Avyakt murli for Monday 30 November 1992
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0> 130-11-92 ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन 2सर्व खज़ानों से सम्पन्न बनो - दुआए दो, दुआए लो
0> > 30-11-92 Om Shanti Avyakt Bapdada Madhuban
3दुआओं के खज़ाने से सम्पन्न बनाने वाले बापदादा अपनेज्ञानी तू आत्मा बच्चों प्रति बोले - 4आज सर्व खज़ानों के मालिक अपने सम्पन्न बच्चों को देख रहे हैं। 5हर एक बच्चे को अनेक प्रकार के अविनाशी अखुट खज़ाने मिले हैं और ऐसे खज़ाने हैं,जो सर्व खज़ाने अब भी हैं और आगे भी अनेक जन्म खज़ानों के साथ रहेंगे। 6जानते हो कि खज़ाने कौनसे और कितने मिले हैं?
1Become full of all treasures: Give blessings and receive blessings.
7खज़ानों से सदा प्राप्ति होती है। 8खज़ानों से सम्पन्न आत्मा सदा भरपूरता के नशे में रहती है। 9सम्प-न्नता की झलक उनके चेहरे में चमकती है और हर कर्म में सम्पन्नता की झलक स्वतः ही नजर आती है। 10इस समय के मनुष्या-त्माओं को विनाशी खज़ानों की प्राप्ति है, इसलिए थोड़ा समय नशा रहता है और साथ नहीं रहता है।
2Today, the Master of all the treasures is seeing His children who are full.
11इसलिए दुनिया वाले कहते हैं-खाली होकर जाना है। 12और आप कहते हो कि भरपूर होकर जाना है। 13आप सबको बापदादा ने अनेक खज़ाने दिये हैं। 14सबसे श्रेष्ठ पहला खज़ाना है-ज्ञान-रत्नों का खज़ाना।
3Each child has received many types of imperishable, limitless treasure; these are such treasures that you have all the treasures now, and they will remain with you for many births in the future.
15सबको यह खज़ाना मिला है ना। 16कोई वंचित तो नहीं रह गया है ना।
4Do you know how many and which treasures you have received?
17इस ज्ञान-रत्नों के खज़ाने से विशेष क्या प्राप्ति कर रहे हो? 18ज्ञान-खज़ाने द्वारा इस समय भी मुक्ति-जीवन्मुक्ति की अनुभूति कर रहे हो। 19मुक्तिधाम में जायेंगे वा जीवन्मुक्त देव पद प्राप्त करेंगे-यह तो भविष्य की बात हुई। 20लेकिन अभी भी मुक्त जीवन का अनुभव कर रहे हो।
5You constantly attain something through the treasures.
21कितनी बातों से मुक्त हो, मालूम है? 22जो भी दुःख और अशान्ति के कारण हैं, उनसे मुक्त हुए हो।
6A soul who is full of treasures constantly stays in the intoxication of being full.
23कि अभी मुक्त होना है? 24अभी कोई विकार नही आता? 25मुक्त हो गये। 26अगर आता भी है तो विजयी बन जाते हो ना।
7There is a sparkle of fullness on his face, and the sparkle of fullness is automatically visible in his every action.
27तो कितनी बातों से मुक्त हो गये हो! 28लौकिक जीवन और अलौकिक जीवन-दोनों को साथ रखो तो कितना अन्तर दिखाई देता है! 29तो अभी मुक्ति भी प्राप्त की है और जीवन्मुक्ति भी अनुभव कर रहे हो।
8Souls of the present time have the attainment of perishable treasures and this is why they have intoxication for a short time; it does not remain all the time.
30अनेक व्यर्थ और विकल्प, विकर्मों से मुक्त बनना-यही जीवन्मुक्त अवस्था है। 31कितने बन्धनों से मुक्त हुए हो?
9This is why people of the world say that they have to return emptyhanded, whereas you say that you have to return full.
32चित्र में दिखाते हो ना-कितने बन्धनों की रस्सियां मनुष्यात्माओं को बंधी हुई हैं! 33यह किसका चित्र है?
10BapDada has given all of you many treasures. 11The first, most elevated treasure is that of the jewels of knowledge.
34आप तो वह नहीं हो ना। 35आप तो मुक्त हो ना।
12All of you have received this treasure, have you not?
36तो जीवन में रहते जीवन्मुक्त हो गये। 37तो ज्ञान के खज़ाने से विशेष मुक्ति-जीव-न्मुक्ति की प्राप्ति का अनुभव कर रहे हो। 38दूसरा-याद अर्थात् योग द्वारा सर्व शक्तियों का खज़ाना अनुभव कर रहे हो। 39कितनी शक्तियाँ हैं?
13None of you are deprived, are you?
40बहुत हैं ना! 41आठ शक्तियाँ तो एक सैम्पल रूप में दिखाते हो, लेकिन सर्व शक्तियों के खज़ानों के मालिक बन गये हो।
14What special attainment do you have through this treasure of the jewels of knowledge?
42तीसरा-धारणा की सब्जेक्ट द्वारा कौनसा खज़ाना मिला है? 43सर्व दिव्य गुणों का खज़ाना। 44गुण कितने हैं? 45बहुत हैं ना।
15With the treasures of knowledge, you are experiencing liberation and liberationinlife even now.
46तो सर्व गुणों का खज़ाना। 47हर गुण की, हर शक्ति की विशेषता कितनी बड़ी है! 48हर ज्ञान-रत्न की महिमा कितनी बड़ी है! 49चौथी बात-सेवा द्वारा सदा खुशी के खज़ाने की अनुभूति करते हो।
16Whether you go into the land of liberation or you attain the deity status of liberationinlife is a matter of the future, but, even now, you are experiencing a life of liberation.
50जो सेवा करते हो उससे विशेष क्या अनुभव होता है?
17Do you know how many things you are free from?
51खुशी होती है ना। 52तो सबसे बड़ा खज़ाना है अविनाशी खुशी। 53तो खुशी का खज़ाना सहज,स्वतः प्राप्त होता है।
18Have you been liberated from all the things that give sorrow and peacelessness or do you still have to become liberated from them?
54पांचवा-सम्बन्ध-सम्पर्क द्वारा ब्राह्मण परिवार के भी सम्पर्क में आते हो,सेवा के भी सम्बन्ध में आते हो। 55तो सम्बन्ध-सम्पर्क द्वारा कौनसा खज़ाना मिलता है? 56सर्व की दुआओं का खज़ाना मिलता है। 57यह दुआओं का खज़ाना बहुत बड़ा खज़ाना है।
19Do any vices come now?
58जो सर्व की दुआओं के खज़ानों से भरपूर है, सम्पन्न है उसको कभी भी पुरूषार्थ में मेहनत नहीं करनी पड़ती। 59पहले है मात-पिता की दुआए और साथ में सर्व के सम्बन्ध में आने से सर्व द्वारा दुआए। 60सबसे बड़े ते बड़े तीव्र गति से आगे उड़ने का तेज यन्त्र है-दुआए। 61जैसे-साइन्स का सबसे बड़े ते बड़ा तीव्र गति का रॉकेट है।
20Have you become liberated?
62लेकिन दुआओं का रॉकेट उससे भी श्रेष्ठ है। 63विघ्न जरा भी स्पर्श नहीं करेगा, विघ्न-प्रूफ बन जाते। 64युद्ध नहीं करनी पड़ती। 65सहज योगयुक्त, युक्तियुक्त हर कर्म, बोल,संकल्प स्वतः ही बन जाते हैं।
21If any vices do come, you become victorious, do you not?
66ऐसा यह दुआओं का खज़ाना है। 67सबसे बड़ा खज़ाना इस संगमयुग के समय का खज़ाना है। 68वैसे खज़ाने तो बहुत हैं। 69लेकिन जो खज़ाने सुनाये,सिर्फ इन खज़ानों को भी अपने अन्दर समाने की शक्ति धारण करो तो सदा ही सम्पन्न होने कारण जरा भी हलचल नहीं होगी।
22So, you have become liberated from so many things.
70हलचल तब होती है जब खाली है। 71भरपूर आत्मा कभी हिलेगी नहीं। 72तो इन खज़ानों को चेक करो कि सर्व खज़ाने स्वयं में समाये हैं?
23Put both your lokik and alokik life in front of you and see how much difference is visible.
73इन सभी खज़ानों से भरपूर हो? 74वा कोई में भरपूर हो, कोई में थोड़ा अभी भरपूर होना है?
24So now, you have attained liberation and are also experiencing a life of liberation.
75खज़ाने मिले तो सभी को हैं ना। 76एक द्वारा,एक जैसे खज़ाने सभी को मिले हैं। 77अलग-अलग तो नहीं बांटा है ना।
25To be liberated from wasteful, sinful thoughts and sinful actions is the stage of being liberated in life.
78एक को लाख, दूसरे को करोड़ दिया हो-ऐसे तो नहीं है ना? 79लेकिन एक हैं सिर्फ लेने वाले-जो मिलता है लेते भी हैं लेकिन मिला और खाया-पिया, मौज किया और खत्म किया। 80दूसरे हैं जो मिले हुए खज़ानों को जमा करते-खाया-पिया,मौज भी किया और जमा भी किया। 81तीसरे हैं-जमा भी किया, खाया-पिया भी लेकिन मिले हुए खज़ाने को और बढ़ाते जाते हैं।
26How many bondages have you been liberated from?
82बाप के खज़ाने को अपना खज़ाना बनाए बढ़ाते जाते। 83तो देखना है कि मैं कौन हूँ-पहले नम्बर वाला, दूसरे वा तीसरे नम्बर वाला? 84जितना खज़ाने को स्व के कार्य में या अन्य की सेवा के कार्य में यूज़ करते हो उतना खज़ाना बढ़ता है। 85खज़ाना बढ़ाने की चाबी है-यूज करना।
27You show the picture in which human souls are tied by so many strings of bondage.
86पहले अपने प्रति। 87जैसे-ज्ञान के एक-एक रत्न को समय पर अगर स्व प्रति यूज़ करते हो, तो खज़ाना यूज़ करने से अनुभवी बनते जाते हो। 88जो खज़ाने की प्राप्ति है वह जीवन में अनुभव की अथॉरिटीबन जाती है। 89तो अथॉरिटी का खज़ाना एड (Add,जमा) हो जाता है।
28Whose picture is that?
90तो बढ़ गया ना। 91सिर्फ सुनना और बात है।
29You are not that, are you?
92सुनना माना लेना नहीं है। 93समाना और समय पर कार्य में लगाना-यह है लेना। 94सुनने वाले क्या करते और समाने वाले क्या करते-दोनों में महान अन्तर है। 95सुनने वालों का बापदादा दृश्य देखते हैं तो मुस्कुराते हैं।
30You are liberated, are you not?
96सुनने वाले समय पर परिस्थिति प्रमाण वा विघ्न प्रमाण,समस्या प्रमाण प्वाइन्ट को याद करते हैं कि बापदादा ने इस विघ्न को पार करने के लिए ये-ये पॉइंट्स दी हैं। 97ऐसा करना है, ऐसा नहीं करना है-रिपीट करते,याद करते रहते हैं। 98एक तरफ प्वाइन्ट रिपीट करते रहते, दूसरे तरफ वशीभूत भी हो जाते हैं। 99बोलते हैं-ऐसा नहीं करना है,यह ज्ञान नहीं है, यह दिव्य गुण नहीं है, समाने की शक्ति धारण करनी है, किसको दुःख नहीं देना है।
31So you have become liberated in life while living your life.
100रिपीट भी करते रहते हैं लेकिन फेल भी होते रहते हैं। 101अगर उस समय भी उनसे पूछो कि ये राइट है? 102तो जवाब देंगे-राइट है नहीं लेकिन हो जाता है।
32So with the treasures of knowledge, you are especially experiencing the attainment of liberation and liberationinlife.
103बोल भी रहे हैं,भूल भी रहे हैं। 104तो उनको क्या कहेंगे? 105सुनने वाले। 106सुनना बहुत अच्छा लगता है।
33econdly, through remembrance, that is, through yoga, you are experiencing the treasures of all the powers.
107प्वाइन्ट बड़ी अच्छी शक्तिशाली है। 108लेकिन यूज़ करने के समय अगर शक्तिशाली प्वाइन्ट ने विजयी नहीं बनाया वा आधा विजयी बनाया तो उसको क्या कहेंगे? 109सुनने वाले कहेंगे ना। 110समाने वाले जैसे कोई परिस्थिति या समस्या सामने आती है तो त्रिकालदर्शी स्थिति में स्थित हो स्व-स्थिति द्वारा पर-स्थिति को ऐसे पार कर लेते जैसे कि कुछ था ही नहीं।
34How many powers are there?
111इसको कहा जाता है समाना अर्थात् समय पर कार्य में लगाना, समय प्रमाण हर शक्ति को, हर प्वाइन्ट को,हर गुण को ऑर्डर से चलाना। 112जैसे कोई स्थूल खज़ाना है, तो खज़ाने को स्वयं खज़ाना यूज़ नहीं करता लेकिन खज़ाने को यूज़ करने वाली मनुष्यात्माए हैं। 113वो जब चाहें, जितना चाहें, जैसे चाहें, वैसे यूज़ कर सकती हैं। 114ऐसे यह जो भी सर्व खज़ाने सुनाए,उनके मालिक कौन?
35There are many, are there not?
115आप हो वा दूसरे हैं? 116मालिक हैं ना। 117मालिक का काम क्या होता है? 118खज़ाना उसको चलाये या वो खज़ाने को चलाये?
36The eight powers are just shown as a sample, but you have become the masters of all the treasures of all the powers.
119तो ऐसे हर खज़ाने के मालिक बन समय पर ज्ञानी अर्थात् समझदार, नॉलेजफुल,त्रिकालदर्शी होकर खज़ाने को कार्य में लगाओ। 120ऐसे नहीं कि समय आने पर ऑर्डर करो सहन शक्ति को और कार्य पूरा हो जाये फिर सहन शक्ति आये। 121समाने की शक्ति जिस समय,जिस विधि से चाहिए-उस समय अपना कार्य करे। 122ऐसे नहीं-समाया तो सही लेकिन थोड़ा-थोड़ा फिर भी मुख से निकल गया, आधा घण्टा समाया और एक सेकेण्ड समाने के बजाए बोल दिया।
37Thirdly, through the subject of imbibing, what treasure did you receive?
123तो इसको क्या कहेंगे? 124खज़ाने के मालिक वा गुलाम?
38You have received the treasure of all the divine virtues.
125सर्व शक्तियाँ बाप के अधिकार का खज़ाना है,वर्सा है,जन्म सिद्ध अधिकार है। 126तो जन्मसिद्ध अधिकार का कितना नशा होता है! 127छोटा-सा राजकुमार होगा, क्या खज़ाना है, उसका पता भी नहीं होगा लेकिन थोड़ा ही स्मृति में आने से कितना नशा रहता-मैं राजा का बच्चा हूँ! 128तो यह मालिकपन का नशा है ना।
39So how many virtues are there?
129तो खज़ानों को कार्य में लगाओ। 130कार्य में कम लगाते हो। 131खुश रहते हो-भरपूर है,सब मिला है। 132लेकिन कार्य में लगाना, उससे स्वयं को भी प्राप्ति कराना और दूसरों को भी प्राप्ति कराना-उसमें नम्बरवार बन जाते हैं।
40There are many, are there not?
133नहीं तो नम्बर क्यों बने? 134जब देने वाला भी एक है,देता भी सबको एकरस है,फिर नम्बर क्यों? 135तो बापदादा ने देखा-खज़ाने तो बहुत मिले हैं,भरपूर भी सभी हैं, लेकिन भरपूरता का लाभ नहीं लेते। 136जैसे लौकिक में भी कइयों को धन से आनन्द या लाभ प्राप्त करने का तरीका आता है और कोई के पास होगा भी बहुत धन लेकिन यूज़ करने का तरीका नहीं आता, इसलिए होते हुए भी जैसे कि नहीं है।
41So you have the treasure of all the virtues.
137तो अन्डरलाइन क्या करना है? 138सिर्फ सुनने वाले नहीं बनो, यूज़ करने की विधि से अब भी सिद्धि को प्राप्त करो और अनेक जन्मों की सद्गति प्राप्त करो। 139दिव्य गुण भी बाप का वर्सा है। 140तो प्राप्त हुए वर्से को कार्य में लगाना क्या मुश्किल है।
42The speciality of each virtue and each power is so great!
141ऑर्डर करो। 142ऑर्डर करना नहीं आता? 143मालिक को ही ऑर्डर करना आता।
43The praise of each jewel of knowledge is so great.
144कमजोर को ऑर्डर करना नहीं आता, वह सोचेगा-कहूँ वा नहीं कहूँ,पता नहीं मदद मिलेगी वा नहीं मिलेगी…। 145अपना खज़ाना है ना।
44Fourthly, through service, you constantly experience the treasure of happiness.
146बाप का खज़ाना अपना खज़ाना है। 147या बाप का है और हमारा नहीं है? 148बाप ने किसलिए दिया?
45What do you especially experience through the service you do?
149अपना बनाने के लिए दिया या सिर्फ देखकर खुश होने के लिए दिया? 150कर्म में लगाने के लिए मिला है। 151रिजल्ट में देखा जाता है कि सभी खज़ानों को जमा करने की विधि कम आती है। 152ज्ञान का अर्थ भी यह नहीं कि प्वाइन्ट रिपीट करना या बुद्धि में रखना।
46You experience happiness, do you not?
153ज्ञान अर्थात् समझ-त्रिकालदर्शी बनने की समझ,सत्य-असत्य की समझ, समय प्रमाण कर्म करने की समझ। 154इसको ज्ञान कहा जाता है। 155अगर कोई इतना समझदार भी हो और समय आने पर बेसमझी का कार्य करे-तो उसको ज्ञानी कहेंगे? 156और समझदार अगर बेस-मझ बन जाये तो उसको क्या कहा जायेगा?
47So the greatest treasure of all is imperishable happiness.
157बेसमझ को कुछ कहा नहीं जाता। 158लेकिन समझदार को सभी इशारा देंगे कि-यह समझदारी है?
48So, you attain the treasure of happiness easily and automatically.
159तो ज्ञान का खज़ाना धारण करना, जमा करना अर्थात् हर समय, हर कार्य, हर कर्म में समझ से चलना। 160समझा? 161तो आप महान समझदार हो ना।
49Fifthly, in terms of relationships and connections, you come into contact with the Brahmin family and you also come into connection and relationship with others through service.
162ज्ञानी तू आत्मा हो या ज्ञान सुनने वाली तू आत्मा हो? 163चेक करो कि ऐसे ज्ञानी तू आत्मा कहाँ तक बने हैं-प्रैक्टिकल कर्म में, बोलने में…। 164ऐसे तो सबसे हाथ उठवाओ तो सब कहेंगे-हम लक्ष्मी-नारायण बनेंगे। 165कोई नहीं कहेगा कि हम राम-सीता बनेंगे।
50So what treasure do you receive through relationships and connections?
166लेकिन कोई तो बनेंगे ना। 167सभी कहेंगे-हम विश्व-महाराजा बनेंगे।
51You receive the treasure of everyone’s blessings.
168अच्छा है, लक्ष्य ऐसा ही ऊंचा रहना चाहिए।
52This treasure of blessings is a very big treasure.
169लेकिन सिर्फ लक्ष्य तक नहीं, लक्ष्य और लक्षण समान हों। 170लक्ष्य हो विश्व-महाराजन् और कर्म में एक गुण या एक शक्ति भी ऑर्डर नहीं माने, तो वह विश्व का महाराजा कैसे बनेंगे? 171अपना ही खज़ाना अपने ही काम में नहीं आये तो विश्व का खज़ाना क्या सम्भालेंगे? 172इसलिए सर्व खज़ानों से सम्पन्न बनो और विशेष वर्तमान समय यही सहज पुरूषार्थ करो कि सर्व से, बापदादा से हर समय दुआए लेते रहें।
53Those who are full of the treasure of blessings from everyone never have to labour in their efforts.
173दुआए किसको मिलती हैं? 174जो सन्तुष्ट रह सबको सन्तुष्ट करे। 175जहाँ सन्तुष्टता होगी वहाँ दुआए होंगी। 176और कुछ भी नहीं आता हो-कोई बात नहीं।
54First are the blessings from the Mother and Father, then, together with that, by coming into relationship with everyone, you receive everyone’s blessings.
177भाषण नहीं करना आता है-कोई बात नहीं। 178सर्व गुण धारण करने में मेहनत लगती हो, सर्व शक्तियों को कन्ट्रोल करने में मेहनत लगती हो-उसको भी छोड़ दो। 179लेकिन एक बात यह धारण करो कि दुआए सबको देनी हैं और दुआए लेनी हैं। 180इसमें कोई मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।
55Blessings are the fastest instrument to make you fly ahead.
181करके देखो। 182एक दिन अमृतवेले से लेकर रात तक यही कार्य करो-दुआए देनी हैं, दुआए लेनी हैं। 183और फिर रात को चार्ट चेक करो-सहज पुरूषार्थ रहा या मेहनत रही?
56Science has a rocket which has the fastest speed, but the rocket of blessings is even more elevated.
184और कुछ भी नहीं करो लेकिन दुआए दो और दुआए लो। 185इसमें सब आ जायेगा।
57Obstacles would not touch you even slightly; you become obstacleproof.
186दिव्य गुण, शक्तियाँ आपे ही आ जायेंगी। 187कोई आपको दुःख दे तो भी आपको दुआए देनी हैं। 188तो सहन शक्ति, समाने की शक्ति होगी ना,सहनशीलता का गुण होगा ना। 189अन्डरस्टूड है।
58You do not have to battle, but you easily and automatically become yogyukt and yuktiyukt in every action, word and thought.
190दुआए लेना और दुआए देना-यह बीज है, इसमें झाड़ स्वतः ही समाया हुआ है। 191इसकी विधि है-दो शब्द याद रखो। 192एक है शिक्षाऔर दूसरी हैक्षमा,रहम। 193तो शिक्षा देने की कोशिश बहुत करते हो, क्षमा करना नहीं आता।
59Such is the treasure of blessings.
194तो क्षमा करनी है। 195क्षमा करना ही शिक्षा देना हो जायेगा। 196शिक्षा देते हो तो क्षमा भूल जाते हो।
60The greatest treasure of all is the treasure of the time of the confluence age.
197लेकिन क्षमा करेंगे तो शिक्षा स्वतः आ जायेगी। 198शिक्षक बनना बहुत सहज है। 199सप्ताह-कोर्स के बाद ही शिक्षक बन जाते हैं। 200तो क्षमा करनी है,रहमदिल बनना है।
61In fact, there are many treasures, but when you simply imbibe in yourself the power to accommodate the treasures you have just been told about, then, because of being constantly full, there will not be the slightest fluctuation.
201सिर्फ शिक्षक नहीं बनना है। 202क्षमा करेंगे-अभी से यह संस्कार धारण करेंगे तब ही दुआए दे सकेंगे । 203और अभी से दुआए देने का संस्कार पक्का करेंगे तभी आपके जड़ चित्रों से भी दुआए लेते रहेंगे। 204चित्रों के सामने जाकर क्या कहते हैं?
62There is fluctuation when something is empty.
205दुआ करो, मर्सा (रहम) दो…। 206आपके जड़ चित्रों से जब दुआए मिलती हैं तो चैतन्य में आत्माओं से कितनी दुआए मिलेंगी! 207दुआओं का अखुट खज़ाना बापदादा से हर कदम में मिल रहा है, लेने वाला लेवे। 208आप देखो, अगर श्रीमत प्रमाण कोई भी कदम उठाते हो तो क्या अनुभव होता है?
63A soul who is full will never fluctuate.
209बाप की दुआए मिलती हैं ना। 210और अगर हर कदम श्रीमत पर चलो तो हर कदम में कितनी दुआए मिलेंगी, दुआओं का खज़ाना कितना भरपूर हो जायेगा! 211कोई भल क्या भी देवे लेकिन आप उसको दुआए दो। 212चाहे कोई क्रोध भी करता है, उसमें भी दुआए हैं।
64So, check whether all these treasures are merged within you.
213क्रोध में दुआए हैं कि लड़ाई है? 214चाहे कोई कितना भी क्रोध करता है लेकिन आपको याद दिलाता है कि मैं तो परवश हूँ, लेकिन आप मास्टर सर्वशक्तिवान हो। 215तो दुआए मिली ना। 216याद दिलाया कि आप मास्टर सर्वशक्तिवान हो, आप शीतल जल डालने वाले हो।
65Are you full of all these treasures?
217तो क्रोधी ने दुआए दी ना। 218वह क्या भी करे लेकिन आप उस से दुआए लो।
66Or, is it that you are full of some treasures and that you have to become full of others?
219सुनाया ना-गुलाब के पुष्प में भी देखो कितनी विशेषता है,कितनी गन्दी खाद से, बदबू से खुद क्या लेता है? 220खुशबू लेता है ना। 221गुलाब का पुष्प बदबू से खुशबू ले सकता और आप क्रोधी से दुआए नहीं ले सकते? 222विश्व-महाराजन गुलाब का पुष्प बनना चाहिये या आपको बनना चाहिए?
67All of you have received the treasures, have you not?
223यह कभी भी नहीं सोचो कि यह ठीक हो तो मैं ठीक होऊं, यह सिस्टम ठीक हो तो मैं ठीक होऊं। 224कभी सागर के आगे जाकर कहेंगे-हे लहर! 225आप बड़ी नहीं, छोटी आओ, टेढ़ी नहीं आओ, सीधी आओ? 226यह संसार भी सागर है।
68All of you have received the same treasures from the One.
227सभी लहरें न छोटी होंगी,न टेढ़ी होंगी, न सीधी होंगी,न बड़ी होंगी,न छोटी होंगी। 228तो यह आधार नहीं रखो-यह ठीक हो जाये तो मैं हो जाऊं। 229तो परिस्थिति बड़ी या आप बड़े? 230बापदादा के पास तो सब बातें पहुँचती हैं ना।
69They have not been distributed individually, have they?
231यह ठीक कर दो तो मैं भी ठीक हो जाऊं। 232इस क्रोध करने वाले को शीतल कर दो तो मैं शीतल हो जाऊं।
70It isn't that someone is given a hundred thousand and someone else is given a million, is it?
233इस खिटखिट करने वाले को किनारे कर दो तो सेन्टर ठीक हो जायेगा। 234ऐसे रूहरिहान नहीं करना। 235आपका स्लोगन ही है-बदला न लो, बदल कर दिखाओ। 236यह ऐसा क्यों करता है,ऐसा नहीं करना चाहिए,इसको तो बदलना ही पड़ेगा…।
71It is one thing to receive wealth, to take the wealth that one receives, but they are those who just take: they take whatever they receive they receive it and finish it by just eating, drinking and enjoying themselves with it.
237परन्तु पहले स्व को बदलो। 238स्व-परिवर्तन से विश्व-परिवर्तन वा अन्य का परिवर्तन। 239या अन्य के परिवर्तन से स्व परिवर्तन है? 240स्लोगन रांग तो नहीं बना दिया है?
72Others are those who accumulate the treasures they receive: they eat, drink, enjoy themselves with them and also accumulate.
241क्या करेंगे? 242स्व को बदलेंगे या दूसरे को बदलने में समय गंवायेंगे? 243चाहे एक वर्ष भी लगाकर देखो-स्व को नहीं बदलो और दूसरों को बदलने की कोशिश करो।
73The third type is those who do both: they eat, drink and enjoy themselves; they also continue to increase the treasures they receive.
244समय बदल जायेगा लेकिन न आप बदलेंगे, न वो बदलेगा। 245समझा?
74They make the Father’s treasures their treasures and increase them even more.
246सर्व खज़ानों के मालिक बनना अर्थात् समय पर खज़ानों को कार्य में लगाना। 247कई ऐसे होते हैं-कई अच्छी-अच्छी चीजें होती हैं तो खुश होते रहते हैं कि हमारे पास सब-कुछ है। 248लेकिन जब समय आता है तो याद ही नहीं आयेगा या वह चीज मिलेगी नहीं। 249कारण क्या होता है?
75So check: Who am I?
250समय-प्रति-समय उसको कार्य में नहीं लगाया। 251तो सिर्फ देख-कर के खुश नहीं होना लेकिन हर खज़ाने का मजा लो, मौज मनाओ। 252ज्ञान के खज़ाने से मौज मनाओ, समझ से कार्य करो,सिद्धि को प्राप्त करो,शक्तियों को ऑर्डर पर चलाओ-यह है मौज मनाना। 253गुणों को स्वयं प्रति कार्य में लगाओ और दूसरों को भी गुण-दान करो,ज्ञान-दान करो, शक्तियों का दान करो।
76The first number, the second number or the third number?
254अगर कोई निर्बल है तो शक्ति देकर उसको भी सम्पन्न बनाओ। 255इसको कहा जाता है भरपूर आत्मा। 256अच्छा!
77The more you use the treasures for the self and for the service of others, the more the treasures increase.
257सर्व खज़ानों से सम्पन्न आत्माओं को,सर्व खज़ानों को कार्य में लगाने वाले,बढ़ाने वाले ज्ञानी तू आत्माएबच्चों को,सर्व खज़ानों को मालिक बन समय पर विधिपूर्वक कार्य में लगाने वाली श्रेष्ठ आत्माओं को,हर शक्ति,हर गुण की अथॉरिटी बन स्वयं में और सर्व में भरने वाली विशेष आत्माओं को,सदा दुआओं के खज़ाने से सहज पुरूषार्थ का अनुभव करने वाली सहजयोगी आत्माओं को बापदादा का याद, प्यार और नमस्ते। 258दादियों से मुलाकात 259बापदादा सेकेण्ड में कितनी बातें कर सकता है? 260समय कम और बातें बहुत।
78The key for increasing the treasures is to use them, first for the self.
261क्योंकि फरिश्ते इशारों से ही समझते हैं। 262तो यह दृष्टि की भाषा फरिश्तेपन की निशानी है। 263यह भी बापदादा सिखाते रहते हैं।
79If each and every jewel of knowledge is used for the self at the right time, then, by using this treasure, you become experienced.
264आजकल के समय प्रमाण अगर वाणी द्वारा किसको सुनाओ तो समय भी चाहिए, साहस भी चाहिए। 265अगर मीठी दृष्टि द्वारा समझाने का प्रयत्न करते हैं तो कितना सहज हो जाता है! 266समय अनु-सार यह दृष्टि द्वारा परिवर्तन होना और परिवर्तन कराना-यही काम में आयेगा। 267सुनाते हैं तो सब कहते हैं-हमको पहले से ही पता है।
80The attainment of the treasure becomes an authority of experience in life.
268लेकिन मीठी दृष्टि और शुभ वृत्ति-यह एक मिनट में एक घण्टा समझाने का कार्य कर सकता है। 269आजकल यही विधि श्रेष्ठ है और अन्त में भी यही काम में आयेगी। 270फॉलो फादर करते जायेंगे। 271विघ्न को भी मनोरंजन समझकर चलते रहते हैं।
81So you accumulate the treasure of authority.
272वाह ड्रामा वाह! 273चाहे किसी भी प्रकार का दृश्य हो लेकिन वाह-वाहही हो। 274अच्छा है, बापदादा बच्चों की हिम्मत, उमंग-उल्लास देख खुश हैं और बढ़ाते रहते हैं। 275यही निमित्त बनने की लिफ्ट की विशेष गिफ्ट है।
82So it has increased, has it not?
276अच्छा! 277अव्यक्त बापदादा की पर्सनल मुलाकात 278ग्रुप नं.1
83Simply to listen is something else.
279श्रेष्ठ स्थिति का आधार है-श्रेष्ठ स्मृति 280सभी को डबल नशा रहता है कि मैं श्रेष्ठ आत्मा मालिक भी हूँ और फिर बालक भी हूँ? 281एक है मालिकपन का रूहानी नशा और दूसरा है बालकपन का रूहानी नशा। 282यह डबल नशा सदा रहता है या कभी-कभी रहता है?
84To listen does not mean to take.
283बालक सदा हो या कभी-कभी हो? 284बालक सदा बालक ही है ना।
85To merge it within the self and use it for a task at the right time means to take.
285परमात्म-बालक हैं और फिर सारे आदि-मध्य-अन्त को जानने वाले मालिक हैं। 286तो ऐसा मालिकपन और ऐसा बालकपन सारे कल्प में और कोई समय नहीं रह सकता। 287सतयुग में भी परमात्म-बच्चे नहीं कहेंगे,देवात्माओं के बच्चे हो जायेंगे। 288तीनों कालों को जानने वाले मालिक-यह मालिकपन भी इस समय ही रहता है।
86What do those who simply listen do and what do those who merge it in themselves do?
289तो जब इस समय ही है, बाद में मर्ज हो जायेगा, तो सदा रहना चाहिए ना। 290डबल नशा रखो। 291इस डबल नशे से डबल प्राप्ति होगी-मालिकपन से अपनी अनुभूति होती है और बालकपन के नशे से अपनी प्राप्ति। 292भिन्न-भिन्न प्राप्तियां हैं ना।
87There is a great difference between the two.
293यह रूहानी नशा नुकसान वाला नहीं है। 294रूहानी है ना। 295देहभान के नशे नुकसान में लाते हैं। 296वो नशे भी अनेक हैं।
88When BapDada sees the scene of those who simply listen, He smiles.
297देहभान के कितने नशे हैं? 298बहुत हैं ना-मैं यह हूँ, मैं यह हूँ, मैं यह हूँ…। 299लेकिन सभी हैं नुकसान देने वाले, नीचे लाने वाले। 300यह रूहानी नशा ऊंचा ले जाता है, इसलिए नुकसान नहीं है।
89Those who simply listen remember the points according to the situation, the obstacles or problems: “BapDada has given these points to everyone to overcome this obstacle.
301हैं ही बाप के।
90We have to do this.
302तो बाप कहने से बचपन याद आता है ना।
91We must not do that.”
303बाप अर्थात् मैं बच्चा हूँ तभी बाप कहते हैं।
92They continue to repeat this and remember the points.
304तो सारा दिन क्या याद रहता है? 305मेरा बाबा। 306या और कुछ याद रहता है? 307बाबा कहने वाला कौन?
93On the one side, they continue to repeat the points, and on the other side they are influenced.
308बच्चा हुआ ना। 309तो सदा बच्चे हैं और सदा ही रहेंगे।
94They say: "We must not do this.
310सदा इस भाग्य को सामने रखो अर्थात् स्मृति में रखो-कौन हूँ,किसका हूँ और क्या मिला है! 311क्या मिला है-उसकी कितनी लम्बी लिस्ट है! 312लिस्ट को याद करते हो या सिर्फ कॉपी में रखते हो? 313कॉपी में तो सबके पास होगा लेकिन बुद्धि में इमर्ज हो-मैं कौन?
95This is not knowledge.
314तो कितने उत्तर आयेंगे? 315बहुत उत्तर हैं ना।
96These are not divine virtues.
316उत्तर देने में, लिस्ट बताने में तो होशियार हो ना। 317अब सिर्फ स्मृतिस्वरूप बनो। 318स्मृति आने से सहज ही जैसी स्मृति वैसी स्थिति हो जाती है। 319स्थिति का आधार स्मृति है।
97We have to imbibe the power to merge.
320खुशी की स्मृति में रहो तो स्थिति खुशी की बन जायेगी और दुःख की स्मृति करो तो दुःख की स्थिति हो जायेगी। 321बाप एक ही काम देते हैं-याद करो या स्मृति में रहो। 322एक ही काम मुश्किल होता है क्या? 323कभी बहुत काम इकट्ठे हो जाते हैं तो कन्फ्यूज (Confuse; मूँझना) हो जाते हैं-इतने काम कब करें,कैसे करें…।
98We must not give sorrow to anyone."
324एक ही काम हो तो घबराने की जरूरत नहीं होती ना। 325तो बाप ने एक ही काम दिया है ना।
99They continue to repeat these points, and also continue to fail.
326बस, याद करो। 327इसी याद में ही सब-कुछ आ जाता है। 328तो याद करो कि मालिक भी हैं,बालक भी हैं! 329रूहानी नशे में रहने से क्या मिलता और भूलने से क्या होता-दोनों अनुभव हैं ना।
100If you ask them at that time whether that is right, they will reply, "It is not right, but it happens."
330भूलने की आदत तो 63जन्मों से है। 331लेकिन याद कितना समय करना है? 332एक जन्म। 333और यह जन्म भी कितना छोटा-सा है!
101On the one hand they are saying it, but then they also forget it.
334तोसदा शब्द को अन्डरलाइन करना।
102What would you call this?
335अच्छा! 336सभी सदा खुश हो ना।
103Those who simply listen.
337यह सोचो कि हम खुश नहीं होंगे तो कौन होगा? 338माताए भी सदा खुश रहती या कभी-कभी थोड़ी दुःख की लहर आती है? 339चाहे कितना भी दुःखमय संसार हो लेकिन आप सुख के सागर के बच्चे सदा सुख-स्वरूप हो। 340दुःख में दुःखी हो जाते हो क्या?
104They enjoy listening.
341जानते हो कि संसार का समय ही दुःख का है। 342लेकिन आपका समय कौनसा है?
105The point is very good and powerful.
343सुख का है ना कि थोड़ा-थोड़ा दुःख का है? 344संसार में तो दुःख बढ़ना ही है। 345कम नहीं होना है, अति में जाना है। 346लेकिन आप दुःख से न्यारे हो।
106However, at the time of using that point, if that powerful point does not make you victorious, or if it only makes you semi victorious, what would you call that?
347ठीक है ना। 348अच्छा है, मौज में रहो। 349क्या भी होता रहे लेकिन हम मौज में रहने वाले हैं। 350मौज में रहना अच्छा है ना।
107You would be called those who simply listen to it, would you not?
351ग्रुप नं.2 352समस्याओं के पहाड़ को उड़ती कला से पार करो 353सभी अपने पुरूषार्थ को सदा चेक करते रहते हो? 354आपका पुरूषार्थ तीव्र गति का है वा समय तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है,क्या कहेंगे?
108However, as soon as other situations or problems appear in front of those who merge knowledge, they stabilise themselves in the stage of being trikaldarshi, and through their own stage, they cross all external situations as though nothing had happened.
355समय तेज है और आप ढीले हो? 356समय रचता है या रचना है?
109This is called accommodating, that is, using it for a task at the right time.
357रचना चाहे कितनी भी पॉवरफुल हो,फिर भी रचता तो रचता ही होगा ना। 358तो समय का आह्वान आपको करना है या समय आपका आह्वान करेगा?
110It is called making every power, every point, and every virtue work according to your orders at the right time.
359समय आपका आह्वान करे कि आओ मेरे मालिक! 360तो जैसे समय की रफ्तार सदा आगे बढ़ती जाती है, रूकती नहीं है।
111When people have any physical treasures, the treasures are not used by the treasures themselves, but they are used by human souls.
361चाहे गिरावट का समय हो, चाहे बढ़ने का समय हो लेकिन समय कभी रूकता नहीं है, सदा आगे बढ़ता जाता है।
112They can use the treasures when they want, as much as they want and as they want.
362समय को कोई रोकना चाहें तो भी नहीं रूकता है। 363और आपको कोई रोके तो रूकते हो?
113In the same way, who are the masters of all the treasures you were just told about?
364रूक जाते हो ना। 365रूकना नहीं है।
114Is it you or someone else?
366कैसी भी परिस्थिति आ जाये, कैसी भी समस्याओं का पहाड़ आगे आ जाये लेकिन आप रूकने वाले हो क्या? 367उड़ती कला वाले हो ना। 368तो पहाड़ को भी क्या करेंगे? 369उड़ती कला होगी तो सेकण्ड में पार कर लेंगे।
115You are the masters, are you not?
370तो चढ़ती कला वाले हो या उड़ती कला वाले हो? 371उड़ने वाले कभी रूकेंगे नहीं। 372बिना मंजिल के अगर उड़ने वाली चीज रूक जाये तो क्या होगा? 373चलते-चलते प्लेन मंजिल के पहले ही रूक जाये तो एक्सीडेन्ट होगा ना।
116So, what is the task of a master?
374तो आप भी उड़ती कला वाले हो। 375उड़ती कला वाले मंजिल के पहले कहाँ रूकते नहीं।
117Should the treasures control him or should he control the treasures?
376या थक जाते हो तो रूक जाते हो? 377जहाँ प्राप्ति होती है, प्राप्ति वाला कभी थकता नहीं। 378बिजनेसमेन को अनुभव है ना। 379ग्राहक देरी से भी आये तो भी थकेंगे नहीं, आह्वान करते हैं-आओ…।
118So be a master of every treasure and be gyani, that is, sensible, knowledgeful and trikaldarshi at the right time, and use the treasures in your task.
380क्यों नहीं थकते? 381क्योंकि प्राप्ति है। 382तो आपको कितनी प्राप्तियाँ हैं? 383हर कदम में पद्मों की प्राप्ति है।
119It should not be that you order the power of tolerance when you want it, but it appears when the task is finished.
384सारे वर्ल्ड में ऐसा साहूकार कोई है जिसको कदम में पद्मों की कमाई हो? 385कितने भी नामीग्रामी हों लेकिन इतने साहूकार कोई नहीं हैं। 386चक्कर लगाकर आओ।
120The power of accommodation should carry out its task at the time it is needed according to the right method.
387देखो, विदेश में कोई मिल जाये? 388कितना भी बड़ा हो लेकिन आपके आगे वह कुछ भी नहीं है। 389तो इतनी बड़ी प्राप्ति वाले कभी थक नहीं सकते। 390प्राप्ति को भूलना अर्थात् थकना।
121It should not be that you merged everything within but, even then, something emerged through your lips, that you merged everything for halfanhour, but for one second, instead of merging everything, you said something.
391उस बिजनेस में तो कितनी मेहनत करनी पड़ती है और मेहनत के बाद भी मिलेगा क्या? 392चलो,ज्यादा में ज्यादा करोड़ मिल जायें, मिलते तो नहीं हैं लेकिन मिल जायें। 393और यहाँ तो पद्मों की बात है। 394तो सदा अपनी प्राप्तियों को सामने रखो।
122What would you call that?
395सिर्फ पुरूषार्थ नहीं करो, पुरूषार्थ के पहले प्राप्तियों को सामने रखो। 396अगर मालूम होता है कि यह मिलना है, तो पुरूषार्थ को भूल जाते हैं,प्राप्ति को ही सामने रखते हैं। 397उसको पुरूषार्थ दिखाई नहीं देगा, प्राप्ति ही दिखाई देगी। 398खेती का काम भी करते हैं तो क्या दिखाई देता है?
123Is it being a master or a slave of the treasures?
399मेहनत दिखाई देती है या फल दिखाई देता है? 400फल की खुशी होती है ना। 401तो यह स्मृति रखने से कभी थकेंगे नहीं।
124As a right to the Father, all these powers are a treasure, an inheritance and a birthright.
402न थकेंगे, न गति तीव्र से धीमी होगी, सदा तीव्र गति होगी। 403गुजरात वालों की तो तीव्र गति है ना। 404गुजरात की मातायें भी तीव्र, जल्दी-जल्दी चलती हैं। 405देखो, गरबा करते हो तो मोटा हो, बूढ़ा हो-कितना जल्दी-जल्दी करते हैं।
125So, there is so much intoxication of a birthright.
406दूसरे तो देखेंगे कि यह इतना मोटा कैसे करेगा? 407लेकिन कितना फास्ट करते हैं! 408तो गुजरात वालों को तीव्र गति की आदत है। 409जब शरीर तीव्र चल सकता है तो आत्मा नहीं चल सकती?
126A little prince is not even aware of what the treasures are, yet when he has the slightest awareness, he has so much intoxication of being the child of the king.
410गुजरात की विशेषता ही सदा खुश रहने की है।
127So this is the intoxication of being a master.
411गुजरात वाले सभी गरबा जानते हैं।
128Use the treasures for a task.
412बीमार को भी कहो कि रास करने के लिये आओ-तो आ जायेंगे, बिस्तर से भी उठ पड़ेंगे। 413तो यह निशानी है खुशी की, मौज मनाने की। 414मौज की निशानी गुजरात में झूला घर-घर में होता है। 415तो जैसे शरीर की मौज मनाते हो,तो आत्मा को भी तो मौज में रहना है।
129You do not use them enough.
416तो गुजरात का अर्थ हुआ मौज में रहने वाले,खुशी में रहने वाले। 417लेकिन सदा, कभी-कभी नहीं। 418गुजरात वालों की कभी भी खुशी कम हो,यह हो नहीं सकता।
130You remain happy that you are full, you have received everything, but you become numberwise in using them and enabling the self and others to experience attainment from them.
419इतना पक्का निश्चय है या कभी-कभी मूँझ भी जाते हो? 420जब बाप को अपनी सब जिम्मेवारियां दे दी, तो आप मौज में ही रहेंगे ना। 421जिम्मेवारियाँ माथा भारी करती हैं। 422जब भी खुशी कम होती है तो कहते या सोचते हो कि-क्या करें,यह भी सम्भालना पड़ता है ना, करना पड़ता है ना,जिम्मेवारी है ना।
131Why else would a number be created?
423उस समय सोचते हो ना। 424लेकिन जिम्मेवार बाप है, मैं निमित्त-मात्र हूँ।
132Why is there a number when the One who gives is One and He gives the same to everyone?
425मेरी जिम्मेवारी है-तो भारीपन होता है। 426बाप की जिम्मेवारी है, मैं निमित्त हूँ-तो हल्के हो जायेंगे।
133So BapDada saw that you have received many treasures, all of you are full, but you do not take the benefit of being full.
427हल्का उड़ेगा। 428भारी चीज उड़ेगी नहीं,बार-बार नीचे आ जायेगी। 429थोड़ा भी संकल्प आया-मुझे करना पड़ता है, मुझे ही करना है-तो भारीपन हुआ। 430तो डबल लाइट हो ना।
134It is just as in the lokik world: some know the method of taking bliss or benefit from the wealth they have, whereas others have a lot of wealth, but they do not know the method of using it.
431या थोड़ा-थोड़ा बोझ है? 432सदा उड़ते रहो। 433उड़ती कला अर्थात् तीव्र गति।
135That is why even though they have wealth, it is as though they do not have anything.
434आप लोग तो बहुत-बहुत भाग्यवान हो जो उड़ती कला के समय पर आये हो। 435जैसे आजकल के बच्चे कहते हैं ना कि हम भाग्यवान हैं जो बैलगाड़ी के समय नहीं थे,मोटरगाड़ी के टाइम पर आये हैं। 436आजकल के बच्चे पुरानों को यही कहते हैं कि-आप लोगों का जमाना बैलगाड़ी का था, हमारा जमाना एरोप्लेन का है। 437तो उन्हों को कितना नशा रहता है!
136So what do you have to underline?
438आपको भी यह नशा रहना चाहिये कि हम उड़ती कला के समय पर आये हैं। 439समय भी,देखो, आपका सहयोग बन गया। 440तो अच्छी तरह से उड़ो। 441अपने पास छोटे-मोटे बोझ नहीं रखो-न पुरूषार्थ का बोझ, न सेवा का बोझ,न सम्बन्ध-सम्पर्क निभाने का बोझ।
137Do not be those who simply listen.
442कोई बोझ नहीं। 443या थोड़ा-थोड़ा बोझ रखना अच्छा है? 444आदत पड़ी हुई है ना।
138With the method of using them, attain success now and also attain salvation for many births.
44563जन्म से बोझ उठाते आये, बीच-बीच में वह आदत अभी भी काम कर लेती है। 446लेकिन बोझ उठाने से क्या मिला?
139Even the divine virtues are an inheritance from the Father.
447भारी रहे और भारी रहने से नीचे गिरते गये। 448अभी तो चढ़ना है ना। 449अच्छा!
140So it is not difficult to use the inheritance you have received.
450गुजरात वाले कभी भी ऐसे नहीं कहेंगे कि क्या करें, कैसे करें,माया आ गई। 451माया से डरने वाले हो। 452या विजय प्राप्त करने वाले हो? 453लड़ते रहेंगे तो चन्द्रवंशी में चले जायेंगे।
141Order it!
454इसलिये सदा विजयी। 455हार खाने वाले नहीं।
142Do you not know how to give orders?
456हार खाना कमजोरों का काम है, ब्राह्मण तो सदा बहादुर हैं। 457अच्छा!
143Only a master knows how to give orders.
458ग्रुप नं3 459राजयोगी वह जो अपनी कर्मेन्द्रियों को ईश्वरीय लॉ एण्ड ऑर्डर पर चलाये
144Weak ones do not know how to give orders.
460आवाज में आना सहज लगता है ना। 461ऐसे ही,आवाज से परे होना इतना ही सहज लगता है?
145They will think: Should I say it or not?
462आवाज में आना सहज है। 463वा आवाज से परे होना सहज है?
146I don’t know whether I will receive help or not.
464आवाज में आना सहज है और आवाज से परे होने में मेहनत लगती है? 465वैसे आप आत्माओं का आदि स्वरूप क्या है? 466आवाज से परे रहना या आवाज में आना? 467तो अभी मुश्किल क्यों लगता है?
147These are your treasures.
46863 जन्मों ने आदि संस्कार भुला दिया है। 469जब अनादि स्थान परमधामआवाज से परे है, वहाँ आवाज नहीं है और आदि स्वरूप आत्मा में भी आवाज नहीं है-तो फिर आवाज से परे होना मुश्किल क्यों? 470यह मध्य-काल का उल्टा प्रभाव कितना पक्का हो गया है! 471ब्राह्मण जीवन अर्थात् जैसे आवाज में आना सहज है वैसे आवाज से परे हो जाना-यह भी अभ्यास सहज हो जाये।
148The Father's treasures are your treasures.
472इसकी विधि है-राजा होकर के चलना और कर्म-इन्द्रियों को चलाना। 473राजा ऑर्डर करे-यह काम नहीं होना है;तो प्रजा क्या करेगी? 474मानना पड़ेगा ना। 475आजकल तो कोई राजा ही नहीं है, प्रजा का प्रजा पर राज्य है।
149Or, are they the Father’s and not yours?
476इसलिए कोई किसका मानता ही नहीं है। 477लेकिन आप लोग तो राज-योगी हो ना।
150Why has the Father given them to you?
478आपके यहाँ प्रजा का प्रजा पर राज्य नहीं है ना। 479राजा का राज्य है ना। 480तो बाप कहते हैं-हे राजे!
151Did He give them to you to make them your own or just to be happy seeing them?
481आपके कन्ट्रोल में आपकी प्रजा है? 482या कभी कन्ट्रोल से बाहर हो जाती है?
152You have received them to use them while performing actions.
483रोज़ राज्य-दरबार लगाते हो? 484 रोज रात्रि को राज्य दरबार लगाओ। 485अपने राज्य कारोबारी कर्मेन्द्रियों से हालचाल पूछो।
153As a result, it has been seen that you do not know fully the method of accumulating the treasures.
486जैसे राजा राज्य-दरबार लगाता है ना। 487तो आप अपनी राज्य-दरबार लगाते हो? 488या भूल जाते हो,सो जाते हो?
154The meaning of knowledge is not just to repeat points or to keep them in your intellect.
489राज्य-दरबार लगाने में कितना टाइम लगता है?
155Knowledge means understanding.
490उन्हों के राज्य-दरबार में तो खिटखिट होती है। 491यहाँ तो खिटखिट की बात ही नहीं है।
156It means the understanding of being trikaldarshi.
492अपोजिशन तो नहीं है ना। 493एक का ही कन्ट्रोल है। 494कभी-कभी अपने ही कर्मचारी अपोजिशन करने लग पड़ते हैं। 495तो राजयोगी अर्थात् मास्टर सर्वशक्तिवान राजा आत्मा,एक भी कर्मेन्द्रिय धोखा नहीं दे सकती।
157It means the understanding of truth and falsehood.
496स्टॉप कहा तो स्टॉप। 497ऑर्डर पर चलने वाले हैं ना।
158It means the understanding of doing something according to the time.
498क्योंकि भविष्य में लॉ और ऑर्डर पर चलने वाला राज्य है। 499तो स्थापना यहाँ से होनी है ना। 500यहाँ ही आत्मा राजा अपनी सर्व कर्मेन्द्रियों को लॉ और ऑर्डर पर चलाने वाली बने, तभी विश्व-महाराजन बन विश्व का राज्य लॉ और ऑर्डर पर चला सकती है। 501पहले स्वराज्य लॉ और ऑर्डर पर हो।
159This is called knowledge.
502तो क्या हालचाल है आपके राज्य-दरबार का? 503ऊपर-नीचे तो नहीं है ना। 504सभी का हाल ठीक है? 505कोई गड़बड़ तो नहीं है?
160If someone is very sensible but, at the essential time, does something senseless, would you call him a gyani soul?
506जो यहाँ कभी-कभी ऑर्डर में चला सकता है और कभी-कभी नहीं चला सकता-तो वहाँ भी कभी-कभी का राज्य मिलेगा,सदा का नहीं मिलेगा। 507फाउन्डेशन तो यहाँ से पड़ता है ना। 508तो सदा चेक करो कि मैं सदा अकाल तख्तनशीन स्वराज्य चलाने वाली राजा आत्माहूँ? 509सभी के पास तख्त है ना।
161What would you say to a sensible person if he became senseless?
510खो तो नहीं गया है? 511तो तख्त पर बैठकर राज्य चलाया जाता है ना। 512या तख्त पर आराम से अलबेले होकर सो जायेंगे? 513तख्त पर रहना अर्थात् राज्य-अधिकारी बनना।
162Nothing would be said to someone who is senseless anyway, but a sensible person would be cautioned: Is this being sensible?
514तो तख्तनशीन हो या कभी उतर आते हो? 515सदा स्मृति रखो किमैं आत्मातो हूँ लेकिन कौनसी आत्मा? 516राजाआत्मा,राज्य-अधिकारीआत्माहूँ, साधारणआत्मानहीं हूँ।
163So to imbibe the treasures of knowledge and accumulate them means to continue to move along with understanding at every moment, in every task and in every action.
517राज्य-अधिकारी आत्मा का नशा और साधारण आत्मा का नशा- इसमें कितना फर्क होगा! 518तो राजा बन अपनी राज्य कारोबार को चेक करो-कौनसी कर्मेन्द्रिय बार-बार धोखा देती है? 519अगर धोखा देती है तो उसको चेक करके अपने ऑर्डर में रखो। 520अगर अलबेले होकर छोड़ देंगे तो उसकी धोखा देने की आदत और पक्की हो जायेगी और नुकसान किसको होगा?
164Do you understand?
521अपने को होगा ना। 522इसलिए क्या करना है? 523अकाल तख्तनशीन बन चेक करो।
165You are those who are very sensible, are you not?
524भविष्य में क्या बनने वाले हो-इसका यथार्थ परिचय किस आधार पर कर सकते हो?
166Are you gyani souls or the souls who simply listen to knowledge?
525कोई आधार है जिससे आपको पता पड़ जाये कि मैं भविष्य में क्या बनने वाला हूँ? 526लक्ष्य अच्छा रखो।
167Check to what extent you have become a gyani soul in your practical actions and words.
527क्योंकि अभी रिजल्ट आउट नहीं हुई है। 528चेयर्स (कुर्सियों) का गेम (खेल) होता है ना,तो लास्ट में सीटी बजती है।
168If all of you were asked to raise your hands, you would all say that you will become Lakshmi and Narayan.
529उस लास्ट सीटी पर पता पड़ता कि कौन विजयी होता है।
169None of you would say that you will become Rama and Sita.
530अभी कोई भी फिक्स नहीं हुआ है, सिवाए फर्स्ट नम्बर के। 531दो तो फिक्स हो गये हैं, अभी 6 में मार्जिन है। 532लेकिन सुनाया ना-फर्स्ट विश्व-महाराजन या विश्व-महारानी नहीं बनेंगे तो फर्स्ट डिवीजन में तो आयेंगे ना। 533फर्स्ट नम्बर में एक होता है लेकिन फर्स्ट डिवीजन में बहुत होते हैं।
170However, some will become that, will they not?
534तो फर्स्ट नम्बर में नहीं आयेंगे लेकिन फर्स्ट डिवीजन में आ सकते हैं। 535वहाँ रॉयल फैमिली का पद भी इतना होता है जितना तख्त-नशीन राजा-रानी का होता है। 536इसलिए फर्स्ट डिवीजन का लक्ष्य सदा रखना। 537रॉयल फैमिली वहाँ कम नहीं होती है-इतना ही पद होता है,इतना ही रिगार्ड होता है जितना लक्ष्मी-नारायण का।
171All of you say that you will become the world emperors.
538तो फर्स्ट रॉयल फैमिली में आना भी इतना ही है जितना लक्ष्मी-नारायण बनना। 539इसलिए पुरूषार्थ करना, चांस है। 540तो लक्ष्य तो बहुत अच्छा रखा है। 541बापदादा ने पहले भी सुनाया कि बापदादा को यही खुशी है जो और किसी भी बाप को नहीं हो सकेगी-जो सभी बच्चे कहते हैं कि हम राजा हैं।
172It is good.
542प्रजा कोई नहीं कहता। 543तो एक बाप के इतने रा॰जे बच्चे हों तो कितने नशे की बात है!
173You should always have a high aim, but do not just keep it as your aim.
544और सभी लक्ष्मी-नारायण बनने वाले हैं। 545इसलिए बापदादा को खुशी है।
174The aim and its qualifications should both be the same.
546समझा? 547ये वैरायटी ग्रुप है। 548लेकिन बापदादा तो सभी को मधुबन निवासी देख रहे हैं। 549आपकी असली एड्रेस क्या है?
175If you have the aim of being a world emperor but that in action even one virtue or one power does not accept your order, then how can you become a world emperor?
550बाम्बे है, राजस्थान है, बैंगलोर है… क्या है? 551नष्टोमोहा बनने की यही सहज युक्ति है कि मेरा घर नहीं समझो।
176If you are not able to use your own treasures for yourself, how would you look after the treasures of the world?
552मेरा घर है,मेरा परिवार है- तो नष्टोमोहा नहीं हो सकेंगे।
177This is why you have to become full of all treasures.
553सेवा-स्थान है,घर मधुबन है। 554तो सदा घर में रहते हो या सेवा-स्थान पर रहते हो? 555सेवा-स्थान समझने से नष्टोमोहा हो जायेंगे।
178At this time especially, make the easy effort to continue to take blessings from everyone and BapDada at all times.
556मेरी जिम्मेवारी,मेरा काम है,मेरा विचार यह है, मेरी फर्ज-अदाई है…-ये सब मोह उत्पन्न करता है। 557सेवा के निमित्त हूँ। 558जो सच्चा सेवाधारी होता है उसकी विशेषता क्या होती है? 559सेवाधारी सदा अपने को निमित्त समझेगा, मेरा नहीं समझेगा।
179Who can receive blessings?
560और जितना निमित्त भाव होगा उतना निर्मान होंगे, जितना निर्मान होंगे उतना निर्माण का कर्तव्य कर सकेंगे। 561निमित्त भाव नहीं तो देह-भान से परे निर्मान बन नहीं सकेंगे। 562इसलिए सेवाधारी अर्थात् समर्पणता। 563सेवाधारी में अगर समर्पण भाव नहीं तो कभी सेवा सफल नहीं हो सकती,मेरापन का भाव सफलता नहीं दिलायेगा।
180Those who remain content and make others content.
564डबल विदेशी विदेश में क्यों गये हो?
181Wherever there is contentment, there will be blessings.
565सेवा के लिए ना। 566लेकिन हो मधुबन निवासी।
182If you do not know anything else, it doesn't matter.
567भारत निवासी हो या विदेश निवासी हो? 568भारत की आत्माए हो ना।
183If you don't know how to give lectures, it doesn't matter.
569देखो, अगर आप डबल विदेशी नहीं बनते तो सेवा में भाषाओं की कितनी प्रॉब्लम होती! 570एक खास स्कूल बनाना पड़ता सब भाषाए सीखने के लिए। 571अभी सहज सेवा तो हो रही है ना।
184If you find it a great effort to imbibe all the virtues, if you find it an effort to control all the powers, put that aside, but just imbibe one thing: I have to give everyone blessings and receive blessings.
572तो सेवा अर्थ विदेश में पहुँच गये हो।
185You will not have to make any effort.
573राज्य भारत में करना है ना।
186Just try it and see.
574विश्व ही भारत बन जायेगा। 575अमेरिका आदि सब भारत बन जायेगा। 576अभी तो टुकड़ा-टुकड़ा हो गया है।
187One day, from amrit vela until night, just do this task: I have to give blessings and receive blessings.
577सभी ने महा-भारत से अपना-अपना टुकड़ा ले लिया है। 578जो लिया है वो देना पड़ेगा ना।
188Then, at night, check your chart and see whether it was easy effort, or whether you had to labour.
579क्योंकि भारत महादानी है,इसलिए सबको टुकड़ा- टुकड़ा दे दिया है।
189Do not do anything else but give blessings and receive blessings.
580आपको कहना नहीं पड़ेगा कि हमको टुकड़ा दे दो, आपेही देंगे। 581तो सदैव बेहद का नशा रखो कि हम सभी बेहद के राज्य-अधिकारी हैं! 582स्व-राज्य की स्थिति द्वारा विश्व के राज्य की अपनी तकदीर को जान सकते हैं। 583अगर अभी स्वराज्य ठीक नहीं है तो समझ लो-विश्व का राज्य भी पहले नहीं मिलेगा, पीछे मिलेगा।
190Everything is included in this.
584तो सभी के पास दर्पण है ना। 585नारद को आइना दिया ना कि-देखो मैं कौन हूँ?
191The divine virtues and powers will come automatically.
586लक्ष्मी को वरने वाला हूँ? 587तो यह स्वराज्य की स्थिति दर्पण है।
192Even if someone gives you sorrow, you have to give him or her blessings.
588इस दर्पण में आप स्वयं ही देख सकते हैं कि क्या बनने वाला हूँ? 589अच्छा! 590ग्रुप नं.4
193Then you will have the power to tolerate, will you not?
591हम कल्प-कल्प के विजयी हैं-इस निश्चय से बड़ी बात को भी छोटा बनाओ 592सभी को सबसे ज्यादा कौनसी खुशी है? 593सबसे ज्यादा खुशी की बात यह है कि जिनके ऊपर दुनिया के आत्माओं की कोई नज़र नहीं उनके ऊपर परम आत्मा की नज़र पड़ गई! 594आजकल के जमाने में चुनाव होता है ना।
194You will have the power to merge, will you not?
595तो आपको किसने चुना? 596चुनाव में कोई गड़बड़ हुई है क्या? 597कोई खर्चा करना पड़ा है क्या?
195You will have the virtue of tolerance, will you not?
598तो बाप ने हम आत्माओं को चुन लिया, अपना बना लिया। 599दुनिया की नज़र में अति साधारण आत्माए थीं, लेकिन बाप की नज़र में महान आत्माए, विशेष आत्माए हो। 600तो इसी खुशी में रहो-कल क्या थे और आज क्या बन गये, किसकी नजर में आ गये! 601दुनिया-वालों ने ठुकरा दिया और बाप ने अपना बना लिया।
196It is understood.
602कितनी ठोकरों से बचा लिया! 60363जन्म ठोकरें ही खाई ना।
197o receive blessings and give blessings is the seed.
604चाहे भक्ति की,तो भी ठोकरें खाई। 605अपनी प्रवृत्ति की लाइफ में भी भिन्न-भिन्न प्रकार की ठोकरें खाते रहे। 606और बाप ने आकर ठिकाना दे दिया।
198The tree is automatically merged in this, and the method of this is to remember two words: one is ‘correction’ and the other is ‘forgiveness’, ‘mercy’.
607जब ठिकाना मिल जाता है तो ठोकर खाना बन्द हो जाता है। 608तो ठिकाना मिल गया है ना।
199You make a lot of effort to give correction, but you do not know how to forgive.
609तो क्या थे और क्या बन गये!
200So, you have to forgive.
610स्वप्न में था कि इतना महान बनेंगे?
201To forgive will be the same as giving a correction.
611लेकिन कितना सहज बन गये! 612कुछ भी मुश्किल नहीं देखनी पड़ी।
202When you give a correction, you forget to forgive.
613कितना श्रेष्ठ भाग्य है! 614तो कौनसा गीत गाते हो?
203However, if you forgive, then the correction will automatically come.
615पाना था वो पा लिया। 616यह गीत आटोमेटिक चलता रहता है। 617मुख से गाने की आवश्यकता नहीं है लेकिन दिल गाती रहती है। 618यह दिल की टेपरिकॉर्ड कभी खराब नहीं होती, बार-बार चलाना नहीं पड़ता, स्वतः ही चलती रहती है ना।
204It is very easy to be a teacher.
619अच्छा! 620सभी ने माया को जीत लिया है?
205You become a teacher immediately after the weekly course.
621सभी मायाजीत बन गये हो? 622कि अभी विजयी बनना है?
206You have to forgive; you have to be merciful.
623माया का काम है खेल करना और आपका काम है खेल देखना। 624खेल में घबराना नहीं। 625घबराते हैं तो वह समझ जाती है कि ये घबरा तो गये हैं,अब लगाओ इसको अच्छी तरह से। 626माया भी तो जानने में होशियार है ना।
207You must not just be a teacher.
627कुछ भी हो जाये, घबराना नहीं। 628विजय हुई ही पड़ी है। 629इसको कहा जाता है सम्पूर्ण निश्चयबुद्धि।
208Only if you imbibe the sanskar of forgiveness from now will you be able to give blessings.
630पता नहीं क्या होगा, हार तो नहीं जाऊंगा, विजय होगी वा नहीं…-ये नहीं। 631सदैव यह नशा रखो कि पाण्डव सेना की विजय नहीं होगी तो किसकी होगी! 632कौरवों की होगी क्या? 633तो आप कौन हो?
209If you make the sanskar of giving blessings strong from now, then people will continue to take blessings from your nonliving images.
634पाण्डवों की विजय तो निश्चित है ना। 635कोई भी बड़ी बात को छोटा बनाना या छोटी बात को बड़ी बनाना अपने हाथ में है। 636किसका स्वभाव होता है छोटी बात को बड़ा बनाने का और किसका स्वभाव होता है बड़ी बात को छोटा बनाने का। 637तो माया की कितनी भी बड़ी बात सामने आ जाये लेकिन आप उससे भी बड़े बन जाओ तो वह छोटी हो जायेगी।
210What do people say when they go in front of the pictures?
638आप नीचे आ जायेंगे तो वह बड़ी दिखाई देगी और ऊपर चले जायेंगे तो छोटी दिखाई देगी। 639कितनी भी बड़ी परिस्थिति आये, आप ऊंची स्व-स्थिति में स्थित हो जाओ तो परिस्थिति छोटी-सी बात लगेगी और छोटी-सी बात पर विजय प्राप्त करना सहज हो जायेगा। 640निश्चय रखो कि अनेक बार के विजयी हैं। 641अभी कोई इस कल्प में विजयी नहीं बन रहे हैं, अनेक बार विजयी बने हैं।
211"Give blessings and have mercy!"
642इसलिए कोई नई बात नहीं है, पुरानी बात है। 643लेकिन उस समय याद आये। 644ऐसे नहीं-टाइम बीत जाये, पीछे याद आये कि ये तो छोटी बात है, मैंने बड़ी क्यों बना दी।
212So, if they receive blessings from your nonliving images, how many blessings would they receive from you living souls?
645समय पर याद आवे कि मैं कल्प-कल्प का विजयी हूँ। 646माताओं को नशा है? 647माताओं का तो भाग्य खुल गया।
213And you are receiving the limitless treasure of blessings from BapDada at every step.
648माताए क्या से क्या बन गई! 649जिन माताओं को लोगों ने नीचे गिराया, पांव की जुती बना दी, तो पांव सबसे नीचे होता है और जुती तो पांव के भी नीचे होती है,और बाप ने सिर का ताज बना दिया। 650माताओं को ज्यादा खुशी है ना! 651तो खुशी में नाचना होता है।
214Those who wish to can take them.
652तो नाचती हो? 653पांव से नहीं, मन से खुशी में नाचो। 654बाप मिला, सब-कुछ मिला।
215If you take any step according to shrimat, what do you experience?
655जब बाप को खुशी होती है तो बच्चों को भी खुशी होगी ना। 656आज के विश्व में और सब-कुछ मिल सकता है लेकिन सच्ची खुशी नहीं मिल सकती। 657और आपको सच्ची खुशी मिली। 658बाप को याद भी इसलिए करते हो क्योंकि प्राप्ति है।
216You definitely receive the Father’s blessings, do you not?
659बाप प्यारा तब लगता है जब वर्सा दे। 660बाप ने खुशी का खज़ाना दे दिया। 661इसलिए खुशी-खुशी से याद करते हो।
217And if you follow every step according to shrimat, how many blessings would you receive at every step?
662चाहे कोई पद्म खर्च करे लेकिन यह खुशी नहीं मिल सकती। 663तो आपने क्या खर्चा किया?
218Your treasurestore of blessings would become full.
664कोई कौड़ी लगाई? 665बाबा कहा और खज़ाना मिला! 666तो बिन कौड़ी बादशाह बन गये!
219No matter what others give you, you just continue to give them blessings.
667लगाया कुछ नहीं और बन गये बादशाह! 668सबसे बड़े ते बड़ा बादशाह कौनसा है?
220Even if someone becomes angry, there are blessings in that too.
669(बेफिक्र बादशाह) तो आप बेफिक्र बादशाह हो?
221In anger, are there blessings or battling?
670या यहाँ आकर बेफिक्र हो,वहाँ जाकर फिक्र होगा? 671माताओं को फिक्र होगा-बच्चों को क्या करें,पोत्रों को क्या करें? 672यहाँ भी नहीं है, वहाँ भी नहीं होगा। 673आजकल के बादशाह हैं फिक्र के बादशाह और आप हो बेफिक्र बादशाह।
222No matter how angry people become, they are just reminding you that they are under another influence, and that you are a master almighty authority, and so you received blessings, did you not?
674बच्चे को कोई फिक्र होता है क्या? 675जब बाप बैठा है तो बच्चे बेफिक्र होते हैं।
223They reminded you that you are a master almighty authority, that you are one who pours cool water.
676तो बेफिक्र बादशाह बन गये हो। 677वैसे भी कोई भी बात का फिक्र करो तो फिक्र करने वाले को कभी भी सफलता नहीं मिलती। 678फिक्र करने वाला समय भी गंवाता, स्वयं को भी गंवाता, क्योंकि एनर्जी (Energy; शक्ति) वेस्ट होती है,और काम को भी गंवा देता-जिस काम के लिए फिक्र करता वह काम भी बिगाड़ देता। 679तो सफलता अगर चाहिए तो उसकी विधि है-बेफिक्र बनना।
224So, that angry person gave you blessings, did he not?
680ऐसे बादशाह! 681सेवाओं की कोई नई इन्वेन्शन निकालो।
225No matter what they do, just continue to take blessings from them.
682लक्ष्य रखने से टाचिंग स्वतः ही होती है। 683सेवा में आगे बढ़ना अर्थात् स्वयं के पुरूषार्थ में भी आगे बढ़ना। 684जो सच्ची दिल से सेवा करते हैं वो सदा उन्नति को प्राप्त करते हैं। 685अगर मिक्सचर सेवा करते हैं तो सफलता नहीं होती,स्वउन्नति भी नहीं होती।
226You were also told earlier about a rose; it has so many specialities.
686अच्छा! 687ग्रुप नं.5 688अच्छा बनो तो सर्व इच्छायें स्वतः ही पूरी हो जायेंगी
227From the dirty manure, look what it takes from the bad odour!
689सदा अपने मस्तक पर विजय का तिलक लगा हुआ अनुभव होता है? 690अविनाशी तिलक अविनाशी बाप द्वारा लगा हुआ है। 691तो तिलक है स्मृति की निशानी। 692तिलक सदा मस्तक पर लगाया जाता है।
228It takes fragrance, does it not?
693तो मस्तक की विशेषता क्या है? 694याद या स्मृति। 695तो विजय के तिलकधारी अर्थात् सदा विजय भव के वरदानी। 696जो स्मृतिस्वरूप हैं वे सदा वरदानी हैं।
229So if a rose can take fragrance from a bad odour, can you not take blessings from someone who is angry?
697वरदान आपको मांगने की आवश्य-कता नहीं है। 698वरदान दे दो-मांगते हो? 699मांगना क्या चाहिए-यह भी आपको नहीं आता था।
230So, should a rose become a world emperor or should you become a world emperor?
700क्या मांगना चाहिए-वह भी बाप ही आकर सुनाते हैं। 701मांगना है तो पूरा वर्सा मांगो।
231Do not ever think "I will be all right if the other person becomes all right."
702बाकी हद का वरदान-एक बच्चा दे दो,एक बच्ची दे दो, एक मकान दे दो,अच्छी वाली कार दे दो, अच्छा पति दे दो…-यही मांगते रहे ना। 703बेहद का मांगना क्या होता है-वो भी नहीं आता था। 704इसीलिए बाप जानते हैं कि इतने नीचे गिर गये जो मांगते भी हद का हैं, अल्पकाल का हैं। 705आज कार मिलती है,कल खराब हो जाती है, एक्सीडेन्ट हो जाता है।
232"If this system changes then I will be all right."
706फिर क्या करेंगे? 707फिर और मांगेंगे-दूसरी कार दे दो! 708आप तो अधिकारी बन गये।
233Would you ever go to an ocean and say: "O waves, do not come as such big waves, come as little waves.
709बेहद के बाप के बेहद के वर्से के अधिकारी बन गये। 710अभी स्वतः ही वरदान प्राप्त हो ही गये। 711जब दाता के बच्चे बन गये, वरदाता के बच्चे बन गये-तो वरदान का खज़ाना बच्चों का हुआ ना। 712तो जब वरदानों का खज़ाना ही हमारा है तो मांगने की क्या आवश्यकता है!
234Do not come in a curve, but come straight."
713अभी खुशी में रहो कि मांगने से बच गये। 714जो सोच में भी नहीं था वह साकार रूप में मिल गया। 715हर बात में भरपूर हो गये, कोई कमी नहीं।
235This world is also an ocean and not all the waves would be either big or small, either curved or straight!
716आपके देवताई जीवन में भी जो गायन करते हैं उसमें भी सर्व गुण सम्पन्न कहते हैं, थोड़े-थोड़े गुण सम्पन्न नहीं कहते। 717सर्व गुण सम्पन्न, 16 कला सम्पन्न। 71814 कला तो नहीं कहते ना। 719पुरूषोत्तम कहते हैं, साधारण पुरूष नहीं कहते हैं।
236So, do not take the support of being all right if the other person becomes all right.
720पुरूषों में भी उत्तम। 721तो सर्व अर्थात् सम्पन्न और सम्पूर्ण हो गये।
237Are the circumstances greater or are you?
722क्योंकि बाप सर्वशक्तिवान है, तो आप सभी भी सर्व बने ना-सर्व गुण सम्पन्न,मास्टर सर्वशक्तिवान। 723तो इतनी खुशी रहती है? 724वैसे भी बिना मांगे जो मिलता है उसको अच्छा माना जाता है। 725तो बाप ने वर्से के अधिकार के रूप में सब दे दिया, अधिकार में कमी नहीं छोड़ी।
238All the situations reach BapDada.
726कोई चीज की कमी है क्या? 727छोटा मकान है,बढ़िया और बड़ा मकान होना चाहिए-यह सोचते हो?
239"Put this right and then I will be all right."
728बड़ा मकान मिल जाये तो गीता-पाठशाला खोल दें-यह सोचते हो? 729यह मांगते हो?
240"Make this person who becomes angry cool, and I will also cool down."
730मांगना नहीं है। 731मांगने से मिलना नहीं है। 732क्योंकि मांगना अर्थात् इच्छा। 733हद की इच्छा हो गई ना।
241"Put aside this person who creates complications and this centre will be all right."
734चाहे सेवा-भाव हो,लेकिन मांगना-यह राइट नहीं। 735मांगने की आवश्यकता ही नहीं है,अगर आपका बेहद की सेवा का संकल्प बिना हद की इच्छा के होगा तो अवश्य पूरा होगा। 736इच्छा रखने वाले की इच्छा पूरी नहीं होगी। 737लेकिन अच्छा बनने वाले की इच्छा पूरी होगी, स्वतः ही प्राप्ति हो जायेगी।
242Do not have such hearttoheart conversations.
738इस-लिए कुछ भी मांगने की आवश्यकता नहीं है। 739प्राप्ति-स्वरूप हो ना।
243Your slogan is: "Do not seek revenge, but demonstrate to others by changing yourself.”
740कि मांगने वाला स्वरूपहो? 741शुभ इच्छा स्वतः ही पूर्ण होती है। 742सोचेंगे भी नहीं कि क्या होगा, कैसे होगा,लेकिन स्वतः ही प्राप्ति हो जायेगी। 743यह सोचा था कि हम इतने ऊंचे ब्राह्मण बन जायेंगे?
244Do not say: "When this one changes, I will change."
744नहीं सोचा था। 745लेकिन सहज बन गये ना।
245"Why is this one doing this?
746सदा भरपूर रहो। 747भरपूर आत्मा अचल होगी।
246He should not be doing this.
748जो भरपूर नहीं होगा उसमें हलचल होगी। 749इस समय भी भरपूर बने हो, फिर भविष्य में जब राज्य करेंगे तो भी कितने भरपूर होंगे! 750कोई कमी नहीं होगी। 751और जब पूज्य बनते हो तो आपके मन्दिर भी कितने भरपूर हो जायेंगे!
247He will have to change."
752भारत के मन्दिरों से और लोग मालामाल हुए। 753जब जड़ चित्र मन्दिर भी आपके इतने सम्पन्न थे तो आप कितने सम्पन्न होंगे! 754अप्राप्ति का नाम-निशान नहीं होगा। 755सतयुग में कोई अप्राप्ति होगी?
248First of all, change the self!
756अभी कोई अप्राप्ति है? 757सब-कुछ मिल गया! 758अच्छा,सतयुग में बाप (शिवबाबा) होगा? 759तो अप्राप्ति हुई या नहीं हुई?
249Through selftransformation there will be world transformation and the transformation of others.
760हो गई ना। 761तो सतयुग से भी ज्यादा सर्व प्राप्तियां अभी हैं। 762कितनी खुशी,कितना नशा है!
250Or, will there be self transformation through the transformation of others?
763सदा यह स्मृति में रखो कि हम ही आधा कल्प राज्य-अधिकारी बनते हैं और आधा कल्प पूज्य आत्माए बनते हैं और संगम पर सर्व प्राप्ति सम्पन्न आत्मा बनते हैं। 764तो सारा कल्प भरपूर हो ना! 765क्योंकि इस समय की सम्पन्नता सारे कल्प राज्य के रूप में और पूज्य रूप में चलती है। 766अभी भी देखो-चाहे कलियुग का अन्त है, फिर भी स्वयं सूखी रोटी खायेंगे लेकिन देवताओं को बढ़िया भोग लगायेंगे।
251You haven't made the slogan the wrong way round, have you?
767चैतन्य मनुष्यों को रहने का स्थान नहीं होगा, फुटपाथ पर सोते हैं, झोपड़ियां लगाकर सोते हैं और आपके जड़ चित्र कितने विधिपूर्वक मन्दिरों में रहते हैं! 768तो चैतन्य को जगह नहीं मिलती लेकिन आपके जड़ चित्रों को भी जगह देते हैं! 769कितने बड़े-बड़े मन्दिर हैं! 770और मूर्ति कितनी होती है!
252So, what will you do?
771तीन पैर पृथ्वी चाहिए लेकिन मन्दिर कितने बड़े बनाते हैं! 772तो इस अन्तिम जन्म में भी आप आत्माए कितनी सम्पन्न हो! 773जड़ चित्र भी आपके सम्पन्न हैं।
253Will you change yourself or will you waste time waiting for others to change?
774तो चैतन्य में भी सम्पन्न हो ना। 775सारे कल्प का श्रेष्ठ भाग्य अब मिल रहा है। 776मिल गया। 777भाग्यविधाता ने हर बच्चे की सारे कल्प की तकदीर की लकीर खींच दी।
254Even if you take one year, and do not change yourself but try to transform others, time will change but neither will you change nor will the other change.
778सारा कल्प नाम बाला होगा।
255So, do you understand?
779तो इतना नशा रहता है? 780समझते हो-हमारी पूजा हो रही है? 781किसकी पूजा हो रही है?
256To become a master of all treasures means to use the treasures at the right time.
782आपका मन्दिर है? 783या बड़े-बड़े महारथियों के मन्दिर हैं? 784जो ब्राह्मण बनता है वह ब्राह्मण सो देवता बनता है और देवता सो पूज्य जरूर बनता है। 785नम्बरवार हैं लेकिन पूज्य जरूर बनते हैं।
257Achcha.
786मन्दिरों में भी नम्बरवार हैं ना। 787कोई मूर्ति की पूजा देखो कितना विधिपूर्वक होती है! 788और कोई मन्दिरों में कभी-कभी पूजा होती है। 789जो कभी-कभी याद में रहता है उसकी मूर्ति की पूजा भी कभी-कभी होती है और जो सदा याद में रहते हैं,सदा श्रीमत पर चलते हैं उनकी पूजा भी सदा होती है।
258To the souls who are full of all treasures, to the children who are the enlightened souls who use and increase all the treasures, to the elevated souls who become the masters of all treasures and use them with the right method at the right time; to the special souls who become an authority of every power and every virtue and fill themselves and others with them, to the easy yogi souls who experience effort to be easy through the treasure of blessings, BapDada's love, remembrance and namaste.
790जो हर कर्म में कर्मयोगी बनता है, उसकी पूजा भी हर कर्म की होती है। 791बड़े-बड़े मन्दिरों में हर कर्म की पूजा होती है-भोजन की भी होगी,झूले की भी होगी, सोने की भी होगी तो उठने की भी होगी। 792तो जितनी याद उतना राज्य,उतनी पूजा। 793अभी अपने आपसे पूछो कि मैं कितना याद में रहता हूँ?
259* * * O MS H A N T I * * *