WEBVTT

1
00:18:30.970 --> 00:18:54.400
आज विशेष स्नेह का दिन है ।

2
00:18:59.650 --> 00:19:29.880
चारों ओर के बच्चे स्नेह स्वरूप से मिलन मना रहे हैं ।

3
00:19:35.140 --> 00:20:02.220
आप सभी भी स्नेह स्वरूप में मगन हैं ।

4
00:20:04.220 --> 00:21:31.480
आज अमृतवेले से चारों तरफ के बच्चे अमृतवेले से भी पहले स्नेह रूप से दिल के स्नेह के मोतियों की मालायें लेकर पहुंच गये थे ।

5
00:21:36.910 --> 00:22:17.079
अनेक प्रकार के भिन्न-भिन्न मन के भावों को बाप के आगे वर्णन कर रहे थे ।

6
00:22:19.079 --> 00:22:47.420
आप जानते हो कि बच्चों का स्नेह कितना प्यारा है ।

7
00:22:55.309 --> 00:23:34.109
भिन्न-भिन्न भाषायें , भिन्न-भिन्न भाव से बापदादा के आगे अपने दिल की बात बोल भी रहे थे

8
00:23:35.140 --> 00:24:02.339
और नयनों से मुख से अपने भाव भी स्पष्ट कर रहे थे ।

9
00:24:08.109 --> 00:24:56.970
बापदादा चारों ओर के बच्चों के स्नेह के भाव देख सभी के स्नेह में समा गये

10
00:24:58.970 --> 00:25:17.200
और दिल से यही बोल निकले वाह बच्चे वाह !

11
00:25:19.200 --> 00:25:42.170
और बच्चों के मुख से वाह बाबा वाह ! के गीत सुनाई दे रहे थे ।

12
00:25:50.740 --> 00:26:23.480
बापदादा हर बच्चे को देख बच्चों के लव में लीन थे

13
00:26:23.480 --> 00:26:31.650
और बच्चे बाप के लव में लीन थे ।

14
00:26:42.509 --> 00:27:32.220
आज का दिन बाप बच्चों को बालक सो मालिक बनाने की दृष्टि से देख रहे थे ।

15
00:27:36.170 --> 00:27:58.339
आज का दिन बच्चों के राज तिलक का दिन है ।

16
00:28:03.480 --> 00:29:02.339
आज के दिन बापदादा स्वयं फरिश्ते रूप में रहकर बच्चों को विश्व सेवा अर्थ निमित्त बनाया ।

17
00:29:05.710 --> 00:29:32.170
स्वयं बैकबोन बनें , बच्चों को विश्व स्टेज पर प्रत्यक्ष किया

18
00:29:37.079 --> 00:30:04.849
और बापदादा अभी बच्चों की सेवा को देख , जो जिम्मेवारी दी

19
00:30:06.849 --> 00:30:46.339
उसकी रिजल्ट को देख बच्चों पर बहुत-बहुत खुश है और दिल से मुबारक दे रहे हैं ।

20
00:30:46.339 --> 00:30:54.279
मुबारक हो , मुबारक हो ।

21
00:31:07.019 --> 00:31:47.019
बापदादा ने देखा अभी भी बाप द्वारा दिये हुए विश्व सेवाधारी का वरदान

22
00:31:51.710 --> 00:32:19.140
हर बच्चे ने अति स्नेह और दिल से किया है और कर रहे हैं ।

23
00:32:27.420 --> 00:32:56.799
रिजल्ट भी बापदादा ने देखी , हर एक बच्चे के दिल में लगन है

24
00:32:56.799 --> 00:33:17.420
मेरा बाबा और बाप के दिल में स्नेह है वाह मेरे बच्चे ।

25
00:33:24.279 --> 00:33:59.309
वर्तमान समय मैजारिटी छोटे बड़े सेन्टर्स निवासी बच्चों में उमंग है

26
00:34:03.140 --> 00:34:32.340
कि अभी जल्दी से जल्दी चारों ओर बाप को प्रत्यक्ष करना ही है ।

27
00:34:35.710 --> 00:34:55.250
यह उमंग , यह उत्साह बापदादा ने चक्र लगाके देखा ,

28
00:34:56.619 --> 00:35:42.170
छोटे बड़े सेवाकेन्द्र के बच्चों को सेवा का उमंग बहुत-बहुत-बहुत अच्छा है और आगे भी अच्छा रहेगा ।

29
00:35:45.880 --> 00:36:14.219
तो बापदादा आज स्नेह के दिन चारों ओर के चाहे देश , चाहे विदेश

30
00:36:16.219 --> 00:37:32.510
सभी बच्चों को अपने दृष्टि से , दिल से स्नेह और सेवा का रिटर्न दिल का स्नेह यादप्यार पदमगुणा दे रहे हैं ।

31
00:37:41.199 --> 00:38:22.170
अभी समय अनुसार जो उमंग है कि बाप को प्रत्यक्ष करना है ,

32
00:38:24.170 --> 00:38:52.280
वह धीरे-धीरे आत्माओं के दिल में भी आने लगा है ।

33
00:38:56.340 --> 00:39:35.880
समझते हैं कि ब्रह्माकुमारियों ने कुछ पाया है , परिवर्तन हो रहा है ।

34
00:39:36.619 --> 00:40:06.969
पहले जो समझते थे पता नहीं क्या करते हैं , अभी यहाँ तक आये हैं कि अच्छा कार्य कर रहे हैं ।

35
00:40:12.050 --> 00:40:47.139
जो हम नहीं कर सकते वह इन्होंने अपने संगठन में सफलता पाई है

36
00:40:47.139 --> 00:41:21.650
इसलिए आज बापदादा सामने बैठे हुए बच्चों को वा चारों ओर जो भी बच्चे सुन रहे हैं , देख रहे हैं

37
00:41:23.650 --> 00:41:52.170
सभी बच्चों को दिल का स्नेह , दिल का प्यार विशेष दे रहे हैं ।

38
00:42:10.340 --> 00:42:18.570
अभी आगे क्या करना है ?

39
00:42:29.940 --> 00:42:37.309
सेवा की मुबारक तो बापदादा ने दे दी ,

40
00:42:41.309 --> 00:44:01.880
अब बापदादा यही चाहते हैं कि अभी हर एक बच्चे को यह उमंग-उत्साह , दृढ़ निश्चय , तीव्र पुरूषार्थ करना है

41
00:44:03.019 --> 00:44:32.340
कि अब बाप समान फरिश्ता बनना ही है

42
00:44:42.280 --> 00:45:12.909
क्योंकि अभी सभी को बाप के साथ रिटर्न जरनी करनी है ।

43
00:45:26.739 --> 00:45:41.880
समान फरिश्ता बनना ही है

44
00:45:42.679 --> 00:46:02.909
क्योंकि सभी का वायदा है साथ चलेंगे , साथ राज्य करेंगे ।

45
00:46:16.280 --> 00:46:27.250
तो ब्रह्मा बाप भी फरिश्ता बन गया , तो साथ कैसे चलेंगे ?

46
00:46:34.510 --> 00:47:07.139
ब्रह्मा बाप ने जीवन में ही फरिश्तापन का स्वरूप दिखाया ।

47
00:47:09.139 --> 00:47:15.019
कितनी जिम्मेवारी रही !

48
00:47:25.650 --> 00:48:29.199
सभी को योगी बनाना ही है लेकिन इतनी जिम्मेवारी होते भी आप सबने देखा न्यारा और प्यारा रहा ।

49
00:48:40.170 --> 00:48:52.340
सदा बेफिक्र बादशाह रहा , फिकर नहीं बेफिक्र बादशाह ।

50
00:48:54.340 --> 00:50:00.170
ऐसे ही आप बच्चों को भी अभी बाप समान बेफिक्र बादशाह फरिश्ता बनना ही है ।

51
00:50:00.170 --> 00:50:09.199
यह दृढ़ संकल्प है , बनना ही है !

52
00:50:10.679 --> 00:50:17.079
कि यह सोचते हो बन ही जायेंगे !

53
00:50:30.170 --> 00:51:22.000
अभी बापदादा ने देखा कि अभी समय अनुसार जितना सेवा का उमंग-उत्साह प्रैक्टिकल में है

54
00:51:24.000 --> 00:52:04.909
इतना ही अभी तीव्र पुरूषार्थी बनना और बनाना , सम्पन्न बनना और बनाना ,

55
00:52:12.619 --> 00:52:59.769
इस प्वाइंट के ऊपर भी अभी स्वयं भी उमंग-उत्साह में रहना और वायुमण्डल में भी उमंग-उत्साह दिलाना ।

56
00:53:01.769 --> 00:53:41.650
एक दो के सहयोगी बन अब वायुमण्डल में तीव्र पुरूषार्थ की लहर फैलाओ ।

57
00:53:52.449 --> 00:54:19.480
जैसे एक दो में सेवा का उमंग वायुमण्डल में फैलाया है

58
00:54:21.199 --> 00:55:04.969
ऐसे अभी बापदादा बच्चों में यही शुभ आशा रखते हैं कि यह लहर वायुमण्डल में फैले ।

59
00:55:15.250 --> 00:55:49.880
बापदादा खुश है लेकिन अभी भी पुरूषार्थ है , तीव्र पुरूषार्थ करना है ।

60
00:55:53.940 --> 00:56:08.679
अभी हर बच्चे में बापदादा की यही आश है

61
00:56:08.679 --> 00:56:21.369
तो हर बच्चा बाप के आशाओं का सितारा हो ना !

62
00:56:21.369 --> 00:56:24.170
हैं ?

63
00:56:24.170 --> 00:56:51.650
जो समझते हैं हम बाप के आशाओं के सितारे बन यह उमंग-उत्साह वायुमण्डल में फैलायेंगे वह हाथ उठाओ ।

64
00:56:51.650 --> 00:56:55.079
अच्छा ।

65
00:56:55.079 --> 00:57:02.449
हाथ तो बहुत अच्छा उठाते हैं ।

66
00:57:07.309 --> 00:57:17.710
बापदादा हाथों को देखके खुश हो जाते हैं ।

67
00:57:36.000 --> 00:57:56.619
मैजारिटी ने हाथ उठाया है , पीछे वालों का दिखाई नहीं देता लेकिन आगे वालों का दिखाई दिया ।

68
00:57:56.619 --> 00:58:07.309
अभी उठा रहे हैं पीछे वाले भी , मुबारक हो , मुबारक हो ।

69
00:58:18.219 --> 00:58:21.650
अच्छा ।

70
00:58:23.019 --> 00:59:00.170
बापदादा ने देखा कि विशेष मन में कोई भी बात का उमंग-उत्साह आता है

71
00:59:00.170 --> 00:59:13.820
तो वह कार्य साकार रूप में अच्छा हो जाता है

72
00:59:15.820 --> 00:59:49.309
इसलिए बापदादा इस बारी स्नेह के दिन में यह होमवर्क दे रहा है

73
00:59:52.849 --> 01:00:24.510
कि हर एक बच्चा मन के कारण जो संकल्प और समय व्यर्थ जाता है ,

74
01:00:26.510 --> 01:00:51.769
अगर कभी भी कोई व्यर्थ संकल्प आ जाता है तो सभी को अनुभव होगा कि उसमें टाइम कितना वेस्ट जाता है ।

75
01:00:53.769 --> 01:01:02.340
इनर्जा कितनी वेस्ट जाती है ।

76
01:01:05.480 --> 01:01:19.880
तो बापदादा यह होमवर्क देने चाहता

77
01:01:21.139 --> 01:01:48.739
कि यह दो मास हर एक बच्चा मन के व्यर्थ संकल्प

78
01:01:52.219 --> 01:02:16.050
और व्यर्थ समय की बचत का अपने प्रति विधि बनावे ।

79
01:02:18.050 --> 01:02:58.340
इन दो मास में हर एक अपना चार्ट रखे कि व्यर्थ समय , व्यर्थ संकल्प के ऊपर कितना कन्ट्रोल किया ?

80
01:03:05.480 --> 01:03:47.599
क्योंकि अभी समय के प्रमाण आप सभी को मन्सा शक्ति द्वारा आत्माओं की मन्सा सेवा करने का समय होगा ।

81
01:03:51.199 --> 01:04:19.599
इसके लिए सदा मन के ऊपर अटेन्शन रखना जरूरी है ।

82
01:04:20.619 --> 01:04:32.170
कहा हुआ भी है मनजीत जगतजीत ।

83
01:04:37.420 --> 01:05:02.340
तो मनमनाभव के वायुमण्डल में मन के व्यर्थ को सम्पन्न करना है ।

84
01:05:06.449 --> 01:05:10.340
कर सकते हैं ?

85
01:05:10.340 --> 01:05:12.739
करेंगे ?

86
01:05:12.739 --> 01:05:15.199
वह हाथ उठाओ ।

87
01:05:15.940 --> 01:05:20.000
बापदादा इनाम देगा ।

88
01:05:22.000 --> 01:05:29.480
अपनी रिजल्ट आप देखना ।

89
01:05:38.000 --> 01:05:56.449
मन खुश तो मन की खुशी बांटेंगे ।

90
01:06:00.050 --> 01:06:17.369
यह पुरूषार्थ में नम्बर सभी आगे से आगे लेने का अटेन्शन रखो ।

91
01:06:20.280 --> 01:06:59.769
व्यर्थ समाप्त , संकल्प समय दोनों समाप्त और समर्थ संकल्प , समर्थ समय आने वाले समय में वायुमण्डल में फैलेगा ।

92
01:07:06.219 --> 01:07:32.280
बापदादा एक बात पर बच्चों को देख खुश है ।

93
01:07:33.420 --> 01:07:38.340
कौन सी बात पर ?

94
01:07:40.340 --> 01:08:14.909
कि हर बच्चे ने सेवा तो की है लेकिन साथ में जो बापदादा का इशारा है कि डबल राजा बनो ।

95
01:08:27.250 --> 01:08:32.220
जानते हो ना !

96
01:08:34.220 --> 01:08:52.050
एक स्वराज्य अधिकारी और दूसरा भविष्य राज्य अधिकारी ।

97
01:08:54.399 --> 01:09:18.109
स्वराज्य अधिकारी और बाप को नशा है कि ऐसा और कोई बाप नहीं जिसका हर बच्चा स्वराज्य अधिकारी हो ।

98
01:09:21.199 --> 01:09:30.680
आप सभी स्वराज्य अधिकारी हो ना !

99
01:09:30.680 --> 01:09:38.850
स्व पर आत्मा राज्य करने वाली है ।

100
01:09:38.850 --> 01:09:47.250
कर्मेन्द्रियों के वश नहीं , राज्य अधिकारी ।

101
01:09:48.170 --> 01:10:14.399
तो बाप यही चाहते हैं कि हर एक बच्चा स्वराज्य अधिकारी सदा रहे , कभी कभी नहीं ।

102
01:10:19.479 --> 01:10:22.109
बन सकते हैं ?

103
01:10:22.109 --> 01:10:36.970
यह दो मास जो दिया है , इसमें नोट करना स्वराज्य अधिकारी रहे ?

104
01:10:38.970 --> 01:10:49.250
या कर्मेन्द्रियों के वश बन गये ?

105
01:10:50.510 --> 01:11:02.050
अभी कर्मातीत बनना है , समय समीप आ रहा है ।

106
01:11:17.020 --> 01:11:21.710
तो क्या करना है ?

107
01:11:25.199 --> 01:11:41.770
चलते-फिरते स्वराज्य अधिकारी बनना ही है ।

108
01:11:51.250 --> 01:12:02.340
यह संस्कार आप ब्राह्मण बच्चों के ही हैं ।

109
01:12:03.819 --> 01:12:15.250
डबल राज्य , स्वराज्य और फिर भविष्य में विश्व राज्य ।

110
01:12:21.539 --> 01:12:47.369
बापदादा चक्र लगाते बच्चों का रिजल्ट नोट करते हैं

111
01:12:55.199 --> 01:13:13.310
तो सदा स्वराज्य अधिकारी इसमें अभी अटेन्शन चाहिए ।

112
01:13:23.939 --> 01:13:48.850
तो दो कार्य बापदादा ने दिया एक यह दो मास स्वराज्य अधिकारी कहाँ तक रहते ?

113
01:13:48.850 --> 01:14:26.680
वह अपनी रिजल्ट देखनी है और साथसाथ मन की कन्ट्रोलिंग पावर , रूलिंग पावर द्वारा व्यर्थ समाप्त करना है ।

114
01:14:33.420 --> 01:14:52.109
इसमें जो नम्बर लेंगे उसको बापदादा इनाम देगा ।

115
01:14:59.600 --> 01:15:02.170
पसन्द है ?

116
01:15:02.170 --> 01:15:04.850
करना है ना !

117
01:15:04.850 --> 01:15:07.250
करेंगे ?

118
01:15:07.250 --> 01:15:11.539
करेंगे ना ! कांध हिलाओ ।

119
01:15:23.250 --> 01:15:27.880
अच्छा ।

120
01:15:30.510 --> 01:15:49.819
बापदादा ने आज सभी का जो स्नेह है वह स्वीकार किया ।

121
01:15:53.710 --> 01:16:09.649
अमृतवेले तो वतन में भी बहुत बच्चों की रिमझिम थी ।

122
01:16:14.569 --> 01:16:47.479
एडवांस पार्टी भी वतन में आज अपने दिल का स्नेह देने लिए , लेने लिए आये थे ।

123
01:16:54.800 --> 01:17:11.479
अब वह बाप से पूछते हैं कि आखिर हमारा यह पार्ट कब तक ?

124
01:17:13.479 --> 01:17:16.449
क्या जवाब दें ?

125
01:17:16.449 --> 01:17:24.399
पहली लाइन वाले बताओ क्या जवाब दें ?

126
01:17:31.939 --> 01:17:34.279
क्या कहा ?

127
01:18:19.140 --> 01:18:26.000
( दादी जानकी ने कहा हम रेडी हैं ) आप अकेले जायेंगी ?

128
01:18:42.569 --> 01:18:55.539
( सभी जायेंगे ) आपका प्यार है ना , ऐसे छोड़कर राज्य कैसे करेंगे ।

129
01:18:56.619 --> 01:19:22.000
( एडवांस पार्टी वाले हमको क्यों छोड़कर चले गये ) उन्हों का पार्ट था ना ।

130
01:19:24.399 --> 01:19:30.569
उन्हों को जाना ही था ।

131
01:19:31.079 --> 01:19:43.819
अभी आप यह कोशिश करो कि जल्दी जल्दी संगठन तैयार करो ।

132
01:19:45.420 --> 01:19:59.600
जो दो मास काम दिया है ना , अगर यह काम आप सभी को करा देंगे , रिजल्ट निकालेंगे तो जल्दी हो जायेगा ।

133
01:19:59.600 --> 01:20:11.600
( बाबा के स्नेह में कर लेंगे ) स्नेह तो है , स्नेह में सभी पास है ।

134
01:20:11.600 --> 01:20:29.199
बापदादा भी देखते हैं कि स्नेह सबका है लेकिन स्नेह के साथ शक्ति भी चाहिए ।

135
01:20:38.510 --> 01:21:04.170
इसके लिए अमृतवेले को पावरफुल बनाओ , बैठते हैं बापदादा बैठने की मुबारक देते हैं

136
01:21:05.250 --> 01:21:32.569
लेकिन जो बैठने का वायुमण्डल शक्तिशाली चाहिए , कोई कैसे बैठता है , कोई कैसे बैठता है ।

137
01:21:35.140 --> 01:21:57.939
अगर आप फोटो निकालो ना , तो आपको खुद लगेगा कि और कुछ होना चाहिए ।

138
01:22:05.079 --> 01:22:29.250
जो बापदादा ने ज्वालामुखी योग कहा , उसके ऊपर अभी और गहरा अटेन्शन देना ।

139
01:22:39.479 --> 01:22:56.850
पुरूषार्थ करते हैं सभी लेकिन पुरूषार्थ के आगे तीव्र शब्द जोड़ो ।

140
01:23:08.399 --> 01:23:37.079
अभी बापदादा ने हर बच्चे को यह दो मास दिये हैं , इसमें जितना अटेन्शन देंगे

141
01:23:39.079 --> 01:24:03.649
तो अटेन्शन के साथ बापदादा भी एकस्ट्रा आपको सहयोग देगा ।

142
01:24:13.140 --> 01:24:30.569
मन के मालिक , मन को ऐसे चलाओ जैसे पांव और बांह को चलाते हो ।

143
01:24:30.569 --> 01:24:36.739
जो चाहते हो वह करते हैं ना ।

144
01:24:36.739 --> 01:24:42.680
अभी आप चाहो यहाँ नहीं यहाँ रखूं तो रख सकते हो ना ।

145
01:24:43.199 --> 01:25:00.739
ऐसे माइन्ड कन्ट्रोल , जो चाहे वही मन संकल्प करे ।

146
01:25:02.739 --> 01:25:22.000
रोज़ रात को रिजल्ट देखो आज मन की रूलिंग पावर , कन्ट्रोलिंग पावर कहाँ तक रही ?

147
01:25:28.279 --> 01:25:49.420
अभी व्यर्थ को समाप्त जल्दी-जल्दी करना चाहिए अब समर्थ बन वायुमण्डल में समर्थपन की शक्ति फैलाओ ।

148
01:25:51.420 --> 01:26:19.770
बापदादा तो बच्चों का दुःख दर्द , पुकार सुन करके बच्चों द्वारा अभी जल्दी समाप्ति कराने चाहते हैं ।

149
01:26:24.970 --> 01:26:42.000
सुनाया ना , पुरूषार्थ सब कर रहे हैं लेकिन अभी एड करो तीव्र ।

150
01:26:45.420 --> 01:26:57.079
करना ही है , करेंगे , देखेंगे … यह गे-गे नहीं चलेगा ।

151
01:27:32.970 --> 01:27:56.909
स्नेह का नज़ारा भी आज देखा , हर एक के दिल में कितना प्यार है

152
01:28:07.539 --> 01:28:19.600
लेकिन जितना प्यार है ना , साथ में उतना शक्ति भी चाहिए ।

153
01:28:19.600 --> 01:28:24.680
अभी शक्ति को भरो ।

154
01:28:38.220 --> 01:28:54.340
कभी भी कोई भी बहनें अपने को सिर्फ शक्ति नहीं , शिवशक्ति समझो ।

155
01:29:00.399 --> 01:29:09.310
शिवशक्ति , बाप साथ है ।

156
01:29:11.310 --> 01:29:17.250
पाण्डवों से पाण्डवपति साथ है ।

157
01:29:27.250 --> 01:29:32.279
तो अभी क्या करेंगे ?

158
01:29:33.710 --> 01:29:45.649
जो बापदादा ने कहा है पुरूषार्थ के आगे तीव्र शब्द लगाओ ।

159
01:29:48.399 --> 01:29:52.000
वायुमण्डल बनाओ ।

160
01:29:52.000 --> 01:30:09.539
एक दो के सहयोगी बन हर एक अपने-अपने स्थान पर रहते हैं ,

161
01:30:12.850 --> 01:30:24.619
स्थान को शक्तिशाली बनाओ , साथियों को शक्तिशाली बनाओ ।

162
01:30:42.680 --> 01:30:47.479
तो क्या करेंगे अभी ?

163
01:30:51.020 --> 01:30:56.619
नवीनता करेंगे ना !

164
01:31:05.770 --> 01:31:24.449
जब मेरा बाबा कहते हैं , तो मेरे जैसा बनना तो पड़ेगा ना ।

165
01:31:44.800 --> 01:32:02.449
हर एक अपने दिल में दृढ़ संकल्प करो , संकल्प अच्छे-अच्छे करते हो ,

166
01:32:04.449 --> 01:32:19.710
अमृतवेले बापदादा देखते हैं कि संकल्प अच्छे करते हो यह करेंगे , यह करेंगे , यह करेंगे

167
01:32:19.710 --> 01:32:47.140
लेकिन जब कर्मयोगी बनते हो , सम्बन्ध-सम्पर्क में आते हो उसमें फर्क हो जाता है ।

168
01:32:47.939 --> 01:33:06.800
कर्मयोगी की स्थिति उसमें अटेन्शन ज्यादा चाहिए ।

169
01:33:21.020 --> 01:33:25.140
अच्छा । सभी खुश तो हैं ना !

170
01:33:25.140 --> 01:33:27.880
खुश हैं ?

171
01:33:35.020 --> 01:33:41.369
देखो नये-नये भी कितने आते हैं ।

172
01:33:43.770 --> 01:33:49.079
जो नये पहली बार आये हैं वह हाथ उठाओ ।

173
01:33:49.079 --> 01:33:53.880
देखो कितने हैं ?

174
01:33:55.880 --> 01:34:02.449
आधा क्लास नये आये हैं ।

175
01:34:09.880 --> 01:34:27.140
बापदादा आये हुए नये बच्चों को देख खुश है

176
01:34:29.140 --> 01:34:46.220
क्योंकि लास्ट समाप्ति के समय से तो पहले आ गये हैं ।

177
01:34:57.539 --> 01:35:11.939
लेकिन जितना लेट आये हो इतना ही तीव्र पुरूषार्थ करना पड़ेगा

178
01:35:19.020 --> 01:35:39.539
क्योंकि इस थोड़े टाइम में आपको पूरे 21 जन्मों का भविष्य बनाना है ।

179
01:35:44.510 --> 01:35:52.050
इतना अटेन्शन रखना पड़ेगा ।

180
01:35:52.050 --> 01:36:02.050
समय को बचाना , सेकण्ड भी व्यर्थ नहीं गंवाना ।

181
01:36:08.850 --> 01:36:22.220
तीव्र पुरूषार्थी रहना , साधारण पुरूषार्थ से पहुंचना मुश्किल है ।

182
01:36:27.140 --> 01:36:44.170
फिर भी बापदादा आये हुए बच्चों को दिल से मुबारक दे रहे हैं । मुबारक दे रहे हैं ।

183
01:37:00.970 --> 01:37:03.710
अच्छा ।

184
01:37:09.770 --> 01:37:59.710
सेवा का टर्न इन्दौर ज़ोन का है , 7 हजार आये हैं :- अच्छा ।

185
01:38:11.649 --> 01:38:23.819
इन्दौर ज़ोन की टीचर्स हाथ उठाओ ।

186
01:38:28.569 --> 01:38:43.020
बापदादा टीचर्स को मुबारक दे रहे हैं ।

187
01:38:50.449 --> 01:39:09.710
बापदादा सभी टीचर्स को मुबारक क्यों दे रहे हैं ?

188
01:39:10.739 --> 01:39:37.819
क्योंकि बापदादा ने देखा कि इन्दौर की सेवा में निमित्त जो बने हैं

189
01:39:37.819 --> 01:39:49.939
वह सेवा की रिजल्ट अच्छी दिखा रहे हैं ।

190
01:39:59.310 --> 01:40:19.819
जो भी वहाँ के विशेष निमित्त बने हैं , बाहर वाले उन्हों से कनेक्शन अच्छा है ।

191
01:40:25.479 --> 01:40:36.000
सन्देश अच्छा दिया है अभी आगे क्या करना है ?

192
01:40:36.000 --> 01:40:44.510
इसमें तो ठीक है , इसकी तो बापदादा मुबारक देते हैं ।

193
01:40:45.310 --> 01:41:04.000
लेकिन जितना सम्बन्ध-सम्पर्क में हैं , इन्हों को अभी वारिस बनाओ ।

194
01:41:04.680 --> 01:41:14.850
सम्पर्क वाले हैं लेकिन वारिस क्वालिटी बाप के आगे लाओ ।

195
01:41:15.880 --> 01:41:23.539
ला सकते हो , कनेक्शन अच्छा है ।

196
01:41:23.649 --> 01:41:26.449
( खांसी आ रही है )

197
01:41:50.800 --> 01:41:58.800
आज रथ की तबियत थोड़ी ढीली है ।

198
01:42:03.020 --> 01:42:12.449
फिर भी बापदादा तो मिलने आ गये ।

199
01:42:23.600 --> 01:42:41.310
बापदादा को बच्चों को देखकर खुशी होती है वाह बच्चे वाह !

200
01:42:41.310 --> 01:42:46.800
यही दिल से निकलता है ।

201
01:42:49.819 --> 01:43:09.649
जितना आप दिल से वाह ! बाबा वाह ! कहते हो उससे ज्यादा बापदादा वाह ! बच्चे वाह ! कहते हैं ।

202
01:43:29.770 --> 01:43:41.539
तो इन्दौर वाले कनेक्शन जो है उसको थोड़ा समीप लाओ ।

203
01:43:42.739 --> 01:43:47.539
ला सकते हो ।

204
01:43:49.539 --> 01:43:53.420
उम्मींदवार हैं ।

205
01:43:53.420 --> 01:43:59.479
उम्मींदवार को सामने लाओ ।

206
01:44:12.399 --> 01:44:14.800
अच्छा ।

207
01:44:14.800 --> 01:44:38.340
फिर भी सेवा के निमित्त आ गये हो बापदादा भी खुश होते हैं कि एकज्ञ्एक ज़ोन को बहुत अच्छा यह चांस मिलता है ।

208
01:44:38.340 --> 01:44:52.000
ज्यादा से ज्यादा संख्या लाने का चांस मिलता है , तो यह प्रोग्राम बहुत अच्छा बनाया है ।

209
01:44:52.510 --> 01:45:29.600
हर एक ज़ोन को चांस मिलता है लेकिन चांस लेके फिर उसका रिजल्ट भी निकालना , बापदादा के सामने लाने का ।

210
01:45:37.420 --> 01:45:41.649
अच्छा ।

211
01:45:42.909 --> 01:46:07.939
डबल विदेशी 400 आये हैं :- बहुत अच्छा ।

212
01:46:07.939 --> 01:46:16.970
डबल विदेशी यज्ञ का श्रृंगार हैं ।

213
01:46:20.850 --> 01:46:37.199
जब भी आते हैं ना तो यज्ञ का श्रृंगार हो , सभी कितने खुश होते हैं

214
01:46:39.600 --> 01:46:59.770
क्योंकि आपकी एक विशेषता अच्छी है , जो भी करना है ना वह फौरन करते हो , लम्बा नहीं करते हो ।

215
01:47:08.510 --> 01:47:25.140
बापदादा देखते हैं कि उमंग-उत्साह ज्यादा बढ़ता जा रहा है ।

216
01:47:25.880 --> 01:47:37.079
कोई भी ऐसा टर्न नहीं होता जिसमें डबल विदेशी नहीं हों ।

217
01:47:42.109 --> 01:48:02.399
तो बापदादा डबल विदेशियों को टाइटल देता है डबल पुरूषार्थी ।

218
01:48:05.539 --> 01:48:09.310
अभी करके दिखाना ।

219
01:48:09.310 --> 01:48:17.420
डबल पुरूषार्थी बनके रिजल्ट दिखाना ।

220
01:48:18.909 --> 01:48:37.199
बापदादा को मालूम है सेवा बढ़ती रहती है , समाचार आता रहता है ।

221
01:48:39.819 --> 01:48:59.939
सेवा भी अच्छी है , अभी सिर्फ जो आज कहा ना , पुरूषार्थ के आगे तीव्र शब्द सदा लगाओ ।

222
01:49:08.170 --> 01:49:31.710
तो तीव्र पुरूषार्थी बच्चे सदा बापदादा को अपने दिल में रखते और बापदादा हर बच्चे को अपने दिल में रखते ।

223
01:49:42.170 --> 01:49:46.800
सबके दिल में बापदादा है ना ।

224
01:49:46.800 --> 01:49:48.800
हाथ उठाओ ।

225
01:49:48.800 --> 01:49:52.050
दिल में कौन रहता है ?

226
01:49:52.050 --> 01:49:54.680
बापदादा ।

227
01:49:55.369 --> 01:50:04.510
और बापदादा के दिल में आप बच्चे हैं ।

228
01:50:21.770 --> 01:50:43.079
बापदादा , जिन बच्चों ने खास यादप्यार भेजी है उन्हों को खास यादप्यार दे रहे हैं ।

229
01:50:43.079 --> 01:50:50.569
जयन्ती बच्ची ने भी बहुत दिल से यादप्यार भेजा है ,

230
01:50:50.569 --> 01:51:01.079
गायत्री बच्ची ने भी भेजी है और किसका भी नाम था ,

231
01:51:04.399 --> 01:51:19.880
तो जिन्होंने विशेष यादप्यार भेजी है , बाप ने भी उन्हों को विशेष यादप्यार दी है ।

232
01:51:21.880 --> 01:51:57.649
और अगर किसी की कोई भी आश है तो उस आश को पूरा करते हुए उन्हों को आगे बढ़ाते चलो ।

233
01:51:59.649 --> 01:52:08.109
आशायें इन्हों की खराब नहीं होती हैं , अच्छी होती हैं ।

234
01:52:08.109 --> 01:52:14.739
सेवा का उमंग भी अच्छा होता है

235
01:52:21.310 --> 01:52:41.649
तो जिन्होंने खास याद भेजी है उन्हों को बापदादा पदमगुणा यादप्यार दे रहे हैं ।

236
01:52:43.649 --> 01:52:50.220
अच्छी आलराउण्ड सेवाधारी है ।

237
01:52:55.479 --> 01:53:12.279
ऐसे नहीं कहो और याद नहीं हैं , याद सब हैं लेकिन उन्होंने विशेष भेजी है इसलिए विशेष दे रहे हैं ।

238
01:53:17.770 --> 01:53:29.539
कमाल हैं , कोई ज़ोन में विदेशी मिस नहीं होते हैं ।

239
01:53:35.250 --> 01:54:23.020
( वजीहा ने बहुत प्यार से याद करके पत्र लिखा है ) बच्ची अच्छी याद में रहती है ।

240
01:54:23.819 --> 01:54:37.199
बापदादा ने देखा कि बच्ची की बीमारी ने कितनों का कल्याण किया है ।

241
01:54:39.199 --> 01:54:52.279
डाक्टर्स भी इसको देखकर खुश होते हैं कि बीमार देखने में नहीं आती है , जितनी बीमारी है !

242
01:54:54.279 --> 01:54:58.909
खुशमिजाज रहती है ।

243
01:54:59.770 --> 01:55:08.340
इसको कहा जाता है बीमारी के ऊपर विजयी ।

244
01:55:08.340 --> 01:55:20.909
बीमारी अपना काम कर रही है और बच्ची अपने याद के काम में बिजी है ।

245
01:55:29.140 --> 01:55:37.420
यह भी डबल विदेशियों का एक्जैम्पुल है ।

246
01:55:55.710 --> 01:56:10.909
तो डबल विदेशियों को बापदादा दिल से यादप्यार भी देते हैं

247
01:56:10.909 --> 01:56:24.279
और विशेष मुबारक देते हैं मधुबन का श्रृंगार बनके आने का ।

248
01:56:31.140 --> 01:56:37.539
अच्छा लगता है ना आप लोगों को ?

249
01:56:37.539 --> 01:56:49.649
सभी बच्चों को भी आप लोगों का आना देख करके खुशी होती है ।

250
01:56:49.649 --> 01:56:56.909
सबके दिल से वाह ! वाह ! निकलती है ।

251
01:57:01.199 --> 01:57:14.850
अभी कमाल तो की है जो जगह-जगह पर अपना सन्देश दिया है

252
01:57:14.850 --> 01:57:27.600
लेकिन अभी वारिस क्वालिटी तैयार करो , विदेश से वारिस लाओ तैयार करके ।

253
01:57:27.600 --> 01:57:35.020
कर सकते हो क्योंकि सबमें फास्ट जाने वाले हो ना ।

254
01:57:35.020 --> 01:57:39.250
तो यह भी कर सकते हो ।

255
01:57:48.279 --> 01:57:51.880
अच्छा ।

256
01:57:52.399 --> 01:58:37.079
टीचर्स बहिनें बहुत आई हैं :- टीचर्स को देखकर तो बापदादा बहुत खुश होते हैं

257
01:58:39.079 --> 01:59:07.479
क्योंकि जो निमित्त टीचर्स बनी हैं , वह बापदादा को प्रत्यक्ष करने के निमित्त बनी हुई हैं ।

258
01:59:11.600 --> 01:59:32.449
कोई भी टीचर को देखते खुश होते हैं क्योंकि टीचर्स माना ही जिसके फीचर्स से फ्युचर दिखाई दे ।

259
01:59:42.340 --> 01:59:46.739
फ्युचर आपका क्या है ?

260
01:59:46.739 --> 02:00:01.250
फ्युचर है सदा दिलखुश , सदा अधिकारी , अधीन होने वाले नहीं ।

261
02:00:03.250 --> 02:00:12.800
तो टीचर्स के फीचर्स यह साक्षात्कार कराते हैं ।

262
02:00:20.279 --> 02:00:35.250
हर एक टीचर सदा यही समझे कहाँ बोला , कहाँ नहीं बोला भले ,

263
02:00:35.250 --> 02:00:58.220
लेकिन आपके फीचर्स वर्तमान समय की प्राप्ति और भविष्य की प्राप्ति आपकी शक्ल दिखाती है ।

264
02:01:02.800 --> 02:01:26.569
सदा यह अटेन्शन रखो कि हमारा चेहरा ऐसा साक्षात्कार कराने वाला है ?

265
02:01:27.420 --> 02:02:07.140
कोई भी टीचर के सामने आये , टीचर को देख एक तो खुशमिजाज हो जाए , खुशी उसके जीवन में दिखाई दे ।

266
02:02:09.140 --> 02:02:19.479
ऐसे खुशनुमा और खुशकिस्मत हो ।

267
02:02:21.479 --> 02:02:31.770
बापदादा ने देखा है हर एक टीचर का लक्ष्य अच्छा है ।

268
02:02:31.770 --> 02:02:34.970
करना ही है ।

269
02:02:34.970 --> 02:02:37.479
बनना ही है ।

270
02:02:37.479 --> 02:02:39.819
ऐसे है ना ?

271
02:02:39.819 --> 02:02:42.340
लक्ष्य क्या है ?

272
02:02:42.340 --> 02:02:45.880
यही लक्ष्य है ना !

273
02:02:45.880 --> 02:02:59.880
तो यह लक्ष्य लक्षण में दिखाई देता भी है और ज्यादा दिखाई देना चाहिए ।

274
02:03:04.220 --> 02:03:30.340
जो भी आवे खुशी जरूर ले जाये क्योंकि खुशी हर मनुष्य को आवश्यक है ।

275
02:03:30.340 --> 02:03:45.310
चाहते हैं लेकिन बन नहीं पाते हैं तो टीचर्स माना फीचर्स द्वारा भी सेवा करे ।

276
02:03:50.850 --> 02:03:59.649
अनुभव करें कि यह क्या बन गई है !

277
02:04:05.939 --> 02:04:19.310
अभी आगे चल करके आपका चेहरा और चलन यह सेवा ज्यादा करेगा

278
02:04:19.310 --> 02:04:28.680
क्योंकि जैसे समय नाजुक आयेगा तो समय कम मिलेगा

279
02:04:30.399 --> 02:04:38.449
लेकिन चाहना बढ़ेगी , कुछ मिले , कुछ मिले ।

280
02:04:38.449 --> 02:05:06.680
इसके लिए टीचर्स को सदा ऐसे एवररेडी रहना चाहिए, जो कोई आवे वह कम से कम कुछ लेके ही जावे।

281
02:05:07.819 --> 02:05:16.109
चेहरे और चलन द्वारा भी कुछ न कुछ लेके जाये ।

282
02:05:16.109 --> 02:05:20.850
दाता के बच्चे हो ना !

283
02:05:24.619 --> 02:05:30.680
बापदादा तो टीचर्स को देखकर बहुत खुश होते हैं ।

284
02:05:31.140 --> 02:05:40.170
दिल ही दिल में गुण गाते हैं वाह टीचर्स वाह !

285
02:05:47.539 --> 02:06:13.310
क्योंकि हर एक टीचर सेवा तो करते ही हैं और अपनी रिजल्ट रात को भी देखते होंगे कि आज की सेवा क्या हुई !

286
02:06:14.050 --> 02:06:19.710
अपना चार्ट तो आपेही देखते हैं ।

287
02:06:22.449 --> 02:06:30.279
जो लक्ष्य रखा सेवा का वह हुआ ।

288
02:06:30.279 --> 02:06:38.340
अगर नहीं हुआ कारणे अकारणे , तो दूसरे दिन डबल करो ।

289
02:06:38.340 --> 02:06:59.710
खाली नहीं छोड़ो क्योंकि टीचर्स माना निमित्त दाता के बच्चे दाता ।

290
02:07:05.539 --> 02:07:14.680
तो बापदादा तो खुश होते हैं चाहे छोटे सेन्टर की हैं चाहे बड़े सेन्टर की हैं

291
02:07:14.680 --> 02:07:24.970
लेकिन त्याग करके सेवास्थान पर आना यह भी हिम्मत है ना ।

292
02:07:26.569 --> 02:07:34.909
तो बापदादा आपकी हिम्मत पर तो खुश है ।

293
02:07:43.310 --> 02:07:51.140
अब आरै साथी बनाओ ।

294
02:07:51.539 --> 02:07:58.909
आरै भी टीचर्स निकालो क्योंकि सेवा बढ़नी ही है ।

295
02:07:58.909 --> 02:08:11.770
अभी थोड़ा हंगामा होगा और सब उत्कण्ठा से आपके आगे आयेंगे ।

296
02:08:16.170 --> 02:08:24.170
सर्विस बढ़ने वाली है , कम होने वाली नहीं है ।

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02:08:30.220 --> 02:08:45.819
अच्छा है , एक ज़ोन की हैं और दूसरी तो थोड़ी होंगी ।

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02:08:45.819 --> 02:09:04.510
( 2000 टीचर्स आई हैं ) मुबारक हो टीचर्स को ।

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02:09:11.310 --> 02:09:50.170
कलकत्ता वालों ने बहुत अच्छा श्रृंगार किया है :- कलकत्ता वालों ने यह सेवा बहुत अच्छी दिल से ली है ।

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बापदादा देखते हैं श्रृंगार क्या भी हो लेकिन दिल से करते हैं ।

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बापदादा दिल देखते हैं इसमें , श्रृंगार नहीं देखता वह तो चलते-फिरते दिखाई दे देता है

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लेकिन दिल से करते हैं इसकी मुबारक हो , मुबारक हो ।

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02:10:29.199 --> 02:10:32.279
अच्छा है ।

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वैसे भी कलकत्ता ब्रह्मा बाप की दिव्य जन्म भूमि है ।

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अच्छा है ।

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आपकी इन्चार्ज दादी भी वन्डरफुल पार्ट बजा रही है ।

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अभी सभी ज़ोन को बापदादा कहते हैं अभी सेवा वारिस क्वालिटी लाओ अभी इसमें नम्बर लो ।

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सेवास्थान बढ़ाये और बाप के बच्चे भी बढ़ाये इसकी तो मुबारक है

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लेकिन अभी हर ज़ोन लक्ष्य रखे वारिस क्वालिटी बढ़ाओ ।

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बापदादा हमेशा कहते हैं कि माइक भी हो वारिस भी हो , ऐसी क्वालिटी बढ़ाओ ।

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जिसके कहने से , एक के कहने से अनेक प्रभावित हो जाएं ।

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इसको कहते हैं क्वालिटी ।

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अच्छा ।

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चारों ओर के अति स्नेही, सहयोगी,सर्विसएबुल बच्चों को बापदादा स्नेह के दिन की, स्नेह भरी यादप्यार दे रहे हैं और साथ-साथ बापदादा हर स्नेही बच्चों को यह बात कह रहे हैं कि अब हर बच्चे को तीव्र पुरूषार्थ में नम्बरवन का लक्ष्य रख बनना ही है और ड्रामा बनायेगा ही।

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02:15:00.800 --> 02:15:12.220
सभी बच्चों को चारों ओर के कहाँ भी बैठे हैं ,

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02:15:12.220 --> 02:15:25.140
बापदादा सभी को देख रहे हैं कैसे उमंग-उत्साह से बैठे हैं , सुन भी रहे हैं , देख भी रहे हैं ।

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एक-एक बच्चे को स्नेह भरी यादप्यार और मुबारक हो , मुबारक हो ।

