मम्मा की मुरली - 108
सहेजा जा रहा है…
अब आप यह मुरली बिना इंटरनेट पढ़ सकते हैं।
आप यह मुरली बिना इंटरनेट पढ़ सकते हैं।
बिना इंटरनेट पढ़ने के लिए ।
सहेजा जा रहा है…
अब आप यह मुरली बिना इंटरनेट सुन सकते हैं।
आप यह मुरली बिना इंटरनेट सुन सकते हैं।
बिना इंटरनेट सुनने के लिए ।
मम्मा मुरली मधुबन
008. ओ मीठी-मीठी माँ - गीत
गीत-
वो मीठी मीठी लोरी मां, हमें फिर याद आएगी
कभी तन्हाइयों में मां
अचानक जा रही हो माँ, ना सोचा था कभी हमने,
अचानक जा रही हो मां, ना सोचा था कभी हमने,
अहो ड्रामा, अहो भावी वो घड़ियाँ याद आएंगी
कभी तन्हाइयों में मां तुम्हारी याद आएगी
कभी तन्हाइयों में मां
मां तुम सूक्ष्म वतन जाकर, हमें बिसरा नहीं देना,
मां तुम सूक्ष्म वतन जाकर हमें बिसरा नहीं देना,
तरसता दिल हमारा ये जुदाई सह ना जाएगी
कभी तन्हाइयों में मां तुम्हारी याद आएगी
सुनाई ज्ञान की वीणा, वो वीणा याद आएगी
कभी तन्हाइयों में माँ