WEBVTT

1
00:26:40.220 --> 00:27:22.279
आज बापदादा अपने चारों ओर के मीठे-मीठे प्यारे-प्यारे बच्चों को देख रहे हैं ।

2
00:27:29.250 --> 00:27:54.450
सभी बड़े प्यार से अपनी याद दे रहे हैं ।

3
00:28:01.420 --> 00:28:32.279
इतना प्यार सिर्फ बाप को ही करते हैं ।

4
00:28:36.569 --> 00:29:09.650
यह परमात्म प्यार सिर्फ अभी प्राप्त होता है ।

5
00:29:15.599 --> 00:29:34.970
हर एक बच्चा प्यार में लवलीन है ।

6
00:29:50.799 --> 00:30:14.170
बाप भी हर बच्चे को प्यार का रेसपान्ड दे रहे हैं ।

7
00:30:16.680 --> 00:30:24.000
वाह बच्चे वाह !

8
00:30:34.569 --> 00:30:45.420
चाहे सम्मुख हैं , चाहे दूर हैं

9
00:30:46.109 --> 00:31:09.200
लेकिन हर एक बच्चा बाप के दिल में समाया हुआ है ।

10
00:31:13.710 --> 00:31:41.880
सबके दिल में यह गीत बज रहा है इतना प्यार करेगा कौन !

11
00:31:49.309 --> 00:32:11.019
यह बाप और बच्चों का आत्मिक प्यार हर बच्चे को

12
00:32:22.049 --> 00:32:39.710
देह से न्यारा और बाप का प्यारा बनाने वाला है

13
00:32:45.940 --> 00:33:17.480
और यह प्यार अभी ही बच्चों को प्राप्त होता है ।

14
00:33:28.339 --> 00:34:07.140
यह प्यार बच्चों को क्या से क्या बनाने वाला है ।

15
00:34:18.909 --> 00:34:47.250
यह प्यार सिर्फ इस एक जन्म में प्राप्त होता है ।

16
00:34:56.170 --> 00:35:41.480
बाप भी बच्चों का स्नेह देख बच्चों के स्नेह में समा जाता है ।

17
00:35:51.019 --> 00:36:31.769
आज बापदादा हर एक के मस्तक में तीन भाग्य देख रहे हैं ।

18
00:36:38.849 --> 00:37:07.250
एक बाप के स्वरूप में प्राप्त वर्से का भाग्य ,

19
00:37:10.619 --> 00:37:29.539
दूसरा शिक्षक के रूप में श्रेष्ठ शिक्षा का भाग्य

20
00:37:33.139 --> 00:37:52.340
और तीसरा सतगुरू के रूप में वरदानों का भाग्य ।

21
00:37:58.849 --> 00:38:16.969
हर एक का मस्तक इन तीनों भाग्य से चमक रहा है ।

22
00:38:43.599 --> 00:39:11.019
बापदादा भी अपने भाग्यशाली बच्चों को देख हर्षित हो रहे हैं ।

23
00:39:14.679 --> 00:39:47.599
चाहे सम्मुख बैठे हैं , चाहे दूर बैठे हैं लेकिन दिल में नजदीक हैं ।

24
00:39:50.449 --> 00:40:22.570
ऐसे बच्चों और बाप का प्यार सारे कल्प में इस समय ही प्राप्त होता है ।

25
00:40:45.820 --> 00:41:23.369
यह प्यार का अनुभव औरों को भी करा रहे हो ।

26
00:41:30.570 --> 00:42:15.139
अभी कोई-कोई लोग समझते हैं कि इन ब्राह्मण आत्माओं को कुछ मिला है ।

27
00:42:25.019 --> 00:43:00.340
क्या मिला है , उसका स्पष्टीकरण होता जा रहा है ।

28
00:43:03.710 --> 00:43:41.880
बाप ने देखा अब इस प्लैटिनम जुबली का चारों ओर प्रभाव है

29
00:43:43.880 --> 00:44:08.679
और बच्चों ने भी दिल से सेवा की है और आगे भी प्लैन बनाया है ।

30
00:44:11.820 --> 00:44:37.250
तो बापदादा भी चारों ओर के बच्चों को मुबारक दे रहे हैं वाह बच्चे वाह !

31
00:44:42.739 --> 00:45:39.599
यह 75 वर्ष अपने-अपने पुरूषार्थ अनुसार करते निर्विघ्न बनके ; बनाके पहुंच गये हो ।

32
00:45:50.570 --> 00:46:14.570
अभी बाप बच्चों से क्या चाहते हैं ?

33
00:46:18.170 --> 00:46:55.139
बाप को सदा हर बच्चे में यही आशा है कि हर बच्चा बाप समान बन जाए ।

34
00:47:01.940 --> 00:47:47.309
जैसे ब्रह्मा बाप विजयी बने , ऐसे हर बच्चा सदा विजयी बने ।

35
00:47:59.710 --> 00:48:40.280
इसके लिए जैसे ब्रह्मा बाप ने क्या किया ?

36
00:48:45.309 --> 00:48:49.539
फॉलो फादर ।

37
00:48:57.199 --> 00:49:39.820
तो आप सभी भी हर कदम उठाते पहले चेक करो कि यह कदम ब्रह्मा बाप ने किया ?

38
00:49:47.480 --> 00:50:10.570
ब्रह्मा बाप ने हर बच्चे प्रति चाहे जानते थे

39
00:50:11.019 --> 00:50:39.369
कि यह बच्चा कमज़ोर है , पुरूषार्थ में भी , सेवा में भी

40
00:50:39.369 --> 00:51:07.139
लेकिन कमज़ोर के ऊपर और ही रहम और कल्याण की भावना रही ।

41
00:51:17.309 --> 00:51:39.480
ऐसे ही बापदादा सभी बच्चों को भी यही कहते

42
00:51:48.619 --> 00:52:20.050
अपने परिवार के हरेक भाई या बहन प्रति शुभ भावना , शुभ कामना ,

43
00:52:20.969 --> 00:52:44.619
रहम और कल्याण की दृष्टि से उनके भी सहयोगी बनो ।

44
00:52:55.250 --> 00:54:00.619
बापदादा ने पहले भी सुनाया कि प्यार की सबजेक्ट में हर एक बच्चा यथा शक्ति पास है ।

45
00:54:03.880 --> 00:54:26.000
प्यार के कारण ही आगे बढ़ रहे हैं ।

46
00:54:34.849 --> 00:55:14.739
अभी बापदादा बच्चों के प्यार को देख खुश है ।

47
00:55:20.849 --> 00:55:49.820
प्यार की सबजेक्ट के कारण हर एक बच्चा नम्बरवार चल रहा है ।

48
00:55:55.940 --> 00:56:27.019
अभी बापदादा चाहते हैं कि प्यार में कुछ कुर्बानी भी की जाती है ।

49
00:56:29.019 --> 00:56:44.510
बाप से प्यार है इसलिए कौन सी कुर्बानी करनी है ?

50
00:56:52.050 --> 00:57:23.019
जो बापदादा चाहता है वह समझ तो गये हो , समझते हो ना बाप क्या चाहता है ?

51
00:57:30.219 --> 00:57:33.139
समझते हो ?

52
00:57:33.139 --> 00:57:37.079
कांध हिलाओ ।

53
00:57:37.079 --> 00:57:41.769
समझते हो ?

54
00:57:50.800 --> 00:58:02.800
तो करना है इसकी भी हिम्मत है ना !

55
00:58:02.800 --> 00:58:08.849
है हिम्मत हाथ उठाओ ।

56
00:58:08.849 --> 00:58:12.739
हिम्मत है ?

57
00:58:12.739 --> 00:58:15.880
अच्छा ।

58
00:58:15.880 --> 00:58:21.880
तो हिम्मते बच्चे मददे बाप है ही ।

59
00:58:35.420 --> 00:58:49.650
अभी बापदादा चाहते हैं , रिजल्ट में देखा

60
00:58:51.650 --> 00:59:34.510
तो अभी तक सम्पूर्ण पवित्रता के हिसाब से व्यर्थ संकल्प भी अपवित्रता का बीज है ।

61
00:59:37.539 --> 00:59:54.679
तो बापदादा ने देखा यह व्यर्थ संकल्प चलना ,

62
00:59:58.739 --> 01:00:26.219
यह मैजारिटी बच्चों में अब भी संस्कार रहा हुआ है ।

63
01:00:36.849 --> 01:00:54.800
एक व्यर्थ संकल्प और दूसरा व्यर्थ समय

64
01:01:04.110 --> 01:01:32.739
यह मैजारिटी बच्चों में अब भी दिखाई देता है ।

65
01:01:38.449 --> 01:01:59.539
और व्यर्थ संकल्प का आधार है मन ,

66
01:02:08.510 --> 01:02:15.480
जो मनमनाभव होने नहीं देता

67
01:02:24.400 --> 01:02:39.139
क्योंकि बापदादा ने काफी समय से इशारा दे दिया है

68
01:02:44.050 --> 01:02:55.940
कि जो कुछ होना है वह अचानक होना है ।

69
01:03:00.340 --> 01:03:15.139
तो अचानक के हिसाब से बापदादा ने चेक किया

70
01:03:19.309 --> 01:03:47.250
मैजारिटी बच्चों में यह व्यर्थ संकल्प का संस्कार है ।

71
01:03:52.969 --> 01:04:49.079
तो जब ब्रह्मा बाप व्यर्थ समय , व्यर्थ संकल्प के विजयी बन कर्मातीत हुए तो फॉलो फादर ।

72
01:04:56.570 --> 01:05:41.769
बापदादा ने देखा कि मन है तो आपकी रचना ,

73
01:05:43.019 --> 01:06:02.909
आप मन के रचता हो तो मन को चलाने वाले हो ।

74
01:06:03.940 --> 01:06:24.400
मन की कन्ट्रोलिंग पावर , रूलिंग पावर के मालिक हो

75
01:06:25.820 --> 01:06:48.110
लेकिन फिर भी मन कहाँ धोखा दे देता है ।

76
01:06:54.449 --> 01:07:06.280
है आपकी रचना , मेरा है ना !

77
01:07:09.199 --> 01:07:32.449
लेकिन कन्ट्रोलिंग पावर कम होने के कारण धोखा दे देता है ।

78
01:07:34.449 --> 01:07:44.510
मन को घोड़ा भी कहा जाता है

79
01:07:44.510 --> 01:08:02.400
लेकिन आपके पास श्रीमत की लगाम है ।

80
01:08:03.539 --> 01:08:07.480
है ना लगाम !

81
01:08:08.619 --> 01:08:26.220
तो कभी भी अगर मन वेस्ट संकल्प की तरफ ले जाता ,

82
01:08:31.250 --> 01:09:07.140
लगाम को टाइट करने से अपने को व्यर्थ संकल्प की थोड़ी भी अपवित्रता को खत्म कर सकते हो ।

83
01:09:12.739 --> 01:09:39.250
मन के मालिक बन , जैसे ब्रह्मा बाप ने रोज़ मन की चेकिंग की ,

84
01:09:47.250 --> 01:10:11.600
ऐसे रोज़ चेक करो और व्यर्थ संकल्प को समाप्त करो ।

85
01:10:12.170 --> 01:10:39.880
तो आज बापदादा यही चाहता है कि इस व्यर्थ संकल्पों को समाप्त करो ।

86
01:10:46.000 --> 01:11:02.569
बुरे संकल्प कम हैं , व्यर्थ ज्यादा हैं लेकिन इसमें टाइम बहुत जाता है ।

87
01:11:12.449 --> 01:11:29.600
मन के मालिक बन मन को ऐसे बिजी करो

88
01:11:32.399 --> 01:11:57.140
जो और तरफ आकर्षित हो आपकी लगाम को ढीला नहीं करे ।

89
01:11:59.649 --> 01:12:03.250
हो सकता है यह ?

90
01:12:03.250 --> 01:12:31.600
आज बापदादा व्यर्थ संकल्प के समाप्ति का सबको संकल्प दे रहे हैं ।

91
01:12:33.079 --> 01:12:35.939
हो सकता है ?

92
01:12:39.199 --> 01:12:56.220
हाथ उठाओ जो समझते हैं व्यर्थ संकल्प भी समाप्त , सेरीमनी मनायेंगे ।

93
01:12:58.680 --> 01:13:03.649
व्यर्थ समय भी बचाना है ।

94
01:13:03.649 --> 01:13:14.109
समय और संकल्प दोनों को बचाना है

95
01:13:25.539 --> 01:13:34.399
क्योंकि बापदादा सबका चार्ट देखते हैं ।

96
01:13:36.399 --> 01:13:55.420
तो चार्ट में यह कमी मैजारिटी में देखने आई ।

97
01:14:02.050 --> 01:14:11.710
मन के मालिक ही विश्व के मालिक बनने हैं ।

98
01:14:13.079 --> 01:14:37.140
जैसे बाप ब्रह्मा मनजीत बन विश्व का मालिक बन गया ,

99
01:14:39.140 --> 01:15:00.050
अभी तो आपके लिए , बच्चों के लिए आवाह्न कर रहे हैं ,

100
01:15:02.050 --> 01:15:18.340
आपकी एडवांस पार्टी भी आवाह्न कर रही है ।

101
01:15:20.340 --> 01:15:41.479
सुनाया था चार बजे एडवांस पार्टी वाले भी वतन में आते हैं ,

102
01:15:51.140 --> 01:16:08.449
तो पूछते हैं कब मुक्ति का गेट खोलेंगे ?

103
01:16:08.449 --> 01:16:12.510
किसको खोलना है ?

104
01:16:17.420 --> 01:16:26.970
आप सभी मुक्ति का गेट खोलने वाले हो ना !

105
01:16:28.970 --> 01:16:44.050
आपका सम्पूर्ण बनना अर्थात् मुक्ति का गेट खुलना ।

106
01:16:46.340 --> 01:17:03.880
तो बापदादा से एडवांस पार्टी रूहरिहान करती है कब तक ?

107
01:17:04.399 --> 01:17:12.340
तो बाप आपसे पूछते हैं कब तक ?

108
01:17:26.340 --> 01:17:29.770
तो क्या जवाब देंगे ?

109
01:17:29.770 --> 01:17:37.310
पहली लाइन वाले बोलो , कब तक ?

110
01:17:41.539 --> 01:17:49.199
हर कार्य के लिए डेट फिक्स करते हो ना !

111
01:17:51.819 --> 01:18:02.569
तो इस कार्य की डेट कब तक ?

112
01:18:05.079 --> 01:18:17.649
ब्रह्मा बाप तो फरिश्ते रूप में आवाह्न कर रहे हैं ।

113
01:18:30.000 --> 01:18:34.399
बता सकते हो डेट ?

114
01:18:34.399 --> 01:18:41.880
बोलो , डेट फिक्स कर सकते हैं ?

115
01:18:52.569 --> 01:18:58.569
अभी डेट फिक्स है ?

116
01:18:59.649 --> 01:19:05.710
पाण्डव हाथ उठाओ , डेट फिक्स है ?

117
01:19:05.710 --> 01:19:11.600
नहीं है ।

118
01:19:19.199 --> 01:19:22.340
क्यों ?

119
01:19:25.600 --> 01:19:42.909
दीदी कहती है बाबा हम लोगों को लगन थी घर जाना है , घर जाना है , घर जाना है ।

120
01:19:45.539 --> 01:19:56.739
दादी कहती है हमको लगन थी कर्मातीत होना है, कर्मातीत होना है…।

121
01:20:00.279 --> 01:20:09.310
तो आप सभी का तो दीदी दादी से प्यार है ना ।

122
01:20:09.310 --> 01:20:26.449
है तो सभी से क्योंकि जो भी एडवांस पार्टी में गये हैं उन सभी से आपका प्यार तो है ।

123
01:20:27.140 --> 01:20:32.510
अभी उसके प्रश्न का उत्तर दो ।

124
01:20:45.079 --> 01:21:02.109
तो आपस में रूहरिहान कर अब कुछ जवाब तैयार करना ।

125
01:21:04.909 --> 01:21:07.250
करेंगे ?

126
01:21:07.250 --> 01:21:17.600
आज तो डबल फारेनर्स के मिलन का दिन है ना !

127
01:21:19.369 --> 01:21:29.079
तो डबल फारेनर्स भी आपस में राय करके डेट बताना

128
01:21:32.850 --> 01:21:44.510
और भारत वाले भी इस पर चर्चा करके बताना ।

129
01:21:46.510 --> 01:21:50.109
है जवाब ।

130
01:21:50.569 --> 01:21:55.710
हाँ बोलो, बोलो…।

131
01:22:03.939 --> 01:22:12.680
जो बोले वह हाथ उठाओ ।

132
01:22:40.850 --> 01:23:35.479
(मोहनी बहन न्युयार्क - बाबा डेट आप फिक्स करिये, हम लोग एवररेडी हैं)नहीं आप फिक्स करो ना।

133
01:23:36.399 --> 01:23:41.880
तैयार आपको होना है ना ।

134
01:23:42.569 --> 01:23:56.800
बाप तो कहेगा कि इस दीवाली पर दीवाली करो ।

135
01:24:01.369 --> 01:24:05.310
एवररेडी।

136
01:24:10.569 --> 01:24:14.619
एवररेडी?

137
01:24:18.449 --> 01:24:21.649
कहेंगे जल्दी है ।

138
01:24:21.649 --> 01:24:26.000
इसलिए कहते हैं आप बताओ ।

139
01:24:26.000 --> 01:24:52.170
( डा . निर्मला बहन ने कहा - बाबा एक साल दो ) अच्छा , इसमें शामिल हो , यह कह रही है एक साल ।

140
01:24:54.619 --> 01:25:06.909
जो समझते हैं एक साल वह हाथ उठाओ ।

141
01:25:08.909 --> 01:25:14.850
बड़ा हाथ उठाओ ।

142
01:25:18.340 --> 01:25:20.680
अच्छा ।

143
01:25:20.680 --> 01:25:29.710
एक साल वालों का नाम नोट करो ।

144
01:25:36.220 --> 01:25:39.819
अच्छा है ।

145
01:25:42.800 --> 01:25:48.279
दूसरे सब मुस्कराते हैं ।

146
01:25:48.850 --> 01:25:50.739
बोलो ।

147
01:25:50.739 --> 01:26:25.369
( निर्वैर भाई ने कहा - नाउ और नेवर , आज अभी होना है ) तो ताली बजाओ ।

148
01:26:30.850 --> 01:26:35.939
अच्छा , बहुत अच्छा ।

149
01:26:35.939 --> 01:26:54.680
तो अभी अभी सभी अपने मन में यह प्रामिस करो

150
01:26:56.680 --> 01:27:11.939
कि कभी भी व्यर्थ संकल्प नहीं आने देंगे ।

151
01:27:11.939 --> 01:27:15.939
यह हो सकता है ?

152
01:27:15.939 --> 01:27:29.079
अभी से कहते हैं नाउ आर नेवर , तो कम से कम यह सब प्रामिस करते हैं

153
01:27:29.079 --> 01:27:40.399
कि अभी से न व्यर्थ संकल्प , न व्यर्थ समय गंवायेंगे ?

154
01:27:40.399 --> 01:27:47.420
इसमें जो तैयार हैं वह हाथ उठाओ ।

155
01:28:15.310 --> 01:28:18.800
मैजारिटी ने उठाया है ।

156
01:28:18.800 --> 01:28:25.539
जो समझते हैं कि टाइम लगेगा वह हाथ उठाओ ।

157
01:28:25.539 --> 01:28:30.680
कोई नहीं ।

158
01:28:34.220 --> 01:28:42.680
वह थोड़े हैं जो कहते हैं , हाथ उठा रहे हैं थोड़े थोड़े ।

159
01:28:43.939 --> 01:29:00.170
अच्छा तो इस दीवाली पर यह एक दृढ़ संकल्प करना , जिन्होंने मैजारिटी ने हाथ उठाया है

160
01:29:01.079 --> 01:29:27.199
वह स्वाहा करना इसीलिए आप सबकी तरफ से दृढ़ संकल्प के लिए आज केक काटेंगे ।

161
01:29:32.739 --> 01:29:35.649
पसन्द है ना !

162
01:29:36.000 --> 01:29:47.310
आज का केक इस दृढ़ संकल्प का सूचक है

163
01:29:53.880 --> 01:30:16.220
क्योंकि सभी चाहते हैं , अज्ञानी भी चाहते हैं कि अब कुछ होना चाहिए , अब कुछ होना चाहिए लेकिन ताकत नहीं है ।

164
01:30:17.649 --> 01:30:30.340
आप बच्चों में तो संकल्प को पूर्ण करने की ताकत है ।

165
01:30:32.619 --> 01:30:37.310
फॉलो फादर है ना ।

166
01:30:38.909 --> 01:30:51.369
ब्रह्मा बाप का जन्म ही दृढ़ संकल्प से हुआ है ।

167
01:30:54.109 --> 01:31:06.510
करना है , सोचेंगे नहीं , क्या करूं , क्या नहीं करूं , करना है ।

168
01:31:06.510 --> 01:31:21.880
उस एक दृढ़ संकल्प ने इतने बच्चों का भविष्य बनाया ।

169
01:31:31.140 --> 01:31:42.220
एक ब्रह्मा बाप ने कितनी हिम्मत रखी ।

170
01:31:45.420 --> 01:31:57.539
आधा हिस्सा मिला और यज्ञ रचा ।

171
01:31:58.220 --> 01:32:22.170
यज्ञ के ब्राह्मण रचे और अब देश विदेश की आत्मायें पहुंच गई हैं ,

172
01:32:23.369 --> 01:32:32.220
एक ब्रह्मा बाप के दृढ़ संकल्प के कारण ।

173
01:32:33.770 --> 01:32:42.170
तो दृढ़ संकल्प क्या नहीं कर सकता ।

174
01:32:46.510 --> 01:32:54.569
यह तो एक्जैम्पुल है आपके आगे ।

175
01:32:55.770 --> 01:33:11.020
संकल्प करते हो बहुत अच्छे अच्छे संकल्प बाप के पास पहुंचते हैं

176
01:33:11.369 --> 01:33:23.420
लेकिन उसमें दृढ़ता कम होती है ।

177
01:33:24.050 --> 01:33:32.569
कोई बात सामने आई ना तो दृढ़ता कम हो जाती है ।

178
01:33:35.310 --> 01:33:44.399
दृढ़ता सफलता की चाबी है ।

179
01:33:52.170 --> 01:34:03.199
देखो , दिल्ली वालों ने दृढ़ संकल्प किया , करना ही है ।

180
01:34:03.199 --> 01:34:06.340
हो गया ना !

181
01:34:06.850 --> 01:34:17.770
सोचेंगे , देखेंगे , यह नहीं किया ।

182
01:34:17.770 --> 01:34:42.970
सबका दृढ़ संकल्प , निमित्त बनें जैसे निमित्त बनें यह बच्ची , बच्चे ,

183
01:34:42.970 --> 01:34:56.909
लेकिन सबका सहयोग और दृढ़ संकल्प उसने प्रैक्टिकल सफलता लाई ।

184
01:34:59.770 --> 01:35:11.140
इसमें सबने साथ दिया और एकमत हुए ।

185
01:35:11.140 --> 01:35:28.510
हाँ ना , हाँ ना नहीं , एक दृढ़ मत हुई तो दृढ़ता में इतनी शक्ति है ।

186
01:35:32.619 --> 01:35:59.369
जो कार्य आरम्भ करते हैं उसमें पहले दृढ़ संकल्प का बीज डालो , उसका फल निकलना ही है ।

187
01:36:02.680 --> 01:36:14.220
यह इतना 75 वर्ष कैसे बीता ,

188
01:36:19.020 --> 01:36:40.220
ब्रह्मा बाप और बच्चों के साथ ने दृढ़ संकल्प से 75 वर्ष पूरे किये ।

189
01:36:45.140 --> 01:37:09.420
उमंग-उत्साह से बढ़ते बढ़ाते रहे , तब यह 75 वर्ष पूरे किये ।

190
01:37:15.600 --> 01:37:39.310
अभी यह संकल्प करो आज व्यर्थ समय , व्यर्थ संकल्प समाप्त करना ही है ।

191
01:37:43.479 --> 01:38:06.800
जब व्यर्थ समाप्त हो जायेगा तो सदा श्रेष्ठ संकल्प का खज़ाना कमाल दिखायेगा ।

192
01:38:12.619 --> 01:38:28.850
तो आज डबल फारेनर्स का विशेष मिलन दिवस है ।

193
01:38:28.850 --> 01:39:00.050
बापदादा खुश है डबल विदेशी बच्चे चारों ओर डबल सेवा अच्छी कर रहे हैं ।

194
01:39:00.800 --> 01:39:18.220
एक स्वयं का पुरूषार्थ और दूसरा आत्माओं की सेवा ,

195
01:39:20.220 --> 01:39:32.739
दोनों बात में अच्छी हिम्मत रख आगे बढ़ रहे हैं ।

196
01:39:33.079 --> 01:39:50.000
बापदादा इस डबल सेवा की मुबारक दे रहे हैं । मुबारक हो , मुबारक हो ।

197
01:39:54.619 --> 01:40:04.050
आज विशेष इन्हों का दिन है , तो इन्हों को मुबारक दे रहे हैं ।

198
01:40:09.600 --> 01:40:19.819
मुबारक आपको भी है , भारत वालों को भी मुबारक हैं ।

199
01:40:27.020 --> 01:40:40.050
जैसे दिल्ली में निमित्त बने ना यह बृजमोहन ,

200
01:40:40.050 --> 01:41:00.399
आशा निमित्त बनें और इन्हों के साथ मददगार थी गुप्त रूप में गुल्जार बच्ची ।

201
01:41:04.050 --> 01:41:20.279
और एकमत हाँ जी , हाँ जी करने में सारी दिल्ली में उमंग रहा और प्रैक्टिकल किया ।

202
01:41:20.279 --> 01:41:23.199
हाँ ना नहीं किया ।

203
01:41:23.199 --> 01:41:26.279
करना ही है ।

204
01:41:26.279 --> 01:41:38.220
तो यह एक मत होना अर्थात् सफलता ।

205
01:41:43.369 --> 01:41:55.539
सफलता आप बच्चों का हर एक का जन्म सिद्ध अधिकार है ।

206
01:41:55.539 --> 01:41:59.600
उसको यूज़ करो ।

207
01:42:05.310 --> 01:42:09.770
अलबेले नहीं बनो ।

208
01:42:12.510 --> 01:42:19.600
हो जायेगा , कर लेंगे , यह नहीं सोचो ।

209
01:42:19.939 --> 01:42:28.170
करना ही है , यह है ब्राह्मणों की भाषा ।

210
01:42:31.710 --> 01:42:41.539
तो बापदादा वैसे तो सभी बच्चों पर खुश है

211
01:42:41.539 --> 01:42:57.600
लेकिन आज दिल्ली वालों ने भी कमाल दिखाई , बापदादा ने देखा

212
01:42:58.000 --> 01:43:16.739
कि गवर्मेन्ट के विशेष लोग जो निमित्त हैं उनको अच्छी तरह से सन्देश पहुंच गया

213
01:43:16.739 --> 01:43:27.770
कि ब्रह्माकुमारियां जिसके लिए समझते थे , यह क्या करेंगी ।

214
01:43:30.170 --> 01:43:47.140
कुछ गलत फहमी भी थी लेकिन यह 75 वर्ष का सुनके अभी यह समझते हैं

215
01:43:47.140 --> 01:43:56.449
कि यह जो चाहें वह कर सकते हैं

216
01:44:00.340 --> 01:44:22.970
इसलिए जो भी निमित्त हैं गवर्मेन्ट में उन्हों तक आवाज अच्छा पहुंचा है , यह कमाल है एकमत की ।

217
01:44:34.449 --> 01:44:49.199
तो बापदादा डबल विदेशियों को देख खुश है ,

218
01:44:50.449 --> 01:45:12.279
वृद्धि भी कर रहे हैं और डबल सेवा की तरफ से अटेन्शन अच्छा है ।

219
01:45:15.649 --> 01:45:26.909
सिर्फ बापदादा यह इशारा फिर भी दे रहा है

220
01:45:30.170 --> 01:45:42.970
कि आपस में संस्कार मिलन की रास करो ।

221
01:45:47.649 --> 01:45:58.399
यह नहीं सोचो , सेन्टर तो अच्छा चल रहा है , सर्विस तो अच्छी हो रही है

222
01:45:58.399 --> 01:46:18.680
लेकिन जब एक परिवार है , प्रभु परिवार है , लौकिक परिवार नहीं प्रभु परिवार है ।

223
01:46:18.680 --> 01:46:36.680
प्रभु परिवार का अर्थ ही है एक दो में शुभ भावना , कल्याण की भावना ।

224
01:46:39.710 --> 01:46:51.710
एक दो में यही संकल्प रहे

225
01:46:52.170 --> 01:47:09.710
कि हम सभी साथ-साथ एक दो को आगे बढ़ाते मुक्ति का गेट खोलके साथ जाना ही है ।

226
01:47:11.710 --> 01:47:39.250
इसलिए हर सेन्टर में ऐसा वायुमण्डल हो जो समझ में आवे यह 8 नहीं , 10 नहीं लेकिन 10 ही एक हैं ।

227
01:47:44.109 --> 01:48:01.140
अभी संस्कार मिलन की रास हर एक अपने मन में दीवाली में संकल्प करो ।

228
01:48:01.140 --> 01:48:24.449
एक भी आत्मा एक दो से दूर नहीं हो , सब एक हो ।

229
01:48:29.420 --> 01:48:39.020
तो इस दीवाली पर संस्कार मिलन की रास करना ।

230
01:48:47.020 --> 01:49:07.479
मन में दृढ़ संकल्प करना कि एक भी मेरे से भारी नहीं हो , सब हल्के ।

231
01:49:10.449 --> 01:49:17.420
संस्कार नहीं मिलते हैं तो भारी होते हैं ।

232
01:49:25.649 --> 01:49:52.220
तो बाप समझते हैं कि इस संकल्प से गेट का दरवाजा खोलने के लिए जल्दी तैयार हो जायेंगे ।

233
01:49:57.539 --> 01:50:14.449
चेक करो कोई भी हमारे से नाराज़ नहीं , लेकिन भारी भी नहीं होना चाहिए ।

234
01:50:22.109 --> 01:50:25.140
हो सकता है यह ?

235
01:50:25.140 --> 01:50:29.250
हो सकता है ?

236
01:50:29.770 --> 01:50:46.220
कांध हिलाओ हो सकता है । हो सकता है हाथ उठाओ ।

237
01:50:52.050 --> 01:51:00.399
तो इस दीवाली पर अच्छी रौनक हो जायेगी ।

238
01:51:18.739 --> 01:51:49.020
डबल फारेनर्स , बापदादा दिल में रोज़ डबल फारेनर्स को इमर्ज करते हैं , क्यों ?

239
01:51:49.649 --> 01:51:53.539
क्यों इमर्ज करते हैं ?

240
01:51:54.680 --> 01:52:23.420
क्योंकि डबल फारेनर्स निमित्त बने हैं सारे विश्व में बाप का नाम बाला करने के लिए ।

241
01:52:25.420 --> 01:52:30.340
किस बात पर ?

242
01:52:30.680 --> 01:52:53.539
कि जब यह भारतवासी नहीं हैं , फारेनर्स हैं इन्होंने अपना भाग्य बना लिया तो हम क्यों रह जाएं ।

243
01:52:53.539 --> 01:53:07.369
यह प्रेरणा इस दिल्ली के प्रोग्राम से भारत में अच्छी फैली है

244
01:53:09.369 --> 01:53:24.340
इसलिए बापदादा सेवा के निमित्त आप सभी को इमर्ज करते हैं ।

245
01:53:25.420 --> 01:53:43.479
भारत को जगायेंगे , जगा रहे हैं और आगे भी ऐसे वी . आई . पी तैयार करेंगे जो भारत को जगायेंगे ।

246
01:53:43.479 --> 01:53:49.710
उनका अनुभव भारत वालों को जगायेगा ।

247
01:53:50.170 --> 01:54:02.170
बापदादा को याद है शुरू-शुरू में बहुत वी . आई . पीज ले आते थे ।

248
01:54:02.170 --> 01:54:05.939
प्रोग्राम्स करते थे ।

249
01:54:05.939 --> 01:54:12.000
अभी यह सेवा नहीं है ।

250
01:54:12.569 --> 01:54:25.140
ऐसे वी . आई . पी तैयार करो जो स्टेज पर अपना अनुभव सुनायें ।

251
01:54:27.479 --> 01:54:41.420
अभी ज्यादा कल्चरल दिखाया , अनुभव भी सुनाया लेकिन थोड़ा टाइम था ,

252
01:54:41.420 --> 01:55:02.050
अभी ऐसे वी . आई . पी लाओ जो भारत वालों की तकदीर को जगाये ।

253
01:55:04.399 --> 01:55:21.140
अभी भी जो फारेनर्स और भारत की सेवा इकठ्ठी की उसका भी प्रभाव अच्छा रहा ।

254
01:55:32.619 --> 01:55:41.649
अब मिल करके ऐसी सेवा को बढ़ाते चलो ।

255
01:55:44.220 --> 01:56:12.970
और मुख्य बात अपने को हर एक चाहे भारतवासी चाहे फारेनर्स जल्दी जल्दी ऐसे सम्पन्न बनाओ

256
01:56:12.970 --> 01:56:23.939
जो आप सबकी सम्पन्नता मुक्ति का गेट खोल दे ।

257
01:56:37.880 --> 01:56:43.479
अच्छा ।

258
01:56:46.569 --> 01:57:24.739
( 90 देशों से 2400 डबल विदेशी आये हैं , उसमें 600 नये भाई बहिनें आये हैं ) मुबारक हो ।

259
01:58:29.819 --> 01:58:52.340
बापदादा को खुशी है कि बिछुड़े हुए बच्चे आज अपने परिवार और बाप से मिल रहे हैं ।

260
01:58:56.050 --> 01:59:11.079
तो बहुत अच्छा अभी सभी को तीव्र पुरूषार्थी बनना पड़े

261
01:59:11.079 --> 01:59:26.680
क्योंकि थोड़े समय में नम्बर आगे लेना है ।

262
01:59:28.680 --> 01:59:41.710
तो तीव्र पुरूषार्थी बन आगे से आगे बढ़ते चलो ।

263
01:59:43.140 --> 01:59:53.250
फिर भी मुबारक है जो पहुंच गये हैं ।

264
01:59:53.250 --> 02:00:05.140
बापदादा एक एक को देख हर्षित हो रहे हैं ।

265
02:00:11.539 --> 02:00:57.710
अभी बहुत सहज याद की यात्रा द्वारा अपने को सम्पन्न बनाके आगे से आगे बढ़ने का प्रयत्न करेंगे और आगे हो सकते हैं ,

266
02:00:57.710 --> 02:01:06.680
पीछे आने वाले भी पीछे नहीं रहना , आगे बढ़ना ।

267
02:01:07.140 --> 02:01:12.000
अच्छा ।

268
02:02:00.000 --> 02:02:23.250
( ग्लोबल हॉस्पिटल के 20 साल पूरे हुए हैं ) हॉस्पिटल ने अनेक आत्माओं को परिवार में लाया है ।

269
02:02:24.109 --> 02:02:43.649
आबू की हॉस्पिटल के बाद लोगों में यह वायब्रेशन जो था यह पता नहीं क्या करते हैं ,

270
02:02:44.449 --> 02:02:55.140
अभी यह सोचते हैं कि यह डबल सेवा कर रहे हैं ।

271
02:02:55.649 --> 02:03:13.479
शरीर के लिए भी और आत्मा के लिए भी डबल पार्ट बजा रहे हैं

272
02:03:13.479 --> 02:03:34.680
इसके लिए जहाँ भी सेवा कर रहे हो तो सेवा की मुबारक है , मुबारक है ।

273
02:03:40.399 --> 02:04:00.050
बापदादा को अच्छा लगता है कि डबल डाक्टर बने हैं , डबल सेवाधारी बने हैं ।

274
02:04:03.140 --> 02:04:11.939
अभी हर एक और भी आगे बढ़ते रहना ।

275
02:04:14.909 --> 02:04:17.539
अच्छा ।

276
02:04:17.539 --> 02:04:24.399
अच्छा है सेवा में अच्छे हैं ।

277
02:04:36.050 --> 02:04:41.020
अच्छा –

278
02:04:45.310 --> 02:04:57.770
चारों ओर के चाहे सामने बैठे हैं , चाहे कहाँ भी बैठे हैं

279
02:04:57.770 --> 02:05:06.449
लेकिन सबका अटेन्शन मधुबन में हैं ।

280
02:05:06.449 --> 02:05:17.079
बापदादा को देख रहे हैं , मैजारिटी तो देख ही रहे हैं ।

281
02:05:20.220 --> 02:05:34.399
बापदादा भी सभी बच्चों को , चारों ओर के बच्चों को

282
02:05:36.399 --> 02:05:53.649
सदा हर्षित रहने वाले , सदा डबल पुरूषार्थी ,

283
02:05:55.649 --> 02:06:13.420
डबल पुरूषार्थी अर्थात् स्व के पुरूषार्थ में भी और सेवा के पुरूषार्थ में ,

284
02:06:14.109 --> 02:06:29.649
ऐसे डबल पुरूषार्थी और डबल निश्चय और नशे में रहने वाले ,

285
02:06:30.739 --> 02:06:42.000
सदा बाप के साथ रहने वाले ,

286
02:06:43.310 --> 02:07:07.199
सदा आपस में भी कल्याण और रहम की शुभ भावना में रहने वाले ,

287
02:07:10.050 --> 02:07:39.880
एक-एक बच्चे को नाम सहित बापदादा दिल की याद प्यार दे रहे हैं ।

288
02:07:50.569 --> 02:08:07.250
लेकिन आज की बात व्यर्थ संकल्प की समाप्ति की भूल नहीं जाना ।

289
02:08:09.250 --> 02:08:17.420
बापदादा के पास रिकार्ड तो पहुंच ही जाता है ।

290
02:08:17.420 --> 02:08:46.109
बापदादा देखेंगे कितने तीव्र पुरूषार्थी बच्चे हैं और एक दो को भी उमंग उत्साह दे आगे बढ़ाने वाले हैं ।

291
02:08:47.369 --> 02:09:01.880
अगर कोई गलत भी करता है तो उसके प्रति वह गलत करता है ,

292
02:09:02.340 --> 02:09:24.399
और आप उसकी गलती का मन में संकल्प करते हो , यह करता है , यह करता है , यह करता है … यह भी खत्म करो ।

293
02:09:25.710 --> 02:09:59.369
उनको सहयोग दो , श्रेष्ठ भावना दो , ऐसी सेवा करते सारे संगठन को श्रेष्ठ संकल्प वाले बनाना ही है ।

294
02:10:00.680 --> 02:10:39.710
कोई सेन्टर पर कभी भी कोई एक दो के प्रति कोई भी और भावना नहीं हो , शुभ भावना , शुभ कामना , ठीक है ना !

295
02:10:40.109 --> 02:10:43.819
बहुत अच्छा ।

296
02:10:43.819 --> 02:11:27.250
अभी सभी बच्चों को बापदादा मुबारक के साथ दिल का यादप्यार भी साथ में दे रहे हैं ।

