मम्मा की मुरली - 215
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मम्मा मुरली मधुबन
015. Jagadhamba Pyaari - Song
जगदंबे प्यारी………,
तुम्ही एक थी योग की गरिमा, तुम साकार ज्ञान की प्रतिमा,
तुम थी चेतन धीर धारणा, दैवीय गुण की थी फुलवारी
जाओ माँ जगदम्बे प्यारी,
तेरी महिमा शिव है गाता, तेरे गुणों पर रीझा विधाता,
तेरी महिमा शिव है गाता, तेरे गुणों पर रीझा विधाता,
मां तुम शिव की प्रेम मूर्ति, बच्चों को प्राणों से प्यारी,
जाओ मां जगदंबे प्यारी,
धन्य धन्य मां तेरा जीवन, तूने मन भी किया समर्पण,
जग उपकारी तू दधिची थी, अपनी हड्डी दे दी सारी,
जाओ माँ जाओ…
शिव समान विष दिल में छुपाए, सर्विस में सब कुछ थी भुलाए,
शिव समान विष दिल में छुपाए, सर्विस में सब कुछ थी भुलाए,
रोक रही थी काल चरण को, सहन शक्ति मां धन्य तुम्हारी,
जाओ मां जगदंबे प्यारी…
सूना था आज तेरा सिघासन, तेरे बिन सूना यह मधुबन
लगती शिव बारात अधूरी, शक्ति सेना सूनी सारी
जाओ, जाओ मां जगदंबे प्यारी,
शिव ने ब्रह्मा पद है बनाया, तूने खुद को खुद ही बनाया,
शिव ने ब्रह्मा पद है बनाया, तूने खुद को खुद ही बनाया,
तू पुरुषार्थ की थी प्रतिमा, जन्म कुमारी जग मेंह्तारी,
जाओ मां जगदंबे प्यारी,
कभी ना होगा फिर तेरा आना, इस बार हुआ माँ ऐसा जाना,
कभी ना होगा फिर तेरा आना इस बार हुआ माँ ऐसा जाना
जो बच्चों के बीच सदा थी, आज सदा को होगी न्यारी,
जाओ मां जगदंबे प्यारी,
सर्विस अर्थ गई हो मां तुम, जिसमें तुम खुश उसमें खुश हम,
हे आदर्श रूपिणी, लो अंतिम अलविदा हमारी
जाओ मां जाओ, जाओ मां जगदंबे प्यारी
तुम्हीं एक थी योग की गरिमा, तुम साकार ज्ञान की प्रतिमा
तुम थी चेतन धीर धारणा दैवीयगुण की थी फुलवारी
जाओ माँ जगदम्बे प्यारी,
तेरी महिमा शिव है गाता तेरे गुणों पर रिझा विधाता
तेरी महिमा शिव है गाता तेरे गुणों पर रीझा विधाता
मां तुम शिव की प्रेम मूर्ति, बच्चों को प्राणों से प्यारी,\
जाओ मां जगदंबे प्यारी…
धन्य धन्य मां तेरा जीवन, तूने मन भी किया समर्पण,
जग उपकारी तू दधीचि थी, अपनी हड्डी दे दी सारी,
जाओ मां जाओ…,
शिव समान विष दिल में छुपाए, सर्विस में सब कुछ भी भुलाए,
शिव समान विष दिल में छुपाए, सर्विस में सब कुछ ही भुलाय
रोक रही थी काल चरण को, सहनशक्ति मां धन्य तुम्हारी,
जाओ मां जगदंबे प्यारी,
सूना था आज तेरा सिंघासन, तेरे बिन सूना यह मधुबन,
लगती शिव बारात अधूरी, शक्ति सेना सूनी सारी,
जाओ, जाओ मां जगदंबे प्यारी,
शिव ने ब्रह्मा पद है बनाया, तूने खुद को खुद ही बनाया,
शिव ने ब्रह्मा पद है बनाया, तूने खुद को खुद ही बनाया
तू पुरुषार्थ की थी प्रतिमा, जन्म कुमारी जग मेंहतारी,
जाओ माँ जगदम्बे प्यारी…