Avyakt murli du dimanche 30 juin 1974 - 2
Enregistrement en cours..
Vous pouvez maintenant lire ce murli sans internet.
Vous pouvez lire ce murli sans internet.
pour pouvoir le lire sans internet.
>
30-06-74 ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन
रूहानी सेना का मुख्य लॉ
रूहानी सेना के सर्वोच्च सेनापति शिव बाबा अपने बच्चों के प्रति बोले :-
रूहानी सेना सदैव शस्त्रधारी, लॉ एण्ड ऑर्डर में चलने वाली होती है। सेना का मुख्य गुण यही देखा जाता है, कि लॉ एण्ड ऑर्डर कहाँ तक है?तो क्या आप सब लॉ एण्ड ऑर्डर में हो? रूहानी सेना के लिए मुख्य लॉ कौन-सा है कि जिसमें सब लॉ आ जाएं? रूहानी सेना के लिए मुख्य लॉ यही है कि कभी भी अपनी देह को व अन्य देहधारी की तरफ नहीं देखना है। बाप की तरफ ही हर कदम उठाना है। यह है रूहानी सेना के लिए मुख्य लॉ। अगर जरा भी देहधारी व अपनी देह को देखा, तो जो मंजिल है कि-बाप तक पहुँचना व बाप से मिलना, तो वहाँ तक पहुंच नहीं सकेंगे। अच्छा।
इस मुरली का सार
(1) रूहानी सेना का मुख्य लॉ यही है कि कभी भी न तो अपनी देह और न ही अन्य किसी दूसरे की देह को देखना है।
(2) अपना हर कदम बाप की ओर ही उठाना है।