Avyakt murli for Thursday 2 December 1993
Saving in progress..
You can now read this murli without Internet.
You can read this murli without Internet.
in order to be able to read it without internet.
Warning : Sentence alignment between two languages is based on the number of characters. It is therefore not perfectly reliable.
You can correct the sentence alignment yourself on part or all of the murli.
0> 102-12-93 ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन
0> > 02-12-93 Om Shanti Avyakt Bapdada Madhuban
2नम्बरवन बनने के लिए-गुण मूर्त बन गुणों का दान करने वाले 3महादानी बनो
1In order to be number one, become the embodiment of virtues, be great donors and donate virtues.
4अटल-अखण्ड भव का वरदान देने वाले बापदादा अपने दानी-महादानी बच्चों प्रति बोले - 5आज बेहद के मात-पिता चारों ओर के विशेष बच्चों को देख रहे थे। 6क्या विशेषता देखी? 7कौन से बच्चे अखुट ज्ञानी, अटल स्वराज्य अधिकारी, अखण्ड निर्विघ्न, अखण्ड योगी, अखण्ड महादानी हैं-ऐसे विशेष आत्मायें कोटों में कोई बने हुए हैं।
2Today, the unlimited Mother and Father are looking at the special children in all four directions.
8ज्ञानी, योगी, महादानी सभी बने हैं लेकिन अखण्ड कोई-कोई बने हैं। 9जो अखुट, अटल और अखण्ड हैं वही विजय माला के विजयी मणके हैं। 10बापदादा ने संगमयुग पर सभी बच्चों को अटल-अखण्ड भव का वरदान दिया है लेकिन वरदान को जीवन में सदा धारण करने में नम्बरवार बन गये हैं। 11नम्बरवन बनने के लिये सबसे सहज विधि है अखण्ड महादानी बनो।
3What specialities do they see?
12अखण्ड महादानी अर्थात् निरन्तर सहज सेवाधारी। 13क्योंकि सहज ही निरन्तर हो सकता है। 14तो अखण्ड सेवाधारी अर्थात् अखण्ड महादानी। 15दाता के बच्चे हो, सर्वखज़ानों से सम्पन्न श्रेष्ठ आत्मायें हो।
4Which children are constantly knowledgeable, which children have claimed a right to the unchangeable kingdom of selfsovereignty, who are constantly free from obstacles, who are constant yogis and constantly great donors.
16सम्पन्न की निशानी है अखण्ड महादानी। 17एक सेकण्ड भी दान देने के बिना रह नहीं सकते। 18द्वापर से दानी आत्मायें अनेक भक्त भी बने हैं लेकिन कितने भी बड़े दानी हों, अखुटखज़ाने के दानी नहीं बने हैं। 19विनाशी खज़ानेवा वस्तु के दानी बनते हैं।
5Only a handful of souls out of multimillions have become such special souls.
20आप श्रेष्ठ आत्मायें अब संगम पर अखुट और अखण्ड महादानी बनते हो। 21अपने आपसे पूछो कि अखण्ड महादानी हो? 22वा समय प्रमाण दानी हो? 23वा चांस प्रमाण दानी हो?
6Everyone has become knowledgeable, yogi and a great donor, but only a few have become this constantly.
24अखण्ड महादानी सदा तीन प्रकार से दान करने में बिजी रहते हैं-पहला मन्सा द्वारा शक्तियां देने का दान, दूसरा वाणी द्वारा ज्ञान का दान, तीसरा कर्म द्वारा गुणों का दान। 25इन तीनों प्रकार के दान देने वाले सहज महादानी बन सकते हैं। 26रिजल्ट में देखा वाणी द्वारा ज्ञान दान मैजारिटी करते रहते हो। 27मन्सा द्वारा शक्तियों का दान यथा शक्ति करते हो और कर्म द्वारा गुण दान ये बहुत कम करने वाले हैं और वर्तमान समय चाहे अज्ञानी आत्मायें हैं, चाहे ब्राह्मण आत्मायें हैं दोनों को आवश्यकता गुणदान की है।
7Those who are unending, unchangeable and constant can become the victorious jewels of the rosary of victory.
28वर्तमान समय विशेष स्वयं में वा ब्राह्मण परिवार में इस विधि को तीव्र बनाओ। 29ये दिव्य गुण सबसे श्रेष्ठ प्रभु प्रसाद है। 30इस प्रसाद को खूब बांटो।
8At the confluence age, BapDada has given every child the blessings of remaining unchangeable and constant, but they have become numberwise in constantly imbibing these blessings in their lives.
31जैसे-जब कोई से भी मिलते हो तो एक-दो में भी स्नेह की निशानी स्थूल टोली खिलाते हो ना, ऐसे एक-दो में ये गुणों की टोली खिलाओ। 32इस विधि से जो संगमयुग का लक्ष्य है-फरिश्ता सो देवता यह सहज सर्व में प्रत्यक्ष दिखाई देगा। 33यह प्रैक्टिस निरन्तर स्मृति में रखो कि मैं दाता का बच्चा अखण्ड महादानी आत्मा हूँ। 34कोई भी आत्मा चाहे अज्ञानी हो, चाहे ब्राह्मण हो लेकिन देना है।
9In order to become number one, the easiest method is to become constantly great donors.
35ब्राह्मण आत्माओं को ज्ञान तो पहले ही है लेकिन दो प्रकार से दाता बन सकते हो। 361- जिस आत्मा को, जिस शक्ति की आवश्यकता है उस आत्मा को मन्सा द्वारा अर्थात् शुद्ध वृत्ति, वायब्रेशन्स द्वारा शक्तियों का दान अर्थात् सहयोग दो। 372- कर्म द्वारा सदा स्वयं जीवन में गुण मूर्त बन, प्रत्यक्ष सेम्पल बन औरों को सहज गुण धारण करने का सहयोग दो। 38इसको कहा जाता है गुण दान।
10To be constantly great donors means to be constant, easy servers.
39दान का अर्थ है सहयोग देना।
11Because only those who are easy can be constant.
40आजकल ब्राह्मण आत्मायें भी सुनने के बजाय प्रत्यक्ष प्रमाण देखना चाहती हैं। 41किसी को भी शक्ति धारण करने की वा गुण धारण करने की शिक्षा देना चाहते हो तो कोई दिल में सोचते, कोई कहते कि ऐसे धारणा मूर्त कौन बने हैं? 42तो देखना चाहते हैं लेकिन सुनना नहीं चाहते। 43ऐसे एक-दो में कहते हो ना-कौन बना है, सबको देख लिया… …।
12To be constant servers means to be constantly great donors.
44जब कोई बात आती है तो कहते हैं कोई नहीं बना है, सब चलता है। 45लेकिन यह अलबेलेपन के बोल हैं, यथार्थ नहीं हैं। 46यथार्थ क्या है? 47फॉलोब्रह्मा बाप।
13You are the children of the Bestower; you are the elevated souls who are complete with all treasures.
48जैसे ब्रह्मा बाप ने स्वयं, सदा अपने को निमित्त एग्जाम्पल बनाया, सदा यह लक्ष्य लक्षण में लाया-जो ओटे सो अर्जुन अर्थात् जो स्वयं को निमित्त प्रत्यक्ष प्रमाण बनाता है वही अर्जुन अर्थात् अव्वल नम्बर का बनता है। 49अगर फॉलोफादर करना है तो दूसरे को देख बनने में नम्बरवन नहीं बन सकेंगे। 50नम्बरवार बन जायेंगे। 51नम्बरवन आत्मा की निशानी है-हर श्रेष्ठ कार्य में मुझे निमित्त बन औरों को सिम्पल करने के लिये सेम्पल बनना है।
14The sign of being complete is to be a constantly great donor.
52दूसरे को देखना, चाहे बड़ों को, चाहे छोटों को, चाहे समान वालों को लेकिन दूसरों को देख बनना कि पहले यह-यह बनें तो मैं बनूँ, तो नम्बरवन तो वह हो गया ना-जो बनेगा। 53तो स्वयं स्वतः ही नम्बरवार में आ जाते हैं। 54तो अखण्ड महादानी आत्मा सदा अपने को हर सेकण्ड तीनों ही महादान में से कोई न कोई दान करने में बिजी रखता है। 55जैसा समय वैसी सेवा में सदा लगा हुआ रहता है।
15You are then not able to stay without donating for even one second.
56उनको व्यर्थ देखने, सुनने वा करने की फुर्सत ही नहीं। 57तो महादानी बने हो? 58अभी अण्डरलाइन करो-अखण्ड बने हैं।
16Many souls have also become donor souls from the copper age, but no matter how great a donor they are, they have not become a donor of the unlimited treasures.
59अगर बीच-बीच में दातापन में खण्डन पड़ता है तो खण्डित को सम्पूर्ण नहीं कहा जाता। 60वर्तमान समय आपस में विशेष कर्म द्वारा गुणदाता बनने की आवश्यकता है। 61हर एक संकल्प करो कि मुझे सदा गुण मूर्त बन सबको गुण मूर्त बनाने का विशेष कर्तव्य करना ही है। 62तो स्वयं की और सर्व की कमज़ोरियां समाप्त करने की इस विधि में हर एक अपने को निमित्त अव्वल नम्बर समझ आगे बढ़ते चलो।
17They become donors of perishable treasures and things.
63ज्ञान तो बहुत है, अभी गुणों को इमर्ज करो, सर्वगुण सम्पन्न बनने और बनाने का एग्जाम्पल बनो। 64अच्छा!
18At the confluence age, you elevated souls become unending and constantly great donors.
65सर्व अखण्ड योगी तूआत्मायें, सर्व सदा गुण मूर्त आत्माओं को, सर्व हर संकल्प हर सेकण्ड महादानी वा महासहयोगी विशेष आत्माओं को, सदा स्वयं को श्रेष्ठता में सेम्पल बन सर्व आत्माओं को सिम्पल सहज प्रेरणा देने वाले, सदा स्वयं को निमित्त नम्बरवन समझ प्रत्यक्ष प्रमाण देने वाले बाप समान आत्माओं को बापदादा का याद-प्यार और नमस्ते। 66दादी जानकी से मुलाकात 67(आस्ट्रेलिया, सिंगापुर आदि के चक्कर का समाचार सुनाया और सबकी याद दी) 68सबकी याद पहुँच गई।
19Ask yourself: Are you constantly a great donor?
69चारों ओर के बच्चे सदा बाप के सामने हैं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है जब भी याद करते तो समीप और साथ का अनुभव करते हैं। 70बाबा कहा दिल से और दिलाराम हाजर। 71इसीलिये ही कहते हैं हजूर हाजर है, हाजरा हजूर है। 72जहाँ भी हैं, जो भी हैं लेकिन हर स्थान पर हर के पास हाजर हो जाते हैं इसीलिये हाजरा हजूर हो गया।
20Or, are you a donor according to the time?
73इस स्नेह की विधि को लोग नहीं जान सकते। 74यह ब्राह्मण आत्मायें ही जानती हैं।
21Or, are you a donor according to the chances you receive?
75अनुभवी इस अनुभव को जानते हैं। 76आप विशेष आत्मायें तो हैं ही कम्बाइन्ड ना। 77अलग हो ही नहीं सकते।
22Constantly great donors remain busy all the time in donating in three ways.
78लोग कहते हैं जिधर देखते हैं उधर तू ही तू है और आप कहते हो जो करते हैं, जहाँ जाते हैं बाप साथ ही है अर्थात् तू ही तू है। 79जैसे कर्तव्य साथ है तो हर कर्तव्य कराने वाला भी सदा साथ है। 80इसलिये गाया हुआ है करनकरावनहार। 81तो कम्बाइन्ड हो गया ना-करनहार और करावनहार।
23The first donation is that of giving powers through the mind.
82तो आप सबकी स्थिति क्या है? 83कम्बाइन्ड है ना। 84करनकरावनहार करनहार के साथ है ही, करावनहार अलग नहीं है। 85इसको ही कम्बाइन्ड स्थिति कहा जाता है।
24The second donation is that of giving knowledge through words and the third donation is that of virtues through actions.
86सभी अपना-अपना अच्छा पार्ट बजा रहे हो। 87अनेक आत्माओं के आगे सेम्पल हो, सिम्पल करने के। 88ऐसे लगता है ना।
25Those who give these three types of donation can easily become great donors.
89मुश्किल को सहज बनाना-यहीफॉलो फादर है। 90ऐसे है ना। 91अच्छा पार्ट बजाया ना। 92जहाँ भी हैं, विशेष पार्टधारी विशेष पार्ट बजाने के सिवाए रह नहीं सकते।
26But the result is that the majority of you continue to donate knowledge through words, and you donate powers through your mind according to your capacity, but there are very few who donate virtues through actions.
93यह ड्रामा की नूँध है। 94अच्छा। 95चक्कर लगाना बहुत अच्छा है। 96चक्कर लगाया फिर स्वीट होम में आ गये।
27And, at the present time, both types of souls, whether nongyani or Brahmins, have a need for donation of virtues.
97सेवा का चक्कर अनेक आत्माओं के प्रति विशेष उमंग-उत्साह का चक्कर है। 98सब ठीक है ना? 99अच्छा ही अच्छा है।
28At the present time, especially intensify this method for yourself and also for the Brahmin family.
100ड्रामा की भावी खींचती जरूर है। 101आप रहना चाहो लेकिन ड्रामा में नहीं है तो क्या करेंगे। 102सोचते भी जाना पड़ेगा।
29These divine virtues are the most elevated 'Prabhu prasad' (holy food blessed by God).
103क्योंकि सेवा की भावी है तो सेवा की भावी अपना कार्य कराती है। 104आना और जाना यही तो विधि है। 105अच्छा।
30So, now, distribute this "prasad" (holy food) a great deal.
106संगठन अच्छा है। 107अव्यक्त बापदादा की पर्सनल मुलाकात 108ग्रुप.नं. 1 109परमात्म प्यार का अनुभव करने के लिए दुःख की लहर से न्यारे बनो
31When you meet someone, the sign of your love for one another is that you offer that one some toli.
110बापदादा ने संगम पर अनेकखज़ाने दिये हैं उन सभी खज़ानों में से श्रेष्ठ से बा श्रेष्ठखज़ाना है - सदा खुशी का खज़ाना। 111तो यह खुशी का खज़ाना सदा साथ रहता है? 112कैसी भी परिस्थिति आ जाये लेकिन खुशी नहीं जा सकती। 113जब परिस्थिति कोई दुःख की लहर वाली आती है तो भी खुश रहते हो कि थोड़ी-थोड़ी लहर आ जाती है?
32You all like toli, do you not?
114क्योंकि संगम पर हो ना।
115तो एक तरफ है दुःखधाम, दूसरे तरफ है सुखधाम। 116तो दुःख के लहर की कई बातें सामने आयेंगी लेकिन अपने अन्दर वो दुःख की लहर दुःखी नहीं करे। 117जैसे गर्मीके मौसम में गर्मीतो होगी ना लेकिन स्वयं को बचाना वो अपने ऊपर है। 118तो दुःख की बातें सुनने में आयेंगी लेकिन दिल में प्रभाव नहीं पड़े।
33In the same way, feed one another the toli of virtues.
119इसलिये कहा जाता है न्यारा और प्रभु का प्यारा। 120तो दुःख की लहर से न्यारा तब प्रभु का प्यारा बनेंगे। 121जितना न्यारा उतना प्यारा। 122अपने आपको देखो कि कितने न्यारे बने हैं?
34With this method, the aim of the confluence age, which is that of "an angel becoming a deity", will easily be revealed in everyone.
123जितना न्यारा बनते जाते हो उतना ही सहज परमात्म प्यार का अनुभव करते हो। 124तो हर रोज चेक करो कि कितने न्यारे रहे, कितने प्यारे रहे। 125क्योंकि ये प्यार परमात्म प्यार है जो और कोई भी युग में प्राप्त हो नहीं सकता। 126जितना प्राप्त करना है उतना अभी करना है।
35Constantly keep this practice in your awareness: I, the child of the Bestower, am a constantly great donor.
127अभी नहीं तो कभी भी नहीं हो सकता। 128और कितना थोड़ा सा समय यह परमात्म प्यार की प्राप्ति का है। 129तो थोड़े समय में बहुत अनुभव करना है। 130तो कर रहे हो?
36You have to give to nongyani souls and Brahmin souls, but Brahmin souls already have knowledge anyway, and so you can become donors in two ways.
131दुनिया वाले खुशी के लिये कितना समय, सम्पत्ति खर्च करते हैं और आपको सहज अविनाशी खुशी का खज़ाना मिल गया। 132कुछ खर्चा किया क्या? 133खुशी के आगे खर्च करने की वस्तु है ही क्या जो देंगे। 134तो यही खुशी के गीत गाते रहो कि जो पाना था वो पा लिया।
37Through your mind, give whichever power a soul needs, that is, with a pure attitude and through vibrations, donate the powers to them, that is, give them cooperation.
135पा लिया ना? 136तो जब कोई चीज़मिल जाती है तो खुशी में नाचते रहते हैं। 137दूसरों को भी यह खुशी बांटते जाओ। 138जितनी बांटते जाते हो उतनी बढ़ती जाती है।
38Through your actions in your practical life, constantly be an embodiment of virtues, become a visible sample and give others cooperation by easily donating virtues to them.
139क्योंकि बांटना माना बढ़ना। 140तो जो भी सम्बन्ध में आये वह अनुभव करे कि इनको कोई श्रेष्ठ प्राप्ति हुई है, जिसकी खुशी है। 141क्योंकि दुनिया में तो हर समय का दुःख है और आपके पास हर समय की खुशी है। 142तो दुःखी को खुशी देना-यह सबसे बड़े से बड़ा पुण्य है।
39This is known as the donation of virtues.
143तो सभी निर्विघ्न बन आगे उड़ रहे हो या छोटे-छोटे विघ्न रोकते हैं? 144विघ्नों का काम है आना और आपका काम है विजय प्राप्त करना। 145जब विघ्न अपना कार्य अच्छी तरह से कर रहे हैं तो आप मास्टर सर्वशक्तिमानअपने विजय के कार्य में सदा सफल रहो। 146सदा यह याद रखो कि हम विघ्न-विनाशक आत्मायें हैं।
40To donate means to cooperate, because nowadays, instead of listening, Brahmin souls wish to see the practical proof.
147विघ्न-विनाशक का जो यादगार है उसका प्रैक्टिकल में अनुभव कर रहे हो ना। 148अच्छा। 149ग्रुप.नं. 2 150अचल स्थिति बनाने के लिए मास्टर सर्वशक्तिमानका टाइटल स्मृति में रखो
41Whenever you give anyone guidance to imbibe power within himself or to imbibe virtues, then some have the thought within their heart and some even say: Who has become such an embodiment of virtues?
151स्वयं को सदा सर्व खज़ानों से भरपूर अर्थात् सम्पन्न आत्मा अनुभव करते हो? 152क्योंकि जो सम्पन्न होता है तो सम्पन्नता की निशानी है कि वो अचल होगा, हलचल में नहीं आयेगा। 153जितना खाली होता है उतनी हलचल होती है। 154तो किसी भी प्रकार की हलचल, चाहे संकल्प द्वारा, चाहे वाणी द्वारा, चाहे सम्बन्ध-सम्पर्क द्वारा, किसी भी प्रकार की हलचल अगर होती है तो सिद्ध है कि खज़ानेसे सम्पन्न नहीं हैं।
42They wish to see the practical proof, but they don't wish to hear anything.
155संकल्प में भी, स्वप्न में भी अचल।
43You say to one another: Who has become this?
156क्योंकि जितना-जितना मास्टर सर्वशक्तिमानस्वरूप की स्मृति इमर्ज होगी उतना ये हलचल मर्ज होती जायेगी। 157तो मास्टर सर्वशक्तिमानकी स्मृति प्रत्यक्ष रूप में इमर्ज हो। 158जैसे शरीर का आक्यूपेशन इमर्ज रहता है, मर्ज नहीं होता, ऐसे यह ब्राह्मण जीवन का आक्यूपेशन इमर्ज रूप में रहे। 159तो यह चेक करो-इमर्ज रहता है या मर्ज रहता है?
44We have seen everyone!
160इमर्ज रहता है तो उसकी निशानी है-हर कर्म में वह नशा होगा और दूसरों को भी अनुभव होगा कि यह शक्तिशाली आत्मा है। 161तो कहा जाता है हलचल से परे अचल। 162अचलघर आपका यादगार है। 163तो अपना आक्यूपेशन सदा याद रखो कि हम मास्टर सर्वशक्तिमान हैं - क्योंकि आजकल सर्व आत्मायें अति कमज़ोर हैं तो कमज़ोर आत्माओं को शक्ति चाहिये।
45Do you say this?
164शक्ति कौन देगा? 165जो स्वयं मास्टर सर्वशक्तिमान होगा। 166किसी भी आत्मा से मिलेंगे तो वो क्या अपनी बातें सुनायेंगे?
46When something comes up, you say: Well, no one has become this as yet; everything is okay.
167कमज़ोरी की बातें सुनाते हैं ना?
47However, these are words of carelessness.
168जो करना चाहते हैं वो कर नहीं सकते तो इसका प्रमाण है कि कमज़ोर हैं और आप जो संकल्प करते हो वो कर्म में ला सकते हो। 169तो मास्टर सर्वशक्तिमानकी निशानी है कि संकल्प और कर्म दोनों समान होगा। 170ऐसे नहीं कि संकल्प बहुत श्रेष्ठ हो और कर्म करने में वो श्रेष्ठ संकल्प नहीं कर सको, इसको मास्टर सर्वशक्तिमान नहीं कहेंगे। 171तो चेक करो कि जो श्रेष्ठ संकल्प होते हैं वो कर्म तक आते हैं या नहीं आ सकते?
48They are not accurate words.
172मास्टर सर्वशक्तिमान की निशानी है कि जो शक्ति जिस समय आवश्यक हो उस समय वो शक्ति कार्य में आये। 173तो ऐसे है या आह्वान करते हो, थोड़ा देरी से आती है? 174जब कोई बात पूरी हो जाती है, पीछे स्मृति में आये कि ऐसा नहीं, ऐसा करते, तो इसको कहा जाता है समय पर काम में नहीं आई। 175जैसे स्थूल कर्मेन्द्रियां ऑर्डर पर चल सकती हैं ना, हाथ को जब चाहो, जहाँ चाहो वहाँ चला सकते हो, ऐसे यह सूक्ष्म शक्तियां इतने कन्ट्रोल में हों - जिस समय जो शक्ति चाहो काम में लगा सको।
49What is accurate?
176तो ऐसी कन्ट्रोलिंग पावर है? 177ऐसे तो नहीं सोचते कि चाहते तो नहीं थे लेकिन हो गया। 178तो सदा अपनी कन्ट्रोलिंग पॉवर को चेक करते हुए शक्तिशाली बनते चलो। 179सब उड़ती कला वाले हो कि कोई चढ़ती कला वाला, कोई उड़ती कला वाला?
50To follow father Brahma.
180वा कभी उड़ती, कभी चढ़ती, कभी चलती कला हो जाती है? 181बदली होता है वा एकरस आगे बढ़ते रहते हो? 182कोई विघ्न आता है तो कितने समय में विजयी बनते हो? 183टाइम लगता है?
51Father Brahma constantly considered himself to be an instrument example, and he always made this aim into a practical qualification.
184क्योंकि नॉलेजफुल हो ना। 185तो विघ्नों की भी नॉलेज है। 186नॉलेज की शक्ति से विघ्न वार नहीं करेंगे लेकिन हार खा लेंगे। 187इसी को ही मास्टर सर्वशक्तिमानकहा जाता है।
52Whoever takes on the responsibility is Arjuna, that is, those who make themselves the instruments to be the practical proof are Arjuna, that is, they become number one.
188तो अमृतवेले से इस आक्यूपेशन को इमर्ज करो और फिर सारा दिन चेक करो। 189ग्रुप.नं. 3
53If you wish to follow the father, you will not become number one by looking at others.
190हर घड़ी अन्तिम घड़ी समझते हुए एवररेडी बनो, अपने भाग्य का गीत सदा गाते रहो 191सभी अपने भाग्य को देख सदा हर्षितरहते हो? 192दिल में सदा ये गीत गाते हो कि वाह मेरा श्रेष्ठ भाग्य कि कभी-कभी गीत बजता है, कभी बन्द हो जाता है? 193सदा एकरस गीत बजता है या कभी स्लो हो जाता है, कभी तेज हो जाता है?
54Instead, you will be numberwise.
194सदा भाग्य के गीत गाते रहो। 195क्योंकि ये भाग्य किसने बनाया? 196भाग्य विधाता ने भाग्य बनाया। 197ऊंचे ते ऊंचे भगवान् ने भाग्य बनाया।
55The sign of a number one soul is that in every elevated task, he will consider himself to be an instrument to be a sample in order to make it simple for others.
198तो जब स्वयं ऊंचे ते ऊंचा है तो भाग्य भी ऊंचा बनायेगा। 199तो यह नशा और खुशी रहे कि भगवान् ने श्रेष्ठ भाग्य बना दिया और कितने जन्मों का भाग्य बनाया?
56To look at another, whether senior, junior or equal to you; even to look at another and think: when that one becomes this, I will become this, then that one has already become number one.
200जन्म-जन्म के लिये भाग्य बनाया। 201सिर्फ 21 जन्म नहीं लेकिन सारे कल्प के अन्दर भाग्यवान रहे। 20221 जन्म पूज्य बनते हो और फिर द्वापर से पुजारी आपकी पूजा करते हैं। 203तो वो चैतन्य पूज्य राज्य अधिकारी बनते हो और द्वापर से जड़ चित्र आपके पूजे जाते हैं।
57Then you automatically come in the list of those who are numberwise.
204तो सारे कल्प का भाग्य है। 205अब अन्तिम जन्म में भी अपने यादगार देख रहे हो ना।
58So one who is constantly a great donor keeps himself busy at every second by donating in any one of the three ways.
206एक तरफ चैतन्य में आप हो और दूसरे तरफ आपके ही जड़ चित्र हैं तो चित्र और चैतन्य दोनों सामने हैं। 207चित्र को देखकरके भी खुशी होती है ना तो ऐसे पूज्य बाप द्वारा बने हैं। 208सारे कल्प में कोई अपना चैतन्य रूप में जड़ चित्र देखे, यह नहीं होता। 209अगर देखते भी होंगे तो भिन्न जन्म होने के कारण जानते नहीं हैं।
59He is constantly engaged in service according to the time.
210लेकिन आप जानते हो कि ये हमारे ही जड़ चित्र हैं। 211मातायें जानती हो? 212आप सबकी पूजा होती है? 213तो चित्र और चैतन्य यही विशेषता है।
60He does not have any time to listen to or see anything wasteful.
214कल क्या थे, आज क्या हैं और कल क्या होंगे-तीनों ही काल सामने हैं। 215मातायें सदा खुश रहती हो कि कभी-कभी रहती हो? 216ब्राह्मण जीवन अर्थात् सदा खुश जीवन। 217ब्राह्मण बने किसलिये?
61So have you become such great donors?
218कभी-कभी खुश रहने के लिये? 219सदा खुश रहने के लिये। 220तो कभी-कभी खुश नहीं रहना, सदा खुश रहना। 221बाप ने अविनाशीखज़ाना दिया है, कभी-कभी का नहीं दिया है।
62Now underline this.
222कभी बाप ने कहा है क्या कि कभी-कभी खुश रहना, कभी दुःख आये तो कोई हर्जा नहीं। 223सदा खुशी भव, सदा शान्त भव। 224कभी-कभी का वरदान नहीं होता है। 225तो क्या करना है - सदा रहना है ना या कभी-कभी भी ठीक है, चलेगा?
63Have you become constant?
226कभी-कभी शब्द समाप्त कर दो। 227कभी-कभी नहीं, अभी-अभी। 228हर घड़ी कहो अभी खुश हैं। 229आपका स्लोगन भी क्या है?
64If, whilst being a bestower, there is a break again and again, then that which is broken cannot be called complete.
230अभी का स्लोगन है या कभी का है? 231अभी का है ना। 232तो जिस घड़ी कोई देखे, कोई मिले तो अभी-अभी खुशनसीब हैं ऐसे अनुभव करे।
65So, at the present time, there is the need to become a bestower of virtues by performing special karma.
233कभी-कभी खुश रहने वाले क्या कहलायेंगे? 234सूर्यवंशी या चन्द्रवंशी? 235तो सूर्यवंशी हो या चन्द्रवंशी हो? 236सूर्यवंशी हो पक्का या यहाँ कहते हो सूर्यवंशी, वहाँ चन्द्रवंशी बन जायेंगे?
66Each of you should have the thought that you constantly have to perform the special task of being the embodiment of virtues, and make others the embodiment also.
237सदा सूर्यवंशी हो ना। 238भगवान् के बनकर फिर भी चन्द्रवंशी बने तो क्या किया? 239गायन है ना कि जब भगवान् ने भाग्य बांटा तो सोये हुए थे क्या? 240अगर आधा लेते हैं तो आधा समय सोये हुए थे तभी नहीं लिया।
67So, each one of you should consider yourself to be a number one instrument to use this method to finish the weaknesses of the self and of others and to continue to move forward.
241तो पूरा भाग्य लेने वाले हो, आधा नहीं। 242तो डबल विदेशी कौन हो? 243सूर्यवंशी। 244एक भी चन्द्रवंशी नहीं।
68You have a lot of knowledge, but now let the virtues emerge.
245पक्का सोच लिया है, ऐसे ही तो नहीं कह रहे हो? 246फलक से कहो कि हम नहीं बनेंगे तो कौन बनेंगे? 247और कोई है क्या? 248आप ही हो ना।
69Be an example to become complete with all virtues and to make others this also.
249तो यह नशा रखो कि हम ही थे, हम ही हैं और हम ही बनेंगे। 250तीनों काल के लिये निश्चय है। 251तो सबसे तीव्र पुरुषार्थीकौन है? 252तीव्र पुरुषार्थीहो या कभी ढीला कभी तीव्र?
70Achcha.
253सदा तीव्र।
254क्योंकि हर घड़ी अन्तिम घड़ी है अगर साधारण पुरुषार्थीहैं और अंतिम घड़ी आ जाये तो धोखा हो जायेगा ना। 255इसलिये हर घड़ी अन्तिम घड़ी समझते हुए एवररेडी रहो। 256एवररेडी अर्थात् तीव्रपुरुषार्थी। 257ऐसे नहीं सोचो कि अभी तो विनाश होने में कुछ तो टाइम लगेगा ही फिर तैयार हो जायेंगे।
71To the constant, yogi souls; to the souls who are constantly the embodiment of all virtues; to the special souls who are great donors and cooperative souls at every second and in every thought; to those who become a sample in being elevated and who are a simple example to inspire others; to those who consider themselves to be a number one instrument and who give the practical proof; to the souls who are similar to the father, love, remembrances and namaste from BapDada.
258अन्तिम घड़ी को नहीं देखो। 259लेकिन अपनी अन्तिम घड़ी का कोई भरोसा नहीं है इसलिये एवररेडी। 260तो डबल विदेशी एवररेडी हैं? 261करना ही क्या है?
72Dadi Janki arrived in Madhuban after her tour of Australia, Singapore and Malaysia etc.
262कोई काम रह गया है क्या? 263(म्युज़ियमबनाना है) म्युज़ियम बनाना होगा तो कोई भी बना देगा। 264आप तो एवररेडी हो ना कि म्युज़ियम के बाद एवररेडी होंगे। 265अपनी स्थिति सदा उपराम।
73Everyone's remembrance has reached here.
266अब भी जो होगा वो अच्छा। 267ऐसे रेडी हो या सोचना पड़ेगा कि यह कर लें, यह कर लें। 268नहीं। 269सदा निर्मोही और निर्विकल्प, निर-व्यर्थ।
74The children from all four directions are constantly in front of the Father.
270व्यर्थ भी नहीं। 271इसको कहा जाता है एवररेडी। 272मातायें एवररेडी हैं या थोड़ा-थोड़ा मोह है? 273पोत्रे धौत्रे में मोह है?
75The practical proof of this is that whenever you remember the Father, you experience Him to be close to you and with you.
274यह करना है, यह सम्भालना है? 275पाण्डवों का मोह है? 276जेब खर्च में मोह है? 277कमाना है, खाना है, खिलाना है- यह नहीं सोचते हो?
76You say "Baba" with your heart and the Comforter of Hearts becomes present in front of you.
278न्यारे हो गये हो या थोड़ा-थोड़ा मोह है? 279नष्टोमोहा अर्थात् सर्व से न्यारे और बाप के प्यारे। 280तो सदा क्या याद रखेंगे? 281हम ऊंचे ते ऊंचे भाग्यवान हैं।
77This is why it is said that the Lord is present in front of you.
282सदा अपने भाग्य का सितारा चमकता हुआ दिखाई दे। 283अच्छा!
78He is everpresent in front of you.
284ग्रुप.नं. 4 285राजऋषि अर्थात् स्वराज्य के साथ-साथ बेहद के वैरागी बनो 286अपने को राजऋषि समझते हो? 287राज भी और ऋषि भी।
79Wherever you are, whoever you are with, He becomes present in front of everyone.
288स्वराज्य मिला तो राजा भी हो और साथ-साथ पुरानी दुनिया का ज्ञान मिला तो पुरानी दुनिया से बेहद के वैरागी भी हो इसलिये ऋषि भी हो। 289एक तरफ राज्य, दूसरे तरफ ऋषि अर्थात् बेहद के वैरागी। 290तो दोनों ही हो? 291बेहद का वैराग्य है या थोड़ा-थोड़ा लगाव है।
80This is why the Lord is everpresent in front of you.
292अगर कहाँ भी, चाहे अपने में, चाहे व्यक्ति में, चाहे वस्तु में कहाँ भी लगाव है तो राजऋषि नहीं। 293न राजा है, न ऋषि है। 294क्योंकि स्वराज्य है तो मन-बुद्धि-संस्कार सब अपने वश में है। 295लगाव हो नहीं सकता।
81People cannot understand this system of love.
296अगर कहाँ भी संकल्प मात्र थोड़ा भी लगाव है, तो राजऋषि नहीं कहेंगे। 297अगर लगाव है तो दो नाव में पांव हुआ ना। 298थोड़ा पुरानी दुनिया में, थोड़ा नई दुनिया में। 299इसलिए एक बाप, दूसरा न कोई।
82Only Brahmin souls know this.
300क्योंकि दो नाव में पांव रखने वाले क्या होते हैं? 301न यहाँ के, न वहाँ के। 302इसलिये राजऋषि राजा बनो और बेहद के वैरागी भी बनो।
83Those who are experienced know of this experience.
30363 जन्म अनुभव करके देख लिया ना? 304तो अनुभवी हो गये फिर लगाव कैसा? 305अनुभवी कभी धोखा नहीं खाते हैं।
84All of you special souls are combined anyway, are you not?
306सुनने वाला, सुनाने वाला धोखा खा सकता है। 307लेकिन अनुभवी कभी धोखा नहीं खाता। 308तो दुःख का अनुभव अच्छी तरह से कर लिया है ना फिर अब धोखा नहीं खाओ। 309यह पुरानी दुनिया का लगाव सोनी हिरण के समान है।
85You cannot be separated.
310यह शोक वाटिका में ले जाता है। 311तो क्या करना है? 312थोड़ा-थोड़ा लगाव रखना है? 313अच्छा नहीं लगता लेकिन छोड़ना मुश्किल है!
86People say: Wherever I look, I only see you.
314खराब चीज़को छोड़ना और अच्छीचीज़ को लेना मुश्किल होता है क्या? 315अगर कोई सोचता है कि छोड़ना है, तो मुश्किल लगता है। 316लेना है तो सहज लगता है।
87Whereas, you say: Whatever I do, wherever I go, the Father is with me.
317तो पहले लेते हो, पहले छोड़ते नहीं हो। 318लेने के आगे यह देना तो कुछ भी नहीं है। 319तो क्या-क्या मिला है वह लम्बी लिस्ट सामने रखो। 320सुनाया है ना कि गीत गाते रहो-पाना था वो पा लिया, काम क्या बाकी रहा?
88That is, wherever I go, You are there.
321तो यह गीत गाना आता है? 322मुख का नहीं, मन का। 323मुख का गीत तो थोड़ा टाइम चलेगा। 324मन का गीत तो सदा चलेगा।
89Just as your task is with you, so too, the one who inspires you to perform the task is also constantly with you.
325अविनाशी गीत चलता ही रहता है। 326आटोमेटिक है। 327अच्छा, ये वैराइटी ग्रुप है।
90This is why He is remembered as Karankaravanhar.
328वैराइटी फूलों का बगीचा अच्छा लगता है ना। 329कोई कहाँ के, कोई कहाँ के लेकिन हैं एक माली के। 330एक के हैं और एक हैं। 331ये तो सेवा के अर्थ भिन्न-भिन्न स्थानों पर गये हुए हैं।
91So you are combined, are you not?
332नहीं तो विश्व की सेवा कैसे होगी। 333अच्छा! 334ग्रुप.नं. 5
92The one who does and the One who inspires.
335सदा एकरस स्थिति के आसन पर स्थित रहने वाले ही तपस्वी हैं 336सभी अपने को तपस्वी आत्मायें अनुभव करते हो? 337तपस्वी अर्थात् सदा अपनी तपस्या में रहने वाले। 338तो तपस्या क्या है?
93So what is the stage of all of you?
339एक बाप दूसरा न कोई। 340ऐसे तपस्वी हो या दूसरा-तीसरा भी कोई है? 341तपस्वी सदा आसनधारी होते हैं, कोई न कोई आसन पर तपस्या करते हैं। 342तो आपका आसन कौनसा है?
94It is combined, is it not?
343स्थिति आपका आसन है। 344जैसे एकरस स्थिति यह आसन हो गया। 345फरिश्ता स्थिति यह आसन हो गया।
95The One who inspires is always with the one who does.
346तो आसन पर स्थित होते हैं ना, बैठते हैं अर्थात् स्थित हो जाते हैं। 347तो इन श्रेष्ठ स्थितियों में स्थित हो जाते हो, टिक जाते हो इसी को आसन कहा जाता है। 348स्थूल आसन पर स्थूल शरीर बैठता है लेकिन यह श्रेष्ठ स्थितियों के आसन पर मन-बुद्धि को बिठाना है। 349मन-बुद्धि द्वारा इन स्थितियों में स्थित हो जाते हो अर्थात् बैठ जाते हो - ऐसे तपस्वी हो?
96The One who inspires is not separated from you.
350तो अच्छा आसन मिला है ना। 351यहाँ है आसन फिर भविष्य में मिलेगा सिंहासन। 352तो जितना जो आसन पर स्थित रहता वो उतना ही सिंहासनपर भी स्थित रह सकता है। 353जितना समय चाहो, जब चाहो, तब आसन रूपी स्थिति में स्थित होते हो ना।
97This is known as the combined stage.
354होते हो या हलचल होती है? 355क्या होता है? 356जैसे देखो शरीर आसन पर नहीं टिक सकता तो हलचल करेगा ना। 357ऐसे मन हलचल तो नहीं करता?
98All of you are playing your very good parts of being the samples in front of other souls and making it simple for them.
358अचल है या हलचल भी है कि दोनों है? 359सदा अचल अडोल। 360जरा भी हलचल नहीं हो।
99It feels like that, does it not?
361अगर कभी हलचल और कभी अचल है तो सिंहासनभी कभी मिलेगा, कभी नहीं मिलेगा। 362तो सदा का राज्य भाग्य लेना है या कभी-कभी का और स्थित सदा होना है या कभी-कभी? 363कितना भी कोई हिलावे लेकिन आप अचल रहो। 364परिस्थिति श्रेष्ठ है या स्वस्थितिश्रेष्ट है?
100To make that which is difficult easy is to follow the father.
365कभी परिस्थिति वार कर लेती है? 366तो सोचो कि ये परिस्थिति पावरफुल या स्वस्थिति पावरफुल? 367तो इस स्थिति से कमज़ोर से शक्तिशाली बन जायेंगे। 368आप तपस्वी आत्माओं की स्थिति का यादगार आजकल के तपस्वियों ने कॉपी की है लेकिन उल्टी की है।
101It is like this, is it not?
369आप तपस्वी एकरस स्थिति में एकाग्र होते हो और आजकल के क्या करते हैं? 370एक टांग पर खड़े हो जाते हैं। 371तो कहाँ एकरस स्थिति और कहाँ एक टांग पर स्थित रहना, फर्क हो गया ना। 372आपका कितना सहज है!
102You played a good part, did you not?
373और उन्हों का कितना मुश्किल है! 374तो सहजयोगी हो ना। 375एक को याद करना सहज है वा अनेकों को याद करना सहज है? 376तो द्वापर से क्या किया?
103Wherever you are, special actors cannot stay without playing a special part.
377अनेकों को याद किया और अभी क्या करते हो? 378एक को याद करते हो ना। 379एक को याद करना सहज है या मुश्किल है ? 380माया आती है?
104This is fixed in the drama.
381आयेगी तो अन्त तक लेकिन माया का काम है आना और आपका काम है विजय प्राप्त करना। 382माया आये तभी तो मायाजीत बनेंगे ना। 383तो माया का आना बुरी बात नहीं है लेकिन हार खानाकमज़ोरी है। 384तो मायाजीत हो ना?
105Achcha.
385सदा ये याद रखो कि अनेक बार के विजयी हैं और सदा विजयी रहेंगे। 386अच्छा! 387ग्रुप.नं. 6 388सदा इसी स्वमान में रहो कि मैं विश्व कल्याणकारी आत्मा हूँ, कल्याण करना मेरा कर्तव्य है
106It is very good to tour around.
389इस समय अर्थात् संगमयुग को कल्याणकारी युग कहा जाता है। 390यह कल्याणकारी युग है और कल्याणकारी आप आत्मायें हो। 391तो सदा ये अपना स्वमान याद रहता है कि मैं कल्याणकारी आत्मा हूँ? 392संगमयुग पर विशेष कर्तव्य ही है कल्याण करना।
107You toured around and then came back to your sweet home.
393पहले स्व का कल्याण और साथ-साथ सर्व का कल्याण। 394तो ऐसे कल्याण करने की शक्ति अपने में अनुभव करते हो? 395किसी के वायुमण्डल का प्रभाव तो नहीं पड़ता है?
108A tour for service is a special tour of giving special zeal and enthusiasm to other souls.
396दुनिया का वायुमण्डल है अकल्याण का और आपका वायुमण्डल है कल्याण करने का। 397तो अकल्याण का वायुमण्डल शक्तिशाली या कल्याण का वायुमण्डल शक्तिशाली? 398तो आपके ऊपर औरों का वायुमण्डल प्रभाव नहीं कर सकता। 399वो कमज़ोर है और आप शक्तिशाली हो।
109Everything is all right, is it not?
400तो शक्तिशालीकमज़ोर के ऊपर जीत प्राप्त करता है, कमज़ोर शक्तिशाली के ऊपर जीत नहीं प्राप्त करता। 401कैसा भी तमोगुणी वायुमण्डल हो लेकिन आप सर्वशक्तिमान बाप के साथी हो। 402जहाँ भगवान् है वहाँ विजय है। 403तो वायुमण्डल को बदलने वाले हो।
110Everything is good.
404चैलेन्ज की है ना कि हम विश्व परिवर्तक हैं। 405तो कल्याणकारी युग है, कल्याणकारी आप आत्मायें हो और कल्याणकारी बाप है। 406तो कितनी शक्ति हो गई। 407समय की भी शक्ति, स्वयं की भी शक्ति और बाप की भी शक्ति।
111The destiny of the drama definitely pulls you.
408तो यह याद रखो-दुनिया के लिये अकल्याण का समय है, आपके लिये कल्याण का समय है। 409दुनिया वालों को सिर्फ विनाश दिखाई देता है और आपको विनाश के साथ स्थापना सामने है। 410तो सदा दिल में यह श्रेष्ठ संकल्प इमर्ज करो कि स्थापना हुई कि हुई। 411अपना भविष्य स्पष्ट है ना।
112Even if you wish to stay here, if it is not in the drama, what can you do?
412जैसे वर्तमान स्पष्ट है ऐसे ही भविष्य भी स्पष्ट है। 413शक्तियों को तो नशा होना चाहिये कि संगमयुग विशेष शक्तियों का युग है। 414संगम पर ही बाप शक्तियों को आगे करते हैं। 415पाण्डवों को भी खुशी होती है ना कि शक्तियां आगे हैं तो हम आगे हैं ही।
113Even if you think about it, you still have to go.
416सदा मन में यही शुभ भावना रहती है कि सर्व का कल्याण हो। 417मनुष्यात्मायें तो क्या प्रकृति का भी कल्याण करने वाले। 418इसलिये प्रकृतिजीत, मायाजीत कहलाते हो। 419क्योंकि पुरूष हो ना, आत्मा पुरूष है तो आत्मा पुरूष प्रकृतिजीत बनती है।
114The destiny is the destiny of service and it enables its own tasks to be carried out.
420प्रकृति भी सुखदायी बन जाती है। 421इस समय देखो प्रकृति कितना दुःख देती है। 422थोड़ा सा भी तूफान आया, थोड़ा सा धरनी हलचल में आई कितनों को दुःख मिलता है। 423तो आपके लिये सुखदायी प्रकृति है और लोगों के लिये दुःखदायी।
115The system is of coming and going.
424कोई भी दुःख की घटना देखते हो, सुनते हो तो दुःख की लहर आती है? 425कभी पोत्रा, धोत्रा दुःखी होता हो तो दुःख की लहर आती है? 426दुःखधाम से न्यारे हो गये। 427संगम पर हो या कलियुग में हो?
116Achcha.
428तो दुःखधाम से किनारा कर लिया या कि थोड़ा-थोड़ा दुःखधाम से लगाव है? 429बिल्कुल न्यारे हो गये? 430या हो रहे हो? 431तो सदा समय और स्वयं को याद रखो।
117The gathering is good.
432स्वयं भी कल्याणकारी और समय भी कल्याणकारी। 433तो इस स्मृति से सदा ही मायाजीत और प्रकृतिजीत रहेंगे। 434जरा भी हलचल नहीं हो। 435तो अचल भी हो, अडोल भी हो, अटल भी हो।
118Please note: Baba has used the word 'akhand' which implies without end, without break, and continually, but to make it fit with the context the word constant (ly) has been used.
436कोई इस निश्चय से टाल नहीं सकता। 437अच्छा। 438सभी उड़ती कला वाले हो ना? 439उड़ते चलो और उड़ाते चलो।
119* * * O MS H A N T I * * *