Avyakt murli for Wednesday 9 April 1986
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0> 109-04-86ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन
0> > 09-04-86 Om Shanti Avyakt Bapdada Madhuban
2सच्चे सेवाधारी की निशानी 3ज्ञानसूर्य तथा ज्ञान चन्द्रमा बापदादा बोले
1Today the sun and the moon of knowledge are seeing all the stars of the constellation of the earth.
4आज ज्ञान सूर्य, ज्ञान चन्द्रमा अपने धरती के सितारा मण्डल में सभी सितारों को देख रहे हैं। 5सितारे सभी चमकते हुए अपनी चमक वा रोशनी दे रहे हैं। 6भिन्न-भिन्न सितारे हैं। 7कोई विशेष ज्ञान सितारे हैं,कोई सहज योगी सितारे हैं,कोई गुणदानमूर्त सितारे हैं।
2All the stars are sparkling.
8कोई निरन्तर सेवाधारी सितारे हैं। 9कोई सदा सम्पन्न सितारे हैं। 10सबसे श्रेष्ठ हैं - हर सेकण्ड सफलता के सितारे। 11साथ-साथ कोई-कोई सिर्फ उम्मीदों के सितारे भी हैं।
3There is variety among the stars - some are stars of knowledge, some are easy yogis, some are bestowers of virtue, some are constant servers.
12कहाँ उम्मीदों के सितारे और कहाँ सफलता के सितारे! 13दोनों में महान अन्तर है।
4Some are constantly complete and successful at every second - they are the most elevated of all.
14लेकिन हैं दोनों सितारे और हर एक भिन्न-भिन्न सितारों का विश्व की आत्माओं पर,प्रकृति पर अपना-अपना प्रभाव पड़ रहा है। 15सफलता के सितारे चारों ओर अपना उमंग उत्साह का प्रभाव डाल रहे हैं। 16उम्मीदों के सितारे स्वयं भी कभी मुहब्बत, कभी मेहनत दोनों प्रभाव में रहने कारण दूसरों में कभी-कभी मुहब्बत, कभी मेहनत का प्रभाव डालते,आगे बढ़ने की उम्मीद रख बढ़ते जा रहे हैं। 17तो हर एक अपने आपसे पूछो कि - मैं कौन-सा सितारा हूँ?
5Others are still only stars of hope.
18सभी में ज्ञान, योग,गुणों की धारणा और सेवा भाव है भी लेकिन सब होते हुए भी किसमें ज्ञान की चमक है तो किसमें विशेष याद की - योग की है। 19और कोई-कोई अपने गुण-मूर्त की चमव से विशेष आकर्षित कर रहा है। 20चारों ही धारणा होते हुए भी परसेन्टेज में अन्तर है। 21इसलिए भिन्न-भिन्न सितारे चमकते हुए दिखाई दे रहे हैं।
6The influence of each kind of star falls on the souls of the world, and on matter.
22यह रूहानी विचित्र तारामण्डल है। 23आप रूहानी सितारों का प्रभाव विश्व पर पड़ता है।
7The stars of success influence everyone with their zeal.
24तो विश्व के स्थूल सितारों का भी प्रभाव विश्व पर पड़ता है। 25जितना शक्तिशाली आप स्वयं सितारे बनते हो उतना विश्व की आत्माओं पर प्रभाव पड़ रहा है और आगे पड़ता ही रहेगा। 26जैसे जितना घोर अन्धियारा होता है तो सितारों की रिमझिम ज्यादा स्पष्ट दिखाई देती है। 27ऐसे अप्राप्ति का अंधकार बढ़ता जा रहा है और जितना बढ़ता जा रहा है, बढ़ता जायेगा उतना ही आप रूहानी सितारों का विशेष प्रभाव अनुभव करते जायेंगे।
8The stars of hope sometimes experience love, and sometimes labour, and this influence they exert on others - sometimes love, sometimes labour.
28सभी को धरती के चमकते हुए सितारे ज्योति-बिन्दु के रूप में प्रकाशमय काया फरिश्ते के रूप में दिखाई देंगे। 29जैसे अभी आकाश के सितारों के पीछे वह अपना समय, एनर्जी और धन लगा रहे है, ऐसे रूहानी सितारों को देख आश्चर्यवत होते रहेंगे। 30जैसे अभी आकाश में सितारों को देखते हैं ऐसे इस धरती के मण्डल में चारों ओर फरिश्तों की झलक और ज्योतिर्मय सितारों की झलक देखेंगे,अनुभव करेंगे - यह कौन हैं, कहाँ से इस धरती पर अपना चमत्कार दिखाने आये हैं! 31जैसे स्थापना के आदि में अनुभव किया है कि चारों ओर ब्रह्मा और कृष्ण के साक्षात्कार की लहर फैलती गई।
9However they still move forward, having hopes.
32यह कौन है? 33यह क्या दिखाई देता है? 34यह समझने के लिए बहुतों का अटेन्शन गया।
10Each has a different percentage, a different degree of sparkle, in each of gyan, yoga, virtues , and feelings of service.
35ऐसे अब अन्त में चारों ओर यह दोनों रूप ज्योति और फरिश्ता उसमें बापदादा और बच्चे सबकी झलक दिखाई देगी। 36और सभी का एक से अनेकों का इसी तरफ स्वतः ही अटेन्शन जायेगा। 37अभी यह दिव्य दृश्य आप सबके सम्पन्न बनने तक रहा हुआ है। 38फरिश्ते पन की स्थिति सहज और स्वतः अनुभव करें तब वह साक्षात् फरिश्ते साक्षात्कार में दिखाई देंगे।
11And so each can ask himself - which variety of star am I ?
39यह वर्ष फरिश्तेपन की स्थिति के लिए विशेष दिया हुआ है। 40कई बच्चे समझते हैं कि क्या सिर्फ याद का अभ्यास करेंगे वा सेवा भी करेंगे! 41वा सेवा से मुक्त हो तपस्या में ही रहेंगे! 42बापदादा सेवा का यथार्थ अर्थ सुना रहे हैं
12This is a unique spiritual constellation.
43सेवाभाव अर्थात् सदा हर आत्मा के प्रति शुभ भावना। 44श्रेष्ठ कामना का भाव।
13The more powerful you make yourself, the more more influence you have on the souls of the world.
45सेवा भाव अर्थात् हर आत्मा की भावना प्रमाण फल देना। 46भावना हद की नहीं लेकिन श्रेष्ठ भावना। 47आप सेवाधारियों प्रति अगर कोई रूहानी स्नेह की भावना रखते, शक्तियों के सहयोग की भावना रखते,खुशी की भावना रखते,शक्तियों के प्राप्ति की भावना रखते,उमंग-उत्साह की भावना रखते,ऐसे भिन्न भिन्न भावना का फल अर्थात् सहयोग द्वारा अनुभूति कराना,तो सेवा-भाव इसको कहा जाता है। 48सिर्फ स्पीच करके आ गये, या ग्रुप समझाकर आ गये, कोर्स पूरा कराके आ गये, वा सेन्टर खोलकर आ गये, इसको सेवा भाव नहीं कहा जाता।
14The greater the darkness all around, the more clearly the sparkle of the stars is visible.
49सेवा अर्थात् किसी भी आत्मा को प्राप्ति का मेवा अनुभव कराना। 50ऐसी सेवा में तपस्या सदा साथ है।
15The darkness of lack of attainment will continue to increase, until you spiritual stars experience having a special influence on all.
51तपस्या का अर्थ सुनाया - दृढ़ संकल्प से कोई भी कार्य करना। 52जहाँ यथार्थ सेवा भाव है वहाँ तपस्या का भाव अलग नहीं। 53त्याग-तपस्या-सेवा - इन तीनों का कम्बाइन्ड रूप - सच्ची सेवा है, और नामधारी सेवा का फल अल्पकाल का होता है। 54वहाँ ही सेवा की और वहाँ ही अल्पकाल के प्रभाव का फल प्राप्त हुआ और समाप्ति हो गई।
16Everyone will see you in your forms of a dot of light, and a body of light, as the angels.
55अल्पकाल के प्रभाव का फल - अल्पकाल की महिमा है। 56बहुत अच्छा भाषण किया, बहुत अच्छा कोर्स कराया,बहुत अच्छी सेवा की।
17They will watch the constellation of this earth, the sparkle of the angels, and will be amazed.
57तो अच्छा-अच्छा कहने का अल्पकाल का फल मिला और उनको महिमा सुनने का अल्पकाल का फल मिला। 58लेकिन अनुभूति कराना अर्थात् बाप से सम्बन्ध जुड़वाना, शक्तिशाली बनाना - यह है सच्ची सेवा। 59सच्ची सेवा में त्याग-तपस्या न हो तो यह 50-50प्रतिशत वाली सेवा नहीं, लेकिन 25प्रतिशत सेवा है। 60सच्चे सेवाधारी की निशानी है -त्याग अर्थात् नम्रता, और तपस्या अर्थात् एक बाप के निश्चय, नशे में दृढ़ता।
18They will ask “where does this sparkle and light and beauty come from?”.
61यथार्थ सेवा इसको कहा जाता है। 62बापदादा निरन्तर सच्चे सेवाधारी बनने के लिए कहते हैं।
19At the beginning of establishment, many had visions of Brahma and Krishna, even when sitting far away.
63नाम सेवा हो और स्वयं भी डिस्टर्ब हो,दूसरे को भी डिस्टर्ब करें, इस सेवा से मुक्त होने के लिए बापदादा कह रहे हैं। 64ऐसी सेवा न करना अच्छा है। 65क्योंकि सेवा का विशेष गुण सन्तुष्टताहै। 66जहाँ सन्तुष्टता नहीं, चाहे स्वयं से चाहे सम्पर्क वालों से, वह सेवा - न स्वयं को फल की प्राप्ति करायेगी, न दूसरों को।
20This wave of visions spread everywhere - the attention of many was drawn to try and understand.
67इससे स्वयं अपने को पहले सन्तुष्टमणीबनाए फिर सेवा में आवे वह अच्छा है। 68नहीं तो सूक्ष्म बोझ जरूर है। 69वह अनेक प्रकार का बोझ उड़ती कला में विघ्न रूप बन जाता है। 70बोझ चढ़ाना नहीं है, बोझ उतारना है।
21In the same way now, at the end in all different corners, this sparkle of both forms (the dot and the angel) will be visible, and the attention of all will be drawn here.
71जब ऐसे समझते हो तो इससे एकान्तवासी बनना अच्छा है क्योंकि एकान्तवासी बनने से स्व परिवर्तन का अटेन्शन जायेगा। 72तो बापदादा तपस्या जो कह रहे हैं - वह सिर्फ दिन रात बैठे-बैठे तपस्या के लिए नहीं कह रहे हैं। 73तपस्या में बैठना भी सेवा ही है। 74लाइट हाउस, माइट हाउस बन शान्ति की, शक्ति की किरणों द्वारा वायुमण्डल बनाना है।
22This divine scene is waiting for all of you to become complete.
75तपस्या के साथ मन्सा सेवा जुड़ी हुई है। 76अलग नहीं है। 77नहीं तो तपस्या क्या करेंगे!
23When you experience the angelic stage of consciousness easily, there will be visions of the ones who truly are the angels.
78श्रेष्ठ आत्मा - ब्राह्मण आत्मा तो हो गये। 79अब तपस्या अर्थात् स्वयं सर्व शक्तियों से सम्पन्न बन दृढ़ स्थिति,दृढ़ संकल्प द्वारा विश्व की सेवा करना। 80सिर्फ वाणी वी सेवा, सेवा नहीं है। 81जैसेसुख-शान्ति-पवित्रताका आपस में सम्बन्ध है वैसे त्याग-तपस्या-सेवाका सम्बन्ध है।
24This year has been specially given so you can experience the angelic stage of consciousness.
82बापदादा तपस्वी रूप अर्थात् शक्तिशाली सेवाधारी रूप बनाने के लिए कहते हैं। 83तपस्वी रूप की दृष्टि भी सेवा करती। 84उनका शान्त स्वरूप चेहरा भी सेवा करता, तपस्वी मूर्त के दर्शन मात्र से भी प्राप्ति की अनुभूति होती है। 85इसलिए आजकल देखो जो हठ से तपस्या करते हैं, उनके दर्शन के पीछे भी कितनी भीड़ हो जाती है।
25Some children are thinking “should we be liberated from service and just sit in tapasya?”.
86यह आपकी तपस्या के प्रभाव का यादगार अन्त तक चला आ रहा है। 87तो समझा - सेवा भाव किसको कहा जाता है। 88सेवा भाव अर्थात् सर्व की कमज़ोरियों को समाने का भाव। 89कमज़ोरियों का सामना करने का भाव नहीं,समाने का भाव।
26BapDada is now telling you the accurate significance of service.
90स्वयं सहन कर दूसरे को शक्ति देने का भाव। 91इसलिएसहनशक्तिकहा जाता है। 92सहन करना - शक्ति भरना और शक्ति देना है। 93सहन करना,मरना नहीं है।
27Feelings of service means constant good wishes for every soul - to have pure elevated desires.
94कई सोचते हैं हम तो सहन कर कर मर जायेंगे। 95क्या हमें मरना है क्या! 96लेकिन यह मरना नहीं है। 97यह सब के दिलों में स्नेह से जीना है।
28Just giving a speech, or explaining to groups, or giving the course to someone, or opening a centre, is not feelings of service.
98कैसा भी विरोधी हो,रावण से भी तेज हो, एक बार नहीं 10बार सहन करना पड़े फिर भी सहनशक्ति का फल अविनाशी और मधुर होगा। 99वह भी जरूर बदल जायेगा। 100सिर्फ यह भावना नहीं रखो कि मैंने इतना सहन किया,तो यह भी कुछ करें। 101अल्पकाल के फल की भावना नहीं रखो।
29Service means to serve a soul in such a way that they experience some attainment.
102रहम भाव रखो - इसको कहा जाता है - सेवाभाव। 103तो इस वर्ष ऐसी सच्ची सेवा का सबूत दे सपूत की लिस्ट में आने का गोल्डन चान्स दे रहे हैं। 104इस वर्ष यह नहीं देखेंगे कि मेला वा फंक्शन बहुत अच्छा किया। 105लेकिन सन्तुष्टमणियाँ बन सन्तुष्टता की सेवा में नम्बर आगे जाना।
30Tapasya is automatically included in such service.
106विघ्न विनाशक टाइटिल के सेरीमनी में इनाम लेना। 107समझा! 108इसी को ही कहा जाता है - नष्टोमोहा स्मृति स्वरूप।
31Tapasya means to perform any task with determined thought.
109तो18 वर्ष की समाप्ति का यह विशेष सम्पन्न बनने का अध्याय स्वरूप में दिखाओ। 110इसको ही कहा जाता - बाप समान बनना। 111अच्छा!
32True service combines renunciation and tapasya and service.
112सदा चमकते हुए रूहानी सितारों को, सदा सन्तुष्टता की लहर फैलाने वाली सन्तुष्ट-मणियों को, सदा एक ही समय पर त्याग-तपस्या-सेवाका प्रभाव डालने वाले प्रभावशाली आत्माओं को,सदा सर्व आत्माओं को रूहानी भावना का रूहानी फल देने वाले बीज-स्वरूप बाप समान श्रेष्ठ बच्चों को बापदादा का सम्पन्न बनने का यादप्यार और नमस्ते 113पंजाब तथा हरियाणा जोन के भाई-बहनों से अव्यक्त बापदादा की मुलाकात - सदा अपने को अचल-अडोल आत्मायें अनुभव करते हो? 114किसी भी प्रकार की हलचल में अचल रहना यही श्रेष्ठ ब्राह्मण आत्माओं की निशानी है। 115दुनिया हलचल में हो लेकिन आप श्रेष्ठ आत्मायें हलचल में नहीं आ सकती।
33Service without renunciation and tapasya is service in name only, and its fruits are temporary.
116क्यों? 117ड्रामा की हर सीन को जानते हो। 118नॉलेजफुल हो। 119जो नॉलेजफुल होते हैं वह पावरफुल भी होते हैं।
34True service inspires others to have an experience, to link with Baba, and make themselves powerful.
120तो नॉलेजफुल आत्मायें, पावरफुल आत्मायें सदा स्वतः ही अचल रहती हैं। 121तो कभी वायुमण्डल से घबराते तो नहीं हो! 122निर्भय हो? 123शक्तियाँ निर्भय हो?
35The sign of a true server is renunciation, humility and tapasya, that is determination in faith and the intoxication of the one Father.
124या थोड़ा-थोड़ा डर लगता है? 125क्योंकि यह तो पहले से ही - स्थापना के समय से ही जानते हो कि भारत में सिविल वार होनी ही है। 126यह शुरू के चित्रों में ही आपका दिखाया हुआ है। 127तो जो दिखाया है वह होना तो है ना!
36This is what is meant by accurate service.
128भारत का पार्ट ही सिविल वार से है इसलिए नथिंग न्यू। 129तो नथिंग न्यू है या घबरा जाते हो - क्या हुआ, कैसे हुआ, यह हुआ… समाचार सुनते देखते भी ड्रामा की बनी हुई भावी को शक्तिशाली बन देखते और औरों को भी शक्ति देते - यही काम है ना आप सबका! 130दुनिया वाले घबराते रहते और आप उन आत्माओं में शक्ति भरते। 131जो भी सम्पर्क में आये, उसे शक्तियों का दान देते चलो।
37BapDada is asking you to become constant true servers.
132शांति का दान देते चलो।
133अभी समय है अशान्ति के समय - शान्ति देने का। 134तो शान्ति के मैसेन्जर हो। 135शान्ति दूत गाये हुए हैं ना! 136वह आप ही हो या दूसरे हैं?
38If in the name of service you are disturbed, and disturb others, then BapDada asks you to be free from that service.
137तो कभी भी कहाँ भी रहते हो, चलते हो, सदा अपने को शान्ति के दूत समझकर चलो। 138शान्ति के दूत हैं, शान्ति का सन्देश देने वाले है तो स्वयं भी शान्त स्वरूप शक्तिशाली होंगे और दूसरों को भी देते रहेंगे। 139वह अशान्ति देवें,आप शान्ति दो। 140वह आग लगायें, आप पानी डालो।
39It is better not to serve in that case.
141यही काम है ना! 142इसको कहते हैं - सच्चे सेवाधारी। 143तो ऐसे समय पर इसी सेवा की आवश्यकता है। 144शरीर तो विनाशी है, लेकिन आत्मा शक्तिशाली होती है तो एक शरीर छूट भी जाता है तो दूसरे में याद की प्रालब्ध चलती रहेगी।
40The special virtue of service is contentment, either with the self or with those who are in contact, so first become a jewel of contentment, and then come into service.
145इसलिए अविनाशी प्राप्ती कराते चलो। 146तो आप कौन हो? 147शान्ति के दूत। 148शान्ति के मैसेन्जर,मास्टर शान्ति दाता,मास्टर शक्ति दाता।
41If there is any burden, it is better to remain in solitude, and pay attention to self transformation.
149यह स्मृति सदा रहती है ना! 150सदा अपने को इसी स्मृति से आगे बढ़ाते चलो। 151औरों को भी आगे बढ़ाओ, यही सेवा है! 152गवर्मेन्ट के कोई भी नियम होते हैं तो उनको पालन करना ही पड़ता है लेकिन जब थोड़ा भी समय मिलता है तो मन्सा से, वाणी से, सेवा जरूर करते रहो।
42The tapasya that BapDada is talking about is not just a question of sitting in tapasya day and night, though to sit in tapasya is also service, but it is to be a lighthouse and might-house and spread the rays of peace and power.
153अभी मन्सा सेवा की तो बहुत आवश्यकता है,लेकिन जब स्वयं में शक्ति भरी हुई होगी तब दूसरों को दे सकेंगे। 154तो सदा शान्ति दाता के बच्चे शान्ति दाता बनो। 155दाता भी हो तो विधाता भी हो। 156चलते-फिरते याद रहे - मैं मास्टर शान्ति दाता, मास्टर शक्ति दाता हूँ - इसी स्मृति से अनेक आत्माओं को वायब्रेशन देते रहो।
43Tapasya is the service of the mind.
157तब वह महसूस करेंगे कि इनके सम्पर्क में आने से शान्ति की अनुभूति हो रही है। 158तो यही वरदान याद रखना - कि बाप समान मास्टर शान्ति दाता, शक्ति दाता बनना है। 159सभी बहादुर हो ना! 160हलचल में भी व्यर्थ संकल्प नहीं चले।
44You are already elevated souls, but tapasya means to be complete with all powers within the self, and to have the determined thought and stage of consiousness of serving the world.
161क्योंकि व्यर्थ संकल्प समर्थ बनने नहीं देगा। 162क्या होगा, यह तो नहीं होगा… यह व्यर्थ है। 163जो होगा उसको शक्तिशाली होकर देखो और दूसरों को शक्ति दो। 164यह भी साइडसीन्स आती हैं।
45To serve with words isn’t service.
165यह भी एक बाईप्लाट चल रहा है। 166बाईप्लाट समझकर देखो तो घबरायेंगे नहीं। 167अच्छा 1682. अपने को पद्मापदम भाग्यवान अनुभव करते हो?
46It is service through the mind which is accumulated in the account of service.
169क्योंकि देने वाला बाप इतना देता है जो एक जन्म तो भाग्यवान बनते ही हो लेकिन अनेक जन्म तक यह अविनाशी भाग्य चलता रहेगा।
170ऐसा अविनाशी भाग्य कभी स्वप्न में भी सोचा था! 171असम्भव लगता था ना? 172लेकिन आज सम्भव हो गया। 173तो ऐसी श्रेष्ठ आत्मायें है - यह खुशी रहती है?
47Just as happiness, peace and purity are related, in the same way renunciation, tapasya, and service are related to each other.
174कभी किसी भी परिस्थिति में खुशी गायब तो नहीं होती! 175क्योंकि बाप द्वारा खुशी का खज़ाना रोज मिलता रहता है,तो जो चीज़ रोज मिलती है वह बढ़ेगी ना। 176कभी भी खुशी कम हो नहीं सकती। 177क्योंकि खुशियों के सागर द्वारा मिलता ही रहता है।
48BapDada is asking you to become the form of tapasya, the form of the powerful server.
178अखुट है। 179कभी भी किसी बात के फिकर में रहने वाले नहीं। 180प्रापर्टी का क्या होगा,परिवार का क्या होगा? 181यह भी फिकर नहीं।
49The drishti of one who is the embodiment of tapasya will do service.
182बेफिकर! 183पुरानी दुनिया का क्या होगा! 184परिवर्तन ही होगा ना। 185पुरानी दुनिया में कितना भी श्रेष्ठ हो लेकिन सब पुराना ही है।
50The face, which is the embodiment of peace, will also do service.
186इसलिए बेफिकर बन गये। 187पता नहीं आज है कल रहेंगे-नहीं रहेंगे - यह भी फिकर नहीं। 188जो होगा अच्छा होगा। 189ब्राह्मणों के लिए सब अच्छा है।
51Simply glimpsing one who is an image of tapasya will give attainment.
190बुरा कुछ नहीं। 191आप तो पहले ही बादशाह हो। 192अभी भी बादशाह,भविष्य में भी बादशाह। 193जब सदा के बादशाह बन गये तो बेफिकर हो गये।
52Feelings of service doesn’t mean opposing the weaknesses of others - it means merging those weaknesses, having tolerance and giving power to others.
194ऐसी बादशाही जो कोई छीन नहीं सकता। 195कोई बन्दूक से बादशाही उड़ा नहीं सकता।
53Hence the term “the power of tolerance”.
196यही खुशी सदा रहे और औरों को भी देते जाओ। 197औरों को भी बेफिकर बादशाह बनाओ। 198अच्छा!
54To tolerate means to fill the self with power and to give power to others.
1993. सदा अपने को बाप की याद की छत्रछाया में रहने वाली श्रेष्ठ आत्मायें अनुभव करते हो? 200यह याद की छत्रछाया सर्व विघ्नों से सेफ कर देती है। 201किसी भी प्रकार का विघ्न छत्रछाया में रहने वाले के पास आ नहीं सकता। 202छत्रछाया में रहने वाले निश्चित विजयी है ही।
55Tolerance is the way to live in everyone’s heart with love.
203तो ऐसे बने हो? 204छत्रछाया से अगर संकल्प रूपी पाँव भी निकाला तो माया वार कर लेगी। 205किसी भी प्रकार की परिस्थिति आवे छत्रछाया में रहने वाले के लिए मुश्किल से मुश्किल बात भी सहज हो जायेगी। 206पहाड़ समान बातें रूई के समान अनुभव होंगी।
56No matter how much opposition there may be - they may be stronger than Ravan - yet still the fruit of tolerance is eternal and sweet, and they will definitely change.
207ऐसी छत्रछाया की कमाल है। 208जब ऐसी छत्रछाया मिले तो क्या करना चाहिए? 209चाहे अल्पकाल की कोई भी आकर्षण हो लेकिन बाहर निकला तो गया। 210इसलिए अल्पकाल की आकर्षण को भी जान गये हो।
57Don’t desire anything in return - don’t wish for temporary fruit - have feelings of mercy.
211इस आकर्षण से सदा दूर रहना। 212हद की प्राप्ति तो इस एक जन्म में समाप्त हो जायेगी। 213बेहद की प्राप्ति सदा साथ रहेगी। 214तो बेहद की प्राप्ति करने वाले अर्थात् छत्रछाया में रहने वाले विशेष आत्मायें है,साधारण नहीं।
58This is what is meant by feelings of service.
215यह स्मृति सदा के लिए शक्तिशाली बना देगी। 216जो सिक्कीलधे लाडले होते हैं वह सदा छत्रछाया के अन्दर रहते हैं। 217याद ही छत्रछाया है।
59So be the destroyer of attachment and the embodiment of remembrance - become complete - reach the conclusion in this 18th year.
218इस छत्रछाया से संकल्प रूपी पाँव भी बाहर निकाला तो माया आ जायेगी। 219यह छत्रछाया माया को सामने नहीं आने देती। 220माया की ताकत नहीं है - छत्रछाया में आने की। 221वह सदा माया पर विजयी बन जाते हैं।
60Be like the Father.
222बच्चा बनना अर्थात् छत्रछाया में रहना। 223यह भी बाप का प्यार है जो सदा बच्चों को छत्रछाया में रखते हैं। 224तो यही विशेष वरदान याद रखना - कि लाडले बन गये, छत्रछाया मिल गई। 225यह वरदान सदा आगे बढ़ाता रहेगा।
61Achcha.
226विदाई के समय - (अमृतवेले) 227यह संगमयुग अमृतवेलाहै। 228पूरा ही संगमयुग अमृतवेला होने के कारण इस समय की सदा के लिए महानता गाई जाती है। 229तो पूरा ही संगमयुग अर्थात् अमृतबेला अर्थात् डायमण्ड मार्निंग।
62To the spiritual stars who are constantly sparkling; to the jewels of contentment who spread the wave of contentment; to the powerful souls who influence others through constant and simultaneous renunciation, tapasya, and service; to those who constantly give spiritual feelings to all souls; to the elevated children who are each a seed like the Father, BapDada’s love, remembrance, and namaste for becoming perfect.
230सदा बाप बच्चों के साथ है और बच्चे बाप के साथ हैं इसलिए बेहद की डायमण्ड मार्निंग। 231बापदादा सदा करते ही रहते हैं लेकिन व्यक्त स्वरूप में व्यक्त देश के हिसाब से आज भी सभी बच्चों को सदा साथ रहने की गुडमार्निंग कहो, गोल्डन मार्निंग कहो,डायमण्ड मार्निंग कहो जो भी कहो वह बापदादा सभी बच्चों को दे रहे हैं। 232स्वयं भी डायमण्ड हो और मार्निंग भी डायमण्ड है,और भी डायमण्ड बनाने की है इसलिए सदा साथ रहने की गुडमार्निंग। 233अच्छा।
63* * * O M S H A N T I* * *