Avyakt murli for Thursday 5 March 1970

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0> 105-03-70ओम शान्ति अव्यक्त बापदादा मधुबन 2जल चढ़ाना अर्थात् प्रतिज्ञा करना

0> > Avyakt BapDada 5th March 1970

3आज शिव जयंती मनाने के लिए बुलाया है। 4कैसे मनाने चाहते हो? 5मिलन ही मनाना है।

1How do you wish to celebrate Shiv Jayanti?

6लोग मिलने के लिए मनाते हैं और बच्चे मिलने को ही मनाना समझते हैं। 7तो मिलना अर्थात् मन लिया अब बाकी क्या रहा। 8आप बच्चों का मनाना एक तो है मिलना और दूसरा है अपने समान बनाना। 9तो मिलना और बनाना, यही है मनाना।

2To meet is to celebrate.

10आज के दिवस पर यह दो बातें करनी है। 11मिलन तो मना ही रहे हो बाकी आप समान बनाना। 12यह दोनों बातें की गोया शिव जयंती मनायी।

3People celebrate in order to meet, and you children consider the meeting to be the celebration.

13जब भक्त लोग जल चढाने के लिए जाते हैं तो भी बीच में ब्राह्मण होते हैं,जो उनसे कराते हैं। 14तो आप भी ब्राह्मण हो। 15जैसे भक्त लोग जल चढाते हैं वैसे तुम बच्चे बाप के ऊपर आत्माओं से जल चढ़वाते हो।

16यह जल अथवा दूध चढाने की रस्म क्यों चली है? 17जिस समय जल चढाते हैं उस समय मन में क्या सोचते हैं, मालूम हैं? 18जल वा दूध जो चढाते हैं उनका भावार्थ यह है।

4When bhagats offer water or milk to God, the meaning is that they are about to make a promise.

19जब कोई भी प्रतिज्ञा करनी होती है तो हाथ में जल उठाते हैं,सूर्य को भी जल चढाते हैं तो अन्दर में प्रतिज्ञा करते हैं। 20तुम्हारे पास भी जब कोई आते हैं तो पहले-पहले उन्हों से प्रतिज्ञा का जल लो। 21एक प्रतिज्ञा कराते हो ना कि हम आज से एक शिवबाबा के ही बनकर रहेंगे। 22तो पहले उनसे प्रतिज्ञा कराते हो।

5They offer water to the sun and make a promise internally.

23वह लोग भी अन्दर में प्रतिज्ञा कर फिर स्वयं सम्मुख आकर देवताओं पर अर्पण होते हैं। 24जो पुरे भक्त होते हैं वह सारा ही अपने को उनके आगे झुकाते हैं अर्थात् अपने को अर्पण कर देते हैं। 25तो तुम भी पहले उन्हों से प्रतिज्ञा कराते हो। 26जब पक्के हो जाते हैं, तो सम्पूर्ण स्वाहा कराते हो।

6Then they go and surrender themselves to the deities.

27ऐसी सर्विस करनी है। 28बिलकुल न्यौछावर कराना। 29आप ने कितने को न्यौछावर कराया है? 30जो जितना स्वयं न्यौछावर बने हैं उतना ही औरों को बनाते हैं।

7Those who are firm bhagats bow down completely in front of them: they totally surrender themselves.

31अगर स्वयं ही सम्पूर्ण न्यौछावर नहीं बने हैं तो औरों को भी इतना ही आप समान बनाते हैं। 32अभी न्यौछावर होने में म्हणत और समय दोनों ही लगता है। 33लेकिन थोड़े ही समय में न्यौछावर होनेवालों की क्यू लग जाएगी।

34जैसे वहां यादगार है काशी कलवट खाने का। 35स्वयं अपनी इच्छा से कटने को तैयार हो जाते हैं। 36वैसे यहाँ भी तैयार हो जायेंगे। 37आप लोगों को इच्छा पैदा करने की म्हणत भी नहीं करनी पड़ेगी।

8When anyone comes to you, you must make them make a promise “from today we will belong to Shiv Baba alone”.

38स्वयं अपनी इच्छा से जम्प देने के लिए तैयार हो जायेंगे। 39यह क्यू लगनी है। 40अभी नहीं लग रही है। 41इसका भी कारण है।

9When they become strong and firm, you make them sacrifice themselves completely.

42बच्चों के पास अभी कौन सी क्यू लगी हुई है? 43जब वह क्यू ख़त्म हो जाएगी, तब यह क्यू लगेगी। 44मालूम है अभी कौन सी क्यू लगी हुई है? 45(संकल्पों की) संकल्पों में भी मुख्य क्या हैं, जो ही पुरुषार्थ में ढीलापन लाती है।

10At present you take time and effort to make others sacrifice themselves, but in a short time there will be a queue of those who want to sacrifice themselves.

46व्यर्थ संकल्पों का मूल कारन क्या होता है?

11They are not queuing up now.

47पुराने संस्कार किस रूप में आते हैं? 48एक शब्द बताओ जिसमे व्यर्थ संकल्पों का बीज आ जाए। 49व्यर्थ संकल्प वा विकल्प जो चलते हैं तो एक ही शब्द बुद्धि में आता है कि यह क्यों हुआ,क्यों से व्यर्थ संकल्पों की क्यू शुरू हो जाती है। 50अंग्रेजी में भी आप देखेंगे क्यू शब्द की निशानी सभी से टेढ़ी होती है।

12There is a reason for this.

51तो क्यों की क्यू बड़ी लम्बी है।

13What queue do children have at present?

52इस क्यू के समाप्ति बाद ही सम्पूर्णता आएगी।

14A queue of questions is formed of wasteful thoughts.

53फिर वह क्यू लगेगी। 54जब क्यों शब्द निकलेगा,फिर ड्रामा की भावी पर एकरस स्थेरियम रहेंगे।

15The question mark is the most twisted symbol, so the queue of questions is very long.

55तो अभी क्यों के क्यू को ख़त्म करना है। 56समझा।

16Only after you finish this queue will there be perfection.

57एक क्यों शब्द से सेकंड में कितने संकल्प पैदा हो जाते हैं? 58क्यों से फिर कल्पना करना शुरू हो जाता हैं। 59तो बाप भी बच्चों से यह जल की लोटी चढ़वाने के लिए आये हैं। 60कोई भी प्रतिज्ञा करते हैं तो जल को साक्षी रखकर करते हैं।

17Then there will be that queue.

61तो अब यह लोटी चढ़ानी है। 62मधुबन में विशेष रेस्पोंसिबिलिटी पाण्डव-दल की है। 63तो उस दल में अब बल होना चाहिए।

18In Madhuban the Pandav Army has a special responsibility, so there should now be power in that army.

64पाण्डव -दल में बल होगा तो फिर इस पाण्डव भवन के अन्दर आसुरी सम्प्रदाय तो क्या लेकिन आसुरी संकल्प भी नहीं आ सकते। 65इतना पहरा देना है। 66वह पहरा देना तो बहुत सहज है।

19If there is power in Pandav Bhavan then not even devilish thoughts will be able to enter, let alone the devilish community.

67जैसे इस गेट की रखवाली करते हो वैसे माया का जो गेट है, उसकी भी रखवाली करनी है। 68ऐसे पाण्डव सेना तैयार है जो आसुरी संस्कारों को, आसुरी संकल्पों को भी इस पाण्डव के अन्दर आने न दो? 69अब पहले अपने अन्दर यह पहरा मज़बूत होगा तब पाण्डव भवन में यह मजबूती ला सकते हैं। 70ऐसा पहरा देते हो?

20You have to keep guard to that extent.

71कौन-कौन ऐसी हिम्मत रखते हैं कि हम पाण्डव सेना अपने पाण्डव भवन की ऐसी रखवाली करेंगे। 72ऐसी रखवाली अगर पाण्डव करते रहें तो फिर यह पाण्डव भवन एक जादू का घर हो जायेगा। 73जो कैसी भी आत्मा आये, आते ही आसुरी संस्कारों और व्यर्थ संकल्पों से मुक्त हो जाएँ।

74ऐसे निर्विकल्प बनाने का जादू का घर हो जायेगा। 75ऐसी सर्विस जब करेंगे तब प्रत्यक्षता होगी। 76एक दो से सुनते ही लोग दौड़ेंगे।

21Just as you look after this gate, in the same way look after the gate of Maya.

77जैसे-जैसे समय आगे बढेगा वैसे दुःख अशांति भी बढ़ने के कारण हरेक आत्मा सुख चैन की प्यासी होगी। 78और उसी प्यास में तरसती हुई आत्मयीं इस पाण्डव भवन के अन्दर आने से ही एक सेकंड में सुख चैन का अनुभव करेंगी तब प्रभाव निकलेगा। 79एक-एक चैतन्य मूर्ति के सामान दर्शन मूर्त हो जायेंगे। 80एक एक रत्न का दर्शन करने के लिए दूर दूर से प्यासी आत्मयीं आएँगी।

22Then Pandav Bhavan will become a house of magic.

81लेकिन जब ऐसा पहरा शुरू करने तब। 82जैसे संगठन का बल है,स्नेह का बल भी है, एक दो को सहयोग देने का बल भी है।

23No matter what kind of souls come here, they will become liberated from their devilish sanskars and wasteful thoughts.

83अभी सिर्फ एक बल चाहिए, जिसकी कमी होने कारन ही माया की प्रवेशता हो जाती है। 84वह है सहनशीलता का बल।

24This will become such a house of magic that it will make others free from vicious thoughts.

85अगर सहनशीलता का बल हो तो माया कभी वार कर नहीं सकती। 86तो यह चारों बल चाहिए। 87आज बापदादा की जयंती के साथ सभी बच्चों की भी तो जयंती है। 88तो इस जयंती पर चों बल अपने में धारण करेंगे तो फिर यह पाण्डव भवन साड़ी दुनिया में देखने और अनुभव करने का विशेष स्थान गिना जायेगा।

25When you do such service there will be revelation.

89इस पाण्डव भवन का महत्व सरे विश्व में होगा। 90महत्व बढाने वाले कौन? 91पाण्डव सेना और शक्ति सेना।

26People will come running as soon as they hear something from others.

92मधुबन निवासी ही मधुबन के महत्व को बाधा सकते हैं। 93पाण्डवों के लिए तो प्रसिद्द है कि वह कभी भी प्रतिज्ञा से हिलते नहीं थे।

27As time progresses, sorrow and anxiety will increase, and each soul will be thirsty for happiness and comfort.

94एक परसेंटेज की भी कमी हुई तो इसको कमी ही कहा जायेगा। 95पाण्डव सेना को एग्जाम्पल बनना है। 96जो आप लोगों को देख औरों को भी प्रेरणा मिले।

28As soon as such thirsty souls enter Pandav Bhavan they will experience happiness and comfort in one second.

97कोई भी मधुबन में आये तो यह विशेषता देखे कि यह सभी इतने अनेक होते हुए भी एक और एक की ही लगन में मग्न हैं। 98और एक रस स्थति में स्थित हैं। 99जब ऐसा दृश्य देखेंगे तब प्रत्यक्षता की निशानी देखने में आएगी। 100आप सब की प्रतिज्ञा ही प्रत्यक्षता को लाएगी।

29Only then will there be impact.

101तो आज पहले प्रतिज्ञा का जल चढ़ाना है फिर सौगात भी मिलेगी। 102प्रतिज्ञा की तीन लकीर दिखाते हैं।

30Each of you will become the image that grants visions, similar to a living idol.

103बेल पात्र भी जो चढाते हैं वह भी तीन पत्तों का होता है। 104तो आज के दिन तीन प्रतिज्ञा कराई हैं।

31Thirsty souls will come from far, far away to have visions of each jewel.

105सहनशीलता का बल अपने में धारण करेंगे,क्यों की क्यू को ख़त्म करेंगे और आसुरी संस्कारों पर पहरा देना है। 106तो तीन प्रतिज्ञा का यह बेलपत्र चढ़ाना है। 107भक्त लोग तो खेल करते हैं लेकिन ज्ञान सहित खेल करना वह तो बच्चे ही जानते हैं। 108इसलिए आज के शिवरात्री का यादगार फिर भक्ति में रस्म माफिक चलता है।

32But only when you start keeping guard in that way.

109पहले आरम्भ बच्चे ही करते हैं ज्ञान सहित। 110और फिर भक्त कॉपी करते हैं अन्धश्रद्धा से।

33The Pandav army has to be an example that inspires anyone who sees you.

111ज़रूर कभी किया है तब यादगार बना है। 112भगवान् बच्चों को कहते हैं वन्दे मातरम् कितना फर्क हो गया। 113इतना नशा रहता है? 114जिस बाप की अनेक भक्त वन्दना करते हैं,वह स्वयं आकर कहते हैं वन्दे मातरम् इस खुमारी की निशानी क्या होगी?

34Anyone who comes to Madhuban should see how there are so many, united and lost in the deep love of One, stable and in a constant stage.

115उनके नयन,उनके मुखड़े, उनकी चलन, बोल आदि से ख़ुशी झलकती रहेगी।

35When they see such a scene, the signs of revelation will be visible.

116जिस ख़ुशी को देख कहियों के दुःख मिट जायेंगे। 117ऐसी मातायीं जिनको बापदादा स्वयं वन्दना करते हैं,उनकी निशानी है ख़ुशी। 118चेहरा ही अनेक आत्माओं को हर्षायेगा। 119अज्ञानी लोग सवेरे उठ कोई ऐसी शक्ल देखते हैं तो कहते हैं सवेरे उनकी शक्ल देखी तब यह प्रभाव पड़ा तो शक्ल का प्रभाव पड़ता है।

36The promises of all of you will bring about revelation.

120तो आप बच्चों का हर्षित चेहरा देख सभी के अन्दर हर्ष आ जायेगा। 121ऐसा होने वाला है। 122अच्छा- जितना अपने ऊपर चेकिंग करेंगे उतनी चंगे आती जाएगी। 123संकल्प, कर्म,समय,संस्कार इन चरों के ऊपर चेकिंग करनी है कदम-कदम पर हर रोज़ कोई – न – कोई स्लोगन सामने रख उसको प्रैक्टिकल में लाओ।

37* * * O M S H A N T I * * *