Avyakt murli du mercredi 18 mars 2020
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> 18-03-20 ओम् शान्ति “अव्यक्त-महावाक्य'' वीडियो-18-02-08 मधुबन
“ विश्व परिवर्तन के लिए शान्ति की शक्ति का प्रयोग करो ''
आज बापदादा अपने विश्व परिवर्तक बाप की आशाओं के दीपक बच्चों को चारों ओर देख हर्षित हो रहे हैं। बापदादा जानते हैं कि बच्चों का बापदादा से अति अति अति प्यार है और बापदादा का भी हर बच्चे के साथ पदमगुणा से भी ज्यादा प्यार है और यह प्यार तो सदा ही इस संगमयुग में मिलना ही है। बापदादा जानते हैं जैसे-जैसे समय समीप आ रहा है उसी प्रमाण हर एक बच्चे के दिल में यह संकल्प, यह उमंग-उत्साह है कि अभी कुछ करना ही है क्योंकि देख रहे हो कि आज की तीनों सत्तायें अति हलचल में हैं। चाहे धर्म सत्ता, चाहे राज्य सत्ता, चाहे साइंस की सत्ता, साइन्स भी अभी प्रकृति को यथार्थ रूप में चला नहीं सकती। यही कहते, होना ही है क्योंकि साइंस की सत्ता प्रकृति द्वारा कार्य करती है। तो साइंस के साधन होते, प्रयत्न करते भी प्रकृति अभी कन्ट्रोल में नहीं है और आगे चलकर यह प्रकृति के खेल और भी बढ़ते जायेंगे क्योंकि प्रकृति में भी अभी आदि समय की शक्ति नहीं रही है। ऐसे समय पर अभी सोचो,अभी कौन सी सत्ता परिवर्तन कर सकती है? यह साइलेन्स की शक्ति ही विश्व परिवर्तन करेगी। तो चारों ओर की हलचल मिटाने वाले कौन हैं? जानते हो ना! यह सिवाए परमात्म पालना के अधिकारी आत्मा के और कोई नहीं कर सकता। तो आप सभी को यह उमंग-उत्साह है कि हम ही ब्राह्मण आत्मायें बापदादा के साथ भी हैं और परिवर्तन के कार्य के साथी भी हैं।
बापदादा ने विशेष अमृतवेले तथा सारे दिन में चलते हुए भी देखा है कि जितना दुनिया में तीनों सत्ताओं की हलचल है उतना आप शान्ति की देवियां, शान्ति के देवों को जो शक्तिशाली शान्ति की शक्ति का प्रयोग करना चाहिए, उसमें अभी कमी है। तो बापदादा अभी सभी बच्चों को यह उमंग दिला रहे हैं। सेवा के क्षेत्र में तो आवाज अच्छा फैला रहे हो, लेकिन बापदादा यह विशेष इशारा दे रहे हैं कि अभी शान्ति की शक्ति के वायब्रेशन चारों ओर फैलाओ।
अभी विशेष ब्रह्मा बाबा और जगदम्बा को देखा कि स्वयं आदि देव होते शान्ति की शक्ति का कितना गुप्त पुरुषार्थ किया। आपकी दादी ने कर्मातीत बनने के लिए इसी बात को कितना पक्का किया। जिम्मेवारी होते, सेवा का प्लैन बनाते शान्ति की शक्ति जमा की। तो सेवा की जिम्मेवारी कितनी भी बड़ी हो लेकिन सेवा के सफलता का प्रत्यक्ष फल शान्ति की शक्ति के बिना, जितना चाहते हैं उतना नहीं निकल सकता और अपने लिए सारे कल्प की प्रालब्ध को भी साइलेन्स की शक्ति से ही बना सकते हैं। इसके लिए अभी हर एक को स्व के प्रति, सारे कल्प की प्रालब्ध राज्य की और पूज्य की इकट्ठा करने के लिए अभी समय है क्योंकि समय नाज़ुक आना ही है। ऐसे समय पर शान्ति की शक्ति द्वारा टचिंग पावर कैचिंग पावर बहुत आवश्यक होगी। ऐसा समय आयेगा जो यह साधन कुछ नहीं कर सकेंगे, सिर्फ आध्यात्मिक बल, बापदादा के डायरेक्शन्स की टचिंग कार्य करा सकेगी। तो अपने में चेक करो - बापदादा की ऐसे समय में मन और बुद्धि में टचिंग आ सकेगी? इसमें बहुतकाल का अभ्यास चाहिए, इसका साधन है मन बुद्धि सदा ही कभी कभी नहीं, सदा क्लीन और क्लीयर चाहिए। अभी रिहर्सल बढ़ती जायेगी और सेकण्ड में रीयल हो जायेगी। जरा भी अगर मन में बुद्धि में किसी भी आत्मा के प्रति या किसी भी कार्य के प्रति, किसी भी साथी सहयोगी के प्रति जरा भी निगेटिव होगा तो उसको क्लीन और क्लीयर नहीं कहा जायेगा। इसलिए बापदादा यह अटेन्शन खिंचवा रहा है। सारे दिन में चेक करो - साइलेन्स पावर कितनी जमा की? सेवा करते भी साइलेन्स की शक्ति अगर वाणी में नहीं है तो प्रत्यक्ष फल सफलता जितना चाहते हैं उतना नहीं होगी। मेहनत ज्यादा है फल कम। सेवा करो लेकिन शान्ति के शक्ति सम्पन्न सेवा करो। उसमें जितनी रिजल्ट चाहते हो उससे अधिक मिलेगी। बार-बार चेक करो। बाकी बापदादा को खुशी है कि दिनप्रतिदिन जो भी जहाँ भी सेवा कर रहे हैं वह अच्छी कर रहे हैं लेकिन स्व प्रति शान्ति की शक्ति जमा करने का, परिवर्तन करने का और अटेन्शन।
अभी सारी दुनिया ढूंढ रही है कि आखिर विश्व परिवर्तक निमित्त कौन बनता है! क्योंकि दिन प्रतिदिन दुःख और अशान्ति बढ़ रही है और बढ़नी ही है। तो भक्त अपने इष्ट को याद कर रहे हैं, कोई अति में जाके परेशानी से जी रहे हैं। धर्म गुरूओं के तरफ नज़र घुमा रहे हैं और साइंस वाले भी अभी यही सोच रहे हैं - कैसे करें, कब तक होगा! तो इन सबको जवाब देने वाले कौन? सबकी दिल में यही पुकार है कि आखिर भी गोल्डन मॉर्निंग कब आनी है। तो आप सभी लाने वाले हो ना! हो? हाथ उठाओ जो समझते हैं हम निमित्त हैं? निमित्त हो? (सभी ने हाथ उठाया) अच्छा। इतने सारे निमित्त हैं तो कितने समय में होना चाहिए! आप सभी भी खुश हो जाते हैं और बापदादा भी खुश हो जाते हैं। देखो, यह गोल्डन चांस हर एक को गोल्डन समय प्रमाण प्राप्त हुआ है।
अभी आपस में जैसे सर्विस की मीटिंग करते हो, प्राब्लम हल करने के लिए भी मीटिंग करते हो ना। ऐसे यह मीटिंग करो, यह प्लैन बनाओ। याद और सेवा। याद का अर्थ है शान्ति की पावर और वह प्राप्त होगी, जब आप टॉप की स्टेज पर होंगे। जैसे कोई टॉप स्थान होता है ना तो वहाँ खड़े हो जाओ तो कितना सारा स्पष्ट दिखाई देता है। ऐसे आपकी टॉप की स्टेज, सबसे टॉप क्या है? परमधाम। बापदादा कहते हैं सेवा की और फिर टॉप की स्टेज पर बाप के साथ आकर बैठ जाओ। जैसे थक जाते हैं ना तो 5 मिनट भी कहाँ शान्ति से बैठ जाते हैं तो फ़र्क पड़ जाता है ना। ऐसे ही बीच-बीच में बाप के साथ आकर बैठ जाओ। और दूसरा टॉप का स्थान है सृष्टि चक्र को देखो, सृष्टि चक्र में टॉप स्थान कौन सा है? संगम पर आके सुई टॉप पर दिखाते हो ना। तो नीचे आये, सेवा की फिर टॉप स्थान पर चले जाओ। तो समझा क्या करना है? समय आपको पुकार रहा है या आप समय को समीप ला रहे हो? रचता कौन? तो आपस में ऐसे-ऐसे प्लैन बनाओ। अच्छा।
बच्चों ने कहा आना ही है तो बाप ने कहा हाँ जी। ऐसे ही एक दो की बातों को, स्वभाव को, वृत्ति को समझते, हाँ जी, हाँ जी करने से संगठन की शक्ति साइलेन्स की ज्वाला प्रगट करेगी। ज्वालामुखी देखा है ना। तो यह संगठन की शक्ति शान्ति की ज्वाला प्रगट करेगी। अच्छा।
चारों ओर के बापदादा के दिलतख्तनशीन और विश्व राज्य के तख्तनशीन, सदा अपने साइलेन्स की शक्ति को आगे बढ़ाते और औरों को भी आगे बढ़ाने का उमंग-उत्साह देने वाले, सदा खुश रहने वाले और सबको खुशी की गिफ्ट देने वाले चारों ओर के बापदादा के लक्की और लवली बच्चों को बापदादा का यादप्यार और दुआयें, नमस्ते।