Avyakt murli for Thursday 12 November 1992
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0> 112-11-92 ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन
0> > 12-11-92 Om Shanti Avyakt Bapdada Madhuban
2भविष्य विश्व-राज्य का आधार-संगमयुग का स्वराज्य 3विश्व-रचता बापदादा अपने स्वराज्य अधिकारी बच्चों प्रति बोले -
1The basis of the future world sovereignty is the selfsovereignty of the confluence age.
4आज विश्व-रचता बापदादा अपने सर्व स्वराज्य अधिकारी बच्चों को देख रहे हैं।
2Today, BapDada, the Creator of the World, is seeing all His children who have a right to selfsovereignty.
5इस वर्तमान संगमयुग के स्वराज्य अधिकारी और भविष्य में विश्व-राज्य अधिकारी बनते हो। 6क्योंकि स्वराज्य से ही विश्व के राज्य का अधिकार प्राप्त करते हो।
3You have a right to self sovereignty at the present confluence age, and in the future you become those who have a right to world sovereignty, because it is only through selfsovereignty that you claim the right to world sovereignty.
7इस समय के स्वराज्य की प्राप्ति का अनुभव भविष्य विश्व के राज्य से भी अति श्रेष्ठ अनुभव है! 8सारे ड्रामा के अन्दर राज्य-अधिकारी राज्य करते आते हैं। 9सबसे श्रेष्ठ पहला है स्वराज्य,जिसके आधार से आप स्वराज्य अधिकारी आत्माए अनेक जन्म सतयुग-त्रेता तक विश्व-राज्य अधिकारी बनते हो। 10तो पहला है स्वराज्य,फिर आधा कल्प है विश्व-राज्य अधिकार और द्वापर से लेकर के, राज्य तो होता ही है लेकिन विश्व-राज्य नहीं, स्टेट के राजायें बनते हैं।
4The experience of selfsovereignty at this time is even more elevated than the future world sovereignty.
11सारे विश्व पर एक राज्य, वह सिर्फ सतयुग में ही होता है। 12तो तीन प्रकार के राज्य सुनाये।
5Throughout the whole drama, those who have had a right to the kingdom have been ruling.
13राज्य अर्थात् सर्व अधिकार की प्राप्ति। 14सतयुग-त्रेता की राजनीति,द्वापर की राजनीति और संगमयुग की स्वराज्य नीति-तीनों को अच्छी रीति से जानते हो। 15संगमयुग की राजनीति अर्थात् हर एक ब्राह्मण आत्मा स्व का राज्य अधिकारी बनता है। 16हर एक राजयोगी है।
6Firstly, the most elevated kingdom is that of selfsovereignty and on the basis of this, you souls who have a right to self sovereignty become those who have a right to world sovereignty for many births from the golden age through the silver age.
17सभी राजयोगी हो। 18या प्रजायोगी हो? 19राजयोगी हो ना। 20तो राजयोगी अर्थात् राजा बनने वाले योगी।
7So first is selfsovereignty, and then for half the cycle, you claim the right to world sovereignty.
21स्वराज्य अधिकारी आत्माओं की विशेष नीति है-जैसे राजा अपने सेवा के साथियों को,प्रजा को जैसा, जो ऑर्डर करते हैं, उस ऑर्डर से, उसी नीति प्रमाण साथी वा प्रजा कार्य करते हैं। 22ऐसे आप स्वराज्य अधिकारी आत्माए अपनी योग की शक्ति द्वारा हर कर्मेन्द्रिय को जैसा ऑर्डर करती हो, वैसे हर कर्मेन्द्रिय आपके ऑर्डर के अन्दर चलती है। 23न सिर्फ यह स्थूल शरीर की सर्व कर्मेन्द्रियां लेकिन मन, बुद्धि,संस्कार भी आप राज्य-अधिकारी आत्मा के डायरेक्शन प्रमाण चलते हैं। 24जब चाहो,जैसे चाहो-वैसे मन अर्थात् संकल्प शक्ति को वहाँ स्थित कर सकते हो।
8Then, from the copper age onwards there are kingdoms, but those are not world sovereignty.
25अर्थात् मन,बुद्धि, संस्कार के भी राज्य-अधिकारी। 26संस्कारों के वश नहीं लेकिन संस्कार को अपने वश में कर श्रेष्ठ नीति से कार्य में लगाते हो,श्रेष्ठ संस्कार प्रमाण सम्बन्ध-सम्पर्क में आते हो। 27तो स्वराज्य की नीति है-मन,बुद्धि,संस्कार और सर्व कर्मे-न्द्रियों के ऊपर स्व अर्थात् आत्मा का अधिकार। 28अगर कोई कर्मेन्द्रियां-कभी आंख धोखा देती,कभी बोल धोखा देता, वाणी अर्थात् मुख धोखा देता, संस्कार अपने कन्ट्रोल में नहीं रहते-तो उसको स्वराज्य अधिकारी नहीं कहेंगे, उसको कहेंगे-स्वराज्य अधिकार के पुरुषार्थी।
9They become the kings of states.
29अधिकारी नहीं लेकिन पुरुषार्थी।
10Only in the golden age is there one kingdom over the entire world.
30वास्तव में राज्य-अधिकारी आत्मा को स्वप्न में भी कोई कर्मेन्द्रिय वा मन, बुद्धि,संस्कार धोखा नहीं दे सकते। 31क्योंकि अधिकारी हैं,अधिकारी कभी अधीन नहीं हो सकता। 32अधीन हैं तो अधिकारी बनने के पुरुषार्थी हैं। 33तो अपने से पूछो-पुरुषार्थी हो या अधिकारी हो?
11So, you heard of three types of kingdom.
34अधिकारी बन गये या बन रहे हैं?
12A kingdom means the attainment of all rights.
35तो स्वराज्य का रूहानी नशा क्या अनुभव कराता है? 36क्या बन जाते हो? 37बेफिक्र बादशाह, बेगमपुर के बादशाह! 38सबसे बड़े ते बड़ा बादशाह है बेफिक्र बादशाह और सबसे बड़े ते बड़ा राज्य है बेगम्पुर का राज्य।
13The governing system of the golden and silver ages, the governing system of the copper age and the system of selfsovereignty of the confluence age: you know all 3 very well.
39बेगमपुर के राज्य अधिकारी के आगे यह विश्व का राज्य भी कुछ नहीं है। 40यह बेगमपुर के राज्य का अधिकार अति श्रेष्ठ और सुखमय है।
14The system of the confluence age is that each and every Brahmin soul becomes one who has sovereignty over the self.
41है ही बे-गम। 42तो बेगमपुर का अनुभव है ना।
15All of you are Raja Yogis.
43या कभी-कभी नीचे आ जाते हो? 44सदा रूहानी नशे में बे॰गमपुर के बादशाह हैं-इस अधिकार में रहो। 45नीचे नहीं आओ।
16Are all of you Raja Yogis or are some of you praja yogis (yogis who become subjects)?
46देखो,आजकल के राज्य में भी अगर कोई कुर्सी पर है तो उसका अधिकार है और कल कुर्सी से उतर आता तो उसका अधिकार रहता है? 47साधारण बन जाता है। 48तो आप भी स्वराज्य के नशे में रहते हो, अकाल तख्तनशीन रहते हो। 49सभी के पास तख्त है ना।
17You are Raja Yogis, are you not?
50तो तख्त को छोड़ते क्यों हो? 51सदा तख्तनशीन रहो,रूहानी नशे में रहो।
18So to be a Raja Yogi means a yogi who is going to become a king.
52अकालतख्त-वह अमृतसर वाला अकाल-तख्त नहीं,यह अकालतख्त। 53यह अकालतख्त सभी के पास है।
19Souls who have a right to selfsovereignty have a special system.
54तो अकाल तख्तनशीन स्वराज्य अधिकारी किसने बनाया? 55बाप ने हर ब्राह्मण बच्चे को तख्तनशीन राजा बना दिया है। 56सारे सृष्टि-चक्र के अन्दर ऐसा कोई बाप होगा जिसके अनेक सब राजा बच्चे हों! 57लक्ष्मी-नारायण भी ऐसा नहीं बन सकते।
20Just as a king orders his service companions or his subjects to carry out a task, and they do it according to that system, in the same way, when you souls who have a right to selfsovereignty give an order to any of your physical organs with your power of yoga, then each organ functions under your control; not just all the physical organs of the body, but even the mind, intellect and sanskars function according to the directions of you souls who have a right to selfsovereignty.
58यह परमात्म-बाप ही कहते हैं कि मेरे सभी बच्चे, राजा बच्चे हैं। 59वैसे दुनिया में कह देते हैं-यह राजा बच्चा है।
21You are able to stabilise your thought power, which is the mind, wherever you wish, whenever you wish.
60लेकिन बने कुछ भी-सर्वेन्ट बने या कुछ भी बने।
22That is, you have sovereignty even over your mind, intellect and sanskars.
61लेकिन कहने में आता है राजा बेटा। 62लेकिन इस समय आप प्रैक्टिकल में राजयोगी अर्थात् राजे बच्चे बनते हो।
23You are not subservient to your sanskars, but you have control over sanskars and you use them for a task with the elevated principles.
63तो बाप को भी नशा है और बच्चों को भी नशा है। 64तो स्वराज्य की नीति क्या रही?
24You come into relationship and connection with others on the basis of your elevated sanskars.
65स्व पर राज्य, हर कर्मेन्द्रिय के ऊपर अधिकार हो। 66ऐसे नहीं कि देखने तो नहीं चाहते थे लेकिन देख लिया। 67आंखें खुली थीं ना,इसलिए देखने में आ गया।
25So the system of selfsovereignty is for the self, that is, the soul, to have a right over the mind, intellect and sanskars and all the physical organs.
68कान को दरवाजा नहीं है, इसलिए कान में बात पड़ गई। 69लेकिन दो कान हैं। 70अगर ऐसी बात सुन भी ली तो निकालने का भी रास्ता है। 71इसलिए इस भारत में ही विशेष यह चित्र बापू की याद में बना हुआ है-बुरा न देखो, बुरा न सुनो, बुरा न बोलो।
26If any physical organ deceives you sometimes your eyes deceive you, sometimes your words deceive you, sometimes your speech, that is, your lips, deceive you if your sanskars are not under your control, you are not said to be a selfsovereign.
72यह तीन दिखाते हैं, आप चार दिखाते हो। 73बुरा सोचो भी नहीं।
27That is called being an effortmaker for selfsovereignty, not one who has a right, but one who is an effortmaker.
74क्योंकि पहले सोचना होता,फिर बोलना होता, फिर देखना होता है। 75तो इसलिए कन्ट्रो-लिंग पॉवर, रूलिंग पॉवर रखो। 76राजा अर्थात् रूलिंग पॉवर।
28In fact, a soul who has a right to sovereignty can never be deceived by the physical organs, the mind, intellect or sanskars even in dreams, because he has a right.
77राजा हो और रूलिंग पॉवर हो ही नहीं,तो कौन राजा मानेगा। 78तो स्वराज्य अर्थात् रूलिंग पॉवर, कन्ट्रोलिंग पॉवर। 79बापदादा ने पहले भी सुनाया है कि कई बच्चे परखने में बहुत होशियार होते हैं। 80कोई भी गलती होती है,जो नीति प्रमाण नहीं है, तो समझते हैं कि यह नहीं करना चाहिए, यह सत्य नहीं है,यथार्थ नहीं है, अयथार्थ है, व्यर्थ है।
29A soul who has a right can never be subservient.
81लेकिन समझते हुए फिर भी करते रहते या कर लेते। 82तो इसको क्या कहेंगे?
30If a soul is subservient, he is still making effort to become one who has a right.
83कौनसी पॉवर की कमी है? 84कन्ट्रोलिंग पॉवर नहीं।
31So, ask yourself whether you are an effortmaker or one who has a right.
85जैसे-आजकल कार चलाते हैं, देख भी रहे हैं कि एक्सीडेन्ट होने की सम्भावना है,ब्रेक लगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन ब्रेक लगे ही नहीं तो जरूर एक्सीडेन्ट होगा ना। 86ब्रेक है लेकिन पॉवरफुल नहीं है और यहाँ के बजाए वहाँ लग गई, तो भी क्या होगा? 87इतना समय तो परवश होगा ना। 88चाहते हुए भी कर नहीं पाते।
32What are you?
89ब्रेक लगा नहीं सकते या ब्रेक पॉवरफुल न होने के कारण ठीक लग नहीं सकती। 90तो यह चेक करो।
33Have you become one who has a right or are you still becoming that?
91जब ऊंची पहाड़ी पर चढ़ते हैं तो क्या लिखा हुआ होता है? 92ब्रेक चेक करो।
34What experience do you have of the spiritual intoxication of selfsovereignty?
93क्योंकि ब्रेक सेफ्टी का साधन है। 94तो कन्ट्रोलिंग पॉवर का वा ब्रेक लगाने का अर्थ यह नहीं कि लगाओ यहाँ और ब्रेक लगे वहाँ। 95कोई व्यर्थ को कन्ट्रोल करने चाहते हैं, समझते हैं-यह रांग है। 96तो उसी समय रांग को राइट में परिवर्तन होना चाहिए।
35What do you become?
97इसको कहा जाता है कन्ट्रोलिंग पॉवर। 98ऐसे नहीं कि सोच भी रहे हैं लेकिन आधा घण्टा व्यर्थ चला जाये, पीछे कन्ट्रोल में आये। 99बहुत पुरूषार्थ करके आधे घण्टे के बाद परिवर्तन हुआ तो उसको कन्ट्रोलिंग पॉवर नहीं, रूलिंग पॉवर नहीं कहा जाता। 100यह हुआ थोड़ा-थोड़ा अधीन और थोड़ा-थोड़ा अधिकारी-मिक्स।
36Carefree emperors: emperors of the land that is free from sorrow.
101तो उसको राज्य-अधिकारी कहेंगे या पुरुषार्थी कहेंगे? 102तो अब पुरुषार्थी नहीं, राज्य-अधिकारी बनो। 103यह स्वराज्य अधिकार का श्रेष्ठ मज़ा है।
37The greatest emperors are those who are free from any worry, and the greatest kingdom is the kingdom of the land that is free from sorrow.
104स्वराज्य अधिकारी अर्थात् सदा मौज ही मौज में रहना। 105मौज में रहने वाला कभी किसी बात में मूँझता नहीं है।
38In front of those who have a right to the kingdom of the land that is free from sorrow, this world sovereignty is nothing.
106अगर मूंझते हैं तो मौज नहीं है। 107तो संगमयुग पर मौज ही मौज है ना। 108या कभी-कभी मौज है? 109शक्तियों को, पाण्डवों को मौज है ना।
39The right to the kingdom of the land that is free from sorrow is very elevated and one that gives happiness.
110तो समझा, स्वराज्य की नीति क्या है और विश्व-राज्य की नीति क्या है? 111चाहे प्रजा है, चाहे रॉयल फैमिली है लेकिन प्रजा, प्रजा नहीं, प्रजा भी एक परिवार है। 112परिवार की नीति-यह है सतयुग-त्रेता की राजनीति। 113राजा कहलाते हैं लेकिन राजा होते भी परमप्रिय पिता का स्वरूप है।
40It is completely free from any sorrow.
114परिवार की विधि से राजनीति चलती है। 115चाहे राज्य कारोबार भिन्न-भिन्न हाथों में होगी लेकिन परिवार के स्नेह की विधि से कारोबार होगी। 116ऐसे नहीं कि राजा के पास बहुत धन-दौलत हो और प्रजा में कोई को खाने-पीने के लिये भी नहीं हो। 117द्वापर-कलियुग की राजनीति में लॉ एण्ड ऑर्डर चलता है।
41So, do you have the experience of being free from sorrow?
118लेकिन विश्व-राज्य,देव-राज्य के समय यही नीति चलती है,लॉ नहीं लेकिन स्नेह और सम्बन्ध की नीति चलती है। 119कोई भी आत्मा दुःख शब्द को भी नहीं जानती। 120चाहे राजा हो, चाहे प्रजा हो लेकिन दुःख-अशान्ति का नाम-निशान नहीं। 121दुःख क्या चीज होती है-उसका अज्ञान है, ज्ञान ही नहीं है।
42Or, do you sometimes come down?
122जैसे इस समय स्वराज्य के समय भी आपको बापदादा किस नीति से चलाते हैं? 123स्नेह और श्रीमत।
43Constantly maintain the right of the spiritual intoxication of being a carefree emperor of the land that is free from sorrow.
124श्रीमत पर चलते रहते तो कोई भी सख्त ऑर्डर करने की आवश्यकता नहीं है। 125अगर नीति को भूलते हैं तो स्वयं,स्वयं को कलियुगी नीति में चलाते हैं। 126तो विश्व के राज्य की नीति भी बहुत प्यारी है। 127क्योंकि अनेकता नहीं है, एक राज्य है और अखुट खज़ाना है!
44Do not come down.
128प्रजा भी इतनी सम्पन्न होगी-आजकल के जो बड़े-बड़े पद्मपति हैं,उन्हों से भी ज्यादा! 129अप्राप्ति का नाम-निशान नहीं। 130लेकिन इसका आधार क्या? 131स्वराज्य।
45Look, in today’s kingdom, when someone is in the chair (of position), he has a right, and if tomorrow he comes off the chair, does he still have a right?
132इस समय सम्पन्न बनते हो, इसलिए परमात्म-सम्पत्ति की सम्पन्नता सतयुग-त्रेता के अनेक जन्म प्राप्त होती है। 133इसलिए कहा-नम्बरवन राज्य है स्वराज्य, फिर है विश्व-राज्य और तीसरा है द्वापर-कलियुग का अलग-अलग स्टेट का राज्य। 134इस राज्य को तो अच्छी तरह जानते ही हो,वर्णन करने की आवश्यकता नहीं। 135तो सदा किस नशे में रहना है?
46He becomes ordinary.
136स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है! 137किस जन्म का? 138ब्राह्मण जन्म का। 139ब्रह्मा बाप ने जन्मते ही स्वराज्य का तिलक हर ब्राह्मण आत्मा को लगाया।
47So, you should also stay in the intoxication of selfsoveriegnty, remain seated on your immortal throne.
140तिल-कधारी हो ना। 141तिलक है स्मृति का। 142तिलक भी है,तख्त भी है और ताज भी है। 143ताजधारी हो ना।
48All of you have this throne, do you not?
144कौनसा ताज है? 145विश्व-कल्याण का ताज। 146विश्व-कल्याणकारी हो ना।
49So, why do you leave your throne?
147प्योरिटी का ताज और विश्व-कल्याण का ताज-डबल ताज है। 148प्योरिटी का ताज है-लाइट का ताज और विश्व-कल्याण का ताज है-सेवा का ताज। 149विश्व-सेवाधारी हो ना। 150ऐसे नहीं कि स्टेट के सेवाधारी समझो-हम गुजरात के हैं,हम राजस्थान के हैं, हम दिल्ली के सेवाधारी हैं।
50Always remain seated on the throne; always maintain the spiritual intoxication.
151नहीं। 152विश्व-सेवाधारी। 153कहाँ भी रहते हैं लेकिन वृत्ति और दृष्टि बेहद की।
51It is this immortal throne, not that immortal throne of Amritsar.
154अगर विश्व-सेवाधारी नहीं बनेंगे तो न स्वराज्य,न विश्व-राज्य,फिर द्वापर-कलियुग में स्टेट का राजा बनना पड़ेगा। 155लेकिन विश्व-राज्य अधिकारी के लिए सदा अपना ताज,तिलक और तख्त-सदा इस पर स्थित रहो। 156शरीर से तख्त पर नहीं बैठना है लेकिन बुद्धि द्वारा स्मृति की स्थिति से स्थित रहना है। 157स्थिति में स्थित होना-यही तख्त पर बैठना है,जो सदैव बैठ सकते हैं।
52This is the immortal throne.
158शरीर से तो कितने घण्टे बैठेंगे? 159थक जायेंगे ना।
53All of you have this immortal throne.
160लेकिन बुद्धि द्वारा स्थिति में स्थित रहना-यह है तख्तनशीन होना। 161यह तो सहज है ना।
54So, who made you the selfsovereigns who are seated on an immortal throne?
162तो स्वराज्य के नशे में निरन्तर स्थित रहो। 163समझा, क्या करना है?
55The Father made each Brahmin child a king seated on a throne.
164पुरुषार्थी नहीं लेकिन अधिकारी बनना। 165सभी ने मिलन मनाया ना। 166सभी भाग-भाग कर आते हैं परमात्म-मिलन का मेला मनाने के लिए।
56Throughout the whole world cycle, would there be such a father whose every child is a king?
167तो मिलन के मेले में आये हो ना। 168यह मेला लगता है या भीड़ लगती है?
57Even Lakshmi and Narayan cannot be like that.
169आराम है ना। 170आराम से रहना,खाना, चलना-सब आराम से है ना।
58Only God, the Father, says that every child of His is a king.
171फिर भी बहुत लक्की हो। 172उन मेलों के माफिक मिट्टी में तो नहीं रहे हुए हो। 173फिर भी बिस्तरा और खटिया तो मिली हुई है ना। 174वहाँ मेले में तो नहाओ तो भी मिट्टी, रहो तो भी मिट्टी और खाओ तो भी मिट्टी साथ में आयेगी।
59In the world, people say that their child is a king, but he might become anything he might even become a servant or something else but he would still be called a child king (raja beta).
175यहाँ बच्चे आते हैं अपने घर में। 176नशे से आते हो। 177बाप भी खुश और बच्चे भी खुश। 178हाल में पीछे बैठने वाले सबसे आगे हो।
60However, at this moment, you are Raja Yogis in a practical way, that is, you have become kingly children.
179क्योंकि बापदादा की पहली नज़र लास्ट तक जाती है। 180अच्छा!
61So the Father has this intoxication and the children also have this intoxication.
181सर्व स्वराज्य-अधिकारी बेफिक्र बादशाह बच्चों को, सर्व विश्व-राज्य अधिकारी अनेक जन्म सम्पूर्ण सम्पन्न रहने वाली आत्माओं को, सदा तिलक, ताज और तख्तनशीन अधिकारी बच्चों को, सदा बेहद की सेवा के उमंग-उत्साह में रहने वाले विशेष बच्चों को, देश-विदेश के सर्व सम्मुख अनुभव करने वाले बच्चों को बापदादा का पद्मगुणा याद,प्यार। 182साथ-साथ सर्व के स्नेह के पत्रों का भी रेसपान्ड दे रहे हैं। 183विदेश और देश-दोनों अपने-अपने विधि प्रमाण स्व के पुरूषार्थ में सिद्धि को प्राप्त कर रहे हैं और सेवा में भी सदा आगे बढ़ने के उत्साह में लगे हुए हैं। 184इसलिए हर एक किसी भी कोने में रहने वाले हों लेकिन उन्हों की याद,सेवा-समाचार,प्यार के पत्र, स्थिति के उमंग-उत्साह का समाचार-सब प्राप्त हुआ और बापदादा सभी बच्चों को बहुत-बहुत-बहुत नाम सहित, हर एक की विशेषता सहित याद, प्यार दे रहे हैं और सदा इसी याद,प्यार की पालना से पल रहे हो, उड़ रहे हो और उड़ते-उड़ते मंजिल पर पहुँचना ही है वा यह कहें कि पहुँचे हुए ही हो।
62So what is the system of selfsovereignty?
185तो याद,प्यार और नमस्ते। 186राजस्थान के राज्यपाल डॉ.एम.चन्ना रेड्डीजी से मुलाकात 187संगमयुग के स्वराज्य-अधिकारी हो ना।
63To rule the self, to have a right over every physical organ.
188स्वराज्य मिला ना। 189अच्छा, अपने ईश्वरीय परिवार का स्नेह प्रैक्टिकल में देखा। 190यह ईश्वरीय परिवार के प्यार का अधिकार किस विशेषता से प्राप्त किया? 191(बाबा के आशीर्वाद से)।
64It shouldn't be that you did not wish to see something, but that you still saw it, that your eyes were open, and so you saw it, that the ears do not have any doors, and so the conversation went in to your ears.
192लेकिन आपकी भी एक विशेषता है,जिस विशेषता के कारण समीप आ सके। 193(भक्ति) भक्ति भी है,और शक्ति भी है। 194आदि से अब तक जीवन में आगे बढ़ने का आधार जो है, वो है आपकी हिम्मत। 195गाया हुआ है-हिम्मते बच्चे मददे बाप।
65You have 2 ears.
196तो हर क्षेत्र में हिम्मत ने आपको सहारा दिया है, इसलिए हिम्मत के कारण बेफिक्र होकर आगे बढ़े हो। 197तो इसी विशेषता को सदा साथ रखना। 198सदा अमृतवेले जब आंख खुले तो अपने को तीन बिन्दियों का तिलक लगाना - (1)मैं आत्मा बिन्दु हूँ, (2)बाप भी बिन्दु है और (3)जो ड्रामा में हो गया,बीत चुका उसका फुलस्टॉप लगाना। 199तो यह तीन बिन्दियों का तिलक सदा ही राज्य-तिलक का अधिकारी बनायेगा।
66If you hear something, there is also a way to let it out.
200अभी स्वराज्य फिर विश्व का राज्य। 201भक्ति का फल तो मिलता है ना। 202भक्ति का फल है सहज मिलन। 203(युगल से) बच्ची भी अच्छी मौज में रहती है।
67Therefore, that special image has been created in Bharat, in memory of Bapu Gandhi: "See no evil, hear no evil, speak no evil!
204मौज ही मौज है ना। 205(आपका आशीर्वाद चाहिए) सारा दिन सिर्फ एक शब्द याद रखो,वो है-मेरा बाबा। 206तो मेरा कहने से अधिकार हो जायेगा। 207तो आशीर्वाद का अधिकार स्वतः ही प्राप्त होगा।
68They show 3 things, whereas you show 4 things.
208यह तो सहज है ना। 209कोई भी कार्य करो लेकिन यह याद रखो कि मेरा बाबा और बाबा का यह कार्य कर रही हूँ। 210ट्रस्टी होकर कार्य करो। 211तो ट्रस्टी को कभी कोई बोझ नहीं होता है।
69Do not even think evil, because first you think of something, then you speak of it, then you see it.
212न बोझ होगा,न भूलेंगे। 213फिर भी भक्ति में याद तो किया है ना। 214याद का रिटर्न है-मौज में रहना। 215(कृष्ण की भक्त है) तो कृष्ण के राज्य में चलना है ना।
70Therefore, you should have controlling power and ruling power.
216तो अभी चलेंगी? 217ये सब आपको लेकर ही जायेंगे,कोई छोड़कर नहीं जायेंगे।
71To be a king means to have ruling power.
218फिर भी दोनों के अच्छे विचार हैं। 219अच्छा! 220अव्यक्त बापदादा की पर्सनल मुलाकात 221ग्रुप नं.1
72If someone is a king and does not have ruling power, who would accept him as a king?
222स्व-स्थिति को ऐसा शक्तिशाली बनाओ जो परिस्थिति कभी नीचे-ऊपर न कर सके 223सदा अपने भाग्य के चमकते हुए सितारे को देखते रहते हो? 224भाग्य का सितारा कितना श्रेष्ठ चमक रहा है! 225सदा अपने भाग्य के गीत गाते रहते हो?
73So selfsovereignty means ruling power and controlling power.
226क्या गीत है? 227वाह मेरा श्रेष्ठ भाग्य! 228यह गीत सदा बजता रहता है? 229आटोमेटिक है या मेहनत करनी पड़ती है?
74BapDada also told you earlier that some children are very clever in discriminating.
230आटोमेटिक है ना। 231क्योंकि भाग्यविधाता बाप अपना बन गया। 232तो जब भाग्यविधाता के बच्चे बन गये, तो इससे बड़ा भाग्य और क्या होगा! 233बस यही स्मृति सदा रहे कि भाग्यविधाता के बच्चे हैं।
75When they make a mistake, when something is not according to the system, they understand that they should not do that, that it is not true, that it is not accurate, that it is inaccurate and wasteful, but even while understanding this, they still continue to do it.
234दुनिया वाले तो अपने भाग्य का वरदान लेने के लिए यहाँ-वहाँ भटकते रहते हैं और आप सभी को घर बैठे भाग्य का खज़ाना मिल गया। 235मेहनत करने से छूट गये ना। 236तो मेहनत भी नहीं और प्राप्ति भी ज्यादा। 237इसको ही भाग्य कहा जाता है-जो बिना मेहनत के प्राप्त हो जाये।
76What would you call this?
238एक जन्म में 21 जन्म की प्राप्ति करना-यह कितना श्रेष्ठ हुआ! 239और प्राप्ति भी अविनाशी और अखण्ड है, कोई खण्डित नहीं कर सकता। 240माया भी सरेन्डर हो जाती है, इसलिए अखण्ड रहता है। 241कोई लड़ाई करके विजय प्राप्त करना चाहे तो कर सकेगा?
77Which power is lacking?
242किसकी ताकत नहीं है।
78There is no controlling power.
243ऐसा अटल-अखण्ड भाग्य पा लिया! 244स्थिति भी अभी ऐसी अटल बनाओ। 245कैसी भी परिस्थिति आये लेकिन अपनी स्थिति को नीचे-ऊपर नहीं करो। 246अविनाशी बाप है, अविनाशी प्राप्तियां हैं।
79It is just as when people drive a car these days, they are aware that there is the possibility of an accident happening, and so they try to apply a brake.
247तो स्थिति भी क्या रहनी चाहिए? 248अविनाशी चाहिए ना। 249सभी निर्विघ्न हो? 250कि थोड़ा-थोड़ा विघ्न आता है?
80However, if the brake does not function, there would definitely be an accident, would there not?
251विघ्न-विनाशक गाये हुए हो ना। 252कैसा भी विघ्न आये, याद रखो-मैं विघ्न-विनाशक आत्मा हूँ। 253अपना यह टाइटल सदा याद है?
81They have a brake, but if it is not powerful, or if instead of applying it here they apply it elsewhere, then what would happen?
254जब मास्टर सर्वशक्तिवान हैं, तो मास्टर सर्वशक्तिवान के आगे कितना भी बड़ा कुछ भी नहीं है। 255जब कुछ है ही नहीं तो उसका प्रभाव क्या पड़ेगा? 256ग्रुप नं.2 257सदा खुश रहने के लिये अनेकमेरे को एक मेरे में परिवर्तन करो
82They would be out of control for that length of time, would they not?
258सभी सदा खुश रहते हो? 259सदा खुश रहने का सहज पुरूषार्थ कौन सा है?
83Even while wanting to do so, they are not able to do it.
260(याद) याद में भी क्या याद रखना सहज है? 261मेरापन सहज कर देता है। 262मेरापन होता है तो मेरा सहज याद आता है। 263तो मेरे के अधिकार से याद करना-ये है सहज विधि।
84They are not able to apply a brake, or, because the brake is not powerful, they are not able to apply it correctly.
264अगर खुशी कम होती है तो उसका कारण ही है कि मेरे के अधिकार से बाप को याद नहीं किया। 265क्योंकि याद में जो विघ्न डालता है वो है ही मेरा-पन। 266मेरा शरीर, मेरा सम्बन्ध-यही मेरापन विघ्न डालता है। 267इसलिए इस अनेक मेरे-मेरे को एक मेरा बाबा में बदल दो।
85So check this.
268यही सहज विधि है। 269क्योंकि जीवन में सबसे बड़े ते बडी प्राप्ति है ही खुशी।
86When you are going up a steep hill, what is written on the signs?
270अगर खुशी नहीं तो ब्राह्मण जीवन नहीं। 271ब्राह्मण जीवन का श्वांस है खुशी। 272इसलिए सदा खुश रहो।
87There is a sign saying "Check your brakes", because the brakes are the means of safety.
273बाप मिला अर्थात् सबकुछ मिला। 274खुशी गायब तब होती है जब कोई अप्राप्ति होती है। 275तो ब्राह्मण अर्थात् सबकुछ मिला।
88Controlling power or applying a brake does not mean that you apply it here and it works after some distance.
276प्राप्ति की निशानी है खुशी। 277खुश रहने वाले भी हो और खुशी बांटने वाले भी। 278बांटेगा कौन? 279जिसके पास स्टॉक होगा।
89Some try to control something wasteful; they think that something is wrong, that wrong should be changed into right instantly.
280अपने लिए तो स्टॉक है लेकिन दूसरे के लिए इतना ही स्टॉक जमा हो। 281तो सदैव अपना स्टॉक चेक करो कि इतना भरपूर है? 282ऐसे तो नहीं कि अन्दर ही अन्दर से स्टॉक माया खत्म कर ले और आप समझते रहें कि अभी स्टॉक है! 283जब कोई परिस्थिति आती है तो कहते हैं कि पता नहीं मेरी खुशी कहाँ चली गई?
90This is called controlling power.
284क्यों चली गई? 285अन्दर ही अन्दर स्टॉक खत्म हो गया। 286तो सदैव ही अपना स्टॉक चेक करो कि भरपूर है?
91It shouldn't be that you waste half an hour thinking and that there is then control.
287क्योंकि माया को भी ब्राह्मण आत्माए प्रिय लगती हैं। 288वो भी अपना बनाने का पुरूषार्थ नहीं छोड़ती। 289इसलिए हर समय खबरदार, होशियार! 290ग्रुप नं.3
92If you made a lot of effort for half an hour and transformation took place afterwards, that is not controlling power or ruling power.
291ब्रह्मा बाप के संस्कारों को अपना संस्कार बनाना ही फॉलो फादर करना है 292सदा अपने को विश्व-परिवर्तक अनुभव करते हो?
93It means to be a little subservient with few rights: it is mixed.
293विश्व-परिवर्तन करने की विधि क्या है? 294स्व-परिवर्तन से विश्व-परिवर्तन।
94Would you call that being a world sovereign or being an effortmaker?
295बहुत-काल के स्व-परिवर्तन के आधार से ही बहुतकाल का राज्य-अधिकार मिलेगा। 296स्व-परिवर्तन बहुतकाल का चाहिए। 297अगर अन्त में स्व-परिवर्तन होगा तो विश्व-परिवर्तन के निमित्त भी अन्त में बनेंगे, फिर राज्य भी अन्त में मिलेगा। 298तो अन्त में राज्य लेना है कि शुरू से लेना है?
95So, now, do not be an effortmaker Be a master of the self.
299अच्छा,लेना शुरू से है और करना अन्त में है?
96This is the elevated pleasure of being a selfsovereign.
300अगर लेना बहुतकाल का है तो स्व-परिवर्तन भी बहुतकाल का चाहिए। 301क्योंकि संस्कार बनता है ना।
97To be a selfsovereign means to stay constantly in pleasure.
302तो बहुतकाल का संस्कार न चाहते हुए भी अपनी तरफ खींचता है। 303जैसे अभी भी कहते हो कि मेरा यह पुराना संस्कार है ना,इसीलिए न चाहते भी हो जाता है। 304तो वह खींचता है ना। 305तो यह भी बहुत समय का पक्का पुरू-षार्थ नहीं होगा, कच्चा होगा, तो कच्चा पुरूषार्थ भी अपनी तरफ खींच्ोगा और रिजल्ट क्या होगी?
98Those who stay in pleasure are never confused about anything.
306फुल पास नहीं हो सकेंगे ना। 307इस-लिए अभी से स्व-परिवर्तन के संस्कार बनाओ।
99If you are confused, you are not enjoying yourself.
308नेचुरल संस्कार बन जाये। 309जो नेचुरल संस्कार होते हैं उनके लिए मेहनत नहीं करनी पड़ती।
100At the confluence age, there is nothing but pleasure.
310स्व-परिवर्तन का विशेष संस्कार क्या है? 311जो ब्रह्मा बाप के संस्कार वो बच्चों के संस्कार। 312तो ब्रह्मा बाप ने अपना संस्कार क्या बनाया, जो साकार शरीर के अन्त में भी याद दिलाया? 313निराकारी,निर्विकारी,निरअहंकारी-ये हैं ब्रह्मा बाप के अर्थात् ब्राह्मणों के संस्कार।
101Or, is there pleasure only sometimes?
314तो ये संस्कार नेचुरल हों। 315निराकार तो हो ही ना, ये तो निजी स्वरूप है ना।
102Are the Shaktis and Pandavas experiencing pleasure?
316और कितने बार निर्विकारी बने हो! 317अनेक बार बने हो ना। 318ब्राह्मण जीवन की विशेषता ही है निरहंकारी। 319तो ये ब्रह्मा के संस्कार अपने में देखो कि सचमुच ये संस्कार बने हैं?
103So, do you understand what the systems of selfsovereignty are and what the systems of world sovereignty are?
320ऐसे नहीं-ये ब्रह्मा के संस्कार हैं,ये मेरे संस्कार हैं। 321फॉलो फादर है ना। 322पूरा फॉलो करना है ना। 323तो सदा ये श्रेष्ठ संस्कार सामने रखो।
104Whether subjects or the royal family, the subjects are not subjects; subjects are also of the one family.
324सारे दिन में जो भी कर्म करते हो, तो हर कर्म के समय चेक करो कि तीनों ही संस्कार इमर्ज रूप में हैं?
105So, the governing system of the golden and silver ages is the system of a family.
325तो बहुत समय के संस्कार सहज बन जायेंगे। 326यही लक्ष्य है ना! 327पूरा बनना है तो जल्दी-जल्दी बनो ना।
106Even though the king is called the king, he has the form of being a supremely loving father.
328समय आने पर नहीं बनना है, समय के पहले अपने को सम्पन्न बनाना है। 329समय रचना है और आप मास्टर रचयिता हैं।
107The governing system of the kingdom works as a family.
330रचता शक्तिशाली होता है या रचना? 331तो अभी पूरा ही स्व-परिवर्तन करो। 332ब्राह्मणों की डिक्शनरी में कब-कब नहीं है। 333अब।
108Even though all the different activities of the kingdom are in the hands of different people, everything is carried out with love of a family.
334तो ऐसे पक्के ब्राह्मण हो ना। 335ग्रुप नं.4 336सफलता का आधार है - दिव्यता 337बापदादा द्वारा हर बच्चे को दिव्य बुद्धि का वरदान मिला है।
109It isn't that a king has a lot of wealth and prosperity and that the subjects do not even have enough food or drink.
338यह दिव्य बुद्धि का वरदान सभी ने अपने जीवन में कार्य में लगाया है? 339क्योंकि वरदान का लाभ तब होता है जब वरदान को कार्य में लगायें। 340तो दिव्य बुद्धि का वरदान मिला सबको है लेकिन यूज़ कितना करते हो? 341कोई भी चीज यूज करने से, कार्य में लगाने से बढ़ती भी है और उसको सुख की,खुशी की अनुभूति भी होती है।
110No.
342तो दिव्य बुद्धि को कार्य में कहाँ तक लगाते हैं, उसकी निशानी क्या होगी? 343सफलता होगी। 344हर कार्य दिव्य-अलौकिक अनुभव होगा,साधारण नहीं। 345क्योंकि कार्य में दिव्यता ही सफलता का आधार है।
111The governing system of the copper and iron ages is that everything is according to law and order, but at the time of world sovereignty, at the time of deity sovereignty, these are the systems that continue.
346तो दिव्य बुद्धि की निशानी है-हर कर्म में दिव्यता। 347तो ऐसे अनुभव करते हो?
112There isn't law because the whole system functions with love and relationship.
348या कभी साधारण कर्म भी हो जाते हैं? 349दिव्य बुद्धि प्राप्त करने वाली आत्मायें सदा अदिव्य को भी दिव्य बना देती हैं। 350जैसे गाया जाता है कि पारस अगर लोहे को लगता है तो वह भी पारस बन जाता है। 351तो दिव्य बुद्धि अर्थात् पारस बुद्धि।
113None of the souls knows the word ‘sorrow’.
352ऐसे बने हो? 353क्योंकि बुद्धि हर बात को ग्रहण करती है। 354दिव्य बुद्धि दिव्यता को ही ग्रहण करेगी। 355ऐसे परिवर्तन कर सकते हो।
114Whether one is a king or a subject, there is no mention or trace of sorrow or peacelessness.
356अदिव्य को दिव्य बना सकते हो। 357या अदिव्यता का प्रभाव पड़ जायेगा?
115They are totally ignorant of what sorrow is.
358कोई अदिव्य बात हो जाये, अदिव्य कार्य हो जाये-उसका प्रभाव आपके ऊपर पड़ेगा? 359दिव्य बुद्धि के वरदान से परिवर्तन-शक्ति अदिव्य को भी दिव्य के रूप में बदल देगी। 360अदिव्य वातावरण या अदिव्य चलन,बोल दिव्य बुद्धि के ऊपर असर नहीं करेंगे। 361ऐसी स्थिति वाले को ही दिव्य बुद्धि वरदानी मूर्त कहा जायेगा।
116They do not have any knowledge of it.
362जैसे-वाटर-प्रूफ होता है, आग-प्रूफ होता है। 363साइन्स के साधन वाटर-प्रूफ बना देते हैं, आग-प्रूफ बना सकते हैं।
117Similarly, at the present time, at the time of Selfsovereignty, what system does BapDada use with you?
364तो साइलेन्स की शक्ति परिवर्तन नहीं कर सकती है, प्रूफ नहीं बना सकते हैं? 365नॉलेज रखना और चीज है-यह दिव्य है, यह अदिव्य है।
118Love and shrimat: if you continue to follow shrimat, there is no need to give any strict orders.
366लेकिन प्रभाव में आना और चीज है। 367दिव्यता की शक्ति श्रेष्ठ है या अदिव्यता की शक्ति श्रेष्ठ है?
119When you forget the principles, you are making yourself move along with the ironaged principles.
368तो दिव्यता का प्रभाव अदिव्यता पर पड़ना चाहिए ना। 369तो अभी दिव्य बुद्धि के वरदान को कार्य में लगाओ। 370लगाना तो आता है या कभी भूल जाते हो? 371आधा कल्प भूलने वाले बने लेकिन अभी अभूल बनना है।
120So the principles of world sovereignty are very lovely because there isn't variety; there is one kingdom and unlimited treasure.
372दिव्य बुद्धि ऐसा श्रेष्ठ यन्त्र है जो इस यन्त्र द्वारा व्यक्ति तो क्या, प्रकृति को भी दिव्य बना सकते हो। 373व्यक्ति को दिव्य बनाने से प्रकृति के ऊपर स्वतः ही प्रभाव पड़ता जायेगा। 374पहले अपने में देखो कि सदा दिव्य बुद्धि इमर्ज रूप में है? 375इतनी ताकत है जो प्रकृति को भी परिवर्तन कर दो।
121Even the subjects will be so prosperous that they have even more than the multimillionaires of today.
376यह परमात्म-वरदान है। 377कोई महात्मा या धर्मात्मा का वरदान नहीं है।
122There will be no mention or trace of any lack of attainment.
378तो जैसे बाप सर्वशक्तिवान है, तो वरदान भी सर्वशक्तिवान है ना। 379तो जब भी कोई कार्य करते हो, पहले चेक करो कि दिव्य बुद्धि के वरदान द्वारा कार्य कर रहे हैं या साधारण बुद्धि से कार्य कर रहे हैं? 380आपकी दिव्यता का प्रभाव विश्व को दिव्य बना देता है। 381यही आपका ऑक्यूपेशन है ना।
123However, what is the basis of this?
382इन्जीनियर हूँ, डॉक्टर हूँ, क्लर्क हूँ, फलाना हूँ…-यह ऑक्यूपेशन तो शरीर निर्वाह के अर्थ है। 383लेकिन वास्तविक ऑक्यूपेशन है-विश्व को परिवर्तन करना। 384ऐसे समझ कर कार्य करते हो? 385अगर वरदान को कार्य में लगाते हो तो वरदान की प्राप्ति सदा सहज अनुभव करायेगी।
124Selfsovereignty.
386वरदान में मेहनत नहीं करनी पड़ती। 387तो यह दिव्य बुद्धि वरदान है। 38863 जन्म मेहनत बहुत कर ली। 389अभी मेहनत नहीं, सहज।
125You become full at this time, and this is why the fullness of prosperity received from God is attained for the many births of the golden and silver ages.
390ब्राह्मण जीवन में भी अगर मेहनत करनी पड़ती, युद्ध करनी पड़ती-तो मौज कब मनायेंगे? 391सतयुग में तो पता ही नहीं होगा कि मौज भी मना रहे हैं।
126This is why you were told that the number one kingdom is that of selfsovereignty.
392वहाँ कंट्रास्ट नहीं होगा। 393अभी तो कंट्रास्ट है-मेहनत क्या है, मौज क्या है? 394तो मौज अभी है,सतयुग में कॉमन बात होगी। 395अच्छा!
127Then, next is world sovereignty, and the third is the kingdom of the different states of the copper and iron ages.
396ग्रुप नं.5 397परिवर्तन शक्ति द्वारा व्यर्थ को समर्थ बनाना ही होली हंस बनना है
128You know this kingdom very well; there is no need to speak about it.
398सदा अपने को होली हंस समझते हो? 399होली हंस का कर्तव्य क्या है? 400व्यर्थ और समर्थ को परखना।
129So which intoxication do you constantly have to maintain?
401वो तो कंकड़ और रत्न को अलग करता लेकिन आप होली हंस समर्थ को धारण करते हो,व्यर्थ को समाप्त करते हो। 402तो समर्थ और व्यर्थ, इसको परखना और परिवर्तन करना-यह है होली हंस का कर्तव्य। 403सारे दिन में व्यर्थ संकल्प, व्यर्थ बोल, व्यर्थ कर्म और व्यर्थ सम्बन्ध-सम्पर्क जो भी होता है,उस व्यर्थ को समाप्त करना-यह है होली हंस। 404कोई कितना भी व्यर्थ बोले लेकिन आप व्यर्थ को समर्थ में परिवर्तन कर दो।
130“Selfsovereignty is our birthright.”
405व्यर्थ को अपनी बुद्धि में स्वीकार नहीं करो। 406अगर एक भी व्यर्थ संकल्प, व्यर्थ बोल, व्यर्थ कर्म स्वीकार किया तो एक व्यर्थ अनेक व्यर्थ को जन्म देगा। 407एक व्यर्थ बोल भी स्पर्श हो गया तो वह अनेक व्यर्थ का अनुभव करायेगा, जिसको आप लोग कहते हो-फीलिंग आ गई। 408एक व्यर्थ संकल्प की फीलिंग आई तो वह फीलिंग को बढ़ायेगी।
131Which birth?
409इसीलिए व्यर्थ की पैदाइस बहुत फास्ट होती है-चाहे कर्म हो, चाहे क्या भी हो। 410एक व्यर्थ बोल बोलेंगे तो उसे सिद्ध करने के लिए कितने व्यर्थ बोल बोलने पड़ेंगे! 411जैसे लोग कहते हैं ना-एक झूठ को सिद्ध करने के लिए कितने झूठ बोलने पड़ते हैं! 412तो व्यर्थ का खाता समाप्त हो जाये और सदा समर्थ का खाता जमा होता रहे।
132The Brahmin birth.
413वो व्यर्थ आपको दे लेकिन आप परिवर्तन कर समर्थ धारण करो। 414इतनी तीव्र परिवर्तन-शक्ति चाहिए।
133Father Brahma gave every Brahmin soul the tilak of selfsovereignty the moment they took birth.
415जैसे-आज की साइन्स व्यर्थ को कार्य में लगा कर अच्छा बना देती है,कई वेस्ट चीजों को बेस्ट में परिवर्तन कर लेते हैं। 416आपकी रचना इतना फास्ट परिवर्तन कर सकती है। 417जैसे-देखो,खाद होती है ना, तो खाद बुरी चीज है लेकिन पैदा क्या करती है? 418खाद गन्दी है लेकिन जब फूल पैदा होता है तो खुशबू वाला होता है।
134You have applied the tilak, have you not?
419या बदबू वाला होता है? 420तो खाद में परिवर्तन करने की शक्ति है ना।
135The tilak is that of awareness, You have the tilak, the throne and the crown.
421स्वयं कैसी भी है लेकिन पैदा क्या करती है? 422फल, फूल,सब्जियां…।
136You are wearing your crown, are you not?
423तो आपकी रचना में कितनी शक्ति है! 424तो आप में उससे ज्यादा शक्ति है ना। 425वो गाली दे और आप उसको फूल बनाकर धारण करो। 426वो गुस्सा करे और आप उसको शान्ति का शीतल जल दो।
137Which crown is it?
427यह परिवर्तन-शक्ति चाहिए।
138That of world benefit.
428होली हंस का यही कर्तव्य है। 429ऐसी जीवन बनी है?
139You are world benefactors, are you not?
430या कहेंगे-क्या करें, बोला ही खराब ना,किया ही बहुत खराब बात,है ही बहुत खराब?
140You have a doublecrown: the crown of purity and the crown of world benefit.
431लेकिन खराब को ही तो अच्छा बनाना है। 432अच्छे को तो अच्छा नहीं बनाना है। 433अच्छे आये थे या खराब आये थे?
141The crown of purity is the crown of light and the crown of world benefit is the crown of service.
434तो बाप ने अच्छा बनाया ना।
142You are world servers, are you not?
435या कहा कि ये बहुत खराब हैं,इनको अच्छा कैसे बनाऊं? 436सोचा?
143Do not think that you are the servers of the states.
437बना दिया ना। 438तो बाप ने आप सभी को बुरे से अच्छा बनाया और आप बुरी बात को अच्छा नहीं बना सकते?
144"I am of Gujarat, I am of Rajasthan, I am a server of Delhi.”
439बुरे का प्रभाव आपके ऊपर पड़ जाता है।
145No, you are world servers.
440वायुमण्डल ही खराब था ना। 441यह होली हंस का लक्षण नहीं है।
146Wherever you may be staying, your attitude and vision should be unlimited.
442कैसा भी वातावरण हो,कैसी भी वृत्ति हो, कैसी भी वाणी हो, कैसी भी दृष्टि हो-लेकिन होली हंस सबको होली बना देते हैं। 443सदा यह पॉवर रहे और सदा ऐसे तीव्रगति के परिवर्तन करने की विधि आ जाये तो क्या बन जायेंगे?
147If you do not become world servers, you will neither have selfsovereignty nor world sovereignty; then you will have to become the kings of the states in the copper and iron ages.
444फरिश्ता। 445फरिश्ता किसके प्रभाव में नहीं आता। 446अपना कार्य किया और वो चला। 447फरिश्ता कभी किसी विघ्न के वश नहीं होता-न विघ्न के, न व्यक्ति के।
148In order to be one who has a right to world sovereignty, you must constantly remain stable with your crown, tilak and throne.
448तो होली हंस अर्थात् फरिश्ता। 449सेवा की और न्यारा। 450तो ऐसी स्थिति सदा है? 451ऐसे होली हंस बने हो या बन रहे हो?
149You do not have to sit on a throne physically, but remain stable in this stage with your consciousness.
452कब तक बनेंगे? 453कोई टाइम की हद भी है या नहीं? 454अगले साल भी यही कहेंगे कि-हाँ, बन रहे हैं? 455नॉलेजफुल बन गये हो ना।
150To remain stabilised in this stage means to be seated on the throne, and constantly able to remain seated there.
456तो जब नॉलेज है कि मुझ होली हंस का कर्तव्य क्या है,तो नॉलेज की शक्ति से परिवर्तन नहीं कर सकते हो? 457दूसरे साल भी यह नहीं कहना कि बन रहे हैं। 458तीव्र पुरुषार्थी का लक्ष्य ही होता है-अबऔर ढीले पुरुषार्थी का लक्ष्य होता है-कब। 459तो तीव्र पुरुषार्थी हो ना।
151For how many hours would you sit physically?
460बापदादा तो सदैव हर आत्मा में श्रेष्ठ भावना रखते हैं कि करने वाले ही हैं। 461इसलिए इस श्रेष्ठ भावना को प्रैक्टिकल में लाना होगा-अब करना ही है, होना ही है। 462अगर संकल्प में लक्ष्य है कि होना ही है,करना ही है-तो यह संकल्प सफलता अवश्य प्राप्त कराता है। 463क्योंकि दृढ़ता सफलता की चाबी है।
152You would become tired, would you not?
464तो सदा सफलता साथ रखना। 465ग्रुप नं.6 466साधारणता में महानता का अनुभव कराना ही सेवा का सहज साधन है
153But to stabilise yourself in this stage with your intellect means to be seated on the throne.
467सबसे साहूकार से साहूकार कौन है?
154This is easy, is it not?
468जो समझते हैं कि सारे चक्र के अन्दर साहूकार से साहूकार हम आत्मा हैं, वो हाथ उठाओ। 469किसमें साहूकार हो?
155Constantly remain stable in the intoxication of selfsovereignty.
470कितने प्रकार के धन मिले हैं? 471वो लिस्ट याद रहती है?
156Do you understand what you have to do?
472बहुत खज़ाने मिले हैं! 473एक दिन में कितनी कमाई करते हो,मालूम है?
157Do not be an effortmaker, but one who has a right to the kingdom.
474पद्मों की कमाई करते हो। 475रहते गांव में हो और पद्मों की कमाई कर रहे हो! 476देखो,यही परमात्मा पिता की कमाल है जो देखने में साधारण लेकिन हैं सबसे साहूकार में साहूकार! 477तो अखबार में निकालेंगे-यहाँ सबसे साहूकार में साहूकार बैठे हैं।
158All of you celebrated a meeting, did you not?
478तो फिर सब आपके पीछे आयेंगे। 479आजकल आतंकवादी साहूकारों के पीछे पड़ते हैं ना।
159All of you came running in order to celebrate the Godly meeting.
480फिर आपके पीछे पड़ जायेंगे तो क्या करेंगे? 481उन्हों को भी साहूकार बना देंगे ना।
160So all of you have come to the gathering to celebrate a meeting, have you not?
482हैं देखो कितने साधारण रूप में, कोई आपको देखकर समझेंगे कि ये सारे विश्व में साहूकार हैं या पद्मों की कमाई करने वाले हैं? 483लेकिन साधारणता में महानता समाई हुई है। 484जितने ही साधारण हो उतने ही अन्दर महान हो! 485तो यह नशा रहता है-बाप ने क्या से क्या बना दिया और क्या-क्या दे दिया!
161Do you like it, or do you find it crowded?
486दोनों ही बातें याद रहती हैं ना। 487तो अखबार में निकालेंगे ना-रिचेस्ट इन दी वर्ल्ड (Richest In The World; विश्व में सबसे अधिक धनवान)। 488और देखो,खज़ाना भी ऐसा है जिसको न चोर लूट सकता है, न आग जला सकती है, न पानी डूबो सकता है। 489ऐसा खज़ाना बाप ने दे दिया।
162Are you comfortable?
490अविनाशी खज़ाना है ना। 491अविनाशी खज़ाना कोई विनाश कर नहीं सकता। 492और कितना सहज मिल गया! 493जितना खज़ाना है उसके अन्तर में मेहनत की है कुछ?
163Are all of you staying comfortably and are you eating and moving around comfortably?
494त्याग किया या भाग्य मिला?
164Even so, you are still very lucky.
495त्याग भी किया तो बुराई का किया ना। 496बुराई छोड़ना भी कोई छोड़ना हुआ क्या?
165At least you are not staying in the dust like in other melas!
497दुनिया कहती है-त्याग किया और आप कहते हो-भाग्य मिला है। 498साहूकार को साहूकार बनाना बड़ी बात नहीं हुई ना। 499गरीब को साहूकार बनाना-यह है कमाल। 500जो आजकल के विनाशी धन के साहूकार हैं उनको बाप साहूकार नहीं बनाता।
166At least you have a bed and bedding!
501उनका भाग्य ही नहीं है। 502भाग्य है ही गरीबों का। 503कभी आपका नाम आया है हू इज हू (Who Is Who;नामीग्रामी व्यक्तियों की लिस्ट) में? 504औरों का आता है ना।
167There, in other melas, when you bathe there is dust, where you stay there is dust, and when you eat, the dust comes with it.
505और बाप की डिक्शनरी में, हू इज हू में आपका नाम है।
168Here, the children come to their home.
506भगवान का बुक ही न्यारा है। 507तो इतनी खुशी है?
169You come with that intoxication.
508धरती और आकाश को माप लो, उससे भी ज्यादा खुशी है ना। 509बेअन्त है ना। 510आकाश और धरती तो हद हो जायेगी ना।
170So the Father is happy and the children are also happy.
511आपकी उससे भी बेहद है। 512बेहद के मालिक बन गये हो ना। 513जब बाप भी बेहद का बाप है, तो प्राप्ति भी बेहद की करा-येगा ना। 514तो क्या याद रहता है?
171Those who are sitting at the back of the hall are ahead of everyone because BapDada’s vision first falls on the back.
515बेहद का बाप मिला,बेहद का राज्य-भाग्य मिला, बेहद का खज़ाना मिला। 516है नशा? 517हर कर्म में यह रूहानी नशा अनुभव होना चाहिए-स्वयं को भी और औरों को भी। 518चाहे वे समझें, नहीं समझें, इतना तो कहेंगे ना कि ये खुशी-मौज में रहते हैं।
172Achcha.
519यह तो अनुभव करा सकते हो ना। 520जैसे-मधुबन में आते तो अन्जान भी हैं, लेकिन क्या अनुभव करते हैं? 521यहाँ का वातावरण और यहाँ की आत्माए खुश रहने वाली हैं,वायुमण्डल में खुशी है-यह तो अनुभव करते हैं ना। 522तो ऐसे आप सबके सम्बन्ध-सम्पर्क में अनुभव करें कि ये अलौकिक आत्माए हैं,भरपूर आत्माए हैं।
173To all the selfsovereign, carefree, emperor children, to all the worldsovereign souls who remain completely full for many births, to the children who constantly have a right to the tilak, the crown and of being seated on the throne, to the special children who constantly have zeal and enthusiasm for unlimited service, to the children of this land and foreign lands who experience themselves being in front of Baba, BapDada's multimillionfold love and remembrance.
523ऐसा अनुभव करते हैं। 524चाहे देह-अभिमान के कारण कहें नहीं, लेकिन अन्दर तो जानते हैं ना।
174And, together with this, Baba is also giving the response of the love letters from everyone.
525क्योंकि अगर बाहर से आपको कहें, तो खुद को भी बनना पड़े ना। 526इसीलिए कहेंगे नहीं लेकिन अन्दर में महसूस जरूर होगा। 527तो ऐसे श्रेष्ठ हो ना।
175Those from the foreign lands and this land are attaining success in their efforts for the self according to their own method, and are constantly engaged with enthusiasm in moving forward in service.
528इसलिए गायन है कि अगर अतीन्द्रिय सुख पूछना हो तो…। 529आपसे पूछें? 530देखो,भगवान की पसन्दगी क्या है? 531जिसको कोई पसन्द नहीं करते उसको बाप पसन्द करते हैं!
176This is why, no matter which corner someone may be staying in, their remembrance, service news, the love letters and the news of the zeal and enthusiasm of the stage of each one of them is received by Baba.
532बाप की नज़र किसके ऊपर गई? 533आप लोगों के ऊपर। 534इतने नामीग्रामी लोगों पर नज़र नहीं गई। 535कहते हैं ना-तुम्हारी गत-मत तुम ही जानो, और कोई नहीं जानता।
177BapDada is giving all the children lots and lots and lots of love and remembrance to each one personally by name and by their speciality.
536तो नशा है कि परमात्मा ने हमको पसन्द किया है।
178And all of you are constantly being sustained with this love and remembrance.
537डबल विदेशी डबल नशे में रहते हैं। 538भारतवासियों को तो भारत में ही आकर चुना।
179You are flying with it, and you have to reach your destination while flying with it.
539लेकिन डबल विदेशियों को कहाँ से चुना? 540इतना दूर से बाप ने हमको चुना।
180Or, should it be said that you have already reached your destination?
541तो डबल नशा है ना।
181So love, remembrance and namaste.
542जैसे आत्मा और शरीर साथ-साथ हैं और सदा साथ हैं, ऐसे यह नशा आत्मा के सदा साथ है। 543तो ऐसे नशे में रहने वाली श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ आत्माए! 544सदा खुशी में नाचने वाले। 545कोई प्राप्ति होती है तो खुशी में नाचते हैं।
182Achcha.
546आपको तो हर कदम में प्राप्ति ही प्राप्ति है।
183Note: Baba has used the words ‘Rajniti’ and ‘niti’.
547इतनी प्राप्ति है जो दिल कहता है कि अप्राप्त नहीं कोई वस्तु परमात्म-खज़ाने में। 548इस समय का यही गीत है-ब्राह्मणों के खज़ानों में सर्व प्राप्तियाँ हैं। 549अच्छा!
184These words have been translated as the ‘governing system’, ‘system’, ‘ethics’ and ‘principles’ to fit in with the context in different places. 185* * * O MS H A N T I * * *