Avyakt murli for Monday 27 November 1989
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127-11-89 ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन
2शुभभावना और शुभकामना की सूक्ष्म सेवा
3अव्यक्त बापदादा अपने बच्चों प्रति बोले 4आज विश्व-कल्याणकारी बापदादा अपने विश्व-कल्याणकारी साथियों को देख रहे हैं। 5सभी बच्चे बाप के विश्व-कल्याण के कार्य में निमित्त बने हुए साथी हैं। 6सभी के मन में सदा यही एक संकल्प है कि विश्व की परेशान आत्माओं का कल्याण हो जाये।
0> > 27-11-89 Om Shanti Avyakt Bapdada Madhuban
7चलते-फिरते,कोई भी कार्य करते मन में यही शुभभावना है। 8भक्ति-मार्ग में भी भावना होती है। 9लेकिन भक्त आत्माओं की विशेष अल्पकाल के कल्याण प्रति भावना होती है।
1Today BapDada, the World Benefactor, is seeing his companions, the children, who are all instruments in the task of world benefit.
10आप ज्ञानी तू आत्मा बच्चों की ज्ञानयुक्त कल्याण की भावना आत्माओं के प्रति सदाकाल और सर्वकल्याणकारी भावना है। 11आपकी भावना वर्तमान और भविष्य के लिए है कि हर आत्मा अनेक जन्म सुखी हो जाए, प्राप्तियों से सम्पन्न हो जाए। 12क्योंकि अविनाशी बाप द्वारा आप आत्माओं को भी अविनाशी वर्सा मिला है। 13आपकी भावना का फल विश्व की आत्माओं को परिवर्तन कर रहा है और आगे चल प्रकृति सहित परिवर्तन हो जायेगा।
2Everyone has thoughts of benefit for, and love for, the distressed souls of the world.
14आप आत्माओं की श्रेष्ठ भावना इतना श्रेष्ठ फल प्राप्त कराने वाली है! 15इसलिए विश्व-कल्याणकारी आत्माएं गाई जाती हो। 16इतना अपनी शुभभावना का महत्त्व जानते हो? 17अपनी शुभभावना को साधारण रीति से कार्य में लगाते चल रहे हो वा महत्त्व जानकर चलते हो?
3The bhagat souls also have these feelings of love, but for a temporary period - you have love for all time for souls - feelings based on knowledge, and for the benefit of everyone.
18दुनिया वाले भी शुभभावना शब्द कहते हैं। 19लेकिन आपकी शुभभावना सिर्फ शुभ नहीं लेकिन शक्तिशाली भी है। 20क्योंकि आप संगमयुगी श्रेष्ठ आत्माएं हो,संगमयुग का ड्रामा अनुसार प्रत्यक्ष फल प्राप्त होता है। 21इसलिए आपकी भावना का प्रत्यक्ष फल आत्माओं को प्राप्त होता है।
4The fruit of your feelings of love is the transformation of the souls of the love.
22जो भी आत्माएं आपके सम्बन्ध-सम्पर्क में आती हैं,वह उसी समय ही शान्ति वा स्नेह के फल की अनुभूति करती हैं। 23शुभभावना,शुभकामना के बिना हो नहीं सकती। 24हर आत्मा के प्रति सदैव रहम की कामना रहती है कि यह आत्मा भी वर्से की अधिकारी बन जाए। 25हर आत्मा के प्रति तरस पड़ता है कि यह हमारे ही ईश्वरीय परिवार के हैं, तो इससे वंचित क्यों रहें?
5As you go further, matter will also be transformed.
26शुभकामना रहती है ना!
27शुभकामना और शुभभावना - यह सेवा का फाउण्डेशन है। 28कोई भी आत्माओं की सेवा करते हो,अगर आपके अन्दर शुभभावना, शुभकामना आ नहीं है तो आत्माओं को प्रत्यक्ष फल की प्राप्ति नहीं हो सकती। 29एक सेवा होती है नीति प्रमाण, रीति प्रमाण - जो सुना है वह सुनाना है। 30दूसरी सेवा है अपनी शुभभावना,शुभकामना द्वारा।
6Your pure feelings are powerful - they enable souls to receive instant fruit.
31आपकी शुभभावना बाप में भी भावना बिठाती है और बाप द्वारा फल की प्राप्ति कराने के निमित्त बन जाती है। 32शुभभावना' - कहाँ दूर बैठी हुई किसी आत्मा को भी फल की प्राप्ति कराने के निमित्त बन सकती है। 33जैसे साइंस के साधन दूर बैठे आत्माओं से समीप का सम्बन्ध कराने के निमित्त बन जाते हैं, आपकी आवाज पहुँच जाती है, आपका सन्देश पहुँच जाता है, दृश्य पहुँच जाता है। 34तो जब साइंस की शक्ति अल्पकाल के लिए समीपता का फल दे सकती है तो आपके साइलेन्स की शक्तिशाली शुभभावना दूर बैठे भी आत्माओं को फल नहीं दे सकेगी?
7Any souls who come into relationship and connection with you will experience peace and love at that moment.
35लेकिन इसका आधार है - अपने अन्दर इतनी शान्ति की शक्ति जमा हो! 36साइलेन्स की शक्ति यह अलौकिक अनुभव करा सकती है। 37आगे चल कर यह प्रत्यक्ष प्रमाण अनुभव करते रहेंगे। 38शुभभावना अर्थात् शक्तिशाली संकल्प।
8You have a desire of mercy for each soul, so that they claim the right to the inheritance, and are not deprived of our Godly family.
39सब शक्तियों से संकल्प की गति तीव्र है। 40जितने भी साइंस ने तीव्रगति के साधन बनाये हैं, उन सबसे तीव्रगति संकल्प की है। 41किसी आत्मा के प्रति वा बेहद विश्व की आत्माओं के प्रति शुभभावना रखते हो अर्थात् शक्तिशाली शुभ और शुद्ध संकल्प करते हो कि इस आत्मा का कल्याण हो जाए। 42आपका संकल्प वा भावना उत्पन्न होना और उस आत्मा को अनुभूति होगी कि मुझ आत्मा को कोई विशेष सहयोग से शान्ति वा शक्ति मिल रही है।
9Pure feelings can enable a soul to experience fruit even while far away.
43जैसे - अभी भी कई बच्चे अनुभव करते हैं कि कई कार्यों में मेरी हिम्मत वा योग्यता इतनी नहीं थी लेकिन बापदादा की एक्स्ट्रा मदद से यह कार्य सहज ही सफल हो गया वा यह विघ्न समाप्त हो गया। 44ऐसे मास्टर विश्व-कल्याणकारी आत्माओं की सूक्ष्म सेवा प्रत्यक्ष रूप में अनुभव करेंगे। 45समय भी कम और साधन भी कम, सम्पत्ति भी कम लगेगी। 46इसके लिए मन और बुद्धि सदा फ्री चाहिए।
10The power of silence, the power of pure feelings, reaches from afar - the basis of this is the accumulation of the power of peace within you.
47छोटी-छोटी बातों में मन और बुद्धि को बिजी रखते हो,इसलिए सेवा के सूक्ष्म गति की लाइन क्लीयर नहीं रहती है। 48साधारण बातों में भी अपने मन और बुद्धि की लाइन को इंगेज (व्यस्त) बहुत रखते हो, इसलिए यह सूक्ष्म सेवा तीव्रगति से नहीं चल रही है। 49इसके लिए विशेष अटेन्शन - एकान्त और एकाग्रता'' | 50एकान्तप्रिय आत्माएं कितना भी बिजी होते फिर भी बीच-बीच में एक घड़ी, दो घड़ी निकाल एकान्त का अनुभव कर सकती है।
11Pure feelings produce powerful thoughts - the speed of thought is faster than all other powers.
51एकान्तप्रिय आत्मा ऐसी शक्तिशाली बन जाती है जो अपनी सूक्ष्म शक्तियाँ - मन-बुद्धि को जिस समय चाहे,जहाँ चाहे एकाग्र कर सकती है। 52चाहे बाहर की परिस्थिति हलचल की हो लेकिन एकान्तप्रिय आत्मा एक के अन्त में सेकण्ड में एकाग्र हो जायेगी। 53जैसे सागर के ऊपर लहरों की कितनी आवाज होती है, कितनी हलचल होती है,लेकिन सागर के अन्त में हलचल नहीं होती। 54तो जब एक के अन्त में, ज्ञान-सागर के अन्त में चले जायेंगे तो हलचल समाप्त हो एकाग्र बन जायेंगे।
12This subtle service of you souls gives practical experiences, and takes less time, facilities, and money.
55सुना,सूक्ष्म सेवा क्या है!
56शुभभावना',शुभकामना'शब्द सभी बोलते रहते हैं लेकिन इसके महत्त्व को जान प्रत्यक्ष रूप में आने से अनेक आत्माओं को प्रत्यक्षफल की अनुभूति कराने के निमित्त बनो।
57अच्छा!
58टीचर्स का तो काम ही है - सेवा'।
59टीचर्स का महत्त्व ही सेवा है।
60अगर सेवा का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं दिखाई देता है तो उनको योग्य टीचर की लिस्ट में गिनती नहीं किया जाता। 61टीचर की महानता सेवा हुई ना। 62तो सेवा का महीन रूप सुनाया। 63मुख की सेवा तो करते रहते हो लेकिन मुख और मन की शुभभावना की सेवा साथ-साथ हो।
13To do this, the mind and intellect have to be free constantly.
64बोल और भावना डबल काम करेंगे। 65इस सूक्ष्म सेवा का अभ्यास बहुतकाल अर्थात् अभी से चाहिए। 66क्योंकि आगे चलकर सेवा की रूपरेखा बदलनी ही है। 67फिर उस समय सूक्ष्म सेवा में अपने को बिजी नहीं कर सकेंगे, बाहर की परिस्थितियाँ बुद्धि को आकर्षित कर लेंगी।
14When you keep your mind and intellect busy with small matters, the subtle line of speedy service does not remain clear.
68रिजल्ट क्या होगी?
69याद और सेवा का बैलेंस नहीं रख सकेंगे। 70इसलिए अभी से अपने मन-बुद्धि के सेवा की लाइन को चेक करो। 71टीचर्स को चेक करना आता है ना। 72टीचर्स औरों को सिखाती हैं,तो जरूर स्वयं जानती हैं तब तो सिखाती हैं ना।
15So pay attention to solitude and stability.
73अभी योग्य टीचर्स हो ना! 74योग्य टीचर की विशेषता यह है - जो निरन्तर चाहे मन्सा,चाहे वाचा,चाहे कर्मणा सेवा में सदा बिजी रहे। 75तो और बातों से स्वतः ही खाली हो जायेंगे। 76अच्छा!
16No matter how busy a soul who loves solitude is, he will find one or two moments in between to experience solitude.
77कुमारियाँ भी आईं हैं।
78कुमारियाँ अर्थात् होवनहार टीचर्स। 79तब तो कहेंगे ब्रह्माकुमारियाँ हैं। 80अगर होवनहार सेवाधारी नहीं तो पाई पैसे वाली कुमारी है। 81कुमारियाँ क्या करती हैं?
17Because a soul who loves solitude becomes so powerful, he can concentrate the subtle powers of the mind and intellect whenever and wherever he chooses.
82नौकरी की टोकरी उठाती हैं ना पाई पैसे के पीछे। 83बापदादा को हँसी आती है कुमारियों के ऊपर - टोकरी का बोझ उठाने के लिए तैयार हो जाती हैं लेकिन भगवान के घर में अर्थात् सेवा-स्थानों में रहने की हिम्मत नहीं रखती हैं। 84ऐसी कमज़ोर कुमारियाँ तो नहीं हो ना! 85चाहे पढ़ भी रही हैं, तो भी लक्ष्य तो पहले से रखा जाता है कि नौकरी करनी है या विश्व-सेवा करनी है।
18Even in external circumstances of upheaval, he can go within a second into the depths of One.
86नौकरी करना अर्थात् अपने को पालना।
87बाल-बच्चे तो हैं नहीं, जिसको पालना पड़े।
88नौकरी इसलिए करते हैं कि आराम से अपने को पालते रहें,चलते रहें,विश्व की आत्माओं को बाप की पालना दें - यह लक्ष्य रखो। 89जब अनेक आत्माओं के निमित्त बन सकते हैं,तो सिर्फ अपनी आत्मा को पालना - उसके आगे क्या हुआ? 90अनेकों की दुआयें लेना - यह कमाई कितनी बड़ी है! 91उस कमाई में पाँच हजार, पाँच लाख भी हो जाए,लेकिन यह अनेक आत्माओं की दुआयें - यह कितनी बड़ी कमाई है!
19There is a great deal of noise and upheaval superficially with the waves of the ocean, but there is no upheaval in the depths of the ocean.
92और यह साथ जायेंगी अनेक जन्मों के लिए। 93वह पाँच लाख कहाँ जायेंगे? 94या घर में या बैंक में रह जायेंगे। 95लक्ष्य सदैव ऊँचा रखा जाता है, साधारण नहीं।
20When you go into the depths of One, into the depths of the ocean of knowledge, the upheavals finish and you become stable.
96संगमयुग पर इस एक अभी के जन्म में इतना गोल्डन चांस मिलता है - बेहद की सेवा में निमित्त बनने का! 97सतयुग में भी ऑफर नहीं मिलेगी। 98नौकरी के लिए भी अखबार देखते रहते हैं ना कि कोई ऑफर मिले। 99बाप स्वयं सेवा की ऑफर कर रहे हैं।
21So by recognising the importance of pure desires and pure feelings, and by becoming the embodiment of it, you give many souls an instant experience.
100तो योग्य राइट हैण्ड बनो। 101साधारण ब्रह्माकुमारी भी नहीं बनना। 102योग्य सेवाधारी नहीं बनते तो सेवा करने के बजाय सेवा लेते रहते हैं। 103योग्य सेवाधारी बनना कोई मुश्किल नहीं।
22This is subtle service.
104जब योग्य सेवाधारी नहीं बनते हो तब डरते हो - कैसे होगा, चल सकेंगे वा नहीं। 105योग्यता नहीं होती है तो डर लगता है। 106जो योग्य होता वहबेपरवाह बादशाह'होता है। 107चाहे स्थूल योग्यता, चाहे ज्ञान की योग्यता मनुष्य को वैल्यूबल बनाती है।
23This should take place alongside your service through words.
108योग्यता नहीं तो वैल्यू नहीं रहती। 109सेवा की योग्यता सबसे बड़ी है। 110ऐसी योग्य आत्मा को कोई बात रोक नहीं सकती। 111योग्य बनना माना मेरा तो एक बाबा।
24The practice of subtle service should carry on for a long period of time - that is, it should start from now - or later you will not be able to maintain the balance between remembrance and service.
112बस,और कोई बात नहीं।
113सुना कुमारियों ने!
114अच्छा!
115कुमार भी बहुत आये हैं।
116कुमार दौड़ बहुत लगाते हैं।
117सेवा में भी अच्छे उमंग से दौड़ लगाते रहते हैं। 118लेकिन कुमारों की विशेषता और महानता यही है कि आदि से अब तक निर्विघ्न कुमार हो। 119अगर कुमार निर्विघ्न कुमार हैं,तो ऐसे कुमार बहुत महान गाये जाते हैं। 120क्योंकि दुनिया वाले भी कुमारियों के बजाय कुमारों के लिए समझते हैं कि कुमार योग्य बन जाएँ - यह मुश्किल है।
25(kumaris)
121लेकिन कुमार ही विश्व को चैलेन्ज करें कि आप तो असम्भव कहते हो लेकिन हम निर्विघ्न कुमार हैं। 122ऐसे विश्व को सैम्पल दिखाने वाले कुमार महान कुमार हैं। 123बापदादा ऐसे कुमारों को सदा ही दिल से मुबारक देते हैं। 124समझा!
26BapDada is amused on seeing the kumaris, because they are prepared to give up the burden of a job, yet do not have the courage to do service in God’s house at the centre.
125अभी-अभी बहुत अच्छे हैं, अभी-अभी कोई विघ्न आया तो नीचे-ऊपर हो गये - ऐसे नहीं। 126कुमार अर्थात् न तो समस्या बनना है और न समस्या में हार खानी है। 127कुमार, कुमारियों से भी नम्बर आगे जा सकते हैं लेकिन निर्विघ्न कुमार हों। 128क्योंकि कुमारों को बहुत करके यही विघ्न आता है कि कोई साथी नहीं है, कोई साथी चाहिए,कम्पैनियन चाहिए।
27To do a job means to sustain the self - keep the aim of giving Baba’s sustenance to the souls of the world.
129तो किसी-न-किसी रीति से अपनी कम्पनी बना लेते हैं। 130कोई-कोई कुमार तो कम्पैनियन भी बना लेते हैं और कोई कम्पनी में आते हैं - बातचीत करना,बैठना,फिर कम्पैनियन बनाने का भी संकल्प आता है। 131लेकिन ऐसे भी कुमार हैं जो बाप के सिवाए न कम्पनी बनाने वाले हैं, न कम्पैनियन बनाने वाले हैं। 132सदा बाप की कम्पनी में रहने वाले कुमार सदा सुखी रहते हैं।
28To claim blessings from man is a huge income.
133तो आप लोग कौन-से कुमार हो? 134थोड़ी-थोड़ी कम्पनी चाहिए? 135सारा परिवार कम्पनी है? 136फिर तो ठीक लेकिन दो-तीन या एक कोई कम्पनी चाहिए,वह रांग है।
29You have a golden chance to be an instrument of the unlimited only in this birth, so be a worthy right hand.
137तो आप सभी कौन हो?
138निर्विघ्न हो ना।
139नये कुमार भी कमाल करके दिखायेंगे।
140आखिर तो विश्व को अपने आगे,बाप के आगे झुकाना तो है ना! 141तो यह कुमारों की कमाल विश्व को झुकायेगी। 142विश्व आपके गुण-गायन करेगा कि कमाल है कुमारों की! 143कुमारी मैजारिटी फिर भी सेवा में कम्पनी में रहती हैं।
30If you do not become a worthy server, yo are taking service.
144लेकिन कुमारों को थोड़ा-सा कम्पनी का संकल्प आता है तो पाण्डव भवन बना कर सफल रहें, ऐसा कोई करके दिखाओ। 145लेकिन आज पाण्डव भवन बनाओ और पाण्डव एक ईस्ट में चला जाए, एक वेस्ट में चला जाए - ऐसा पाण्डव भवन नहीं बनाना। 146बापदादा को कुमारों के ऊपर विशेष नाज़ है कि अकेले रहते भी पुरूषार्थ में चल रहे हैं। 147कुमार आपस में दो-तीन साथी बनकर क्यों नहीं चलते!
31It is because you do not become a worthy server that you are afraid.
148साथी सिर्फ फीमेल ही नहीं चाहिए, दो कुमार भी रह सकते हैं। 149लेकिन एक-दो के निर्विघ्न साथी होकर रहें। 150अभी वह जलवा नहीं दिखाया है।
32On who is worthy is a carefree emperor - so become worthy and nothing can stop you.
151समय पर एक-दो के सहयोगी बनें तो क्या नहीं हो सकता है? 152और बातें आ जाती हैं, इसलिए बापदादा पाण्डव भवन बनाने के लिए मना कर देता है। 153लेकिन सैम्पल कोई करके दिखाये। 154ऐसा नहीं पाण्डव भवन बना कर फिर जो निमित्त दादी-दीदियां हैं, उनका टाइम लेते रहो।
33To be worthy, remember : “mine is one Baba and none other”.
155निर्विघ्न हों, एक-दूसरे से योग्य कुमार हों फिर देखो कितना अच्छा नाम होता है। 156सुना कुमारों ने? 157योग्य कुमार बनो, निर्विघ्न कुमार बनो। 158सेवा के क्षेत्र पर खुद समस्या नहीं बनो लेकिन समस्या को मिटाने वाले बनो,फिर देखो कुमारों की बहुत वैल्यू होगी।
34(kumars)
159क्योंकि कुमारों के बिना भी सेवा नहीं हो सकती है। 160तो कुमार क्या करेंगे? 161सब बोलो - निर्विघ्न कुमार बनकर दिखायेंगे। 162'' (कुमारों ने बापदादा के सामने खड़े होकर वायदा किया) अभी सभी का फोटो निकल गया है।
35The kumars run very fast and are great destroyers of obstacles.
163ऐसे नहीं समझना कि हम उठे तो किसी ने देखा नहीं। 164फोटो निकल गया। 165अच्छा है - हिम्मते बच्चे मददे बाप' और सारा परिवार आपके साथ है। 166अच्छा!
36The people of the world consider it difficult for kumars to be yogis, but you have to challenge them and say: “we are free from obstacles and worthy of respect”.
167चारों ओर के सर्व बच्चों को सदा बापदादा अपने स्नेह के, सहयोग के छत्रछाया सहित दिल से सेवा की मुबारक दे रहे हैं। 168देश-विदेश के सेवा के समाचार मिलते रहते हैं। 169हर एक बच्चा अपने दिल का सच्चा समाचार भी देते रहते हैं। 170खास विदेश के पत्र ज्यादा आते रहते हैं।
37The obstacle that kumars have is in thinking: “I want company, a companion”.
171तो सेवा के समाचार देने वाले बच्चों को मुबारक भी और साथ में सदा स्व-सेवा और विश्व-सेवा में सफलता भव' का वरदान दे रहे हैं। 172स्व-पुरूषार्थ के समाचार देने वालों को बापदादा यही वरदान दे रहे हैं कि जैसे सच्ची दिल से बाप को राजी करते रहते हो,ऐसे सदा स्वयं को भी स्वयं के संस्कारों से,संगठन से राज़युक्त अर्थात् राजी रहो। 173एक-दो के संस्कारों के राज़ को भी जानना,परिस्थितियों को जानना - यही राज़युक्त स्थिति है। 174बाकि सच्चे दिल से अपना पोतामेल देना और स्नेह की रूह-रूहान के पत्र लिखना अर्थात् पिछला समाप्त करना और स्नेह की रूह-रूहान सदा समीपता का अनुभव कराती रहेगी।
38A kumar who remains constantly in Baba’s company can remain constantly happy.
175यह है पत्रों का रेसपाण्ड। 176पत्र लिखने में विदेशी बहुत होशियार हैं। 177जल्दी-जल्दी लिखते हैं। 178भारतवासी भी लम्बे-लम्बे पत्र भेजना नहीं शुरू करना।
39The company is the whole family - it is wrong to keep the company of one or two.
179बापदादा ने कह दिया है दो शब्दों का पत्र लिखो - ओ.के.' (बिल्कुल ठीक हैं)। 180सर्विस समाचार है तो लिखो बाकी ओ.के.'। 181इसमें सब-कुछ आ जाता है। 182यह पत्र पढ़ना भी सहज है तो लिखना भी सहज है।
40A kumari stays in the company of service, but the kumars have desire for company.
183लेकिन अगरओ.के.'नहीं हो तो फिर ओ.के.'नहीं लिखना। 184जब ओ.के. हो जाओ तब लिखना। 185पोस्ट पढ़ने में भी तो टाइम लगता है ना! 186कोई भी कार्य करो, सदा शार्ट भी हो और स्वीट भी हो।
41BapDada has pride in the kumars - they are moving forward with efforts, even though they are alone.
187कोई भी पढ़े तो उसको खुशी तो हो। 188इसलिए राम कथाएं लिखकर नहीं भेजना। 189समझा! 190समाचार देना भी है लेकिन समाचार देना सीखना भी है।
42Two or three kumars can live together and give co-operation to one another when there is a need.
191अच्छा!
192सर्व शुभभावना और शुभकामना की सूक्ष्म सेवा के महत्त्व को जानने वाले महान आत्माओं को बापदादा का यादप्यार और नमस्ते। 193उड़ीसा-भोपाल ग्रुप:- सदा बाप के स्नेह में सदा समाये हुए रहते हो? 194जो समाया हुआ होता है उसको कोई सुध-बुध नहीं रहती। 195आप सभी को भी सब-कुछ भूल गया है ना!
43Be free from obstacles and do not be a problem at the centre - be one who removes problems.
196स्नेह में समाया हुआ सदा ही बाप का प्यारा और दुनिया से न्यारा रहता है। 197सभी लोग आपको कहते हैं ना कि आप तो न्यारे बन गये! 198न्यारा बनना ही बाप का प्यारा बनना है। 199सारे विश्व को बाप प्यारा क्यों लगता है?
44(reply to letters received)
200क्योंकि सबसे न्यारा है।
201सबसे न्यारा एक ही है, और कोई हो नहीं सकता।
202तो आप भी कौन हैं?
203न्यारे और प्यारे। 204आपका यह न्यारा जीवन सारे विश्व को प्रिय लगता हे। 205इसलिए ब्राह्मण जीवन को अलौकिक जीवन कहते हैं। 206अलौकिक का अर्थ क्या है?
45BapDada is giving congratulations from his heart to the children in all four directions with the canopy of love and co-operation.
207लोक जैसे नहीं।
208अलौकिक अर्थात् लोक जैसा जीवन नहीं है। 209आपकी दृष्टि, स्मृति,वृत्ति सब बदल गई। 210स्मृति वा वृत्ति में क्या रहता है? 211त्याग वृत्ति रहती है!
46Children from this land and abroad give news from their hearts - there are more letters from abroad.
212आत्मा भाई-भाई की वृत्ति वा भाई-बहन की वृत्ति रहती है। 213हम सब आपस में एक परिवार के हैं - यह वृत्ति रहती है। 214और दृष्टि से भी आत्मा को ही देखते, शरीर को नहीं। 215तो सब बदल गया ना!
47Baba congratulates the children who give news of service, and also gives the blessing: “ may you be successful in self service and world service”.
216कभी गलती से शरीर को तो नहीं देखते हो?
217अगर आत्मा नहीं होती तो शरीर कुछ कर सकता है?
218तो प्यारी चीज़ कौन-सी है?
219आत्मा है।
220जब आत्मा निकल जाती है तो शरीर को रखने के लिए भी तैयार नहीं होते। 221तो प्यारी चीज़ आत्मा है ना! 222इसलिए वृत्ति,दृष्टि,स्मृति सब बदल जाती है। 223तो यह चेक करो कि सदा अलौकिक जीवन में हूँ या साधारण जीवन में हूँ?
48Just as you please Baba with a true heart, in the same way understand your weaknesses, and remain content.
224क्योंकि नया जन्म हो गया! 225जन्म नया है तो सब-कुछ नया है और सभी को प्रिय भी नया लगता है, न कि पुराना। 226तो नई जीवन में नई बातें हैं। 227पुराना समाप्त हो गया।
49To give your chart with a true heart, and to write letters of chit-chat with love means to finish the rubbish.
228समाप्त हुआ है या आधे वहाँ जिन्दा हो,आधे यहाँ जिन्दा हो? 229आधा शुद्र तरफ, आधा ब्राह्मण तरफ - ऐसे तो नहीं है ना? 230श्रेष्ठ जीवन को भूल कर साधारण जीवन को कौन याद करेगा! 231कोई को राजाई मिल जाए और फिर भी गरीबी को याद करता रहे, तो उसे क्या कहेंगे?
50The chit-chat with love gives the experience of closeness.
232भाग्यवान कहेंगे?
233तो स्वप्न में भी पुराना जीवन याद नहीं आये।
234जब मर गये तो याद कहाँ से आयेगा!
235आधा तो नहीं मरे हो?
236पूरा मर गये होना! 237जो आधा मर जाता है, पूरा नहीं मरता, तो अच्छा नहीं लगता है ना! 238जब ऐसी बढ़िया जीवन मिल गई तो पुरानी जीवन याद आ नहीं सकती। 239तो ऐसे मरजीवा बने हो या आधा मरे हो?
51The letters should be short and sweet.
240अच्छा!
241सेवाधारियों ने सेवा करते वर्तमान और भविष्य - दोनों बना लिया। 242प्रत्यक्षफल भी मिला। 243मधुबन में रहने का भाग्य मिला - यह प्रत्यक्षफल मिला और भविष्य भी जमा कर लिया, तो डबल प्राप्ति हो गई ना! 244ऐसे ही सदा अपने भाग्य को ऊँचे-ते- ऊँचा बनाते जाओ।
52Achcha.
245ऐसे नहीं - मधुबन से गये तो भाग्य कम हो गया! 246भाग्यविधाता के बच्चे हैं, भाग्य बढ़ता रहेगा। 247कुछ भी हो जाए, माया कितनी भी कोशिश करे लेकिन भाग्य नहीं गँवा सकते। 248वहाँ जाकर ऐसे पत्र नहीं लिखना कि हो गया, क्या करें…।
53To the great souls who understand the significance of pure feelings, pure desires, and subtle service, BapDada’s love, remembrance, and namaste.
249सदा अनुभव के पत्र लिखना,और कुछ नहीं लिखना। 250अभी तो विश्व की सर्व आत्माओं को जगाना है, श्रेष्ठ बनाना है तो स्वयं कैसे नीचे रहेंगे! 251ऊँचे रहेंगे तभी औरों को भी ऊँचा ले जायेंगे। 252सदा जैसे बाप वैसे बच्चे।
54* * * O MS H A N T I * * *
253समान बनना है और समीप रहना है।
254अच्छा!