Avyakt murli for Monday 26 November 1979

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0> 126-11-79ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन

0> > Avyakt BapDada 26th November 1979

2प्रीत की रीति 3बाप दादा सर्व बच्चों की याद और प्यार का रिटर्न देने के लिए बच्चों के समान साकार रूप में आते हैं।

1Baba has entered the corporeal form and become like all his children in order to give them the return of their love and remembrance.

4क्योंकि समान बनना ही स्नेह का रिटर्न है।

2BapDada is always loving and obedient to his children.

5बाप बच्चों के सदा स्नेही और सदा के आज्ञाकारी हैं।

3When children call, Baba comes and takes a similar form.

6बच्चे बुलाते हैं और बाप आ जाते हैं, समान बन जाते हैं। 7बाप परकाया प्रवेश होकर भी प्रीत की रीति निभाने आ जाते हैं। 8अब बच्चों को क्या करना है? 9वैसे तो सब बच्चे स्नेही हैं, मधुबन निवासी बनना ही स्नेह का रिटर्न है।

4All the children have love for Baba also.

10दूरदूर से भाग आना,यह भी स्नेह है। 11सम्पूर्ण स्नेह का रिटर्न क्या है?

5When they come running from distant lands to stay in Madhuban, they are giving proof of their love.

12स्नेही तो हो। 13साथसाथ बाप का भी स्नेह है।

6So you have love for Baba and he has love for you.

14सदा एक संकल्प है कि सर्व बच्चे बाप समान बन जाएं। 15जैसे बाप आप सबके समान,स्नेह के कारण, साकार वतन निवासी,साकार रूपधारी बन जाते हैं वैसे आप सब बाप-समान आकारी अव्यक्त वतन निवासी बनो या निरकारी बाप के गुणों समान सर्व गुणों में भी मास्टर बन जाओ। 16इसको कहा जाता है सम्पूर्ण स्नेह का रिटर्न। 17ऐसे सम्पूर्ण स्नेह का रिटर्न देने वाले बने हो या बनना है?

7His constant desire for all the children is that they should become equal, that is to say like Baba.

18बने जरूर हो लेकिन नम्बरवार। 19आज बाप-दादा सर्व स्नेही बच्चों का खेल देख रहे थे। 20क्या खेल होगा?

8In the same way that Baba show his love by becoming corporeal, you must show your love by becoming subtle and angelic like Baba.

21खेल देखना तो आपको भी अच्छा लगता है। 22क्या देखा? 23अमृतबेले का समय था।

9Imbibe Baba’s virtues and become a master of all his qualities.

24हरेक आत्मा,जो पक्षी समान उड़ने वाली है अथवा रॉकेट की गति से भी तेज़ उड़ने वाली है,आवाज़ की गति से भी तेज़ जाने वाली है,सब अपने-अपने साकार स्थानों पर,जैसे प्लेन एरोड्रोम पर आ जाते हैं वैसे सब अपने रूहानी एरोड्रोम पर पहुँच गये। 25लक्ष्य और डायरेक्शन सबका एक ही था। 26लक्ष्य था उड़कर बाप समान बनने का और डायरेक्शन था एक सेकेण्ड में उड़ने का। 27क्या हुआ?

10This is called giving the return of love.

28जैसे साइन्स के साधन एरोप्लेन जब उड़ते हैं तो पहले चेकिंग होती है फिर माल भरना होता है। 29जो भी उसमें चाहिए - जैसे पेट्रोल चाहिए, हवा चाहिए, खाना चाहिए, जो भी चाहिए, उसके बाद धरती को छोड़ना होता है फिर उड़ना होता है। 30ब्राह्मण आत्मा रूपी विमान भी अपने स्थान पर तो आ ही गये। 31लेकिन जो डायरेक्शन था अथवा है एक सेकेण्ड में उड़ने का, उसमें कोई चेकिंग करने में रह गये।

11Today BapDada was watching the game of his loving children.

32मैं आत्मा हूँ,शरीर नहीं हूँ - इसी चेकिंग में रह गये और कोई ज्ञान के मनन द्वारा स्वयं को शक्तियों से सम्पन्न बनाने में रह गये। 33मैं मास्टर ज्ञानस्वरूप हूँ, मैं मास्टर सर्वशक्तिवान हूँ - इस शुद्ध संकल्प तक रहे,लेकिन स्वरूप नहीं बन पाये। 34तो दूसरी स्टेज भरने तक रह गये और कोई फिर भरने में बिज़ी होने के कारण उड़ने से रह गये। 35क्योंकि शुद्ध संकल्प में तो रमण कर रहे थे लेकिन यह देह रूपी धरती को छोड़ नहीं सकते थे।

12In the early hours of nectar, when all souls are able to fly like birds, faster even than rockets, faster than the speed of sound, all arrived at their places of departure.

36अशरीरी स्टेज पर स्थित नहीं हो पाते थे। 37बहुत चुने हुए थोड़े से बाप के डायरेक्शन प्रमाण सेकेण्ड में उड़कर सूक्ष्मवतन या मूलवतन में पहुँचे। 38जैसे बाप प्रवेश होते हैं और चले जाते हैं,तो जैसे परमात्मा प्रवेश होने योग्य हैं वैसे मरजीवा जन्मधारी ब्राह्मण आत्मायें अर्थात् महान आत्मायें भी प्रवेश होने योग्य हैं। 39जब चाहो कर्मयोगी बनो, जब चाहो परमधाम निवासी योगी बनो, जब चाहो सूक्ष्मवतन वासी योगी बनो।

13Just as aircraft arrive at airports, you souls were arriving at your spiritual airports.

40स्वतन्त्र हो। 41तीनों लोकों के मालिक हो। 42इस समय त्रिलोकीनाथ हो।

14All were aiming for the same destination and had the same set of instructions.

43तो नाथ अपने स्थान पर जब चाहें तब जा सकते हैं। 44एक सेकेण्ड में उड़ने का सहज तरीका

15The aim was to fly, the instruction was to depart in one second, and the destination was to achieve equality with Baba.

45कई बच्चों का एक संकल्प पहुँचता है कि बाप तो निर्बन्धन हैं और हमें तो देह का बन्धन है, कर्म का बन्धन है। 46लेकिन बाप-दादा यह क्वेश्चन पूछते हैं अब तक क्या देह सहित त्याग नहीं किया हैं? 47पहला-पहला वायदा है सब बच्चों का कि तन-मन-धन तेरा न कि मेरा। 48जब तेरा है, मेरा है ही नहीं तो फिर बन्धन काहे का?

16But what happened?.....

49यह तो लोन पर बापदादा ने दिया है। 50आप ट्रस्टी हो,न कि मालिक। 51जब मरजीवा बन गये तो 83जन्मों का हिसाब समाप्त हो गया।

17When the aircraft constructed by scientists are being prepared for take-off, the equipment is first checked and then supplies are loaded: food, oxygen, fuel, etc.

52अब यह नया 84वाँ जन्म है।

18Only then will the aircraft take off.

53इस जन्म की तुलना और जन्मों से कर ही नहीं सकते हो। 54इस दिव्य जन्म का बन्धन नहीं,सम्बन्ध है। 55कर्म बन्धनी जन्म नहीं, यह कर्मयोगी जन्म हैं।

19In the same way, the “spiritual aircraft”, that is the Brahmin souls, arrived at their point of departure, but disregarding their instruction to fly in one second, spent time in checking.

56इस अलौकिक दिव्य जन्म में ब्राह्मण आत्मा स्वतन्त्र है न कि परतन्त्र। 57तेरे को मेरे में लाते हो,तब परतन्त्र होते हो।

20Some were checking to ensure that “I am a soul, not a body”, and others were in the second stage of refuelling themselves: occupied in churning knowledge and filling themselves with all powers.

58मेरा पहला हिसाब,मेरा पहला संस्कार आया कहाँ से? 59अगर ऐसे स्वतन्त्र होकर रहो कि यह लोन मिली हुई देह है तो सेकेण्ड में उड़ सकते हो।

21There was the pure thought that “I am the master embodiment of knowledge, the master almighty authority”, but they did not take on these forms.

60जो वायदे करते हो कि जहाँ बिठायेंगे वहाँ बैठेंगे,जो कहेंगे वह करेंगे। 61तो बाप की बन्धनी आत्मा हो या कर्म बन्धनी आत्मा हो?

22Very few were able to follow their instructions to take off within one second, and fly to the subtle regions or to the soul world.

62यह भी बाप ने डायरेक्शन दिया है कि कर्म करो। 63आप स्वतन्त्र हो,चलाने वाला चला रहा है,आप चल रहे हो।

23Just as Baba is able to come and go in one second, so too can Brahmin souls, the mahatmas(great souls).

64आपकी सरस्वती माँ की यह विशेष धारणा थी ‘हूक्मी हुक्म चलाये रहा’ तब नम्बर आगे ले लिया। 65फॉलो फादर और मदर। 66माया का रॉयल रूप और उस पर विजय प्राप्त करने की विधि 67‘कर्मभोग है’, ‘कर्मबन्धन है’,’संस्कारों का बन्धन है’, ‘संगठन का बन्धन है’ - इस व्यर्थ संकल्प रूपी जाल को अपने आप ही इमर्ज करते हो और अपने ही जाल में स्वयं फँस जाते हो, फिर कहते है कि अभी छुड़वाओ।

24When you desire, be a karma yogi.

68बाप कहते हैं कि तुम हो ही छूटे हुए।

25When you desire, be a resident of the soul world.

69छोड़ो तो छूटो। 70अब निर्बन्धनी हो या बन्धनी हो।

26When you desire, be a resident of the subtle regions.

71पहले ही शरीर छोड़ चुके हो, मरजीवा बन चुके हो। 72यह तो सिर्फ विश्व की सेवा के लिए शरीर रहा हुआ है,पुराने शरीरों में बाप शक्ति भर कर चला रहे हैं। 73ज़िम्मेवारी बाप की है, फिर आप क्यों ले लेते हो। 74ज़िम्मेवारी सम्भाल भी नहीं सकते हो लेकिन छोड़ते भी नहीं हो।

27The choice is yours.

75ज़िम्मेवारी छोड़ दो अर्थात् मेरा-पन छोड़ दो। 76मेरा पुरूषार्थ,मेरा इन्वेन्शन,मेरी सर्विस,मेरी टचिंग,मेरे गुण बहुत अच्छे हैं, मेरी हैंडलिंग-पॉवर बहुत अच्छी है। 77मेरी निर्णय शक्ति बहुत अच्छी है। 78मेरी समझ ही यथार्थ है।

28At this time you are master of the three worlds.

79बाकी सब मिसअन्डरस्टैन्डिंग में हैं। 80यह मेरा-मेरा आया कहाँ से?

29A master can return home whenever he chooses.

81यही रॉयल माया है,इससे मायाजीत बन जाओ तो सेकेण्ड में प्रकृति जीत बन जावेंगे। 82प्रकृति का आधार लेंगे लेकिन अधीन नहीं बनेंगे। 83प्रकृतिजीत ही विश्व जीत व जगतजीत है।

30The thought of some children reaches Baba..”Baba is totally free from the bondage of the body, whilst we still have bondage of the body and of karma accounts!”.

84फिर एक सेकेण्ड का डायरेक्शन अशरीरी भव का सहज और स्वतः हो जावेगा। 85खेल क्या देखा।

31However, Baba asks a question: have you not yet renounced everything including your body?

86तेरे को मेरे बनाने में बड़े होशियार हैं। 87जैसे जादू मन्त्र से जो कोई कार्य करते हैं तो पता नहीं पड़ता कि हम क्या कर रहे हैं।

32This is the first promise of all children, that “body, mind, and wealth are all yours and not mine”.

88यह रॉयल माया भी जादू-मन्त्र कर देती हैं जो पता ही नहीं पड़ता कि हम क्या कह रहे हैं।

33If it is mine and not yours then how can there be this bondage? 34BapDada has merely given this on loan.

89अब क्या करेंगे? 90अब कर्म बन्धनी से कर्म योगी समझो।

35You are trustees for this and not the owners.

91अनेक बन्धनों से मुक्त एक बाप के सम्बन्ध में समझो तो सदा एवर-रेडी रहेंगे। 92संकल्प किया और अशरीरी बना,यह प्रैक्टिस करो।

36If there has been a living death and rebirth, the account of 83 births is closed, and the new 84th birth is taken.

93कितना भी सेवा में बिज़ी हों, कार्य की चारों ओर की खींचतान हो,बुद्धि सेवा के कार्य में अति बिज़ी हो - ऐसे टाइम पर अशरीरी बनने का अभ्यास करके देखो। 94यथार्थ सेवा का कभी बन्धन होता ही नही। 95क्योंकि योग युक्त, युक्तियुक्त सेवाधारी सदा सेवा करते भी उपराम रहते हैं। 96ऐसे नहीं कि सेवा ज्यादा है इसलिए अशरीरी नहीं बन सकते।

37This birth can be compared with no other.

97याद रखो मेरी सेवा नहीं बाप ने दी है तो निर्बन्धन रहेंगे।

38In this divine birth there is no bondage, only relationship.

98‘ट्रस्टी हूँ, बन्धन मुक्त हूँ’ ऐसी प्रैक्टिस करो।

39This is not a birth of karma bondage, but of karma yoga.

99अति के समय अन्त की स्टेज, कर्मातीत अवस्था का अभ्यास करो तब कहेंगे तेरे को मेरे में नहीं लाया है। 100अमानत में ख्यानात नहीं की है समझा,अभी का अभ्यास क्या करना है? 101जैसे बीच-बीच में संकल्पों की ट्रैफिक का कन्ट्रोल करते हो वैसे अति के समय अन्त की स्टेज का अनुभव करो तब अन्त के समय पास विद् आनर बन सकेंगे। 102ऐसे सदा बन्धन मुक्त, बाप-समान जब चाहें प्रकृतिजीत,संकल्प और संस्कार में भी ट्रस्टी सदा देह की स्मृति से भी उपराम,ऐसे विश्व-उपकारी विश्व-कल्याणकारी बच्चों को बाप-दादा का याद, प्यार और नमस्ते।

40In this divine spiritual birth, the brahmin soul is free and independent.

103पार्टियों के साथ 104अव्यक्त बाप-दादा की मुलाकात (बाम्बे और पूना ज़ोन)

41Only when you change “yours” to “mine” do you fall back into dependance and bondage again.

105स्वयं द्वारा बाप का साक्षात्कार कराने के लिए मस्तक पर भाग्य का सितारा सदा चमकता रहे 106सदा अपने मस्तक पर भाग्य का सितारा चमकता हुआ दिखाई देता है? 107या सितारे की चमक के आगे कभी-कभी माया के बादल भी आ जाते हैं? 108अगर बादल होते हैं तो सितारे छिप जाते हैं और बादल नहीं होते तो बहुत सुन्दर चमकते रहते हैं।

42How is the first sanskar created?

109ऐसे आपके भाग्य का सितारा सदा चमकता है या बादल आ जाते हैं? 110ब्राह्मण बने और सितारा चमका, लेकिन सितारे के आगे बादल न आएं।

43By remaining free, independent, and in the consciousness that this body is only taken on loan. in this way you can fly in one second.

111सितारे की चमक छिपने न दें,यह है अटेन्शन। 112जैसे फोटो निकालते हैं,अगर बादल आगे आ जाएं तो फोटो ठीक निकलेगा?

44You have given the promise that “wherever you sit me, there I will remain; whatever you ask of me will be done”.

113फीचर्स ही नहीं दिखाई देंगे, ऐसे ही अगर चमकते हुए सितारे के आगे बादल आ जाएं तो साक्षात्कार कैसे कराएंगे।

45So are you a soul in bondage of karma accounts, or a soul who is in bondage of Baba?

114आप तो बाप को प्रत्यक्ष कराने वाले अर्थात् स्वयं द्वारा बाप का साक्षात्कार कराने वाले हो। 115बादलों के बीच से कैसे साक्षात्कार होगा? 116तो साक्षात्कार कब करायेंगे?

46Baba has given directions that action must be performed, but there should be the feeling that it is the lord and master who is inspiring us to move.

117क्या जब विनाश होगा तब,अभी ही ऐसा बनना पड़ेंगा अगर बहुत समय का बादलों को दूर करने का अभ्यास नहीं होगा तो बादल भी उसी समय लास्ट घड़ी आयेंगे। 118साक्षात्कार के लिए खड़े हों और बादल आ जाएं तो सारा प्रोग्राम ही अपसेट हो जायेगा। 119अब ऐसे अभ्यासी बनो जो दूर से ही बादल भाग जाएं। 120जैसे साइन्स के साधन तूफान को,पहाडों के रास्ते को चेन्ज कर सकते हैं ना।

47You are moving, but only through his inspiration.

121वह साइन्स तो अपूर्ण है। 122साइन्स कभी सम्पूर्ण हो नहीं सकती क्योंकि मनुष्य-मत है।

48This was the special dharna(imbibing) of your Mama, Saraswati.

123कभी नीचे कभी ऊपर होती रहती है। 124तो अनलॉफुल हो गई ना।

49The soul moves only on the strength of srimat(supreme directions).

125बाप की श्री मत पर चलने वाले तो जो चाहें वह कर सकते हैं। 126तो विघ्नों को दूर करने का बहुत समय का अभ्यास चाहिए। 127पुरूषार्थ तो सब कर रहे हो लेकिन पुरूषार्थ की स्पीड कौन-सी है? 128पुरुषार्थी हूँ, इसमें खुश नहीं होना लेकिन किस स्पीड का पुरूषार्थ है?

50It was on the basis of this that she gained top place.

129काम हो एक सेकेण्ड का आप करो दो घंटे में, तो टाइम तो पूरा हो जायेगा ना। 130प्रश्नों का उत्तर ठीक दे लेकिन टाइम पर न दे तो पास होंगे या फेल? 131चल रहे हैं,कर रहे हैं इससे अभी काम नहीं चलेगा। 132इसमें भी खुश हो जाना कि रोज़ क्लास तो करते हैं, रेगुलर पन्क्चुअल हैं, सेवा भी करते हैं लेकिन जो बाप का डायरेक्शन है - निरंतर योगी, सहजयोगी - उसमें रेगुलर और पन्क्चुअल बनो।

51So follow the father and the mother.

133बाप के पास वह प्रेजेन्ट मार्क पड़ेगी ना। 134उसकी भी मार्क्स मिलती हैं लेकिन नम्बर आगे तो इसी प्रजेन्ट मार्क से बनेंगे। 135कौन-सी माला में आने वाले हो?

52What happens is that you yourselves emerge a net of waste thoughts: “this is the settling of karma accounts”; “this is the bondage of sanskars”.

136अगर कभी-कभी इसी स्थिति में स्थित रहते हो तो कभी-कभी पूजने वाली माला में आयेंगे,पीछे का मनका बनेंगे। 137माताएं कौन-सी सेवा करेंगी?

53Having spread this net, you become entangled in it, and then call out “free me”.

138सब नम्बर बन जायेंगी? 139नम्बर वन भी ग्रुप बनेगा। 140जितना सर्विस करो उतना ही लाख गुणा,पदम गुणा होकर मिलेगा।

54Baba replies: “you are already free - let go of the net and you will find yourself liberated”.

141इसलिए यह संगमयुग है करने और पाने का। 142अभी-अभी करना, अभी-अभी पाना।

55The body has been renounced, there has been the living death.

143प्रवृत्ति में रहते भी डबल सेवा करो,हैन्डस भी बन जायेंगे और सेन्टर भी खुल जायेंगे। 144सरेन्डर हैन्डस तो कम ही हैं, वह चक्कर लगाते रहें लेकिन सम्भालने वाले प्रवृत्ति वाले हों, ऐसे भी सेन्टर खुल सकते हैं। 145अगर बच्चों का, गृहस्थी का झंझट है तो कमरा अलग लेकर सम्भालो। 146अगर बचचों आदि की खिट-खिट नहीं है, कोई विघ्न-रूप नहीं हैं तो घर में भी सेन्टर सम्भालो।

56The body remains now only for the service of the world.

147(परिस्थितियाँ आना भी गुड-लक है क्योंकि इससे फाउन्डेशन मज़बूत होता है) :-

57Baba is filling power in these old bodies now and takes up responsibility for their functioning.

148सदा अचल-अडोल रहते हो? 149कल्प पहले भी रावण सेना ने हिलाने की कोशिश की लेकिन अंगद अचल रहे।

58When this is rightly Baba’s responsibility why do you take all the burden upon yourself?

150परिस्थितियाँ आयेंगी और चली जायेंगी, स्वस्थिति सदा आगे बढ़ायेगी। 151परिस्थिति के पीछे भागने से स्वस्थिति चली जायेगी।

59Although you are not able to fulfil this responsibility, still you are not prepared to renounce it!

152कोई भी परिस्थिति आये तो आप हाई जम्प दो, इससे पार हो जायेंगे। 153परिस्थिति आना भी गुड-लक है।

60So now renounce this responsibility, that is, renounce the consciousness of “my”.

154यह पेपर फाउन्डेशन को मज़बूत करने का साधन है। 155यह निश्चय को हिलाकर देखने के लिए आते है।

61Conquer Maya in this way and you will be able to conquer matter, to utilise matter without coming into its bondage.

156एक बारी अंगद समान मज़बूत हो जायेंगे तो यह नमस्कार करेंगे।

62Only the one who conquers matter can become the conqueror of the world.

157पहले विकराल रूप से आयेंगे और फिर दासी रूप से आयेंगे। 158चैलेन्ज करो हम महावीर हैं।

63Then the instruction to remain stable in the bodiless stage can be carried out instantly and with great ease.

159पानी के ऊपर लकीर ठहरती है क्या? 160आप मास्टर ज्ञान सागर के उपर कोई परिस्थिति वार कर नहीं सकती।

64So Baba was watching the game of the children very cleverly transforming “yours” into “mine”.

161लकीर डाल नहीं सकती। 1623 - एक रस स्थिति बनाने का साधन - एक बल एक भरोसा:- सदा‘एक बल एक भरोसा’ इसी लगन में रहते हो!

65Maya, in its royal form, casts a spell over the soul, and the soul itself remains totally unaware of what is happening.

163जो सदा एक भरोसे में रहे हैं वही सदा एकरस रहते हैं। 164और कोई भी रस ऐसी आत्माओं को आकर्षित नहीं कर सकता।

66Now liberate yourself from the numerous bonds and come into the relationship of the one Baba, and in this way you will remain ever-ready for takeoff.

165ऐसी आत्मायें सदा स्वयं भी लाइट हाऊस बन निर्विध्न होकर चलती हैं और अनेकों के निमित्त रास्ता दिखाने वाली बनती हैं। 166तो रोज़ कितनी आत्माओं को लाइट हाउस बनकर रास्ता दिखाते हो? 167यही ब्राह्मणों का कर्तव्य है,यही धन्धा अथवा व्यवहार है। 1684 - अनुभवी मूर्त के द्वारा बाप की सूरत की प्रत्यक्षता - सदा बाप के गुणों में अनुभव मूर्त्त हो?

67The thought emerges, and instantly you become bodiless.

169जो बाप के गुण गाते हो उन सबके अनुभवी हो ना? 170आनन्द का सागर बाप है तो उसी आनन्द के सागर की लहरों में लहराने वाले अनुभवी मूर्त्त। 171जो सदा सर्व गुणों के अनुभवी हैं ऐसे अनुभवी मूर्त द्वारा बाप की सूरत प्रत्यक्ष होती है। 172आप सब बाप को प्रत्यक्ष करने वाले हो।

68Rehearse this, especially when you are busy.

173इतने महान हो जो परम आत्मा को भी प्रत्यक्ष करने वाले हो। 174हरेक की सूरत से बाप के गुण दिखाई दें। 175जो भी सम्पर्क में आये उसे आनन्द, प्रेम,सुख सब गुणों की अनुभूति हो। 1765 - पीछे आने वालों का भाग्य भी कम नहीं, बहुत श्रेष्ठ है - कैसे?

69Stay in the consciousness that you are a trustee, liberated from bondage.

177पीछे आने वाले बनी बनाई पर आये हैं। 178जैसे दादे परदादे बीज डालते हैं और पौत्रे धौत्रे खाते हैं। 179तो पीछे आने वाले फल खाने वाले हैं। 180अभी कितने अच्छे साधन, कितने अच्छे स्थान बने बनाये मिले हैं।

70Achcha, to such souls who remain constantly free from bondage, and who like Baba utilise matter when they choose to, who are conquerors of matter, trustees of thoughts and sanskars, who are beyond consciousness of the body.... to such world benefactors, BapDada’s love, remembrance and namaste.

181मंथन करने वाले दूसरे हैं आप मक्खन खाने वाले हो। 182इसलिए सदा खुश हो। 183सदा अपने भाग्य को और देने वाले दाता को याद रखो। 184बापदादा सदा कहते हैं छोटे सुभानअल्ला होते हैं अर्थात् समान अल्लाह।

71* * * O M S H A N T I * * *