WEBVTT

1
00:17:53.710 --> 00:18:34.740
आज चाहे सम्मुख चाहे दूर के सन्तुष्टमणि बच्चों को देख रहे हैं ।

2
00:18:36.800 --> 00:19:33.600
हर एक बच्चा अपने सन्तुष्टता की शक्ति से चमकते हुए मुस्कराते मिलन मना रहे हैं ।

3
00:19:37.020 --> 00:19:54.340
यह सन्तुष्टता की शक्ति सबसे महान है

4
00:20:00.000 --> 00:20:19.710
इसलिए इसमें सर्व प्राप्तियां हैं ।

5
00:20:22.740 --> 00:20:48.340
सन्तुष्टता की शक्ति धारण करने वाली सन्तुष्टमणियां स्वयं को भी प्रिय ,

6
00:20:48.340 --> 00:21:02.280
बाप को भी प्रिय , परिवार को भी प्रिय हैं

7
00:21:04.850 --> 00:21:44.220
क्योंकि सन्तुष्टता जहाँ है वहाँ सर्वशक्तियां सन्तुष्टता में समाई हुई हैं ।

8
00:21:47.880 --> 00:22:06.680
सन्तुष्टता की शक्ति का वायुमण्डल चारों ओर फैलता है ।

9
00:22:07.420 --> 00:22:31.770
सन्तुष्टमणि वाली आत्मायें कभी भी माया से हार नहीं खा सकती , माया हार खाती है ।

10
00:22:34.740 --> 00:23:09.250
सन्तुष्टमणि आत्मायें सर्व की दिल को अपना बना सकती हैं ।

11
00:23:10.510 --> 00:23:44.620
सन्तुष्टमणि आत्मा चाहे माया , चाहे प्रकृति के भिन्न-भिन्न हलचल को

12
00:23:44.620 --> 00:23:59.820
ऐसे अनुभव करती जैसे एक कार्टून को देख रहे हैं ।

13
00:24:09.770 --> 00:24:47.310
ऐसे हर एक बच्चा अपने को सन्तुष्टता की शक्ति में सम्पन्न समझते हैं ?

14
00:24:50.400 --> 00:25:12.400
अपने से पूछो कि मैं सन्तुष्टमणि हूँ ?

15
00:25:21.250 --> 00:25:49.480
कई बच्चे कहते हैं कभी-कभी रहते हैं , सदा नहीं लेकिन कभी-कभी ,

16
00:25:49.480 --> 00:26:05.420
तो बापदादा को कभी-कभी शब्द अच्छा नहीं लगता है ।

17
00:26:06.510 --> 00:26:32.110
बापदादा सदा हर एक बच्चे को यादप्यार देते हैं , खुशी देते हैं ।

18
00:26:35.820 --> 00:27:04.800
तो बापदादा को यह कभी कभी शब्द अच्छा नहीं लगता , सदा खुशनुमा ।

19
00:27:07.140 --> 00:27:40.000
तो बापदादा यही चाहते हैं कि इस कभी-कभी शब्द को क्या परिवर्तन कर सकते हो !

20
00:27:44.170 --> 00:28:04.620
कभी-कभी शब्द ब्राह्मणों की डिक्शनरी में ही नहीं है , सदा ।

21
00:28:08.280 --> 00:28:47.600
तो क्या आज सभी बच्चे जो बाप के प्यारे , माया के प्रभाव से न्यारे बने हैं ,

22
00:28:51.480 --> 00:29:14.110
तो क्या आज इस कभी कभी शब्द को समाप्त कर सकते हैं ?

23
00:29:19.140 --> 00:29:23.650
कर सकते हैं ?

24
00:29:24.800 --> 00:29:57.140
क्योंकि बापदादा बहुत समय से कह रहे हैं कोई भी हलचल अचानक आनी है ।

25
00:30:00.910 --> 00:30:31.600
उसकी तैयारी के लिए अगर अभी से कभी कभी के संस्कार होंगे

26
00:30:32.450 --> 00:30:56.570
तो क्या सदाकाल के राज्यभाग्य के अधिकारी बन सकेंगे ?

27
00:30:57.370 --> 00:31:11.540
ब्रह्मा बाप से सबका दिल का प्यार है ।

28
00:31:12.340 --> 00:31:33.140
ब्रह्मा बाबा से वायदा साथ हैं , साथ चलेंगे , साथ राज्य करेंगे ।

29
00:31:33.480 --> 00:31:37.480
यह वायदा पक्का है ना !

30
00:31:37.480 --> 00:31:40.910
कांध हिलाओ ।

31
00:31:40.910 --> 00:31:43.200
पक्का है ?

32
00:31:43.200 --> 00:31:47.370
कितना पक्का !

33
00:31:50.510 --> 00:32:03.880
ब्रह्मा बाप ने कभी भी शब्द बोला !

34
00:32:04.740 --> 00:32:20.910
आप सबको भी सदा अमृतवेले यादप्यार दिया

35
00:32:21.310 --> 00:32:54.170
और सदा बाप के साथ मिलकर ज्ञान की बातें , स्नेह की बातें , उमंग-उल्हास की बातें सुनाई ।

36
00:32:58.000 --> 00:33:16.050
तो सभी से हाथ उठवायें कि बापदादा से प्यार है तो सभी दो दो हाथ उठायेंगे ।

37
00:33:16.400 --> 00:33:21.600
है ना ! पक्का ?

38
00:33:22.340 --> 00:33:42.850
जब प्यार है तो प्यार वाले के एक-एक शब्द से भी प्यार होता है ।

39
00:33:46.620 --> 00:34:03.600
ब्रह्मा बाप ने कभी शिव पिता से यह नहीं कहा कि कभी-कभी होता है ।

40
00:34:05.600 --> 00:34:21.020
सदा फॉलो फादर किया और साथ में आपको भी कराया

41
00:34:21.020 --> 00:34:35.080
क्योंकि ब्रह्मा बाप का बच्चों से जिगरी प्यार है

42
00:34:39.310 --> 00:34:46.400
इसीलिए आपका नाम भी क्या है ?

43
00:34:46.400 --> 00:34:54.910
ब्रह्माकुमारी , शिवकुमारी नाम नहीं है ।

44
00:35:00.450 --> 00:35:29.940
तो ब्रह्मा बाप से प्यार अर्थात् ब्रह्मा बाप का कहना और ब्रह्माकुमार कुमारी का मानना ।

45
00:35:30.740 --> 00:35:36.570
प्यार अर्थात् न्योछावर ।

46
00:35:37.710 --> 00:35:43.480
तो किस पर न्योछावर होंगे ?

47
00:35:46.050 --> 00:35:55.600
उनकी आज्ञा पर ।

48
00:35:56.510 --> 00:36:09.770
जो बोला वह किया क्योंकि ब्रह्मा बाप के साथ शिव बाप है ।

49
00:36:10.400 --> 00:36:12.570
अकेला नहीं ।

50
00:36:12.570 --> 00:36:19.940
बापदादा , बापदादा कहते हो ना !

51
00:36:32.340 --> 00:37:07.480
तो आज बापदादा कभी-कभी शब्द को हर बच्चे के मुख से समाप्त करने चाहते हैं ।

52
00:37:08.570 --> 00:37:19.480
तो आप सभी बच्चे बाप के साथी हो ।

53
00:37:19.480 --> 00:37:21.940
प्यार है ना !

54
00:37:21.940 --> 00:37:34.850
प्यार में तो अपने आपको न्योछावर भी कर देते हैं यह तो सिर्फ शब्द को न्योछावर करना है

55
00:37:42.850 --> 00:38:09.880
क्योंकि बापदादा हर बच्चे को माला का विजयी रत्न बनाने चाहते हैं ।

56
00:38:17.250 --> 00:38:26.850
तो अपने को माला का मणका समझते हो ?

57
00:38:28.850 --> 00:38:32.570
विजयी समझते हो ?

58
00:38:32.570 --> 00:38:57.820
कई बच्चे कहते हैं ब्राह्मणों की संख्या तो बहुत है और माला 108 की है तो 108 ही आयेंगे ना !

59
00:38:58.970 --> 00:39:22.800
लेकिन बापदादा अगर आप सम्पन्न बनें , विजयी बनें

60
00:39:22.800 --> 00:39:41.480
तो 108 की माला है यह नहीं सोचो , बापदादा बीच में लड़ियाँ भी लगा देगा ।

61
00:39:43.480 --> 00:39:56.570
लेकिन आप विजयी बनो ।

62
00:40:00.280 --> 00:40:18.110
कई बच्चे सोचते हैं पता नहीं , नम्बर मिलेगा या नहीं मिलेगा ।

63
00:40:18.110 --> 00:40:31.310
आप अगर सम्पन्न बनें तो बाप नम्बर दे ही देगा

64
00:40:37.820 --> 00:40:45.710
क्योंकि बाप का हर बच्चे से प्यार है ।

65
00:40:46.170 --> 00:40:55.940
सुनाया भी था भले कोई लास्ट बच्चा है ,

66
00:40:56.220 --> 00:41:04.570
उनसे भी बाप का प्यार है

67
00:41:04.570 --> 00:41:17.370
क्योंकि उस बच्चे ने चाहे स्वभाव के वश है

68
00:41:17.370 --> 00:41:29.250
लेकिन बाप को जानके मेरा बाबा तो कहा ।

69
00:41:30.170 --> 00:41:45.880
दुनिया में कितने बड़े-बड़े मर्तबे वाले उन्होंने बाप को नहीं पहचाना

70
00:41:45.880 --> 00:41:59.540
लेकिन उसने तो पहचाना , चाहे कोई कमज़ोरी वश है लेकिन बाप को तो पहचाना ।

71
00:41:59.540 --> 00:42:05.820
मेरा बाबा तो प्यार से कहते हैं

72
00:42:05.820 --> 00:42:20.570
इसलिए बाप ने पहले भी सुनाया था कि लास्ट बच्चे के ऊपर बाप का प्यार तो है ही

73
00:42:20.570 --> 00:42:36.570
लेकिन उसके ऊपर खास कल्याण की दृष्टि , कल्याण की वृत्ति भी है

74
00:42:36.570 --> 00:42:47.250
कि यह बच्चा कुछ न कुछ आगे बढ़ता रहे ।

75
00:42:49.480 --> 00:42:59.200
तो बापदादा आज स्पष्ट सुना रहे हैं ,

76
00:42:59.200 --> 00:43:22.280
कि आप और बातें नहीं सोचो यह कैसे होगा , यह क्या होगा , आप अपने को योग्य आत्मा बनाओ ।

77
00:43:23.650 --> 00:43:31.200
कर्मयोगी आत्मा बनाओ ।

78
00:43:33.820 --> 00:43:46.740
बाकी बाप हर बच्चे को ऐसा योग्य बच्चा जो बनेगा

79
00:43:46.740 --> 00:44:00.850
उसको सर्व प्राप्ति का वरदान भी देके आगे बढ़ायेगा , पीछे नहीं रखेगा ।

80
00:44:04.000 --> 00:44:43.310
तो बापदादा आज अमृतवेले चारों तरफ के चाहे देश चाहे विदेश में चक्र लगाने गये ।

81
00:44:43.310 --> 00:44:55.370
वैसे तो बापदादा मैजारिटी चक्र लगाते ही हैं

82
00:44:55.820 --> 00:45:07.310
लेकिन आज जब चक्र लगाया ,

83
00:45:10.970 --> 00:45:20.800
सुनाया था तो बापदादा चक्र लगाने जाता है

84
00:45:20.800 --> 00:45:44.450
तो विशेष आपके पूर्वज दादियां भी साथ में चक्र लगाने चलती हैं ।

85
00:45:54.280 --> 00:46:04.570
तो चक्र लगाते क्या देखा ?

86
00:46:13.940 --> 00:46:19.140
जानते तो हो आप भी ।

87
00:46:24.850 --> 00:46:44.680
अच्छे-अच्छे संकल्प करते हैं , करके ही दिखायेंगे , बनके ही दिखायेंगे ,

88
00:46:46.680 --> 00:46:54.680
हाथ में हाथ लेके ही चलेंगे ।

89
00:46:56.110 --> 00:47:00.280
तो हाथ क्या है ?

90
00:47:01.140 --> 00:47:15.310
शिव बाप को तो फरिश्ता रूप भी नहीं है तो हाथ कौन सा है ?

91
00:47:15.310 --> 00:47:21.940
श्रीमत हाथ है ।

92
00:47:23.940 --> 00:47:35.080
फॉरेन में फैशन है हाथ में हाथ देके चलने का ।

93
00:47:38.970 --> 00:48:00.170
तो यहाँ हाथ है श्रीमत तो सभी हाथ में हाथ मिलाके चलने वाले हो ना !

94
00:48:04.800 --> 00:48:09.420
है ताकत ?

95
00:48:10.050 --> 00:48:31.540
ब्रह्मा बाप ने देखो कदम-कदम श्रीमत पर चलके आप सभी को करके दिखाया ।

96
00:48:36.000 --> 00:48:40.850
क्या करना है , कैसे करना है , एक्जैम्पुल है ।

97
00:48:40.850 --> 00:48:45.020
साकार में एक्जैम्पुल है ।

98
00:48:45.020 --> 00:48:59.140
निराकार की बात तो छोड़ो लेकिन ब्रह्मा बाप साकार में आपके साथी थे ।

99
00:49:01.940 --> 00:49:23.200
तो जैसे ब्रह्मा बाप श्रीमत का हाथ में हाथ मिलाके फरिश्ता बन गया ।

100
00:49:25.200 --> 00:49:36.220
ऐसे ही फॉलो फादर है ना !

101
00:49:38.220 --> 00:49:44.570
फॉलो फादर याद है ना !

102
00:49:49.420 --> 00:49:54.620
तो फॉलो क्या करना है ?

103
00:49:56.620 --> 00:50:21.820
सारी बातें स्पष्ट करके दिखाई , ब्रह्मा बाप के चेहरे और चलन को सभी जानते हैं ना !

104
00:50:21.820 --> 00:50:32.570
अपनी बुद्धि द्वारा तो ब्रह्मा बाप को इमर्ज कर सकते हैं ना !

105
00:50:35.370 --> 00:50:47.420
जो दिनचर्या जैसे दिनचर्या ब्रह्मा बाप ने की ,

106
00:50:47.420 --> 00:51:04.340
साकार तन में होते , साकार में भी सब अनुभव किया ।

107
00:51:09.310 --> 00:51:16.800
ब्रह्मा बाप के चरित्र तो सब जानते ही हैं ।

108
00:51:18.110 --> 00:51:23.540
तो फॉलो फादर ।

109
00:51:30.570 --> 00:51:55.940
आपको पक्का करने के लिए ब्रह्मा बाप के हर कदम रिवाइज भी किये हैं ।

110
00:51:57.140 --> 00:52:07.940
8 कदम पढ़ते हो ना , क्या-क्या किया !

111
00:52:09.480 --> 00:52:14.970
बस उसको फॉलो करना है ।

112
00:52:19.480 --> 00:52:32.570
फॉलो करना अर्थात् ब्रह्मा बाप समान बनना ।

113
00:52:52.340 --> 00:53:09.480
तो सोचो बाप से प्यार है , दोनों बाप से प्यार है ।

114
00:53:10.450 --> 00:53:34.740
प्यार माना पहले भी सुनाया तो प्यार का प्रैक्टिकल रूप है

115
00:53:37.250 --> 00:54:05.020
ब्रह्मा बाप का करना और कहना और बच्चों को बाप समान करना , यह है सच्चा दिल का प्यार ।

116
00:54:11.650 --> 00:54:18.450
कई बच्चे क्या करते हैं ?

117
00:54:18.450 --> 00:54:26.570
ब्रह्मा बाप समान करना है , यह सोचते हैं

118
00:54:26.570 --> 00:54:41.370
लेकिन पहले करके पीछे सोचते हैं , ब्रह्मा बाप समान तो किया नहीं ।

119
00:54:41.710 --> 00:54:45.710
लेकिन कर तो लिया ।

120
00:54:45.710 --> 00:54:54.800
लेकिन फॉलो करना है तो पहले सोचो ,

121
00:54:54.800 --> 00:55:07.080
संकल्प करने के पहले सोचो क्या यह संकल्प ब्रह्मा बाप का है !

122
00:55:07.600 --> 00:55:12.510
अगर है तो प्रैक्टिकल करो ।

123
00:55:12.510 --> 00:55:17.480
करके पीछे नहीं सोचो ।

124
00:55:19.480 --> 00:55:28.340
लेकिन पहले सोचके फिर फॉलो करो ।

125
00:55:59.020 --> 00:56:22.280
ब्रह्मा बाप को फॉलो करना अर्थात् ब्रह्मा बाप समान बनना ।

126
00:56:25.820 --> 00:56:29.080
हिम्मत है ?

127
00:56:29.080 --> 00:56:32.800
फॉलो करने की हिम्मत है ?

128
00:56:32.800 --> 00:56:40.680
जो समझते हैं करना ही है , वह हाथ उठाओ ।

129
00:56:44.680 --> 00:56:48.800
पहले सोचना फिर करना ।

130
00:56:48.800 --> 00:56:53.370
करके नहीं सोचना ।

131
00:57:07.770 --> 00:57:30.050
तो आज बापदादा विशेष सन्तुष्टता की शक्ति

132
00:57:30.740 --> 00:57:43.770
हर एक बच्चे में ब्रह्मा बाप समान देखने चाहते हैं ।

133
00:57:46.970 --> 00:57:59.600
इस एक सन्तुष्टता की शक्ति में सब शक्तियां आ जायेंगी ।

134
00:58:06.050 --> 00:58:32.220
तो आज बापदादा का विशेष वरदान है सन्तुष्टता के शक्ति भव !

135
00:58:38.170 --> 00:58:50.050
कुछ भी हो अपनी सन्तुष्टता को कभी नहीं छोड़ना ।

136
00:58:54.620 --> 00:59:02.850
कई बच्चे कहते हैं , रूहरिहान करते हैं ना !

137
00:59:02.850 --> 00:59:10.970
तो कहते हैं सन्तुष्ट बनना सहज है ,

138
00:59:10.970 --> 00:59:19.080
लेकिन सन्तुष्ट बनाना बहुत मुश्किल है ।

139
00:59:30.280 --> 00:59:47.540
आप स्वयं कोई कुछ भी करता है , करता है

140
00:59:48.050 --> 01:00:00.110
तो आप समझते भी हो यह ठीक नहीं है फिर दिल में क्या रखते हो ?

141
01:00:00.110 --> 01:00:09.200
यह ऐसा करता , यह ऐसा करता है , इसका स्वभाव ऐसा है , इसका ऐसा है ।

142
01:00:10.510 --> 01:00:24.450
दिल में नहीं रखो क्योंकि आपने दिल में बाप को बिठाया है ।

143
01:00:24.450 --> 01:00:26.620
बिठाया है ना ?

144
01:00:26.620 --> 01:00:28.620
कांध हिलाओ ।

145
01:00:28.620 --> 01:00:30.910
बिठाया है पक्का ?

146
01:00:30.910 --> 01:00:37.140
कि निकालते भी हो बिठाते भी हो ?

147
01:00:40.850 --> 01:00:50.280
अगर बिठाया है तो दिल में बात रखेंगे ,

148
01:00:50.280 --> 01:00:56.850
तो बाप के साथ दिल में बात भी रखेंगे ।

149
01:01:02.050 --> 01:01:06.510
तो दिल में नहीं रखो ।

150
01:01:06.970 --> 01:01:17.200
बापदादा ने यह युक्ति भी पहले ही सुनाई है

151
01:01:21.710 --> 01:01:43.540
कि सदा ऐसी आत्मा के प्रति शुभ भावना शुभ कामना रखकर

152
01:01:44.400 --> 01:01:58.620
अपनी शुभ कामना को कार्य में लगाओ

153
01:01:58.620 --> 01:02:12.450
और वैसे भी देखो आप समझते हो यह अच्छा नहीं करती , तो खराब चीज़ है ।

154
01:02:12.450 --> 01:02:23.310
तो अगर कोई आपको खराब चीज़ देवे तो आप लेंगे ?

155
01:02:24.680 --> 01:02:40.970
तो जब खराब समझते हो तो बुद्धि में रखना , दिल में रखना तो खराब चीज़ लिया क्यों ?

156
01:02:44.740 --> 01:03:07.420
ऐसे अपनी दिल में सदा बाप को रखते हुए बाप समान बन जायेंगे ।

157
01:03:08.000 --> 01:03:15.200
यह तो वायदा है ना , बाप समान बनना है ना !

158
01:03:15.480 --> 01:03:20.220
बनना है पक्का ?

159
01:03:20.570 --> 01:03:25.480
कि पता नहीं बनेंगे या नहीं बनेंगे ?

160
01:03:25.480 --> 01:03:30.850
यह तो नहीं सोचते ?

161
01:03:33.200 --> 01:03:41.880
प्यार माना फॉलो फादर ।

162
01:03:46.050 --> 01:04:17.480
तो बापदादा अभी एक-एक बच्चे को शुभ कामना , शुभ भावना सम्पन्न आत्मा देखने चाहते हैं ।

163
01:04:21.600 --> 01:04:28.680
टीचर्स बनेंगी ?

164
01:04:36.680 --> 01:04:51.770
टीचर्स से बापदादा का विशेष प्यार है ।

165
01:04:53.770 --> 01:04:58.450
क्यों प्यार है ?

166
01:05:01.880 --> 01:05:21.650
क्योंकि बाप की गद्दी पर बैठने की हिम्मत रखी है ।

167
01:05:29.710 --> 01:05:36.620
तो टीचर्स में हिम्मत है ना !

168
01:05:38.620 --> 01:05:47.480
हर एक टीचर से बाप यह चाहता है

169
01:05:48.680 --> 01:06:00.570
कि हर एक के फीचर से फ्युचर दिखाई दे ।

170
01:06:05.420 --> 01:06:18.000
निमित्त टीचर्स को बापदादा कह रहे हैं लेकिन आप भी साथी हो ना !

171
01:06:23.880 --> 01:06:46.400
बापदादा ने 75 वर्ष पहले छोटे-छोटे बच्चों को बोर्डिंग में यही शिक्षा दी ,

172
01:06:46.400 --> 01:07:01.940
खुशनुमा और खुशकिस्मत , हर एक का चेहरा ऐसे हो ।

173
01:07:01.940 --> 01:07:18.620
तो अभी भी बापदादा यही चाहता है हर एक बच्चा शक्ल से दिखाई दे

174
01:07:18.620 --> 01:07:29.250
कि यह खुशनुमा और खुशकिस्मत वाली आत्मा है ।

175
01:07:31.250 --> 01:07:43.710
वाणी द्वारा सेवा बहुत की और अच्छी की उसका सर्टीफिकेट तो है

176
01:07:43.710 --> 01:08:10.050
लेकिन अभी अपने चेहरे और चलन से सेवा में आगे बढ़ो ।

177
01:08:12.050 --> 01:08:22.400
जैसे कोई गरीब होता है उसको लाटरी मिल गई

178
01:08:22.400 --> 01:08:28.400
तो उसका चेहरा और चलन बोलता है ना !

179
01:08:28.800 --> 01:08:42.400
उसका चेहरा देख करके सब अनुभव करते हैं आज इसको कुछ मिला है ।

180
01:08:43.480 --> 01:09:19.480
ऐसे ही आपकी चलन और चेहरे से मान जाएं कि इन्हों को कुछ विशेष प्राप्ति है ।

181
01:09:30.850 --> 01:09:38.620
तो आज बापदादा क्या चाहता है ?

182
01:09:39.540 --> 01:09:49.650
ब्रह्मा बाप समान बनो ।

183
01:09:57.600 --> 01:10:02.970
फॉलो फादर

184
01:10:10.050 --> 01:10:34.170
क्योंकि समय की हालतें तो हलचल में आ भी रही हैं और आनी भी हैं

185
01:10:36.170 --> 01:10:57.250
इसलिए बापदादा हर बच्चे को यही शिक्षा देने चाहते हैं

186
01:10:59.250 --> 01:11:12.910
कि सदा खुश रहो और खुशी बांटो ।

187
01:11:18.340 --> 01:11:27.770
जितनी खुशी बांटेंगे उतनी खुशी बढ़ेगी ।

188
01:11:29.370 --> 01:11:45.370
आपको खुशनुमा देख दूसरे भी 5 मिनट के लिए तो खुश होवे ।

189
01:11:45.370 --> 01:11:57.600
दुःखी आत्मायें अगर आपको देख करके 5 मिनट भी खुश हो जाएं

190
01:11:57.600 --> 01:12:14.110
तो उन्हों के लिए तो बहुत दिलपसन्द बात है ।

191
01:12:18.970 --> 01:12:39.880
तो आज बापदादा विशेष सन्तुष्टता की शक्ति हर एक बच्चे को

192
01:12:46.570 --> 01:13:18.050
चलन और चेहरे से धारण कर और अन्य को भी कराने का विशेष ध्यान खिंचवा रहे हैं ।

193
01:13:23.420 --> 01:13:35.140
अच्छा । सभी आज जो पहली बार आये हैं वह उठो ।

194
01:13:37.880 --> 01:13:45.020
देखो , आपको दिखाई दे रहा है ।

195
01:13:45.310 --> 01:13:54.050
आधा क्लास पहले बारी के हैं ।

196
01:13:54.400 --> 01:13:56.910
हाथ उठाओ ।

197
01:13:56.910 --> 01:14:01.540
देखो सभी के हाथ देखो ।

198
01:14:03.710 --> 01:14:14.400
आपके नये-नये भाई बहिन कितने आपके साथी बने हैं ।

199
01:14:14.400 --> 01:14:23.650
मुबारक हो , बहुत-बहुत मुबारक हो ।

200
01:14:30.570 --> 01:14:42.620
अभी जैसे यहाँ तक पहुंचे हो ना !

201
01:14:42.620 --> 01:14:52.110
बापदादा से मिलने तक पहुंचे हो , आगे क्या करना है ?

202
01:14:52.110 --> 01:14:59.310
फॉलो फादर ब्रह्मा बाप ।

203
01:15:03.650 --> 01:15:19.540
बापदादा को भी आप बच्चों को देख करके खुशी होती वाह !

204
01:15:19.540 --> 01:15:24.680
बच्चा आ गया !

205
01:15:29.710 --> 01:15:49.710
सारे परिवार को भी खुशी होती है हमारे भाई बहन आ गये , आ गये , आ गये ।

206
01:15:54.280 --> 01:16:02.680
अभी फॉलो ब्रह्मा बाप ।

207
01:16:10.170 --> 01:16:32.450
कभी भी कुछ भी होवे , कोई क्वेश्चन हो या कोई प्राब्लम हो , प्राब्लम की तो दुनिया ही है ।

208
01:16:32.450 --> 01:16:48.220
तो फौरन अपनी टीचर द्वारा उसका हल करा देना ।

209
01:16:48.910 --> 01:16:56.220
दो दिन हो गया है , ऐसा है , यह नहीं करना

210
01:16:56.220 --> 01:17:05.140
क्योंकि बहुत पीछे आये हो ना और जाना तो आगे चाहते हो ना !

211
01:17:05.140 --> 01:17:09.310
पीछे रहना चाहते हो ? नहीं ।

212
01:17:09.710 --> 01:17:36.510
आगे जाने चाहते हो तो आगे जाने की यही एक बात करना , दिल में कोई भी व्यर्थ बात नहीं रखना ।

213
01:17:37.600 --> 01:17:50.970
इसके लिए अपना अमृतवेले बाप से मिलने के बाद ,

214
01:17:50.970 --> 01:18:14.850
एक तो अमृतवेला जरूर करना और उसके बाद अपने सारे दिन की दिनचर्या जिसमें मन बिजी रहे ,

215
01:18:16.000 --> 01:18:25.820
कोई न कोई ड्रिल , अनेक ड्रिल बापदादा ने सुनाई है ,

216
01:18:26.620 --> 01:18:38.450
लेकिन कोई न कोई ड्रिल साथ-साथ करते रहना ।

217
01:18:39.770 --> 01:18:46.910
बापदादा सभी के लिए कहते हैं

218
01:18:48.910 --> 01:19:13.140
कि बीच-बीच में समय निकाल के चाहे पुराने , चाहे नये सभी को एकदम अशरीरी बनने की ड्रिल जरूर करना है

219
01:19:13.600 --> 01:19:26.280
क्योंकि आने वाले समय में सेकण्ड में अशरीरी बनना ही पड़ेगा ।

220
01:19:26.740 --> 01:19:33.200
तो यह ड्रिल कोई कहे समय नहीं मिला ,

221
01:19:33.200 --> 01:19:43.710
कितना भी कोई बिजी हो , पानी की प्यास लगती है तो क्या पानी पीने नहीं उठेंगे ।

222
01:19:44.000 --> 01:19:48.450
जरूरी समझके उठेंगे ना ।

223
01:19:48.450 --> 01:20:02.170
तो यह एक मिनट अशरीरी बनने की ड्रिल यह प्रैक्टिस जरूर करो ।

224
01:20:02.170 --> 01:20:08.570
उस समय प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे ।

225
01:20:08.570 --> 01:20:14.910
कई समझते हैं ना , समय आयेगा कर लेंगे ।

226
01:20:14.910 --> 01:20:17.310
लेकिन नहीं ।

227
01:20:17.310 --> 01:21:04.800
यह जन्म-जन्म का बॉडीकान्सेस का अभ्यास उस समय अशरीरी बनने नहीं देगा इसलिए अभी से कोई भी समय निकाल सारे दिन में समय प्रति समय जो भी समय निश्चित करो एक सेकण्ड में अशरीरी आत्मा हूँ, आत्मा स्वरूप में स्थित हो जाए।

228
01:21:05.480 --> 01:21:11.080
बॉडी कान्सेस अपने तरफ खीचें नहीं ।

229
01:21:13.250 --> 01:21:20.220
यह अभ्यास सभी को करना है ।

230
01:21:20.220 --> 01:21:34.340
चाहे पुराने चाहे नये क्योंकि बापदादा ने कुछ समय से यह बात कही है ।

231
01:21:34.340 --> 01:21:42.740
लेकिन करना जरूरी है ।

232
01:21:43.420 --> 01:21:58.170
नहीं तो श्रीमत का हाथ में हाथ देकरके नहीं चल सकेंगे ।

233
01:22:00.170 --> 01:22:13.020
आपका वायदा है साथ चलेंगे , साथ राज्य में आयेंगे ।

234
01:22:15.370 --> 01:22:21.140
तो यह ड्रिल सभी को करना है ।

235
01:22:21.140 --> 01:22:36.050
बाकी नये जो भी आये हैं , खुश रहो आबाद रहो , आगे से आगे बढ़ते रहो ।

236
01:22:59.200 --> 01:23:03.420
अच्छा ।

237
01:23:07.370 --> 01:23:15.370
सेवा का टर्न महाराष्ट्र , आन्ध्र और मुम्बई का है :-

238
01:23:56.220 --> 01:24:00.050
अच्छा ।

239
01:24:00.450 --> 01:24:09.250
इस ज़ोन की भी संख्या बहुत है ।

240
01:24:09.880 --> 01:24:17.020
नाम है महाराष्ट्र ।

241
01:24:17.020 --> 01:24:21.600
तो महा होंगे ना !

242
01:24:21.600 --> 01:24:35.770
तो जैसे नाम है वैसे ही संख्या भी महान है ।

243
01:24:41.600 --> 01:25:09.600
बापदादा का बाम्बे और दिल्ली दोनों तरफ एक बात का उमंग उत्साह है ।

244
01:25:12.680 --> 01:25:22.340
सर्विस तो करते हो , वह तो कहने की बात नहीं है ।

245
01:25:22.340 --> 01:25:45.600
अच्छी कर रहे हैं , करते रहेंगे लेकिन बापदादा देहली और बाम्बे से यही चाहते हैं

246
01:25:45.600 --> 01:26:07.880
कि जो आपके सम्बन्ध सम्पर्क में आये हुए विशेष आत्मायें जो माइक भी बन सकते हैं

247
01:26:07.880 --> 01:26:24.280
और फिर वारिस भी बन सकते हैं , ऐसे कोई ग्रुप निकालो

248
01:26:24.280 --> 01:26:35.650
क्योंकि लिस्ट सभी वर्गो ने मैजारिटी बापदादा को भेजी थी ।

249
01:26:35.650 --> 01:26:38.400
देखी है वह लिस्ट ।

250
01:26:38.400 --> 01:26:47.370
अच्छे अच्छे हैं लिस्ट में जो नाम बाला कर सकते हैं ।

251
01:26:49.370 --> 01:26:54.340
अभी उनको प्रत्यक्ष करो ।

252
01:26:54.970 --> 01:27:02.570
आपके बजाए वह भाषण करें ।

253
01:27:06.850 --> 01:27:31.250
अनुभव सुनायें आपका , ज्ञान क्या है , हमने जीवन में क्या अन्तर किया है , वह वर्णन करें ।

254
01:27:33.820 --> 01:27:47.600
जब फंक्शन होता है , अभी भी तो अपना अनुभव कई अच्छे-अच्छे सुनाते भी हैं

255
01:27:48.110 --> 01:28:04.620
लेकिन वह तो फंक्शन में सुनाया , लेकिन लगातार जीवन का अनुभव करें ।

256
01:28:06.620 --> 01:28:15.710
यह अटेन्शन देंगे तो निकलने वाले हैं

257
01:28:15.710 --> 01:28:29.140
क्योंकि बापदादा ने लिस्ट जो देखी सभी की उसमें ऐसे योग्य हैं

258
01:28:29.140 --> 01:28:39.140
लेकिन थोड़ा पुरूषार्थ करके उन्हों को आगे बढ़ाओ ।

259
01:28:39.140 --> 01:28:56.850
हर एक वर्ग को वास्तव में यह लिस्ट प्रत्यक्ष रूप में परिवार और बाप के सामने लानी चाहिए ।

260
01:29:00.110 --> 01:29:04.280
कार्य किया है वर्गो ने ।

261
01:29:04.280 --> 01:29:21.020
बापदादा ने देखा कार्य किया है लेकिन बहुत समय से कर रहे हैं अभी कोई नवीनता लाओ ।

262
01:29:21.600 --> 01:29:29.480
नवीनता यह है वारिस बनाओ ।

263
01:29:33.940 --> 01:29:49.940
कम से कम जो सम्पर्क वाले हैं वह सम्बन्ध में आवे , सम्बन्ध के बाद सेवा में लगे ।

264
01:29:51.310 --> 01:30:07.880
सम्बन्ध यह नहीं , आने जाने का संबंध नहीं लेकिन बाप और परिवार के साथी बन जाएं ।

265
01:30:11.250 --> 01:30:19.420
यह भी होना है , अभी बापदादा ने देखा

266
01:30:19.420 --> 01:30:32.510
कि ब्राह्मण मिलके कोई भी एक संकल्प करें तो हुआ ही पड़ा है

267
01:30:32.510 --> 01:30:54.170
लेकिन सबका एक ही संकल्प हो तो क्योंकि अभी वायुमण्डल बदल गया है ।

268
01:30:54.170 --> 01:31:11.420
जब से आपने यह 75 वर्ष का मनाया है तब से लोगों को समझ में आया है

269
01:31:11.420 --> 01:31:24.850
कि यह कुछ कर रहे हैं और जो कहते हैं वह अच्छा कहते हैं , कर सकते हैं ।

270
01:31:24.850 --> 01:31:43.880
अभी इतने तक चेंज आई है इसलिए अभी आप भी चेंज देख करके और थोड़ी मेहनत करेंगे

271
01:31:43.880 --> 01:31:52.570
तो आपका परिवार कितना बढ़ जायेगा ।

272
01:31:52.910 --> 01:32:12.000
तो बापदादा ऐसों का कहाँ भी संगठन कराना चाहते हैं ।

273
01:32:16.050 --> 01:32:34.400
मधुबन में मिलने आते हैं वह बात अलग है लेकिन परिवार के बनके आवे

274
01:32:36.400 --> 01:32:46.280
क्योंकि सर्विस में कोई न कोई नवीनता तो चाहिए ना !

275
01:32:48.280 --> 01:32:51.200
अच्छा ।

276
01:32:51.200 --> 01:33:09.650
बापदादा खुश है क्योंकि यह उठे हैं ना तो बापदादा देख करके खुश है ।

277
01:33:10.850 --> 01:33:17.710
बाकी बापदादा की एक आशा रह गई है और भी ।

278
01:33:17.710 --> 01:33:21.370
ज़ोन वालों के प्रति ।

279
01:33:21.770 --> 01:33:25.200
वह कौन सी है ?

280
01:33:26.340 --> 01:33:44.450
हर सेन्टर यह खुशखबरी लिखे कि हमारा सेन्टर निर्विघ्न है ।

281
01:33:44.450 --> 01:33:48.280
मिलनसार है ।

282
01:33:48.280 --> 01:34:05.370
सब बाबा के बच्चे एक्यूरेट , जो कार्यक्रम बना हुआ है उस तरफ बिजी हैं ।

283
01:34:05.370 --> 01:34:07.710
निर्विघ्न हैं ।

284
01:34:07.710 --> 01:34:12.450
यह अभी किसी ज़ोन का नहीं आया है ।

285
01:34:13.480 --> 01:34:20.340
तो महाराष्ट्र तो महान कार्य करेंगे ना !

286
01:34:22.740 --> 01:34:32.400
किसी भी ज़ोन ने अभी यह खुशखबरी नहीं भेजी है ।

287
01:34:34.970 --> 01:34:45.940
बनना है , बनना तो आपको ही है और कौन बनेंगे !

288
01:34:47.940 --> 01:34:56.740
आपकी तपस्या कम नहीं है ।

289
01:34:59.540 --> 01:35:17.600
चाहे टीचर है , चाहे स्टूडेन्ट हैं दुनिया के हिसाब से हर एक महान आत्मायें हैं ।

290
01:35:20.000 --> 01:35:34.620
अभी-अभी देखना आपको यह निर्विघ्न का थोड़ा सा करो

291
01:35:34.620 --> 01:35:49.370
तो सभी आपको जैसे आपके जड़ चित्र में शुभ भावना से देखते हैं ,

292
01:35:49.370 --> 01:36:05.020
ऐसे आपको चैतन्य रूप में देवियों के रूप में , देवताओं के रूप में देखेंगे ।

293
01:36:11.370 --> 01:36:18.050
बाकी सेवा सभी ने अच्छी की है ।

294
01:36:18.050 --> 01:36:27.140
उसकी बापदादा मुबारक दे रहे हैं ।

295
01:36:31.600 --> 01:36:37.480
यह निज़ार उठो ।

296
01:36:43.140 --> 01:36:50.800
( बापदादा ने निज़ार भाई को उठाया ) बापदादा ने समाचार सुना

297
01:36:51.540 --> 01:37:11.650
तो जो आपकी रूपरेखा बनी हुई है , ऐसे ही अच्छा है और आगे भी अच्छा बनता जायेगा

298
01:37:12.620 --> 01:37:19.880
इसलिए आगे बढ़ते चलो ।

299
01:37:20.570 --> 01:37:25.770
बापदादा ने समाचार सुने हैं ।

300
01:37:33.710 --> 01:37:41.820
आई . टी . ग्रुप :-

301
01:37:56.000 --> 01:38:03.820
चित्र और बोर्ड भी अच्छा बनाते हैं ।

302
01:38:14.970 --> 01:38:23.080
बापदादा ने पहले भी सुना दिया है ,

303
01:38:23.540 --> 01:38:36.910
बापदादा ने देखा हर एक वर्ग कुछ न कुछ नवीनता भी कर रहे हैं

304
01:38:36.910 --> 01:38:51.080
और अभी हर वर्ग में आवाज भी बाहर फैला है ,

305
01:38:52.050 --> 01:39:19.710
जैसे डाक्टरों की सर्विस में , मेडीकल में अभी हार्ट के इलाज का आफीशियल डाला है ,

306
01:39:19.710 --> 01:39:35.200
तो यह जो आफीशियल बुक में डाला है यह बापदादा ने देखा ,

307
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तो वह एडवरटाइज के लिए अच्छा है ।

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ऐसे ही और भी ज़ोन वालों ने अच्छे अच्छे निमित्त बने हुए

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जो आवाज फैला सकते हैं उनसे कनेक्शन रखा है और उसकी रिजल्ट भी है ।

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तो बापदादा हर वर्ग वालों को यही कहते हैं

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01:40:31.770 --> 01:40:43.420
तो जैसे अभी आगे बढ़े हो ऐसे और भी आगे बढ़ते जायेंगे

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01:40:43.420 --> 01:40:52.570
तो सबकी नज़र आपके ऊपर जायेगी ।

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01:40:54.570 --> 01:41:04.110
धीरे-धीरे विश्व में प्रसिद्ध होते जायेंगे

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इसलिए बापदादा इस वर्ग को भी मुबारक दे रहे हैं ।

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सभी पुरूषार्थ अच्छा कर रहे हैं और पुरूषार्थ के साथ बापदादा आप सबके साथ है ।

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01:41:49.420 --> 01:41:53.600
अच्छा ।

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डबल विदेशी भाई बहिनें :-

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डबल विदेशी , डबल से डबल होते जाते हैं ।

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बापदादा ने देखा कि स्व के ऊपर , स्वमान के ऊपर

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और अपने वृत्ति के ऊपर अटेन्शन अच्छा दे भी रहे हैं और दिला भी रहे हैं ।

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यज्ञ स्नेही का पार्ट भी , यज्ञ सहयोगी का पार्ट भी अच्छा बजा रहे हैं

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इसलिए बापदादा डबल विदेशियों को अनेक बार की मुबारक दे रहे हैं ।

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बापदादा आप लोगों की कहानियां सुनते रहते हैं ।

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सिर्फ स्नेही नहीं हैं लेकिन स्नेही के साथ सहयोगी ,

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हर कार्य में बनते हैं और अपना भविष्य जमा करने में होशियार हैं

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इसलिए देखो कितने देशों के आ गये हैं ।

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बापदादा यह संगठन देख स्नेही सहयोगी हर कार्य में हाथ बढ़ाने वाला ग्रुप देख करके खुश हो रहे हैं ।

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खुश है , आप भी खुश बाप भी खुश और परिवार भी खुश ।

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मधुबन वाले तो कहते ही हैं कि डबल विदेशी मधुबन का श्रृंगार हैं

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और बाप का विश्व कल्याणी नाम विदेश ने सिद्ध किया है

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इसलिए सभी तीव्र पुरूषार्थी बनके रहना ।

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पुरूषार्थी नहीं तीव्र पुरूषार्थी क्योंकि अभी समय है , सभी के लिए तीव्र पुरूषार्थी बनने का ।

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पुरूषार्थ का समय अभी गया , अभी तीव्र पुरूषार्थ का समय है ।

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तो कभी भी साधारण पुरूषार्थी नहीं बनना ।

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सदा चेक करना , तीव्रता है ?

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साधारण तो नहीं हो गया !

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वैसे अभी समय भी सूचना दे रहा है - तीव्र पुरूषार्थी बनने का ।

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01:48:51.940 --> 01:49:07.310
तो बापदादा खुश है , परिवार भी खुश है और सबको मुबारक दे रहे हैं ।

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खुशी है बाप को ।

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कितने देशों से देखो इकठ्ठे हुए हैं ।

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01:49:25.770 --> 01:49:30.400
अच्छा ।

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01:49:35.880 --> 01:50:02.050
चारों ओर के दूर बैठे दिल में समाने वाले बच्चों को बापदादा भी देख रहे हैं ।

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सभी के प्यार की खुशबू मधुबन में पहुंच रही है ।

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01:50:21.200 --> 01:50:35.940
तो सभी अभी तीव्रगति से चलना है , तीव्र पुरूषार्थ करना है ,

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01:50:35.940 --> 01:50:48.000
तीव्रता दुनिया के लोगों में सुख की लानी है ।

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01:50:48.000 --> 01:50:51.540
दुःखी को सुखी करना है ।

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01:50:51.540 --> 01:51:05.820
यह सुखी करने का सन्देश दे करके सभी को सुखी बनाना है ,

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इस सेवा में तीव्रता है भी और लानी भी है ।

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अच्छा । सबको दिल का बहुत-बहुत यादप्यार स्वीकार हो ।

