WEBVTT

1
00:13:23.419 --> 00:13:54.509
आज बापदादा बेफिक्र बादशाहों की सभा देख रहे हैं ।

2
00:14:05.200 --> 00:14:30.399
यह सभा इस समय ही लगती है

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00:14:31.820 --> 00:15:11.250
क्योंकि सभी बच्चों ने अपने फिकर बाप को देकर बाप से फखुर ले लिया है ।

4
00:15:32.399 --> 00:15:52.000
यह सभा अभी ही लगती है ।

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00:16:07.019 --> 00:16:54.509
आप भी हर एक सवेरे से उठते कर्म करते भी बेफिक्र और बादशाह बन चलते हो ना !

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00:17:17.940 --> 00:17:37.250
यह बेफिक्र का जीवन कितना प्यारा लगता है ।

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00:17:45.420 --> 00:18:06.910
बेफिक्र की निशानी क्या दिखाई देती है ?

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00:18:11.599 --> 00:18:36.970
हर एक के मस्तक में लाइट , आत्मा चमकती हुई दिखाई देती है ।

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00:18:50.849 --> 00:19:09.420
यह बेफिक्र जीवन कैसे बनी ?

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00:19:16.400 --> 00:19:47.250
बाप ने सभी बच्चों के जीवन से फिकर लेकर फखुर दे दिया है ।

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00:20:04.109 --> 00:20:22.000
जिनके जीवन में फखुर नहीं फिकर है

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00:20:25.140 --> 00:20:37.140
उनके मस्तक में लाइट नहीं चमकती है ।

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00:20:50.000 --> 00:21:04.740
उनके मस्तक में बोझ की रेखायें देखने में आती हैं ।

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00:21:15.880 --> 00:21:34.109
तो बताओ आपको क्या पसन्द है ?

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00:21:37.710 --> 00:21:47.200
लाइट या बोझ ?

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00:21:53.940 --> 00:22:16.279
अगर कोई बोझ भी आता है

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00:22:28.109 --> 00:22:54.569
तो बोझ अर्थात् फिकर बाप को देकर फखुर ले सकते हैं ।

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00:23:05.769 --> 00:23:22.339
आप सबको बेफिक्र लाइफ पसन्द है ना !

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00:23:28.279 --> 00:23:52.450
देखने वाले भी बेफिक्र लाइफ पसन्द करते हैं ।

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00:23:58.509 --> 00:24:32.400
तो बापदादा आज चारों ओर के बच्चों के चाहे सम्मुख हैं , चाहे जहाँ भी बैठे हैं ,

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00:24:35.079 --> 00:24:54.910
बच्चों के मस्तक बीच चमकती हुई लाइट ही देख रहे हैं ।

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00:25:00.509 --> 00:25:19.079
तो सदा बेफिक्र रहते हैं या कभी कोई फिक्र भी आता है ?

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00:25:21.539 --> 00:25:27.140
है कोई फिकर ?

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00:25:31.599 --> 00:26:11.940
जब बाप ने प्रकृतिजीत , विकारों जीत बना दिया तो फिकर कैसे आ सकता है ?

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00:26:22.970 --> 00:26:30.970
तो हाथ उठाओ बेफिकर बने हो ?

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00:26:30.970 --> 00:26:37.309
बने हो सदा ?

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00:26:37.309 --> 00:26:44.279
सदा बने हो या कभी-कभी ?

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00:26:46.279 --> 00:26:51.079
कभी-कभी वाले भी हैं ?

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00:26:53.079 --> 00:27:05.250
हाथ तो नहीं उठाते , बापदादा भी नहीं देखने चाहते हैं ।

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00:27:08.170 --> 00:27:29.650
बापदादा हर बच्चे को बेफिक्र बादशाह देखने चाहते हैं ।

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00:27:36.740 --> 00:27:54.000
अगर कभी-कभी वाले भी हैं तो बहुत सहज विधि है

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00:28:04.799 --> 00:28:32.049
जो भी थोड़ा बहुत फिकर आता है तो मेरे को तेरे में बदल लो ।

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00:28:32.849 --> 00:29:01.769
यह हद के मेरेपन को , मेरे को तेरे में बदलने की बहुत सहज विधि है ।

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00:29:13.539 --> 00:29:32.619
आप तो कहते ही हो मेरा बाबा , तो अब मेरा क्या रहा ?

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00:29:33.019 --> 00:29:37.539
हद का मेरा तो समाप्त हुआ ना !

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00:29:37.539 --> 00:29:43.420
मेरा बाबा हो गया ।

37
00:29:45.019 --> 00:29:53.819
सभी दिल से कहते हो ना मेरा बाबा !

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00:29:53.819 --> 00:29:56.970
प्यारा बाबा !

39
00:29:56.970 --> 00:30:01.819
मीठा बाबा !

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00:30:03.819 --> 00:30:13.940
तो मेरे में तेरे को समाना मुश्किल है क्या ?

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00:30:13.940 --> 00:30:16.849
फर्क क्या है ?

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00:30:16.849 --> 00:30:24.970
ते और मैं , इतना छोटा सा फर्क है ।

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00:30:31.019 --> 00:30:54.680
संकल्प कर लिया सब तेरा और मेरा क्या रहा ?

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00:30:54.680 --> 00:30:58.569
मेरा बाबा ।

45
00:31:10.799 --> 00:31:59.480
तो बापदादा ने देखा मैजारिटी बच्चों ने हद के मेरे को तेरा बनाया है इसलिए क्या बन गये ?

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00:31:59.480 --> 00:32:05.599
बेफिक्र बादशाह ।

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00:32:07.599 --> 00:32:27.650
तो आज बापदादा बच्चों को बेफिक्र बादशाह स्वरूप में देख रहे हैं ।

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00:32:32.450 --> 00:32:58.509
देखो , भक्ति मार्ग में भी आपके चित्र बनाते हैं तो डबल ताज दिखाते हैं ।

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00:33:06.569 --> 00:33:22.910
एक तो लाइट का ताज है ही क्योंकि बेफिक्र आत्मा की निशानी है मस्तक में लाइट चमकती है

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00:33:25.880 --> 00:33:55.480
और दूसरा ताज विकारों पर विजयी बने हो इसलिए ताज दिखाया है

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00:34:01.769 --> 00:34:44.619
इसलिए यह अटेन्शन रखो कि जब बापदादा ने फिकर लेकर फखुर दे दिया तो क्या बन गये ?

52
00:34:44.619 --> 00:34:50.849
बेफिक्र बादशाह ।

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00:34:56.510 --> 00:35:08.400
बादशाह बने हैं तो तख्त भी चाहिए ना !

54
00:35:15.019 --> 00:35:33.539
तो बापदादा ने तीन तख्त के मालिक बनाया है ।

55
00:35:36.000 --> 00:35:43.820
जानते हो तीन तख्त कौन से हैं ?

56
00:35:48.400 --> 00:36:04.679
एक तख्त भ्रकुटी का , यह तो सबको है ही ।

57
00:36:09.250 --> 00:36:24.619
दूसरा तख्त है बापदादा का दिलतख्त

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00:36:30.510 --> 00:36:44.739
और तीसरा है विश्व का तख्त , राज्य का तख्त ।

59
00:36:50.050 --> 00:37:05.650
तो आप सबको यह तीन तख्त प्राप्त हैं ना !

60
00:37:08.280 --> 00:37:19.480
सबसे श्रेष्ठ है बापदादा का दिलतख्त ।

61
00:37:21.139 --> 00:37:37.079
तो चेक करो तख्त पर रहते हो ?

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00:37:41.309 --> 00:37:57.139
क्योंकि बापदादा के दिलतख्त पर कौन बैठता है ?

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00:38:07.710 --> 00:38:33.880
जिसने सदा स्वयं भी बापदादा को अपने दिलतख्त में बिठाया है ,

64
00:38:45.199 --> 00:39:09.769
जो सदा श्रेष्ठ स्थिति में मास्टर सर्वशक्तिवान है ।

65
00:39:16.280 --> 00:39:31.139
तो चेक करो कि सदा तख्तनशीन हैं ?

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00:39:32.510 --> 00:39:44.619
या कभी मिट्टी में भी आ जाते हैं ।

67
00:39:48.510 --> 00:39:58.570
यह देहभान मिट्टी है ।

68
00:40:03.250 --> 00:40:26.679
बहुत समय मिट्टी में रहे हैं तो कभी-कभी मिट्टी में तो नहीं चले जाते ?

69
00:40:33.480 --> 00:40:56.619
तो बापदादा सभी बच्चों को समय का ईशारा दे रहे हैं ।

70
00:41:06.619 --> 00:41:15.420
अचानक का पाठ पक्का करा रहे हैं ,

71
00:41:35.710 --> 00:41:58.449
इसके लिए इस संगम के समय का बहुत-बहुत महत्व रखना है

72
00:42:00.679 --> 00:42:19.650
क्योंकि इस एक जन्म में अनेक जन्मों की प्रालब्ध बनानी है

73
00:42:23.079 --> 00:42:34.739
इसलिए बापदादा ने इशारा दिया था

74
00:42:42.110 --> 00:43:05.650
तो संगम के समय में दो बातों का हर समय अटेन्शन देना है ।

75
00:43:06.340 --> 00:43:25.539
वह दो बातें तो याद होंगी - समय और संकल्प ।

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00:43:39.420 --> 00:44:22.110
बापदादा को सभी ने व्यर्थ संकल्प , संकल्प द्वारा देने की हिम्मत रखी थी ।

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00:44:27.710 --> 00:44:43.480
तो चेक करो हिम्मत सदा कायम है ?

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00:44:44.400 --> 00:45:09.199
क्योंकि हिम्मते बच्चे , एक बार तो बाप हजार बार मददगार है ।

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00:45:20.340 --> 00:45:28.969
तो अभी क्या समझते हो ?

80
00:45:28.969 --> 00:46:07.369
व्यर्थ संकल्प का जो हिम्मत रख बाप के आगे संकल्प किया वह कायम है ?

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00:46:15.650 --> 00:46:27.369
क्योंकि इस व्यर्थ संकल्पों में समय बहुत जाता है

82
00:46:36.170 --> 00:47:19.880
और आपका इस समय के प्रमाण कार्य है विश्व की आत्माओं को सन्देश देने का ।

83
00:47:29.420 --> 00:47:41.940
तो व्यर्थ संकल्प को समाप्त करना है

84
00:47:43.650 --> 00:48:04.050
तब दुःखी , अशान्त आत्माओं को सुख शान्ति का अनुभव करा सकेंगे ।

85
00:48:08.570 --> 00:48:34.570
बापदादा को दुःखी बच्चों को देख तरस पड़ता है ।

86
00:48:35.599 --> 00:48:49.880
आपको भी अपने भाई-बहिनों को देख तरस तो पड़ता है ना !

87
00:48:55.079 --> 00:49:25.650
बापदादा ने देखा कि वर्तमान समय सभी को रूचि है , प्लैन बनाया भी है , प्रैक्टिकल किया भी है ,

88
00:49:27.650 --> 00:49:38.800
इस 75 वर्ष की जुबिली मनाने का ।

89
00:49:47.599 --> 00:50:09.650
बापदादा यही चाहते हैं , प्रोग्राम तो सब अच्छे किये हैं , इसकी मुबारक भी दे रहे हैं ।

90
00:50:14.570 --> 00:50:44.619
लेकिन अभी समय के प्रमाण जल्दी-जल्दी उन्हों को वारिस बनाओ ,

91
00:50:47.599 --> 00:50:58.800
जो कुछ न कुछ वर्से के अधिकारी बन जायें ।

92
00:51:00.800 --> 00:51:06.449
अच्छा - अच्छा बहुत कहते हैं ,

93
00:51:07.539 --> 00:51:27.079
बापदादा ने भी बच्चों के सेवा की यह रिजल्ट तो देखी है और बाप बच्चों पर खुश भी है ।

94
00:51:27.599 --> 00:51:50.219
दिल से कर रहे हैं और अभी समय प्रमाण सुनते भी रूचि से हैं ।

95
00:51:51.650 --> 00:51:56.800
इतना अन्तर तो आया है ।

96
00:52:01.650 --> 00:52:22.110
अच्छा-अच्छा लगता है लेकिन अच्छा बनाके कुछ न कुछ वर्से के अधिकारी बनाओ ।

97
00:52:39.480 --> 00:52:59.250
इसके लिए बापदादा ने पहले भी इशारा दिया है

98
00:52:59.250 --> 00:53:18.000
कि अभी समय अनुसार तीव्र पुरूषार्थी बनने की आवश्यकता है ।

99
00:53:21.710 --> 00:53:52.050
तीव्र पुरूषार्थी बनने के लिए मुख्य पुरूषार्थ है सेकण्ड में बिन्दी लगाना ।

100
00:53:55.940 --> 00:54:13.309
सेकण्ड और बिन्दी , दोनों समान ।

101
00:54:20.000 --> 00:54:36.219
तो अब बापदादा बच्चों का तो बेफिक्र बादशाह का रूप देख रहा है ।

102
00:54:46.570 --> 00:55:07.420
अभी इसी रूप को सदा अनुभव करो ।

103
00:55:07.420 --> 00:55:17.539
कोई भी कुछ भी आवे तो मेरे को तेरे में समा दो ।

104
00:55:30.000 --> 00:56:03.880
आज बापदादा ने देखा , गुरूवार का दिन है बहुत बच्चे बापदादा के पास पहुंचे ,

105
00:56:06.800 --> 00:56:25.539
तो बापदादा ने कहा सप्ताह के दो दिन विशेष हैं ।

106
00:56:25.539 --> 00:56:37.710
एक गुरूवार दूसरा इतवार , सण्डे ।

107
00:56:42.969 --> 00:56:56.909
तो गुरूवार के दिन गुरू का दिन है , गुरू से क्या मिलता है ?

108
00:56:56.909 --> 00:57:01.199
वरदान ।

109
00:57:03.139 --> 00:57:22.909
तो गुरूवार के दिन वरदान का दिन विशेष है , इस रूप से गुरूवार को मनाओ ।

110
00:57:23.309 --> 00:57:46.340
कोई न कोई विशेष वरदान अमृतवेले से अपने बुद्धि में इमर्ज रखो ।

111
00:57:46.849 --> 00:58:13.250
वरदान तो अनेक हैं लेकिन विशेष एक वरदान अपने लिए बुद्धि में रख चेक करो

112
00:58:15.480 --> 00:58:43.079
कि वरदानी दिन में वरदान स्वरूप बन , वरदान को रिपीट नहीं करना है लेकिन वरदान स्वरूप बनना है

113
00:58:46.110 --> 00:59:07.199
और चेक करते रहो तो आज कितना समय वरदान स्वरूप रहे ?

114
00:59:12.679 --> 00:59:29.880
सण्डे का दिन विशेष दुनिया में छुट्टी का दिन होता है ।

115
00:59:35.420 --> 01:00:09.650
तो सण्डे के दिन मनाओ जो भी कुछ अपने जीवन में संकल्प मात्र भी कमज़ोरी हो ,

116
01:00:09.650 --> 01:00:22.110
स्वप्न मात्र भी कमज़ोरी हो उसको छुट्टी देना है ।

117
01:00:30.800 --> 01:00:49.880
तो जैसे लोग यह दोनों ही दिन अच्छा बिताते हैं ,

118
01:00:50.800 --> 01:01:16.969
ऐसे आप भी इन दोनों दिन में विशेष यह लक्ष्य और लक्षण सिर्फ लक्ष्य नहीं

119
01:01:16.969 --> 01:01:32.400
लेकिन लक्ष्य के साथ लक्षण को अटेन्शन में रखो ।

120
01:01:33.940 --> 01:01:54.849
बापदादा ने सभी बच्चों को साथ ले चलने का वायदा किया है ।

121
01:02:00.739 --> 01:02:18.219
इसके लिए साथ चलने की तैयारी क्या करनी है ?

122
01:02:18.219 --> 01:02:24.849
बाप तो सेकण्ड में अशरीरी बन जायेंगे

123
01:02:26.340 --> 01:02:41.880
लेकिन आपने जो वायदा किया है , बाप ने भी वायदा किया है साथ चलेंगे ,

124
01:02:44.510 --> 01:03:00.849
तो चेक करो उसकी तैयारी है ?

125
01:03:03.880 --> 01:03:22.110
सेकण्ड में बिन्दी लगाई , सम्पन्न और सम्पूर्ण बन चला ।

126
01:03:29.650 --> 01:03:33.769
तो ऐसी तैयारी है ?

127
01:03:33.769 --> 01:03:37.420
साथ तो चलना है ना !

128
01:03:37.420 --> 01:03:39.940
चलना है ?

129
01:03:39.940 --> 01:03:42.449
कांध हिलाओ ।

130
01:03:42.449 --> 01:03:46.570
चलना है , अच्छा ।

131
01:03:46.570 --> 01:03:49.880
पक्का ?

132
01:03:49.880 --> 01:04:04.969
हाथ में हाथ देना , इसका अर्थ है समान बनना ।

133
01:04:10.000 --> 01:04:37.199
तो चेक करो समय तो अचानक आना है , तो इतनी तैयारी है जो साथ में चलें ?

134
01:04:42.340 --> 01:04:47.820
बाप का बच्चों से प्यार है ना !

135
01:04:47.820 --> 01:05:08.739
तो बाप एक को भी साथ चलने में पीछे छोड़ने नहीं चाहते ।

136
01:05:09.650 --> 01:05:32.510
साथ है , साथ रहेंगे , साथ चलेंगे और साथ राजधानी में राज घराने में आयेंगे ।

137
01:05:36.050 --> 01:05:39.250
मंजूर है ना !

138
01:05:39.250 --> 01:05:41.940
मंजूर है ?

139
01:05:41.940 --> 01:05:45.650
तैयारी है ?

140
01:05:45.650 --> 01:05:56.400
मंजूर है में तो हाथ उठा लेंगे , यह हाथ नहीं उठाओ ।

141
01:05:58.400 --> 01:06:04.280
तैयारी है , इसमें हाथ उठाओ ।

142
01:06:10.400 --> 01:06:12.849
बड़ा हाथ उठाओ ।

143
01:06:12.849 --> 01:06:17.880
अच्छा ।

144
01:06:21.769 --> 01:06:29.650
कल भी विनाश हो जाए तो तैयार हो ?

145
01:06:40.280 --> 01:06:51.599
लेकिन अपनी सेवा को समाप्त किया है ?

146
01:06:56.619 --> 01:07:02.400
सेवा तो अभी रही हुई है ?

147
01:07:05.769 --> 01:07:11.820
सेवा समाप्त हो गई है ?

148
01:07:17.769 --> 01:07:23.420
सन्देश सबको पहुंच गया है ?

149
01:07:36.849 --> 01:07:46.340
सिर्फ अपने मोहल्ले में ही देखो ,

150
01:07:49.420 --> 01:08:14.800
आपने हर एक को बाप आ गया है , वर्सा लेना हो तो ले लो , यह सन्देश दिया है ?

151
01:08:27.649 --> 01:08:31.770
अभी प्लैन बना रहे हैं ।

152
01:08:31.770 --> 01:08:47.600
बापदादा ने सुना कि घर-घर में सन्देश देने का प्लैन बना रहे हैं ।

153
01:08:50.449 --> 01:09:09.420
अच्छा है , सन्देश तो देना ही है , नहीं तो उल्हना मिलेगा ।

154
01:09:18.050 --> 01:09:20.909
प्रोग्राम बनाया है ना !

155
01:09:20.909 --> 01:09:28.510
उठो , बाप को प्लैन बताया है ना !

156
01:09:28.510 --> 01:09:31.479
उठो ।

157
01:09:46.800 --> 01:10:00.800
( मीडिया वालों को उठाया ) अच्छा है उल्हना पूरा कर लो क्योंकि होना तो अचानक ही है ।

158
01:10:03.539 --> 01:10:17.250
तो आपस में मिलकर इसी प्लैन को प्रैक्टिकल में लाओ ।

159
01:10:22.050 --> 01:10:31.020
आपस में राय सलाह जल्दी करो , समय लग जाता है ना

160
01:10:31.020 --> 01:10:38.000
तो उमंग भी थोड़ा कम हो जाता है ।

161
01:10:39.020 --> 01:10:55.479
बाकी बापदादा को तो पसन्द है कि घर-घर में यह उल्हना पूरा हो जाए

162
01:10:55.479 --> 01:11:14.449
तो हमको तो पता नहीं पड़ा , बाप आया और चला भी गया , वंचित रह गये ।

163
01:11:17.539 --> 01:11:21.310
सभी को उमंग है ना !

164
01:11:21.310 --> 01:11:24.050
सबको उमंग है ?

165
01:11:24.050 --> 01:11:30.109
सेवा करके उल्हना पूरा करना है ।

166
01:11:38.340 --> 01:11:51.819
उमंग है तो बापदादा का सहयोग भी है ।

167
01:12:03.310 --> 01:12:06.449
अच्छा ।

168
01:12:20.279 --> 01:12:39.479
तो बापदादा के दिल की आश को तो सभी जानते ही हो ।

169
01:12:41.939 --> 01:13:21.140
समान और सम्पूर्ण , यह दो शब्द सदा चेक करो तो क्या बाप की यह आशा पूर्ण की ?

170
01:13:31.020 --> 01:13:50.279
क्योंकि बापदादा हर बच्चे को बाप के आशाओं का सितारा समझते हैं ।

171
01:13:58.220 --> 01:14:17.649
हर एक बच्चे का बाप से प्यार है , यह तो बापदादा भी जानते हैं ।

172
01:14:19.649 --> 01:14:29.140
इन सभी को मधुबन में लाने वाला क्या है ?

173
01:14:30.220 --> 01:14:35.600
यह प्यार की ट्रेन में आते हैं ।

174
01:14:35.939 --> 01:14:41.199
प्यार के प्लेन में आते हैं ।

175
01:14:46.970 --> 01:15:08.170
तो बाप भी बच्चों के प्यार की सबजेक्ट में बच्चों से खुश है ।

176
01:15:14.680 --> 01:15:46.510
लेकिन जो दो शब्द बाप चाहते हैं समान और सम्पूर्ण , इसको भी सम्पन्न करना ही है ।

177
01:15:48.970 --> 01:16:02.220
तो आज बापदादा चारों ओर के बच्चों को

178
01:16:11.250 --> 01:16:59.600
दिल से स्नेह से देख एक-एक बच्चे को दिल के प्यारे की मुबारक दे रहे हैं ।

179
01:17:17.420 --> 01:17:20.569
अच्छा ।

180
01:17:27.479 --> 01:17:33.539
सेवा का टर्न इन्दौर और भोपाल का है :-

181
01:17:57.420 --> 01:18:01.649
मुबारक हो ।

182
01:18:20.510 --> 01:18:34.050
यह भी चांस अच्छा लगता है ना !

183
01:18:36.800 --> 01:18:54.170
सेवा का भण्डार सहज मिल जाता है ।

184
01:18:58.569 --> 01:19:32.220
दोनों ज़ोन उमंग-उत्साह से पुरूषार्थ में भी बढ़ रहे हैं

185
01:19:35.020 --> 01:20:12.510
और आगे भी हर एक अपने पुरूषार्थ को तीव्र कर आगे बढ़ रहे हैं ।

186
01:20:12.510 --> 01:20:42.739
बापदादा खुश होते हैं , यह चांस भी एक तो सेवा का फल भी मिलता है और बल भी मिलता है ।

187
01:20:42.739 --> 01:20:49.420
सबकी नज़र कहाँ जाती है ?

188
01:20:50.340 --> 01:21:26.569
अभी किस ज़ोन का टर्न है , वह नज़र जाती है और सेवा , मधुबन की सेवा अर्थात् सेवा का फल और बल मिलना ।

189
01:21:31.250 --> 01:21:35.369
तो बहुत अच्छा किया ।

190
01:21:35.600 --> 01:21:52.800
निर्विघ्न सेवा की , सबको सन्तुष्टता का फल खिलाया ।

191
01:21:55.600 --> 01:22:08.340
बापदादा को खुशी होती है क्योंकि विशेष चांस मिलता है ना

192
01:22:10.340 --> 01:22:29.539
और बच्चे मधुबन में पहुंचते हैं , मधुबन में आना , इतने बड़े परिवार से मिलना

193
01:22:29.539 --> 01:22:45.420
और इतने बड़े परिवार की सेवा के निमित्त बनना , यह भी बहुत बड़ा भाग्य बन जाता है ।

194
01:22:48.449 --> 01:22:59.819
तो निर्विघ्न सन्तुष्टता का फल खाया

195
01:23:02.970 --> 01:23:21.880
इसलिए बापदादा विशेष दोनों ज़ोन को मुबारक दे रहे हैं ।

196
01:23:33.310 --> 01:23:49.649
अच्छा है , हर एक के ऊपर बाप की भी नज़र जाती और परिवार की भी नज़र जाती ।

197
01:23:53.310 --> 01:24:09.770
प्रत्यक्ष आत्माओं को खुशी भी मिलती ,

198
01:24:11.310 --> 01:24:20.619
खुश करते भी और मिलती भी खुशी , दोनों ही ।

199
01:24:30.050 --> 01:24:36.909
तो मुबारक हो दोनों को ।

200
01:24:54.050 --> 01:25:10.619
ग्राम विकास , सिक्युरिटी और बिजनेस विंग की मीटिंग है :-

201
01:26:15.369 --> 01:26:19.710
अच्छा ।

202
01:26:22.449 --> 01:26:30.340
हर एक अपनी निशानी ले आये हैं ।

203
01:26:38.340 --> 01:26:58.449
सभी को खुशी होती है और बापदादा को भी एक-एक वर्ग को देख खुशी होती है ।

204
01:27:00.449 --> 01:27:42.109
बापदादा ने देखा कि हर एक वर्ग कोई न कोई इन्वेन्शन कर अपने वर्ग की सेवा को वृद्धि में ला रहे हैं ।

205
01:27:48.279 --> 01:28:17.539
और बापदादा तीनों की अलग-अलग रिजल्ट को देख खुश है ।

206
01:28:18.510 --> 01:28:42.449
जैसे यह जो योगबल के खेती की सेवा बढ़ा रहे हैं

207
01:28:43.140 --> 01:28:53.649
और गवर्मेन्ट तक आवाज पहुंच रहा है ,

208
01:28:58.279 --> 01:29:26.680
गवर्मेन्ट भी खुश हो रही है कि इस द्वारा आत्माओं को फायदा मिल रहा है ।

209
01:29:31.479 --> 01:29:52.449
हर एक वर्ग देखा गया,कि सेवा में हर एक नम्बरवन है।

210
01:29:55.880 --> 01:30:02.220
यह खेती वालों की भी रिपोर्ट देखी ,

211
01:30:05.310 --> 01:30:23.539
उन्होंने जो अभी बाप ने कहा था तो लिस्ट निकालो , कौन कौन नजदीक सम्बन्ध में आये हैं ।

212
01:30:23.539 --> 01:30:41.199
तो यह पहला ही वर्ग है जिन्होंने लिस्ट दी है ।

213
01:30:44.850 --> 01:31:04.340
बापदादा ने देखा कि भिन्नभिन्न प्रकार के कनेक्शन में आये हैं

214
01:31:05.770 --> 01:31:27.710
और समझते हैं कि ब्रह्माकुमारियां अभी गवर्मेन्ट के साथी बन रही हैं

215
01:31:32.170 --> 01:31:44.970
क्योंकि प्रैक्टिकल देखते हैं ना कि कितने प्यार से मेहनत करते हैं ।

216
01:31:48.569 --> 01:32:17.479
तो तीनों वर्ग अच्छी मुबारक योग्य सेवा कर रहे हैं इसलिए मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

217
01:32:25.079 --> 01:32:39.369
अच्छा यह जो बनाया है , छोटे-छोटे बच्चे , यह सबको दिखाओ ।

218
01:33:05.079 --> 01:33:19.880
( ग्राम विकास वालों ने कठपुतली का डांस दिखाया ) बापदादा ने देखा सभी खुश हो रहे हैं बहुत ।

219
01:33:23.250 --> 01:33:31.710
अपनी खुशी बच्चों के रूप में दिखा रहे हैं ।

220
01:33:38.000 --> 01:33:41.420
अच्छा ।

221
01:33:42.449 --> 01:33:54.279
तो ग्राम विकास का डिटेल अच्छा आया है ।

222
01:34:04.449 --> 01:34:23.199
वह लिखत में ले आये हैं लेकिन और दो भी हैं वह भी कम नहीं हैं ।

223
01:34:29.819 --> 01:34:45.649
ऐसे ही बढ़ते रहो बढ़ाते रहो और विश्व में यह आवाज फैलाते रहो

224
01:34:45.649 --> 01:35:03.420
कि हम सेवाधारी बन विश्व को , इसमें भी भारत को स्वर्ग सुखमय जरूर बनायेंगे ।

225
01:35:03.420 --> 01:35:12.510
अभी समझने लगे हैं कि ब्रह्माकुमारियों का यह वायदा ,

226
01:35:12.510 --> 01:35:24.680
ब्रह्माकुमारियां पूरा कर भी रही हैं और करके ही छोड़ेंगी ।

227
01:35:28.850 --> 01:35:41.539
तो बापदादा तीनों को अलग-अलग मुबारक दे रहे हैं ।

228
01:35:45.020 --> 01:35:51.710
( बिजनेस वालों की सिल्वर जुबिली है )

229
01:36:11.939 --> 01:36:30.680
अभी बिजनेस वाले उठो , अच्छा ।

230
01:36:38.569 --> 01:36:47.539
हिम्मत रखके जो मेहनत की है ,

231
01:36:47.539 --> 01:37:11.020
उसमें सफलता भी मिली है और आगे भी सफलता आपका जन्म सिद्ध अधिकार है ।

232
01:37:13.020 --> 01:37:18.800
बापदादा को अच्छा लगता है ,

233
01:37:18.800 --> 01:37:29.479
यह वर्ग में एक-एक वर्ग में देखा है , टर्न चाहे तीन का हो , चार का हो

234
01:37:29.479 --> 01:37:45.539
लेकिन हर एक वर्ग जब से बने हैं तब से सर्विस में वृद्धि हुई है और आगे भी होगी ।

235
01:37:45.880 --> 01:37:56.680
यह बापदादा देख रहे हैं और एडवांस में मुबारक दे रहे हैं ।

236
01:38:01.199 --> 01:38:05.079
अच्छा ।

237
01:38:07.819 --> 01:38:27.600
1500 टीचर्स आई हैं :-

238
01:38:37.369 --> 01:39:01.140
टीचर्स को तो बापदादा सदा ही याद करते , प्यार करते

239
01:39:01.140 --> 01:39:32.399
क्योंकि टीचर्स निमित्त बनती हैं हर भाई और बहिनों को आगे बढ़ाने के लिए ।

240
01:39:35.479 --> 01:39:47.539
टीचर को बापदादा गुरूभाई कहते हैं ।

241
01:39:47.539 --> 01:39:54.680
गुरूभाई का अर्थ है समान

242
01:39:54.680 --> 01:40:05.420
क्योंकि जैसे बाप का कर्तव्य है सदा सेवा में बिजी रहना ,

243
01:40:05.420 --> 01:40:21.880
ऐसे योग्य टीचर्स बाप समान सदा सेवाधारी

244
01:40:22.619 --> 01:40:38.739
और सदा सफलता स्वरूप बन सफल स्वरूप बनाने वाली हैं ।

245
01:40:43.770 --> 01:41:07.250
बापदादा को टीचर्स प्रति सदा ही दिल में प्यार है ।

246
01:41:16.340 --> 01:41:20.569
क्यों ?

247
01:41:21.250 --> 01:41:32.569
टीचर अर्थात् सदा सेवाधारी ,

248
01:41:36.050 --> 01:42:00.170
सदा बाप समान बनाने वाली और नयों नयों को बाप का परिचय दे

249
01:42:02.170 --> 01:42:16.739
अनुभवी बनाके बाप के वर्से के अधिकारी बनाने वाला ।

250
01:42:18.109 --> 01:42:39.880
तो बापदादा टीचर्स पर खुश है और यही दिल का प्यार ,

251
01:42:41.199 --> 01:43:14.399
बाप का प्यार स्टूडेन्ट में भी भरकर उन्हों को भी बाप के पूरे वर्से के अधिकारी बनाने वाली हैं ।

252
01:43:17.140 --> 01:43:29.369
बाप की हर एक टीचर में उम्मींद रहती है

253
01:43:29.369 --> 01:43:47.939
कि यह हर एक टीचर जो बाप की आशायें हैं , जो बाप चाहते हैं

254
01:43:48.399 --> 01:43:58.050
वह प्रत्यक्ष करने और कराने वाली हैं

255
01:43:58.050 --> 01:44:22.449
इसलिए एक - एक टीचर को बापदादा पदमगुणा मुबारक दे रहे हैं । मुबारक दे रहे हैं ।

256
01:44:23.939 --> 01:44:28.800
अच्छा ।

257
01:44:30.800 --> 01:44:42.340
डबल विदेशी भाई बहिनों से :-

258
01:45:09.420 --> 01:45:37.199
डबल विदेशी भी बापदादा ने देखा सेवा में भारत की आत्माओं से कम नहीं हैं ।

259
01:45:40.739 --> 01:46:11.770
बापदादा खुश होते हैं कि हर एक अपने-अपने स्थान में सेवा की वृद्धि भी कर रहे हैं

260
01:46:17.020 --> 01:46:37.079
और स्वयं को भी अच्छे उमंग उत्साह में चला रहे हैं ।

261
01:46:41.880 --> 01:46:53.600
डबल विदेशियों का यह संस्कार है

262
01:46:53.600 --> 01:47:12.279
कि जो करेंगे वह उमंग उत्साह से करके पूरा करेंगे

263
01:47:18.970 --> 01:47:32.510
और पुरूषार्थ के तरफ भी अटेन्शन है ।

264
01:47:39.199 --> 01:47:49.649
तो सभी हाथ उठाओ कि सभी तीव्र पुरूषार्थी हैं ?

265
01:47:49.649 --> 01:47:54.109
तीव्र पुरूषार्थी हैं ?

266
01:47:54.109 --> 01:47:59.250
अच्छा ।

267
01:48:00.170 --> 01:48:10.739
सबके तरफ से भी बहुत-बहुत मुबारक है क्यों ?

268
01:48:11.649 --> 01:48:37.199
तीव्र पुरूषार्थी अर्थात् बापदादा की आशाओं को पूर्ण प्रैक्टिकल करने वाले ।

269
01:48:41.369 --> 01:48:55.199
तो बापदादा तीव्र पुरूषार्थ की मुबारक दे रहे हैं ।

270
01:49:03.310 --> 01:49:22.000
तीव्र पुरूषार्थी हैं और सदा तीव्र पुरूषार्थी बन औरों को भी तीव्र पुरूषार्थी बनायेंगे ।

271
01:49:22.000 --> 01:49:32.510
तो सारा विदेश तीव्र पुरूषार्थी की लिस्ट में आ जाये ।

272
01:49:37.479 --> 01:49:53.079
ऐसा रिकार्ड कुछ है और कुछ दिखाना है ।

273
01:49:55.079 --> 01:50:09.770
लेकिन बापदादा पुरूषार्थ की मुबारक दे रहे हैं ।

274
01:50:22.109 --> 01:50:32.170
मुरली के ऊपर भी अटेन्शन है ,

275
01:50:34.170 --> 01:50:48.050
यह बापदादा को मुरली का स्नेह अच्छा लगता है ।

276
01:50:50.050 --> 01:51:06.850
मधुबन से भी प्यार , मुरली से भी प्यार , परिवार से भी प्यार और मेरा बाबा से भी प्यार ।

277
01:51:16.739 --> 01:51:36.510
अभी सूक्ष्म पुरूषार्थ के तरफ भी अटेन्शन अच्छा है

278
01:51:36.510 --> 01:51:48.050
और बापदादा ने देखा कि जनक बच्ची का भी बहुत ध्यान है ।

279
01:51:53.420 --> 01:52:08.510
यहाँ रहते भी हर क्लास पहले फारेन को पहुंचता है ।

280
01:52:12.399 --> 01:52:19.710
तो पालना भी अच्छी मिल रही है ।

281
01:52:24.739 --> 01:52:29.420
यह भी आपका लक है ।

282
01:52:29.420 --> 01:52:39.369
लकीएस्ट और स्वीटेस्ट दोनों ही हैं ।

283
01:52:45.369 --> 01:52:49.199
अच्छा ।

284
01:52:50.050 --> 01:53:06.000
पहली बार आने वालों से :-

285
01:53:34.399 --> 01:53:38.680
यह तो बहुत हैं ।

286
01:53:40.850 --> 01:53:44.850
हाथ हिलाओ ।

287
01:53:57.199 --> 01:54:18.680
तो सभी अपने मधुबन घर में पधारे हैं ,

288
01:54:18.680 --> 01:54:34.739
उसकी बापदादा एक-एक बच्चे को मुबारक दे रहे हैं

289
01:54:37.770 --> 01:54:54.510
क्योंकि लास्ट समय के पहले पहुंच गये हो ।

290
01:54:57.939 --> 01:55:10.050
लास्ट सो फास्ट जाने का चांस है ।

291
01:55:16.109 --> 01:55:30.680
बापदादा बच्चों को देख खुश हो रहे हैं ।

292
01:55:30.909 --> 01:56:01.420
आये , भले पधारे और आगे के लिए अब तीव्र पुरूषार्थ कर आगे से भी आगे जाने का दृढ़ संकल्प करो ।

293
01:56:02.739 --> 01:56:10.850
दृढ़ता सफलता की चाबी है ।

294
01:56:15.369 --> 01:56:24.510
तो बापदादा जो भी आज बच्चे आये हैं

295
01:56:24.510 --> 01:56:44.850
उन्हों को विशेष दृढ़ता के चाबी की सौगात दे रहे हैं ।

296
01:56:52.279 --> 01:57:04.109
दृढ़ता को कभी भी हल्का नहीं करना ।

297
01:57:08.050 --> 01:57:22.220
दृढ़ता आपको सदा सहज आगे बढ़ाती रहेगी ।

298
01:57:24.220 --> 01:57:52.279
तो बापदादा खुश है भले पधारे , अपना वर्सा लेने के लिए आये , इसकी बहुत-बहुत मुबारक ।

299
01:58:12.739 --> 01:58:17.420
अच्छा ।

300
01:58:23.310 --> 01:58:53.600
चारों ओर के सर्व ब्राह्मणों को बापदादा दिल का प्यार

301
01:58:54.800 --> 01:59:16.680
और सदा आगे बढ़ने का श्रेष्ठ संकल्प दे रहे हैं ।

302
01:59:16.680 --> 01:59:36.850
एक-एक बच्चे को बाप देख भी रहे हैं और देख-देख दिल में समा रहे हैं ।

303
01:59:39.479 --> 01:59:59.939
नजदीक वाले तो बापदादा को सामने देख रहे हैं

304
01:59:59.939 --> 02:00:11.649
और आप सब साधन द्वारा सामने ही देख रहे हो ।

305
02:00:12.449 --> 02:00:24.220
बापदादा भी आप सभी को जहाँ भी बैठे हो

306
02:00:30.050 --> 02:00:57.199
तो ऐसे ही देख रहा है जैसे सम्मुख ही बैठे हैं और एक-एक को दिल का प्यार दे रहे हैं ।

307
02:00:57.539 --> 02:01:18.510
बढ़ते चलो , तीव्र पुरूषार्थ कर आगे से आगे बढ़ते चलो ।

308
02:01:20.619 --> 02:02:00.619
अच्छा । सम्मुख बैठने वालों को भी बापदादा का यादप्यार और सदा आगे बढ़ने की मुबारक हो , मुबारक हो , मुबारक हो ।

309
02:02:01.310 --> 02:02:06.220
अच्छा ।

