Avyakt murli for Friday 26 March 1993
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0> 126-03-93 ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन 2अव्यक्त वर्ष में लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ
0> > 26-03-93 Om Shanti Avyakt Bapdada Madhuban
3आज निराकारी और आकारी बापदादा सर्वश्रेष्ठ ब्राह्मण आत्माओं को आकार रूप से और साकार रूप से देख रहे हैं। 4साकार रूप वाली आप सभी आत्मायें भी बाप के सम्मुख हो और आकारी रूपधारी बच्चे भी सम्मुख हैं। 5दोनों को बापदादा देख हर्षित हो रहे हैं। 6सभी के दिल में एक ही संकल्प है,उमंग है कि-हम सभी बाप समान साकारी सो आकारी और आकारी सो निराकारी बाप समान बनें।
1In the Avyakt Year, make your aim and qualifications the same.
7बापदादा सभी के इस लक्ष्य और लक्षण को देख रहे हैं। 8क्या दिखाई दिया?
2Today, incorporeal and subtle BapDada is seeing the most elevated Brahmin souls in the subtle and corporeal forms.
9मैजॉरिटी का लक्ष्य बहुत अच्छा दृढ़ है लेकिन लक्षण कभी दृढ़ हैं,कभी साधारण हैं। 10लक्ष्य और लक्षण में समानता आना-यह निशानी है समान बनने की।
3All of you souls in the corporeal form are personally in front of the Father, and the children who are in the subtle form are also in front of Baba.
11लक्ष्य धारण करने में 99% भी कोई हैं, बाकी नम्बरवार हैं। 12लेकिन सदा, सहज और नेचुरल नेचर में लक्षण धारण करने में कहाँ तक हैं-इसमें मेनॉरिटी 90% तक हैं, बाकी और नम्बरवार हैं। 13तो लक्ष्य और लक्षण में और लक्षण को भी नेचुरल और नेचर बनाने में अन्तर क्यों है? 14समय प्रमाण, सरकमस्टांश प्रमाण, समस्या प्रमाण कई बच्चे पुरूषार्थ द्वारा अपने लक्ष्य और लक्षण को समान भी बनाते हैं।
4BapDada is pleased seeing both.
15लेकिन यह नेचुरल और नेचर हो जाये,उसमें अभी और अटेन्शन चाहिए। 16यह वर्ष अव्यक्त फरिश्ता स्थिति में स्थित रहने का मना रहे हो।
5All of you have one thought and the enthusiasm in your heart that you all become the same as the Father, from corporeal to subtle, and subtle to incorporeal.
17यह देख बापदादा बच्चों के प्यार और पुरूषार्थ-दोनों को देख-देख खुश होते हैं, वाह बच्चे,वाह का गीत भी गाते हैं। 18साथ-साथ अभी और आगे सर्व बच्चों के लक्ष्य और लक्षण में समानता देखना चाहते हैं। 19आप सब भी यही चाहते हो ना। 20बाप भी चाहते,आप भी चाहते-फिर बीच में बाकी क्या है?
6BapDada is seeing this aim and the qualifications for it in everyone.
21वह भी अच्छी तरह से जानते हो। 22आपस में वर्कशॉप करते हो ना! 23बापदादा ने लक्ष्य और लक्षण में अन्तर होने की विशेष एक ही बात देखी। 24चाहे आकारी फरिश्ता, चाहे निराकारी निरन्तर, नेचुरल नेचर हो जाये-इसका मूल आधार है निरहंकारी बनना।
7What is visible?
25अहंकार अनेक प्रकार का है। 26सबसे विशेष कहने में भल एक शब्द देह-अभिमानहै लेकिन देह-अभिमान का विस्तार बहुत है। 27एक है मोटे रूप में देह-अभिमान,जो कई बच्चों में नहीं भी है।
8The aim of the majority is very good and determined, but the qualifications for it are sometimes determined and sometimes ordinary.
28चाहे स्वयं की देह, चाहे औरों की देह-अगर औरों की देह का भी आकर्षण है, वो भी देह-अभिमान है। 29कई बच्चे इस मोटे रूप में पास हैं,मोटे रूप से देह के आकार में लगाव वा अभिमान नहीं है। 30परन्तु इसके साथ-साथ देह के सम्बन्ध से अपने संस्कार विशेष हैं, बुद्धि विशेष है, गुण विशेष हैं, कोई कलायें विशेष हैं, कोई शक्ति विशेष है-उसका अभिमान अर्थात् अहंकार,नशा, रोब-ये सूक्ष्म देह-अभिमान है। 31अगर इन सूक्ष्म अभिमान में से कोई भी अभिमान है तो न आकारी फरिश्ता नेचुरल-निरन्तर बन सकते, न निराकारी बन सकते।
9Bringing about equality in the aim and qualifications is a sign of becoming like the Father.
32क्योंकि आकारी फरिश्ते में भी देहभान नहीं है, डबल लाइट है। 33देह-अहंकार निराकारी बनने नहीं देगा।
10There are some who have imbibed their aim to 99% and all the rest are numberwise.
34सभी ने इस वर्ष अटेन्शन अच्छा रखा है,उमंग-उत्साह भी है, चाहना भी बहुत अच्छी है, चाहते भी हैं लेकिन आगे और अटेन्शन प्लीज! 35चेक करो-किसी भी प्रकार का अभिमान वा अहंकार नेचुरल स्वरूप से पुरुषार्थी स्वरूप तो नहीं बना देता है? 36कोई भी सूक्ष्म अभिमान अंश रूप में भी रहा हुआ तो नहीं है जो समय प्रमाण और कहाँ सेवा प्रमाण भी इमर्ज हो जाता है? 37 क्योंकि अंश-मात्र ही समय पर धोखा देने वाला है।
11However, to what extent have you imbibed the qualifications constantly and easily, in a natural way and made it part of your nature?
38इसलिए इस वर्ष में जो लक्ष्य रखा है, बापदादा यही चाहते हैं कि लक्ष्य सम्पन्न होना ही है। 39चलते-चलते कोई विशेष स्थूल रूप में-उस दिन,उस समय-कोई भूल भी नहीं करते हो लेकिन कभी-कभी ये अनुभव करते हो ना कि-आज वा अभी नामालूम क्या है जो जैसी खुशी होनी चाहिए वैसी नहीं है,ना-मालूम आज अकेलापन वा निराशा वा व्यर्थ संकल्पों का अचानक तूफान क्यों आ रहा है! 40अमृतवेला भी किया, क्लास भी किया, सेवा भी, जॉब भी किया-परन्तु ये क्यों हो रहा है? 41 कारण क्या होता है?
12In this, the minority are up to 90%.
42मोटे रूप को तो चेक कर लेते हो और उसमें समझते हो कि कोई गलती नहीं हुई। 43लेकिन सूक्ष्म अभिमान के स्वरूप का अंश सूक्ष्म में प्रकट होता है। 44इसलिए कोई भी काम में दिल नहीं लगेगी, वैराग्य,उदास-उदास फील होगा। 45या तो सोचेंगे-कोई एकान्त के स्थान पर चले जायें, या सोचेंगे-सो जायें, रेस्ट में चले जायें या परिवार से किनारा कर लें थोड़े टाइम के लिए।
13All the rest are numberwise.
46इन सब स्थितियों का कारण अंश की कमाल होती है। 47कमाल नहीं कहो, धमाल ही कहो। 48तो सम्पूर्ण निरहंकारी बनना अर्थात् आकारी-निराकारी सहज बनना।
14So, why is there a difference in the aim and its qualifications and making those qualifications natural and part of your nature?
49जैसे कभी-कभी दिल नहीं होती कि क्या सदा एक ही दिनचर्या में चलना है, चेंज तो चाहिए ना? 50न चाहते भी यह स्थिति आ जाती है। 51जब निरहंकारी बन जायेंगे तो आकारी और निराकारी स्थिति से नीचे आने की दिल नहीं होगी। 52उसी में ही लवलीन अनुभव करेंगे।
15According to the time, according to the circumstances, according to problems, some children make their aim and its qualifications the same through making effort, but greater attention is now needed to make them natural and part of your nature.
53क्योंकि आपकी ओरीजिनल अनादि स्टेज तो निराकारी है ना। 54निराकार आत्मा ने इस शरीर में प्रवेश किया है।
16You are celebrating this year as the year of stabilising yourselves in the stage of an avyakt angel.
55शरीर ने आत्मा में नहीं प्रवेश किया, आत्मा ने शरीर में प्रवेश किया। 56तो अनादि ओरीजिनल स्वरूप तो निराकारी है ना।
17BapDada is pleased seeing both the love and the effort of the children and He also sings the song: Wah children! wah!
57कि शरीरधारी है? 58शरीर का आधार लिया लेकिन लिया किसने? 59आप आत्मा ने, निराकार ने साकार शरीर का आधार लिया।
18Together with this, He further wishes to see equality in all the children's aim and their qualifications.
60तो ओरीजिनल क्या हुआ-आत्मा या शरीर? 61आत्मा। 62ये पक्का है?
19All of you also want this, do you not?
63तो ओरीजिनल स्थिति में स्थित होना सहज या आधार लेने वाली स्थिति में सहज? 64अहंकार आने का दरवाजा एक शब्द है,वो कौनसा? 65मैं।
20The Father wants this, you also want it, and so what comes inbetween?
66तो यह अभ्यास करो-जब भी मैंशब्द आता है तो ओरीजिनल स्वरूप सामने लाओ-मैंकौन? 67मैं आत्मा या फलाना-फलानी? 68औरों को ज्ञान देते हो ना-मैंशब्द ही उड़ाने वाला है, मैं शब्द ही नीचे ले आने वाला है। 69मैं कहने से ओरीजिनल निराकार स्वरूप याद आ जाये, ये नेचुरल हो जाये तो यह पहला पाठ सहज है ना।
21You also know that very well.
70तो इसी को चेक करो,आदत डालो-मैं सोचा और निराकारी स्वरूप स्मृति में आ जाये। 71कितनी बार मैंशब्द कहते हो! 72मैंने यह कहा, मैंयह करूँगी, मैं यह सोचती हूँ…-अनेक बार मैंशब्द यूज़ करते हो। 73तो सहज विधि यह है निराकारी वा आकारी बनने की-जब भी मैंशब्द यूज़ करो, फौरन अपना निराकारी ओरीजिनल स्वरूप सामने आये।
22You hold workshops amongst yourselves, do you not?
74ये मुश्किल है वा सहज है? 75फिर तो लक्ष्य और लक्षण समान हुआ ही पड़ा है।
23BapDada saw one special aspect for there being a difference between the aim and the qualifications.
76सिर्फ यह युक्ति-निरहंकारी बनाने का सहज साधन अपनाकर के देखो। 77यह देहभान का मैं समाप्त हो जाये।
24Whether you become a subtle angel or incorporeal; the main basis to make this constantly your natural nature, is to become egoless.
78क्योंकि मैंशब्द ही देह-अहंकार में लाता है और अगर मैंनिराकारी आत्मा स्वरूप हूँ- यह स्मृति में लायेंगे तो यह मैंशब्द ही देह-भान से परे ले जायेगा। 79ठीक है ना। 80सारे दिन में 25-30बार तो जरूर कहते होंगे। 81बोलते नहीं हों तो सोचते तो होंगे-मैंयह करूँगी,मुझे यह करना है…।
25There are many types of ego.
82प्लैन भी बनाते हो तो सोचते हो ना। 83तो इतने बार का अभ्यास, आत्मा स्वरूप की स्मृति क्या बना देगी?
26When speaking, there is one main word, and that is ‘body consciousness’, but there is a lot of expansion of body consciousness.
84निराकारी। 85निराकारी बन,आकारी फरिश्ता बन कार्य किया और फिर निराकारी!
27One is body consciousness in the gross form, which many children do not have.
86कर्म-सम्बन्ध के स्वरूप से सम्बन्ध में आओ, सम्बन्ध को बन्धन में नहीं लाओ। 87देह-अभिमान में आना अर्थात् कर्म-बन्धन में आना।
28If there is attraction to the body, whether to your own body or to another’s, that too is body consciousness.
88देह सम्बन्ध में आना अर्थात् कर्म-सम्बन्ध में आना। 89दोनों में अंतर है। 90देह का आधार लेना और देह के वश होना-दोनों में अन्तर है। 91फरिश्ता वा निराकारी आत्मा देह का आधार लेकर देह के बंधन में नहीं आयेगी, सम्बन्ध रखेगी लेकिन बन्धन में नहीं आयेगी।
29However, some children have passed that gross form.
92तो बापदादा फिर इसी वर्ष में रिजल्ट देखेंगे कि निरहंकारी,आकारी फरिश्ते और निराकारी स्थिति में-लक्ष्य और लक्षण कितने समान हुए? 93महानता की निशानी है निर्माणता। 94जितना निर्माण उतना सबके दिल में महान स्वतः ही बनेंगे।
30There may not have arrogance or attachment to the bodily form in a gross way, but in relation to the body, they have special sanskars, a special intellect, special virtues, special talents or special powers: the ego of those, that is, the arrogance, intoxication and bossiness are the subtle arrogance of the body.
95बिना निर्माणता के सर्व के मास्टर सुखदाता बन नहीं सकते। 96निर्माणता निरहंकारी सहज बनाती है। 97निर्माणता का बीज महानता का फल स्वतः ही प्राप्त कराता है। 98निर्माणता सबके दिल में दुआयें प्राप्त कराने का सहज साधन है।
31Out of all those subtle types of arrogance if there is any one type of arrogance, then, neither can you naturally and constantly become a subtle angel nor can you become incorporeal, because subtle angels also do not have any body consciousness.
99निर्माणता सबके मन में निर्माण आत्मा के प्रति सहज प्यार का स्थान बना देती है। 100निर्माणता महिमा योग्य स्वतः ही बनाती है। 101तो निरहंकारी बनने की विशेष निशानी है- निर्माणता। 102वृत्ति में भी निर्माणता,दृष्टि में भी निर्माणता,वाणी में भी निर्माणता,सम्बन्ध-सम्पर्क में भी निर्माणता।
32They are doublelight.
103ऐसे नहीं कि मेरी वृत्ति में नहीं था लेकिन बोल निकल गया।
33The arrogance of the body does not allow you to become incorporeal.
104नहीं। 105जो वृत्ति होगी वो दृष्टि होगी, जो दृष्टि होगी वो वाणी होगी,जो वाणी होगी वही सम्बन्ध-सम्पर्क में आयेगा। 106चारों में ही चाहिए।
34Everyone has paid very good attention this year. 35There is zeal and enthusiasm; there is a very good desire; you want this too, but let there be further attention please.
107तीन में है, एक में नहीं है-तो भी अहंकार आने की मार्जिन है। 108इसको कहा जाता है फरिश्ता।
36Check: Does any type of ego or arrogance change your natural form into the form of an effortmaker?
109तो समझा, बाप-दादा क्या चाहते हैं और आप क्या चाहते हो? 110चाहना दोनों की एक है, अभीकरनाभी एक करो।
37Is there a trace of a subtle form of ego that still remains which may emerge according to the time or sometimes even according to service?
111अच्छा! 112आगे सेवा के नये-नये प्लैन क्या बनायेंगे?
38It may only be a trace, but it would deceive you at the appropriate time.
113कुछ बनाया है, कुछ बनायेंगे। 114चाहे यह वर्ष,चाहे आगे का वर्ष-जैसे और प्लैन सोचते हो कि भाषण भी करेंगे, सम्बन्ध-सम्पर्क भी बढ़ायेंगे,बड़े प्रोग्राम भी करेंगे, छोटे प्रोग्राम भी करेंगे-ये तो सोचते ही हो लेकिन वर्त-मान समय के गति प्रमाण अभी सेवा की भी फास्ट गति चाहिए। 115वो कैसे होगी? 116वाणी द्वारा,सम्बन्ध-सम्पर्क द्वारा तो सेवा कर ही रहे हो, मन्सा-सेवा भी करते हो लेकिन अभी चाहिए-थोड़े समय में सेवा की सफलता ज्यादा हो।
39Therefore, BapDada's desire is that you fulfil your aim that you have for this year.
117सफलता अर्थात् रिजल्ट। 118उसकी विधि है कि वाणी के साथ-साथ पहले अपनी स्थिति और स्थान के वायब्रेशन्स पॉवरफुल बनाओ। 119जैसे आपके जड़ चित्र क्या सेवा कर रहे हैं? 120वायब्रेशन्स द्वारा कितने भक्तों को प्रसन्न करते हैं!
40As you move along, even though you don't make a specific mistake on a particular day or at a particular time, you do sometimes experience not knowing why there isn't the happiness that there should be on that day, or at that moment.
121डबल विदेशियों ने मन्दिर देखे हैं? 122आपके ही तो मन्दिर हैं ना!
41You don't know why today there is loneliness, hopelessness or suddenly a storm of waste thoughts.
123कि सिर्फ भारत वालों के मन्दिर हैं? 124आपके चित्र सेवा कर रहे हैं ना!
42You had amrit vela, you went to class, you did service, you did your job, and so why is this happening?
125तो वाणी द्वारा भल करो लेकिन अभी ऐसी प्लैनिंग करो,वाणी के साथ-साथ वायब्रेशन की ऐसी विधि बनाओ जो वाणी और वायब्रेशन डबल काम करे। 126वायब्रेशन बहुतकाल रहता है। 127वाणी से सुना हुआ कभी-कभी कइयों को भूल भी जाता है लेकिन वायब्रेशन की छाप ज्यादा समय चलती है। 128जैसे-आप लोग अपने जीवन में अनुभवी हो कि कोई का उल्टा वायब्रेशन अगर आपके मन में या बुद्धि में बैठ जाता है, तो उल्टा कितना समय चलता है!
43What is the reason?
129वायब्रेशन अन्दर बैठ जाता है ना। 130और बोल तो उसी समय भूल जायेगा लेकिन वायब्रेशन के रूप में मन और बुद्धि में छाप लग जाती है।
44Through checking in the gross form you understand that there hasn't been a mistake made, but that a trace of a subtle form of arrogance emerges.
131और कितना समय उसी वायब्रेशन के वश, उस व्यक्ति से व्यवहार में आते हो? 132चाहे उल्टा हो, चाहे सुल्टा हो लेकिन वायब्रेशन मुश्किल से मिटता है। 133लेकिन यह रूहानी वायब्रेशन्स फैलाने के लिए पहले अपने मन में, बुद्धि में व्यर्थ वायब्रेशन्स समाप्त करेंगे तब रूहानी वायब्रेशन फैला सकेंगे। 134किसी के भी प्रति अगर व्यर्थ वायब्रेशन्स धारण किये हुए हैं तो रूहानी वायब्रेशन्स नहीं फैला सकते।
45This is why you are unable to focus your heart on any task.
135व्यर्थ वायब्रेशन रूहानी वायब्रेशन के आगे एक दीवार बन जाती है। 136चाहे सूर्य कितना भी प्रकाशमय हो,अगर सामने दीवार आ गई,बादल आ गये-तो सूर्य के प्रकाश को प्रज्ज्वलित होने नहीं देते। 137जो पक्का वायब्रेशन है-वो है दीवार और जो हल्के वायब्रेशन हैं-वो है हल्के बादल या काले बादल। 138वो रूहानी वायब्रेशन्स को आत्माओं तक पहुँचने नहीं देंगे।
46There is only disinterest and you just feel sad.
139जैसे सागर में कोई जाल डालकर अनेक चीजों को एक ही बार इकठ्ठा व्र देते हैं या कहाँ भी अपनी जाल फैलाकर एक समय पर अनेकों को अपना बना लेते हैं, तो वायब्रेशन्स एक ही समय पर अनेक आत्माओं को आकर्षित कर सकते हैं। 140वायब्रेशन्स वायुमण्डल बनाते हैं। 141तो आगे की सेवा में वृत्ति द्वारा रूहानी वायब्रेशन से साथ-साथ सेवा करो, तभी फास्ट होगी। 142वायब्रेशन और वायुमण्डल के साथ-साथ वाणी की भी सेवा करेंगे तो एक ही समय पर अनेक आत्माओं का कल्याण कर सकते हो।
47You then either wish to go to a place of solitude, or you think about going to sleep.
143बाकी प्रोग्राम्स के लिए आगे भी बनी बनाई स्टेज का प्रयोग और ज्यादा करो,उसको और बढ़ाओ। 144सम्पर्क वालों द्वारा यह सहयोग लेकर इस सेवा को वृद्धि को प्राप्त कर सकते हैं। 145सहयोगियों का सहयोग किसी भी विधि से बढ़ाते चलो तो स्वतः ही सेवा में सह-योगी बनने से सहज योगी बन जायेंगे। 146कई ऐसी आत्मायें होती हैं जो सीधा सहजयोगी नहीं बनेंगी लेकिन सहयोग लेते जाओ, सह-योगी बनाते जाओ।
48You wish to go for a rest or to move away from the family for a little while.
147तो सहयोग में आगे बढ़ते-बढ़ते सहयोग उन्हों को योगी बना देता है।
49The reason for all these states is the wonder of the trace of something.
148तो सहयोगी आत्माओं को और स्टेज पर लाओ,उन्हों का सहयोग सफल करो। 149समझा, क्या करना है?
50Don't even call it a wonder (kamala), but call it an upheaval (dhamaal).
150कोई एक आत्मा भी सहयोगी बनती है तो वह आत्मा प्रैक्टिकल में सहयोग लेने से, देने से, प्रत्यक्ष दुआओं से सहज आगे बढ़ती है और अनेकों की सेवा के निमित्त बनती है। 151साथ-साथ वर्ष में मास मुकर करो-कुछ मास विशेष स्वयं के पुरूषार्थ वा श्रेष्ठ शक्ति धारण करने के अभ्यास के,जिसको आप तपस्या, रिट्रीट या भट्ठियाँ कहते हो। 152हरेक देश के प्रमाण दो-दो मास फिक्स करो, जैसी सीज़न हो। 153दो मास तपस्या के, दो मास छोटी-छोटी सेवाओं के, दो मास बड़े रूप की सेवाओं के- ऐसे फिक्स करो।
51To be completely egoless means easily to become subtle and incorporeal.
154ऐसे नहीं कि 12 मास सेवा में इतने बिजी हो जाओ जो स्व की प्रगति के लिए टाइम कम मिले। 155जैसा देश का सीज़न हो, कई समय ऐसे होते हैं जिसमें बाहर की विशेष सेवा नहीं कर सकते, वो समय अपने प्रगति के प्रति विशेष रूप से रखो। 156सारा साल सेवा नहीं करो-यह भी नहीं हो सकता, सारा साल सिर्फ तपस्या करो-यह भी नहीं हो सकता। 157इसलिये दोनों को साथ-साथ लक्ष्य में रखते हुए अपने स्थान के प्रमाण मुकर करो जिसमें सेवा और स्व की प्रगति-दोनों साथ-साथ चलें।
52Sometimes, you don't have any desire to do anything.
158अच्छा,इस वर्ष की सीज़न की समाप्ति है।
53You think: Is this going to be our timetable all the time?
159समाप्ति में क्या किया जाता है? 160समाप्ति में एक तो समारोह किया जाता है और दूसरा आध्यात्मिक बातों में स्वाहा किया जाता है। 161तो समारोह तो कल मना लिया है। 162(कल 10 साल से पुराने डबल विदेशी भाई-बहनों की सेरीमनी मनाई गई थी) देखने वालों ने भी मनाया या सिर्फ बैठने वालों ने, सिर्फ दस वर्ष वालों ने मनाया?
54There has to be some change.
163सभी ने मनाया ना! 164अभी स्वाहा क्या करेंगे?
55Will this timetable be the same all the time?
165एक बात विशेष मन-बुद्धि से स्वाहा करो,वाणी से नहीं, सिर्फ पढ़ लिया वह नहीं, मन-बुद्धि से स्वाहा करो। 166फिर देखो,स्व और सेवा में तीव्र गति कैसे होती है! 167तो आज की लहर है-किसी भी आत्मा के प्रति व्यर्थ वायब्रेशन को स्वाहा करो। 168स्वाहा कर सकते हो?
56You arrive at this stage even against your will.
169कि थोड़ा-थोड़ा रहेगा? 170ऐसे नहीं समझो कि यह है ही ऐसा तो वायब्रेशन तो रहेगा ना!
57When you become egoless, you will not wish to come down from the subtle and incorporeal stages.
171कैसा भी हो लेकिन आप नैगेटिव वायब्रेशन को बदल पॉजिटिव वायब्रेशन रखेंगे तो वह आत्मा भी नैगेटिव से पॉजिटिव में आ ही जायेगी, आनी ही है। 172क्योंकि जब तक यह व्यर्थ वायब्रेशन मन-बुद्धि में है, तो फास्ट गति की सेवा हो ही नहीं सकती। 173वृत्ति द्वारा रूहानी वायब्रेशन्स फैलाने हैं। 174वृत्ति है रॉकेट, जो यहाँ बैठे-बैठे जहाँ भी चाहो,जितना भी पॉवरफुल परिवर्तन करने चाहो वह कर सकते हो।
58You will experience yourself to be lost in that.
175यह रूहानी रॉकेट है। 176जहाँ तक जितनों को पहुँचाने चाहो, उतना पॉवरफुल वृत्ति से वायब्रेशन,वायब्रेशन से वायुमण्डल बना सकते हो। 177चाहे वो रीयल में रांग भी हो लेकिन आप उसका रांग धारण नहीं करो। 178रांग को आप क्यों धारण करते हो?
59Why?
179ये श्रीमत है क्या? 180समझना अलग चीज है।
60Your original stage is incorporeal, is it not?
181नॉलेजफुल भले बनो लेकिन नॉलेजफुल के साथ पॉवरफुल बनकर के उसको समाप्त कर दो। 182समझना अलग चीज है, समाना अलग चीज है,समाप्त करना और अलग चीज है। 183भल समझते हो-ये रांग है,ये राइट है,ये ऐसा है।
61The incorporeal soul has entered that body; the body has not entered the soul, but the soul has entered the body.
184लेकिन अन्दर वह समाओ नहीं। 185समाना आता है,समाप्त करना नहीं आता है। 186ज्ञान अर्थात् समझ।
62So, your original eternal form is incorporeal, is it not?
187लेकिन समझदार उसको कहा जाता है जिसको समझना भी आता हो और मिटाना भी आता हो, परिवर्तन करना भी आता हो। 188इस वर्ष में मन और बुद्धि को बिल्कुल व्यर्थ से फ्री करो। 189यही फास्ट गति को साधारण गति में ले आती है। 190इसलिए ये समाप्ति समारोह करो अर्थात् स्वाहा करो।
63Or, is it that of a bodily being?
191बिल्कुल क्लीन। 192कैसा भी है, लेकिन क्षमा करो।
64The support of the body has been taken, but who has taken the support?
193शुभ भावना, शुभ कामना के वृत्ति से शुभ वायब्रेशन्स धारण करो। 194क्योंकि लास्ट में आगे बढ़ते हुए यही वृत्ति-वायब्रेशन आपकी सेवा बढ़ायेगी, तब जल्दी से जल्दी कम से कम 9 लाख बना सकेंगे। 195समझा, क्या स्वाहा करना है? 196व्यर्थ वृत्ति, व्यर्थ वायब्रेशन स्वाहा!
65You, the incorporeal soul have taken the support of the corporeal body.
197फिर देखो, नेचुरल योगी और नेचर में फरिश्ता बने ही हुए हैं। 198इस अनुभव पर रिट्रीट करो,वर्कशॉप करो-कैसे होगा, नहीं;ऐसे होगा। 199अच्छा! 200अनेक बच्चों के देश-विदेश से अपने विजय के,पुरूषार्थ के और स्नेह के और भिन्न-भिन्न उत्सव के प्रति पत्र,कार्ड भी बहुत आये हैं और स्नेह की सौगात भी बहुत आई हैं।
66So what is original: the soul or the body?
201जिस स्नेह से सभी बच्चों ने याद,प्यार,सौग्त भेजी है, बापदादा ने उन हर एक बच्चे की याद,प्यार वा सौगात पद्म गुणा स्नेह सम्पन्न स्वीकार की। 202बापदादा के पास सबके मन के संकल्प और दिल के प्यार की दिलियां सब पहुँच गई। 203इसलिए मैसेन्जर बनकर लाये हो तो फिर ये याद,प्यार का रिटर्न, सन्देश सन्देशी बनकर के सबको देना। 204बापदादा जानते हैं कि सभी बच्चे दूर बैठे भी दिल के समीप हैं और जो सहयोग अधिकार के रूप से बच्चे बाप से मांगते हैं या कहते हैं,तो अधिकारी बच्चों को सहयोग का अधिकार प्राप्त है और अन्त तक प्राप्त होना ही है।
67The soul.
205चाहे सम्मुख हो, चाहे दूर बैठे सम्मुख हैं- सभी बच्चों को बाप का स्नेह, सहयोग,सर्व शक्तियों का अधिकार अवश्य प्राप्त है। 206इसलिए कभी भी कोई न कमजोर बनना,न दिल-शिकस्त बनना, न पुरूषार्थ में साधारण पुरुषार्थी बनना। 207बाप कम्बाइन्ड है,इसलिए उमंग-उत्साह से बढ़ते चलो। 208कमजोरी, दिलशि-कस्तपन बाप के हवाले कर दो, अपने पास नहीं रखो।
68Are you sure about this?
209अपने पास सिर्फ उमंग-उत्साह रखो। 210जो काम की चीज नहीं है वो क्यों रखते हो!
69Is it easy to stabilise yourself in the original stage, or in the stage of taking support?
211इसलिए सदा उमंग-उत्साह में नाचते रहो,गाते रहो और ब्रह्मा भोजन करते रहो। 212सदा फरिश्ता अर्थात् देह-भान से न्यारा, निरहंकारी,देह-अहंकार के रिश्ते से न्यारा और बाप का प्यारा। 213सदा स्वयं को बार-बार ओरीजिनल स्वरूप मैं निराकारी हूँ-ऐसे निश्चय और नशे में उड़ने वाले, सदा निर्माणता द्वारा महानता की प्राप्ति के अनुभवी आत्मायें, ऐसे निर्माण, सदा महान और सदा आकारी निराकारी स्थिति को नेचर और नेचुरल बनाने वाले सर्व श्रेष्ठ आत्माओं को बापदादा का बहुत-बहुत-बहुत याद, प्यार और नमस्ते। 214मधुबन निवासियों को सेवा की मुबारक देते हुए बापदादा बोले -
70What is easy?
215अच्छा,विशेष मधुबन निवासियों को बहुत-बहुत मुबारक हो। 216सारा सीज़न अपनी मधुरता और अथक सेवा से सर्व की सेवा के निमित्त बने। 217तो सबसे पहले सारी सीजन में निमित्त सेवाधारी विशेष मधुबन निवासियों को बहुत-बहुत मुबारक। 218मधुबन है ही मधु अर्थात् मधुरता।
71The door for arrogance to enter is one word.
219तो मधुरता सर्व को बाप के स्नेह में लाती है। 220इसलिए चाहे हाल में हो,चाहे चले गये हो लेकिन सभी को विशेष एक-एक डिपार्टमेन्ट को बापदादा विशेष मुबारक सेवा की दे रहे हैं और सदा अथक भव,मधुर भव के वरदानों से बढ़ते, उड़ते चलो। 221अव्यक्त बापदादा की पर्सनल मुलाकात 222ग्रुप नं.1
72What is that word?
223अलबेलापन कमजोरी लाता है, इसलिये अलर्ट रहो 224सभी संगमयुगी श्रेष्ठ आत्मायें हो ना! 225संगमयुग की विशेषता क्या है जो किसी भी युग में नहीं है? 226संगमयुग की विशेषता है-एक तो प्रत्यक्ष फल मिलता है और एक का पद्म गुणा प्राप्ति का अनुभव इसी जन्म में ही होता है।
73It is the word “I”.
227प्रत्यक्ष फल मिलता है ना। 228अगर एक सेकेण्ड भी हिम्मत रखते हो तो मदद कितने समय तक मिलती रहती है!
74Practise: Whenever the word "I" is used, bring the original form in front of you.
229किसी एक की भी सेवा करते हो तो खुशी कितनी मिलती है! 230तो एक की पद्म गुणा प्राप्ति अर्थात् प्रत्यक्षफल इस संगम पर मिलता है। 231तो ताजा फ्रूट खाना अच्छा लगता है ना। 232तो आप सभी प्रत्यक्ष फल अर्थात् ताजा फल खाने वाले हो, इसीलिए शक्तिशाली हो।
75Who am I?
233कमजोर तो नहीं हैं ना। 234सब पॉवरफुल हैं। 235कमजोरी को आने नहीं देना।
76Should it be the soul, or should it be "I am suchandsuch a person"?
236जब तन्दरूस्त होते हैं तब कमजोरी स्वतः खत्म हो जाती है। 237सर्वशक्तिवान बाप द्वारा सदा शक्ति मिलती रहती है,तो कमजोर कैसे होंगे।
77You give knowledge to others that the word "I" makes you fly and that the same word "I" makes you fall.
238कमजोरी आ सकती है? 239कभी गलती से आ जाती है? 240जब कुम्भकरण की नींद में अलबेले होकर सो जाते हो तब आ सकती है, नहीं तो नहीं आ सकती है। 241आप तो अलर्ट हो ना।
78If, by saying the word "I", your original incorporeal form is remembered, and it becomes natural, then this first lesson is easy, is it not?
242अलबेले हो क्या?
79So check this.
243सभी अलर्ट हैं?
80Instil this habit.
244सदा अलर्ट हैं? 245संगम-युग में बाप मिला सब-कुछ मिला।
81As soon as you think "I", the incorporeal form should enter your awareness.
246तो अलर्ट ही रहेंगे ना।
82How many times do you say "I"?
247जिसको बहुत प्राप्तियां होती रहती हैं वो कितना अलर्ट रहते हैं! 248रिवाजी बिजनेसमैन को बिजनेस में प्राप्तियां होती रहती हैं तो अलबेला होगा या अलर्ट होगा? 249तो आपको एक सेकेण्ड में कितना मिलता है! 250तो अलबेले कैसे होंगे?
83"I said this."
251बाप ने सर्व शक्तियाँ दे दीं।
84"I will do this."
252जब सर्व शक्तियाँ साथ हैं तो अलबेलापन नहीं आ सकता है। 253सदा होशि-यार,सदा खबरदार रहो! 254यू.के. को तो बापदादा कहते ही हैं ओ.के.। 255तो जो ओ.के. होगा वह जब अलर्ट होगा तब तो ओ.के. होगा ना।
85"I think this."
256फाउन्डेशन पॉवरफुल है,इसलिए जो भी टाल-टालियां निकली हैं वह भी शक्तिशाली हैं। 257विशेष बापदादा ने-ब्रह्मा बाप ने अपने दिल से लण्डन का पहला फाउन्डेशन डाला है। 258ब्रह्मा बाप का विशेष लाडला है। 259तो आप प्रत्यक्ष फल के सदा अधिकारी आत्मायें हो।
86You use the word "I" many times.
260कर्म करने के पहले फल तैयार है ही। 261ऐसे ही लगता है ना।
87So this is the easy way to become incorporeal and subtle.
262या मेहनत लगती है? 263नाचते-गाते फल खाते रहते हो। 264वैसे भी डबल विदेशियों को फल अच्छा लगता है ना।
88Whenever you use the word "I", your incorporeal and original form should instantly come in front of you.
265बापदादा भी यू.के. अर्थात् सदा ओ.के. रहने वाले बच्चों को देख हर्षित होते हैं। 266अपना यह टाइटल सदा याद रखना-ओ.के.। 267यह कितना बढ़िया टाइटल है! 268सभी सदा ओ.के. रहने वाले और औरों को भी अपने चेहरे से,वाणी से,वृत्ति से ओ.के. बनाने वाले।
89Is this difficult or easy?
269यही सेवा करनी है ना! 270अच्छा है। 271सेवा का शौक भी अच्छा है।
90Then your qualifications are certain to become equal to your aim.
272जो भी जहाँ से भी आये हो लेकिन सभी तीव्र पुरुषार्थी और उड़ती कला वाले हो।
91Simply adopt this easy method of becoming egoless and see.
273सबसे ज्यादा खुश कौन रहता है? 274नशे से कहो-मैं!
92This "I" of the arrogance of the body should finish.
275सिवाए खुशी के और है ही क्या! 276खुशी ब्राह्मण जीवन की खुराक है। 277खुराक के बिना कैसे चलेंगे।
93It is the word "I" that brings you into the arrogance of the body.
278चल रहे हो, तो खुराक है तभी तो चल रहे हो ना। 279स्थान भी बढ़ रहे हैं। 280देखो, पहले तीन पैर पृथ्वी लेना बड़ी बात लगती थी और अभी क्या लगता है? 281सहज लगता है ना।
94If you bring into your awareness the form of "I, the incorporeal soul", then this word "I" will take you beyond the arrogance of the body.
282तो लण्डन ने कमाल की है ना। 283(अभी 50एकड़ जमीन मिली है) हिम्मत दिलाने वाले भी अच्छे हैं और हिम्मत रखने वाले भी अच्छे हैं। 284देखो, आप सबकी अंगुली नहीं होती तो कैसे होता। 285तो सभी यू.के. वाले लक्की हैं और अंगुली देने में बहादुर हैं।
95This is right, is it not?
286ग्रुप नं.2 287अपनी सर्व जिम्मेवारियां बाप को देकर बेफिक्र बादशाह बनो
96Throughout the day, you probably use the word "I" 25 to 30 times.
288सदा अपने को बेफिक्र बादशाह अनुभव करते हो?
97You may not say it, but you probably think it.
289या थोड़ा-थोड़ा फिक्र है?
98"I will do this, I will do that."
290क्योंकि जब बाप ने आपकी जिम्मेवारी ले ली, तो जिम्मेवारी का फिक्र क्यों?
99Even when you make plans, what do you think?
291अभी सिर्फ रेस्पोंसिबिलिटी है बाप के साथ-साथ चलते रहने की। 292वह भी बाप के साथ-साथ है,अकेले नहीं। 293तो क्या फिक्र है?
100When you have practised doing something so many times, what will happen to the awareness of the form of the soul?
294कल क्या होगा-ये फिक्र है? 295जॉब का फिक्र है?
101It will make you incorporeal.
296दुनिया में क्या होगा- ये फिक्र है? 297क्योंकि जानते हो कि-हमारे लिए जो भी होगा अच्छा होगा।
102Become incorporeal, become a subtle angel, carry out your task and then become incorporeal once again.
298निश्चय है ना। 299पक्का निश्चय है या हिलता है कभी ?
103Come into relationships with the relationship of karma.
300जहाँ निश्चय पक्का है, वहाँ निश्चय के साथ विजय भी निश्चित है। 301ये भी निश्चय है ना कि विजय हुई पड़ी है। 302या कभी सोचते हो कि पता नहीं होगी या नहीं? 303क्योंकि कल्प-कल्प के विजयी हैं और सदा रहेंगे-ये अपना यादगार कल्प पहले वाला अभी फिर से देख रहे हो।
104Do not bring bondage in a relationship.
304इतना निश्चय है ना कि कल्प-कल्प के विजयी हैं। 305इतना निश्चय है?
105To have arrogance of the body means to come into a bondage of karma.
306कल्प पहले भी आप ही थे या दूसरे थे? 307तो सदा यही याद रखना कि हम निश्चयबुद्धि विजयी रत्न हैं।
106To come into a relationship with the body means to have a relationship of karma.
308ऐसे रत्न हो जिन रत्नों को बापदादा भी याद करते हैं।
107There is a difference between the two.
309ये खुशी है ना? 310बहुत मौज में रहते हो ना। 311इस अलौकिक दिव्य श्रेष्ठ जन्म की और अपने मधुबन घर में पहुंचने की मुबारक।
108There is a difference between taking the support of the body and to be under the influence of the body.
312ग्रुप नं.3 313बाप और आप - ऐसे कम्बाइण्ड रहो जो कभी कोई अलग न कर सके 314सभी अपने को सदा बाप और आप कम्बाइण्ड हैं-ऐसा अनुभव करते हो?
109Taking the support of the body, an angel and incorporeal soul will not come into the bondage of the body; they will have a relationship, but not come into bondage.
315जो कम्बाइण्ड होता है उसे कभी भी, कोई भी अलग नहीं कर सकता। 316आप अनेक बार कम्बाइण्ड रहे हो, अभी भी हो और आगे भी सदा रहेंगे। 317ये पक्का है? 318तो इतना पक्का कम्बाइण्ड रहना।
110During this year, BapDada will see the result: to what extent has the aim and the qualifications of becoming egoless, subtle angels and incorporeal become equal.
319तो सदैव स्मृति रखो कि-कम्बाइण्ड थे, कम्बाइण्ड हैं और कम्बाइण्ड रहेंगे। 320कोई की ताकत नहीं जो अनेक बार के कम्बा-इण्ड स्वरूप को अलग कर सके। 321तो प्यार की निशानी क्या होती है? 322(कम्बाइण्ड रहना) क्योंकि शरीर से तो मजबूरी में भी कहाँ-कहाँ अलग रहना पड़ता है।
111The sign of greatness is humility.
323प्यार भी हो लेकिन मजबूरी से कहाँ अलग रहना भी पड़ता है। 324लेकिन यहाँ तो शरीर की बात ही नहीं।
112The greater the humility, the more a soul will automatically be great in everyone's heart.
325एक सेकेण्ड में कहाँ से कहाँ पहुंच सकते हो! 326आत्मा और परमात्मा का साथ है।
113Without becoming humble, you cannot become a master bestower of happiness for all.
327परमात्मा तो कहाँ भी साथ निभाता है और हर एक से कम्बाइण्ड रूप से प्रीत की रीति निभाने वाले हैं। 328हरेक क्या कहेंगे-मेरा बाबा है। 329या कहेंगे-तेरा बाबा है? 330हरेक कहेगा-मेरा बाबा है!
114Humility easily makes you egoless.
331तो मेरा क्यों कहते हो? 332अधिकार है तब ही तो कहते हो। 333प्यार भी है और अधिकार भी है।
115The seed of humility automatically enables you to attain the fruit of greatness.
334जहाँ प्यार होता है वहाँ अधिकार भी होता है। 335अधिकार का नशा है ना।
116Humility is the easy method for claiming blessings from the heart of everyone.
336कितना बड़ा अधिकार मिला है! 337इतना बड़ा अधिकार सतयुग में भी नहीं मिलेगा!
117A soul with humility is easily given a place of love in everyone's heart.
338किसी जन्म में परमात्म-अधिकार नहीं मिलता। 339प्राप्ति यहाँ है।
118Humility automatically makes you worthy of praise.
340प्रालब्ध सतयुग में है लेकिन प्राप्ति का समय अभी है। 341तो जिस समय प्राप्ति होती है उस समय कितनी खुशी होती है! 342प्राप्त हो गया-फिर तो कॉमन बात हो जाती है। 343लेकिन जब प्राप्त हो रहा है, उस समय का नशा और खुशी अलौकिक होती है!
119The special sign of becoming egoless is humility.
344तो कितनी खुशी और नशा है! 345क्योंकि देने वाला भी बेहद का है। 346तो दाता भी बेहद का है और मिलता भी बेहद का है। 347तो मालिक किसके हो-हद के या बेहद के?
120There is humility in your attitude, humility in your drishti, humility in your words and also humility in your connections and relationships.
348तीनों लोक अपने बना दिये हैं। 349मूलवतन, सूक्ष्मवतन हमारा घर है और स्थूल वतन में तो हमारा राज्य आने वाला ही है।
121It should not be that you say: "It wasn't in my attitude, but the words just emerged”.
350तीनों लोकों के अधिकारी बन गये! 351तो क्या कहेंगे- अधिकारी आत्मायें।
122No, whatever is your attitude, your drishti will be accordingly.
352कोई अप्राप्ति है? 353तो क्या गीत गाते हो? 354(पाना था वह पा लिया) पाना था वह पा लिया, अभी कुछ पाने को नहीं रहा।
123Whatever is your drishti, your words will be according to that, and whatever are your words will also be in your connections and relationships.
355तो ये गीत गाते हो?
124There has to be humility in all four.
356या कोई अप्राप्ति है-पैसा चाहिए,मकान चाहिए! 357नेता की कुर्सी चाहिए? 358कुछ नहीं चाहिए।
125If there is humility in three and not in one, then there is a margin for allowing arrogance.
359क्योंकि कुर्सी होगी तो भी एक जन्म का भी भरोसा नहीं और आपको कितनी गारन्टी है? 36021 जन्म की गारन्टी है। 361गारन्टी-कार्ड माया तो चोरी नहीं कर लेती है? 362जैसे यहाँ पासपोर्ट खो लेते हैं तो कितनी मुश्किल हो जाती है!
126This is known as being an angel.
363तो गारन्टी-कार्ड माया तो नहीं ले लेती है? 364छुपा-छुपी करती है।
127So, do you understand what BapDada wishes and what you wish?
365फिर आप क्या करते हो?
128The wish of both is the same.
366लेकिन ऐसे शक्तिशाली बनो जो माया की हिम्मत नहीं। 367ग्रुप नं.4
129Now let the deeds be the same.
368त्रिकालदर्शी बन बनकर हर कर्म करो 369सभी अपने को तख्तनशीन आत्मायें अनुभव करते हो?
130What new plans of service will you make for the future?
370अभी तख्त मिला है या भविष्य में मिलना है, क्या कहेंगे? 371सभी तख्त पर बैठेंगे?
131You have made some plans already and you have yet to make more plans.
372(दिलतख्त बहुत बड़ा है) दिलतख्त तो बड़ा है लेकिन सतयुग के तख्त पर एक समय में कितने बैठेंगे? 373तख्त पर भले कोई बैठे लेकिन तख्त अधिकारी रॉयल फैमिली में तो आयेंगे ना। 374तख्त पर इकट्ठे तो नहीं बैठ सकेंगे! 375इस समय सभी तख्तनशीन हैं।
132Whether for the future, whether for this year, or for future years, you say for the future plans that you will give lectures, you will increase contacts and relationships, you will have large and small programmes; you think about this.
376इसलिए इस जन्म का महत्व है। 377जितने चाहें, जो चाहें दिलतख्तनशीन बन सकते हैं।
133However, according to the present speed of time, the speed of service should also be fast.
378इस समय और कोई तख्त है? 379कौनसा है?
134How will that happen?
380(अकालतख्त) आप अविनाशी आत्मा का तख्त ये भृकुटी है। 381तो भृकुटी के तख्तनशीन भी हो और दिलतख्तनशीन भी हो। 382डबल तख्त है ना!
135You are doing service through words and through connections and relationships.
383नशा है कि मैं आत्मा भृकुटी के अकालतख्तनशीन हूँ! 384तख्तनशीन आत्मा का स्व पर राज्य है,इसीलिए स्वराज्य अधिकारी हैं। 385स्वराज्य अधिकारी हूँ-यह स्मृति सहज ही बाप द्वारा सर्व प्राप्ति का अनुभव करायेगी। 386तो तीनों ही तख्त की नॉलेज है।
136You also do service through the mind.
387नॉलेजफुल हो ना! 388पॉवरफुल भी हो या सिर्फ नॉलेजफुल हो? 389जितने नॉलेजफुल हो,उतने ही पॉवरफुल हो।
137However, what is now needed is that there should be greater success in service in a shorter time.
390या नॉलेज-फुल अधिक, पॉवरफुल कम?
138Success means results.
391नॉलेज में ज्यादा होशियार हो! 392नॉलेजफुल और पॉवरफुल-दोनों ही साथ-साथ। 393तो तीनों तख्त की स्मृति सदा रहे।
139The method for this is that together with words, first of all, make your stage and the vibrations of your place powerful.
394ज्ञान में तीन का महत्व है। 395त्रिकालदर्शी भी बनते हैं।
140For instance, what service do your nonliving images do?
396तीनों काल को जानते हो। 397या सिर्फ वर्तमान को जानते हो?
141They satisfy so many devotees through their vibrations.
398कोई भी कर्म करते हो तो त्रिकालदर्शी बनकर कर्म करते हो या सिर्फ एकदर्शी बनकर कर्म करते हो? 399क्या हो-एक दर्शी या त्रिकालदर्शी? 400तो कल क्या होने वाला है-वह जानते हो? 401कहो-हम यह जानते हैं कि कल जो होगा वह बहुत अच्छा होगा।
142They do this, do they not?
402ये तो जानते हो ना! 403तो त्रिकालदर्शी हुए ना।
143Have the doubleforeigners seen their temples?
404जो हो गया वो भी अच्छा, जो हो रहा है वह और अच्छा और जो होने वाला है वह और बहुत अच्छा! 405यह निश्चय है ना कि अच्छे से अच्छा होना है,बुरा नहीं हो सकता। 406क्यों? 407अच्छे से अच्छा बाप मिला, अच्छे से अच्छे आप बने, अच्छे से अच्छे कर्म कर रहे हो।
144They are your temples, are they not?
408तो सब अच्छा है ना। 409कि थोड़ा बुरा, थोड़ा अच्छा है?
145Or are they the temples of only the people of Bharat? 146They are yours too.
410जब मालूम पड़ गया कि मैं श्रेष्ठ आत्मा हूँ, तो श्रेष्ठ आत्मा का संकल्प, बोल,कर्म अच्छा होगा ना! 411तो यह सदा स्मृति रखो कि-कल्याणकारी बाप मिला तो सदा कल्याण ही कल्याण है। 412बाप को कहते ही हैं विश्व-कल्याणकारी और आप मास्टर विश्व-कल्याणकारी हो! 413तो जो विश्व का कल्याण करने वाला है उसका अकल्याण हो ही नहीं सकता।
147Your images are doing service.
414इसलिए यह निश्चय रखो कि हर समय,हर कार्य,हर संकल्प कल्याणकारी है। 415संगमयुग को भी नाम देते हैं-कल्याणकारी युग। 416तो अकल्याण नहीं हो सकता। 417तो क्या याद रखेंगे?
148So, by all means, serve through words, but now make such plans that together with words, create such a method of serving through vibrations so that the vibrations and words perform a double task.
418जो हो रहा है वह अच्छा और जो होने वाला वह बहुत-बहुत अच्छा। 419तो यह स्मृति सदा आगे बढ़ाती रहेगी। 420अच्छा,सभी कोने-कोने में बाप का झण्डा लहरा रहे हो। 421सभी बहुत हिम्मत और तीव्र पुरूषार्थ से आगे बढ़ रहे हो और सदा बढ़ते रहेंगे।
149Vibrations stay for a long time.
422फ्युचर दिखाई देता है ना। 423कोई भी पूछे- आपका भविष्य क्या है?
150When people hear words, many forget them, whereas impression of vibrations lasts longer.
424तो बोलो-हमको पता है, बहुत अच्छा है। 425ग्रुप नं.5 426स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है - इस नशे में रहकर हर कर्म करो
151You have experienced in your life that the wrong type of vibrations stay in your mind and intellect for a long time.
427सभी तीन बिन्दु के रहस्य को जानते हो?
152How long do those wrong vibrations last for?
428जानते हो या प्रैक्टिकल में भी अनुभवी हो?
153They stay inside you, do they not?
429तीन बिन्दी लगानी आती हैं? 430या कभी भूल जाते हो, कभी लगाते हो? 431क्योंकि ये तीनों ही याद रखना आवश्यक है।
154At that time, the words are forgotten but an impression is left on your mind and intellect in the form of vibrations.
432अगर एक बाप बिन्दु को याद करो तो दोनों और बिन्दु सहज ही याद आ जायेंगे। 433तो बाप को याद करना सहज है या मुश्किल है?
155For how long do you then remain under the influence of those vibrations of others and interact with those people on that basis?
434सहज है तो सदा क्यों नहीं?
156This happens, does it not?
435माया पॉवरफुल है या मास्टर सर्वशक्तिवान पॉवरफुल? 436मास्टर तो और ही तेज होता है।
157Whether they are wrong or right, vibrations are removed with great difficulty.
437फिर माया पॉवरफुल कैसे हो जाती है? 438(अपनी कमजोरी के कारण) कमजोरी कब तक रहनी है?
158However, in order to spread spiritual vibrations, first finish the vibrations of waste in your mind and intellect.
439फिर दूसरे वर्ष भी तो नहीं कहेंगे?
159Only then will you be able to spread spiritual vibrations.
440चाहे माया कितना भी शक्तिशाली हो लेकिन सर्वशक्तिवान बाप से कोई शक्तिशाली है नहीं।
160If you have waste vibrations for anyone, you cannot spread spiritual vibrations.
441तो भूल जाते हो कि हम मास्टर हैं। 442क्या यह कभी भूलते हो कि मैं फलानी हूँ?
161The vibrations of waste become a wall in front of spiritual vibrations.
443शरीर नहीं भूलते हो और अपने आपको भूल जाते हो! 444ये वन्डर (Wonder; आश्यर्च) नहीं है! 445तो आप वन्डर करते हो? 446ये वन्डर नहीं करना।
162No matter how powerful the sun may be, if there is a wall in front of it, or if there are clouds, the light of the sun cannot come through.
447सदा बाप और आप साथ हैं, कम्बाइन्ड हैं, तो भूल कैसे सकते हैं। 448बाप से अलग रहते हो क्या?
163So, strong vibrations are like a wall and lighter vibrations are like light clouds or black clouds.
449तो यही कहो कि न भूलते हैं, न भूलेंगे। 450बाप से प्यार है ना।
164They don't allow spiritual vibrations to reach souls.
451तो सबसे प्यारा भूल सकता है? 452भूलना चाहें तो भी नहीं भूल सकते। 453जब अनुभव कर लिया कि बाप ही संसार है, तो संसार के सिवाए और कुछ है क्या? 454फिर भूलते क्यों हो?
165Just as many things can be caught in the sea at the same time by throwing a net, and some spread their net and make many people belong to them at one time, in the same way, vibrations can attract many souls at one time.
455खेल करते हो? 456कहो-भूल नहीं सकते।
166Vibrations create an atmosphere.
457सोचो कि सारे कल्प में बाप अभी मिला है,फिर मिल नहीं सकता। 458गोल्डन एज में भी बाप नहीं होगा।
167So for service in the future, together with attitude, do service with vibrations, then the speed will be fast.
459ब्रह्मा बाप साथ होगा। 460शिव बाप अभी मिलते हैं, तो भूल कैसे जायेंगे? 461तो अभी क्या कहेंगे-भूलना मुश्किल है या याद करना मुश्किल है?
168If, together with vibrations and the atmosphere, you do service through words, you will bring benefit to many souls at the same time.
462(जो कम्बाइन्ड है उसको अलग करना मुश्किल है)
169For the programmes, make more use of an already prepared stage.
463मास्टर सर्वशक्तिवान बन हर शक्ति को कार्य में लगाओ। 464सर्व शक्तियों जो मिली हैं वह हैं ही समय पर यूज़ करने के लिए। 465अगर समय पर कोई चीज़ काम में नहीं आई तो उस चीज का महत्व ही क्या रहा! 466समय पर यूज़ करते-करते अभ्यासी हो जायेंगे।
170Increase that form of service.
467मालिक बनकर शक्तियों को ऑर्डर करो। 468मालिक बनकर ऑर्डर करेंगे तो शक्तियाँ मानेंगी भी।
171Taking this cooperation from those in contact you can expand this type of service.
469अगर कमजोर होकर ऑर्डर करेंगे तो नहीं मानेंगी। 470शक्तियाँ आपके ऑर्डर को मानने के लिए सदा तैयार हैं,सिर्फ मालिकपन नहीं भूलो। 471बापदादा सभी बच्चों को मालिक बनाते हैं, कमजोर नहीं बनाते।
172Increase cooperation from the cooperative ones through any method, and then, by being cooperative in service, they will automatically become easy yogis.
472सभी राजयोगी हो, कमजोर योगी तो नहीं हो ना।
173There are souls who do not become easy yogis straight away.
473राजा कमजोर होता है क्या? 474राजयोगी हो। 475बाप को यही खुशी है कि हर बच्चा राजा है, कोई प्रजा नहीं है। 476सारे कल्प में ऐसा कोई नहीं होगा जिसके इतने सारे बच्चे राजा हों!
174However, you must keep taking cooperation from them, make them cooperative and by them moving forward in giving co operation, their cooperation will make them into yogis.
477तो सब राजा हो। 478स्वराज्य अधिकारी बन गये।
175So bring cooperative souls onto the stage of service.
479तो यही खुशी और नशा रखो कि हम सभी स्वराज्य अधिकारी हैं।
176Make use of their co operation in a worthwhile way.
480कोई पूछे-स्वराज्य मिला है?
177Do you understand what you have to do?
481तो क्या कहेंगे? 482कहो- स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। 483ये नशा रखो कि स्वराज्य बर्थ-राइट है। 484बर्थ-राइट कोई छीन नहीं सकता।
178If even one soul gives or receives cooperation, that soul moves forward easily with instant blessings and becomes an instrument to serve many others.
485अभी सभी जो भी आये हो-अगले वर्ष तीन गुणा ज्यादा संख्या बढ़ाना। 486देखेंगे-कौन ज्यादा बड़ी माला बनाकर लाते हैं।
179Together with that, during the year, fix months when there can be the practice of special effort for the self and for developing elevated power.
487सारे विश्व की आत्मायें सुख-शान्ति की भीख मांगने के लिये आपके सामने आनी हैं। 488आप दाता के बच्चे मास्टर दाता सबको मालामाला करेंगे। 489क्योंकि सिवाए एक बाप के और कहाँ जायेंगे? 490तो अपने सर्व खज़ानों से भण्डारे भरपूर करते जाओ-जो कोई भी आवे तो खाली हाथ नहीं जाये, भरपूर होकर जाये।
180You call this tapasya, a retreat or a bhatti.
491ये नज़ारा आगे चलकर अनुभव करेंगे। 492विदाई के समय सभी ने बापदादा को बधाइयां दीं और गीत गाया। 493रेस्पाण्ड देते हुए बापदादा बोले -
181And so, according to each country, fix two months for this according to the season: two months for tapasya, two months for small programmes, two months for large programmes.
494सभी सन्तुष्ट हुए।
182Fix it in this way.
495अच्छा,जो सदा सन्तुष्ट हैं वह ताली बजाओ। 496(सभी ने खूब तालियां बजाई) बाप को हर बच्चा अति-अति प्यारा है।
183It should not be that you become so busy in service for 12 months that there is no time for selfprogress.
497यह सीजन निर्विघ्न और उत्साह भरी उत्सव सम्पन्न समाप्त हुई। 498कितने उत्सव मनाये हैं? 499देखो, शिवरात्रि मनाई, होली मनाई और 10वर्ष वालों के कितने फंक्शन मनाये!
184So, as is the country and the season of that country, let there be special time for your own progress because there are times when outside service is not possible.
500तो कितने उत्सव मनाये? 501तो यह सीजन कौनसी रही ?
185Not to do service throughout the year is not possible.
502तो सदा ऐसे उत्साह में रहते उत्सव मनाते उड़ते रहना। 503उत्सव अच्छा लगता है ना।
186To have tapasya throughout the entire year is also not possible.
504अच्छा लगता है? 505तो सदा मनाते रहना।
187Therefore, keep both in your aim.
506बाप साथ है तो सारा परिवार बीज में है। 507जब भी अपने को अकेला समझो तो मधुबन में पहुंच जाना बिना टिकेट। 508कौन-सी प्लेन मिलेगी?
188Each country, whether Bharat or abroad, can fix a time according to your place: a time in which service and selfprogress can both happen simultaneously.
509दिव्य बुद्धि के विमान में बिना टिकेट आ सकते हो। 510यह प्लेन तो सबके पास है ना। 511एवररेडी है। 512इस प्लेन की कभी स्ट्राइक (हड़ताल) भी नहीं होगी और लेट भी नहीं आयेगा, टाइम पर आयेगा।
189To those who constantly fly with the faith and intoxication again and again: "I am an incorporeal soul"; to the humble souls who attain greatness through constant humility, to all the elevated and humble souls who make their subtle and incorporeal stage natural and their nature, lots and lots and lots of love and remembrances and namaste from BapDada.
513अच्छा! 514बाप अकेला कुछ नहीं कर सकता। 515आप सबका बाप के साथ धन्यवाद है।
190* * * O MS H A N T I * * *