WEBVTT

1
00:19:58.799 --> 00:20:52.109
आज ब्राह्मण परिवार के रचता अपने चारों ओर के परिवार को देख रहे हैं ।

2
00:20:59.940 --> 00:21:22.220
है छोटा सा परिवार , छोटा सा संसार है

3
00:21:26.109 --> 00:22:11.369
लेकिन बहुत प्यारा है क्योंकि कोटों में से कोई है ।

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00:22:23.309 --> 00:22:28.509
क्यों प्यारे हैं ?

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00:22:30.910 --> 00:22:39.599
क्योंकि बाप को पहचाना है ।

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00:22:40.170 --> 00:22:51.599
बाप से वर्से के अधिकारी बने हैं ।

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00:23:00.910 --> 00:23:29.880
तो जैसे बाप प्यारे हैं वैसे यह ब्राह्मण परिवार भी प्यारा है ।

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00:23:38.910 --> 00:24:19.880
बापदादा ने जन्मते ही हर बच्चे के मस्तक में भाग्य के सितारे को चमकाया है

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00:24:27.819 --> 00:24:54.450
इसलिए यह छोटा सा संसार अति प्यारा है ।

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00:25:21.369 --> 00:25:56.619
आप सभी भी अपना इतना स्वमान जानते हो ना !

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00:26:06.339 --> 00:26:49.250
बापदादा भी एक-एक बच्चे को देख खुश होते हैं और क्या गीत गाते हैं ?

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00:26:53.309 --> 00:27:00.000
वाह बच्चे वाह !

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आज तो सभी इस श्रेष्ठ दिन पर बाप से मिलने आये हैं ।

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00:27:55.940 --> 00:28:05.539
आज का दिन है संगम का दिन ।

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00:28:07.940 --> 00:28:18.000
विदाई भी है और बधाई भी है ।

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00:28:23.369 --> 00:28:38.509
वैसे भी संगम का महत्व है ।

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जहाँ भी सागर और नदी का संगम होता है उसका बहुत महत्व होता है ।

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तो आज के दिन का भी महत्व बहुत गायन योग्य है ।

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पुराना वर्ष समाप्त और नया वर्ष आरम्भ होना है ।

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00:30:04.970 --> 00:30:43.880
आज के दिन सभी के दिल में आगे आने वाले वर्ष के लिए कितना उमंग है !

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00:30:50.450 --> 00:31:09.019
हर एक ने अपने-अपने दिल में प्लैन बनाया है

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00:31:11.539 --> 00:31:21.880
क्या छोड़ना है और क्या बनना है ,

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00:31:23.369 --> 00:31:41.819
दोनों ही प्लैन बनाया है ?

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बनाया है ?

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00:31:50.849 --> 00:32:27.819
जिसने आने वाले वर्ष के लिए अपने आगे बढ़ने का , तीव्र पुरूषार्थ का प्लैन बनाया है वह हाथ उठाना ।

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00:32:27.819 --> 00:32:31.710
बनाया है !

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00:32:31.710 --> 00:32:36.740
मुबारक हो ।

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00:32:42.049 --> 00:33:24.619
क्योंकि सब जानते हैं कि बापदादा हर बच्चे के लिए क्या चाहता है ।

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00:33:39.309 --> 00:34:03.079
बापदादा हर बच्चे के लिए यही शुभ भावना रखते हैं

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00:34:05.079 --> 00:34:33.880
कि हर बच्चा बाप समान सम्पन्न और सम्पूर्ण बन जाये ।

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00:34:40.679 --> 00:35:00.050
अब तो समय भी साथ दे रहा है ।

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00:35:19.769 --> 00:35:47.480
तो हर एक ने अपने मन में अपने प्रति नया प्लैन बनाया है ना !

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00:35:50.110 --> 00:36:07.369
कुछ छोड़ना है और कुछ आगे बढ़ना है ।

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00:36:41.079 --> 00:36:47.019
तो छोड़ना क्या है ?

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00:36:48.280 --> 00:37:41.650
बापदादा ने देखा कि पुराने संसार और सम्बन्ध में छोड़ने में सबका पुरूषार्थ पर अटेन्शन भी है ।

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00:37:46.219 --> 00:38:03.820
एक बात जो छोड़ने भी चाहते हैं

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00:38:03.820 --> 00:38:34.800
लेकिन अब तक बापदादा ने देखा कि पुराने संस्कार उसको छोड़ने में थोड़ी मेहनत लगती है ।

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00:38:39.079 --> 00:39:15.199
तो बापदादा यही चाहते हैं कि इस नये वर्ष में हर एक बच्चा अपना निज़ी संस्कार का संस्कार कर ले ।

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00:39:19.019 --> 00:39:45.820
आप सब भी इसी संकल्प को पूरा करने चाहते हैं ना !

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00:39:50.340 --> 00:40:17.420
क्योंकि पुराना संस्कार जिसको आप लोग कहते हो मेरी नेचर है ,

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00:40:18.909 --> 00:40:25.019
भाव नहीं है लेकिन नेचर है ।

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00:40:25.769 --> 00:40:41.079
तो नेचर इस जन्म के ब्राह्मण की नहीं है लेकिन पुरानी है ।

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00:40:48.619 --> 00:41:00.849
तो उस पुराने संस्कार का आज के दिन ,

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00:41:02.849 --> 00:41:09.309
हर एक अपने को तो जानते हैं

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00:41:10.000 --> 00:41:51.710
तो आज वर्ष की विदाई के साथ-साथ उस पुराने संस्कार को छोड़ने का दृढ़ संकल्प कर सकते हो ?

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00:41:51.710 --> 00:41:54.570
कर सकते हो ?

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00:41:54.570 --> 00:42:11.250
चाहते भी हैं , ऐसा नहीं है कि चाहते नहीं हैं

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00:42:11.250 --> 00:42:39.139
लेकिन फिर भी बार-बार पुरूषार्थ में तीव्रता लाने में वही संस्कार भिन्न-भिन्न रूप से विघ्न डालते हैं

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00:42:40.570 --> 00:43:11.650
तो बापदादा यही चाहते हैं कि वर्ष को विदाई देने के साथ आज के दिन उसको भी विदाई दे दो ।

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00:43:12.849 --> 00:43:26.849
इसके लिए तैयार हैं , जो तैयार हैं वह हाथ उठाओ ।

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00:44:00.449 --> 00:44:06.280
इसके लिए क्या करेंगे ?

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अपने लिए कोई प्लैन भी सोचा है ?

53
00:44:22.449 --> 00:44:40.170
इसके लिए सबसे अच्छी बात है दृढ़ संकल्प ।

54
00:44:41.420 --> 00:45:00.050
संकल्प है , होना चाहिए लेकिन संकल्प में तीव्रता चाहिए ।

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00:45:05.420 --> 00:45:53.880
जैसे ब्राह्मण बनने के साथ-साथ यह प्रतिज्ञा की कि कोई भी अशुद्ध भोजन स्वीकार नहीं करना है ।

56
00:45:55.599 --> 00:46:19.880
तो बापदादा ने देखा इसमें दृढ़ संकल्प द्वारा मैजारिटी पास हैं ।

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00:46:26.449 --> 00:46:51.940
जैसे तन के लिए अशुद्ध भोजन का संकल्प किया और प्रैक्टिकल कर रहे हो ,

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00:46:51.940 --> 00:47:14.800
ऐसे ही मन के लिए यह दृढ़ संकल्प करना है

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00:47:18.449 --> 00:47:44.280
कि कभी भी किसी के प्रति भी किसी भी सरकमस्टांश प्रमाण

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00:47:55.940 --> 00:48:27.250
कोई भी व्यर्थ संकल्प न कर सदा हर आत्मा के प्रति शुभ भावना , शुभ कामना रखनी ही है ।

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00:48:29.250 --> 00:48:47.420
मन का भोजन है संकल्प , तो जैसे तन के लिए दृढ़ संकल्प मैजारिटी ने किया है ,

62
00:48:48.170 --> 00:49:27.250
ऐसे ही क्या मन के लिए व्यर्थ संकल्प , अशुद्ध भावना मिटा नहीं सकते ?

63
00:49:28.969 --> 00:50:14.449
हर आत्मा के प्रति दिल का स्नेह और सहयोग अपने मन में नहीं रख सकते हैं ?

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00:50:20.280 --> 00:51:07.019
तो आज बापदादा इस पुराने वर्ष के साथ इस वृत्ति वा दृष्टि को हर बच्चे से विदाई चाहते हैं ।

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00:51:20.170 --> 00:51:27.019
यह दृढ़ संकल्प कर सकते हो ?

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00:51:29.019 --> 00:51:32.170
कर सकते हैं ?

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00:51:32.170 --> 00:51:56.170
बोलो , मातायें , टीचर्स , सब भाई भी चाहते हैं ।

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00:51:59.079 --> 00:52:01.599
हाँ हाथ उठाओ ।

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00:52:01.599 --> 00:52:28.000
कल से किसी भी आत्मा के प्रति अगर कोई भी व्यर्थ है ,

70
00:52:29.539 --> 00:52:38.739
व्यर्थ भावना वा व्यर्थ भाव

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00:52:44.280 --> 00:52:55.539
उसकी आज समाप्ति समारोह मनाने चाहते हैं ।

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00:53:04.050 --> 00:53:10.800
बोलो , टीचर्स सब तैयार हैं ?

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00:53:10.800 --> 00:53:15.369
टीचर दो दो हाथ उठाओ ।

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00:53:19.650 --> 00:53:23.019
उठाओ ।

75
00:53:30.449 --> 00:53:32.619
अच्छा ।

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00:53:32.619 --> 00:53:39.420
जिन्होंने नहीं उठाया वह उठाओ ।

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00:53:57.309 --> 00:54:16.170
जिन्होंने नहीं उठाया वह थोड़ा सा उठके खड़े हो जाओ ।

78
00:55:05.420 --> 00:55:10.449
अच्छा हैं !

79
00:55:10.449 --> 00:55:24.510
जो पुरूषार्थ करेंगे लेकिन दृढ़ संकल्प नहीं करेंगे , ऐसे हैं ?

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00:55:25.079 --> 00:55:37.199
जो उठे हैं वह लक्ष्य और पुरूषार्थ करेंगे तो हाथ उठाओ ।

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00:55:54.000 --> 00:56:17.079
क्योंकि समय का अटेन्शन रखें , यह सोचो

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00:56:18.449 --> 00:56:43.599
कि सभी को इस संगम समय में भविष्य बहुत समय की सफलता प्राप्त करनी हैं ।

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00:56:44.449 --> 00:56:50.679
21 जन्म का वर्सा लेना है ।

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00:56:51.710 --> 00:57:02.219
तो कहाँ यह एक जन्म और कहाँ 21 जन्म ।

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00:57:07.250 --> 00:57:32.110
तो इस एक जन्म में भी काफी समय अपना पुरूषार्थ तीव्र करना पड़े

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00:57:36.619 --> 00:57:52.050
तभी बहुत समय की जो प्राप्ति करनी है ,

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00:57:52.969 --> 00:58:02.679
बाप से प्यार है ना तो साथ रहना है ना !

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00:58:02.679 --> 00:58:07.139
नजदीक रहना है ना !

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00:58:09.019 --> 00:58:33.250
ब्रह्मा बाप के साथी बनके राज्य अधिकारी बनना है ना !

90
00:58:37.079 --> 00:59:02.110
तो अब भी इतना समय बाप समान तो बनना पड़े ।

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00:59:08.449 --> 00:59:31.420
ब्रह्मा बाप का एक-एक बच्चे से कितना प्यार है वह तो जानते ही हो ।

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00:59:32.679 --> 00:59:44.400
हर एक कहता है मेरा बाबा ।

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00:59:47.650 --> 01:00:02.449
बाबा को जितना मेरे से प्यार है उतना किससे नहीं है , मेरे से प्यार है ।

94
01:00:10.800 --> 01:00:34.400
तो यह प्यार , बापदादा दोनों का प्यार इस जन्म में ही अनुभव कर रहे हो ।

95
01:00:40.050 --> 01:01:17.139
और जिससे प्यार होता है उसकी बात कभी भी टाली नहीं जाती है ।

96
01:01:21.599 --> 01:01:35.199
तो ब्रह्मा बाप से सबका प्यार है , कितना प्यार है ?

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01:01:35.199 --> 01:01:38.000
बहुत प्यार है ।

98
01:01:43.250 --> 01:01:52.679
चाहे दिखा नहीं सकते हैं लेकिन बाप जानते हैं

99
01:01:52.679 --> 01:02:18.800
कि प्यार सभी बच्चों का है , नम्बरवार है लेकिन प्यार है इसमें बापदादा भी सभी बच्चों को सर्टीफिकेट देते हैं कि प्यार है ।

100
01:02:21.710 --> 01:02:49.539
प्यार तो है लेकिन बाप ने देखा कि कभी-कभी नटखट हो जाते हैं ,

101
01:03:00.679 --> 01:03:06.849
तो बाप उस समय क्या करता ?

102
01:03:14.340 --> 01:03:32.340
बाप देख-देख विशेष शक्ति देता रहता

103
01:03:38.400 --> 01:03:56.170
क्योंकि बाप यही चाहते हैं कि हर बच्चा राजा बच्चा है ,

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01:03:56.849 --> 01:04:08.400
दुनिया में जो लाडला बच्चा होता है उसको राजा बच्चा कहते हैं ।

105
01:04:10.000 --> 01:04:17.880
होता राजा नहीं लेकिन कहते हैं राजा बच्चा

106
01:04:19.139 --> 01:04:42.340
लेकिन आप सभी बापदादा के अब भी राजा बच्चा हो और भविष्य में भी राजा बच्चा हो ।

107
01:04:47.820 --> 01:04:54.739
अभी स्वमान है , स्वराज्य है ।

108
01:05:03.139 --> 01:05:21.250
अभी आत्मा का राज्य सर्व कर्मेन्द्रियों के ऊपर है ।

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01:05:23.250 --> 01:05:36.619
तो स्वराज्यधारी अभी हो और विश्व राज्यधारी भविष्य में हो ।

110
01:05:43.139 --> 01:05:46.400
तो राजा बच्चे हो ना !

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01:05:46.400 --> 01:05:53.309
हैं तो कांध हिलाओ ।

112
01:05:57.019 --> 01:06:46.800
तो बापदादा आज अमृतवेले चारों ओर,चाहे विदेश चाहे देश, चारों ओर चक्र लगाने गये।

113
01:06:53.710 --> 01:07:14.969
तो क्या देखा?

114
01:07:20.570 --> 01:08:54.619
योग में अमृतवेले बैठते मैजारिटी हैं लेकिन स्नेह में बैठते हैं,बापदादा से बातें भी करते हैं, आत्मिक स्मृति में भी बैठते, बापदादा से शक्ति भी लेते हैं लेकिन अभी बापदादा आने वाले नये वर्ष में नवीनता चाहते हैं क्योंकि अभी समय दिनप्रतिदिन नाज़ुक आना ही है।

115
01:08:59.539 --> 01:09:14.569
तो ऐसे समय पर अभी ज्वालामुखी योग चाहिए ।

116
01:09:22.569 --> 01:09:51.710
वह ज्वालामुखी योग की आवश्यकता अभी आवश्यक है ।

117
01:09:54.399 --> 01:10:16.170
ज्वालामुखी योग अर्थात् लाइट माइट स्वरूप शक्तिशाली ,

118
01:10:19.600 --> 01:10:53.310
क्योंकि समय प्रमाण अभी दुःख , अशान्ति , हलचल बढ़नी ही है

119
01:10:56.909 --> 01:11:38.220
इसलिए अपने दुःखी , परेशान आत्माओं को विशेष ज्वालामुखी योग द्वारा शक्तियां देने की आवश्यकता पड़ेगी ।

120
01:11:46.800 --> 01:12:12.399
दुःख अशान्ति के रिटर्न में कुछ न कुछ शक्ति , शान्ति अपने मन्सा सेवा द्वारा देनी पड़ेगी ।

121
01:12:19.140 --> 01:12:41.649
जो आपने इस समय की टॉपिक रखी है , एक परिवार ।

122
01:12:44.449 --> 01:13:01.140
उसके प्रमाण जब एक परिवार है ,

123
01:13:02.449 --> 01:13:12.449
तो अशान्त आत्माओं को कुछ तो अंचली देंगे

124
01:13:18.109 --> 01:13:34.909
इसीलिए बापदादा अगला वर्ष जो आया कि आया

125
01:13:36.399 --> 01:14:07.310
उसके लिए विशेष अटेन्शन खिंचवा रहे हैं

126
01:14:10.170 --> 01:14:26.850
कि अभी ज्वालामुखी योग की आवश्यकता है ।

127
01:14:27.479 --> 01:14:49.770
ज्वालामुखी योग द्वारा ही जो भी संस्कार रहे हुए हैं वह भी भस्म होने हैं ।

128
01:14:56.970 --> 01:15:42.909
अभी आपकी एडवांस पार्टी के साथी आप सबसे यह चाहते हैं

129
01:15:46.109 --> 01:16:14.800
कि अभी समय को , समाप्ति के समय को सामने लाओ ।

130
01:16:27.020 --> 01:16:41.819
अब रिटर्न जरनी याद रखो ।

131
01:16:48.739 --> 01:17:32.449
आपकी दीदी याद दिला रही है कि मुझे सदा यह याद रहता था “अब घर जाना है”, अब घर जाना है।

132
01:17:45.369 --> 01:18:02.000
आपकी दादी यही याद दिला रही है

133
01:18:12.970 --> 01:18:39.310
कि जैसे मुझे याद रहा अभी सम्पन्न बनना है ,

134
01:18:41.310 --> 01:18:54.510
सम्पूर्ण बनना है , धुन लगी रही ।

135
01:19:01.199 --> 01:19:41.880
तो आज विशेष अमृतवेले वतन में बापदादा से मिलन मनाते कह रहे थे

136
01:19:48.680 --> 01:20:04.279
कि अभी हमारे तरफ से , जो भी दादियां गई हैं

137
01:20:11.020 --> 01:20:48.340
सब मिलके कह रही थी अब ज्वालामुखी योग की बहुत आवश्यकता है ,

138
01:20:49.539 --> 01:21:09.199
चाहे औरों को शक्ति देने के लिए , चाहे अपने ब्राह्मण परिवार को सम्पन्न बनाने के लिए ।

139
01:21:18.220 --> 01:22:12.970
अभी समय को समीप लाने वाले आप निमित्त हो इसलिए आने वाले वर्ष में क्या करेंगे ?

140
01:22:12.970 --> 01:22:18.000
विशेष क्या करेंगे ?

141
01:22:27.600 --> 01:23:12.510
एक दो के स्नेही सहयोगी बन हर एक सेन्टर , सेवास्थान ज्वालामुखी योग का वायब्रेशन

142
01:23:17.479 --> 01:24:03.310
और कर्म में एक दो के स्नेही सहयोगी बन हर एक को आप अटेन्शन में रखते जो भी कमी है उसमें सहयोग दो ।

143
01:24:10.109 --> 01:24:24.399
मन्सा द्वारा अन्य आत्माओं की सेवा करो

144
01:24:24.399 --> 01:24:44.970
और अपने सहयोग द्वारा ब्राह्मण साथियों की विशेष सेवा करो ,

145
01:24:49.770 --> 01:25:15.250
तभी हम लोगों की दिल की आश पूरी होगी ।

146
01:25:15.939 --> 01:25:35.819
तो आज वतन में एडवांस पार्टी अगले साल के लिए

147
01:25:36.399 --> 01:26:02.109
आप सबको याद भी दे रही थी और अपने दिल की आशायें भी बता रही थी ।

148
01:26:09.310 --> 01:26:15.140
तो बोलो ,

149
01:26:21.369 --> 01:26:26.970
बापदादा का संकल्प तो सुना ही

150
01:26:27.369 --> 01:26:45.199
लेकिन साथ में अपने दादियों की भी अगले वर्ष के लिए शुभ भावनायें भी सुनी ना !

151
01:26:56.739 --> 01:27:19.600
बापदादा तो सभी बच्चों को चाहे कोई कमज़ोर है , चाहे तीव्र पुरूषार्थी है

152
01:27:19.600 --> 01:27:32.279
सबको तीन मुबारक दे रहे हैं -

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01:27:35.710 --> 01:28:06.510
एक नव जीवन की मुबारक , दूसरी नव वर्ष की मुबारक

154
01:28:08.850 --> 01:28:29.079
और तीसरी नव दुनिया में साथी बन चलने की मुबारक ।

155
01:28:35.600 --> 01:29:02.510
बापदादा ने यह भी कहा कि सभी अपने अन्दर अपने लिए समय निश्चित करो

156
01:29:04.510 --> 01:29:23.079
कि कब तक अपने को बाप समान बनायेंगे ।

157
01:29:23.079 --> 01:29:34.739
अपने अन्दर अपने लिए निश्चित करो ।

158
01:29:44.340 --> 01:29:49.880
तो निश्चित करना आता है ना ?

159
01:30:08.800 --> 01:30:37.310
बापदादा तो आज हर बच्चे को देख यही वरदान दे रहे हैं

160
01:30:40.279 --> 01:31:02.909
अगले वर्ष में हर बच्चा तीव्र पुरूषार्थी भव ।

161
01:31:16.619 --> 01:31:26.510
अमृतवेले जब याद में बैठते हो

162
01:31:28.970 --> 01:31:36.050
और जब उठने का समय होता है

163
01:31:36.050 --> 01:32:02.170
उस समय बापदादा का यह वरदान अपने दिल में याद रखना तीव्र पुरूषार्थी भव ।

164
01:32:09.420 --> 01:32:23.369
जैसे बापदादा ने दो बातें पहले ही अटेन्शन में दिलाई हैं

165
01:32:27.420 --> 01:32:45.770
क्योंकि संगम का समय अचानक समाप्त होना है ।

166
01:32:54.399 --> 01:33:16.170
तो एक समय , दूसरा संकल्प , दोनों पर हर घड़ी अटेन्शन ।

167
01:33:24.220 --> 01:33:50.510
बापदादा की यह भी हर बच्चे के प्रति शुभ भावना है

168
01:33:53.140 --> 01:34:21.880
कि हर बच्चा इस वर्ष में क्या बनें ?

169
01:34:22.909 --> 01:34:27.369
क्या बनेंगे ?

170
01:34:34.000 --> 01:34:55.020
जो भी आपके चेहरे में देखे आपके चेहरे से फरिश्ता रूप दिखाई दे ।

171
01:34:59.250 --> 01:35:04.739
फलानी हूँ , फलाना हूँ नहीं ।

172
01:35:06.220 --> 01:35:19.710
फरिश्ता अनुभव में आवे ।

173
01:35:20.800 --> 01:35:36.050
इसके लिए ज्वालामुखी योग , कोई व्यर्थ नहीं ।

174
01:35:36.800 --> 01:35:49.880
लाइट और माइट स्वरूप योग से व्यर्थ को जलाओ ।

175
01:35:54.170 --> 01:35:59.140
समर्थ फरिश्ता नज़र आये ।

176
01:35:59.140 --> 01:36:15.020
जिसको भी देखे , क्योंकि बाप के सिकीलधे बच्चे तो हो ।

177
01:36:17.020 --> 01:36:35.369
बाप ने आपको खास कहाँ-कहाँ से चुन करके अपना बनाया है ।

178
01:36:43.310 --> 01:36:56.800
तो लक्ष्य रखो मैं ब्राह्मण सो फरिश्ता हूँ ।

179
01:37:08.220 --> 01:37:28.510
तो अमृतवेले अपनी दिनचर्या में यह याद रखना मैं ब्राह्मण सो फरिश्ता हूँ ।

180
01:37:33.420 --> 01:37:58.569
चलते फिरते फरिश्ता रूप , फरिश्ता स्वरूप तो अच्छा लगता है ना !

181
01:37:58.569 --> 01:38:11.020
ब्रह्मा बाप फरिश्ता बना , फॉलो फादर ।

182
01:38:22.220 --> 01:38:42.279
तो इस वर्ष का वरदान जो दिया तीव्र पुरूषार्थी ,

183
01:38:45.079 --> 01:39:04.970
साधारण पुरूषार्थ नहीं , साधारण पुरूषार्थ है तो राज्य के साथी नहीं बनेंगे ।

184
01:39:06.970 --> 01:39:28.449
और बाप यही चाहता है जितने भी स्टूडेन्ट ,

185
01:39:33.539 --> 01:39:52.739
बापदादा की मुरली अध्ययन करने वाले हैं ,

186
01:39:54.739 --> 01:40:19.079
गॉडली स्टूडेन्ट हैं वह सबके सब क्या बनेंगे ?

187
01:40:19.079 --> 01:40:23.819
फरिश्ता ।

188
01:40:35.079 --> 01:40:39.079
सब बोझ उतर जायेगा ।

189
01:40:39.079 --> 01:40:50.909
कोई भी संस्कार का बोझ समाप्त हो जायेगा ।

190
01:40:57.369 --> 01:41:04.510
तो इस वर्ष का होमवर्क क्या रहा ?

191
01:41:14.279 --> 01:41:29.420
फरिश्ता स्वरूप में रहना है , इसको ही कहा जाता है तीव्र पुरूषार्थ ।

192
01:41:35.479 --> 01:42:17.310
अभी हर एक सेन्टर , हर सप्ताह , हर स्टूडेन्ट की रिजल्ट देखे की तीव्र पुरूषार्थी रहे ?

193
01:42:19.939 --> 01:43:07.140
अगर कोई भी बात आई , उसके लिए सहयोगी बन करके , स्नेह से उनको हिम्मत दे और अपने सेन्टर को , स्टूडेन्ट को तीव्र पुरूषार्थी बनाये ,

194
01:43:10.399 --> 01:43:49.649
हर सप्ताह रिजल्ट देखे क्योंकि समय हलचल का होना ही है ।

195
01:44:05.079 --> 01:44:32.050
तो आज के संगम दिन पर विदाई और बधाई के दिन पर

196
01:44:34.050 --> 01:44:52.680
चारों ओर के , जहाँ भी जो बैठे हैं बच्चे , बापदादा देख रहे हैं

197
01:44:55.819 --> 01:45:17.710
कैसे सभी साइंस के साधनों द्वारा देख भी रहे हैं और देख-देख कितने खुश हो रहे हैं ।

198
01:45:28.619 --> 01:46:19.310
तो चारों ओर के बच्चों को बापदादा विशेष वरदान दे रहे हैं सदा सन्तुष्टमणि भव ।

199
01:46:31.600 --> 01:46:39.479
सन्तुष्ट रहना , सन्तुष्ट करना ।

200
01:46:42.850 --> 01:46:47.600
अच्छा ।

201
01:47:18.909 --> 01:48:22.220
सेवा का टर्न - ईस्टर्न , तामिलनाडु और नेपाल का है :- ( 15 हजार आये हैं ) बंगाल :-

202
01:49:20.279 --> 01:49:58.800
बंगाल में सर्विस और साथ-साथ पुरूषार्थ हर एक अपना अच्छा कर रहे हैं

203
01:49:58.800 --> 01:50:19.369
और बापदादा हर बच्चे को देख खुश हो रहे हैं

204
01:50:22.220 --> 01:50:39.020
कि हर एक ने अपना भाग्य अच्छा बनाया है ।

205
01:50:39.649 --> 01:50:54.970
सेवा भी हर एक यथा शक्ति कर रहे हैं ,

206
01:50:55.250 --> 01:51:11.420
इसलिए बापदादा बच्चों को देख खुश है

207
01:51:11.420 --> 01:51:26.739
और बच्चे भी सदा खुश हैं भी और खुश रहेंगे ।

208
01:53:51.369 --> 01:54:01.770
सभी सेवाधारियों को खड़ा किया :- पौना क्लास तो इसी ज़ोन का है ।

209
01:54:10.000 --> 01:54:27.250
बापदादा ने देखा तो सभी ज़ोन , जो भी हैं उनसे यह बड़ा ज़ोन है ।

210
01:54:33.079 --> 01:54:42.340
एक ज़ोन में 5 छोटे-छोटे ज़ोन हैं ।

211
01:54:44.340 --> 01:55:01.420
बापदादा को खुशी है कि बच्चों ने जो भी जहाँ निमित्त हैं

212
01:55:01.420 --> 01:55:10.000
उन निमित्त हुए बच्चों ने सेवा अच्छी की है ।

213
01:55:10.000 --> 01:57:06.850
वृद्धि भी अच्छी की है क्योंकि बापदादा ने देखा कि इस एक ज़ोन में कितने छोटे-छोटे ज़ोन आ जाते हैं लेकिन सब निर्विघ्न,अपने पुरूषार्थ में सेफ हैं,उसकी बापदादा मुबारक दे रहे हैं और अगर कोई भी छोटी मोटी कमी हो तो आने वाले वर्ष में यह सभी 5 ही ज़ोन एकदम बापदादा के आगे सर्टीफिकेट भेजना कि हम सब निर्विघ्न,एवररेडी,तीव्र पुरूषार्थी हैं।

214
01:57:06.850 --> 01:57:19.369
यह रिजल्ट 5 ही छोटे-छोटे ज़ोन भेजना ।

215
01:57:19.369 --> 01:57:37.420
बाकी बापदादा यह रिजल्ट देखके खुश हैं कि अपने टर्न में पौना क्लास तो आ गया है ।

216
01:57:37.649 --> 01:57:44.909
तो इतनी वृद्धि है तब तो पहुंचे हो ना ।

217
01:57:44.909 --> 01:57:59.710
कोई नये भी होंगे लेकिन नये बच्चे भी तीव्र पुरूषार्थी भव का वरदान ले

218
01:57:59.710 --> 01:58:16.850
तीव्र पुरूषार्थी बन औरों की भी सेवा , तीव्र सेवा कर भाग्य बनायेंगे

219
01:58:16.850 --> 01:58:39.250
तब सभी मानेंगे सचमुच यह आत्मायें तो सुखदाता के बच्चे सुखदाता हैं ।

220
01:58:44.909 --> 01:58:52.449
बहुत बड़ा ज़ोन है , बापदादा खुश है ।

221
01:58:54.449 --> 01:59:04.050
देखो , आप लोग टी . वी . में देखो पौना क्लास तो यही है ।

222
01:59:09.420 --> 01:59:39.649
बापदादा स्पेशल इस ज़ोन को वरदान देते हैं कि सदा खुशनसीब , खुशनुमा आत्मायें हैं ।

223
01:59:43.880 --> 01:59:48.050
अच्छा ।

224
01:59:51.710 --> 02:00:04.279
ज्युरिस्ट विंग :-

225
02:00:47.250 --> 02:01:04.619
बापदादा ने आपके मीटिंग की एजेन्डा देखी थी , बच्ची ने बताई थी

226
02:01:04.619 --> 02:01:34.000
तो अभी आगे जो बापदादा ने कार्य दिया है कि प्रसिद्ध करो गीता का भगवान कौन ?

227
02:01:35.250 --> 02:01:46.680
अभी इस सेवा में लग जाओ ।

228
02:01:46.680 --> 02:02:05.199
ग्रुप-ग्रुप बनाओ और उसकी रिजल्ट आनी चाहिए कि क्या-क्या विचार हुए ।

229
02:02:05.770 --> 02:02:10.340
दिल्ली वालों ने भी अच्छा किया था ।

230
02:02:10.340 --> 02:02:23.420
बृजमोहन बच्चे ने किया ना , आपने किया ना तो रिजल्ट क्या निकली ?

231
02:02:24.680 --> 02:02:28.800
रिजल्ट निकली ?

232
02:02:30.800 --> 02:02:35.020
बताओ ।

233
02:02:41.079 --> 02:04:01.880
( धर्मगुरूओं के साथ ट्राई किया था , अभी ज्युरिस्ट विंग के साथ मिलकर इसे करेंगे ) ( मुम्बई मेले में 3 स्टाल गीता के भगवान के रखे थे ) अच्छा ।

234
02:04:01.880 --> 02:04:10.340
जो भी पुरूषार्थ किया है , वह कर तो रहे हैं

235
02:04:10.340 --> 02:04:25.369
लेकिन इसकी थोड़ी समरी बनाओ , सब इकठ्ठे होके , जिन्होंने भी थोड़ा-थोड़ा किया है वह अच्छा किया है

236
02:04:25.369 --> 02:04:35.479
लेकिन अभी इस प्वाइंट को विशेष अटेन्शन देके ,

237
02:04:35.479 --> 02:04:56.340
क्योंकि अभी जो भी आपने यह 75 वर्ष का मनाया है , इसमें आपके साथी बहुत बने हैं ।

238
02:04:56.340 --> 02:05:01.310
बड़े-बड़े परिचय वाले भी बने हैं

239
02:05:01.310 --> 02:05:20.449
इसलिए अभी इस प्वाइंट को अच्छी तरह से सिद्ध करो जैसे जगह-जगह पर यह जुबिली के फंक्शन विये हैं ना

240
02:05:20.449 --> 02:05:30.970
वैसे हर स्थान पर कुछ न कुछ ग्रुप बनाओ लायक हो ग्रुप ,

241
02:05:30.970 --> 02:05:44.050
जो इस प्वाइंट को पुरूषार्थ करके आप लोगों को समाचार देते रहें

242
02:05:44.050 --> 02:05:52.220
और समाचार सुनके उनको आप लोग डायरेक्शन देते रहो ।

243
02:05:52.569 --> 02:05:55.880
दो तीन को निमित्त बनाओ ।

244
02:05:55.880 --> 02:05:59.310
इसकी कमेटी बनाओ ।

245
02:05:59.310 --> 02:06:12.909
सिर्फ जज नहीं अगर कोई भी इसमें रूचि रखता हो और आप समझते हो

246
02:06:12.909 --> 02:06:20.050
कि यह कर सकते हैं तो ऐसा ग्रुप तैयार करो

247
02:06:20.050 --> 02:06:40.170
क्योंकि अभी सभी की बुद्धि में यह आ गया है कि ब्रह्माकुमारियां जो कर्तव्य कर रही हैं उससे ही कुछ बदल सकता है ।

248
02:06:40.170 --> 02:06:46.109
इन फंक्शन से यह रिजल्ट निकली है

249
02:06:46.109 --> 02:06:59.369
इसलिए अभी इसी प्वाइंट को और थोड़ा अटेन्शन देके , ग्रुप बनाके कोई भी हो जज हो या कोई भी हो ।

250
02:06:59.369 --> 02:07:11.020
जैसे यह बृजमोहन करता रहता है ना ऐसे ग्रुप बनाके रिजल्ट निकालो ।

251
02:07:11.020 --> 02:07:20.399
और यह प्वाइंट आवश्यक है इससे ही परिवर्तन आयेगा ।

252
02:07:22.970 --> 02:07:28.739
तो क्या करेंगे अभी ?

253
02:07:41.310 --> 02:08:19.310
(अभी आपके यह डायरेक्शन जरूर पालन करेंगे)।

254
02:08:39.939 --> 02:08:58.000
अच्छा , जो भी विंग आये हैं उन सभी को बापदादा मुबारक दे रहे हैं ।

255
02:09:00.000 --> 02:09:13.539
डबल विदेशी ग्रुप :- ( बच्चे और यूथ ग्रुप , बच्चों ने गीत गाया )

256
02:10:47.420 --> 02:11:00.399
बहुत अच्छा , बापदादा ने आप सबका यादप्यार भी देखा ।

257
02:11:00.399 --> 02:11:12.739
आप सबकी याद और प्यार बाबा ने स्वीकार किया ।

258
02:11:14.000 --> 02:11:25.079
अभी जिन्होंने भी यह ट्रेनिंग की है

259
02:11:25.079 --> 02:11:38.800
वह अपने अपने हमजिन्स को , बच्चे छोटे हैं तो छोटे बच्चों का ग्रुप बनाके लाना ।

260
02:11:38.800 --> 02:11:49.880
बीच वाले हैं तो वह ग्रुप बनाके लाना और बड़े हैं तो बड़े अपना ग्रुप बनाके लाना ।

261
02:11:49.880 --> 02:11:59.649
सेवा करना और प्रुफ मधुबन में ले आना ।

262
02:12:00.399 --> 02:12:02.800
है ना हिम्मत ।

263
02:12:02.800 --> 02:12:07.539
हिम्मत है ?

264
02:12:09.539 --> 02:12:11.710
अच्छा है ।

265
02:12:11.710 --> 02:12:25.880
ट्रेनिंग की रिजल्ट भी बापदादा ने देखी है , उमंग से की है और मधुबन में की है ।

266
02:12:25.880 --> 02:12:39.939
कितने अच्छे वायुमण्डल में की है तो इस ट्रेनिंग का रिजल्ट अवश्य निकलना ही है ।

267
02:12:39.939 --> 02:12:54.449
इसलिए बापदादा की पदम पदम पदमगुणा मुबारक हो , मुबारक हो ।

268
02:12:55.939 --> 02:13:06.909
सिन्धी ग्रुप तथा डबल विदेशी :-

269
02:13:49.600 --> 02:14:13.770
डबल फारेनर्स का लक्ष्य ही है तीव्र पुरूषार्थ करना ।

270
02:14:14.279 --> 02:14:29.079
बापदादा को खुशी है कि डबल फारेनर्स के जो संस्कार है ,

271
02:14:29.079 --> 02:14:37.079
जो करना है वह पूरा ही करना है ।

272
02:14:37.079 --> 02:14:43.199
आधा , पौना नहीं करना है , करना है तो पूरा ही करना है ,

273
02:14:43.199 --> 02:15:02.000
यह विशेषता बाप ने देखा कि विदेश सेवा में आगे बढ़ गया है

274
02:15:02.800 --> 02:15:14.340
और कोने-कोने में भी स्थान खोल रहे हैं ।

275
02:15:14.680 --> 02:15:29.770
तो बापदादा उमंग उत्साह देख मुबारक तो सदा देते हैं ,

276
02:15:29.770 --> 02:15:40.449
डबल विदेशियों को पदम पदमगुणा मुबारक है ।

277
02:15:40.449 --> 02:15:50.279
बाबा सेवा में सन्तुष्ट है ।

278
02:15:50.279 --> 02:16:05.649
बाकी हर एक विदेशी हर एक सेन्टर निर्विघ्न ,

279
02:16:07.649 --> 02:16:15.020
यह भी रिपोर्ट फॉरेन की आनी है ।

280
02:16:15.710 --> 02:16:27.420
सेन्टर निर्विघ्न है , यह जो भी सेन्टर समझते हैं

281
02:16:27.420 --> 02:16:40.799
कि सेन्टर निर्विघ्न है तो वह रिपोर्ट भेजे फिर बाबा उसको प्राइज़ देगा ।

282
02:16:40.799 --> 02:16:45.940
लेकिन निर्विघ्न सब हों ।

283
02:16:46.340 --> 02:16:54.450
सबको निर्विघ्न बनाके रिपोर्ट दो ।

284
02:16:55.139 --> 02:17:01.540
अगर है तो अभी से मुबारक है ।

285
02:17:01.540 --> 02:17:11.540
अगर बनना है तो फिर रिपोर्ट आने पर मुबारक देंगे ।

286
02:17:12.399 --> 02:17:29.709
बाकी बापदादा यह तो कहेंगे कि फॉरेन , फौरन करने में होशियार है ।

287
02:17:31.709 --> 02:17:43.709
जो बनाया वह फौरन किया , फॉरेन फौरन ।

288
02:17:46.219 --> 02:17:48.450
अच्छा है ।

289
02:17:48.450 --> 02:17:55.600
सिन्धी ग्रुप भी आया है , मुबारक हो ।

290
02:17:55.600 --> 02:18:13.709
देखो , आप सभी जो भी सिन्धी हैं वह बाबा के भारत के सिकीलधे हैं

291
02:18:15.709 --> 02:18:36.110
क्योंकि फॉरेन में जाके भी भारत का जो खून भरा हुआ है उसकी लाज़ रखी है ।

292
02:18:39.540 --> 02:18:49.879
बापदादा खुश होते हैं और अमर हैं ।

293
02:18:49.879 --> 02:19:00.399
अमर हैं , इसलिए अमर भव का भी वरदान है ।

294
02:19:01.649 --> 02:19:08.450
आज यह खास आये हैं अच्छा है ,

295
02:19:08.850 --> 02:19:17.200
जिस प्रोग्राम से आये हैं ना वह बापदादा को पसन्द है ।

296
02:19:17.200 --> 02:19:22.340
अच्छा किया है ।

297
02:19:31.250 --> 02:19:43.420
अभी आप सिन्धी जो रेग्युलर स्टूडेन्ट हैं वह तो हैं ही

298
02:19:43.420 --> 02:19:59.770
लेकिन अभी दूसरे बारी आओ तो जो नये-नये आपने बनाये हैं वह लेके आना ।

299
02:20:04.739 --> 02:20:08.620
ग्रुप तो बना होगा ना ।

300
02:20:08.620 --> 02:20:21.649
तो वह लेके आना क्योंकि बापदादा यह विश्व को दिखाने चाहता है

301
02:20:21.649 --> 02:20:34.620
कि बाप ने भारत में जन्म लिया , उसका कारण यह निमित्त बनें ।

302
02:20:36.620 --> 02:20:42.909
तो जिन्हों की भी सेवा की है उन्हों को साथ लाना ।

303
02:20:42.909 --> 02:20:49.770
नये नयों को साथ लाना , ग्रुप बनाके लाना ।

304
02:20:52.739 --> 02:21:03.940
बाकी बापदादा खुश है कि सेवा में भी आगे बढ़ रहे हैं ,

305
02:21:03.940 --> 02:21:24.450
अपने पर अटेन्शन देने में भी आपकी निमित्त बनी हुई जनक बच्ची अटेन्शन अच्छा रख रही है इसलिए रिजल्ट अच्छी है ।

306
02:21:33.420 --> 02:21:44.739
और बापदादा को भी फॉरेन में चक्र लगाने का समय मिलता है ।

307
02:21:44.739 --> 02:21:47.370
कौन सा समय मिलता है ?

308
02:21:47.370 --> 02:21:50.680
अमृतवेला ।

309
02:21:52.680 --> 02:22:01.020
विदेश के भी सेन्टर पर बापदादा चक्र लगाता है

310
02:22:03.709 --> 02:22:13.940
लेकिन अभी एडीशन ज्वालामुखी योग ।

311
02:22:17.250 --> 02:22:35.020
यह ज्वालामुखी योग सभी को समीप लायेगा क्योंकि शक्ति मिलेगी ना ।

312
02:22:35.020 --> 02:22:40.049
आप भी लाइट माइट रूप बनेंगे ।

313
02:22:40.049 --> 02:22:56.280
चलते फिरते भी लाइट माइट स्वरूप होंगे तो लोगों को भी वायब्रेशन आयेगा ।

314
02:22:56.280 --> 02:23:06.569
फिर मेहनत कम और फल ज्यादा निकलेगा ।

315
02:23:07.819 --> 02:23:23.020
जैसे भारत में अनुभव किया कि अभी जगह-जगह जो भी फंक्शन किये हैं ,

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02:23:23.020 --> 02:23:34.850
उसमें रिजल्ट पहले से अच्छी निकली है ।

317
02:23:38.219 --> 02:23:59.139
और बाप बच्चों को जो भी निमित्त बनी हैं दादियां या दीदियां उन्हों को विशेष मुबारक देते हैं

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02:23:59.139 --> 02:24:27.940
कि बापदादा के संग साथी बनकरके 75 वर्ष पूरे करके मैदान पर आये हैं , इसकी बहुत-बहुत-बहुत-बहुत मुबारक है ।

319
02:24:30.399 --> 02:24:39.370
दादे भी हैं , सिर्फ दीदियां दादियां नहीं , दादे भी हैं ।

320
02:24:45.250 --> 02:24:49.200
अच्छा ।

321
02:25:13.770 --> 02:25:27.600
अभी दादियां भी मिल करके कोई नया प्लैन बनाओ ।

322
02:25:33.370 --> 02:25:37.020
क्या कहती हैं ?

323
02:25:51.420 --> 02:27:11.879
( दादी जानकी ने कहा - बाबा जनवरी मास का बहुत महत्व है । जनवरी मास में अगर सभी मिलकर पुरूषार्थ करें , ऐसी सेवा का कोई प्लैन बन जाए , जो सबके दिल से जिगर से निकले कि मेरा बाबा , ऐसी मेरी भावना है ।

324
02:27:51.250 --> 02:28:29.079
निर्वैर भाई ने कहा - आपस में बैठकर कुछ नया प्लैन बनायेंगे , जैसा दादी चाहती हैं , आप चाहते हैं , सबके दिल से मेरा बाबा निकले , उसके अनुसार योजना बनायेंगे ।

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02:28:29.649 --> 02:28:57.200
) सब अपने अन्दर एक संकल्प रखो , हमको निर्विघ्न बनना ही है , बनाना ही है ।

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02:29:02.280 --> 02:29:14.680
जिसको भी जो देखे , ऐसे लगे यह कौन मेरे सामने आ गया है ।

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02:29:16.969 --> 02:29:22.909
देख देखके खुश होता रहे ।

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02:29:23.420 --> 02:29:37.370
बापदादा नये वर्ष में नवीनता चाहते हैं , वही संस्कार नहीं चाहते हैं ।

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02:29:41.079 --> 02:29:53.649
एक-एक बच्चा बाप समान दिखाई दे ।

330
02:29:54.000 --> 02:29:59.370
फॉलो ब्रह्मा बाप ।

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02:30:01.139 --> 02:30:21.020
सरकमस्टांश , बातें सब कुछ बाप के आगे आई लेकिन फरिश्ता बन गये ।

332
02:30:23.709 --> 02:30:38.569
तो फरिश्ता बनना ही है यह दृढ़ संकल्प हर एक अपने आपसे करे

333
02:30:39.600 --> 02:30:48.569
क्योंकि अपने आपसे करेंगे तो अटेन्शन रहेगा ।

334
02:30:49.139 --> 02:30:53.370
मुझे बनना है बस ।

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02:30:53.370 --> 02:31:04.620
और आपके बनने से नेचरल वायब्रेशन फैलेगा ।

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02:31:09.879 --> 02:31:14.340
तो अभी क्या लक्ष्य रखा ?

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फरिश्ता बनना ही है , बोलो ।

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पक्का है ना !

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02:31:32.510 --> 02:31:37.649
पीछे वाले बनना ही है ।

340
02:31:44.340 --> 02:31:52.969
आज 12 बजे सब यहाँ छोड़ के जाना ।

341
02:31:52.969 --> 02:31:59.709
जो भी कमी हो ना छोड़के जाना ।

342
02:32:05.250 --> 02:32:07.540
अच्छा ।

343
02:32:07.540 --> 02:32:39.879
सभी को बहुत बहुत बापदादा के दिल का प्यार और मुबारक हो ।

