर देती है और मेरा बाबा मालामाल कर देता है ।

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00:38:16.679 --> 00:38:28.400
तो आज बर्थ डे मनाने आये हो ।

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00:38:28.400 --> 00:38:35.079
अपना भी बर्थ डे मनाने आये हो ना ।

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00:38:35.480 --> 00:38:42.449
बाप बच्चों के बिना कुछ नहीं करता ।

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00:38:46.110 --> 00:39:14.000
इसीलिए आज बाप बच्चों के जन्म उत्सव की मुबारक देने आये हैं वाह मेरे बच्चे वाह !

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00:39:23.309 --> 00:39:37.880
अभी एक बात कहूं तैयार हैं !

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00:39:37.880 --> 00:39:40.280
कहें ?

100
00:39:43.420 --> 00:39:47.480
करना पड़ेगा ।

101
00:39:49.650 --> 00:40:05.250
हाथ उठाओ करेंगे ? डबल फारेनर्स करेंगे ? टीचर्स करेंगे ?

102
00:40:05.650 --> 00:40:13.369
अच्छा ।

103
00:40:13.369 --> 00:40:47.019
तो आज बापदादा जैसे यादगार में शिव परमात्मा की यादगार में अक के फूल चढ़ाते हैं

104
00:40:47.019 --> 00:40:59.820
गुलाब के नहीं और कोई फूल नहीं चढ़ाते अक के फूल चढ़ाते हैं ।

105
00:41:05.420 --> 00:41:34.570
तो आज बापदादा आपको कौन सी बात अर्पण करो वह होमवर्क देने चाहते हैं ।

106
00:41:41.539 --> 00:41:44.510
तैयार हो ना !

107
00:41:44.510 --> 00:41:47.250
अच्छा ।

108
00:41:47.250 --> 00:42:04.510
यह तो बच्चों का बाप को बहुत अच्छा लगता है हाँ जी सब करते हैं ।

109
00:42:12.400 --> 00:42:25.769
तो आज बर्थ डे पर बाप का यह संकल्प है

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00:42:25.769 --> 00:42:39.599
कि सभी एक दो को उमंग उत्साह दिलाते हुए

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00:42:40.570 --> 00:43:05.369
एक दो के सहयोगी बनते हुए व्यर्थ संकल्प का अक का फूल अर्पण करो ।

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00:43:07.369 --> 00:44:01.079
व्यर्थ संकल्प न करना है न सुनना है और न संग में आकर व्यर्थ संकल्पों के संग का रंग लगाना है

113
00:44:03.079 --> 00:44:49.880
क्योंकि व्यर्थ संकल्प जहाँ होगा वहाँ याद का संकल्प ज्ञान के मधुर बोल जिसको मुरली कहते हो

114
00:44:57.769 --> 00:45:12.969
वह शुद्ध संकल्प स्मृति में नहीं रहेंगे ।

115
00:45:12.969 --> 00:45:23.019
चाहे मुरली सुनते भी हो पढ़ते भी हो वह तो आवश्यक है ।

116
00:45:23.019 --> 00:45:38.570
ब्राह्मणों का नियम है लेकिन सुनने तक रहेगी ।

117
00:45:39.650 --> 00:45:44.050
मन में मनन नहीं चलेगा ।

118
00:45:44.619 --> 00:45:59.019
सोचेंगे कहेंगे आज की मुरली बहुत अच्छी थी ।

119
00:46:01.650 --> 00:46:07.250
सोच रही हूँ क्या थी ।

120
00:46:09.250 --> 00:46:24.449
वरदान भी बहुत अच्छा था लेकिन याद आ जायेगा…।

121
00:46:30.280 --> 00:46:54.679
व्यर्थ संकल्प मन बुद्धि को अपने तरफ आकर्षित करने वाले हैं ।

122
00:47:04.219 --> 00:47:11.250
पता है आपको क्या कहते हैं बाप के आगे ?

123
00:47:11.250 --> 00:47:21.480
बाबा इन्ट्रेस्टेड समाचार तो सुनना चाहिए ना ।

124
00:47:24.219 --> 00:47:59.599
नॉलेजफुल बनना होता है लेकिन व्यर्थ बातें पद की प्राप्ति में नुकसान कर देंगी ।

125
00:48:03.199 --> 00:48:35.710
तो क्या आप सभी व्यर्थ संकल्प का बाप से वायदा करते हो ?

126
00:48:39.019 --> 00:48:49.710
आप कहेंगे हम तो नहीं चाहते लेकिन वह आ जाते हैं ।

127
00:48:52.969 --> 00:48:59.480
चाहते नहीं हैं लेकिन आ जाते हैं ।

128
00:49:04.849 --> 00:49:19.940
तो बाप को दृढ़ संकल्प से देने से पहले देना आता है ?

129
00:49:19.940 --> 00:49:22.909
बाप को दे दिया ।

130
00:49:22.909 --> 00:49:41.880
दी हुई चीज अगर आपके पास वापस भी आ जाए तो दी हुई चीज आप रखेंगे कि वापस करेंगे ?

131
00:49:42.800 --> 00:50:01.250
अगर दी हुई चीज आप अपने पास रखते हो तो आपका टाइटिल क्या होगा ?

132
00:50:03.250 --> 00:50:24.400
तो बाप को एक बार अपनी रूचि से दृढ़ता से दे दो ।

133
00:50:28.219 --> 00:50:42.449
और चेक करो बार-बार दी हुई चीज हमारे पास वापस तो नहीं आई !

134
00:50:45.369 --> 00:51:04.570
दूसरे की चीज अपनी बनाना इसको अच्छा नहीं मानते हैं ।

135
00:51:11.079 --> 00:51:37.250
तो रोज आराम के पहले आराम बाद में करना पहले चेक करना -

136
00:51:39.250 --> 00:52:04.219
आज सारे दिन में कोई भी व्यर्थ संकल्प आया तो नहीं ?

137
00:52:04.219 --> 00:52:08.909
किया तो नहीं ?

138
00:52:17.710 --> 00:52:29.019
दी हुई चीज वापस तो नहीं ले ली ?

139
00:52:38.800 --> 00:53:03.309
तो आज बर्थ डे की सौगात देने की हिम्मत है ना !

140
00:53:03.309 --> 00:53:05.599
है हिम्मत ?

141
00:53:05.599 --> 00:53:10.619
हाथ उठाओ हिम्मत है ।

142
00:53:10.619 --> 00:53:24.110
तो जहाँ हिम्मत है वहाँ बापदादा भी आपको सौगात देगा ।

143
00:53:31.599 --> 00:54:04.050
आप दिल से मेरा बाबा दयालु कृपालु बाबा आप यह चीज ले लो ।

144
00:54:08.400 --> 00:54:22.110
अगर दिल से कहेंगे तो बाप एकस्ट्रा गिफ्ट देगा ।

145
00:54:22.110 --> 00:54:30.570
क्योंकि हिम्मत आपकी एकस्ट्रा मदद बाप देगा ।

146
00:54:32.050 --> 00:54:47.539
जहाँ हिम्मत है वहाँ बाप की मदद अवश्य है ही यह तो अनुभव किया है ना

147
00:54:50.219 --> 00:55:30.849
क्योंकि बापदादा काफी समय से सूचना दे रहा है कि अब तीव्र पुरूषार्थ का रास्ता है तीन बिन्दु लगाना ।

148
00:55:33.820 --> 00:56:00.050
बिन्दु हूँ बाप बिन्दु को याद करना है और बीती को बिन्दू लगाना फुलस्टाप बिन्दू है ।

149
00:56:09.769 --> 00:56:23.309
जिसको बापदादा कहते हैं मनन करो बिन्दू बनना है

150
00:56:23.309 --> 00:56:36.170
बिन्दू देखना है और बिन्दू लगाना है

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00:56:46.110 --> 00:57:00.050
इसलिए बिन्दु का बहुत महत्व है ।

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00:57:00.050 --> 00:57:07.820
आजकल के जमाने में भी बिन्दु का महत्व है ।

153
00:57:07.820 --> 00:57:12.050
देखो पैसे गिनती करते हैं ना ।

154
00:57:12.050 --> 00:57:18.170
आजकल सबका प्यार सबसे ज्यादा किससे है ?

155
00:57:18.170 --> 00:57:20.170
पैसा ।

156
00:57:22.909 --> 00:57:27.820
तो पैसा बढ़ता कैसे है ?

157
00:57:27.820 --> 00:57:37.940
बिन्दू लगाते जाओ 10 को बिन्दू लगाओ 100 हो जायेगा ।

158
00:57:38.219 --> 00:57:46.570
दूसरी बिन्दू लगाओ तो 1000 हो जायेगा ।

159
00:57:48.400 --> 00:58:01.880
तो बिन्दू का महत्व है लेकिन असली बिन्दू कौन सा है वह भूल गये हैं ।

160
00:58:06.000 --> 00:58:15.019
तो आज बाप को जन्म दिन की सौगात दी ?

161
00:58:15.019 --> 00:58:17.019
दी ?

162
00:58:17.019 --> 00:58:21.019
दिल से दी ?

163
00:58:21.019 --> 00:58:24.170
क्यों क्या तो नहीं करेंगे ।

164
00:58:24.170 --> 00:58:29.650
कैसे करूं क्यों करूं ?

165
00:58:29.650 --> 00:58:34.000
यह कै कै की भाषा खराब है ।

166
00:58:34.000 --> 00:58:50.679
क्यों करूं कैसे करूं क्यों क्यों कै कै नहीं करना ।

167
00:58:57.079 --> 00:59:15.199
तो सौगात देने के लिए खुशी-खुशी से हाथ उठाया है या संगठन में मजबूरी से ?

168
00:59:18.219 --> 00:59:34.570
क्योंकि मजबूरी से करने वाले का सदा नहीं होगा कभीव भी होगा ।

169
00:59:37.019 --> 00:59:47.650
दिल से करने वाला करना ही है बनना ही है ।

170
00:59:47.650 --> 00:59:53.199
सौगात दे दी देनी ही है ।

171
00:59:54.619 --> 01:00:27.710
ऐसा खुशी-खुशी से संकल्प करेंगे तो आप सर्वशक्तिवान बाप के बच्चे मास्टर सर्वशक्तिवान के लिए क्या बड़ी बात है !

172
01:00:27.710 --> 01:00:38.449
सीट पर रहना मास्टर सर्वशक्तिवान की सीट पर सदा सेट रहना ।

173
01:00:38.449 --> 01:00:41.940
भूलना नहीं ।

174
01:00:41.940 --> 01:00:46.340
स्वमान है ना यह ।

175
01:00:47.480 --> 01:00:51.710
स्वमान अपना छोड़ा नहीं जाता है ।

176
01:00:51.710 --> 01:00:57.199
स्वमान के पीछे तो लड़ते हैं ।

177
01:01:00.340 --> 01:01:16.400
तो इसीलिए आज बाप को प्यार आया

178
01:01:18.170 --> 01:01:47.139
कि छोटी सी बातों में अपना स्वमान परमात्मा द्वारा मिला हुआ स्वमान लोगों द्वारा मिला हुआ स्वमान उसमें भी कितना नशा रहता है

179
01:01:49.139 --> 01:02:01.019
यह परमात्मा द्वारा स्वमान मिला है मास्टर सर्वशक्तिवान ।

180
01:02:03.480 --> 01:02:11.139
जो चाहे वह कर सकते हैं ।

181
01:02:18.800 --> 01:02:21.079
है ना हिम्मत ?

182
01:02:21.079 --> 01:02:23.369
कांध हिलाओ ।

183
01:02:23.369 --> 01:02:26.679
हाथ नहीं हिलाओ कांध हिलाओ ।

184
01:02:26.679 --> 01:02:32.110
हिम्मत है ?

185
01:02:32.110 --> 01:02:35.250
टीचर्स ।

186
01:02:35.250 --> 01:02:41.420
आपको कराना पड़ेगा ध्यान देना पड़ेगा ।

187
01:02:41.420 --> 01:02:48.510
आप करेगी और अटेन्शन दिलाके करायेंगी ।

188
01:02:48.510 --> 01:02:52.050
निमित्त हो ना ।

189
01:02:52.050 --> 01:03:09.199
फिर देखेंगे कौन सा क्लास किसका क्लास नम्बर लेता है ?

190
01:03:10.170 --> 01:03:14.619
फिर अच्छा इनाम देंगे ।

191
01:03:15.710 --> 01:03:19.599
कौन सा इनाम देंगे वह नहीं बताते हैं ।

192
01:03:21.599 --> 01:03:25.820
बढ़िया इनाम देंगे ।

193
01:03:27.820 --> 01:03:32.000
क्लास का क्लास कोशिश करना ।

194
01:03:32.000 --> 01:03:35.710
ऐसे नहीं एक ने किया नहीं ।

195
01:03:35.710 --> 01:03:39.710
मैजारिटी करें ।

196
01:03:45.420 --> 01:04:12.280
तो आज बापदादा को एक-एक बच्चे के प्रति प्यार आ रहा है कि नम्बरवन में आवे।

197
01:04:12.739 --> 01:04:16.170
टू में भी नहीं ।

198
01:04:18.170 --> 01:04:28.969
पहली राज गद्दी पर नहीं बैठेंगे तख्त पर तो दो बैठेंगे ।

199
01:04:28.969 --> 01:04:41.019
लेकिन पहली राजधानी पहले राज घराने के सम्बन्ध में आवे ।

200
01:04:46.000 --> 01:04:58.969
दो नम्बर तो हो गये लेकिन राज्य करना है राज्य अधिकारी बनना है तो पहले राज्य में आवे ।

201
01:05:08.849 --> 01:05:35.139
तो बापदादा का यही बच्चों से प्यार है कि एक-एक बच्चा कोई न कोई विशेषता में नम्बरवन आवे।

202
01:05:39.420 --> 01:05:47.019
नम्बरवार नहीं नम्बरवन।

203
01:05:55.820 --> 01:05:58.050
है उमंग ?

204
01:05:58.050 --> 01:06:07.369
नम्बरवन में आना है कि जो मिले सो अच्छा?

205
01:06:15.139 --> 01:06:19.019
अच्छा अच्छा नहीं करना ।

206
01:06:19.019 --> 01:06:41.880
बाप की आशा है एक-एक बच्चा कोई न कोई कमाल में नम्बरवन आवे।

207
01:06:46.000 --> 01:07:09.480
चार सबजेक्ट हैं कोई न कोई सबजेक्ट में नम्बरवन बनना ही है।

208
01:07:09.480 --> 01:07:16.449
बनना ही है यह अन्डरलाइन करो ।

209
01:07:18.449 --> 01:07:29.769
चलो ज्यादा मेहनत नहीं देते कोई न कोई सबजेक्ट में नम्बरवन।

210
01:07:29.769 --> 01:07:34.800
यह तो सहज है ना ।

211
01:07:44.739 --> 01:08:03.710
बाकी आज के दिन एक-एक बच्चा जो भी मिलन मना रहे थे अमृतवेले ।

212
01:08:05.710 --> 01:08:32.170
बड़ा खुशनुमा खुशी में हँसता हुआ खुशनुमा दिखाई दे रहा था ।

213
01:08:36.909 --> 01:09:06.850
और बाप ने भी हर बच्चे को सदा उड़ती कला का वरदान दिया ।

214
01:09:10.340 --> 01:09:18.619
चलती कला नहीं उड़ती कला ।

215
01:09:21.369 --> 01:09:38.399
तो बापदादा का आज यह वरदान याद रखना ।

216
01:09:38.399 --> 01:09:59.539
बापदादा ने आपके और अपने जयन्ती पर क्या वरदान दिया ?

217
01:10:01.539 --> 01:10:07.420
उड़ती कला भव ।

218
01:10:31.939 --> 01:10:49.880
आपने भी सारा दिन उत्सव शिवरात्रि उत्सव दिल में मनाया है ना ।

219
01:10:59.600 --> 01:11:28.340
तो सभी अच्छे हैं अच्छे रहेंगे अच्छे ते अच्छा राज्य पद प्राप्त करेंगे ।

220
01:11:38.109 --> 01:11:42.109
सभी अच्छे हैं ना !

221
01:11:42.109 --> 01:11:47.369
बाप तो अच्छा ही देखता है ।

222
01:11:57.710 --> 01:12:01.199
अच्छा ।

223
01:12:01.199 --> 01:12:24.170
चारों ओर के चाहे सम्मुख बैठे हैं चाहे अपने-अपने स्थान पर बैठ मना रहे हैं

224
01:12:26.170 --> 01:12:41.770
सभी को बापदादा भी देखकर हर्षित हो रहे हैं

225
01:12:42.800 --> 01:12:52.399
और बच्चे भी बाप का मिलन देख खुश हो रहे हैं ।

226
01:12:53.649 --> 01:13:06.800
लेकिन आज का संकल्प रखना सदा खुश ।

227
01:13:08.619 --> 01:13:17.420
कभी-कभी वाला नहीं सदा खुश ।

228
01:13:17.420 --> 01:13:43.199
कोई भी देखे आपके चेहरे को देख सोचे यह बहुत भाग्यवान आत्मा दिखाई देती है ।

229
01:13:43.770 --> 01:13:54.109
आपका भाग्य चलन और चेहरे से दिखाई दे ।

230
01:13:54.800 --> 01:14:00.850
ऐसे नहीं सिर्फ मन में बहुत है नहीं ।

231
01:14:02.050 --> 01:14:17.649
आपका भाग्यवान चेहरा खुशनुमा चेहरा औरों को परिचय करायेगा ।

232
01:14:19.250 --> 01:14:29.310
चेहरा बोलेगा कुछ है ।

233
01:14:32.449 --> 01:14:36.000
आपका चेहरा सर्विस करे ।

234
01:14:36.000 --> 01:14:41.369
बाप तक लावे ।

235
01:14:46.569 --> 01:15:12.170
खुशनुमा रहना यह भी सेवा का साधन है ।

236
01:15:20.510 --> 01:15:46.340
तो चारों ओर के बच्चों को आपके भी बर्थ डे की पदमगुणा मुबारक हो मुबारक हो मुबारक हो ।

237
01:15:53.310 --> 01:15:56.850
अच्छा ।

238
01:16:04.510 --> 01:16:18.000
सेवा का टर्न इन्दौर जोन का है :- अच्छा ।

239
01:16:28.970 --> 01:16:34.680
यह सब इन्दौर के हैं ।

240
01:16:40.279 --> 01:16:47.369
इन्दौर वाले हिला रहे हैं !

241
01:16:56.220 --> 01:17:30.680
( 5 स्वरूपों की निशानी हाथ में है ) यह अच्छा बनाया है ।

242
01:17:31.310 --> 01:17:58.800
हर एक को अलग देखने से मालूम होता है कि अपने टर्न पर यज्ञ से प्यार है

243
01:17:59.939 --> 01:18:12.399
क्योंकि बाप ने भी पहले आते ही यज्ञ रचा ।

244
01:18:14.399 --> 01:18:48.619
यज्ञ का सदा आगे बढ़ना भरपूर रखना यही यज्ञ के प्यारे बच्चों का काम है ।

245
01:18:49.250 --> 01:19:31.600
जैसे सेन्टर का चारों ओर से ध्यान रखते हैं ऐसे ही यज्ञ का ध्यान रखना हर एक बच्चे का कर्तव्य है ।

246
01:19:33.020 --> 01:19:54.569
बापदादा ने अभी तक देखा कि इस टर्न लेने में सभी पास हुए हैं ।

247
01:19:54.970 --> 01:20:00.449
कोई की भी कमी नहीं रही है ।

248
01:20:01.199 --> 01:20:21.079
तो जैसे टर्न के टाइम यज्ञ का ध्यान रखा अनुभव किया

249
01:20:21.079 --> 01:20:40.800
अभी अपने सेन्टर पर रहते भी हर एक यज्ञ रक्षक है

250
01:20:40.800 --> 01:21:04.569
यज्ञ निवासी रहने वाले सिर्फ नहीं हर एक ब्राह्मण बच्चा यज्ञ प्यारा है यज्ञ रक्षक है ।

251
01:21:06.569 --> 01:21:24.619
ऐसे अपने को जिम्मेवार समझकर सदा चलना ।

252
01:21:27.310 --> 01:21:43.649
यह टर्न पूरा हुआ लेकिन वहाँ रहते भी ध्यान हो पूछते रहो ।

253
01:21:45.199 --> 01:21:54.000
जैसे अभी टर्न में खरीददारी करके भी आते हो ना ।

254
01:21:54.000 --> 01:22:09.479
ऐसे सदा यज्ञ का ब्राह्मण माना ही यज्ञ रक्षक ।

255
01:22:12.619 --> 01:22:26.050
तो इतना हर एक ब्राह्मण को ध्यान रखना है ।

256
01:22:26.050 --> 01:22:34.619
पहले यज्ञ फिर सेन्टर ।

257
01:22:39.819 --> 01:23:09.649
अटेन्शन देते तो हैं बापदादा जानते हैं कौन-कौन किस प्रकार से अटेन्शन दे रहे हैं और बढ़ रहे हैं ।

258
01:23:10.619 --> 01:23:27.479
बापदादा सिर्फ इशारा दे रहा है बाकी कर भी रहे हो आगे करते भी रहेंगे ।

259
01:23:27.479 --> 01:23:49.880
आपका यह यज्ञ स्थान सभी आत्माओं को यज्ञ प्रसाद देने वाला है ।

260
01:23:53.079 --> 01:23:55.939
तो आप सभी कौन हो ?

261
01:23:55.939 --> 01:24:00.850
यज्ञ रक्षक कि सेन्टर रक्षक ?

262
01:24:00.850 --> 01:24:04.050
यज्ञ रक्षक ।

263
01:24:04.050 --> 01:24:08.170
बापदादा के साथी हो ।

264
01:24:08.170 --> 01:24:16.050
बापदादा यज्ञ रक्षक है ना । आपका टाइटल क्या है ?

265
01:24:16.050 --> 01:24:21.539
यज्ञ रक्षक हो ना ।

266
01:24:26.449 --> 01:24:40.399
अच्छा कर रहे हो और भी अच्छा करते रहेंगे ।

267
01:24:44.800 --> 01:24:54.619
तन मन धन सेवा चार चीजें हैं ।

268
01:24:57.140 --> 01:25:18.909
तो यज्ञ रक्षक अर्थात् जैसे चार सबजेक्ट हैं ज्ञान योग धारणा सेवा ।

269
01:25:19.479 --> 01:25:26.909
ऐसे यह भी चार सबजेक्ट हैं ।

270
01:25:32.510 --> 01:25:42.000
बाकी बाबा के पास रिजल्ट आती रहती है ।

271
01:25:44.000 --> 01:25:53.310
बापदादा सब रिजल्ट देखते हैं इन्ट्रेस्ट से देखते हैं ।

272
01:25:54.399 --> 01:26:02.619
हर बच्चा क्या क्या करत भये…।

273
01:26:12.569 --> 01:26:15.199
अच्छा है ।

274
01:26:15.199 --> 01:26:33.479
बापदादा के पास रिपोर्ट नहीं है लेकिन आगे के लिए भी इशारा दे रहे हैं ।

275
01:26:37.710 --> 01:26:40.510
अच्छा ।

276
01:26:40.510 --> 01:26:46.000
यह क्या कमाल दिखा रहे हैं ?

277
01:26:46.800 --> 01:26:52.279
कोई न कोई कमाल तो करते हैं ना !

278
01:26:54.279 --> 01:27:21.880
बापदादा ने सुना है कि सर्विस में भिन्न-भिन्न प्रोग्राम भिन्न-भिन्न विधियां निकालते हैं और उसको प्रैक्टिकल में ला रहे हैं ।

279
01:27:21.880 --> 01:27:26.109
यह रिजल्ट तो सुनी ।

280
01:27:26.109 --> 01:27:31.079
पास हो ना इसमें पास हो ?

281
01:27:31.079 --> 01:27:33.199
हाथ उठाओ ।

282
01:27:33.199 --> 01:27:42.909
नया-नया प्लैन बनाते हैं और उसको प्रैक्टिकल में लाते हैं ।

283
01:27:43.649 --> 01:27:46.850
अच्छा है ।

284
01:27:48.850 --> 01:28:09.310
ऐसे प्रैक्टिस करके अपने में फिर सभी को उस तरीके का अनुभव कराने के लिए कोई साधन बनाओ ।

285
01:28:13.420 --> 01:28:16.170
अच्छा ।

286
01:28:16.170 --> 01:28:19.020
बापदादा मुबारक दे रहे हैं ।

287
01:28:19.020 --> 01:28:24.220
मुबारक हो मुबारक हो ।

288
01:28:34.000 --> 01:29:21.250
डबल विदेशी भाई बहिनें 60 देशों से 1100 आये हैं :-

289
01:29:55.020 --> 01:30:12.050
विदेशी बच्चों को भारतवासी देख के बहुत खुश होते हैं

290
01:30:15.649 --> 01:30:27.310
क्योंकि बाप का टाइटिल है विश्व कल्याणकारी ।

291
01:30:27.310 --> 01:30:36.449
सिर्फ भारत कल्याणकारी नहीं तो जब देखते हैं ना

292
01:30:36.449 --> 01:31:03.880
तो विदेशी भी अभी इन्डियन संस्कार वाले हो गये हैं क्योंकि सतयुग में राज्य करने वाले हो ना ।

293
01:31:03.880 --> 01:31:08.739
अधिकारी बनने वाले हो ।

294
01:31:08.739 --> 01:31:26.909
तो जो बाप का परमात्म कल्चर है वह आपका बन गया है ।

295
01:31:26.909 --> 01:31:47.369
इसके लिए खुश होते हैं कि हमारे ही भाई कहाँ से कहाँ चले गये भारत से सेवा के लिए चले गये ।

296
01:31:48.050 --> 01:31:52.510
लेकिन हैं भारतवासी बीज ।

297
01:31:52.510 --> 01:31:57.140
बीज आपका फॉरेन का नहीं है ।

298
01:31:57.140 --> 01:32:04.050
पहला असली बीज भारत का है ।

299
01:32:04.510 --> 01:32:17.199
इसीलिए कहाँ-कहाँ से निकलके भारत का एक कल्चर हो गया है ।

300
01:32:21.020 --> 01:32:29.199
इन्डियन कल्चर नहीं परमात्म कल्चर ।

301
01:32:32.970 --> 01:32:37.539
और सब खुशी-खुशी से ।

302
01:32:37.539 --> 01:32:50.340
बापदादा ने देखा यहाँ इन्डिया में आके इन्डिया का खाना बनाना भी सीख जाते हैं ।

303
01:32:50.850 --> 01:32:56.279
सामान लेके जाते हैं ।

304
01:32:58.279 --> 01:33:09.420
तो बीज आपका वही है सिर्फ सेवा के प्रति इतनी भाषायें कौन सीखेगा !

305
01:33:09.420 --> 01:33:21.539
एक बारी में कितने देशों से आते हैं अभी इतनी भाषायें कौन सीखेगा ?

306
01:33:21.539 --> 01:33:28.000
इसीलिए आपको भेजा है सेवा के लिए ।

307
01:33:28.000 --> 01:33:39.020
असली भारत के हैं और भारत के कल्चर के बन गये हैं

308
01:33:41.020 --> 01:33:49.199
क्योंकि भारत में यहाँ परमात्म कल्चर चल रहा है ।

309
01:33:49.199 --> 01:33:55.939
इन्डियन कल्चर नहीं परमात्म कल्चर ।

310
01:33:56.800 --> 01:34:11.770
लेकिन बहुत खुशी से सीखते भी हो और चलाते भी हो ।

311
01:34:12.739 --> 01:34:23.369
परिवर्तन करने में अपने को अच्छा निमित्त बनाया है ।

312
01:34:24.340 --> 01:34:27.140
तो इसकी मुबारक ।

313
01:34:27.140 --> 01:34:34.510
हमारे थे हमारे बन गये ।

314
01:34:38.739 --> 01:34:41.880
याद है ना !

315
01:34:41.880 --> 01:34:44.510
भान आता है ना !

316
01:34:44.510 --> 01:34:59.079
हम इन्डियन नहीं लेकिन परमात्म कल्चर के थे और अभी लास्ट में आके बने हैं ।

317
01:35:00.510 --> 01:35:07.020
चार-पांच जन्म सेवा के लिए वहाँ लिये हैं ।

318
01:35:13.880 --> 01:35:23.649
जो यहाँ आते हैं वह बाबा के थे बाबा के बन गये ।

319
01:35:23.649 --> 01:35:29.199
यज्ञ के थे यज्ञ के बन गये ।

320
01:35:29.199 --> 01:35:36.850
कोई-कोई पूछते हैं हम थे कि नहीं थे ।

321
01:35:36.850 --> 01:35:41.479
बाप कहते हैं सभी थे ।

322
01:35:52.399 --> 01:35:59.600
अच्छे-अच्छे सर्विसएबुल बच्चे निकले हैं ।

323
01:36:01.199 --> 01:36:16.170
बापदादा को संगठन मधुबन में करना यह बहुत अच्छी रीति लगती है ।

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01:36:16.170 --> 01:36:22.279
परिवार तो देखो कितना है ।

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01:36:25.819 --> 01:36:29.880
बड़े परिवार सुखी परिवार ।

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01:36:29.880 --> 01:36:44.279
वैसे अगर परिवार बड़ा होता है तो दुःख होता है लेकिन सुखी परिवार बड़ा परिवार अच्छा लगता है ।

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01:36:44.279 --> 01:36:49.479
अच्छा लगता है ना परिवार ।

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01:36:49.479 --> 01:36:53.600
परिवार देखके खुशी होती है ?

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01:36:57.770 --> 01:37:02.800
थे ही यहाँ के ना ।

330
01:37:06.000 --> 01:37:08.220
अच्छा ।

331
01:37:45.199 --> 01:38:00.170
आज स्वहेज भी तो मनायेंगे ना क्योंकि अवतरण का दिन है ना ।

332
01:38:22.569 --> 01:38:37.880
दादियों से :- ( दादी जानकी 4 दिन के लिए गुजरात टुअर पर जा रही हैं ) हिम्मत है ना ।

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01:38:37.880 --> 01:38:50.680
संकल्प किया हुआ पड़ा है ।

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01:38:53.649 --> 01:39:05.079
( बाबा अंगुली पर नचा रहा है ) इसीलिए चल रही हो ।

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01:39:13.310 --> 01:39:17.420
अच्छा ।

336
01:39:19.420 --> 01:39:26.109
मोहिनी बहन से :- इसको तो चलना ही है ।

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01:39:31.710 --> 01:39:35.819
साथ निभाना ही है ।

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01:39:35.819 --> 01:39:39.250
बेफिकर ।

339
01:39:40.279 --> 01:39:43.819
सोचो नहीं ।

340
01:39:51.140 --> 01:39:56.279
अच्छा है अच्छा होना है ।

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01:39:56.279 --> 01:40:05.199
सब अच्छा हो जायेगा ।

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01:40:10.800 --> 01:40:13.710
बस ।

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01:40:22.220 --> 01:40:26.449
ईशू दादी से :- यह भी साथी है ।

344
01:43:35.649 --> 01:43:46.279
( बापदादा ने अंगुली से सबके मस्तक पर तिलक दिया ) बधाई का तिलक सभी को मिला ।

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01:43:48.279 --> 01:43:56.220
( टी वी पर देख रहे हैं ) वह भी खुश हो रहे हैं ।

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01:44:07.369 --> 01:44:27.479
( अंकल आंटी ने बहुत-बहुत मुबारक दी है ) आप बाप की तरफ से तिलक देना ।

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01:44:27.479 --> 01:44:33.140
बाप दे रहा है वह तिलक अनुभव करे ।

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01:44:42.739 --> 01:45:10.850
( प्रीतम बहन के भोग निमित्त कुलदीप बहन और परिवार आया है ) उसने भी अच्छा पार्ट बजाया और सबकी दिल से सेवा की ।

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01:45:12.050 --> 01:45:19.310
परिवार लक्की परिवार है ।

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जो निमित्त बाप था वह बचपन से परिवार कर बहुत हितकारी था ।

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01:45:36.850 --> 01:45:44.569
एक साइकिल पर 4 जने बिठाके मुरली सुनने आते थे ।

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01:45:46.340 --> 01:46:04.399
इतना लौकिक परिवार को प्यार कोई नहीं करता बहुत अच्छा उसका वरदान भी परिवार को है ।

353
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कुंज दादी ने याद दी है अहमदाबाद हॉस्पिटल में हैं :- उसको फर्क नहीं पड़ता है बार-बार होता है तो उसका कारण क्या ?

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बड़ी उम्र तो कईयों की है ।

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01:46:39.250 --> 01:46:46.000
उसका इलाज हो रहा है ?

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01:46:46.000 --> 01:46:51.020
क्योंकि सर्विस वाली है ना ।

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बाकी थोड़ा पूछ करके इसको थोड़ा चुस्त कर दो अभी बहुत टाइम बेड पर रही है ।

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01:48:32.109 --> 01:48:36.739
अच्छा ।

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सभी बापदादा के सिकीलधे सर्विसएबुल विश्व में चमकते हुए सितारे

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आज आपको भी बर्थ डे की मुबारक दे रहे हैं ।

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बाप के साथ हैं साथ रहेंगे साथ चलेंगे साथ राज्य करेंगे ।

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ब्रह्मा बाप का बहुत प्यार है ।

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अकेला नहीं करेगा ।

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तो सभी को पर्सनल एक एक को मुबारक हो ।

365
01:50:02.050 --> 01:50:07.819
अच्छा ।

