Avyakt murli for Thursday 9 December 1993

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0> 109-12-93 ओम शान्ति अव्यक्त बापदादामधुबन

0> > 09-12-93 Om Shanti Avyakt Bapdada Madhuban

2एकाग्रता की शक्ति से दृढ़ता द्वारा सहज सफलता की प्राप्ति 3सहज सफलता की विधि बताने वाले विश्व परिवर्तक बापदादा अपने जिम्मेवार बच्चों प्रति बोले - 4आज ब्राह्मण संसार के रचता अपने चारों ओर के ब्राह्मण परिवार को देखहर्षित हो रहे हैं। 5ये छोटा-सा न्यारा और अति प्यारा अलौकिक ब्राह्मण संसार है।

1With the power of concentration, attain success easily through determination.

6सारे ड्रामा में अति श्रेष्ठ संसार है। 7क्योंकि ब्राह्मण संसार की हर गति-विधि न्यारी और विशेष है।

2Today, the Creator of the Brahmin world is happy seeing His Brahmin family everywhere.

8इस ब्राह्मण संसार में ब्राह्मण आत्मायें भी विश्व में से विशेष आत्मायें हैं। 9इसलिये ही ये विशेष आत्माओं का संसार है। 10हर ब्राह्मण आत्मा की श्रेष्ठ वृत्ति, श्रेष्ठ दृष्टि और श्रेष्ठ कृति विश्व की सर्व आत्माओं के लिये श्रेष्ठ बनाने के निमित्त है। 11हर आत्मा के ऊपर ये विशेष जिम्मेवारी है तो हर एक अपने इस जिम्मेवारी को अनुभव करते हो?

3This alokik Brahmin world is small, lovely and unique.

12कितनी बड़ी जिम्मेवारी है! 13सारे विश्व का परिवर्तन! 14न सिर्फ आत्माओं का परिवर्तन करते हो लेकिन प्रकृति का भी परिवर्तन करते हो। 15ये स्मृति सदा रहे-इसमें नम्बरवार हैं।

4It is the most elevated world in the entire drama, because the destination and the methods of the Brahmin world are unique and special.

16सभी ब्राह्मण आत्माओं के अन्दर संकल्प सदा रहता है कि हम विशेष आत्मा नम्बरवन बनें लेकिन संकल्प और कर्म में अन्तर पड़ जाता है। 17इसका कारण? 18कर्म के समय सदा अपनी स्मृति को अनुभवी स्थिति में नहीं लाते। 19सुनना, जानना, ये दोनों याद रहता है लेकिन स्वयं को उस स्थिति में मानकर चलना, इसमें मैजारिटी कभी अनुभवी और कभी सिर्फ मानने और जानने वाले बन जाते हैं।

5Brahmin souls are special in the Brahmin world and also in this world.

20इस अनुभव को बढ़ाने के लिये दो बातों के विशेष महत्व को जानो-एक स्वयं के महत्व को, दूसरा समय के महत्व को। 21स्वयं के प्रति बहुत जानते हो। 22अगर किसी से भी पूछेंगे कि आप कौन-सी आत्मा हो? 23वा अपने से भी पूछेंगे कि मैं कौन?

6This is why this is the world of special souls.

24तो कितनी बातें स्मृति में आयेंगी? 25एक मिनिट के अन्दर अपने कितने स्वमान याद आ जाते हैं? 26एक मिनिट में कितने याद आते हैं? 27बहुत याद आते हैं ना।

7The elevated attitude, elevated drishti and elevated actions of every Brahmin soul are instrumental in making every soul of the world into an elevated soul.

28कितनी लम्बी लिस्ट है-स्वयं के महत्व की! 29तो जानने में तो बहुत होशियार हो। 30सभी होशियार हो ना?

8Each soul has this special responsibility.

31फिर अनुभव करने में अन्तर क्यों पड़ जाता है? 32क्योंकि समय पर उस स्थिति के सीट पर सेट नहीं होते हो। 33अगर सीट पर सेट है तो कोई भी, चाहे कमज़ोर संस्कार, चाहे कोई आत्मायें, चाहे प्रकृति, चाहे किसी भी प्रकार की रॉयल माया अपसेट नहीं कर सकती। 34जैसे शरीर के रूप में भी बहुत आत्माओं को एक सीट पर वा स्थान पर एकाग्र होकर बैठने का अभ्यास नहीं होता तो वह क्या करेगा?

9So, does each one of you experience this to be your responsibility?

35हिलता रहेगा ना। 36ऐसे मन और बुद्धि को किसी भी अनुभव के सीट पर सेट होना नहीं आता तो अभी-अभी सेट होगा, अभी-अभी अपसेट।

10It is such a huge responsibility: the transformation of the entire world; not just the transformation of souls, but you even transform matter.

37शरीर को बिठाने के लिये स्थूल स्थान होता है और मन-बुद्धि को बिठाने के लिये श्रेष्ठ स्थितियों का स्थान है। 38तो बापदादा बच्चों का यह खेल देखते रहते हैं-अभी-अभी अच्छी स्थिति के अनुभव में स्थित होते हैं और अभी-अभी अपने स्थिति से हलचल में आ जाते हैं। 39जैसे छोटे बच्चे चंचल होते हैं तो एक स्थान पर ज्यादा समय टिक नहीं सकते। 40तो कई बच्चे यह बचपन के खेल बहुत करते हैं।

11You are numberwise in constantly having this awareness.

41अभी-अभी देखेंगे बहुत एकाग्र और अभी-अभी एकाग्रता के बजाय भिन्न-भिन्न स्थितियों में भटकते रहेंगे। 42तो इस समय विशेष अटेन्शन चाहिये-मन और बुद्धि सदा एकाग्र रहे।

12All Brahmin souls constantly have the thought within them that they should become number one special souls, but there is a difference created between their thoughts and their actions.

43एकाग्रता की शक्ति सहज निर्विघ्न बना देती है। 44मेहनत करने की आवश्यकता ही नहीं है। 45एकाग्रता की शक्ति स्वतः ‘एक बाप दूसरा न कोई’ ये अनुभूति सदा कराती है।

13The reason for this is that at the time of performing actions you do not stabilise your consciousness in your stage of being experienced.

46एकाग्रता की शक्ति सहज एकरस स्थिति बनाती है। 47एकाग्रता की शक्ति सदा सर्व प्रति एक ही कल्याण की वृत्ति सहज बनाती है। 48एकाग्रता की शक्ति सर्व प्रति भाई-भाई की दृष्टि स्वतः बना देती है। 49एकाग्रता की शक्ति हर आत्मा के सम्बन्ध में स्नेह, सम्मान, स्वमान के कर्म सहज अनुभव कराती है।

14You remember whatever you have heard and whatever you know, but to accept yourself in that stage and to move along according to that: the majority of you sometimes become experienced in this and sometimes you become those who only listen and accept.

50तो अभी क्या करना है? 51क्या अटेन्शन देना है? 52‘एकाग्रता’।

15In order to increase this experience, you must understand the special importance of two things.

53स्थित होते हो, अनुभव भी करते हो लेकिन एकाग्र अनुभवी नहीं होते। 54कभी श्रेष्ठ अनुभव में, कभी मध्यम, कभी साधारण, तीनों में चक्कर लगाते रहते हो। 55इतना समर्थ बनो जो मन-बुद्धि सदा आपके ऑर्डर अनुसार चले। 56स्वप्न में भी सेकण्ड मात्र भी हलचल में नहीं आये।

16One is the importance of the self and the other is the importance of the time.

57मन, मालिक को परवश नहीं बनाये। 58परवश आत्मा की निशानी है - उस आत्मा को उतना समय सुख, चैन, आनन्द की अनुभूति चाहते हुए भी नहीं होगी। 59ब्राह्मण आत्मा कभी किसी के परवश नहीं हो सकती, अपने कमज़ोर स्वभाव और संस्कार के वश भी नहीं। 60वास्तव में ‘स्वभाव’ शब्द का अर्थ है ‘स्व का भाव’।

17You know a great deal about the self.

61स्व का भाव तो अच्छा होता है, खराब नहीं होता। 62‘स्व’ कहने से क्या याद आता है? 63आत्मिक स्वरूप याद आता है ना।

18If any of you were to be asked what type of soul you are, or even if you ask yourself who you are, how many things would come into your awareness?

64तो स्व-भाव अर्थात् स्व प्रति व सर्व प्रति आत्मिक भाव हो।

19How many points of your stage of self­respect do you remember in a minute?

65जब भी कमज़ोरी वश सोचते हो कि मेरा स्वभाव वा मेरा संस्कार ही ऐसा है, क्या करूँ, है ही ऐसा… यह कौन-सी आत्मा बोलती है? 66यह शब्द वा संकल्प परवश आत्मा के हैं। 67तो जब भी यह संकल्प आये कि स्वभाव ऐसा है, तो श्रेष्ठ अर्थ में टिक जाओ। 68संस्कार सामने आये कि मेरा संस्कार…, तो सोचो क्या मुझ विशेष आत्मा के यह संस्कार हैं, जिसको मेरा संस्कार कह रहे हो?

20How many of these points do you remember?

69मेरा कहते हो तो कमज़ोर संस्कार भी मेरापन के कारण छोड़ते नहीं हैं। 70क्योंकि यह नियम है जहाँ मेरापन होता है वहाँ अपनापन होता है और जहाँ अपनापन होता है वहाँ अधिकार हाेता है। 71तो कमज़ोर संस्कार को मेरा बना लिया तो वो अपना अधिकार छोड़ते नहीं हैं। 72इसलिये परवश होकर बाप के आगे अर्जा डालते रहते हो कि छुड़ाओ-छुड़ाओ।

21You remember many points, do you not?

73‘संस्कार’ शब्द कहते याद करो कि अनादि संस्कार, आदि संस्कार ही मेरा संस्कार है। 74ये माया के संस्कार हैं, मेरे नहीं। 75तो एकाग्रता की शक्ति से परवश स्थिति को परिवर्तन कर मालिकपन की स्थिति की सीट पर सेट हो जाओ। 76योग में भी बैठते हैं, बैठते तो सभी रूचि से हैं लेकिन जितना समय, जिस स्थिति में स्थिति होना चाहते हैं, उतना समय एकाग्र स्थिति रहे, उसकी आवश्यकता है।

22The list of the importance of the self is such a long list.

77तो क्या करना है? 78किस बात को अण्डरलाइन करेंगे?

23So, all of you are very clever in knowing this.

79(एकाग्रता) एकाग्रता में ही दृढ़ता होती है और जहाँ दृढ़ता है वहाँ सफलता गले का हार है। 80अच्छा! 81चारों ओर के अलौकिक ब्राह्मण संसार की विशेष आत्माओं को, सदा श्रेष्ठ स्थिति के अनुभव की सीट पर सेट रहने वाली आत्माओं को, सदा स्वयं के महत्व को अनुभव करने वाले, सदा एकाग्रता की शक्ति से मन-बुद्धि को एकाग्र करने वाले, सदा एकाग्रता के शक्ति से ही दृढ़ता द्वारा सहज सफलता प्राप्त करने वाले सर्वश्रेष्ठ, सर्व विशेष, सर्व स्नेही आत्माओं को बापदादा का याद-प्यार और नमस्ते। 82अव्यक्त बापदादा की पर्सनल मुलाकात

24All of you are clever, are you not?

83ग्रुप.नं. 1 84उड़ती कला में जाने के लिए डबल लाइट बनो, कोई भी आकर्षणआकर्षित न करे

25Then, why is there a difference in having this experience?

85सभी अपने को वर्तमान समय के प्रमाण तीव्र गति से उड़ने वाले अनुभव करते हो?

26Because you are not stable on the seat of that stage at the right time.

86समय की गति तीव्र है वा आत्माओं के पुरूषार्थ की गति तीव्र है? 87समय आपके पीछे-पीछे है या आप समय के प्रमाण चल रहे हो?

27If you are set on your seat, no weak sanskars, no souls, no matter or any type of royal Maya is able to upset you.

88समय के इन्तजार में तो नहीं हो ना कि अन्त में सब ठीक हो जायेगा। 89सम्पूर्ण हो जायेंगे, बाप समान हो जायेंगे? 90ऐसे तो नहीं है ना!

28Even physically, in terms of the body, many souls do not have the practice of sitting still in one seat or one place.

91क्योंकि ड्रामा के हिसाब से वर्तमान समय बहुत तीव्र गति से जा रहा है, अति में जा रहा है। 92जो कल था उससे आज और अति में जा रहा है। 93यह तो जानते हो ना? 94जैसे समय अति में जा रहा है, ऐसे आप श्रेष्ठ आत्मायें भी पुरूषार्थ में अति तीव्र अर्थात् फास्ट गति से जा रहे हो?

29So, what do they do?

95कि कभी ढीले, कभी तेज?

30What would they do?

96ऐसे नहीं कि नीचे आकर फिर ऊपर जाओ। 97नीचे-ऊपर होने वाले की गति कभी एकरस फास्ट नहीं हो सकती। 98तो सदा सर्व बातों में श्रेष्ठ वा तीव्र गति से उड़ने वाले हो। 99वैसे गायन है ‘चढ़ती कला सर्व का भला’ लेकिन अभी क्या कहेंगे?

31They would keep on moving about.

100‘उड़ती कला, सर्व का भला’। 101अभी चढ़ती कला का समय भी समाप्त हुआ, अभी उड़ती कला का समय है। 102तो उड़ती कला के समय कोई चढ़ती कला से पहुँचना चाहे तो पहुँच सकेगा? 103नहीं।

32In the same way, when the mind and intellect do not know how to set themselves on the seat of any one experience, then, one moment they will be set, and the next moment they will be upset.

104तो सदा उड़ती कला हो। 105उड़ती कला की निशानी है सदा डबल लाइट। 106डबल लाइट नहीं तो उड़ती कला हो नहीं सकती। 107थोड़ा भी बोझ नीचे ले आता है।

33The seat for the body is a physical place and the seat for the mind and intellect is the elevated stage.

108जैसे प्लेन में जाते हैं, उड़ते हैं तो अगर मशीनरी में या पेट्रोल में जरा भी कचरा आ गया तो क्या हालत होती है? 109उड़ती कला से गिरती कला में आ जाता है। 110तो यहाँ भी अगर किसी भी प्रकार का बोझ है, चाहे अपने संस्कारों का, चाहे वायुमण्डल का, चाहे किसी आत्मा के सम्बन्ध-सम्पर्क का, कोई भी बोझ है तो उड़ती कला से हलचल में आ जाता है। 111कहेंगे वैसे तो मैं ठीक हूँ लेकिन ये कारण है ना इसीलिये ये संस्कार का, व्यक्ति का, वायुमण्डल का बंधन है।

34So, BapDada continues to watch this game of the children.

112लेकिन कारण कैसा भी हो, क्या भी हो, तीव्रपुरुषार्थी सभी बातों को ऐसे क्रॉस करते हैं जैसे कुछ है ही नहीं। 113मेहनत नहीं, मनोरंजन अनुभव करेंगे।

35One minute, you stabilise yourself in the experience of a good stage, and the next minute, you fluctuate in your stage.

114तो ऐसी स्थिति को कहा जाता है उड़ती कला। 115तो उड़ती कला है या कभी-कभी नीचे आने का, चक्कर लगाने का दिल हो जाता है।

36Little children who are very mischievous are not able to remain stable in one place for long.

116कहीं भी लगाव नहीं हो। 117जरा भी कोई आकर्षण आकर्षितनहीं करे।

37Some children play these childhood games a great deal.

118रॉकेट भी तब उड़ सकता है, जब धरती की आकर्षण से परे हो जाये। 119नहीं तो ऊपर उड़ नहीं सकता। 120न चाहते भी नीचे आ जायेगा। 121तो कोई भी आकर्षण ऊपर नहीं ले जा सकती।

38If you look at them, one minute they are very concentrated, and the next minute instead of being concentrated, they will be wandering through many different stages.

122सम्पूर्ण बनने नहीं देगी। 123तो चेक करो संकल्प में भी कोई आकर्षणआकर्षित नहीं करे। 124सिवाए बाप के और कोई आकर्षण नहीं हो। 125पाण्डव क्या समझते हैं?

39Therefore, at this time, you need to pay special attention so that the mind and intellect remain constantly concentrated.

126ऐसे तीव्र पुरुषार्थीबनो। 127बनना तो है ही ना। 128कितने बार ऐसे बने हो? 129अनेक बार बने हो।

40The power of concentration easily frees you from obstacles so that there is no need to labour.

130आप ही बने हो या दूसरे बने हैं? 131आप ही बने हो। 132तो नम्बरवार में तो नहीं आना है ना, नम्बरवन में आना है। 133मातायें क्या करेंगी?

41The power of concentration constantly gives you the experience of belonging to one Father and none other.

134नम्बरवन या नम्बरवार भी चलेगा? 135108 नम्बर भी चलेगा? 136108 नम्बर बनेंगे कि पहला नम्बर बनेंगे?

42The power of concentration easily enables you to create a constant stage.

137अगर बाप के बने हैं, अधिकारी बने हैं तो पूरा वर्सा लेना है या थोड़ा कम? 138फिर तो नम्बरवन बनेंगे ना।

43The power of concentration easily enables you to have the constant attitude of benevolence for all.

139दाता फुल दे रहा है और लेने वाला कम ले तो क्या कहेंगे? 140इसलिये नम्बरवन बनना है।

44The power of concentration naturally creates the vision of brotherhood towards all.

141नम्बरवन चाहे एक ही हो लेकिन नम्बरवन डिविजन तो बहुत हैं ना। 142तो सेकण्ड में नहीं आना है। 143लेना है तो पूरा लेना है। 144अधूरा लेने वाले तो पीछे-पीछे बहुत आयेंगे।

45The power of concentration makes you easily experience love, regard and respectful behaviour in your relations with every soul.

145लेकिन आपको पूरा लेना है। 146सभी पूरा लेने वाले हो या थोड़े में राजी होने वाले हो? 147जब खुला भण्डार है और अखुट है तो कम क्यों लें? 148बेहद है ना, हद हो कि 8 हजार इसको मिलना है, 10 हजार इसको मिलना है तो कहेंगे भाग्य में इतना ही है, लेकिन बाप का खुला भण्डार है, अखुट है, जितना लेना चाहे ले सकते हैं फिर भी अखुट है।

46So, what do you wish to do now?

149अखुट खज़ाने के मालिक हो।

47What attention must you maintain?

150बालक सो मालिक हो। 151तो सभी सदा खुश रहने वाले हो ना कि थोड़ा-थोड़ा कभी दुःख की लहरआती है? 152दुःख की लहर स्वप्न में भी नहीं आ सकती। 153संकल्प तो छोड़ो लेकिन स्वप्न में भी नहीं आ सकती।

48Concentration.

154इसको कहा जाता है नम्बरवन। 155तो क्या कमाल करके दिखायेंगे? 156सभी नम्बरवन आकर दिखायेंगे ना?

49You become stable and you have that experience, but you are not concentrated on your experience.

157वैसे भी दिल्ली को दिल कहते हैं। 158तो जैसा दिल होगा वैसा शरीर चलेगा। 159आधार तो दिल होता है ना। 160दिल है दिलाराम की दिल।

50You constantly tour around in three stages: sometimes your experience is elevated, sometimes of the middle level, and sometimes of the ordinary level.

161तो दिल की गद्दी यथार्थ चाहिये ना, नीचे-ऊपर नहीं चाहिये। 162तो नशा है ना कि हम दिलाराम का दिल हैं।

51Become so powerful that your mind and intellect remain constantly under your orders, so they do not fluctuate for a second even in your dreams.

163तो अभी अपने श्रेष्ठ संकल्पों से स्वयं को और विश्व को परिवर्तन करो। 164संकल्प किया और कर्म हुआ। 165ऐसे नहीं, सोचा तो बहुत था, सोचते तो बहुत हैं, लेकिन होता बहुत कम है, वे तीव्रपुरुषार्थी नहीं हैं। 166तीव्र पुरुषार्थीअर्थात् संकल्प और कर्म समान हो तब ही बाप समान कहेंगे।

52The mind should not bring its master under the influence of others.

167खुश हैं और सदा खुश रहेंगे। 168यह पक्का निश्चय है ना। 169खुश रहने वाले ही खुशनसीब हैं। 170यह पक्का है या थोड़ा-थोड़ा कच्चा हो जाता है?

53The sign of a soul under another influence is that such a soul will not be able to experience happiness, comfort or bliss even when he wants to for that period of time.

171कच्चीचीज़ अच्छी लगती है? 172पक्के को पसन्द किया जाता है। 173तो पूरा ही पक्का रहना है। 174रोज अमृतवेले यह पाठ पक्का करो कि कुछ भी हो जाये खुश रहना है, खुश करना है।

54Brahmin souls should never come under the influence of another; not even under the influence of their own sanskars or weak nature.

175अच्छा और कोई खेल नहीं दिखाना। 176यही खेल दिखाना, और-और खेल नहीं करना। 177अच्छा! 178ग्रुप.नं. 2

55In fact, the meaning of one's nature (swabhav) is feelings (bhav) for the self (swa).

179अपकारी पर भी उपकार करना - यही ज्ञानी तू आत्मा का कर्तव्य है 180विश्व कल्याण के कार्य अर्थ निमित्त आत्मा हूँ, ऐसे निमित्त समझ हर कार्य मैं करते हो? 181जो विश्व कल्याण के निमित्त आत्मा हैं वो स्वयं-स्वयं के प्रति अकल्याणकारी संकल्प भी नहीं कर सकते। 182क्योंकि विश्व की जिम्मेवार आप निमित्त आत्माओं की वृत्ति से वायुमण्डल परिवर्तन होना है।

56The feelings for the self are always good, not bad.

183तो जैसा संकल्प होगा वैसी वृत्ति जरूर होती है।

57What do you remember when you say ‘swa’ (the self)?

184कभी भी किसी के प्रति वा अपने प्रति कोई भी व्यर्थ संकल्प है तो वृत्ति में क्या होगा? 185वही भाव वृत्ति में होगा और वही कर्म स्वतः ही होगा। 186तो एक सेकेण्ड भी वृत्ति व्यर्थ नहीं बना सकते। 187एक सेकेण्ड भी व्यर्थ संकल्प नहीं कर सकते क्योंकि आपके पीछे विश्व की जिम्मेवारी है।

58You remember your form of the soul, do you not?

188ऐसे समझते हो? 189कि ये बाप कीजिम्मेवारी है आपकी नहीं?

59So swabhav (nature) means to have soul­conscious feelings for the self and for everyone else.

190ऐसा समझते हो या सोचते हो कि हम तो छोटे हैं तो छोटी जिम्मेवारी है। 191नहीं, बड़ी जिम्मेवारी उठाई है। 192तो विश्व कल्याणकारी। 193जैसे बाप, वैसे बच्चे।

60Whenever you think of your nature or your sanskars while under the influence of your weaknesses ­ such as that your sanskars and your nature are like that, "What can I do?

194कैसी भी परिस्थिति हो, कोई भी व्यक्ति हो लेकिन स्व की भावना, स्व की वृत्ति कौन सी है?

61My nature is like that," ­ then what type of a soul is saying this?

195विश्व कल्याणकारी। 196इतना याद रहता है या अलबेले भी हो जाते हो?

62These are the words and thoughts of a soul under an external influence.

197तो अलबेले नहीं होना। 198विश्व कल्याणकारी विश्व के राज्य अधिकारी बन सकते हो।

63So whenever you think that your nature is like that, stabilise yourself in the elevated meaning of the word.

199अगर विश्व कल्याण की भावना नहीं तो विश्व राज्य का भी अधिकार नहीं। 200सम्बन्ध है ना। 201तो सदा सर्व प्रति शुभ भावना, शुभ कामना हो। 202हो सकती है?

64If your sanskars come in front of you, then ask yourself: Are these the sanskars of me, a special soul, that I am saying that these are my sanskars?

203आपकी कोई ग्लानि करे तो भी शुभ कामना रख सकते हो? 204कोई गाली दे तो भी शुभ भावना रखेंगे? 205कि थोड़ा-सा मन में आयेगा?

65Because you call them your sanskars, because of having the consciousness of ‘mine’ you do not let go of even weak sanskars.

206थोड़ा-सा तो आयेगा ना कि ये क्या करता है, ये क्या करती है? 207कोई आपका कल्याण करे और कोई आपका अकल्याण करे तो दोनों समान लगेगा? 208थोड़ा तो फर्क होगा ना?

66It is a law that where there is the consciousness of ‘mine’, there is the feeling of belonging, and where there is the feeling of belonging, there is a right.

209कोई रोज आपकी ग्लानि करे, एक साल तक करे और एक साल तक भी नहीं बदले तो आप कल्याण करेंगे? 210वो अकल्याण करे, आप कल्याण करेंगे? 211ऐसे करते हैं या थोड़ा-सा मुंह ऐसे (किनारा) हो जाता है? 212चलो, घृणा भाव नहीं हो लेकिन मन से किनारा करेंगे कि यह ठीक नहीं है या उसको ठीक करेंगे?

67So you have made weak sanskars your own, and so they do not let go of their right.

213क्या करेंगे? 214ठीक करेंगे? 215करेंगे - यह कहना तो सहज है लेकिन करते हो? 216अपकारी पर भी उपकार।

68Therefore, while being under another influence you keep requesting the Father to set you free.

217यही ज्ञानी तू आत्मा का कर्तव्य है। 218बाप ने आपका अकल्याण देखा? 219कितने जन्म बाप को गाली दी? 22063 जन्म दी।

69When you use the word ‘sanskar’, remember that your sanskars are the original and eternal sanskars.

221फिर बाप ने ग्लानि को भी कल्याणकारी दृष्टि से देखा। 222तो फॉलो फादर है ना। 223उपकारी पर उपकार तो दुनिया वाले भी करते हैं, भक्त आत्मा भी करते हैं। 224लेकिन ज्ञानी तू आत्मा उनसे श्रेष्ठ है।

70Those are the sanskars of Maya, not your own.

225तो आप कौन हो? 226ज्ञानी तू आत्मा हो या ज्ञानी तू आत्मा बन रहे हो? 227सभी हैं कि आधा भक्त, आधाज्ञानी? 228पूरे ज्ञानी तू आत्मा हो या थोड़ा-थोड़ा भक्त भी हो?

71So, with the power of concentration, transform the stage of being under another influence and become set on the seat of the stage of a master.

229नहीं, ज्ञानी तू आत्मा। 230तो ज्ञानी तू आत्मा का अर्थ ही है सर्व के प्रति कल्याण की भावना। 231अकल्याण संकल्प मात्र भी नहीं हो।

72When you sit in yoga, all of you sit with interest, but there is a need to have the stage of concentrating in a particular stage for as long as you want.

232विश्व कल्याणकारी हैं तो मालिक हो गये ना। 233मालिक के आगे सभी जैसे बच्चे हुए ना। 234तो बाप बच्चों के ऊपर कल्याण की, रहम की भावना रखेगा। 235कैसा भी बच्चा होगा लेकिन बाप का फर्ज क्या है?

73So, what do you have to do now?

236रहम और कल्याण की भावना। 237इसीलिये बाप की महिमा में रहमदिल विशेष गाया हुआ है। 238चाहे देश में, चाहे विदेश में बाप के आगे जायेंगे तो रहम दिल, मर्सीफुल कहेंगे। 239किसी भी चर्च में जायेंगे, कहीं भी जायेंगे तो मर्सीफुल कहते हैं ना।

74What aspect will you underline?

240तो आप सभी भी रहमदिल हो ना। 241तो जो रहमदिल होगा वही कल्याण कर सकता है। 242और बाप को सबमें सागर कहते हैं। 243क्षमा का सागर, रहम का सागर…।

75(Concentration).

244सागर का अर्थ क्या है? 245अथाह, बेहद। 246तो इतना अथाह यानी बेहद का रहम है? 247सभी रहमदिल हो या घृणादिल भी है?

76Within concentration there is determination and where there is determination success will become the garland around the neck.

248नहीं।

249नॉलेजफुल आत्मा अर्थात् ज्ञानी तू आत्मा सदैव हर एक के प्रति मास्टर स्नेह का सागर है। 250बिना स्नेह के उसके पास और कुछ है नहीं। 251कोई भी आयेगा तो उसे स्नेह ही तो देंगे ना। 252और आपके पास क्या है!

77Achcha.

253सच्चा स्नेह है और आजकल सम्पत्ति से भी ज्यादा स्नेह की आवश्यकता है। 254तो स्नेह का खज़ाना जमा होगा तभी तो दूसरे को देंगे ना। 255अगर अपने जितना ही होगा तो दूसरे को क्या देंगे! 256इसीलिये सबमें मास्टर हो।

78To the special souls of the alokik Brahmin world everywhere, to the souls who constantly remain set on the seat of the experience of an elevated stage, to the souls who constantly experience the importance of the self, to those who constantly make the mind and intellect stable with the power of concentration, to those with the power of concentration who attain success easily with determination, to the most elevated, the most special and most loved souls, love, remembrance and namaste from BapDada.

257स्नेह में भी मास्टर स्नेह के सागर। 258तो इतना स्नेह जमा है या कम है?

79Personal meeting with Avyakt BapDada:

259दाता के बच्चे हो ना। 260तो दाता के बच्चे क्या करते हैं? 261देते हैं। 262ले करके देना वो देना नहीं हुआ।

80In order to go into the flying stage, become double­light.

263लिया और दिया तो वो बिजनेस हो गया। 264बिजनेस में पहले लेते हैं फिर देते हैं।

81No form of attraction should attract you.

265तो आप दाता के बच्चे हो ना। 266लेकरके देना, तो देने का महत्व नहीं है। 267उसको दाता नहीं कहेंगे। 268कोई दे तो हम देवें, यह नहीं।

82According to the present time, do all of you experience yourselves to be flying at a fast speed?

269दाता के बच्चे देते जाओ। 270कोई भी खाली नहीं जाये। 271अथाहखज़ाना है ना। 272जिसको जो चाहिये देते जाओ।

83Is the speed of time fast or is the speed of the effort of souls fast?

273किसी को शान्ति चाहिये, किसी को खुशी चाहिये, किसी को स्नेह चाहिये, देते जाओ। 274ऐसे है कि हिसाब रखते हो, इसने कितना दिया, मैंने कितना दिया? 275हिसाब तो नहीं रखते ना? 276खुला खाता है, हिसाब किताब का खाता नहीं है।

84Is time behind you or are you moving along according to the time?

277दाता के बच्चे हो या थोड़ी-थोड़ी कंजूसी करते हो? 278अच्छा, कंजूस नहीं तो हिसाब-किताब रखने वाले हो? 279इसने ये किया तब ही मैंने यह किया, यह भी हिसाब का खाता हुआ ना। 280दाता के दरबार में इस समय सब खुला है।

85You are not waiting for time, thinking that everything will be fine by the end, that you will become complete then and that you will become equal to the Father then, are you?

281इस समय हिसाब-किताब नहीं है, जितना चाहिये लो, जितना चाहिये दो। 282धर्मराजपुरी में हिसाब किताब है, अभी नहीं। 283तो याद रखना कि दाता के बच्चे हैं, देना है। 284वहाँ जाकर हिसाब का चौपड़ा शुरू नहीं कर देना।

86You do not think that, do you?

285अच्छा, ये वैराइटी ग्रुप है। 286जहाँ से भी आये हो लेकिन एक बाप के हैं, एक परिवार है।

87According to the drama, the present time is moving very fast.

287डबल विदेशी क्या समझते हैं?

88It is going into the extreme.

288एक परिवार है ना? 289या डबल विदेशी अलग हैं और देश वाले अलग हैं? 290नहीं। 291सभी एक हैं।

89Whatever it was yesterday, today it is even more extreme than that.

292चाहे डबल विदेशी हैं, चाहे देश वाले हैं लेकिन सभी कहेंगे हम ब्रह्मा कुमार और ब्रह्माकुमारी हैं। 293विदेश में और कोई नाम तो नहीं कहते ना। 294एक ही हैं ब्रह्माकुमार और ब्रह्माकुमारी। 295तो एक ही परिवार हो गया ना।

90You know this, do you not?

296और एक ही परिवार में कितनी खुशी है। 297इतना बड़ा परिवार सारे कल्प में नहीं मिलता है। 298सतयुग में इतना बड़ा परिवार होगा? 299तीन लाख, चार लाख का होगा।

91Just as time is going into its extreme, in the same way, are you elevated souls also going so intensely, that is, at such a fast speed in your efforts?

300वहाँ होंगे ही दो बच्चे और माँ बाप और यहाँ देखो कितना बड़ा परिवार है। 301बेहद का परिवार देख खुशी होती है ना। 302देखो विदेश से भी भाग-भागकर क्यों आते हैं? 303बाप से और परिवार से मिलने।

92Or, are you sometimes slack and sometimes fast?

304तो सब खुश हो? 305कोई नाराज़तो नहीं? 306नाराज़क्यों होते हैं? 307राज़नहीं जानते हैं तो नाराज़होते हैं।

93It should not be that you come down and then you go up.

308कोई नाराज़हो तो समझो कोई राज़को नहीं समझा। 309राज़को जानने वाले नाराज़नहीं होते। 310अच्छा! 311ग्रुप.नं. 3

94Those who keep going up and down cannot have a fast and steady speed.

312अपनी श्रेष्ठ स्थिति बनाने के लिए अमृतवेले तीन बिन्दियों का तिलक लगाओ 313सदा अमृतवेले स्वयं को तीन बिन्दियों का तिलक देते हो?

95So, you are those who always fly in every situation at an elevated and fast speed.

314तिलक का अर्थ क्या है? 315स्मृति का तिलक। 316तो तिलक का बहुत महत्व होता है। 317तिलक राज्य की भी निशानी है।

96It is remembered: There is benefit for everyone due to the stage of ascent.

318जब राज्य देते हैं तो राज तिलक कहा जाता है और भक्ति में भी तिलक की निशानी जरूर रखेंगे और सुहाग और भाग्य की निशानी भी तिलक है। 319तो तिलक का महत्व है। 320क्योंकि तिलक स्मृति की निशानी है। 321तो ज्ञान मार्ग में भी स्मृति का ही महत्व है ना।

97However, what would you say now?

322जैसी स्मृति वैसी स्थिति होती है।

98There is benefit for everyone due to the flying stage.

323अगर स्मृति श्रेष्ठ है तो स्थिति भी श्रेष्ठ होगी। 324अगर स्मृति व्यर्थ है तो स्थिति भी समर्थ की बजाय व्यर्थ हो जाती है। 325तो बाप ने तीन बिन्दियों का तिलक अर्थात् तीन स्मृतियों का तिलक दिया है। 326क्योंकि तीनों ही स्मृति आवश्यक हैं और तीनों ही बिन्दी सहज हैं।

99The time for the stage of ascent has also now finished.

327छोटे बच्चे को भी कहो कि बिन्दी लगाओ तो लगा देगा ना। 328तो मैं आत्मा हूँ, यह स्व की स्मृति फिर बाप की स्मृति और फिर श्रेष्ठ कर्म के लिये ड्रामा की स्मृति। 329ड्रामा चलता रहता है, बीत जाता है। 330जो अभी प्रेजन्ट है वो सेकण्ड में पास्ट हो जाता है।

100It is now the time for the flying stage.

331तो बीत जाता है इसीलिये बीती सो बीती, फुलस्टॉप (.)। 332तो बिन्दी हो गई ना। 333तो यह तीनों स्मृति सदा हैं तो स्थिति भी श्रेष्ठ है।

101If, at the time of the flying stage, someone wants to reach somewhere with the stage of ascent, would he be able to reach there?

334सिर्फ आत्मा की स्मृति नहीं। 335आत्मा के साथ बाप की स्मृति है ही है और बाप के साथ ड्रामा की स्मृति भी अति आवश्यक है। 336अगर ड्रामा का ज्ञान नहीं है तो भी कर्म में नीचे-ऊपर होंगे। 337जो भी भिन्न-भिन्न परिस्थितियां आती हैं, उसमें ड्रामा का ज्ञान अति आवश्यक है।

102No.

338अनुभवी हो ना। 339क्या स्मृति रहती है? 340होना ही है,नथिंगन्यु।

103So, let there always be the flying stage.

341पहले से ही जानते हैं कि यह होना है तो विचलित नहीं होंगे। 342जब नॉलेज है कि होना ही है तो खेल समझकर देखेंगे। 343तूफान नहीं लेकिन खेल है। 344नाटक में भी तूफान, बाढ़ सब देखते हैं ना, लेकिन विचलित होते हैं क्या?

104The sign of the flying stage is to be always double­light.

345क्योंकि समझते हैं कि यह ड्रामा है। 346तो अचल हो या थोड़ा-थोड़ा हिलते हो? 347क्यों, क्या होता है? 348क्या होगा, कैसे होगा … यह आता है?

105If you are not double­light, you cannot have the flying stage.

349जब ड्रामा का ज्ञान है तो अचल-अडोल हैं। 350ड्रामा का ज्ञान नहीं तो हलचल है। 351तो सभी सदा अचल हो? 352अभी नहीं लेकिन सदा।

106The slightest burden will bring you down.

353‘सदा’ शब्द नहीं भूलना। 354सदा माना अविनाशी। 355सदाकाल वाले या कभी-कभी वाले? 356माताओं को कभी थोड़ा-थोड़ा मोह नहीं आता?

107When travelling by plane, if there is the slightest bit of rubbish in the machinery or in the petrol, what would be its condition?

357थोड़ा-थोड़ा मेरापन नहीं आता? 358जहाँ मेरापन होगा वहाँ हलचल होगी। 359हद का मेरा नहीं। 360बेहद का मेरा, वह है मेरा बाबा।

108The plane would come down from the flying stage into the falling stage.

361हद का मेरा-मेरा बहुत है। 362तो हद का मेरापन नहीं है? 363पाण्डव क्या समझते हैं? 364मेरी रचना, मेरी दुकान, मेरा पैसा, मेरा घर, कुछ नहीं आता?

109So, here, too, if there is any type of burden, whether of your sanskars, of any type of atmosphere or of any relationship or connection with any soul, then, from the flying stage, you would come into upheaval.

365सब तेरा कर दिया कि थोड़ा किनारे रखा है? 366अगर थोड़ा भी किनारे रखा तो जो मंज़िल का किनारा है वह नहीं मिलेगा। 367तो मेरा-मेरा समाप्त।

110You would say, “I am fine, but because of this reason, there is the bondage of this sanskar, person, atmosphere.

368सदा स्मृति के तिलकधारी आत्मायें। 369तो जहाँ स्मृति है वहाँ समर्थीहै। 370स्मृति नहीं तोसमर्थी भी नहीं। 371तो सभी सन्तुष्ट हो या कोई असन्तुष्टता है?

111No matter what the reason may be, intense effort­makers would cross all situations in such a way as though it is nothing.

372अनेक जन्म असन्तुष्ट रहे, अब भी असन्तुष्ट रहे तो क्या कहेंगे?

112They would not experience it to be labour, but entertainment.

373इसलिये सदा सन्तुष्ट। 374अच्छा! 375ग्रुप.नं. 4

113Such a stage is called the flying stage.

376खुशियों के सागर के बच्चे हो इसलिए दुःखधाम को सदा के लिए विदाई दे दो 377सदा ये नशा रहता है कि हम भाग्य विधाता के बच्चे हैं? 378भाग्य विधाता बाप स बन गया और क्या चाहिये? 379सब चाहनायें पूरी हो गई कि और रही हुई हैं?

114So, do you have the flying stage?

380नशा सदा बढ़ता जाता है या कभी कम होता है, कभी बढ़ता है? 381जब माया आती है तब फिर क्या करते हैं?

115Or, do you sometimes desire to come down and tour around?

382फिर कम होता है? 383माया तो अन्त तक आनी ही है।

116There should not be attachment to anything.

384क्योंकि माया नहीं आये तो मायाजीत कैसे कहलायेंगे? 385तो माया का आना, ये तो होना ही है लेकिन आपका काम है मायाजीत बनना। 386मायाजीत हो या कभी हार, कभी जीत? 387अभी बहुतकाल से मायाजीत बनने का समय है।

117No attraction should attract you even slightly.

388कभी हार, कभी जीत नहीं, सदा माया जीत। 389अभी तक हिन्दी नहीं समझते हो!

118A rocket is able to fly high when it goes beyond the pull of the gravity of Earth.

390क्योंकि सतयुग में जाना है, वहाँ आपकी यह भाषा नहीं होगी। 391आप सबकी आदि भाषा हिन्दी है ना। 392तो बोलना नहीं भी आवे तो समझना तो आवे ना। 393तो कौन हिन्दी समझता है हाथ उठाओ।

119Otherwise, it is not able to fly high.

394समझने के लिये पुरूषार्थ करो। 395क्योंकि बाप जिस भाषा में बोलते हैं वह भाषा तो समझनी चाहिये ना। 396वैसे भी देखो अगर इंगलिश बोलने वाले माँ-बाप होंगे तो बच्चे भी क्या सीखेंगे? 397तो बाप की भाषा तो समझनी चाहिये।

120It would come down even when it doesn’t want to.

398अच्छा! 399सदा खुश रहने वाले तो हो ही।

121Any form of attraction will not allow you to go up.

400खुश रहने वाली आत्मायें बाप को भी प्यारी हैं। 401क्योंकि बाप सदा खुश रहने वाले हैं, खुशी के सागर हैं तो बच्चे भी खुश रहते हैं तो बाप को भी खुशी होती है। 402तो दुःख को सदा के लिये विदाई दे दी ना। 403या कभी-कभी निमन्त्रण दे देते हो?

122It will not allow you to become perfect.

404दुःख की दुनिया से निकल चुके। 405दुःखधाम में रहते हो क्या? 406कहाँ रहते हो? 407संगमयुग पर, दुःखधाम में नहीं।

123So check: No attraction should attract you even in your thoughts.

408दुनिया वाले दुःखधाम में हैं लेकिन आप संगमयुग, खुशियों का युग, मौजों का युग, उसमें हो। 409ऐसे है?

124Apart from the Father, there should be no other attraction.

410कभी गलती से दुःखधाम में तो नहीं चले जाते? 411कभी थोड़ी-थोड़ी दिल होती है? 412तो नशा रहता है कि हम संगमयुगी श्रेष्ठ ब्राह्मण आत्मायें हैं? 413इसलिये ब्राह्मणों को सदा ही ऊंची चोटी दिखाते हैं।

125What do the Pandavas think?

414तो जैसे ऊंचे से ऊंचे गाये हुए हो वैसे सदा ऊंची स्थिति भी हो। 415साधारण स्थिति नहीं, सदा ऊंची स्थिति। 416कभी साधारण स्थिति में तो नहीं आ जाते? 417बाप मिला सब कुछ मिला-यही स्मृति सदा ऊंचा बना देती है।

126Become such intense effort­makers.

418ये याद रहता है ना। 419ये आटोमेटिक गीत बजता ही रहता है।

127You have to become that, do you not?

420तो कितना सहज और सर्व प्राप्ति कर ली।

128How many times have you become that?

421मेहनत करनी पड़ी? 422थोड़ी-थोड़ी मेहनत लगती है?

129You have become that countless times.

423टाइटल ही है सहजयोगी। 424कोई अपने को कहता है मैं मुश्किल योगी हूँ।

130Have you become that or has someone else become that?

425दुनिया वाले कहते हैं कि कष्ट के बिना परमात्मा नहीं मिल सकता और आप क्या कहते हो? 426घर बैठे बाप मिल गया। 427बाप के घर में तो पीछे आते हो, पहले तो घर बैठे बाप मिला। 428इतना सहज सोचा नहीं था लेकिन मिल गया।

131You have become that.

429तो सदा यही याद रखना कि हम भाग्य विधाता के बच्चे हैं।

132You are not going to be numberwise, are you?

430सदा अपना भाग्य याद आने से खुश रहेंगे और खुशियां बांटेंगे। 431ग्रुप.नं. 5

133You are going to claim number one, are you not?

432चिंताओं से फ्री सदा निश्चिंत वा बेफ़्रिक बादशाह रहने के लिए निश्चयबुद्धि बनो 433सदा अपने को कल्प-कल्प की अधिकारी आत्मा अनुभव करते हो? 434अनेक बार यह अधिकार प्राप्त किया है और आगे के लिये भी निश्चित है कि कल्प-कल्प करते ही रहेंगे। 435यह पक्का निश्चय है ना।

134What will the mothers do?

436क्योंकि निश्चय है इस ब्राह्मण जीवन का फाउन्डेशन।

135Will you claim number one or will numberwise be all right?

437अगर निश्चय का फाउन्डेशन पक्का है तो कभी भी हिलेंगे नहीं। 438चाहे कितने भी तूफान आ जाये, चाहे कितने भी भूकम्प हो जायें लेकिन हिलेंगे नहीं। 439क्योंकि फाउन्डेशन पक्का है। 440अभी भी देखो, प्रकृति का भूकम्प आता है तो कौन सी बिल्डिंग गिरती है?

136Will the 108th number be all right?

441जो कच्ची होती है। 442पक्के फाउन्डेशन वाली नहीं गिरेगी।

137Will you become the 108th number or number one?

443तो आपका फाउन्डेशन कितना पक्का है? 444हिलने वाला है क्या? 445हिलेगी नहीं लेकिन थोड़ी दरार आ जायेगी? 446थोड़ी भी नहीं।

138Now that you belong to the Father and have claimed a right, are you going to claim the full inheritance or a little less?

447क्योंकि कोई तो गिर जाते हैं कोई गिरते नहीं लेकिन थोड़ी दरार आ जाती है। 448तो आप उनसे भी पक्के हो। 449तो निश्चय की निशानी है-हर कार्य में मंसा में भी, वाणी में भी, कर्म में भी, सम्बन्ध-सम्पर्क में भी हर बात में सहज विजय हो। 450मेहनत करके विजयी बने, वह विजय नहीं है।

139Then you will become number one, will you not?

451सहज विजयी। 452तो निशानी दिखाई देती है या विजय प्राप्त करने में मेहनत लगती है? 453कभी सहज, कभी मेहनत?

140When the Bestower is giving fully but those who are receiving take a little less, what would you say?

454लेकिन निश्चय की निशानी है सहज विजय। 455अगर मेहनत लगती है तो समझो कुछ मिक्स है। 456संशय नहीं भी हो लेकिन कुछ व्यर्थ मिक्स है इसलिये सहज विजय नहीं होती। 457नहीं तो विजय निश्चयबुद्धि आत्माओं के लिये तो सदा एवररेडी है।

141This is why you have to become number one.

458उसका स्थान ही वह है। 459जहाँ निश्चय है, वहाँ विजय होगी। 460निश्चय वालों के पास ही जायेगी ना। 461तो निश्चय सब बातों में चाहिये।

142Even if there is only one who is number one, there are many in the number one division.

462सिर्फ बाप में निश्चय नहीं। 463लेकिन अपने आपमें भी निश्चय, ब्राह्मण परिवार में भी निश्चय, ड्रामा के हर दृश्य में भी निश्चय। 464तभी कहेंगे कि सम्पूर्ण निश्चयबुद्धि। 465अगर बाप में निश्चय है लेकिन अपने में नहीं है, चलते-चलते अपने से दिलशिकस्त होते हैं तो निश्चय नहीं है तब तो होते हैं।

143So, you mustn’t come in the second number.

466तो वह भी अधूरा निश्चय हुआ। 467बाप में भी है, अपने आपमें भी है लेकिन परिवार में नहीं है।

144If you are going to claim something, claim it fully.

468परिवार के कारण डगमग होते हैं। 469तो भी अधूरा निश्चय कहेंगे। 470ड्रामा में भी फुल निश्चय हो।

145Many who do not claim fully will follow later.

471जो हुआ सो अच्छा हुआ। 472इसको कहते हैं ड्रामा में निश्चय।

146However, you are going to claim fully.

473ऐसे सम्पूर्ण निश्चयबुद्धि हैं? 474कभी तो फुल है, कभी आधा है।

147Are all of you those who will claim fully?

475जब अनेक बार का नशा है तो अनेक बार विजयी बने हो, अब रिपीट कर रहे हो। 476कोई नई बात नहीं कर रहे हो, रिपीट कर रहे हो। 477तो रिपीट करना तो सहज होता है ना। 478तो निश्चयबुद्धि विजयी-सदा यह स्मृति में रहे।

148Or will you be happy by receiving just a little?

479निश्चय भी है और विजय भी है। 480ये नशा हो कि हमारी विजय नहीं होगी तो किसकी होगी।

149Since the treasure­store is open and it is limitless, why should you take any less?

481विजय है और सदा होगी। 482तो अटल निश्चय हो।

150It is unlimited, is it not?

483टलने वाला नहीं हो, थोड़ी सी बात हुई और निश्चय अटल नहीं रहे, ऐसा निश्चय नहीं हो। 484अटल निश्चय तो अटल विजय होगी। 485विजय की भावी टल नहीं सकती। 486अटल है।

151If it were limited and someone were to receive 8,000 and another was to receive 10,000, then it would be said that that is all they have in their fortune.

487तो ऐसे निश्चयबुद्धि सदा हर्षित रहेंगे, निश्चिंत रहेंगे। 488क्योंकि चिन्ता खुशी को खत्म करती है। 489और निश्चिन्त हैं तो खुशी सदा रहेगी।

152However, the Father’s treasure­store is open and limitless; you can take as much as you want.

490तो निश्चयबुद्धि की दूसरी निशानी है निश्चिन्त। 491नहीं तो थोड़ी बात भी होगी तो चिन्ता होगी कि ये क्या हुआ, ये ऐसा हुआ। 492इस क्यों क्या से भी निश्चिन्त। 493क्या, क्यों, कैसे-ये चिन्ता की लहर है।

153Even then, it is infinite.

494अभी बड़ी चिन्ता नहीं होगी, इस रूप में होगी। 495होना नहीं चहिये था, हो गया, ऐसा, वैसा, क्यों, क्या, कैसा, ये शब्द बदल जाते हैं। 496तो ऐसा है कि कभी-कभी क्वेश्चन मार्क होता है? 497कई कहते हैं ना कि मेरे पास ही ये क्यों होता है?

154You are the masters of the infinite treasure.

498मेरे से ही क्यों होता है? 499मेरे पीछे ये बंधन क्यों है, मेरे पीछे माया क्यों आती है, मेरा ही हिसाब किताब कड़ा है क्यों? 500तो ‘क्यों’ आना माना चिन्ता की लहर है। 501तो इस चिन्ताओं से भी परे-इसको कहा जाता है निश्चिन्त।

155You are the children who are the masters.

502तो कौन हो? 503निश्चिन्त हो या थोड़ी-थोड़ी क्यों, क्या है?

156So, all of you are those who will always remain happy, are you not?

504निश्चिन्त आत्मा का सदा सलोगन है अच्छा हुआ, अच्छा है और अच्छा ही होना है। 505बुराई में भी अच्छाई अनुभव करेंगे। 506बुराई से भी अपना पाठ पढ़ लेंगे। 507बुराई को बुराई के रूप में नहीं देखेंगे।

157Or do waves of sorrow come sometimes?

508इसको कहा जाता है निश्चयबुद्धि, निश्चिन्त। 509‘चिन्ता’ शब्द से भी अविद्याहो।

158Waves of sorrow cannot come to you even in your dreams.

510जैसे गायन है ना इच्छा मात्रमअविद्या। 511ऐसे चिन्ता की भी अविद्याहो। 512चिन्ता क्या होती है-यह अनुभव नहीं हो।

159Let alone in your thoughts, they cannot come even in your dreams.

513तो ऐसी अवस्था इसको कहा जाता है निश्चिन्त। 514कोई भी बात आये तो ‘क्या होगा’ नहीं आयेगा, फौरन ही यह आयेगा ‘अच्छा होगा’, बीत गया अच्छा हुआ। 515जहाँ अच्छा है वहाँ सदा बेफ़िक्रबादशाह हैं। 516तो निश्चयबुद्धि का अर्थ है बेफ़िक्रबादशाह।

160This is known as being number one.

517तो ऐसे होते हैं। 518तो भी अधूरा निश्चय कहेंगे।

161So, what wonders will you show?

519ड्रामा में भी फुल निश्चय हो। 520जो हुआ सो अच्छा हुआ। 521इसको कहते हैं ड्रामा में निश्चय। 522ऐसे सम्पूर्ण निश्चयबुद्धि हैं?

162All of you will definitely claim number one, will you not?

523कभी तो फुल है, कभी आधा है। 524जब अनेक बार का नशा है तो अनेक बार विजयी बने हो, अब रिपीट कर रहे हो। 525कोई नई बात नहीं कर रहे हो, रिपीट कर रहे हो। 526तो रिपीट करना तो सहज होता है ना।

163Delhi is said to be the heart.

527तो निश्चयबुद्धि विजयी - सदा यह स्मृति में रहे। 528निश्चय भी है और विजय भी है।

164The body functions according to how the heart is.

529ये नशा हो कि हमारी विजय नहीं होगी तो किसकी होगी। 530विजय है और सदा होगी। 531तो अटल निश्चय हो। 532टलने वाला नहीं हो, थोड़ी सी बात हुई और निश्चय अटल नहीं रहे, ऐसा निश्चय नहीं हो।

165The basis is the heart, is it not?

533अटल निश्चय तो अटल विजय होगी। 534विजय की भावी टल नहीं सकती। 535अटल है।

166The heart is the heart of the Comforter of Hearts.

536तो ऐसे निश्चयबुद्धि सदा हर्षित रहेंगे, निश्चिंत रहेंगे। 537क्योंकि चिन्ता खुशी को खत्म करती है।

167The seat of the heart has to be accurate; it cannot fluctuate.

538और निश्चिन्त हैं तो खुशी सदा रहेगी। 539तो निश्चयबुद्धि की दूसरी निशानी है निश्चिन्त। 540नहीं तो थोड़ी बात भी होगी तो चिन्ता होगी कि ये क्या हुआ, ये ऐसा हुआ।

168You have the intoxication of being the heart of the Comforter of Hearts, do you not?

541इस क्यों क्या से भी निश्चिन्त। 542क्या, क्यों, कैसे-ये चिन्ता की लहर है।

169So now, transform the self and the world with your elevated thoughts.

543अभी बड़ी चिन्ता नहीं होगी, इस रूप में होगी। 544होना नहीं चहिये था, हो गया, ऐसा, वैसा, क्यों, क्या, कैसा, ये शब्द बदल जाते हैं। 545तो ऐसा है कि कभी-कभी क्वेश्चन मार्क होता है? 546कई कहते हैं ना कि मेरे पास ही ये क्यों होता है?

170As soon as you have a thought, you put it into action.

547मेरे से ही क्यों होता है? 548मेरे पीछे ये बंधन क्यों है, मेरे पीछे माया क्यों आती है, मेरा ही हिसाब किताब कड़ा है क्यों? 549तो ‘क्यों’ आना माना चिन्ता की लहर है। 550तो इस चिन्ताओं से भी परे-इसको कहा जाता है निश्चिन्त।

171It should not be that you think a lot.

551तो कौन हो? 552निश्चिन्त हो या थोड़ी-थोड़ी क्यों, क्या है?

172You say that you think a lot, but very little actually happens.

553निश्चिन्त आत्मा का सदा सलोगन है अच्छा हुआ, अच्छा है और अच्छा ही होना है। 554बुराई में भी अच्छाई अनुभव करेंगे। 555बुराई से भी अपना पाठ पढ़ लेंगे। 556बुराई को बुराई के रूप में नहीं देखेंगे।

173Such souls are not intense effort­makers.

557इसको कहा जाता है निश्चयबुद्धि, निश्चिन्त। 558‘चिन्ता’ शब्द से भी अविद्याहो।

174An intense effort­maker means that your thoughts and actions are the same.

559जैसे गायन है ना इच्छा मात्रमअविद्या। 560ऐसे चिन्ता की भी अविद्याहो।

175Only then would you be said to be equal to the Father.

561चिन्ता क्या होती है - यह अनुभव नहीं हो। 562तो ऐसी अवस्था इसको कहा जाता है निश्चिन्त।

176You are happy and you will always remain happy.

563कोई भी बात आये तो ‘क्या होगा’ नहीं आयेगा, फौरन ही यह आयेगा ‘अच्छा होगा’, बीत गया अच्छा हुआ। 564जहाँ अच्छा है वहाँ सदा बेफ़िक्रबादशाह हैं। 565तो निश्चयबुद्धि का अर्थ है बेफ़िक्रबादशाह। 566तो ऐसे है या थोड़ा-थोड़ा फ़िक्र कभी आ जाता है?

177You have this firm faith, do you not?

567तो बेफ़िक्र बादशाह ही बाप समान है। 568बाप को फ़िक्र है का?

178Only those who remain happy are fortunate.

569इतना बड़ा परिवार होते भी फ़िक्र है का? 570सब कुछ जानते हुए, देखते हुए बेफ़िक्र । 571ऐसे बेफ़िक्र हो? 572मातायें बेफ़िक्र हो या प्रवृत्ति में जाकर थोड़ा फ़िक्र हो जाता है?

179Is this firm?

573वायुमण्डल में जाकर थोड़ा प्रभाव पड़ जाता है? 574वायुमण्डल का प्रभाव नहीं पड़ता? 575अपना प्रभाव वायुमण्डल पर डालो, वायुमण्डल का प्रभाव आपके ऊपर नहीं पड़े। 576क्योंकि वायुमण्डल रचना है, आप मास्टर रचता हो।

180Or do you become a little weak in this?

577वायुमण्डल बनाने वाला कौन? 578मनुष्यात्मा । 579तो रचता हो गया ना।

181Do you like something that is unripe?

580तो रचता के ऊपर रचना का प्रभाव नहीं हो, लेकिन रचता का रचना के ऊपर प्रभाव हो। 581तो कोई भी बात आये तो यह याद करो कि मैं विजयी आत्मा हूँ। 582अच्छा, ये महाराष्ट्र और गुलबर्गा है। 583(अर्थ क्वेक आता रहता है) इसलिये सुनाया कि निश्चयबुद्धि रहो, होना ही है।

182You like something that is ripe, so remain very firm.

584आगे चलकर अति होना है या कम होना है? 585तो अति काआह्वान कर रहे हो या घबराते हो? 586घबराने की कोई बात नहीं। 587अगर शरीर जायेगा तो भी गैरेन्टी है और रहेगा तो सेवा करनी है।

183Every day at amrit vela, make this lesson firm: No matter what happens, you will remain happy and make others happy.

588दोनों में अच्छा है। 589तीन पैर पृथ्वी तो मिलनी है। 590बेफ़िक्रहो ना।

184OK, do not show any other games.

591नालेज है ना इसलिये बेफ़्रिकहैं। 592सारी सभा बेफ़िक्रबादशाहों की बैठी है ना।

185Just show this game; do not play other games.

593जाने वाले कहाँ भी होंगे तो जायेंगे, चाहे भूकम्प में जायें, चाहे किस स्थिति में भी जायें, अच्छे-अच्छे चलते चलते भी चले जायेंगे। 594जाने वाले को कोई रोक नहीं सकता। 595जाने वाले चले गये लेकिनबेफ़िक्र आपको देकर क्यों जाये? 596फ़िक्र भी साथ में लेकर चले जाये ना।

186Achcha.

597ज्ञान की शक्ति है ना। 598अच्छा। 599होने वाला होना ही है। 600आप सभी तो बेफ़िक्र बादशाह हो।

187* * * O MS H A N T I * * *