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1
00:12:48.970 --> 00:13:52.000
आज बापदादा चारों ओर के बच्चों के मस्तक में भाग्य के चमकते हुए सितारे देख रहे हैं ।

2
00:14:04.740 --> 00:14:35.710
एक जन्म का , दूसरा संबंध का और तीसरा प्राप्तियों का ।

3
00:14:46.909 --> 00:15:09.080
तीनों भाग्य को देख हर्षित हो रहे हैं ।

4
00:15:20.169 --> 00:15:49.710
जन्म का भाग्य तो आप जानते हो कि आप सबको यह दिव्य जन्म ,

5
00:15:51.710 --> 00:16:17.480
ब्राह्मण जन्म देने वाला स्वयं भाग्य विधाता है ।

6
00:16:23.769 --> 00:16:40.000
तो सोचो , कितना बड़ा भाग्य है !

7
00:16:50.220 --> 00:17:21.650
साथ-साथ सम्बन्ध , इसकी विशेषता जानते हो

8
00:17:26.680 --> 00:17:59.140
कि तीनों सम्बन्ध बाप , शिक्षक , सतगुरू तीनों सम्बन्ध एक बाप से हैं ।

9
00:18:00.509 --> 00:18:07.250
एक में ही तीन सम्बन्ध हैं ।

10
00:18:14.109 --> 00:18:54.450
प्राप्तियों को भी जानते हो , जहाँ बाप है वहाँ प्राप्तियां तो सर्व और बेहद की है ।

11
00:19:07.819 --> 00:19:19.710
एक में तीनों सम्बन्ध हैं ।

12
00:19:21.079 --> 00:19:39.650
वैसे भी जीवन में यह तीन सम्बन्ध आवश्यक हैं

13
00:19:40.049 --> 00:20:17.309
लेकिन दुनिया वालों के हरेक सम्बन्ध अलग - अलग हैं और आपके तीनों सम्बन्ध एक में हैं ।

14
00:20:21.940 --> 00:20:47.369
एक में तीनों सम्बन्ध होने के कारण याद भी अनुभव भी सहज होता है ।

15
00:20:54.339 --> 00:21:09.710
सब तीनों सम्बन्ध के अनुभवी हैं ना !

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00:21:13.309 --> 00:21:26.509
बाप द्वारा क्या मिलता है ?

17
00:21:27.940 --> 00:21:32.109
वर्सा ।

18
00:21:35.710 --> 00:21:48.109
वर्सा भी कितना ऊंचा मिलता है

19
00:21:56.049 --> 00:22:17.140
और यह वर्सा कितना समय चलता है

20
00:22:21.819 --> 00:22:40.799
क्योंकि परमात्म बाप द्वारा प्राप्त होता है ।

21
00:22:54.619 --> 00:23:24.740
दूसरा सम्बन्ध है शिक्षक का , शिक्षा को कहा जाता है सोर्स आफ इनकम ।

22
00:23:35.309 --> 00:24:17.650
तो आप सबको शिक्षक द्वारा कितना ऊंच प्राप्ति हुई है , जानते हो ना !

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00:24:19.250 --> 00:24:42.000
ऐसी ऊंची प्राप्ति सिवाए परमात्मा पिता के और किससे हो नहीं सकती ।

24
00:24:55.140 --> 00:25:19.940
शिक्षा से पद की प्राप्ति होती है और आप सबको श्रेष्ठ प्राप्ति है ,

25
00:25:20.740 --> 00:25:33.309
दुनिया में भी श्रेष्ठ प्राप्ति राज्यपद को कहा जाता है ।

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00:25:35.599 --> 00:26:02.400
तो आपको भी शिक्षक द्वारा राज्यपद की प्राप्ति हुई है ।

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00:26:03.940 --> 00:26:24.680
अभी भी स्वराज्य के राजा हो क्यों ?

28
00:26:25.880 --> 00:26:49.769
आत्मा राजयोगी होने के कारण स्वराज्य अधिकारी बनती है ।

29
00:26:50.849 --> 00:26:55.940
स्व पर राज्य करती है ।

30
00:26:56.740 --> 00:27:16.970
कर्मेन्द्रियों के वशीभूत नहीं होती , आत्मा मालिक होके इन कर्मेन्द्रियों की राजा बन जाती है ।

31
00:27:17.819 --> 00:27:41.019
तो अभी का स्वराज्य और भविष्य में भी राज्य भाग्य प्राप्त होता है ।

32
00:27:42.109 --> 00:27:58.400
तो डबल राज्य अभी भी और भविष्य में भी पद की प्राप्ति होती है ।

33
00:28:04.849 --> 00:28:14.450
और तीसरा सम्बन्ध है सतगुरू का ।

34
00:28:16.799 --> 00:28:21.309
तीनों सम्बन्ध प्राप्त हैं ना !

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00:28:21.309 --> 00:28:24.569
है ?

36
00:28:27.369 --> 00:28:39.599
बाप का , शिक्षक का और तीसरा है सतगुरू का ।

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00:28:44.970 --> 00:28:59.200
सतगुरू द्वारा गुरू की श्रीमत मिलती है ।

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00:29:05.480 --> 00:29:12.049
कितनी श्रेष्ठ मत मिली है ?

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00:29:15.599 --> 00:29:34.799
तो अपने को चेक करो कि सदा श्रीमत पर चलते हैं

40
00:29:34.799 --> 00:29:56.910
वा कभी मनमत परमत की तरफ तो नहीं बुद्धि जाती ?

41
00:29:59.880 --> 00:30:04.450
चेक किया ?

42
00:30:05.539 --> 00:30:32.170
जो समझते हैं सतगुरू द्वारा सदा ही श्रीमत श्रेष्ठ मत पर चलने वाले हैं ,

43
00:30:33.250 --> 00:30:59.480
मनमत परमत पर कभी भी स्वप्न में भी नहीं जाते , वह हाथ उठाओ ,

44
00:30:59.480 --> 00:31:11.819
जो सदा श्रीमत पर ही चलते हैं , परमत मनमत नहीं ?

45
00:31:11.819 --> 00:31:15.480
हाथ उठाओ ।

46
00:31:21.079 --> 00:31:29.769
देखो , माताओं ने उठाया ।

47
00:31:29.769 --> 00:31:34.849
थोड़े थोड़े उठा रहे हैं ।

48
00:31:40.970 --> 00:32:07.250
कभी कभी चली जाती हैं और परमत मनमत धोखा दे देती है ।

49
00:32:09.880 --> 00:32:19.420
और विशेष श्रीमत क्या है ?

50
00:32:22.450 --> 00:32:39.819
अपने को आत्मा समझ मुझ बाप को याद करो ।

51
00:32:45.250 --> 00:32:52.000
तो सहज है या मुश्किल है ?

52
00:32:52.000 --> 00:32:58.680
कभी कभी मुश्किल हो जाती है !

53
00:33:02.339 --> 00:33:47.250
लेकिन बाप यही चाहते हैं कि सदा इन तीन सम्बन्धों से हर बच्चा आगे आगे उड़ता चले ।

54
00:33:57.019 --> 00:34:59.599
तो बापदादा पूछते हैं कि जिन्होंने हाथ नहीं उठाया वह अब से मनमत , परमत का त्याग कर सकते हैं ?

55
00:34:59.599 --> 00:35:03.079
कर सकते हैं ?

56
00:35:03.079 --> 00:35:06.449
वह हाथ उठाओ ।

57
00:35:06.449 --> 00:35:08.449
अच्छा !

58
00:35:16.510 --> 00:35:41.539
क्योंकि बापदादा ने समय का इशारा दे दिया है ।

59
00:35:44.219 --> 00:37:15.250
अभी संगम का समय अति वैल्युबुल है और बापदादा ने यह भी इशारा दे दिया है कि वर्तमान समय के प्रमाण सब अचानक होना है इसलिए सदा एवररेडी बनना है ना!

60
00:37:15.250 --> 00:37:24.510
साथ चलेंगे ना सब कि पीछे पीछे आयेंगे ?

61
00:37:25.019 --> 00:37:35.019
बापदादा के साथ अपने घर चलना है ना !

62
00:37:35.480 --> 00:37:38.000
रेडी हो ना !

63
00:37:38.219 --> 00:37:43.880
साथ चलने के लिए रेडी हो ?

64
00:37:46.000 --> 00:37:48.679
एवरेडी।

65
00:37:48.679 --> 00:37:56.280
रेडी भी नहीं,एवररेडी।

66
00:38:03.250 --> 00:38:20.110
तो बापदादा समय का इशारा दे रहे हैं ।

67
00:38:27.599 --> 00:38:47.079
इस एक जन्म में 21 जन्मों की प्रालब्ध बनानी है ।

68
00:38:54.679 --> 00:39:11.539
तो सोचो कितना अटेन्शन देना है ।

69
00:39:11.539 --> 00:39:19.599
बाप का हर बच्चे के साथ प्यार है ,

70
00:39:19.599 --> 00:39:44.510
बाप यही चाहते हैं कि हर बच्चा बाप के साथ-साथ चले और साथ-साथ राज्य अधिकारी बनें ।

71
00:39:50.849 --> 00:40:32.510
तो आप साथ चलने के लिए बाप समान सम्पूर्ण और सम्पन्न बनेंगे तब तो साथ चलेंगे ना !

72
00:40:37.079 --> 00:40:56.449
इस समय इस छोटे से जन्म में 21 जन्म की प्राप्ति निश्चित है ।

73
00:40:56.449 --> 00:41:20.050
तो सोचो संगम का छोटा सा जन्म एक एक मिनट कितना महान है !

74
00:41:26.340 --> 00:41:42.510
हिसाब लगाओ , इस जन्म में 21 जन्म का राज्य भाग्य लेना है

75
00:41:43.250 --> 00:41:54.679
तो संगम का एक मिनट भी कितना वैल्युबुल है ।

76
00:42:04.679 --> 00:42:21.650
तो इस वैल्यु को जान क्या करना पड़ेगा ?

77
00:42:28.000 --> 00:42:48.110
बापदादा ने पहले भी सुनाया है कि दो बातों का विशेष अटेन्शन दो ।

78
00:42:50.110 --> 00:42:55.019
दो बातें कौन सी ?

79
00:42:57.019 --> 00:43:00.619
याद हैं ना !

80
00:43:03.309 --> 00:43:14.849
एक समय और दूसरा संकल्प ।

81
00:43:18.739 --> 00:43:33.710
संकल्प व्यर्थ न जाये , समय व्यर्थ न जाये ।

82
00:43:33.710 --> 00:43:41.880
एक एक सेकण्ड सफल हो ।

83
00:43:49.880 --> 00:44:05.880
तो बोलो इतना अटेन्शन देना पड़ेगा ना !

84
00:44:10.000 --> 00:44:22.449
बापदादा का तो सभी बच्चों से प्यार है ।

85
00:44:22.849 --> 00:44:39.599
बापदादा यही चाहते कि एक बच्चा भी साथ से रह नहीं जाए ।

86
00:44:44.449 --> 00:45:15.250
साथ है , साथ चलेंगे , साथ राज्य अधिकारी बन सदा जीवन में सुख शान्ति का अनुभव करेंगे ।

87
00:45:15.250 --> 00:45:22.679
तो बोलो , साथ चलेंगे ना !

88
00:45:22.679 --> 00:45:25.309
चलेंगे ?

89
00:45:25.309 --> 00:45:31.710
रह तो नहीं जायेंगे ?

90
00:45:39.820 --> 00:45:54.909
देखो , तीन भाग्य तो हर एक के मस्तक में चमक रहे हैं ।

91
00:46:03.250 --> 00:46:17.769
अपने मस्तक में यह तीनों ही भाग्य दिखाई देते हैं ना !

92
00:46:34.170 --> 00:46:45.940
संगमयुग ही भाग्यवान युग है ।

93
00:46:52.570 --> 00:47:04.110
जो जितना भाग्य बनाने चाहे उतना बना सकते हैं ।

94
00:47:14.570 --> 00:47:35.079
लेकिन बहुत समय का अटेन्शन चाहिए ।

95
00:47:47.480 --> 00:48:21.250
तो सभी बच्चे अपने अपने पुरूषार्थ में अभी तीव्रता लाओ ।

96
00:48:21.250 --> 00:48:31.940
पुरूषार्थी हैं , बापदादा देखते हैं पुरूषार्थ करते हैं

97
00:48:31.940 --> 00:48:59.250
लेकिन सभी का तीव्रता का पुरूषार्थ अभी होना चाहिए ।

98
00:49:06.050 --> 00:49:33.539
बापदादा हर बच्चे को बालक सो मालिक देखने चाहते हैं ।

99
00:49:33.539 --> 00:49:35.940
किसका मालिक ?

100
00:49:35.940 --> 00:49:40.909
सर्व खज़ानों का मालिक ।

101
00:49:45.480 --> 00:49:56.400
कभी कभी कोई बच्चे बापदादा को कहते हैं

102
00:49:59.769 --> 00:50:26.849
कि बाबा आपने तो सर्वशक्तियां दी हैं और हम भी अपने को मास्टर सर्वशक्तिवान मानते हैं

103
00:50:26.849 --> 00:50:42.000
लेकिन कई बच्चे उल्हना देते हैं

104
00:50:43.250 --> 00:51:02.340
कि कभी कभी जिस समय जो शक्ति की आवश्यकता होती है , वह समय पर नहीं आती है ।

105
00:51:08.510 --> 00:51:13.710
लेकिन इसका कारण क्या ?

106
00:51:14.110 --> 00:51:22.340
बाप ने हर एक को सर्व शक्तियां दी हैं ।

107
00:51:22.340 --> 00:51:29.539
दी हैं कि किसको कम दी हैं किसको ज्यादा ?

108
00:51:29.539 --> 00:51:35.250
सर्वशक्तियां मिली हैं , हाथ उठाओ ।

109
00:51:35.250 --> 00:51:53.079
सभी को मिली हैं लेकिन समय पर क्यों नहीं काम पर आती हैं ?

110
00:51:53.480 --> 00:51:57.650
इसका कारण ?

111
00:51:58.449 --> 00:52:10.679
कारण को जानते भी हो लेकिन उस समय भूल जाते हो ।

112
00:52:14.000 --> 00:52:32.340
सर्वशक्तियों का खज़ाना हर बच्चे को वर्से में मिला है ।

113
00:52:35.019 --> 00:52:50.000
बाप ने सभी को सर्वशक्तियों का वर्सा दिया है , कोई को कम कोई को ज्यादा नहीं दिया है ।

114
00:52:50.000 --> 00:53:11.650
सर्वशक्तियां दी हैं लेकिन समय पर क्यों नहीं आती हैं ,

115
00:53:18.340 --> 00:53:46.110
आप सोचो कोई भी अगर अपने स्वमान के सीट पर नहीं होता तो उसका आर्डर कोई मानता है ?

116
00:53:47.309 --> 00:53:58.619
तो जिस समय शक्ति नहीं आती हैं , उसका कारण है

117
00:53:58.619 --> 00:54:17.769
कि आप अपने मास्टर सर्वशक्तिवान की सीट पर सेट नहीं होते

118
00:54:21.309 --> 00:54:35.710
इसीलिए बिना सीट के आर्डर कोई नहीं मानता ।

119
00:54:36.050 --> 00:54:47.139
तो सदा अपनी सीट पर सेट रहो ।

120
00:54:49.480 --> 00:55:05.769
कभी वेस्ट थॉटस चलते हैं वा कभी टेन्शन आता है

121
00:55:05.769 --> 00:55:14.570
तो उससे ही स्वमान की सीट छूट जाती है ।

122
00:55:18.340 --> 00:55:28.219
बापदादा ने हर एक को कितने स्वमान दिये हैं ।

123
00:55:28.510 --> 00:55:35.940
कितनी बड़ी स्वमान की सीट है !

124
00:55:36.969 --> 00:55:45.539
गिनती करो , कितने स्वमान बाप ने दिये हैं ?

125
00:55:54.510 --> 00:56:08.340
स्वमान में सेट नहीं होते हैं तो जहाँ स्वमान नहीं वहाँ क्या होता है ?

126
00:56:09.420 --> 00:56:12.050
जानते हो ना !

127
00:56:12.969 --> 00:56:15.769
देह अभिमान आता है ।

128
00:56:15.769 --> 00:56:24.449
या तो स्वमान है या तो देहभान है ।

129
00:56:28.000 --> 00:56:43.880
तो देहभान की सीट पर आर्डर करेंगे तो शक्ति नहीं मानती हैं ।

130
00:56:48.449 --> 00:57:08.000
नहीं तो मास्टर सर्वशक्तिवान की शक्ति नहीं मानें यह हो नहीं सकता ।

131
00:57:09.139 --> 00:57:22.340
सीट पर सेट होना इसका अभ्यास सदा करो ।

132
00:57:28.050 --> 00:57:39.420
चेक करो चाहे कर्मयोग में हो ,

133
00:57:39.420 --> 00:57:53.420
चाहे सेवा में हो , चाहे अपने मनन मंथन में हो

134
00:57:53.420 --> 00:58:09.769
लेकिन सीट पर सेट हैं तो सर्वशक्तियां हाज़र होती हैं ।

135
00:58:16.570 --> 00:58:31.940
आज बापदादा ने देखा , अमृतवेले चक्कर लगाया ।

136
00:58:32.510 --> 00:58:43.940
चारों ओर का चक्कर लगाया , चाहे विदेश चाहे देश ।

137
00:58:44.510 --> 00:58:54.340
बापदादा को चक्कर लगाने में समय नहीं लगता ।

138
00:58:55.940 --> 00:59:00.280
तो क्या देखा ?

139
00:59:03.139 --> 00:59:07.199
बतायें ।

140
00:59:09.539 --> 00:59:36.800
सभी मैजॉरिटी बैठे तो थे , उठकर अपने अपने स्थानों पर बैठे थे ,

141
00:59:36.800 --> 00:59:52.510
पुरूषार्थ भी कर रहे थे

142
00:59:57.079 --> 01:00:26.400
कि सारा समय अपने सर्व अनुभवीमूर्त हो करके बैठें लेकिन क्या देखा ?

143
01:00:26.400 --> 01:00:59.019
अनुभवी मूर्त कोई कोई थे , क्योंकि सबसे बड़ी शक्ति अनुभव की है ।

144
01:00:59.019 --> 01:01:22.679
अनुभवी स्वरूप , सर्वशक्तियों के अनुभवी स्वरूप , मास्टर नॉलेजफुल , मास्टर सर्वशक्ति स्वरूप ,

145
01:01:23.710 --> 01:01:38.510
तो अनुभवी स्वरूप बनने में कुछ कमी दिखाई दी ।

146
01:01:44.849 --> 01:02:14.280
पुरूषार्थ करते हैं , बापदादा ने फिर भी मुबारक दी जो पुरूषार्थ करके मैजारिटी आते हैं ।

147
01:02:18.000 --> 01:02:35.250
बैठते मैजारिटी हैं लेकिन बापदादा यही चाहते हैं

148
01:02:37.250 --> 01:02:49.940
कि लाइट माइट स्वरूप के अनुभवी मूर्त बन बैठें

149
01:02:57.019 --> 01:03:21.019
क्योंकि यह अमृतवेले के योग की सकाश सारे वायुमण्डल में फैलती है ।

150
01:03:37.199 --> 01:03:52.280
इस अनुभव को और आगे बढ़ाओ ।

151
01:03:57.650 --> 01:04:30.849
जैसे ब्रह्मा बाबा को देखा , कितनी पावरफुल फरिश्ते स्वरूप की स्थिति रही ।

152
01:04:41.309 --> 01:05:27.019
ऐसे ही इस अमृतवेले को अभी अपने अपने रूप से अटेन्शन और अथक होकर दो ।

153
01:05:36.219 --> 01:06:11.139
बापदादा ने देखा कई बच्चे लाइट माइट रूप में भी बैठते हैं , ना नहीं है , हाँ भी है

154
01:06:12.170 --> 01:06:39.539
लेकिन इस समय के पुरूषार्थ को और भी अटेन्शन देना होगा

155
01:06:42.219 --> 01:07:13.079
और बापदादा ने पहले भी इशारा दिया कि अपने मन को सदा बिजी रखो ।

156
01:07:17.309 --> 01:07:36.280
चाहे मन्सा सेवा से , चाहे वाचा से , चाहे मनन शक्ति में बिजी रखो ।

157
01:07:39.139 --> 01:07:43.139
मनन करो ।

158
01:07:43.539 --> 01:07:57.309
मनन शक्ति मन को एकाग्र बना देती है ।

159
01:07:58.170 --> 01:08:12.969
कोई कोई बच्चे मनन अच्छा करते भी हैं लेकिन मनन शक्ति को भी सारे दिन में बढ़ाओ

160
01:08:23.819 --> 01:08:38.739
क्योंकि बापदादा को लास्ट बच्चे से भी प्यार है ।

161
01:08:48.569 --> 01:09:03.939
लास्ट बच्चे को भी बापदादा यही चाहते कि साथ चले ।

162
01:09:03.939 --> 01:09:08.109
रह नहीं जाये ।

163
01:09:09.250 --> 01:09:16.510
पीछे पीछे नहीं रह जाए ।

164
01:09:22.449 --> 01:09:26.850
तो क्या करेंगे ?

165
01:09:28.850 --> 01:09:34.109
अटेन्शन ।

166
01:09:58.680 --> 01:10:44.449
आज बापदादा सभा को देख जानते हैं कि बच्चों की वृद्धि होनी ही है ।

167
01:10:54.050 --> 01:11:04.279
75 वर्ष की जुबिली मनाई ।

168
01:11:10.680 --> 01:11:26.449
उसकी तो बापदादा बच्चों को मुबारक दे रहे हैं ।

169
01:11:35.939 --> 01:11:49.770
बापदादा ने सेवा की लगन भी देखी ,

170
01:11:49.770 --> 01:12:27.710
हर एक स्थान वालों को उमंग है और सेवा का फल और सेवा का बल वह भी दिखाई दे रहा है ।

171
01:12:29.710 --> 01:12:43.880
विशेष बापदादा ने देखा कि जहाँ भी बच्चों ने सेवा की है

172
01:12:44.510 --> 01:13:07.420
वहाँ इस वारी गवर्मेन्ट के निमित्त बनी हुई आत्मायें ज्यादा आई हैं

173
01:13:14.739 --> 01:13:32.510
और रिजल्ट में मानते भी हैं

174
01:13:32.510 --> 01:13:53.310
कि अभी के समय अनुसार जबकि दुःख और अशान्ति बढ़ रही है

175
01:13:55.310 --> 01:14:13.939
तो यह जो टॉपिक रखी है वह आवश्यक है

176
01:14:17.770 --> 01:14:36.109
क्योंकि जितना ही शान्ति चाहते हैं उतनी अशान्ति बढ़ रही है ।

177
01:14:39.819 --> 01:14:54.800
कोई न कोई बात अशान्ति की आ ही जाती है ।

178
01:14:56.109 --> 01:15:10.569
इसके लिए चारों ओर टेन्शन बढ़ रहा है

179
01:15:12.569 --> 01:15:26.909
और गवर्मेन्ट भी चाहती है कि भारत टेन्शन फ्री हो जाए ।

180
01:15:30.909 --> 01:15:52.170
तो सभी ने , जिन बच्चों ने सेवा की है उन सभी बच्चों को बापदादा मुबारक दे रहे हैं

181
01:15:58.109 --> 01:16:09.770
और जो करने वाले हैं उन्हों को भी एडवांस में मुबारक दे रहे हैं ।

182
01:16:20.619 --> 01:17:20.050
बापदादा अभी यही चाहते हैं कि एक एक बच्चा फॉलो फादर करते हुए बाप समान सम्पन्न जरूर बनें ।

183
01:17:26.909 --> 01:17:36.109
बापदादा ने देखा कि पुरूषार्थ भी सब बच्चे करते हैं ।

184
01:17:36.109 --> 01:17:55.649
पुरूषार्थ की लगन भी है , अपने से ही प्रॉमिस भी बहुत करते हैं , अब नहीं करेंगे , अब नहीं करेंगे …

185
01:17:56.569 --> 01:18:06.170
लेकिन कारण क्या होता है ?

186
01:18:08.680 --> 01:18:21.710
कारण है पुरूषार्थ में दृढ़ता कम है ।

187
01:18:25.250 --> 01:18:35.079
बीच बीच में अलबेलापन आ जाता है ।

188
01:18:46.909 --> 01:19:17.199
हो जायेंगे , बन जायेंगे … यह अलबेलापन पुरूषार्थ को ढीला कर देता है ।

189
01:19:22.399 --> 01:19:26.800
तो अब क्या करेंगे ?

190
01:19:38.170 --> 01:20:12.050
अभी यही विशेष अटेन्शन दो , अपने आप अपना प्रोग्राम बनाओ ,

191
01:20:29.310 --> 01:20:47.369
जिसमें सारा दिन मन को बिजी रखो ।

192
01:20:47.369 --> 01:20:53.140
अपना प्रोग्राम आप बनाओ ।

193
01:20:53.600 --> 01:21:03.140
टाइमटेबुल अपना आप बनाओ , मन को बिजी रखने का ।

194
01:21:03.140 --> 01:21:27.020
चाहे मनन करो , चाहे सेवा करो , चाहे एक दो को अटेन्शन खिंचवाओ लेकिन बिजी रखो ।

195
01:21:27.020 --> 01:21:36.970
मन से बिजी , शरीर से बिजी तो होते हो लेकिन मन से बिजी रहो ।

196
01:21:37.310 --> 01:21:49.479
मन के बिजी रहने में बिजनेसमैन नम्बरवन बनो।

197
01:21:53.250 --> 01:21:57.770
यह कर सकते हो ?

198
01:21:58.109 --> 01:22:00.970
करेंगे ?

199
01:22:00.970 --> 01:22:04.399
करेंगे ?

200
01:22:18.569 --> 01:22:37.199
क्योंकि आप जानते हो ब्रह्मा बाप भी आपका इन्तजार कर रहे हैं

201
01:22:41.079 --> 01:23:04.000
और आपकी एडवांस पार्टी भी आपका इन्तजार कर रही है ,

202
01:23:04.680 --> 01:23:29.539
कब समय को समीप लाते हैं क्योंकि समय को समीप लाने के जिम्मेवार आप हो ।

203
01:23:32.340 --> 01:23:47.649
अपने को सम्पन्न बनाना अर्थात् समय को समीप लाना ।

204
01:23:56.619 --> 01:24:24.619
तो बापदादा विशेष एक मास दे चुका है ।

205
01:24:34.050 --> 01:25:10.569
इस एक मास में हर एक को तीव्र पुरूषार्थी बन , पुरूषार्थी नहीं तीव्र पुरूषार्थी बनना ही है ।

206
01:25:10.569 --> 01:25:14.050
मंजूर है ?

207
01:25:14.050 --> 01:25:16.739
है मंजूर ?

208
01:25:16.739 --> 01:25:19.250
हाथ उठाओ ।

209
01:25:28.970 --> 01:25:38.050
अच्छा , मुबारक हो ।

210
01:25:49.310 --> 01:26:35.539
अभी हर एक को दृढ़ संकल्प कर रोज़ बापदादा को अपनी रिजल्ट सारे दिन की कैसी देनी है ?

211
01:26:35.710 --> 01:26:40.739
तीव्र पुरूषार्थ की ।

212
01:26:43.770 --> 01:26:50.340
पुरूषार्थ नहीं तीव्र पुरूषार्थ ।

213
01:26:52.340 --> 01:26:56.220
इसके लिए तैयार हैं ?

214
01:26:56.220 --> 01:26:58.340
हैं तैयार ?

215
01:26:58.340 --> 01:27:02.279
दो हाथ उठाओ ।

216
01:27:10.000 --> 01:27:14.050
बहुत अच्छा ।

217
01:27:25.369 --> 01:27:57.140
अभी बापदादा अचानक ही बीच में रिजल्ट मंगायेगा ।

218
01:27:57.140 --> 01:28:01.369
डेट नहीं बताते हैं ।

219
01:28:01.369 --> 01:28:17.369
अचानक ही एक मास के अन्दर कोई भी डेट पर रिजल्ट मंगायेंगे ।

220
01:28:25.539 --> 01:28:29.079
करना ही है ।

221
01:28:29.079 --> 01:28:33.140
यह प्रॉमिस अपने आप करो ।

222
01:28:33.140 --> 01:28:57.310
बापदादा करायेगा वह तो कराते ही हैं लेकिन अपने आप से यह संकल्प करो और प्रैक्टिकल करके दिखाओ ।

223
01:28:57.539 --> 01:29:00.680
करना ही है ।

224
01:29:00.680 --> 01:29:09.600
करेंगे , गे-गे नहीं … अभी गे-गे अच्छी नहीं है ।

225
01:29:14.109 --> 01:29:30.050
समय आगे बढ़ रहा है , अति में जा रहा है ,

226
01:29:36.050 --> 01:30:15.020
तो समय का परिवर्तन करने वाले क्या आप पूर्वजों को अपने दुःखी परिवार पर रहम नहीं आता ?

227
01:30:21.539 --> 01:30:26.050
रहमदिल बनो ।

228
01:30:27.539 --> 01:30:47.199
दुःखियों को सुख का रास्ता बताओ , चाहे मन्सा से , चाहे वाचा से , चाहे सम्बन्ध-सम्पर्क से ।

229
01:30:55.250 --> 01:31:00.739
अपना परिवार है ना !

230
01:31:03.939 --> 01:31:15.140
तो परिवार का दुःख मिटाना है ।

231
01:31:19.020 --> 01:31:23.600
रहमदिल बनो ।

232
01:31:30.800 --> 01:31:34.449
अच्छा ।

233
01:31:47.369 --> 01:31:51.710
सेवा का टर्न कर्नाटक ज़ोन का है :- अच्छा ।

234
01:32:56.279 --> 01:33:17.310
अभी कर्नाटक वाले क्या विशेषता करेंगे ?

235
01:33:22.279 --> 01:33:39.140
तीव्र पुरूषार्थ करने का , पुरूषार्थ करेंगे और करायेंगे ।

236
01:33:39.140 --> 01:33:46.279
करायेंगे भी और करेंगे भी , इसमें हाथ उठाओ ।

237
01:35:00.279 --> 01:35:21.770
बापदादा सिर्फ यहाँ नहीं देख रहे हैं लेकिन जहाँ भी सब बच्चे बैठे हैं ,

238
01:35:22.569 --> 01:35:32.850
चाहे पार्क में बैठे हैं , चाहे भिन्न भिन्न हाल में बैठे हैं

239
01:35:34.050 --> 01:35:57.710
सभी को बहुत-बहुत याद प्यार दे रहे हैं ।

240
01:36:14.850 --> 01:36:30.220
दूर बैठे हैं लेकिन दिल से नजदीक हैं ।

241
01:36:42.800 --> 01:37:11.819
चारों ओर देखने वालों को भी बापदादा दिल का यादप्यार दे रहे हैं ।

242
01:37:16.220 --> 01:37:30.739
देश विदेश के हर बच्चे को बापदादा देख रहे हैं ।

243
01:37:32.739 --> 01:37:57.079
चाहे दूर हैं , चाहे नजदीक हैं लेकिन बापदादा के दिल में समाने वाले हैं

244
01:38:03.079 --> 01:38:15.479
क्योंकि हर बच्चे का प्रॉमिस है

245
01:38:16.050 --> 01:38:32.279
कि हमारे दिल में बाप है और हम हर एक बाप के दिल में हैं

246
01:38:36.510 --> 01:38:49.880
इसलिए बाप का टाइटल दिलाराम है ।

247
01:38:56.850 --> 01:39:17.310
अच्छा कनार्टक वाले तो बहुत आये हैं और सेवा का पार्ट भी अच्छा बजाया है ।

248
01:39:26.449 --> 01:39:57.649
मधुबन वालों को भी बापदादा खास नीचे-ऊपर सब मधुबन निवासियों को पदमगुणा प्यार और याद दे रहे हैं

249
01:40:00.850 --> 01:40:27.199
क्योंकि कितने भी बढ़ गये हैं लेकिन सेवा अच्छी की है , रिजल्ट अच्छी है ,

250
01:40:28.220 --> 01:40:56.569
इसलिए बापदादा ने देखा कि अथक बन प्यार से सबको समा लिया है ।

251
01:40:57.079 --> 01:41:18.510
चाहे रहाने वाले , चाहे खिलाने वाले , चाहे कोई भी सेवा करने वाले , सेवा की रिजल्ट अच्छी है

252
01:41:18.510 --> 01:41:52.279
इसलिए आने वालों को , सेवा करने वालों को , सहयोग देने वालों को , एक एक को बाप मुबारक दे रहे हैं ।

253
01:42:00.739 --> 01:42:04.279
अच्छा ।

254
01:42:04.279 --> 01:42:30.109
चार विंग्स - आर्ट एण्ड कलचर , साइंटिस्ट एण्ड इंजीनियर , एज्यूकेशन और पोलीटिशियन विंग से :-

255
01:43:07.819 --> 01:43:22.170
अच्छा , हर एक विंग ने अपनी अपनी निशानी रखी है ।

256
01:43:24.170 --> 01:43:45.369
बापदादा सभी का उमंग उत्साह देख बहुत बहुत खुश है

257
01:43:52.220 --> 01:44:24.850
और रिजल्ट में भी देख रहे हैं कि हर एक विंग अभी प्रोग्राम्स कर भी रहे हैं और बना भी रहे हैं ।

258
01:44:24.850 --> 01:44:39.539
हर एक विंग के आगे करने के प्रोग्राम्स बापदादा के पास पहुंच गये हैं ।

259
01:44:40.449 --> 01:44:54.739
तो जैसे प्रोग्राम्स बनाये हैं वह बहुत अच्छे बनाये हैं ।

260
01:44:55.020 --> 01:45:32.170
उमंग से बनाये हैं , उसको प्रैक्टिकल में करके बापदादा के सामने रिजल्ट के साथ कोई सैम्पुल भी हर एक विंग लायेगा ।

261
01:45:49.600 --> 01:45:56.850
चारों ही विंग के बहुत हैं ।

262
01:45:59.310 --> 01:46:03.479
हाथ उठाओ ।

263
01:46:10.909 --> 01:46:23.250
बापदादा सबको नजदीक देख रहे हैं ।

264
01:46:25.250 --> 01:46:29.250
अच्छा है ।

265
01:46:50.569 --> 01:47:13.310
अभी हर एक विंग रिजल्ट निकाले कि जब से विंग की सेवा की है

266
01:47:13.310 --> 01:47:41.649
तब से लेकर अब तक कितने माइक बनाये हैं और कितने वारिस बनाये हैं और कितने स्टूडेन्ट बनाये हैं !

267
01:47:44.800 --> 01:48:05.420
हर एक विंग उमंग से कर तो रहे हैं लेकिन बापदादा यह रिजल्ट देखने चाहते हैं ।

268
01:48:06.850 --> 01:48:26.510
और मुबारक भी दे रहे हैं बापदादा क्योंकि हर एक विंग एक दो से आगे जा भी रहा है

269
01:48:26.510 --> 01:48:35.140
और सेवा में नये नये प्लैन भी बना रहे हैं

270
01:48:35.140 --> 01:48:54.800
इसलिए जो आज चार विंग आये हैं उन्हों को बापदादा अभी खास मुबारक दे रहे हैं ।

271
01:49:02.220 --> 01:49:14.619
अच्छा । ड्रेस भी पहनके आये हैं , एज्युकेशन विंग के ।

272
01:49:32.569 --> 01:49:56.970
( साइंटिस्ट इंजीनियर विंग की सिल्वर जुबिली है )

273
01:49:58.220 --> 01:50:36.279
अच्छा है , सिल्वर जुबिली की विशेष बापदादा खास एक एक बच्चे को नाम सहित देख भी रहे हैं और मुबारक भी दे रहे हैं ।

274
01:50:44.050 --> 01:51:01.770
संस्था की तो 75 वर्ष की जुबिली है और इन्हों की सिल्वर जुबिली है ।

275
01:51:04.739 --> 01:51:21.649
लेकिन बापदादा खुश है करते चलो , उड़ते चलो , आखिर वह दिन आयेगा ,

276
01:51:21.649 --> 01:51:39.600
समीप आ रहा है जो सब कहेंगे हमारा बाबा आ गया ।

277
01:51:47.369 --> 01:52:19.710
अभी जो भी विंग हैं उसमें ऐसी आत्मायें निकालो जो दिल से कहें मेरा बाबा आ गया ।

278
01:52:20.850 --> 01:52:38.909
ऐसे नाम बापदादा के पास भेजना , जितनी भी सेवा की है , जितने भी निकले हैं

279
01:52:38.909 --> 01:52:51.020
उनमें से कितने कहते हैं मेरा बाबा आ गया !

280
01:52:53.020 --> 01:53:02.220
फिर बापदादा इनाम देगा ।

281
01:53:09.770 --> 01:53:32.739
अभी यही सेवा धूमधाम से करो , ऐसे पुरूषार्थी निकलने चाहिए ।

282
01:53:37.140 --> 01:53:42.220
प्रत्यक्षता करनी है ना ।

283
01:53:42.970 --> 01:53:52.050
दुःखियों को सुखी बनाना है ना !

284
01:53:54.050 --> 01:54:06.170
इसी भारत को स्वर्ग बनाना ही है ।

285
01:54:13.199 --> 01:54:22.680
तो कब बनायेंगे ? विंग वाले सुनाओ कितना टाइम चाहिए ?

286
01:54:26.800 --> 01:54:31.420
कितना टाइम चाहिए ?

287
01:54:37.140 --> 01:54:40.170
बोलो ।

288
01:54:40.170 --> 01:54:45.819
आप बोलो कितना समय चाहिए ?

289
01:54:45.819 --> 01:54:56.510
चार ही विंग के निमित्त जो हैं वह आगे आओ ।

290
01:56:59.819 --> 01:58:25.539
( सबको स्टेज पर बुलाया ) देखो , ( इस बार अन्नामलाई युनिवार्सिटी के तरफ से कन्वकेशन में एम . एस . सी . डिग्री देंगे ) बापदादा ने अभी जो कहा अब ऐसे वारिस निकालो ।

291
01:58:26.050 --> 01:58:36.170
यह भले टोपी पहनी है , वह नहीं , वारिस निकालो ।

292
01:58:38.399 --> 01:58:47.369
हर एक को वारिस निकालने की जिम्मेवारी है ।

293
01:58:49.369 --> 01:58:57.539
कहाँ कहाँ माइक निकाले हैं लेकिन वारिस निकालो ।

294
01:58:57.819 --> 01:59:01.079
इसमें नम्बर लो ।

295
01:59:01.079 --> 01:59:12.170
कौन सी डिपार्टमेंट वारिस निकालने में नम्बरवन हैं।

296
01:59:19.939 --> 01:59:27.250
अभी वारिस निकालने की सीजन है ।

297
02:00:19.369 --> 02:00:28.000
और बढ़ाते चलो , अभी वारिस बनाओ ।

298
02:00:29.020 --> 02:00:36.619
सहयोगी तो बहुत बनते हैं लेकिन वारिस निकालो ।

299
02:00:36.970 --> 02:00:46.680
ऐसा एक्जैम्पुल बनें जो सुनके औरों को भी उमंग आवे ।

300
02:00:53.310 --> 02:01:05.310
समय तो आ रहा है , अभी तो समय भी आपको मदद देगा क्योंकि दुःख बढ़ रहा है ।

301
02:01:06.510 --> 02:01:12.050
फैंसला करते हैं तो फैंसला कहाँ होता है ।

302
02:01:42.510 --> 02:01:54.569
( अभी सब अच्छा सहयोग देते हैं ) सहयोग तो देते हैं लेकिन खुद आगे आवें ।

303
02:01:54.569 --> 02:01:58.619
हो जायेगा ।

304
02:01:58.619 --> 02:02:01.939
अच्छा ।

305
02:02:01.939 --> 02:03:12.449
डबल विदेशी भाई बहिनें :- डबल विदेशी का अर्थ है डबल उड़ान उड़ने वाले ।

306
02:03:14.000 --> 02:03:43.600
डबल उड़ान अर्थात् सेकण्ड में जो चाहे वह स्थिति में स्थित हो जाएं ।

307
02:03:46.220 --> 02:03:54.739
तो ऐसा अभ्यास है ?

308
02:03:54.739 --> 02:04:11.369
जिस समय जो स्थिति चाहो उससे उड़ती कला स्थिति के अनुभव में आ जाओ ।

309
02:04:13.880 --> 02:04:23.710
यही अभ्यास समय पर काम में आयेगा ।

310
02:04:23.710 --> 02:04:41.369
जिस समय चाहे उस समय वही स्थिति प्रैक्टिकल में हो जाए ।

311
02:04:43.600 --> 02:04:47.939
डबल विदेशी हैं ना !

312
02:04:47.939 --> 02:04:53.369
तो पुरूषार्थ भी डबल करेंगे ना !

313
02:04:53.819 --> 02:05:05.600
कर भी रहे हैं , बापदादा के पास समाचार अच्छे अच्छे आते हैं ।

314
02:05:07.600 --> 02:05:20.000
सेवा का समाचार भी आता है , सेवा भी बढ़ रही है ,

315
02:05:20.000 --> 02:05:33.420
आत्मायें भी अच्छे अच्छे निमित्त बनने वाली निकल रही हैं

316
02:05:35.420 --> 02:05:53.369
इसलिए बापदादा डबल विदेशियों को डबल मुबारक दे रहे हैं ।

317
02:06:08.510 --> 02:06:25.539
अच्छा है , हर ग्रुप में डबल विदेशी कोई न कोई होता ही है ।

318
02:06:26.109 --> 02:06:42.000
यह अच्छा अपना प्रोग्राम बना लिया है ।

319
02:06:48.170 --> 02:07:00.800
तो डबल विदेशी अभी वारिसों की लिस्ट निकालना ।

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02:07:02.800 --> 02:07:14.109
हर एक सेन्टर पर कितने नये वारिस निकले ?

321
02:07:14.510 --> 02:07:19.939
आप तो हो ही ।

322
02:07:21.939 --> 02:07:32.569
अभी बापदादा वारिसों की लिस्ट चाहते हैं ।

323
02:07:40.510 --> 02:07:46.399
अच्छा ।

324
02:07:59.539 --> 02:08:20.510
अभी जहाँ भी जो बैठे हैं उन सबको चाहे टी . वी . में देख रहे हैं ,

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02:08:20.510 --> 02:08:30.970
चाहे यहाँ भिन्न-भिन्न स्थान पर बैठे हैं वह भी टी . वी . में देख रहे हैं ,

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02:08:32.619 --> 02:09:00.569
एक एक बच्चे को बापदादा आज तीव्र पुरूषार्थी का टाइटल दे रहा है ।

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02:09:03.250 --> 02:09:15.600
अभी इसी टाइटल को सदा याद रखना ।

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02:09:16.050 --> 02:09:20.340
कोई पूछे आप कौन हैं ?

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02:09:20.340 --> 02:09:28.000
तो यही कहना तीव्र पुरूषार्थी ।

330
02:09:29.420 --> 02:09:34.680
ठीक है सभी को मंजूर है ।

331
02:09:34.680 --> 02:09:37.250
मंजूर है ?

332
02:09:37.250 --> 02:09:46.739
अभी ढीला पुरूषार्थ नहीं चलेगा , समय आगे भाग रहा है

333
02:09:46.739 --> 02:10:07.479
इसीलिए अभी तीव्र पुरूषार्थी बनना ही है , समय की पुकार है - तीव्र पुरूषार्थी भव ।

334
02:10:14.909 --> 02:10:47.199
तो सभी बच्चों को बापदादा की बहुत-बहुत यादप्यार और तीव्र पुरूषार्थ की सौगात दे रहे हैं ।

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02:10:51.250 --> 02:11:09.649
पहली बार आने वालों से :-

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02:11:33.539 --> 02:12:07.710
अच्छा , पहली बार आने वाले बच्चों को बापदादा विशेष मुबारक दे रहे हैं ।

337
02:12:09.250 --> 02:12:33.649
बापदादा आप बच्चों को देख खुश हो रहे हैं , क्यों खुश हो रहे हैं ?

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02:12:33.649 --> 02:12:51.939
क्योंकि आप सभी लास्ट समय के पहले पहुंच गये हो इसलिए मुबारक दे रहे हैं ।

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02:13:00.449 --> 02:13:14.739
अपना हक लेने के अधिकारी बन गये

340
02:13:21.369 --> 02:13:40.970
इसलिए आप सभी जो आज बापदादा बार-बार कह रहे हैं तीव्र पुरूषार्थी बनना ।

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02:13:40.970 --> 02:13:54.220
तीव्र पुरूषार्थी बन आगे से आगे बढ़ सकते हो ।

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02:13:55.140 --> 02:14:04.970
यह वरदान अभी प्राप्त हो सकता है ।

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02:14:19.140 --> 02:14:37.420
सभी जो भी आये हैं उन सबको यह अटेन्शन देना है

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02:14:38.569 --> 02:14:58.970
कि सदा एक तो मुरली की स्टडी कायदेप्रमाण करते रहना

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02:15:00.109 --> 02:15:22.510
और साथ-साथ मन्सा सेवा या वाचा सेवा करने का गोल्डन चांस लेते रहना ।

346
02:15:25.199 --> 02:15:37.649
तो मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

