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00:24:22.569 --> 00:25:44.049
आज ग्रेट ग्रेट ग्रैण्ड फादर अपने कोटों में कोई कोई में भी कोई बच्चों के भाग्य की रेखायें देख रहे हैं ।

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00:25:49.539 --> 00:26:41.880
हर एक के मस्तक से चमकती हुई दिव्य चमकते हुए सितारे की चमक देख रहे हैं ।

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नयनों से स्नेह की रेखा देख रहे हैं ।

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00:27:58.000 --> 00:28:32.000
मुख से ज्ञान की रेखा देख रहे हैं ।

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00:28:51.369 --> 00:29:24.740
दिल में दिलाराम के लवलीन की रेखा देख रहे हैं ।

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हाथों में ज्ञान के खज़ानों की रेखा देख रहे हैं ।

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पांव में हर कदम में पदम की रेखा देख रहे हैं ।

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00:30:34.740 --> 00:31:04.970
हर एक बच्चा इन रेखाओं में नम्बरवार सम्पन्न है ।

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ऐसा भाग्य आपके बिना और किसका भी नहीं है ।

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00:32:03.710 --> 00:32:47.710
आपका इतना श्रेष्ठ भाग्य हर बच्चे से चमकता हुआ दिखाई दे रहा है ।

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00:32:49.710 --> 00:33:14.569
और यह भाग्य अविनाशी बन जाता है क्यों ?

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00:33:14.569 --> 00:33:29.880
क्योंकि देने वाला अविनाशी बाप है ।

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00:33:34.569 --> 00:34:14.800
इस संगमयुग पर ही ऐसा श्रेष्ठ भाग्य प्राप्त होता है जो भविष्य में भी चलता रहता है ।

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00:34:26.510 --> 00:34:44.400
यह संगमयुग सर्व प्राप्तियों का युग है

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00:34:44.969 --> 00:35:24.400
जो जितना अपना भाग्य जमा करता है उतना अनेक जन्म भाग्य का फल होता रहता है ।

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इस संगमयुग की महिमा आप बच्चे ही जानते हैं ।

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00:36:20.619 --> 00:36:57.139
संगमयुग की प्राप्तियां सारे कल्प में श्रेष्ठ से श्रेष्ठ हैं ।

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00:37:05.769 --> 00:37:54.449
बापदादा देख रहे हैं हर एक बच्चा इस संगमयुग की प्राप्तियों से कितना सम्पन्न है ।

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00:38:10.800 --> 00:38:39.539
आप सभी भी सर्व प्राप्तियों के अनुभव में सदा रहते हो या कभी कभी ?

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00:38:45.820 --> 00:39:17.650
अविनाशी बाप है तो प्राप्तियां भी अविनाशी हैं

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00:39:19.650 --> 00:39:47.369
बापदादा हर बच्चे को किस रूप में देखने चाहते हैं जानते हो ना !

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00:39:50.000 --> 00:40:30.000
बापदादा यही चाहते हैं कि हर बच्चा स्वराज्य अधिकारी राजा बनें ।

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00:40:31.199 --> 00:41:07.079
स्व के ऊपर अर्थात् कर्मेन्द्रियों के ऊपर मन-बुद्धि-संस्कार के ऊपर राजा बन राज्य करे ।

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00:41:11.019 --> 00:41:37.079
भविष्य में तो राज्य अधिकारी बनेंगे लेकिन अभी स्वराज्य अधिकारी राजा बनें ।

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00:41:42.000 --> 00:42:30.170
कोई भी कर्मेन्द्रियां अपने कन्ट्रोल में हों क्योंकि बाप द्वारा सर्व शक्तियों का खज़ाना प्राप्त हुआ है ।

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00:42:35.369 --> 00:43:02.510
तो बापदादा हर एक बच्चे को स्वराज्य अधिकारी राजा रूप में देखने चाहते हैं ।

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00:43:10.800 --> 00:43:28.000
तो आप सभी स्वराज्य अधिकारी बने हो ?

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00:43:31.599 --> 00:44:00.340
मन बुद्धि के ऊपर रूलिंग पावर कन्ट्रोलिंग पावर आ गई है ?

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अधीनता तो नहीं है ?

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00:44:19.139 --> 00:44:25.820
अधिकारी हैं ।

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00:44:35.650 --> 00:44:52.800
जब बापदादा को साथ में रखते हैं

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00:44:53.769 --> 00:45:19.480
अकेले नहीं बनते हैं बाप को सदा साथी बनाके रखते हैं

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00:45:24.739 --> 00:45:54.110
तो यह मन बुद्धि संस्कार किसी की भी ताकत नहीं जो कन्ट्रोल में नहीं रहे ।

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इसीलिए बापदादा शक्तियों को सदा कहते हैं

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00:46:14.219 --> 00:46:44.400
कि अपने कौन से स्वरूप को याद रखो जो कभी भी बाप का साथ भूल नहीं जाए ?

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00:46:44.400 --> 00:46:55.139
वह है हम शिवशक्ति हैं ।

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00:46:56.170 --> 00:47:07.250
शिव और शक्ति साथ है ।

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यह स्मृति मायाजीत प्रकृतिजीत स्वतः बना देती हैं

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00:47:44.170 --> 00:47:51.420
क्योंकि बापदादा ने सुना दिया है

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00:47:51.420 --> 00:48:17.199
कि वर्तमान समय प्रकृति अपना कार्य करती रहती है

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क्योंकि प्रकृति को भी मनुष्य आत्मायें तंग करते हैं तो प्रकृति भी तंग करती है ।

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00:48:55.820 --> 00:49:24.849
आजकल देखते हो कि प्रकृति कहाँ न कहाँ अपना कार्य करती रहती है

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00:49:26.849 --> 00:49:54.739
लेकिन आप प्रकृतिजीत बन प्रकृति को भी सतोप्रधान बना रहे हो ।

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00:50:02.909 --> 00:50:21.420
लोग तो प्रकृति की हलचल देख डरते हैं कि कल क्या होगा !

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00:50:22.570 --> 00:50:43.250
लेकिन आप जानते हो कि अच्छे ते अच्छा होगा

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क्योंकि अभी यह संगमयुग सृष्टि चक्र का अमृतवेला चल रहा है ।

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00:51:19.079 --> 00:51:30.849
तो अमृतवेले के बाद क्या होता है ? सवेरा ।

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अंधकार खत्म हो रोशनी आ जाती

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00:51:42.909 --> 00:52:24.340
तो आपको खुशी है कि अभी हमारा राज्य सुखमय संसार जहाँ प्रकृति भी सुखमई है वह राज्य आया कि आया ।

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00:52:26.909 --> 00:52:31.250
खुशी है ना !

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00:52:31.880 --> 00:52:47.369
जिस राज्य में दुःख अशान्ति का नामनिशान नहीं होगा

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00:52:49.079 --> 00:53:08.800
क्योंकि अभी संगम पर आप प्रकृतिजीत बन रहे हो ।

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तो सभी को खुशी है ना किसकी ?

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00:53:22.679 --> 00:53:34.570
बोलो हमारा राज्य आने वाला है ।

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00:53:34.570 --> 00:53:38.679
यह खुशी है ?

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00:53:38.679 --> 00:53:49.369
जो इस खुशी में रहते हैं वह हाथ उठाओ ।

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00:53:52.849 --> 00:53:56.849
बहुत अच्छा ।

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00:53:56.849 --> 00:54:07.599
आप तो खुश रहते हो इसकी मुबारक हो

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00:54:11.019 --> 00:54:50.800
लेकिन ऐसी खुशी अपनी खुशी आपके भाई बहिन जो दुःखी अशान्त हैं

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00:54:51.820 --> 00:55:26.849
उसको अपने बाप द्वारा ली हुई किरणों द्वारा खुशी की किरणें पहुंचाते हो ?

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00:55:29.940 --> 00:55:58.110
बापदादा ने कहा था कि ऐसी मन्सा सेवा करने का टाइम हर एक को अपने दिनचर्या में फिक्स करना है ।

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00:55:58.449 --> 00:56:10.909
जैसे और कार्य के लिए टाइम फिक्स किया हुआ है

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00:56:10.909 --> 00:56:49.019
ऐसे अपनी खुशी की खुराक द्वारा दुःखी आत्माओं को मन्सा शक्ति द्वारा थोडा बहुत वरदान देकरके उन्हों को भी खुश करो

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00:56:49.079 --> 00:57:09.539
तो जिन्होंने अपना टाइम मन्सा सेवा के लिए फिक्स किया है वह हाथ उठाओ ।

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00:57:23.769 --> 00:57:34.340
अच्छा जिन्होंने भी नहीं किया है ।

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00:57:34.340 --> 00:57:56.050
हैं थोडे लेकिन इसका टाइम फिक्स करना है क्योंकि अपने ही भाई बहन हैं ना ।

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00:57:57.309 --> 00:58:01.369
तो तरस पड़ता है ना !

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00:58:01.369 --> 00:58:04.849
कि तरस नहीं पड़ता है ?

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00:58:04.849 --> 00:58:09.309
पड़ता है ना !

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00:58:15.420 --> 00:58:32.679
और बापदादा सभी को देखने चाहते हैं

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00:58:35.139 --> 00:58:50.449
कि संगम की जो विशेष दो बातें हैं जो अमूल्य हैं

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00:58:50.449 --> 00:59:09.650
एक संकल्प शक्ति और दूसरा संगम का समय

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00:59:10.739 --> 00:59:32.400
क्योंकि संगम के समय में एक जन्म में अनेक जन्म की प्रालब्ध बनानी है ।

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00:59:36.050 --> 00:59:47.250
तो आजकल बापदादा ने देखा है

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00:59:48.170 --> 01:00:14.000
कि बहुतों के अशुद्ध संकल्प कम चलते हैं लेकिन व्यर्थ संकल्प आते जाते हैं ।

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01:00:16.000 --> 01:00:38.510
तो इस एक जन्म के मूल्य के अनुसार व्यर्थ संकल्प अभी फिनिश होने चाहिए

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01:00:43.250 --> 01:01:08.400
क्योंकि संगमयुग के महत्व के हिसाब से एक सेकण्ड कई कीमती समय का अधिकार दिलाता है

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01:01:14.800 --> 01:02:02.280
इसलिए हर एक को इन दोनों बातों का समय और संकल्प दोनों के मूल्य को जान समय को और संकल्प को सफल करो ।

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01:02:04.280 --> 01:02:21.940
जैसे स्थूल खज़ाने को सफल करते हो

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01:02:24.739 --> 01:02:47.480
जानते हो कि एक जन्म में सफल करने से अनेक जन्म उनकी प्राप्ति जमा होती है ।

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01:02:47.480 --> 01:03:12.050
ऐसे इन दोनों बातों को अटेन्शन दे सफल कर सफलता मूर्त बनो ।

82
01:03:17.309 --> 01:03:59.369
बापदादा हर बच्चे को आज विशेष एक वरदान दे रहे हैं

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01:04:09.599 --> 01:04:56.619
हर एक बच्चा आज से अपने को टेन्शन फ्री बना सकते हो ?

84
01:05:01.420 --> 01:05:25.650
दृढ़ संकल्प करो कि आज से अटेन्शन नो टेन्शन ।

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01:05:29.650 --> 01:05:52.449
बापदादा बच्चों को जब टेन्शन में देखते हैं ना

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01:05:54.449 --> 01:06:09.820
तो सोचते हैं अभी अभी इस बच्चे का फोटो निकालके भेजें ।

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01:06:17.309 --> 01:06:34.219
तो खुद ही समझ जायेगा कि मैं क्या बन गया !

88
01:06:36.219 --> 01:06:50.340
बापदादा मनजीत जगतजीत बनाने चाहते हैं ।

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01:06:52.340 --> 01:07:00.909
टेन्शन किसमें मन में ही तो आता है ना !

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01:07:06.619 --> 01:07:17.139
तो आप तो राजा हो ना स्वराज्य अधिकारी हो ना !

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01:07:20.969 --> 01:07:41.769
क्या मन आपका है या मन मालिक है ?

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01:07:42.619 --> 01:07:45.250
आप क्या कहते हो ?

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01:07:45.250 --> 01:07:51.250
सारा दिन मेरा मन कहते हो ना !

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01:07:51.250 --> 01:07:56.739
मालिक तो नहीं है ना !

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01:08:05.539 --> 01:08:26.680
कौन हिम्मत रखता है बाप का वरदान सहज मिलेगा लेकिन सिर्फ थोडा अटेन्शन रखना पड़ेगा ।

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01:08:26.680 --> 01:08:39.600
बाप के वरदान की मदद का अनुभव करके देखना ।

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01:08:43.140 --> 01:09:02.109
सभी का चेहरा जब भी देखो तो कैसा दिखाई देगा ?

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01:09:11.140 --> 01:09:44.680
टेन्शनफ्री कमल पुष्प समान वा खिला हुआ गुलाब पुष्प मिसल ।

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01:09:54.680 --> 01:10:20.399
बापदादा ने देखा कि जो पहले काम दिया था परसेन्टेज लिखने का ।

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01:10:24.050 --> 01:10:41.880
सभी स्थानों से कुछ कुछ समाचार आया है ।

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01:10:42.800 --> 01:10:54.800
यहाँ भी रिजल्ट निकाली है ।

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01:10:55.819 --> 01:11:06.680
अटेन्शन दिया उसकी मुबारक बापदादा दे रहे हैं

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01:11:08.680 --> 01:11:54.510
लेकिन अभी बापदादा यही चाहते हैं कि समय प्रमाण अभी वाणी द्वारा सुनने का समय भी कम मिलेगा

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01:11:54.510 --> 01:12:27.369
इसलिए मन्सा द्वारा और अपने चेहरे और चलन द्वारा सर्विस करो ।

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01:12:28.399 --> 01:12:45.079
अभी का अभ्यास आगे आने वाले समय में कार्य में आयेगा ।

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01:12:55.250 --> 01:13:25.939
तो आज से टेन्शन फ्री का संकल्प कर सकते हो ?

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01:13:25.939 --> 01:13:29.880
कर सकते हो ?

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कर सकते हो ?

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01:13:32.739 --> 01:13:35.369
हाथ उठाओ ।

110
01:13:38.569 --> 01:13:43.020
टेन्शन फ्री ।

111
01:13:49.140 --> 01:13:57.420
अच्छा सभी का फोटो निकालो ।

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01:14:21.479 --> 01:14:25.079
बहुत अच्छा ।

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01:14:30.569 --> 01:14:48.850
तो जो आत्मायें सरकमस्टांश के प्रमाण बहुत टेन्शन में रहते हैं

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01:14:50.220 --> 01:15:02.399
आजकल दुनिया में टेन्शन बहुत बढ़ रहा है

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01:15:05.939 --> 01:15:50.000
तो आपका टेन्शन फ्री का अनुभव और टेन्शन फ्री की चलन और चेहरा उन्हों के आगे एक आधारमूर्त बनेगा ।

116
01:15:55.420 --> 01:16:14.850
अगर आज दुनिया में चक्र लगाओ या समाचार सुनो तो क्या दिखाई देता है ?

117
01:16:15.939 --> 01:16:34.800
टैम्प्रेरी अपने को खुश करने के साधन बनाते रहते हैं ।

118
01:16:44.970 --> 01:17:09.479
तो टेन्शन वालों को टेन्शन फ्री का एक्जैम्पुल दिखाओ तो उनको भी सहारा दिखाई दे ।

119
01:17:12.340 --> 01:17:26.220
तो संकल्प किया अपने मन में संकल्प किया कि टेन्शन फ्री रहेंगे ?

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01:17:26.220 --> 01:17:28.220
किया ?

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01:17:28.220 --> 01:17:34.619
दृढ़ किया या साधारण किया ?

122
01:17:35.250 --> 01:17:47.250
जहाँ दृढ़ता होती है वहाँ सफलता हुई पड़ी है ।

123
01:17:48.739 --> 01:17:58.970
करेंगे नहीं करना ही है ।

124
01:18:02.340 --> 01:18:05.199
पसन्द है ?

125
01:18:07.539 --> 01:18:10.449
इसमें हाथ उठाओ ।

126
01:18:12.680 --> 01:18:27.770
बापदादा ने एक बात देखी है कि हाथ उठाके बहुत खुश कर देते हैं ।

127
01:18:45.420 --> 01:19:04.970
हाथ उठाके खुश तो किया लेकिन अभी क्या करेंगे ?

128
01:19:08.850 --> 01:19:30.000
दृढ़ संकल्प साधारण संकल्प उसमें रात दिन का फर्क है ।

129
01:19:30.680 --> 01:19:39.369
करेंगे और करना ही है ।

130
01:19:48.399 --> 01:20:02.109
तो इस सीजन का इस वर्ष की इस सीजन का आज लास्ट डे है

131
01:20:04.800 --> 01:20:39.369
लेकिन अगली सीजन में बापदादा हर एक छोटा बड़ा सेन्टर काफी टाइम है बीच में

132
01:20:43.369 --> 01:21:23.600
अगले वर्ष की सीजन में कारण नहीं लेकिन निवारण स्वरूप देखने चाहते हैं ।

133
01:21:32.739 --> 01:21:59.600
तो कितना हिम्मत और उमंग है कि ब्राह्मण परिवार में टेन्शन का नामनिशान नहीं हो ।

134
01:22:04.739 --> 01:22:08.800
हो सकता है ?

135
01:22:09.310 --> 01:22:18.220
हर एक अपने से पूछे हो सकता है ?

136
01:22:32.279 --> 01:23:02.279
यह खुशखबरी बापदादा सुनने चाहते हैं ।

137
01:23:10.970 --> 01:23:30.449
बापदादा ने देखा कि चाहना सब रखते हैं करेंगे

138
01:23:31.310 --> 01:24:02.909
लेकिन जब समस्या आती है तो समस्या अपना बना देती है ।

139
01:24:05.880 --> 01:24:20.050
फिर बहुत मीठी बातें करते हैं यह हो जाता है ना यह तो होगा ना !

140
01:24:24.000 --> 01:24:28.510
यह तो चलता है ना !

141
01:24:28.510 --> 01:24:39.020
बापदादा को बहुत मीठी मीठी बातें सुनाते हैं ।

142
01:24:48.000 --> 01:24:59.939
सबका कारण राजा बन जाओ बस ।

143
01:25:04.970 --> 01:25:14.170
स्वराज्य अधिकारी बन जाओ ।

144
01:25:25.819 --> 01:25:51.539
तो आज बापदादा सभी बच्चों को चाहे सामने बैठे हैं चाहे दूर बैठे दिल में बैठे हैं ।

145
01:25:53.539 --> 01:26:00.109
आप तो आंखों के सामने हैं

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01:26:08.970 --> 01:26:39.539
लेकिन बापदादा जो दूर बैठे हैं उनको दिल में देख रहे हैं ।

147
01:26:42.279 --> 01:27:11.819
बापदादा को पता है कि आज के दिन मधुबन में भी छोटी छोटी गीता पाठशालायें लग गई हैं ।

148
01:27:18.909 --> 01:27:47.819
बच्चे आये हैं बापदादा बहुत बहुत बहुत नीचे बैठने वालों को

149
01:27:50.050 --> 01:28:11.710
कहाँ कहाँ बैठने वालों को सबसे पहले दिल का दुलार और यादप्यार दे रहे हैं ।

150
01:28:18.909 --> 01:28:42.000
( आज शान्तिवन में 28 हजार से भी अधिक भाई बहिनें पहुंचे हुए हैं ) बापदादा ने देखा कि बच्चों को थोड़ी तकलीफ तो देखनी पड़ी है

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01:28:42.399 --> 01:29:14.850
लेकिन यह तकलीफ खुशी में अनुभव नहीं करते हैं ।

152
01:29:15.369 --> 01:29:42.109
फिर भी आराम से सोने के लिए तीन पैर पृथ्वी तो मिली है ना ।

153
01:29:48.619 --> 01:30:21.310
जो पटरानी बने हैं उन बच्चों को बापदादा विशेष यादप्यार दे रहे हैं ।

154
01:30:38.909 --> 01:30:54.399
अच्छा जो आज पहले बारी मधुबन में आये हैं

155
01:30:54.399 --> 01:31:07.539
या बापदादा से मिलने आये हैं वह उठो ।

156
01:32:31.420 --> 01:33:13.880
आज पहले बारी आने वाले बच्चों को बापदादा नये ब्राह्मण परिवार में आने की अपने तरफ से

157
01:33:13.880 --> 01:33:29.880
और ब्राह्मण परिवार की तरफ से बहुत-बहुत बधाई दे रहे हैं

158
01:33:34.399 --> 01:33:57.649
क्योंकि फिर भी टूलेट आये हो लेकिन आ तो गये ।

159
01:34:02.279 --> 01:34:16.279
बापदादा और परिवार को देख तो लिया ।

160
01:34:18.279 --> 01:34:30.340
बापदादा समझते हैं कि आप चाहो

161
01:34:32.340 --> 01:35:06.220
तो आज आने वालों को विशेष वरदान है कि अगर दिल से चाहो तो लास्ट सो फास्ट फास्ट सो आगे आ सकते हो ।

162
01:35:18.569 --> 01:35:34.680
बापदादा और परिवार का आप सब आत्माओं से प्यार है ।

163
01:35:35.600 --> 01:35:46.680
सहयोगी बनेंगे स्नेह देंगे और आपको आगे बढ़ायेंगे ।

164
01:35:46.680 --> 01:35:50.000
चांस देंगे ।

165
01:35:50.000 --> 01:36:14.619
इसीलिए आज आने वालों को आगे बढ़ने का चांस बहुत अच्छा ड्रामा में मिल सकता है ।

166
01:36:16.619 --> 01:36:39.479
सारा परिवार जहाँ से भी आये हो तो वह परिवार आपका सहयोगी बनेगा आप सहज योगी बनना ।

167
01:37:02.619 --> 01:37:04.970
अच्छा ।

168
01:37:11.420 --> 01:37:18.569
सेवा का टर्न राजस्थान और भोपाल जोन का है :-

169
01:38:02.739 --> 01:38:36.399
अच्छा बापदादा देख रहे हैं कि जो जोन सेवा पर आये हैं उनके ही ज्यादा नई आत्मायें भी आई हुई हैं ।

170
01:38:45.420 --> 01:38:49.710
अच्छा है ।

171
01:39:29.140 --> 01:39:40.850
राजस्थान वाले तो आधा क्लास है ।

172
01:39:50.050 --> 01:40:17.420
राजस्थान की धरनी ब्रह्मा बाप को बहुत पसन्द आई

173
01:40:19.420 --> 01:40:26.850
जो राजस्थान में ही मधुबन बनाया है ।

174
01:40:38.569 --> 01:41:14.569
राजस्थान की सेवा बापदादा ने देखा कि हर स्थान में अभी वृद्धि अच्छी हो रही है ।

175
01:41:16.909 --> 01:41:37.420
नई नई आत्माओं को बाप का सन्देश देने के प्रोग्रामस भी अच्छे हो रहे हैं ।

176
01:41:41.079 --> 01:41:57.310
लेकिन बापदादा सभी को यही कहते हैं

177
01:41:59.310 --> 01:42:29.770
हर एक सेवाकेन्द्र यज्ञ स्नेही वारिस ऐसा ग्रुप बनावे

178
01:42:33.770 --> 01:42:55.079
जो स्वयं भी आगे बढ़ते जायें औरों को भी यज्ञ स्नेही बनाये ।

179
01:42:56.000 --> 01:43:19.710
अगले वारी भी बापदादा ने यह कहा यज्ञ स्नेही सेवा स्नेही

180
01:43:22.399 --> 01:44:01.479
और सफल करने में सदा आगे से आगे बढ़ने वाले वृद्धि हो रही है

181
01:44:02.909 --> 01:44:26.800
अच्छा है सन्देश देने का कार्य भी देने में हर एक उमंग उत्साह में है ।

182
01:44:30.109 --> 01:44:50.109
अभी बापदादा यही देखने चाहते हैं

183
01:44:53.770 --> 01:45:17.600
कि स्व और सेवा दोनों का बैलेन्स करने वाले हर

184
01:45:19.600 --> 01:45:31.649
एक सेन्टर से ज्यादा में ज्यादा आगे आने चाहिए ।

185
01:45:32.680 --> 01:46:13.819
सिर्फ सेवा नहीं स्व और सेवा क्योंकि अब स्व परिवर्तन का समय इतना ज्यादा नहीं है इसीलिए पहले स्व साथ में सेवा ।

186
01:46:17.140 --> 01:46:38.399
हर एक सेवाकेन्द्र निर्विघ्न सब साथी निर्विघ्न सिर्फ टीचर नहीं

187
01:46:38.399 --> 01:47:14.680
लेकिन सारा क्लास निर्विघ्न और स्व परिवर्तन का अटेन्शन रखने वाले हो ।

188
01:47:19.369 --> 01:47:23.649
तो यह वृद्धि करो ।

189
01:47:23.649 --> 01:47:37.369
एक एक की बातों को सुनो और उनको उमंग-उत्साह के पंख लगाओ

190
01:47:40.970 --> 01:48:04.399
जो बापदादा को निर्विघ्न सेन्टर का समाचार दे सको ।

191
01:48:07.140 --> 01:48:29.539
बाकी बापदादा ने देखा राजस्थान भी आगे बढ़ रहा है बढ़ता रहेगा ।

192
01:48:34.510 --> 01:49:00.399
बापदादा हर एक बच्चे को आगे बढ़ने की मुबारक दे रहे हैं ।

193
01:49:01.079 --> 01:49:05.369
अच्छा ।

194
01:50:10.220 --> 01:51:05.250
भोपाल जोन :- अच्छा यह भी जोन अपने परिवर्तन और सेवा की वृद्धि में अच्छा आगे बढ़ रहा है ।

195
01:51:06.569 --> 01:51:48.510
बापदादा को खुशी है कि हर एक बच्चा स्व के प्रति भी प्लैन बना रहे हैं और प्रैक्टिकल में भी ला रहे हैं ।

196
01:51:57.770 --> 01:52:22.909
और बाबा की शुभ आशा है कि सदा आगे बढ़ते रहेंगे ।

197
01:52:30.909 --> 01:52:46.569
हर एक जोन में देखा जाता है कि अभी उमंग-उत्साह है

198
01:52:51.079 --> 01:53:18.909
इसलिए सेवा में अपने अपने स्थान में वृद्धि कर रहे हैं ।

199
01:53:19.939 --> 01:53:45.539
बापदादा आगे के लिए भी मुबारक दे रहे हैं बढ़ते चलो उड़ते चलो उड़ाते चलो ।

200
01:53:47.539 --> 01:53:50.800
अच्छा ।

201
01:53:55.250 --> 01:54:06.619
डबल विदेशी भाई बहिनें :-

202
01:54:44.279 --> 01:54:59.020
फॉरेनर्स को टाइटिल दिया है डबल फॉरेनर्स ।

203
01:54:59.020 --> 01:55:06.340
फॉरेनर्स नहीं डबल फॉरेनर्स ।

204
01:55:08.340 --> 01:55:16.909
तो प्रैक्टिकल में देखा जाता है

205
01:55:16.909 --> 01:55:47.939
कि जैसे टाइटिल दिया है ना डबल फॉरेनर्स ऐसे ही मैजारिटी को डबल नशा रहता है क्या डबल नशा रहता है ?

206
01:55:48.399 --> 01:56:03.710
कि हम डबल उमंग उत्साह में रहने वाले हैं

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01:56:04.739 --> 01:56:23.939
और बापदादा देखते हैं उमंग उत्साह अच्छा रहता है ।

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01:56:24.909 --> 01:56:45.369
बापदादा खुश है कि कहाँ एक लण्डन की स्थापना हुई

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01:56:45.369 --> 01:57:19.649
और आज डबल फॉरेनर्स ने काफी स्थानों पर सेवा कर सभी को बापदादा का या ब्राह्मण परिवार का बनाया है

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01:57:19.649 --> 01:57:32.510
और बनाने का लक्ष्य अच्छा है इसलिए प्रूफ है ।

211
01:57:33.079 --> 01:57:39.369
पहले अपने टर्न में आते थे

212
01:57:40.399 --> 01:57:52.340
लेकिन अभी मैजारिटी हर टर्न में पहुंचते हैं

213
01:57:54.340 --> 01:58:16.510
और बापदादा को खुशी है कि फॉरेन के बच्चों को देख भारतवासियों को उमंग आता है

214
01:58:16.510 --> 01:58:22.569
कि यह भारतवासियों से आगे बढ़ रहे हैं ।

215
01:58:22.569 --> 01:58:32.449
फॉरेन वाले आगे बढ़ रहे हैं और हम पीछे रह नहीं जाएं ।

216
01:58:32.449 --> 01:58:53.770
भारतवासियों को भी उमंग आता है और पुरूषार्थ में भी देखा गया

217
01:58:53.770 --> 01:59:05.479
तो अभी पेपर्स तो आते हैं फॉरेन वालों के पास

218
01:59:06.109 --> 01:59:22.909
लेकिन एक विशेषता है कि वह सच्ची दिल से बोल देते हैं ।

219
01:59:22.909 --> 01:59:41.819
अन्दर नहीं रखते हैं और उसका समाधान सच्ची दिल से करते रहते हैं ।

220
01:59:41.819 --> 01:59:56.909
यह बापदादा को खुशी है कि साफ दिल तो हजूर हाजिर हो जाता है ।

221
02:00:01.079 --> 02:00:30.000
अच्छी रिजल्ट देख बापदादा मुबारक भी दे रहे हैं और वरदान भी दे रहे हैं कि सदा आगे बढ़ते रहेंगे ।

222
02:00:34.619 --> 02:00:44.170
टीचर्स भी अच्छी मेहनत कर रही हैं ।

223
02:00:46.680 --> 02:01:04.619
बापदादा को खुशी होती है कि सबसे ज्यादा मधुबन का फायदा फारेन वाले उठा रहे हैं ।

224
02:01:17.600 --> 02:01:52.399
तो बापदादा देखते हैं कि फॉरेन के छोटे छोटे स्थानों पर भी आवाज बुलन्द करने की सेवा करना आरम्भ कर दिया है ।

225
02:01:53.710 --> 02:02:10.340
तो सेवा की मुबारक हो स्व परिवर्तन की मुबारक हो ।

226
02:02:14.449 --> 02:02:22.449
उड़ते चलो और उड़ाते चलो ।

227
02:02:26.510 --> 02:02:31.199
अच्छा ।

228
02:02:59.020 --> 02:03:52.279
चारों ओर के देश और विदेश के बच्चों को बापदादा पुरूषार्थ में सहज आगे बढ़ने और बढ़ाने की खास मुबारक दे रहे हैं ।

229
02:03:57.880 --> 02:04:34.170
अभी जो समय आने वाला है उसके लिए बापदादा ने डायरेक्शन दे दिये हैं

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02:04:37.140 --> 02:05:11.020
कि तीव्र पुरूषार्थी बन सेकण्ड में बिन्दु लगाने फुलस्टॉप लगाने का अभ्यास अति आवश्यक है ।

231
02:05:11.020 --> 02:05:20.109
इस बात को हल्का नहीं करो ।

232
02:05:23.649 --> 02:05:36.970
अचानक कुछ न कुछ होना ही है

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02:05:38.970 --> 02:06:11.479
इसलिए बाप की शुभ आशा है कि हर एक बच्चा साथ है साथ चलेंगे साथ राज्य करेंगे ब्रह्मा बाप के साथ शिवबाबा साक्षी हो जायेगा ।

234
02:06:17.880 --> 02:06:34.220
साथी बनने वाले हो तो बापदादा समान बनना ही है ।

235
02:06:38.220 --> 02:07:05.420
अच्छा - हर एक बच्चे को बापदादा की तरफ से इस वर्ष की मुबारक है

236
02:07:06.000 --> 02:07:32.569
और आगे वर्ष की भी मुबारक है कि सदा बाप समान बनना ही है ।

237
02:07:33.600 --> 02:07:41.479
अच्छा ।

